RBSE Solutions Class 12 Geography Chapter 14 भारत जनसंख्या संरचना

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RBSE Class 12 Geography Chapter 14 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. भारत की संथाल जनजातियाँ सम्बन्धित हैं –
(अ) निग्रिटों से
(ब) आद्य-ऑस्ट्रेलियाइड से
(स) पुरा-मंगोलाइड से
(द) पूर्व भूमध्य सागरीय प्रजाति से
Answer: (ब) आद्य-ऑस्ट्रेलियाइड से
In simple words: संथाल जनजाति के लोग मुख्य रूप से आद्य-ऑस्ट्रेलियाइड समूह से जुड़े हुए हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि भारत में विभिन्न जनजातियों को उनके मूल और शारीरिक विशेषताओं के आधार पर कई प्रजातीय समूहों में वर्गीकृत किया गया है।

 

Question 2. निम्नलिखित में से वह प्रजाति जो भारत में अन्त में आकर बसी है, वह है –
(अ) नीग्रोटो
(ब) मंगोलॉयड
(स) भारतीय-आर्य (इण्डो-यूरोपियन)
(द) द्रविड़
Answer: (स) भारतीय-आर्य (इण्डो-यूरोपियन)
In simple words: भारत में सबसे बाद में आने वाली प्रमुख प्रजाति भारतीय-आर्य या इण्डो-यूरोपियन लोग हैं।

🎯 Exam Tip: भारत में विभिन्न प्रजातीय समूहों के आगमन के क्रम को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को दर्शाता है।

 

Question 4. कुल भारतीय जनसंख्या में से कितनी भारतीय जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है?
(अ) 717 मिलियन
(ब) 833 मिलियन
(स) 847 मिलियन
(द) 853 मिलियन
Answer: (ब) 833 मिलियन
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या का 68.8% या लगभग 833 मिलियन लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण-शहरी जनसंख्या के आंकड़े भारत की जनसंख्या संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था और जीवन शैली को दर्शाते हैं।

 

Question 5. 2011 की जनगणना के अनुसार सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य है –
(अ) केरल
(ब) हिमाचल प्रदेश
(स) उत्तराखण्ड
(द) नागालैण्ड
Answer: (अ) केरल
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, केरल में प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाएँ थीं, जो भारत के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा है।

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात की गणना प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या के रूप में की जाती है और यह सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

 

Question 6. 2011 की जनगणना के अनुसार न्यूनतम लिंगानुपात जनसंख्या वाला राज्य है –
(अ) पंजाब
(ब) हिमाचल प्रदेश
(स) उत्तराखण्ड
(द) हरियाणा
Answer: (द) हरियाणा
In simple words: 2011 की जनगणना में हरियाणा का लिंगानुपात सबसे कम था, जिसमें प्रति 1000 पुरुषों पर केवल 877 महिलाएँ थीं।

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात में कमी लड़कियों के जन्म को कम प्राथमिकता देने और सामाजिक असमानता जैसे कारकों को दर्शाती है।

 

Question 7. वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार भारत में साक्षरता दर क्या है?
(अ) 49.5 प्रतिशत
(ब) 74.04 प्रतिशत
(स) 42.5 प्रतिशत
(द) आन्ध्र प्रदेश
Answer: (ब) 74.04 प्रतिशत
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत थी।

🎯 Exam Tip: साक्षरता दर किसी भी देश के मानव विकास और आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

 

Question 9. मंगोल प्रजाति की जन्मभूमि है -
(अ) भारत
(ब) इण्डोनेशिया
(स) चीन
(द) मध्य-पश्चिमी एशिया
Answer: (स) चीन
In simple words: मंगोल प्रजाति का मूल स्थान चीन और मंगोलिया के क्षेत्र माने जाते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रजातियों के मूल स्थानों को समझना उनकी ऐतिहासिक प्रवास और भौगोलिक वितरण को समझने में मदद करता है।

 

Question 10. देश में किस राज्य में साक्षरता दर सर्वाधिक है?
(अ) गोवा
(ब) केरल
(स) तमिलनाडु
(द) कर्नाटक
Answer: (ब) केरल
In simple words: केरल राज्य में भारत की सबसे अधिक साक्षरता दर है, जो 2011 में 93.91% थी।

🎯 Exam Tip: केरल की उच्च साक्षरता दर शिक्षा और सामाजिक विकास पर राज्य के ऐतिहासिक फोकस का परिणाम है।

 

Question 11. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत है –
(अ) 50 प्रतिशत
(ब) 67 प्रतिशत
(स) 68.84 प्रतिशत
(द) 80 प्रतिशत
Answer: (स) 68.84 प्रतिशत
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 68.84% ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है।

🎯 Exam Tip: भारत की अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण है, जो देश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और विकास रणनीतियों को प्रभावित करती है।

उत्तरमाला:
1. (ब), 2. (स), 3. (स), 4. (ब), 5. (अ), 6. (द), 7. (ब), 8. (स), 9. (स), 10. (ब), 11. (स).

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 14 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 12. सन 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य कौन-सा है?
Answer: सन 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य केरल (1084) है। केरल में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है.
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, केरल भारत में सबसे ज्यादा लिंगानुपात वाला राज्य था, जहाँ प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाएँ थीं।

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात समाज में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

 

Question 14. सन 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में न्यूनतम साक्षरता वाला राज्य कौन-सा है?
Answer: सन् 2011 में भारत में न्यूनतम साक्षरता वाला राज्य बिहार (63.82%) रहा है। बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में अभी भी सुधार की आवश्यकता है.
In simple words: 2011 की जनगणना के मुताबिक, बिहार में सबसे कम साक्षरता दर (63.82%) दर्ज की गई थी।

🎯 Exam Tip: साक्षरता दर किसी भी राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास और शिक्षा के स्तर को दर्शाती है।

 

Question 15. सन 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत भारत में किस राज्य में है?
Answer: सन् 2011 में भारत में ग्रामीण जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत उत्तर प्रदेश (18.6%) में रहा जबकि राज्य की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत मिजोरम में (48.5%) रहा। यह दर्शाता है कि मिजोरम में ग्रामीण आबादी का अनुपात अधिक है.
In simple words: 2011 में, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा ग्रामीण लोग रहते थे (18.6% राष्ट्रीय ग्रामीण जनसंख्या का), लेकिन मिजोरम में उसकी अपनी कुल आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा (48.5%) गाँवों में रहता था।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या के प्रतिशत और कुल संख्या के बीच अंतर को ध्यान से समझें जब आप राज्यों की तुलना कर रहे हों।

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 14 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 16. जनसंख्या संरचना से क्या तात्पर्य है?
Answer: जनसंख्या संरचना किसी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सामाजिक विशेषताओं को दर्शाती है। इसमें उनकी आयु, लिंग, निवास स्थान, मानवजातीय लक्षण, जनजातियाँ, भाषा, धर्म, वैवाहिक स्थिति, साक्षरता, शिक्षा और व्यावसायिक विशेषताओं का अध्ययन शामिल होता है। यह एक महत्वपूर्ण मानविकी अध्ययन का हिस्सा है.
In simple words: जनसंख्या संरचना का मतलब है कि किसी जगह के लोगों में उम्र, लिंग, शिक्षा, धर्म और काम जैसी चीजें कैसी बंटी हुई हैं।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या संरचना के विभिन्न घटकों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये किसी क्षेत्र के विकास के लिए नीतियां बनाने में मदद करते हैं।

 

Question 17. लिंगानुपात को परिभाषित करते हुए इसका महत्त्व बताइए।
Answer: जनसंख्या में महिला-पुरुषों की संख्या के अनुपात को लिंगानुपात कहा जाता है। इसमें प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या की गणना की जाती है। लिंगानुपात को मापने का सूत्र है:
\[ \text{लिंगानुपात} = \frac { \text{महिलाओं की कुल संख्या} }{ \text{पुरुषों की कुल संख्या} } \times 1000 \]
किसी देश की अर्थव्यवस्था और समाज के विकास तथा जीवन-स्तर में लिंगानुपात एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। लिंगानुपात जनसंख्या के गुणात्मक पहलू को व्यक्त करता है। यह लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय का सूचक है.
In simple words: लिंगानुपात बताता है कि 1000 लड़कों पर कितनी लड़कियाँ हैं। यह समाज और देश की तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात को परिभाषित करते समय सूत्र का उल्लेख करना और इसके सामाजिक महत्व को बताना महत्वपूर्ण है।

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 14 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 19. भारत में स्वतंत्रता के पश्चात साक्षरता में वृद्धि होने के मुख्य क्या कारण रहे हैं?
Answer: भारत में स्वतंत्रता के बाद साक्षरता में वृद्धि के प्रमुख कारणों में विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालयों की स्थापना तथा शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता का बढ़ना शामिल है। इसके अलावा, पुरुष साक्षरता की तुलना में महिला साक्षरता में हुई तीव्र वृद्धि ने भारत में साक्षरता स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार की नीतियाँ भी इसमें सहायक रहीं.
In simple words: आजादी के बाद, भारत में ज्यादा स्कूल खोले गए और लोग शिक्षा के बारे में जागरूक हुए। महिलाओं की शिक्षा बढ़ने से भी साक्षरता दर बढ़ी।

🎯 Exam Tip: साक्षरता वृद्धि के कारणों को बताते समय शिक्षा के प्रसार, जागरूकता और लैंगिक समानता जैसे प्रमुख बिंदुओं पर जोर दें।

 

Question 20. सन 2011 के अनुसार भारत के किन राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या पायी जाती है?
Answer: सन् 2011 के अनुसार भारत के निम्नलिखित राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या पाई जाती है -

राज्यजनसंख्या का प्रतिशत
हिमाचल प्रदेश89.96
बिहार88.70
असम85.92
उड़ीसा83.32
मेघालय79.92
उत्तर प्रदेश77.72
अरुणाचल प्रदेश77.33


In simple words: 2011 में हिमाचल प्रदेश, बिहार, असम, उड़ीसा, मेघालय, उत्तर प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में ग्रामीण लोगों का प्रतिशत बहुत ज्यादा था।

🎯 Exam Tip: राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या के प्रतिशत को याद रखना भारत की जनसंख्या संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 14 निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 21. भारत में जनसंख्या संरचना के विभिन्न घटकों का वर्णन कीजिए।
Answer: भारत की जनसंख्या संरचना कई महत्वपूर्ण घटकों से मिलकर बनती है, जो किसी क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं। ये घटक इस प्रकार हैं:
1. ग्रामीण-नगरीय जनसंख्या:
सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या 121.02 करोड़ थी, जिसमें से 83.31 करोड़ जनसंख्या (कुल जनसंख्या का 68.8%) ग्रामीण तथा 37.71 करोड़ जनसंख्या (कुल जनसंख्या का 31.20%) नगरीय थी। भारत में ग्रामीण जनसंख्या का सर्वाधिक संकेन्द्रण (राज्य की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत) हिमाचल प्रदेश (89.96%), बिहार (88.70%), असम (85.92%), उड़ीसा (83.32%), मेघालय (79.92%), उत्तर प्रदेश (77.72%) तथा अरुणाचल प्रदेश (77.33%) राज्यों में मिलता है। भारत में नगरीय जनसंख्या का सर्वाधिक संकेन्द्रण (राज्य की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत) तमिलनाडु (48.45%), केरल (47.72%), महाराष्ट्र (45.23%), गुजरात (42.58%), कर्नाटक (38.57%) तथा पंजाब (37.49%) राज्यों में मिलता है।
2. लिंगानुपात:
सन् 2011 में भारत में औसत लिंगानुपात 940 रहा। सन् 2011 में भारत के औसत लिंगानुपात से अधिक लिंगानुपात रखने वाले राज्यों में केरल (1084), तमिलनाडु (995), आन्ध्र प्रदेश (992) तथा पाण्डिचेरी (1031) तथा लक्षद्वीप (945) आदि केन्द्रशासित प्रदेश शामिल रहे। जबकि देश में न्यूनतम लिंगानुपात हरियाणा (877), जम्मू-कश्मीर (883), व सिक्किम (889) नामक राज्यों में तथा दमन व दीव (618), दादरा एवं नगर हवेली (775) तथा चण्डीगढ़ (818) केन्द्र शासित प्रदेशों में रहा।
3. आयु संरचना:
किसी देश की जनसंख्या में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की प्रतिशत संख्या का अध्ययन आयु-वर्ग संरचना के अन्तर्गत किया जाता है। सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में बाल आयु वर्ग (0-14 आयु समूह) का प्रतिशत 29.5, युवा आयु वर्ग (15-59 वर्ष) का प्रतिशत 62.5 तथा वृद्ध आयु वर्ग (60 से अधिक आयु समूह) का प्रतिशत 8 रहा।
4. साक्षरता:
सन् 2011 में देश में साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत रही। औसत से अधिक साक्षरता रखने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में केरल (93.91 प्रतिशत), लक्षद्वीप (92.2 प्रतिशत) तथा मिजोरम (91.58%) शामिल रहे जबकि न्यूनतम साक्षरता दर बिहार (63.82%), राजस्थान (67.06%), जम्मू-कश्मीर (68.74%), उत्तर प्रदेश (69.72%) तथा मध्य प्रदेश (70.63%) राज्यों में रही।
5. भाषा संरचना:
सन् 2011 में 9 करोड़ लोगों (कुल जनसंख्या का 40.22%) की मातृ भाषा हिन्दी है। देश की अन्य प्रमुख भाषाएँ बंगाली, मराठी, तेलुगू, तमिल आदि हैं।
6. धार्मिक संरचना:
सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में हिन्दू धर्म के अनुयायियों का प्रतिशत 79.56 रहा जबकि देश की कुल जनसंख्या में मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध तथा जैन धर्म के अनुयायियों का प्रतिशत क्रमशः 14.31, 2.36, 1.74, 0.77 तथा 0.41 रहा।
7. प्रजातीय संगठन:
भारत में मिलने वाली प्रजातियों में नीग्रीटो, प्रोटो-आस्ट्रेलाइड, मंगोलाइड, भूमध्य सागरीय, चौड़े सिर वाली पश्चिमी प्रजातियाँ तथा नार्डिक प्रजातियाँ शामिल हैं।
In simple words: भारत की जनसंख्या में ग्रामीण-शहरी आबादी, स्त्री-पुरुष अनुपात, अलग-अलग उम्र के लोग, पढ़े-लिखे लोगों की संख्या, बोली जाने वाली भाषाएँ, धर्म और अलग-अलग नस्ल के लोग शामिल हैं। ये सभी मिलकर भारत की जनसंख्या का पूरा चित्र बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या संरचना के प्रत्येक घटक को स्पष्ट रूप से समझाएं और 2011 की जनगणना के प्रमुख आंकड़ों का उल्लेख करें।

 

Question 22. भारत में ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या के बदलते स्वरूप का विश्लेषण कीजिये। नगरीय जनसंख्या में वृद्धि के कारणों को विस्तार से समझाइये।
Answer:
ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या का बदलता स्वरूप:
भारत में ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या के स्वरूप में सन् 1921 से 2011 के मध्य लगातार परिवर्तन होता रहा जिसे आगे दी गई तालिका में दिखाया गया है –
ग्रामीण एवं नगरीय जनसंख्या (1921 से 2011):

वर्षग्रामीण जनसंख्या (करोड़ में)नगरीय जनसंख्या (करोड़ में)कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत
192122.322.8111.20
193124.553.3512.00
194127.454.4213.80
195129.866.2417.30
196136.037.8918.00
197143.9010.9119.90
198153.8915.9523.40
199162.7221.7225.70
200174.1728.5427.80
2011 37.7131.20


दूसरी ओर, सन् 1921 में भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत 11.2 था जो सन् 1951 में बढ़कर 17.3 प्रतिशत, सन् 1971 में 19.9 प्रतिशत, सन् 1991 में बढ़कर 25.70 प्रतिशत तथा सन् 2011 में तेजी से बढ़कर 31.2 प्रतिशत हो गया। नगरीय जनसंख्या का यह बढ़ता प्रतिशत भारत में बढ़ते नगरीयकरण का संकेत है।
भारत में नगरीय जनसंख्या में वृद्धि के कारण:
सन् 1911 में भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत केवल 10 प्रतिशत था जो सन् 2011 में तेजी से बढ़ता हुआ 31.2 प्रतिशत हो गया। भारत में इस बढ़ती नगरीकरण प्रवृत्ति के लिए निम्नलिखित कारणों का योगदान रहा है –
1. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का अभाव।
2. कृषि व्यवसाय का अलाभकारी होना।
3. नगरीय क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक सुविधाओं का मिलना।
4. नगरों का आकर्षण।
5. शिक्षा का प्रसार।
6. औद्योगीकरण।
7. नगरों में परिवहन व संचार साधनों का विकास।
8. ग्रामीण क्षेत्रों में लघु व कुटीर उद्योगों की समाप्ति।
In simple words: भारत में ग्रामीण और शहरी जनसंख्या लगातार बदल रही है, शहरों में लोग बढ़ रहे हैं। शहरी जनसंख्या बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे गाँव में काम न मिलना, शहरों में अच्छी सुविधाएँ, शहरों का आकर्षण, शिक्षा और उद्योगों का विकास।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण-नगरीय जनसंख्या के बदलते स्वरूप का वर्णन करते समय तालिका के आंकड़ों का उपयोग करें और नगरीयकरण के कारणों को स्पष्ट बिंदुओं में प्रस्तुत करें।

 

Question 23. भारत में साक्षरता के प्रतिरूप का विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: साक्षरता को किसी भी सभ्य समाज के विकास का मापदण्ड माना जाता है। साक्षरता देश की अर्थव्यवस्था, नगरीकरण, जीवन-स्तर, जातीय संरचना, समाज में महिलाओं की स्थिति, शैक्षणिक सुविधाओं, परिवहन साधनों के विकास तथा तकनीकी विकास आदि का सूचक होती है।
भारत में साक्षरता प्रतिरूप:
सन् 2011 में भारत में साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत रही। भारत की औसत साक्षरता दर में सन् 1961 के बाद से तीव्र वृद्धि अनुभव की गई है लेकिन भारत की साक्षरता दर में क्षेत्रीय स्तर पर असमान वृद्धि हुई है। वर्तमान में (सन् 2011) में साक्षरता दरों में मिलने वाली भिन्नताओं के आधार पर भारत के राज्यों को निम्नलिखित वर्गों में रखा जा सकता है –
1. 80 प्रतिशत से अधिक साक्षरता दर रखने वाले राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश:
केरल (93.91), लक्षद्वीप (92.28), मिजोरम (91.58), त्रिपुरा (87.75), गोवा (87.40), दमन व दीव (87.07), पाण्डिचेरी (86.55), चण्डीगढ़ (79.63), गुजरात (79.31), दादरा-नगर हवेली (77.65), पश्चिम बंगाल (77.08), पंजाब (76.68), हरियाणा (76.64), कर्नाटक (75.60), मेघालय (75.48), उड़ीसा (73.45), असम (73.18), मध्य प्रदेश (70.63)।
3. 70 प्रतिशत से कम साक्षरता दर रखने वाले राज्य:
सन् 2011 में 65 से 70 प्रतिशत साक्षरता दर रखने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश (69.72%), जम्मू-कश्मीर (68.74%), आन्ध्र प्रदेश (67.70%), झारखण्ड (67.63%), राजस्थान (37.06%), अरुणाचल प्रदेश (67.0%) तथा बिहार (63.82%) शामिल रहे।
In simple words: साक्षरता किसी भी समाज की तरक्की का पैमाना है। 2011 में भारत की साक्षरता दर 74.04% थी, लेकिन यह राज्यों के हिसाब से बहुत अलग-अलग है। केरल में सबसे ज़्यादा पढ़े-लिखे लोग हैं, जबकि बिहार में सबसे कम।

🎯 Exam Tip: साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालें और राज्यों को विभिन्न साक्षरता दर श्रेणियों में वर्गीकृत करते हुए प्रमुख उदाहरण प्रस्तुत करें।

आंकिक प्रश्न

 

Question 1. भारत के मानचित्र में साक्षरता प्रतिशत 2011 को प्रदर्शित कीजिए।
Answer: भारत के मानचित्र में साक्षरता प्रतिशत (2011) को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न राज्यों की साक्षरता दरों का उपयोग किया जाता है। सन् 2011 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में साक्षरता दर 74.04% थी। राज्यवार वितरण में, केरल में सबसे अधिक (93.91%) साक्षरता दर थी, जबकि बिहार में सबसे कम (63.82%) साक्षरता दर दर्ज की गई। 80% से अधिक साक्षरता वाले राज्यों में केरल, लक्षद्वीप, मिजोरम आदि शामिल थे। 70-80% के बीच साक्षरता वाले राज्यों में गुजरात, पंजाब, हरियाणा आदि थे, और 70% से कम साक्षरता वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड और राजस्थान शामिल थे।
In simple words: भारत में 2011 में साक्षरता दर 74.04% थी। केरल में सबसे ज़्यादा और बिहार में सबसे कम साक्षरता थी। राज्यों के हिसाब से यह दर अलग-अलग थी।

🎯 Exam Tip: यदि मानचित्र बनाना संभव न हो, तो राज्यों की साक्षरता दरों को विभिन्न श्रेणियों में सूचीबद्ध करके प्रश्न का उत्तर दें।

 

Question 2. भारत में 1901 से 2011 तक की साक्षरता को रेखाचित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer: 1901 से 2011 तक भारत में साक्षरता दर में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। 1901 में कुल साक्षरता दर बहुत कम थी, जो समय के साथ लगातार बढ़ी। विशेष रूप से, स्वतंत्रता के बाद शिक्षा के प्रसार और सरकारी नीतियों के कारण इसमें तेजी आई। पुरुषों की साक्षरता दर हमेशा महिलाओं की तुलना में अधिक रही है, लेकिन पिछले दशकों में महिला साक्षरता दर में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे कुल साक्षरता दर में वृद्धि हुई। 2011 तक, कुल साक्षरता दर 74.04% तक पहुँच गई, जिसमें पुरुष और महिला साक्षरता दरों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।
In simple words: 1901 से 2011 तक भारत में पढ़े-लिखे लोगों की संख्या लगातार बढ़ी है। आजादी के बाद शिक्षा पर ध्यान देने से इसमें और तेज़ी आई है। पुरुषों की साक्षरता महिलाओं से ज़्यादा रही है, लेकिन महिलाओं की शिक्षा में भी बहुत सुधार हुआ है।

🎯 Exam Tip: रेखाचित्र के माध्यम से साक्षरता रुझान को दर्शाते समय प्रमुख वर्षों और कुल, पुरुष और महिला साक्षरता दरों में सामान्य रुझानों का उल्लेख करें।

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 14 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. सन 2011 में निम्नलिखित में से भारत के किस राज्य में गाँवों की संख्या सर्वाधिक रही?
(अ) मध्य प्रदेश
(ब) राजस्थान
(स) उत्तर प्रदेश
(द) उड़ीसा
Answer: (स) उत्तर प्रदेश
In simple words: 2011 में उत्तर प्रदेश में भारत के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा गाँव थे।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या और भौगोलिक आंकड़ों से संबंधित प्रश्नों के लिए विशिष्ट राज्यों के आंकड़ों को याद रखें।

 

Question 2. सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत रहा।
(अ) 23.4
(ब) 28.3
(स) 30.2
(द) 31.23
Answer: (द) 31.23
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल आबादी का 31.23% शहरी इलाकों में रहता था।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या के प्रतिशत को याद रखना भारत के जनसांख्यिकीय प्रोफाइल को समझने में सहायक है।

 

Question 4. सन् 2011 में निम्नलिखित में से भारत के किस राज्य में नगरों की जनसंख्या सर्वाधिक रही?
(अ) तमिलनाडु
(ब) मिजोरम
(स) केरल
(द) महाराष्ट्र
Answer: (अ) तमिलनाडु
In simple words: 2011 में तमिलनाडु में कुल जनसंख्या में शहरी आबादी का प्रतिशत सबसे ज्यादा था, जो लगभग 48.45% था।

🎯 Exam Tip: नगरीय जनसंख्या के प्रतिशत को समझना शहरीकरण की दर और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को जानने में मदद करता है।

 

Question 5. सन् 2011 में निम्नलिखित केन्द्र शासित प्रदेशों में से किस एक में उच्चतम लिंगानुपात रहा?
(अ) पाण्डिचेरी
(ब) लक्षद्वीप
(स) दादरा-नगर हवेली
(द) दमन-दीव
Answer: (अ) पाण्डिचेरी
In simple words: 2011 में पाण्डिचेरी (पुडुचेरी) में केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा लिंगानुपात (1031) था।

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के आंकड़ों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग-अलग याद रखना चाहिए।

 

Question 6. सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में बाल आयु वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत रहा –
(अ) 25.6
(ब) 28.6
(स) 29.5
(द) 32.2
Answer: (स) 29.5
In simple words: 2011 की जनगणना में, भारत की कुल जनसंख्या का 29.5% हिस्सा 0-14 वर्ष की आयु के बच्चों का था।

🎯 Exam Tip: बाल आयु वर्ग का प्रतिशत किसी देश की युवा आबादी की संरचना और भविष्य की निर्भरता अनुपात को दर्शाता है।

 

Question 7. भारत में सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में 15 - 59 आयु वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत रहा –
(अ) 58.1
(ब) 62.5
(स) 63.8
(द) 65.2
Answer: (ब) 62.5
In simple words: 2011 में, भारत की कुल जनसंख्या का 62.5% हिस्सा 15 से 59 साल के लोगों का था, जो कामकाजी आबादी होती है।

🎯 Exam Tip: युवा आयु वर्ग (15-59 वर्ष) का प्रतिशत किसी देश की श्रम शक्ति और आर्थिक क्षमता का सूचक होता है।

 

Question 8. सन् 2011 में बाल आयु वर्ग की सर्वाधिक जनसंख्या निम्नलिखित में से किस राज्य में रही?
(अ) उत्तर प्रदेश
(ब) महाराष्ट्र
(स) बिहार
(द) पश्चिम बंगाल
Answer: (अ) उत्तर प्रदेश
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा संख्या में बाल आयु वर्ग के लोग थे।

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुल संख्या और प्रतिशत के बीच अंतर होता है जब राज्यों की तुलना की जाती है।

उत्तरमाला:
1. (स), 2. (द), 3. (अ), 4. (ब), 5. (अ), 6. (स), 7. (ब), 8. (अ), 9. (अ).

सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न

 

Question. निम्न में स्तम्भ अ को स्तम्भ ब से सुमेलित कीजिए -
(क)

स्तम्भ (अ)
(जनजाति)
स्तम्भ (ब)
(प्रजाति)
(i) बाडगिश(अ) प्रोटो-आस्ट्रेलायड
(ii) कोल(ब) मंगोलायड
(iii) गद्दी(स) नार्डिक
(iv) डिनारिक(द) नीग्रीटो


Answer:
(i) (द)
(ii) (अ)
(iii) (ब)
(iv) (स)
In simple words: सही मिलान यह है: बाडगिश - नीग्रीटो, कोल - प्रोटो-आस्ट्रेलायड, गद्दी - मंगोलायड, डिनारिक - नार्डिक।

🎯 Exam Tip: जनजातियों और उनकी प्रजातीय संबद्धता को याद रखें, क्योंकि यह भारतीय जनसंख्या के विविध स्वरूप को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 14 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. सन 2011 में गाँवों की संख्या की दृष्टि से भारत के अग्रणी राज्यों के नाम बताइए।
Answer: सन् 2011 में गाँवों की संख्या की दृष्टि से अग्रणी भारत के राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, बिहार तथा राजस्थान राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में ग्रामीण आबादी का घनत्व अधिक है.
In simple words: 2011 में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, बिहार और राजस्थान में सबसे ज्यादा गाँव थे।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण जनसंख्या के वितरण और गाँवों की संख्या के मामले में प्रमुख राज्यों को जानना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 3. भारत के किन राज्यों में अधिक नगरीय जनसंख्या प्रतिशत देखने को मिलता है?
Answer: भारत में कुछ राज्यों में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत काफी अधिक है। इनमें तमिलनाडु (48.45%), केरल (47.72%), महाराष्ट्र (45.23%), गुजरात (42.58%), कर्नाटक (38.57%), और पंजाब (37.49%) प्रमुख हैं। इन राज्यों में शहरों में रहने वाले लोगों की संख्या गांवों की तुलना में काफी ज्यादा है.
In simple words: तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों में आधे के करीब लोग शहरों में रहते हैं, जो कि बहुत ज्यादा है.

🎯 Exam Tip: जब भी आप किसी भौगोलिक प्रश्न का उत्तर दें, तो संबंधित राज्यों के नामों और उनके सटीक प्रतिशत को याद रखने की कोशिश करें, क्योंकि यह आपके उत्तर को अधिक सटीक बनाता है.

 

प्रश्न 4. भारत में नगरीय जनसंख्या वृद्धि हेतु उत्तरादायी कारण कौन से है?
Answer: भारत में नगरीय जनसंख्या बढ़ने के कई मुख्य कारण हैं। इनमें ग्रामीण इलाकों में नौकरी के कम अवसर, गांवों की तुलना में शहरों में बेहतर सुविधाएं, शहरों का आकर्षण, शिक्षा का बेहतर प्रसार, उद्योगों का विकास, परिवहन और संचार के साधनों की अच्छी व्यवस्था, और खेती का कम फायदेमंद होना व छोटे उद्योगों का खत्म होना शामिल है. ये सभी कारक लोगों को गांवों से शहरों की ओर आकर्षित करते हैं.
In simple words: गांवों में काम कम होना, शहरों में सुविधाएं ज्यादा होना, शहरों का आकर्षण, शिक्षा और उद्योगों का बढ़ना, और खेती से कम कमाई होना, ये सब मिलकर लोगों को शहरों में जाने के लिए मजबूर करते हैं.

🎯 Exam Tip: इस तरह के कारणों की सूची वाले प्रश्नों में हमेशा मुख्य बिंदुओं को याद रखें और उन्हें सरल भाषा में समझाएं, जिससे उत्तर स्पष्ट और समझने में आसान हो.

 

प्रश्न 5. भारत में बढ़ते नगरीकरण से किन सुविधाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ा है?
Answer: भारत में तेजी से बढ़ते नगरीकरण के कारण नगरीय पर्यावरण, लिंगानुपात, और नगरीय सामुदायिक सुविधाओं पर नकारात्मक असर पड़ा है. इसका मतलब है कि शहरों का माहौल खराब हो रहा है, पुरुषों और महिलाओं की संख्या में असंतुलन बढ़ रहा है, और पीने का पानी, सफाई जैसी सामान्य सुविधाएं भी कम पड़ रही हैं.
In simple words: शहरों के बढ़ने से शहरों का माहौल, लड़के-लड़कियों की संख्या का संतुलन, और पानी-सफाई जैसी चीजें खराब हो गई हैं.

🎯 Exam Tip: नगरीकरण के प्रभावों पर बात करते समय, केवल सकारात्मक ही नहीं, बल्कि नकारात्मक प्रभावों पर भी ध्यान दें, खासकर पर्यावरण और सामाजिक पहलुओं पर.

 

प्रश्न 6. भारत एवं विश्व का औसतन लिंगानुपात कितना है?
Answer: भारत का औसत लिंगानुपात 940 है, जबकि पूरे विश्व का औसत लिंगानुपात 948 है. यह दिखाता है कि भारत में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या विश्व औसत से थोड़ी कम है.
In simple words: भारत में हर 1000 लड़कों पर 940 लड़कियां हैं, जबकि पूरी दुनिया में यह संख्या 948 है.

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात जैसे संख्यात्मक डेटा को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आपके भौगोलिक ज्ञान को दर्शाता है. भारत और विश्व के औसत की तुलना करना एक अच्छा तरीका है.

 

प्रश्न 7. भारत में घटते लिंगानुपात के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारकों को बताइए।
Answer: भारत में लिंगानुपात घटने के कई बड़े कारण हैं. इनमें लड़कों के जन्म को अधिक पसंद करना, कम उम्र में लड़कियों की शादी कर देना (बाल विवाह), समाज में महिलाओं को नीचा दर्जा देना, और पुरुषों का सामाजिक कार्यों में अधिक दबदबा होना शामिल है. ये सभी कारण मिलकर महिलाओं की संख्या को कम करते हैं.
In simple words: भारत में लिंगानुपात कम होने का कारण लड़कों को ज्यादा पसंद करना, बाल विवाह, महिलाओं की नीची सामाजिक स्थिति और पुरुषों का अधिक प्रभाव है.

🎯 Exam Tip: सामाजिक मुद्दों से जुड़े प्रश्नों में, आपको सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों का विश्लेषण करना चाहिए, क्योंकि ये अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं.

 

प्रश्न 8. राष्ट्रीय औसत से अधिक लिंगानुपात वाले राज्य कौन-कौन से है?
Answer: राष्ट्रीय औसत से अधिक लिंगानुपात वाले राज्यों में केरल (1084), तमिलनाडु (995), आन्ध्र प्रदेश (992), छत्तीसगढ़ (991), और मणिपुर शामिल हैं. इन राज्यों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले बेहतर या अधिक है.
In simple words: केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मणिपुर में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है या बराबर है.

🎯 Exam Tip: प्रमुख राज्यों के नाम और उनके लिंगानुपात के आंकड़े याद रखें. यह आपको तुलनात्मक विश्लेषण करने और अपनी समझ को मजबूत करने में मदद करेगा.

 

प्रश्न 9. राष्ट्रीय औसत से कम लिंगानुपात वाले राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के नाम लिखिए।
Answer: राष्ट्रीय औसत से कम लिंगानुपात वाले प्रमुख राज्यों में हरियाणा (877), बिहार (916), जम्मू-कश्मीर (883), सिक्किम (889), पंजाब (893), उत्तर प्रदेश (908), गुजरात (918), राजस्थान (926), अरुणाचल प्रदेश (920), नागालैण्ड (931), मध्य प्रदेश (930) और महाराष्ट्र (925) शामिल हैं. केंद्र शासित प्रदेशों में दमन एवं दीव (618), दादरा नगर हवेली (775) और चंडीगढ़ (818) प्रमुख हैं, जहाँ लिंगानुपात काफी कम है.
In simple words: हरियाणा, बिहार, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लड़कियों की संख्या लड़कों से काफी कम है. दमन और दीव, दादरा नगर हवेली और चंडीगढ़ में भी यह संख्या बहुत कम है.

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के मामले में पिछड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सामाजिक विकास और सरकार की नीतियों का मूल्यांकन करने में मदद करता है.

 

प्रश्न 10. 2001 - 2011 के दशक में किन राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों में लिंगानुपात घटा है?
Answer: 2001 से 2011 के दशक के दौरान बिहार, जम्मू-कश्मीर, गुजरात जैसे राज्यों में और दमन और दीव, दादरा नगर हवेली तथा लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में लिंगानुपात कम हुआ है. यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है जो इन क्षेत्रों में महिला जनसंख्या के अनुपात में गिरावट को दर्शाती है.
In simple words: 2001 से 2011 के बीच बिहार, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों (दमन और दीव, दादरा नगर हवेली, लक्षद्वीप) में लड़कियों की संख्या का अनुपात घटा है.

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में दशकों के हिसाब से परिवर्तनों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह जनसंख्या रुझानों और उनके कारणों को समझने में मदद करता है.

 

प्रश्न 11. संरचना से क्या तात्पर्य है?
Answer: 'आयु संरचना' का मतलब अलग-अलग उम्र के लोगों की जनसंख्या में मिलने वाले अनुपात से है. यह बताता है कि किसी जनसंख्या में बच्चे, युवा और बूढ़े लोग कितने प्रतिशत में हैं.
In simple words: आयु संरचना का मतलब है कि एक जगह की आबादी में कितने बच्चे, जवान और बूढ़े लोग हैं.

🎯 Exam Tip: परिभाषा वाले प्रश्नों में हमेशा सरल और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करें. मुख्य शब्दों को हाइलाइट करें ताकि वे ध्यान खींच सकें.

 

प्रश्न 12. आयु वर्ग की दृष्टि से जनसंख्या को किन-किन भागों में बाँटा गया है?
Answer: आयु वर्ग के हिसाब से जनसंख्या को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है: किशोर (जो 15 वर्ष से कम आयु के होते हैं), प्रौढ़ (जो 15 से 55 वर्ष की आयु के बीच होते हैं), और वृद्ध (जो 60 वर्ष से अधिक आयु के होते हैं).
In simple words: लोगों की उम्र के हिसाब से आबादी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: बच्चे (15 से कम), जवान (15-55 साल), और बूढ़े (60 से ज्यादा).

🎯 Exam Tip: आयु वर्ग के विभाजन के लिए सटीक आयु समूहों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जनसंख्या पिरामिड और निर्भरता अनुपात को समझने में मदद करता है.

 

प्रश्न 13. भारत जनांकिकीय संक्रमण की कौन-सी अवस्था में है?
Answer: भारत इस समय जनांकिकीय संक्रमण की तीसरी अवस्था में है. इस अवस्था में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों में गिरावट आती है, जिससे जनसंख्या वृद्धि धीमी हो जाती है.
In simple words: भारत जनसंख्या बदलाव के तीसरे चरण में है, जहाँ जन्म और मृत्यु दर दोनों कम हो रही हैं.

🎯 Exam Tip: जनांकिकीय संक्रमण की अवस्थाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह किसी देश की जनसंख्या वृद्धि के पैटर्न और उसके सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ा है.

 

प्रश्न 14. भारत के आयु पिरामिड का आकार किसका द्योतक है?
Answer: भारत का आयु पिरामिड नीचे से चौड़ा और ऊपर से नुकीला दिखता है. इसका यह आकार जनसंख्या की गतिशीलता और वृद्धि को दर्शाता है, जिसका मतलब है कि देश में युवा जनसंख्या का अनुपात अधिक है और वृद्ध जनसंख्या का अनुपात कम है.
In simple words: भारत का आयु पिरामिड नीचे से चौड़ा और ऊपर से पतला है, जो दिखाता है कि देश में युवा लोग ज्यादा हैं और आबादी बढ़ रही है.

🎯 Exam Tip: आयु पिरामिड के आकार का वर्णन करते समय उसके आधार और शिखर के बारे में बताएं और इसका अर्थ स्पष्ट करें, जैसे "चौड़ा आधार" का अर्थ अधिक युवा जनसंख्या होता है.

 

प्रश्न 16. कुल जनसंख्या में बाल जनसंख्या के प्रतिशत की दृष्टि से अग्रणी राज्य कौन से हैं?
Answer: कुल जनसंख्या में बाल जनसंख्या (बच्चे) के प्रतिशत के हिसाब से अग्रणी राज्य मेघालय (18.75%), बिहार (17.90%), जम्मू-कश्मीर (16.01%), झारखण्ड (15.89%), राजस्थान (15.31%), मिजोरम (15.17%) और उत्तर प्रदेश (14.90%) हैं. इन राज्यों में बच्चों की आबादी का अनुपात काफी अधिक है.
In simple words: मेघालय, बिहार, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, राजस्थान, मिजोरम और उत्तर प्रदेश में कुल आबादी में बच्चों का हिस्सा सबसे ज्यादा है.

🎯 Exam Tip: जब प्रतिशत के हिसाब से रैंकिंग वाले प्रश्न आएं, तो हमेशा टॉप के कुछ राज्यों के नाम और उनके संबंधित प्रतिशत याद रखने का प्रयास करें. यह उत्तर को ठोस बनाता है.

 

प्रश्न 17. सन 2011 में न्यूनतम बाल आयु वर्ग का प्रतिशत रखने वाले तीन राज्यों के नाम लिखिए।
Answer: वर्ष 2011 में सबसे कम बाल आयु वर्ग (बच्चे) का प्रतिशत रखने वाले तीन राज्य हैं: तमिलनाडु (9.56%), गोवा (9.57%) और केरल (9.95%). इन राज्यों में बच्चों की आबादी का अनुपात सबसे कम है.
In simple words: 2011 में तमिलनाडु, गोवा और केरल में बच्चों की आबादी का प्रतिशत सबसे कम था.

🎯 Exam Tip: "न्यूनतम" या "सर्वाधिक" वाले प्रश्नों में, हमेशा कुछ प्रमुख उदाहरणों को याद रखने का प्रयास करें, क्योंकि यह आपके उत्तर को अधिक सटीक बनाता है.

 

प्रश्न 18. आयु संरचना का क्या महत्व है?
Answer: आयु संरचना का बहुत महत्व है क्योंकि यह किसी देश या क्षेत्र की आश्रित जनसंख्या (बच्चे और बूढ़े), काम करने वाली जनसंख्या (श्रम शक्ति), और रोजगार की स्थिति के बारे में जानकारी देती है. यह भविष्य की आर्थिक और सामाजिक योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है.
In simple words: आयु संरचना हमें बताती है कि कितने लोग आश्रित हैं, कितने काम कर सकते हैं और नौकरी की क्या स्थिति है, जिससे देश की योजनाएं बनाने में मदद मिलती है.

🎯 Exam Tip: जब "महत्व" वाले प्रश्न आएं, तो हमेशा बताएं कि वह अवधारणा किस प्रकार देश के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रभावित करती है.

 

प्रश्न 19. साक्षरता से क्या तात्पर्य है?
Answer: साक्षरता का मतलब है कि भारत में 7 साल से अधिक उम्र की वह जनसंख्या जो पढ़ और लिख सकती है, और साथ ही अंकगणित को समझदारी से हल करने की योग्यता रखती है, उसे साक्षर कहा जाता है. इस जनसंख्या का प्रतिशत साक्षरता दर कहलाता है.
In simple words: साक्षरता का मतलब है 7 साल से ऊपर के लोग जो पढ़-लिख सकते हैं और गणित समझ सकते हैं.

🎯 Exam Tip: साक्षरता की परिभाषा में आयु सीमा (7 वर्ष से अधिक) और दोहरी योग्यता (पढ़ना-लिखना और अंकगणित समझना) को हमेशा शामिल करें.

 

प्रश्न 20. भारतीय संविधान में कितनी भाषाएँ अधिसूचित हैं?
Answer: भारतीय संविधान में कुल 22 भाषाओं को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया है. इन भाषाओं को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त है.
In simple words: भारत के संविधान में 22 भाषाएँ मान्यता प्राप्त हैं.

🎯 Exam Tip: संख्यात्मक प्रश्नों में सटीक संख्या याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब यह संवैधानिक या तथ्यात्मक जानकारी हो.

 

प्रश्न 21. भारताय जनगणना 1961 के अनुसार भारत माकतनी भाषाएँ व बोलियाँ हैं?
Answer: भारतीय जनगणना 1961 के अनुसार, भारत में 1018 विभिन्न भाषाएँ और बोलियाँ हैं. यह भारत की भाषाई विविधता को दर्शाता है.
In simple words: 1961 की जनगणना के हिसाब से भारत में 1018 अलग-अलग भाषाएँ और बोलियाँ थीं.

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक जनगणना डेटा से संबंधित प्रश्नों में, सटीक संख्या और वर्ष को याद रखना महत्वपूर्ण है ताकि उत्तर विश्वसनीय लगे.

 

प्रश्न 23. सन 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में कितने प्रतिशत व्यक्तियों की मातृभाषा हिन्दी है?
Answer: वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में से 40.22 प्रतिशत लोगों की मातृभाषा हिंदी है. यह हिंदी को देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बनाता है.
In simple words: 2011 में भारत की लगभग 40.22% आबादी की पहली भाषा हिंदी थी.

🎯 Exam Tip: भाषा से जुड़े आंकड़ों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे किसी देश की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को दर्शाते हों.

 

प्रश्न 24. भारत विश्व के किन धर्मों की जन्मस्थली है?
Answer: भारत विश्व के चार प्रमुख धर्मों - हिन्दू, बौद्ध, जैन और सिक्ख - की जन्मस्थली है. इन धर्मों का उद्भव और विकास भारत की धरती पर हुआ है.
In simple words: भारत हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों की जन्मभूमि है.

🎯 Exam Tip: विश्व के प्रमुख धर्मों से संबंधित भौगोलिक तथ्यों को याद रखना सामान्य ज्ञान और सांस्कृतिक समझ के लिए महत्वपूर्ण है.

 

प्रश्न 25. भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद भारत में हिन्दू-मुस्लिम जनसंख्या का कितना अनुपात था?
Answer: भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद, भारत में कुल जनसंख्या में हिन्दू जनसंख्या का प्रतिशत 84.1 था, जबकि मुस्लिम जनसंख्या का प्रतिशत 9.8 था. यह अनुपात विभाजन के बाद की धार्मिक संरचना को दर्शाता है.
In simple words: बंटवारे के बाद भारत में लगभग 84.1% हिंदू और 9.8% मुस्लिम आबादी थी.

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं के बाद के जनसंख्या आंकड़ों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे देश की सामाजिक-राजनीतिक स्थिति को समझने में मदद करते हैं.

 

प्रश्न 26. भारत के किस राज्य में सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या मिलती हैं?
Answer: भारत में सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या उत्तर प्रदेश राज्य में मिलती है. यह राज्य देश की कुल मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रखता है.
In simple words: उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी रहती है.

🎯 Exam Tip: धार्मिक जनसंख्या के वितरण से संबंधित प्रश्नों में, प्रमुख राज्यों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश की सामाजिक-धार्मिक संरचना को दर्शाता है.

 

प्रश्न 27. भारतीय भाषाओं को उनकी बोली व उत्पत्ति के आधार पर कितने समूहों में बाँटा गया है?
Answer: भारतीय भाषाओं को उनकी बोली और उत्पत्ति के आधार पर चार मुख्य समूहों में बांटा गया है: इण्डो-यूरोपियन, द्राविडियन, साइनो-तिब्बत, और आस्ट्रो-एशियाटिक. ये समूह भारत की विशाल भाषाई विविधता को दर्शाते हैं.
In simple words: भारत की भाषाओं को चार मुख्य परिवारों में बांटा गया है: इंडो-यूरोपियन, द्रविड़ियन, साइनो-तिब्बत और ऑस्ट्रो-एशियाटिक.

🎯 Exam Tip: भाषा परिवारों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की भाषाई विविधता और उसके भौगोलिक वितरण को समझने में मदद करता है.

 

प्रश्न 29. भारत में कौन-कौन से प्रजातीय समूह मिलते हैं?
Answer: भारत में कई प्रजातीय समूह पाए जाते हैं, जिनमें नीग्रीटो, प्रोटो-आस्ट्रेलाइट, मंगोलाइड, भूमध्य सागरीय, नार्डिक, और चौड़े सिर वाली पश्चिमी प्रजातियाँ शामिल हैं. ये समूह भारत की जातीय विविधता को दर्शाते हैं.
In simple words: भारत में नीग्रिटो, प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉइड, मंगोलॉइड, भूमध्यसागरीय, नॉर्डिक और चौड़े सिर वाली पश्चिमी जैसी कई अलग-अलग प्रजातियों के लोग मिलते हैं.

🎯 Exam Tip: प्रजातीय समूहों के नाम याद रखना भौगोलिक और मानव विज्ञान के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विभिन्न संस्कृतियों और उनके वितरण को समझने में मदद करता है.

 

Question 1. भारत में गाँवों की संख्या तथा ग्रामीण जनसंख्या के संकेन्द्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्यों को संक्षेप में बताइए।
Answer:
1. गाँवों की संख्या की दृष्टि से अग्रणी राज्य:
सन् 2011 में देश में कुल 6,40,867 गांव थे. गांवों की संख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश (1,06,704), मध्य प्रदेश (54,903), ओडिशा (51,313), बिहार (44,874), राजस्थान (44,672), महाराष्ट्र (43,663) और पश्चिम बंगाल (40,203) प्रमुख राज्य हैं.
2. राज्य की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत रखने वाले राज्यों में:
हिमाचल प्रदेश (89.96%), बिहार (88.70%), असम (85.92%), ओडिशा (83.32%), मेघालय (79.92%), उत्तर प्रदेश (77.72%) और अरुणाचल प्रदेश (77.33%) में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत सबसे अधिक है.
In simple words: 2011 में, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा में सबसे ज्यादा गांव थे. हिमाचल प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में कुल जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा गांवों में रहता था.

🎯 Exam Tip: जब राज्यों की रैंकिंग या प्रतिशत की बात हो, तो हमेशा सबसे ऊपर के कुछ राज्यों के नाम और संबंधित आंकड़े याद रखने का प्रयास करें.

 

Question 2. भारत में नगरीय जनसंख्या की दशकीय वृद्धि की विवेचना आरेख की सहायता से कीजिए।
Answer:
सन् 1911 में भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत केवल 10 था. यह प्रतिशत सन् 1921 में 11.2%, सन् 1931 में 12.0%, सन् 1941 में 13.8%, सन् 1951 में 17.3%, सन् 1961 में 18%, सन् 1971 में 19.9%, सन् 1981 में 23.4%, सन् 1991 में 25.7%, सन् 2001 में 27.8% और सन् 2011 में 31.2% तक बढ़ गया. यह वृद्धि लगातार देखी गई है. आंकड़ों से पता चलता है कि 1901 से 2011 के दौरान, शहरी आबादी के प्रतिशत में लगातार वृद्धि हुई है, जो भारत में बढ़ते नगरीकरण को दर्शाता है.
In simple words: भारत में 1911 से 2011 तक शहरी जनसंख्या का प्रतिशत लगातार बढ़ा है. यह दिखाता है कि लोग गांवों से शहरों की तरफ लगातार जा रहे हैं.

🎯 Exam Tip: दशकीय वृद्धि की विवेचना करते समय, आंकड़ों के साथ-साथ प्रवृत्ति (जैसे लगातार वृद्धि या कमी) को भी स्पष्ट करें और उसके कारणों का संक्षिप्त उल्लेख करें.

 

Question 3. भारत में लिंगानुपात के बदलते स्वरूप का विश्लेषण कीजिए।
Answer: भारत में लिंगानुपात के स्वरूप में समय के साथ कई बदलाव आए हैं. सन् 1901 में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 972 थी, जो 1911 में 964, 1921 में 955, और 1941 में 945 तक घट गई. हालांकि, 1951 में यह बढ़कर 946 हो गई. इसके बाद 1961 में 941, 1971 में 930, 1981 में 934 और 1991 में 927 तक इसमें फिर से गिरावट आई. सन् 2001 में यह बढ़कर 933 और सन् 2011 में 940 हो गया. इस प्रकार, भारतीय लिंगानुपात में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसके कई सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारण जिम्मेदार हैं.
In simple words: भारत में लिंगानुपात 1901 से 2011 तक घटता-बढ़ता रहा है. 1901 में 972 से घटकर 1991 में 927 हुआ, फिर 2011 में 940 तक बढ़ा.

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात जैसे संवेदनशील मुद्दों का विश्लेषण करते समय, आपको केवल आंकड़ों को ही नहीं, बल्कि उनके पीछे के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों को भी समझना चाहिए.

 

Question 4. आयु संरचना से क्या आशय है? आयु वर्ग की दृष्टि से भारत की जनसंख्या को विभक्त कीजिए।
Answer: आयु संरचना का मतलब है कि किसी जगह की कुल जनसंख्या में अलग-अलग आयु समूहों के लोगों का अनुपात कितना है. यह हमें बताता है कि आबादी में बच्चे, युवा और वृद्ध लोग कितने प्रतिशत में हैं. भारत की जनगणना के अनुसार, आयु वर्ग की दृष्टि से जनसंख्या को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है:
1. **बाल आयु वर्ग (0-14 वर्ष):** इस समूह में बच्चे शामिल होते हैं, जो आश्रित जनसंख्या का हिस्सा होते हैं. सन् 2011 में भारत में इस समूह का प्रतिशत 29.5 था.
2. **युवा आयु वर्ग (15-59 वर्ष):** यह कार्यशील जनसंख्या होती है, जो देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देती है. सन् 2011 में इसका प्रतिशत 62.5 था.
3. **वृद्ध आयु वर्ग (60 वर्ष से अधिक):** इस समूह में बुजुर्ग लोग आते हैं, जो भी आश्रित जनसंख्या का हिस्सा होते हैं. सन् 2011 में इसका प्रतिशत 8 रहा. इस प्रकार की जनसंख्या का अधिक मिलना राष्ट्र के विकास में बाधा भी बन सकता है, क्योंकि वे मुख्य रूप से उत्पादक नहीं होते.
In simple words: आयु संरचना बताती है कि आबादी में बच्चे, युवा और बूढ़े कितने हैं. भारत में इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है: 0-14 साल (बच्चे), 15-59 साल (जवान) और 60 साल से ऊपर (बूढ़े).

🎯 Exam Tip: आयु संरचना की परिभाषा के साथ-साथ उसके तीनों मुख्य आयु वर्गों और उनके प्रतिशत को याद रखें, क्योंकि यह जनसंख्या पिरामिड और देश के विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है.

 

Question 5. भारत में सन् 1961 के बाद हुई साक्षरता की वृद्धि की विवेचना कीजिए।
Answer: भारत में सन् 1961 के बाद से साक्षरता दर में तेजी से वृद्धि हुई है. सन् 1961 में साक्षरता दर 28.3 प्रतिशत थी, जो 1971 में बढ़कर 34.45%, 1981 में 43.57%, 1991 में 52.21%, 2001 में 64.83% और सन् 2011 में 74.04% हो गई. इससे साफ है कि पिछले 50 सालों में भारत की साक्षरता दर लगभग तीन गुना बढ़ी है. इस वृद्धि के मुख्य कारणों में विभिन्न क्षेत्रों में नए स्कूल खुलना, सरकार की साक्षरता से जुड़ी नीतियां और लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ना शामिल है.
In simple words: 1961 के बाद से भारत में पढ़ाई-लिखाई का स्तर बहुत तेजी से बढ़ा है, जो 2011 तक 74.04% तक पहुंच गया. यह स्कूलों के खुलने, सरकारी नीतियों और लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण हुआ.

🎯 Exam Tip: साक्षरता दर की वृद्धि की विवेचना करते समय, दशकों के हिसाब से आंकड़ों को याद रखें और इसके पीछे के मुख्य कारणों (सरकारी प्रयास, जागरूकता) पर भी ध्यान दें.

 

Question 6. नीग्रीटो प्रजाति के लक्षणों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: नीग्रिटो प्रजाति के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
1. इन्हें भारत के सबसे पहले मूल निवासी माना जाता है. ये भारत में बिखरे हुए रूप में मिलते हैं.
2. इस प्रजाति के लोगों का कद बहुत छोटा होता है.
3. इनके सिर का आकार छोटा होता है, लेकिन माथा थोड़ा आगे निकला हुआ होता है.
4. इनका रंग गहरा काला होता है.
5. इनके बाल घुंघराले और ऊन जैसे होते हैं.
6. इनके सिर की बनावट गोल से मध्यम होती है.
7. इनका चेहरा छोटा, नाक चपटी और चौड़ी होती है.
8. भारत में ये अंगामी नागा और बाडगिश जनजातियों के रूप में मिलते हैं, खासकर उत्तरी-पूर्वी भारत के झारखंड और नागालैंड राज्यों में.
In simple words: नीग्रिटो भारत के पहले निवासी थे. ये छोटे कद के, काले रंग के, घुंघराले बालों वाले होते हैं. इनका सिर छोटा और चेहरा चपटा होता है.

🎯 Exam Tip: प्रजातीय लक्षणों का वर्णन करते समय, शारीरिक विशेषताओं, रंग-रूप और उनके भौगोलिक वितरण जैसे बिंदुओं को स्पष्ट रूप से बताएं.

 

Question 2. प्रोटो-आस्ट्रेलायड प्रजाति के लक्षणों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉइड प्रजाति के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
1. ऐसा माना जाता है कि यह प्रजाति भूमध्य सागरीय क्षेत्रों से भारत में आई थी.
2. भारत में इनकी मौजूदगी मध्य और दक्षिणी भारत के पहाड़ी और वन क्षेत्रों में मिलती है.
3. इनके बाल घुंघराले होते हैं और होंठ थोड़े मुड़े हुए होते हैं.
4. इन लोगों का कद नाटा होता है और शरीर का रंग गहरा भूरा होता है.
5. इस प्रजाति ने भारतीय संस्कृति को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
6. भारत में मलयालम, मुण्डा, संथाले और कोल जैसी जनजातियाँ इसी प्रजाति के वंशज माने जाते हैं.
In simple words: प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉइड लोग भूमध्यसागरीय क्षेत्र से भारत आए थे. ये मध्य और दक्षिण भारत के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं. इनके बाल घुंघराले, कद नाटा और रंग गहरा भूरा होता है.

🎯 Exam Tip: प्रजातीय समूहों के लक्षणों का वर्णन करते समय, उनके उद्भव, भौगोलिक वितरण, शारीरिक विशेषताओं और सांस्कृतिक योगदान जैसे बिंदुओं को शामिल करें.

 

Question 1. भारत में नगरीकरण के क्षेत्रीय प्रतिरूपों की विवेचना कीजिए।
Answer: सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत 31.2 रहा, लेकिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रतिशत काफी अलग-अलग मिलता है. इस भिन्नता के आधार पर भारत को पांच मुख्य वर्गों में बांटा जा सकता है:
1. **50 प्रतिशत से अधिक नगरीय जनसंख्या वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश:** इस वर्ग में वे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं जहाँ आधे से अधिक आबादी शहरों में रहती है. सन् 2011 में तमिलनाडु (48.4%), केरल (47.7%), महाराष्ट्र (45.2%), गुजरात (42.6%) और दादरा-नगर हवेली (46.7%) इसमें आते हैं. (यहां 50% से अधिक की श्रेणी में होने के बावजूद, दिए गए आंकड़े 50% से कम हैं, यह स्रोत का विवरण है.)
2. **30 से 40 प्रतिशत नगरीय जनसंख्या रखने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश:** इस श्रेणी में कर्नाटक (38.7%), पंजाब (37.5%), हरियाणा (34.9%), आन्ध्र प्रदेश (33.4%), मणिपुर (32.5%), पश्चिम बंगाल (31.9%) और उत्तराखण्ड (30.2%) आते हैं. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भी इसी वर्ग में शामिल है.
3. **20 से 30 प्रतिशत नगरीय जनसंख्या रखने वाले राज्य:** इस वर्ग में नागालैण्ड (28.9%), मध्य प्रदेश (27.6%), जम्मू-कश्मीर (27.4%), त्रिपुरा (26.2%), सिक्किम (25.2%), राजस्थान (24.9%), झारखण्ड (24.0%), छत्तीसगढ़ (23.2%), अरुणाचल प्रदेश (22.9%), उत्तर प्रदेश (22.3%) और मेघालय (20.1%) शामिल हैं.
4. **20 से कम प्रतिशत नगरीय जनसंख्या रखने वाले राज्य:** इस वर्ग में ओडिशा (16.7%), असम (14.1%), बिहार (11.3%) और हिमाचल प्रदेश (10.0%) जैसे राज्य आते हैं, जहाँ शहरी आबादी का प्रतिशत सबसे कम है.
भारत के मानचित्र में नगरीकरण 2011 को देखने पर पता चलता है कि दक्षिणी भारत और पश्चिमी भारत के राज्यों में नगरीकरण का प्रतिशत अधिक है, जबकि उत्तरी और पूर्वी भारत के राज्यों में नगरीकरण का स्तर कम है. उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में शहरी आबादी ज्यादा है, वहीं बिहार और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में यह कम है. मानचित्र में विभिन्न रंगों के माध्यम से नगरीकरण के प्रतिशत को दर्शाया गया है: गहरे रंग अधिक नगरीकरण वाले क्षेत्रों को और हल्के रंग कम नगरीकरण वाले क्षेत्रों को दिखाते हैं.
In simple words: भारत में शहरीकरण हर जगह एक जैसा नहीं है. तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में आधे से ज्यादा लोग शहरों में रहते हैं, जबकि बिहार और हिमाचल प्रदेश में बहुत कम लोग शहरों में रहते हैं. यह पैटर्न दिखाता है कि दक्षिण और पश्चिम भारत ज्यादा शहरी हैं, जबकि उत्तर और पूर्व भारत में गांवों की आबादी ज्यादा है.

🎯 Exam Tip: नगरीकरण के क्षेत्रीय प्रतिरूपों की विवेचना करते समय, हमेशा प्रतिशत के आधार पर राज्यों को विभिन्न वर्गों में बांटें और उनके वितरण को मानचित्र के संदर्भ में समझाएं.

 

Question 2. भारत में लिंगानुपात के राज्य स्तरीय वितरण प्रतिरूप की विवेचना कीजिए।
Answer: सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में राष्ट्रीय औसत लिंगानुपात 940 रहा. राज्य स्तर पर भारत में लिंगानुपात में काफी भिन्नता है, जिसे निम्नलिखित दो वर्गों में बांटा जा सकता है:
1. **राष्ट्रीय औसत से अधिक लिंगानुपात वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश:** इन राज्यों में महिलाओं की संख्या प्रति हजार पुरुषों पर राष्ट्रीय औसत (940) से ज्यादा है. केरल (1084), पाण्डिचेरी (1038), तमिलनाडु (995), आन्ध्र प्रदेश (992), छत्तीसगढ़ (991), मणिपुर (987), मेघालय (986), ओडिशा (978), मिजोरम (975), हिमाचल प्रदेश (974), गोवा (968), कर्नाटक (968), उत्तराखण्ड (963), त्रिपुरा (961), असम (954), पश्चिम बंगाल (947), झारखण्ड (947) और लक्षद्वीप (946) जैसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसमें शामिल हैं.
2. **राष्ट्रीय औसत से कम लिंगानुपात वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश:** इन राज्यों में महिलाओं की संख्या प्रति हजार पुरुषों पर राष्ट्रीय औसत (940) से कम है. हरियाणा (877), बिहार (916), जम्मू-कश्मीर (883), सिक्किम (889), पंजाब (893), उत्तर प्रदेश (908), गुजरात (918), राजस्थान (926), अरुणाचल प्रदेश (920), नागालैण्ड (931), मध्यप्रदेश (930) और महाराष्ट्र (925) प्रमुख राज्य हैं. केंद्र शासित प्रदेशों में दमन एवं दीव (618), दादरा नगर हवेली (775), चंडीगढ़ (818) और दिल्ली (866) में भी लिंगानुपात कम है.
भारत में लिंगानुपात का स्थानिक वितरण 2011 के मानचित्र से पता चलता है कि दक्षिणी राज्यों, जैसे केरल और तमिलनाडु में लिंगानुपात अधिक है, जबकि उत्तरी राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में यह कम है. पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में लिंगानुपात मध्यम श्रेणी में आता है. यह दर्शाता है कि सामाजिक और सांस्कृतिक कारक लिंगानुपात को काफी हद तक प्रभावित करते हैं.
In simple words: भारत में 2011 में हर 1000 लड़कों पर औसतन 940 लड़कियां थीं. केरल, तमिलनाडु में यह संख्या ज्यादा थी, जबकि हरियाणा, पंजाब और दमन व दीव जैसे इलाकों में बहुत कम. यह दिखाता है कि भारत में लिंगानुपात अलग-अलग जगहों पर बहुत अलग है.

🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के क्षेत्रीय वितरण की विवेचना करते समय, राज्यों को राष्ट्रीय औसत से ऊपर और नीचे के वर्गों में बांटें और उनके प्रमुख उदाहरणों को आंकड़ों के साथ प्रस्तुत करें.

 

Question 4. भारत के प्रमुख भाषाई वर्गों की विवेचना कीजिए।
Answer: भारत एक बहुत ही विविध भाषाई देश है. ग्रियर्सन के सर्वेक्षण (1903-1928) के अनुसार, देश में 197 भाषाएँ और लगभग 544 बोलियाँ बोली जाती थीं. सन् 1961 की जनगणना के अनुसार, भारत में 1018 विभिन्न भाषाएँ और बोलियाँ थीं, जबकि भारतीय संविधान में 22 भाषाएँ अधिसूचित हैं. भाषाओं को उनकी बोली और उत्पत्ति के आधार पर चार मुख्य भाषा परिवारों में बांटा गया है:
1. **इण्डो-यूरोपियन भाषा परिवार:** यह भारत में सबसे बड़ा भाषा परिवार है, जिसकी भाषाएँ देश की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या द्वारा बोली जाती हैं. काश्मीरी, उर्दू, सिंधी, पंजाबी, मराठी, कोंकणी, गुजराती, बंगाली, असमी, छत्तीसगढ़ी, नेपाली और पहाड़ी इसकी प्रमुख भाषाएँ हैं. बंगाली 8.3%, मराठी 7.5%, उर्दू 5.2%, गुजराती 4.9%, उड़िया 3.3%, पंजाबी 2.8% और असमी 1.6% जनसंख्या द्वारा बोली जाती हैं.
2. **द्राविडियन भाषा परिवार:** यह प्रायद्वीपीय भारत में प्रमुख रूप से बोली जाती है. तेलगू, तमिल, मलयालम और कन्नड़ इसकी मुख्य भाषाएँ हैं. तेलगू 7.9%, तमिल 6.3%, कन्नड़ 3.9% और मलयालम 3.6% जनसंख्या द्वारा बोली जाती हैं. कुल मिलाकर, देश की लगभग 20% जनसंख्या द्राविडियन भाषाएँ बोलती है.
3. **सोनो-तिब्बतन भाषा परिवार:** यह भारत का एक छोटा भाषा परिवार है, जो मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरी-पूर्वी राज्यों में मिलता है. इसमें लद्दाखी, किन्नौरी, लेप्चा, डपला, अबोर, बोडो, नागा, म्यांमारी और कुकिचिन भाषाएँ शामिल हैं.
4. **आस्ट्रो-एशियाटिक भाषा परिवार:** यह भी भारत का एक छोटा भाषा परिवार है, जो झारखंड और पश्चिमी सतपुड़ा प्रदेश में बोली जाने वाली संथाली, मेन्दारी और हो जैसी भाषाओं में मिलता है. मेघालय में खासी (मान-रूमेर) भाषा और निकोबार द्वीप समूह में निकोबारी भाषा भी इसी समूह में आती हैं.
In simple words: भारत में कई भाषाएँ बोली जाती हैं, जिन्हें चार मुख्य परिवारों में बांटा गया है: इंडो-यूरोपियन (जैसे हिंदी, बंगाली), द्रविड़ियन (जैसे तमिल, तेलुगू), सोनो-तिब्बतन (पूर्वोत्तर की भाषाएँ) और ऑस्ट्रो-एशियाटिक (जैसे संथाली).

🎯 Exam Tip: भाषाई वर्गों की विवेचना करते समय, प्रत्येक वर्ग के मुख्य उदाहरण, उनके भौगोलिक वितरण और उनकी अनुमानित जनसंख्या प्रतिशत को याद रखें.

 

Question 5. भारत की धार्मिक संरचना के बदलते प्रतिरूपों की विवेचना कीजिए।
Answer: भारत एक धार्मिक रूप से विविधता वाला देश है और यह हिन्दू, बौद्ध, जैन और सिक्ख जैसे चार धर्मों की जन्मभूमि है. भारत की धार्मिक संरचना में समय के साथ बड़े बदलाव आए हैं, खासकर भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद. विभाजन से पहले, अविभाजित भारत की कुल जनसंख्या में 66.5 प्रतिशत हिन्दू और 23.7 प्रतिशत मुस्लिम थे.
सन् 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के कारण बड़े पैमाने पर हिन्दू और मुस्लिम जनसंख्या का स्थानांतरण हुआ. 1951 की जनगणना में, भारत की कुल जनसंख्या में हिन्दू जनसंख्या का प्रतिशत 84.1 और मुस्लिम जनसंख्या का प्रतिशत 9.8 था. इसके बाद से, भारत की प्रत्येक जनगणना में हिन्दू जनसंख्या का प्रतिशत थोड़ा कम होता जा रहा है, जबकि मुस्लिम जनसंख्या का प्रतिशत बढ़ रहा है. ईसाई, सिक्ख, बौद्ध और जैन जैसे अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों का प्रतिशत योगदान लगभग एक जैसा रहा है.

बौद्ध0.70.70.70.770.770.77
जैन0.50.50.50.410.410.41
अन्य0.40.40.40.430.730.85


उपरोक्त तालिका से पता चलता है कि 1961 में भारत में हिन्दू जनसंख्या का प्रतिशत 83.5 था, जो 1981 में घटकर 82.60% और 2011 में 79.56% रह गया. वहीं, मुस्लिम जनसंख्या का प्रतिशत 1961 में 10.7% था, जो 1981 में बढ़कर 11.67% और 2011 में 14.31% हो गया.
In simple words: भारत में धार्मिक आबादी में बदलाव आए हैं. बंटवारे के बाद हिंदुओं का प्रतिशत 84.1% और मुसलमानों का 9.8% था. समय के साथ हिंदुओं का प्रतिशत कम हुआ है, जबकि मुसलमानों का बढ़ा है.

🎯 Exam Tip: धार्मिक संरचना की विवेचना करते समय, विभाजन जैसे बड़े ऐतिहासिक परिवर्तनों और उसके बाद के आंकड़ों पर ध्यान दें. तालिका में दिए गए प्रतिशत परिवर्तनों को समझाएं.

 

Question 6. गुहा के अनुसार भारत की जनंसख्या के प्रजातीय वर्गीकरण को प्रस्तुत कीजिए।
Answer:
बी.एस.गुहा ने भारत की जनसंख्या को 6 मुख्य प्रजातीय समूहों में बांटा था। उन्होंने यह वर्गीकरण 1944 में भारत के पुरातत्व विभाग के निदेशक रहते हुए किया था:
1. निग्रिटो:
ये भारत के सबसे पहले मूल निवासी माने जाते हैं। इस समूह के लोग कद में बहुत छोटे होते हैं। इनका सिर छोटा होता है, माथा थोड़ा उभरा हुआ होता है, सिर गोल होता है, चेहरा छोटा और नाक चपटी व चौड़ी होती है। इनके होंठ मोटे और मुड़े हुए होते हैं, और बाल ऊन जैसे घुंघराले होते हैं। इनकी त्वचा का रंग काला होता है। ये मुख्य रूप से उत्तरी-पूर्वी भारत की अंगामी नागा और झारखंड की बागडिश जनजातियों में पाए जाते हैं।
2. प्रोटो-आस्ट्रेलाइड:
इस प्रजाति के लोग भारत के मध्य और दक्षिणी भागों के पहाड़ी जंगलों में रहते हैं। मलयालम, मुंडा, संताल, कोल और भील जैसी जनजातियाँ इसी समूह से जुड़ी मानी जाती हैं। बी.एस.गुहा के अनुसार, ये भारत के मूल निवासी हैं। इन लोगों का कद छोटा होता है, त्वचा का रंग गहरा भूरा होता है, बाल घुंघराले होते हैं और होंठ मुड़े हुए होते हैं।
3. मंगोलाइड:
यह माना जाता है कि ये लोग चीन और मंगोलिया से आकर भारत के उत्तरी और उत्तरी-पूर्वी हिस्सों में बसे थे। आज ये मुख्य रूप से लद्दाख, लाहौल-स्पीति के साथ-साथ सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम जैसे राज्यों में पाए जाते हैं। इस समूह के लोगों का चेहरा चपटा होता है, गाल की हड्डियाँ उभरी हुई होती हैं और आँखें बादाम के आकार की होती हैं। मंगोलाइड समूह को पूर्वी मंगोलाइड और तिब्बती मंगोलॉइड, इन दो उप-प्रकारों में बांटा गया है।
5. चौड़े सिर वाली (ब्रेकीसिफेलिक) पश्चिमी प्रजाति:
भारत में इस प्रजाति के तीन उप-समूह पाए जाते हैं। पहला समूह 'एल्पीनॉइड' है, जो मुख्य रूप से गुजरात राज्य में मिलता है। दूसरा समूह 'डिनारिक' है, जो पश्चिमी बंगाल, काठियावाड़, कन्नड़ और तमिल क्षेत्रों में पाया जाता है। तीसरा समूह 'आर्मिनोइड' है, जो महाराष्ट्र राज्य में पारसी लोगों के बीच मिलता है।
6. नार्डिक:
यह प्रजाति भारत में सबसे आखिर में आई थी। ये लोग ईसा की दूसरी शताब्दी में भारत के उत्तरी-पश्चिमी हिस्सों में आकर बस गए थे।
In simple words: गुहा ने भारत की जनसंख्या को 6 मुख्य प्रजातियों में बांटा था, जिनमें निग्रिटो, प्रोटो-आस्ट्रेलाइड, मंगोलाइड, चौड़े सिर वाली पश्चिमी प्रजातियाँ और नार्डिक शामिल हैं। यह वर्गीकरण लोगों के शारीरिक गुणों और उनके रहने के स्थानों पर आधारित था।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में प्रत्येक प्रजाति के मुख्य शारीरिक लक्षणों और भारत में उनके निवास स्थानों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

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