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Detailed Chapter 22 नियोजन एवं सतत् विकास RBSE Solutions for Class 12 Geography
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Class 12 Geography Chapter 22 नियोजन एवं सतत् विकास RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. नवीनतम अनुमानों के आधार पर भारत में सर्वाधिक निर्धनों की संख्या किस राज्य में है?
(अ) बिहार
(ब) उड़ीसा
(स) उत्तर प्रदेश
(द) असम
Answer: (अ) बिहार
In simple words: नए अनुमानों के हिसाब से, भारत में बिहार राज्य में सबसे ज़्यादा गरीब लोग रहते हैं।
🎯 Exam Tip: आंकड़े आधारित प्रश्नों में राज्य या संख्या को ध्यान से याद रखें, क्योंकि यह सीधे तौर पर पूछे जाते हैं।
Question 3. भारत में बेरोजगारी का कारण है –
(अ) मानवीय संसाधनों की उचित नियोजन में कमी
(ब) प्राकृतिक साधनों की कमी
(स) राजनीतिक नेतृत्व की कमी
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: भारत में लोगों को सही से काम न मिल पाने के कई कारण हैं, जैसे कि मानव संसाधनों का ठीक से इस्तेमाल न होना, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, और राजनैतिक नेतृत्व का ठीक न होना।
🎯 Exam Tip: बेरोजगारी के कारणों में अक्सर कई कारक एक साथ काम करते हैं, इसलिए 'ये सभी' जैसे विकल्प पर ध्यान दें।
Question 4. भारत के किस राज्य में सर्वप्रथम रोजगार गारण्टी कार्यक्रम चलाया गया?
(अ) गुजरात
(ब) महाराष्ट्र
(स) राजस्थान
(द) मध्य प्रदेश
Answer: (स) राजस्थान
In simple words: भारत में सबसे पहले राजस्थान राज्य में रोजगार की गारंटी देने वाला कार्यक्रम शुरू किया गया था।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में 'सर्वप्रथम' या 'पहला' जैसे शब्दों पर ध्यान दें, क्योंकि यह ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित होते हैं।
Question 5. स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के सम्बन्ध में कौन-कौन से कथन सत्य हैं ?
(अ) इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में लघु उद्योगों की स्थापना करना है।
(ब) इस योजना में लक्षित समूह ग्रामीण क्षेत्रों के बी.पी.एल. परिवार हैं।
(स) योजना में दी जाने वाली धनराशि केन्द्र एवं राज्य सरकारें 75 : 25 के अनुपात में विभाजित करती है।
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (द) उपर्युक्त सभी
In simple words: स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना का लक्ष्य गांवों में छोटे उद्योग लगाना, गरीब परिवारों की मदद करना, और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा 75:25 के अनुपात में पैसा बांटना था।
🎯 Exam Tip: जब किसी योजना के बारे में कई कथन दिए गए हों और 'उपर्युक्त सभी' विकल्प हो, तो हर कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी सत्यता की जांच करें।
Question 7. भारत में गरीबी निवारण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मूल्यांकन निम्न में से किसके द्वारा किया जाता है?
(अ) राष्ट्रीय विकास परिषद्
(ब) कार्यक्रम क्रियान्वयन मन्त्रालय
(स) वित्त मन्त्रालय
(द) योजना आयोग
Answer: (स) वित्त मन्त्रालय
In simple words: भारत में गरीबी हटाने के कार्यक्रमों की जाँच और मूल्यांकन वित्त मंत्रालय करता है।
🎯 Exam Tip: सरकारी योजनाओं के मूल्यांकन और निगरानी से संबंधित प्रश्नों में सही मंत्रालय या संस्था का नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 8. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना का शुभारम्भ हुआ -
(अ) 2 फरवरी 2006
(ब) 15 अगस्त 2006
(स) 2 फरवरी 2007
(द) 15 अगस्त 2007
Answer: (अ) 2 फरवरी 2006
In simple words: राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना 2 फरवरी 2006 को शुरू हुई थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की तारीख और वर्ष को सटीक रूप से याद रखें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत कब हुई?
Answer: सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत साल 1952 में हुई थी।
In simple words: सामुदायिक विकास कार्यक्रम 1952 में शुरू हुआ।
🎯 Exam Tip: विकास कार्यक्रमों के नाम और उनकी शुरुआत के वर्ष को हमेशा याद रखें।
Question 2. ट्राइसेम का पूरा नाम लिखिए।
Answer: ट्राइसेम (TRYSEM) कार्यक्रम 15 अगस्त 1979 को शुरू किया गया था। इसका पूरा नाम 'स्वरोजगार हेतु ग्रामीण युवक प्रशिक्षण' है। इसका मतलब है कि यह गांवों के युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए ट्रेनिंग देता है।
In simple words: ट्राइसेम 15 अगस्त 1979 को शुरू हुआ। इसका पूरा नाम 'स्वरोजगार हेतु ग्रामीण युवक प्रशिक्षण' है।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के संक्षिप्त नाम (एक्रोनिम) और उनके पूरे नाम को याद रखना महत्वपूर्ण है, साथ ही उनकी शुरुआत की तारीख भी।
Question 5. गरीबी क्या है?
Answer: गरीबी एक बहुत बुरा अभिशाप है। यह भूख, कुपोषण, बहुत कम जीवन स्तर, निराशा भरी अशिक्षा और मानव विकास के बहुत नीचे स्तर से जुड़ी हुई है। डॉ. लार्ड बॉयड के अनुसार, जो व्यक्ति हर दिन 2300 कैलोरी से कम खाना खाता है, वह गरीब है।
In simple words: गरीबी का मतलब है भूख, कुपोषण, खराब जीवन, अशिक्षा और कम मानव विकास। डॉ. लार्ड बॉयड के अनुसार, जो व्यक्ति प्रतिदिन 2300 कैलोरी से कम उपभोग करता है, वह गरीब है।
🎯 Exam Tip: गरीबी की परिभाषा देते समय, उसके मुख्य पहलुओं (जैसे भूख, कुपोषण) और किसी विशेषज्ञ द्वारा दी गई परिभाषा को शामिल करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. प्रधानमन्त्री जन-धन योजना क्या है?
Answer: यह योजना 15 अगस्त 2014 को शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों तक सभी लोगों की पहुँच को आसान और सबके लिए उपलब्ध कराना था, साथ ही वित्तीय सहायता भी देना था। प्रधानमंत्री ने स्वयं इस जन-धन योजना की घोषणा की थी।
In simple words: यह योजना 15 अगस्त 2014 को शुरू हुई थी। इसका मकसद लोगों को बैंकों से जोड़ना और वित्तीय सहायता देना था।
🎯 Exam Tip: जन-धन योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की शुरुआत की तारीख और उनके मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताएं।
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कार्यक्रम – 21 (Agenda – 21) के बारे में लिखिए?
Answer: जून 1992 में ब्राजील के रियो डि जेनेरो शहर में संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण और विकास पर एक बड़ा सम्मेलन किया था। इसमें 178 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में 'कार्यक्रम-21' नाम से एक योजना बनाई गई थी। कार्यक्रम-21 एक बहुत बड़ा दस्तावेज है, जिसमें 21वीं सदी और उसके बाद की पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान और टिकाऊ विकास से जुड़ी बातों पर जोर दिया गया है।
In simple words: कार्यक्रम-21, जून 1992 में ब्राजील में हुए एक संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में बनी एक योजना है। यह पर्यावरण और टिकाऊ विकास की समस्याओं को हल करने का एक बड़ा दस्तावेज है।
🎯 Exam Tip: 'एजेंडा 21' जैसे वैश्विक पर्यावरण समझौतों के स्थान, वर्ष और मुख्य उद्देश्य को याद रखें।
Question 2. प्रधानमन्त्री आवास योजना पर प्रकाश डालिए।
Answer: इस योजना के तहत, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग, बंधुआ मजदूर, ग्रामीण मजदूर और युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाएं या उनके करीबी रिश्तेदार आवास बनाने के लिए मदद पाते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में 75,000 Rs. और मैदानी भागों में 70,000 Rs. प्रति घर दिए जाते हैं। यह योजना मई 1985-86 में शुरू हुई थी और 2016 में इसका नाम बदलकर 'प्रधानमन्त्री आवास योजना' कर दिया गया। इसमें हर कच्चे घर वाले परिवार को शौचालय के साथ 1,48,000 Rs. दिए जाएंगे।
In simple words: प्रधानमन्त्री आवास योजना गरीब परिवारों, विधवाओं और शहीद सैनिकों के रिश्तेदारों को घर बनाने के लिए पैसे देती है। यह 1985-86 में शुरू हुई थी और 2016 में इसका नाम बदला गया।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के लाभार्थियों, राशि और उनके नाम परिवर्तन की तारीखों को ध्यान में रखें।
Question 4. सतत विकास क्या है? बताइये।
Answer: सतत विकास एक ऐसी योजना है जिसमें हम संसाधनों का समझदारी से उपयोग करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उन्हें बचा कर रखते हैं। 'सतत विकास' शब्द का पहली बार इस्तेमाल 1987 में 'ब्रंटलैंड कमीशन' की रिपोर्ट में किया गया था। ब्रंटलैंड ने अपने दस्तावेज 'हमारा साझा भविष्य' में कहा था कि सतत विकास ऐसा विकास है जो आज की पीढ़ी की ज़रूरतों को पूरा करता है, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों की ज़रूरतों को नुकसान पहुँचाए बिना। यह समाज की आज की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी विकास का आधार बनाता है।
In simple words: सतत विकास का मतलब है संसाधनों का इस तरह उपयोग करना कि आज की ज़रूरतें पूरी हों और भविष्य के लिए भी वे बचें। यह शब्द पहली बार 1987 में ब्रंटलैंड रिपोर्ट में इस्तेमाल हुआ था।
🎯 Exam Tip: सतत विकास की परिभाषा में 'वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताएं' जैसे मुख्य शब्दों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. गरीबी उन्मूलन हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Answer: गरीबी एक भौगोलिक और सामाजिक समस्या है। इसका मतलब है विकास की कमी, कम विकास और पिछड़ेपन से। संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य और कृषि संगठन के पहले निदेशक लार्ड बॉयड के अनुसार, जो व्यक्ति हर दिन 2300 कैलोरी से कम उपभोग करता है, वह गरीब माना जाता है। गरीबी हटाने के लिए पहले और अभी चल रहे कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है –
1. स्वरोजगार हेतु ग्रामीण युवक प्रशिक्षण (ट्राइसेम): यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 अगस्त 1979 को शुरू हुआ था। 1 अप्रैल, 1999 को इसे स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना में मिला दिया गया।
2. एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP): यह योजना 1978-79 में शुरू हुई थी और 1 अप्रैल 1999 को इसे स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना में मिला दिया गया। यह योजना गरीब परिवारों को दूध देने वाले पशु खरीदने और छोटे काम करने के लिए अनुदान देती है।
3. जवाहर रोजगार योजना: यह योजना 1989-90 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार उपलब्ध कराना था। 1 अप्रैल 1999 से जवाहर रोजगार योजना में पेयजल के लिए कुओं का निर्माण, स्कूल भवन, दवाखाने, ग्रामीण सड़कें, छोटी सिंचाई और मिट्टी संरक्षण जैसे काम करने का प्रावधान था।
6. प्रधानमन्त्री आवास योजना: यह योजना गरीब परिवारों, विधवाओं, शहीद परिवारों आदि को घर बनाने के लिए अनुदान देती थी।
7. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन: इस कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब ग्रामीण जनता तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना था।
8. गंगा कल्याण योजना: इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को नलकूप या पंपिंग सेट लगाने के लिए आर्थिक मदद और लंबी अवधि के लिए कर्ज दिया जाता है।
9. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम: इसमें वृद्धावस्था पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और राष्ट्रीय मातृ लाभ योजना के तहत अनुदान देने का प्रावधान है।
10. अन्नपूर्णा योजना: इसमें हर महीने वरिष्ठ नागरिकों को अनाज देने की योजना है।
11. अन्त्योदय अन्न योजना: इस योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को 2 Rs. प्रति किलो की दर से 25 किलो गेहूं और 3 Rs. प्रति किलो की दर से चावल उपलब्ध कराया जाता है।
12. स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना: इस योजना के तहत स्वरोजगार करने वालों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे काम शुरू करने की व्यवस्था की जाती है।
13. सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार, खाद्य सुरक्षा और स्थायी सामुदायिक संपत्ति बनाना है।
14. काम के बदले अनाज योजना: यह योजना 14 नवंबर 2004 को देश के 150 सबसे पिछड़े जिलों में शुरू की गई थी। इसमें प्रत्येक गरीब परिवार को साल में 100 दिन का रोजगार देना है। हर दिन की मजदूरी में 5 किग्रा अनाज और नकद राशि दी जाती है। इसके अलावा, मनरेगा जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं जो इच्छुक अकुशल वयस्कों को कम से कम 100 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार देकर आजीविका सुरक्षा बढ़ाते हैं।
In simple words: गरीबी हटाने के लिए कई कार्यक्रम हैं जैसे ट्राइसेम, IRDP, जवाहर रोजगार योजना, प्रधानमन्त्री आवास योजना, स्वास्थ्य मिशन, गंगा कल्याण योजना, अन्नपूर्णा योजना, अन्त्योदय अन्न योजना, स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना, संपूर्ण ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम और काम के बदले अनाज योजना। ये सभी योजनाएँ गरीब लोगों को रोजगार, घर, स्वास्थ्य और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए बनाई गई हैं।
🎯 Exam Tip: निबंधात्मक प्रश्नों में, हर कार्यक्रम के नाम के साथ उसके उद्देश्य और शुरुआत के वर्ष को संक्षेप में स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. भारत में मनरेगा की भूमिका व लक्ष्यों का वर्णन कीजिए।
Answer: मनरेगा कार्यक्रम का उद्देश्य हर उस परिवार को साल में कम से कम 100 दिन का गारंटीशुदा रोजगार देना है जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक काम करने के इच्छुक हैं, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने गांवों में रोजगार सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा कानून बनाया है। अब मनरेगा में काम के दिन 100 से बढ़ाकर 150 दिन प्रतिवर्ष कर दिए गए हैं।
भारत में मनरेगा की भूमिका: मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, जिसके तहत जल संरक्षण, वानिकी (पेड़ लगाना), वृक्षारोपण, भूमि विकास, बाढ़ नियंत्रण, सड़कें बनाना जैसे कार्यक्रम चलाए जाते हैं। मनरेगा कार्यक्रम से कृषि मजदूरों की खरीदने की शक्ति बढ़ी है और इससे निजी क्षेत्रों में भी मजदूरी बढ़ी है। मनरेगा के लिए केंद्रीय बजट 2014-15 में 33,000 करोड़ रुपये और 2012-13 में 30,000 करोड़ रुपये दिए गए थे। 2013-14 में लगभग 4.39 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला था। राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा में औसत मजदूरी 2006-07 में 65 Rs. से बढ़कर 2015 में 181 Rs. हो गई।
भारत में मनरेगा का लक्ष्य: भारत में मनरेगा कार्यक्रम के कुछ मुख्य लक्ष्य नीचे दिए गए हैं –
1. गांवों में रचनात्मक सुविधाएं बनाने वाले कामों में मजदूरी और रोजगार के अवसर देकर ग्रामीण गरीबों की आजीविका सुरक्षित करना।
2. संबंधित क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों को फिर से बढ़ावा देना।
3. उपयोगी ग्रामीण संपत्ति बनाना।
4. ग्रामीण गरीबों को सुरक्षा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
5. महिलाओं को सशक्त बनाना।
6. जमीन स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना।
भारत में संचालित मनरेगा एक ऐसा कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य हर परिवार को, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करना चाहते हैं, एक साल में कम से कम 100 दिनों का गारंटीशुदा (मजदूरी) रोजगार देकर उनकी आजीविका सुरक्षित करना है। भारत दुनिया का पहला देश है जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षित करके गरीबी दूर करने के लिए कानून बनाया है।
भारत में मनरेगा कार्यक्रम से कई बदलाव आए हैं। यह गांवों में गरीबी और बेरोजगारी कम करने में बहुत असरदार रहा है। इस योजना के तहत मजदूरों को गांवों में ही स्थायी संपत्ति जैसे वाटर शेड बनाना, जल संरक्षण, सड़कें, पंचायत घर बनाना, तालाब बनाना, वन संरक्षण और पेड़ लगाना जैसे कामों में लगाया जाता है। इसी तरह, सूखा प्रभावित और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को भी विकास कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है।
डॉ. स्वामीनाथन ने कहा है कि कृषि क्षेत्रों में रोजगार बनाने की संभावनाएं कम हो गई हैं। इसलिए सरकार को कृषि से इतर क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देना चाहिए और कुशल श्रमिकों को वहां रोजगार दिलाना चाहिए। भारत में मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई है। यह सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ-साथ दूरसंचार, चिकित्सा, शिक्षा, मरम्मत के कामों में भी मदद कर रही है।
मनरेगा के वर्तमान मुख्य पहलू: मनरेगा के कुछ मुख्य पहलू नीचे दिए गए हैं –
1. योजना की गतिविधियों को और बढ़ाया गया है ताकि वे और उपयोगी बन सकें।
2. मजदूरी का भुगतान अब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाता है।
3. अधिसूचित सूखा प्रभावित विकास खंडों में हर परिवार को 100 दिनों से अधिक का अतिरिक्त रोजगार दिया जाता है।
4. रोजगार के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए आधार कार्ड और नकद लाभ योजना का उपयोग किया जाता है।
5. मनरेगा को पूर्ण स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया है।
6. मनरेगा के तहत दी जाने वाली मजदूरी को CPI-AL (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि मजदूर) से जोड़ा गया है, जिससे श्रमिकों को महंगाई से बचाया जा सके।
7. सामाजिक ऑडिट की व्यवस्था लागू की गई है।
8. मनरेगा में दी जाने वाली मजदूरी को नकद लाभ अंतरण योजना से जोड़ा गया है।
मनरेगा से एक ओर मजदूरों की आय बढ़ी है जिससे खाद्यान्नों की मांग भी बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर, इससे अन्य रोजगारों में भी मजदूरी बढ़ी है।
In simple words: मनरेगा एक ऐसी योजना है जो ग्रामीण परिवारों को 100-150 दिन का पक्का रोजगार देती है ताकि उनकी कमाई सुनिश्चित हो। इसके मुख्य लक्ष्यों में ग्रामीण गरीबों की आजीविका सुरक्षित करना, प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ावा देना, गांवों में संपत्ति बनाना, महिलाओं को सशक्त करना और स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करना शामिल है।
🎯 Exam Tip: मनरेगा जैसे बड़े कार्यक्रमों के उद्देश्य, भूमिका, प्रमुख विशेषताएं और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को विभिन्न बिंदुओं में प्रस्तुत करें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 2. स्वरोजगार हेतु ग्रामीण युवक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण की निर्धारित आयु है –
(अ) 15 से 20 वर्ष
(ब) 18 से 30 वर्ष
(स) 18 से 35 वर्ष
(द) 20 से 40 वर्ष
Answer: (स) 18 से 35 वर्ष
In simple words: ग्रामीण युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए जो ट्रेनिंग दी जाती है, उसकी उम्र 18 से 35 साल है।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के लिए निर्धारित आयु सीमा या अन्य पात्रता मानदंडों को सटीक रूप से याद करें।
Question 3. निम्न में से कौन-सी योजना है जिसे स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना में समाहित नहीं किया गया हैं?
(अ) स्वरोजगार हेतु ग्रामीण युवक प्रशिक्षण
(ब) एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम
(स) ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों का विकास
(द) जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना
Answer: (द) जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना
In simple words: 'जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना' को स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना में शामिल नहीं किया गया है।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के विलय या समाहित न किए जाने वाले कार्यक्रमों पर आधारित प्रश्नों में, अपवाद को याद रखें।
Question 4. निम्न में से किस योजना में नलकूप/पम्पिंग सेट के लिए अर्थ सहयोग एवं ऋण का प्रावधान है?
(अ) गंगा कल्याण योजना
(ब) राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
(स) अन्नपूर्णा योजना
(द) जल संभरण विकास कार्यक्रम
Answer: (अ) गंगा कल्याण योजना
In simple words: गंगा कल्याण योजना के तहत किसानों को नलकूप या पंपिंग सेट लगाने के लिए आर्थिक मदद और कर्ज मिलता है।
🎯 Exam Tip: विशिष्ट उद्देश्यों (जैसे नलकूप के लिए सहायता) से संबंधित योजनाओं को उनके नाम के साथ याद रखें।
Question 6. मनरेगा की अधिसूचना जारी हुई –
(अ) 1 अप्रैल 2008 को
(ब) 5 सितम्बर 2005 को
(स) 15 नवम्बर 2014 को
(द) 14 सितम्बर 2010 को
Answer: (ब) 5 सितम्बर 2005 को
In simple words: मनरेगा की सूचना 5 सितंबर 2005 को जारी की गई थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अधिनियमों या योजनाओं की आधिकारिक अधिसूचना की तारीखें याद रखना आवश्यक है।
Question 7. मनरेगा जैसी योजना लागू करने वाला विश्व का प्रथम देश है -
(अ) चीन
(ब) जापान
(स) संयुक्त राज्य अमेरिका
(द) भारत
Answer: (द) भारत
In simple words: भारत दुनिया का पहला देश है जिसने मनरेगा जैसी रोजगार गारंटी योजना शुरू की।
🎯 Exam Tip: भारत की प्रमुख योजनाओं की वैश्विक स्थिति या विशिष्टताओं को याद रखें।
Question 8. निम्न में से जो मनरेगा के प्रावधान में शामिल नहीं है, बताइये -
(अ) रोजगार की माँग की तारीख से 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक है।
(ब) योजना के क्रियान्वयन में ठेकदारी प्रथा प्रतिबन्धित है।
(स) आधुनिक मशीनरी के प्रयोग को प्राथमिकता है।
(द) कार्यरत व्यक्ति की मृत्यु पर मुआवजे का प्रावधान है।
Answer: (स) आधुनिक मशीनरी के प्रयोग को प्राथमिकता है।
In simple words: मनरेगा में आधुनिक मशीनरी के उपयोग को प्राथमिकता नहीं दी जाती, बल्कि इंसानों के काम पर जोर दिया जाता है।
🎯 Exam Tip: मनरेगा के नियमों को ध्यान से समझें, खासकर उन बिंदुओं को जो इसके मूल उद्देश्यों से भिन्न हों।
Question 9. मनरेगा में भुगतान की औसत मजदूरी 2015 में रही है –
(अ) Rs.150
(ब) Rs.160
(स) Rs.181
Answer: (स) Rs.181
In simple words: साल 2015 में मनरेगा के तहत दी जाने वाली औसत मजदूरी 181 Rs. थी।
🎯 Exam Tip: सरकारी योजनाओं से संबंधित वित्तीय आंकड़ों (जैसे मजदूरी दर) को सही ढंग से याद करें।
Question 10. सतत विकास के लिए निम्न में कौन-सा शब्द प्रयोग में नहीं आता?
(अ) टिकाऊ विकास
(ब) सम्पोषणीय विकास
(स) संधारणीय विकास
(द) संरक्षणात्मक विकास
Answer: (द) संरक्षणात्मक विकास
In simple words: 'संरक्षणात्मक विकास' शब्द का इस्तेमाल सतत विकास के लिए नहीं किया जाता है, बाकी सभी समानार्थक हैं।
🎯 Exam Tip: सतत विकास के विभिन्न नामों या उससे संबंधित अवधारणाओं को जानें, साथ ही यह भी कि कौन-सा शब्द इससे संबंधित नहीं है।
Question 11. प्रथम पृथ्वी सम्मेलन (1992) आयोजित किया गया –
(अ) रियो-डि-जेनेरो में
(ब) न्यूयार्क में
(स) टोकियो में
(द) जोहान्सबर्ग में
Answer: (अ) रियो-डि-जेनेरो में
In simple words: पहला पृथ्वी सम्मेलन 1992 में ब्राजील के रियो-डि-जेनेरो शहर में हुआ था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के स्थान और वर्ष को याद रखना अक्सर पूछा जाता है।
Question 12. निम्न में से जो जलवायु परिवर्तन के परिणाम हैं, बताइये –
(अ) ऋतु परिवर्तन
(ब) वैश्विक तापमान में वृद्धि
(स) समुद्र स्तर में वृद्धि
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: जलवायु परिवर्तन से मौसम बदलते हैं, दुनिया का तापमान बढ़ता है और समुद्र का स्तर भी ऊपर आता है।
🎯 Exam Tip: जलवायु परिवर्तन के कई परिणाम होते हैं, इसलिए 'ये सभी' जैसे विकल्प को ध्यान से देखें जब सभी विकल्प सही लगें।
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. निर्धनता किसकी परिचायक है?
Answer: निर्धनता, भूख, कुपोषण, कम जीवन स्तर, निराशाजनक अशिक्षा और मानव विकास के बहुत नीचे स्तर को दिखाती है।
In simple words: गरीबी का मतलब है भूख, कुपोषण, खराब जीवन, अशिक्षा और निम्न मानव विकास।
🎯 Exam Tip: निर्धनता की परिभाषा देते समय, उसके प्रमुख लक्षणों को बिंदुवार या एक साथ स्पष्ट करें।
Question 2. आर्थिक विकास का मुख्य लक्ष्य क्या है?
Answer: आर्थिक विकास का मुख्य लक्ष्य गरीबी को पूरी तरह से खत्म करना है।
In simple words: आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य गरीबी को मिटाना है।
🎯 Exam Tip: आर्थिक विकास के प्राथमिक उद्देश्य को स्पष्ट और संक्षिप्त रखें।
Question 3. सामुदायिक विकास कार्यक्रम का लक्ष्य क्या रहा है?
Answer: सामुदायिक विकास कार्यक्रम का लक्ष्य गांवों की पारंपरिक जीवन शैली में सुधार करना और ग्रामीण समाज को समानता और न्याय का अधिकार दिलाना था।
In simple words: सामुदायिक विकास कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों के जीवन में सुधार लाना और गांवों में सभी को बराबरी और न्याय दिलाना था।
🎯 Exam Tip: सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के लक्ष्यों में सामाजिक समानता और जीवन शैली में सुधार जैसे तत्वों पर जोर दें।
Question 4. गरीबी रेखा की अवधारणा कब और किसके द्वारा प्रस्तुत की गयी ?
Answer: संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन के पहले निदेशक, लार्ड बॉयड द्वारा सबसे पहले 1945 में गरीबी रेखा की अवधारणा प्रस्तुत की गई थी।
In simple words: गरीबी रेखा का विचार सबसे पहले लार्ड बॉयड ने 1945 में दिया था, जो संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के निदेशक थे।
🎯 Exam Tip: किसी अवधारणा की शुरुआत से संबंधित प्रश्नों में व्यक्ति और वर्ष दोनों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. निरपेक्ष गरीबी क्या है?
Answer: निरपेक्ष गरीबी वह स्थिति है जब कोई व्यक्ति अपनी सबसे ज़रूरी बुनियादी ज़रूरतें जैसे- खाना, कपड़ा, स्वास्थ्य और मकान भी पूरी नहीं कर पाता।
In simple words: निरपेक्ष गरीबी तब होती है जब कोई व्यक्ति अपनी सबसे जरूरी चीजें जैसे भोजन, कपड़े और घर भी नहीं खरीद पाता।
🎯 Exam Tip: निरपेक्ष गरीबी की परिभाषा में बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति न होने पर जोर दें।
Question 7. सापेक्ष गरीबी क्या है?
Answer: सापेक्ष गरीबी तुलनात्मक होती है। इसकी गणना अंतरराष्ट्रीय या क्षेत्रीय आर्थिक असमानताओं के आधार पर की जाती है।
In simple words: सापेक्ष गरीबी तुलना करके देखी जाती है। यह देशों या क्षेत्रों के बीच धन की असमानता को दिखाती है।
🎯 Exam Tip: सापेक्ष गरीबी को परिभाषित करते समय 'तुलनात्मक' और 'असमानता' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें।
Question 8. गरीबी भौगोलिक आयाम है-कैसे?
Answer: भौगोलिक कारणों से कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं जो पिछड़े रह जाते हैं और दूसरे क्षेत्रों की तुलना में विकास में पीछे होते हैं। इसलिए ऐसे क्षेत्रों में गरीबी स्थायी हो जाती है। इसीलिए गरीबी को भौगोलिक आयाम कहते हैं।
In simple words: कुछ भौगोलिक कारणों से कुछ इलाके गरीब रह जाते हैं और बाकी जगहों से पीछे छूट जाते हैं, इसलिए गरीबी एक भौगोलिक आयाम है।
🎯 Exam Tip: भौगोलिक आयाम का अर्थ बताते समय क्षेत्र विशेष में गरीबी के कारणों और उसके स्थायी प्रभाव को स्पष्ट करें।
Question 9. गरीबी सामाजिक आयाम है-कैसे?
Answer: गरीबी का संबंध समाज के कुछ खास समूहों से होता है, जो शुरुआत से लेकर आज तक उसी स्थिति में रहते हैं। इसलिए गरीबी को सामाजिक आयाम कहते हैं।
In simple words: गरीबी का संबंध समाज के कुछ खास समूहों से है जो हमेशा गरीब रहते हैं, इसलिए इसे सामाजिक आयाम कहते हैं।
🎯 Exam Tip: सामाजिक आयाम को समझाते समय समाज के विशिष्ट समूहों पर गरीबी के प्रभाव को उजागर करें।
Question 10. भारत में गरीबी मापने के दो प्रमुख आधार क्या हैं?
Answer: भारत में गरीबी मापने के दो मुख्य आधार नीचे दिए गए हैं –
1. न्यूनतम कैलोरी उपभोग।
2. प्रति व्यक्ति प्रतिमाह व्यय।
In simple words: भारत में गरीबी को मापने के लिए दो मुख्य चीजें देखी जाती हैं: एक व्यक्ति कितनी कैलोरी खाता है और वह हर महीने कितना पैसा खर्च करता है।
🎯 Exam Tip: गरीबी मापने के आधारों को स्पष्ट और बिंदुवार लिखें।
Question 12. तेन्दुलकर समिति के गरीबी के विषय में क्या विचार थे?
Answer: तेन्दुलकर समिति ने बताया कि न्यूनतम उपभोग व्यय के आधार पर (2011-12 के अनुसार), यदि कोई व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन Rs. 27 और शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन Rs. 33 से कम खर्च करता है, तो उसे गरीब नहीं माना जाएगा. यह खर्च गरीबी रेखा तय करता है.
In simple words: तेन्दुलकर समिति ने एक नियम बनाया कि कितना पैसा खर्च करने पर कोई व्यक्ति गरीब नहीं कहलाएगा. यह नियम गाँवों और शहरों के लिए अलग-अलग था.
🎯 Exam Tip: जब भी किसी समिति के विचारों या रिपोर्ट का उल्लेख करें, तो उसकी मुख्य बात (जैसे उपभोग व्यय या किसी आंकड़े) को स्पष्ट रूप से बताएं.
Question 13. तेन्दुलकर समिति के अनुसार भारत में कितनी जनसंख्या बीपीएल वर्ग में है?
Answer: तेन्दुलकर समिति के अनुसार 2011 में भारत की कुल 26.9 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) थी. इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 21.65 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.28 प्रतिशत जनसंख्या शामिल थी.
In simple words: तेन्दुलकर समिति के हिसाब से, 2011 में भारत के लगभग 27% लोग गरीब थे. इनमें से ज़्यादातर लोग गाँवों में रहते थे.
🎯 Exam Tip: आंकड़े (जैसे प्रतिशत) हमेशा सही और स्पष्ट होने चाहिए. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़े अलग-अलग बताएं यदि उपलब्ध हों.
Question 14. रंगराजन समिति के अनुसार भारत में कितनी जनसंख्या बीपीएल वर्ग में है?
Answer: रंगराजन समिति के अनुसार भारत की कुल 36.30 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) थी. इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 26.05 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 10.25 प्रतिशत जनसंख्या शामिल थी.
In simple words: रंगराजन समिति के अनुसार, भारत में लगभग 36% लोग गरीब थे. इस समिति के आंकड़े तेन्दुलकर समिति से थोड़े अलग थे.
🎯 Exam Tip: विभिन्न समितियों के आंकड़ों की तुलना करते समय, यह ध्यान रखें कि उन्होंने गरीबी को मापने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया होगा. सटीक प्रतिशत याद रखें.
Question 15. गरीबी उन्मूलन रोजगार कार्यक्रमों के नाम लिखिए।
Answer: गरीबी को खत्म करने वाले मुख्य रोजगार कार्यक्रम हैं: स्वरोजगार हेतु ग्रामीण युवक प्रशिक्षण (TRYSEM), एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP), जवाहर रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों का विकास (DwCRA), जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, गंगा कल्याण योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम और अन्नपूर्णा योजना.
In simple words: गरीबी हटाने के लिए कई सरकारी योजनाएं हैं जैसे TRYSEM, IRDP, जवाहर रोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्नपूर्णा योजना. ये सभी लोगों को काम देने और मदद करने के लिए बनाई गई हैं.
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण योजनाओं के पूरे नाम और उनके मुख्य उद्देश्यों को याद रखें, क्योंकि ये अक्सर सीधे सवाल के रूप में पूछे जाते हैं.
Question 16. ट्राइसेम में किन क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है?
Answer: ट्राइसेम (ग्रामीण युवाओं के स्वरोजगार प्रशिक्षण) कार्यक्रम में कृषि और उससे जुड़े काम, उद्योग, सेवाएं और व्यापार जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है. यह कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को अपना काम शुरू करने में मदद करता है.
In simple words: ट्राइसेम योजना में गाँवों के नौजवानों को खेती, छोटे उद्योग, दुकानदारी और सेवाओं जैसे कामों की ट्रेनिंग मिलती है, ताकि वे अपना खुद का काम शुरू कर सकें.
🎯 Exam Tip: ट्राइसेम के तहत दिए जाने वाले प्रशिक्षण के प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय, मुख्य क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, सेवा, व्यापार) को शामिल करना सुनिश्चित करें.
Question 17. एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम में किन मदों में अनुदान की व्यवस्था थी?
Answer: एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP) में गरीब परिवारों को दूध देने वाले पशु खरीदने और छोटे-मोटे काम शुरू करने के लिए आर्थिक मदद (अनुदान) दी जाती थी. इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण गरीबों की आय बढ़ाना था.
In simple words: IRDP में गरीब परिवारों को गाय-भैंस खरीदने और छोटे काम शुरू करने के लिए पैसे दिए जाते थे.
🎯 Exam Tip: IRDP जैसी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों को विशिष्ट उदाहरणों (जैसे पशुधन या लघु कार्य) के साथ बताएं.
Question 18. जवाहर रोजगार योजना में क्या प्रावधान थे?
Answer: जवाहर रोजगार योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काम देने के लिए कई तरह के काम कराए जाते थे. इनमें पीने के पानी के लिए कुएँ बनाना, स्कूल भवन, दवाखाने, ग्रामीण सड़कें, छोटी सिंचाई के काम और ज़मीन बचाने वाले काम शामिल थे.
In simple words: जवाहर रोजगार योजना में गाँव के लोगों को पानी के कुएँ, स्कूल, सड़कें बनाने और सिंचाई जैसे काम दिए जाते थे.
🎯 Exam Tip: रोजगार योजनाओं के तहत किए जाने वाले प्रमुख कार्यों की सूची बनाएं, यह दिखाते हुए कि कैसे वे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आजीविका में सुधार करते हैं.
Question 19. जवाहर रोजगार योजना में पूर्व संचालित किन कार्यक्रमों का विलय किया गया था?
Answer: जवाहर रोजगार योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने के लिए पहले से चल रहे दो कार्यक्रमों को मिला दिया गया था. ये कार्यक्रम थे: 1. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम, और 2. ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारण्टी कार्यक्रम.
In simple words: जवाहर रोजगार योजना ने दो पुरानी योजनाओं को एक साथ जोड़ दिया था – राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम और ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारण्टी कार्यक्रम.
🎯 Exam Tip: विलय की गई योजनाओं के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह योजनाओं के विकास और एकीकरण को दर्शाता है.
Question 20. जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना किसके सहयोग से कब संचालित की गयी?
Answer: जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना विश्व बैंक की मदद से 22 जुलाई 2000 को शुरू की गई थी. इस परियोजना का लक्ष्य जिलों में गरीबी कम करना था.
In simple words: विश्व बैंक की मदद से 22 जुलाई 2000 को जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना शुरू हुई थी.
🎯 Exam Tip: परियोजनाओं के शुरू होने की तारीख और सहयोगी संस्था (जैसे विश्व बैंक) का उल्लेख करना सुनिश्चित करें.
Question 21. गंगा कल्याण योजना के प्रमुख प्रावधान क्या थे?
Answer: गंगा कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले छोटे और सीमांत किसानों को नलकूप या पम्पिंग सेट लगाने के लिए आर्थिक मदद और ऋण देना था. इस योजना में 50 प्रतिशत सहायता अनुसूचित जातियों/जनजातियों के लिए थी.
In simple words: गंगा कल्याण योजना गरीब किसानों को अपने खेतों में पानी लगाने के लिए नलकूप और पम्प खरीदने में मदद करती थी. अनुसूचित जातियों और जनजातियों को ज़्यादा मदद मिलती थी.
🎯 Exam Tip: योजना के लक्ष्य समूह (छोटे और सीमांत किसान) और विशिष्ट लाभ (सब्सिडी/ऋण) को स्पष्ट रूप से बताएं.
Question 22. अन्नपूर्णा योजना क्या है? बताइये।
Answer: अन्नपूर्णा योजना 1 अप्रैल 2001 को शुरू हुई थी. इस योजना में 65 साल से ज़्यादा उम्र के गरीब वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 10 किलो अनाज मुफ्त देने का प्रावधान था.
In simple words: अन्नपूर्णा योजना 1 अप्रैल 2001 से शुरू हुई, जिसमें 65 साल से ज़्यादा उम्र के गरीब बुजुर्गों को हर महीने 10 किलो अनाज मिलता था.
🎯 Exam Tip: योजना की शुरुआत की तारीख, लक्ष्य समूह (वरिष्ठ नागरिक) और मुख्य लाभ (मुफ्त अनाज) को सटीक रूप से याद रखें.
Question 23. अन्त्योदय अन्न योजना के प्रावधान बताइये।
Answer: अन्त्योदय अन्न योजना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों को बहुत कम दामों पर अनाज दिया जाता था. इसमें 2 रुपये प्रति किलो की दर से 25 किलो गेहूँ और 3 रुपये प्रति किलो की दर से चावल उपलब्ध कराया जाता था.
In simple words: अन्त्योदय अन्न योजना के तहत, गरीब परिवारों को बहुत सस्ते में गेहूँ (Rs. 2 प्रति किलो) और चावल (Rs. 3 प्रति किलो) मिलता था.
🎯 Exam Tip: अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रदान किए गए विशिष्ट अनाज के प्रकार, मात्रा और दर को सूचीबद्ध करें.
Question 24. स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना किन योजनाओं का संयुक्त रूप है?
Answer: स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) कई पुरानी योजनाओं को मिलाकर बनाई गई थी. इसमें एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP), ग्रामीण युवाओं के स्वरोजगार प्रशिक्षण (TRYSEM), ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों का विकास (DwCRA), ग्रामीण कारीगरों को बेहतर उपकरण (SITRA), गंगा कल्याण योजना (GKY) और दस लाख कुओं की योजना (MWS) शामिल थीं.
In simple words: स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना कई पुरानी योजनाओं को जोड़कर बनाई गई थी, ताकि गाँवों में लोगों को अपना काम शुरू करने में मदद मिल सके.
🎯 Exam Tip: उन सभी योजनाओं के नाम याद रखें जिन्हें स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना में मिलाया गया था. यह अक्सर एक सूची के रूप में पूछा जाता है.
Question 25. सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में कौन सी योजनाएँ सम्मिलित हैं ?
Answer: सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (SGRY) में दो मुख्य योजनाएं शामिल थीं: 1. रोजगार गारण्टी योजना, और 2. जवाहर ग्राम समृद्धि योजना.
In simple words: सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में रोजगार गारण्टी योजना और जवाहर ग्राम समृद्धि योजना को जोड़ा गया था.
🎯 Exam Tip: जब योजनाओं के विलय के बारे में पूछा जाए, तो विलय की गई सभी योजनाओं के नाम याद रखें.
Question 26. सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के कोई तीन उद्देश्य बताइये।
Answer: सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तीन मुख्य उद्देश्य थे: 1. ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना, 2. लोगों के लिए भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और 3. गाँवों में टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियां बनाना.
In simple words: इस योजना का मकसद गाँवों में ज़्यादा काम देना, लोगों को खाना दिलाना और गाँव के लिए अच्छी चीजें (जैसे सड़कें) बनाना था.
🎯 Exam Tip: योजनाओं के उद्देश्यों को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से बताएं, महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें.
Question 27. काम के बदले अनाज योजना के क्षेत्रों का चयन किसके द्वारा किया गया है?
Answer: काम के बदले अनाज योजना के लिए उन क्षेत्रों को केंद्र और राज्य सरकारों की सलाह पर योजना आयोग द्वारा चुना गया था. यह उन क्षेत्रों पर केंद्रित था जहाँ भोजन की कमी और बेरोजगारी ज़्यादा थी.
In simple words: काम के बदले अनाज योजना के लिए जगहें केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर चुनी थीं, और योजना आयोग ने सलाह दी थी.
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि योजना के क्षेत्रों का चयन में कौन-कौन से निकाय (सरकार, योजना आयोग) शामिल थे.
Question 28. प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना क्या है?
Answer: प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना 25 दिसम्बर 2000 को शुरू हुई थी. इसका मुख्य लक्ष्य 500 से ज़्यादा आबादी वाले हर गाँव (पहाड़ी, रेगिस्तानी और आदिवासी इलाकों में 250 से ज़्यादा आबादी वाले) को पक्की सड़कों से जोड़ना था. इसका उद्देश्य ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था.
In simple words: प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना 25 दिसम्बर 2000 को शुरू हुई थी. इसका मकसद गाँवों को अच्छी सड़कों से जोड़ना था, ताकि गाँव के लोग आसानी से आ-जा सकें.
🎯 Exam Tip: योजना की शुरुआत की तारीख, लक्ष्य और उद्देश्य (ग्रामीण कनेक्टिविटी) को संक्षेप में बताएं.
Question 30. जल संभरण कार्यक्रम किस प्रकार संचालित होता है?
Answer: जल संभरण कार्यक्रम को 'हरियाली निर्देश' के तहत ग्राम पंचायतें, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से लागू करती हैं. यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देता है.
In simple words: जल संभरण कार्यक्रम गाँव की पंचायतें चलाती हैं. वे 'हरियाली निर्देश' के हिसाब से पानी बचाने और इस्तेमाल करने के काम करती हैं.
🎯 Exam Tip: इस बात पर ध्यान दें कि यह कार्यक्रम किस स्तर पर और किस एजेंसी के माध्यम से चलाया जाता है.
Question 31. जल संभर प्रबन्धन क्या है? बताइये।
Answer: जल संभर प्रबंधन का मतलब है ज़मीन और भूजल संसाधनों का अच्छे से इस्तेमाल करना. इसमें सभी प्राकृतिक संसाधनों को बचाना, उनका दोबारा उपयोग करना और सही तरीके से इस्तेमाल करना शामिल है. इसका मुख्य लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों और समाज के बीच एक संतुलन बनाना है.
In simple words: जल संभर प्रबंधन का मतलब है ज़मीन और ज़मीन के नीचे के पानी का सही तरीके से इस्तेमाल और उसे बचाना, ताकि प्रकृति और इंसान दोनों को फायदा हो.
🎯 Exam Tip: जल संभर प्रबंधन की परिभाषा में संसाधनों के संरक्षण, पुनरुत्पादन और विवेकपूर्ण उपयोग जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें.
Question 32. हरियाली परियोजना क्या है?
Answer: हरियाली परियोजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली जल संभर विकास परियोजना है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गाँवों के लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है. यह पीने के पानी, सिंचाई, मछली पालन और पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद करती है.
In simple words: हरियाली परियोजना सरकार की एक योजना है जो गाँवों के लोगों को पानी बचाने के लिए सिखाती है. इसका मकसद पीने, खेती और बाकी कामों के लिए पर्याप्त पानी दिलाना है.
🎯 Exam Tip: हरियाली परियोजना के दो मुख्य पहलुओं - जागरूकता और जल आपूर्ति - को उजागर करें.
Question 33. बीस सूत्री कार्यक्रम कब लागू किया गया? इसके उद्देश्य बताइये।
Answer: बीस सूत्री कार्यक्रम की घोषणा 1975 में की गई थी. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के गरीब और पिछड़े लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना था. इसमें गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक न्याय जैसे कई बिंदु शामिल थे.
In simple words: बीस सूत्री कार्यक्रम 1975 में शुरू हुआ था. इसका मकसद देश के गरीब और पिछड़े लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाना था.
🎯 Exam Tip: कार्यक्रम की शुरुआत की तारीख और उसके व्यापक उद्देश्य (जीवन स्तर में सुधार) को याद रखें.
Question 34. प्रधानमन्त्री जन-धन योजना के तीन प्रावधान बताइये।
Answer: प्रधानमन्त्री जन-धन योजना में गरीब परिवारों के लिए तीन मुख्य प्रावधान थे: 1. सभी गरीब परिवारों को बैंक खाते खुलवाना, 2. उन्हें एक डेबिट कार्ड (रूपे कार्ड) देना, और 3. बैंक खातों के साथ बीमा और ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना.
In simple words: जन-धन योजना में गरीब लोगों के बैंक खाते खुलवाना, उन्हें एटीएम कार्ड देना और बीमा जैसी सुविधाएँ देना शामिल था.
🎯 Exam Tip: जन-धन योजना के प्रमुख प्रावधानों को सूचीबद्ध करें, जैसे कि बैंक खाते, डेबिट कार्ड और वित्तीय समावेशन के अन्य पहलू.
Question 35. मनरेगा में कौन-कौन से कार्य किये जाते हैं?
Answer: मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम) के तहत गाँवों में कई तरह के काम कराए जाते हैं. इनमें सड़क बनाना, बाढ़ रोकना और ज़मीन बचाना, ज़मीन को विकसित करना, पुराने पानी के स्रोतों को ठीक करना, छोटी सिंचाई के काम, सूखे से निपटने के काम, जल संरक्षण और जल संभरण से जुड़े काम शामिल हैं.
In simple words: मनरेगा में गाँव में सड़कें बनाने, पानी बचाने, ज़मीन सुधारने और बाढ़ रोकने जैसे कई काम किए जाते हैं.
🎯 Exam Tip: मनरेगा के तहत किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कार्यों को उदाहरणों के साथ बताएं, यह दिखाते हुए कि यह कैसे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक संसाधनों में सुधार करता है.
Question 36. मनरेगा में रोजगार देने में वरीयता क्रम में किसे रखा गया है?
Answer: मनरेगा में रोजगार देने में कुछ खास वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है. इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं (कम से कम एक-तिहाई) और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों को पहले काम दिया जाता है.
In simple words: मनरेगा में काम देने में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और गरीब परिवारों को पहले मौका मिलता है.
🎯 Exam Tip: मनरेगा के तहत रोजगार देने में प्राथमिकता वाले समूहों को याद रखें, खासकर महिलाओं के लिए निर्धारित कोटा (एक-तिहाई) पर ध्यान दें.
Question 37. मनरेगा में किन योजनाओं का सन्निवेशन किया गया है?
Answer: मनरेगा में दो मुख्य योजनाओं को शामिल किया गया था: 1. सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना, और 2. राष्ट्रीय काम के बदले अनाज कार्यक्रम. इन योजनाओं को मिलाकर मनरेगा को और मज़बूत बनाया गया.
In simple words: मनरेगा में सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना और काम के बदले अनाज कार्यक्रम को जोड़ दिया गया था.
🎯 Exam Tip: मनरेगा में विलय की गई योजनाओं के नाम याद रखें, जो अक्सर भ्रमित करने वाले हो सकते हैं.
Question 38. मनरेगा अधिनियम के दो महत्वपूर्ण पहलू क्या हैं?
Answer: मनरेगा अधिनियम के दो मुख्य पहलू हैं: 1. हर जिले में अगले पाँच सालों के लिए काम की योजना बनाई जाती है, 2. कार्यक्रमों को लागू करने, हाजिरी-रजिस्टर, संपत्तियों का रिकॉर्ड रखने, शिकायतों का निपटारा करने और निगरानी रखने की व्यवस्था की जाती है.
In simple words: मनरेगा में हर जिले के लिए 5 साल की काम की योजना बनती है, और काम की निगरानी, रिकॉर्ड रखने और शिकायतें सुनने का खास इंतज़ाम होता है.
🎯 Exam Tip: अधिनियम के संगठनात्मक और जवाबदेही पहलुओं पर ध्यान दें.
Question 39. मनरेगा में कार्य के दौरान कौन-कौन सी सेवाएँ उपलब्ध करायी जाती हैं?
Answer: मनरेगा में काम के दौरान श्रमिकों को कुछ ज़रूरी सुविधाएँ दी जाती हैं. इनमें तुरंत प्राथमिक उपचार, पीने का पानी, धूप से बचने के लिए शेड और बच्चों के लिए झूलाघर (क्रेच) की व्यवस्था शामिल है. यह सुनिश्चित करता है कि श्रमिक सुरक्षित और आरामदायक माहौल में काम कर सकें.
In simple words: मनरेगा के काम के दौरान मजदूरों को चोट लगने पर इलाज, पीने का पानी, धूप से बचाव के लिए छाँव और छोटे बच्चों के लिए झूलाघर जैसी सुविधाएँ मिलती हैं.
🎯 Exam Tip: कार्यस्थल पर प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं को सूचीबद्ध करें, जैसे कि स्वास्थ्य, सुरक्षा और बाल देखभाल.
Question 41. मनरेगा में केन्द्र सरकार की वित्तीय भूमिका क्या रहती है?
Answer: मनरेगा में केंद्र सरकार की वित्तीय भूमिका यह है कि वह अकुशल मजदूरों की पूरी मजदूरी, सामग्री की लागत का तीन-चौथाई हिस्सा और प्रशासनिक खर्चों के लिए कुल लागत का तय किया गया प्रतिशत उपलब्ध कराती है. इससे योजना के लिए आवश्यक धन सुनिश्चित होता है.
In simple words: मनरेगा में केंद्र सरकार मजदूरों की पूरी मजदूरी देती है, सामान के खर्च का तीन-चौथाई हिस्सा देती है, और कुछ प्रशासनिक खर्च भी उठाती है.
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले विशिष्ट वित्तीय घटकों (मजदूरी, सामग्री, प्रशासनिक) को याद रखें.
Question 42. मनरेगा में राज्य सरकार की क्या वित्तीय भूमिका है?
Answer: मनरेगा में राज्य सरकार की वित्तीय भूमिका यह है कि वह बेरोजगारी भत्ता, सामग्री लागत का एक-चौथाई हिस्सा और राज्य परिषद् के प्रशासनिक खर्चों के लिए धन उपलब्ध कराती है. यह सुनिश्चित करता है कि राज्य स्तर पर योजना का सुचारु संचालन हो सके.
In simple words: मनरेगा में राज्य सरकार बेरोजगारी भत्ता देती है, सामान के खर्च का एक-चौथाई हिस्सा देती है, और राज्य परिषद् के चलाने का खर्च भी उठाती है.
🎯 Exam Tip: राज्य सरकार की वित्तीय जिम्मेदारियों (बेरोजगारी भत्ता, सामग्री लागत का हिस्सा, प्रशासनिक खर्च) को केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों से अलग करें.
Question 43. मनरेगा के सम्बन्ध में डॉ. स्वामीनाथनं ने क्या कहा है?
Answer: मनरेगा के संबंध में डॉ. स्वामीनाथन ने कहा था कि, "कृषि के क्षेत्र में रोजगार पैदा होने की संभावनाएँ कम हो गई हैं. इसलिए सरकार को गैर-कृषि क्षेत्रों को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए और कुशल श्रमिकों को वहाँ काम पर लगाना चाहिए." यह दिखाता है कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के महत्व पर ज़ोर दे रहे थे.
In simple words: डॉ. स्वामीनाथन ने कहा था कि खेती में काम कम हो रहा है, इसलिए सरकार को खेती के अलावा दूसरे कामों में मजदूरों को रोजगार देने पर ध्यान देना चाहिए.
🎯 Exam Tip: डॉ. स्वामीनाथन के उद्धरण को सटीक रूप से प्रस्तुत करें और उसके मुख्य संदेश को उजागर करें.
Question 44. कार्यक्रम – 21 (Agenda – 21) कब प्रस्तुत किया गया?
Answer: कार्यक्रम – 21 (एजेंडा – 21) को 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो में हुए पहले पृथ्वी सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया था. यह टिकाऊ विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना थी.
In simple words: एजेंडा – 21 को 1992 में रियो डी जनेरियो में हुए पहले पृथ्वी सम्मेलन में दुनिया के सामने रखा गया था.
🎯 Exam Tip: एजेंडा-21 के प्रस्तुतीकरण की तारीख और स्थान (रियो सम्मेलन, 1992) को याद रखें.
Question 45. कार्यक्रम – 21 में प्रथम निर्देशक सिद्धान्त क्या है?
Answer: कार्यक्रम – 21 का पहला निर्देशक सिद्धांत कहता है: "टिकाऊ विकास के केंद्र में मानव वर्ग होते हैं, जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाते हैं." इसमें आगे कहा गया है, "पर्यावरण सुरक्षा विकास का एक अभिन्न अंग है, और शांति विकास एवं पर्यावरणीय सुरक्षा एक-दूसरे पर निर्भर और अविभाज्य हैं."
In simple words: एजेंडा – 21 का पहला नियम कहता है कि इंसान टिकाऊ विकास के केंद्र में हैं, और पर्यावरण की सुरक्षा और शांति विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.
🎯 Exam Tip: एजेंडा-21 के पहले सिद्धांत के मूल संदेश को याद रखें, जिसमें मानव-केंद्रित दृष्टिकोण और पर्यावरण-शांति संबंध पर जोर दिया गया है.
Question 47. विद्युत उत्पादन के कौन वैकल्पिक स्रोत हो सकते हैं?
Answer: बिजली बनाने के लिए कई वैकल्पिक स्रोत हो सकते हैं, जैसे पनबिजली (पानी से बिजली), सौर ऊर्जा (सूरज से बिजली), भूतापीय ऊर्जा (पृथ्वी की गर्मी से बिजली) और बायोमास (जैविक पदार्थों से बिजली). इन स्रोतों का उपयोग पर्यावरण को कम नुकसान पहुँचाता है.
In simple words: बिजली बनाने के लिए हम पानी, सूरज, पृथ्वी की गर्मी और कचरे जैसे प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
🎯 Exam Tip: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उदाहरणों की सूची बनाएं जो पर्यावरण के अनुकूल हैं.
Question 48. भारत ने आई एन डी सी के माध्यम से अपना क्या संकल्प व्यक्त किया है?
Answer: भारत ने आई.एन.डी.सी. (इन्टेंडेड नेशनली डिटरमाइंड कॉन्ट्रिब्यूशन्स) के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि वह जलवायु परिवर्तन की समस्या का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका समाधान करने वाला देश होगा. इसका मतलब है कि भारत पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
In simple words: भारत ने आई.एन.डी.सी. के ज़रिए कहा है कि वह जलवायु परिवर्तन की समस्या को बढ़ाने की बजाय, उसे सुलझाने में मदद करेगा.
🎯 Exam Tip: भारत के जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धता के मुख्य संदेश को याद रखें, जो समस्या का समाधानकर्ता बनने पर केंद्रित है.
Question 49. संसाधनों के सम्बन्ध में महात्मा गाँधी का क्या कथन है?
Answer: महात्मा गाँधी ने संसाधनों के बारे में कहा था, "धरती पर सभी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन किसी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं." यह कथन संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण और संयमित उपयोग के महत्व पर ज़ोर देता है.
In simple words: महात्मा गाँधी ने कहा था कि धरती पर सभी के लिए काफी साधन हैं, लेकिन किसी एक इंसान के लालच को पूरा करने के लिए नहीं.
🎯 Exam Tip: महात्मा गांधी के इस प्रसिद्ध कथन को सटीक रूप से उद्धृत करें, क्योंकि यह पर्यावरण नैतिकता में एक महत्वपूर्ण बिंदु है.
Question 50. सतत् विकास के लिए कोई तीन उपाय सुझाइये।
Answer: सतत् विकास के लिए तीन मुख्य उपाय हैं: 1. पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का विकास और उनका उपयोग करना, 2. पर्यावरण संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने के लिए विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना, और 3. पर्यावरण कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी को प्राथमिकता देना.
In simple words: टिकाऊ विकास के लिए हमें पर्यावरण के लिए अच्छी तकनीकें अपनानी चाहिए, पर्यावरण को बचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटना चाहिए, और लोगों को पर्यावरण के कामों में शामिल करना चाहिए.
🎯 Exam Tip: सतत विकास के लिए व्यावहारिक और कार्योन्मुख समाधानों पर ध्यान दें, जैसे प्रौद्योगिकी, विकेंद्रीकरण और जनभागीदारी.
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)
Question 1. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों का विकास (DwCRA) कार्यक्रम क्या है?
Answer: ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों का विकास (DwCRA) कार्यक्रम 1982 में शुरू किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके बच्चों के विकास को बढ़ावा देना था. यह कार्यक्रम महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को संगठित करके उन्हें आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करता था.
In simple words: DwCRA एक योजना थी जो 1982 में शुरू हुई थी. इसका मकसद गाँवों की औरतों और बच्चों को बेहतर बनाना था, खासकर औरतों को अपना काम शुरू करने में मदद करना.
🎯 Exam Tip: DwCRA कार्यक्रम का उद्देश्य, लक्ष्य समूह (महिलाएं और बच्चे) और मुख्य गतिविधियाँ (स्वयं सहायता समूह, प्रशिक्षण) को स्पष्ट करें.
Question 2. जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना किस प्रकार संचालित होती है?
Answer: जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की मदद से चलाई जाती है. इसमें ग्रामीण गरीबों को इन संगठनों से जोड़कर उनकी क्षमताओं को बढ़ाया जाता है और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया जाता है. इस परियोजना के तहत 'कॉमन इंटरेस्ट ग्रुप' बनाकर काम किया जाता है और सामुदायिक बुनियादी ढाँचा, भूमि से जुड़े काम, सामाजिक सेवाएँ और आय बढ़ाने वाले काम किए जाते हैं.
In simple words: जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना NGOs की मदद से चलती है. यह गरीब लोगों को ग्रुप बनाकर काम करने में मदद करती है, ताकि वे अपनी ज़िंदगी बेहतर बना सकें और पैसे कमा सकें.
🎯 Exam Tip: परियोजना के संचालन में NGOs की भूमिका, 'कॉमन इंटरेस्ट ग्रुप' की अवधारणा और शामिल गतिविधियों पर प्रकाश डालें.
Question 3. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्य बताइए।
Answer: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) देश के गरीब ग्रामीण लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए शुरू किया गया था. इसके मुख्य उद्देश्य हैं: 1. ग्रामीण समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ देना, 2. शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को कम करना, और 3. जनसंख्या को स्थिर करना और लिंग व जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखना.
In simple words: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का मकसद गाँवों में गरीब लोगों, खासकर औरतों और बच्चों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ देना, बच्चों और माताओं की मौत कम करना और जनसंख्या को सही रखना था.
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट और संक्षेप में सूचीबद्ध करें, विशेषकर कमजोर वर्गों पर इसके फोकस पर ध्यान दें.
Question 4. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के क्या प्रावधान हैं?
Answer: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) 15 अगस्त 1995 को शुरू किया गया था. इसके कुछ मुख्य प्रावधान हैं: 1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 65 वर्ष या उससे ज़्यादा उम्र के बुजुर्गों को प्रतिमाह Rs. 700 (और 60 वर्ष तक Rs. 500) पेंशन देना, 2. राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में परिवार के मुखिया की मौत पर परिवार को Rs. 30,000 देना, और 3. राष्ट्रीय मातृ लाभ योजना में गरीबी रेखा से नीचे की 19 साल से ज़्यादा उम्र की गर्भवती महिलाओं को Rs. 1,400 देना, साथ ही राजश्री योजना में बालिकाओं की शिक्षा के लिए Rs. 50,000 का प्रावधान.
In simple words: यह कार्यक्रम 1995 में शुरू हुआ था. इसमें बुजुर्गों को पेंशन, परिवार के मुखिया की मौत पर मदद और गर्भवती महिलाओं व बालिकाओं को आर्थिक सहायता मिलती थी.
🎯 Exam Tip: NSAP के तहत विभिन्न पेंशन और लाभ योजनाओं को सूचीबद्ध करें, साथ ही उनकी पात्रता मानदंड और राशि का उल्लेख करें.
Question 5. स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना की कार्य प्रणाली क्या है?
Answer: स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) का उद्देश्य स्वरोजगार करने वाले लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना और उनकी आय बढ़ाना था. इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-मोटे काम शुरू करने की व्यवस्था की गई थी. इस योजना में समूह के आधार पर स्वरोजगार को सबसे ज़्यादा बढ़ावा दिया जाता था और सब्सिडी भी दी जाती थी. इससे अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को खास फायदा होता था.
In simple words: SGSY योजना गरीब लोगों को अपना काम शुरू करने में मदद करती थी, ताकि वे ज़्यादा पैसे कमा सकें. इसमें ग्रुप बनाकर काम करने और आर्थिक मदद देने पर ज़ोर दिया जाता था.
🎯 Exam Tip: SGSY की कार्यप्रणाली में समूह-आधारित दृष्टिकोण, सब्सिडी और लक्ष्य समूह (अनुसूचित जाति/जनजाति) पर इसके फोकस को उजागर करें.
Question 7. मनरेगा की वर्तमान उपलब्धियाँ क्या हैं ?
Answer: मनरेगा की वर्तमान उपलब्धियाँ काफी महत्वपूर्ण हैं. वर्ष 2014-15 में 48 हज़ार करोड़ लोगों ने 100 दिनों का काम पूरा किया. इसमें महिलाओं की भागीदारी 55.26 प्रतिशत थी. अनुसूचित जनजाति के परिवारों को 17.74 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के परिवारों को 22.28 प्रतिशत रोजगार मिला. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा का एक बड़ा स्रोत बन गई है.
In simple words: मनरेगा ने बहुत से लोगों को काम दिया, खासकर महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों को. इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को कमाई करने का अच्छा मौका मिला.
🎯 Exam Tip: मनरेगा की उपलब्धियों को आंकड़ों के साथ बताएं, विशेषकर लाभार्थियों की संख्या और महिलाओं की भागीदारी पर ध्यान दें.
Question 8. मनरेगा में वित्तीय व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
Answer: मनरेगा में वित्तीय व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बंटी हुई है. केंद्र सरकार अकुशल मजदूरों की पूरी मजदूरी, सामग्री लागत का तीन-चौथाई और प्रशासनिक खर्चों का एक तय प्रतिशत देती है. राज्य सरकार बेरोजगारी भत्ता, सामग्री लागत का एक-चौथाई हिस्सा और राज्य परिषद् के प्रशासनिक खर्चों का प्रावधान करती है. यह साझेदारी योजना के सफल संचालन के लिए ज़रूरी है.
In simple words: मनरेगा के लिए पैसों का इंतज़ाम केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर करती हैं. केंद्र सरकार मजदूरों की ज़्यादातर मजदूरी और सामग्री का खर्च उठाती है, जबकि राज्य सरकार बचा हुआ हिस्सा और बेरोजगारी भत्ता देती है.
🎯 Exam Tip: केंद्र और राज्य सरकारों की विशिष्ट वित्तीय भूमिकाओं को अलग-अलग बताएं ताकि स्पष्टता बनी रहे.
Question 9. सतत विकास की संकल्पना को स्पष्ट कीजिए।
Answer: सतत विकास एक ऐसी सोच है जो पर्यावरण और संसाधनों को बचाने के साथ-साथ उनके विकास और वृद्धि पर ज़ोर देती है. इसका मतलब यह नहीं है कि मानव और पर्यावरण के बीच सब कुछ स्थिर रहे, बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो मानव समाज की आज की ज़रूरतों को पूरा करती है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संसाधनों, पूंजी और तकनीक को संतुलित रखती है. यह विकास की गुणवत्ता बढ़ाने पर ज़्यादा ध्यान देती है.
In simple words: सतत विकास का मतलब है कि हम आज अपनी ज़रूरतों को इस तरह से पूरा करें कि भविष्य के लिए भी संसाधन बचे रहें, और पर्यावरण को नुकसान न हो.
🎯 Exam Tip: सतत विकास की परिभाषा में "वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं का संतुलन" और "संसाधन संरक्षण" जैसे मुख्य वाक्यांशों को शामिल करें.
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)
Question 1. निर्धनता (गरीबी) के सम्बन्ध में किन्ही पाँच सर्वव्यापक़ तथ्यों का उल्लेख कीजिए।
Answer: गरीबी के संबंध में पाँच सर्वव्यापक तथ्य निम्नलिखित हैं: 1. गरीबी एक अभिशाप है जो भूख, कुपोषण, निम्न जीवन स्तर, निराशाजनक अशिक्षा और मानव विकास के निम्न स्तर की सूचक है. 2. गरीबी अक्सर स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा तक पहुँच की कमी से जुड़ी होती है. 3. यह सामाजिक असमानता और बहिष्करण का कारण बनती है. 4. गरीबी चक्र अक्सर पीढ़ियों तक चलता रहता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. 5. यह आर्थिक विकास में बाधा डालती है और समाज में अस्थिरता पैदा कर सकती है.
In simple words: गरीबी का मतलब भूख, बीमारी, कम पढ़ाई और नीचा जीवन स्तर है. यह अक्सर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती है और समाज में बराबरी नहीं होने देती.
🎯 Exam Tip: गरीबी के सामाजिक, आर्थिक और मानवीय पहलुओं को कवर करने वाले तथ्यों को सूचीबद्ध करें.
Question 2. मनरेगा के अन्तर्गत रोजगार प्रदान करने के क्या प्रावधान हैं ?
Answer: मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान करने के लिए कई प्रावधान हैं: 1. पंजीकृत परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम के लिए आवेदन कर सकता है. 2. जॉब कार्ड मिलने के बाद, रोजगार के लिए आवेदन ग्राम पंचायत में किया जाता है. 3. मजदूरी की दर श्रम आयुक्त या केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है. 4. रोजगार की मांग के 15 दिनों के भीतर काम देना ज़रूरी है, नहीं तो बेरोजगारी भत्ता देना होगा. 5. योजना में ठेकेदारी प्रथा पर रोक है. 6. मानव श्रम की जगह मशीनों का उपयोग प्रतिबंधित है. 7. कार्यस्थल पर तुरंत उपचार, पीने का पानी, शेड और झूलाघर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं.
In simple words: मनरेगा में कोई भी वयस्क काम मांग सकता है. काम 15 दिन में न मिलने पर भत्ता मिलता है. ठेकेदार और मशीनों का इस्तेमाल नहीं होता. काम की जगह पर पानी, छाँव और इलाज जैसी सुविधाएँ मिलती हैं.
🎯 Exam Tip: मनरेगा के तहत रोजगार के प्रावधानों को सूचीबद्ध करें, विशेषकर समय-सीमा (15 दिन), मजदूरी भुगतान और कार्यस्थल सुविधाओं पर ध्यान दें.
Question 3. मनरेगा के लक्ष्यों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: मनरेगा के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं: 1. संबंधित क्षेत्रों में स्थायी सुविधाओं का विकास करना, जिससे मजदूरों को रोजगार मिले और ग्रामीण गरीबों की आजीविका सुरक्षित हो. 2. संबंधित क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ावा देना. 3. उपयोगी ग्रामीण संपत्तियां बनाना. 4. ग्रामीण गरीबों को सुरक्षा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना. 5. महिलाओं को सशक्त बनाना. 6. जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना.
In simple words: मनरेगा का मकसद गाँव में अच्छे काम बनाना, पानी और जंगल जैसे प्राकृतिक चीजों को बचाना, औरतों को ताकतवर बनाना और गाँवों की सरकार को मज़बूत करना था.
🎯 Exam Tip: मनरेगा के लक्ष्यों को सूचीबद्ध करें, जिसमें आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आयाम शामिल हों.
Question 4. मनरेगा के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
Answer: मनरेगा एक मांग-आधारित योजना है जिसके कई उद्देश्य हैं. यह जल संरक्षण, वानिकी, वृक्षारोपण, भूमि विकास, बाढ़ नियंत्रण और सड़क निर्माण जैसे कार्यक्रमों को चलाती है. मनरेगा का मुख्य उद्देश्य एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का अकुशल शारीरिक श्रम उपलब्ध कराकर ग्रामीण परिवारों को रोजगार देना और उनकी आजीविका सुरक्षित करना है.
In simple words: मनरेगा का मुख्य मकसद गाँवों में पानी बचाने, पेड़ लगाने, सड़कें बनाने जैसे काम देकर गरीब परिवारों को कम से कम 100 दिन का काम और कमाई देना था.
🎯 Exam Tip: मनरेगा के उद्देश्यों और उसके तहत चलाए जाने वाले विशिष्ट कार्यक्रमों को स्पष्ट रूप से बताएं.
Question 5. मनरेगा के तहत वर्तमान में मुख्य पहलू कौन-कौन से हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: मनरेगा के तहत वर्तमान में कई मुख्य पहलू हैं: 1. योजना की गतिविधियों का दायरा बढ़ाया गया है ताकि उन्हें ज़्यादा सार्थक बनाया जा सके. 2. मजदूरी के भुगतान में देरी को कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली लागू की गई है. 3. अधिसूचित सूखा प्रभावित ब्लॉकों में प्रति परिवार 100 दिनों से ज़्यादा अतिरिक्त रोजगार अब दिया जाता है. 4. रोजगार रिकॉर्ड में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आधार कार्ड का उपयोग और नकद लाभ योजना से जोड़ा गया है. 5. मनरेगा को पूर्ण स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया है. 6. मनरेगा में दी जाने वाली मजदूरी को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-AL) से जोड़ा गया है ताकि श्रमिकों को महंगाई से बचाया जा सके. 7. सामाजिक ऑडिट की व्यवस्था लागू की गई है. 8. मनरेगा में दी जाने वाली मजदूरी को नकद लाभ अंतरण योजना से जोड़ा गया है.
In simple words: मनरेगा के तहत कामों को बढ़ाया गया है, मज़दूरी अब सीधे बैंक में आती है, सूखा वाले इलाकों में ज़्यादा काम मिलता है, आधार कार्ड से धोखाधड़ी रुकती है, इसे स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया है, और मज़दूरी अब महंगाई के हिसाब से बढ़ती है.
🎯 Exam Tip: मनरेगा के हालिया सुधारों और मुख्य विशेषताओं को सूचीबद्ध करें, विशेषकर पारदर्शिता, भुगतान प्रणाली और कवरेज के विस्तार पर ध्यान दें.
Question 6. वर्तमान समय के नवीन आविष्कारों व नवाचारों के दुष्परिणामों को बताइए।
Answer: वर्तमान समय के नए आविष्कारों और नवाचारों के कुछ दुष्परिणाम भी हैं: 1. बढ़ती मानवीय आकांक्षाओं के कारण प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हुआ है, जिससे वे सीमित हो गए हैं और कुछ तो खत्म होने वाले हैं. 2. प्राकृतिक संसाधनों के तेजी से खत्म होने से वैश्विक जलवायु में बदलाव आया है, जिससे पृथ्वी पर मानव और अन्य जीवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. 3. ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं, जिससे कई अन्य समस्याएँ पैदा हो रही हैं. 4. जलवायु परिवर्तन के कारण डायनासोर जैसी कई प्रजातियाँ विलुप्त हो गई हैं, और डर है कि 2050 तक पृथ्वी की एक-चौथाई प्रजातियाँ खत्म हो सकती हैं. 5. पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं जैसे अकाल, महामारी, पलायन और स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं.
In simple words: नए आविष्कारों के कारण हमने प्राकृतिक चीजों का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किया है, जिससे वे खत्म हो रही हैं. इससे मौसम बदल रहा है, गर्मी बढ़ रही है, और कई जानवर गायब हो रहे हैं. भविष्य में सूखा और बीमारियाँ बढ़ सकती हैं.
🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक नकारात्मक प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं.
RBSE Class 12 Geography Chapter 22 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. सतत विकास की अवधारणा को समझाइये तथा सतत विकास के उपायों का वर्णन कीजिए।
Answer: सतत विकास की अवधारणा को सबसे पहले 1987 में ब्रंटलैंड कमीशन की रिपोर्ट 'हमारा साझा भविष्य' में पेश किया गया था. इसके अनुसार, "सतत विकास वह विकास है जो आज की पीढ़ी की ज़रूरतों को पूरा करता है, बिना भविष्य की पीढ़ियों की अपनी ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए." यह विकास प्रकृति के साथ मानव के सहयोग, सम्मान और जुड़ाव पर आधारित है. इसे टिकाऊ विकास, संधारणीय विकास आदि नामों से भी जाना जाता है. इसका अर्थ है कि ऐसा विकास हो जो मानव समाज की तात्कालिक ज़रूरतों को ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी एक स्थायी आधार प्रस्तुत करे. वास्तव में, यह पर्यावरण और संसाधन संरक्षण के साथ-साथ उनके विकास और वृद्धि पर बल देता है. यह मानव और पर्यावरण के बीच एक गतिशील संतुलन बनाने वाली प्रक्रिया है जो वर्तमान और भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करती है.
सतत विकास के उपाय निम्न प्रकार हैं:
1. विकास और उत्पादन में पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का विकास और प्रसार किया जाना चाहिए.
2. नई परियोजनाओं की स्थापना से पहले पर्यावरण सुरक्षा, पारिस्थितिकी संतुलन और आर्थिक दक्षता का अच्छे से मूल्यांकन किया जाना चाहिए.
3. पर्यावरण संरक्षण और उत्पादन वृद्धि के लिए विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना चाहिए.
4. पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने से रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए और उनका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए.
In simple words: सतत विकास का मतलब है कि हम आज के विकास के लिए प्रकृति और संसाधनों का इस्तेमाल इस तरह से करें कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी वे बचे रहें. इसके लिए हमें पर्यावरण को बचाने वाली तकनीकें अपनानी चाहिए, कामों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना चाहिए और सख्त कानून बनाने चाहिए.
🎯 Exam Tip: सतत विकास की परिभाषा, उसके विभिन्न नामों और उसके मुख्य उद्देश्यों को समझाएं. साथ ही, इसके लिए अपनाए जाने वाले उपायों को विस्तार से सूचीबद्ध करें.
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