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Detailed Chapter 5 प्रजनन स्वास्थ्य एवं यौन सम्बन्धी रोग RBSE Solutions for Class 12 Home Science
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Class 12 Home Science Chapter 5 प्रजनन स्वास्थ्य एवं यौन सम्बन्धी रोग RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Home Science Chapter 4 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें –
(i) भ्रूण का पोषण व विकास निम्न में से कौन-से प्रजनन अंग में होता है?
(अ) डिम्ब ग्रन्थि
(ब) गर्भाशय
(स) योनि
(द) अण्डाशय।
Answer: (स) योनि
In simple words: भ्रूण का पोषण और विकास योनि नामक प्रजनन अंग में होता है।
🎯 Exam Tip: प्रजनन अंगों से संबंधित प्रश्नों में सही अंग का चयन सावधानी से करें, क्योंकि प्रत्येक अंग का एक विशिष्ट कार्य होता है।
Question 1. (ii) गर्भवती महिला को एक गर्भकाल के दौरान लौह लवण व फोलिक अम्ल युक्त गोलियों का सेवन करना चाहिए -
(अ) 75
(ब) 100
(स) 150
Answer: (ब) 100
In simple words: गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण के पूरे समय में 100 लौह लवण और फोलिक एसिड की गोलियां लेनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े आंकड़ों को याद रखें, जैसे कि आवश्यक सप्लीमेंट्स की संख्या।
Question 1. (iii) एच. आई. वी. विषाणु से फैलता है –
(अ) हिपेटाइटिस
(ब) एड्स
(स) हपज
(द) डायरिया।
Answer: (ब) एड्स
In simple words: एच. आई. वी. वायरस से एड्स की बीमारी फैलती है।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. के कारण होने वाली बीमारी का नाम और उसके प्रभावों को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 1. (iv) एच. आई. वी. संक्रमण किस कारण से फैलता है?
(अ) संक्रमित सुई के उपयोग से
(ब) खाँसने से
(द) साथ खाना खाने से।
Answer: (अ) संक्रमित सुई के उपयोग से
In simple words: एच. आई. वी. का संक्रमण दूषित सुई का इस्तेमाल करने से फैलता है। यह खांसने या साथ खाना खाने से नहीं फैलता।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. संक्रमण के संचरण के तरीकों को पहचानें और उन गलत धारणाओं से बचें जो इसका कारण नहीं बनते हैं।
Question 1. (v) सिफिलिस रोग फैलता है –
(अ) ट्रेपोनिमा पेलीडम
(ब) नाइसीरिया गोनेरिये
(स) कोई भी नहीं
(द) उपरोक्त सभी।
Answer: (अ) ट्रेपोनिमा पेलीडम
In simple words: सिफिलिस की बीमारी 'ट्रेपोनिमा पेलीडम' नामक जीवाणु से फैलती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न यौन संचारित रोगों के लिए जिम्मेदार विशिष्ट जीवाणु या विषाणु के नाम याद रखें।
Question 2. गोनोरिया के जीवाणु का विकास काल होता है –
(अ) 1 – 5 दिनों तक
(ब) 2 – 10 दिनों तक
(स) 2 – 6 दिनों तक
(द) 1 – 2 दिनों तक
Answer: (ब) 2 – 10 दिनों तक
In simple words: गोनोरिया फैलाने वाले जीवाणु का विकास होने में 2 से 10 दिन का समय लगता है।
🎯 Exam Tip: यौन संचारित रोगों के इनक्यूबेशन (विकास) काल को जानना, उनके निदान और रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है।
Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. सन्तति को............देना मानव को स्वाभाविक कर्म है।
2. गर्भाशय को ग्रीवा............एवं शिखर में विभक्त किया जाता है।
3. गर्भाशय में भ्रूण का............तथा विकास होता है।
4. लड़के व लड़की का विवाह क्रमशः 21 वे............वर्ष के बाद ही करना चाहिए।
5. H.I.V. नामक वायरस............रक्त कणिकाओं पर आक्रमण करता है।
6. सिफलिस रोग............अवधि का रोग है जो............ फैलता है।
Answer:
1. जन्म
2. शरीर
3. पोषण
4. 18
5. श्वेत
6. लम्बी, जीवाणु
In simple words: यह मानव शरीर और स्वास्थ्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और जानकारी को पूरा करता है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सुनिश्चित करें कि आपके उत्तर विषय की सटीक शब्दावली और अवधारणाओं के अनुरूप हों।
Question 3. प्रजनन स्वास्थ्य से आपका क्या तात्पर्य है?
Answer: प्रजनन स्वास्थ्य का मतलब है कि प्रजनन अंगों में कोई रुकावट, बीमारी या संक्रमण न हो। साथ ही, स्त्री और पुरुष दोनों शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ हों ताकि वे प्रजनन से जुड़ी सभी क्रियाओं को ठीक से कर सकें।
In simple words: प्रजनन स्वास्थ्य का मतलब है कि प्रजनन अंग ठीक से काम करें और व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ हो।
🎯 Exam Tip: प्रजनन स्वास्थ्य की परिभाषा देते समय, शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सभी पहलुओं को शामिल करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. स्वस्थ प्रजनन हेतु स्त्री व पुरुषों को किन बिन्दुओं पर ध्यान देना आवश्यक है और क्यों?
Answer: स्वस्थ प्रजनन के लिए स्त्री और पुरुषों को कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए।
1. विवाह की उम्र: स्वस्थ प्रजनन के लिए लड़का और लड़की दोनों का शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व होना जरूरी है। लड़कों में यह परिपक्वता लगभग 21 साल की उम्र में आती है और लड़कियों में लगभग 18 साल की उम्र में। इसलिए, लड़के और लड़की की शादी क्रमशः 21 और 18 साल के बाद ही होनी चाहिए। जब दोनों शारीरिक रूप से परिपक्व हो जाते हैं, तो वे संतान पैदा करने में सक्षम होते हैं। यदि किसी जोड़े को संतान पैदा करने में दिक्कत होती है, तो उन्हें डॉक्टर से सलाह और इलाज कराना चाहिए। स्वस्थ प्रजनन क्षमता दोनों में होनी चाहिए।
2. मानसिक स्वास्थ्य: गर्भधारण के लिए स्त्री और पुरुष दोनों का मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है। आजकल कई महिलाएं नौकरी भी करती हैं। पति-पत्नी अक्सर अपने करियर को प्राथमिकता देते हैं, जिससे उनके बीच प्रजनन संबंधों में कमी आ सकती है। समय की कमी के कारण कई जोड़ों को तनाव रहता है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्रिया पर सीधा असर डालता है।
3. संतुलित आहार: शारीरिक स्वास्थ्य के लिए पति और पत्नी दोनों को अपनी जरूरत के हिसाब से संतुलित आहार लेना चाहिए। खाने में पोषक तत्वों की कमी से बीमारियां हो सकती हैं। भारत में गर्भावस्था के दौरान 70-90% महिलाओं को खून की कमी (एनीमिया) होती है। खून की कमी महिला के स्वास्थ्य और गर्भावस्था दोनों को प्रभावित करती है, जिससे गर्भपात, मातृ मृत्यु जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, किशोरियों और महिलाओं को अपने खाने में सस्ते और आसानी से मिलने वाले लौह लवण से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, तिल और मांसाहारी लोगों को मांस, अंडा, मछली आदि का सेवन ज्यादा करना चाहिए। गर्भवती महिला को गर्भकाल में लौह लवण और फोलिक अम्ल युक्त 100 गोलियां (रोजाना एक गोली) खानी चाहिए।
4. गर्भधारण अंतराल: प्रजनन स्वास्थ्य के लिए बच्चों के बीच सही अंतराल होना जरूरी है। दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर होना चाहिए। इस अंतराल से महिला के प्रजनन अंग अगले गर्भधारण के लिए फिर से तैयार हो जाते हैं। अस्थायी परिवार नियोजन के तरीकों का उपयोग करके गर्भधारण के बीच अंतराल रखा जा सकता है।
5. गर्भावस्था में नियमित जांच: गर्भावस्था के दौरान महिला की नियमित जांच आवश्यक है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार महिला को इलाज कराना चाहिए ताकि मां एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे सके।
In simple words: स्वस्थ प्रजनन के लिए सही उम्र में शादी करना, मानसिक रूप से तैयार रहना, संतुलित आहार लेना, बच्चों के बीच उचित अंतर रखना और गर्भावस्था में नियमित जांच कराना जरूरी है।
🎯 Exam Tip: स्वस्थ प्रजनन के लिए विभिन्न आयामों का विस्तार से वर्णन करें, जैसे कि विवाह की उम्र, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और जांचों का महत्व।
Question 6. एच. आई. वी. संक्रमण कैसे फैलता है? इस संक्रमण से बचने के तरीके लिखिए।
Answer: एच. आई. वी. संक्रमण निम्नलिखित कारणों से फैलता है:
* असुरक्षित यौन संबंध
* बिना परीक्षण किए हुए रक्त का प्रयोग
* संक्रमित सीरिंज के प्रयोग से
* संक्रमित व्यक्ति के अंग प्रत्यारोपण द्वारा
* एच. आई. वी. संक्रमित मां से बच्चे को संक्रमण होने पर, संक्रमित मां के स्तनपान कराने से
एच. आई. वी. संक्रमण से बचने के उपाय (Protective measures of HIV infections):
1. मादक दवाओं के आदी व्यक्तियों को सुई और सीरिंज साझा नहीं करना चाहिए।
2. संभोग के समय नियमित कंडोम का उपयोग करना चाहिए।
3. जीवनसाथी के अतिरिक्त किसी अन्य के साथ यौन संबंध स्थापित नहीं करना चाहिए।
4. यौन रोग से पीड़ित लोगों के साथ यौन संबंध स्थापित नहीं करना चाहिए।
5. कम से कम 20 मिनट तक पानी में उबली हुई सिरिंज का उपयोग करना चाहिए।
6. एड्स से पीड़ित महिलाओं को गर्भधारण नहीं करना चाहिए।
7. रक्त की आवश्यकता पड़ने पर एच. आई. वी. की जांच किया हुआ, एच. आई. वी. रहित रुधिर ही प्रयोग करना चाहिए।
8. किसी का प्रयोग किया हुआ ब्लेड प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
9. शरीर में गोदना गोदने और नाक-कान छिदवाने वाले उपकरणों को कीटाणुरहित करके ही प्रयोग में लाना चाहिए।
10. संदेह होने पर एच. आई. वी. की जांच सरकारी अस्पतालों में मात्र 10 रुपये का शुल्क देकर करवा लेनी चाहिए।
In simple words: एच. आई. वी. मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, दूषित रक्त या सुई और मां से बच्चे में फैलता है। इससे बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना, साफ सुई का उपयोग करना, रक्त की जांच कराना और मां से बच्चे में संक्रमण रोकने के उपाय करना जरूरी है।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. के संचरण के तरीकों और इसकी रोकथाम के उपायों को विस्तृत रूप से समझाएं। सभी मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।
Question 7. यौन रोग की रोकथाम कैसे करेंगे?
Answer: यौन रोगों की रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
1. सुरक्षित यौन संबंध स्थापित करना चाहिए।
2. यौन शिक्षा को विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ाना चाहिए।
3. रोगी व्यक्ति के साथ यौन संबंध स्थापित नहीं करने चाहिए।
4. रोगों से बचाव ही वास्तव में उपचार होता है। यह बात यौन रोगों पर विशेष रूप से लागू होती है।
5. संक्रमित सुई और सिरिंज का उपयोग नहीं करना चाहिए।
6. अधिकतर यौन रोग के जीवाणु पेनिसिलीन के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं और एंटीबायोटिक दवाओं से मर जाते हैं। इसलिए, रोग होने पर इनका प्रयोग करना चाहिए।
In simple words: यौन रोगों से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना, यौन शिक्षा प्राप्त करना, संक्रमित सुई से बचना और रोग होने पर सही दवाओं का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
🎯 Exam Tip: यौन रोगों की रोकथाम के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित आदतों और शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 5 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Home Science Chapter 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. युगल के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है जिसका सीधा असर प्रजनन प्रक्रिया पर पड़ता है –
(अ) परिवार
(ब) तनाव
(स) आर्थिक स्थिति
(द) नौकरी।
Answer: (ब) तनाव
In simple words: जोड़ों का मानसिक स्वास्थ्य तनाव से प्रभावित होता है, जिससे प्रजनन प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ता है।
🎯 Exam Tip: प्रजनन स्वास्थ्य पर अप्रत्यक्ष कारकों, जैसे मानसिक स्थिति और तनाव के प्रभाव को पहचानें।
Question 2. दो बालकों के बीच कम – से – कम........साल का अन्तराल होना चाहिए।
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) पाँच।
Answer: (स) तीन
In simple words: दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए बच्चों के बीच सही अंतराल के महत्व को समझें।
Question 3. भ्रूण का पोषण व विकास निम्न में से कौन-से प्रजनन अंग में होता है?
(अ) डिम्ब ग्रन्थि
(ब) गर्भाशय
(स) योनि
(द) अण्डाशय।
Answer: (ब) गर्भाशय
In simple words: भ्रूण को पोषण और विकास गर्भाशय में मिलता है।
🎯 Exam Tip: प्रजनन अंगों के कार्यों को स्पष्ट रूप से याद रखें, विशेषकर गर्भाशय की भूमिका भ्रूण के विकास में।
Question 4. गर्भाशय के नीचे वाला भाग कहलाता है –
(अ) ग्रीवा
(ब) शरीर
(स) शिखा
(द) डिम्ब ग्रन्थियाँ
Answer: (अ) ग्रीवा
In simple words: गर्भाशय के निचले हिस्से को ग्रीवा कहते हैं।
🎯 Exam Tip: शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) से संबंधित शब्दों और अंगों के विशिष्ट भागों के नामों को ध्यान से पढ़ें और याद रखें।
Question 5. गर्भवती महिला को एक गर्भकाल में फोलिक अम्ल युक्त कितनी गोलियाँ खानी चाहिए।
(अ) 50
(ब) 100
(स) 80
(द) 120
Answer: (ब) 100
In simple words: गर्भावस्था के दौरान एक महिला को 100 फोलिक एसिड की गोलियां लेनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक पोषक तत्वों और उनकी मात्रा से जुड़े आंकड़ों को सटीक रूप से याद रखें।
Question 6. भारत में आधे से अधिक HIV से संक्रमित लोग कितनी उम्र के बीच के हैं?
(अ) 10-15 वर्ष
(ब) 20 - 30 वर्ष
(स) 15 से 24 वर्ष
(द) 25 – 30 वर्ष
Answer: (ब) 20 - 30 वर्ष
In simple words: भारत में आधे से ज्यादा एचआईवी संक्रमित लोग 20 से 30 साल की उम्र के बीच के हैं।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. के आंकड़ों और प्रभावित आयु समूहों से संबंधित जानकारी को जानें, यह जनसांख्यिकीय पैटर्न को समझने में मदद करता है।
Question 7. एच. आई.वी. पॉजीटिव व्यक्ति कितने वर्ष तक सामान्य प्रतीत होता है –
(अ) 1 - 4 वर्ष
(ब) 10-15 वर्ष
(स) 8 - 10 वर्ष
(द) 6 – 10 वर्ष
Answer: (द) 6 – 10 वर्ष
In simple words: एच. आई.वी. से संक्रमित व्यक्ति 6 से 10 साल तक सामान्य दिख सकता है।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. संक्रमण के शुरुआती लक्षणों और लंबी विलंबता अवधि को समझें, जब व्यक्ति स्वस्थ दिखाई दे सकता है।
Question 8. गोनोरिया के जीवाणु का विकास काल होता है –
(अ) 1 – 5 दिनों तक
(ब) 2 – 10 दिनों तक
(स) 2 – 6 दिनों तक
(द) 1 – 2 दिनों तक
Answer: (ब) 2 – 10 दिनों तक
In simple words: गोनोरिया के जीवाणु को शरीर में विकसित होने में 2 से 10 दिन लगते हैं।
🎯 Exam Tip: गोनोरिया जैसे यौन संचारित रोगों के विकास काल को याद रखना, निदान और उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 5 अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. स्वस्थ प्रजनन तन्त्र से क्या तात्पर्य है ?
Answer: स्वस्थ प्रजनन तंत्र से तात्पर्य है कि स्त्री और पुरुष दोनों के सभी प्रजनन अंग नियमित रूप से कार्य करते हुए एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दें।
In simple words: स्वस्थ प्रजनन तंत्र का मतलब है कि स्त्री और पुरुष के प्रजनन अंग ठीक से काम करें ताकि एक स्वस्थ बच्चा पैदा हो सके।
🎯 Exam Tip: स्वस्थ प्रजनन तंत्र की परिभाषा देते समय, शारीरिक कार्यप्रणाली और स्वस्थ शिशु के जन्म को प्रमुखता दें।
Question 2. नवजात शिशु लड़के / लड़की की पहचान कैसे होती है ?
Answer: नवजात शिशु के लिंग की पहचान उसके बाह्य जननांगों (एक्सटर्नल जेनिटल्स) को देखकर की जाती है। यदि शिशु में अंडकोष और लिंग (शिश्न) दिखाई देते हैं, तो वह लड़का है। यदि भगोष्ठ और भगशिश्निका दिखाई देते हैं, तो वह लड़की है।
In simple words: बच्चे के जन्म के बाद, उसके लिंग (लड़का या लड़की) की पहचान उसके बाहरी जननांगों को देखकर की जाती है।
🎯 Exam Tip: लिंग निर्धारण और जननांगों की पहचान से संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 3. गर्भाशय का मुख्य कार्य क्या है ?
Answer: गर्भाशय का मुख्य कार्य गर्भधारण करना है। यह मासिक चक्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: गर्भाशय का मुख्य काम गर्भ को धारण करना और मासिक चक्र में मदद करना है।
🎯 Exam Tip: गर्भाशय के दो मुख्य कार्यों - गर्भधारण और मासिक चक्र - को संक्षेप में बताएं।
Question 4. भ्रूण का पोषण व विकास कहाँ होता है ?
Answer: भ्रूण का पोषण और विकास गर्भाशय में होता है।
In simple words: भ्रूण को पोषण और वह बढ़ता गर्भाशय के अंदर है।
🎯 Exam Tip: भ्रूण के विकास के स्थान को सही ढंग से बताएं, जो कि गर्भाशय है।
Question 5. यदि अण्डक निषेचित न हो पाए तो क्या होगा ?
Answer: यदि अण्डक निषेचित न हो पाए तो गर्भ नहीं ठहरेगा और अगले मासिक चक्र के पहले वह शरीर से बाहर निकल जाएगा।
In simple words: अगर अंडा निषेचित नहीं होता, तो कोई गर्भ नहीं ठहरेगा और वह अगले माहवारी से पहले शरीर से निकल जाएगा।
🎯 Exam Tip: निषेचन न होने पर शरीर में होने वाली सामान्य जैविक प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 6. रक्ताल्पता ग्रसित गर्भवती महिलाओं में क्या समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं ?
Answer: रक्ताल्पता (एनीमिया) से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में गर्भपात और मातृ मृत्यु-दर में वृद्धि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
In simple words: खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को गर्भपात और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
🎯 Exam Tip: एनीमिया के गंभीर परिणामों को याद रखें, खासकर गर्भवती महिलाओं और शिशु के स्वास्थ्य पर।
Question 7. दो बालकों के बीच में कम से कम कितना अन्तराल होना चाहिए?
Answer: दो बालकों के बीच में कम से कम तीन साल का अन्तराल होना चाहिए।
In simple words: दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर होना अच्छा है।
🎯 Exam Tip: परिवार नियोजन और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जन्म अंतराल के महत्व को दोहराएं।
Question 8. निषेचन किसे कहते हैं?
Answer: जब एक शुक्राणु डिम्ब या अण्डक में प्रवेश करके उससे मिलता है, तो यह क्रिया निषेचन कहलाती है।
In simple words: शुक्राणु का अंडे से मिलकर नया जीवन शुरू करना निषेचन कहलाता है।
🎯 Exam Tip: निषेचन की परिभाषा में शुक्राणु और डिम्ब (अण्डक) के मिलन की प्रक्रिया को स्पष्ट करें।
Question 9. एड्स का क्या अर्थ है ?
Answer: एड्स का अर्थ 'उपार्जित प्रतिरक्षा नाशक रोग' है। यह एक ऐसा रोग समूह है जो मानव जाति में स्वाभाविक रूप से शुरू नहीं हुआ बल्कि बाद में किसी संक्रमण से प्राप्त हुआ है।
In simple words: एड्स का मतलब 'अधिग्रहित प्रतिरक्षा कमी सिंड्रोम' है, जो एक बीमारी है जिससे शरीर की बीमारियों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है।
🎯 Exam Tip: एड्स के पूर्ण रूप और उसके मूल अर्थ को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 10. HIV का पूरा नाम क्या है ?
Answer: HIV का पूरा नाम 'ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेन्सी वायरस' (Human Immuno Deficiency virus) है।
In simple words: एचआईवी का पूरा नाम ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेन्सी वायरस है।
🎯 Exam Tip: HIV और AIDS जैसे संक्षिप्त रूपों के पूर्ण नामों को सटीक रूप से याद रखें।
Question 11. सबसे अधिक एच. आई. वी. से संक्रमित लोग किस पीढी के होते हैं ?
Answer: सबसे अधिक एच. आई. वी. से संक्रमित युवा पीढ़ी है क्योंकि आधे से अधिक एच. आई. वी. से संक्रमित लोग 15 से 24 साल की उम्र के हैं।
In simple words: युवा लोग, खासकर 15 से 24 साल की उम्र वाले, एच. आई. वी. से सबसे ज़्यादा संक्रमित होते हैं।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. संक्रमण के जनसांख्यिकीय वितरण और प्रभावित आयु समूह पर ध्यान दें।
Question 12. एड्स रोग की महत्त्वपूर्ण परिचर्या बताइए।
Answer: एड्स रोग की चिकित्सा या बचाव का टीका अभी तक विकसित नहीं हो पाया है। हालांकि, इस दिशा में विश्व भर में शोध चल रहे हैं। यदि इस रोग पर काबू नहीं पाया गया तो पूरी मानव जाति नष्ट हो सकती है। इसलिए, इस रोग को समझना, लोगों को इसके बारे में बताना, इससे बचना और दूसरों को बचाना ही सबसे महत्वपूर्ण देखभाल है।
In simple words: एड्स का कोई इलाज या टीका नहीं है, इसलिए इसे समझना, इससे बचना और दूसरों को बचाने के लिए जागरूक करना ही सबसे महत्वपूर्ण है।
🎯 Exam Tip: एड्स की गंभीरता और इसकी रोकथाम व जागरूकता के महत्व पर जोर दें, क्योंकि इसका कोई इलाज नहीं है।
Question 13. एड्स – रोगी में कौन-कौन-सी बीमारियों के लक्षण देखे जा सकते हैं ?
Answer: एड्स के रोगी में वजन घटना, बुखार, दस्त लगना, खांसी, चर्म रोग और अनेक प्रकार की बीमारियां जैसे टी. बी., निमोनिया, कैंसर आदि रोगों के लक्षण देखे जा सकते हैं।
In simple words: एड्स के मरीजों में वजन कम होना, बुखार, दस्त, खांसी, त्वचा रोग और टी. बी., निमोनिया, कैंसर जैसी कई बीमारियां दिखती हैं।
🎯 Exam Tip: एड्स के सामान्य लक्षणों और इससे जुड़ी बीमारियों की एक सूची बनाएं, जिससे निदान में सहायता मिले।
Question 14. एड्स का अंत दर्दनाक मौत क्यों है ?
Answer: एड्स का अंत दर्दनाक मौत इसलिए है क्योंकि इस रोग की न तो कोई दवा है, न कोई टीका और न ही इसका कोई इलाज है। एड्स से बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है।
In simple words: एड्स एक दर्दनाक मौत देता है क्योंकि इसका कोई इलाज या दवा नहीं है; इससे बचने का एकमात्र तरीका रोकथाम है।
🎯 Exam Tip: एड्स की असाध्य प्रकृति और बचाव के महत्व को स्पष्ट करें, जो इसके दर्दनाक अंत का मुख्य कारण है।
Question 15. एच. आई. वी. से संक्रमित व्यक्ति को क्या कहते हैं ?
Answer: एच. आई. वी. से संक्रमित व्यक्ति को एच. आई. वी. पॉजिटिव कहते हैं।
In simple words: जो व्यक्ति एच. आई. वी. वायरस से संक्रमित होता है, उसे एच. आई. वी. पॉजिटिव कहते हैं।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. संक्रमण से प्रभावित व्यक्तियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सही शब्द का उल्लेख करें।
Question 16. सिफलिस रोग ट्रेपोनिमा पैलीडम नामक जीवाणु द्वारा फैलता है।
Answer: सिफलिस रोग ट्रेपोनिमा पैलीडम नामक जीवाणु द्वारा फैलता है।
In simple words: सिफलिस रोग ट्रेपोनिमा पैलीडम नाम के जीवाणु से होता है।
🎯 Exam Tip: यौन संचारित रोगों के जीवाणु जनित कारणों को याद रखना निदान और उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 17. गोनोरिया के जीवाणु का विकास काल कितने दिन का होता है?
Answer: गोनोरिया के जीवाणु का विकास काल 2 - 10 दिन तक का होता है।
In simple words: गोनोरिया के जीवाणु 2 से 10 दिन में विकसित होते हैं।
🎯 Exam Tip: गोनोरिया जैसे संक्रमणों के लिए जीवाणु विकास काल को याद रखें, जो बीमारी की शुरुआत को समझने में मदद करता है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 5 लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार ने क्या उपाय किये हैं?
Answer: सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं में रक्ताल्पता (एनीमिया) रोग की रोकथाम और निदान के लिए कई उपाय किए गए हैं। आँगनवाड़ी केंद्रों की लाभार्थी किशोरियों और गर्भवती महिलाओं, सरकारी स्कूलों की किशोरियों तथा सरकारी चिकित्सालयों में गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गई महिलाओं को लौह लवण (आयरन टैबलेट) और फोलिक अम्ल युक्त गोलियाँ मुफ्त दी जाती हैं।
In simple words: सरकार गर्भवती महिलाओं में एनीमिया रोकने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी अस्पतालों के माध्यम से किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां देती है।
🎯 Exam Tip: गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सरकारी पहलों को याद रखें और उनके उद्देश्यों को स्पष्ट करें।
Question 2. प्रजनन स्वास्थ्य का महत्त्व बताइए।
Answer: मानव संतान समाज की नींव है। मातृत्व और पितृत्व की भावना से प्रेरित होकर मानव संतान पैदा करता है। संतान पैदा करने से वंश आगे बढ़ता है। यह सजीव सृष्टि का खास गुण है कि वह अपने जैसे जीव उत्पन्न करके प्रजाति को हमेशा बनाए रखे। स्वस्थ प्रजनन का अर्थ है कि स्त्री और पुरुष दोनों के सभी प्रजनन अंग अपना काम ठीक से करें और एक स्वस्थ बच्चा पैदा हो। प्रजनन स्वास्थ्य का मतलब है कि मनुष्य के प्रजनन अंगों में कोई रुकावट, बीमारी या संक्रमण न हो और स्त्री व पुरुष दोनों शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहकर सभी क्रियाओं को ठीक से पूरा कर सकें और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकें। स्वस्थ प्रजनन के लिए शादी के समय लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की 18 साल होनी चाहिए। प्रजनन स्वास्थ्य को शारीरिक स्वच्छता, नियमित डॉक्टर की जांच, संतुलित आहार और गर्भधारण के बीच सही अंतर जैसी चीजों का पालन करके प्राप्त किया जा सकता है।
In simple words: प्रजनन स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मानव वंश को आगे बढ़ाता है और स्वस्थ संतान पैदा करने में मदद करता है। इसके लिए शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य, सही उम्र में विवाह, संतुलित आहार और नियमित जांच जरूरी है।
🎯 Exam Tip: प्रजनन स्वास्थ्य के महत्व को सामाजिक, जैविक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण से समझाएं, और इसे बनाए रखने के विभिन्न तरीकों का उल्लेख करें।
Question 3. एच. आई. वी. किन कारणों से नहीं फैलता है?
Answer: एच. आई. वी. निम्नलिखित कारणों से नहीं फैलता है:
* एच. आई. वी. संक्रमित व्यक्ति के साथ प्रतिदिन प्रयोग में आने वाली वस्तुएं जैसे - टेलीफोन, किताबें, पेन आदि का मिलकर प्रयोग करने से नहीं फैलता है।
* संभोग रहित शारीरिक स्पर्श जैसे - हाथ मिलाना, छूना, साथ - साथ उठना - बैठना और आस-पास खड़े होने के कारण एड्स नहीं फैलता है।
In simple words: एच. आई. वी. संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य चीजें साझा करने या सामान्य शारीरिक स्पर्श जैसे हाथ मिलाने से नहीं फैलता है।
🎯 Exam Tip: एच. आई. वी. के संचरण से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करें और उन तरीकों को स्पष्ट करें जिनसे यह नहीं फैलता है।
Question 4. जन्मजात सिफिलिस रोग के बारे में लिखिए।
Answer: जन्मजात सिफिलिस (Congenital syphilis) एक ऐसी बीमारी है जो गर्भावस्था के दौरान संक्रमित मां से शिशु में प्रवेश कर जाती है। यह रोग बहुत खतरनाक होता है और कई बार शिशु की गर्भाशय में ही मृत्यु हो जाती है। यदि शिशु बच जाता है तो कुछ ही दिनों में उसके शरीर में घाव (व्रण) होने लगते हैं और उसकी हड्डियां, गुर्दे, यकृत सभी प्रभावित होने लगते हैं। त्वचा, मुंह, दांत और हड्डियों के जोड़ों पर सूखे घाव होने लगते हैं और अंत में उसे लकवा हो जाता है।
In simple words: जन्मजात सिफिलिस एक गंभीर बीमारी है जो मां से बच्चे में जाती है, जिससे बच्चे के शरीर में घाव, अंगों को नुकसान और अंत में लकवा हो सकता है।
🎯 Exam Tip: जन्मजात सिफिलिस के संचरण, लक्षणों और गंभीर परिणामों का वर्णन करें।
Question 5. गोनोरिया रोग का वर्णन कीजिए।
Answer: गोनोरिया (Gonorrhoea) रोग नाइसिरिया गोनेरिया (Neissertia gonorrhoea) नामक ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के कारण होता है। इस जीवाणु का विकास काल 2 - 10 दिनों का रहता है। इस रोग में मूत्र मार्ग की श्लेष्मिक कला, आंखों तथा स्वर यंत्र पर घाव होना, मूत्र त्याग करते समय असहनीय जलन, घाव में मवाद भरना, बुखार आना आदि मुख्य लक्षण हैं। इस रोग में स्त्रियों के मूत्र मार्ग से एक पीले रंग का स्राव निकलने लगता है। कुछ समय बाद बिना उपचार के ही सभी लक्षण समाप्त हो जाते हैं, लेकिन जीवाणु धीरे-धीरे स्त्री के गर्भाशय व फैलोपियन ट्यूब में प्रवेश कर संक्रमण फैला देते हैं, जिससे स्त्रियों में बांझपन (Sterility) हो जाता है।
In simple words: गोनोरिया एक जीवाणु संक्रमण है जो 2-10 दिन में विकसित होता है। इसके लक्षणों में मूत्र मार्ग में जलन, दर्द, मवाद और बुखार शामिल हैं। महिलाओं में यह बांझपन का कारण बन सकता है।
🎯 Exam Tip: गोनोरिया के कारण, लक्षणों और महिलाओं में इसके दीर्घकालिक प्रभाव (बांझपन) को स्पष्ट करें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 5 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. स्त्री एवं पुरुष के प्रजनन अंगों एवं उसकी प्रक्रिया के बारे में लिखिए।
Answer: स्त्री प्रजनन अंग और पुरुष प्रजनन अंग मिलकर प्रजनन की प्रक्रिया को पूरा करते हैं।
स्त्री प्रजनन अंग:
(1) बाह्य प्रजनन अंग: लघु तथा वृहत् भगोष्ठ (Major and minor labia), बार्थोलिन ग्रन्थियां (Bartholin glands), भगशिश्निका (Clitoris) और मूत्र छिद्र स्त्री के बाह्य प्रजनन अंग हैं। योनिच्छेद एक पतली झिल्ली जैसा आवरण है जो योनि मार्ग पर स्थित रहता है। योनि से एक तरह का स्राव निकलता है जो योनिच्छेद को गीला रखता है। योनिच्छेद का मुख्य कार्य शिशु प्रसव, मासिक चक्र और संभोग क्रिया कराना है। गर्भाशय ग्रीवा (Cervix), शरीर (Corpus) और शिखा (Fundus) में बंटा होता है। गर्भाशय के नीचे वाले भाग को ग्रीवा, बीच वाले चौड़े भाग को शरीर और सबसे ऊपरी भाग को शिखा कहते हैं। डिम्ब ग्रंथियां गर्भाशय को अंडाशय से जोड़ने वाली नलिकाएं हैं।
इनका एक सिरा गर्भाशय से और दूसरा अंडाशय से जुड़ा रहता है। गर्भाशय के दोनों ओर एक-एक अंडाशय होता है। इनका मुख्य कार्य अंडाणु (Ovum) का निर्माण करना और अण्डवाहिनी (Oviduct) तक पहुंचाना है। गर्भाशय का मुख्य कार्य मासिक चक्र (Menstrual cycle) चलाना है। गर्भाशय में हर महीने एक अण्डक (Ova) परिपक्व होकर पहुंचता है। एक अण्डक का शुक्राणु (Sperm) के साथ मिलने पर गर्भ ठहरता है। गर्भाशय में भ्रूण का विकास होता है। यदि अण्डाणु निषेचित न हो पाए तो अगले मासिक चक्र के पहले शरीर से बाहर निकल जाता है।
पुरुष प्रजनन अंग:
पुरुष प्रजनन अंग (Male reproductive organs) - वृषण (Testes), शुक्रवाहिका (Vasdeferens), शुक्राशय (Seminal vesicle), पुरस्थ (Prostrate), शिश्न (Penis) पुरुष के प्रजनन अंग हैं। वृषण में शुक्राणुओं (Sperms) का निर्माण होता है। मूत्राशय के दोनों ओर एक-एक शुक्रवाहिका होती है। यह मूत्राशय व मलाशय के निचले भाग में बीच से होकर प्रोस्टेट ग्रंथि के निचले भाग तक जाती है।
शुक्राशय (Seminal vesicle), मूत्राशय के पीछे स्थित दो थैलीनुमा रचनाएं होती हैं, जो एक गाढ़ा द्रव्य निकालती हैं। प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ी और गोलाकार होती है, जिससे एक तरल द्रव्य स्रावित होता है। शिश्न पुरुष में मूत्र और प्रजनन दोनों का कार्य करता है। वृषण, शुक्राशय और प्रोस्टेट ग्रंथि से निकले स्राव वीर्य (Semen) में शुक्राणु (Sperms) होते हैं। एक ही शुक्राणु डिम्ब या अंडे में प्रवेश करता है और इसी को निषेचन (Fertilization) कहते हैं।
In simple words: स्त्री और पुरुष दोनों के प्रजनन अंग होते हैं। स्त्रियों में योनि, गर्भाशय और अंडाशय होते हैं, जहां अंडाणु बनते हैं और गर्भ ठहरता है। पुरुषों में वृषण, शुक्राशय और शिश्न होते हैं, जहां शुक्राणु बनते हैं। शुक्राणु और अंडाणु के मिलने से निषेचन होता है, जिससे नया जीवन शुरू होता है।
🎯 Exam Tip: स्त्री और पुरुष दोनों के प्रजनन अंगों के नाम और उनके प्रमुख कार्यों का विस्तार से वर्णन करें, साथ ही निषेचन की प्रक्रिया को भी समझाएं।
Question 2. एड्स से क्या आशय है ? एड्स के लक्षण व उसके बचाव के उपाय बताइये।
Answer: एड्स (AIDS - Acquired Immuno Deficiency Syndrome) का मतलब 'उपार्जित प्रतिरक्षा नाशक रोग' है। यह एक संक्रामक रोग है जो एच. आई. वी. (ह्यूमन इम्यूनो डिफिशियेन्सी वायरस) नामक विषाणु के संक्रमण से फैलता है। यह विषाणु शरीर में प्रवेश करके रक्त में मौजूद सफेद रक्त कोशिकाओं (सफेद रुधिर कणों) से मिलकर उनके डी.एन.ए. में पहुंच जाता है और धीरे-धीरे सफेद रक्त कणों पर हमला करके उनकी संख्या बहुत कम कर देता है। सफेद रक्त कणों की कमी से शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति (प्रतिरोधक क्षमता) कम हो जाती है।
एच. आई. वी. से संक्रमित व्यक्ति में जब कई बीमारियों के लक्षण एक साथ दिखाई दें तो उसे एड्स कहते हैं। एड्स के रोगी में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं –
* वजन घटना
* बुखार रहना
* खांसी रहना
* दस्त लगना
* रात्रि के समय पसीना आना
* चर्म रोग तथा अनेक बीमारियां; जैसे – टी. बी., निमोनिया, कैंसर आदि हो जाना।
एड्स से बचाव:
एड्स रोग के कारणों से बचकर रहना ही इसका सबसे बड़ा उपाय है –
* जीवनसाथी के अलावा अन्य से यौन संबंध स्थापित न करना अर्थात् सुरक्षित यौन संबंध बनाना।
* निसंक्रमित (Sterilised) सुई और सिरिंज का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
* केवल जांच किया गया रक्त ही ग्रहण करना चाहिए।
* एड्स पीड़ित महिला द्वारा गर्भधारण और स्तनपान नहीं कराना चाहिए।
* यौन संपर्क के समय नियमित निरोध का प्रयोग करना चाहिए।
अतः स्पष्ट है कि एड्स के लिए न दवा है, न उपचार है, अर्थात् कहा जा सकता है कि एड्स से बचाव ही उपचार है।
In simple words: एड्स एक गंभीर बीमारी है जो एच. आई. वी. वायरस से फैलती है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके लक्षणों में वजन घटना, बुखार और कई अन्य बीमारियां शामिल हैं। एड्स का कोई इलाज नहीं है, इसलिए सुरक्षित यौन संबंध, साफ सुई का उपयोग और रक्त की जांच जैसे बचाव के उपाय ही एकमात्र समाधान हैं।
🎯 Exam Tip: एड्स की परिभाषा, उसके लक्षण और रोकथाम के उपायों का विस्तृत वर्णन करें। यह स्पष्ट करें कि बचाव ही एकमात्र उपचार है।
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