RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये

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Detailed Chapter 15 तौलिये RBSE Solutions for Class 12 Hindi

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Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. 'स्वच्छता बुरी नहीं, पर तुम तो हर चीज को सनक की हद तक पहुँचा देती हो, और सनक से मुझे चिढ़ है।' यह किसने, किससे कहा-
(क) मधु ने मंगला से
(ख) मधु ने बसन्त से
(ग) बसन्त ने मधु से
(घ) मधु ने सुरा से
Answer: (ग) बसन्त ने मधु से
In simple words: बसन्त ने यह बात अपनी पत्नी मधु से कही थी क्योंकि वह सफाई को लेकर बहुत ज्यादा कठोर नियम मानती थी, जो बसन्त को पसंद नहीं थे। इस तरह वह अपनी झुंझलाहट व्यक्त करता है।

🎯 Exam Tip: एकांकी में पात्रों के संवादों को ध्यान से पढ़ें ताकि आप आसानी से पहचान सकें कि किसने, किससे और किस संदर्भ में क्या कहा।

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. उषी और निम्मो से किसे चिढ़ थी?
Answer: मधु को उषी और निम्मो से चिढ़ थी। मधु को उनकी चंचलता और साफ-सफाई के प्रति लापरवाही पसंद नहीं आती थी।
In simple words: मधु को उषी और निम्मो से चिढ़ थी क्योंकि वे सफाई का ध्यान नहीं रखती थीं।

🎯 Exam Tip: चरित्र-चित्रण वाले प्रश्नों में पात्रों के बीच के संबंधों और उनकी भावनाओं को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।

 

Question 2. बसन्त-मधु की नोंकझोंक के दरमियान फोन पर साहब ने बसन्त को क्या आदेश दिया?
Answer: बसन्त और मधु के बीच नोंक-झोंक चल रही थी, तभी साहब का फोन आया। उन्होंने बसन्त को तुरंत बनारस जाने का आदेश दिया। यह आदेश उनकी बहस के बीच में ही आ गया था, जिससे बहस रुक गई।
In simple words: बसन्त और मधु की बहस के दौरान, साहब ने बसन्त को बनारस जाने का तुरंत आदेश दिया।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य घटनाक्रम को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर ऐसे मोड़ जो कहानी की दिशा बदलते हैं।

 

Question 3. सुरो और चिन्ती दिल्ली में कहाँ ठहरी थीं?
Answer: सुरो और चिन्ती दिल्ली में कनाट प्लेस पर मलिक चाचा के यहाँ ठहरी थीं। वे मधु से मिलने आई थीं और यहीं रुकी थीं।
In simple words: सुरो और चिन्ती दिल्ली में मलिक चाचा के घर कनाट प्लेस में रुकी थीं।

🎯 Exam Tip: छोटे और सीधे जवाब वाले प्रश्नों में सटीक जानकारी देना आवश्यक होता है।

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. चूहा सैदनशाह के लोगों की तन्दुरुस्ती का राज क्या था?
Answer: चूहा सैदनशाह के लोग अपने खाने-पीने का बहुत ध्यान रखते थे। वे दही और लस्सी का सेवन करते थे। दही में बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं को खत्म करने की शक्ति होती है। इसी वजह से उनके खून में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या अधिक थी और वे हमेशा स्वस्थ रहते थे। यह दर्शाता है कि प्राकृतिक खानपान स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है।
In simple words: चूहा सैदनशाह के लोग दही और लस्सी खाते थे, जिससे उनके शरीर में कीटाणु कम होते थे और वे स्वस्थ रहते थे।

🎯 Exam Tip: जब कोई विशेष उदाहरण दिया गया हो, तो उसके मुख्य कारणों और प्रभावों को विस्तार से समझाना चाहिए।

 

Question 2. मधु के मामा ने बसन्त द्वारा उनका रेजर इस्तेमाल करने के पश्चात् क्या किया?
Answer: बसन्त ने मधु के मामा का रेजर इस्तेमाल करके अपनी दाढ़ी बनाई थी। इसके बाद, मधु के मामा ने उस ब्लेड को तुरंत फेंक दिया और रेजर को कीटाणु-मुक्त (स्टरलाइज) करवाया। यह मधु के मामा की सफाई के प्रति अत्यधिक सतर्कता को दर्शाता है।
In simple words: बसन्त के रेजर इस्तेमाल करने के बाद, मधु के मामा ने ब्लेड फेंक दिया और रेजर को साफ (स्टरलाइज) करवाया।

🎯 Exam Tip: कहानी में किसी घटना के बाद पात्रों की प्रतिक्रियाओं पर ध्यान दें, क्योंकि वे उनके स्वभाव को उजागर करती हैं।

सफाई अच्छी चीज है परन्तु किसी को हाथ से साबुन से धुली कमीज उनको लॉन्ड्री में धुले अपने कपड़े के आगे गन्दी दिखाई देती है। आज समाज में सादा जीवन उच्च विचार को विचारधारा नहीं शानदार, दिखावटी, ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने की भावना को महत्त्व प्राप्त हो चुका है।

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. तौलिए एकांकी में किसका वर्णन है?
(क) शिष्टाचार
(ख) सफाई
(ग) सभ्यता
(घ) सफाई की सनक
Answer: (घ) सफाई की सनक
In simple words: यह एकांकी साफ-सफाई के प्रति जरूरत से ज्यादा जिद यानी 'सनक' के बारे में बताती है।

🎯 Exam Tip: एकांकी या कहानी का मुख्य विषय (केंद्रीय भाव) पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि यही उसके शीर्षक का आधार होता है।

 

Question 2. "मैं अपने रेजर से किसी दूसरे को हजामत नहीं बनाने देता, इसीलिए मैंने मेहमानों के लिए दूसरा रेजर रख छोड़ा है।' मधु के मामाजी के इस कथन को सुनकर बसन्त के मन में कौन-सा भाव उत्पन्न हुआ?
(क) क्रोध
(ख) भ्रम
(ग) प्रेम
(घ) सम्वेदना
Answer: (क) क्रोध
In simple words: मधु के मामा की यह बात सुनकर बसन्त को गुस्सा आ गया क्योंकि उसे यह अति-सफाई का ढोंग लगा।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों और उनके पीछे छिपी भावनाओं को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे किसी दूसरे पात्र पर प्रतिक्रिया दे रहे हों।

 

Question 3. मधु को हँसी-मजाक से घृणा नहीं, घृणा है -
(क) गन्दगी से
(ख) अशिष्टता से
(ग) गन्दे मनुष्यों से
(घ) बसन्त से
Answer: (क) गन्दगी से
In simple words: मधु को गन्दगी से बहुत नफरत थी। वह हर चीज साफ-सुथरी देखना चाहती थी।

🎯 Exam Tip: पात्रों की पसंद-नापसंद को याद रखना उनके चरित्र-चित्रण के लिए महत्वपूर्ण होता है।

 

Question 4. मधु की सहेली का नाम है -
(क) मंगला
(ख) उषी
(ग) मधुरमा
(घ) मधुमती
Answer: (ख) उषी
In simple words: मधु की सहेली का नाम उषी है।

🎯 Exam Tip: कहानी के प्रमुख और सहायक पात्रों के नामों को सही ढंग से याद रखें।

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये अतिलघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. बसन्त क्या काम करता है? उसको मासिक वेतन कितना है?
Answer: बसन्त दिल्ली में एक फर्म का मैनेजर है। उसका मासिक वेतन ढाई सौ रुपये है। उसकी यह नौकरी उसे मध्यमवर्गीय जीवन देती है।
In simple words: बसन्त दिल्ली में एक कंपनी में मैनेजर है और उसकी पगार 250 रुपये है।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों की पृष्ठभूमि और पेशे से जुड़ी जानकारी को याद रखना उनके जीवनशैली को समझने में मदद करता है।

 

Question 2. 'ओह!' यह कमबख्त तौलिए! मुझे ध्यान ही नहीं रहता' किसको क्या ध्यान नहीं रहता?
Answer: यह बात बसन्त ने कही थी। बसन्त को सही तौलिया इस्तेमाल करने का ध्यान नहीं रहता। वह अक्सर गलती से कोई भी तौलिया उठा लेता था, जिससे मधु चिढ़ जाती थी।
In simple words: बसन्त को यह ध्यान नहीं रहता था कि उसे कौन-सा तौलिया इस्तेमाल करना है।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व और आदतों को पहचानना सीखें।

 

Question 3. अश्क जी ने एकांकी का शीर्षक 'तौलिये' क्यों रखा है?
Answer: इस एकांकी की पूरी कहानी बसन्त द्वारा तौलिया इस्तेमाल करने की आदतों से जुड़ी गलतियों के इर्द-गिर्द घूमती है। तौलिया इस कहानी का मुख्य बिंदु है, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच झगड़े होते हैं और उनके वैचारिक मतभेद सामने आते हैं।
In simple words: कहानी का नाम 'तौलिये' इसलिए रखा गया है क्योंकि तौलिया ही पति-पत्नी के झगड़ों का मुख्य कारण है।

🎯 Exam Tip: किसी भी साहित्य कृति के शीर्षक की सार्थकता समझाने के लिए आपको उसके मुख्य विषय और घटनाओं का उल्लेख करना चाहिए।

 

Question 4. अब तो ऐनक नहीं। ऐनक हो तो कौन-सा आपको कुछ दिखाई देता है। इस संवाद में मधु को कौन-सा मनोभाव प्रकट हुआ है?
Answer: इस संवाद में मधु का बसन्त के प्रति व्यंग्य और खीझ का भाव प्रकट हुआ है। वह बसन्त की लापरवाही और अपनी बात न मानने की आदत से परेशान होकर यह बात कहती है।
In simple words: मधु इस बात से बसन्त पर गुस्सा और व्यंग्य कर रही है, क्योंकि वह उसकी बातें नहीं सुनता।

🎯 Exam Tip: संवादों के माध्यम से पात्रों के मन के भावों को पहचानना और समझाना महत्वपूर्ण है, यह उनके चरित्र को गहराई देता है।

 

Question 6. बसन्त और मधु में विवाद का अन्त कब हुआ?
Answer: टेलीफोन की घण्टी बजने पर बसन्त ने उसे उठाया और तभी उनके बीच का विवाद समाप्त हो गया। इस तरह बाहरी हस्तक्षेप ने उनके झगड़े को रोक दिया।
In simple words: टेलीफोन की घण्टी बजने पर बसन्त और मधु का झगड़ा रुक गया।

🎯 Exam Tip: कहानी के प्रमुख घटनाक्रम में अप्रत्याशित मोड़ों पर ध्यान दें, क्योंकि वे अक्सर तनाव कम करते हैं या नई दिशा देते हैं।

 

Question 7. एकांकी किसको कहते हैं तथा क्यों?
Answer: एकांकी नाटक के उस रूप को कहते हैं जिसमें केवल एक ही अंक होता है। इसमें किसी एक ही घटना या विचार पर जोर दिया जाता है। इस कारण इसे 'एकांकी' कहते हैं। यह सीमित समय में एक मुख्य संदेश देने के लिए होता है।
In simple words: एकांकी एक ऐसा नाटक होता है जिसमें सिर्फ एक ही भाग या अंक होता है, जो एक खास बात पर जोर देता है।

🎯 Exam Tip: साहित्यिक विधाओं की परिभाषा को सटीक शब्दों में याद रखना उनके स्वरूप को समझने में मदद करता है।

 

Question 8. मधु के अनुसार संस्कृति क्या है?
Answer: मधु के अनुसार, संस्कृति मानव की मूल भावनाओं पर नए-नए परदों के चढ़ने का नाम है। वह मानती है कि यह दिखावा और बनावटीपन है जो इंसान को अपनी सहजता से दूर करता है।
In simple words: मधु मानती है कि संस्कृति का मतलब है अपनी असली भावनाओं को छिपाकर बनावटी जीवन जीना।

🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यक्तिगत विचारों और परिभाषाओं को उनके चरित्र-चित्रण के साथ जोड़कर समझें।

 

Question 9. सुरो ने सड़े-गले विचार किनको कहा है?
Answer: सुरो ने महात्मा बुद्ध के मत को सड़े-गले विचार कहा है। वह मधु के इस विचार से असहमत थी कि हमें बीच का रास्ता अपनाना चाहिए।
In simple words: सुरो ने महात्मा बुद्ध के विचारों को 'सड़े-गले विचार' कहा क्योंकि वह उन्हें पुराने मानती थी।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों में प्रयुक्त विशेषणों और उनके संदर्भ पर ध्यान दें ताकि आप उनके मतभेदों को समझ सकें।

 

Question 10. सुरो और चिन्ती कौन है?
Answer: सुरो और चिन्ती मधु की सहेलियाँ हैं। वे उसके साथ कॉलेज में पढ़ती थीं। उनकी दोस्ती गहरी थी।
In simple words: सुरो और चिन्ती मधु की कॉलेज की दोस्त हैं।

🎯 Exam Tip: कहानी के सभी पात्रों और उनके आपसी संबंधों को याद रखना कहानी को समझने में मदद करता है।

 

Question 11. बनारस से दिल्ली लौटकर आए बसन्त की ओर मधु कैसी दृष्टि से देख रही थी?
Answer: जब बसन्त बनारस से दिल्ली लौटा, तो मधु उसे बातचीत करने लगी। मधु उसकी प्रतीक्षा की इच्छा और प्यार भरी दृष्टि से देख रही थी। वह उसे देखकर खुश थी।
In simple words: मधु, बसन्त को प्यार और उत्सुकता भरी निगाहों से देख रही थी, जब वह बनारस से लौटा।

🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवहार और उनकी प्रतिक्रियाओं पर ध्यान दें, क्योंकि वे कहानी में उनके बदलते रिश्तों को दर्शाते हैं।

 

Question 12. 'तौलिये' एकांकी का आरम्भ और अन्त बसन्त कैसे होता है?
Answer: 'तौलिये' एकांकी का आरम्भ और अन्त बसन्त को तौलिये के बारे में मधु के रोकने-टोकने से होता है। यह दर्शाता है कि उनके बीच यह मुख्य मुद्दा बना रहता है।
In simple words: एकांकी की शुरुआत और अंत दोनों में मधु, बसन्त को तौलिये के इस्तेमाल को लेकर टोकती है।

🎯 Exam Tip: एकांकी के आरंभ और अंत की समानता अक्सर लेखक के मुख्य संदेश को पुष्ट करती है।

'तौलिये' एकांकी में सफाई के प्रति मधु के प्रदर्शनपूर्ण तथा बसन्त के यथार्थ दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया है। बसन्त कोई भी तौलिया प्रयोग कर लेता है और मधु उसको रोकती-टोकती है। इससे दोनों में विवाद होता है। इसी विवाद से एकांकी प्रारम्भ होता है तथा इसी से उसका अन्त होता है। एकांकी की कथावस्तु सफाई की सनक से सम्बन्धित है।
In simple words: यह एकांकी साफ-सफाई को लेकर मधु के दिखावटी स्वभाव और बसंत के व्यावहारिक सोच के बारे में है। उनका झगड़ा तौलिये के इस्तेमाल को लेकर शुरू और खत्म होता है।

🎯 Exam Tip: एकांकी का केंद्रीय विषय समझने के लिए पात्रों के बीच के मतभेदों को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. 'तौलिये' एकांकी के दो संवाद लिखिए। जो उसके आरम्भ में प्रयुक्त हुए हैं और अन्त में दोहराए गये हैं?
Answer: 'तौलिये' एकांकी के आरम्भ और अन्त में प्रयुक्त एक जैसे दो संवाद निम्नलिखित हैं –
1. 'ओह! यह कमबख्त तौलिए। मुझे ध्यान ही नहीं रहता।।
2. जी, आपकी दुनिया ! जाने आप किस दुनिया में रहते हैं। अब तो ऐनक नहीं। ऐनक हो, तो कौन-सा आपको कुछ दिखाई देता है।
ये संवाद कहानी की शुरुआत और अंत में दोहराए जाते हैं, जो उनके बीच की स्थायी समस्या को दिखाते हैं।
In simple words: एकांकी के शुरू और आखिर में "ओह! यह कमबख्त तौलिए..." और "जी, आपकी दुनिया..." जैसे संवाद दोहराए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: किसी एकांकी में दोहराए गए संवाद अक्सर उसके मुख्य संदेश या पात्रों के स्थायी स्वभाव को दर्शाते हैं।

 

Question 3. मधु को किस काम की निपुणता प्राप्त नहीं है?
Answer: मधु को अपने मन के भावों को छिपाने की निपुणता प्राप्त नहीं है। उसके मन में उठने वाले उपेक्षा, क्रोध आदि भाव उसके चेहरे पर साफ झलक जाते हैं। उसके मन की सभी भावनाएँ उसकी शक्ल पर साफ दिखाई देती हैं, जिससे उसे देखकर कोई भी समझ सकता है कि वह क्या सोच रही है।
In simple words: मधु अपने मन के भावों को छिपा नहीं पाती; उसके गुस्से और नाखुशी चेहरे पर साफ दिख जाते हैं।

🎯 Exam Tip: पात्रों के स्वभाव और उनकी कमजोरियों को समझना उनके चरित्र-चित्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

 

Question 4. बसन्त और मधु का बचपन जिस वातावरण में बीता है, उसमें क्या अन्तर है?
Answer: बसन्त का बचपन गरीबी में बीता था। उसके छह भाई थे और वे सभी एक ही तौलिये से शरीर पोंछते थे। उसने कई दिनों तक एक ही बनियान में रहने के दिन भी देखे थे। उसे कठोर परिश्रम करना पड़ता था। वहीं, मधु का परिवार सम्पन्न था। उसने हॉस्टल में रहकर कॉलेज की पढ़ाई की थी। उसके मौसा कई बार विदेश जा चुके थे। वह अपने उच्च परिवार के कारण छोटे लोगों के साथ घुलना-मिलना पसंद नहीं करती थी। बसन्त ऐसे लोगों के साथ घंटों बातें कर सकता था। यह बताता है कि दोनों की पृष्ठभूमि में जमीन-आसमान का फर्क था।
In simple words: बसन्त का बचपन गरीबी में बीता था, जहाँ उसे संघर्ष करना पड़ा; वहीं मधु एक अमीर परिवार से थी और उसने सुख-सुविधाओं में जीवन जिया था।

🎯 Exam Tip: पात्रों की पृष्ठभूमि और परवरिश उनके व्यवहार और विचारों को गहराई से प्रभावित करती है, इसे अपने उत्तर में स्पष्ट करें।

 

Question 5. तौलिए के प्रयोग के बारे में मधु तथा बसन्त के दृष्टिकोण में क्या भेद है?
Answer: मधु का विचार है कि घर में हर सदस्य का तौलिया अलग होना चाहिए। एक व्यक्ति को भी अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग तौलिए इस्तेमाल करने चाहिए। वह सफाई और स्वास्थ्य के लिए इसे बहुत जरूरी मानती है। जबकि बसन्त ऐसा नहीं सोचता। उसके छह भाई थे और वे सभी एक ही तौलिये का इस्तेमाल करते थे। यह दोनों के अलग-अलग विचारों को दिखाता है।
In simple words: मधु चाहती है कि हर काम के लिए अलग तौलिया हो, जबकि बसन्त को लगता है कि एक ही तौलिये का इस्तेमाल किया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में दोनों पक्षों के विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें और उनके मूल कारण को भी समझाएं।

 

Question 7. मधु को किस विषय में निपुणता प्राप्त नहीं है? इसका कारण क्या है? इस सम्बन्ध में आप मधु को क्या सलाह देना चाहेंगे?
Answer: मधु का स्वभाव बहुत उत्तेजनापूर्ण है। वह छोटी-सी बात पर भी नाराज हो जाती है। उसे दूसरों के प्रति क्रोध और उपेक्षा जैसे मन के भावों को छिपाने में बिल्कुल भी महारत हासिल नहीं है। उसके यह भाव उसके चेहरे पर साफ-साफ दिखाई दे जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि उसमें खुद को नियंत्रित करने की शक्ति की कमी है। मैं मधु को सलाह देना चाहूँगा कि वह खुद को नियंत्रित रखे और अपने विचारों को दूसरों पर थोपे नहीं। अगर कोई उसके जैसे विचार नहीं रखता, तो उससे नाराज न हो और संयम बनाए रखे। यह जीवन में शांति के लिए जरूरी है।
In simple words: मधु अपने गुस्से और मन के भावों को छिपा नहीं पाती है क्योंकि उसमें आत्मनियंत्रण की कमी है। उसे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना चाहिए और दूसरों के विचारों का सम्मान करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: पात्रों के स्वभाव की कमजोरियों को पहचानें और उन्हें दूर करने के लिए रचनात्मक सुझाव दें, जो कहानी के संदर्भ में उचित हों।

 

Question 8. “इसी तरह विष घोल-घोल कर तुमने स्वास्थ्य का सत्यानाश कर लिया है। यह बात किसने, किससे तथा किस कारण कही है?
Answer: यह बात बसन्त ने मधु से कही है। बसन्त ने यह इसलिए कहा क्योंकि मधु छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत गुस्सा हो जाती है। जब उसकी बात नहीं मानी जाती, तो वह बहुत उत्तेजित हो जाती है और दूसरों की उपेक्षा करने लगती है। इस गुस्से और असंयम की भावना को बसन्त ने 'विष' कहा है, जिसके कारण मधु का स्वास्थ्य खराब हो गया है। मन की शांति स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: बसन्त ने मधु से यह बात कही क्योंकि मधु छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करती थी, जिससे उसका स्वास्थ्य खराब हो रहा था।

🎯 Exam Tip: संवादों के गहरे अर्थ को समझने के लिए पात्रों के आपसी संबंधों और उनके स्वभाव को ध्यान में रखें।

 

Question 9. जोहड़ का मैला चीकट पानी पीने पर भी चूहा सैदनशाह के निवासी स्वस्थ थे। इसके दो कारण लिखिए।
Answer: चूहा सैदनशाह के निवासी जोहड़ का मैला चीकट पानी पीते थे, फिर भी वे स्वस्थ थे। इसके दो मुख्य कारण थे –
1. वे अपने खान-पान और सेहत का विशेष ध्यान रखते थे। वे दही और लस्सी का सेवन करते थे, जिसमें बीमारियों के कीटाणुओं को मारने की शक्ति होती है।
2. वे गन्दगी में रहने को मजबूर थे और गंदा पानी पीना उनकी मजबूरी थी। लेकिन इसी वजह से उनके शरीर में गन्दगी को सहने और रोगों का विरोध करने की क्षमता बढ़ गई थी। इस तरह उनका शरीर प्राकृतिक रूप से मजबूत बन गया था।
In simple words: चूहा सैदनशाह के लोग दही-लस्सी पीते थे और वे गंदगी में रहने के आदी थे, जिससे उनके शरीर में रोग लड़ने की ताकत बढ़ गई थी।

🎯 Exam Tip: किसी भी घटना या स्थिति के पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से समझाएं, खासकर जब वे सामान्य धारणा के विपरीत हों।

 

Question 10. “तुम्हारे ऐसे वातावरण में पले हुए सब लोगों की नफासत में नफरत की भावना काम करती है।"-कथन में निहित भाव को स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस कथन में बसन्त मधु के उच्चवर्गीय और दिखावटी स्वभाव पर व्यंग्य कर रहा है। बसन्त का मानना है कि मधु जैसे लोग जो बहुत साफ-सुथरे और कुलीन वातावरण में पले-बढ़े हैं, वे अपनी तथाकथित 'नफासत' (श्रेष्ठता) के कारण आम लोगों या गंदगी से घृणा करने लगते हैं। यह नफरत सिर्फ गंदगी से नहीं, बल्कि ऐसे लोगों से भी होती है जो उनकी तरह साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं करते। यह दिखाता है कि कैसे दिखावटीपन लोगों को दूसरों से दूर करता है।
In simple words: बसन्त का कहना है कि मधु जैसे अमीर लोग अपनी ज्यादा सफाई के कारण दूसरों (गंदगी और सामान्य लोगों) से नफरत करने लगते हैं।

🎯 Exam Tip: व्यंग्यात्मक संवादों का विश्लेषण करते समय, वक्ता के इरादे और उसके पीछे के सामाजिक या वैचारिक मतभेद को पहचानें।

 

Question 11. "मुझे गन्दगी से घृणा नहीं है किन्तु मैं गन्दगी पसन्द नहीं करता-बड़ा नाजुक-सा फर्क है? वह नाजुक-सा फर्क क्या है?
Answer: बसन्त कहता है कि उसे गन्दगी से घृणा नहीं है, लेकिन वह गन्दगी पसन्द नहीं करता। यह एक सूक्ष्म अंतर है। जीवन में हर कदम पर गन्दगी का सामना करना पड़ता है, और गन्दे वातावरण में तथा गन्दे लोगों के साथ रहना और काम करना पड़ता है। गन्दगी से घृणा करने से काम नहीं चलता, बल्कि उसे दूर करने की जरूरत है। बसन्त का मानना है कि गन्दगी से नफरत नहीं करनी चाहिए, बल्कि उसे हटाना चाहिए। यह दिखाता है कि बसन्त कितना व्यावहारिक है।
In simple words: बसन्त के अनुसार, गन्दगी से नफरत करना और गन्दगी को पसंद न करना अलग बातें हैं। वह गन्दगी से नफरत नहीं करता, पर उसे पसंद भी नहीं करता; वह इसे दूर करने पर जोर देता है।

🎯 Exam Tip: सूक्ष्म अर्थ वाले कथनों को स्पष्ट करते समय, उनके व्यावहारिक और दार्शनिक पहलुओं को विस्तार से समझाएं।

 

Question 12. बसन्त को स्वच्छता पसन्द है परन्तु स्वच्छता की सनक ये उसे चिढ़ है। यह बात आप कैसे कह सकते हैं?
Answer: बसन्त को स्वच्छता पसंद है, यह इस बात से साबित होता है कि उसने मधु के विचारों को मान लिया था और वह अब दिन में दो बार बनियान बदलता है। लेकिन उसे स्वच्छता की सनक से चिढ़ है। अगर वह गलती से किसी और का तौलिया उठा ले, तो मधु का गुस्सा करना उसे अनुचित लगता है। बसन्त स्वच्छता को सामान्य आदत मानता है, न कि जुनून, क्योंकि जुनून रिश्तों को खराब कर सकता है।
In simple words: बसन्त सफाई पसंद करता है और अब दो बार बनियान बदलता है, लेकिन उसे सफाई की जिद (सनक) पसंद नहीं है, क्योंकि यह छोटी गलती पर भी नाराजगी पैदा करती है।

🎯 Exam Tip: किसी पात्र के स्वभाव को समझने के लिए उसके शब्दों और कार्यों दोनों का विश्लेषण करें और उनमें तालमेल बिठाएं।

 

Question 13. "जीवन को शिष्टाचार की बेड़ियों में जकड़ दिया जाए-यह न करो, वह न करो, ऐसे न बोलो, वैसे न बोलो'- बसन्त यह पसन्द नहीं करता। क्या आप इसको पसन्द करते हैं और क्या यह शिष्टाचार है?
Answer: बसन्त को यह पसंद नहीं है कि जीवन को शिष्टाचार की बेड़ियों में जकड़ दिया जाए, जिससे उसकी आज़ादी छिन जाए। वह 'यह न करो, वह न करो' जैसी नकारात्मक जीवन शैली का विरोध करता है। मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसे निषेधात्मक दृष्टिकोण को अनुचित मानता हूँ, क्योंकि यह मनुष्य के बौद्धिक विकास को रोकता है। एक सकारात्मक दृष्टिकोण बेहतर होता है। इसे शिष्टाचार नहीं कहा जा सकता, मैं इसे पसंद नहीं करता। शिष्टाचार का मतलब है विनम्रता और सम्मान, न कि पाबंदियां।
In simple words: बसन्त को जीवन में 'यह मत करो, वह मत करो' जैसे नियम पसंद नहीं हैं, जो आज़ादी छीनते हैं। मैं भी ऐसे नियमों को शिष्टाचार नहीं मानता क्योंकि वे विकास को रोकते हैं।

🎯 Exam Tip: अपने व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करते समय, कहानी के पात्रों के विचारों से तुलना करें और अपने तर्कों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 14. शिष्ट हास्य और अशिष्ट में क्या भेद है? उषी और निम्मो का व्यवहार इनमें से किसके अन्तर्गत आता है। उनके साथ मधु के व्यवहार को आप क्या कहेंगे?
Answer: हास्य तब शिष्ट होता है जब उसमें अश्लीलता न हो और उसका लक्ष्य किसी को दुख पहुँचाना न हो। अशिष्टता सदाचार के नियमों के खिलाफ व्यवहार को कहते हैं। उषी और निम्मो का व्यवहार शिष्ट हास्य तो नहीं है, लेकिन अशिष्ट भी नहीं है। उनमें समझदारी और संतुलन की कमी है। मधु का यह कहना कि "मैं उन्हें खा जो जाती हूँ" उनके प्रति उसकी नफरत का सूचक है। इसे उचित व्यवहार नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह दूसरों के प्रति सम्मान की कमी दर्शाता है।
In simple words: शिष्ट हास्य वह है जो किसी को दुख न पहुँचाए, जबकि अशिष्ट हास्य नियमों के खिलाफ होता है। उषी और निम्मो का व्यवहार भले ही शिष्ट न हो, पर अशिष्ट भी नहीं है। मधु का उनके प्रति गुस्सा ठीक नहीं है।

🎯 Exam Tip: किसी भी व्यवहार का विश्लेषण करते समय, उसकी मंशा और प्रभाव दोनों पर ध्यान दें, ताकि आप उसके सही अर्थ को समझ सकें।

 

Question 16. मधु स्वप्न में भी क्या नहीं सोचती जिसकी कल्पना बसन्त कर लेता है? तौलिये एकांकी के अनुसार उत्तर लिखिए।
Answer: जब बसन्त मधु को बताता है कि वह उससे घृणा करती है, तो मधु कहती है कि वह बसन्त से घृणा करने की बात सपने में भी नहीं सोचती। उसके मन में बसन्त के प्रति बिल्कुल भी घृणा नहीं है। बसन्त अपनी कल्पना की आँखों से घृणा को देखता है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है। मधु द्वारा बसन्त से घृणा किया जाना केवल बसन्त की कल्पना है, यह सच नहीं है। यह दर्शाता है कि बसन्त मधु के विचारों को गलत समझ रहा था।
In simple words: मधु ने सपने में भी बसन्त से नफरत करने की बात नहीं सोची, लेकिन बसन्त कल्पना करता है कि मधु उससे नफरत करती है।

🎯 Exam Tip: पात्रों के आंतरिक विचारों और उनकी गलतफहमियों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं, क्योंकि ये कहानी में तनाव पैदा करते हैं।

 

Question 17. “मेरा ख्याल था, मैं आपको सुख पहुँचा सकेंगी”-मधु के मतानुसार सुख क्या है तथा बसन्त की कल्पना के सुख से वह किस प्रकार भिन्न है?
Answer: मधु ने बसन्त से कहा कि वह शादी करके उसे सुख पहुँचा सकेगी और उसके अव्यवस्थित जीवन में व्यवस्था ला सकेगी। मधु का मतलब है कि बसन्त के जीवन की प्राकृतिक स्वतंत्रता को तथाकथित सभ्यता के नियमों में बांधना। मधु दिखावटी जीवन को सुख मानती है। वहीं, बसन्त जीवन की स्वाभाविकता का पक्षधर है। वह परिवार के किसी भी सदस्य का तौलिया इस्तेमाल कर सकता है और मित्रों के साथ रजाई में बिना पैर धोए चाय पी सकता है। उसे इसमें सुख मिलता है, लेकिन मधु को ऐसा नहीं लगता। यह उनके मूल्यों के बीच के अंतर को दर्शाता है।
In simple words: मधु के लिए सुख का मतलब व्यवस्थित और सभ्य जीवन है, जबकि बसन्त के लिए सुख प्राकृतिक और आज़ाद जीवन जीने में है।

🎯 Exam Tip: पात्रों के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझाते समय, उनके मूल्यों और जीवन शैली पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 18. मधु तथा बसन्त के स्वभाव में आप क्या असमानता पाते हैं? आपकी दृष्टि में इसका कारण क्या है?
Answer: मधु को कुलीन वर्ग की बनावटी जिंदगी जीना अच्छा लगता है, जबकि बसन्त स्वाभाविक और प्राकृतिक जीवन को पसंद करता है। वह स्वाभाविक जीवन पर सभ्यता का बनावटी पर्दा नहीं डालता। दोनों के स्वभाव में यह असमानता उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण है। मधु एक सम्पन्न परिवार से आई है, जबकि बसन्त ने जीवन में गरीबी भी देखी है। एक ने सभ्यता की बनावट में जन्म लिया है, तो दूसरी ने स्वाभाविक जीवन जिया है। यही उनकी विचारधारा में भिन्नता का मुख्य कारण है।
In simple words: मधु को दिखावटी जीवन पसंद है क्योंकि वह अमीर घर से है, जबकि बसन्त को सादा और स्वाभाविक जीवन पसंद है क्योंकि उसने गरीबी देखी है।

🎯 Exam Tip: पात्रों के स्वभाव में अंतर को उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से जोड़कर समझाना उत्तर को अधिक प्रभावी बनाता है।

 

Question 19. और तब पता चला कि हम लोग यों ही परेशान होते रहे। घर तो तुम्हारा पास ही था। सुरो और चिन्ती किस कारण परेशान हुईं? आप किसी जगह जाते हैं तो क्या ऐसे ही परेशान होते हैं?
Answer: सुरो ने तांगेवाले को मधु के घर का गलत पता बता दिया था। इस कारण तांगेवाला उन्हें सब्जीमंडी गिरजे के पास ले गया। जब उन्हें ध्यान आया कि मधु का घर हनुमान मंदिर के पास है, तब वे मधु के घर आ सकीं। उन्हें व्यर्थ भटकना पड़ा। मैं किसी जगह जाता हूँ तो ऐसे परेशान नहीं होता, मैं पहले से पता पूछता हूँ और मोबाइल पर लोकेशन देखकर चलता हूँ। आजकल जानकारी पहले से मिल जाती है।
In simple words: सुरो और चिन्ती गलत पते के कारण मधु के घर पहुंचने में परेशान हुईं। मुझे ऐसी परेशानी नहीं होती क्योंकि मैं पहले से सही पता जान लेता हूँ।

🎯 Exam Tip: किसी घटना के कारण और उसके प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं और अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया देते समय उसे तार्किक बनाएं।

 

Question 21. सभ्यता और संस्कृति का मानव की मूल भावनाओं पर पर्दा पड़ने का क्या कारण है? सी.एम. जोड़ का इस बारे में क्या मत है?
Answer: सभ्यता और संस्कृति बाद में विकसित होती है। पहले मनुष्य प्राकृतिक नियमों के अनुसार जीता था। सभ्यता और संस्कृति उसके स्वाभाविक विचारों और कार्यों को रोककर एक नया रूप देती है। इस तरह सभ्यता और संस्कृति प्राकृतिक स्वभाविक जीवन के विपरीत चलने को कहते हैं। इसी कारण मानव की मूल भावनाओं पर पर्दा पड़ता है। सी.एम. जोड़ एक प्रसिद्ध विचारक हैं। उनके मत में दो लोगों के अलग-अलग तरीके से सोचने और काम करने तथा पहले की अपेक्षा नए तरीके से सोचने से सभ्यता जन्म लेती है। इसका मतलब है कि सभ्यता लगातार बदलती रहती है। सभ्यता हमेशा एक जैसी नहीं रहती।
In simple words: सभ्यता और संस्कृति मानव की मूल भावनाओं को ढक देती है क्योंकि ये प्राकृतिक जीवन के विपरीत हैं। सी.एम. जोड़ के अनुसार, यह सोचने और काम करने के नए तरीकों से पैदा होती है और हमेशा बदलती रहती है।

🎯 Exam Tip: दार्शनिक या सैद्धांतिक प्रश्नों में, लेखक के विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें और उसे उदाहरणों से समझाएं।

 

Question 22. बनियान के संस्कारों से मुक्त पाना मधु के लिए क्यों मुश्किल है? क्या आपके लिए भी ऐसा करना मुश्किल है?
Answer: मधु में स्वच्छता के प्रति जो सनकीपन है, वह उसके बचपन के संस्कारों का हिस्सा है। मनुष्य जिन परिस्थितियों में जन्म लेता है और बढ़ता है, वही उसके व्यक्तित्व का एक अटूट हिस्सा बन जाती है। उसकी यह आदतें उसके स्वभाव में गहराई तक समाई हुई हैं। मुझे भी अपने बचपन के संस्कारों से मुक्त होना मुश्किल लगता है, क्योंकि ये आदतें बचपन से ही हमारी सोच और व्यवहार का हिस्सा बन जाती हैं।
In simple words: मधु के लिए बनियान बदलने जैसी साफ-सफाई की आदत छोड़ना मुश्किल है क्योंकि ये उसके बचपन के संस्कार हैं। हमें भी अपनी पुरानी आदतों को छोड़ना मुश्किल लगता है।

🎯 Exam Tip: व्यक्तिगत अनुभवों को कहानियों के पात्रों के साथ जोड़कर अपने उत्तर को अधिक प्रासंगिक बनाएं।

 

Question 23. बसन्त के बनारस जाने के बाद मधु अपने आप में परिवर्तन लाने का प्रयास करती है। परन्तु बसन्त के लौट आने के बाद उसका व्यवहार पहले जैसा ही हो जाता है। इसकी आपकी दृष्टि में क्या कारण हो सकता है?
Answer: बसन्त बनारस में था, तब मधु सोचती है कि वह उससे नाराज होकर चला गया है। उसने दो महीने से उसका कुशलक्षेम भी नहीं पूछा। वह अपनी सफाई की अतिवादी आदत को बदलने का प्रयास करती है। लेकिन बसन्त के वापस आते ही, उनके बीच फिर से वही नोंक-झोंक शुरू हो जाती है। इसका कारण मधु की पारिवारिक पृष्ठभूमि है। उसके विचार अपनी आदतों और संस्कारों के अनुसार बने हैं। वह कोशिश करने पर भी खुद को बदल नहीं पाती। पुरानी आदतें बदलना मुश्किल होता है।
In simple words: बसन्त के जाने के बाद मधु खुद को बदलने की कोशिश करती है, लेकिन बसन्त के लौटने पर उसकी आदतें फिर से पहले जैसी हो जाती हैं क्योंकि उसके बचपन के संस्कार बहुत गहरे हैं।

🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवहार में आए अस्थायी बदलावों के पीछे के कारणों को पहचानें और समझाएं कि वे क्यों स्थायी नहीं हो पाते।

 

Question 24. बसन्त और मधु छोटी-छोटी बातों पर झगड़ते रहते हैं, किन्तु वे एक-दूसरे को प्रेम करते हैं। क्या आप भी ऐसा मानते हैं यदि हाँ, तो क्यों?
Answer: बसन्त और मधु तौलिया के प्रयोग जैसी छोटी-छोटी बातों पर झगड़ते हैं, लेकिन उनमें गहरा प्रेम है। हाँ, मैं भी ऐसा मानता हूँ। प्रेम का मतलब यह नहीं कि दो लोग हर बात पर सहमत हों। अक्सर प्रेम में रहने वाले जोड़े छोटी-मोटी बातों पर नोंक-झोंक करते हैं, लेकिन उनके दिल में एक-दूसरे के लिए गहरा सम्मान और प्यार होता है। यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होता है।
In simple words: हाँ, बसन्त और मधु छोटी बातों पर झगड़ते हैं, फिर भी वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं क्योंकि प्यार में छोटी-मोटी नोकझोंक आम बात है और यह रिश्ते को मजबूत भी करती है।

🎯 Exam Tip: रिश्तों में विरोधाभासों को समझाते समय, यह बताएं कि कैसे छोटी-मोटी असहमति भी गहरे प्रेम के साथ मौजूद रह सकती है।

 

Question 25. 'तौलिये' एकांकी के आरम्भ तथा अन्त में आप क्या समानता पाते हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
Answer: 'तौलिये' एकांकी का आरम्भ बसन्त द्वारा गलत तौलिये के इस्तेमाल और उस पर मधु द्वारा उसे रोकने-टोकने से होता है। कहानी की शुरुआत में दोनों में इसी बात पर बहस चलती रहती है। एकांकी का अन्त भी इसी दृश्य के साथ होता है। बसन्त के दो महीने बाद बनारस से लौटने के बाद भी यही विवाद फिर से शुरू हो जाता है। एकांकी के आरम्भ और अन्त में मधु और बसन्त के संवाद और क्रियाएं एक समान हैं। सच तो यह है कि आरम्भ के संवाद ही अन्त में दोहराए गए हैं। यह दिखाता है कि समस्या बनी हुई है।
In simple words: एकांकी की शुरुआत और अंत दोनों में बसन्त गलत तौलिया इस्तेमाल करता है और मधु उसे टोकती है, जिससे दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो जाता है। उनके संवाद भी दोहराए जाते हैं, जो यह दिखाता है कि समस्या वही है।

🎯 Exam Tip: किसी भी एकांकी के आरंभ और अंत की समानता अक्सर उसके केंद्रीय विषय की निरंतरता या पात्रों के स्वभाव की स्थिरता को दर्शाती है।

 

Question 26. तौलिए एकांकी शीर्षक की उपयुक्तता पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: 'तौलिये' एकांकी में तौलिया और उसके सही या गलत इस्तेमाल का तरीका ही कहानी का मुख्य बिंदु है। एकांकी की शुरुआत और अंत में बसन्त कोई भी तौलिया उठा लेता है और मधु उसे ऐसा करने से रोकती है। वह इसे सफाई के विचार से सही नहीं मानती। दोनों में इसी बात पर हमेशा झगड़ा होता रहता है। इस एकांकी में तौलिया बहुत महत्वपूर्ण है। यह कहानी के विकास और पात्रों के स्वभाव को दिखाने में मदद करता है। इसलिए, 'तौलिया' शीर्षक पूरी तरह से सही और उपयुक्त है।
In simple words: 'तौलिया' शीर्षक इस एकांकी के लिए बिल्कुल सही है क्योंकि कहानी में तौलिया ही झगड़ों का मुख्य कारण है और यह पात्रों के स्वभाव को भी दिखाता है।

🎯 Exam Tip: शीर्षक की उपयुक्तता सिद्ध करने के लिए, आपको यह बताना चाहिए कि शीर्षक कहानी के केंद्रीय विषय, पात्रों और घटनाक्रम से कैसे जुड़ा है।

 

Question 27. 'तौलिये' एकांकी से हमें क्या शिक्षा मिलती है? अथवा 'तौलिये' एकांकी में एकांकीकार ने क्या संदेश दिया है?
Answer: 'तौलिये' एकांकी में एकांकीकार ने यह संदेश दिया है कि सफाई रखना अच्छा और जरूरी गुण है। मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। लेकिन स्वच्छता के प्रति जरूरत से ज्यादा विचार रखना ठीक नहीं है। सफाई रखने की भावना सनक नहीं बननी चाहिए, क्योंकि इससे परिवार का माहौल अशांत हो सकता है। इस एकांकी से हमें यही शिक्षा मिलती है कि सफाई रखें, लेकिन उसकी जिद में घर की सुख-शांति को बर्बाद न करें। संतुलन बहुत जरूरी है।
In simple words: 'तौलिये' एकांकी हमें सिखाती है कि सफाई जरूरी है, लेकिन उसकी जिद या सनक परिवार की शांति को भंग कर सकती है, इसलिए अति से बचें।

🎯 Exam Tip: किसी भी कहानी के संदेश या शिक्षा को स्पष्ट रूप से बताएं और उसे जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़कर समझाएं।

 

Question 28. 'तौलिए' एकांकी की मुख्य समस्या पर प्रकाश डालिए।
Answer: तौलिये को लेकर मधु और बसन्त के बीच झगड़ा होता है। इसका मुख्य कारण पति-पत्नी के बचपन के संस्कार और पारिवारिक पृष्ठभूमि है। दोनों अलग-अलग संस्कारों वाले हैं। उच्चवर्गीय संस्कारों वाली मधु अपनी आदतों को छोड़ नहीं पाती। बसन्त अपनी स्वतंत्रता में कोई बाधा बर्दाश्त नहीं करता। दोनों ही एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठा नहीं पाते। 'तौलिये' एकांकी की मुख्य समस्या विरोधी संस्कारों वाले पति-पत्नी द्वारा पारिवारिक जीवन में तालमेल न बिठा पाने की है। यह दर्शाता है कि संस्कार कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
In simple words: 'तौलिये' एकांकी की मुख्य समस्या पति-पत्नी मधु और बसन्त के अलग-अलग संस्कारों और पृष्ठभूमि के कारण है, जिससे वे आपस में तालमेल नहीं बिठा पाते।

🎯 Exam Tip: किसी भी कहानी की मुख्य समस्या को पहचानें और उसके मूल कारणों को विस्तार से समझाएं।

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 30. मधु के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए।
Answer: मधु के चरित्र की दो प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
1. मधु को बसन्त से प्रेम है। उसने बसन्त से प्रेम विवाह किया है। उनके आपसी विवादों के बाद भी, उसका प्रेम उसे खुद में बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।
2. मधु कुलीनतावादी पारिवारिक संस्कारों से प्रभावित है। उसमें सफाई की भावना सनक की हद तक बढ़ गई है। इसी वजह से उसके परिवार की शांति भंग होती है और पति के साथ विवाद होता है। यह उसकी परवरिश का असर है।
In simple words: मधु बसन्त से प्यार करती है और उसमें बदलाव लाना चाहती है। वह अपने कुलीन संस्कारों के कारण साफ-सफाई की हद से ज्यादा जिद करती है, जिससे घर में झगड़े होते हैं।

🎯 Exam Tip: पात्रों के चरित्र-चित्रण करते समय उनकी प्रमुख विशेषताओं को बिंदुवार स्पष्ट करें और उनके कारणों को भी बताएं।

 

Question 31. 'तौलिये' एकांकी की संवाद योजना पर प्रकाश डालिए।
Answer: 'तौलिये' एकांकी की संवाद योजना बहुत अच्छी तरह सोची-समझी गई है। संवाद छोटे और प्रभावशाली हैं। वे पात्रों के चरित्र की विशेषताओं को साफ-साफ दिखाते हैं। कथानक के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। कुछ संवाद एकांकी के आरम्भ और अन्त में एक जैसे आते हैं, जिससे एकांकी का प्रभाव और बढ़ जाता है। संवाद पात्रों के अनुकूल और मनोवैज्ञानिक हैं, जो कहानी को जीवंत बनाते हैं।
In simple words: 'तौलिये' एकांकी के संवाद छोटे, प्रभावशाली और मनोवैज्ञानिक हैं, जो पात्रों के चरित्र को उजागर करते हैं और कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कुछ संवादों का दोहराव कहानी के प्रभाव को बढ़ाता है।

🎯 Exam Tip: संवाद योजना का विश्लेषण करते समय, संवादों की लंबाई, प्रभाव, और पात्रों के चरित्र तथा कथानक पर उनके प्रभाव पर ध्यान दें।

RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 15 तौलिये निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'तौलिये' एकांकी के प्रधान स्त्री पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Answer: उपेन्द्रनाथ अश्क द्वारा रचित 'तौलिये' एकांकी की नायिका और मुख्य नारी पात्र मधु है। मधु के जीवन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. **सम्पन्न एवं कुलीन पृष्ठभूमि-** मधु एक सम्पन्न परिवार में जन्मी है। वह समाज में खुद को कुलीन मानती है।
2. **संस्कारों का प्रभाव-** मधु अपने संस्कारों से बहुत प्रभावित है। यह प्रभाव उस पर बहुत गहरा है। वह चाहकर भी उनसे मुक्त नहीं हो पाती और एक बनावटी, निषेधात्मक जीवन जीकर अपना तथा परिवार का सुख बर्बाद कर देती है।
3. **सफाई की सनक-** मधु को अपने संस्कारों के कारण सफाई बहुत पसंद है। सफाई के प्रति उसकी पसंद सनकीपन तक फैली हुई है। वह चाहती है कि हर व्यक्ति अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग तौलिए इस्तेमाल करे। वह परिवार के किसी भी सदस्य का तौलिया भी इस्तेमाल नहीं करती। ये विचार सफाई के प्रति उसके जुनून को दिखाते हैं।
4. **पति से प्रेम-** मधु अपने पति बसन्त से बहुत प्रेम करती है। उसने उसके साथ प्रेम विवाह किया है। विचारों में अंतर होने पर भी उसका प्रेम बसन्त के प्रति कम नहीं हुआ है। जब बसन्त बनारस चला जाता है, तो मधु उसे नाराज जानकर अपने व्यवहार को बदल लेती है। वह बसन्त के अनुकूल रहकर उसे सुख देना चाहती है।
5. **आत्मनियंत्रण का अभाव-** मधु में आत्मनियंत्रण की कमी है। छोटी-सी बात पर वह नाराज हो जाती है और उसके मन के भाव चेहरे पर साफ दिख जाते हैं। वह अपनी आदतों को बदलने में कमजोर पड़ती है।
यह दिखाता है कि मधु का चरित्र एक जटिल व्यक्ति का है जो अपने संस्कारों और प्रेम के बीच उलझी हुई है।
In simple words: मधु एकांकी की मुख्य पात्र है। वह एक अमीर परिवार से है, साफ-सफाई की हद से ज्यादा जिद करती है, और पति बसन्त से प्यार करती है। उसमें आत्मनियंत्रण की कमी है, और वह अपने संस्कारों के कारण बनावटी जीवन जीती है।

🎯 Exam Tip: चरित्र-चित्रण में पात्र की पृष्ठभूमि, स्वभाव, गुण-दोष और दूसरों से उसके संबंधों को शामिल करें। प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से समझाएं।

 

Question 2. 'तौलिये' एकांकी के पात्र बसन्त का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Answer: 'तौलिये' एकांकी का नायक और मुख्य पात्र बसन्त है। उसकी प्रमुख चरित्रगत विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
1. **मध्यम वर्गीय परिवार से-** बसन्त मध्यम वर्ग से जुड़ा व्यक्ति है। उसने अपने जीवन में गरीबी देखी है। वह छह भाई थे और एक ही तौलिये से अपना शरीर पोंछते थे। उसे कठोर परिश्रम करना पड़ता था और उसे कई-कई दिनों तक बनियान बदलने और धोने का अवसर नहीं मिलता था। यह उसकी सामान्य जीवन शैली को दर्शाता है।
2. **यथार्थवादी-** बसन्त यथार्थवादी है। वह जीवन की सच्चाई से भागता नहीं। उसका कहना है कि अगर हमें जीवन का सामना करना है, तो रोज गंदगी से दो-चार होना पड़ेगा, फिर इससे घृणा कैसी? वह गंदगी से घृणा नहीं करता, बल्कि इसे दूर करने और जीवन को स्वच्छ बनाने में विश्वास रखता है।
3. **स्वच्छता की सनक से दूर-** बसन्त स्वच्छता को पसंद करता है, लेकिन उसकी सनक से चिढ़ता है। उसने तौलियों और बनियानों के बारे में मधु के विचारों को मान भी लिया है। लेकिन अगर वह गलती से कोई दूसरा तौलिया उठा ले, तो मधु का उस पर गुस्सा करना उसे खराब लगता है। वह सफाई के प्रति ऐसी सनक को नापसंद करता है।
4. **सच्चा पति और प्रेमी-** बसन्त मधु का पति है। वह उससे सच्चा प्रेम करता है। वह उसके दिखावटी जीवन से उसे बाहर निकालना चाहता है। वह इस कारण उसकी गिरती सेहत के प्रति चिंतित है और उसे समझाता है- "अब तुम जीवन का रहस्य समझ पाई हो।" जीवन का भेद बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि आंतरिक दृढ़ता में है।
5. **हँसमुख और शिष्ट-** बसन्त हँसमुख है। वह हमेशा प्रसन्न रहता है। शिष्टाचार के नाम पर अनावश्यक पाबंदियां उसे पसंद नहीं हैं। वह प्राकृतिक और स्वाभाविक जीवन जीने में विश्वास करता है।
ये सभी विशेषताएँ बसन्त को एक संतुलित और व्यावहारिक पात्र बनाती हैं।
In simple words: बसन्त एकांकी का मुख्य पात्र है। वह एक मध्यमवर्गीय, यथार्थवादी और हँसमुख व्यक्ति है। उसे सफाई की जिद पसंद नहीं है, लेकिन वह मधु से सच्चा प्यार करता है और उसे दिखावटी जीवन से बाहर निकालना चाहता है।

🎯 Exam Tip: किसी भी पात्र का चरित्र-चित्रण करते समय, उसके मुख्य गुणों और अवगुणों को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें, और बताएं कि वे उसके व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं।

 

Question 3. मधु के द्वारा मान्य शिष्टाचार में स्निग्धता नहीं है, क्यों? बसन्त के विवाह से पूर्व के अपने मित्रों के व्यवहार को आप क्या कहेंगे? क्या वह शिष्टाचार है?
Answer: शिष्टाचार क्या है, इस बारे में मधु और बसन्त के विचारों में अंतर है। मधु के अनुसार, उठने-बैठने, बोलने-चलने आदि के नियम हैं जिनका घर, परिवार और समाज में हर जगह पालन करना जरूरी है। ये नियम नकारात्मक होते हैं, जैसे 'दूसरे का तौलिया इस्तेमाल न करो', 'यह न करो', 'वह न करो', ऐसे आदेश उसकी कठिनाइयों को बढ़ाते हैं। यह शिष्टाचार का कठोर रूप है जिसमें जरा भी कोमलता या स्निग्धता नहीं है।
बसन्त का मित्रों के साथ व्यवहार स्नेहपूर्ण और आनंददायक था। उसमें कोई दिखावा नहीं था। उसमें प्रेम था, घृणा नहीं। यदि किसी से प्रेम, स्नेह और अपनापन दिखाना शिष्टता है, तो बसन्त का व्यवहार निश्चित रूप से शिष्टाचार है। यह सच्चा शिष्टाचार है, क्योंकि इसमें दिल से अपनापन झलकता है।
In simple words: मधु के शिष्टाचार के नियम कठोर और दिखावटी हैं, जिनमें अपनापन नहीं है। बसन्त का अपने मित्रों के साथ का व्यवहार सच्चा और स्नेहपूर्ण था, जिसमें दिखावा नहीं था, इसलिए वह असली शिष्टाचार था।

🎯 Exam Tip: शिष्टाचार की अवधारणा को समझाते समय, उसके सकारात्मक (स्नेहपूर्ण) और नकारात्मक (कठोर नियमों) दोनों पहलुओं पर चर्चा करें।

 

Question 4. “तुमने फिर अपने मामा और मौसा की क्या छेड़ी?” बसन्त मधु को मामा और मौसा के बारे में कुछ कहने से क्यों रोकता है?
Answer: मधु जब अपने मामा और मौसा की सफाई से जुड़ी बातें बताने लगती है, तो बसन्त उसे रोक देता है। बसन्त को उनका व्यवहार ठीक नहीं लगता क्योंकि वह इसे रूढ़िवादी और प्यार रहित मानता है। एक बार मधु के मौसा ने बसन्त का तौलिया इस्तेमाल करने से मना कर दिया था और अपने रुमाल से हाथ पोंछे थे। इसी तरह, मधु के मामा ने भी अपना रेजर किसी को नहीं देने की बात कही थी, और जब बसन्त ने उनका रेजर इस्तेमाल किया, तो मामा ने ब्लेड को फेंककर रेजर को साफ करवाया। बसन्त को लगता है कि ऐसे काम दूसरों को नीचा दिखाने और मेहमान नवाजी के खिलाफ हैं। वह मानता है कि मधु के मामा और मौसा का व्यवहार दिखावटी और बनावटी है, जो सामान्य और प्राकृतिक नहीं है। इस तरह का व्यवहार समाज में दिखावटीपन को बढ़ावा देता है और रिश्तों में दूरी पैदा कर सकता है।
In simple words: बसन्त मधु को मामा और मौसा की बातें बताने से रोकता है क्योंकि उसे उनका सफाई को लेकर सख्त बर्ताव पसंद नहीं है। बसन्त को लगता है कि यह दिखावा है और इसमें प्यार की कमी है।

🎯 Exam Tip: संवाद आधारित प्रश्नों में पहले संवाद का अर्थ स्पष्ट करें, फिर बताएं कि वक्ता ने यह क्यों कहा और उसके पीछे क्या भावना थी।

 

Question 5. 'तौलिये' एकांकी की रचना का उद्देश्य क्या है?
Answer: 'तौलिये' नाटक उपेन्द्रनाथ अश्क द्वारा लिखी गई एक खास कहानी है। इस कहानी को लिखने का मुख्य कारण यह बताना है कि जीवन में सफाई और स्वच्छता क्यों जरूरी है, लेकिन यह भी दिखाना है कि हर बात में बहुत ज्यादा सफाई की सनक ठीक नहीं है। कहानी बताती है कि मधु को सफाई बहुत पसंद है, इतनी कि वह मानती है कि जो लोग सफाई पर ध्यान नहीं देते, वे जानवरों से भी बुरे हैं। वह सफाई को लेकर इतनी जुनूनी है कि चाहती है कि परिवार का हर सदस्य अपने लिए अलग तौलिया इस्तेमाल करे और एक-दूसरे का सामान न छुए। यह नाटक दर्शकों को संतुलित जीवन जीने और रिश्तों को महत्व देने का संदेश देता है, न कि सिर्फ बाहरी दिखावे को।
In simple words: 'तौलिये' कहानी का मुख्य मकसद यह समझाना है कि सफाई अच्छी है, पर उसकी हद से ज्यादा सनक रिश्तों को खराब कर सकती है। कहानी दिखाती है कि हर चीज में हद से ज्यादा सफाई की जिद करना सही नहीं होता।

🎯 Exam Tip: किसी भी एकांकी के उद्देश्य को लिखते समय, कहानी के मुख्य संदेश और उससे मिलने वाली सीख को सरल शब्दों में व्यक्त करें।

 

Question 6. तकल्लुफ और शिष्टाचार में क्या अन्तर है? शिष्टाचार दुःखदायी कब हो जाता है?
Answer: तकल्लुफ का मतलब है दिखावटी व्यवहार। यह तब होता है जब हम खुद को बहुत सभ्य दिखाने के लिए ऐसे काम करते हैं जिससे हम दूसरों से अलग दिखें। जैसे, दो नवाब एक-दूसरे को 'पहले आप' कहते रहे और गाड़ी निकल गई। शिष्टाचार का मतलब है अच्छा और विनम्र व्यवहार। इसमें प्यार, आदर और दूसरों के लिए अच्छा बर्ताव शामिल होता है। यह बड़ों के प्रति सम्मान और छोटों के प्रति स्नेह दिखाता है। शिष्टाचार तब दुखदायी बन जाता है जब हम किसी के साथ सिर्फ दिखावटी व्यवहार करते हैं, मन से आदर नहीं करते। ऐसा शिष्टाचार 'यह मत करो, वह मत करो' जैसे नियमों से भरा होता है, जिसे कोई पसंद नहीं करता। शिष्टाचार का असली मकसद दूसरों को सहज महसूस कराना होता है, न कि उन्हें असहज करना या खुद को श्रेष्ठ दिखाना।
In simple words: तकल्लुफ बनावटी दिखावा है, जबकि शिष्टाचार सच्चा और अच्छा व्यवहार है। शिष्टाचार तब बुरा लगता है जब वह सिर्फ नियमों का पालन करने तक सीमित हो जाए और उसमें सच्चा प्यार न हो।

🎯 Exam Tip: इन जैसे तुलनात्मक प्रश्नों में, दोनों शब्दों को अलग-अलग परिभाषित करें, फिर उनके बीच के अंतर को उदाहरण के साथ स्पष्ट करें।

 

Question 7. आपको किस प्रकार का जीवन पसन्द है? मधु की कल्पना को या बसन्त के विचारों का? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
Answer: मुझे बसन्त के विचारों वाला जीवन पसंद है। मधु एक बहुत सभ्य और संस्कारी जीवन को सही मानती है। उसके लिए सभ्यता का मतलब है 'यह मत करो, वह मत कहो' जैसे ढेर सारे नियम मानना। इससे मनुष्य की आजादी कम होती है और उसे तनाव होता है। वहीं, बसन्त का मानना है कि जीवन को उसकी असलियत में जीना चाहिए। वह सफाई और स्वास्थ्य को जरूरी मानता है, पर किसी भी चीज की हद से ज्यादा सनक उसे पसंद नहीं है। बसन्त रिश्तों में प्यार और खुलेपन को महत्व देता है, दिखावटी व्यवहार को नहीं। इसलिए, मैं बसन्त के सहज और प्राकृतिक जीवन शैली का समर्थन करूंगा। जीवन में संतुलन और सहजता बनाए रखना ही सच्ची खुशी का आधार है, जहाँ अनावश्यक नियम रिश्तों को भारी न बना दें।
In simple words: मुझे बसन्त का सादा और सच्चा जीवन पसंद है, जिसमें दिखावा नहीं है। मधु का बहुत नियमों वाला और दिखावटी जीवन मुझे ठीक नहीं लगता।

🎯 Exam Tip: ऐसे व्यक्तिगत राय वाले प्रश्नों में, अपनी पसंद को स्पष्ट रूप से बताएं और अपने तर्कों को कहानी के पात्रों के स्वभाव और उनके जीवन-दर्शन से जोड़कर समझाएँ।

तौलिये लेखक परिचय

 

Question. उपेन्द्रनाथ अश्क का जीवन परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक सेवाओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: उपेन्द्रनाथ अश्क एक नाटककार थे, जिनका जन्म 14 दिसंबर, 1910 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। उन्होंने बी.ए. और एल.एल.बी. की पढ़ाई की थी। उन्हें 1965 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला और वे 19 जनवरी, 1996 को गुजर गए। उन्होंने अध्यापक, पत्रकार और लेखक के रूप में काम किया। उन्होंने नाटक, उपन्यास, कहानी, निबंध और आलोचना जैसी कई तरह की चीजें लिखीं। उनके नाटक और कहानियाँ समाज और मन के विचारों पर आधारित होती थीं, और उनके किरदार बहुत गहरे होते थे। उनकी भाषा आसान और समझने वाली थी, जिसमें हिंदी और उर्दू के शब्द मिले होते थे। अश्क जी के लेखन ने हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया, खासकर नाटक के क्षेत्र में। उनकी कुछ खास रचनाएँ 'जय-पराजय' (नाटक), 'देवताओं की छाया में' (एकांकी संग्रह), 'गिरती दीवारें' (उपन्यास) और 'जुदाई की शाम के गीत' (कहानी संग्रह) हैं।
In simple words: उपेन्द्रनाथ अश्क एक बड़े लेखक थे जिनका जन्म जालंधर में 1910 को हुआ था। उन्होंने कई नाटक, कहानियाँ और उपन्यास लिखे। उनके लेखन में समाज और लोगों के मन के बारे में गहराई से बताया जाता था, और उनकी भाषा बहुत सरल थी।

🎯 Exam Tip: किसी भी लेखक का परिचय लिखते समय, उनकी जन्म-मृत्यु की तारीखें, शिक्षा, मुख्य साहित्यिक विधाएँ और कुछ प्रसिद्ध रचनाओं का उल्लेख जरूर करें।

तौलिये पाठ सारांश

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Detailed Explanations for Chapter 15 तौलिये

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 12 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 15 तौलिये to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Hindi are as per latest RBSE curriculum.

Are the Hindi RBSE solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Hindi. You can access RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi RBSE solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 15 तौलिये in printable PDF format for offline study on any device.