RBSE Solutions Class 12 Political Science Chapter 6 राजनीतिक संस्कृति

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Question 1. भारत और पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्थाओं में अन्तर का मुख्य कारण है
(a) भौगोलिक स्थिति
(b) राजनीतिक संस्कृति
(c) राजनीतिक विकास
(d) राजनीतिक आधुनिकीकरण
Answer: (b) राजनीतिक संस्कृति
In simple words: भारत और पाकिस्तान की सरकारों के काम करने का तरीका राजनीतिक संस्कृति में अंतर के कारण अलग है, जो दोनों देशों के लोगों के विचारों और मूल्यों को दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: जब दो देशों की राजनीतिक प्रणालियों की तुलना करें, तो उनकी अंतर्निहित राजनीतिक संस्कृति पर ध्यान दें, क्योंकि यह अक्सर प्रमुख भिन्नता का कारण होती है।

 

Question 3. इनमें से कौन राजनीतिक संस्कृति का निर्धारक तत्व नहीं है
(a) इतिहास
(b) सामाजिक आर्थिक परिवेश
(c) भौगोलिक परिस्थितियाँ
(d) लोगों की वेशभूषा
Answer: (d) लोगों की वेशभूषा
In simple words: राजनीतिक संस्कृति को तय करने में लोगों के कपड़े पहनने का तरीका कोई भूमिका नहीं निभाता है।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति के निर्धारकों को याद करते समय, उन कारकों पर ध्यान केंद्रित करें जो सीधे समाज के मूल्यों और व्यवहार से जुड़े हैं, न कि सतही या व्यक्तिगत पसंद से।

 

RBSE Class 12 Political Science Chapter 6 Very Short Answer Questions

 

Question 1. राजनीतिक संस्कृति के दो प्रकार कौन से हैं?
Answer: राजनीतिक संस्कृति के दो मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. अभिजन संस्कृति
2. जनसाधारण की संस्कृति
In simple words: राजनीतिक संस्कृति के दो मुख्य रूप होते हैं: एक खास लोगों की संस्कृति और दूसरी आम जनता की संस्कृति।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति के प्रकारों को याद रखते समय, यह समझें कि अभिजन और जनसाधारण की संस्कृतियाँ कैसे एक-दूसरे से भिन्न होती हैं और कैसे ये राजनीतिक व्यवहार को प्रभावित करती हैं।

 

Question 2. राजनीतिक संस्कृति के मुख्य विचारक कौन – कौन से हैं?
Answer: राजनीतिक संस्कृति के मुख्य विचारक सिडनी बर्बा, आमण्ड एवं पावेल, एलेन बॉल, लूसियन पाई आदि हैं।
In simple words: सिडनी बर्बा, आमण्ड, पावेल, एलेन बॉल और लूसियन पाई राजनीतिक संस्कृति के कुछ खास विचारक हैं।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति से संबंधित प्रमुख विचारकों और उनके योगदानों को याद रखें, क्योंकि यह विषय की गहरी समझ को दर्शाता है।

 

Question 3. आमण्ड एवं पावेल की राजनीतिक संस्कृति की पारिभाषा लिखिए।
Answer: आमण्ड और पावेल के अनुसार – "राजनीतिक संस्कृति किसी राजनीतिक व्यवस्था के सदस्यों की राजनीति के प्रति व्यक्तिगत अभिवृत्तियों और उन्मुखताओं की शैली है।"
In simple words: आमण्ड और पावेल कहते हैं कि राजनीतिक संस्कृति वह तरीका है जिससे लोग अपनी सरकार और राजनीति के बारे में सोचते और महसूस करते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख विचारकों की परिभाषाएँ यथासंभव सटीक रूप से उद्धृत करें, क्योंकि यह विषय की सैद्धांतिक नींव को दर्शाता है।

 

राजनीतिक संस्कृति एक सामाजिक धारणा है। इसका मतलब समाज के सदस्यों की सरकार के प्रति सोच, विश्वास और व्यवहार से है। यह लोगों के मूल्यों, विचारों और भावनाओं का एक बड़ा हिस्सा है।

सिडनी बर्बा के अनुसार, राजनीतिक संस्कृति में वे अनुभव, प्रतीक और मूल्य शामिल होते हैं जो उस स्थिति को बताते हैं जिसमें राजनीतिक काम होता है। एलन बॉल का मानना है कि राजनीतिक संस्कृति समाज की उन आदतों, विश्वासों और मूल्यों से बनती है जो सरकार और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े होते हैं।

 

Question 2. राजनीतिक संस्कृति के निर्धारक तत्व बताइए।
Answer: राजनीतिक संस्कृति के प्रमुख निर्धारक तत्व निम्नलिखित हैं:
1. **इतिहास:** किसी भी व्यवस्था की राजनीतिक संस्कृति वहाँ की पुरानी परंपराओं और मूल्यों का परिणाम होती है। जैसे भारत की राजनीतिक संस्कृति संविधान, शांति और लोकतंत्र पर आधारित है, जबकि पाकिस्तान या इराक की संस्कृति हिंसक और अलोकतांत्रिक हो सकती है।
2. **धार्मिक विश्वास:** धर्म राजनीतिक संस्कृति बनाने में और समाज की राजनीतिक व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. **भौगोलिक परिस्थितियाँ:** किसी देश की जगह, आबादी और संसाधन वहाँ की राजनीतिक संस्कृति को पूरी तरह से प्रभावित करते हैं।
4. **सामाजिक-आर्थिक परिवेश:** सामाजिक माहौल और आर्थिक विकास किसी देश की राजनीतिक संस्कृति को तय करते हैं। विकासशील देशों की राजनीतिक संस्कृति विकसित देशों से अलग होती है।
5. **विचारधाराएँ:** उदारवाद, मार्क्सवाद, पूँजीवाद जैसी विचारधाराओं के साथ-साथ विज्ञान, तकनीक, मीडिया और शिक्षा भी राजनीतिक संस्कृति के मुख्य निर्धारक तत्व हैं। शिक्षा का स्तर, भाषा और रीति-रिवाज भी राजनीतिक संस्कृति पर असर डालते हैं।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति को तय करने वाले कई कारण हैं, जैसे उस जगह का इतिहास, लोगों के धार्मिक विश्वास, भौगोलिक स्थिति, समाज की आर्थिक हालत और लोगों के विचार। शिक्षा, भाषा और रीति-रिवाज भी इसे प्रभावित करते हैं।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति के निर्धारकों की सूची बनाते समय, प्रत्येक कारक का संक्षिप्त उदाहरण या स्पष्टीकरण दें ताकि आपकी समझ बेहतर दिखे।

 

Question 3. अभिजात्य संस्कृति को स्पष्ट कीजिए।
Answer: अभिजात्य संस्कृति उस छोटे से समूह की संस्कृति होती है जो समाज और राजनीति में खास भूमिका निभाता है। इस वर्ग के पास समाज और राजनीति की पूरी शक्ति होती है। ये लोग समाज और देश में सबसे ऊपर होते हैं। अभिजात्य संस्कृति समाज के विशेष लोगों की संस्कृति है। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. यह ज्ञान, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी होती है।
2. अभिजन वर्ग अक्सर राजनीतिक निर्णय लेने और नीतियों को प्रभावित करने में सक्रिय रूप से शामिल होता है।
3. यह संस्कृति समाज के बाकी हिस्सों से अलग होती है।
In simple words: अभिजात्य संस्कृति उन खास और शक्तिशाली लोगों की संस्कृति है जो समाज और सरकार के बड़े फैसले लेते हैं।

🎯 Exam Tip: अभिजात्य संस्कृति को परिभाषित करते समय, इसके प्रमुख लक्षणों जैसे अल्पसंख्यक वर्ग, सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव और निर्णय लेने में भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करें।

 

RBSE Class 12 Political Science Chapter 6 Essay Type Questions

 

Question 1. राजनीतिक संस्कृति को परिभाषित करते हुए वर्तमान में प्रचलित संस्कृतियों का विवेचन कीजिए।
Answer: **राजनीतिक संस्कृति की परिभाषा:** राजनीतिक संस्कृति सामान्य संस्कृति के राजनीतिक शासकीय दृष्टिकोण से जुड़ी है। क्योंकि राजनीतिक व्यवस्था लोगों के राजनीतिक व्यवहार का परिणाम है, और यह व्यवहार हमेशा बदलता रहता है, इसलिए राजनीतिक संस्कृति भी स्थिर नहीं बल्कि गतिशील होती है। आमण्ड ने इसे 'कार्य के प्रति झुकाव' कहा है, डेविड ईस्टर्न ने 'पर्यावरण' और स्पिरो ने 'राजनीतिक शैली' का नाम दिया है।

विकासशील देशों में राजनीतिक संस्कृति की अवधारणा सबसे पहले आमण्ड और पावेल ने दी थी। आमण्ड और पावेल ने राजनीतिक संस्कृति को परिभाषित करते हुए लिखा है – "राजनीतिक संस्कृति किसी राजनीतिक व्यवस्था के सदस्यों की राजनीति के प्रति व्यक्तिगत सोच और झुकाव का तरीका है।"

एलन बॉल के अनुसार: "राजनीतिक संस्कृति समाज के उन विचारों, विश्वासों और मूल्यों के समूह से बनती है जिनका संबंध राजनीतिक व्यवस्था और राजनीतिक मुद्दों से होता है।"

लुसियन पाई के अनुसार: "राजनीतिक संस्कृति का संबंध विचारों, विश्वासों और भावनाओं के समूह से है जो राजनीतिक प्रक्रिया को व्यापकता और महत्व देते हैं, और ऐसे अंदरूनी विचार व नियम प्रदान करते हैं जो राजनीतिक व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।"

सिडनी बर्बा के अनुसार: "राजनीतिक संस्कृति में अनुभवजन्य विश्वास, अभिव्यक्तात्मक प्रतीक और मूल्यों की वह व्यवस्था निहित है जो उस स्थिति को परिभाषित करती है जिसमें राजनीतिक गतिविधि होती है।" इस प्रकार स्पष्ट है कि राजनीतिक संस्कृति, राजनीतिक व्यवस्था के प्रति सदस्यों की सोच, प्रतिक्रिया और अपेक्षाओं की अभिव्यक्ति है। यह एक गतिशील स्थिति का सूचक है।

**राजनीतिक संस्कृति का वर्गीकरण:**
राजनीतिक संस्कृति सामाजिक परिवेश और राजनीतिक व्यवस्था के अनुसार बदलती रहती है। राजनीतिक संस्कृति का निर्माण और विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। आमण्ड महोदय ने राजनीतिक व्यवस्थाओं के आधार पर वर्तमान में चार प्रकार की राजनीतिक संस्कृतियों का उल्लेख किया है:
3. **गैर-पश्चिमी अथवा पूर्व औद्योगिक राजनीतिक व्यवस्था:** यह राजनीतिक संस्कृति एशिया और अफ्रीका के कई पुराने उपनिवेशवादी देशों में पाई जाती है, जहाँ औद्योगिक, आर्थिक विकास और लोकतंत्र आज भी नए और कम विकसित हैं।
4. **सर्वाधिकारवादी राजनीतिक व्यवस्था:** यह राजनीतिक संस्कृति एशिया और अफ्रीका के कई सैनिक तानाशाहियों, चीन और उत्तर कोरिया जैसे साम्यवादी देशों में मिलती है। यहाँ तानाशाही और अलोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्थाएँ होती हैं, जिनमें विपक्ष और विरोध की कोई संभावना नहीं होती है।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति यह है कि लोग अपनी सरकार और राजनीति के बारे में कैसे सोचते और महसूस करते हैं। यह हमेशा बदलती रहती है। आमण्ड और पावेल ने इसे 'लोगों के राजनीतिक विचारों का तरीका' बताया है। इसके मुख्य चार प्रकार हैं: (1) आंग्ल-अमेरिकी व्यवस्था, (2) महाद्वीपीय यूरोपीय व्यवस्था, (3) गैर-पश्चिमी या पुराने औद्योगिक देश, और (4) सर्वाधिकारवादी व्यवस्था, जहाँ कोई विरोध नहीं होता।
🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति को परिभाषित करते समय, विभिन्न विचारकों के दृष्टिकोणों को शामिल करें और विभिन्न प्रकार की राजनीतिक संस्कृतियों का उदाहरणों के साथ वर्णन करें।

 

RBSE Class 12 Political Science Chapter 6 Multiple Choice Questions

 

Question 1. “राजनीतिक संस्कृति कार्य के प्रति अभिमुखीकरण है” यह मानना है
(a) डेविड ईस्टर्न का
(b) स्पिरो का
(c) आमण्ड का
(d) लूसियन पाई का
Answer: (c) आमण्ड का
In simple words: आमण्ड का मानना है कि राजनीतिक संस्कृति लोगों के काम करने के तरीके से जुड़ी होती है।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अवधारणाओं को उनके संबंधित विचारकों से जोड़कर याद रखें, क्योंकि यह अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में आता है।

 

Question 2. राजनीतिक संस्कृति की अवधारणा को विकासशील देशों के सन्दर्भ में प्रतिपादित करने वाले प्रथम विद्वान हैं
(a) आमण्ड एवं पावेल
(b) स्पिरो
(c) डेविड ईस्टन
(d) सिडनी बर्बा
Answer: (a) आमण्ड एवं पावेल
In simple words: विकासशील देशों में राजनीतिक संस्कृति के विचार को सबसे पहले आमण्ड और पावेल ने सामने रखा था।

🎯 Exam Tip: अवधारणाओं के उद्भव और विकास में योगदान देने वाले प्रमुख विचारकों के नाम याद रखें।

 

Question 3. निम्न में से जिसे आमण्ड और पावेल ने राजनीतिक संस्कृति का परिवर्त्य माना है, वह है
(a) ज्ञानात्मक अभिमुखीकरण
(b) भावात्मक अभिमुखीकरण
(c) मूल्यांकनात्मक अभिमुखीकरण
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: आमण्ड और पावेल के अनुसार, ज्ञान, भावनाएँ और मूल्यांकन ये तीनों ही राजनीतिक संस्कृति के बदलते हुए हिस्से हैं।

🎯 Exam Tip: आमण्ड और पावेल द्वारा राजनीतिक संस्कृति के विभिन्न आयामों को समझें, विशेषकर उनके द्वारा सुझाए गए अभिमुखीकरण के प्रकार।

 

Question 4. निम्न में से किस देश की राजनीतिक संस्कृति क्रान्ति का परिणाम है?
(a) भारत
(b) जापान
(c) इंग्लैण्ड
(d) फ्रांस
Answer: (d) फ्रांस
In simple words: फ्रांस की राजनीतिक संस्कृति वहाँ हुई क्रांति का नतीजा है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न देशों की राजनीतिक संस्कृति पर ऐतिहासिक घटनाओं के प्रभाव को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. निम्न में से जो विकासशील देश है जिसकी राजनीतिक संस्कृति विकसित देशों से भिन्न होगी, वह है
(a) जापान
(b) इंग्लैण्ड
(c) संयुक्त राज्य अमेरिका
(d) भारत
Answer: (d) भारत
In simple words: भारत एक विकासशील देश है, इसलिए इसकी राजनीतिक संस्कृति विकसित देशों जैसे जापान, इंग्लैंड या अमेरिका से अलग होगी।

🎯 Exam Tip: विकासशील और विकसित देशों की राजनीतिक संस्कृतियों के बीच अंतर को समझने के लिए, उनके सामाजिक-आर्थिक और ऐतिहासिक संदर्भों पर विचार करें।

 

Question 6. राजनीतिक संस्कृति उपागम की शुरूआत निम्न में से किस दशक में हुई?
(a) 1920-30
(b) 1940-50
(c) 1950-60
(d) 1990-2000
Answer: (c) 1950-60
In simple words: राजनीतिक संस्कृति के अध्ययन की शुरुआत 1950 से 1960 के दशक के बीच हुई थी।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक विज्ञान में प्रमुख उपागमों और अवधारणाओं के ऐतिहासिक कालक्रम को याद रखना परीक्षा में मदद कर सकता है।

 

Question 7. निम्न में से किस राजनीतिक व्यवस्था में विपक्ष और विरोध की सम्भावना नहीं होती?
(a) उदारवादी लोकतान्त्रिक व्यवस्था
(b) उपनिवेशवादी व्यवस्था
(c) सर्वाधिकारवादी व्यवस्था
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (c) सर्वाधिकारवादी व्यवस्था
In simple words: सर्वाधिकारवादी सरकार में लोगों को विरोध करने या विपक्ष में रहने की आजादी नहीं होती।

🎯 Exam Tip: विभिन्न राजनीतिक प्रणालियों की विशेषताओं को ध्यान में रखें, खासकर जहाँ विरोध और विपक्ष की भूमिका सीमित या अनुपस्थित होती है।

 

Question 8. राजनीतिक संस्कृति एवं लोकतन्त्र के मध्य सम्बन्धों पर सबसे महत्वपूर्ण आनुभविक अनुसन्धान है
(a) गेबियल आमण्ड एवं सिडनी बर्बा का
(b) फाइनर एवं वाइसमैन का
(c) हीज युलाऊ का
(d) लूसियन पाई का
Answer: (a) गेबियल आमण्ड एवं सिडनी बर्बा का
In simple words: गेबियल आमण्ड और सिडनी बर्बा ने लोकतंत्र और राजनीतिक संस्कृति के बीच संबंध पर सबसे खास रिसर्च की थी।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति और लोकतंत्र पर किए गए महत्वपूर्ण अध्ययनों और उनके शोधकर्ताओं को याद रखें, विशेषकर 'द सिविक कल्चर' जैसा कार्य।

 

Question 9. निम्न में से किस विद्वान ने सत्ता में सैन्य भूमिका के आधार पर राजनीतिक संस्कृति का वर्गीकरण किया है
(a) फाइनर
(b) वाइसमैन
(c) आमण्ड
(d) पावेल
Answer: (a) फाइनर
In simple words: फाइनर वह विद्वान हैं जिन्होंने यह बताया कि सेना की ताकत के हिसाब से राजनीतिक संस्कृतियाँ कैसे अलग-अलग होती हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न विचारकों द्वारा किए गए राजनीतिक संस्कृति के विशिष्ट वर्गीकरणों और उनके मानदंडों पर ध्यान दें।

 

Question 10. फाइनर ने राजनीतिक संस्कृति को कितने भागों में बाँटा है?
(a) 5
(b) 3
(c) 4
(d) 2
Answer: (c) 4
In simple words: फाइनर ने राजनीतिक संस्कृति को चार अलग-अलग हिस्सों में बाँटा है।

🎯 Exam Tip: विचारकों द्वारा दिए गए वर्गीकरणों में भागों की संख्या और उनके नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

RBSE Class 12 Political Science Chapter 6 Very Short Answer Questions

 

Question 1. राजनीतिक संस्कृति गतिशील होती है, कैसे?
Answer: क्योंकि राजनीतिक व्यवस्था लोगों के राजनीतिक व्यवहार का नतीजा है, और यह राजनीतिक व्यवहार हमेशा बदलता रहता है, इसलिए राजनीतिक संस्कृति भी एक जगह स्थिर नहीं रहती बल्कि बदलती रहती है।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति हमेशा बदलती रहती है क्योंकि यह लोगों के राजनीतिक व्यवहार से बनती है, और लोगों का व्यवहार कभी एक जैसा नहीं रहता।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति की गतिशीलता को स्पष्ट करते समय, इसे मानवीय व्यवहार और सामाजिक परिवर्तनों से जोड़ना न भूलें।

 

Question 2. एलन बॉल द्वारा लिखित पुस्तक का नाम बताइए।
Answer: एलन बॉल द्वारा लिखित पुस्तक का नाम "आधुनिक राजनीति और सरकार" है।
In simple words: एलन बॉल ने "आधुनिक राजनीति और सरकार" नामक किताब लिखी है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख विचारकों की प्रसिद्ध कृतियों को उनके नाम के साथ याद रखें।

 

Question 3. लुसियन पाई ने राजनीतिक संस्कृति की क्या परिभाषा दी है?
Answer: लुसियन पाई के अनुसार – "राजनीतिक संस्कृति का संबंध अभिवृत्तियों, विश्वासों व भावनाओं के समूह से है जो राजनीतिक प्रक्रिया को व्यापकता तथा सार्थकता प्रदान करते हैं और ऐसे अंतर्निहित विचार और नियम प्रदान करते हैं। जो राजनीतिक व्यवस्था में व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।"
In simple words: लुसियन पाई कहते हैं कि राजनीतिक संस्कृति लोगों की सोच, विश्वास और भावनाओं का वह समूह है जो राजनीतिक कामों को दिशा देता है और तय करता है कि सरकार कैसे काम करेगी।

🎯 Exam Tip: परिभाषाएँ लिखते समय, विचारकों के नाम के साथ उनकी सटीक शब्दावली का प्रयोग करें।

 

Question 4. आमण्ड और पॉवेल ने राजनीतिक संस्कृति किसे माना है?
Answer: आमण्ड और पावेल ने व्यक्ति में राजनीतिक उद्देश्यों के प्रति जागृति और उसके अनुरूप कार्यों के निष्पादन को ही राजनीतिक संस्कृति माना है। ज्ञान, भावनाएँ और मूल्यांकन ये तीनों ही राजनीतिक संस्कृति के बदलते हुए हिस्से हैं।
1. ज्ञानात्मक अभिमुखीकरण,
2. भावनात्मक अभिमुखीकरण तथा
3. मूल्यांकनात्मक अभिमुखीकरण।
In simple words: आमण्ड और पावेल के हिसाब से राजनीतिक संस्कृति यह है कि लोग राजनीतिक लक्ष्यों के बारे में कितना जागरूक हैं और उन लक्ष्यों को पाने के लिए कैसे काम करते हैं, जिसमें ज्ञान, भावनाएँ और मूल्यांकन शामिल होते हैं।

🎯 Exam Tip: आमण्ड और पावेल के राजनीतिक संस्कृति के 'अभिमुखीकरण' (orientation) के तीन घटकों (ज्ञानात्मक, भावात्मक, मूल्यांकनात्मक) को स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 6. राजनीतिक संस्कृति के किन्हीं दो निर्धारक तत्वों का नाम लिखिए।
Answer: राजनीतिक संस्कृति के दो निर्धारक तत्व हैं:
1. इतिहास,
2. धार्मिक विश्वास।
In simple words: इतिहास और धर्म राजनीतिक संस्कृति को बनाने वाले दो मुख्य कारण हैं।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति के निर्धारकों को याद रखने के लिए, उन सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों पर ध्यान दें जो सामूहिक राजनीतिक व्यवहार को आकार देते हैं।

 

Question 7. किस देश की राजनीतिक संस्कृति वहाँ की राजनीतिक निरन्तरता का परिणाम है?
Answer: इंग्लैण्ड की राजनीतिक संस्कृति वहाँ की राजनीतिक निरंतरता का परिणाम है।
In simple words: इंग्लैण्ड की राजनीतिक संस्कृति वहाँ की पुरानी और लगातार चलती आ रही राजनीतिक परंपराओं से बनी है।

🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि कुछ देशों की राजनीतिक संस्कृति उनके लंबे ऐतिहासिक विकास और राजनीतिक स्थिरता का परिणाम होती है।

 

Question 8. राजनीतिक संस्कृति के निर्धारण में धर्म की क्या भूमिका है?
Answer: राजनीतिक संस्कृति के निर्धारण में धर्म की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। धर्म इस बात का भी निर्धारण करता है कि समाज की राजनीतिक व्यवस्था व संस्थाएँ किस प्रकार की होंगी।
In simple words: धर्म तय करता है कि राजनीतिक संस्कृति कैसी होगी और सरकार व समाज की संस्थाएँ कैसे काम करेंगी।

🎯 Exam Tip: धर्म के प्रभाव को बताते समय, यह समझाएँ कि यह न केवल मूल्यों को प्रभावित करता है बल्कि राजनीतिक संस्थानों की संरचना को भी आकार देता है।

 

Question 9. कौन – कौन से भौगोलिक तत्व राजनीतिक संस्कृति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?
Answer: देश की स्थिति एवं विस्तार, उपलब्ध संसाधन तथा जनसंख्या की प्रकृति आदि उस देश की राजनीतिक संस्कृति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: किसी देश का आकार, वहाँ के प्राकृतिक संसाधन और लोगों की जनसंख्या जैसे भौगोलिक कारण राजनीतिक संस्कृति को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

🎯 Exam Tip: भौगोलिक कारकों की सूची देते समय, यह भी समझाएँ कि ये कारक कैसे किसी क्षेत्र की राजनीतिक व्यवस्था और लोगों के व्यवहार को प्रभावित करते हैं।

 

Question 10. राजनीतिक संस्कृति की कोई दो विशेषताएँ बताइए।
Answer: राजनीतिक संस्कृति की जानकारी में किसी समाज की परम्पराओं, सामाजिक संस्थाओं, नागरिकों की आकांक्षाओं, उनका सामूहिक विवेक, नेताओं के तरीकों तथा उनके सक्रिय होने के नियमों आदि का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसकी दो प्रमुख विशेषताएँ हैं:
1. **गतिशीलता:** राजनीतिक संस्कृति स्थिर नहीं होती, बल्कि सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार बदलती रहती है।
2. **सामूहिक विवेक:** यह समाज के नागरिकों के सामूहिक ज्ञान और समझ को दर्शाती है, जो नेताओं के निर्णयों और लोगों की सक्रियता को प्रभावित करती है।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति हमेशा बदलती रहती है और यह समाज के लोगों की सोच, उनकी इच्छाओं और नेताओं के काम करने के तरीके से मिलकर बनती है।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति की विशेषताओं को बताते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप उन गुणों का उल्लेख करें जो इसे एक गतिशील और व्यापक अवधारणा बनाते हैं।

 

Question 12. राजनीतिक संस्कृति में गतिशीलता से क्या आशय है?
Answer: किसी व्यक्ति व समाज के जीवन मूल्य, भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियाँ तथा सामाजिक आवश्यकताएँ के अनुसार बदलते रहते हैं। तदनुसार राजनीतिक संस्कृति भी बदलती रहती है।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति गतिशील होती है, इसका मतलब है कि यह लोगों के जीवन मूल्यों, जगह और समाज की जरूरतों के हिसाब से बदलती रहती है।

🎯 Exam Tip: गतिशीलता को स्पष्ट करते समय, उन बाहरी कारकों (भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक) पर ध्यान दें जो राजनीतिक संस्कृति में परिवर्तन लाते हैं।

 

Question 13. राजनीतिक संस्कृति और लोकतन्त्र के सम्बन्धों पर सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक कब और किसने लिखी?
Answer: राजनीतिक संस्कृति और लोकतन्त्र के सम्बन्धों पर सबसे महत्वपूर्ण आनुभविक अनुसन्धान गेब्रियल आमण्ड और सिडनी बर्बा द्वारा 1963 में लिखित पुस्तक 'दि सिविक कल्चर – पोलिटिकल एटीट्यूड एण्ड डेमोक्रेसी इन फाइव नेशन्स' में प्रस्तुत किया गया।
In simple words: गेब्रियल आमण्ड और सिडनी बर्बा ने 1963 में 'दि सिविक कल्चर' नामक किताब लिखी थी, जिसमें उन्होंने राजनीतिक संस्कृति और लोकतंत्र के बीच के संबंध पर सबसे महत्वपूर्ण रिसर्च की थी।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक विज्ञान में क्लासिक कार्यों और उनके लेखकों को याद रखें, विशेषकर 'द सिविक कल्चर' जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकों को।

 

Question 14. आमण्ड व सिडनी बर्बा ने किन देशों के लोकतंत्र की स्थिरता या अस्थिरता पर राजनीतिक संस्कृति के प्रभावों का विश्लेषण किया था?
Answer: आमण्ड व सिडनी बर्बा ने ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं मेक्सिको के लोकतंत्र की स्थिरता या अस्थिरता पर राजनीतिक संस्कृति के प्रभावों का विश्लेषण किया था।
In simple words: आमण्ड और सिडनी बर्बा ने यह जानने के लिए ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, अमेरिका और मेक्सिको का अध्ययन किया कि राजनीतिक संस्कृति लोकतंत्र को कितना स्थिर या अस्थिर करती है।

🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि 'द सिविक कल्चर' अध्ययन में किन विशिष्ट देशों का विश्लेषण किया गया था, और क्यों।

 

Question 15. अभिजन संस्कृति से क्या आशय है?
Answer: सत्ता में रहते हुए सरकारी निर्णयों के सहभागी एवं उत्तरदायी वर्ग की संस्कृति को अभिजन संस्कृति कहते हैं।
In simple words: अभिजन संस्कृति का मतलब उन खास लोगों की संस्कृति से है जो सरकार में होते हैं और बड़े फैसले लेने में मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: अभिजन संस्कृति की परिभाषा देते समय, इसे निर्णय लेने वाले वर्ग और उनकी राजनीतिक भूमिका से जोड़ना महत्वपूर्ण है।

 

Question 16. आमण्ड के अनुसार राजनीतिक संस्कृति के कोई दो प्रकार लिखिए।
Answer: आमण्ड के अनुसार राजनीतिक संस्कृति के कोई दो प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. आंग्ल अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था
2. सर्वाधिकारवादी राजनीतिक व्यवस्था।
In simple words: आमण्ड ने राजनीतिक संस्कृति के दो प्रकार बताए हैं: आंग्ल-अमेरिकी व्यवस्था (जहाँ लोकतंत्र है) और सर्वाधिकारवादी व्यवस्था (जहाँ सरकार सब कुछ नियंत्रित करती है)।

🎯 Exam Tip: आमण्ड द्वारा दिए गए राजनीतिक संस्कृति के विभिन्न वर्गीकरणों को उनके विशिष्ट नामों के साथ याद रखें।

 

Question 18. फाइनर ने राजनीतिक संस्कृति को कितने भागों में बाँटा है?
Answer: फाइनर ने राजनीतिक संस्कृति को चार भागों में बाँटा है –
1. परिपक्व,
2. विकसित,
3. निम्न तथा
4. न्यूनास्तरीय।
In simple words: फाइनर ने राजनीतिक संस्कृति को परिपक्व, विकसित, निम्न और न्यूनास्तरीय इन चार हिस्सों में बाँटा है।

🎯 Exam Tip: फाइनर के वर्गीकरण के चारों प्रकारों को उनके अर्थ के साथ याद रखें ताकि आप उन्हें स्पष्ट रूप से समझा सकें।

 

Question 19. वाइसमैन ने राजनीतिक संस्कृतियों को किस प्रकार वर्गीकृत किया है?
Answer: वाइसमैन ने राजनीतिक संस्कृतियों का वर्गीकरण निम्नलिखित ढंग से किया है:
1. विशुद्ध राजनीतिक संस्कृति – संकुचित, पराधीन तथा सहभागी।
2. मिश्रित राजनीतिक संस्कृति – संकुचित, पराधीन, सहभागी।
3. संकुचित सहभागी।
In simple words: वाइसमैन ने राजनीतिक संस्कृतियों को विशुद्ध (संकुचित, पराधीन, सहभागी) और मिश्रित (संकुचित, पराधीन, सहभागी) के साथ-साथ संकुचित सहभागी में बाँटा है।

🎯 Exam Tip: वाइसमैन द्वारा किए गए राजनीतिक संस्कृति के वर्गीकरण और उनके घटकों को विशेष रूप से याद रखें।

 

Question 20. आमण्ड के अनुसार राजनीतिक समाजीकरण व राजनीतिक संस्कृति में क्या सम्बन्ध है?
Answer: आमण्ड के अनुसार राजनीतिक समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा राजनीतिक संस्कृति को स्थापित किया जाता है और उसमें आवश्यकतानुसार परिवर्तन लाया जाता है।
In simple words: आमण्ड के अनुसार, राजनीतिक समाजीकरण वह तरीका है जिससे राजनीतिक संस्कृति बनती है और बदलती है।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक समाजीकरण और राजनीतिक संस्कृति के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से समझाएँ, जहाँ समाजीकरण संस्कृति के निर्माण और परिवर्तन का साधन है।

 

Question 21. राजनीतिक संस्कृति के हस्तान्तरण में राजनीतिक समाजीकरण के कौन से अभिकरण सहायक होते हैं?
Answer: राजनीतिक संस्कृति के हस्तान्तरण में परिवार, मित्र-मण्डली, शिक्षण संस्थान, धार्मिक संस्थान, लोकसंचार के साधन, हितसमूह व राजनीतिक दल अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक परिवार, दोस्त, स्कूल, धर्म, मीडिया, समूह और राजनीतिक दलों की मदद से पहुँचती है।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक समाजीकरण के विभिन्न अभिकरणों (एजेंटों) को याद रखें और प्रत्येक की भूमिका का संक्षिप्त वर्णन करें।

 

Question 23. राजनीतिक संस्कृति उपागम के कोई दो योगदान बताइये।
Answer: राजनीतिक संस्कृति उपागम के दो योगदान निम्नलिखित हैं:
1. राजनीतिक संस्कृति उपागम ने अध्ययनकर्ताओं का केन्द्रबिन्दु राजनीतिक समाज को बना दिया है।
2. राजनीतिक संस्कृति ने राजनीतिक क्रियाओं के अध्ययन में सामाजिक व सांस्कृतिक तत्वों का समावेश करके राजनीति शास्त्र का विकास किया।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति के अध्ययन से राजनीति को समझने का नया तरीका मिला और इसने सामाजिक व सांस्कृतिक बातों को राजनीतिक अध्ययन में जोड़ा।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति उपागम के महत्व को बताते समय, इसके सैद्धांतिक योगदानों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 24. सामान्य संस्कृति व राजनीतिक संस्कृति में सम्बन्ध बताइये।
Answer: सामान्य जीवन पद्धति व संस्कृति का विकास सामान्य संस्कृति है जबकि राजनीतिक संस्कृति उसी सामान्य संस्कृति के राजनीतिक शासकीय दृष्टिकोण से सम्बन्धित है।
In simple words: सामान्य संस्कृति लोगों के जीवन का पूरा तरीका है, और राजनीतिक संस्कृति उसी जीवन शैली का वह हिस्सा है जो सरकार और राजनीति से जुड़ा है।

🎯 Exam Tip: सामान्य संस्कृति को राजनीतिक संस्कृति के व्यापक संदर्भ के रूप में समझाएँ, जहाँ राजनीतिक संस्कृति सामान्य संस्कृति का एक विशिष्ट उप-भाग है।

 

Question 25. आमण्ड और पावेल के अनुसार राजनीतिक संस्कृति क्या है?
Answer: आमण्ड और पावेल ने व्यक्ति में राजनीतिक उद्देश्य के प्रति जागृति और उसके अनुरूप कार्यों के निष्पादन को ही राजनीतिक संस्कृति माना है।
In simple words: आमण्ड और पावेल का मानना है कि राजनीतिक संस्कृति वह है जब लोग राजनीतिक लक्ष्यों को समझते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: आमण्ड और पावेल की परिभाषा को याद रखें और इसे व्यक्तियों की राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी से जोड़ें।

 

RBSE Class 12 Political Science Chapter 6 Short Answer Questions

 

Question 1. इतिहास राजनीतिक संस्कृति का निर्धारण है – सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
Answer: किसी भी राजनीतिक व्यवस्था की राजनीतिक संस्कृति का निर्माण और विकास उस देश की ऐतिहासिक परम्पराओं और प्रचलित मूल्यांकनात्मक प्रणालियों द्वारा होता है। उदाहरणार्थ- भारत की राजनीतिक संस्कृति संवैधानिक, शान्तिवादी और लोकतान्त्रिक होगी। पाकिस्तान, इराक और लीबिया की हिंसक और अलोकतान्त्रिक तथा फ्रांस की राजनीतिक संस्कृति फ्रांस की क्रान्ति का परिणाम है। इसी प्रकार इंग्लैण्ड में राजनीतिक संस्कृति वहाँ की राजनीतिक निरन्तरता का परिणाम है।
In simple words: किसी देश का इतिहास उसकी राजनीतिक संस्कृति को बनाता है। जैसे भारत की संस्कृति शांत और लोकतांत्रिक है, जबकि फ्रांस की संस्कृति उसकी क्रांति से बनी है।

🎯 Exam Tip: इतिहास के प्रभाव को उदाहरणों के साथ समझाएँ, यह दर्शाते हुए कि कैसे पिछली घटनाएँ और परंपराएँ वर्तमान राजनीतिक मूल्यों को आकार देती हैं।

 

Question 2. सामाजिक – आर्थिक परिवेश राजनीतिक संस्कृति को कैसे निर्धारित करते हैं?
Answer: सामाजिक-आर्थिक परिवेश राजनीतिक संस्कृति को गहरे रूप से प्रभावित करते हैं। समाज का स्वरूप, वर्ग संरचना, शिक्षा का स्तर और आर्थिक विकास का स्तर राजनीतिक व्यवहार और विश्वासों को आकार देता है। उदाहरण के लिए, एक समृद्ध और शिक्षित समाज में अधिक उदारवादी और सहभागी राजनीतिक संस्कृति हो सकती है, जबकि गरीब और असमान समाज में अधिनायकवादी या अस्थिर राजनीतिक संस्कृति की संभावना अधिक होती है। सामाजिक परिवेश लोगों की राजनीतिक अपेक्षाओं को निर्धारित करता है, जबकि आर्थिक विकास राजनीतिक सहभागिता के अवसरों को प्रभावित करता है।
In simple words: समाज की आर्थिक और सामाजिक हालत राजनीतिक संस्कृति को तय करती है। अमीर और पढ़े-लिखे समाज में लोग सरकार में ज्यादा हिस्सा लेते हैं, जबकि गरीब समाज में ऐसा कम होता है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक-आर्थिक परिवेश के प्रभाव को स्पष्ट करते समय, यह समझाएँ कि कैसे ये कारक लोगों के जीवन स्तर, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को प्रभावित करते हैं।

 

Question 3. दोनों विश्वयुद्धों के बाद भी ब्रिटेन व संयुक्त राज्य अमेरिका में उदार लोकतन्त्र सुरक्षित रहा क्यों?
Answer: राजनीतिक संस्कृति व लोकतन्त्र का गहरा सम्बन्ध है। जनता के मूल्य, विश्वास एवं कुशलता का लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्था की राजनीति पर विशेष प्रभाव पड़ता है। समाज में संस्कृति ही व्यवहार, मूल्य और ज्ञान को पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित करती है। राजनीतिक विचारकों ने अपने - अपने देश की व्यवस्थाओं के स्थायित्व व अस्थायित्व का अध्ययन राजनीतिक संस्कृति उपागम द्वारा किया। निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि राजनीतिक संस्कृति व लोकतन्त्र में गहरा सम्बन्ध है क्योंकि विषम परिस्थितियों के बावजूद उदार लोकतन्त्र वाले इंग्लैण्ड व संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकतन्त्र व संस्थाएँ सुरक्षित रहीं।
In simple words: ब्रिटेन और अमेरिका में लोकतंत्र इसलिए बचा रहा क्योंकि वहाँ की राजनीतिक संस्कृति मजबूत थी। लोगों के मूल्य और विश्वास लोकतंत्र के पक्ष में थे, जिसने मुश्किल समय में भी सरकार को स्थिर रखा।

🎯 Exam Tip: लोकतंत्र की स्थिरता में राजनीतिक संस्कृति की भूमिका को स्पष्ट करें, यह दर्शाते हुए कि कैसे साझा मूल्य और विश्वास कठिन परिस्थितियों में भी व्यवस्था को बनाए रखते हैं।

 

Question 4. राजनीतिक संस्कृति एवं लोकतन्त्र के सम्बन्ध में आमण्ड एवं सिडनी बर्बा के क्या विचार हैं?
Answer: राजनीतिक संस्कृति एवं लोकतन्त्र के सम्बन्ध में सबसे महत्वपूर्ण कार्य आमण्ड और सिडनी बर्बा ने किया है। इन्होंने ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको के लोकतन्त्र की स्थिरता एवं अस्थिरता पर राजनीतिक संस्कृति के प्रभावों का अध्ययन किया। आमण्ड एवं बर्बा के अनुसार -"राजनीतिक संस्कृति से तात्पर्य है राजनीतिक दलों, न्यायालयों, संविधान और राज्य के इतिहास जैसे विषयों के प्रति अभिविन्यासों का प्रतिमान अर्थात् समाज का कोई भी सदस्य इन संस्थाओं के सन्दर्भ में या अपने राजनीतिक पर्यावरण के सन्दर्भ में अपने आपको कहाँ रखता हैं।

अन्य शब्दों में एक व्यक्ति अपने देश की सरकार से क्या अपेक्षाएँ रखता है और उनके संचालन में अपनी क्या भूमिका समझता है। क्या वह सरकार के सामने अपने आपको विवश महसूस करता है अथवा अपनी आवाज वहाँ तक पहुँचाने और न्याय प्राप्त करने की आशा रखता है। क्या वह यह समझता है कि वह शासन के निर्णयों को प्रभावित कर सकता है? संक्षेप में व्यक्ति का झुकाव राजनीतिक कार्यवाही के प्रति किस तरह का है और वह राजनीतिक संस्कृति द्वारा कैसे प्रभावित होता है? ये समस्त बातें उपर्युक्त विद्वानों के अध्ययन में समाहित थीं।
In simple words: आमण्ड और सिडनी बर्बा का मानना है कि राजनीतिक संस्कृति यह तय करती है कि लोकतंत्र कितना स्थिर होगा। उन्होंने ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, अमेरिका और मेक्सिको का अध्ययन किया और पाया कि लोग सरकार के बारे में कैसे सोचते हैं, यह उनके राजनीतिक व्यवहार को प्रभावित करता है।
🎯 Exam Tip: आमण्ड और बर्बा के 'द सिविक कल्चर' अध्ययन का उल्लेख करें और समझाएँ कि कैसे उन्होंने राजनीतिक संस्कृति को लोकतंत्र के प्रदर्शन से जोड़ा।

 

Question 5. राजनीतिक संस्कृति के प्रकार बताइए। अथवा आमण्ड के अनुसार राजनीतिक संस्कृति के प्रकार बताइए।
Answer: आमण्ड के अनुसार राजनीतिक संस्कृति के प्रकार – आमण्ड के अनुसार राजनीतिक व्यवस्थाओं के आधार पर राजनीतिक संस्कृतियाँ चार प्रकार की हैं
(i) आंग्ल अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था – इस प्रकार की राजनीतिक संस्कृति ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जैसे सामंजस्यकारी उदारवादी मूल्यों वाले लोकतांत्रिक देशों में पायी जाती है।
(ii) महाद्वीपीय यूरोपीय राजनीतिक व्यवस्था – इस प्रकार की राजनीतिक संस्कृति जर्मनी, फ्रांस, इटली जैसे देशों में मिलती है, जहाँ बहुलवादी संस्कृति पायी जाती है।
(iii) गैर पश्चिमी अथवा पूर्व औद्योगिक राजनीतिक व्यवस्था – यह राजनीतिक संस्कृति एशिया तथा अफ्रीका के अनेक पूर्व उपनिवेशवादी देशों में पाई जाती है जहाँ औद्योगिक, आर्थिक विकास और लोकतन्त्र आज भी नवजात और अल्पविकसित अवस्था में है।
(iv) सर्वाधिकारवादी राजनीतिक व्यवस्था – इस प्रकार की राजनीतिक संस्कृति एशिया व अफ्रीका के अनेक सैन्य तानाशाही व्यवस्था वाले देशों व चीन तथा उत्तर कोरिया जैसे साम्यवादी देशों में पायी जाती है। इन राजनीतिक संस्कृतियों में विपक्ष नहीं रहता तथा विरोध की सम्भावना भी नहीं पायी जाती है।
In simple words: आमण्ड ने राजनीतिक व्यवस्थाओं के आधार पर चार प्रकार की राजनीतिक संस्कृतियाँ बताई हैं: आंग्ल-अमेरिकी (ब्रिटेन, अमेरिका), महाद्वीपीय यूरोपीय (जर्मनी, फ्रांस), गैर-पश्चिमी या पुराने औद्योगिक (एशिया, अफ्रीका) और सर्वाधिकारवादी (चीन, उत्तर कोरिया) जहाँ विरोध नहीं होता।

🎯 Exam Tip: आमण्ड द्वारा वर्गीकृत प्रत्येक राजनीतिक संस्कृति के प्रकार को उसके विशिष्ट उदाहरणों और प्रमुख विशेषताओं के साथ याद रखें।

 

Question 6. राजनीतिक संस्कृति एवं राजनीतिक समाजीकरण के सम्बन्धों को बताइए।
Answer: आमण्ड और बर्बा ने राजनीतिक समाजीकरण के सम्बन्धों की विस्तृत विवेचना की है। आमण्ड एवं बर्बा के अनुसार-राजनीतिक समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा राजनीतिक संस्कृति को स्थापित किया जाता है और उसमें आवश्यकतानुसार परिवर्तन लाया जाता है। राजनीतिक समाजीकरण द्वारा राजनीतिक संस्कृति के गुणों, विश्वासों तथा मनोवेगों को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाया जाता है।

इस प्रक्रिया में परिवार, मित्र-मण्डली, शिक्षण व धार्मिक संस्थान, लोकसंचार के साधन, हित समूह, राजनीतिक दल आदि महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक समाजीकरण के माध्यम से समाज अपने राजनीतिक मानकों, मान्यताओं और विश्वासों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संचारित करता है।

यह आवश्यक नहीं है कि इस प्रक्रिया द्वारा सभी व्यक्ति बने बनाये ढांचे में ढल जाएँ, परन्तु इससे राजनीतिक जीवन में निरन्तरता जरूर बनी रहती है। इसके साथ ही राजनीतिक प्रणाली नये दबावों और तनावों को झेलने की सहनशक्ति विकसित कर लेती है। राजनीतिक समाजीकरण राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा देता है। यदि किसी देश की राजनीतिक संस्कृति कई उप – संस्कृतियों में बँटी होती है तो राजनीतिक समाजीकरण की प्रक्रिया को राष्ट्र निर्माण की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना अनिवार्य हो जाता है।
In simple words: राजनीतिक समाजीकरण वह तरीका है जिससे राजनीतिक संस्कृति बनती है, बदलती है और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाती है। परिवार, स्कूल और मीडिया जैसे साधन इसमें मदद करते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को स्थिर रखती है और नए बदलावों को झेलने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: राजनीतिक समाजीकरण को राजनीतिक संस्कृति के संचरण और परिवर्तन की कुंजी के रूप में समझाएँ, और इसके प्रमुख अभिकरणों का उल्लेख करें।

 

Question 7. राजनीतिक संस्कृति के महत्व का वर्णन कीजिए।
Answer: राजनीतिक संस्कृति उपागम को विकसित करने का श्रेय आमण्ड एवं बर्बा सहित अनेक अन्य विचारकों को है। इस उपागम के महत्व को निम्न प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है:
1. राजनीतिक संस्कृति अवधारणा द्वारा अध्ययनकर्ताओं का केन्द्रबिन्दु राजनीतिक समाज बन गया।
2. इस अवधारणा ने राजनीतिक क्रियाओं के अध्ययन में राजनीतिक व सामाजिक तत्वों का समावेश करके राजनीति शास्त्र का विकास किया।
3. इस अवधारणा से अध्ययन में विवेक को समावेश हुआ।
4. राजनीतिक संस्कृति ने राजनीतिक समाज द्वारा विभिन्न दिशाएँ ग्रहण करने के कारणों को स्पष्ट किया है।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने राजनीति को समझने का नया तरीका दिया, इसमें समाज और संस्कृति को जोड़ा, सोचने-समझने की शक्ति बढ़ाई और बताया कि राजनीतिक समाज क्यों अलग-अलग दिशाओं में जाता है।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति के महत्व को समझाते समय, इसके सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों योगदानों पर प्रकाश डालें।

 

Question 1. राजनीतिक सस्कृति से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताएं / लक्षण का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Answer: **राजनीतिक संस्कृति से आशय:** राजनीतिक संस्कृति सामान्य संस्कृति के राजनीतिक दृष्टिकोण से संबंधित है। आमण्ड और पावेल के अनुसार- 'राजनीतिक संस्कृति किसी राजनीतिक व्यवस्था के सदस्यों की राजनीति के प्रति व्यक्तिगत अभिवृत्तियों और उन्मुखताओं की शैली है।' सिडनी बर्बा के अनुसार – 'राजनीतिक संस्कृति में आनुभविक विश्वासों, अभिव्यात्मक प्रतीकों और मूल्यों की वह व्यवस्था निहित है जो उस परिस्थिति अथवा दशा को परिभाषित करती है जिसमें राजनीतिक क्रिया सम्पन्न होती है।' एलन बॉल के अनुसार -"राजनीतिक संस्कृति का निर्माण समाज की उन अभिवृत्तियों, विश्वासों तथा मूल्यों के समूह से होता है, जिनका राजनीतिक व्यवस्था और राजनीतिक विषयों के साथ सम्बन्ध है।" लुसियन पाई के अनुसार -"राजनीतिक संस्कृति का सम्बन्ध अभिवृत्तियों, विश्वासों एवं भावनाओं के समूह से है जो. राजनीतिक प्रक्रिया को व्यापकता तथा सार्थकता प्रदान करते हैं और ऐसे अन्तर्निहित विचार एवं नियम प्रदान करते हैं जो राजनीतिक व्यवस्था में व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।"

इस प्रकार यह राजनीतिक संस्कृति सामाजिक राजनीतिक गतिशीलता की भाँति स्वयं भी गतिशील है तथा सामाजिक राजनीतिक मूल्यों पर आधारित है। राजनीतिक संस्कृति समाज की परम्पराओं उसकी सार्वजनिक संस्थाओं की आत्मा एवं उनके नागरिकों की आकांक्षाओं, उसके सामूहिक विवेक, उसके नेताओं के तरीके तथा सक्रियता के नियम आदि द्वारा परिलक्षित होती है। राजनीतिक संस्कृति की प्रमुख विशेषताएँ / लक्षण निम्नलिखित हैं:

1. **समन्वयकारी स्वरूप-** राजनीतिक संस्कृति का स्वरूप समन्वयकारी है। यह प्राचीन और नवीन जीवन मूल्यों में समन्वय स्थापित करती है।
2. **नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण –** नैतिक मूल्य, राजनीतिक संस्कृति के लिए आवश्यक होते हैं। नैतिक मूल्यों का समर्थन राजनीतिक संस्कृति के लिए आवश्यक है। नैतिक मूल्य की स्थापना में समाज का धार्मिक स्वरूप और कभी-कभी सत्ता व्यवस्था का स्वरूप योगदान करता है।
3. **अमूर्त रूप-** जनता के मनोमस्तिष्क के अमूर्त विचार राजनीतिक संस्कृति को प्रभावित करते हैं। राज्य के किसी कानून तथा कार्य के विरुद्ध जनता का आक्रोश अमूर्त होता है जिसका अनुमान लगाना कठिन होता है।
4. **गतिशीलता –** राजनीतिक संस्कृति का स्वरूप गतिशील है। चूंकि व्यक्ति और समाज के जीवन मूल्य स्थाई नहीं। हैं वे राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक पारिस्थितियों तथा सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप बदलते रहते हैं, तदनुसार राजनीतिक संस्कृति भी बदलती रहती है।
In simple words: राजनीतिक संस्कृति वह तरीका है जिससे लोग अपनी सरकार और राजनीति के बारे में सोचते और महसूस करते हैं। यह हमेशा बदलती रहती है और पुराने-नए मूल्यों को साथ लेकर चलती है। यह लोगों के नैतिक विचारों से भी जुड़ी होती है और समाज की परंपराओं को दिखाती है।
🎯 Exam Tip: राजनीतिक संस्कृति की विस्तृत परिभाषा के साथ, उसकी प्रमुख विशेषताओं जैसे गतिशीलता, समन्वयकारी स्वरूप और अमूर्तता को उदाहरण सहित समझाएँ।

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