RBSE Solutions Class 5 EVS Chapter 16 म्हारो राजस्थान

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सही उत्तर चुनो-

 

Question 1. कौनसा नृत्य साँपों की चाल को प्रदर्शित करता है?
(क) कालबेलिया
(ख) घूमर
(ग) भवाई
(घ) गैर
Answer: (क) कालबेलिया
In simple words: कालबेलिया नृत्य सपेरों का पारंपरिक नृत्य है, जो साँपों की चाल और हरकतों जैसा दिखता है। यह राजस्थान की एक खास पहचान है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रसिद्ध नृत्यों और वे किस बात के लिए जाने जाते हैं, यह याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे सवाल अक्सर पूछे जाते हैं।

 

Question 3. तुलसी के औषधीय गुण किसके लिए लाभदायक होते हैं?
(क) पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए
(ख) रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए
(ग) सर्दी-खाँसी ठीक करने के लिए
(घ) उपर्युक्त सभी
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी
In simple words: तुलसी एक बहुत ही फायदेमंद पौधा है जो हमारी पाचन क्रिया को सुधारने, बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाने और सर्दी-खाँसी जैसी छोटी-मोटी बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: औषधीय पौधों के गुणों को याद रखें और जानें कि वे हमारे स्वास्थ्य के लिए कैसे उपयोगी हैं।

 

Question 4. राजस्थान के पारंपरिक जल-संरक्षण प्रणाली में कौनसा नहीं है?
(क) जोहड़
(ख) टांका
(ग) नाड़ी
(घ) नहरें
Answer: (घ) नहरें
In simple words: राजस्थान में पानी बचाने के पुराने तरीकों में जोहड़, टांका और नाड़ी शामिल हैं, लेकिन नहरें पारंपरिक तरीके नहीं हैं, वे आधुनिक सिंचाई प्रणाली का हिस्सा हैं।

🎯 Exam Tip: पारंपरिक जल संरक्षण के तरीकों और आधुनिक तरीकों के बीच का अंतर समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. कठपुतली कला के माध्यम से क्या प्रस्तुत किया जाता है?
(क) पारंपरिक कथाएँ
(ख) कृषि विधियाँ
(ग) वैज्ञानिक प्रयोग
(घ) खेल प्रतियोगिताएँ
Answer: (क) पारंपरिक कथाएँ
In simple words: कठपुतली कला में पुरानी कहानियों को कठपुतलियों की मदद से दिखाया जाता है, जिससे लोगों का मनोरंजन होता है और उन्हें शिक्षा भी मिलती है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान की लोक कलाओं के मुख्य उद्देश्यों को समझें, जैसे कठपुतली कला का उपयोग कहानियाँ कहने के लिए होता है।

 

सही या गलत लिखिए-

 

Question 3. ग्वारपाठा (एलोवेरा) का उपयोग जलने पर नहीं किया जाता।
Answer: गलत
In simple words: यह कथन गलत है क्योंकि ग्वारपाठा (एलोवेरा) का उपयोग जलने पर और त्वचा की कई समस्याओं में बहुत फायदेमंद होता है।

🎯 Exam Tip: औषधीय पौधों के सही उपयोगों को याद रखें ताकि ऐसे सवालों का सही जवाब दे सकें।

 

Question 4. लोकगीतों में पारंपरिक कथाएँ ही गाई जाती हैं।
Answer: गलत
In simple words: यह कथन गलत है क्योंकि लोकगीतों में सिर्फ पारंपरिक कथाएँ ही नहीं, बल्कि सामाजिक जीवन, प्रेम, वीरता और अन्य कई विषय भी शामिल होते हैं।

🎯 Exam Tip: लोकगीतों की विविधता और उनमें शामिल विषयों की विस्तृत जानकारी रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. बावड़ियाँ सीढ़ीदार जल-संग्रहण संरचनाएँ होती हैं।
Answer: सही।
In simple words: बावड़ियाँ गहरे कुएँ या तालाब होते हैं जिनमें सीढ़ियाँ बनी होती हैं, ताकि लोग आसानी से पानी तक पहुँच सकें और उसका उपयोग कर सकें। यह कथन बिल्कुल सही है।

🎯 Exam Tip: जल संरक्षण की पारंपरिक संरचनाओं की विशेषताओं को ध्यान में रखें, जैसे बावड़ियों की सीढ़ीदार बनावट।

 

रिक्त स्थान भरिए-

 

Question 1. राजस्थान का प्रसिद्ध नृत्य है जिसमें महिलाएँ मटकों का प्रयोग करती हैं।
Answer: भवाई
In simple words: राजस्थान में भवाई नृत्य बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें महिलाएँ अपने सिर पर कई मटके रखकर संतुलन बनाती हुई नृत्य करती हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न नृत्यों की पहचान उनके मुख्य तत्वों और विशेषताओं से करें।

 

Question 2. एक प्रकार की जड़ी-बूटी है जो तनाव कम करने में सहायक होती है।
Answer: अश्वगंधा
In simple words: अश्वगंधा एक खास जड़ी-बूटी है जो शरीर को आराम देती है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है।

🎯 Exam Tip: कुछ प्रमुख औषधीय जड़ी-बूटियों के नाम और उनके खास फायदों को याद रखें।

 

Question 3. राजस्थान में पारंपरिक जल-संरक्षण का एक प्रमुख तरीका है जो मिट्टी और पत्थरों से बनाई जाती है।
Answer: नाड़ी
In simple words: नाड़ी राजस्थान में पानी इकट्ठा करने का एक पुराना तरीका है, जिसे तालाब की तरह मिट्टी और पत्थरों से बनाया जाता है ताकि बारिश का पानी जमा हो सके।

🎯 Exam Tip: पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री और उनकी बनावट पर ध्यान दें।

 

Question 4. एक जल भंडारण कुंड होता है जिसे घरों में वर्षा जल-संग्रहण के लिए बनाया जाता है।
Answer: टांका।
In simple words: टांका एक भूमिगत कुंड होता है जहाँ घरों की छतों से बारिश का पानी इकट्ठा किया जाता है ताकि बाद में उपयोग किया जा सके।

🎯 Exam Tip: जल संरक्षण के विभिन्न घरेलू तरीकों को समझें और जानें कि वे कैसे काम करते हैं।

 

संक्षिप्त उत्तर लिखिए-

 

Question 2. कठपुतली कला का क्या महत्त्व है?
Answer: कठपुतली कला का राजस्थान में बहुत महत्त्व है। यह कला पारंपरिक कहानियों और ऐतिहासिक घटनाओं को कठपुतलियों के ज़रिए बताती है। यह सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं करती, बल्कि समाज में अच्छे नैतिक मूल्यों को बनाए रखने और अपनी पुरानी संस्कृति को जीवित रखने का भी एक सुंदर तरीका है।
In simple words: कठपुतली कला पुरानी कहानियों को बताने और लोगों का मनोरंजन करने का एक अच्छा तरीका है। यह हमारे नैतिक मूल्यों और इतिहास को भी सहेज कर रखती है।

🎯 Exam Tip: कला रूपों के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्त्व को बताते समय उनके मनोरंजन और शिक्षाप्रद पहलुओं को ज़रूर शामिल करें।

 

Question 3. जल-संरक्षण के पारंपरिक तरीकों के बारे में दो वाक्य लिखो।
Answer: राजस्थान में पानी बचाने के पारंपरिक तरीके, जैसे बावड़ियाँ, तालाब, टांका, नाड़ी और जोहड़, पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। आज के समय में पानी की कमी बढ़ने के कारण इन पुराने जल संरक्षण के तरीकों का महत्त्व और भी ज़्यादा बढ़ गया है।
In simple words: राजस्थान में पानी बचाने के पुराने तरीके जैसे बावड़ी और टांका आज भी बहुत ज़रूरी हैं क्योंकि पानी की कमी बढ़ती जा रही है।

🎯 Exam Tip: जब दो वाक्य लिखने को कहा जाए, तो मुख्य जानकारी को छोटे और सीधे वाक्यों में प्रस्तुत करें।

 

Question 4. नीम के दो औषधीय गुण लिखो।
Answer: नीम को एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना जाता है, जो मुंह की साफ-सफाई और संक्रमण को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी है। इसके अलावा, नीम की पत्तियाँ त्वचा संबंधी कई बीमारियों को ठीक करने में भी मदद करती हैं और त्वचा को स्वस्थ रखती हैं।
In simple words: नीम एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जो मुंह को साफ रखता है और त्वचा की बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: किसी भी औषधीय पौधे के गुणों का वर्णन करते समय उसके दो सबसे प्रमुख और आसानी से याद रखे जा सकने वाले फायदे बताएं।

 

Question 5. अश्वगंधा किस प्रकार लाभकारी है?
Answer: अश्वगंधा एक बहुत ही उपयोगी जड़ी-बूटी है जो मानसिक तनाव को कम करने में सहायता करती है। यह शरीर को ताकत देने और ऊर्जा बनाए रखने में भी लाभकारी है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ और सक्रिय महसूस करता है।
In simple words: अश्वगंधा तनाव कम करती है और शरीर को ताकत व ऊर्जा देती है, जिससे हम स्वस्थ रहते हैं।

🎯 Exam Tip: जड़ी-बूटियों के फायदों को स्पष्ट और संक्षेप में समझाएँ।

 

दीर्घ उत्तर लिखिए-

 

Question 1. राजस्थान के प्रमुख लोकनृत्य एवं लोकसंगीत का वर्णन कीजिए।
Answer: राजस्थान अपने समृद्ध लोकनृत्य और लोकसंगीत के लिए जाना जाता है, जो इसकी सांस्कृतिक पहचान हैं। प्रमुख लोकनृत्यों में घूमर, कालबेलिया, गैर और भवाई शामिल हैं। घूमर नृत्य विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है। लोकगीत, जैसे मांड, पाबूजी की फड़, पनिहारी और बधावा, यहाँ के जीवन, प्रेम, वीरता और सामाजिक बातों को दर्शाते हैं। ये लोकगीत यहाँ की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं।
In simple words: राजस्थान के लोकनृत्य (जैसे घूमर) और लोकगीत (जैसे मांड) यहाँ की संस्कृति का खास हिस्सा हैं। वे प्रेम, वीरता और जीवन की कहानियाँ सुनाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब लोकनृत्य और लोकसंगीत दोनों के बारे में पूछा जाए, तो दोनों के उदाहरण और उनकी मुख्य विशेषताओं को संक्षेप में बताएं।

 

Question 2. जल-संरक्षण के पारंपरिक तरीकों का महत्त्व क्या है? उदाहरण सहित समझाओ।
Answer: जल संरक्षण के पारंपरिक तरीके बहुत महत्त्वपूर्ण हैं, खासकर राजस्थान जैसे सूखे राज्य में जहाँ वर्षा कम होती है। इन तरीकों से वर्षा जल को इकट्ठा करके भूमिगत जल स्तर को बढ़ाया जाता है, जिससे पानी की कमी दूर होती है। उदाहरण के लिए, बावड़ी, तालाब, टांका, नाड़ी और जोहड़ जैसी संरचनाएँ सदियों से पानी के प्रबंधन में प्रभावी रही हैं। ये प्राचीन प्रणालियाँ आज भी पानी की कमी से निपटने में मदद करती हैं और पर्यावरण को संतुलित रखने में भी सहायक हैं।
In simple words: पानी बचाने के पुराने तरीके राजस्थान जैसे सूखे इलाकों में बहुत काम के हैं। बावड़ी और टांका जैसे तरीके बारिश का पानी जमा करते हैं और जमीन के पानी को ऊपर रखते हैं।

🎯 Exam Tip: महत्त्व को समझाते समय, यह ज़रूर बताएं कि पारंपरिक तरीके आज भी क्यों ज़रूरी हैं और उनके क्या लाभ हैं।

 

Question 3. राजस्थान की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में उपयोग होने वाली औषधियों का वर्णन करो।
Answer: राजस्थान में पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों का विशेष स्थान है, जहाँ कई औषधीय वनस्पतियों का उपयोग स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। जैसे:

  • तुलसी: यह सर्दी-खाँसी से बचाव और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
  • नीम: नीम की पत्तियाँ त्वचा संबंधी रोगों, मुँह की सफाई और संक्रमण से बचाव के लिए उपयोगी हैं।
  • ग्वारपाठा (एलोवेरा): यह त्वचा और पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने, घाव भरने और बालों की देखभाल में लाभकारी होता है।
  • आँवला: यह आँखों, बालों और पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • अश्वगंधा: यह मानसिक तनाव को कम करने, शरीर को ताकत देने और ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होती है।

ये औषधियाँ प्राकृतिक रूप से शरीर को स्वस्थ रखती हैं।
In simple words: राजस्थान में पुरानी चिकित्सा में कई जड़ी-बूटियाँ इस्तेमाल होती हैं। तुलसी सर्दी-खाँसी, नीम त्वचा रोगों, ग्वारपाठा त्वचा और पेट के लिए, आँवला आँखों के लिए और अश्वगंधा तनाव कम करने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक औषधि का नाम लिखकर उसके मुख्य उपयोग को संक्षेप में बताएं।

 

Question 4. राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराएँ किस प्रकार समाज को जोड़ती हैं?
Answer: राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराएँ, जैसे लोकनृत्य, लोकसंगीत, कलाएँ, त्योहार और रीति-रिवाज, समाज के लोगों को एक साथ जोड़ती हैं। ये परंपराएँ लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं क्योंकि वे सभी मिलकर इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और त्योहारों में भाग लेते हैं। इससे उनमें सहयोग और प्रेम की भावना बढ़ती है। सांस्कृतिक विरासतें ही समाज को एकजुट रखने और अपनी पहचान बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
In simple words: राजस्थान की संस्कृति, जैसे नृत्य, संगीत और त्योहार, लोगों को एक साथ लाते हैं। ये परंपराएँ मिलकर रहने और एक-दूसरे से प्यार करने में मदद करती हैं।

🎯 Exam Tip: बताएं कि कैसे साझा गतिविधियाँ (जैसे त्योहार) और कलाएँ लोगों को एक साथ लाती हैं और सामाजिक बंधन को मजबूत करती हैं।

 

Question 2. निम्न में से कौन-सा नृत्य संतुलन और कलात्मक कौशल को दर्शाता है-
(अ) घूमर
(ब) भवाई
(स) कालबेलिया
(द) गैर
Answer: (ब) भवाई
In simple words: भवाई नृत्य में कलाकार अपने सिर पर कई घड़े रखकर नाचते हैं, जो उनके बेहतरीन संतुलन और कलाकारी को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के नृत्यों की विशिष्ट विशेषताओं को ध्यान में रखें जो उन्हें अद्वितीय बनाती हैं।

 

Question 3. निम्न में से कौन-सा एक लोकसंगीत का प्रकार नहीं है-
(अ) पनिहारी
(ब) बधावा
(स) मांड
(द) भवाई
Answer: (द) भवाई
In simple words: पनिहारी, बधावा और मांड राजस्थान के लोकगीतों के प्रकार हैं, जबकि भवाई एक लोकनृत्य है, लोकसंगीत नहीं।

🎯 Exam Tip: लोकनृत्य और लोकसंगीत के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें ताकि सही पहचान कर सकें।

 

Question 4. औषधीय गुणों की रानी किसे कहा जाता है?
(अ) तुलसी
(ब) नीम
(स) अश्वगंधा
(द) आँवला
Answer: (अ) तुलसी
In simple words: तुलसी को उसके कई औषधीय गुणों के कारण "औषधीय गुणों की रानी" कहा जाता है, यह कई बीमारियों में फायदेमंद होती है।

🎯 Exam Tip: सामान्य ज्ञान के ऐसे प्रश्नों के लिए, विभिन्न पौधों और उनके विशेषणों को याद रखना उपयोगी होता है।

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

 

Question 1. को प्राकृतिक एंटीबायोटिक के नाम से जाना जाता है।
Answer: नीम
In simple words: नीम को एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना जाता है क्योंकि यह कई प्रकार के कीटाणुओं और संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: कुछ पौधों के विशिष्ट वैज्ञानिक या सामान्य नामों को याद रखें जो उनके गुणों को बताते हैं।

 

Question 2. जड़ी-ब्लूटियों से बनाई जाती हैं।
Answer: दवाइयाँ
In simple words: कई तरह की दवाइयाँ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके बनाई जाती हैं क्योंकि उनमें औषधीय गुण होते हैं।

🎯 Exam Tip: यह समझें कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग मानव स्वास्थ्य के लिए कैसे किया जाता है।

 

Question 3. घूमर नृत्य विशेष रूप से ____ द्वारा किया जाता है।
Answer: महिलाओं
In simple words: घूमर नृत्य मुख्य रूप से राजस्थान की महिलाओं द्वारा खुशी और उत्सव के मौकों पर किया जाता है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नृत्यों और उन्हें करने वाले समूहों की पहचान करें।

 

Question 4. पारंपरिक कथाओं को माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
Answer: कठपुतलियों
In simple words: पुरानी कहानियों को लोगों तक पहुँचाने के लिए कठपुतलियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वे रोचक बन जाती हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न कला रूपों और उनके उपयोग के बारे में जानकारी रखें।

 

निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये-

 

Question 1. राजस्थान एक शुष्क राज्य है।
Answer: सत्य
In simple words: राजस्थान एक ऐसा राज्य है जहाँ बहुत कम बारिश होती है, इसलिए यह एक सूखा क्षेत्र माना जाता है।

🎯 Exam Tip: भौगोलिक तथ्यों को सटीक रूप से याद रखें।

 

Question 2. बावड़ियाँ गहरी व सीढ़ीदार संरचनाएँ होती हैं।
Answer: सत्य
In simple words: बावड़ियाँ वास्तव में गहरे कुएँ होते हैं जिनमें सीढ़ियाँ बनी होती हैं ताकि लोग पानी तक पहुँच सकें।

🎯 Exam Tip: पारंपरिक जल स्रोतों की बनावट और कार्यप्रणाली को समझें।

 

निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-

 

Question. सूची-। को सूची-।। से सही सुमेलित कीजिए।
सूची-।
1. जोहड़
2. अश्वगंधा
3. टांका
4. नीम
सूची-।।
(अ) छोटा जल भंडारण कुंड
(ब) तनाव कम करने में उपयोगी
(स) एक छोटी झील
(द) प्राकृतिक एंटीबायोटिक
Answer:

सूची-।सूची-।।
1. जोहड़(स) एक छोटी झील
2. अश्वगंधा(ब) तनाव कम करने में उपयोगी
3. टांका(अ) छोटा जल भंडारण कुंड
4. नीम(द) प्राकृतिक एंटीबायोटिक

In simple words: जोहड़ एक छोटी झील की तरह होता है, अश्वगंधा तनाव कम करती है, टांका घरों में पानी इकट्ठा करने का कुंड है, और नीम एक प्राकृतिक दवा है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक वस्तु के सही विवरण या उपयोग को सटीक रूप से पहचानें।

 

अतिलघून्तरात्मक प्रश्न-

 

Question 1. राजस्थान में कहाँ की बावड़ियाँ अपनी सुंदरता और उपयोगिता के लिए प्रसिद्ध हैं?
Answer: राजस्थान में जयपुर, जोधपुर और बूँदी की बावड़ियाँ अपनी खास सुंदरता और उपयोगिता के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। इन जगहों पर बनी बावड़ियाँ सिर्फ पानी के स्रोत ही नहीं, बल्कि कला और वास्तुकला के भी अद्भुत उदाहरण हैं।
In simple words: जयपुर, जोधपुर और बूँदी की बावड़ियाँ अपनी खूबसूरती और पानी जमा करने के काम के लिए मशहूर हैं।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों के बारे में पूछे जाने पर सही स्थानों के नाम याद रखें।

 

Question 3. किन्हीं तीन पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों के नाम लिखिए।
Answer: राजस्थान में उपयोग की जाने वाली तीन पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकें इस प्रकार हैं:
1. टांका
2. बावड़ी
3. जोहड़। ये तकनीकें सदियों से पानी बचाने में मदद करती आ रही हैं।
In simple words: पानी बचाने के तीन पुराने तरीके हैं - टांका, बावड़ी और जोहड़।

🎯 Exam Tip: जब उदाहरण देने को कहा जाए, तो सटीक और प्रासंगिक नाम दें।

 

Question 4. पुराने समय से लोग किन औषधियों का उपयोग घरेलू उपचारों के रूप में करते आ रहे हैं?
Answer: पुराने समय से लोग घरेलू उपचारों के लिए नीम, तुलसी, ग्वारपाठा (एलोवेरा), आँवला और अश्वगंधा जैसी कई औषधियों का उपयोग करते आ रहे हैं। ये सभी प्राकृतिक रूप से उपलब्ध जड़ी-बूटियाँ विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद होती हैं।
In simple words: पहले लोग घरों में इलाज के लिए नीम, तुलसी, ग्वारपाठा, आँवला और अश्वगंधा जैसी चीज़ें इस्तेमाल करते थे।

🎯 Exam Tip: कुछ प्रमुख औषधीय पौधों के नाम याद रखें जो आमतौर पर घरेलू उपचारों में उपयोग किए जाते हैं।

 

Question 5. आधुनिक समय में पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों का महत्त्व क्यों बढ़ गया है?
Answer: आधुनिक समय में पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों का महत्त्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि लगातार बढ़ते जल संकट और पानी की कमी के कारण हमें पानी बचाने के पुराने और कारगर तरीकों की ज़रूरत महसूस हो रही है। ये तकनीकें कम बारिश वाले क्षेत्रों में पानी उपलब्ध कराने में बहुत उपयोगी हैं।
In simple words: आजकल पानी की कमी बहुत बढ़ गई है, इसलिए पानी बचाने के पुराने तरीके ज़्यादा ज़रूरी हो गए हैं।

🎯 Exam Tip: किसी भी प्रणाली के महत्त्व को बताते समय उसकी वर्तमान प्रासंगिकता और समस्याओं के समाधान में उसकी भूमिका को समझाएं।

 

Question 6. स्त्रियों द्वारा सिर पर मटकों को रखकर संतुलन बनाते हुए कौन-सा नृत्य किया जाता है?
Answer: स्त्रियों द्वारा सिर पर मटकों को रखकर संतुलन बनाते हुए भवाई नृत्य किया जाता है। यह राजस्थान का एक बहुत ही आकर्षक और कौशलपूर्ण नृत्य है।
In simple words: महिलाएँ सिर पर मटके रखकर भवाई नृत्य करती हैं, जिसमें संतुलन दिखाना होता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न नृत्यों की विशिष्ट शैलियों और प्रदर्शन के तरीकों को याद रखें।

 

Question 7. राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई घरों में कौन-सी जल संरक्षण प्रणाली का उपयोग किया जाता है?
Answer: राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई घरों में टांका जल संरक्षण प्रणाली का उपयोग किया जाता है। यह घरों में बारिश के पानी को इकट्ठा करने का एक प्रभावी और पुराना तरीका है।
In simple words: राजस्थान के गाँवों में आज भी घरों में बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए टांका का इस्तेमाल होता है।

🎯 Exam Tip: जल संरक्षण की उन तकनीकों पर ध्यान दें जो आज भी ग्रामीण जीवन में सक्रिय रूप से उपयोग हो रही हैं।

 

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

 

Question 1. अध्याय के अनुसार हमारी क्या जिम्मेदारी है तथा किस प्रकार हम आत्मनिर्भर और समृद्ध समाज की ओर बढ़ सकते हैं?
Answer: इस अध्याय के अनुसार, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी देशी औषधियों, जल संरक्षण के तरीकों और लोककला जैसी परंपराओं को संजोकर रखें। यदि हम अपनी पुरानी परंपराओं को पहचानें और उनसे कुछ सीखें, तो हम एक आत्मनिर्भर और समृद्ध समाज की ओर आगे बढ़ सकते हैं। अपनी जड़ों से जुड़कर ही हम भविष्य के लिए मजबूत नींव बना सकते हैं।
In simple words: हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी पुरानी दवाइयों, पानी बचाने के तरीकों और कलाओं को संभाल कर रखें। इन्हें सीखकर हम एक मजबूत और अमीर समाज बना सकते हैं।

🎯 Exam Tip: किसी अध्याय के मुख्य संदेश या नैतिक शिक्षा को स्पष्ट और सीधे शब्दों में प्रस्तुत करें।

 

Question 2. बावड़ी से क्या आशय है तथा राजस्थान में किन स्थानों की बावड़ियाँ प्रसिद्ध हैं?
Answer: बावड़ी राजस्थान राज्य में पानी इकट्ठा करने की एक पुरानी तकनीक है, जो एक गहरी और सीढ़ीदार संरचना होती है। इसमें नीचे उतरने के लिए सीढ़ियाँ बनी होती हैं ताकि लोग आसानी से पानी तक पहुँच सकें। राजस्थान में जयपुर, जोधपुर और बूँदी की बावड़ियाँ अपनी सुंदर बनावट और पानी के प्रबंधन में अपनी उपयोगिता के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। ये बावड़ियाँ सिर्फ जल स्रोत ही नहीं, बल्कि स्थापत्य कला के भी बेहतरीन नमूने हैं।
In simple words: बावड़ी एक गहरा कुआँ है जिसमें सीढ़ियाँ होती हैं। जयपुर, जोधपुर और बूँदी की बावड़ियाँ अपनी खूबसूरती और उपयोगिता के लिए जानी जाती हैं।

🎯 Exam Tip: तकनीकी शब्दों को परिभाषित करें और उनके प्रमुख उदाहरणों का उल्लेख करें।

 

Question 3. तुलसी को औषधीय गुणों की रानी क्यों कहा जाता है?
Answer: तुलसी को "औषधीय गुणों की रानी" इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है। यह सर्दी-खाँसी, जुकाम और अन्य संबंधित समस्याओं के इलाज में बहुत लाभकारी है। इसके अलावा, तुलसी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में ज़्यादा सक्षम होता है।
In simple words: तुलसी को 'औषधीय गुणों की रानी' कहते हैं क्योंकि इसमें कई दवा वाले गुण हैं। यह सर्दी-खाँसी ठीक करती है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है।

🎯 Exam Tip: किसी भी चीज़ को दिए गए विशेषण का कारण बताते समय उसके मुख्य गुणों को विस्तार से समझाएं।

 

दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-

 

Question 1. राजस्थान का लोकसंगीत यहाँ की संस्कृति का अभिन्न अंग है। स्पष्ट कीजिए।
Answer: राजस्थान का लोकसंगीत यहाँ की संस्कृति और जीवनशैली का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ के लोकगीत, जैसे मांड, पाबूजी की फड़, पनिहारी और बधावा, यहाँ के लोगों के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं। ये गीत प्रेम, वीरता, भक्ति और दैनिक जीवन की कहानियाँ सुनाते हैं। राजस्थान में कई प्रसिद्ध लोकगायक हुए हैं जिन्होंने अपनी गायकी से इन परंपराओं को जीवित रखा है। लोकसंगीत न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह समुदाय को एक साथ लाने और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का भी एक शक्तिशाली माध्यम है।
In simple words: राजस्थान का लोकसंगीत यहाँ की संस्कृति का खास हिस्सा है। मांड, पाबूजी की फड़ जैसे गीत प्रेम, वीरता और जीवन की कहानियाँ सुनाते हैं। यह लोगों को जोड़ता है और उनकी पहचान बनाए रखता है।

🎯 Exam Tip: जब किसी सांस्कृतिक अंग का वर्णन करें, तो उसके उदाहरणों, विषयों और समाज में उसकी भूमिका को स्पष्ट करें।

 

Question 2. आधुनिक समय में पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों का महत्त्व और क्यों बढ़ गया है? किसी एक जल संरक्षण तकनीक का वर्णन कीजिए।
Answer: आधुनिक समय में पानी की बढ़ती कमी और जलवायु परिवर्तन के कारण पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों का महत्त्व बहुत बढ़ गया है। ये तकनीकें पानी को बचाने और उसका सही इस्तेमाल करने में मदद करती हैं, खासकर उन इलाकों में जहाँ बारिश कम होती है।
एक जल संरक्षण तकनीक: टांका
टांका राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग की जाने वाली एक पारंपरिक जल संरक्षण प्रणाली है। यह घरों के आँगन में या पास में बनाया गया एक भूमिगत कुंड होता है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा जल को इकट्ठा करना है। घरों की छतों से गिरने वाले बारिश के पानी को पाइपों के ज़रिए इन टांकों में जमा किया जाता है। यह पानी साफ और सुरक्षित होता है, जिसे पूरे साल पीने और अन्य घरेलू कामों के लिए उपयोग किया जा सकता है। टांका एक प्रभावी तरीका है जिससे पानी की कमी को दूर किया जा सकता है और लोग अपनी जल ज़रूरतों के लिए आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
In simple words: आजकल पानी की कमी के कारण पुराने पानी बचाने के तरीके बहुत ज़रूरी हो गए हैं। टांका ऐसा ही एक तरीका है, जिसमें घरों में बारिश का पानी एक ज़मीन के नीचे बने कुंड में इकट्ठा किया जाता है, ताकि लोग इसे बाद में इस्तेमाल कर सकें।

🎯 Exam Tip: महत्त्व बताते समय वर्तमान समस्याओं से जोड़ें और किसी एक तकनीक का वर्णन करते समय उसके उद्देश्य, कार्यप्रणाली और लाभों को समझाएं।

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FAQs

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Are the Environmental Studies RBSE solutions for Class 5 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

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How do these Class 5 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 5 EVS Chapter 16 म्हारो राजस्थान will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 5 EVS Chapter 16 म्हारो राजस्थान in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 5 Environmental Studies. You can access RBSE Solutions Class 5 EVS Chapter 16 म्हारो राजस्थान in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Environmental Studies RBSE solutions for Class 5 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 5 EVS Chapter 16 म्हारो राजस्थान in printable PDF format for offline study on any device.