RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार

Get the most accurate RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 6 Science. Our expert-created answers for Class 6 Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार RBSE Solutions for Class 6 Science

For Class 6 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार solutions will improve your exam performance.

Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार RBSE Solutions PDF

पृष्ठ 46

 

Question 1. क्या हमें सभी पोषक तत्व पौधों और जंतुओं से प्राप्त होते हैं?
Answer: नहीं, हमें सभी पोषक तत्व पौधों और जंतुओं से नहीं मिलते हैं। जैसे, नमक समुद्र के पानी या चट्टानों से मिलता है। साथ ही, हमारा शरीर धूप में आने पर खुद ही विटामिन D बनाता है। यह हमें प्रकृति से मिलने वाला एक महत्वपूर्ण विटामिन है।
In simple words: सभी पोषक तत्व पौधों और जानवरों से नहीं मिलते हैं। कुछ जैसे नमक समुद्र या चट्टानों से मिलते हैं, और विटामिन D धूप से बनता है।

🎯 Exam Tip: पोषक तत्वों के स्रोतों को याद रखें, जैसे विटामिन D के लिए सूर्य का प्रकाश और खनिजों के लिए मिट्टी या समुद्र।

 

पृष्ठ 47

 

Question 3. स्थानीय भोजन खाने से किस प्रकार खाद्य मील को कम किया जा सकता है?
Answer: स्थानीय भोजन का मतलब है कि जो खाना उसी क्षेत्र में आसानी से मिल जाता है, उसे खाया जाए। इससे खाद्य पदार्थों को खेत या उत्पादक से ग्राहक तक पहुँचने में बहुत कम दूरी तय करनी पड़ती है। इस तरह, भोजन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की दूरी कम हो जाती है, जिसे खाद्य मील कहते हैं। इससे ईंधन की खपत भी कम होती है।
In simple words: स्थानीय भोजन खाने से खाने को दूर से लाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इससे दूरी कम होती है और पर्यावरण को भी फायदा होता है।

🎯 Exam Tip: "खाद्य मील" एक महत्वपूर्ण अवधारणा है; इसके लाभों (जैसे लागत कम होना, पर्यावरण पर कम प्रभाव) को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

 

Question 1. निम्नलिखित में से असंगत को चुनें और कारण बताएँ-
(क) ज्वार, बाजरा, रागी, चना
(ख) राजमा, मूँग, सोयाबीन, चावल
Answer:
(क) 'चना' इस समूह में अलग है क्योंकि चना दालों में आता है। जबकि ज्वार, बाजरा और रागी मोटे अनाज (मिलेट) हैं। दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत होती हैं, जबकि मोटे अनाज ऊर्जा देते हैं।
(ख) 'चावल' इस समूह में अलग है क्योंकि चावल अनाज है। जबकि राजमा, मूंग और सोयाबीन सभी दालें (दलहन) हैं। दालें पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
In simple words: पहले भाग में चना अलग है क्योंकि वह दाल है, बाकी मोटे अनाज हैं। दूसरे भाग में चावल अलग है क्योंकि वह अनाज है, बाकी दालें हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, प्रत्येक वस्तु की श्रेणी को पहचानना और बताना महत्वपूर्ण है कि वह दूसरों से कैसे अलग है।

 

Question 2. भारत में पारंपरिक और आधुनिक पाक पद्धतियों की तुलना करते हुए चर्चा करें।
Answer: भारत में खाना बनाने के पुराने और नए तरीकों में बहुत बदलाव आया है। पहले लोग खाना बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे या लकड़ी के चूल्हे इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब ज़्यादातर लोग गैस स्टोव या इंडक्शन जैसे आधुनिक तरीके इस्तेमाल करते हैं। पहले मसालों या अनाज को पीसने के लिए पत्थर के सिल-बट्टे का इस्तेमाल हाथों से किया जाता था, जबकि आजकल इलेक्ट्रिक ग्राइंडर का उपयोग होता है। तकनीकी विकास, बेहतर परिवहन और संचार साधनों के कारण इन तरीकों में यह बदलाव आया है। इन बदलावों से खाना बनाना आसान और तेज हो गया है।
In simple words: पुराने समय में लोग चूल्हे और सिल-बट्टे से खाना बनाते थे। अब गैस स्टोव और ग्राइंडर जैसे आधुनिक तरीके इस्तेमाल होते हैं। यह बदलाव तकनीकी उन्नति के कारण हुआ है।

🎯 Exam Tip: पारंपरिक और आधुनिक पाक पद्धतियों की तुलना करते समय, उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और प्रौद्योगिकियों में अंतर को स्पष्ट करें।

 

Question 3. शिक्षक का कहना है कि अच्छा आहार औषधि के रूप में कार्य कर सकता है। रवि इस कथन को लेकर उत्सुक है और वह अपने शिक्षक से कुछ प्रश्न पूछना चाहता है। कम से कम ऐसे दो प्रश्न सूचीबद्ध करें, जो वह पूछ सकता है।
Answer: सभी स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ हमेशा सेहतमंद नहीं होते। जैसे आलू के चिप्स, टॉफी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स खाने में अच्छे लगते हैं, लेकिन ज़्यादा खाने से मोटापा और अन्य बीमारियाँ हो सकती हैं। इसी तरह, सभी पौष्टिक खाद्य पदार्थ हमेशा खाने में स्वादिष्ट नहीं होते हैं। कई सब्जियां और फल, जैसे करेला, कड़वे या कसैले हो सकते हैं, लेकिन वे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। एक संतुलित आहार वह होता है जो शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
In simple words: स्वादिष्ट चीजें हमेशा सेहतमंद नहीं होतीं, और सेहतमंद चीजें हमेशा स्वादिष्ट नहीं होतीं। सेहतमंद चीजें जैसे करेला, भले ही कड़वा हो, शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

🎯 Exam Tip: अच्छे आहार को औषधि के रूप में समझाते समय, स्वाद और स्वास्थ्य के बीच के अंतर को उदाहरणों के साथ समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. मेदू सब्जियाँ नहीं खाता लेकिन बिस्कुट, नूडल्स और डबल रोटी (सफेद ब्रेड) का आनंद लेता है। उसे अक्सर पेट में दर्द और कब्ज की शिकायत रहती है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उसे अपने आहार में क्या बदलाव करना चाहिए? अपने उत्तर को विस्तार से समझाइए।
Answer: मेदू को पेट दर्द और कब्ज से छुटकारा पाने के लिए अपने खाने में फाइबर (रूक्षांश) वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। फाइबर शरीर से बिना पचे हुए भोजन को बाहर निकालने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है। सब्जियां, फल और साबुत अनाज फाइबर के अच्छे स्रोत होते हैं और पाचन को स्वस्थ रखते हैं।
In simple words: मेदू को अपने खाने में फाइबर वाली चीजें जैसे सब्जियां और फल शामिल करने चाहिए ताकि पेट दर्द और कब्ज की समस्या ठीक हो सके।

🎯 Exam Tip: कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए फाइबर युक्त आहार के महत्व पर जोर दें, और इसके स्रोतों का उल्लेख करें।

 

Question 6. रेशमा को रोशनी में देखने में कठिनाई हो रही थी। चिकित्सक ने उसकी दृष्टि का परीक्षण किया और एक विशेष विटामिन पूरक (सप्लीमेंट) लेने की सलाह दी। उन्होंने उसे अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करने की भी सलाह दी।
(क) वह किस अभावजन्य रोग से पीड़ित है?
(ख) उसके आहार में किस खाद्य घटक की कमी हो सकती है?
(ग) कुछ खाद्य पदार्थों (किन्ही चार) का सुझाव दें, जिन्हें इस समस्या को दूर करने के लिए उसे अपने आहार में सम्मिलित करना चाहिए?
Answer:
(क) रेशमा 'रतौंधी' (रात में कम दिखना या दृष्टि की क्षति) नामक अभावजन्य रोग से पीड़ित है। यह रोग अंधेरे में देखने की क्षमता को प्रभावित करता है।
(ख) उसके आहार में 'विटामिन A' की कमी हो सकती है, जो आँखों की रोशनी के लिए बहुत ज़रूरी है।
(ग) उसे इस समस्या को दूर करने के लिए अपने आहार में पपीता, गाजर, आम और दूध शामिल करने चाहिए। ये सभी खाद्य पदार्थ विटामिन A के अच्छे स्रोत हैं।
In simple words: रेशमा को रतौंधी है क्योंकि उसे विटामिन A की कमी है। उसे पपीता, गाजर, आम और दूध खाने चाहिए।

🎯 Exam Tip: विटामिन A की कमी से होने वाले रोग और उसके प्रमुख खाद्य स्रोतों को याद रखना आवश्यक है।

 

Question 7. आपको निम्नलिखित पदार्थ उपलब्ध कराए जाते हैं-
Answer: पोषण के हिसाब से, हमें ताजे फल खाना पसंद करना चाहिए क्योंकि डिब्बाबंद फलों के रस में कुछ संरक्षक रसायन मिले होते हैं। साथ ही, डिब्बाबंद फलों के रस और ताजे फलों के रस दोनों में फाइबर और फलों के छिलकों में पाए जाने वाले कुछ विटामिन कम होते हैं। इसलिए, ताजे फल हमेशा एक बेहतर विकल्प होते हैं।
In simple words: डिब्बाबंद फलों की बजाय ताजे फल बेहतर होते हैं क्योंकि उनमें संरक्षक नहीं होते और ज़्यादा विटामिन होते हैं।

🎯 Exam Tip: ताजे खाद्य पदार्थों को हमेशा प्रसंस्कृत (processed) या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों पर प्राथमिकता दें, उनके पोषक तत्व और संरक्षक मुक्त होने के कारण।

 

Question 8. गौरव के पैर की हड्डी टूट गई। उसके चिकित्सक ने हड्डियों को सीधा (संरेखित) किया और प्लास्टर लगा दिया। चिकित्सक ने उसे कैल्सियम की गोली भी दी। जब वह दूसरी बार दिखाने गया तब चिकित्सक ने उसे कैल्सियम की गोली के साथ विटामिन D युक्त सिरप भी पीने के लिए दिया। पाठ्यपुस्तक के चित्र 3.5 का संदर्भ लें और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
(क) चिकित्सक ने गौरव को कैल्सियम की गोली क्यों दी?
(ख) दूसरी बार देखने पर चिकित्सक ने उसे कैल्सियम की गोली के साथ विटामिन D सिरप भी क्यों दिया?
(ग) चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली दवाओं के चयन के बारे में आपके मन में क्या सवाल उठता है?
Answer:
(क) कैल्सियम हमारी हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में मदद करता है, इसलिए चिकित्सक ने गौरव को कैल्सियम की गोली दी ताकि उसकी हड्डी जल्दी ठीक हो सके।
(ख) विटामिन D शरीर में कैल्सियम को सोखने में मदद करता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसलिए, दूसरी बार चिकित्सक ने कैल्सियम की गोली के साथ विटामिन-D सिरप भी दिया ताकि कैल्सियम अच्छे से शरीर में इस्तेमाल हो सके। यह हड्डियों को मजबूत करने की प्रक्रिया को तेज करता है।
(ग) मेरे मन में यह सवाल उठता है कि चिकित्सक ने पहले ही दिन कैल्सियम की गोली के साथ विटामिन D सिरप क्यों नहीं दिया? शायद चिकित्सक पहले यह देखना चाहते थे कि हड्डी कितनी जल्दी खुद से ठीक होती है या पहले सिर्फ कैल्सियम की कमी पूरी करना चाहते थे।
In simple words: कैल्सियम हड्डियों को मजबूत करता है, इसलिए डॉक्टर ने गोली दी। विटामिन D कैल्सियम को शरीर में सोखने में मदद करता है, इसलिए बाद में सिरप भी दिया। पहले दिन दोनों दवाएं क्यों नहीं दीं, यह एक सवाल है।

🎯 Exam Tip: हड्डियों के स्वास्थ्य में कैल्सियम और विटामिन D के अलग-अलग लेकिन पूरक कार्यों को समझें।

 

Question 9. चीनी कार्बोहाइट सिरप क्यों नहीं अवश उदाहरण है। चीनी का परीक्षण जब आयोडीन विलयन से किया जाता है लेकिन इसका रंग नीला काला नहीं होता है। इसका संभावित कारण क्या हो सकता है?
Answer: आयोडीन विलयन मंड (स्टार्च) के साथ मिलकर नीला-काला रंग देता है। चीनी कार्बोहाइड्रेट का एक उदाहरण है, लेकिन इसमें मंड (स्टार्च) नहीं होता है। यही कारण है कि जब चीनी का परीक्षण आयोडीन विलयन से किया जाता है, तो उसका रंग नीला-काला नहीं होता है। चीनी एक साधारण शर्करा है, जबकि मंड एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है।
In simple words: आयोडीन स्टार्च को नीला-काला करता है। चीनी कार्बोहाइड्रेट है पर उसमें स्टार्च नहीं होता, इसलिए आयोडीन डालने पर रंग नहीं बदलता।

🎯 Exam Tip: आयोडीन परीक्षण केवल मंड (स्टार्च) की उपस्थिति का पता लगाता है, सभी कार्बोहाइड्रेट का नहीं। यह अंतर समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 10. आप रमन के इस कथन के बारे में क्या सोचते हैं, “सभी मंड (स्टार्च) कार्बोहाइड्रेट हैं लेकिन सभी कार्बोहाइड्रेट मंड नहीं है।” अपने उत्तर की जाँच करने के लिए किसी क्रियाकलाप की योजना का वर्णन करें।
Answer: रमन का कथन, “सभी मंड (स्टार्च) कार्बोहाइड्रेट हैं लेकिन सभी कार्बोहाइड्रेट मंड नहीं है,” बिल्कुल सही है। इसे जाँचने के लिए हम एक क्रियाकलाप कर सकते हैं: 1. दो अलग-अलग प्लेट लें। एक पर आलू का एक टुकड़ा रखें (जो मंड का अच्छा स्रोत है) और दूसरी पर चीनी का एक टुकड़ा रखें (जो कार्बोहाइड्रेट का एक अन्य रूप है)। 2. अब दोनों प्लेट पर आयोडीन विलयन की 2-3 बूंदें डालें। 3. अवलोकन करें कि दोनों खाद्य पदार्थों के रंग में कोई बदलाव आता है या नहीं। 4. हम देखेंगे कि आलू का टुकड़ा नीला-काला हो जाता है, जो उसमें मंड (स्टार्च) की मौजूदगी को दर्शाता है। लेकिन चीनी के टुकड़े पर कोई नीला-काला रंग नहीं आता है। 5. इस परिणाम से यह पता चलता है कि चीनी एक कार्बोहाइड्रेट होने के बावजूद मंड (स्टार्च) नहीं है। इससे रमन का कथन सिद्ध होता है।
In simple words: रमन का कथन सही है। आलू (स्टार्च) पर आयोडीन डालने से वह नीला-काला होता है, पर चीनी (कार्बोहाइड्रेट, पर स्टार्च नहीं) पर नहीं होता।

🎯 Exam Tip: आयोडीन परीक्षण केवल स्टार्च की पहचान करता है, सभी प्रकार के कार्बोहाइड्रेट की नहीं। इस अवधारणा को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।

 

Question 11. प्रयोगशाला में आयोडीन का प्रयोग करते समय आयोडीन की कुछ बूँदे मिष्टी के मोज़े पर तथा उसकी शिक्षिका की साड़ी पर गिरीं। साड़ी पर आयोडीन की बूंदें नीली - काली हो गईं जबकि मोजे पर आयोडीन का रंग नहीं बदला। इसका संभावित कारण क्या हो सकता है?
Answer: आयोडीन विलयन मंड (स्टार्च) के संपर्क में आने पर नीला-काला रंग देता है। शिक्षिका की साड़ी पर गिरी आयोडीन की बूंदें नीली-काली हो गईं क्योंकि साड़ी सूती कपड़े से बनी थी। सूती कपड़ा कपास के रेशों से बनता है, और कपास के रेशों में मंड (स्टार्च) मौजूद होता है। दूसरी ओर, मिष्टी के मोजे पर गिरी आयोडीन की बूंदों ने रंग नहीं बदला क्योंकि संभवतः मिष्टी के मोजे कृत्रिम रेशों के कपड़े से बने होंगे, जिनमें मंड नहीं होता।
In simple words: शिक्षिका की सूती साड़ी में स्टार्च था, इसलिए आयोडीन से रंग बदल गया। मिष्टी के मोजे कृत्रिम रेशों के थे जिनमें स्टार्च नहीं था, इसलिए रंग नहीं बदला।

🎯 Exam Tip: आयोडीन परीक्षण की संवेदनशीलता को समझें और यह भी कि यह केवल स्टार्च युक्त सामग्री पर ही काम करता है।

 

Question 12. हमें स्थानीय स्तर पर उगाये हुए तथा पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन क्यों करना चाहिए? चर्चा करें।
Answer: हमें स्थानीय स्तर पर उगाए गए और पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि हमारे पर्यावरण और हमारी पृथ्वी के लिए भी लाभदायक है। स्थानीय भोजन से कार्बन फुटप्रिंट कम होता है और किसानों को भी मदद मिलती है। ताजे और मौसमी खाद्य पदार्थ अक्सर अधिक पौष्टिक होते हैं।
In simple words: स्थानीय और पौधों से मिलने वाला खाना हमारे शरीर और पर्यावरण दोनों के लिए अच्छा है क्योंकि यह ताजा और पौष्टिक होता है।

🎯 Exam Tip: स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों के सेवन के व्यक्तिगत और पर्यावरणीय लाभों पर प्रकाश डालें।

 

Question 13. आपको विलयन का एक नमूना दिया गया है। आप इसके आयोडीन विलयन होने की संभावना की जाँच किस प्रकार करेंगे?
Answer: आयोडीन विलयन मंड (स्टार्च) के साथ नीला-काला रंग देता है। इसलिए, यदि हमें किसी विलयन का आयोडीन विलयन होने की संभावना जाँचनी है, तो हम उसकी कुछ बूंदें आलू के एक टुकड़े पर डालेंगे। आलू मंड (स्टार्च) का एक अच्छा स्रोत है। यदि बूंदें आलू पर नीला-काला रंग दिखाती हैं, तो यह पुष्टि हो जाती है कि दिया गया नमूना आयोडीन विलयन है। यदि रंग नहीं बदलता है, तो वह आयोडीन विलयन नहीं है।
In simple words: आयोडीन की जाँच करने के लिए, उसे आलू पर डालें। अगर रंग नीला-काला हो जाए, तो वह आयोडीन है, वरना नहीं।

🎯 Exam Tip: आयोडीन परीक्षण मंड की उपस्थिति का पता लगाने का एक मानक तरीका है। इस विधि को स्पष्टता से समझाएं।

 

RBSE Class 6 Science Chapter 3 Important Questions in Hindi

 

Question 2. वसा का अच्छा स्रोत है-
(अ) गेहूँ
(ब) अनानास
(स) बादाम
(द) शकरकंद
Answer: (स) बादाम
In simple words: बादाम में अच्छी वसा होती है जो शरीर को ऊर्जा देती है।

🎯 Exam Tip: वसा के विभिन्न स्रोतों को याद रखें, जैसे नट्स, बीज और डेयरी उत्पाद।

 

Question 3. खाद्य मशरूम किससे समृद्ध खाद्य पदार्थ है-
(अ) प्रोटीन
(ब) कार्बोहाइड्रेट
(स) वसा
(द) जल
Answer: (अ) प्रोटीन
In simple words: मशरूम में बहुत प्रोटीन होता है जो शरीर के लिए अच्छा है।

🎯 Exam Tip: मशरूम जैसे खाद्य पदार्थों के विशिष्ट पोषक तत्व प्रोफाइल को समझें, खासकर जब वे पौधे-आधारित प्रोटीन के स्रोत हों।

 

Question 4. रक्ताल्पता (एनीमिया) किस पोषक तत्त्व की कमी से होने वाला रोग है-
(अ) कैल्सियम
(ब) आयरन
(स) आयोडीन
(द) विटामिन B1
Answer: (ब) आयरन
In simple words: खून की कमी (एनीमिया) आयरन की कमी से होती है, जिससे कमजोरी महसूस होती है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोगों और उनके लक्षणों को याद रखें।

 

Question 6. सुरक्षात्मक पोषक तत्व कहलाते हैं-
(अ) प्रोटीन
(ब) कार्बोहाइड्रेट
(स) वसा
(द) विटामिन और खनिज
Answer: (द) विटामिन और खनिज
In simple words: विटामिन और खनिज हमें बीमारियों से बचाते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षात्मक पोषक तत्व कहते हैं।

🎯 Exam Tip: सुरक्षात्मक पोषक तत्वों की भूमिका और उनके मुख्य कार्यों को याद रखें।

 

Question 7. मंड (स्टार्च) किसका उदाहरण है-
(अ) वसा
(ब) विटामिन
(स) कार्बोहाइड्रेट
(द) खनिज
Answer: (स) कार्बोहाइड्रेट
In simple words: स्टार्च एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है, जो शरीर को ऊर्जा देता है।

🎯 Exam Tip: कार्बोहाइड्रेट के विभिन्न रूपों को पहचानें, जैसे कि स्टार्च और शर्करा।

 

Question 8. 'जंक फूड' का उदाहरण नहीं है-
(अ) आलू के चिप्स
(ब) टॉफी
(स) कार्बोनेटेड पेय
(द) भुने हुए चने
Answer: (द) भुने हुए चने
In simple words: भुने हुए चने जंक फूड नहीं हैं क्योंकि वे पौष्टिक होते हैं, जबकि बाकी सभी जंक फूड हैं।

🎯 Exam Tip: जंक फूड के सामान्य उदाहरणों को जानें और स्वस्थ स्नैक्स से उनके अंतर को पहचानें।

 

Question 10. हमारा शरीर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कौनसा विटामिन बनाता है?
(अ) विटामिन A
(ब) विटामिन B1
(स) विटामिन C
(द) विटामिन D
Answer: (द) विटामिन D
In simple words: सूरज की रोशनी से हमारा शरीर खुद ही विटामिन D बनाता है।

🎯 Exam Tip: विटामिन D के प्राकृतिक स्रोत और शरीर में इसके महत्व को समझें।

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. खाना पकाते समय उच्च ताप के कारण उनमें से विटामिन ______ जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
Answer: खाना पकाते समय उच्च ताप के कारण उनमें से विटामिन C जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। विटामिन C गर्मी के प्रति संवेदनशील होता है और ज्यादा पकाने पर नष्ट हो सकता है।
In simple words: ज़्यादा गर्मी पर खाना पकाने से विटामिन C जैसे पोषक तत्व खराब हो जाते हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि कुछ विटामिन, विशेषकर विटामिन C, खाना पकाने की गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं।

 

Question 2. हमारे आहार में रूक्षांश मुख्य रूप से ______ उत्पादों द्वारा प्रदान किया जाता है।
Answer: हमारे आहार में रूक्षांश मुख्य रूप से पादप उत्पादों द्वारा प्रदान किया जाता है। रूक्षांश पाचन को सही रखने में मदद करता है।
In simple words: फाइबर हमें पौधों से मिलता है।

🎯 Exam Tip: रूक्षांश के स्रोतों (फल, सब्जियां, साबुत अनाज) को जानें और पाचन में इसकी भूमिका को समझें।

 

Question 3. हमारे शरीर में ______ ऊर्जा का एक संग्रहित स्रोत है।
Answer: हमारे शरीर में वसा ऊर्जा का एक संग्रहित स्रोत है। वसा शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करती है और महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक है।
In simple words: वसा हमारे शरीर में ऊर्जा जमा करके रखती है।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा के मुख्य स्रोतों (कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन) और शरीर में उनके भंडारण को समझें।

 

Question 4. सभी अभावजन्य रोगों की रोकथाम ______ आहार लेने से की जा सकती है।
Answer: सभी अभावजन्य रोगों की रोकथाम संतुलित आहार लेने से की जा सकती है। एक संतुलित आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्व सही मात्रा में होते हैं।
In simple words: बीमारियों से बचने के लिए हमें संतुलित आहार खाना चाहिए।

🎯 Exam Tip: संतुलित आहार के महत्व और यह कैसे अभावजन्य रोगों से बचाता है, इस पर जोर दें।

 

Question 5. प्रोटीन समृद्ध खाद्य पदार्थ हमारे शरीर की ______और ______ में सहायता करते हैं।
Answer: प्रोटीन समृद्ध खाद्य पदार्थ हमारे शरीर की वृद्धि और मरम्मत में सहायता करते हैं। प्रोटीन मांसपेशियों और ऊतकों के निर्माण और उन्हें ठीक करने के लिए आवश्यक है।
In simple words: प्रोटीन हमारे शरीर को बढ़ने और टूटे-फूटे अंगों को ठीक करने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: प्रोटीन के मुख्य कार्यों को याद रखें, विशेषकर शरीर की वृद्धि और मरम्मत में।

 

Question 1. ग्लूकोज प्रोटीन का एक उदाहरण है। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य
In simple words: ग्लूकोज प्रोटीन नहीं, बल्कि एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है।

🎯 Exam Tip: प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट जैसे विभिन्न मैक्रोन्यूट्रिएंट्स के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 2. विटामिन और खनिजों को सुरक्षात्मक पोषक तत्व कहा जाता है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य
In simple words: विटामिन और खनिज हमें बीमारियों से बचाते हैं, इसलिए वे सुरक्षात्मक पोषक तत्व कहलाते हैं।

🎯 Exam Tip: सुरक्षात्मक पोषक तत्वों की परिभाषा और उनके महत्व को जानें।

 

Question 3. फल और साग आहारीय रेशे (फाइबर) से भरपूर होते हैं। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य
In simple words: फल और सब्जियां फाइबर से भरे होते हैं जो पाचन के लिए अच्छे हैं।

🎯 Exam Tip: फाइबर के सबसे अच्छे स्रोतों को पहचानें और पाचन स्वास्थ्य में इसकी भूमिका को जानें।

 

Question 4. सभी व्यक्तियों की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ समान होती हैं। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य
In simple words: हर व्यक्ति की उम्र, लिंग और गतिविधि के हिसाब से पोषण की ज़रूरत अलग होती है।

🎯 Exam Tip: समझें कि उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति जैसे कारक पोषण संबंधी आवश्यकताओं को कैसे प्रभावित करते हैं।

 

कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए

 

Question 1. कॉलम 1 (1) बेरी-बेरी (2) रिकेट्स (3) घेघा (गॉयटर) (4) रक्ताल्पता (एनीमिया) कॉलम 2 (A) सूजन, हाथों व पैरों में जलन (B) गर्दन के अग्र भाग में सूजन (C) अस्थियों का मुलायम होकर मुड़ जाना (D) दुर्बलता व साँस लेने में कठिनाई
Answer:

कॉलम 1कॉलम 2
(1) बेरी-बेरी(A) सूजन, हाथों व पैरों में जलन
(2) रिकेट्स(C) अस्थियों का मुलायम होकर मुड़ जाना
(3) घेघा (गॉयटर)(B) गर्दन के अग्र भाग में सूजन
(4) रक्ताल्पता (एनीमिया)(D) दुर्बलता व साँस लेने में कठिनाई
In simple words: बेरी-बेरी में हाथों-पैरों में सूजन होती है। रिकेट्स से हड्डियाँ मुलायम होती हैं। घेघा में गर्दन में सूजन आती है। एनीमिया से कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत होती है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न अभावजन्य रोगों और उनके संबंधित लक्षणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. कॉलम 1 (1) भोजन पाचन में सहायक (2) वृद्धि के लिए आवश्यक (3) रोगों से रक्षा (4) ऊर्जा का मुख्य स्रोत कॉलम 2 (A) प्रोटीन (B) कार्बोहाइड्रेट (C) विटामिन (D) रूक्षांश
Answer:

कॉलम 1कॉलम 2
(1) भोजन पाचन में सहायक(D) रूक्षांश
(2) वृद्धि के लिए आवश्यक(A) प्रोटीन
(3) रोगों से रक्षा(C) विटामिन
(4) ऊर्जा का मुख्य स्रोत(B) कार्बोहाइड्रेट
In simple words: रूक्षांश भोजन पचाने में मदद करता है। प्रोटीन बढ़ने के लिए ज़रूरी है। विटामिन रोगों से बचाता है। कार्बोहाइड्रेट हमें ऊर्जा देते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक पोषक तत्व के मुख्य कार्य को समझें और इसे सही श्रेणी से मिलान करना सीखें।

 

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 2. जब आप खाना नहीं खाते हैं तो आपको कैसा अनुभव होता है?
Answer: जब हम कुछ समय तक खाना नहीं खाते हैं, तो हमें थका हुआ और कमज़ोर महसूस होता है। शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा की ज़रूरत होती है, जो हमें भोजन से मिलती है। भोजन न मिलने पर शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है।
In simple words: खाना न खाने पर हमें थकान और कमजोरी महसूस होती है क्योंकि शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती।

🎯 Exam Tip: शरीर के लिए भोजन के महत्व और ऊर्जा की आवश्यकता को स्पष्ट करें।

 

Question 3. एक मैराथन धावक दौड़ के समय और उसके पश्चात् ग्लूकोज युक्त पानी क्यों पीता है?
Answer: एक मैराथन धावक दौड़ के दौरान और उसके बाद ग्लूकोज वाला पानी पीता है क्योंकि ग्लूकोज शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। दौड़ने जैसी कड़ी मेहनत वाली गतिविधियों में शरीर को बहुत ऊर्जा की ज़रूरत होती है, और ग्लूकोज इस कमी को तुरंत पूरा करने में मदद करता है। यह जल्दी से रक्त में अवशोषित हो जाता है।
In simple words: मैराथन धावक ग्लूकोज वाला पानी पीते हैं ताकि उन्हें दौड़ते समय और बाद में तुरंत ऊर्जा मिल सके।

🎯 Exam Tip: ग्लूकोज के त्वरित ऊर्जा स्रोत होने के महत्व और अत्यधिक शारीरिक गतिविधियों के दौरान इसके उपयोग पर जोर दें।

 

Question 4. सर्दियों में पारंपरिक आहार के रूप में लड्डू क्यों खाये जाते हैं?
Answer: सर्दियों में लड्डू पारंपरिक आहार के रूप में खाए जाते हैं क्योंकि लड्डू घी और सूखे मेवों से भरपूर होते हैं। ये सामग्री शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा प्रदान करने में मदद करती हैं, जो ठंडे मौसम में बहुत ज़रूरी होती है।
In simple words: सर्दियों में लड्डू शरीर को गर्म और ऊर्जावान रखने के लिए खाए जाते हैं क्योंकि उनमें घी और मेवे होते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न मौसमों में पारंपरिक खाद्य पदार्थों की भूमिका और उनके पोषक तत्वों को समझें।

 

Question 5. ऊर्जा प्रदायी भोजन' किसे कहते हैं ?
Answer: कार्बोहाइड्रेट और वसा हमें विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसलिए, इन खाद्य पदार्थों को 'ऊर्जा प्रदायी भोजन' कहते हैं। ये शरीर के लिए मुख्य ईंधन का काम करते हैं।
In simple words: कार्बोहाइड्रेट और वसा से हमें ऊर्जा मिलती है, इसलिए इन्हें ऊर्जा प्रदायी भोजन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा प्रदायी पोषक तत्वों की पहचान करें और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में उनकी भूमिका को समझाएं।

 

Question 6. 'खाद्य मशरूम' क्या होते हैं ?
Answer: खाद्य मशरूम प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत होते हैं। ये अंधेरे और नमी वाली जगहों पर उगते हैं। मशरूम एक प्रकार के कवक होते हैं और शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं।
In simple words: खाद्य मशरूम प्रोटीन से भरपूर होते हैं और नमी वाली अंधेरी जगह पर उगते हैं।

🎯 Exam Tip: मशरूम जैसे असामान्य खाद्य स्रोतों और उनके पोषक तत्वों के महत्व को जानें।

 

Question 7. नींबू और संतरे स्कर्वी रोग के उपचार में किस प्रकार सहायक होते हैं?
Answer: स्कर्वी रोग विटामिन C की कमी के कारण होता है। नींबू और संतरे जैसे खट्टे फलों में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है, जो इस रोग को ठीक करने में मदद करता है। नियमित रूप से इनका सेवन स्कर्वी के लक्षणों को कम कर सकता है।
In simple words: स्कर्वी विटामिन C की कमी से होता है, और नींबू-संतरे जैसे खट्टे फल इसमें मौजूद विटामिन C से इसे ठीक करने में मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: विटामिन C के स्रोतों और इसकी कमी से होने वाले स्कर्वी रोग के बीच संबंध को याद रखें।

 

Question 9. 'सुरक्षात्मक पोषक तत्व' किसे और क्यों कहा जाता है?
Answer: विटामिन और खनिजों को 'सुरक्षात्मक पोषक तत्व' कहा जाता है क्योंकि ये हमारे शरीर को विभिन्न बीमारियों से बचाते हैं और हमें स्वस्थ रखते हैं। ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं।
In simple words: विटामिन और खनिज हमें बीमारियों से बचाकर स्वस्थ रखते हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षात्मक पोषक तत्व कहते हैं।

🎯 Exam Tip: सुरक्षात्मक पोषक तत्वों की परिभाषा और उनके मुख्य कार्यों को याद रखें।

 

Question 10. आपके माता-पिता आपको नियमित रूप से दूध, हरे साग, फल और साबुत अनाज खाने की सलाह क्यों देते हैं?
Answer: हमारे माता-पिता हमें नियमित रूप से दूध, हरे साग, फल और साबुत अनाज खाने की सलाह इसलिए देते हैं क्योंकि ये खाद्य पदार्थ विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं। ये पोषक तत्व हमारे शरीर को बीमारियों से बचाते हैं और हमें स्वस्थ और मजबूत बनाए रखते हैं।
In simple words: माता-पिता हमें ये चीजें खाने को कहते हैं क्योंकि इनमें विटामिन और खनिज होते हैं, जो हमें बीमारियों से बचाते हैं और स्वस्थ रखते हैं।

🎯 Exam Tip: संतुलित आहार के महत्व और विटामिन तथा खनिजों से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने पर जोर दें।

 

Question 11. हमारे आहार में आहारीय रेशे (रूक्षांश) कहाँ से प्राप्त होते हैं?
Answer: हमारे आहार में आहारीय रेशे (रूक्षांश) मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले उत्पादों जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों से प्राप्त होते हैं। ये शरीर के पाचन तंत्र के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
In simple words: हमें फाइबर (रूक्षांश) फल, सब्जियां, अनाज और दालों जैसे पौधों से मिलने वाली चीजों से मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: रूक्षांश के प्रमुख स्रोतों को याद रखें और पाचन स्वास्थ्य में इसकी भूमिका को समझें।

 

Question 12. हमें स्थानीय स्तर पर उगाये हुए तथा पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन क्यों करना चाहिए?
Answer: हमें स्थानीय स्तर पर उगाए हुए और पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि हमारे पर्यावरण और हमारी पृथ्वी के लिए भी लाभदायक है। यह खाद्य पदार्थों को खेत से थाली तक लाने में लगने वाली दूरी को कम करता है, जिससे प्रदूषण घटता है।
In simple words: स्थानीय और पौधों से मिलने वाला खाना हमारे शरीर और पर्यावरण दोनों के लिए अच्छा है क्योंकि यह ताजा और प्रदूषण कम करता है।

🎯 Exam Tip: स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों के सेवन के व्यक्तिगत और पर्यावरणीय लाभों पर प्रकाश डालें।

 

Question 13. क्या सभी व्यक्तियों की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ समान होती हैं?
Answer: नहीं, सभी व्यक्तियों की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ समान नहीं होती हैं। आहार में पोषक तत्वों के प्रकार और मात्रा की ज़रूरत हर व्यक्ति की उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य स्थिति और जीवनशैली के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। एक बच्चे को बढ़ने के लिए अधिक प्रोटीन चाहिए, जबकि एक एथलीट को अधिक ऊर्जा की।
In simple words: नहीं, हर व्यक्ति की पोषण की ज़रूरत अलग होती है। यह उम्र, लिंग और जीवनशैली पर निर्भर करता है।

🎯 Exam Tip: उन कारकों को याद रखें जो पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्रभावित करते हैं और संतुलित आहार के व्यक्तिगत स्वरूप पर जोर दें।

 

Question 14. 'संतुलित आहार' किसे कहते हैं?
Answer: एक ऐसा आहार जिसमें शरीर की सही वृद्धि और विकास के लिए ज़रूरी सभी पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, रूक्षांश और पानी सही मात्रा में हों, उसे संतुलित आहार कहते हैं। यह शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान रखता है।
In simple words: संतुलित आहार वह है जिसमें शरीर के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व, फाइबर और पानी सही मात्रा में हों।

🎯 Exam Tip: संतुलित आहार की परिभाषा और उसके घटकों को याद रखें।

 

Question 16. कदन्न (मिलेट) किसे कहते हैं?
Answer: ज्वार, बाजरा, रागी और सांवा जैसे अत्यधिक पौष्टिक अनाजों को कदन्न (मिलेट) कहते हैं। ये अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और कई तरह के जलवायु में उग सकते हैं।
In simple words: ज्वार, बाजरा, रागी जैसे पौष्टिक अनाज को कदन्न या मिलेट कहते हैं।

🎯 Exam Tip: कदन्न के उदाहरणों को याद रखें और उनके पोषक तत्वों के महत्व को समझें।

 

Question 17. कदन्न (मिलेट) को 'पोषक अनाज क्यों कहा जाता है?
Answer: कदन्न (मिलेट) को 'पोषक अनाज' कहा जाता है क्योंकि ये विटामिन, आयरन और कैल्सियम जैसे खनिजों और आहारीय रेशों (फाइबर) के अच्छे स्रोत होते हैं। ये शरीर को ऊर्जा और अन्य ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
In simple words: मिलेट को पोषक अनाज कहते हैं क्योंकि इनमें विटामिन, आयरन, कैल्सियम और फाइबर बहुत होते हैं।

🎯 Exam Tip: कदन्न के विशिष्ट पोषक तत्वों और उनके स्वास्थ्य लाभों को जानें।

 

Question 18. खाद्य मील (फूड माइल) किसे कहते हैं?
Answer: गेहूँ या किसी अन्य खाद्य पदार्थ के थैले द्वारा उत्पादक के स्थान से उपभोक्ता तक तय की गई कुल दूरी को उसका खाद्य मील (फूड माइल) कहा जाता है। कम खाद्य मील का मतलब है कि भोजन कम दूरी तय करके आया है।
In simple words: खाद्य मील का मतलब है कि भोजन को बनाने वाले से खाने वाले तक पहुँचने में कितनी दूरी तय करनी पड़ी।

🎯 Exam Tip: खाद्य मील की परिभाषा और इसके पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को समझें।

 

Question 19. आप किसी राज्य के पारंपरिक खाद्य पदार्थों और स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली फसलों के मध्य क्या संबंध पाते हैं?
Answer: किसी राज्य का पारंपरिक आहार वहाँ उगाई जाने वाली स्थानीय फसलों पर आधारित होता है। लोग उन फसलों का उपयोग करते हैं जो उनके क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध होती हैं, और उनसे ही अपने पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं। यह क्षेत्रीय जलवायु और कृषि प्रथाओं को दर्शाता है।
In simple words: किसी भी राज्य का पारंपरिक भोजन वहीं उगने वाली फसलों से बनता है।

🎯 Exam Tip: स्थानीय खाद्य संस्कृति और कृषि के बीच के संबंध को स्पष्ट करें।

 

Question 20. अरुणाचल की 'अपातानी जनजाति' किस कार्य हेतु प्रसिद्ध है?
Answer: अरुणाचल प्रदेश की अपातानी जनजाति अपनी आहार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 'टैप्यो' नामक नमक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। वे विशेष विधियों का उपयोग करके स्थानीय स्रोतों से नमक निकालते हैं।
In simple words: अरुणाचल की अपातानी जनजाति 'टैप्यो' नाम का नमक बनाने के लिए प्रसिद्ध है।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट जनजातियों और उनके पारंपरिक ज्ञान या प्रथाओं के बारे में जानें, जैसे टैप्यो नमक उत्पादन।

 

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 2. 'पोषक तत्व' से क्या तात्पर्य है? प्रमुख पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
Answer: पोषक तत्व ऐसे खाद्य घटक होते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, शारीरिक वृद्धि में मदद करते हैं, बीमारियों से बचाते हैं, और विभिन्न शारीरिक क्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में सहायता करते हैं। आहार के प्रमुख पोषक तत्वों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज शामिल हैं। इन सभी का संतुलन अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
In simple words: पोषक तत्व वे चीजें हैं जो हमें ऊर्जा देती हैं, शरीर को बढ़ाती हैं और बीमारियों से बचाती हैं। मुख्य पोषक तत्व हैं कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज।

🎯 Exam Tip: पोषक तत्वों की परिभाषा, उनके मुख्य कार्य और उनके प्रकारों को याद रखें।

 

Question 3. आहारीय रेशे हमारे शरीर को कोई पोषक तत्व प्रदान नहीं करते हैं, फिर भी यह हमारे आहार का आवश्यक घटक क्यों होना चाहिए?
Answer: आहारीय रेशे, जिन्हें रूक्षांश भी कहते हैं, हमारे शरीर को कोई पोषक तत्व या ऊर्जा प्रदान नहीं करते हैं। फिर भी, यह हमारे आहार का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा होना चाहिए क्योंकि यह शरीर से बिना पचे हुए भोजन को बाहर निकालने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाकर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। यह कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है।
In simple words: फाइबर हमें ऊर्जा नहीं देता, पर यह पेट साफ रखने और पाचन को ठीक रखने के लिए बहुत जरूरी है।

🎯 Exam Tip: आहारीय रेशे के कार्यों को स्पष्ट करें, भले ही यह पोषक तत्व न हो, और पाचन स्वास्थ्य में इसके महत्व पर जोर दें।

 

Question 4. जल हमारे भोजन का एक अनिवार्य अंश क्यों है?
Answer: जल हमारे भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा है क्योंकि यह भोजन से पोषक तत्वों को सोखने में शरीर की मदद करता है। इसके अलावा, यह पसीने और मूत्र के माध्यम से शरीर से बेकार और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालता है। इसलिए, स्वस्थ रहने के लिए हमें नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीना चाहिए। पानी शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करता है।
In simple words: पानी भोजन से पोषक तत्व सोखने में मदद करता है और शरीर से गंदगी निकालता है। स्वस्थ रहने के लिए पानी बहुत ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: शरीर में जल की भूमिका और इसके विभिन्न कार्यों (जैसे पोषक तत्व अवशोषण, अपशिष्ट निष्कासन, तापमान विनियमन) को समझें।

 

Question 5. 'पीएम पोषण' योजना क्या है?
Answer: 'पीएम पोषण' योजना, जिसे पहले मध्याह्न भोजन योजना के नाम से जाना जाता था, सन् 2002 में शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को संतुलित आहार उपलब्ध कराना है। इस योजना ने देशभर में करोड़ों बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उनके सीखने की क्षमता में भी सुधार हुआ है।
In simple words: पीएम पोषण योजना 2002 में शुरू हुई थी। इसका मकसद सरकारी स्कूलों के बच्चों को पौष्टिक भोजन देना है ताकि उनका स्वास्थ्य और पढ़ाई अच्छी हो।

🎯 Exam Tip: पीएम पोषण योजना के उद्देश्य, इसकी स्थापना का वर्ष और इसके लाभार्थियों को याद रखें।

 

Question 6. 'प्रबलीकरण (फोर्टीफिकेशन)' से आप क्या समझते हैं? उदाहरण दीजिए।
Answer: प्रबलीकरण (फोर्टीफिकेशन) वह प्रक्रिया है जिसमें आहार की पोषण गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए उसमें अधिक पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। यह आमतौर पर सूक्ष्म पोषक तत्वों, जैसे विटामिन और खनिज को खाद्य पदार्थों में मिलाकर किया जाता है। आयोडीनयुक्त नमक और शिशु आहार फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों के अच्छे उदाहरण हैं। इससे लोगों में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद मिलती है।
In simple words: प्रबलीकरण का मतलब है खाने में extra पोषक तत्व मिलाना ताकि वह और हेल्दी हो जाए। जैसे आयोडीन वाला नमक।

🎯 Exam Tip: प्रबलीकरण की परिभाषा, इसका उद्देश्य और इसके सामान्य उदाहरणों को जानें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. भोजन में प्रमुख खनिज, उनके कार्य, खाद्य स्रोत तथा उनकी कर्मों से होने वाले रोग या विकार एवं लक्षणों को बताइए।
Answer: भोजन में उपस्थित प्रमुख खनिज और उनसे जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है:

खनिजकार्यस्रोतअभावजन्य रोग या विकारलक्षण
कैल्सियमहमारी अस्थियों और दाँतों को स्वस्थ रखता हैदूध, सोया दूध, दही, चीज, पनीरअस्थि और दंतक्षयकमजोर अस्थियाँ, दाँतों में सड़न
आयोडीनशारीरिक और मानसिक क्रियाओं में सहायक हैआयोडीनयुक्त नमक, सिंघाड़ा, समुद्री शैवालघेघा (गॉयटर)गर्दन के सामने वाले हिस्से में सूजन
आयरन (लौह तत्व)रक्त का महत्त्वपूर्ण घटक हैहरे पत्तेदार साग, चुकंदर, अनारखून की कमी (एनीमिया/रक्ताल्पता)कमजोरी और साँस लेने में परेशानी

In simple words: हमारे शरीर को ठीक से काम करने के लिए अलग-अलग खनिजों की ज़रूरत होती है। ये खनिज हमारी हड्डियों, दाँतों और दिमाग को स्वस्थ रखते हैं, और इनकी कमी से कई बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे कमजोर हड्डियाँ, घेघा या खून की कमी। यह दिखाता है कि कैसे भारत के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग खाने की परंपराएँ विकसित हुई हैं।

🎯 Exam Tip: खनिजों के नाम, उनके मुख्य काम, जहाँ वे मिलते हैं और उनकी कमी से होने वाली बीमारी के नाम याद रखें। खासकर कैल्सियम, आयोडीन और आयरन बहुत महत्वपूर्ण हैं।

 

Question 8. खिलाड़ियों को अधिक मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता क्यों होती है?
Answer: प्रोटीन हमारे शरीर को बढ़ने और ठीक करने में मदद करता है। इसलिए, खिलाड़ियों को अपनी माँसपेशियाँ मजबूत बनाने और टूटी हुई मांसपेशियों की मरम्मत के लिए ज़्यादा प्रोटीन चाहिए होता है। यह उन्हें खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने में भी मदद करता है।
In simple words: खिलाड़ियों को ज़्यादा प्रोटीन चाहिए क्योंकि यह उनकी माँसपेशियों को बनाता है और उन्हें मजबूत रखता है।

🎯 Exam Tip: प्रोटीन को शरीर बनाने वाले भोजन (body-building food) के रूप में याद रखें, यह सीधा सवाल है और इसका जवाब इसी मुख्य कारण पर आधारित है।

 

Question 9. 1960 के दशक में भारत के हिमालय क्षेत्र और भारत के उत्तरी मैदानी इलाकों में मानव आबादी गर्दन के अगले भाग में सूजन से पीड़ित थी। इसका क्या कारण था और इसके उपचार के लिए क्या प्रयास किया गया?
Answer: 1960 के दशक में, हिमालय और उत्तरी मैदानी इलाकों के लोगों को गले में सूजन हो जाती थी, जिसे घेघा (गॉयटर) कहते हैं। यह बीमारी वहाँ की मिट्टी और पानी में आयोडीन की कमी के कारण हुई थी। इस बीमारी को ठीक करने के लिए, साधारण नमक में आयोडीन मिलाया गया, जिसे आयोडीनयुक्त नमक कहते हैं। आयोडीन शरीर के सही विकास और कामकाज के लिए बहुत जरूरी होता है। आयोडीन की सही मात्रा शरीर में थायरॉइड हार्मोन बनाने में मदद करती है, जो मेटाबॉलिज्म के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: 1960 के दशक में हिमालयी क्षेत्रों में आयोडीन की कमी से घेघा रोग फैला था। इसे ठीक करने के लिए नमक में आयोडीन मिलाना शुरू किया गया।

🎯 Exam Tip: घेघा रोग का संबंध आयोडीन की कमी से है। आयोडीनयुक्त नमक इसका प्रमुख उपचार है, इस मुख्य बिंदु को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 3. 'जंक फूड' क्या होता है? यह हमारे स्वास्थ्य को किस प्रकार प्रभावित करता है?
Answer: जंक फूड ऐसे खाने के सामान होते हैं जिनमें बहुत ज़्यादा चीनी और वसा (फैट) होती है, इसलिए इनमें कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है। लेकिन इनमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज और फाइबर (रूक्षांश) जैसे ज़रूरी पोषक तत्व बहुत कम होते हैं। ज़्यादा जंक फूड खाने से हम मोटे हो सकते हैं और कई दूसरी बीमारियाँ भी हो सकती हैं। एक अच्छा, संतुलित आहार लेना और जंक फूड से बचना हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। यह हमारे पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखता है।
In simple words: जंक फूड में ज़्यादा चीनी और वसा होती है लेकिन पोषक तत्व कम होते हैं। इसे खाने से मोटापा और बीमारियाँ हो सकती हैं, इसलिए इससे बचना चाहिए।

🎯 Exam Tip: जंक फूड की परिभाषा में उच्च कैलोरी, चीनी और वसा, तथा कम पोषक तत्वों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है। इसके प्रभावों में मोटापा और विभिन्न बीमारियाँ शामिल हैं।

 

Question 4. हमारे आहार में उपस्थित दालें प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। इसका परीक्षण करने के लिए एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।
Answer: दालों में प्रोटीन है या नहीं, यह जानने के लिए हम यह आसान सा टेस्ट कर सकते हैं:
1. सबसे पहले, दाल के कुछ सैंपल इकट्ठा करें।
2. फिर, दालों को पीसकर उसका पेस्ट या पाउडर बना लें।
3. हर दाल के सैंपल का लगभग आधा चम्मच एक अलग, साफ टेस्ट ट्यूब में डालें।
4. प्रत्येक टेस्ट ट्यूब में 2-3 चम्मच पानी डालकर अच्छे से मिलाएँ।
5. एक ड्रॉपर की मदद से, हर टेस्ट ट्यूब में 'कॉपर सल्फेट' घोल की दो बूँदें डालें।
6. अब, एक और ड्रॉपर से, हर टेस्ट ट्यूब में 'कास्टिक सोडा' घोल की दस बूँदें डालें।
7. सभी टेस्ट ट्यूब्स को अच्छी तरह हिलाएँ और कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
8. कुछ देर बाद, हम देखेंगे कि टेस्ट ट्यूब्स में रखा पदार्थ बैंगनी रंग का हो गया है। यह बैंगनी रंग बताता है कि इन खाद्य पदार्थों (यानी दालों) में प्रोटीन मौजूद है। प्रोटीन की पहचान के लिए यह एक मानक रासायनिक परीक्षण है। यह बैंगनी रंग प्रोटीन के पेप्टाइड बॉन्ड और कॉपर आयनों के बीच अभिक्रिया के कारण बनता है।
In simple words: दाल में प्रोटीन की जाँच के लिए, दाल को पीसकर टेस्ट ट्यूब में पानी, कॉपर सल्फेट और कास्टिक सोडा मिलाएँ। अगर रंग बैंगनी हो जाए, तो मतलब प्रोटीन मौजूद है।

🎯 Exam Tip: प्रोटीन परीक्षण में कॉपर सल्फेट और कास्टिक सोडा के इस्तेमाल और बैंगनी रंग के विकास को मुख्य बिंदु के रूप में याद रखें। सभी चरणों को सही क्रम में लिखना महत्वपूर्ण है।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. भारत के किन्हीं तीन राज्यों में स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली फसलों तथा उनसे बनने वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थों के बारे में बताइए।
Answer: भारत के तीन राज्यों में स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली फसलें और उनसे निर्मित पारंपरिक खाद्य पदार्थ नीचे दी गई तालिका में दर्शाए गए हैं:

राज्यस्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली फसलेंखाए जाने वाले कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थपेय
राजस्थानबाजरा, गेहूँ, चना, सरसों, दालदाल, बाटी, चूरमा, खिचड़ी, चटनीदूध, चाय
कर्नाटकचावल, रागी, उड़द, नारियलइडली, डोसा, सांभर, नारियल चटनी, रागी, मुड्डे, पाल्या, रसम, चावलछाछ, कॉफी, चाय
मणिपुरचावल, बाँस, सोयाबीनचावल, इरोम्बा (चटनी), ऊति (पीली मटर और हरे प्याज की तरी) सिंग्जू, कांगसोईबिना दूध की चाय

In simple words: भारत के अलग-अलग राज्यों में वहाँ की स्थानीय फसलों के हिसाब से अलग-अलग खाने-पीने की परंपराएँ हैं। जैसे राजस्थान में बाजरा और दाल-बाटी, कर्नाटक में चावल और इडली-डोसा, और मणिपुर में चावल और इरोम्बा मशहूर हैं। यह दिखाता है कि कैसे भारत के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग खाने की परंपराएँ विकसित हुई हैं।

🎯 Exam Tip: कम से कम तीन राज्यों के लिए स्थानीय फसलें और उनसे बनने वाले दो-तीन पारंपरिक खाद्य पदार्थों के नाम याद रखें। तालिका बनाकर जवाब देना प्रभावशाली होता है।

 

Question 2. भोजन के प्रमुख घटकों का वर्णन कीजिए।
Answer: भोजन के मुख्य घटकों में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन, खनिज, आहारीय रेशे और जल शामिल हैं। ये सभी हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
(1) कार्बोहाइड्रेट: ये हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं, जिससे हम काम कर पाते हैं। अनाज, आलू और चीनी इसके अच्छे स्रोत हैं।
(2) वसा (फैट): वसा भी ऊर्जा देती है, और यह शरीर में जमा होकर भविष्य के लिए ऊर्जा स्टोर करती है। यह शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। मूँगफली, बादाम, तेल, घी और मक्खन इसके मुख्य स्रोत हैं।
(3) प्रोटीन: यह शरीर को बढ़ने और टूटे-फूटे अंगों (जैसे माँसपेशियों) को ठीक करने में मदद करता है। दालें, फलियाँ, दूध, अंडा, मछली और माँस इसके मुख्य स्रोत हैं।
(4) विटामिन और खनिज: ये शरीर को बीमारियों से बचाते हैं और उसे स्वस्थ रखते हैं। ये शरीर की विभिन्न क्रियाओं को ठीक से चलाने में मदद करते हैं। दूध, हरी सब्जियाँ, फल और साबुत अनाज इनमें भरपूर होते हैं।
(5) आहारीय रेशे (फाइबर): ये शरीर के पाचन में मदद करते हैं और बिना पचे भोजन को शरीर से बाहर निकालने में सहायता करते हैं। हरी सब्जियाँ, फल, दालें और साबुत अनाज में फाइबर होता है।
(6) जल: जल शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। यह भोजन से पोषक तत्वों को सोखने और शरीर से बेकार पदार्थों (जैसे पसीना और मूत्र) को बाहर निकालने में मदद करता है। ये सभी घटक एक साथ मिलकर हमारे शरीर को सही ढंग से काम करने में मदद करते हैं, जैसे एक मशीन के सभी पुर्जे मिलकर काम करते हैं।
In simple words: भोजन के मुख्य घटकों में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन, खनिज, फाइबर और पानी शामिल हैं। ये सभी शरीर को ऊर्जा, विकास और बीमारियों से बचाने के लिए ज़रूरी हैं।

🎯 Exam Tip: भोजन के सभी प्रमुख घटकों के नाम, उनके मुख्य कार्य और उनके कम से कम दो-तीन स्रोतों को याद रखें। प्रत्येक घटक को संक्षेप में समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. हमारे भोजन में उपस्थित प्रमुख विटामिन का वर्णन निम्न बिन्दुओं के अनुसार कीजिए-
(i) कार्य
(ii) अभावजन्य रोग या विकार
(iii) रोग / विकार के लक्षण
(iv) प्रमुख स्रोत।

Answer: हमारे भोजन में उपस्थित प्रमुख विटामिनों का वर्णन नीचे दी गई तालिका में किया गया है:

विटामिनकार्यअभावजन्य रोग या विकारलक्षणप्रमुख स्रोत
विटामिन B₁हृदय को स्वस्थ रखता है और शरीर को विभिन्न कार्य करने में सहायता करता हैबेरीबेरीसूजन, हाथों और पैरों में जलन या झनझनाहट, साँस लेने में परेशानीफलियाँ, मेवे, संपूर्ण अनाज, बीज, दूध से बने पदार्थ
विटामिन Cशरीर को रोगों से बचाता हैस्कर्वीमसूड़ों से खून निकलना, घाव भरने में अधिक समय लगनाआँवला, अमरूद, हरी मिर्च, संतरा, नींबू
विटामिन Dअस्थि और दाँतों के स्वास्थ्य के लिए शरीर में कैल्सियम के अवशोषण में सहायक हैरिकेट्सअस्थियों का मुलायम होकर मुड़ जानासूर्य का प्रकाश, दूध, मक्खन, मछली, अंडा

In simple words: विटामिन शरीर के लिए बहुत कम मात्रा में ज़रूरी होते हैं, लेकिन इनकी कमी से कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं, इसलिए इन्हें नियमित रूप से लेना महत्वपूर्ण है। विटामिन B1 बेरीबेरी से, विटामिन C स्कर्वी से और विटामिन D रिकेट्स से बचाता है, और इनके अलग-अलग स्रोत हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक विटामिन का नाम, उसका कार्य, कमी से होने वाला रोग, लक्षण और प्रमुख स्रोत बिंदुवार याद करें। यह तालिका इस तरह के प्रश्नों के लिए एक अच्छा तरीका है।

 

Question 4. खाद्य मील (फूड माइल) को आरेख द्वारा दर्शाते हुए समझाइए कि खाद्य मील को कम करना क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Answer: खाद्य मील (फूड माइल) का मतलब है कि कोई भी खाद्य पदार्थ, जैसे अनाज, अपने खेत से लेकर हमारी थाली तक पहुँचने में कितनी दूरी तय करता है। इस पूरी यात्रा में कई चरण होते हैं, जैसे:
1. खेत से अनाज इकट्ठा करना।
2. अनाज को साफ करना और अलग करना।
3. अनाज को गोदामों में स्टोर करना।
4. अनाज को पीसना और पैक करना।
5. पैक किए गए अनाज को दुकानों तक पहुँचाना।
6. फिर दुकान से यह हमारी रसोई में आता है।
खाद्य मील को कम करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इससे कई फायदे होते हैं। जब भोजन कम दूरी तय करता है, तो उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च (परिवहन लागत) कम हो जाता है। साथ ही, प्रदूषण भी कम होता है क्योंकि गाड़ियों का इस्तेमाल कम होता है। इससे आस-पास के किसानों को मदद मिलती है, जिससे उनका व्यापार बढ़ता है। सबसे अच्छी बात यह है कि हमें ताजा और पौष्टिक भोजन मिलता है, क्योंकि उसे दूर से आने में ज़्यादा समय नहीं लगता। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है और कार्बन फुटप्रिंट भी कम होता है, जो पर्यावरण के लिए अच्छा है।
In simple words: खाद्य मील का मतलब है कि भोजन खेत से हमारी थाली तक आने में कितनी दूर चलता है। इसे कम करना ज़रूरी है क्योंकि इससे पैसे बचते हैं, प्रदूषण कम होता है, स्थानीय किसानों को मदद मिलती है, और हमें ताज़ा खाना मिलता है।

🎯 Exam Tip: खाद्य मील की परिभाषा और उसे कम करने के तीन-चार मुख्य फायदे बताएं, जैसे लागत में कमी, प्रदूषण में कमी और ताज़े भोजन की उपलब्धता। आरेख का वर्णन भी महत्वपूर्ण है।

RBSE Class 6 Science Chapter 1 Notes in Hindi

  • भारत खेती पर निर्भर एक बड़ा देश है। यहाँ अलग-अलग मिट्टी और मौसम के कारण कई तरह की फसलें उगाई जाती हैं।
  • भारत के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपनी पसंद, संस्कृति और परंपरा के हिसाब से, वहाँ उगाई जाने वाली फसलों से बने अलग-अलग तरह के खाने पसंद करते हैं।
  • खाना बनाने के तरीके, जिन्हें पाक पद्धतियाँ कहते हैं, समय के साथ बदल गए हैं।
  • हमारा खाना हमें ताकत देता है, शरीर को बढ़ने और विकसित होने में मदद करता है। यह हमें स्वस्थ रखता है और बीमारियों से बचाता है।
  • हमारे खाने में कार्बोहाइड्रेट, वसा (फैट), प्रोटीन, विटामिन और खनिज मुख्य पोषक तत्व होते हैं। इसके साथ ही, फाइबर (रूक्षांश) और पानी भी खाने के ज़रूरी हिस्से हैं।
  • कार्बोहाइड्रेट और वसा से हमें सबसे ज़्यादा ऊर्जा मिलती है, जबकि प्रोटीन शरीर को बनाने और ठीक करने वाला पोषक तत्व है।
  • विटामिन और खनिज शरीर को मजबूत बनाते हैं, बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं और हमें स्वस्थ रखते हैं।
  • अगर हम लंबे समय तक अपने खाने में एक या ज़्यादा ज़रूरी पोषक तत्व कम लेते हैं, तो इससे कई बीमारियाँ हो सकती हैं।
  • बाजरा, ज्वार जैसे मोटे अनाजों को 'पोषक अनाज' कहते हैं, क्योंकि ये हमारे शरीर को सही से काम करने के लिए ज़रूरी पोषक तत्व देते हैं।
  • अपने आस-पास उगाए गए और पौधों से मिलने वाले भोजन को खाने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। साथ ही, यह हमारे पर्यावरण और पृथ्वी के लिए भी अच्छा होता है।
  • कोई भी खाने का सामान अपने बनने की जगह से लेकर ग्राहक तक पहुँचने में जितनी दूरी तय करता है, उसे 'खाद्य मील' (फूड माइल) कहते हैं।

Free study material for Science

RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार

Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 6 Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Science Class 6 Solved Papers

Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 3 उचित आहार - स्वस्थ शरीर का आधार to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Science are as per latest RBSE curriculum.

Are the Science RBSE solutions for Class 6 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 6 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 6 Science. You can access RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science RBSE solutions for Class 6 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 3 उचित आहार : स्वस्थ शरीर का आधार in printable PDF format for offline study on any device.