Official RBSE Solutions for Class 6 Mathematics: Chapter 08 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ एवं रचना
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Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 08 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ एवं रचना
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बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. 40° का संपूरक कोण है।
(i) 0°
(ii) 50°
(iii) 90°
(iv) 140°
Answer: (iv) 140°
In simple words: संपूरक कोण वह होता है जो किसी दिए गए कोण में जोड़ने पर कुल 180° बनता है। 40° का संपूरक कोण 140° होगा क्योंकि \( 40° + 140° = 180° \) होता है। दो कोणों का योग 180° होने पर वे एक-दूसरे के संपूरक कहलाते हैं।
🎯 Exam Tip: संपूरक कोण (supplementary angles) और पूरक कोण (complementary angles) की परिभाषा को याद रखें। संपूरक कोणों का योग 180° होता है, जबकि पूरक कोणों का योग 90° होता है।
प्रश्न 2. 180° के कोण का समद्विभाजक खींचने पर कोण बनता।
(i) 30°
(ii) 60°
(iii) 100°
(iv) 90°
Answer: (iv) 90°
In simple words: 180° के कोण को एक सीधी रेखा कहा जाता है। जब हम इसे बराबर दो भागों में बाँटते हैं, तो हर भाग 90° का होता है। यह एक समकोण जैसा दिखता है।
🎯 Exam Tip: समद्विभाजक का मतलब होता है 'बराबर दो भागों में बाँटने वाला'। किसी भी कोण का समद्विभाजक उसे दो समान कोणों में बाँट देता है।
प्रश्न 3. वह ज्यामितीय यंत्र जिस पर 180° भाग अंकित होते हैं, कहलाता है।
(i) सेट स्क्के यर
(ii) चाँदा
(iii) डिवाइडर
(iv) रुलर
Answer: (ii) चाँदा
In simple words: चाँदा एक उपकरण है जिसका उपयोग कोणों को मापने या बनाने के लिए किया जाता है। इसमें 0° से 180° तक के निशान होते हैं। चाँदे की मदद से हम विभिन्न प्रकार के कोण बना सकते हैं।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों (जैसे चाँदा, डिवाइडर, स्केल) और उनके उपयोग को समझना ज़रूरी है।
प्रश्न 4. दो नुकीले सिरे होते हैं।
(i) डिवाइडर
(ii) रुलर
Answer: (i) डिवाइडर
In simple words: डिवाइडर एक ज्यामितीय उपकरण है जिसके दोनों सिरे नुकीले होते हैं। इसका इस्तेमाल दूरियों को मापने या एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: डिवाइडर का उपयोग आमतौर पर रेखाखंडों की लंबाई की तुलना करने या समान दूरी बनाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 5. वृत्त की परिधि पर स्थित दो बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा जो वृत्त के केन्द्र से गुजरती है, को वृत्त का कहते हैं।
(i) व्यास
(ii) केन्द्र
(iii) त्रिज्या
(iv) इनमें से कोई नहीं
Answer: (i) व्यास
In simple words: वृत्त के बीच से होकर जाने वाली और उसकी परिधि पर दो बिंदुओं को जोड़ने वाली सीधी रेखा को व्यास कहते हैं। यह वृत्त का सबसे लंबा जीवा होता है और त्रिज्या का दोगुना होता है।
🎯 Exam Tip: वृत्त की मूल अवधारणाओं (केन्द्र, त्रिज्या, व्यास, परिधि) को स्पष्ट रूप से समझें क्योंकि ये ज्यामिति की नींव हैं।
प्रश्न 6. वृत्त की दो त्रिज्याओं के मध्य भाग को कहते हैं।
(i) त्रिज्यखण्ड
(ii) जीवा
(iii) वृत्तखण्ड
(iv) त्रिज्या
Answer: (i) त्रिज्यखण्ड
In simple words: वृत्त के केंद्र से दो त्रिज्याएँ और उनके बीच का चाप मिलकर त्रिज्यखण्ड बनाते हैं। यह वृत्त का एक हिस्सा होता है, जैसे पिज़्ज़ा का एक टुकड़ा।
🎯 Exam Tip: त्रिज्यखण्ड (sector) और वृत्तखण्ड (segment) के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें; त्रिज्यखण्ड त्रिज्याओं और चाप से बनता है, जबकि वृत्तखण्ड जीवा और चाप से बनता है।
प्रश्न 7. आकृति में छायादार भाग हैं।
(i) जीवा
(ii) अर्द्धवृत्त
(iii) परिधि
(iv) कोई नहीं
Answer: (ii) अर्द्धवृत्त
In simple words: आकृति में आधा वृत्त रंगीन किया गया है। वृत्त का ठीक आधा हिस्सा अर्द्धवृत्त कहलाता है।
🎯 Exam Tip: वृत्तीय आकृतियों में छायांकित (shaded) भागों को पहचानना सीखें; अर्द्धवृत्त एक वृत्त का आधा भाग होता है।
प्रश्न 8. जब घड़ी की सुई एक पूरा चक्कर लगाती है, तो इस चक्कर को लगाने में कितने डिग्री का कोण बनता है ?
(i) 90°
(ii) 180°
(iii) 270°
(iv) 360°
Answer: (iv) 360°
In simple words: घड़ी की सुई जब अपनी जगह से घूमकर वापस उसी जगह पर आती है, तो वह एक पूरा चक्कर लगाती है। यह पूरा चक्कर 360° का कोण बनाता है। एक पूरा वृत्त भी 360° का होता है।
🎯 Exam Tip: एक पूर्ण घूर्णन (full rotation) या पूर्ण वृत्त हमेशा 360° का कोण बनाता है।
प्रश्न 10. यदि दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ लम्ब हैं, तो उनके बीच का कोण होगा।
(i) 60°
(ii) 45°
(iii) 90°
(iv) 180°
Answer: (iii) 90°
In simple words: जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं और वे एक-दूसरे पर सीधी खड़ी होती हैं, तो उन्हें लम्ब रेखाएँ कहते हैं। ऐसी रेखाओं के बीच का कोण हमेशा 90° का होता है, जिसे समकोण भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'लम्ब' या 'लंबवत' शब्द का अर्थ है 90° का कोण बनाना। इसे हमेशा याद रखें।
रिक्त स्थान भरिए
प्रश्न 1. (i) दो विभिन्न रेखाएँ जब एक-दूसरे को किसी एक बिन्दु पर मिलती या काटती हैं तो वे............ कहलाती
(ii) दो रेखाएँ जब एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती अर्थात् नहीं काटती हैं, तो वे ............ कहलाती हैं।
(iii) दो या दो से अधिक रेखाएँ जब एक ही बिन्दु से गुजरती हैं तो वे ............ होती हैं।
(iv) उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिन्दु वाली दो किरणों से एक ............ बनता है।
(v) वृत्त वह आकृति है जिस पर स्थित प्रत्येक बिन्दु उस तल में लिए गए एक निश्चित बिन्दु से सदैव समान दूरी पर होता है, निश्चित बिन्दु वृत्त का ............ कहलाता है, वृत्त के केन्द्र को वृत्त पर स्थित किसी भी बिन्दु से मिलाने वाले रेखाखण्ड की लम्बाई को वृत्त की ............ कहते हैं।
Answer:
(i) दो विभिन्न रेखाएँ जब एक-दूसरे को किसी एक बिन्दु पर मिलती या काटती हैं तो वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।
(ii) दो रेखाएँ जब एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती अर्थात् नहीं काटती हैं, तो वे समान्तर रेखाएँ कहलाती हैं।
(iii) दो या दो से अधिक रेखाएँ जब एक ही बिन्दु से गुजरती हैं तो वे संगामी रेखाएँ होती हैं।
(iv) उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिन्दु वाली दो किरणों से एक कोण बनता है।
(v) वृत्त वह आकृति है जिस पर स्थित प्रत्येक बिन्दु उस तल में लिए गए एक निश्चित बिन्दु से सदैव समान दूरी पर होता है, निश्चित बिन्दु वृत्त का केन्द्र कहलाता है, वृत्त के केन्द्र को वृत्त पर स्थित किसी भी बिन्दु से मिलाने वाले रेखाखण्ड की लम्बाई को वृत्त की त्रिज्या कहते हैं।
In simple words: ये प्रश्न रेखाओं और वृत्त की मूल परिभाषाओं को समझने के बारे में हैं। जब रेखाएँ एक जगह मिलती हैं तो प्रतिच्छेदी होती हैं, न मिलें तो समान्तर। बहुत सी रेखाएँ एक बिंदु से गुजरें तो संगामी। दो किरणों के मिलने से कोण बनता है, और वृत्त का बीच का बिंदु केंद्र और केंद्र से किनारे तक की दूरी त्रिज्या कहलाती है।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति की सभी मूल परिभाषाओं और शब्दों (जैसे प्रतिच्छेदी, समान्तर, संगामी रेखाएँ, कोण, वृत्त का केन्द्र, त्रिज्या) को बिल्कुल स्पष्ट रूप से याद करें।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. निम्न में से प्रत्येक कोण को समकोण, ऋजुकोण, न्यूनकोण, अधिककोण या प्रतिवर्ती कोण के रूप में वर्गीकृत कीजिए।
(a) [एक छोटा कोण]
(b) [एक खुला कोण, 90° से ज़्यादा]
(c) [एक 90° का कोण]
(d) [एक 180° से ज़्यादा कोण]
(e) [एक सीधी रेखा का कोण]
(f) [एक छोटा कोण]
Answer: दिए गए कोणों से स्पष्ट है:
(a) न्यूनकोण
(b) अधिककोण
(c) समकोण
(d) प्रतिवर्ती कोण
(e) ऋजु कोण
(f) न्यूनकोण
In simple words: हम कोणों को उनके आकार के अनुसार अलग-अलग नामों से जानते हैं। जो 90° से छोटा हो वह न्यूनकोण, 90° का हो वह समकोण, 90° से 180° के बीच हो वह अधिककोण, 180° का हो वह ऋजु कोण और 180° से ज़्यादा का हो वह प्रतिवर्ती कोण कहलाता है। इन आकृतियों को देखकर हमें यही पता चलता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के कोणों (न्यूनकोण, समकोण, अधिककोण, ऋजु कोण, प्रतिवर्ती कोण) की परिभाषा और उनके डिग्री मानों को याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 2. निम्न कोणों को चाँद से मापिए और उनके माप लिखिए।
(a) [एक कोण]
(b) [एक कोण]
(c) [एक कोण]
(d) [एक कोण]
Answer: दिये गये कोणों को चाँद से मापने पर कोणों के माप निम्न हैं:
(a) 45°
(b) 125°
(c) 90°
(d) 30°, 130°, 85°
In simple words: चाँद (प्रोट्रैक्टर) का उपयोग करके इन कोणों को सावधानी से मापा गया है। हर कोण का एक निश्चित माप होता है जिसे डिग्री में बताया जाता है।
🎯 Exam Tip: कोणों को सही ढंग से मापने के लिए चाँदे को कोण के शीर्ष पर ठीक से रखें और आधार रेखा को संरेखित करें। हमेशा बाहरी और भीतरी पैमाने पर ध्यान दें।
प्रश्न 3. नीचे दी आकृति में दिए प्रत्येक कोण का माप ज्ञात कीजिए (पहले देखकर आकलन कीजिए और फिर चाँद से मापिए) :
(a) [एक कोण]
(b) [एक कोण]
(c) [एक कोण]
(d) [एक कोण]
Answer: दी गई आकृति में प्रत्येक कोण का बिना मापे आकलन करने पर:
(a) 40°
(b) 60°
(c) 120°
(d) 135°
चाँद से मापने पर कोणों की माप है:
(a) 45°
(b) 65°
In simple words: पहले हमने आँखों से देखकर हर कोण का अंदाज़ा लगाया। फिर, हमने सही माप के लिए चाँदे का इस्तेमाल किया। अंदाज़ा लगाने से हमें कोणों की समझ बेहतर होती है, और चाँदे से सटीक माप मिलता है।
🎯 Exam Tip: कोणों का आकलन करने की आदत डालें, यह आपकी ज्यामितीय अंतर्दृष्टि को बढ़ाता है। फिर, सटीकता के लिए हमेशा चाँदे से माप की पुष्टि करें।
प्रश्न 4. कोई वृत्त खींचिए और निम्न को अंकित कीजिए –
(a) उसका केन्द्र
(b) एक त्रिज्या
(c) एक व्यास
(d) एक त्रिज्यखण्ड
(e) एक वृत्तखण्ड
(f) उसके अभ्यन्तर में एक बिन्द
(g) उसके बहिर्भाग में एक बिन्दु
(h) एक चाप
Answer: कोई एक वृत्त खींचा जिसके भाग निम्न प्रकार हैं:
(a) वृत्त का केन्द्र O है।
(b) इसकी त्रिज्याएँ OA, OB और OC हैं।
(c) इसका व्यास PA है। (मैंने आरेख में P को बाईं ओर और A को दाईं ओर व्यास के सिरों के रूप में चिह्नित किया है।)
(d) इसका त्रिज्यखण्ड OAB है। (OAB क्षेत्र हल्का नीले रंग में है।)
(e) जीवा QR द्वारा घिरा हुआ भाग जो वृत्त के अभ्यन्तर में है, एक वृत्तखण्ड है। (QR के साथ वृत्तखण्ड हल्के नारंगी रंग में है।)
(f) वृत्त के अभ्यंतर में एक बिन्दु M है।
(g) वृत्त के बहिर्भाग में एक बिन्दु N है।
(h) QR एक चाप है। (QR के ऊपर डैश वाली मोटी रेखा द्वारा चिह्नित चाप।)
In simple words: यह एक वृत्त है जिसमें इसके सभी मुख्य भाग दिखाए गए हैं। बीच का बिंदु केंद्र है। केंद्र से किनारे तक की रेखा त्रिज्या है। केंद्र से होते हुए एक किनारे से दूसरे किनारे तक की रेखा व्यास है। वृत्त के अंदर का एक टुकड़ा त्रिज्यखण्ड या वृत्तखण्ड हो सकता है। वृत्त के ऊपर का कोई भी छोटा घुमावदार हिस्सा चाप कहलाता है।
🎯 Exam Tip: वृत्त के विभिन्न भागों - केन्द्र, त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप, त्रिज्यखण्ड और वृत्तखण्ड - को उनके चित्रों और परिभाषाओं के साथ स्पष्ट रूप से पहचानना सीखें।
प्रश्न 5. चाँदे की सहायता से 68° का कोण बनाइए तथा परकार व स्केल की सहायता से समद्विभाजित कीजिए।
Answer:
रचना – चाँदे की सहायता से हम 68° का एक कोण बनाते हैं।
समद्विभाजन:
1. सबसे पहले, परकार की मदद से बिंदु B को केंद्र मानकर किसी भी माप का एक चाप खींचिए। यह चाप भुजा BC को बिंदु P पर और भुजा AB को बिंदु Q पर काटेगा।
2. अब, परकार को उसी माप पर खुला रखकर, बिंदु P और Q से कोण के बीच में दो चाप लगाइए।
3. जहाँ पर ये दोनों चाप एक-दूसरे को काटते हैं, उसे बिंदु D मानिए।
4. बिंदु B से एक रेखा खींचिए जो बिंदु D से होकर जाती हो। यह किरण BD कोण \( \angle ABC \) को दो बराबर भागों में बाँटती है।
इसका मतलब है कि \( \angle ABD \) और \( \angle DBC \) बराबर हैं।
In simple words: पहले चाँदे से 68° का कोण बनाओ। फिर परकार से उस कोण के दो बराबर हिस्से करो। परकार से दो चाप लगाओ और जहाँ वे कटें, वहाँ से कोण के शीर्ष तक एक रेखा खींचो। यह रेखा कोण को ठीक आधा कर देती है।
🎯 Exam Tip: कोणों की रचना और समद्विभाजन करते समय परकार और स्केल का सही उपयोग महत्वपूर्ण है। चाप बनाने और बिंदुओं को जोड़ने में सटीकता पर ध्यान दें।
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RBSE Solutions for Class 6 Mathematics Chapter 08 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ एवं रचना
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