Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Mathematics Chapter 08 अवकलजों के अनुप्रयोग
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Question 1. वृत्त के क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर इसकी त्रिज्या r के सापेक्ष ज्ञात कीजिए, जबकि r = 3 सेमी तथा r = 4 सेमी है।
Answer: मान लीजिए कि वृत्त का क्षेत्रफल \( A \) है, तब उसका सूत्र \( A = \pi r^2 \) होता है, जहाँ \( r \) वृत्त की त्रिज्या है।
जब हम वृत्त के क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर को त्रिज्या \( r \) के सापेक्ष निकालते हैं, तो हमें \( A \) का \( r \) के सापेक्ष अवकलन करना होगा:
\( \frac{dA}{dr} = \frac{d}{dr}(\pi r^2) \)
\( \implies \frac{dA}{dr} = 2\pi r \)
अब, हमें यह दर दो अलग-अलग त्रिज्या मानों के लिए निकालनी है:
(i) जब \( r = 3 \) सेमी हो:
\( \frac{dA}{dr} = 2\pi (3) = 6\pi \)
(ii) जब \( r = 4 \) सेमी हो:
\( \frac{dA}{dr} = 2\pi (4) = 8\pi \)
अतः, जब त्रिज्या 3 सेमी होती है, तो क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर \( 6\pi \) सेमी है, और जब त्रिज्या 4 सेमी होती है, तो यह दर \( 8\pi \) सेमी है। यह दिखाता है कि त्रिज्या बढ़ने पर क्षेत्रफल की परिवर्तन दर भी बढ़ती है।
In simple words: हमें वृत्त के क्षेत्रफल में बदलाव की गति निकालनी है, यह देखते हुए कि त्रिज्या कितनी तेजी से बदल रही है। जब त्रिज्या 3 सेमी होती है, तो क्षेत्रफल \( 6\pi \) सेमी की दर से बदलता है, और जब 4 सेमी होती है, तो \( 8\pi \) सेमी की दर से बदलता है।
🎯 Exam Tip: "सापेक्ष" शब्द पर ध्यान दें। यदि परिवर्तन की दर समय के सापेक्ष पूछी जाती है, तो \( \frac{dA}{dt} \) ज्ञात करें, लेकिन यदि यह त्रिज्या \( r \) के सापेक्ष है, तो \( \frac{dA}{dr} \) ज्ञात करें, जिससे इकाई भी बदल जाएगी।
Question 2. एक कण वक्र \( y=\frac{2}{3}{x}^{3}+1 \) पर चलता है। वक्र पर उन बिन्दुओं को ज्ञात कीजिए जहाँ y-निर्देशांक में परिवर्तन की दर, x-निर्देशांक में परिवर्तन की दर की दोगुनी है।
Answer: दिया गया वक्र का समीकरण है:
\( y=\frac{2}{3}x^3+1 \) ...(i)
हम मान लेते हैं कि किसी समय \( t \) पर कण की स्थिति \( P(x, y) \) है।
प्रश्न के अनुसार, y-निर्देशांक में परिवर्तन की दर, x-निर्देशांक में परिवर्तन की दर की दोगुनी है। इसे हम ऐसे लिख सकते हैं:
\( \frac{dy}{dt} = 2\frac{dx}{dt} \) ...(ii)
अब, समीकरण (i) का \( t \) के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\( \frac{dy}{dt} = \frac{d}{dt}\left(\frac{2}{3}x^3+1\right) \)
\( \implies \frac{dy}{dt} = \frac{2}{3} \cdot 3x^2 \frac{dx}{dt} + 0 \)
\( \implies \frac{dy}{dt} = 2x^2 \frac{dx}{dt} \)
अब, इस मान को समीकरण (ii) में रखने पर:
\( 2x^2 \frac{dx}{dt} = 2\frac{dx}{dt} \)
दोनों तरफ \( 2\frac{dx}{dt} \) से भाग देने पर (यह मानते हुए कि \( \frac{dx}{dt} \neq 0 \)):
\( x^2 = 1 \)
\( \implies x = \pm 1 \)
अब, \( x \) के इन मानों को समीकरण (i) में रखकर \( y \) के संगत मान ज्ञात करेंगे:
(a) जब \( x = 1 \) हो:
\( y = \frac{2}{3}(1)^3+1 = \frac{2}{3}+1 = \frac{5}{3} \)
पहला बिंदु है: \( (1, \frac{5}{3}) \)
(b) जब \( x = -1 \) हो:
\( y = \frac{2}{3}(-1)^3+1 = -\frac{2}{3}+1 = \frac{1}{3} \)
दूसरा बिंदु है: \( (-1, \frac{1}{3}) \)
इसलिए, वक्र पर वे बिंदु \( (1, \frac{5}{3}) \) और \( (-1, \frac{1}{3}) \) हैं जहाँ y-निर्देशांक में परिवर्तन की दर, x-निर्देशांक में परिवर्तन की दर की दोगुनी होती है। इन बिंदुओं पर गति का विशेष संबंध होता है।
In simple words: हमें ऐसे बिंदु खोजने थे जहाँ y-अक्ष की दिशा में गति, x-अक्ष की दिशा में गति की दोगुनी हो। हमने पाया कि ये बिंदु \( (1, \frac{5}{3}) \) और \( (-1, \frac{1}{3}) \) हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे सवालों में सबसे पहले दी गई जानकारी को गणितीय समीकरणों में बदलें, फिर समय के सापेक्ष अवकलन करें और अंत में दिए गए संबंध का उपयोग करके अज्ञात चर के मान ज्ञात करें।
Question 3. एक 13 मीटर लम्बी सीढ़ी दीवार के सहारे झुकी हुई हैं। सीढ़ी के पाँव को 1.5 मीटर/सेकण्ड की दर से जमीन के सहारे दीवार से दूर खींचा जाता है। सीढ़ी तथा जमीन के मध्य का कोण किस गति से परिवर्तित हो रहा है, जबकि सीढ़ी का पाँव दीवार से 12 मीटर दूर हो।
Answer: मान लीजिए कि सीढ़ी की लंबाई 13 मीटर है।
यदि \( x \) दीवार के आधार से सीढ़ी के पाँव की दूरी है और \( y \) दीवार पर सीढ़ी के ऊपरी सिरे की ऊँचाई है, तो पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( x^2 + y^2 = 13^2 = 169 \)
हमें दिया गया है कि सीढ़ी के पाँव को दीवार से 1.5 मीटर/सेकंड की दर से दूर खींचा जा रहा है, इसलिए:
\( \frac{dx}{dt} = 1.5 \) मीटर/सेकंड
हमें उस समय \( \frac{d\theta}{dt} \) ज्ञात करना है जब सीढ़ी का पाँव दीवार से \( x = 12 \) मीटर दूर हो।
पहले \( y \) का मान ज्ञात करें जब \( x = 12 \):
\( 12^2 + y^2 = 169 \)
\( 144 + y^2 = 169 \)
\( y^2 = 169 - 144 = 25 \)
\( \implies y = 5 \) मीटर
अब, सीढ़ी तथा जमीन के मध्य के कोण \( \theta \) के लिए, हम संबंध \( \cos \theta = \frac{x}{13} \) का उपयोग कर सकते हैं।
दोनों तरफ \( t \) के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\( -\sin \theta \frac{d\theta}{dt} = \frac{1}{13} \frac{dx}{dt} \)
हमें \( \sin \theta \) का मान चाहिए। जब \( y=5 \) और सीढ़ी की लंबाई 13 है, तो \( \sin \theta = \frac{y}{13} = \frac{5}{13} \)।
मानों को समीकरण में रखने पर:
\( -\frac{5}{13} \frac{d\theta}{dt} = \frac{1}{13} (1.5) \)
\( \implies -\frac{5}{13} \frac{d\theta}{dt} = \frac{1.5}{13} \)
\( \implies \frac{d\theta}{dt} = -\frac{1.5}{5} \)
\( \implies \frac{d\theta}{dt} = -0.3 \) रेडियन/सेकंड
इसे भिन्न के रूप में भी लिखा जा सकता है:
\( \frac{d\theta}{dt} = -\frac{3}{10} \) रेडियन/सेकंड
ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे सीढ़ी का पाँव दीवार से दूर खींचा जाता है, सीढ़ी और जमीन के बीच का कोण घट रहा है। यह एक स्वाभाविक परिणाम है क्योंकि सीढ़ी नीचे की ओर खिसकती है।
In simple words: जब सीढ़ी को दीवार से दूर खींचा जाता है, तो सीढ़ी और जमीन के बीच का कोण धीरे-धीरे घटता जाता है। यह कोण \( 0.3 \) रेडियन प्रति सेकंड की दर से घट रहा है।
🎯 Exam Tip: संबंधित दरों के प्रश्नों में, हमेशा एक स्पष्ट आरेख बनाएँ, चर को परिभाषित करें, और ज्ञात व अज्ञात दरों को लिखें। याद रखें कि ऋणात्मक दर का मतलब कमी है।
Question 4. एक परिवर्तनशील घन का किनारा 3 सेमी/सेकण्ड की दर से बढ़ रहा है। घन का आयतन किस दर से बढ़ रहा है, जबकि किनारा 10 सेमी लम्बा है।
Answer: मान लीजिए कि घन का किनारा \( x \) है और उसका आयतन \( V \) है।
हमें दिया गया है कि घन का किनारा 3 सेमी/सेकंड की दर से बढ़ रहा है, जिसका अर्थ है:
\( \frac{dx}{dt} = 3 \) सेमी/सेकंड
घन का आयतन \( V = x^3 \) होता है।
हमें आयतन के परिवर्तन की दर (\( \frac{dV}{dt} \)) ज्ञात करनी है जब किनारा \( x = 10 \) सेमी लम्बा हो।
\( V = x^3 \)
दोनों तरफ \( t \) के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\( \frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}(x^3) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 3x^2 \frac{dx}{dt} \)
अब, दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( x = 10 \) सेमी और \( \frac{dx}{dt} = 3 \) सेमी/सेकंड
\( \frac{dV}{dt} = 3(10)^2 (3) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 3(100)(3) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 900 \) सेमी³/सेकंड
अतः, जब घन का किनारा 10 सेमी लम्बा होता है, तो उसका आयतन \( 900 \) सेमी³/सेकंड की दर से बढ़ रहा होता है। आयतन में यह वृद्धि घन के आकार के साथ तेजी से बढ़ती है।
In simple words: एक घन है जिसका किनारा हर सेकंड 3 सेमी बढ़ रहा है। जब उसका किनारा 10 सेमी हो जाता है, तो उसका कुल आयतन हर सेकंड 900 घन सेमी की दर से बढ़ता है।
🎯 Exam Tip: ज्यामितीय आकृतियों से संबंधित दरों के प्रश्नों में, आयतन या क्षेत्रफल का सूत्र सही ढंग से लिखें और फिर श्रृंखला नियम (Chain Rule) का उपयोग करके समय के सापेक्ष अवकलन करें।
Question 5. एक गुब्बारा जो सदैव गोलाकार रहता है, एक पम्प द्वारा 900 सेमी³ गैस प्रति सेकण्ड भरकर फुलाया जाता है। गुब्बारे की त्रिज्या के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए, जबकि त्रिज्या 15 सेमी है।
Answer: मान लीजिए कि किसी समय \( t \) पर गुब्बारे की त्रिज्या \( r \) है और उसका आयतन \( V \) है।
हमें दिया गया है कि पम्प द्वारा 900 सेमी³ गैस प्रति सेकंड भरी जा रही है, जिसका अर्थ है आयतन के परिवर्तन की दर:
\( \frac{dV}{dt} = 900 \) सेमी³/सेकंड
एक गोले का आयतन \( V = \frac{4}{3}\pi r^3 \) होता है।
हमें त्रिज्या के परिवर्तन की दर (\( \frac{dr}{dt} \)) ज्ञात करनी है जब त्रिज्या \( r = 15 \) सेमी हो।
\( V = \frac{4}{3}\pi r^3 \)
दोनों तरफ \( t \) के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\( \frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}\left(\frac{4}{3}\pi r^3\right) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = \frac{4}{3}\pi (3r^2) \frac{dr}{dt} \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 4\pi r^2 \frac{dr}{dt} \)
अब, दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( 900 = 4\pi (15)^2 \frac{dr}{dt} \)
\( 900 = 4\pi (225) \frac{dr}{dt} \)
\( 900 = 900\pi \frac{dr}{dt} \)
\( \implies \frac{dr}{dt} = \frac{900}{900\pi} \)
\( \implies \frac{dr}{dt} = \frac{1}{\pi} \) सेमी/सेकंड
अतः, जब गुब्बारे की त्रिज्या 15 सेमी होती है, तो उसकी त्रिज्या \( \frac{1}{\pi} \) सेमी/सेकंड की दर से बढ़ रही होती है। यह दर्शाता है कि बड़े गुब्बारों की त्रिज्या धीमी गति से बढ़ती है, भले ही आयतन एक ही दर से बढ़ रहा हो।
In simple words: एक गुब्बारे में हर सेकंड 900 घन सेमी हवा भरी जा रही है। जब गुब्बारे की त्रिज्या 15 सेमी हो, तो उसकी त्रिज्या \( \frac{1}{\pi} \) सेमी प्रति सेकंड की गति से बढ़ रही है।
🎯 Exam Tip: संबंधित दरों के सवालों में, सही सूत्र का चयन करें, उसे समय के सापेक्ष अवकलित करें और फिर दिए गए विशिष्ट मानों को प्रतिस्थापित करें। ध्यान दें कि पाई (\( \pi \)) को सामान्यतः \( \frac{22}{7} \) या \( 3.14 \) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, लेकिन \( \frac{1}{\pi} \) को ऐसे ही छोड़ना अधिक सटीक होता है, जब तक कि इसे बदलने के लिए न कहा जाए।
Question 6. एक गुब्बारा, जो सदैव गोलाकार रहता है, का व्यास \( \frac{3}{2}(2x+1) \) है। इसके आयतन के परिवर्तन की दर x के सापेक्ष ज्ञात कीजिए।
Answer: मान लीजिए कि गुब्बारे का आयतन \( V \) है।
गुब्बारे का व्यास \( D = \frac{3}{2}(2x+1) \) दिया गया है।
गुब्बारे की त्रिज्या \( r \) व्यास की आधी होती है, इसलिए:
\( r = \frac{1}{2}D = \frac{1}{2} \cdot \frac{3}{2}(2x+1) = \frac{3}{4}(2x+1) \)
एक गोले का आयतन \( V = \frac{4}{3}\pi r^3 \) होता है।
अब, \( r \) का मान आयतन के सूत्र में रखने पर:
\( V = \frac{4}{3}\pi \left(\frac{3}{4}(2x+1)\right)^3 \)
\( V = \frac{4}{3}\pi \cdot \frac{3^3}{4^3}(2x+1)^3 \)
\( V = \frac{4}{3}\pi \cdot \frac{27}{64}(2x+1)^3 \)
\( V = \frac{9\pi}{16}(2x+1)^3 \)
हमें आयतन के परिवर्तन की दर \( x \) के सापेक्ष ज्ञात करनी है, यानी \( \frac{dV}{dx} \)।
\( \frac{dV}{dx} = \frac{d}{dx}\left(\frac{9\pi}{16}(2x+1)^3\right) \)
\( \implies \frac{dV}{dx} = \frac{9\pi}{16} \cdot 3(2x+1)^{3-1} \cdot \frac{d}{dx}(2x+1) \) (चेन रूल का उपयोग करके)
\( \implies \frac{dV}{dx} = \frac{9\pi}{16} \cdot 3(2x+1)^2 \cdot 2 \)
\( \implies \frac{dV}{dx} = \frac{9\pi \cdot 6}{16}(2x+1)^2 \)
\( \implies \frac{dV}{dx} = \frac{54\pi}{16}(2x+1)^2 \)
\( \implies \frac{dV}{dx} = \frac{27\pi}{8}(2x+1)^2 \)
अतः, गुब्बारे के आयतन के परिवर्तन की दर \( x \) के सापेक्ष \( \frac{27\pi}{8}(2x+1)^2 \) है। यह दर इस बात पर निर्भर करती है कि \( x \) का मान क्या है।
In simple words: एक गोल गुब्बारे का आकार \( x \) से जुड़ा है। जब \( x \) बदलता है, तो गुब्बारे का आयतन भी बदलता है। आयतन के बदलने की दर \( \frac{27\pi}{8}(2x+1)^2 \) है।
🎯 Exam Tip: जब व्यास या त्रिज्या किसी अन्य चर (जैसे \( x \)) के फलन के रूप में दी गई हो, तो हमेशा पहले त्रिज्या को सही ढंग से लिखें, फिर उसे आयतन या क्षेत्रफल के सूत्र में प्रतिस्थापित करें, और अंत में उस चर के सापेक्ष अवकलन करें जिसके संबंध में परिवर्तन की दर पूछी गई है।
Question 7. किसी वस्तु की x इकाइयों के पादन में कुल लागत C(x) रुपये में निम्न समीकरण द्वारा दी गई है। C(x) = 0.005x³ – 0.02x² + 30x + 5000 सीमान्त लागत ज्ञात कीजिए जब वस्तु की 3 इकाई उत्पादित की जाती है। जहाँ सीमान्त लागत का अर्थ किसी स्तर पर अपादन सम्पूर्ण लागत में तात्कालिक परिवर्तन की दर है।
Answer: कुल लागत फलन \( C(x) = 0.005x^3 - 0.02x^2 + 30x + 5000 \) दिया गया है।
सीमान्त लागत (Marginal Cost, MC) कुल लागत में परिवर्तन की दर होती है जब उत्पादन की एक अतिरिक्त इकाई बनाई जाती है। इसे \( C(x) \) के \( x \) के सापेक्ष अवकलन करके ज्ञात किया जाता है:
\( MC = \frac{dC}{dx} \)
\( \frac{dC}{dx} = \frac{d}{dx}(0.005x^3 - 0.02x^2 + 30x + 5000) \)
\( \implies \frac{dC}{dx} = 0.005(3x^2) - 0.02(2x) + 30(1) + 0 \)
\( \implies \frac{dC}{dx} = 0.015x^2 - 0.04x + 30 \)
हमें सीमान्त लागत ज्ञात करनी है जब वस्तु की 3 इकाइयाँ उत्पादित की जाती हैं, यानी जब \( x = 3 \) हो।
\( MC(3) = 0.015(3)^2 - 0.04(3) + 30 \)
\( \implies MC(3) = 0.015(9) - 0.12 + 30 \)
\( \implies MC(3) = 0.135 - 0.12 + 30 \)
\( \implies MC(3) = 0.015 + 30 \)
\( \implies MC(3) = 30.015 \)
अतः, जब वस्तु की 3 इकाइयाँ उत्पादित की जाती हैं, तो सीमान्त लागत Rs 30.015 (लगभग Rs 30.02) है। यह दर्शाता है कि 3 इकाइयाँ बनाने के बाद एक और इकाई बनाने में लगभग 30.015 रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
In simple words: किसी चीज़ की 3 इकाइयाँ बनाने के बाद, एक और इकाई बनाने पर जो एक्स्ट्रा खर्च आएगा, वह लगभग Rs 30.015 होगा। यह अतिरिक्त खर्च को 'सीमान्त लागत' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: सीमान्त लागत (MC) हमेशा कुल लागत फलन (C(x)) का पहला अवकलज होता है। सुनिश्चित करें कि आप अवकलन के बाद चर \( x \) के दिए गए मान को सही ढंग से प्रतिस्थापित करें।
Question 8. एक गोलाकार बुलबुले की त्रिज्या में 0.2 सेमी/सेकण्ड की दर से वृद्धि हो रही है। इसके पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि की दर और आयतन में वृद्धि की दर ज्ञात कीजिए, जबकि त्रिज्या क्रमशः 7 सेमी और 5 सेमी है।
Answer: मान लीजिए कि किसी समय \( t \) पर गोलाकार बुलबुले की त्रिज्या \( r \) है।
हमें दिया गया है कि त्रिज्या में वृद्धि की दर है:
\( \frac{dr}{dt} = 0.2 \) सेमी/सेकंड
(i) पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि की दर ज्ञात करना:
एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( S = 4\pi r^2 \) होता है।
दोनों तरफ \( t \) के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\( \frac{dS}{dt} = \frac{d}{dt}(4\pi r^2) \)
\( \implies \frac{dS}{dt} = 4\pi (2r) \frac{dr}{dt} \)
\( \implies \frac{dS}{dt} = 8\pi r \frac{dr}{dt} \)
हमें पृष्ठीय क्षेत्रफल में वृद्धि की दर ज्ञात करनी है जब त्रिज्या \( r = 7 \) सेमी हो।
\( \frac{dS}{dt} = 8\pi (7) (0.2) \)
\( \implies \frac{dS}{dt} = 56\pi (0.2) \)
\( \implies \frac{dS}{dt} = 11.2\pi \) सेमी²/सेकंड
(ii) आयतन में वृद्धि की दर ज्ञात करना:
एक गोले का आयतन \( V = \frac{4}{3}\pi r^3 \) होता है।
दोनों तरफ \( t \) के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\( \frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}\left(\frac{4}{3}\pi r^3\right) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = \frac{4}{3}\pi (3r^2) \frac{dr}{dt} \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 4\pi r^2 \frac{dr}{dt} \)
हमें आयतन में वृद्धि की दर ज्ञात करनी है जब त्रिज्या \( r = 5 \) सेमी हो।
\( \frac{dV}{dt} = 4\pi (5)^2 (0.2) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 4\pi (25) (0.2) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 100\pi (0.2) \)
\( \implies \frac{dV}{dt} = 20\pi \) सेमी³/सेकंड
अतः, जब त्रिज्या 7 सेमी है तो पृष्ठीय क्षेत्रफल \( 11.2\pi \) सेमी²/सेकंड की दर से बढ़ रहा है, और जब त्रिज्या 5 सेमी है तो आयतन \( 20\pi \) सेमी³/सेकंड की दर से बढ़ रहा है। दोनों दरें त्रिज्या के मान पर निर्भर करती हैं।
In simple words: एक गोल बुलबुले की त्रिज्या हर सेकंड 0.2 सेमी बढ़ रही है। जब त्रिज्या 7 सेमी हो, तो उसका बाहरी हिस्सा (पृष्ठीय क्षेत्रफल) \( 11.2\pi \) सेमी² प्रति सेकंड की दर से बढ़ रहा है। जब त्रिज्या 5 सेमी हो, तो उसका अंदरूनी हिस्सा (आयतन) \( 20\pi \) सेमी³ प्रति सेकंड की दर से बढ़ रहा है।
🎯 Exam Tip: यह एक ही प्रश्न में कई दरों को ज्ञात करने का एक अच्छा उदाहरण है। सुनिश्चित करें कि आप प्रत्येक भाग के लिए सही सूत्र (पृष्ठीय क्षेत्रफल या आयतन) का उपयोग करें और सही त्रिज्या मान को प्रतिस्थापित करें।
Question 10. किसी उत्पाद की x इकाइयों के विक्रय से प्राप्त कुल आय R(x) रुपयों में निम्न समीकरण द्वारा दी गई है। R(x) = 13x² + 26x + 15 सीमांत आय ज्ञात कीजिए जब x = 15 है।
Answer: कुल आय फलन \( R(x) = 13x^2 + 26x + 15 \) रुपयों में दिया गया है।
सीमांत आय (Marginal Revenue, MR) कुल आय में परिवर्तन की दर होती है जब उत्पाद की एक अतिरिक्त इकाई बेची जाती है। इसे \( R(x) \) के \( x \) के सापेक्ष अवकलन करके ज्ञात किया जाता है:
\( MR = \frac{dR}{dx} \)
\( \frac{dR}{dx} = \frac{d}{dx}(13x^2 + 26x + 15) \)
\( \implies \frac{dR}{dx} = 13(2x) + 26(1) + 0 \)
\( \implies \frac{dR}{dx} = 26x + 26 \)
हमें सीमांत आय ज्ञात करनी है जब \( x = 15 \) इकाइयाँ बेची जाती हैं।
\( MR(15) = 26(15) + 26 \)
\( \implies MR(15) = 390 + 26 \)
\( \implies MR(15) = 416 \)
अतः, जब 15 इकाइयाँ बेची जाती हैं, तो सीमांत आय Rs 416 है। इसका अर्थ है कि 15 इकाइयों के बाद एक और इकाई बेचने पर कंपनी को लगभग 416 रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
In simple words: जब कोई कंपनी किसी उत्पाद की 15 इकाइयाँ बेच लेती है, तो अगली इकाई बेचने पर उसे लगभग Rs 416 की अतिरिक्त कमाई होगी।
🎯 Exam Tip: सीमांत आय (MR) हमेशा कुल आय फलन (R(x)) का पहला अवकलज होता है। यह अवधारणा व्यापार और अर्थशास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण है।
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