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Detailed Chapter 25 राजस्थान जनसंख्या व जनजातियाँ RBSE Solutions for Class 12 Geography
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Class 12 Geography Chapter 25 राजस्थान जनसंख्या व जनजातियाँ RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. सन 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की जनसंख्या है -
(अ) 6.85 करोड़
(ब) 6.54 करोड़
(स) 5.85 करोड़
(द) 5.54 करोड़
Answer: (अ) 6.85 करोड़
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान की कुल आबादी 6.85 करोड़ थी.
🎯 Exam Tip: जनगणना के आँकड़ों से संबंधित प्रश्नों के लिए, आपको सही संख्याएँ और वर्ष याद रखने चाहिए.
Question 2. राजस्थान के किस जिले की साक्षरता सबसे कम है?
Answer: राजस्थान में जालौर जिले की साक्षरता सबसे कम है.
In simple words: जालौर राजस्थान का वह ज़िला है जहाँ सबसे कम लोग पढ़े-लिखे हैं.
🎯 Exam Tip: राज्यों और जिलों के महत्वपूर्ण आँकड़े, जैसे साक्षरता दर, लिंगानुपात आदि को याद रखें.
Question 3. निम्नलिखित में से जो जनजाति नहीं है, वह है -
(अ) भील
(ब) खटीक
(स) मीणा
(द) डामोर
Answer: (ब) खटीक
In simple words: 'खटीक' एक जाति समूह है, जनजाति नहीं, जबकि भील, मीणा और डामोर राजस्थान की प्रमुख जनजातियाँ हैं.
🎯 Exam Tip: राजस्थान की प्रमुख जनजातियों और उनके सामाजिक-आर्थिक जीवन से संबंधित प्रश्नों पर ध्यान दें.
Question 4. मीणा समुदाय की उत्पत्ति मानी जाती है -
(अ) वराह अवतार से
(ब) कुर्म अवतार से
(स) मत्स्य अवतार से
(द) कृष्णावतार से
Answer: (स) मत्स्य अवतार से
In simple words: मीणा लोग मानते हैं कि उनके पूर्वज भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से आए थे.
🎯 Exam Tip: जनजातियों की पौराणिक उत्पत्ति या ऐतिहासिक मान्यताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 5. मीणा जनजाति के कितने उपवर्ग हैं?
(अ) 2
(ब) 3
(स) 4
(द) 6
Answer: (अ) 2
In simple words: मीणा जनजाति को मुख्य रूप से दो बड़े समूहों में बांटा गया है.
🎯 Exam Tip: विभिन्न जनजातियों के उपवर्ग, गोत्र या सामाजिक संरचना के बारे में जानकारी रखें.
Question 6. नेजा नृत्य किया जाता है -
(अ) बाँसवाड़ा के भीलों द्वारा
(ब) उदयपुर के भीलों द्वारा
(स) भालवाड़ा के भीलों द्वारा
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) उदयपुर के भीलों द्वारा
In simple words: नेजा नृत्य मुख्य रूप से उदयपुर क्षेत्र के भीलों द्वारा किया जाने वाला एक पारंपरिक नृत्य है.
🎯 Exam Tip: राजस्थान की जनजातियों के प्रमुख नृत्यों और उनके संबंधित क्षेत्रों को याद रखें.
Question 7. सहरिया जनजाति का केन्द्र है
(अ) माण्डलगढ़ तहसील में
(ब) घरियावद तहसील में
(स) शाहबाद तहसील में
(द) बूंदी तहसील में
Answer: (स) शाहबाद तहसील में
In simple words: सहरिया जनजाति मुख्य रूप से शाहबाद तहसील में निवास करती है.
🎯 Exam Tip: जनजातियों के भौगोलिक निवास स्थान और उनके प्रमुख क्षेत्रों को ध्यान में रखें.
Question 8. बेणेश्वर मेला लगता है -
(अ) ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा पर
(ब) माघ शुक्ल पूर्णिमा पर
(स) आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा पर
(द) पौष शुक्ल पूर्णिमा पर
Answer: (ब) माघ शुक्ल पूर्णिमा पर
In simple words: बेणेश्वर मेला माघ महीने की पूर्णिमा को लगता है, जो एक बड़ा धार्मिक आयोजन होता है.
🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख मेलों, त्योहारों और उनके समय को याद रखें.
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. हमारे राज्य में जनगणना कितने वर्षों के अन्तराल पर होती है?
Answer: हमारे राज्य में जनगणना हर दस साल के अंतराल पर की जाती है.
In simple words: राजस्थान में जनगणना हर दस साल में एक बार होती है.
🎯 Exam Tip: जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो हर दस साल में होती है, इसे याद रखें.
Question 2. जनसंख्या की दृष्टि से देश के राज्यों में राजस्थान का कौन-सा स्थान है?
Answer: जनसंख्या की दृष्टि से पूरे देश के राज्यों में राजस्थान आठवें स्थान पर है.
In simple words: पूरे भारत में आबादी के हिसाब से राजस्थान आठवें नंबर पर आता है.
🎯 Exam Tip: किसी भी राज्य की जनसंख्या रैंकिंग राष्ट्रीय स्तर पर याद रखें.
Question 3. राज्य के किस जनगणना वर्ष में जनसंख्या घटी थी?
Answer: राजस्थान में 1911-1921 के जनगणना वर्ष में जनसंख्या कम हुई थी.
In simple words: राजस्थान की आबादी 1911 से 1921 के बीच घट गई थी.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि दर में कमी या गिरावट के विशिष्ट वर्षों और उनके कारणों को याद रखें.
Question 5. राजस्थान की कोई तीन जनजातियों के नाम बताइए।
Answer: राजस्थान की तीन प्रमुख जनजातियाँ मीणा, भील और गरासिया हैं.
In simple words: राजस्थान की मुख्य जनजातियों में मीणा, भील और गरासिया शामिल हैं.
🎯 Exam Tip: राज्य की प्रमुख जनजातियों के नामों को याद रखना सीधे प्रश्न में सहायक होता है.
Question 6. किसी एक खानाबदोश जनजाति का नाम बताइए।
Answer: राजस्थान की सांसी जनजाति एक खानाबदोश जनजाति है.
In simple words: सांसी जनजाति राजस्थान में घुमंतू जीवन जीती है.
🎯 Exam Tip: जनजातियों के विभिन्न प्रकारों, जैसे खानाबदोश या स्थायी, को समझें और उदाहरण याद रखें.
Question 7. डामोर जनजाति के मेलों के नाम बताइए।
Answer: डामोर जनजाति के दो प्रमुख मेले चैला बावसी और ग्यारस की रैवाड़ी हैं.
In simple words: डामोर जनजाति के लोग चैला बावसी और ग्यारस की रैवाड़ी मेले मनाते हैं.
🎯 Exam Tip: प्रमुख जनजातियों के विशिष्ट त्योहारों और मेलों की जानकारी रखें.
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. राजस्थान की जनसंख्या की कोई तीन विशेषताएँ बताइए।
Answer: राजस्थान की जनसंख्या की तीन मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. राजस्थान में जनसंख्या का वितरण असमान पाया जाता है.
2. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर 200 व्यक्ति है.
3. 20वीं सदी में राजस्थान की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. इस सदी के पहले 50 वर्षों में जनसंख्या डेढ़ गुना और बाद के 50 वर्षों में कई गुना बढ़ गई है.
In simple words: राजस्थान में आबादी समान रूप से फैली नहीं है, 2011 में घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था, और 20वीं सदी में आबादी बहुत तेज़ी से बढ़ी है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या विशेषताओं जैसे वितरण, घनत्व और वृद्धि को प्रमुख बिंदुओं में प्रस्तुत करें.
Question 3. राजस्थान की जनसंख्या का वितरण बताइए।
Answer: राजस्थान में जनसंख्या का वितरण समान नहीं है. इसके वितरण की क्षेत्रीय विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में कम आबादी फैली हुई है.
2. अरावली पर्वतमाला के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी मैदानों में घनी आबादी पाई जाती है.
3. अरावली क्षेत्र के कुछ उपजाऊ और खनन वाले इलाकों में जनसंख्या अधिक केंद्रित है.
4. पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्रों में आबादी पानी के स्रोतों के आसपास केंद्रित मिलती है.
In simple words: राजस्थान में आबादी हर जगह एक जैसी नहीं है; यह अरावली के पश्चिम में कम और पूर्व में ज्यादा है, तथा रेगिस्तान में पानी के पास केंद्रित है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वितरण का वर्णन करते समय भौगोलिक कारकों और क्षेत्रीय भिन्नताओं को शामिल करना महत्वपूर्ण है.
Question 4. अपने राज्य की साक्षरता पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: साक्षरता के मामले में राजस्थान अन्य राज्यों से थोड़ा पीछे है. पूरे देश में केवल अरुणाचल प्रदेश और बिहार में ही साक्षरता दर राजस्थान से कम है. 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान की औसत साक्षरता 67.06 प्रतिशत थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 79.2 प्रतिशत और महिला साक्षरता 52.1 प्रतिशत थी. स्वतंत्रता के बाद 1951 से 2011 के बीच साक्षरता में 59.04 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. राजस्थान में कोटा जिले में सबसे अधिक साक्षरता (76.6%) और जालौर जिले में सबसे कम साक्षरता (54.9%) दर्ज की गई. वर्ष 2001 से 2011 के दौरान डूंगरपुर जिले में साक्षरता दर में सबसे ज्यादा 10.90 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
In simple words: राजस्थान की साक्षरता दर कम है, 2011 में यह 67.06% थी. पुरुषों की साक्षरता महिलाओं से ज्यादा है. कोटा सबसे ज्यादा साक्षर जिला है और जालौर सबसे कम. आजादी के बाद साक्षरता बढ़ी है.
🎯 Exam Tip: साक्षरता दर से संबंधित प्रश्नों में औसत दर, पुरुष-महिला अंतर और सबसे साक्षर/कम साक्षर जिलों का उल्लेख करें.
Question 5. राजस्थान की सहरिया जनजाति का वर्णन कीजिए।
Answer: सहरिया जनजाति राजस्थान की सबसे पिछड़ी जनजातियों में से एक है, जिसे भारत सरकार ने आदिम जनजाति समूह में शामिल किया है. 'सहरिया' शब्द फारसी भाषा के 'सहर' से आया है, जिसका अर्थ 'जंगल' होता है. चूंकि यह जनजाति जंगलों में रहती है, इसलिए इसे सहरिया कहा जाता है.
2. सामाजिक जीवन:
सहरिया जनजाति में एकल परिवार होते हैं और इनमें बहुपत्नी प्रथा प्रचलित है. लड़की के जन्म को शुभ माना जाता है. वे वाल्मीकि ऋषि को अपना कुल देवता मानते हैं.
3. अर्थव्यवस्था:
इनकी आजीविका का मुख्य आधार वन उत्पादों का संग्रहण और स्थानान्तरित कृषि है. सहरिया जनजाति में साक्षरता दर बहुत कम है.
In simple words: सहरिया राजस्थान की पिछड़ी जनजाति है, जो जंगल में रहती है. ये छोटे परिवार में रहते हैं और लड़की के जन्म को अच्छा मानते हैं. इनकी कमाई जंगल से और थोड़ी-बहुत खेती से होती है, और ये ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते.
🎯 Exam Tip: जनजातियों के वर्णन में उनके निवास क्षेत्र, सामाजिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल करें.
Question 6. जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों के नाम बताइए।
Answer: स्वतंत्रता के बाद, सरकार ने जनजातियों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ और कार्यक्रम शुरू किए हैं. इनमें से कुछ मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार हैं:
1. जनजाति उपयोजना क्षेत्र (टाडा).
2. परिवर्तित क्षेत्र विकास कार्यक्रम (माडा).
3. सहरिया विकास कार्यक्रम.
4. माडा क्लस्टर योजना.
5. बिखरी जनजाति विकास कार्यक्रम.
6. स्वच्छ परियोजना.
7. जनजाति क्षेत्र रेशम कीट पालन कार्यक्रम.
8. एकलव्य योजना.
9. रूख भायला कार्यक्रम.
10. रोजगार कार्यक्रम.
In simple words: सरकार ने जनजातियों की भलाई के लिए कई योजनाएँ चलाई हैं, जैसे टाडा, माडा, सहरिया विकास, रोजगार कार्यक्रम, और रेशम कीट पालन जैसे कार्यक्रम.
🎯 Exam Tip: जनजातीय कल्याण कार्यक्रमों के नाम और उनके उद्देश्यों को याद रखें.
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. राजस्थान के जनसंख्या वितरण व घनत्व का वर्णन कीजिए।
Answer: राजस्थान राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में पहले और जनसंख्या की दृष्टि से आठवें स्थान पर है. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, यहाँ की जनसंख्या 6.85 करोड़ और औसत जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है.
राजस्थान में जनसंख्या के वितरण में काफी असमानता है. इसके वितरण की क्षेत्रीय विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में आबादी कम और बिखरी हुई है.
2. अरावली पर्वतमाला के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी मैदानों में आबादी घनी पाई जाती है.
3. अरावली प्रदेश के कुछ उपजाऊ क्षेत्रों और खनन वाले इलाकों में जनसंख्या अधिक केंद्रित है.
4. पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्रों में आबादी जल स्रोतों के आसपास केंद्रित मिलती है.
जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक:
राजस्थान में जनसंख्या का वितरण वर्षा की मात्रा, पानी की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टी और आर्थिक विकास से प्रभावित होता है. इसे प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार हैं:
1. भौतिक कारक - उच्चावच (ऊंचाई), जलवायु, मिट्टी, वनस्पति और प्राकृतिक जल स्रोत.
2. आर्थिक कारक - खनिजों की उपलब्धता, शहरीकरण, औद्योगिक विकास आदि.
3. सामाजिक व सांस्कृतिक कारक - जनसंख्या का पलायन और श्रम का प्रवास.
4. राजनीतिक कारक.
जनसंख्या घनत्व:
प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान का औसत जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है. राजस्थान के विभिन्न जिलों को जनसंख्या घनत्व के आधार पर पाँच वर्गों में बांटा गया है:
1. सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले जिले (400 से अधिक): इनकी संख्या चार है - जयपुर, भरतपुर, दौसा और अलवर.
2. अधिक जनसंख्या घनत्व वाले जिले (300 से 400): इनकी संख्या सात है - धौलपुर, बांसवाड़ा, कोटा, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सीकर और अजमेर.
3. मध्यम जनसंख्या घनत्व वाले जिले (200 से 300): इनकी संख्या सात है - सवाई माधोपुर, सिरोही, भीलवाड़ा, करौली, उदयपुर, राजसमंद और झालावाड़.
4. न्यून जनसंख्या घनत्व वाले जिले (100 से 200): इनकी संख्या सबसे अधिक बारह है - टोंक, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बूंदी, नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बारां, जालौर, पाली, जोधपुर और चुरू.
5. न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले जिले (100 से कम): इनमें बाड़मेर और जैसलमेर शामिल हैं.
4. जैसलमेर में जनसंख्या घनत्व सबसे कम 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है.
In simple words: राजस्थान की आबादी भारत में आठवें नंबर पर है, 2011 में घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था. आबादी हर जगह एक जैसी नहीं है; यह अरावली के पश्चिम में कम और पूर्व में ज्यादा है. बारिश, पानी, मिट्टी और आर्थिक विकास इसे प्रभावित करते हैं. जिलों को आबादी के घनत्व के हिसाब से पाँच भागों में बांटा गया है, जिसमें जयपुर सबसे घना और जैसलमेर सबसे कम घना है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वितरण और घनत्व के वर्णन में आंकड़ों, भौगोलिक कारकों और जिला-वार वर्गीकरण को शामिल करना महत्वपूर्ण है.
Question 2. राजस्थान की भील या मीणा जनजाति के सामाजिक व्यवस्था व आर्थिक दशाओं का वर्णन कीजिए।
Answer: मीणा जनजाति:
राजस्थान की जनजातियों में मीणा जनजाति पहले स्थान पर है. मीणा समुदाय की मान्यता है कि इनकी उत्पत्ति भगवान विष्णु के पहले अवतार मत्स्य अवतार से हुई है.
निवास क्षेत्र: मीणा जनजाति राजस्थान के लगभग सभी क्षेत्रों में पाई जाती है. इनकी सबसे अधिक संख्या जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, अलवर, टोंक, भरतपुर और उदयपुर जिलों में मिलती है. अलवर, भरतपुर तथा जयपुर जिलों में इनकी अधिक आबादी है. इस क्षेत्र को पहले मत्स्य प्रदेश के नाम से जाना जाता था. मीणा जनजाति सबसे शिक्षित जनजाति मानी जाती है.
सामाजिक जीवन:
मीणा जनजाति के सामाजिक जीवन की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. मीणा जनजाति में विवाह संबंध, रिश्तेदारी और रक्त संबंधों को महत्वपूर्ण माना जाता है.
2. इनमें लड़कियों का विवाह कम उम्र में हो जाता है, लेकिन गौना विवाह योग्य उम्र में ही होता है.
3. संयुक्त परिवार की प्रथा प्रचलित है और परिवार पितृसत्तात्मक होता है.
4. मीणाओं के सामाजिक जीवन में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. सामाजिक झगड़ों, विवाह, तलाक और चरित्रहीनता जैसे विवादों का निपटारा पंचायतों द्वारा ही होता है.
5. मीणा जनजाति के लोग धार्मिक मेलों और त्योहारों में गहरी आस्था रखते हैं.
6. मीणा पुरुष धोती, कमीज और सिर पर तौलिया पहनते हैं, जबकि महिलाएँ घाघरा, कांचली और ओढ़नी धारण करती हैं.
7. इनमें शिक्षा का तेजी से प्रचार हुआ है और इन्होंने आरक्षण का सबसे अधिक लाभ उठाया है.
अर्थव्यवस्था:
मीणा जनजाति के लोग मुख्य रूप से खेती करते हैं. पशुपालन भी उनका मुख्य व्यवसाय है. इनमें बंटाईदारी कृषि की प्रथा भी देखने को मिलती है. जनजातियों में राजस्थान की सबसे शिक्षित जनजाति मीणा है. सरकारी सेवाओं और अन्य व्यवसायों में मीणा जनजाति के लोग काम करते पाए जाते हैं. वर्तमान में सरकारी सेवाओं में आरक्षण के कारण इनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.
भील जनजाति:
निवास क्षेत्र: भील जनजातियाँ मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जिलों में रहती हैं. ये लोग ऊबड़-खाबड़ और जंगली क्षेत्रों में बिखरे हुए रूप में रहते हैं.
सामाजिक जीवन: भील जनजाति सामाजिक रूप से पितृसत्तात्मक है, आर्थिक रूप से किसान है और परंपरागत रूप से धनुर्धारी होते हैं. इनके सामाजिक जीवन की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. इनकी सामाजिक व्यवस्था पितृसत्तात्मक है. भीलों के कई पितृवंशीय गोत्र होते हैं, जिन्हें 'अटक' कहते हैं.
2. भीलों में मोरबांदिया विवाह, अपहरण विवाह, विनिमय विवाह और सेवा विवाह जैसी प्रथाएँ प्रचलित हैं.
3. भीलों में मुख्य रूप से एकल परिवार पाए जाते हैं.
4. भीलों में गाँवों की व्यवस्था में भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) मुखिया (गमेती) और धार्मिक संस्कार संपन्न कराने वाले (भगत) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
5. भीलों का प्रसिद्ध मेला 'बेणेश्वर मेला' माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर माघ शुक्ल पूर्णिमा को लगता है.
6. त्योहारों पर नृत्य और उत्सवों पर पूजन इनकी प्रमुख सामाजिक परंपरा है.
7. भील पुरुष और महिलाएँ धातुओं के आभूषण पहनते हैं और गोदना गुदवाती हैं.
8. हिन्दू देवी-देवताओं के साथ स्थानीय लोक देवताओं की पूजा इनके सामाजिक जीवन का एक अंग है.
अर्थव्यवस्था: आर्थिक दृष्टि से भील लोग गरीब और घुमंतू होते हैं. मूल रूप से ये किसान हैं. मछली पकड़ना भी इनका मुख्य व्यवसाय है. पक्षियों का शिकार करना और जंगलों से जड़ी-बूटियाँ, कंद-मूल फल, गोंद, बेर, महुंआ, सीताफल और लकड़ी इकट्ठा करना इनका प्रमुख व्यवसाय है.
कृषि के साथ: पशुपालन भी भील जनजातियों का एक मुख्य व्यवसाय है. वर्तमान समय में अधिकांश भील पास के शहरों और कस्बों में जाकर मजदूरी भी करने लगे हैं.
In simple words: मीणा जनजाति राजस्थान की सबसे बड़ी और शिक्षित जनजाति है. वे खेती और पशुपालन करते हैं, और पंचायतें उनके सामाजिक विवादों को सुलझाती हैं. भील जनजाति दक्षिणी राजस्थान में रहती है, ये किसान और धनुर्धारी होते हैं. इनके परिवार छोटे होते हैं, और बेणेश्वर मेला इनका मुख्य त्योहार है. भील लोग जंगल से चीजें इकट्ठा करके और मछली पकड़कर भी गुजारा करते हैं, आजकल कई शहरों में मजदूरी भी करते हैं.
🎯 Exam Tip: जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन का वर्णन करते समय उनकी विशिष्ट प्रथाओं, निवास स्थानों और आजीविका के साधनों को विस्तार से बताएँ.
Question 3. राजस्थान की गरासिया या सहरिया जनजाति के सामाजिक व्यवस्था व आर्थिक दशाओं का वर्णन कीजिए।
Answer: गरासिया जनजाति:
गरासिया जनजाति के लोग खुद को चौहान राजपूतों के वंशज मानते हैं. भीलों और गरासियों की घर, जीवनशैली, भाषा, धनुष-बाण आदि में काफी समानताएँ मिलती हैं.
सामाजिक व्यवस्था:
गरासियों के सामाजिक जीवन की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. गरासियों के एक गाँव में अक्सर एक ही गोत्र के लोग रहते हैं.
2. गरासिया समाज में एकल परिवार की प्रथा है, जिसमें पिता परिवार का मुखिया होता है.
3. गरासियों में तीन तरह की विवाह प्रथाएँ प्रचलित हैं - मोर बाँधिया, पहरावना और ताणना विवाह.
4. गरासियों में जाति पंचायत का विशेष महत्व है, जिसका मुखिया सहलोत कहलाता है.
5. गरासिया स्थानीय मेलों में भाग लेते हैं, जहाँ वे अपने जीवनसाथी का चुनाव भी करते हैं.
6. गरासिया पुरुष धोती, कमीज और सिर पर तौलिया पहनते हैं, जबकि महिलाएँ गहरे रंग के चमकीले कपड़े पहनती हैं.
7. इनमें गोदना गुदवाने की प्रथा है. वे शिव, भैरव और दुर्गा के उपासक हैं.
अर्थव्यवस्था:
गरासिया जनजाति की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार प्राथमिक व्यवसाय है. ये मुख्य रूप से खेती, पशुपालन, जंगल में शिकार, लकड़ी काटना और वन उत्पादों का संग्रहण करते हैं. आजकल बदलते समय के साथ, ये लोग पास के गाँवों और कस्बों में मजदूरी करने भी लगे हैं. 'हरी भावरी' गरासियों द्वारा की जाने वाली सामूहिक खेती का एक रूप है. ये लोग अनाजों का संग्रहण कोठियों में करते हैं.
सहरिया जनजाति:
सहरिया जनजाति राजस्थान की सबसे पिछड़ी जनजाति है, जिसे भारत सरकार ने आदिम जनजाति समूह में शामिल किया है. 'सहरिया' शब्द फारसी भाषा के 'सहर' से बना है, जिसका अर्थ 'जंगल' होता है. चूंकि सहरिया जनजाति जंगलों में ही निवास करती है, इसलिए इन्हें सहरिया कहा जाता है.
निवास क्षेत्र: राजस्थान राज्य की 98 प्रतिशत सहरिया जनजाति बारां जिले की किशनगंज और शाहबाद तहसीलों में निवास करती है. सहरिया जनजाति के घरों को 'टापरी' या 'टोपा' कहते हैं. टापरी मिट्टी, पत्थर, लकड़ी और घास-फूस की बनी होती है, जबकि टोपा घने जंगलों में पेड़ों पर या बल्लियों पर बने मचान होते हैं. इनकी छोटी बस्तियों को 'सहराना' और गाँवों को 'सहरोल' कहते हैं.
सामाजिक जीवन:
सहरिया जनजाति के सामाजिक जीवन की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं:
1. सहरिया जनजाति में एकल परिवार व्यवस्था पाई जाती है.
2. इनमें बहुपत्नी प्रथा प्रचलित है.
3. रिश्तेदारी प्रथा को बहुत मान्यता दी जाती है.
4. लड़की के जन्म को बहुत शुभ माना जाता है.
अर्थव्यवस्था: जंगलों में रहने के कारण सहरिया जनजाति के अधिकांश लोग प्राथमिक व्यवसायों में लगे हैं. जंगलों से कंद-मूल फलों का संग्रहण, लकड़ी काटना, शिकार करना और मछली पकड़ना आदि इनके प्रमुख व्यवसाय हैं. सहरिया जनजाति के लोग जंगलों को साफ करके स्थानान्तरित कृषि भी करते हैं. कृषि भूमि प्राप्त करने के लिए ये लोग जंगलों में एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरित होते रहते हैं. सहरिया जनजाति में साक्षरता का प्रतिशत बहुत कम पाया जाता है.
In simple words: गरासिया जनजाति खुद को राजपूतों का वंशज मानती है. वे मुख्य रूप से खेती और जंगल से कमाई करते हैं, और उनके विवाह की तीन अलग-अलग रस्में होती हैं. सहरिया जनजाति राजस्थान की सबसे पिछड़ी है, जो जंगल में रहती है. ये भी जंगल से कमाई और थोड़ी खेती करते हैं. ये छोटे-छोटे घरों में रहते हैं और लड़की के जन्म को अच्छा मानते हैं.
🎯 Exam Tip: दो अलग-अलग जनजातियों का वर्णन करते समय उनकी समानताओं और भिन्नताओं को स्पष्ट करें, खासकर सामाजिक और आर्थिक पहलुओं में.
आंकिक प्रश्न
Question 1. राजस्थान के मानचित्र में जनसंख्या के वितरण को दर्शाइये।
Answer:
In simple words: यह मानचित्र राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के रहने की संख्या को दिखाता है - जहाँ ज्यादा लोग रहते हैं, जहाँ मध्यम संख्या में, और जहाँ कम लोग रहते हैं.
🎯 Exam Tip: मानचित्र-आधारित प्रश्नों में, मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों और उनसे संबंधित डेटा को सटीक रूप से दर्शाएँ, और संकेत (legend) स्पष्ट रखें.
Question 2. राजस्थान के मानचित्र पर प्रमुख जनजातियों के निवास क्षेत्र को दर्शाइए।
Answer:
In simple words: यह मानचित्र राजस्थान के मुख्य जनजातियों जैसे मीणा, भील, गरासिया और सहरिया के रहने वाले इलाकों को दिखाता है.
🎯 Exam Tip: जनजातीय क्षेत्रों को दर्शाते हुए, प्रत्येक जनजाति के मुख्य निवास स्थान को मानचित्र पर सही रंग/पैटर्न से चिह्नित करें और संकेत को स्पष्ट रखें.
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. भारत में जनगणना किसका विषय है?
(अ) संघ सूची का
(ब) राज्य सूची का
(स) संघ और राज्य दोनों का
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) संघ सूची का
In simple words: भारत में जनगणना कराने का काम केंद्र सरकार का है.
🎯 Exam Tip: भारतीय संविधान की सूचियों (संघ, राज्य, समवर्ती) में शामिल विषयों को याद रखें.
Question 2. राजस्थान का जनसंख्या की दृष्टि से भारत में स्थान है -
(अ) तीसरा
(ब) पाँचवाँ
(स) आठवाँ
(द) दसवाँ
Answer: (स) आठवाँ
In simple words: जनसंख्या के मामले में राजस्थान पूरे भारत में आठवें नंबर पर आता है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या से संबंधित रैंकिंग वाले प्रश्नों में, आपको सटीक स्थान याद रखना चाहिए.
Question 3. राजस्थान में सबसे कम लिंगानुपात वाला जिला है -
(अ) बाड़मेर
(ब) पाली
(स) जालौर
(द) श्रीगंगानगर
Answer: (द) श्रीगंगानगर
In simple words: श्रीगंगानगर राजस्थान का वह जिला है जहाँ लिंगानुपात सबसे कम है.
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात और साक्षरता जैसे जनसंख्या संबंधी विशिष्ट जिला-वार आँकड़े याद रखें.
Question 4. राजस्थान में सबसे अधिक साक्षरता वाला जिला है -
(अ) जयपुर
(ब) कोटा
(स) भरतपुर
(द) करौली
Answer: (ब) कोटा
In simple words: कोटा राजस्थान का वह जिला है जहाँ सबसे ज्यादा लोग पढ़े-लिखे हैं.
🎯 Exam Tip: सबसे अधिक और सबसे कम साक्षरता वाले जिलों को याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 5. राजस्थान की औसत साक्षरता दर वर्ष 2011 में है -
(अ) 56.05%
(ब) 60.30%
(स) 67.06%
(द) 76.30%
Answer: (स) 67.06%
In simple words: 2011 में राजस्थान के औसत पढ़े-लिखे लोगों का प्रतिशत 67.06 था.
🎯 Exam Tip: जनगणना के महत्वपूर्ण प्रतिशत आँकड़ों को सटीक रूप से याद करें.
Question 6. राजस्थान के किस जिले में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व पाया जाता है?
(अ) कोटा
(ब) जयपुर
(स) जैसलमेर
(द) भरतपुर
Answer: (ब) जयपुर
In simple words: जयपुर राजस्थान का वह जिला है जहाँ प्रति वर्ग किलोमीटर में सबसे ज्यादा लोग रहते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व से संबंधित प्रश्नों में, सर्वाधिक और न्यूनतम घनत्व वाले जिलों को याद रखना उपयोगी होता है.
Question 7. मीणा जनजाति के उपवर्गों में शामिल हैं -
(अ) जमींदार मीणा
(ब) चौकीदार मीणा
(स) दोनों (अ) और (ब)
(द) ये सभी
Answer: (स) दोनों (अ) और (ब)
In simple words: मीणा जनजाति में जमींदार मीणा और चौकीदार मीणा दोनों उपवर्ग शामिल हैं.
🎯 Exam Tip: जनजातियों के उपवर्गों या सामाजिक विभाजन को याद रखें.
Question 8. जनजातियों की संख्या की दृष्टि से राजस्थान का भारत में स्थान है -
(अ) तीसरा
(ब) पाँचवाँ
(स) छठा
(द) दसवाँ
Answer: (स) छठा
In simple words: भारत में जनजातियों की संख्या के हिसाब से राजस्थान छठे नंबर पर है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या के साथ-साथ जनजातीय जनसंख्या की राष्ट्रीय रैंकिंग भी याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 9. 'गवरी' तथा 'घूमर' प्रमुख नृत्य हैं -
(अ) मीणा जनजातियों का
(ब) भीलों का
(स) गरासियों का
(द) डामोर का
Answer: (ब) भीलों का
In simple words: गवरी और घूमर नृत्य मुख्य रूप से भील जनजाति से जुड़े हैं.
🎯 Exam Tip: राजस्थान की विभिन्न जनजातियों के प्रमुख नृत्यों और सांस्कृतिक आयोजनों को याद रखें.
Question 10. डामोर जनजाति का प्रमुख निवास क्षेत्र है -
(अ) बाँरा जिले की किशनगंज तहसील
(ब) डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा पंचायत
(स) उदयपुर की कोटड़ा झाड़ोल पंचायत
(द) पाली जिले की बाली तहसील
Answer: (ब) डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा पंचायत
In simple words: डामोर जनजाति मुख्य रूप से डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा पंचायत में रहती है.
🎯 Exam Tip: प्रत्येक जनजाति के विशिष्ट निवास क्षेत्रों और संबंधित प्रशासनिक इकाइयों को याद रखें.
Question 11. चौथमाता किस जनजाति की कुलदेवी है?
Answer: चौथमाता कंजर जनजाति की कुलदेवी है.
In simple words: कंजर जनजाति के लोग चौथमाता को अपनी मुख्य देवी मानते हैं.
🎯 Exam Tip: जनजातियों के धार्मिक विश्वासों और उनके कुलदेवता/कुलदेवी से संबंधित जानकारी को याद रखें.
सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न
| स्तम्भ (अ) | स्तम्भ (ब) |
|---|---|
| (i) राजस्थान में न्यूनतम लिंगानुपात वाला जिला | (ब) बांसवाड़ा |
| (ii) सहरिया जनजाति | (स) बारां |
| (iii) गरासिया जनजति | (द) उदयपुर |
| (iv) सांसी जनजाति | (अ) भरतपुर |
| (v) राजस्थान की औसत साक्षरता | (य) 67.06% |
Answer: (i) ब (ii) स (iii) द (iv) अ (v) य
In simple words: यहाँ दिए गए स्तम्भ 'अ' के विषयों को स्तम्भ 'ब' में उनके सही उत्तरों से मिलाया गया है।
🎯 Exam Tip: सुमेलन वाले प्रश्नों में, सबसे पहले उन जोड़ों को मिलाएं जिनके उत्तर आपको निश्चित रूप से पता हों, फिर बाकी के लिए विकल्पों को कम करें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. जनसंख्या से क्या तात्पर्य है?
Answer: एक निश्चित समय में किसी राज्य या क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों की कुल संख्या को वहाँ की जनसंख्या कहते हैं। यह किसी स्थान के लोगों की गिनती होती है।
In simple words: किसी खास समय पर एक जगह में जितने लोग रहते हैं, उस गिनती को जनसंख्या कहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या की परिभाषा लिखते समय 'निश्चित समय' और 'समस्त मनुष्यों' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
Question 2. जनसंख्या अध्ययन से किन तथ्यों का अनुमान लगाया जा सकता है?
Answer: जनसंख्या के अध्ययन से हम साक्षरता, लिंगानुपात जैसी विशेषताओं के आधार पर लोगों के जीवन स्तर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे पता चलता है कि समाज कितना विकसित है।
In simple words: जनसंख्या का अध्ययन करके हम लोगों की पढ़ाई-लिखाई, स्त्री-पुरुषों की संख्या और समाज के विकास के बारे में जान सकते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या अध्ययन के लाभ बताते समय, गुणात्मक स्तर और जनांकिकीय विशेषताओं जैसे शब्दों को शामिल करें।
Question 4. नवीनतम जनगणना कौन सी जनगणना है?
Answer: नवीनतम जनगणना (2011) इक्कीसवीं सदी की दूसरी और भारत की स्वतंत्रता के बाद की सातवीं जनगणना है।
In simple words: साल 2011 की जनगणना इक्कीसवीं सदी की दूसरी और आज़ादी के बाद की सातवीं जनगणना थी।
🎯 Exam Tip: जनगणना के वर्ष और स्वतंत्रता के बाद के क्रम को सही ढंग से याद रखें।
Question 5. जनांकिकीय विशेषताओं के अध्ययन का आधार किसे माना गया है?
Answer: जनसंख्या का वितरण और उसके घनत्व के तरीकों का विश्लेषण ही किसी क्षेत्र की जनांकिकीय विशेषताओं के अध्ययन का मुख्य आधार होता है। इससे पता चलता है कि लोग कहाँ और कितने घने बसे हुए हैं।
In simple words: लोगों के फैलाव और उनकी सघनता को देखकर ही हम किसी जगह के लोगों की खास बातों का अध्ययन करते हैं।
🎯 Exam Tip: जनांकिकीय विशेषताओं का आधार बताते समय 'वितरण' और 'घनत्व' जैसे महत्वपूर्ण शब्दों पर ध्यान दें।
Question 6. जनसंख्या वितरण से क्या आशय है?
Answer: जनसंख्या वितरण का मतलब यह है कि किसी क्षेत्र के अलग-अलग भागों में कितने लोग रहते हैं। इससे यह पता चलता है कि लोग किसी जगह पर कैसे फैले हुए हैं।
In simple words: जनसंख्या वितरण का मतलब है कि किसी जगह के अलग-अलग हिस्सों में कितने लोग रहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वितरण की परिभाषा में 'विभिन्न क्षेत्रों' और 'संख्या' पर जोर दें।
Question 7. जनसंख्या निदेशालय के प्रमुख दो कार्य बताइए।
Answer: जनसंख्या निदेशालय के दो मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
1. जनसंख्या से संबंधित जानकारी को इकट्ठा करना और व्यवस्थित करना।
2. जनसंख्या से संबंधित जानकारी को प्रकाशित करना, ताकि सब उसे जान सकें।
In simple words: जनसंख्या निदेशालय का काम है लोगों की जानकारी जमा करना और उसे सबको बताना।
🎯 Exam Tip: निदेशालय के कार्यों में 'सूचनाओं का संग्रहण' और 'प्रकाशन' दो मुख्य बिंदु हैं।
Question 8. राजस्थान में जनसंख्या वितरण किन कारकों द्वारा प्रभावित व नियन्त्रित होता है?
Answer: राजस्थान में जनसंख्या का वितरण बारिश की मात्रा, पानी की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टी और आर्थिक विकास जैसे कारकों से प्रभावित और नियंत्रित होता है। जहाँ ये चीजें बेहतर होती हैं, वहाँ अधिक लोग बसते हैं।
In simple words: राजस्थान में जनसंख्या का फैलाव बारिश, पानी, अच्छी मिट्टी और काम-धंधों के विकास से प्रभावित होता है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों जैसे वर्षा, जल उपलब्धता, मृदा और आर्थिक विकास का उल्लेख करें।
Question 10. प्राकृतिक वृद्धि व प्राकृतिक कमी से क्या तात्पर्य है?
Answer: जन्म और मृत्यु की संख्या के अंतर से अगर जनसंख्या बढ़ती है, तो उसे प्राकृतिक वृद्धि कहते हैं, और यदि जनसंख्या घटती है, तो उसे प्राकृतिक कमी कहते हैं।
In simple words: अगर जन्म ज़्यादा और मृत्यु कम हो, तो जनसंख्या बढ़ती है (प्राकृतिक वृद्धि)। अगर जन्म कम और मृत्यु ज़्यादा हो, तो जनसंख्या घटती है (प्राकृतिक कमी)।
🎯 Exam Tip: प्राकृतिक वृद्धि और कमी को परिभाषित करते समय 'जन्म व मृत्यु की संख्या में अंतर' को मुख्य बिंदु बनाएं।
Question 11. किसी क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि के तीन अनुकूल कारकों का उल्लेख कीजिए।
Answer: किसी क्षेत्र में जनसंख्या वृद्धि के तीन अनुकूल कारक इस प्रकार हैं:
1. मानव जीवन के लिए अच्छी भौगोलिक स्थितियाँ, जैसे अनुकूल मौसम।
2. खाद्य पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता, ताकि लोगों को भोजन मिल सके।
3. प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ या सूखे की कमी, जिससे जीवन सुरक्षित रहे।
In simple words: अच्छी जगह, भरपूर खाना और कम प्राकृतिक आपदाएँ जनसंख्या बढ़ाने में मदद करती हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि के कारकों में हमेशा सकारात्मक पहलुओं जैसे अनुकूल दशाएँ, आपूर्ति और कमी (आपदाओं की) को शामिल करें।
Question 11. प्रवास से क्या तात्पर्य है?
Answer: किसी व्यक्ति या लोगों के समूह द्वारा अपने रहने की जगह में बदलाव करने के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना प्रवास कहलाता है।
In simple words: जब कोई व्यक्ति या समूह अपना घर बदलकर दूसरी जगह रहने चला जाता है, तो उसे प्रवास कहते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रवास की परिभाषा में 'निवास में परिवर्तन' और 'आवागमन' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
Question 12. प्रवास के लिए कौन से कारक उत्तरदायी हैं?
Answer: प्रवास के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं, जैसे प्राकृतिक (मौसम), सामाजिक (परिवार), आर्थिक (काम-धंधे), और राजनैतिक (सरकार की नीतियाँ) कारण। ये सभी लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
In simple words: लोग प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक कारणों से एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रवास के कारणों में प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक कारकों को याद रखें।
Question 13. उत्प्रवास एवं आप्रवास क्या है?
Answer: जब कोई व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है, तो उसके जाने को उत्प्रवास कहते हैं, और जहाँ वह आता है, उसे आप्रवास कहते हैं। उत्प्रवास बाहर जाने का और आप्रवास अंदर आने का संकेत है।
In simple words: किसी जगह से बाहर जाने को उत्प्रवास और किसी जगह पर अंदर आने को आप्रवास कहते हैं।
🎯 Exam Tip: उत्प्रवास और आप्रवास को परिभाषित करते समय 'जाने' और 'आने' की क्रिया को स्पष्ट करें।
Question 14. वर्ष 1911 – 21 के दशक में जनसंख्या में कमी के क्या कारण थे?
Answer: वर्ष 1911-21 के दशक में जनसंख्या में कमी के दो मुख्य कारण थे: उस समय पड़े भयंकर अकाल और बड़े पैमाने पर फैली महामारियाँ। इन दोनों ने बहुत से लोगों की जान ले ली थी।
In simple words: 1911-21 के दौरान अकाल और बीमारियों के कारण जनसंख्या कम हो गई थी।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या में कमी के ऐतिहासिक कारणों को बताते समय अकाल और महामारियों जैसे प्रमुख बिन्दुओं पर ध्यान दें।
Question 16. जनसंख्या घनत्व किसे कहते हैं? अथवा जनसंख्या घनत्व का सूत्र लिखिए।
Answer: प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं। इसका सूत्र है:
जनसंख्या घनत्व \( = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{कुल क्षेत्रफल}} \)
यह सूत्र बताता है कि एक वर्ग किलोमीटर में औसत रूप से कितने लोग रहते हैं।
In simple words: एक किलोमीटर के दायरे में कितने लोग रहते हैं, उसे जनसंख्या घनत्व कहते हैं। इसका सूत्र है: कुल लोग / कुल जगह।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व की परिभाषा के साथ उसका सूत्र लिखना पूरे अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 17. राजस्थान में सर्वाधिक व न्यूनतम जनसंख्या घनत्व किन जिलों का है?
Answer: राजस्थान में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व जयपुर जिले में है, जहाँ प्रति वर्ग किलोमीटर में 595 व्यक्ति रहते हैं। जबकि न्यूनतम जनसंख्या घनत्व जैसलमेर में है, जहाँ प्रति वर्ग किलोमीटर में केवल 17 व्यक्ति रहते हैं।
In simple words: राजस्थान में सबसे ज़्यादा लोग जयपुर में (595 व्यक्ति/वर्ग किमी) और सबसे कम जैसलमेर में (17 व्यक्ति/वर्ग किमी) रहते हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वाधिक और न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले जिलों के नाम और उनके संबंधित आंकड़े याद रखें।
Question 18. लिंगानुपात का सूत्र क्या है?
Answer: लिंगानुपात किसी दी गई जनसंख्या में पुरुषों और स्त्रियों की संख्या के बीच का अनुपात बताता है। इसे प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है। लिंगानुपात का सूत्र निम्नलिखित है:
लिंगानुपात \( = \frac{\text{कुल स्त्रियों की संख्या}}{\text{कुल पुरुषों की संख्या}} \times 1000 \)
यह हमें समाज में लैंगिक संतुलन का एक महत्वपूर्ण संकेतक देता है।
In simple words: लिंगानुपात का मतलब है कि 1000 पुरुषों पर कितनी महिलाएँ हैं। इसका सूत्र है: (महिलाओं की संख्या / पुरुषों की संख्या) * 1000।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात का सूत्र लिखते समय 'प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या' और गुणा 1000 को विशेष रूप से ध्यान में रखें।
Question 19. लिंगानुपात का ज्ञान क्यों आवश्यक है?
Answer: लिंगानुपात का ज्ञान इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह जनसंख्या वृद्धि, लोगों के जीवन-स्तर, काम-धंधों की बनावट और प्रवास जैसे जनांकिकीय लक्षणों पर असर डालता है। यह समाज में महिलाओं की स्थिति को समझने में भी मदद करता है।
In simple words: लिंगानुपात जानने से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि जनसंख्या कैसे बदल रही है, लोग कैसे रहते हैं और समाज में औरतों की क्या स्थिति है।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के महत्व को बताते समय जनसंख्या वृद्धि, जीवन निर्वाह दर और व्यावसायिक संरचना जैसे व्यापक प्रभावों का उल्लेख करें।
Question 21. राजस्थान का लिंगानुपात बताइए।
Answer: राजस्थान में एक हजार पुरुषों पर 928 स्त्रियाँ मिलती हैं। यह राष्ट्रीय औसत से थोड़ा कम है।
In simple words: राजस्थान में हर 1000 लड़कों पर 928 लड़कियाँ हैं।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के आंकड़े को सही संख्या (928 स्त्रियाँ) के साथ याद रखें।
Question 22. भारत के सन्दर्भ में राजस्थान के लिंगानुपात की क्या स्थिति है?
Answer: भारत के संदर्भ में लिंगानुपात में राजस्थान 21वें स्थान पर है। इसका मतलब है कि कई राज्यों का लिंगानुपात राजस्थान से बेहतर है।
In simple words: भारत में लिंगानुपात के हिसाब से राजस्थान 21वें नंबर पर आता है।
🎯 Exam Tip: भारत में राजस्थान के लिंगानुपात की स्थिति (21वां स्थान) को सटीक रूप से याद रखें।
Question 23. राजस्थान में लिंगानुपात की क्षेत्रीय विभिन्नता को स्पष्ट कीजिए।
Answer: राजस्थान राज्य में लिंगानुपात में अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्नता देखने को मिलती है। राजस्थान के पश्चिमी, पूर्वी और उत्तरी जिलों में लिंगानुपात राज्य के औसत से कम है, जबकि मध्य राजस्थान और दक्षिणी राजस्थान में लिंगानुपात राज्य के औसत से अधिक मिलता है। इसका मतलब है कि कुछ क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले बेहतर है।
In simple words: राजस्थान में कुछ जगहों पर लिंगानुपात कम है (पश्चिम, पूर्व, उत्तर), जबकि कुछ जगहों पर ज़्यादा है (मध्य और दक्षिण)।
🎯 Exam Tip: क्षेत्रीय विभिन्नता बताते समय राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (पश्चिमी, पूर्वी, उत्तरी, मध्य, दक्षिणी) का उल्लेख करें।
Question 24. राजस्थान में शिशु लिंगानुपात के कम होने का प्रमुख कारण क्या है?
Answer: राजस्थान में शिशु लिंगानुपात के कम होने का मुख्य कारण कन्या भ्रूण हत्या है। यह समाज में लड़कियों के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
In simple words: राजस्थान में शिशु लिंगानुपात कम होने का मुख्य कारण लड़कियों को गर्भ में ही मार देना है।
🎯 Exam Tip: शिशु लिंगानुपात में कमी के कारण के रूप में 'कन्या भ्रूण हत्या' को मुख्य बिंदु बनाएं।
Question 25. साक्षरता दर का सूत्र लिखिए।
Answer: साक्षरता जनसंख्या की गुणवत्ता का सूचक है। साक्षरता दर को निकालने का सूत्र इस प्रकार है:
साक्षरता दर \( = \frac{\text{साक्षर जनसंख्या}}{\text{7 वर्ष या उससे अधिक आयु की जनसंख्या}} \times 100 \)
यह सूत्र हमें किसी क्षेत्र में पढ़े-लिखे लोगों का प्रतिशत बताता है।
In simple words: साक्षरता दर का सूत्र है: (पढ़े-लिखे लोग / 7 साल से ज़्यादा उम्र के कुल लोग) * 100। यह बताता है कि कितने लोग पढ़ना-लिखना जानते हैं।
🎯 Exam Tip: साक्षरता दर के सूत्र में '7 वर्ष या उससे अधिक आयु की जनसंख्या' को शामिल करना न भूलें।
Question 27. देश के उन दो राज्यों के नाम बताइए जिनकी साक्षरता दर राजस्थान से कम है?
Answer: देश के वे दो राज्य जिनकी साक्षरता दर राजस्थान की साक्षरता दर से कम है, वे हैं:
1. अरुणाचल प्रदेश।
2. बिहार।
यह दिखाता है कि इन दोनों राज्यों में शिक्षा का स्तर राजस्थान से भी पीछे है।
In simple words: अरुणाचल प्रदेश और बिहार ऐसे दो राज्य हैं जहाँ लोग राजस्थान से भी कम पढ़े-लिखे हैं।
🎯 Exam Tip: उन राज्यों के नाम याद रखें जिनकी साक्षरता दर राजस्थान से कम है, जो आमतौर पर तुलनात्मक प्रश्नों में पूछे जाते हैं।
Question 28. राजस्थान में सर्वाधिक साक्षरता किस जिले में?
Answer: राजस्थान में सर्वाधिक साक्षरता कोटा जिले में है, जहाँ 76.60 प्रतिशत लोग साक्षर हैं। कोटा को 'शिक्षा नगरी' के नाम से भी जाना जाता है।
In simple words: राजस्थान में सबसे ज़्यादा लोग कोटा जिले में पढ़े-लिखे हैं, करीब 76.60 प्रतिशत।
🎯 Exam Tip: सर्वाधिक साक्षरता वाले जिले का नाम और उसका प्रतिशत दोनों महत्वपूर्ण हैं।
Question 29. वर्ष 2001 - 2011 के मध्य साक्षरता में सर्वाधिक वृद्धि किस जिले में हुई है?
Answer: वर्ष 2001 से 2011 के दौरान साक्षरता में सर्वाधिक वृद्धि डूंगरपुर जिले में हुई है, जहाँ साक्षरता दर में 10.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
In simple words: 2001 से 2011 के बीच डूंगरपुर जिले में पढ़ाई-लिखाई सबसे ज़्यादा बढ़ी, करीब 10.90 प्रतिशत।
🎯 Exam Tip: साक्षरता में सर्वाधिक वृद्धि वाले जिले और संबंधित प्रतिशत को याद रखना सहायक होगा।
Question 31. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की जनजातीय संख्या कितनी है?
Answer: वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान की कुल जनजातीय संख्या 92.39 लाख है। यह राज्य की कुल जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: 2011 में राजस्थान में 92.39 लाख आदिवासी लोग थे।
🎯 Exam Tip: जनजातीय जनसंख्या के आंकड़े (92.39 लाख) को सटीक रूप से याद रखें।
Question 32. राजस्थान की सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या किस जिले में है?
Answer: राजस्थान की सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या उदयपुर जिले में है, जहाँ 15.25 लाख जनजाति के लोग निवास करते हैं।
In simple words: राजस्थान में सबसे ज़्यादा आदिवासी लोग उदयपुर जिले में रहते हैं, उनकी संख्या 15.25 लाख है।
🎯 Exam Tip: सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या वाले जिले और उसकी संख्या को याद रखें।
Question 34. मीणा जनजाति के निवास क्षेत्रों के नाम लिखिए।
Answer: मीणा जनजाति मुख्यत: जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, अलवर, टोंक, भरतपुर और उदयपुर जिलों में निवास करती है। ये जिले राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित हैं।
In simple words: मीणा जनजाति ज़्यादातर जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, अलवर, टोंक, भरतपुर और उदयपुर जिलों में रहती है।
🎯 Exam Tip: मीणा जनजाति के प्रमुख निवास क्षेत्रों के नाम याद रखें, जो अक्सर मानचित्र आधारित प्रश्नों में भी उपयोगी होते हैं।
Question 35. मीणाओं के कितने वर्ग पाये जाते हैं? उल्लेख कीजिए।
Answer: मीणाओं के निम्नलिखित दो मुख्य वर्ग पाए जाते हैं:
1. जमींदार मीणा।
2. चौकीदार मीणा।
यह वर्गीकरण उनके पारंपरिक व्यवसायों और सामाजिक भूमिकाओं पर आधारित है।
In simple words: मीणा जनजाति के दो बड़े वर्ग हैं: जमींदार मीणा और चौकीदार मीणा।
🎯 Exam Tip: मीणा जनजाति के दोनों मुख्य वर्गों के नामों को याद रखें और संक्षिप्त रूप में उनका उल्लेख करें।
Question 36. मीणा जनजाति के विभिन्न समूह कौन-कौन से हैं?
Answer: मीणा जनजाति के कई समूह हैं, जैसे:
1. आदिया मीणा।
2. रावत मीणा।
3. चमरिया मीणा।
4. चौथिया मीणा।
5. भील मीणा।
यह समूह उनकी उप-जनजातीय पहचान को दर्शाते हैं।
In simple words: मीणा जनजाति के कई समूह हैं: आदिया, रावत, चमरिया, चौथिया और भील मीणा।
🎯 Exam Tip: मीणा जनजाति के प्रमुख उप-समूहों के नामों की एक सूची याद रखें।
Question 37. मीणा पुराण में मीणा जनजाति का क्या उल्लेख मिलता है?
Answer: मुनि मगन सागर द्वारा लिखे गए मीणा पुराण में मीणा जनजाति के 5200 गौत्र, 32 तड़ और 13 पालों का उल्लेख मिलता है। यह पुराण उनकी विस्तृत सामाजिक संरचना और वंशावली को दर्शाता है।
In simple words: मीणा पुराण के अनुसार, मीणा जनजाति के 5200 गोत्र, 32 तड़ और 13 पाल बताए गए हैं।
🎯 Exam Tip: मीणा पुराण से संबंधित सटीक संख्याएँ (गोत्र, तड़, पाल) याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 38. प्राचीन काल में मीणा जनजाति में कौन सी पद्धतियाँ प्रचलित थी?
Answer: प्राचीन काल में मीणा जनजाति में अनेक परंपराएं और पद्धतियाँ प्रचलित थीं, जो उनके सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक जीवन को नियंत्रित करती थीं। इनमें पंचायत व्यवस्था, विवाह के विशिष्ट प्रकार और सामुदायिक जीवन प्रमुख थे। यह उनकी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा था।
In simple words: पहले मीणा जनजाति में पंचायतें, खास शादी के तरीके और सामुदायिक जीवन जैसी कई पुरानी परंपराएं थीं।
🎯 Exam Tip: प्राचीन जनजातीय पद्धतियों को सामान्य शब्दों में वर्णित करें, क्योंकि विशिष्ट विवरण हमेशा उपलब्ध नहीं होते।
Question 39. मीणा जनजाति में पंचायत के कौन से स्तर मिलते हैं?
Answer: मीणा जनजाति में पंचायत के निम्नलिखित चार स्तर होते हैं:
1. ग्राम पंचायत
2. गौत्र पंचायत
3. क्षेत्रीय पंचायत
4. चौरासी पंचायत।
इनमें चौरासी पंचायत सबसे बड़ी पंचायत होती है, जो बड़े मामलों का निपटारा करती है।
In simple words: मीणा जनजाति में ग्राम, गोत्र, क्षेत्रीय और चौरासी – ये चार तरह की पंचायतें होती हैं, जिनमें चौरासी सबसे बड़ी है।
🎯 Exam Tip: मीणा जनजाति की पंचायत के चारों स्तरों को क्रमबद्ध तरीके से याद रखें।
Question 40. मीणाओं के मेले कहाँ-कहाँ लगते हैं ?
Answer: मीणाओं के मेले महावीर जी, सवाई माधोपुर के गणेशजी के मंदिर और सीकर में रेवासा की जीणमाता के मंदिरों में लगते हैं। ये मेले उनकी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं।
In simple words: मीणाओं के मेले महावीर जी, सवाई माधोपुर के गणेशजी मंदिर और सीकर की जीणमाता मंदिर में लगते हैं।
🎯 Exam Tip: मीणा समुदाय के प्रमुख मेलों के स्थानों को याद रखें।
Question 41. भील जनजाति की भाषा क्या है?
Answer: भील जनजाति की भाषा भीली और वागड़ी है। यह उनकी क्षेत्रीय बोली और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
In simple words: भील जनजाति भीली और वागड़ी भाषा बोलती है।
🎯 Exam Tip: भील जनजाति की प्रमुख भाषाओं के नामों को याद रखें।
Question 42. भील शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई है?
Answer: भील शब्द की उत्पत्ति 'बीलु' शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है-तीर कमान रखने वाली जनजाति। यह उनके पारंपरिक हथियार और शिकार के कौशल को दर्शाता है।
In simple words: 'भील' शब्द 'बीलु' से आया है, जिसका मतलब 'तीर कमान रखने वाले लोग' होता है।
🎯 Exam Tip: 'भील' शब्द की व्युत्पत्ति और उसके अर्थ को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 43. पलवी एवं वागड़ी भीलों में भेद कीजिए?
Answer: भील जनजाति में 'पालवी भील' वे होते हैं जो पहाड़ों में रहते हैं, जबकि 'वागड़ी भील' वे होते हैं जो मैदानों में निवास करते हैं। यह भौगोलिक आधार पर भीलों का एक महत्वपूर्ण वर्गीकरण है।
In simple words: पालवी भील पहाड़ों में रहते हैं, जबकि वागड़ी भील मैदानों में रहते हैं।
🎯 Exam Tip: पालवी और वागड़ी भीलों के बीच अंतर को उनके निवास स्थान (पहाड़ या मैदान) के आधार पर स्पष्ट करें।
Question 45. भीलों में प्रचलित विवाह प्रकारों का उल्लेख कीजिए।
Answer: भीलों में प्रचलित विवाह के प्रमुख प्रकार हैं-मोर बांधिया विवाह, अपहरण विवाह, देवर विवाह, विनिमय विवाह, सेवा विवाह तथा क्रय विवाह। ये विभिन्न प्रकार के विवाह उनकी सामाजिक रीति-रिवाजों को दर्शाते हैं।
In simple words: भीलों में मोर बांधिया, अपहरण, देवर, विनिमय, सेवा और क्रय जैसे अलग-अलग तरह की शादियाँ होती हैं।
🎯 Exam Tip: भील जनजाति में प्रचलित विभिन्न विवाह प्रकारों के नाम याद रखें।
Question 46. भील लोगों के प्रमुख गोत्रों के नाम लिखिए।
Answer: भील लोगों के प्रमुख गोत्रों के नाम हैं-कटारा, ताबियाड़, रोत और पारगी। ये गोत्र उनकी वंशावली और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
In simple words: भीलों के मुख्य गोत्र कटारा, ताबियाड़, रोत और पारगी हैं।
🎯 Exam Tip: भील जनजाति के प्रमुख गोत्रों के नाम याद रखें।
Question 47. गमेती, भोपा व भगत से क्या आशय है?
Answer: भील जनजाति में गाँव के मुखिया को गमेती कहते हैं। झाड़-फूँक करने वाले व्यक्ति को भोपा कहा जाता है और धार्मिक संस्कार संपन्न कराने वाले व्यक्ति को भगत कहते हैं। ये सभी समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: गमेती गाँव का मुखिया होता है। भोपा झाड़-फूँक करता है और भगत धार्मिक काम कराता है।
🎯 Exam Tip: इन तीनों शब्दों के अर्थ और उनके संबंधित भूमिकाओं को स्पष्ट रूप से याद रखें।
Question 48. भील लोगों के गाँवों को क्या कहते हैं?
Answer: भील के छोटे गाँवों को 'फला' कहते हैं और बड़े गाँवों को 'पाल' कहते हैं। ये उनके निवास स्थानों का क्षेत्रीय वर्गीकरण है।
In simple words: भीलों के छोटे गाँव 'फला' और बड़े गाँव 'पाल' कहलाते हैं।
🎯 Exam Tip: भीलों के गाँवों के दो प्रकार और उनके नामों को याद रखें।
Question 49. भीलों के प्रमुख नृत्यों के नाम बताइये।
Answer: गवरी और घूमर भीलों के प्रमुख नृत्य हैं। श्रावण मास में पार्वती के पूजन का 'गवरी' पर्व उनका महत्वपूर्ण उत्सव है। ये नृत्य उनके सामाजिक और धार्मिक जीवन का अभिन्न अंग हैं।
In simple words: भीलों के मुख्य नृत्य गवरी और घूमर हैं। गवरी पर्व श्रावण मास में पार्वती की पूजा के लिए होता है।
🎯 Exam Tip: भील जनजाति के प्रमुख नृत्यों के नाम और किसी विशेष पर्व से उनके संबंध को याद रखें।
Question 50. भीलों के प्रमुख देवी-देवताओं के नाम बताइये।
Answer: भील लोग हिन्दू देवी-देवताओं के अलावा स्थानीय लोक देवताओं-धराल, बीरसा मुण्डा, कालाजी, गोराजी, माताजी और गोविन्द गुरु की पूजा करते हैं। ये देवता उनके जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
In simple words: भील लोग धराल, बीरसा मुण्डा, कालाजी, गोराजी, माताजी और गोविन्द गुरु जैसे स्थानीय देवताओं की पूजा करते हैं।
🎯 Exam Tip: भील जनजाति के प्रमुख देवी-देवताओं के नामों की सूची याद रखें।
Question 52. गारसिया जनजाति कहाँ निवास करती है?
Answer: गरासिया जनजाति सिरोही की आबूरोड़ और पिंडवाड़ा तहसील, पाली जिले की बाली और उदयपुर की गोगुन्दा व कोटड़ा तहसीलों में निवास करती है। ये क्षेत्र मुख्य रूप से पहाड़ी और वन क्षेत्र हैं।
In simple words: गरासिया जनजाति सिरोही (आबूरोड़, पिंडवाड़ा), पाली (बाली) और उदयपुर (गोगुन्दा, कोटड़ा) तहसीलों में रहती है।
🎯 Exam Tip: गरासिया जनजाति के प्रमुख निवास क्षेत्रों के नाम और संबंधित जिलों को याद रखें।
Question 53. गरासिया जनजाति के घर और गांव क्या कहलाते हैं ?
Answer: गरासिया जनजाति के घरों को 'घेर' कहते हैं और गाँवों को 'फालिया' कहते हैं। यह उनकी पारंपरिक आवासीय संरचना को दर्शाता है।
In simple words: गरासिया के घरों को 'घेर' और गाँवों को 'फालिया' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: गरासिया जनजाति के घरों और गाँवों के विशिष्ट नामों को याद रखें।
Question 54. गरासिया जनजातियों में प्रचलित विवाह के प्रकारों को बताइये।
Answer: गरासिया जनजाति में तीन प्रकार के विवाहों का प्रचलन है:
1. मोर बांधिया, जिसमें फेरे होते हैं।
2. पहरावना विवाह, जिसमें नाममात्र के फेरे होते हैं।
3. ताणना विवाह, जिसमें वर पक्ष कन्या पक्ष को कन्या का मूल्य चुकाता है।
ये विवाह पद्धतियाँ उनके सामाजिक रीति-रिवाजों का हिस्सा हैं।
In simple words: गरासिया जनजाति में तीन तरह की शादियाँ होती हैं: मोर बांधिया (फेरे होते हैं), पहरावना (नाममात्र के फेरे) और ताणना (वर पक्ष कन्या का मूल्य चुकाता है)।
🎯 Exam Tip: गरासिया जनजाति के विवाह के तीनों प्रकारों के नाम और उनकी मुख्य विशेषताओं को याद रखें।
Question 55. सामाजिक दृष्टि से गरासिया के तीन वर्ग कौन से हैं?
Answer: सामाजिक दृष्टि से गरासिया निम्न तीन वर्गों में बंटे हुए हैं:
1. मोटी नियात।
2. नेनकी नियात।
3. निचली नियात।
यह वर्गीकरण उनकी सामाजिक स्थिति और प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
In simple words: गरासिया जनजाति के तीन सामाजिक वर्ग हैं: मोटी नियात, नेनकी नियात और निचली नियात।
🎯 Exam Tip: गरासिया जनजाति के तीनों सामाजिक वर्गों के नामों को याद रखें।
Question 56. गरासिया में जाति पंचायत की क्या स्थिति है?
Answer: गरासिया जनजाति में जाति पंचायत बहुत महत्वपूर्ण है। गाँव और भाखर स्तर पर जाति पंचायत होती है। यह पंचायत शारीरिक और आर्थिक दोनों प्रकार के झगड़ों का निपटारा करती है और इसे 'सहलोत' कहा जाता है।
In simple words: गरासिया जनजाति में जाति पंचायतें बहुत ज़रूरी हैं। ये गाँव और भाखर स्तर पर होती हैं और झगड़ों को सुलझाती हैं।
🎯 Exam Tip: गरासिया जाति पंचायत की महत्व और उसके स्तरों का उल्लेख करें।
Question 58. सहरिया जनजाति की बस्तियों व गाँवों को क्या कहते हैं ?
Answer: सहरिया जनजाति की छोटी बस्तियों को 'सहराना' और गाँवों को 'सहरोल' कहते हैं। ये उनके पारंपरिक आवास नाम हैं।
In simple words: सहरिया जनजाति की छोटी बस्तियों को 'सहराना' और गाँवों को 'सहरोल' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: सहरिया जनजाति की बस्तियों और गाँवों के विशिष्ट नामों को याद रखें।
Question 59. डामोर (डामरिया) समुदाय के पंचायत के मुखिया को क्या कहते हैं ?
Answer: डामोर समुदाय के पंचायत के मुखिया को 'मुखी' कहते हैं। मुखी समुदाय के विवादों का निपटारा करता है और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखता है।
In simple words: डामोर समुदाय में पंचायत के मुखिया को 'मुखी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: डामोर समुदाय के पंचायत मुखिया के नाम को याद रखें।
Question 60. राजस्थान की कथौड़ी जनजाति के प्रमुख निवास क्षेत्र क्या है?
Answer: राजस्थान की कथौड़ी जनजाति उदयपुर की कोटड़ा, झाड़ोल और सराड़ा पंचायत समिति में निवास करती है। ये क्षेत्र मुख्य रूप से पहाड़ी और वन क्षेत्र हैं।
In simple words: कथौड़ी जनजाति उदयपुर की कोटड़ा, झाड़ोल और सराड़ा पंचायत समिति में रहती है।
🎯 Exam Tip: कथौड़ी जनजाति के निवास क्षेत्रों के नाम और संबंधित पंचायत समितियों को याद रखें।
Question 61. कथौड़ी जनजाति का नाम कथौड़ी क्यों पड़ा है?
Answer: खैर के वृक्ष से कत्था तैयार करने में दक्ष होने के कारण ये कथौड़ी कहलाते हैं। 'कत्था' उनके पारंपरिक व्यवसाय का हिस्सा है।
In simple words: कथौड़ी जनजाति का नाम 'कत्था' बनाने की उनकी कुशलता के कारण पड़ा।
🎯 Exam Tip: कथौड़ी जनजाति के नामकरण का कारण (कत्था बनाने की दक्षता) को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 62. कॅजर जनजाति किन-किन जिलों में निवास करती है?
Answer: कंजर जनजाति मुख्यत: कोटा, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, अलवर, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों में निवास करती है। ये घुमंतू प्रवृत्ति के होते हैं।
In simple words: कंजर जनजाति कोटा, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, अलवर, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों में पाई जाती है।
🎯 Exam Tip: कंजर जनजाति के निवास वाले प्रमुख जिलों के नामों की सूची याद रखें।
Question 63. सांसी जनजाति का निवास-क्षेत्र कहाँ है?
Answer: सांसी जनजाति राजस्थान के भरतपुर और अजमेर जिलों में निवास करती है। ये घुमंतू और खानाबदोश जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं।
In simple words: सांसी जनजाति राजस्थान के भरतपुर और अजमेर जिलों में रहती है।
🎯 Exam Tip: सांसी जनजाति के निवास क्षेत्रों के नाम याद रखें।
Question 64. सांसी जनजाति को कितने भागों में बांटा जा सकता है?
Answer: सांसी जनजाति को दो मुख्य भागों में बांटा जा सकता है: बीजा और माला। यह वर्गीकरण उनकी आंतरिक सामाजिक संरचना को दर्शाता है।
In simple words: सांसी जनजाति के दो भाग हैं: बीजा और माला।
🎯 Exam Tip: सांसी जनजाति के दोनों उप-समूहों के नाम याद रखें।
Question 65. जनजातियों की आर्थिक दशा में सुधार न हो पाने के दो कारण बताइये।
Answer: जनजातियों की आर्थिक दशा में सुधार न हो पाने के दो प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा इसमें खर्च हो जाता है।
2. जीवन-निर्वाह के सीमित साधन होने के कारण उनमें बढ़ती लूटपाट, चोरी और अपराध की प्रवृत्ति, जो उनकी स्थिरता को बाधित करती है।
In simple words: जनजातियों की आर्थिक स्थिति खराब रहने के दो कारण हैं: नशे की आदत और जीवन के सीमित साधन होने पर चोरी या अपराध करना।
🎯 Exam Tip: जनजातियों की आर्थिक समस्याओं के कारणों में नशे और सीमित संसाधनों का उल्लेख करें।
Question 66. जनजातियों पर आधुनिकता का क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा है? दो प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
Answer: जनजातियों पर आधुनिकता के दो सकारात्मक प्रभाव महत्वपूर्ण हैं:
1. शहरी संपर्क के कारण उनके खान-पान, पहनावे और आवास में बदलाव आया है, जिससे उनका जीवन स्तर सुधरा है।
2. शिक्षा के प्रसार से उनमें जागरूकता बढ़ी है और अब वे सरकारी सेवाओं में भी आने लगे हैं, जिससे उनके सामाजिक स्तर में सुधार हुआ है।
In simple words: शहरों से जुड़ने के कारण उनके खाने-पीने और पहनावे में बदलाव आया है। साथ ही, पढ़ाई बढ़ने से वे जागरूक हुए हैं और सरकारी नौकरी करने लगे हैं।
🎯 Exam Tip: जनजातियों पर आधुनिकता के सकारात्मक प्रभावों को बताते समय जीवनशैली में बदलाव और शिक्षा के माध्यम से प्रगति पर जोर दें।
Question 67. जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख तीन कारक कौन-से हैं?
Answer: जनसंख्या वृद्धि के तीन प्रमुख कारक हैं: जन्म, मृत्यु और प्रवास। जब जन्म दर बढ़ती है, मृत्यु दर घटती है या लोग बाहर से आकर बसते हैं, तो जनसंख्या बढ़ती है।
In simple words: जनसंख्या वृद्धि के तीन मुख्य कारण हैं: ज़्यादा जन्म, कम मृत्यु और लोगों का एक जगह से दूसरी जगह जाना (प्रवास)।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि के तीनों प्रमुख कारकों (जन्म, मृत्यु, प्रवास) को याद रखें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)
Question 1. भूगोल में जनसंख्या अध्ययन के कोई तीन महत्त्वपूर्ण कारकों का उल्लेख कीजिए।
Answer: भूगोल में जनसंख्या का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है। इसके तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. मानव ही धरती के सभी संसाधनों का उपयोग करने वाला और उन्हें बनाने वाला है, इसलिए वह पूरी अर्थव्यवस्था के अध्ययन का केंद्र है।
2. जनसंख्या के अध्ययन से किसी राज्य में उत्पादन के लिए कुल मानव शक्ति का अनुमान लगाया जा सकता है, साथ ही उनके लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का भी अनुमान लगाया जा सकता है।
3. साक्षरता, लिंगानुपात आदि जनांकिकीय विशेषताओं के आधार पर जनसंख्या के गुणात्मक स्तर का ज्ञान होता है, जिससे योजनाएँ बनाने में मदद मिलती है।
In simple words: भूगोल में जनसंख्या का अध्ययन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि लोग संसाधनों का उपयोग करते हैं, इससे राज्य की मानव शक्ति का पता चलता है, और हमें लोगों के जीवन स्तर के बारे में जानकारी मिलती है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या अध्ययन के महत्व को बताते समय मानव की भूमिका, नियोजन और गुणात्मक विश्लेषण जैसे बिंदुओं पर ध्यान दें।
Question 3. जनसंख्या वितरण व घनत्व का अध्ययने क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Answer: जनसंख्या वितरण यह दिखाता है कि विभिन्न क्षेत्रों में कितने लोग रहते हैं, जबकि जनसंख्या घनत्व मानव और क्षेत्रफल के बीच का अनुपात दर्शाता है। इन दोनों का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इनके पैटर्न का विश्लेषण किसी क्षेत्र की जनांकिकीय विशेषताओं के अध्ययन का आधार होता है, जिससे योजनाएँ बनाने में मदद मिलती है।
In simple words: जनसंख्या का फैलाव और सघनता जानना ज़रूरी है क्योंकि इससे हमें किसी जगह के लोगों की खास बातें पता चलती हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वितरण और घनत्व के अध्ययन के महत्व को बताते समय उनके 'प्रतिरूपों' और 'नांकिकीय विशेषताओं' के विश्लेषण पर जोर दें।
Question 4. जनसंख्या वृद्धि में जन्म, मृत्यु तथा प्रवास के कारकों का विश्लेषण कीजिए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि इन तीन कारकों से प्रभावित होती है:
जनसंख्या वृद्धि = कुल जन्म - (कुल मृत्यु + प्रवास)
इन तीनों कारकों के समीकरण से जनसंख्या में परिवर्तन होता है। पहले दो कारक जैविक कारक हैं। जन्म और मृत्यु की संख्या में अंतर से जनसंख्या बढ़ने को प्राकृतिक वृद्धि कहते हैं और जनसंख्या घटने को प्राकृतिक कमी कहते हैं। प्रवासी आगमन और निर्गमन के अंतर को जब प्राकृतिक वृद्धि/कमी में जोड़ा जाता है, तब जनसंख्या वृद्धि का सही आकलन होता है।
In simple words: जनसंख्या वृद्धि जन्म, मृत्यु और प्रवास से बदलती है। ज़्यादा जन्म या कम मृत्यु से जनसंख्या बढ़ती है (प्राकृतिक वृद्धि), और लोगों के आने-जाने से भी संख्या बदलती है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि को विश्लेषण करते समय 'प्राकृतिक वृद्धि/कमी' और 'प्रवासी आगमन/निर्गमन' जैसे शब्दों का प्रयोग करें।
Question 5. राजस्थान में जनसंख्या की देशकीय वृद्धि की प्रवृत्ति कों स्पष्ट कीजिए।
Answer: राजस्थान में वर्ष 2001-2011 के दौरान हुई जनसंख्या वृद्धि के आधार पर राज्य के जिलों को तीन भागों में बांटा गया है:
1. 26 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर वाले जिले-बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बांसवाड़ा, जयपुर और जालौर।
2. 16 प्रतिशत से कम वृद्धि दर वाले जिले-श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, पाली और बूंदी।
3. 16 से 26 प्रतिशत वृद्धि दर वाले जिले-उपर्युक्त के अतिरिक्त अन्य सभी जिले।
इस प्रकार स्पष्ट है कि वर्ष 2001-2011 के दौरान जनसंख्या की दशकीय वृद्धि दर में 7 प्रतिशत की कमी आई है। संभावना है कि 21वीं सदी में जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आएगी, जिससे राज्य का आर्थिक विकास होगा।
In simple words: 2001-2011 के बीच राजस्थान की जनसंख्या वृद्धि को तीन हिस्सों में बांटा गया है: 26% से ज़्यादा (बाड़मेर जैसे), 16% से कम (श्रीगंगानगर जैसे) और 16-26% वाले बाकी जिले। इस दौरान कुल वृद्धि दर में 7% की कमी आई है।
🎯 Exam Tip: दशकीय वृद्धि की प्रवृत्ति को स्पष्ट करते समय जिलों का वर्गीकरण और वृद्धि दर में आए बदलाव का उल्लेख करें।
Question 7. राजस्थान राज्य में साक्षरता सम्बन्धी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: राजस्थान राज्य की साक्षरता से संबंधित प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. राजस्थान का कोटा जिला सर्वाधिक साक्षर है, जहाँ 76.60 प्रतिशत साक्षरता है।
2. जालौर जिले की साक्षरता (54.90 प्रतिशत) सबसे कम है।
3. सन् 1991 में साक्षरता 38.55 प्रतिशत थी जो 2011 में 67.06 प्रतिशत हो गई।
4. स्वतंत्रता के बाद 1951 से 2011 के बीच साक्षरता वृद्धि 59.04 प्रतिशत हो गई।
5. 2001 से 2011 के बीच सर्वाधिक साक्षरता वृद्धि डूंगरपुर जिले में (10.90 प्रतिशत) हुई है।
यह बताता है कि राजस्थान में शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार हो रहा है।
In simple words: राजस्थान में कोटा सबसे ज़्यादा पढ़ा-लिखा जिला है, जालौर सबसे कम। 1991 से 2011 तक साक्षरता काफी बढ़ी है, और सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी डूंगरपुर में हुई है।
🎯 Exam Tip: साक्षरता की विशेषताओं में सर्वाधिक/न्यूनतम साक्षरता वाले जिले, ऐतिहासिक वृद्धि और प्रतिशत के आंकड़े शामिल करें।
Question 8. जनजातियों की कोई चार विशेषताएँ बताइए।
Answer: जनजातियों को वनवासी या गिरिजन के नाम से भी जाना जाता है। इनकी प्रमुख चार विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. प्रत्येक जनजाति की अपनी खास पहचान, सामाजिक व्यवस्था और संस्कृति होती है।
2. जनजातियाँ मुख्यत: पहाड़ों, पठारों और जंगली वन क्षेत्रों में निवास करती हैं।
3. वनवासियों की जीविका का मुख्य आधार शिकार, आदिम प्रकार की खेती और पशुपालन होता है।
4. इनकी जीवन शैली दिखावे से दूर प्रकृति के निकट होती है।
In simple words: जनजातियों की अपनी संस्कृति होती है, वे पहाड़ों-जंगलों में रहते हैं, शिकार-खेती करते हैं और प्रकृति के करीब रहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनजातियों की विशेषताओं को बताते समय उनकी पहचान, निवास, जीविका और जीवन शैली पर जोर दें।
Question 9. राजस्थान की प्रमुख जनजातियों के क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
Answer: राजस्थान में मीणा, भील, गरासिया और सहरिया, डामोर, कथौड़ी, कंजर, सांसी के अलावा धानका, कोकना, नायका तथा पटेलिया जैसी जनजातियाँ मिलती हैं। प्रमुख जनजातियाँ और उनके क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
1. मीणा – राजस्थान राज्य का पूर्वी मैदान और पठारी क्षेत्र।
2. भील – दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जिले।
3. गरासिया – सिरोही की आबूरोड़, पिंडवाड़ा तहसील, पाली जिले की बाली और उदयपुर की गोगुंदा, कोटड़ा तहसीलें।
4. सहरिया – बारां जिले की किशनगंज और शाहबाद तहसीलें।
In simple words: राजस्थान में कई जनजातियाँ हैं: मीणा पूर्वी मैदान में, भील दक्षिण में, गरासिया सिरोही-पाली-उदयपुर में और सहरिया बारां में रहते हैं।
🎯 Exam Tip: राजस्थान की प्रमुख जनजातियों के नाम और उनके निवास क्षेत्रों को सही ढंग से याद रखें।
Question 10. मीणा जनजाति की कोई चार सामाजिक विशेषताएँ बताइए।
Answer: मीणा जनजाति की प्रमुख चार सामाजिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. वर्तमान समय में इनमें विवाह अन्य समाजों की तरह रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होते हैं।
2. पुत्रियों का विवाह कम उम्र में होता है, लेकिन गौना विवाह योग्य उम्र में ही करते हैं।
3. परिवार पितृसत्तात्मक होते हैं और संयुक्त परिवार प्रथा प्रचलित है।
4. नि:संतान दंपत्ति को गोद लेने का अधिकार है।
यह उनकी सामाजिक संरचना और परंपराओं को दर्शाता है।
In simple words: मीणा जनजाति में विवाह रीति-रिवाजों से होते हैं, लड़कियों की शादी छोटी उम्र में होती है, घर में पिता का राज चलता है और गोद लेने का चलन भी है।
🎯 Exam Tip: मीणा जनजाति की सामाजिक विशेषताओं में विवाह के प्रकार, परिवार की संरचना और गोद लेने की प्रथा का उल्लेख करें।
Question 10. मीणा जनजाति की कोई चार सामाजिक विशेषताएँ बताइए।
Answer: मीणा जनजाति की प्रमुख सामाजिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. मीणा समाज में अब शादियाँ दूसरे समाजों की तरह ही रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न होती हैं।
2. लड़कियों की शादी छोटी उम्र में होती है, लेकिन उन्हें विदा (गौना) तभी किया जाता है जब वे विवाह योग्य आयु की हो जाती हैं।
3. इनके परिवार पितृसत्तात्मक होते हैं और संयुक्त परिवार प्रथा यहाँ प्रचलित है।
4. जिन दंपत्तियों के बच्चे नहीं होते, वे गोद ले सकते हैं।
In simple words: मीणा जनजाति में अब शादियाँ नए रीति-रिवाजों से होती हैं। लड़कियों की शादी कम उम्र में होती है पर विदाई बड़े होने पर। परिवार में पिता मुखिया होता है और साथ रहते हैं। संतान न होने पर गोद लेने का अधिकार भी है।
🎯 Exam Tip: जब सामाजिक विशेषताओं का वर्णन करें, तो विवाह, परिवार संरचना, और विशेष परंपराओं पर ध्यान दें।
Question 11. भीलों की धार्मिक आस्था को स्पष्ट कीजिए।
Answer: भील समुदाय का एक बहुत प्रसिद्ध मेला 'बेणेश्वर धाम' है, जो हर साल माघ महीने की पूर्णिमा को माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर लगता है। लोग यहाँ पवित्र स्नान करते हैं, भगवान शिव की पूजा करते हैं और पुण्य कमाते हैं। सावन के महीने में वे देवी पार्वती की पूजा करते हुए 'गवरी' पर्व मनाते हैं। भील हिन्दू देवी-देवताओं और अपने स्थानीय लोक देवताओं, जैसे धराल और बीरसा मुंडा, की भी पूजा करते हैं।
In simple words: भील लोग बेणेश्वर धाम में मेला लगाते हैं और नदियों में स्नान करते हैं। वे शिव और पार्वती की पूजा करते हैं और अपने खास लोक देवताओं को भी मानते हैं।
🎯 Exam Tip: धार्मिक आस्थाओं का वर्णन करते समय प्रमुख त्योहारों, मेलों और पूजे जाने वाले देवी-देवताओं का उल्लेख करें।
Question 12. गरासिया जनजाति के प्रमुख मेले एवं उनके महत्व को बताइए।
Answer: गरासिया जनजाति हर साल कई छोटे और बड़े मेले लगाती है। बड़े मेलों को 'मनखारो मेलों' के नाम से जाना जाता है। इनके तीन मुख्य मेले हैं:
1. अम्बाजी के पास कोटेश्वर का मेला।
2. देवला के पास, कोटड़ा-कोसीना रोड पर चेतरे-विचितर मेला।
3. वैशाख कृष्ण पंचमी को गोगुन्दा का गणगौर मेला।
इन मेलों में गरासिया युवक-युवतियाँ अपने लिए जीवनसाथी चुनते हैं, इसलिए ये मेले सामाजिक मिलन और संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
In simple words: गरासिया जनजाति कई मेले लगाती है, जिन्हें 'मनखारो मेलों' कहते हैं। इन मेलों में युवा अपने जीवनसाथी चुनते हैं, जैसे कोटेश्वर और गणगौर मेला।
🎯 Exam Tip: मेलों का उल्लेख करते समय उनके स्थान और विशेष महत्व को भी बताएं, खासकर यदि वे जीवनसाथी चुनने से जुड़े हों।
Question 13. कंजर जनजाति की कोई चार विशेषताएँ बताइए।
Answer: कंजर जनजाति राजस्थान की एक प्रमुख जनजाति है, जिसकी मुख्य चार विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. कंजर शब्द की उत्पत्ति 'काननचार' से मानी जाती है, जिसका अर्थ है 'जंगलों में घूमने वाला'। यह उनकी घुमंतू जीवनशैली को दर्शाता है।
2. ये जनजाति अपराधों के लिए जानी जाती है, लेकिन इनकी एक खास परंपरा है कि 'हाकम राजा का प्याला' (एक विशेष कसम) पीने के बाद ये कभी झूठ नहीं बोलते।
3. कंजर देवी-देवताओं में बहुत आस्था रखते हैं, और चौथ माता इनकी प्रमुख देवी हैं, जिनकी वे विशेष पूजा करते हैं।
4. ये लोग चोरी को एक कला मानते हैं और चोरी करने से पहले भगवान से आशीर्वाद लेते हैं, जिसे 'पाती मांगना' कहा जाता है।
In simple words: कंजर जनजाति का नाम 'जंगल में घूमने वाले' से आया है। ये 'हाकम राजा का प्याला' पीने के बाद झूठ नहीं बोलते। चौथ माता इनकी मुख्य देवी हैं। वे चोरी को कला मानते हैं और उससे पहले भगवान से आशीर्वाद लेते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी भी जनजाति की विशेषताएँ बताते समय उनके नाम के अर्थ, सामाजिक परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और जीवनशैली के मुख्य पहलुओं पर ध्यान दें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)
Question 1. राजस्थान में लिंगानुपात कम होने के उत्तरदायी कारकों का वर्णन कीजिए।
Answer: राजस्थान में लिंगानुपात कम होने के कई मुख्य कारण हैं:
1. परिवारों में बेटों को ज्यादा महत्व दिया जाता है, क्योंकि यहाँ पितृसत्तात्मक व्यवस्था है। इस वजह से लड़कियों को अच्छा खाना, स्वास्थ्य और पढ़ाई की सुविधाएं कम मिलती हैं।
2. कम उम्र में लड़कियों की शादी कर देने से उन्हें कम उम्र में ही माँ बनने का बोझ उठाना पड़ता है, जिससे प्रसव के दौरान उनकी मौत का खतरा बढ़ जाता है।
3. परिवार का वंश आगे बढ़ाने के अहम कारण से लड़कों को लड़कियों से ज्यादा अहमियत दी जाती है।
4. दहेज के लिए होने वाली हत्याएँ भी लिंगानुपात कम होने का एक बड़ा कारण है।
5. लिंग परीक्षण कराकर गर्भ में ही कन्या भ्रूण हत्या करना, लिंगानुपात घटने का एक और मुख्य कारण बन गया है।
In simple words: राजस्थान में बेटों को ज्यादा महत्व दिया जाता है, जिससे लड़कियों को सुविधाएं कम मिलती हैं। बाल विवाह, वंश चलाने की चाहत, दहेज हत्या और कन्या भ्रूण हत्या जैसे कारणों से लिंगानुपात कम है।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात कम होने के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों को विस्तार से समझाएं, और प्रत्येक कारण को स्पष्ट उदाहरण के साथ प्रस्तुत करें।
Question 2. जनजातियों पर आधुनिकता के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: आधुनिकता का जनजातियों पर अच्छा और बुरा दोनों तरह का असर पड़ा है, जिन्हें निम्नलिखित रूप से देखा जा सकता है:
नकारात्मक प्रभाव:
1. सरकार द्वारा वनों को संरक्षित कर देने से जनजातियों के वन क्षेत्र कम हो गए हैं, जिसका उनके जीवन पर बुरा असर पड़ा है।
2. वन उत्पादों और वन्यजीवों की कमी के साथ-साथ मिट्टी के कटाव से उनकी अर्थव्यवस्था खराब हो गई है। जीवन चलाने के साधनों की कमी होने पर कुछ लोग चोरी या अपराध करने लगे हैं।
3. खेती की जमीन सीमित होने, जनसंख्या बढ़ने और स्थानीय संसाधनों की कमी के कारण वे शहरों और कस्बों में मजदूरी करने जाते हैं, जहाँ उनका शोषण होता है।
4. नशे की आदत बढ़ने से उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं हो पा रही है।
सकारात्मक प्रभाव:
1. शहरी संपर्क बढ़ने के कारण उनके खान-पान, रहन-सहन और पहनावे के तरीकों में बदलाव आया है।
2. शिक्षा बढ़ने से उनमें जागरूकता बढ़ी है, और वे धीरे-धीरे सरकारी नौकरियों में भी आने लगे हैं।
In simple words: आधुनिकता से जनजातियों के जीवन पर कई बदलाव आए हैं। जंगल कम होने, संसाधनों की कमी और शोषण से उनकी आर्थिक हालत बिगड़ी है, और कुछ लोग अपराध करने लगे हैं। वहीं, शिक्षा और शहरी संपर्क से उनके रहन-सहन में सुधार आया है और वे सरकारी नौकरी करने लगे हैं।
🎯 Exam Tip: आधुनिकता के प्रभावों का विश्लेषण करते समय सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करें, और प्रत्येक प्रभाव का स्पष्ट उल्लेख करें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 25 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. राजस्थान में जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्ति का वर्णन कीजिए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास (लोग एक जगह से दूसरी जगह जाना) के कारण होती है। जन्म दर और मृत्यु दर जब बराबर होती है तो जनसंख्या स्थिर रहती है। अगर जन्म दर बढ़ती है और मृत्यु दर कम होती है, तो जनसंख्या बढ़ती है। प्रवास की वजह से भी जनसंख्या घट या बढ़ सकती है। राजस्थान में जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्ति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है।
राजस्थान-जनसंख्या वृद्धि:
| जनगणना-वर्ष | जनसंख्या (करोड़ में) | जनसंख्या वृद्धि दर (दशकीय) |
|---|---|---|
| 1901 | 1.03 | - |
| 1911 | 1.10 | + 6.7 |
| 1921 | 1.03 | - 6.3 |
| 1931 | 1.17 | + 14.1 |
| 1941 | 1.39 | + 18.0 |
| 1951 | 1.60 | + 15.2 |
| 1961 | 2.02 | + 26.4 |
| 1971 | 2.58 | + 27.8 |
| 1981 | 3.43 | + 32.4 |
| 1991 | 4.40 | + 28.4 |
| 2001 | 5.64 | + 28.3 |
| 2011 | 6.85 | + 21.3 |
ऊपर दिए गए आँकड़ों से पता चलता है कि 20वीं सदी में 1911-21 के दशक में राज्य की जनसंख्या में कमी आई थी। यह कमी उस समय के बड़े अकाल और महामारियों के कारण हुई थी। 1991 के बाद जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है, जिसका मुख्य कारण परिवार कल्याण कार्यक्रमों की सफलता है। यह राज्य के आर्थिक विकास का एक अच्छा संकेत है। राजस्थान में जनसंख्या वृद्धि के काल को तीन मुख्य भागों में बांटा गया है:
1. धीमी जनसंख्या वृद्धि काल (1901-1941): इस समय में अकाल, महामारियों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण जनसंख्या बहुत धीरे बढ़ी थी।
2. मध्यम जनसंख्या वृद्धि काल (1941-1971): इस दौरान जन्म दर की तुलना में मृत्यु दर काफी कम हुई थी। सिंचित क्षेत्रों के विकास, योजनाबद्ध आर्थिक तरक्की और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार जैसे कारणों से जनसंख्या मध्यम गति से बढ़ी।
3. तीव्र जनसंख्या वृद्धि काल (1971 के बाद): इस अवधि में मृत्यु दर में कमी आई और जन्म दर लगभग स्थिर रही, जिससे जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ी। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और आर्थिक विकास से मृत्यु दर कम हुई, लेकिन बाल विवाह, पिछड़ेपन और अंधविश्वासों के कारण जन्म दर में उतनी कमी नहीं आई। 2013 में जन्म दर 25.6 प्रति हजार और मृत्यु दर 6.5 प्रति हजार थी। इन कारणों से इस समय में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बाँसवाड़ा, जयपुर और जालौर जिलों में 26 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। गंगानगर, झुंझुनूं, पाली और बूंदी जिलों में 16 प्रतिशत से कम वृद्धि हुई, और बाकी जिलों में 16 से 26 प्रतिशत के बीच वृद्धि रही।
In simple words: राजस्थान की जनसंख्या में उतार-चढ़ाव रहे हैं। 1901-1941 तक धीमी वृद्धि हुई, फिर 1941-1971 तक मध्यम और उसके बाद बहुत तेजी से बढ़ी। अकाल, महामारी और फिर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और परिवार नियोजन कार्यक्रमों ने जनसंख्या वृद्धि पर असर डाला है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि का वर्णन करते समय विभिन्न कालों को स्पष्ट रूप से बांटें, प्रत्येक काल के कारणों और प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालें, और जहाँ संभव हो, आँकड़ों का उपयोग करें।
आंकिक प्रश्न
Question 1. राजस्थान के मानचित्र में जनसंख्या घनत्व को प्रदर्शित कीजिए।
Answer: इस प्रश्न का उत्तर राजस्थान के मानचित्र द्वारा जनसंख्या घनत्व के वितरण को दर्शाते हुए दिया जाता है। मानचित्र में अलग-अलग रंगों या शेड्स का उपयोग करके दिखाया जाता है कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रति वर्ग किलोमीटर कितने लोग रहते हैं।
In simple words: इस सवाल का जवाब एक नक्शे पर दिखाया जाता है। नक्शे में अलग-अलग रंगों से पता चलता है कि राजस्थान के किस हिस्से में कितने लोग रहते हैं।
🎯 Exam Tip: मानचित्र-आधारित प्रश्नों में, यदि मानचित्र उपलब्ध न हो, तो बताएं कि उत्तर एक मानचित्र में दर्शाया जाएगा और उसमें क्या जानकारी होगी।
Question 2. राजस्थान के मानचित्र में लिंगानुपात को प्रदर्शित कीजिए।
Answer: इस प्रश्न का उत्तर राजस्थान के मानचित्र द्वारा लिंगानुपात के वितरण को दर्शाते हुए दिया जाता है। मानचित्र में अलग-अलग क्षेत्रों में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को दर्शाया गया है।
In simple words: इस सवाल का जवाब एक नक्शे पर दिखाया जाता है। नक्शे में अलग-अलग जगहों पर प्रति हजार पुरुषों पर कितनी महिलाएं हैं, यह दर्शाया गया है।
🎯 Exam Tip: मानचित्र वाले प्रश्नों में, मुख्य बिंदु यह है कि क्षेत्रीय वितरण को दर्शाया जाए।
Question 3. राजस्थान के मानचित्र में जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों कीजिए।
Answer: इस प्रश्न का उत्तर राजस्थान के मानचित्र द्वारा जनजातीय बहुल क्षेत्रों को दर्शाते हुए दिया जाता है। मानचित्र में उन इलाकों को दिखाया गया है जहाँ विभिन्न जनजातियाँ अधिक संख्या में निवास करती हैं।
In simple words: इस सवाल का जवाब एक नक्शे पर दिखाया जाता है। नक्शे में उन इलाकों को दिखाया गया है जहाँ ज्यादा आदिवासी लोग रहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनजातीय क्षेत्रों को दर्शाते समय, मानचित्र पर प्रमुख जनजातियों के निवास स्थानों को इंगित करना महत्वपूर्ण है।
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