Step-by-Step Textbook Solutions for Class 5 Environmental Studies Chapter 05 प्रकृति के वास्तुकार
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पृष्ठ संख्या-39
खोज गतिविधि-
बच्चों आप भी अपने आसपास मकड़ी के जाले ढूँढ़े और पता करें कि अलग-अलग तरह की मकड़ियाँ किस तरह के जाले बनाती हैं? एक मकड़ी के जाल को ध्यान से देखिए और उसकी बनावट को यहाँ बनाने का प्रयास कीजिए।
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें।
In simple words: बच्चों को अपने आसपास मकड़ियों के जाले ढूंढने और उनकी बनावट को बनाने की कोशिश करने के लिए कहा गया है। यह एक अवलोकन और रचनात्मक गतिविधि है।
🎯 Exam Tip: ऐसी गतिविधियों में, छात्रों को सीधे उत्तर देने के बजाय अवलोकन और रचनात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करें।
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सोचो और बताओ-
Question 2. क्या और भी जानवर इस तरह के जाले जैसे घर बनाते हैं? पता कीजिए।
Answer: हाँ, कुछ अन्य जीव भी जाले जैसी संरचनाएं बनाते हैं। ये सभी जीव अपने घरों को विशेष तरीकों से बनाते हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें और अपने बच्चों की देखभाल कर सकें।
1. तितलियों के कैटरपिलर रेशमी धागों से कोकून बनाते हैं, जो एक अस्थायी खोल होता है जिसमें वे तितली में बदलते हैं।
2. रेशम कीट भी रेशम के कोकून बनाते हैं, जो रेशमी धागों की कई परतों से बने होते हैं।
3. कैडीसफ्लाई लार्वा पानी में रेशमी धागों और छोटे पत्थरों या लकड़ी से सुरक्षात्मक ट्यूब बनाते हैं।
4. टेंट कैटरपिलर पेड़ों पर रेशमी धागों से तंबू जैसे जाले बनाते हैं, जिनका उपयोग समूह में रहने और सुरक्षा के लिए किया जाता है।
In simple words: हाँ, कुछ दूसरे जानवर भी मकड़ी जैसे जाले या घर बनाते हैं। जैसे तितली के बच्चे (कैटरपिलर) रेशम से कोकून बनाते हैं, रेशम के कीड़े भी कोकून बनाते हैं, और कुछ कीड़े पानी में रेशम व पत्थरों से ट्यूब जैसे घर बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न जानवरों द्वारा बनाए गए घरों के उदाहरणों को याद रखें और प्रत्येक की सामग्री और उद्देश्य को स्पष्ट रूप से बताएं।
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खोजबीन के लिए गतिविधि-
क्या आपने भी घर के आसपास और खेतों में पक्षियों के घोंसले देखे हैं? क्या सभी पक्षी एक जैसा घोंसला बनाते हैं? अपने विद्यालय के आसपास घर या खेत में पक्षियों के घोंसलों का अवलोकन कीजिए और कुछ जानकारियाँ एकत्र कीजिए। अपने अवलोकन को नीचे दी गई सारणी में लिखिए।
Answer: पक्षियों के घोंसलों का अवलोकन-
| पक्षी का नाम | घोंसला/घर कैसा बना था | क्या-क्या सामग्री काम में ली गई | कहाँ पर देखा (पेड़ पर, जमीन पर, दीवार में आदि) |
|---|---|---|---|
| बया | लटकता, बोतल जैसी आकृति, बुना हुआ | घास, पत्ते, तिनके | पेड़ की शाखाओं पर (जैसे-बबूल, नीम) |
| टिटहरी | सपाट, जमीन पर बना | मिट्टी, कंकड़, छोटे पत्थर | खेतों, नदियों के किनारे, जमीन पर |
| कठफोड़वा | पेड़ के तने में छेद | कोई सामग्री नहीं, लकड़ी में खोदा जाता है | पेड़ के तने में (जैसे-खेजड़ी, पीपल) |
| कबूतर | ढीला, अनियमित ढाँचा | टहनियाँ, पत्ते, तिनके | इमारतों की खिड़कियाँ, छत, पेड़ |
| गौरैया | छोटा, गोल, कॉम्पैक्ट | घास, तिनके, पंख, कपास | छत के कोने, दीवार में, पेड़ों पर |
| कोयल | स्वयं घोंसला नहीं बनाती/अन्य पक्षियों के घोंसलों में अंडे देती है। | कोई सामग्री नहीं (कौवे के घोंसले का उपयोग) | कौवे के घोंसले में |
| बुलबुल | कप जैसा, मजबूत और बुना हुआ | घास, जड़ें, तिनके, मकड़ी के जाले | झाड़ियों व छोटे पेड़ों की शाखाओं पर |
In simple words: जब हम अपने आसपास पक्षियों के घोंसलों को देखते हैं, तो पाते हैं कि हर पक्षी अलग तरह का घोंसला बनाता है। वे घोंसले बनाने के लिए अलग-अलग चीजें इस्तेमाल करते हैं और उन्हें अलग-अलग जगहों पर बनाते हैं, जैसे पेड़ों पर, जमीन पर या दीवारों में।
🎯 Exam Tip: इस तरह की अवलोकन गतिविधियों के लिए, पक्षी के नाम, उनके घोंसले की बनावट, इस्तेमाल की गई सामग्री और घोंसले के स्थान जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।
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सोचकर लिखें-
Question 2. क्या आप पक्षियों की घोंसला बनाने में कुछ मदद कर सकते हैं?
Answer: हाँ, हम पक्षियों को घोंसला बनाने में मदद कर सकते हैं। हम अपने घर या विद्यालय के आसपास पक्षी घोंसला बक्से (नेस्टिंग बॉक्स) लगा सकते हैं, जो लकड़ी से बने छोटे बक्से होते हैं। ये बक्से गौरैया और बुलबुल जैसे पक्षियों के लिए सुरक्षित जगह देते हैं। इसके साथ ही, पेड़ों की देखभाल करके और नए पौधे लगाकर हम प्राकृतिक घोंसला बनाने वाली जगहों को बढ़ा सकते हैं। प्रकृति को सहयोग देना हमेशा अच्छा होता है।
In simple words: हाँ, हम पक्षियों को घोंसला बनाने में मदद कर सकते हैं। हम लकड़ी के छोटे बक्से लगा सकते हैं और ज्यादा पेड़-पौधे लगाकर उनके लिए अच्छी जगहें बना सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, अपनी राय के साथ-साथ व्यवहारिक उपाय भी बताएं। सकारात्मक और पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण प्रस्तुत करें।
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क्या आप जानना चाहते हैं कि चींटियों की ही तरह और कौनसे जीव हैं जो रहने के लिए बिल या माँद बनाते हैं? यदि हाँ तो उसके लिए हमें विद्यालय और घर के आसपास के जगहों का ध्यान से अवलोकन करना होगा। आपने कौन-कौनसे जीव-जंतुओं के घर देखे हैं जो मिट्टी में बिल या माँद जैसे होते हैं? उन जानवरों के नाम यहाँ लिखिए।
Answer:
• चूहा
• साँप
• खरगोश
• केंचुआ
In simple words: मिट्टी में बिल बनाने वाले कुछ जानवर चूहा, साँप, खरगोश और केंचुआ हैं। इन सभी को हम अपने आसपास देख सकते हैं।
🎯 Exam Tip: गतिविधि-आधारित प्रश्नों में, दिए गए निर्देश का पालन करते हुए सटीक उदाहरण दें।
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समूह में चर्चा करें और लिखें-
Question 1. जीव-जंतुओं की हमारे जीवन में क्या भूमिका है?
Answer: जीव-जंतु पर्यावरण संतुलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर रहते हुए प्रकृति को स्वस्थ रखते हैं। मकड़ियाँ छोटे कीटों को खाकर फसलों को सुरक्षित रखती हैं। पक्षी परागण और बीजों को फैलाने में मदद करते हैं, जिससे नए पौधे उगते हैं। चींटियाँ और केंचुए मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं, जिससे पौधों को पोषण मिलता है। साँप और छिपकली चूहों और कीटों को खाकर पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखते हैं। ये सभी जीव खाद्य श्रृंखला का हिस्सा हैं और हमारे जीवन को स्वस्थ व समृद्ध बनाते हैं।
In simple words: जीव-जंतु हमारे जीवन में बहुत ज़रूरी हैं क्योंकि वे पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं। वे कीटों को नियंत्रित करते हैं, मिट्टी को अच्छा बनाते हैं, परागण में मदद करते हैं और खाद्य श्रृंखला को संतुलित रखते हैं।
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। उत्तर में प्रत्येक जीव की विशिष्ट भूमिका और उसके समग्र पर्यावरणीय महत्व को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।
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आओ चर्चा करें-
Question 1. मगरमच्छ को कछुए, साँप और छिपकलियाँ क्यों पसंद नहीं थे?
Answer: मगरमच्छ को कछुए, साँप और छिपकलियाँ इसलिए पसंद नहीं थे, क्योंकि वह उनकी बाहरी विशेषताओं और व्यवहार को बहुत कम समझता था। वह कछुओं को धीमा और मूर्ख मानता था, क्योंकि वे जल्दी नहीं चलते। साँपों को वह गीला और बदसूरत मानता था, क्योंकि उनकी त्वचा चिकनी होती है और वे रेंगते हैं। छिपकलियों को उसने कीड़े खाने वाला और कम महत्वपूर्ण समझा। मगरमच्छ का यह नजरिया उसकी अज्ञानता और सभी जीवों की पर्यावरण में भूमिका को न समझने का कारण था।
In simple words: मगरमच्छ को कछुए, साँप और छिपकलियाँ पसंद नहीं थे क्योंकि उसे वे धीमे, गीले और बदसूरत लगते थे। वह उनकी पर्यावरण में भूमिका को नहीं समझता था।
🎯 Exam Tip: चरित्र के दृष्टिकोण को समझाते हुए उसकी अज्ञानता और पर्यावरणीय समझ की कमी पर जोर दें।
Question 2. कछुए, साँप और छिपकलियाँ जंगल छोडकर चले गए तो क्या हुआ?
Answer: कछुए, साँप और छिपकलियों के जंगल छोड़ने से पर्यावरण में बहुत गंभीर असंतुलन पैदा हो गया। कछुओं के चले जाने से सड़े फल और मरी हुई मछलियाँ साफ नहीं हुईं, जिससे पूरे जंगल में दुर्गंध और गंदगी फैल गई। साँपों के न होने से चूहों की संख्या बढ़ गई, जिन्होंने फसलों और अनाज को बहुत नुकसान पहुँचाया। छिपकलियों के न होने से कीटों और मेंढकों की आबादी भी बेकाबू हो गई। परिणामस्वरूप, जंगल में गंदगी, बीमारियाँ और खाद्य श्रृंखला का संतुलन बिगड़ गया, जिसने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
In simple words: जब कछुए, साँप और छिपकलियाँ जंगल छोड़कर चले गए, तो वहाँ बहुत गंदगी फैल गई और बीमारियाँ बढ़ गईं। चूहों और कीटों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई, जिससे फसलें खराब होने लगीं और जंगल का संतुलन बिगड़ गया।
🎯 Exam Tip: यह समझाएं कि प्रत्येक जीव की अनुपस्थिति से पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न घटकों पर क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ा। एक क्रमबद्ध तरीके से परिणाम बताएं।
Question 3. जंगल का स्वस्थ पर्यावरण सभी जीवजंतुओं पर निर्भर करता है। क्यों और कैसे? बताइए।
Answer: जंगल का स्वस्थ पर्यावरण सभी जीव-जंतुओं पर निर्भर करता है, क्योंकि हर जीव पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी खास भूमिका निभाता है। सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर होकर प्रकृति को संतुलित रखते हैं।
1. कछुए- ये सड़े फल, मरी हुई मछलियाँ और कचरा खाकर पर्यावरण को साफ रखते हैं, जिससे बीमारियाँ नहीं फैलतीं।
2. साँप- ये चूहों और छोटे कृन्तकों को खाकर उनकी संख्या को नियंत्रित करते हैं, जिससे फसलें और अनाज सुरक्षित रहते हैं।
3. छिपकलियाँ- ये कीटों और मेंढकों को खाकर उनकी आबादी को संतुलित रखती हैं, जो फसलों और पौधों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
4. अन्य जीव- मकड़ियाँ कीटों को पकड़ती हैं, पक्षी परागण और बीज फैलाने में मदद करते हैं और चींटियाँ मिट्टी को उपजाऊ बनाती हैं।
In simple words: जंगल तभी स्वस्थ रहता है जब सभी जीव-जंतु उसमें हों। हर जीव का एक खास काम होता है, जैसे कछुए गंदगी साफ करते हैं, साँप चूहों को खाते हैं, छिपकलियाँ कीटों को खाती हैं, और ये सब मिलकर जंगल को साफ और संतुलित रखते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में, 'क्यों' और 'कैसे' दोनों भागों का उत्तर दें। प्रत्येक जीव की भूमिका को विशिष्ट उदाहरणों के साथ समझाएं।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
सही उत्तर चुनिए-
Question 1. टिटहरी अपना घोंसला बनाती है-
(अ) पेड़ पर
(ब) जमीन पर
(स) पानी पर
(द) दीवार पर
Answer: (ब) जमीन पर
In simple words: टिटहरी पक्षी जमीन पर अपना घोंसला बनाता है।
🎯 Exam Tip: पक्षियों और उनके घोंसले बनाने की जगहों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।
Question 2. कौनसा पक्षी अपने घोंसले को मिट्टी और कंकड से जमीन पर ही बनाता है?
(अ) गौरैया
(ब) टिटहरी
(स) बुलबुल
(द) बया
Answer: (ब) टिटहरी
In simple words: टिटहरी पक्षी मिट्टी और कंकड़ का इस्तेमाल करके जमीन पर घोंसला बनाता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक पक्षी द्वारा घोंसला बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री और उनके घोंसले के स्थान पर ध्यान दें।
Question 3. कोकून किसमें बदलते हैं?
(अ) तितली
(ब) चिड़िया
(स) टिटहरी
(द) मधुमक्खी
Answer: (अ) तितली
In simple words: कोकून धीरे-धीरे तितली में बदल जाते हैं।
🎯 Exam Tip: जानवरों के जीवन चक्र के विभिन्न चरणों, जैसे कोकून का तितली में बदलना, को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. निम्न में से कौन-सा पक्षी अपने लिए घास, पत्ते और तिनके इकट्ठा करके एक सुंदर लटकता हुआ घोंसला बनाता है-
(अ) बया
(ब) कठफोड़वा
(स) टिटहरी
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) बया
In simple words: बया पक्षी घास, पत्ते और तिनकों से एक सुंदर लटकता हुआ घोंसला बनाता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पक्षियों की घोंसला बनाने की शैलियों और उनके विशिष्ट घोंसलों की पहचान करें।
Question 6. मगरमच्छ ने कछुओं को जंगल से क्यों निकाला?
(अ) वे तेज चलते थे।
(ब) वे धीमे और मूर्ख थे।
(स) वे शोर करते थे।
(द) वे कीट खाते थे।
Answer: (ब) वे धीमे और मूर्ख थे।
In simple words: मगरमच्छ ने कछुओं को जंगल से इसलिए निकाला क्योंकि उसे लगता था कि वे बहुत धीमे और मूर्ख हैं।
🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों की प्रेरणाओं और उनके कार्यों के पीछे के कारणों पर ध्यान दें।
Question 7. साँपों के जंगल छोड़ने से क्या हुआ?
(अ) फल सड़ने लगे
(ब) कीटों की संख्या बढ़ी
(स) चूहों की संख्या बढ़ी
(द) मछलियाँ मरने लर्गी
Answer: (स) चूहों की संख्या बढ़ी
In simple words: साँपों के जंगल छोड़ने के बाद, चूहों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई।
🎯 Exam Tip: कहानी में पारिस्थितिकी तंत्र के असंतुलन से संबंधित परिणामों को याद रखें।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Question 1. __________ से खूब सारे पक्षियों की चहचाहट सुनाई दे रही थी।
Answer: झाड़ियों
In simple words: झाड़ियों से पक्षियों की चहचाहट सुनाई दे रही थी।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति करते समय, वाक्य के संदर्भ में सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।
Question 2. जानवर और ______ जीव अपने घर खुद बनाते हैं।
Answer: छोटे
In simple words: जानवर और छोटे जीव अपने घर खुद बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: ध्यान रखें कि सभी जानवर, बड़े या छोटे, अपने रहने के लिए घर बनाते हैं।
Question 3. वहाँ एक शाखा से लटकता हुआ एक ______ था।
Answer: कोकून
In simple words: एक पेड़ की शाखा से कोकून लटक रहा था।
🎯 Exam Tip: कहानी में वर्णित प्रमुख वस्तुओं और उनके स्थानों को याद रखें।
Question 4. ______- गाँव के पास एक छोटा-सा जंगल और तालाब था।
Answer: निभी।
In simple words: निभी गाँव के पास एक छोटा जंगल और तालाब था।
🎯 Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण स्थानों और उनके नामों को याद रखें।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये-
Question 1. मकड़ी का जाला केवल घर के रूप में उपयोग होता है।
Answer: असत्य
In simple words: मकड़ी का जाला केवल घर नहीं होता, वह शिकार पकड़ने के लिए भी काम आता है।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, दिए गए कथन की सटीकता की जांच करें और गलत होने पर कारण सोचें।
Question 2. कोकून में तितली का केटरपिलर परिवर्तित होता है।
Answer: सत्य
In simple words: तितली का केटरपिलर कोकून के अंदर ही बदलकर तितली बनता है।
🎯 Exam Tip: तितली के जीवन चक्र के चरणों को सही ढंग से समझें, विशेष रूप से कोकून की भूमिका को।
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए
Question. निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए
Answer:
| स्तंभ 'अ' | स्तंभ 'ब' |
|---|---|
| 1. बया | (ग) लटकता, बोतल जैसा घोंसला |
| 2. चींटी | (क) मिट्टी में शाखाओं वाला बिल |
| 3. कछुआ | (घ) सड़ते फल साफ करना |
| 4. साँप | (ख) चूहों को नियंत्रित करना |
In simple words: बया एक लटकता हुआ, बोतल जैसा घोंसला बनाता है। चींटी मिट्टी में बिल बनाती है। कछुआ सड़े फलों को साफ करता है। साँप चूहों की संख्या को नियंत्रित करता है।
🎯 Exam Tip: सही मिलान वाले प्रश्नों के लिए, दोनों स्तंभों की जानकारी को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक जोड़ी के बीच के संबंध को पहचानें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
Question 1. मकड़ी अपना जाला किससे बनाती है?
Answer: मकड़ी अपना जाला अपने मुँह से निकले रेशमी धागों से बनाती है। ये धागे बहुत मजबूत होते हैं।
In simple words: मकड़ी रेशमी धागों का उपयोग करके अपना जाला बनाती है, जो उसके मुँह से निकलते हैं।
🎯 Exam Tip: सीधे उत्तर दें और जाले के निर्माण में उपयोग होने वाली मुख्य सामग्री को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. जंगल का स्वस्थ पर्यावरण किस पर निर्भर करता है?
Answer: जंगल का स्वस्थ पर्यावरण उसमें रहने वाले सभी जीवों पर निर्भर करता है। हर जीव का अपना एक काम होता है।
In simple words: जंगल का अच्छा पर्यावरण सभी जीव-जंतुओं पर निर्भर करता है।
🎯 Exam Tip: यह एक सीधा प्रश्न है। याद रखें कि पारिस्थितिकी तंत्र में सभी जीवों का संतुलन महत्वपूर्ण है।
Question 4. प्रणय अपने पिताजी के साथ कहाँ घूम रहा था?
Answer: प्रणय अपने पिताजी के साथ खेत में घूम रहा था। यह एक अच्छा समय था जब उन्होंने प्रकृति का आनंद लिया।
In simple words: प्रणय अपने पिता के साथ खेत में घूम रहा था।
🎯 Exam Tip: कहानी के विवरणों को याद रखें, विशेष रूप से मुख्य पात्रों की गतिविधियों को।
Question 5. मगरमच्छ का नाम क्या था?
Answer: मगरमच्छ का नाम 'मकर' था। 'मकर' का अर्थ एक जलचर जीव होता है।
In simple words: मगरमच्छ का नाम मकर था।
🎯 Exam Tip: कहानी में पात्रों के नामों को सही ढंग से याद रखें।
Question 6. मगरमच्छ ने किन्हें जंगल छोड़ने का आदेश दिया?
Answer: मगरमच्छ ने कछुओं, साँपों और छिपकलियों को जंगल छोड़ने का आदेश दिया। उसे वे पसंद नहीं थे।
In simple words: मगरमच्छ ने कछुओं, साँपों और छिपकलियों को जंगल छोड़ने के लिए कहा।
🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य घटनाक्रम और उसमें शामिल पात्रों को याद रखें।
Question 7. मगरमच्छ ने साँपों को जंगल से क्यों भगाया?
Answer: मगरमच्छ ने साँपों को जंगल से इसलिए भगाया क्योंकि उसे साँप गीले और बदसूरत दिखते थे। उसे उनकी बनावट पसंद नहीं थी।
In simple words: मगरमच्छ को साँप गीले और बदसूरत लगते थे, इसलिए उसने उन्हें भगा दिया।
🎯 Exam Tip: चरित्रों के पूर्वाग्रहों और उनके निर्णयों के पीछे की व्यक्तिगत कारणों को याद रखें।
Question 8. कछुओं के जंगल छोड़ने का क्या परिणाम निकला?
Answer: कछुओं के जंगल छोड़ने के बाद, जंगल में सड़े हुए फलों और मरी हुई मछलियों की दुर्गंध फैलने लगी। यह पर्यावरण के लिए बुरा था।
In simple words: कछुओं के जंगल छोड़ने के बाद, जंगल में सड़े फल और मरी मछलियों की बदबू फैलने लगी।
🎯 Exam Tip: किसी भी जीव की अनुपस्थिति के तात्कालिक और प्रत्यक्ष पर्यावरणीय परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 2. बया पक्षी का घोंसला कैसा होता है?
Answer: बया पक्षी का घोंसला घास, पत्ते और तिनकों से लटकता हुआ और बोतल जैसा होता है। यह घोंसला पेड़ की शाखाओं पर लटकता रहता है और अंडों व बच्चों को सुरक्षा देता है।
In simple words: बया पक्षी घास और तिनकों से लटकता हुआ, बोतल के आकार का घोंसला बनाता है जो पेड़ की शाखा पर होता है।
🎯 Exam Tip: पक्षियों के घोंसले की विशिष्ट विशेषताओं, जैसे आकार, सामग्री और स्थान, को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. कछुए जंगल में क्या भूमिका निभाते हैं?
Answer: कछुए जंगल में सड़े हुए फल और मरी हुई मछलियों को खाकर जंगल को साफ रखते हैं। इस तरह वे गंदगी और बीमारियों को फैलने से रोकते हैं, जिससे पर्यावरण स्वच्छ और स्वस्थ रहता है। वे प्रकृति के सफाईकर्मी हैं।
In simple words: कछुए सड़े फलों और मरी मछलियों को खाकर जंगल को साफ रखते हैं, जिससे गंदगी और बीमारियाँ नहीं फैलतीं।
🎯 Exam Tip: कछुओं की पारिस्थितिक भूमिका को स्पष्ट करें, खासकर उनकी 'सफाई' करने की भूमिका को।
Question 4. साँपों के बिना जंगल में क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer: साँपों के बिना जंगल में चूहों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। ये चूहे फसलों और अनाज के भंडारों को नुकसान पहुँचाते हैं। इससे खाद्य श्रृंखला का संतुलन बिगड़ जाता है और पूरे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है। साँपों की अनुपस्थिति से कई समस्याएँ पैदा होती हैं।
In simple words: साँपों के बिना चूहों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे फसलें और अनाज खराब हो जाते हैं। इससे जंगल का संतुलन बिगड़ जाता है।
🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी तंत्र में शिकारी-शिकार संबंधों के महत्व को उजागर करें और असंतुलन के परिणामों को समझाएं।
Question 5. छिपकलियाँ किस प्रकार पर्यावरण संतुलन में मदद करती हैं?
Answer: छिपकलियाँ कीटों और मेंढकों को खाकर उनकी आबादी को नियंत्रित करती हैं। इससे फसलों को कीटों से नुकसान नहीं होता और पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। वे एक प्राकृतिक कीट नियंत्रक हैं।
In simple words: छिपकलियाँ कीटों और मेंढकों को खाकर उनकी संख्या को काबू में रखती हैं। इससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है और फसलें सुरक्षित रहती हैं।
🎯 Exam Tip: छिपकलियों की भूमिका को कीट नियंत्रण से जोड़कर समझाएं और यह भी बताएं कि यह फसलों के लिए कैसे फायदेमंद है।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
Question 1. जीव-जंतुओं को प्राकृतिक इंजीनियर क्यों कहा जाता है?
Answer: जीव-जंतुओं को प्राकृतिक इंजीनियर इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने घर बनाने के लिए प्रकृति से मिली चीजों का इस्तेमाल करते हैं। वे मकड़ियाँ, तितलियाँ, पक्षी और चींटियाँ जैसे जीव अपने घरों का निर्माण इतनी रचनात्मकता और कार्यकुशलता से करते हैं कि वे पर्यावरण को आकार देते हैं। उनकी यह कुशलता उन्हें प्राकृतिक इंजीनियर बनाती है क्योंकि वे अपने परिवेश में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं।
In simple words: जीव-जंतुओं को प्राकृतिक इंजीनियर कहते हैं क्योंकि वे अपने घर बनाने के लिए प्रकृति की चीजों का इस्तेमाल बहुत समझदारी से करते हैं, जिससे उनके आसपास का माहौल बदल जाता है।
🎯 Exam Tip: 'प्राकृतिक इंजीनियर' शब्द को समझाते हुए जीवों की रचनात्मकता और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग पर जोर दें।
Question. मकर की कहानी से पर्यावरण संतुलन का क्या सबक मिलता है?
Answer: मकर की कहानी हमें सिखाती है कि पर्यावरण के संतुलन के लिए हर जीव बहुत महत्वपूर्ण है। कोई भी जीव बेकार नहीं होता। कछुए, साँप और छिपकलियों के बिना जंगल में बहुत गंदगी हो गई, चूहे और कीट बढ़ गए, जिससे बीमारियाँ फैल गईं। सभी जीव खाद्य श्रृंखला और प्राकृतिक चक्रों (जैसे सफाई और परागण) को बनाए रखने में मदद करते हैं, इसलिए जैव विविधता की रक्षा करना बहुत ज़रूरी है। प्रकृति में सभी जीवों का सम्मान करना और उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
In simple words: मकर की कहानी बताती है कि पर्यावरण में हर जीव ज़रूरी है। अगर एक भी जीव न हो, तो गंदगी बढ़ती है, बीमारियाँ फैलती हैं और प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाता है।
🎯 Exam Tip: कहानी से मिलने वाले मुख्य सबक को स्पष्ट रूप से बताएं: पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव का महत्व और जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता।
Question 3. जीव-जंतुओं के न होने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer: जीव-जंतुओं के न होने से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाता है। हर जीव का अपना एक काम होता है, और अगर वे नहीं होते हैं, तो प्रकृति का चक्र टूट जाता है। मकड़ियों के बिना कीटों की संख्या बहुत बढ़ जाती है, जिससे फसलें नष्ट हो जाती हैं। पक्षियों के बिना परागण और बीजों का फैलाव रुक जाता है, जिससे पौधों की संख्या कम हो सकती है। कछुओं के बिना गंदगी फैलती है और साँपों के बिना चूहों की आबादी बढ़कर अनाज के भंडारों को नष्ट कर देती है। यह सब मिलकर गंदगी, बीमारियाँ और खाद्य श्रृंखला के विघटन का कारण बनता है।
In simple words: अगर जीव-जंतु न हों, तो पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाता है। कीट बढ़ जाते हैं, फसलें खराब होती हैं, गंदगी फैलती है और बीमारियाँ बढ़ जाती हैं।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के जीव की अनुपस्थिति के विशिष्ट प्रभावों का वर्णन करें और यह समझाएं कि कैसे यह समग्र पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है।
Question 4. मकड़ी के जाले की संरचना और उपयोग की व्याख्या करें।
Answer: मकड़ी अपने मुँह से रेशमी धागों का उपयोग करके जाला बुनती है। ये जाले अलग-अलग आकार के हो सकते हैं, जैसे गोल, सुरंग जैसे या अनियमित। यह जाला बहुत मजबूत होता है और मकड़ी के लिए दो मुख्य काम करता है। पहला, यह मकड़ी का घर होता है जहाँ वह रहती है और सुरक्षित महसूस करती है। दूसरा, यह शिकार पकड़ने का साधन है; जब कोई कीट जाले में फँस जाता है, तो मकड़ी उसे खा लेती है। यह जाला हवा, बारिश या ज्यादा इस्तेमाल से टूट सकता है, इसलिए मकड़ी समय-समय पर नया जाला बनाती रहती है।
In simple words: मकड़ी रेशमी धागों से जाला बुनती है जो गोल या सुरंग जैसा हो सकता है। यह जाला मकड़ी का घर भी होता है और उसे शिकार पकड़ने में भी मदद करता है।
🎯 Exam Tip: जाले की संरचना (रेशमी धागे, विभिन्न आकार) और उसके उपयोग (घर, शिकार) दोनों पर ध्यान केंद्रित करें। जाले के नवीनीकरण के महत्व का भी उल्लेख करें।
प्रणय और पिता की खेत यात्रा-
- प्रणय और उसके पिता कैलाश एक रविवार को खेत में घूमने जाते हैं।
- प्रणय पक्षियों की चहचहाहट सुनकर उत्साहित होता है और जानवरों के घरों के बारे में सवाल पूछता है।
जानवरों के घर
- जानवर अपने घर प्रकृति से मिली सामग्री (जैसे-घास, पत्ते, मिट्टी) से बनाते हैं, न कि ईंट, लकड़ी या सीमेंट से।
- ये घर उनके रहने और भोजन प्राप्त करने के लिए उपयोगी होते हैं।
मकड़ी का जाल
- मकड़ी अपने मुँह से रेशमी धागे निकालकर जाल बुनती है।
- जाल मकड़ी का घर और कीट पकड़ने का साधन दोनों है।
- मकड़ियाँ समय-समय पर नए जाले बनाती हैं, वे गोल, सुरंग जैसे या विभिन्न आकृतियों के जाले बनाती हैं।
कोकून और तितली
- कोकून तितलियों के केटरपिलर (लार्वा) द्वारा बनाया गया रेशमी खोल है।
- यह अस्थायी आवरण (खोल) होता है, जिसमें लार्वा परिपक्क होकर तितली बनता है।
पक्षियों के घोंसले
- पक्षी घास, पत्ते, तिनके, मिट्टी और कंकड़-पत्थर से घोंसले बनाते हैं।
- कुछ पक्षी (जैसे-बया) लटकते घोंसले बनाते हैं, जबकि कठफोड़वा पेड़ के तने में छेद करता है।
- टिटहरी जमीन पर कंकड़-पत्थर से घोंसला बनाती है।
चींटियों के बिल
- चींटियाँ मिट्टी में बिल बनाती हैं, जो बाहर से साधारण लेकिन अंदर शाखाओं में विभाजित होते हैं।
- बिल में चींटियाँ भोजन और अंडे सहेजती हैं।
प्राकृतिक इंजीनियर
- मकड़ियाँ, तितलियाँ, पक्षी और चींटियाँ अपने घर बनाने में प्रकृति की सामग्री का उपयोग करते हैं।
- उनकी रचनात्मकता और कार्यकुशलता के कारण इन्हें प्राकृतिक इंजीनियर कहा जा सकता है।
कहानी-निभी गाँव का जंगल
- निभी गाँव के जंगल में मकर (मगरमच्छ) सरीसृपों का सरदार था।
- मकर ने कछुओं, साँपों और छिपकलियों को जंगल से निकाल दिया, जिससे पारिस्थितिकी असंतुलन पैदा हुआ।
- कछुओं के जाने से दुर्गंध फैली, साँपों के बिना चूहे बढ़े और छिपकलियों के बिना कीड़े बढ़ गए।
- जंगल में गंदगी और बीमारियाँ फैलीं, जिससे मकर को अपनी गलती का एहसास हुआ।
हर जीव का महत्त्व
- प्रकृति के सभी जीव अपनी अनूठी रचनाओं और भूमिकाओं के साथ पर्यावरण का हिस्सा है।
- जैव विविधता का सम्मान और संरक्षण आवश्यक है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रहे।
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