Official RBSE Solutions for Class 5 Environmental Studies: Chapter 15 हमारे प्रेरक
Review structured textbook solutions for Class 5 Environmental Studies Chapter 15 हमारे प्रेरक. Built according to RBSE guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.
Chapter-wise Solutions for Environmental Studies: Chapter 15 हमारे प्रेरक
Navigate directly to the solved Environmental Studies textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.
पृष्ठ संख्या-136
आओ चर्चा करें-
Question 1. अंग्रेजों द्वारा हमला करने पर लोगों ने क्या किया?
Answer: जब अंग्रेजों ने मानगढ़ पहाड़ी पर जमा हुए लोगों पर बंदूक से हमला किया, तो वे पीछे नहीं हटे। इसके बजाय, वे भजन गाते रहे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वहीं डटे रहे। यह उनकी एकता और विश्वास को दिखाता है।
In simple words: अंग्रेजों ने जब मानगढ़ पहाड़ी पर हमला किया, तो लोग डरे नहीं। वे भजन गाते रहे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वहीं खड़े रहे।
🎯 Exam Tip: ऐसे सवालों के जवाब में, यह स्पष्ट करें कि लोगों ने हमले के दौरान क्या किया और उनकी प्रतिक्रिया किस तरह की थी।
Question 2. उन्होंने अपना बचाव कैसे किया?
Answer: लोगों ने अपना बचाव एकजुट रहकर और अहिंसक विरोध करके किया। वे पीछे नहीं हटे, बल्कि भजन गाते रहे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर अपनी जगह पर डटे रहे। यह उनकी दृढ़ता और आत्मबल को दर्शाता है।
In simple words: लोगों ने एकजुट होकर और पीछे न हटकर अपना बचाव किया, वे भजन गाते रहे और एक-दूसरे का साथ देते रहे।
🎯 Exam Tip: बचाव के तरीके बताते समय, केवल शारीरिक प्रतिक्रिया ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का भी उल्लेख करें।
पृष्ठ संख्या-137
आओ चर्चा करें-
Question 1. गोविन्द गुरु धूणी के माध्यम से क्या कर रहे थे?
Answer: गोविंद गुरु 'धूणी' (पवित्र अग्नि) के माध्यम से अपने अनुयायियों और समाज को शिक्षित कर रहे थे। उन्होंने उन्हें शराब और बुरी आदतों से दूर रहने, अपनी संस्कृति को मजबूत करने, अहिंसा का पालन करने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। इन शिक्षाओं के द्वारा, उन्होंने एक बेहतर समाज बनाने का लक्ष्य रखा।
In simple words: गोविंद गुरु ने 'धूणी' का उपयोग अपने लोगों को सिखाने के लिए किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई करो, बुरी आदतें छोड़ो, अपनी संस्कृति को मजबूत करो, हिंसा न करो और आत्मनिर्भर बनो।
🎯 Exam Tip: गोविंद गुरु के संदेश के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से लिखें, जैसे शिक्षा, व्यसन मुक्ति, संस्कृति और अहिंसा।
Question 2. महर्षि दयानंद सरस्वती ने किन-किन महान विभूतियों को प्रेरित किया?
Answer: महर्षि दयानंद सरस्वती ने गोविंद गुरु, श्यामजी कृष्ण वर्मा, रामप्रसाद बिस्मिल और भगत सिंह जैसे कई महान समाज सुधारकों और क्रांतिकारियों को प्रेरित किया। उनके विचारों ने इन सभी को समाज और राष्ट्र के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया।
In simple words: महर्षि दयानंद सरस्वती ने गोविंद गुरु, श्यामजी कृष्ण वर्मा, रामप्रसाद बिस्मिल और भगत सिंह जैसे महान लोगों को प्रेरित किया।
🎯 Exam Tip: जब महान विभूतियों के नाम पूछे जाएं, तो उनके नाम सही ढंग से लिखें और उनकी पहचान (समाज सुधारक या क्रांतिकारी) भी बताएँ।
Question 3. महर्षि दयानंद सरस्वती के स्वदेशी विचारों से प्रेरित होकर क्रांतिकारियों ने क्या किया?
Answer: महर्षि दयानंद सरस्वती के 'स्वदेशी' (आत्मनिर्भरता और स्थानीय वस्तुओं का उपयोग) विचारों से प्रेरित होकर, कई क्रांतिकारियों ने एक स्वतंत्र, स्वशासी राष्ट्र स्थापित करने की दिशा में काम करना शुरू किया। उनका लक्ष्य 'स्वदेशी राज्य' स्थापित करना था।
In simple words: महर्षि दयानंद सरस्वती के स्वदेशी विचारों से प्रेरणा लेकर क्रांतिकारियों ने अपने देश में अपना राज स्थापित करने की कोशिश की।
🎯 Exam Tip: 'स्वदेशी' विचार का अर्थ और क्रांतिकारियों पर इसका प्रभाव स्पष्ट करें।
Question 4. राजस्थान में समाज सुधार के लिए उन्होंने कौन-कौनसे कार्य किए?
Answer: राजस्थान में महर्षि दयानंद सरस्वती ने 'परोपकारिणी सभा' की स्थापना की। इस संगठन के माध्यम से, उन्होंने गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा के प्रचार-प्रसार का काम किया। उनके विचारों ने लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया।
In simple words: राजस्थान में महर्षि दयानंद सरस्वती ने 'परोपकारिणी सभा' बनाई। उन्होंने गायों की रक्षा की बात की, समाज को सुधारा और शिक्षा फैलाई। उनके विचारों से लोगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली।
🎯 Exam Tip: संस्था का नाम और उसके मुख्य उद्देश्यों को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
पृष्ठ संख्या-139
चर्चा करिए-
Question 1. गुरु जांभोजी के अनुयायी वृक्षों की रक्षा क्यों कर रहे हैं?
Answer: गुरु जांभोजी के अनुयायी पेड़ों की रक्षा करते हैं क्योंकि पेड़ हमें कई लाभ देते हैं। वे हमें ऑक्सीजन, साफ हवा और भोजन प्रदान करते हैं। पेड़ों की देखभाल के लिए उन्हें नियमित रूप से पानी देना, उनकी मिट्टी का ध्यान रखना और उन्हें हानिकारक कीड़ों और बीमारियों से बचाना चाहिए। पेड़ जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं।
In simple words: गुरु जांभोजी के अनुयायी पेड़-पौधों की रक्षा करते हैं क्योंकि पेड़ हमें ऑक्सीजन, साफ हवा और भोजन देते हैं। हमें उन्हें पानी देना चाहिए और कीड़ों से बचाना चाहिए।
🎯 Exam Tip: वृक्षों के लाभ और उनके संरक्षण के कारणों को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 3. हमें जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
Answer: हमें जानवरों के साथ सम्मान और प्यार से पेश आना चाहिए। हमें उनके साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए, बल्कि उनके लिए पर्याप्त भोजन और पानी की व्यवस्था करनी चाहिए और उनकी उचित देखभाल करनी चाहिए। जानवरों के प्रति दयालु व्यवहार हमारी मानवता को दर्शाता है।
In simple words: हमें जानवरों के साथ प्यार और सम्मान से पेश आना चाहिए। उन्हें मारना नहीं चाहिए। हमें उनके खाने-पीने और देखभाल का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
🎯 Exam Tip: जानवरों के प्रति व्यवहार के दो प्रमुख पहलुओं - सम्मान और देखभाल - पर जोर दें।
Question 4. क्या आपने अपने आस-पास ऐसे किसी जानवर को देखा है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए?
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें। इस सवाल का जवाब छात्र अपनी आसपास की जानकारी और सोच के आधार पर दे सकते हैं।
In simple words: छात्र खुद से इस सवाल का जवाब दें।
🎯 Exam Tip: अपने जवाब में, उस जानवर का नाम और उसकी रक्षा क्यों जरूरी है, इसका एक छोटा सा कारण भी लिखें।
Question 5. क्या आप जानते हैं कि खेजड़ली गाँव क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Answer: खेजड़ली गाँव महत्वपूर्ण है क्योंकि 1730 में अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगों ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी थी। यह घटना पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत प्रतीक बन गई है।
In simple words: खेजड़ली गाँव खास है क्योंकि 1730 में अमृता देवी बिश्नोई के साथ 363 लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी थी।
🎯 Exam Tip: खेजड़ली बलिदान की तारीख, नेता (अमृता देवी बिश्नोई) और बलिदानियों की संख्या (363) को याद रखें।
Question 6. पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे कौन-कौनसे स्थान बनाए जा सकते हैं?
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें। छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाए जा सकने वाले स्थानों के बारे में खुद सोचना चाहिए।
In simple words: छात्र खुद से सोचकर इसका जवाब दें।
🎯 Exam Tip: पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्थानों के कुछ उदाहरण दें, जैसे राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य या स्थानीय पार्क।
Question 7. क्या आपके गाँव/शहर में ऐसा कोई स्थान है?
Answer: विद्यार्थी स्वयं करें। छात्रों को अपने गाँव या शहर में ऐसे स्थानों की पहचान करके जवाब देना चाहिए।
In simple words: छात्र खुद से इस बारे में जवाब दें।
🎯 Exam Tip: यदि ऐसा कोई स्थान है, तो उसका नाम और वह क्यों महत्वपूर्ण है, संक्षेप में लिखें।
Question 9. खेजड़ी वृक्ष से हमें क्या-क्या लाभ हैं?
Answer: खेजड़ी का पेड़ हमें कई लाभ प्रदान करता है। इसकी लकड़ी मजबूत होती है, जिसका उपयोग ईंधन और निर्माण सामग्री के रूप में होता है। खेजड़ी के फल, पत्ते और छाल में औषधीय गुण होते हैं और आयुर्वेद में विभिन्न बीमारियों के इलाज में इनका इस्तेमाल किया जाता है। यह पेड़ दैनिक जीवन और स्वास्थ्य दोनों के लिए बहुत उपयोगी है।
In simple words: खेजड़ी पेड़ की लकड़ी मजबूत होती है, जिससे ईंधन और घर बनते हैं। इसके फल, पत्ते और छाल दवाइयों में इस्तेमाल होते हैं, क्योंकि इनमें बीमारियों को ठीक करने के गुण होते हैं।
🎯 Exam Tip: खेजड़ी वृक्ष के विभिन्न उपयोगों को सूचीबद्ध करें, जैसे लकड़ी, ईंधन, और औषधीय गुण।
Question 10. वृक्षों को बचाने के लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?
Answer: पेड़ों को बचाने के लिए हमें उन्हें नहीं काटना चाहिए। हमें जंगलों को आग से बचाना चाहिए और अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। वन संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। हमें इस क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों और संगठनों का सम्मान भी करना चाहिए। पेड़ों की रक्षा करना हमारे पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है।
In simple words: पेड़ों को बचाने के लिए हमें उन्हें काटना नहीं चाहिए, जंगलों को आग से बचाना चाहिए और खूब सारे पेड़ लगाने चाहिए। हमें लोगों को पेड़ बचाने के बारे में बताना चाहिए और जो पेड़ बचाते हैं, उनका सम्मान करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: वृक्ष संरक्षण के लिए किए जाने वाले उपायों को क्रिया-आधारित वाक्यों में लिखें, जैसे 'नहीं काटना चाहिए', 'लगाने चाहिए' आदि।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
सही विकल्प चुनिए-
Question 1. गुरु जांभोजी का जन्म स्थान कौनसा है?
(अ) बीकानेर
(ब) पीपासर
(स) जयपुर
(द) जोधपुर
Answer: (ब) पीपासर
In simple words: गुरु जांभोजी का जन्म जिस जगह हुआ था, वह पीपासर है।
🎯 Exam Tip: गुरु जांभोजी से संबंधित महत्वपूर्ण स्थानों को याद रखें।
Question 2. बिश्नोई समाज के लोग किसके संरक्षण के लिए बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं?
(अ) वन्य जीव
(ब) पेड़-पौधे
(स) अ एवं ब दोनों
Answer: (स) अ एवं ब दोनों
In simple words: बिश्नोई समाज वन्य जीवों (जंगली जानवरों) और पेड़-पौधों दोनों को बचाने के लिए अपनी जान तक देने को तैयार रहता है।
🎯 Exam Tip: बिश्नोई समाज की प्रकृति और जीव संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को समझें।
Question 2. भारत सरकार ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा कब दिया?
(अ) वर्ष 2019 में
(ब) वर्ष 2020 में
(स) वर्ष 2021 में
(द) वर्ष 2022 में
Answer: (द) वर्ष 2022 में
In simple words: भारत सरकार ने 2022 में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाया।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों को मिले सरकारी दर्जे की तारीखें याद रखें।
Question 3. विभिन्न मत/सम्प्रदायों में व्याप्त चमत्कारों व अंधविश्वासों को दूर करने के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती ने कौन-सी पुस्तक लिखी?
(अ) सत्य के साथ मेरे प्रयोग
(ब) सत्यार्थ प्रकाश
(स) सबदवाणी
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) सत्यार्थ प्रकाश
In simple words: महर्षि दयानंद सरस्वती ने अंधविश्वासों को दूर करने के लिए 'सत्यार्थ प्रकाश' नाम की किताब लिखी।
🎯 Exam Tip: महर्षि दयानंद सरस्वती की प्रमुख रचना 'सत्यार्थ प्रकाश' का नाम और उसका उद्देश्य याद रखें।
Question 4. निम्नलिखित में से किसने लंदन में इंडिया हाउस की स्थापना की थी?
(अ) श्यामजी कृष्ण वर्मा
(ब) भगत सिंह
(स) रामप्रसाद बिस्मिल
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) श्यामजी कृष्ण वर्मा
In simple words: लंदन में इंडिया हाउस की स्थापना श्यामजी कृष्ण वर्मा ने की थी।
🎯 Exam Tip: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण संस्थानों और उनके संस्थापकों के नाम याद रखें।
Question 5. राजस्थान में गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने हेतु महर्षि दयानंद सरस्वती ने किसकी स्थापना की थी?
(अ) सम्प सभा
(ब) परोपकारिणी सभा
(स) बिश्नोई पंथ
(द) इंडिया हाउस
Answer: (ब) परोपकारिणी सभा
In simple words: राजस्थान में गायों की रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा फैलाने के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती ने 'परोपकारिणी सभा' बनाई थी।
🎯 Exam Tip: महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित संगठन और उसके उद्देश्यों को याद रखें।
Question 6. बिश्नोई पंथ की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(अ) वर्ष 1485 में
(ब) वर्ष 1585 में
(स) वर्ष 1630 में
(द) वर्ष 1730 में
Answer: (अ) वर्ष 1485 में
In simple words: बिश्नोई पंथ की स्थापना 1485 में हुई थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण सामाजिक-धार्मिक आंदोलनों और उनकी स्थापना की तारीखें याद रखें।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Question 1. गोविंद गुरु ने _______ आंदोलन चलाया।
Answer: भगत
In simple words: गोविंद गुरु ने 'भगत' आंदोलन शुरू किया।
🎯 Exam Tip: गोविंद गुरु द्वारा चलाए गए आंदोलन का नाम याद रखें।
Question 2. मानगढ़ पहाड़ी पर हुए नरसंहार को राजस्थान का _______ कहा जाता है।
Answer: जलियांवाला बाग
In simple words: मानगढ़ पहाड़ी पर हुए नरसंहार को राजस्थान का 'जलियांवाला बाग' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं के तुलनात्मक नामों को समझें, जो उनकी गंभीरता को दर्शाते हैं।
Question 3. संत जांभोजी का जन्म राजस्थान के _______ गाँव में हुआ था।
Answer: नागौर, पीपासर
In simple words: संत जांभोजी का जन्म राजस्थान के नागौर जिले के पीपासर गाँव में हुआ था।
🎯 Exam Tip: संतों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के जन्मस्थान के जिले और गाँव का नाम याद रखें।
Question 4. जांभोजी ने अपने अनुयायियों को _______ नियमों की एक संहिता दी।
Answer: 29
In simple words: जांभोजी ने अपने अनुयायियों को 29 नियम दिए।
🎯 Exam Tip: बिश्नोई पंथ के नियमों की संख्या को याद रखें।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये
Question 1. जांभोजी के नेतृत्व में नागौर जिले के पीपासर गाँव में एक ही दिन में हजारों खेजड़ी के पेड़ लगाए गए।
Answer: असत्य
In simple words: यह बात गलत है कि जांभोजी के कहने पर नागौर के पीपासर गाँव में एक ही दिन में हजारों खेजड़ी के पेड़ लगाए गए।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं और तथ्यों की सही जानकारी रखें।
Question 2. सनु 1730 में खेजड़ली गाँव में लगभग 1500 लोगों ने वृक्षों की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया।
Answer: असत्य
In simple words: यह गलत है कि 1730 में खेजड़ली गाँव में 1500 लोगों ने पेड़ों के लिए अपनी जान दी। सही संख्या 363 थी।
🎯 Exam Tip: खेजड़ली बलिदान से जुड़े सही आंकड़े (वर्ष और बलिदानियों की संख्या) याद रखें।
Question 4. महर्षि दयानंद ने राजस्थान में सम्प सभा की स्थापना की थी।
Answer: असत्य
In simple words: यह गलत है कि महर्षि दयानंद ने राजस्थान में 'सम्प सभा' बनाई थी। उन्होंने 'परोपकारिणी सभा' बनाई थी।
🎯 Exam Tip: विभिन्न समाज सुधारकों द्वारा स्थापित संस्थाओं के नाम और उनके संस्थापकों को सही ढंग से याद करें।
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-
| सूची-। | सूची-।। |
|---|---|
| 1. सत्यार्थ प्रकाश | (अ) जांभोजी |
| 2. सबदवाणी | (ब) महर्षि दयानंद |
| 3. भगत आन्दोलन | (स) श्यामजी कृष्ण वर्मा |
| 4. इंडिया हाउस | (द) गोविंद गुरु |
Answer:
| सूची-। | सूची-।। |
|---|---|
| 1. सत्यार्थ प्रकाश | (ब) महर्षि दयानंद |
| 2. सबदवाणी | (अ) जांभोजी |
| 3. भगत आन्दोलन | (द) गोविंद गुरु |
| 4. इंडिया हाउस | (स) श्यामजी कृष्ण वर्मा |
In simple words: 'सत्यार्थ प्रकाश' महर्षि दयानंद ने लिखी। 'सबदवाणी' जांभोजी की शिक्षाएं हैं। 'भगत आंदोलन' गोविंद गुरु से जुड़ा है और 'इंडिया हाउस' श्यामजी कृष्ण वर्मा ने स्थापित किया था।
🎯 Exam Tip: व्यक्तियों, उनकी रचनाओं, आंदोलनों और संस्थाओं के बीच सही संबंध को ध्यान से याद करें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
Question 2. महर्षि दयानंद के अनुसार सच्चा राष्ट्रधर्म क्या है?
Answer: महर्षि दयानंद के अनुसार, सच्चा राष्ट्रधर्म समाज में समानता लाना, शिक्षा को फैलाना और 'स्वदेशी' (आत्मनिर्भरता और अपने देश की चीजों का उपयोग) विचारधारा को बढ़ावा देना है। ये सिद्धांत एक मजबूत राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण का केंद्र थे।
In simple words: महर्षि दयानंद के अनुसार, समाज में सबको बराबर समझना, शिक्षा फैलाना और स्वदेशी चीजों को अपनाना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रधर्म के तीन मुख्य स्तंभों - समानता, शिक्षा और स्वदेशी - को याद रखें।
Question 3. गोविंद गुरु ने महर्षि दयानंद से प्रेरित होकर अपने अनुयायियों को क्या संदेश दिया?
Answer: महर्षि दयानंद से प्रेरित होकर, गोविंद गुरु ने अपने अनुयायियों को अहिंसा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। उन्होंने उनसे अपने व्यक्तिगत और सामुदायिक विकास के लिए इन मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया।
In simple words: गोविंद गुरु ने महर्षि दयानंद से प्रेरणा लेकर अपने अनुयायियों को अहिंसा और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
🎯 Exam Tip: गोविंद गुरु के संदेश के दो मुख्य बिंदुओं - अहिंसा और आत्मनिर्भरता - पर ध्यान दें।
Question 4. जांभोजी ने किसे अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया?
Answer: जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। उन्होंने अपना जीवन लोगों को प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने और उसके संसाधनों का संरक्षण करने की शिक्षा देने के लिए समर्पित कर दिया।
In simple words: जांभोजी ने पर्यावरण को बचाना अपने जीवन का मुख्य लक्ष्य बना लिया था।
🎯 Exam Tip: जांभोजी के जीवन के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 5. जांभोजी ने बिश्नोई पंथ की स्थापना कर अपने अनुयायियों को 29 नियम दिए। किन्हीं दो नियमों के नाम लिखिए।
Answer: जांभोजी ने बिश्नोई पंथ की स्थापना की और अपने अनुयायियों को 29 नियम दिए। इनमें से दो नियम हैं:
• वृक्षों को नहीं काटना।
• वन्य जीवों की रक्षा करना।
ये नियम प्रकृति के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं।
In simple words: जांभोजी ने बिश्नोई पंथ बनाया और 29 नियम दिए। उनमें से दो नियम हैं: पेड़ नहीं काटना और जंगली जानवरों की रक्षा करना।
🎯 Exam Tip: बिश्नोई पंथ के पर्यावरण और जीव संरक्षण से संबंधित नियमों के कुछ उदाहरण याद रखें।
Question 6. जांभोजी के नेतृत्व में कहाँ वृक्षारोपण का सबसे बड़ा कार्यक्रम चलाया गया।
Answer: जांभोजी के नेतृत्व में वृक्षारोपण का सबसे बड़ा कार्यक्रम राजस्थान के नागौर जिले के रोटू गाँव में चलाया गया। इस विशाल प्रयास ने हरियाली बढ़ाने के प्रति उनकी निष्ठा को प्रदर्शित किया।
In simple words: जांभोजी के कहने पर सबसे बड़ा पेड़ लगाने का काम राजस्थान के नागौर जिले के रोटू गाँव में हुआ था।
🎯 Exam Tip: जांभोजी से संबंधित महत्वपूर्ण स्थानों को याद रखें।
Question 7. वेदों के ज्ञान के माध्यम से एक निराकार ईश्वर की विचारधारा का समर्थन किसने किया?
Answer: महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों के ज्ञान के माध्यम से एक निराकार ईश्वर की विचारधारा का समर्थन किया। उनका मानना था कि वेदों में सिखाए गए अनुसार ईश्वर का कोई भौतिक स्वरूप नहीं है, वह एक सर्वव्यापी और निराकार शक्ति है।
In simple words: महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों के ज्ञान से बताया कि ईश्वर का कोई रूप नहीं है।
🎯 Exam Tip: महर्षि दयानंद सरस्वती के धार्मिक विचारों और उनके आधार (वेद) को याद रखें।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
Question 1. गुरु जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण में किस प्रकार योगदान दिया?
Answer: गुरु जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण में कई तरह से योगदान दिया:
• उन्होंने वृक्षारोपण करने और पेड़ों की रक्षा करने का संदेश दिया।
• उन्होंने जल संरक्षण के महत्व को समझाया।
• उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा पर जोर दिया।
• अपने 29 नियमों के माध्यम से, उन्होंने समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
उनकी शिक्षाओं ने प्रकृति संरक्षण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया।
In simple words: गुरु जांभोजी ने पेड़ लगाने और उनकी रक्षा करने को कहा। उन्होंने पानी बचाने और जानवरों की सुरक्षा का महत्व समझाया। अपने 29 नियमों से उन्होंने लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित किया।
🎯 Exam Tip: गुरु जांभोजी के योगदान के मुख्य बिंदुओं को बुलेट पॉइंट्स में स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. महर्षि दयानंद सरस्वती के अनुसार हमें अपने समाज को जागरूक और शक्तिशाली बनाने के लिए क्या करना चाहिए?
Answer: महर्षि दयानंद सरस्वती के अनुसार, अपने समाज को जागरूक और शक्तिशाली बनाने के लिए हमें समानता, शिक्षा और 'स्वदेशी' विचारधारा को फैलाना चाहिए। हमें अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए, अंधविश्वासों को छोड़ना चाहिए और अपनी मातृभूमि को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। ये कदम राष्ट्रीय प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: महर्षि दयानंद सरस्वती के अनुसार, हमें समाज में बराबरी, शिक्षा और स्वदेशी सोच फैलानी चाहिए। अपने अधिकारों को जानना चाहिए, अंधविश्वास छोड़ने चाहिए और देश को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, जिसमें समानता, शिक्षा, स्वदेशी और अंधविश्वासों का त्याग शामिल हो।
Question 3. महर्षि दयानंद सरस्वती ने राजस्थान में क्या योगदान दिया?
Answer: महर्षि दयानंद सरस्वती ने राजस्थान में 'परोपकारिणी सभा' की स्थापना करके महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सभा का उद्देश्य गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना था। उनके विचारों ने लोगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी। उनके कार्य ने इस क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलावों की नींव रखी।
In simple words: महर्षि दयानंद सरस्वती ने राजस्थान में गायों की रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा फैलाने के लिए 'परोपकारिणी सभा' बनाई। उनके विचारों से लोगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली।
🎯 Exam Tip: महर्षि दयानंद सरस्वती के योगदान को संस्था स्थापना और उसके मुख्य कार्यों के रूप में समझाएँ।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
Question 1. गोविंद गुरु ने अपने अनुयायियों को क्या संदेश दिया तथा समाज से क्या आकांक्षा रखी? स्पष्ट कीजिए।
Answer: महर्षि दयानंद से प्रेरित होकर, गोविंद गुरु ने अपने अनुयायियों को अहिंसा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। वे चाहते थे कि समाज शिक्षा प्राप्त करे, शराब और बुरी आदतों को छोड़ दे, और अपनी संस्कृति को मजबूत करे। उनका दृष्टिकोण एक सशक्त और नैतिक रूप से उन्नत समुदाय का था। हालांकि, ब्रिटिश सरकार और स्थानीय जागीरदारों ने इन विचारों को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि ये उनकी सत्ता को चुनौती देते थे।
In simple words: गोविंद गुरु ने अपने अनुयायियों को अहिंसा और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। वे चाहते थे कि लोग पढ़ें, शराब छोड़ें और अपनी संस्कृति को मजबूत करें, लेकिन अंग्रेज और जमींदारों को यह पसंद नहीं था।
🎯 Exam Tip: गोविंद गुरु के संदेश के मुख्य पहलुओं (अहिंसा, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, व्यसन-मुक्ति, संस्कृति) और उनके विचारों के प्रति समाज की प्रतिक्रिया को विस्तार से बताएँ।
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