Official RBSE Solutions for Class 12 Computer Science: Chapter 04 स्टैक और क्यू
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Chapter-wise Solutions for Computer Science: Chapter 04 स्टैक और क्यू
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RBSE Class 12 Computer Science Chapter 4 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. निम्न में से कौन-सा नाम स्टैक से सम्बन्धित नहीं है?
(a) FIFOसूची
(b) LIFOसूची
(c) POP
(d) PUSH
Answer: (a) FIFOसूची
In simple words: FIFOसूची स्टैक से संबंधित नहीं है क्योंकि स्टैक LIFO (लास्ट इन फर्स्ट आउट) सिद्धांत पर काम करता है, जबकि FIFO (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट) क्यू से संबंधित है।
🎯 Exam Tip: स्टैक और क्यू के मूलभूत सिद्धांतों (LIFO और FIFO) को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पूछा जाता है।
Question 2. शब्द Push और POP किस से सम्बन्धित है?
Answer: Push और POP ऑपरेशन स्टैक (Stack) से संबंधित हैं। Push का मतलब है स्टैक में एक नया डेटा डालना और POP का मतलब है स्टैक से डेटा हटाना। ये स्टैक की मुख्य क्रियाएँ हैं।
In simple words: Push और POP स्टैक से संबंधित क्रियाएँ हैं। Push डेटा डालने के लिए और POP डेटा निकालने के लिए उपयोग होता है।
🎯 Exam Tip: इन ऑपरेशनों को हमेशा स्टैक के संदर्भ में समझाएँ और उनके कार्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।
Question 3. एक डेटा स्ट्रक्चर जहाँ तत्त्वों का जोड़ना या हटाना किसी भी सिरे पर किया जा सकता है लेकिन बीच में नहीं।
(a) लिंक लिस्ट
(b) स्टैक
(c) क्यू
(d) डीक्यू
Answer: (d) डीक्यू
In simple words: डीक्यू (Deque) एक ऐसा डेटा स्ट्रक्चर है जहाँ हम डेटा को दोनों तरफ से जोड़ या हटा सकते हैं, लेकिन बीच से नहीं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न डेटा स्ट्रक्चर के इनपुट/आउटपुट पॉइंट्स की विशेषताओं को समझें, खासकर डीक्यू के दोहरे सिरे वाले ऑपरेशन को।
Question 4. ग्राफ में Breadth First Traversal के लिए आवश्यक डेटा स्ट्रक्चर है।
(a) स्टैक
(b) ऐरे
(c) क्यू
(d) ट्री (Tree)
Answer: (c) क्यू
In simple words: ग्राफ में Breadth First Traversal करने के लिए क्यू डेटा स्ट्रक्चर का उपयोग किया जाता है। यह एक स्तर पर सभी नोड्स को प्रोसेस करने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: ग्राफ ट्रैवर्सल एल्गोरिदम (BFS और DFS) को याद रखें और उनके संगत डेटा स्ट्रक्चर (क्यू और स्टैक) के उपयोग को जानें।
Question 5. एक क्यू है
(a) FIFO लिस्ट्र
(b) LIFO लिस्ट
(c) ओर्डर्ड ऐरे
(d) रैखिक ट्री
Answer: (a) FIFO लिस्ट्र
In simple words: क्यू एक FIFO लिस्ट की तरह काम करता है, जिसका मतलब है "फर्स्ट इन फर्स्ट आउट" यानी जो पहले आता है, वह पहले बाहर जाता है।
🎯 Exam Tip: क्यू के FIFO सिद्धांत को हमेशा स्पष्ट रूप से बताएँ और इसे स्टैक के LIFO सिद्धांत से अलग करें।
RBSE Class 12 Computer Science Chapter 4 लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. स्टैक को परिभाषित कीजिए।
Answer: स्टैक (Stack) एक एब्सट्रेक्ट डेटा स्ट्रक्चर है जो LIFO (लास्ट-इन-फर्स्ट-आउट) सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब है कि जो तत्व सबसे आखिर में स्टैक में डाला जाता है, वह सबसे पहले बाहर निकाला जाता है। वास्तविक दुनिया में, हम केवल स्टैक के ऊपर से ही तत्वों को डाल या निकाल सकते हैं, जैसे ताश के पत्तों का ढेर या प्लेटों का स्टैक। स्टैक में डेटा डालने की प्रक्रिया को पुश (Push) और डेटा हटाने की प्रक्रिया को पॉप (Pop) ऑपरेशन कहते हैं।
In simple words: स्टैक एक खास तरह का डेटा का ढेर है जहाँ चीजें ऊपर से ही डाली और निकाली जाती हैं। जो सबसे आखिर में डाली जाती है, वही सबसे पहले बाहर निकलती है।
🎯 Exam Tip: स्टैक की परिभाषा में LIFO सिद्धांत और पुश-पॉप ऑपरेशनों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है, साथ ही एक सरल वास्तविक-विश्व उदाहरण भी दें।
Question 2. क्यू को परिभाषित कीजिए।
Answer: क्यू (Queue) एक एब्सट्रेक्ट डेटा स्ट्रक्चर है जो FIFO (फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट) सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब है कि जो तत्व सबसे पहले क्यू में डाला जाता है, वह सबसे पहले बाहर निकाला जाता है। स्टैक के विपरीत, क्यू दोनों सिरों पर खुला होता है: एक सिरा तत्वों को जोड़ने (enqueue) के लिए और दूसरा सिरा तत्वों को हटाने (dequeue) के लिए उपयोग होता है। क्यू डेटा स्ट्रक्चर वास्तविक दुनिया की सिंगल-लेन रोड या लाइन की तरह है जहाँ पहले प्रवेश करने वाला वाहन या व्यक्ति पहले बाहर आता है।
In simple words: क्यू एक लाइन जैसा डेटा स्ट्रक्चर है जहाँ जो पहले आता है, वह पहले जाता है। इसमें एक तरफ से डेटा डालते हैं और दूसरी तरफ से निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: क्यू की परिभाषा में FIFO सिद्धांत और एनक्यू-डीक्यू ऑपरेशनों का उल्लेख करें, साथ ही एक स्पष्ट वास्तविक-विश्व उदाहरण भी दें।
Question 4. पॉप ऑपरेशन क्या है?
Answer: पॉप ऑपरेशन (Pop Operation) स्टैक से एक डेटा तत्व को हटाने की प्रक्रिया को कहते हैं। जब पॉप ऑपरेशन को ऐरे का उपयोग करके लागू किया जाता है, तो वास्तव में डेटा को हटाने की बजाय टॉप वेरिएबल को एक से घटा दिया जाता है। लेकिन अगर इसे लिंक लिस्ट से लागू किया जाता है, तो डेटा तत्व को वास्तव में हटा दिया जाता है और उसकी मेमोरी को भी खाली (deallocate) कर दिया जाता है।
पॉप ऑपरेशन के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
Step 1 - यह जांचता है कि स्टैक खाली है या नहीं।
Step 2 - यदि स्टैक खाली है, तो एक त्रुटि देता है और बाहर निकल जाता है।
Step 3 - यदि स्टैक खाली नहीं है, तो यह उस डेटा तत्व तक पहुंचता है जहाँ टॉप इंगित कर रहा है।
Step 4 - टॉप के मान को 1 से कम कर देता है।
In simple words: पॉप ऑपरेशन का मतलब स्टैक से सबसे ऊपर वाले डेटा को निकालना है। यह पहले जांचता है कि स्टैक में कुछ है या नहीं, फिर डेटा को हटाता है और बताता है कि ऑपरेशन सफल रहा।
🎯 Exam Tip: पॉप ऑपरेशन के चरणों को क्रमबद्ध तरीके से लिखें और स्पष्ट करें कि ऐरे और लिंक लिस्ट में इसका कार्यान्वयन कैसे भिन्न होता है।
RBSE Class 12 Computer Science Chapter 4 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. स्टैक डेटा स्ट्रक्चर के एप्लिकेशन को समझाइए।
Answer: स्टैक डेटा स्ट्रक्चर का उपयोग कई कार्यों के लिए किया जा सकता है। इसके कुछ मुख्य अनुप्रयोग इस प्रकार हैं:
(क) अंकगणित अभिव्यक्ति मूल्यांकन (अर्थमैटिक एक्सप्रेशन इवैल्यूएशन): अंकगणित अभिव्यक्तियों को लिखने के तीन अलग-अलग तरीके होते हैं: इन्फिक्स (ऑपरेटर ऑपरेंड के बीच में), प्रीफिक्स (पोलिश नोटेशन, ऑपरेटर ऑपरेंड से पहले), और पोस्टफिक्स (रिवर्स पोलिश नोटेशन, ऑपरेटर ऑपरेंड के बाद)। स्टैक का उपयोग इन अभिव्यक्तियों को एक रूप से दूसरे रूप में बदलने और उनका मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है।
(ख) बकट्रैकिंग (Backtracking): बकट्रैकिंग एल्गोरिदम में स्टैक का उपयोग किया जाता है जहाँ एक निश्चित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कई संभावित रास्तों की जाँच करनी होती है। जैसे कि एक भूलभुलैया में रास्ता खोजना या ग्राफ में एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक जाने का रास्ता पता करना। स्टैक रास्तों को याद रखने और गलत मोड़ पर वापस आने में मदद करता है।
(ग) स्मृति प्रबन्धन (मैमोरी मैनेजमेंट): आधुनिक कंप्यूटर अपने प्रोग्राम को चलाने के लिए प्राथमिक स्मृति प्रबन्धन मॉडल के रूप में स्टैक का उपयोग करते हैं। यह फ़ंक्शन कॉल्स और लोकल वेरिएबल्स को प्रबंधित करने में सहायक होता है।
In simple words: स्टैक का उपयोग गणित के सवालों को हल करने, भूलभुलैया जैसे रास्तों को खोजने, और कंप्यूटर की मेमोरी को व्यवस्थित करने में किया जाता है। यह डेटा को एक खास तरीके से रखता है जिससे ये काम आसानी से हो सकें।
🎯 Exam Tip: स्टैक के प्रत्येक अनुप्रयोग को एक संक्षिप्त उदाहरण के साथ समझाएँ ताकि उनका व्यावहारिक महत्व स्पष्ट हो सके।
Question 2. स्टैक ऑपरेशन को विस्तार से समझाइए।
Answer: स्टैक ऑपरेशन स्टैक को शुरू करने (initializing) और खत्म करने (deinitializing) के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, स्टैक मुख्य रूप से दो प्राथमिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है:
1. पुश (Push) ऑपरेशन: यह स्टैक में एक नया डेटा तत्व जोड़ने या डालने की प्रक्रिया है।
पुश ऑपरेशन के चरण:
Step 1 - जांच करें कि स्टैक भरा हुआ है या नहीं।
Step 2 - यदि स्टैक भरा हुआ है, तो एक त्रुटि उत्पन्न करें और बाहर निकलें।
Step 3 - यदि स्टैक खाली नहीं है, तो टॉप को 1 से बढ़ाएँ और नए डेटा तत्व को उस स्थान पर रखें जहाँ टॉप इंगित कर रहा है।
2. पॉप (Pop) ऑपरेशन: यह स्टैक से एक डेटा तत्व को हटाने की प्रक्रिया है।
पॉप ऑपरेशन के चरण:
Step 1 - जांच करें कि स्टैक खाली है या नहीं।
Step 2 - यदि स्टैक खाली है, तो एक त्रुटि उत्पन्न करें और बाहर निकलें।
Step 3 - यदि स्टैक खाली नहीं है, तो उस डेटा तत्व तक पहुंचें जहाँ टॉप इंगित कर रहा है।
Step 4 - टॉप के मान को 1 से कम कर दें।
Step 5 - ऑपरेशन सफल होने की सूचना दें।
In simple words: स्टैक ऑपरेशन का मतलब है स्टैक में डेटा डालना (Push) या निकालना (Pop)। Push करते समय, पहले देखते हैं कि स्टैक भरा तो नहीं है; अगर नहीं, तो डेटा ऊपर जोड़ देते हैं। Pop करते समय, पहले देखते हैं कि स्टैक खाली तो नहीं है; अगर नहीं, तो सबसे ऊपर वाला डेटा निकाल देते हैं।
🎯 Exam Tip: पुश और पॉप ऑपरेशनों को उनकी एल्गोरिथम स्टेप्स के साथ समझाएँ, और स्टैक ओवरफ्लो या अंडरफ्लो जैसी त्रुटियों को कैसे संभाला जाता है, इसका उल्लेख करें।
Question 3. विस्तार से सर्म्युलर क्यू को समझाइए।
Answer: सर्म्युलर क्यू (Circular Queue) को रिंग बफर (ring buffer) भी कहते हैं। यह एक विशेष प्रकार का क्यू है जहाँ आखिरी नोड पहले नोड से जुड़ा होता है, जिससे एक सर्कल बनता है। यह भी FIFO (फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट) सिद्धांत पर काम करता है। सर्म्युलर क्यू में नए आइटम को रियर (rear) सिरे से जोड़ा जाता है और आइटम को फ्रंट (front) सिरे से हटाया जाता है। इसका मुख्य लाभ यह है कि इसमें मेमोरी का बेहतर उपयोग होता है, क्योंकि खाली जगह फिर से भरी जा सकती है।
Question 7. उपसर्ग (पोलिश) नोटेशन किसे कहते है?
Answer: उपसर्ग (पोलिश) नोटेशन एक तरीका है जिसमें गणितीय ऑपरेशन का चिन्ह (ऑपरेटर) संख्याओं या वैरिएबल (ऑपरेंड) से पहले आता है। उदाहरण के लिए, अगर हम 'a + b' लिखते हैं, तो उपसर्ग नोटेशन में इसे '+ab' लिखा जाएगा। इस नोटेशन को पोलिश नोटेशन भी कहा जाता है क्योंकि इसकी शुरुआत पोलिश गणितज्ञ जन लुकासिविज़ ने की थी। कंप्यूटर इस तरीके से गणित के समीकरणों को आसानी से समझ और हल कर पाते हैं।
In simple words: उपसर्ग नोटेशन में, जोड़ना या घटाना जैसे चिन्ह संख्याओं से पहले आते हैं। इसे पोलिश नोटेशन भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: उपसर्ग नोटेशन को पहचानने के लिए हमेशा देखें कि ऑपरेटर ऑपरेंड से पहले आता है, जैसे '+AB' या '*-CD'.
Question 8. पोस्टफिक्स नोटेशन किसे कहते है?
Answer: पोस्टफिक्स नोटेशन को रिवर्स पोलिश नोटेशन भी कहते हैं। इस तरीके में, ऑपरेटर (जैसे +, -, *) हमेशा ऑपरेंड (संख्याओं या वैरिएबल) के बाद आता है। उदाहरण के लिए, अगर हम 'a + b' लिखते हैं, तो पोस्टफिक्स नोटेशन में इसे 'ab+' लिखा जाता है। यह इन्फिक्स नोटेशन 'a + b' के समान काम करता है लेकिन ब्रैकेट के उपयोग की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे कंप्यूटर के लिए गणना करना सरल हो जाता है।
In simple words: पोस्टफिक्स नोटेशन में, ऑपरेटर संख्याओं के बाद आता है। इसे रिवर्स पोलिश नोटेशन भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: पोस्टफिक्स नोटेशन को पहचानने के लिए हमेशा देखें कि ऑपरेटर ऑपरेंड के बाद आता है, जैसे 'AB+' या 'CD*-'.
RBSE Class 12 Computer Science Chapter 4 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. क्यू (Queue) के कुशलता से उपयोग के लिए प्रयुक्त फंक्शन बताइए।
अथवा
क्यू (Queue) में उपयोग होने वाले प्रमुख फंक्शन्स के विषय में बताइए।
Answer: क्यू के कुशल उपयोग के लिए कुछ महत्वपूर्ण फंक्शन होते हैं। ये फंक्शन क्यू को सही तरीके से मैनेज करने में मदद करते हैं, जैसे नए तत्वों को जोड़ना या पुराने तत्वों को हटाना। मुख्य फंक्शन्स इस प्रकार हैं:
- Peek(): यह क्यू के शीर्ष पर मौजूद डेटा तत्व को हटाए बिना उसे देखने का काम करता है।
- isfull(): यह जांच करता है कि क्या क्यू भरा हुआ है। यदि क्यू में और तत्व जोड़ने की जगह नहीं है, तो यह 'सही' बताता है।
- isempty(): यह जांच करता है कि क्या क्यू खाली है। यदि क्यू में कोई तत्व नहीं है, तो यह 'सही' बताता है।
क्यू को सपोर्ट करने वाले अन्य फंक्शन नीचे दिए गए हैं:
peek () फंक्शन के लिए एल्गोरिथ्म –
begin procedure peek
return stack[top]
end procedure
peek() फंक्शन का C भाषा में इम्प्लीमेंटेशन
int peek()
{
return stack[top];
}
isfull () फंक्शन के लिए एल्गोरिथ्म
begin procedure isfull
if rear equals to MAXSIZE
return true
else
return false
endif
end procedure
isfull() फंक्शन का C भाषा में इम्प्लीमेंटेशन
bool isfull()
{
if(rear == MAXSIZE-1)
return true;
else
return false;
}
isempty () फंक्शन के लिए एल्गोरिथ्म
begin procedure isempty
if front if less than MIN OR front is greater than rear
return true
else
return false
endif
end procedure
यदि फ्रंट का मान 0 से कम है तो इसका मतलब क्यू को इनिशलायज नहीं किया है और क्यू खाली है।
isempty() फंक्शन को C भाषा में इम्प्लीमेंटेशन
bool isempty()
{
if(top == -1)
return true;
else
return false;
}
In simple words: क्यू के मुख्य फंक्शन peek, isfull, और isempty हैं। Peek सबसे आगे के तत्व को दिखाता है, isfull बताता है कि क्यू भरा है या नहीं, और isempty बताता है कि क्यू खाली है या नहीं। ये कंप्यूटर को डेटा को सही से संभालने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: क्यू के फंक्शन्स की परिभाषा और उनके एल्गोरिथम को अच्छी तरह से समझें, खासकर isfull() और isempty() की जांच करने की शर्तें।
Question 2. क्यू (Queue) के बुनियादी ऑपरेशन कौन से है? किसी एक का वर्णन कीजिए।
अथवा
enqueue () ऑपरेशन के विषय में विस्तार से बताइए।
Answer: क्यू के बुनियादी ऑपरेशन वे क्रियाएं हैं जिनसे क्यू को शुरू किया जाता है और उसका उपयोग समाप्त किया जाता है। ये क्यू में डेटा डालने या हटाने के लिए होते हैं। क्यू के दो मुख्य बुनियादी ऑपरेशन इस प्रकार हैं:
- enqueue (): यह क्यू में एक नया तत्व जोड़ने का काम करता है।
- dequeue (): यह क्यू से एक तत्व हटाने का काम करता है।
**एनक्यू (Enqueue) ऑपरेशन**
एनक्यू ऑपरेशन क्यू में एक नया डेटा तत्व जोड़ने की प्रक्रिया है। क्यू में दो पॉइंटर होते हैं: फ्रंट और रियर। फ्रंट पॉइंटर क्यू के सामने वाले तत्व को दिखाता है, जबकि रियर पॉइंटर क्यू के आखिरी तत्व को दिखाता है। एनक्यू ऑपरेशन को पूरा करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का पालन किया जाता है:
- Step 1 - सबसे पहले, जांचें कि क्या क्यू पूरी तरह से भरी हुई है।
- Step 2 - यदि क्यू भरी हुई है, तो 'ओवरफ्लो' एरर उत्पन्न करें और ऑपरेशन रोक दें।
- Step 3 - यदि क्यू भरी हुई नहीं है, तो रियर पॉइंटर को अगले खाली स्थान की ओर बढ़ाएं।
- Step 4 - नए डेटा तत्व को उस स्थान पर जोड़ें, जहाँ रियर पॉइंटर इशारा कर रहा है।
- Step 5 - ऑपरेशन सफल होने पर 'सक्सेस' रिटर्न करें।
| Rear | Front | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| C | B | A | before | ||
| Rear | Front | ||||
| D | C | B | A | after |
एनक्यू (Enqueue) ऑपरेशन का C भाषा में इम्प्लीमेंटेशन
int enqueue (int data)
{
if(isfull())
return 0;
rear = rear + 1;
queue[rear] = data;
return 1;
end procedure
In simple words: क्यू के मुख्य ऑपरेशन enqueue (जोड़ना) और dequeue (हटाना) हैं। enqueue ऑपरेशन क्यू में नए डेटा को जोड़ता है। यह पहले जांचता है कि क्यू भरी है या नहीं, फिर रियर पॉइंटर को बढ़ाता है, और नए डेटा को उस जगह पर डाल देता है।
🎯 Exam Tip: Enqueue और Dequeue ऑपरेशनों के स्टेप्स को क्रम से याद रखें, खासकर 'is full' और 'is empty' की जांच को। क्यू में फ्रंट और रियर पॉइंटर की भूमिका को समझना महत्वपूर्ण है।
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Computer Science Class 12 Curriculum Solutions: Chapter 04 स्टैक और क्यू
Textbook Solutions for Class 12 Computer Science Chapter 04 स्टैक और क्यू
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