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Detailed Chapter 19 मौर्य एवं गुप्तकालीन भारत RBSE Solutions for Class 6 Social Science
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Class 6 Social Science Chapter 19 मौर्य एवं गुप्तकालीन भारत RBSE Solutions PDF
Chapter 19 मौर्य एवं गुप्तकालीन भारत
पाठात गतिविधि आधारित प्रश्न
पढ़े एवं बताएँ- (पृष्ठ सं. 137)
Question 1. आचार्य चाणक्य ने प्रतिज्ञा कब की व क्यों ?
Answer: आचार्य चाणक्य ने चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में घनानंद के दरबार में प्रतिज्ञा की थी। उन्होंने यह प्रतिज्ञा इसलिए की, क्योंकि नंदवंश के राजा घनानंद ने दरबार में उनका अपमान किया था। यह घटना चाणक्य के जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ थी।
In simple words: चाणक्य ने घनानंद के दरबार में कसम खाई थी, क्योंकि घनानंद राजा ने उनका अपमान किया था।
🎯 Exam Tip: इतिहास के प्रश्नों में घटना का समय और कारण दोनों को स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण होता है।
Question 2. चन्द्रगुप्त मौर्य ने नंद वंश के कुशासन को किस वर्ष में समाप्त किया ?
Answer: चन्द्रगुप्त मौर्य ने नंद वंश के कुशासन को 322 ईसा पूर्व में समाप्त किया था। उन्होंने आचार्य चाणक्य की सहायता से नंद साम्राज्य पर विजय प्राप्त की थी।
In simple words: चन्द्रगुप्त मौर्य ने 322 ईसा पूर्व में नंद वंश का शासन खत्म कर दिया था।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं में सही वर्ष और शासक का नाम याद रखना आवश्यक है।
Question 3. 'इण्डिका' नामक पुस्तक किसने लिखी ?
Answer: 'इण्डिका' नामक पुस्तक मेगस्थनीज ने लिखी थी। यह पुस्तक मौर्यकालीन भारत के समाज और प्रशासन की जानकारी देती है।
In simple words: मेगस्थनीज ने 'इण्डिका' किताब लिखी थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख पुस्तकों और उनके लेखकों के नाम याद रखना परीक्षा के लिए उपयोगी होता है।
Question 4. अशोक महान् किसका पुत्र था ?
Answer: अशोक महान् मौर्य सम्राट बिंदुसार का पुत्र था। बिंदुसार चन्द्रगुप्त मौर्य के उत्तराधिकारी थे।
In simple words: अशोक महान, राजा बिंदुसार के बेटे थे।
🎯 Exam Tip: वंशावली और प्रमुख शासकों के पारिवारिक संबंध जानना इतिहास को समझने में मदद करता है।
Question 1. अपने आस-पास के क्षेत्र का भ्रमण करें एवं वहाँ स्थित शिलालेखों की जानकारी प्राप्त कर फाइल बनाएँ। (पृष्ठसं. 141)
Answer: विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से इस गतिविधि को निम्नानुसार पूरा करें। यह गतिविधि छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों और शिलालेखों के बारे में प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करती है।
समीपवर्ती क्षेत्र का नाम..................................
प्राचीनकालीन राजा...................................
In simple words: छात्रों को अपने शिक्षक के साथ आस-पास के ऐतिहासिक स्थानों पर जाकर शिलालेखों की जानकारी इकट्ठा करके एक फाइल बनानी है।
🎯 Exam Tip: ऐसी गतिविधियों से छात्र व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं और इतिहास को बेहतर ढंग से समझते हैं।
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नोत्तर
प्रश्न एक से तीन तक के सही उत्तर कोष्ठक में लिखिए
Question 1. आचार्य चाणक्य किस विश्वविद्यालय में शिक्षक था?
(अ) नालन्दा
(ब) तक्षशिला
(स) बनारस
(द) विक्रमशिला।
Answer: (ब) तक्षशिला
In simple words: आचार्य चाणक्य तक्षशिला विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे।
🎯 Exam Tip: प्राचीन भारत के प्रमुख शिक्षा केंद्रों और उनसे जुड़े विद्वानों के नाम याद रखें।
Question 2. मेगस्थनीज किसका राजदूत था ?
(अ) सिकन्दर
(ब) सेल्यूकस
(स) चन्द्रगुप्त मौर्य
(द) सम्राट अशोक।
Answer: (ब) सेल्यूकस
In simple words: मेगस्थनीज, सेल्यूकस का भेजा हुआ दूत था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण विदेशी यात्रियों और वे किसके राजदूत थे, यह जानना इतिहास के लिए उपयोगी है।
Question 3. विक्रमादित्य की उपाधि किस शासक ने धारण की थी ?
(अ) सिकन्दर
(ब) चन्द्रगुप्त द्वितीय
(स) चन्द्रगुप्त मौर्य
(द) सम्राट अशोक।
Answer: (ब) चन्द्रगुप्त द्वितीय
In simple words: चन्द्रगुप्त द्वितीय को विक्रमादित्य की उपाधि मिली थी।
🎯 Exam Tip: भारतीय इतिहास में उपाधियों और उन्हें धारण करने वाले शासकों के बारे में जानकारी महत्वपूर्ण है।
Question 5. अमित्रघात किस मौर्य सम्राट का नाम था ?
Answer: अमित्रघात बिंदुसार नामक मौर्य सम्राट का नाम था। इस नाम का अर्थ है 'शत्रुओं का नाश करने वाला'।
In simple words: अमित्रघात, मौर्य सम्राट बिंदुसार का दूसरा नाम था।
🎯 Exam Tip: शासकों के विभिन्न नाम और उपाधियां उनकी पहचान और विशेषताओं को दर्शाती हैं, इन्हें याद रखें।
Question 6. मगध की राजधानी का क्या नाम था ?
Answer: मगध की राजधानी का नाम पाटलिपुत्र था। यह एक महत्वपूर्ण प्राचीन भारतीय शहर था।
In simple words: मगध की राजधानी पाटलिपुत्र थी।
🎯 Exam Tip: प्राचीन राज्यों की राजधानियों के नाम याद रखना ऐतिहासिक भूगोल के लिए आवश्यक है।
Question 7. चीनी यात्री फाह्यान किसके शासन काल में भारत आया था ?
Answer: चीनी यात्री फाह्यान चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में भारत आया था। उसने गुप्तकालीन समाज और संस्कृति का वर्णन किया है।
In simple words: फाह्यान, चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय भारत आया था।
🎯 Exam Tip: विदेशी यात्रियों और उनके आगमन के समय के शासकों के बारे में जानकारी इतिहास को समझने में मदद करती है।
Question 8. सम्राट अशोक का धम्म क्या था ?
Answer: सम्राट अशोक का धम्म उसके द्वारा प्रचारित नीतिगत शिक्षा से संबंधित था। इसमें नैतिकता, सहिष्णुता और समाज कल्याण के सिद्धांत शामिल थे।
In simple words: अशोक का धम्म लोगों को सही रास्ते पर चलने की शिक्षा देता था।
🎯 Exam Tip: 'धम्म' की अवधारणा और उसके प्रमुख सिद्धांतों को समझना अशोक की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 9. चन्द्रगुप्त द्वितीय के नवरत्न कौन-कौन थे ?
Answer: चन्द्रगुप्त द्वितीय के नवरत्न महाकवि कालिदास, अमरसिंह, घटकर्पर, धन्वन्तरि, शंकु, वराहमिहिर, क्षपणक, वेतालभट्ट एवं वररुचि थे। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों के महान विद्वान थे।
In simple words: चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नौ विद्वान थे, जिनमें कालिदास, अमरसिंह और धन्वन्तरि जैसे नाम शामिल थे।
🎯 Exam Tip: नवरत्न और उनके योगदान गुप्तकालीन साहित्य और विज्ञान के महत्व को दर्शाते हैं।
Question 10. चीनी यात्री फाह्यान ने गुप्त साम्राज्य के बारे में क्या लिखा है ?
Answer: चीनी यात्री फाह्यान ने गुप्त साम्राज्य के बारे में लिखा है कि "उसकी प्रजा सुखी है। राजा न तो शारीरिक दण्ड देता और न ही प्राणदण्ड। चाण्डालों के अलावा कोई माँस एवं मदिरा का सेवन नहीं करता है। लोग घरों में ताले भी नहीं लगाते हैं।" यह कथन गुप्तकाल की समृद्धि और शांति को दर्शाता है।
In simple words: फाह्यान ने लिखा कि गुप्तकाल में लोग बहुत खुश थे, राजा सज़ा नहीं देता था, और लोग अपने घरों में ताले भी नहीं लगाते थे।
🎯 Exam Tip: विदेशी यात्रियों के विवरण ऐतिहासिक स्रोतों के रूप में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
Question. गुप्तकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है ?
Answer: गुप्तकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है क्योंकि इस काल में प्रजा सुखी थी और राजा दयावान थे। धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी। चारों ओर खुशहाली और तरक्की का माहौल था। सोने के सिक्के चलते थे और कला व साहित्य के क्षेत्र में बहुत ज्यादा विकास हुआ था।
In simple words: गुप्तकाल को स्वर्ण युग कहते हैं क्योंकि उस समय लोग खुश थे, राजा अच्छा था, बहुत धन था और कला व साहित्य में खूब तरक्की हुई थी।
🎯 Exam Tip: 'स्वर्ण युग' की परिभाषा में आर्थिक समृद्धि, कला-संस्कृति का विकास, और प्रजा का कल्याण मुख्य बिंदु होते हैं।
Question 13. समुद्रगुप्त के व्यक्तित्व पर लेख लिखिए।
Answer: समुद्रगुप्त गुप्तवंश के ही नहीं, बल्कि पूरे प्राचीन भारतीय इतिहास के सबसे महान शासकों में से एक थे। वे बहुत ताकतवर, वीर और विद्वान थे। उन्हें वीणा बजाने का शौक था, जिससे वे एक महान संगीतज्ञ भी थे। वह प्रजा की देखभाल करने वाले और धर्म का पालन करने वाले शासक थे, जिन्होंने वैदिक धर्म और परंपराओं के अनुसार राज किया।
In simple words: समुद्रगुप्त एक महान और ताकतवर राजा थे जो कला और धर्म को मानते थे। उन्हें वीणा बजाना पसंद था और वे प्रजा की देखभाल करते थे।
🎯 Exam Tip: शासकों के व्यक्तित्व का वर्णन करते समय उनके प्रमुख गुणों और उपलब्धियों पर ध्यान दें।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question. (i) मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की थी ?
(अ) चन्द्रगुप्त मौर्य ने
(ब) बिन्दुसार ने
(स) सम्राट अशोक ने
(द) समुद्रगुप्त ने।
Answer: (अ) चन्द्रगुप्त मौर्य ने
In simple words: मौर्य साम्राज्य की शुरुआत चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी।
🎯 Exam Tip: किसी भी वंश के संस्थापक का नाम हमेशा याद रखें, यह सीधा प्रश्न हो सकता है।
Question. (ii) सम्राट अशोक मौर्य सम्राट बना था ?
(अ) 322 ई. पू.
(ब) 272 ई.
(स) 269 ई. पू.
(द) 319-320 ई.।
Answer: (स) 269 ई. पू.
In simple words: सम्राट अशोक 269 ईसा पूर्व में राजा बने थे।
🎯 Exam Tip: शासकों के राज्याभिषेक का वर्ष महत्वपूर्ण होता है, इसे सटीकता से याद करें।
Question. (iv) 'विक्रम संवत' किस शासक ने प्रारम्भ किया था ?
(अ) चन्द्रगुप्त मौर्य ने
(ब) चन्द्रगुप्त प्रथम ने
(स) समुद्रगुप्त ने
(द) चन्द्रगुप्त द्वितीय ने।
Answer: (द) चन्द्रगुप्त द्वितीय ने।
In simple words: विक्रम संवत को चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: भारतीय इतिहास के प्रमुख संवतों और उनके प्रवर्तकों के बारे में जानकारी रखें।
Question. (v) किस शासक के दरबार में 'नवरत्न' थे ?
(अ) सम्राट अशोक
(ब) चन्द्रगुप्त प्रथम
(स) समुद्रगुप्त
(द) चन्द्रगुप्त द्वितीय।
Answer: (द) चन्द्रगुप्त द्वितीय।
In simple words: चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नौ खास विद्वान (नवरत्न) थे।
🎯 Exam Tip: नवरत्न जैसी अवधारणाएं किस शासक से जुड़ी हैं, यह अक्सर पूछा जाता है।
रिक्त स्थानों को भरिए
Question. (i) चाणक्य ............ एवं ............ के विद्वान थे।
Answer: (i) अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र
In simple words: चाणक्य अर्थशास्त्र और राजनीतिशास्त्र के बहुत बड़े विद्वान थे।
🎯 Exam Tip: चाणक्य की विशेषज्ञता के क्षेत्रों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question. (ii) बिन्दुसार ने ............ तक विशाल मौर्य साम्राज्य पर शासन किया।
Answer: (ii) 272 ई. पू.
In simple words: बिंदुसार ने 272 ईसा पूर्व तक मौर्य साम्राज्य पर राज किया।
🎯 Exam Tip: शासकों के शासनकाल की अवधि याद रखना ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमबद्ध करने में सहायक होता है।
Question. (iii) अशोक के अधिकतर अभिलेख ............ भाषा में
Answer: (iii) प्राकृत
In simple words: अशोक के ज़्यादातर शिलालेख प्राकृत भाषा में लिखे गए थे।
🎯 Exam Tip: प्राचीन अभिलेखों की भाषा जानना उस समय की सामान्य बोलचाल की भाषा समझने में मदद करता है।
Question. (iv) कुषाण शासकों में सर्वाधिक प्रसिद्ध ............ था।
Answer: (iv) कनिष्क
In simple words: कुषाण शासकों में कनिष्क सबसे प्रसिद्ध राजा थे।
🎯 Exam Tip: किसी भी वंश के सबसे प्रमुख शासक का नाम अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है।
Question. (v) समुद्रगुप्त की माता का नाम ............ था।
Answer: (v) कुमारदेवी।
In simple words: समुद्रगुप्त की माँ का नाम कुमारदेवी था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण शासकों के परिवार के सदस्यों के नाम कभी-कभी प्रश्नों में आते हैं।
Question. स्तम्भ अ को स्तम्भ ब से सुमेलित कीजिए।
| स्तम्भ अ (धर्म प्रचारक) | स्तम्भ ब (सम्बन्धित क्षेत्र) |
|---|---|
| (i) सोन एवं उत्तरा | (अ) स्वर्णभूमि (पेंगू) |
| (ii) महेन्द्र एवं संघमित्रा | (ब) वनवासी (उत्तरी कनाडा) |
| (iii) महारक्षित | (स) सिंहल (श्रीलंका) |
| (iv) रक्षित | (द) यवन प्रदेश |
(i) (अ)
(ii) (स)
(iii) (द)
(iv) (ब) ।
In simple words: सोन और उत्तरा स्वर्णभूमि गए थे। महेंद्र और संघमित्रा श्रीलंका गए। महारक्षित यवन प्रदेश गए, और रक्षित वनवासी गए।
🎯 Exam Tip: ऐसे मिलान वाले प्रश्नों में, एक-एक करके सही जोड़े पहचानें और उन्हें सावधानी से लिखें।
अतिलघुत्तरीय प्रश्न
Question 1. मौर्य साम्राज्य का कार्यकाल कब से कब तक रहा ?
Answer: मौर्य साम्राज्य का कार्यकाल चौथी शताब्दी ईसा पूर्व से दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व तक रहा। यह भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण साम्राज्यों में से एक था।
In simple words: मौर्य साम्राज्य चौथी ईसा पूर्व शताब्दी से दूसरी ईसा पूर्व शताब्दी तक चला।
🎯 Exam Tip: किसी भी साम्राज्य की अवधि को सटीक रूप से याद रखना कालानुक्रमिक समझ के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 2. मौर्य साम्राज्य की स्थापना से पूर्व मगध पर किस राजवंश का अधिकार था ?
Answer: मौर्य साम्राज्य की स्थापना से पूर्व मगध पर नंद राजवंश का अधिकार था। चन्द्रगुप्त मौर्य ने नंद राजा घनानंद को हराकर मौर्य वंश की स्थापना की थी।
In simple words: मौर्य साम्राज्य से पहले मगध पर नंद वंश का राज था।
🎯 Exam Tip: शासक परिवर्तनों को समझने के लिए पहले के शासक वंशों के बारे में जानना आवश्यक है।
Question 5. सेल्यूकस कौन था ?
Answer: सेल्यूकस सिकंदर का उत्तराधिकारी था। वह सिकंदर के साम्राज्य के पूर्वी भाग का शासक बना था।
In simple words: सेल्यूकस, सिकंदर के बाद उसका राज्य संभालने वाला था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक हस्तियों के उत्तराधिकारियों के नाम याद रखना आवश्यक है।
Question 6. चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को पराजित करके किन भू-भागों को प्राप्त किया था ?
Answer: चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को पराजित करके कंधार, काबुल, हैरात प्रदेश एवं बलूचिस्तान का कुछ भू-भाग प्राप्त किया था। यह उसकी बड़ी सैन्य विजयों में से एक थी।
In simple words: चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को हराकर कंधार, काबुल, हैरात और बलूचिस्तान के कुछ हिस्से जीत लिए थे।
🎯 Exam Tip: प्रमुख युद्धों और उनके परिणामस्वरूप हुए क्षेत्रीय परिवर्तनों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 7. चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में किसे और कहाँ अपना गुरु बनाया था ?
Answer: चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने अंतिम दिनों में जैन मुनि भद्रबाहु को श्रवणबेलगोला में अपना गुरु बनाया था। उन्होंने जैन धर्म अपनाकर तपस्या की थी।
In simple words: चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने आखिरी दिनों में जैन गुरु भद्रबाहु को श्रवणबेलगोला में अपना गुरु बनाया था।
🎯 Exam Tip: शासकों के धार्मिक झुकाव और उनके आध्यात्मिक गुरुओं के बारे में जानकारी उनके जीवन को समझने में सहायक होती है।
Question 8. अशोक के अधिकांश अभिलेख किस भाषा में मिले हैं?
Answer: अशोक के अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा में मिले हैं। कुछ अभिलेख यूनानी और अरामाइक भाषाओं में भी हैं।
In simple words: अशोक के ज़्यादातर शिलालेख प्राकृत भाषा में पाए गए हैं।
🎯 Exam Tip: प्राचीन अभिलेखों की भाषाओं को जानना उस युग की भाषागत विविधता को दर्शाता है।
Question 9. अशोक किस धर्म का अनुयायी था ?
Answer: अशोक बौद्ध धर्म का अनुयायी था। कलिंग युद्ध के बाद उसने हिंसा त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाया था।
In simple words: अशोक बौद्ध धर्म को मानते थे।
🎯 Exam Tip: शासकों के धर्म परिवर्तन और उसके कारणों को समझना इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 10. 'धम्म महामात्य' कौन थे ?
Answer: 'धम्म महामात्य' अशोक द्वारा नियुक्त वे अधिकारी थे जो प्रजा को नीतिगत शिक्षा प्रदान करने वाले थे। उनका मुख्य कार्य धम्म के सिद्धांतों का प्रचार करना था।
In simple words: धम्म महामात्य अशोक के ऐसे अधिकारी थे जो लोगों को सही जीवन जीने की बातें सिखाते थे।
🎯 Exam Tip: अशोक के प्रशासन में विभिन्न अधिकारियों की भूमिकाओं को याद रखें।
Question 12. मौर्य साम्राज्य के पतन का क्या कारण था ?
Answer: मौर्य साम्राज्य के पतन का मुख्य कारण अशोक के बाद के मौर्य शासकों का अयोग्य और कमजोर होना था। उनकी अक्षमता के कारण साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर होता गया।
In simple words: मौर्य साम्राज्य इसलिए खत्म हो गया क्योंकि अशोक के बाद के राजा कमजोर और अच्छे नहीं थे।
🎯 Exam Tip: किसी भी साम्राज्य के पतन के कारणों में आंतरिक कमजोरियां और बाहरी आक्रमण दोनों शामिल हो सकते हैं।
Question 13. मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात् भारत पर किन राजवंशों ने शासन किया था ?
Answer: मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात् भारत पर शुंग, सातवाहन एवं कुषाण आदि राजवंशों ने शासन किया था। इन वंशों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सत्ता स्थापित की।
In simple words: मौर्य साम्राज्य के बाद भारत पर शुंग, सातवाहन और कुषाण जैसे कई राजाओं ने राज किया।
🎯 Exam Tip: प्रमुख साम्राज्यों के बाद आने वाले वंशों के नाम और उनके समयकाल को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 14. गुप्त वंश की स्थापना कब हुई थी ?
Answer: गुप्त वंश की स्थापना चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी। इस वंश ने भारतीय इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की थी।
In simple words: गुप्त वंश की स्थापना चौथी ईसा पूर्व शताब्दी में हुई थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख राजवंशों की स्थापना का समय और संस्थापक का नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 15. 'प्रयाग प्रशस्ति' की रचना किसने की थी ?
Answer: 'प्रयाग प्रशस्ति' की रचना समुद्रगुप्त के मंत्री और लेखक हरिषेण ने की थी। यह समुद्रगुप्त की विजयों और गुणों का वर्णन करती है।
In simple words: 'प्रयाग प्रशस्ति' को हरिषेण ने लिखा था, जो समुद्रगुप्त का मंत्री था।
🎯 Exam Tip: साहित्यिक कृतियों और उनके रचनाकारों के नाम ऐतिहासिक संदर्भ में महत्वपूर्ण होते हैं।
लघुत्तरीय प्रश्न
Question 1. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ?
(घनानंद)
Answer: घनानंद नंद वंश का आखिरी शक्तिशाली शासक था। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में वह मगध का राजा था। प्रजा उसके अत्याचारों से बहुत परेशान थी। उसने चाणक्य का अपने दरबार में अपमान किया था, जिसके बाद चाणक्य ने चन्द्रगुप्त मौर्य की मदद से घनानंद को मगध के सिंहासन से हटा दिया था।
In simple words: घनानंद नंद वंश का आखिरी राजा था, जो बहुत अत्याचारी था। चाणक्य ने चन्द्रगुप्त मौर्य की मदद से उसे गद्दी से हटा दिया था।
🎯 Exam Tip: किसी शासक पर टिप्पणी लिखते समय उसके प्रमुख कार्य, स्वभाव और उसके अंत को शामिल करें।
Question 1. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ?
(आचार्य चाणक्य)
Answer: आचार्य चाणक्य को एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के कारण कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। उनका एक और नाम था। उन्होंने चन्द्रगुप्त मौर्य को मगध का शासक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
In simple words: आचार्य चाणक्य एक बुद्धिमान राजनीतिज्ञ थे और उन्हें कौटिल्य भी कहते थे। उन्होंने चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनने में मदद की थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शख्सियतों के विभिन्न नाम और उनके मुख्य योगदानों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 1. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ?
(चंद्रगुप्त मौर्य)
Answer: चन्द्रगुप्त मौर्य ने मगध में चाणक्य की मदद से 322 ईसा पूर्व में नंदवंश के राजा घनानंद को हराकर राज किया था। बचपन से ही उनमें नेतृत्व के गुण थे, जिससे चाणक्य भी प्रभावित थे। चन्द्रगुप्त मौर्य ने बाद में कई छोटे-छोटे राज्यों को जीतकर एक बड़ा साम्राज्य बनाया। उन्होंने सेल्यूकस को युद्ध में हराया और उसकी बेटी से शादी की थी। चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में सेल्यूकस का दूत मेगस्थनीज आया था, जिसने 'इण्डिका' नामक पुस्तक लिखी। जीवन के आखिरी समय में, चन्द्रगुप्त मौर्य ने जैन मुनि भद्रबाहु को श्रवणबेलगोला में अपना गुरु बनाया और जैन धर्म अपनाकर तपस्या का रास्ता चुना।
In simple words: चन्द्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य की मदद से नंद राजा को हराया और मौर्य साम्राज्य बनाया। उन्होंने कई राज्य जीते और बाद में जैन धर्म अपना लिया।
🎯 Exam Tip: शासकों के प्रमुख सैन्य अभियान, राजनीतिक विस्तार और धार्मिक झुकाव का उल्लेख टिप्पणी में करें।
Question 1. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ?
(मेगस्थनीज)
Answer: मेगस्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में सेल्यूकस का राजदूत बनकर आया था। उसने 'इण्डिका' नामक पुस्तक लिखी, जिससे मौर्यकालीन शासन व्यवस्था और समाज के बारे में जानकारी मिलती है। आज हमें 'इण्डिका' अपने मूल रूप में तो नहीं मिलती, लेकिन यूनानी लेखकों ने इसके कुछ अंशों को अपने साहित्य में शामिल किया है।
In simple words: मेगस्थनीज सेल्यूकस का दूत था और वह चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। उसने 'इण्डिका' नामक किताब लिखी थी, जिससे मौर्य साम्राज्य के बारे में पता चलता है।
🎯 Exam Tip: विदेशी यात्रियों की भूमिका और उनकी कृतियों का ऐतिहासिक महत्व बताएं।
Question 1. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ?
(बिन्दुसार)
Answer: बिंदुसार चन्द्रगुप्त मौर्य का पुत्र था। उसे 'अमित्रघात' के नाम से भी जाना जाता है। बिंदुसार ने 272 ईसा पूर्व तक मगध पर राज किया था। चाणक्य उनके भी प्रधानमंत्री थे। बिंदुसार ने मौर्य साम्राज्य की प्रतिष्ठा को बनाए रखा और उसका विस्तार भी किया।
In simple words: बिंदुसार चन्द्रगुप्त मौर्य के बेटे थे और उन्हें 'अमित्रघात' भी कहा जाता था। उन्होंने मौर्य साम्राज्य को मजबूत बनाए रखा।
🎯 Exam Tip: शासकों के उत्तराधिकार और उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 2. अशोक की धार्मिक नीति का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Answer: अशोक की धार्मिक नीति सभी धर्मों को मानने वाली थी। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति उदारता दिखाई और अच्छी आदतों पर जोर दिया। अशोक ने जानवरों की बलि पर रोक लगा दी थी। उन्होंने अपने साम्राज्य में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के बीच भाईचारा और एकता बनाए रखने के लिए प्रजा को नैतिक शिक्षा दी। अशोक ने इसे अपना कर्तव्य समझा और लोगों को अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया। उनकी धार्मिक नीति में रोजमर्रा की समस्याओं को शांति से हल करने की बातें भी शामिल थीं, जैसे-पड़ोसियों से न लड़ना, सबसे अच्छा व्यवहार करना और दूसरे धर्म के लोगों से टकराव न करना।
In simple words: अशोक की धार्मिक नीति सभी धर्मों को सम्मान देने वाली थी। उन्होंने अच्छे व्यवहार, जानवरों पर दया और लोगों में एकता बढ़ाने पर जोर दिया था।
🎯 Exam Tip: अशोक की धार्मिक नीति (धम्म) के प्रमुख सिद्धांत और उसके समाज पर प्रभाव को समझाएं।
Question 4. चन्द्रगुप्त प्रथम पर संक्षिप्त प्रकाश डालिए।
Answer: चन्द्रगुप्त प्रथम गुप्तवंश के पहले प्रतापी शासक थे। वह 319-320 ईसा पूर्व में मगध के राजा बने थे। उन्होंने पूरे भारत को एक साथ जोड़कर एक बड़ा साम्राज्य स्थापित किया था। वह एक कुशल प्रशासक, कला और साहित्य के संरक्षक और उदार राजा थे। उन्होंने अपने राज्य में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा दिया।
In simple words: चन्द्रगुप्त प्रथम गुप्तवंश के पहले महान राजा थे। उन्होंने भारत को एकजुट किया और कला-साहित्य को बढ़ावा दिया।
🎯 Exam Tip: शासकों के संस्थापक होने और उनकी मुख्य उपलब्धियों पर ध्यान दें।
Question 5. समुद्रगुप्त के कार्यों का वर्णन कीजिए।
Answer: समुद्रगुप्त चन्द्रगुप्त प्रथम के पुत्र और उनके बाद राजा बने थे। उन्होंने मगध के राजा बनते ही उत्तर भारत के सभी शासकों को हराकर दक्षिण और पूर्वोत्तर में भी अपना राज्य फैलाया था। समुद्रगुप्त ने भारत के बड़े हिस्से को जीतकर अश्वमेध यज्ञ किया था। उनका शासनकाल राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों तरह से गुप्त साम्राज्य के लिए बहुत अच्छा समय था। समुद्रगुप्त ने अपने दरबार में कई कलाकारों और विद्वानों को सहारा दिया था।
In simple words: समुद्रगुप्त चन्द्रगुप्त प्रथम के बेटे थे। उन्होंने पूरे भारत पर राज किया, अश्वमेध यज्ञ किया और उनके समय में गुप्त साम्राज्य बहुत आगे बढ़ा।
🎯 Exam Tip: शासकों के सैन्य अभियान, धार्मिक कार्य और सांस्कृतिक योगदान का उल्लेख करना चाहिए।
Question 6. चन्द्रगुप्त द्वितीय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालिए।
Answer: चन्द्रगुप्त द्वितीय समुद्रगुप्त के पुत्र और उत्तराधिकारी थे। वह समुद्रगुप्त की तरह ही योग्य और प्रतिभाशाली थे। वह कला, विद्या के संरक्षक और एक कुशल योद्धा भी थे। वह खुद विद्वान थे और विद्वानों को बहुत सम्मान देते थे। उनके दरबार में नौ विद्वानों का एक समूह था जिन्हें नवरत्न कहा जाता था। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शकों और कुषाणों को हराया था। उनका साम्राज्य भारत के बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ था। अपनी जीत के बाद उन्होंने विक्रमादित्य की उपाधि ली और विक्रम संवत चलाया था।
In simple words: चन्द्रगुप्त द्वितीय समुद्रगुप्त के बेटे थे। वे कला और युद्ध में निपुण थे, उनके दरबार में नवरत्न थे। उन्होंने कई युद्ध जीते और विक्रमादित्य की उपाधि ली।
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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. सम्राट अशोक पर विस्तृत लेख लिखिए।
Answer: सम्राट अशोक बिंदुसार के पुत्र थे। वह अपने पिता के शासनकाल में एक प्रांतीय प्रशासक (उपरात्य) थे, जिससे उन्हें शासन का अनुभव मिला था। अशोक 269 ईसा पूर्व में मगध के राजा बने थे। उसके बाद, अपने तीस साल के शासनकाल में, उनके उत्तर-पश्चिमी कुछ अभिलेख यूनानी भाषा में हैं, जबकि अधिकांश अभिलेख ब्राह्मी लिपि में हैं। कुछ अन्य लिपियों में भी अभिलेख मिलते हैं। सम्राट अशोक के अभिलेखों में उनका नाम 'देवानां प्रियदर्शी राजा' और 'अशोक' लिखा है। मौर्य साम्राज्य के इतिहास में अशोक के काल से सबसे ज्यादा शिलालेख वाले प्रमाण मिलते हैं। अशोक ने अपने साम्राज्य में सभी धर्मों के प्रति उदार नीति रखी थी। प्रजा को नैतिक शिक्षा देने के लिए उन्होंने 'धम्म महामात्य' नामक अधिकारियों को नियुक्त किया था। अशोक ने बौद्ध धर्म में पैदा हुए मतभेदों को दूर करने के लिए पाटलिपुत्र में तीसरी बौद्ध संगीति (महासभा) का आयोजन किया था और विदेशों में धर्म प्रचार के लिए कई प्रचारक भेजे थे। अशोक ने अपना बाद का जीवन सेवा और जन कल्याण के कामों में लगाया। उन्होंने घोषणा करवाई थी कि जनता अपने दुख निवारण के लिए राजा से किसी भी समय मिल सकती है। सम्राट अशोक के समय प्रजा के कष्ट कम हुए थे और उनके नैतिक आचरण में सुधार हुआ था। विदेशों में भारतीय संस्कृति और धर्म फैलाने में सम्राट अशोक का योगदान बहुत खास है।
In simple words: सम्राट अशोक बिंदुसार के बेटे थे। उन्होंने 269 ईसा पूर्व में राजा बनकर एक बड़ा साम्राज्य चलाया। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया, सभी धर्मों का सम्मान किया, और लोगों की भलाई के लिए 'धम्म महामात्य' नियुक्त किए। उनके समय में लोगों के कष्ट कम हुए और नैतिक आचरण बढ़ा।
🎯 Exam Tip: दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में शासक के जन्म, राज्याभिषेक, प्रमुख नीतियां, युद्ध, धार्मिक परिवर्तन और समाज पर प्रभाव जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करें।
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