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Detailed Chapter 8 पारिस्थितिकी एवं समाज RBSE Solutions for Class 11 Sociology
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Class 11 Sociology Chapter 8 पारिस्थितिकी एवं समाज RBSE Solutions PDF
RBSE Class 11 Sociology Chapter 8 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. पारिस्थितिकी विज्ञान अध्ययन करता है
(अ) केवल मानव समाज का
(ब) केवल पशु समाज का
(स) भौतिक पर्यावरण व जीवों के सम्बन्ध का
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (स) भौतिक पर्यावरण व जीवों के सम्बन्ध का
In simple words: पारिस्थितिकी विज्ञान यह देखता है कि हमारे आस-पास की दुनिया (जैसे हवा, पानी, ज़मीन) और उसमें रहने वाले सभी जीव एक-दूसरे से कैसे जुड़े हुए हैं।
🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी की परिभाषा और इसके मुख्य अध्ययन क्षेत्र को याद रखें कि यह जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच के संबंधों का अध्ययन है।
Question 2. निम्न में से कौनसा जीव प्राकृतिक सन्तुलन को कृत्रिम रूप से हानि पहुँचा सकता है?
(अ) मानव
(ब) जीव
(स) पशु
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (अ) मानव
In simple words: मनुष्य अपने कामों से पर्यावरण के प्राकृतिक संतुलन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाता है, जैसे प्रदूषण फैलाना या जंगलों को काटना।
🎯 Exam Tip: पर्यावरणीय असंतुलन में मानवीय गतिविधियों की भूमिका पर ध्यान दें, क्योंकि मनुष्य ही सबसे बड़ा कारक है।
Question 3. डेसीबल इकाई है
(अ) ध्वनि की तीव्रता मापने के लिए
(ब) वायु की तीव्रता मापने के लिए
(स) जल की अशुद्धि नापने के लिए
(द) भूमि की अशुद्धि नापने के लिए।
Answer: (अ) ध्वनि की तीव्रता मापने के लिए
In simple words: डेसीबल एक इकाई है जिसका उपयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि कोई आवाज़ कितनी तेज़ या धीमी है।
🎯 Exam Tip: "डेसीबल" शब्द को ध्वनि प्रदूषण से संबंधित एक माप इकाई के रूप में याद रखें।
Question 4. रेडियोधर्मी प्रदूषण का मुख्य कारण है
(अ) परमाणु परीक्षण
(ब) ज्वालामुखी विस्फोट
(स) औद्योगीकरण
(द) नगरीकरण।
Answer: (अ) परमाणु परीक्षण
In simple words: जब परमाणु बमों का परीक्षण किया जाता है, तो इससे रेडियोधर्मी पदार्थ निकलते हैं जो पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचाते हैं।
🎯 Exam Tip: रेडियोधर्मी प्रदूषण के मुख्य कारण के रूप में परमाणु परीक्षण और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से जुड़े जोखिमों को याद रखें।
Question 5. वैकल्पिक ऊर्जा है
(अ) सौर ऊर्जा
(ब) पेट्रोलियम पदार्थों से उत्पन्न ऊर्जा
(स) परमाणु ऊर्जा
(द) अन्य।
Answer: (अ) सौर ऊर्जा
In simple words: सौर ऊर्जा ऐसी ऊर्जा है जो सूर्य से मिलती है और जिसे हम बिजली बनाने या पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह प्रदूषण नहीं फैलाती।
🎯 Exam Tip: वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उदाहरणों पर ध्यान दें, जैसे सौर, पवन और भूतापीय ऊर्जा, जो पारंपरिक ईंधन के विपरीत पर्यावरण के अनुकूल हैं।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 8 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 2. पृथ्वी पर 71 प्रतिशत पानी है।
Answer: पृथ्वी की सतह का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है। यह पानी नदियों, महासागरों, झीलों और अन्य जलस्रोतों में पाया जाता है।
In simple words: हमारी पृथ्वी का एक बहुत बड़ा हिस्सा, लगभग तीन-चौथाई, पानी से बना है।
🎯 Exam Tip: पृथ्वी पर पानी और स्थल भाग के प्रतिशत को सही से याद रखें।
Question 3. पृथ्वी पर कितने प्रतिशत स्थल भाग है?
Answer: पृथ्वी पर 29 प्रतिशत स्थल भाग है। यह स्थल भाग महाद्वीपों, पहाड़ों और रेगिस्तानों के रूप में मौजूद है।
In simple words: पृथ्वी का 29 प्रतिशत हिस्सा ज़मीन का है।
🎯 Exam Tip: पानी और स्थल भाग के प्रतिशत का योग हमेशा 100% होता है।
Question 4. पर्यावरण की संरचना के कितने अंग हैं?
Answer: पर्यावरण की संरचना के चार प्रमुख अंग हैं। ये अंग जलमण्डल, वायुमण्डल, स्थलमण्डल और जैवमण्डल हैं, जो एक साथ मिलकर पर्यावरण बनाते हैं।
In simple words: पर्यावरण के चार मुख्य हिस्से होते हैं: पानी, हवा, ज़मीन और जीव-जन्तुओं वाला हिस्सा।
🎯 Exam Tip: पर्यावरण के चार प्रमुख घटकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है: जलमण्डल, वायुमण्डल, स्थलमण्डल, और जैवमण्डल।
Question 5. ध्वनि प्रदूषण की तीव्रता को किस इकाई में नापा जाता है?
Answer: ध्वनि प्रदूषण की तीव्रता को डेसीबल में नापा जाता है। डेसीबल एक मानक इकाई है जो ध्वनि की प्रबलता को मापने के लिए इस्तेमाल होती है।
In simple words: ध्वनि प्रदूषण को डेसीबल नाम की इकाई में मापते हैं।
🎯 Exam Tip: ध्वनि की तीव्रता मापने की इकाई "डेसीबल" को याद रखें।
Question 6. ध्वनि प्रदूषण का एक दुष्प्रभाव बताइए?
Answer: ध्वनि प्रदूषण से मानसिक चिड़चिड़ापन उत्पन्न होता है। यह लोगों में तनाव, नींद न आने की समस्या और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत पैदा कर सकता है।
In simple words: ज़्यादा शोर से लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं और उन्हें गुस्सा आता है।
🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण के कई नकारात्मक प्रभावों में से एक मानसिक चिड़चिड़ापन को उदाहरण के रूप में याद रखें।
Question 7. जल प्रदूषण का एक दुष्प्रभाव बताइए?
Answer: प्रदूषित जल के उपयोग से मनुष्य में पेट के रोग हो जाते हैं। गंदा पानी पीने से हैजा, टाइफाइड और पेचिश जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
In simple words: गंदा पानी पीने से लोगों को पेट की बीमारियाँ हो जाती हैं।
🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, विशेषकर पेट के रोगों पर ध्यान दें।
Question 9. रेडियोसक्रिय प्रदूषक किससे पैदा होता है?
Answer: रेडियोसक्रिय प्रदूषक परमाण्विक पदार्थों में विस्फोट से पैदा होता है। यह परमाणु परीक्षणों, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से निकलने वाले कचरे या दुर्घटनाओं के कारण उत्पन्न होता है। यह जलस्रोतों में मिलकर जल को दूषित कर देता है।
In simple words: रेडियोधर्मी प्रदूषण परमाणु बम फटने या परमाणु कारखानों से निकलता है, जिससे पानी गंदा हो जाता है।
🎯 Exam Tip: रेडियोसक्रिय प्रदूषकों का स्रोत मुख्य रूप से परमाणु विस्फोट और परमाणु ऊर्जा से संबंधित गतिविधियों को जानें।
Question 10. जल प्रदूषण के दो दुष्प्रभाव बताइए।
Answer: जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं:
1. प्रदूषित जल के उपयोग से मानव एवं पशुओं के शरीर में अनेक रोग हो जाते हैं।
2. प्रदूषित जल में जलीय पौधों एवं जन्तुओं के जीवन पर संकट उत्पन्न हो जाता है।
In simple words: गंदे पानी से लोगों और जानवरों को बीमारियाँ होती हैं, और पानी में रहने वाले जीव भी खतरे में पड़ जाते हैं।
🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के प्रभावों को मानव स्वास्थ्य और जलीय जीवन पर पड़ने वाले असर के रूप में याद रखें।
Question 11. वायु प्रदूषण का अर्थ बताइए।
Answer: जब शुद्ध वायु में धुआँ, धूल, हानिकारक गैसें व अन्य प्रदूषक मिल जाते हैं और इस कारण यह मनुष्य, पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों व अन्य जीवधारियों के लिए हानिकारक हो जाती है तो इसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
In simple words: जब हवा में गंदगी (जैसे धुआँ या धूल) मिल जाती है और वह सांस लेने लायक नहीं रहती, तो उसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण की परिभाषा को शुद्ध वायु में अवांछित पदार्थों के मिलने से होने वाले हानिकारक प्रभाव के रूप में समझें।
Question 12. भूमि प्रदूषण के दो कारण बताइए।
Answer: भूमि प्रदूषण के कारण:
1. कल-कारखानों से निकलने वाले हानिकारक रासायनिक अपशिष्ट को भूमि में फेंक दिया जाना।
2. घरों का कचरा, प्लास्टिक, पॉलीथीन, काँच आदि का मिट्टी में मिलना।
In simple words: कारखानों का गंदा केमिकल और घरों का कचरा जैसे प्लास्टिक ज़मीन को प्रदूषित करते हैं।
🎯 Exam Tip: भूमि प्रदूषण के कारणों में औद्योगिक अपशिष्ट और घरेलू कचरे के योगदान को याद रखें।
Question 14. जलवायु परिवर्तन का अर्थ बताइए।
Answer: जलवायु परिवर्तन से तात्पर्य किसी क्षेत्र विशेष में वर्षों से चले आ रहे औसत मौसम में परिवर्तन हो जाने से है। जलवायु में अचानक परिवर्तन से उस स्थान की वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं की आजादी पर प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न होता है।
In simple words: जलवायु परिवर्तन का मतलब है कि किसी जगह का औसत मौसम बदल जाता है, जिससे वहाँ के पेड़-पौधे और जानवर प्रभावित होते हैं।
🎯 Exam Tip: जलवायु परिवर्तन की परिभाषा को किसी क्षेत्र के औसत मौसम में दीर्घकालिक बदलाव के रूप में याद रखें।
Question 15. जलवायु परिवर्तन का एक मानवीय कारण बताइए।
Answer: मनुष्य का एक प्रमुख क्रियाकलाप औद्योगीकरण है, जिसके कारण पृथ्वी के वायुमण्डल के तापमान में वृद्धि से पर्यावरण सन्तुलन के लिए खतरा पैदा हो गया है और जलवायु परिवर्तित हो रही है।
In simple words: कारखाने लगाना और उद्योगों को बढ़ाना मनुष्य का एक बड़ा काम है, जिससे धरती का तापमान बढ़ रहा है और जलवायु बदल रही है।
🎯 Exam Tip: जलवायु परिवर्तन के मानवीय कारणों में औद्योगीकरण और जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग मुख्य हैं।
Question 16. ग्रीन हाउस प्रभाव किसे कहते हैं?
Answer: ग्रीन हाउस एक काँच की दीवारों वाला कमरा होता है जिसके अन्दर का ताप बाहर की अपेक्षा अधिक होता है। पृथ्वी के चारों ओर का वायुमण्डल भी ग्रीनहाउस की काँच की दीवारों की तरह कार्य करता है, जिससे पृथ्वी व वातावरण का तापमान नियंत्रित रहता है। इसे ग्रीन हाउस प्रभाव कहते हैं।
In simple words: ग्रीन हाउस प्रभाव वह है जब धरती का वातावरण गर्मी को रोक लेता है, जिससे धरती का तापमान ठीक रहता है, ठीक वैसे जैसे एक काँच का कमरा धूप में गर्म रहता है।
🎯 Exam Tip: ग्रीन हाउस प्रभाव की अवधारणा को पृथ्वी के वातावरण द्वारा गर्मी को रोककर तापमान को बनाए रखने की प्रक्रिया के रूप में समझें।
Question 17. पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए कोई एक उपाय बताइए।
Answer: पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए हमें ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा आदि के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए और पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों का प्रयोग कम से कम करना चाहिए।
In simple words: प्रदूषण कम करने के लिए हमें सूर्य और हवा जैसी साफ ऊर्जा का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए और पेट्रोल-डीजल कम उपयोग करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: प्रदूषण कम करने के उपायों में वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना एक प्रभावी समाधान है।
Question 18. पुनः चक्रण किसे कहते हैं?
Answer: पुनः चक्रण (Recycling) वह प्रक्रिया है जिसमें बेकार वस्तुओं को पिघलाकर या किसी और रूप में बदलकर दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाता है।
In simple words: पुनः चक्रण का मतलब है कि पुरानी चीजों को फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाना।
🎯 Exam Tip: पुनः चक्रण (Recycling) को संसाधनों के संरक्षण और कचरा कम करने के एक तरीके के रूप में याद रखें।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 8 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. धारणी क्षमता किसे कहते हैं?
Answer: पारिस्थितिकी में एक समय में जीवों की एक सीमित संख्या ही आश्रित रहकर अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है। अर्थात किसी पारितंत्र में जीवों की निश्चित संख्या को पर्याप्त भोजन एवं आराम प्राप्त हो सकता है, पर्यावरण की इस क्षमता को 'धारणी क्षमता' कहते हैं। यह क्षमता प्राकृतिक रूप से अपना संतुलन बनाये रखती है।
In simple words: धारणी क्षमता का मतलब है कि एक जगह पर कितने जीव आराम से रह सकते हैं, बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए। यह पर्यावरण की वह सीमा है जहाँ जीव अपनी ज़रूरतें पूरी कर पाते हैं।
🎯 Exam Tip: धारणी क्षमता की परिभाषा को याद रखें कि यह किसी पर्यावरण द्वारा जीवों की एक सीमित संख्या को बनाए रखने की क्षमता है।
Question 2. पर्यावरण को परिभाषित कीजिए।
Answer: किसी जीवधारी के आस-पास का वह सब जो उसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रभावित करता है, पर्यावरण कहलाता है। दूसरे शब्दों में, हमारे चारों ओर व्याप्त आवरण जिसमें सूक्ष्म जीवाष्म से लेकर सभी जीव, पेड़-पौधे जलवायु, नदी, तालाब, पर्वत, समुद्र, चट्टानें मिलकर पर्यावरण बनाते हैं।
In simple words: पर्यावरण वह सब कुछ है जो हमारे चारों ओर मौजूद है और हमें किसी न किसी तरह से प्रभावित करता है, जैसे हवा, पानी, पेड़-पौधे और जीव-जन्तु।
🎯 Exam Tip: पर्यावरण की परिभाषा को सभी बाहरी परिस्थितियों और कारकों के योग के रूप में याद रखें जो किसी जीव को प्रभावित करते हैं।
Question 4. वायुमण्डल का अर्थ बताइए।
Answer: पृथ्वी के चारों ओर पाए जाने वाले वायु के आवरण को वायुमण्डल कहते हैं। वायुमण्डल विभिन्न प्रकार की गैसों जैसे-ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाई ऑक्साइड आदि का मिश्रण है। वायुमण्डल पृथ्वी पर जीवों के लिए अत्यन्त आवश्यक होता है। बिना इसके जीवन संभव नहीं है।
In simple words: वायुमण्डल धरती के चारों ओर हवा की एक चादर है, जिसमें कई गैसें मिली होती हैं। यह हमें साँस लेने और जीने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: वायुमण्डल की परिभाषा, उसकी संरचना (गैसों का मिश्रण) और जीवन के लिए उसके महत्व पर ध्यान दें।
Question 5. स्थलमण्डल किसे कहते हैं?
Answer: पृथ्वी की सम्पूर्ण बाहरी परत जिस पर महाद्वीप और महासागर स्थित हैं, उसे स्थलमण्डल कहते हैं। यह स्थलमण्डल हमारे मिट्टी आदि का प्रमुख स्रोत है। स्थलमण्डल पर ही हम फसलों और पेड़-पौधों को उगाते हैं तथा रहने के लिए मकान इत्यादि बनाते हैं।
In simple words: धरती की सबसे ऊपरी ठोस परत को स्थलमण्डल कहते हैं। इस पर ज़मीन, पहाड़, समुद्र सब हैं और हम इसी पर खेती करते हैं और रहते हैं।
🎯 Exam Tip: स्थलमण्डल की परिभाषा और उसके घटकों (महाद्वीप, महासागर, मिट्टी) के साथ-साथ मानव जीवन में उसके उपयोग को याद रखें।
Question 6. पर्यावरण प्रदूषण को समझाइए।
Answer: पर्यावरण तथा उसके किसी अंग में दूषित पदार्थों के प्रवेश के कारण पर्यावरण के प्राकृतिक सन्तुलन के बिगड़ने को पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं। अर्थात् पानी, हवा, प्राकृतिक सम्पदा, मिट्टी आदि में दूषित, विषैले और अवांछित पदार्थों के मिलने के कारण जीवों व वनस्पतियों पर इनका विपरीत प्रभाव पड़ने लगता है और पारिस्थितिक तंत्र को हानि पहुँचने लगती है। इस स्थिति को पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं।
In simple words: पर्यावरण प्रदूषण तब होता है जब गंदी चीजें हमारे आसपास के पानी, हवा या ज़मीन में मिल जाती हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है और जीव-जन्तुओं को परेशानी होती है।
🎯 Exam Tip: पर्यावरण प्रदूषण की परिभाषा को प्राकृतिक संतुलन में गड़बड़ी के रूप में याद रखें, जो दूषित पदार्थों के प्रवेश से होती है।
Question 7. प्रदूषक किसे कहते हैं?
Answer: ऐसे पदार्थ जो वायु, जल, मृदा एवं अन्य प्राकृतिक पदार्थों की भौतिक, रासायनिक अथवा जैविक संरचना एवं गुणवत्ता में हानिकारक परिवर्तन लाते हैं, प्रदूषक कहलाते हैं। जैसे-कूड़ा, कचरा, वाहित मल, कीटनाशक विषैली गैसें, धुआँ, प्लास्टिक आदि।
In simple words: प्रदूषक वे चीजें हैं जो हवा, पानी या मिट्टी में मिलकर उन्हें खराब करती हैं और जीव-जन्तुओं को नुकसान पहुँचाती हैं, जैसे कचरा या धुआँ।
🎯 Exam Tip: प्रदूषक की परिभाषा और उसके विभिन्न उदाहरणों (ठोस, तरल, गैसीय) को समझें।
Question 9. रेडियोसक्रिय प्रदूषक किससे पैदा होता है?
Answer: रेडियोसक्रिय प्रदूषक परमाण्विक पदार्थों में विस्फोट से पैदा होता है। यह जलस्रोतों में मिलकर जल को दूषित कर देता है।
In simple words: रेडियोधर्मी प्रदूषण परमाणु बम फटने या परमाणु कारखानों से निकलता है, जिससे पानी गंदा हो जाता है।
🎯 Exam Tip: रेडियोसक्रिय प्रदूषकों का स्रोत मुख्य रूप से परमाणु विस्फोट और परमाणु ऊर्जा से संबंधित गतिविधियों को जानें।
Question 10. जल प्रदूषण के दो दुष्प्रभाव बताइए।
Answer: जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं:
1. प्रदूषित जल के उपयोग से मानव एवं पशुओं के शरीर में अनेक रोग हो जाते हैं।
2. प्रदूषित जल में जलीय पौधों एवं जन्तुओं के जीवन पर संकट उत्पन्न हो जाता है।
In simple words: गंदे पानी से लोगों और जानवरों को बीमारियाँ होती हैं, और पानी में रहने वाले जीव भी खतरे में पड़ जाते हैं।
🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के प्रभावों को मानव स्वास्थ्य और जलीय जीवन पर पड़ने वाले असर के रूप में याद रखें।
Question 11. वायु प्रदूषण का अर्थ बताइए।
Answer: जब शुद्ध वायु में धुआँ, धूल, हानिकारक गैसें व अन्य प्रदूषक मिल जाते हैं और इस कारण यह मनुष्य, पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों व अन्य जीवधारियों के लिए हानिकारक हो जाती है तो इसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
In simple words: जब हवा में गंदगी (जैसे धुआँ या धूल) मिल जाती है और वह सांस लेने लायक नहीं रहती, तो उसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण की परिभाषा को शुद्ध वायु में अवांछित पदार्थों के मिलने से होने वाले हानिकारक प्रभाव के रूप में समझें।
Question 12. भूमि प्रदूषण के दो कारण बताइए।
Answer: भूमि प्रदूषण के कारण:
1. कल-कारखानों से निकलने वाले हानिकारक रासायनिक अपशिष्ट को भूमि में फेंक दिया जाना।
2. घरों का कचरा, प्लास्टिक, पॉलीथीन, काँच आदि का मिट्टी में मिलना।
In simple words: कारखानों का गंदा केमिकल और घरों का कचरा जैसे प्लास्टिक ज़मीन को प्रदूषित करते हैं।
🎯 Exam Tip: भूमि प्रदूषण के कारणों में औद्योगिक अपशिष्ट और घरेलू कचरे के योगदान को याद रखें।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 8 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. पारिस्थितिकी की अवधारणा किस पर आधारित है?
Answer: पारिस्थितिकी की अवधारणा जीवों एवं पर्यावरण के अन्तर्सम्बन्धों पर आधारित है। यह इस बात पर ध्यान देती है कि कैसे जीव अपने आसपास के वातावरण के साथ जुड़े हुए हैं।
In simple words: पारिस्थितिकी यह समझने पर टिकी है कि जीव-जन्तु और उनके आसपास का पर्यावरण एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं।
🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी को हमेशा जीवों और उनके पर्यावरण के बीच के संबंधों के विज्ञान के रूप में परिभाषित करें।
Question 2. पारिस्थितिकी किस विज्ञान की शाखा है?
Answer: पारिस्थितिकी जीवशास्त्र अर्थात् जीवविज्ञान की शाखा है। यह जीव विज्ञान का वह हिस्सा है जो जीवों और उनके वातावरण का अध्ययन करता है।
In simple words: पारिस्थितिकी, जीव विज्ञान का एक हिस्सा है।
🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी को जीव विज्ञान की एक शाखा के रूप में याद रखें, जो जीवन के अध्ययन से संबंधित है।
Question 3. पारिस्थितिक तंत्र किसका परिणाम है?
Answer: पारिस्थितिक तंत्र करोड़ों वर्षों के प्राकृतिक उद्विकास (Evolution) का परिणाम है। इसका मतलब है कि यह धीरे-धीरे समय के साथ प्रकृति में खुद ही विकसित हुआ है।
In simple words: पारिस्थितिक तंत्र लाखों सालों में प्राकृतिक विकास से बना है।
🎯 Exam Tip: पारिस्थितिक तंत्र को एक प्राकृतिक और विकासवादी प्रक्रिया का परिणाम मानें, न कि मानव निर्मित।
Question 4. वह कौन सा जीव है, जिसने प्राकृतिक संतुलन को सर्वाधिक खतरा उत्पन्न किया है?
Answer: मनुष्य ने प्राकृतिक संतुलन को सर्वाधिक खतरा पहुँचाया है। अपनी गतिविधियों जैसे प्रदूषण और वनों की कटाई से मानव ने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचाया है।
In simple words: इंसान ने प्राकृतिक संतुलन को सबसे ज़्यादा खतरा पैदा किया है।
🎯 Exam Tip: पर्यावरण पर मानव गतिविधियों के नकारात्मक प्रभावों पर ध्यान दें, जो प्राकृतिक संतुलन के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।
Question 6. उद्योगों से निकलने वाले दो जल प्रदूषकों के नाम लिखिए।
Answer:
1. पारा
2. ग्रीस।
In simple words: कारखानों से पारा और ग्रीस जैसे गंदे पदार्थ निकलते हैं जो पानी को प्रदूषित करते हैं।
🎯 Exam Tip: औद्योगिक जल प्रदूषकों के दो प्रमुख उदाहरणों के रूप में पारा और ग्रीस को याद रखें।
Question 7. दो प्रमुख वायु प्रदूषक गैसों के नाम लिखिए।
Answer:
1. कार्बन मोनोऑक्साइड
2. नाइट्रोजन ऑक्साइड।
In simple words: हवा को गंदा करने वाली दो मुख्य गैसें कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड हैं।
🎯 Exam Tip: प्रमुख वायु प्रदूषक गैसों के नाम याद रखें, खासकर वे जो वाहनों और उद्योगों से निकलती हैं।
Question 8. रेलगाड़ी और जेट विमान द्वारा उत्पन्न ध्वनि की तीव्रता बताइए।
Answer: रेलगाड़ी-90 डेसीबल, जेट विमान का उड़ना-120 डेसीबल। यह ध्वनियाँ आमतौर पर बहुत तेज़ होती हैं और लंबे समय तक संपर्क में रहने पर हानिकारक हो सकती हैं।
In simple words: रेलगाड़ी की आवाज़ लगभग 90 डेसीबल होती है, और जेट विमान की आवाज़ 120 डेसीबल तक होती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न ध्वनि की तीव्रता को डेसीबल में याद रखें, खासकर उच्च ध्वनि प्रदूषण वाले स्रोतों के लिए।
Question 9. अमेरिका ने जापान के किन दो शहरों पर परमाणु बम गिराये?
Answer: अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराये। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था, जिससे भारी विनाश हुआ।
In simple words: अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम फेंके थे।
🎯 Exam Tip: परमाणु बमों से प्रभावित जापानी शहरों के नाम याद रखें, जो रेडियोधर्मी प्रदूषण के ऐतिहासिक उदाहरण हैं।
Question 10. ओजोन परत क्षरण का प्रभाव कहाँ देखा जा सकता है?
Answer: ओजोन परत क्षरण का प्रभाव एन्टार्कटिका क्षेत्र पर देखा जा सकता है। इस क्षेत्र में ओजोन परत में एक बड़ा छेद देखा गया है।
In simple words: ओजोन परत में कमी सबसे ज़्यादा एन्टार्कटिका के ऊपर देखी गई है।
🎯 Exam Tip: ओजोन परत क्षरण के सबसे स्पष्ट प्रमाण के रूप में अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र का उल्लेख करें।
Question 12. धारणीय विकास क्या है?
Answer: धारणीय विकास ऐसा विकास होता है जिसमें पर्यावरण की क्षमता बनी रहती है. इसे सतत विकास भी कहते हैं.
In simple words: धारणीय विकास वह तरीका है जिससे हम चीजों को इस तरह इस्तेमाल करते हैं कि हमारा पर्यावरण खराब न हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संसाधन बचे रहें.
🎯 Exam Tip: धारणीय विकास की परिभाषा में 'पर्यावरण क्षमता' और 'भावी पीढ़ी की आवश्यकताओं' को कीवर्ड्स के रूप में याद रखें.
RBSE Class 11 Sociology Chapter 8 लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. पारिस्थितिकी को परिभाषित कीजिए।
Answer: पारिस्थितिकी जीवविज्ञान की वह शाखा है जो पौधों, जानवरों और मनुष्यों का पर्यावरण के साथ एक-दूसरे पर निर्भरता का अध्ययन करती है. यह शाखा उनके प्राकृतिक आवास में होने वाली अंतःक्रियाओं का अध्ययन करती है. 'इकोलॉजी' शब्द का प्रयोग सबसे पहले जर्मन जीव वैज्ञानिक अर्नेस्ट हैकेल ने 1869 में किया था, और बाद में 'ओकॉलॉजी' की जगह 'इकोलॉजी' शब्द इस्तेमाल होने लगा.
In simple words: पारिस्थितिकी एक विज्ञान है जो बताता है कि जीव-जंतु और पेड़-पौधे अपने आसपास के माहौल और एक-दूसरे के साथ कैसे जुड़े होते हैं.
🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी की परिभाषा में 'जीवों की आपसी निर्भरता' और 'पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया' प्रमुख बिंदु हैं.
Question 2. पर्यावरण क्या है? समझाइए।
Answer: पर्यावरण दो शब्दों 'परि' और 'आवरण' से मिलकर बना है, जिसका मतलब है 'चारों ओर का वातावरण'. इसलिए, किसी खास जगह पर रहने वाले जीव या जीवों के समूह के चारों ओर जो कुछ भी उन्हें सीधे या परोक्ष रूप से प्रभावित करता है, वह पर्यावरण कहलाता है. पर्यावरण में हवा, पानी, रोशनी, गर्मी, मिट्टी, चट्टानें, बारिश, बर्फबारी, छोटे जीव, पेड़-पौधे और जानवर सभी शामिल होते हैं.
In simple words: पर्यावरण हमारे आसपास की हर वो चीज़ है जो हमें और दूसरे जीवों को सीधा या परोक्ष रूप से प्रभावित करती है. इसमें हवा, पानी, मिट्टी और सभी जीव-जंतु शामिल हैं.
🎯 Exam Tip: पर्यावरण की परिभाषा देते समय उसके विभिन्न घटकों जैसे वायु, जल, मृदा और जीवों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है.
Question 3. पर्यावरण की विभिन्न विद्वानों द्वारा दी गई परिभाषाएँ लिखिए।
Answer: विभिन्न विद्वानों ने पर्यावरण को इस प्रकार परिभाषित किया है:
जिस्बर्ट (P. Gisbert) के अनुसार, "पर्यावरण वह सब कुछ है जो किसी वस्तु को चारों ओर से घेरे हुए है और उसे सीधे प्रभावित करता है."
मैन (Mann) के अनुसार, "पर्यावरण में वे सभी स्थितियाँ शामिल हैं जो प्रकृति मनुष्य को देती है."
In simple words: अलग-अलग विद्वानों ने कहा है कि पर्यावरण वो सब कुछ है जो हमारे आस-पास है और हमें प्रभावित करता है.
🎯 Exam Tip: परिभाषाओं में विद्वानों के नाम और उनके मुख्य विचारों को सही ढंग से प्रस्तुत करें.
Question 4. वायुमण्डल का अर्थ बताइए।
Answer: वायुमण्डल (Atmosphere): पृथ्वी के चारों ओर हवा की जो परत है, उसे वायुमण्डल कहते हैं. यह कई गैसों का मिश्रण है, जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड. वायुमण्डल पृथ्वी पर जीवों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके बिना जीवन संभव नहीं है.
In simple words: वायुमण्डल हमारी पृथ्वी के चारों ओर हवा की एक परत है जिसमें कई गैसें होती हैं, और इसके बिना कोई भी जीव जिंदा नहीं रह सकता.
🎯 Exam Tip: वायुमण्डल की परिभाषा में उसकी गैसीय संरचना और जीवन के लिए उसकी अनिवार्यता का उल्लेख करें.
Question 5. स्थलमण्डल किसे कहते हैं?
Answer: स्थलमण्डल (Lithosphere): पृथ्वी की सबसे बाहरी ठोस परत जिस पर महाद्वीप और महासागर स्थित हैं, उसे स्थलमण्डल कहते हैं. यह हमारी मिट्टी का मुख्य स्रोत है. हम स्थलमण्डल पर ही फसलें उगाते हैं और रहने के लिए घर आदि बनाते हैं.
In simple words: स्थलमण्डल पृथ्वी की कठोर ऊपरी सतह है, जहाँ हम रहते हैं, फसलें उगाते हैं और समुद्र भी यहीं होते हैं.
🎯 Exam Tip: स्थलमण्डल की परिभाषा में 'पृथ्वी की बाहरी परत' और 'महाद्वीप व महासागर' का जिक्र करें.
Question 6. पर्यावरण प्रदूषण को समझाइए।
Answer: पर्यावरण प्रदूषण (Environmental pollution): पर्यावरण या उसके किसी हिस्से में गंदे या हानिकारक पदार्थों के मिलने से जब पर्यावरण का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है, तो उसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं. इसका मतलब है कि पानी, हवा, प्राकृतिक चीजें और मिट्टी में दूषित, जहरीले या बेकार पदार्थ मिलने से जीवों और पौधों पर बुरा असर पड़ने लगता है, और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचता है. इस स्थिति को ही पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं.
In simple words: जब हमारे पर्यावरण में कोई गंदी या जहरीली चीज मिल जाती है और उसे खराब कर देती है, तो उसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं.
🎯 Exam Tip: पर्यावरण प्रदूषण को समझाते समय 'प्राकृतिक संतुलन का बिगड़ना' और 'हानिकारक पदार्थों का प्रवेश' जैसे शब्दों का प्रयोग करें.
Question 7. प्रदूषक किसे कहते हैं?
Answer: प्रदूषक (Pollutants): ऐसे पदार्थ जो हवा, पानी, मिट्टी और अन्य प्राकृतिक चीजों की बनावट, रासायनिक गुण या गुणवत्ता को नुकसान पहुँचाते हैं, उन्हें प्रदूषक कहते हैं. उदाहरण के लिए, कूड़ा-कचरा, गंदा पानी, कीटनाशक, जहरीली गैसें, धुआँ और प्लास्टिक आदि.
In simple words: प्रदूषक वो चीजें हैं जो हवा, पानी या मिट्टी में मिलकर उन्हें खराब कर देती हैं.
🎯 Exam Tip: प्रदूषक की परिभाषा में 'हानिकारक परिवर्तन' और 'उदाहरण' देना महत्वपूर्ण है.
Question 8. परमाणु विस्फोटों से रेडियो सक्रिय पदार्थ पृथ्वी पर गिरते हैं और लम्बे समय तक भूमि को प्रदूषित करते रहते हैं। 9. खनन क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट।
Answer:
(i) परमाणु विस्फोटों से रेडियोधर्मी पदार्थ पृथ्वी पर गिरते हैं और लंबे समय तक जमीन को गंदा करते रहते हैं.
(ii) खनन क्षेत्रों से निकलने वाले बेकार पदार्थ भी भूमि को प्रदूषित करते हैं.
In simple words: परमाणु बम फटने से और खानों से निकलने वाले कचरे से हमारी जमीन लंबे समय तक खराब होती है.
🎯 Exam Tip: भूमि प्रदूषण के कारणों को बताते समय 'परमाणु विस्फोट' और 'खनन अपशिष्ट' जैसे मुख्य स्रोतों का जिक्र करें.
Question 9. ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव बताइए।
Answer: ध्वनि प्रदूषण के कई बुरे असर होते हैं. तेज आवाज से इंसान और दूसरे जीवों की सेहत और व्यवहार पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इससे चिड़चिड़ापन, बहरापन, ब्लड प्रेशर बढ़ना, तनाव, नींद न आना, उदासी और मानसिक बीमारियाँ हो सकती हैं. ज्यादा शोर हमारी काम करने की क्षमता को भी कम करता है और हमें ठीक से बात करने में भी दिक्कत होती है.
In simple words: ध्वनि प्रदूषण से लोगों को चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और सुनने में परेशानी होती है. यह हमारे स्वास्थ्य और काम पर बुरा असर डालता है.
🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों में शारीरिक (जैसे बहरापन, ब्लड प्रेशर) और मानसिक (जैसे चिड़चिड़ापन, तनाव) दोनों तरह के प्रभावों का उल्लेख करें.
Question 10. रेडियोधर्मी प्रदूषण क्या है? इसका प्रमुख कारण बताइए।
Answer: रेडियोधर्मी प्रदूषण तब होता है जब कुछ पदार्थ ऐसी हानिकारक किरणें छोड़ते हैं जो इंसान और दूसरे जीवों के लिए बहुत खतरनाक होती हैं. जब ऐसी हानिकारक किरणें वातावरण में फैल जाती हैं, तो इसे रेडियो प्रदूषण कहते हैं. परमाणु विस्फोट इसका मुख्य कारण है. कभी-कभी परमाणु भट्टियों से रिसाव होने पर भी यह प्रदूषण पैदा होता है.
In simple words: रेडियोधर्मी प्रदूषण तब होता है जब खतरनाक किरणें वातावरण में फैल जाती हैं, जो परमाणु विस्फोट या परमाणु भट्टियों से निकलती हैं.
🎯 Exam Tip: रेडियोधर्मी प्रदूषण की परिभाषा में 'हानिकारक विकिरण' और 'परमाणु विस्फोट' जैसे प्रमुख कारण को शामिल करें.
Question 11. रेडियोधर्मी प्रदूषण के दुष्प्रभाव एक उदाहरण देकर समझाइए।
Answer: रेडियोधर्मी प्रदूषण के कई शारीरिक और मानसिक रोग होते हैं, और सबसे मुश्किल बात यह है कि एक बार फैलने के बाद इसे रोकना बहुत कठिन हो जाता है. इसका एक भयानक उदाहरण जापान के दो शहर हिरोशिमा और नागासाकी हैं, जहाँ अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध में परमाणु बम गिराए थे. इससे लाखों लोग मारे गए थे और आज भी वहाँ कुछ बच्चे विकलांग पैदा होते हैं, जो विकिरण के बुरे प्रभावों का नतीजा है.
In simple words: रेडियोधर्मी प्रदूषण से कई बीमारियाँ होती हैं और इसे रोकना मुश्किल है. जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम गिरने के बाद आज भी लोग इसके बुरे असर झेल रहे हैं.
🎯 Exam Tip: रेडियोधर्मी प्रदूषण के दुष्प्रभाव बताते समय हिरोशिमा और नागासाकी का उदाहरण एक प्रभावी बिंदु है.
Question 13. जलवायु से आप क्या समझते हैं? जलवायु की पर्यावरण में क्या भूमिका है?
Answer: जलवायु (Climate): मौसम विज्ञानी हर दिन अलग-अलग जगहों के मौसम का रिकॉर्ड रखते हैं और ये डेटा सालों तक सुरक्षित रहते हैं. इन आंकड़ों के आधार पर किसी जगह के औसत मौसम का पैटर्न तय किया जाता है. यही लंबे समय तक का औसत मौसम उस जगह की जलवायु कहलाता है. जलवायु से मनुष्य, सभी जीव, पेड़-पौधे, मिट्टी, पानी के स्रोत आदि प्रभावित होते हैं. इसलिए, पर्यावरण को नियंत्रित करने और उसे तय करने में जलवायु की बहुत खास भूमिका होती है. हमारा जीवन जलवायु से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है.
In simple words: जलवायु एक जगह के मौसम का लंबे समय का औसत है. यह सभी जीवों और पर्यावरण को बहुत प्रभावित करती है, क्योंकि यह जीवन के लिए जरूरी है.
🎯 Exam Tip: जलवायु को 'लंबे समय तक का औसत मौसम' के रूप में परिभाषित करें और पर्यावरण पर इसके व्यापक प्रभावों को दर्शाएँ.
Question 14. ओजोन परत से आप क्या समझते हैं? यह कहाँ स्थित है?
Answer: ओजोन परत पृथ्वी के वायुमण्डल के ऊपर समताप मंडल में पाई जाने वाली गैस की एक मोटी परत है. इसे ओजोन परत कहते हैं. ओजोन गैस ऑक्सीजन का ही एक रूप है, जिसका अणुसूत्र \( O_3 \) होता है. यह नीले रंग की गैस है. यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी के चारों ओर एक परत के रूप में मौजूद है.
In simple words: ओजोन परत समताप मंडल में है और यह ऑक्सीजन का एक रूप है जो पृथ्वी के चारों ओर एक मोटी परत बनाता है.
🎯 Exam Tip: ओजोन परत की स्थिति (समताप मंडल) और उसका रासायनिक सूत्र (\( O_3 \)) याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 15. ओजोन परत के महत्व को समझाइए।
Answer: ओजोन परत पृथ्वी के चारों ओर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. यह परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर नहीं पहुँचने देती, जिससे पृथ्वी पर जीव-जंतु और पेड़-पौधे पराबैंगनी किरणों के बुरे प्रभावों से सुरक्षित रहते हैं. यह परत पराबैंगनी किरणों को वापस ऊपर की ओर भेज देती है.
In simple words: ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाती है, जिससे जीव-जंतु और पेड़-पौधे सुरक्षित रहते हैं.
🎯 Exam Tip: ओजोन परत के महत्व को बताते समय 'पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा' और 'पृथ्वी पर जीवन के संरक्षण' को मुख्य बिंदु बनाएँ.
Question 16. ग्रीन हाउस (पौधघर) से आप क्या समझते हैं?
Answer: ग्रीनहाउस (पौधघर): यह एक पारदर्शी शीशे की दीवारों वाला छोटा कमरा होता है. इसका उपयोग ठंडी जगहों पर ऐसे पौधे उगाने के लिए किया जाता है जिन्हें गरम मौसम चाहिए. जब सूर्य की रोशनी इसकी दीवारों पर पड़ती है, तो इसके अंदर का तापमान बाहर की तुलना में बढ़ जाता है. शीशे की दीवारें गर्मी को बाहर नहीं निकलने देतीं.
In simple words: ग्रीनहाउस शीशे का एक कमरा होता है जो पौधों को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल होता है, क्योंकि यह सूर्य की गर्मी को अंदर ही रोक लेता है.
🎯 Exam Tip: ग्रीनहाउस को 'काँच के कमरे' और 'तापमान नियंत्रण' के संदर्भ में समझाएँ.
Question 18. ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि से क्या परिणाम होंगे?
Answer: ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ने से पृथ्वी के वातावरण का तापमान बढ़ जाएगा. इससे पृथ्वी पर जलवायु बदलने का खतरा बढ़ जाएगा. बढ़े हुए तापमान के कारण ग्लेशियर और ध्रुवों की बर्फ पिघलने लगेगी, जिससे नदियाँ उफान पर आ जाएँगी, बाढ़ आएगी, समुद्र-स्तर बढ़ जाएगा, तूफान और चक्रवात बढ़ेंगे. कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ की स्थिति बन जाएगी.
In simple words: ग्रीनहाउस गैसें बढ़ने से धरती का तापमान बढ़ेगा, जिससे बर्फ पिघलेगी, बाढ़ आएगी और मौसम में बड़े बदलाव होंगे.
🎯 Exam Tip: ग्रीनहाउस गैसों की वृद्धि के परिणामों में 'वैश्विक तापमान वृद्धि' और 'मौसम संबंधी आपदाओं' पर ध्यान केंद्रित करें.
Question 19. हमारी प्राचीन परम्पराओं व रीति-रिवाजों में भी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण व विकास हेतु गहरी संवेदनशीलता दिखाई देती है। दो उदाहरण देकर समझाइए।
Answer: हमारी प्राचीन भारतीय परंपराओं में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखती है. इसके दो उदाहरण हैं:
1. प्राचीन भारतीय हिंदू ग्रंथ मत्स्य पुराण में एक पेड़ को दस बेटों के बराबर माना गया है, जो पेड़ों के प्रति हमारे सम्मान को दिखाता है.
2. धर्म सिंधु नामक ग्रंथ में एक श्लोक है “हस्तान्द्वादश सत्यज्य मूत्रं कुयोज्जलाशयात्। अवकाशे षोडस वा पुरीषे तु चतुर्गुणम्।” इसका मतलब है कि किसी जलाशय से बारह या सोलह हाथ की दूरी पर पेशाब करना चाहिए, और उससे चार गुना अधिक दूर पर शौच करना चाहिए. यह उदाहरण हमारी प्राचीन परंपराओं में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है.
In simple words: पुराने समय से ही हमारे रीति-रिवाजों में पेड़-पौधों और पानी जैसे प्राकृतिक चीजों का सम्मान और उन्हें बचाकर रखने की बातें कही गई हैं.
🎯 Exam Tip: प्राचीन परंपराओं के उदाहरण देते समय मत्स्य पुराण और धर्म सिंधु जैसे ग्रंथों का उल्लेख करना प्रभावशाली होगा.
Question 20. धारणीय विकास की अवधारणा क्या है? समझाइए।
Answer: धारणीय विकास (Sustainable development): ब्रंटलैंड आयोग के अनुसार, धारणीय विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करता है, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों की अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता नहीं करता. इसे सतत विकास भी कहते हैं. इस विचार के अनुसार, वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए.
In simple words: धारणीय विकास का मतलब है कि हम आज अपनी जरूरतों को इस तरह पूरा करें कि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सभी संसाधन बचे रहें.
🎯 Exam Tip: धारणीय विकास की अवधारणा में 'वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं' के संतुलन पर जोर दें.
RBSE Class 11 Sociology Chapter 8 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. पारिस्थितिक अन्तःक्रिया को समझाइए। पारितंत्र असन्तुलन क्यों उत्पन्न होता है? व्याख्या कीजिए।
Answer: पारिस्थितिकी जीवों का एक-दूसरे के साथ और अपने आसपास के भौतिक पर्यावरण के साथ बातचीत करने का अध्ययन है. हम जानते हैं कि पशु-पक्षी अपने भोजन के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं और पूरे दिन सक्रिय रहते हैं. कुछ शाकाहारी पशु घास और अन्य पौधों को खाने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, और मांसाहारी पशु दूसरे जीवों का शिकार करते हैं. पारिस्थितिकी में एक प्राकृतिक संतुलन बना रहना जरूरी है. हमारी पृथ्वी पर सभी जीव-जंतु, पेड़-पौधे, कीड़े-मकोड़े, और विभिन्न प्रकार के पौधे एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं.
पेड़-पौधे हमें भोजन, दवाएँ और सुरक्षा देते हैं. पक्षी पेड़ों पर अपने घोंसले बनाते हैं. पक्षी और पशुओं के मल से पेड़-पौधों के बीज एक जगह से दूसरी जगह फैलते हैं, जिससे नए पेड़ उगने में मदद मिलती है. शाकाहारी पशु-पक्षी फल-फूल और पौधों को खाते हैं, और मांसाहारी पशु-पक्षी दूसरे पशु-पक्षियों को खाते हैं. बेकार लगने वाले कीड़े-मकोड़े भी बेकार और मरी हुई चीजों को खाकर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं. इस तरह एक पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) बनता है.
यह पारिस्थितिक तंत्र करोड़ों सालों के प्राकृतिक विकास का नतीजा है. पारिस्थितिकी में एक समय में जीवों की एक सीमित संख्या ही अपनी जरूरतों को पूरा कर सकती है. इस क्षमता को 'धारण क्षमता' कहते हैं. यह क्षमता प्राकृतिक संतुलन बनाए रखती है. अगर पारिस्थितिकी में से किसी एक हिस्से को खत्म कर दिया जाए या कम या ज्यादा कर दिया जाए, तो यह संतुलन बिगड़ जाता है जिससे पूरे पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा पैदा हो सकता है. पृथ्वी पर केवल मनुष्य ही ऐसा जीव है जो अपने कामों से पारिस्थितिक तंत्र को असंतुलित कर सकता है और कर भी रहा है.
In simple words: पारिस्थितिकी यह बताती है कि सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे एक-दूसरे और अपने वातावरण पर निर्भर करते हैं. जब इस निर्भरता का संतुलन बिगड़ जाता है, तो पूरा पारितंत्र खतरे में आ जाता है. इंसान ही अपने कामों से इस संतुलन को सबसे ज्यादा बिगाड़ता है.
🎯 Exam Tip: इस दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के उत्तर में पारिस्थितिक अन्तःक्रिया, धारण क्षमता और मनुष्य द्वारा असंतुलन के कारणों पर प्रकाश डालना आवश्यक है.
Question 2. जल प्रदूषण का अर्थ बताइए तथा इसके दुष्प्रभाव बताएँ।
Answer: जल प्रदूषण (Water pollution): जब प्राकृतिक रूप से शुद्ध जल में समुद्रों, नदियों, झीलों, तालाबों और कुओं जैसे जल-स्रोतों में रासायनिक या अन्य पदार्थ मिल जाते हैं और पानी दूषित हो जाता है, तो इसे जल प्रदूषण कहते हैं. इन रासायनिक और हानिकारक पदार्थों के कारण यह जल कृषि, मछली पालन, मानव, पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है. पानी को प्रदूषित करने वाले तत्वों को 'जलप्रदूषक' कहते हैं. जल प्रदूषण के लिए ये मुख्य प्रदूषक जिम्मेदार हैं:
1. औद्योगिक प्रदूषक: उद्योगों से निकलने वाले सीसा, जस्ता, पारा, क्रोमियम, प्लास्टिक आदि जैसे पदार्थ जल-स्रोतों और भूमिगत जल में मिलकर उसे प्रदूषित करते हैं.
2. घरेलू प्रदूषक: नहाने, कपड़े धोने और साफ-सफाई जैसी घरेलू गतिविधियों में बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग होता है. उपयोग के बाद इस पानी में कास्टिक सोड़ा, भोजन के कण आदि मिल जाते हैं, जिससे पानी दूषित हो जाता है.
3. मल-मूत्र: घरों और सार्वजनिक शौचालयों से निकलने वाला मल-मूत्र बड़ी मात्रा में पानी को प्रदूषित करता है. यह मल-मूत्र आसपास के जल-स्रोतों में मिलकर उसे प्रदूषित करता है. हमारे शहरों और ग्रामीण इलाकों में मल-मूत्र के सही निपटान की व्यवस्था न होने के कारण स्वच्छ जल-स्रोतों को यह प्रदूषित करता है.
4. कृषि प्रदूषक: आजकल कृषि में कई तरह के उर्वरकों, कीटनाशकों और शाकाहारी रसायनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. ये रसायन बारिश के पानी के साथ बहकर जल-स्रोतों में मिल जाते हैं और पानी को प्रदूषित करते हैं.
5. रेडियोसक्रिय प्रदूषक: विस्फोटक पदार्थों से निकलने वाले रेडियोसक्रिय पदार्थ जल-स्रोतों में मिलकर पानी को दूषित कर देते हैं.
जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव:
1. दूषित पानी के इस्तेमाल से इंसानों और पशुओं के शरीर में कई बीमारियाँ हो जाती हैं.
2. दूषित पानी से सिंचाई करने पर फलों और सब्जियों के उपयोग से भी कई समस्याएँ पैदा होती हैं.
3. दूषित पानी में रहने वाले पौधों और जीवों के जीवन पर खतरा पैदा हो जाता है.
4. खाद्य श्रृंखला (food chain) भी प्रदूषित हो जाती है.
In simple words: जल प्रदूषण तब होता है जब पानी में गंदे या जहरीले पदार्थ मिल जाते हैं. इसके मुख्य कारण कारखाने का कचरा, घर का गंदा पानी, मल-मूत्र, खेतों के रसायन और परमाणु कचरा हैं. जल प्रदूषण से बीमारियाँ फैलती हैं, फसलों को नुकसान होता है, जलीय जीवों का जीवन खतरे में पड़ता है और खाने की चीजें भी दूषित हो जाती हैं.
🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के कारणों और दुष्प्रभावों को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट करें, साथ ही 'जलप्रदूषक' शब्द का भी प्रयोग करें.
Question 3. भूमि प्रदूषण क्या है? प्रमुख भूमि प्रदूषकों तथा भूमि प्रदूषक के दुष्प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: भूमि प्रदूषण (Land Pollution): आज के समय में तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण निकलने वाला ठोस कचरा भूमि के भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणों को खराब कर रहा है, जिससे भूमि की प्राकृतिक गुणवत्ता कम हो रही है. इसे भूमि प्रदूषण कहते हैं. दूसरे शब्दों में, जब बेकार पदार्थ मिट्टी में मिल जाते हैं और जमीन खेती के लायक नहीं रहती, तो उसे भूमि प्रदूषण कहते हैं. हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि पृथ्वी एक स्थिर इकाई है, इसलिए इसमें कोई वृद्धि संभव नहीं है. लगभग 80 प्रतिशत खाद्य पदार्थ हमें मिट्टी से ही मिलते हैं और खेती योग्य जमीन बहुत कम है. यह जमीन भी प्रदूषण के कारण बेकार होती जा रही है.
प्रमुख भूमि प्रदूषक निम्नलिखित हैं:
1. कल-कारखानों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट.
2. घरों का बेकार सामान, टिन, कैन आदि.
3. कृषि में उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक, शाकनाशक और उर्वरक.
4. चिकित्सा अपशिष्ट, जैसे इंजेक्शन, दवाएँ, सूई आदि.
5. रेडियोधर्मी पदार्थ जो परमाणु विस्फोटों से पृथ्वी पर गिरते हैं और लंबे समय तक भूमि को प्रदूषित करते रहते हैं.
6. खनन क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट.
भूमि प्रदूषण के दुष्प्रभाव:
1. मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम होने से उत्पादन प्रभावित होता है.
2. फसलें प्रदूषित और जहरीली हो जाती हैं.
3. मक्खी, मच्छर और बीमारी फैलाने वाले दूसरे जीव तेजी से बढ़ते हैं.
4. रहने योग्य स्वच्छ जगह कम हो जाती है.
5. वातावरण दुर्गंधयुक्त हो जाता है, जिससे साँस लेने में दिक्कत होती है.
6. दूषित भूमि के कारण जल प्रदूषण भी बढ़ता है.
In simple words: भूमि प्रदूषण तब होता है जब कारखानों, घरों और खेती के कचरे से मिट्टी खराब हो जाती है. इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम होती है, फसलें जहरीली होती हैं, बीमारियाँ बढ़ती हैं और आस-पास का माहौल गंदा हो जाता है.
🎯 Exam Tip: भूमि प्रदूषण की परिभाषा के साथ उसके कारणों और दुष्प्रभावों को विस्तार से समझाएँ, और 'मिट्टी की गुणवत्ता' पर पड़ने वाले प्रभावों पर विशेष जोर दें.
Question 4. ध्वनि प्रदूषण क्या है? ध्वनि प्रदूषण के कारकों का वर्णन कीजिए।
Answer: ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution): हम आवाज के कारण ही सुन सकते हैं, लेकिन जब तेज आवाज हमारे शरीर और दिमाग पर बुरा असर डालने लगती है, तो उसे शोर कहते हैं. बहुत ज्यादा शोर और अनचाही आवाजें जब इंसान और दूसरे जीवों को परेशान करने लगती हैं, तो इसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं. ध्वनि की तीव्रता को डेसीबल में मापा जाता है. 80 डेसीबल से ज्यादा तेज आवाज नुकसानदायक होती है. वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि 85 डेसीबल से ज्यादा तेज आवाज में लंबे समय तक रहने पर व्यक्ति बहरा हो सकता है.
ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. यातायात के साधन: सड़कों पर बढ़ते वाहनों से होने वाला शोर और हॉर्न बजाने से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है. खासकर बड़े शहरों में यह समस्या बहुत गंभीर है. रेलगाड़ियाँ और हवाई यातायात भी ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाते हैं.
2. कल-कारखाने तथा मशीनें: शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण बड़े उद्योगों और कल-कारखानों की संख्या बहुत बढ़ गई है, जिनसे निकलने वाला शोर ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाता है. बड़े उद्योगों के अलावा, शहरी इलाकों में आरा मशीनें और दूसरी मशीनें भी ध्वनि प्रदूषण बढ़ाती हैं.
3. मनोरंजन के साधन: मनोरंजन के कई साधन जैसे सिनेमा, टेलीविजन, रेडियो और संगीत के दूसरे माध्यमों से भी ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है. कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर का उपयोग और पटाखों का बढ़ता चलन भी ध्वनि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं.
4. आपसी चर्चा: 50 डेसीबल
5. रेलगाड़ी: 90 डेसीबल
6. तेज संगीत: 120 डेसीबल
7. बिजली कड़कने की आवाज: 120 डेसीबल
8. जेट विमान का उड़ना: 140 डेसीबल
9. रॉकेट लॉन्च (Rocket Launch) के समय: 180 डेसीबल
In simple words: ध्वनि प्रदूषण तब होता है जब बहुत ज्यादा शोर या अनचाही आवाजें हमें परेशान करती हैं. इसके मुख्य कारण गाड़ी, कारखाने, मशीनें और मनोरंजन के साधन हैं. इससे हमें बहरापन, तनाव और दूसरी समस्याएँ हो सकती हैं.
🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण की परिभाषा में 'अवांछित ध्वनि' और 'स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव' पर जोर दें. साथ ही, विभिन्न कारणों और उनके ध्वनि स्तरों को भी याद रखें.
Question 6. ग्रीन हाउस प्रभाव एवं वैश्विक ऊष्णन को समझाते हुए बताइए कि यह आजकल एक बड़ी चिन्ता का विषय क्यों बन रहा है?
Answer: ग्रीन हाउस प्रभाव एवं वैश्विक ऊष्णन (Green House Effect and Global Warming): पृथ्वी का वातावरण जिस तरह से सूर्य की ऊर्जा को सोखता है, उसे ग्रीन हाउस प्रभाव कहते हैं. ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण पृथ्वी की सतह और वायुमंडल स्वाभाविक रूप से गर्म रहते हैं. पृथ्वी के चारों ओर कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और क्लोरोफ्लोरो कार्बन जैसी ग्रीन हाउस गैसों की एक परत है. यह परत सूर्य की ऊर्जा को सोखकर पृथ्वी पर चारों दिशाओं में भेजती है. ग्रीन हाउस प्रभाव के बिना पृथ्वी का तापमान -18 डिग्री सेल्सियस हो सकता है, इतने कम तापमान पर अधिकांश जीवों का विकास संभव नहीं होगा.
पृथ्वी का वायुमंडल शीशे के एक घर की तरह काम करता है, जो रोशनी को अंदर तो आने देता है लेकिन गर्मी को बाहर नहीं जाने देता. सूर्य की ऊर्जा का कुछ हिस्सा वायुमंडलीय ग्रीन हाउस गैसों द्वारा सोख लिया जाता है. ये गैसें ऊष्मीय ऊर्जा को पृथ्वी की सतह पर वापस भेजती हैं. इससे पृथ्वी की सतह और निचला वायुमंडल गर्म रहता है.
वनोन्मूलन ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है.
ग्रीन हाउस गैसों में वृद्धि के कारण पृथ्वी का तापमान भी बढ़ रहा है, जिससे पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन का खतरा बढ़ रहा है. सूखा, बहुत ज्यादा बारिश, बर्फबारी, समुद्री जलस्तर का बढ़ना, चक्रवात, तूफान, ग्लेशियर की बर्फ का पिघलना, फसलों के उत्पादन पर असर और असामान्य बारिश जैसी स्थितियाँ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में देखी जा रही हैं. पेड़-पौधे और वन्य जीव भी प्रभावित हो रहे हैं, और पारिस्थितिक तंत्र पर बुरा असर पड़ रहा है.
In simple words: ग्रीन हाउस प्रभाव से धरती गर्म रहती है, जो जीवन के लिए जरूरी है. लेकिन ग्रीन हाउस गैसें बढ़ने से धरती का तापमान खतरनाक तरीके से बढ़ रहा है, जिसे वैश्विक ऊष्णन कहते हैं. इससे सूखा, बाढ़, बर्फ पिघलना और मौसम में बड़े बदलाव जैसी समस्याएँ आ रही हैं, जो आज एक बड़ी चिंता का कारण बन गई हैं.
🎯 Exam Tip: ग्रीन हाउस प्रभाव और वैश्विक ऊष्णन को समझाते समय उनकी परिभाषा, ग्रीन हाउस गैसों के प्रकार और वर्तमान में चिंता का विषय बनने के कारणों को स्पष्ट करें.
Question 7. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन, कृषि में सुधार तथा वर्षा जल संचयन की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
Answer: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन: ठोस कचरे में आमतौर पर प्लास्टिक, कागज, खाने का कचरा, चमड़ा, कपड़े, धातु के टुकड़े, काँच, रबर आदि शामिल होते हैं, जिन्हें हम घरों और कार्यालयों से बाहर फेंक देते हैं. ये कचरे मक्खी, मच्छरों के प्रजनन स्थल बन जाते हैं और बरसात में जमीन के अंदर पानी में भी मिल जाते हैं.
हम ठोस कचरे को तीन भागों में बाँट सकते हैं:
(a) जैव निम्नीकरणीय पदार्थ (जो गल जाते हैं)
(b) पुनः चक्रण योग्य पदार्थ (जिन्हें दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है)
(c) जैव अनिम्नीकरण पदार्थ (जो गलते नहीं हैं)
इनमें से जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ सबसे ज्यादा हानिकारक होते हैं और हमारे पर्यावरण के लिए खतरा पैदा करते हैं. हमें ऐसे पदार्थों का उपयोग कम करना चाहिए और ऐसे कचरे के निपटान की अच्छी व्यवस्था करनी चाहिए.
2. कृषि में सुधार: फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए आजकल कई तरह के रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और शाकनाशक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. इन पदार्थों के अवशेष हमारे जल-स्रोतों को प्रदूषित करके पर्यावरण को नुकसान पहुँचाते हैं. हमें अपनी खेती के तरीकों में सुधार करना चाहिए. इसके लिए हमें उर्वरकों और रासायनिक पदार्थों पर निर्भरता कम करके जैविक खेती के तरीकों को अपनाना चाहिए.
3. वर्षा जल संचयन: पानी के स्रोतों के अत्यधिक उपयोग और पर्यावरण असंतुलन के कारण आजकल पीने के पानी की कमी हो गई है. कई नदियाँ सूख गई हैं और जमीन के नीचे का पानी भी लगातार कम हो रहा है. इस समस्या से निपटने के लिए हमें वर्षा जल को इकट्ठा करने के उपाय अपनाने चाहिए.
In simple words: पर्यावरण को बचाने के लिए हमें कचरे का सही तरीके से निपटान करना चाहिए, खेती में रसायनों का कम उपयोग करके जैविक तरीके अपनाने चाहिए और बारिश के पानी को इकट्ठा करना चाहिए.
🎯 Exam Tip: पर्यावरण सुरक्षा के लिए दिए गए तीनों बिंदुओं को स्पष्ट रूप से समझाएँ और उनके महत्व पर जोर दें. तीनों ही बिंदुओं में वर्तमान समस्याओं का जिक्र करते हुए समाधानों को प्रस्तुत करें.
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