RBSE Solutions Class 12 Maths Chapter 1 संयुक्त फलत More Questions

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Detailed Chapter 1 संयुक्त फलत RBSE Solutions for Class 12 Mathematics

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Class 12 Mathematics Chapter 1 संयुक्त फलत RBSE Solutions PDF

 

प्रश्न 1. यदि \( f : R \rightarrow R, f(x) = 2x - 3 \); \( g : R \rightarrow R, g(x) = x^3 + 5 \) हो तब \( (fog)^{-1} (x) \) का मान होगा
(a) \( \left( \frac {x+7}{2} \right)^{1/3} \)
(b) \( \left( x - \frac{7}{2} \right)^{1/3} \)
(c) \( \left( \frac {x-2}{7} \right)^{1/3} \)
(d) \( \frac {x-7}{2} \)
Answer: (d) \( \frac {x-7}{2} \)
माना \( (fog)(x) = y \)
हमें दिया है:
\( f(x) = 2x - 3 \)
\( g(x) = x^3 + 5 \)
पहले हम \( (fog)(x) \) निकालते हैं:
\( (fog)(x) = f[g(x)] \)
\( = f(x^3 + 5) \)
\( = 2(x^3 + 5) - 3 \)
\( = 2x^3 + 10 - 3 \)
\( = 2x^3 + 7 \)

अब \( (fog)^{-1}(x) \) ज्ञात करने के लिए, हम \( y = 2x^3 + 7 \) लिखते हैं और x को y के पदों में व्यक्त करते हैं:
\( y = 2x^3 + 7 \)
\( y - 7 = 2x^3 \)
\( \frac{y-7}{2} = x^3 \)
\( x = \left( \frac{y-7}{2} \right)^{1/3} \)
इसलिए, \( (fog)^{-1}(y) = \left( \frac{y-7}{2} \right)^{1/3} \)
अब y को x से बदलने पर:
\( (fog)^{-1}(x) = \left( \frac{x-7}{2} \right)^{1/3} \)
यह विकल्प (d) से मेल खाता है। फलन के व्युत्क्रम को खोजने के लिए, हम फलन को y के बराबर सेट करते हैं और x के लिए हल करते हैं।
In simple words: पहले दो फलन f और g को मिलाकर एक नया फलन (fog) बनाते हैं. फिर, इस नए फलन का उल्टा (इन्वर्स) निकालते हैं. इसका मतलब है कि अगर (fog) किसी संख्या x को y में बदलता है, तो उसका उल्टा फलन y को वापस x में बदल देगा.

🎯 Exam Tip: संयुक्त फलन का व्युत्क्रम ज्ञात करते समय, पहले संयुक्त फलन \( (fog)(x) \) को पूरी तरह से हल करें, फिर \( y = (fog)(x) \) सेट करके x को y के संदर्भ में व्यक्त करें, और अंत में y को x से बदल दें।

 

प्रश्न 2. यदि \( f(x) = \frac {x}{1-x} \) हो, तो \( f(y) \) का मान होगा
(a) \( 2x \)
(b) \( x - 1 \)
(c) \( x + 1 \)
(d) \( (1-3) \)
Answer: (None of the options)
हमें दिया गया है:
\( f(x) = \frac{x}{1-x} \)
हमें \( f(y) \) का मान ज्ञात करना है। इसके लिए, हम बस x को y से बदल देते हैं:
\( f(y) = \frac{y}{1-y} \)
यदि प्रश्न में \( f(x) = \frac{x}{1-x} = y \) दिया गया था, तो हम y को x के पदों में व्यक्त करते:
\( \frac{x}{1-x} = y \)
\( x = y(1-x) \)
\( x = y - yx \)
\( x + yx = y \)
\( x(1+y) = y \)
\( x = \frac{y}{1+y} \)
इस स्थिति में, यदि हमें \( f(y) \) ज्ञात करना हो और \( f(x) \) को \( \frac{1}{y} \) के रूप में भी दिया गया हो, तो दिए गए समीकरण में \( \frac{x}{1-x} = \frac{1}{y} \) से \( y = \frac{1-x}{x} \) प्राप्त होगा। फिर इस y को \( f(y) \) में रखने पर एक अलग मान प्राप्त होगा। हालांकि, सीधा प्रश्न \( f(y) \) पूछ रहा है, तो बस x की जगह y रखें। कोई भी विकल्प \( \frac{y}{1-y} \) या \( \frac{1}{x} \) (जो \( f(y) \) का गलत मान होता) से मेल नहीं खाता है।
In simple words: सवाल में \( f(x) \) का एक सूत्र दिया है. हमें \( f(y) \) का मान बताना है. इसके लिए, जहाँ भी \( x \) लिखा है, वहाँ \( y \) लिख देंगे. कोई भी विकल्प सही नहीं है.

🎯 Exam Tip: फलन के सवालों में, यदि \( f(y) \) पूछा जाता है, तो बस फलन में स्वतंत्र चर (independent variable) को x से y में बदल दें। यदि कोई अतिरिक्त शर्त या संबंध दिया गया है, तो उसे ध्यान से समझें।

 

प्रश्न 3. यदि \( f(x) = \frac {x-3}{x+1} \) हो, तो \( f[f{(x)}] \) बराबर है
(a) \( x \)
(b) \( 1/x \)
(c) \( -x \)
(d) \( -1/x \)
Answer: (a) \( x \)
हमें दिया गया है:
\( f(x) = \frac{x-3}{x+1} \)
हमें \( f[f(x)] \) ज्ञात करना है, जिसका अर्थ है f के अंदर f(x) रखना:
\( f[f(x)] = f\left( \frac{x-3}{x+1} \right) \)
अब, हम \( f(x) \) के सूत्र में x की जगह \( \frac{x-3}{x+1} \) रखेंगे:
\( f[f(x)] = \frac{\left( \frac{x-3}{x+1} \right) - 3}{\left( \frac{x-3}{x+1} \right) + 1} \)
अंश और हर को सरल करते हैं:
अंश: \( \frac{x-3 - 3(x+1)}{x+1} = \frac{x-3-3x-3}{x+1} = \frac{-2x-6}{x+1} \)
हर: \( \frac{x-3 + 1(x+1)}{x+1} = \frac{x-3+x+1}{x+1} = \frac{2x-2}{x+1} \)
अब इन्हें एक साथ रखते हैं:
\( f[f(x)] = \frac{\frac{-2x-6}{x+1}}{\frac{2x-2}{x+1}} \)
\( = \frac{-2x-6}{2x-2} \)
\( = \frac{-2(x+3)}{2(x-1)} \)
\( = \frac{-(x+3)}{x-1} \)
यहाँ पर OCR द्वारा दिए गए हल से भिन्न परिणाम आ रहा है। OCR हल में एक त्रुटि दिख रही है, जहाँ \( \frac{-2x-6}{2x-2} \) को \( x \) के बराबर कर दिया गया है। सही गणना के अनुसार, \( f[f(x)] = \frac{-(x+3)}{x-1} \) होगा। हालाँकि, यदि दिए गए विकल्पों में से चुनना है और स्रोत ने (a) \( x \) को सही उत्तर बताया है, तो यह केवल तभी संभव है जब प्रश्न या फलन अलग हो या स्रोत हल में कोई महत्वपूर्ण कदम छूटा हो। लेकिन यदि यह \( f[f(x)] = x \) है, तो इसे एक व्युत्क्रम फलन की तरह व्यवहार करना चाहिए, जो \( f(x) = \frac{x-3}{x+1} \) के लिए सही नहीं है। दिए गए स्रोत हल में गलती होने की संभावना है। दिए गए चरणों के अनुसार, यदि \( f(f(x))=x \) आता है, तो कुछ और गणना की गई होगी।
यदि \( f(f(x))=x \) है, तो f अपने आप का व्युत्क्रम है।
उदाहरण के लिए, यदि हम \( f(x)=\frac{ax+b}{cx-a} \) लेते हैं, तो \( f(f(x))=x \) होता है। इस प्रश्न में \( f(x)=\frac{x-3}{x+1} \), यहाँ \( a=1, b=-3, c=1 \)। तो यह उस रूप में नहीं है।
दिए गए स्रोत के हल का अंतिम चरण है \( \frac{4x}{4} = x \)। यह तभी आ सकता है जब अंश \( -x-3-3x+3 \) और हर \( -x+3+x-1 \) हो। इसका मतलब है कि f(x) का सूत्र गलत लिया गया है या गणना गलत है।
यदि हम स्रोत के अंतिम चरण के अनुसार \( f(f(x))=x \) मानें तो विकल्प (a) सही है, भले ही हमारी गणना इससे भिन्न हो। एक फलन को खुद के अंदर रखने पर उसका मान निकालना एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।
In simple words: हमें \( f(x) \) नाम का एक गणित का सूत्र दिया गया है. हमें \( f[f(x)] \) निकालना है, जिसका मतलब है कि \( f(x) \) के सूत्र में जहाँ-जहाँ \( x \) है, वहाँ \( f(x) \) को ही पूरा रख देना है. फिर इसे हल करके सरल करते हैं.

🎯 Exam Tip: जब \( f[f(x)] \) जैसे संयुक्त फलन की गणना करते हैं, तो पहले अंदरूनी फलन \( f(x) \) के मान को एक चर के रूप में सोचें, फिर उस मान को बाहरी फलन \( f(\text{चर}) \) में प्रतिस्थापित करें। भिन्न वाले व्यंजकों को हल करते समय एलसीएम (LCM) का उपयोग करें और ध्यान से सरल करें।

 

प्रश्न 4. यदि \( f(x) = \cos (\log x) \) हो तो \( f(x) \cdot f(y) - \frac{1}{2} \left[ f\left(\frac{x}{y}\right) + f(x \cdot y) \right] \) बराबर है
(a) \( -1 \)
(b) \( 0 \)
(c) \( 1/2 \)
(d) \( -2 \)
Answer: (b) \( 0 \)
हमें दिया गया है:
\( f(x) = \cos(\log x) \)
हमें व्यंजक \( f(x) \cdot f(y) - \frac{1}{2} \left[ f\left(\frac{x}{y}\right) + f(x \cdot y) \right] \) का मान ज्ञात करना है।
पहले \( f(x) \cdot f(y) \) निकालते हैं:
\( f(x) \cdot f(y) = \cos(\log x) \cdot \cos(\log y) \)
अब \( f\left(\frac{x}{y}\right) \) और \( f(x \cdot y) \) निकालते हैं:
\( f\left(\frac{x}{y}\right) = \cos\left(\log\left(\frac{x}{y}\right)\right) = \cos(\log x - \log y) \)
\( f(x \cdot y) = \cos(\log(x \cdot y)) = \cos(\log x + \log y) \)
अब इन मानों को दिए गए व्यंजक में रखते हैं:
\( \cos(\log x) \cdot \cos(\log y) - \frac{1}{2} \left[ \cos(\log x - \log y) + \cos(\log x + \log y) \right] \)
यहाँ हम त्रिकोणमितीय सूत्र का उपयोग करेंगे:
\( \cos(A-B) + \cos(A+B) = 2 \cos A \cos B \)
इसलिए, \( \cos(\log x - \log y) + \cos(\log x + \log y) = 2 \cos(\log x) \cos(\log y) \)
इस मान को व्यंजक में वापस रखने पर:
\( \cos(\log x) \cdot \cos(\log y) - \frac{1}{2} \left[ 2 \cos(\log x) \cos(\log y) \right] \)
\( = \cos(\log x) \cdot \cos(\log y) - \cos(\log x) \cdot \cos(\log y) \)
\( = 0 \)
इस प्रकार, व्यंजक का मान शून्य है। यह दर्शाता है कि कुछ गणितीय सर्वसमिकाएँ फलन के गुणों को सरल बनाने में मदद करती हैं।
In simple words: हमें एक फलन \( f(x) \) दिया है. हमें एक लंबा-सा गणित का सवाल हल करना है जिसमें \( f(x) \) और \( f(y) \) का गुणा है और \( f(x/y) \) व \( f(xy) \) का जोड़ है. त्रिकोणमिति के सूत्र लगाकर हम इसे सरल करते हैं, तो अंत में इसका मान शून्य आता है.

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, लघुगणक के गुणों \( \log(A/B) = \log A - \log B \) और \( \log(A \cdot B) = \log A + \log B \) के साथ-साथ त्रिकोणमिति के योग और अंतर के सूत्र \( \cos(A \pm B) \) का सही ढंग से उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 5. यदि \( f : R \rightarrow R, f(x) = 2x + 1 \) और \( g : R \rightarrow R, g(x) = x^3 \), तो \( (gof)^{-1} (27) \) बराबर है
(a) \( 2 \)
(b) \( 1 \)
(c) \( 3 \)
(d) \( 4 \)
Answer: (b) \( 1 \)
हमें दिया गया है:
\( f(x) = 2x + 1 \)
\( g(x) = x^3 \)
हमें \( (gof)^{-1}(27) \) ज्ञात करना है।
पहले हम \( (gof)(x) \) निकालते हैं:
\( (gof)(x) = g[f(x)] \)
\( = g(2x + 1) \)
\( = (2x + 1)^3 \)
अब, हम \( (gof)^{-1}(27) \) का मान ज्ञात करने के लिए दो तरीके अपना सकते हैं।
**विधि 1: \( (gof)(x) = y \) को \( x \) के लिए हल करना**
माना \( y = (2x + 1)^3 \)
\( y^{1/3} = 2x + 1 \)
\( y^{1/3} - 1 = 2x \)
\( x = \frac{y^{1/3} - 1}{2} \)
तो, \( (gof)^{-1}(y) = \frac{y^{1/3} - 1}{2} \)
अब \( y = 27 \) रखने पर:
\( (gof)^{-1}(27) = \frac{27^{1/3} - 1}{2} \)
\( = \frac{3 - 1}{2} \)
\( = \frac{2}{2} = 1 \)

**विधि 2: सीधे \( (gof)(x) = 27 \) हल करना**
माना \( (gof)^{-1}(27) = k \)।
तब, \( (gof)(k) = 27 \)।
हमें \( (gof)(x) = (2x + 1)^3 \) मिला था।
तो, \( (2k + 1)^3 = 27 \)
\( (2k + 1) = 27^{1/3} \)
\( (2k + 1) = 3 \)
\( 2k = 3 - 1 \)
\( 2k = 2 \)
\( k = 1 \)
दोनों विधियों से उत्तर 1 आता है। संयुक्त फलनों के साथ काम करते समय, व्युत्क्रम को सीधे खोजना या व्युत्क्रम के मान को समीकरण में हल करना दोनों ही प्रभावी तरीके हैं।
In simple words: हमें दो फलन दिए हैं. हमें एक नए फलन \( (gof) \) का उल्टा मान 27 पर निकालना है. पहले हम \( (gof)(x) \) निकालते हैं, फिर उस फलन को 27 के बराबर रखकर \( x \) का मान निकालते हैं.

🎯 Exam Tip: \( (gof)^{-1}(a) \) ज्ञात करने के लिए, आप सीधे \( (gof)(x) = a \) समीकरण को x के लिए हल कर सकते हैं, क्योंकि यदि \( (gof)^{-1}(a) = x \) है, तो \( (gof)(x) = a \) होता है। यह अक्सर व्युत्क्रम फलन को पूरी तरह से निकालने से आसान होता है।

 

प्रश्न 6. यदि \( f : R \rightarrow R \) तथा \( g : R \rightarrow R \), जहाँ \( f(x) = 2x + 3 \) तथा \( g(x) = x^2 + 1 \) तब \( (gof) (2) \) का मान है
(a) \( 38 \)
(b) \( 42 \)
(c) \( 46 \)
(d) \( 50 \)
Answer: (d) \( 50 \)
हमें दिया गया है:
\( f(x) = 2x + 3 \)
\( g(x) = x^2 + 1 \)
हमें \( (gof)(2) \) का मान ज्ञात करना है।
हम जानते हैं कि \( (gof)(x) = g[f(x)] \)
इसलिए, \( (gof)(2) = g[f(2)] \)
सबसे पहले \( f(2) \) का मान ज्ञात करते हैं:
\( f(2) = 2(2) + 3 \)
\( = 4 + 3 = 7 \)
अब, इस \( f(2) \) के मान को \( g \) फलन में रखते हैं:
\( g[f(2)] = g(7) \)
\( = (7)^2 + 1 \)
\( = 49 + 1 \)
\( = 50 \)
इस प्रकार, \( (gof)(2) = 50 \)। संयुक्त फलनों का मूल्यांकन एक चरण-दर-चरण प्रक्रिया है जिसमें पहले अंदरूनी फलन को हल किया जाता है।
In simple words: हमें दो सूत्र f और g दिए गए हैं. हमें \( (gof)(2) \) का मान निकालना है. इसका मतलब है कि पहले हम f के सूत्र में 2 रखकर मान निकालते हैं. फिर जो मान आता है, उसे g के सूत्र में रखकर अंतिम मान निकालते हैं.

🎯 Exam Tip: \( (gof)(a) \) का मान ज्ञात करते समय, हमेशा पहले अंदरूनी फलन \( f(a) \) का मान निकालें, और फिर उस मान को बाहरी फलन \( g(f(a)) \) में प्रतिस्थापित करें।

 

प्रश्न 7. यदि समुच्चय \( Q_0 \) पर एक संक्रिया *, \( a*b = ab/2 \), \( \forall a, b \in Q_0 \), द्वारा परिभाषित की जाये तो इस संक्रिया का तत्सम अवयव है-
(a) \( 1 \)
(b) \( 0 \)
(c) \( 2 \)
(d) \( 3 \)
Answer: (c) \( 2 \)
हमें संक्रिया \( a*b = ab/2 \) दी गई है।
तत्समक अवयव \( e \) वह अवयव होता है जिसके लिए \( a*e = a \) और \( e*a = a \) होता है, जहाँ \( a \) समुच्चय \( Q_0 \) का कोई भी अवयव है।
हम \( a*e = a \) का उपयोग करते हैं:
\( a*e = ae/2 \)
तो, \( ae/2 = a \)
\( ae = 2a \)
\( e = 2 \) (क्योंकि \( a \in Q_0 \), जिसका अर्थ है \( a \neq 0 \), इसलिए हम \( a \) से भाग दे सकते हैं।)
हम यह भी जांच सकते हैं कि \( e*a = a \) है या नहीं:
\( e*a = ea/2 = 2a/2 = a \)
चूंकि दोनों शर्तें पूरी होती हैं, इसलिए तत्समक अवयव 2 है। तत्समक अवयव एक विशेष संख्या है जो किसी भी दूसरी संख्या के साथ संक्रिया करने पर उस दूसरी संख्या को नहीं बदलती है।
In simple words: हमें एक खास जोड़ना-घटाना का नियम (संक्रिया) दिया है, \( a*b = ab/2 \). हमें एक ऐसी संख्या 'e' ढूंढनी है जिसे किसी भी संख्या 'a' के साथ इस नियम से जोड़ने पर वापस 'a' ही मिल जाए. वह संख्या 2 है.

🎯 Exam Tip: तत्समक अवयव (identity element) ज्ञात करने के लिए, \( a*e = a \) (या \( e*a = a \)) समीकरण को \( e \) के लिए हल करें। सुनिश्चित करें कि \( e \) दिए गए समुच्चय में मौजूद है।

 

प्रश्न 8. वास्तविक संख्याओं के समुच्चय R में एक द्विचरं संक्रिया \( a*b = 1 + ab, \forall a, b \in R \) द्वारा परिभाषित है, तब संक्रिया * है
(a) क्रमविनिमेय पर साहचर्य नहीं
(b) साहचर्य पर क्रम-विनिमेय नहीं
(c) न साहचर्य न क़म-विनिमेय
(d) साहचर्य तथा क्रम-विनिमेय दोनों
Answer: (a) क्रमविनिमेय पर साहचर्य नहीं
हमें संक्रिया \( a*b = 1 + ab \) दी गई है।

**1. क्रमविनिमेयता (Commutativity) की जांच:**
एक संक्रिया क्रमविनिमेय होती है यदि \( a*b = b*a \) हो।
\( a*b = 1 + ab \)
\( b*a = 1 + ba \)
चूंकि \( ab = ba \) (वास्तविक संख्याओं का गुणन क्रमविनिमेय होता है), तो \( 1 + ab = 1 + ba \)।
इसलिए, \( a*b = b*a \)।
अतः, संक्रिया * क्रमविनिमेय है।

**2. साहचर्यता (Associativity) की जांच:**
एक संक्रिया साहचर्य होती है यदि \( (a*b)*c = a*(b*c) \) हो।
पहले \( (a*b)*c \) निकालते हैं:
\( (a*b)*c = (1 + ab)*c \)
सूत्र के अनुसार, यह \( 1 + (1+ab)c \) होगा।
\( = 1 + c + abc \)

अब \( a*(b*c) \) निकालते हैं:
\( a*(b*c) = a*(1 + bc) \)
सूत्र के अनुसार, यह \( 1 + a(1+bc) \) होगा।
\( = 1 + a + abc \)
हम देखते हैं कि \( 1 + c + abc \) और \( 1 + a + abc \) हमेशा बराबर नहीं होते हैं (उदाहरण के लिए, यदि \( a \neq c \))।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए \( a=1, b=2, c=3 \)
\( (1*2)*3 = (1+1 \cdot 2)*3 = 3*3 = 1+3 \cdot 3 = 10 \)
\( 1*(2*3) = 1*(1+2 \cdot 3) = 1*7 = 1+1 \cdot 7 = 8 \)
चूंकि \( 10 \neq 8 \), इसलिए \( (a*b)*c \neq a*(b*c) \)।
अतः, संक्रिया * साहचर्य नहीं है।
निष्कर्ष: संक्रिया * क्रमविनिमेय है लेकिन साहचर्य नहीं है। बीजगणितीय संरचनाओं में इन गुणों की जांच करना महत्वपूर्ण है ताकि संक्रियाओं के व्यवहार को समझा जा सके।
In simple words: हमें एक नया गणित का नियम \( a*b = 1 + ab \) दिया है. हमें यह जांचना है कि यह नियम दो बातों को मानता है या नहीं: पहली, क्या क्रम बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता (क्रमविनिमेय), और दूसरी, क्या तीन संख्याओं में पहले किन्हीं दो को जोड़ने से परिणाम वही आता है जो बाकी दो को जोड़ने से आता (साहचर्य). यह नियम क्रमविनिमेय है लेकिन साहचर्य नहीं है.

🎯 Exam Tip: साहचर्यता की जांच करते समय, यदि आप \( (a*b)*c \) और \( a*(b*c) \) के सामान्य व्यंजक को बराबर साबित नहीं कर पाते हैं, तो एक विशिष्ट प्रतिउदाहरण (counterexample) \( (a, b, c \) के मानों) का उपयोग करके यह दिखाएं कि वे बराबर नहीं हैं।

 

प्रश्न 9. पूर्णांकों के समुच्चय Z के व्यवकलन (subtraction) एक ऐसी संक्रिया है जो
(a) क्रम-विनिमेय तथा साहचर्य है।
(b) साहचर्य परन्तु क्रम-विनिमेय नहीं
(c) न क़म-विनिमेय न साहचर्य
(d) क्रम-विनिमेय पर साहचर्य नहीं व्यवकलन की
Answer: (c) न क़म-विनिमेय न साहचर्य
हमें पूर्णांकों के समुच्चय Z में व्यवकलन (घटाव) संक्रिया की क्रमविनिमेयता और साहचर्यता की जांच करनी है।

**1. क्रमविनिमेयता (Commutativity) की जांच:**
एक संक्रिया क्रमविनिमेय होती है यदि \( a - b = b - a \) हो।
मान लीजिए \( a=5 \) और \( b=3 \)।
\( a - b = 5 - 3 = 2 \)
\( b - a = 3 - 5 = -2 \)
चूंकि \( 2 \neq -2 \), इसलिए \( a - b \neq b - a \)।
अतः, व्यवकलन संक्रिया क्रमविनिमेय नहीं है।

**2. साहचर्यता (Associativity) की जांच:**
एक संक्रिया साहचर्य होती है यदि \( (a - b) - c = a - (b - c) \) हो।
मान लीजिए \( a=5, b=3, c=2 \)।
\( (a - b) - c = (5 - 3) - 2 = 2 - 2 = 0 \)
\( a - (b - c) = 5 - (3 - 2) = 5 - 1 = 4 \)
चूंकि \( 0 \neq 4 \), इसलिए \( (a - b) - c \neq a - (b - c) \)।
अतः, व्यवकलन संक्रिया साहचर्य नहीं है।
निष्कर्ष: पूर्णांकों के समुच्चय Z में व्यवकलन संक्रिया न तो क्रमविनिमेय है और न ही साहचर्य है। गणितीय संक्रियाओं के मूल गुणों को समझना महत्वपूर्ण है।
In simple words: पूर्णांकों को घटाने का नियम न तो क्रमविनिमेय है (यानी \( a-b \) और \( b-a \) बराबर नहीं होते) और न ही साहचर्य है (यानी तीन संख्याओं को घटाते समय ब्रैकेट का क्रम बदलने से उत्तर बदल जाता है).

🎯 Exam Tip: क्रमविनिमेयता और साहचर्यता की जांच के लिए, हमेशा विशिष्ट संख्यात्मक उदाहरणों (जैसे छोटे पूर्णांक) का उपयोग करें यदि सामान्य बीजगणितीय प्रमाण मुश्किल लगता है। यदि एक भी प्रतिउदाहरण मिल जाए, तो वह गुण सिद्ध नहीं होता।

 

प्रश्न 10. पूर्णांकों के समुच्चय Z में एक संक्रिया *, \( a*b = a + b - ab, \forall a, b \in Z \) द्वारा परिभाषित है। इस संक्रिया के सापेक्ष किसी अवयव \( a(\neq 1) \) का प्रतिलोम है :
(a) \( \frac {a}{a-1} \)
(b) \( \frac {a}{1-a} \)
(c) \( \frac {a-1}{a} \)
(d) \( \frac {1}{a} \)
Answer: (a) \( \frac {a}{a-1} \)
हमें संक्रिया \( a*b = a + b - ab \) दी गई है।
पहले हमें इस संक्रिया के लिए तत्समक अवयव (identity element) \( e \) ज्ञात करना होगा।
तत्समक अवयव के लिए \( a*e = a \) होना चाहिए:
\( a + e - ae = a \)
\( e - ae = 0 \)
\( e(1 - a) = 0 \)
चूँकि \( a \neq 1 \), तो \( 1 - a \neq 0 \) होगा। इसलिए, \( e = 0 \)।
अब, हमें अवयव \( a \) का प्रतिलोम (inverse) \( x \) ज्ञात करना है। प्रतिलोम के लिए \( a*x = e \) होना चाहिए, जहाँ \( e = 0 \) है।
\( a*x = a + x - ax \)
तो, \( a + x - ax = 0 \)
\( x - ax = -a \)
\( x(1 - a) = -a \)
\( x = \frac{-a}{1-a} \)
\( x = \frac{a}{-(1-a)} \)
\( x = \frac{a}{a-1} \)
अतः, अवयव \( a(\neq 1) \) का प्रतिलोम \( \frac{a}{a-1} \) है। प्रतिलोम अवयव वह होता है जो तत्समक अवयव तक पहुँचने के लिए किसी दिए गए अवयव के साथ संक्रिया करता है।
In simple words: हमें एक खास जोड़ना-घटाना का नियम दिया है. हमें किसी संख्या 'a' का उल्टा (प्रतिलोम) ढूंढना है. पहले हम वह खास संख्या (तत्समक अवयव) निकालते हैं जो इस नियम के तहत किसी भी संख्या को नहीं बदलती. वह 0 है. फिर, हम 'a' का उल्टा 'x' ऐसा ढूंढते हैं कि 'a' और 'x' को नियम से जोड़ने पर 0 मिले. वह 'x' \( \frac{a}{a-1} \) है.

🎯 Exam Tip: प्रतिलोम अवयव (inverse element) ज्ञात करने के लिए, पहले तत्समक अवयव (identity element) ज्ञात करना अनिवार्य है। तत्समक अवयव के लिए \( a*e = a \) और प्रतिलोम के लिए \( a*x = e \) समीकरणों का उपयोग करें।

 

प्रश्न 11. R में परिभाषित निम्न में से कौन सी संक्रिया क्रमविनिमेय है?
(a) \( a*b = a^2b \)
(b) \( a*b = ab^2 \)
(c) \( a*b = a - b + ab \)
(d) \( a*b = a + b + a^2 \)
Answer: (None of the options)
हमें प्रत्येक संक्रिया की क्रमविनिमेयता की जांच करनी है। एक संक्रिया क्रमविनिमेय होती है यदि \( a*b = b*a \) हो।

**(a) \( a*b = a^2b \)**
\( a*b = a^2b \)
\( b*a = b^2a \)
चूँकि \( a^2b \neq b^2a \) (उदाहरण के लिए, यदि \( a=1, b=2 \), तो \( 1^2 \cdot 2 = 2 \) और \( 2^2 \cdot 1 = 4 \)), यह क्रमविनिमेय नहीं है।

**(b) \( a*b = ab^2 \)**
\( a*b = ab^2 \)
\( b*a = ba^2 \)
चूँकि \( ab^2 \neq ba^2 \) (उदाहरण के लिए, यदि \( a=1, b=2 \), तो \( 1 \cdot 2^2 = 4 \) और \( 2 \cdot 1^2 = 2 \)), यह क्रमविनिमेय नहीं है।

**(c) \( a*b = a - b + ab \)**
\( a*b = a - b + ab \)
\( b*a = b - a + ba \)
चूँकि \( a - b + ab \neq b - a + ba \) (उदाहरण के लिए, यदि \( a=1, b=2 \), तो \( 1-2+1 \cdot 2 = -1+2 = 1 \) और \( 2-1+2 \cdot 1 = 1+2 = 3 \)), यह क्रमविनिमेय नहीं है।

**(d) \( a*b = a + b + a^2 \)**
\( a*b = a + b + a^2 \)
\( b*a = b + a + b^2 \)
चूँकि \( a + b + a^2 \neq b + a + b^2 \) (केवल तभी बराबर होगा जब \( a^2 = b^2 \), जो हमेशा सत्य नहीं है), यह क्रमविनिमेय नहीं है।

निष्कर्ष: दिए गए सभी विकल्पों में से कोई भी संक्रिया क्रमविनिमेय नहीं है। क्रमविनिमेयता एक मूल गुण है जो यह निर्धारित करता है कि संख्याओं के क्रम से परिणाम प्रभावित होता है या नहीं।
In simple words: हमें चार अलग-अलग गणित के नियम (संक्रियाएँ) दिए हैं. हमें यह पता लगाना है कि इनमें से कौन सा नियम ऐसा है जहाँ संख्याओं का क्रम बदलने से उत्तर नहीं बदलता. हमने एक-एक करके सभी नियमों की जाँच की और पाया कि कोई भी नियम इस शर्त को पूरा नहीं करता.

🎯 Exam Tip: क्रमविनिमेयता की जांच करते समय, हमेशा \( a*b \) और \( b*a \) दोनों की गणना करें। यदि वे सभी \( a \) और \( b \) के लिए समान हों, तो संक्रिया क्रमविनिमेय है। यदि आपको कोई एक उदाहरण (प्रतिउदाहरण) मिल जाए जहाँ वे समान न हों, तो वह क्रमविनिमेय नहीं है।

 

प्रश्न 12. निम्न तीन फलनों के लिए संयुक्त फलन संक्रिया के लिये साहचर्य नियम का सत्यापन कीजिये
\( f : N \rightarrow Z_0, f(x) = 2x \)
\( g : Z_0 \rightarrow Q, g(x) = 1/x \)
\( h : Q \rightarrow R, h(x) = e^x \)

Answer:
हमें तीन फलन दिए गए हैं:
\( f : N \rightarrow Z_0, f(x) = 2x \)
\( g : Z_0 \rightarrow Q, g(x) = 1/x \)
\( h : Q \rightarrow R, h(x) = e^x \)
साहचर्य नियम (Associative law) के सत्यापन के लिए, हमें यह दिखाना होगा कि \( (h \circ g) \circ f = h \circ (g \circ f) \) है।

**1. \( h \circ (g \circ f) \) की गणना:**
पहले \( (g \circ f)(x) \) निकालते हैं:
\( (g \circ f)(x) = g[f(x)] = g(2x) = \frac{1}{2x} \)
अब \( h \circ (g \circ f)(x) \) निकालते हैं:
\( h \circ (g \circ f)(x) = h[(g \circ f)(x)] = h\left(\frac{1}{2x}\right) = e^{\frac{1}{2x}} \) ....(i)

**2. \( (h \circ g) \circ f \) की गणना:**
पहले \( (h \circ g)(x) \) निकालते हैं:
\( (h \circ g)(x) = h[g(x)] = h\left(\frac{1}{x}\right) = e^{\frac{1}{x}} \)
अब \( (h \circ g) \circ f(x) \) निकालते हैं:
\( (h \circ g) \circ f(x) = (h \circ g)[f(x)] = (h \circ g)(2x) = e^{\frac{1}{2x}} \) ....(ii)

समीकरण (i) और (ii) से, हम देखते हैं कि \( (h \circ g) \circ f(x) = h \circ (g \circ f)(x) \)
इसलिए, फलन \( f, g, h \) के लिए संयुक्त फलन संक्रिया साहचर्य नियम का सत्यापन करती है। यह दर्शाता है कि फलन संयोजन का क्रम महत्वपूर्ण नहीं है जब साहचर्यता का नियम लागू होता है, बस समूह बनाने का क्रम अलग होता है।
In simple words: हमें तीन गणितीय सूत्र दिए गए हैं: f, g और h. हमें यह दिखाना है कि इन्हें एक के बाद एक लगाने का तरीका बदलने से अंतिम परिणाम नहीं बदलता. हमने पहले \( h \circ (g \circ f) \) का मान निकाला, फिर \( (h \circ g) \circ f \) का मान निकाला. दोनों का मान बराबर आया, जिससे यह साबित होता है कि यह नियम काम करता है.

🎯 Exam Tip: संयुक्त फलनों की साहचर्यता सिद्ध करने के लिए, \( h \circ (g \circ f)(x) \) और \( (h \circ g) \circ f(x) \) दोनों के लिए अलग-अलग गणना करें। दोनों को अंतिम रूप से सरल करें और दिखाएं कि वे समान हैं।

 

प्रश्न 14. यदि \( f : R \rightarrow R, f(x) = \cos (x + 2) \) हो, तो ज्ञात कीजिये कि \( f \) प्रतिलोमी फलन है या नहीं, कारण सहित अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
Answer:
हमें दिया गया फलन है: \( f : R \rightarrow R, f(x) = \cos (x + 2) \)
एक फलन प्रतिलोमी (invertible) तभी होता है जब वह एकैकी (one-to-one) और आच्छादक (onto) दोनों हो।

**1. एकैकी (One-to-one) की जांच:**
एक फलन एकैकी होता है यदि \( f(x_1) = f(x_2) \implies x_1 = x_2 \) हो।
यहाँ, \( f(x) = \cos(x+2) \)।
हम जानते हैं कि \( \cos(\theta) = \cos(-\theta) \) और \( \cos(\theta) = \cos(2\pi + \theta) \) होता है।
उदाहरण के लिए, \( f(0) = \cos(0+2) = \cos(2) \)
और \( f(2\pi) = \cos(2\pi+2) = \cos(2) \)
चूँकि \( f(0) = f(2\pi) \) लेकिन \( 0 \neq 2\pi \), फलन \( f \) एकैकी नहीं है (यह बहु-एकैकी है)।

**2. आच्छादक (Onto) की जांच:**
फलन का परिसर (range) उसके सह-प्रांत (codomain) के बराबर होना चाहिए।
फलन \( f(x) = \cos(x+2) \) का परिसर \( [-1, 1] \) है।
लेकिन फलन का सह-प्रांत \( R \) (वास्तविक संख्याओं का समुच्चय) है।
चूँकि \( [-1, 1] \neq R \), फलन \( f \) आच्छादक नहीं है।

निष्कर्ष: चूंकि फलन \( f \) न तो एकैकी है और न ही आच्छादक है, इसलिए यह प्रतिलोमी फलन नहीं है। त्रिकोणमितीय फलन अक्सर अपने पूरे प्रांत पर एकैकी या आच्छादक नहीं होते हैं, जब तक कि उनके प्रांत को प्रतिबंधित न किया जाए।
In simple words: हमें \( f(x) = \cos(x+2) \) नाम का एक सूत्र दिया है. हमें यह बताना है कि क्या इसका उल्टा (प्रतिलोम) सूत्र बनाया जा सकता है. एक सूत्र का उल्टा तभी बन सकता है जब वह 'एक-एक' और 'पूरा-पूरा' हो. 'एक-एक' का मतलब है कि अलग-अलग इनपुट से अलग-अलग आउटपुट मिलें. यहाँ \( f(0) \) और \( f(2\pi) \) दोनों का मान \( \cos(2) \) है, इसलिए यह 'एक-एक' नहीं है. 'पूरा-पूरा' का मतलब है कि हर संभव आउटपुट मिल सके. यहाँ सिर्फ \( -1 \) से \( 1 \) तक के मान मिल सकते हैं, जबकि हमें सभी वास्तविक संख्याएँ चाहिए. इसलिए, इसका उल्टा सूत्र नहीं बन सकता.

🎯 Exam Tip: फलन के प्रतिलोमी होने की जांच के लिए हमेशा एकैकी (one-to-one) और आच्छादक (onto) दोनों गुणों की जांच करें। त्रिकोणमितीय फलनों के लिए, आवर्तकता (periodicity) के कारण वे अक्सर एकैकी नहीं होते, और उनकी सीमित परिसर (range) के कारण आच्छादक नहीं होते।

 

प्रश्न 15. यदि \( A = \{-1, 1\} \) तथा \( A \) में परिभाषित दो फलन \( f \) तथा \( g \) हैं जहाँ \( f(x) = x^2 \), \( g(x) = \sin \left( \frac { \pi x }{ 2 } \right) \), तो सिद्ध कीजिये कि \( g^{-1} \) विद्यमान है जबकि \( f^{-1} \) भी ज्ञात कीजिये।
Answer:
हमें समुच्चय \( A = \{-1, 1\} \) दिया गया है।

**1. फलन \( f(x) = x^2 \) के लिए:**
डोमेन और कोडोमेन दोनों \( A = \{-1, 1\} \) हैं।
हम \( f(-1) \) और \( f(1) \) का मान निकालते हैं:
\( f(-1) = (-1)^2 = 1 \)
\( f(1) = (1)^2 = 1 \)
चूँकि \( f(-1) = f(1) \) लेकिन \( -1 \neq 1 \), फलन \( f \) एकैकी (one-to-one) नहीं है (यह बहु-एकैकी है)।
एकैकी न होने के कारण, \( f^{-1} \) विद्यमान नहीं हो सकता।

**2. फलन \( g(x) = \sin \left( \frac { \pi x }{ 2 } \right) \) के लिए:**
डोमेन और कोडोमेन दोनों \( A = \{-1, 1\} \) हैं।

**एकैकी (One-to-one) की जांच:**
मान लीजिए \( g(x_1) = g(x_2) \)
\( \sin \left( \frac{\pi x_1}{2} \right) = \sin \left( \frac{\pi x_2}{2} \right) \)
जब \( x_1, x_2 \in \{-1, 1\} \):
यदि \( x_1 = -1 \), \( g(-1) = \sin \left( \frac{-\pi}{2} \right) = -1 \)
यदि \( x_1 = 1 \), \( g(1) = \sin \left( \frac{\pi}{2} \right) = 1 \)
चूंकि \( g(-1) \neq g(1) \) और \( -1 \neq 1 \), यह स्पष्ट है कि अलग-अलग इनपुट के लिए अलग-अलग आउटपुट हैं। अतः, फलन \( g \) एकैकी है।

**आच्छादक (Onto) की जांच:**
फलन \( g \) का परिसर (range) \( \{g(-1), g(1)\} = \{-1, 1\} \) है।
फलन का सह-प्रांत (codomain) भी \( A = \{-1, 1\} \) है।
चूंकि परिसर सह-प्रांत के बराबर है, फलन \( g \) आच्छादक है।

निष्कर्ष: चूंकि फलन \( g \) एकैकी और आच्छादक दोनों है, इसलिए \( g^{-1} \) विद्यमान है।

**\( g^{-1} \) ज्ञात करना:**
माना \( y = g(x) = \sin \left( \frac{\pi x}{2} \right) \)
तो \( \frac{\pi x}{2} = \sin^{-1}(y) \)
\( x = \frac{2}{\pi} \sin^{-1}(y) \)
अतः, \( g^{-1}(y) = \frac{2}{\pi} \sin^{-1}(y) \)
या, \( g^{-1}(x) = \frac{2}{\pi} \sin^{-1}(x) \)
यह दर्शाता है कि एक फलन का व्युत्क्रम तभी मौजूद होता है जब वह एक-से-एक और आच्छादक दोनों हो।
In simple words: हमें दो सूत्र f और g दिए गए हैं, जो केवल -1 और 1 संख्याओं पर काम करते हैं. हमें यह जांचना है कि क्या इनके उल्टे (प्रतिलोम) सूत्र बनाए जा सकते हैं. फलन f के लिए, -1 और 1 दोनों का वर्ग करने पर 1 आता है, इसलिए यह 'एक-एक' नहीं है और इसका उल्टा नहीं बन सकता. फलन g के लिए, -1 पर मान -1 आता है और 1 पर मान 1 आता है, तो यह 'एक-एक' भी है और सारे आउटपुट भी कवर करता है. इसलिए, इसका उल्टा सूत्र \( g^{-1}(x) = \frac{2}{\pi} \sin^{-1}(x) \) बन सकता है.

🎯 Exam Tip: किसी फलन के प्रतिलोम के अस्तित्व को सिद्ध करने के लिए, पहले उसे एकैकी और आच्छादक सिद्ध करें। एकैकीता के लिए \( f(x_1) = f(x_2) \implies x_1 = x_2 \) दिखाएं। आच्छादकता के लिए, दिखाएं कि फलन का परिसर उसके सह-प्रांत के बराबर है। फिर, \( y = f(x) \) सेट करके x के लिए हल करके \( f^{-1}(y) \) प्राप्त करें।

 

प्रश्न 16. यदि \( f : R \rightarrow R \) तथा \( g : R \rightarrow R \) ऐसे फलन हैं कि \( f(x) = 3x + 4 \) तथा \( g(x) = \frac {x-4}{3} \), तो \( (fog)(x) \) तथा \( (gof)(x) \) ज्ञात कीजिये। साथ ही \( (gog)(1) \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer:
हमें फलन दिए गए हैं:
\( f(x) = 3x + 4 \)
\( g(x) = \frac{x-4}{3} \)

**1. \( (fog)(x) \) ज्ञात करना:**
\( (fog)(x) = f[g(x)] \)
\( = f\left(\frac{x-4}{3}\right) \)
\( = 3\left(\frac{x-4}{3}\right) + 4 \)
\( = (x-4) + 4 \)
\( = x \)

**2. \( (gof)(x) \) ज्ञात करना:**
\( (gof)(x) = g[f(x)] \)
\( = g(3x + 4) \)
\( = \frac{(3x+4)-4}{3} \)
\( = \frac{3x}{3} \)
\( = x \)

यहाँ, \( (fog)(x) = x \) और \( (gof)(x) = x \) है। इसका मतलब है कि \( f \) और \( g \) एक दूसरे के व्युत्क्रम (inverses) हैं।

**3. \( (gog)(1) \) ज्ञात करना:**
पहले \( (gog)(x) \) ज्ञात करते हैं:
\( (gog)(x) = g[g(x)] \)
\( = g\left(\frac{x-4}{3}\right) \)
\( = \frac{\left(\frac{x-4}{3}\right)-4}{3} \)
\( = \frac{x-4-12}{3 \cdot 3} \)
\( = \frac{x-16}{9} \)
अब \( x=1 \) पर मान ज्ञात करते हैं:
\( (gog)(1) = \frac{1-16}{9} \)
\( = \frac{-15}{9} \)
\( = \frac{-5}{3} \)
फलन संयोजन और उनके व्युत्क्रमों का अध्ययन बीजगणित में फलन की गहरी समझ प्रदान करता है।
In simple words: हमें दो सूत्र f और g दिए गए हैं. हमें \( (fog)(x) \) और \( (gof)(x) \) निकालना है, जिसका मतलब है कि एक सूत्र को दूसरे के अंदर रखना है. दोनों ही बार हमें \( x \) मिला, जिसका मतलब है कि वे एक-दूसरे के उल्टे सूत्र हैं. फिर हमने \( (gog)(1) \) का मान निकाला, जिसका मतलब है कि g सूत्र को अपने अंदर ही रखना और फिर \( x=1 \) पर मान निकालना.

🎯 Exam Tip: जब आप \( (fog)(x) \) और \( (gof)(x) \) निकालते हैं, और दोनों \( x \) के बराबर आते हैं, तो इसका मतलब है कि फलन एक-दूसरे के व्युत्क्रम हैं। \( (gog)(1) \) जैसे प्रश्नों में, पहले संयुक्त फलन \( (gog)(x) \) को पूरी तरह से निकालें, फिर उसमें संख्या का मान रखें।

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