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Detailed Chapter 16 शिष्य-परीक्षा RBSE Solutions for Class 11 Sanskrit
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Class 11 Sanskrit Chapter 16 शिष्य-परीक्षा RBSE Solutions PDF
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 16 पाठ्य-पुस्तकस्य अभ्यास-प्रणोत्तराणि
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 16 वस्तुनिष्ठ प्रश्ना
Question 1. समर्थगुरु-रामदासस्य पीड़ा आसीत्। (समर्थ गुरु रामदास की पीड़ा थी।)
(a) शिरोवेदना
(b) पक्षाघात
(c) कर्ण पीडा
(d) उदरपीडा
Answer: (d) उदरपीडा
In simple words: समर्थ गुरु रामदास को पेट में दर्द था।
🎯 Exam Tip: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में, दिए गए विकल्पों में से सबसे सटीक उत्तर चुनें।
Question 2. रामदासस्य रोगस्य उपचारः अस्ति – (रामदास के रोग का उपचार है।)
Answer: व्याघ्रीदुग्धम्
In simple words: रामदास की बीमारी का इलाज बाघिन का दूध था।
🎯 Exam Tip: सीधे उत्तर वाले प्रश्नों में, कहानी के अनुसार सटीक उपाय या वस्तु का नाम बताएँ।
Question 3. कः व्याघ्री दुग्धम् आनेतुं वनाभिमुखं प्रस्थितवान् – (वाघनी का दूध लाने के लिये कौन वन की ओर प्रस्थान करता है?)
(a) रामदासः
(b) माधोदासः
(c) शिवः
(d) जीजाबाई
Answer: (c) शिवः
In simple words: बाघिन का दूध लाने के लिए शिवाजी जंगल की ओर गए।
🎯 Exam Tip: चरित्र-आधारित प्रश्नों में, घटना में शामिल सही व्यक्ति की पहचान करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. मातः अपराधं मे क्षमस्व' अत्र मातः ! इति शब्दः कस्याः कृते प्रयुक्तः- (माँ मेरा अपराध क्षमा करो यहाँ मातः शब्द किसके लिए प्रयुक्त है?)
(a) जीजाबाई
(b) गो
(c) व्याघ्री शिशुः
(d) व्याघ्रीः
Answer: (d) व्याघ्रीः
In simple words: 'मातः' शब्द बाघिन के लिए इस्तेमाल किया गया था।
🎯 Exam Tip: संवादों को ध्यान से पढ़ें और पहचानें कि कौन किससे बात कर रहा है।
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 16 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्नाः
Question 1. कः उदरपीडया व्याकुलः? (उदरपीडो से कौन व्याकुल थे?)
Answer: गुरु रामदासः उदरपीडया व्याकुलः। (गुरु रामदास पेट दर्द से परेशान थे।)
In simple words: गुरु रामदास को पेट में बहुत दर्द था, जिससे वे व्याकुल थे।
🎯 Exam Tip: प्रश्नों का उत्तर देते समय, मुख्य पात्र का नाम और उसकी स्थिति स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. केषां पाश्र्वे उदरपीडाशान्तये विविधाः उपायाः सन्ति। (किनके पास उदर पीड़ा शान्ति के लिए विविध उपाय हैं?)
Answer: वैद्यवराणां सविधे उदरपीडा-शान्तये विविधाः प्रयोगाः सन्ति। (वैद्यराजों के पास पेट दर्द शांत करने के कई तरीके थे।)
In simple words: पेट दर्द को ठीक करने के कई तरीके डॉक्टरों के पास थे।
🎯 Exam Tip: जब किसी समस्या के समाधान के बारे में पूछा जाए, तो समाधान देने वाले विशेषज्ञों का उल्लेख करें।
Question 4. मातः ! प्रयच्छ मे दुग्धम्' इति केन उक्तम् ? (माँ! मुझे दूध दो। यह किसने कहा ?)
Answer: 'मातः! प्रयच्छ मे दुग्धम्' इति शिवराजेन उक्तम्। ('माँ! मुझे दूध दो' यह वाक्य शिवाजी ने कहा।)
In simple words: शिवाजी ने बाघिन से कहा, "माँ! मुझे दूध दो।"
🎯 Exam Tip: कथन वाले प्रश्नों में, बोलने वाले और सुनने वाले दोनों का उल्लेख करें।
Question 5. के लज्जिताः सन्तः शिवमुखं प्रति पश्यन्ति? (कौन लज्जित हुए शिवाजी के मुख की ओर देखते हैं?)
Answer: शिष्याः लज्जिताः सन्तः शिवमुखं प्रति पश्यन्ति। (शिष्य लज्जित होकर शिवाजी के मुख की ओर देख रहे थे।)
In simple words: दूसरे शिष्य शर्मिंदा होकर शिवाजी का चेहरा देख रहे थे।
🎯 Exam Tip: कहानी में पात्रों की भावनाओं और प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखें।
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 16 लघूत्तरात्मक प्रश्नाः
Question 1. रामदासः उदरपीडानिवारणार्थं क उपायः कथितवान्? (रामदास ने उदरपीड़ा के निवारण का क्या उपाय बताया?)
Answer: समर्थ रामदासः उदरपीडायाः निवारणार्थं व्याघ्री-दुग्धम् एव उपायं कथितवान्। (समर्थ रामदास ने पेट दर्द दूर करने के लिए बाघिन का दूध लाने का उपाय बताया।)
In simple words: रामदास ने कहा कि उनके पेट दर्द को ठीक करने का एकमात्र तरीका बाघिन का दूध है।
🎯 Exam Tip: जब किसी समस्या के विशेष समाधान के बारे में पूछा जाए, तो उसे स्पष्ट और संक्षेप में बताएं।
Question 2. एतदेव व्याघ्रीदुग्धम्।' इति वाक्यं कः कम् उक्तवान्? (यह वाक्य किसने किससे कहा?)
Answer: एतद् वाक्यं शिवः समर्थ गुरु रामदासम् उक्तवान्। (यह वाक्य शिवाजी ने समर्थ गुरु रामदास से कहा।)
In simple words: यह बात शिवाजी ने अपने गुरु रामदास से कही।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, बोलने वाले और सुनने वाले दोनों का सही उल्लेख करें।
Question 3. शिवः व्याघ्रीदुग्धं नीत्वा कुत्र गतः? (शिवाजी बाघिन का दूध लेकर कहाँ गया?)
Answer: शिवः व्याघ्री दुग्धं नीत्वा समर्थगुरुरामदासमगच्छत्। (शिवाजी बाघिन का दूध लेकर समर्थ गुरु रामदास के पास गए।)
In simple words: शिवाजी बाघिन का दूध लेकर अपने गुरु रामदास के पास वापस गए।
🎯 Exam Tip: कहानी के घटनाक्रम को याद रखें और पात्रों की गतिविधियों का सही क्रम बताएं।
Question 4. शिवः गुहामुखे किमपश्यत्? (शिवाजी ने गुफा के मुख पर क्या देखा?)
Answer: शिवः गुहामुखे सिंहशावकम् अपश्यत्। (शिवाजी ने गुफा के मुँह पर एक शेर का बच्चा देखा।)
In simple words: गुफा के मुँह पर शिवाजी ने शेर का एक छोटा बच्चा देखा।
🎯 Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण दृश्यों और उनमें देखे गए महत्वपूर्ण तत्वों को याद रखें।
Question 6. रामदासः शिवं काभिः शुभाशीर्भिः अभिनन्दयत्? (रामदास ने शिव के किन आशीर्वादों से अभिनन्दन। किया?)
Answer: रामदासः पुनः-पुनः शिवं शुभाशीर्भिः समभिनन्दयत्। (रामदास ने बार-बार शिवाजी को शुभकामनाएँ दीं और उनका अभिनंदन किया।)
In simple words: रामदास ने बार-बार शिवाजी को बहुत सारी शुभकामनाएँ दीं।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण पात्रों की प्रतिक्रियाओं और आशीर्वादों को उनके सही संदर्भ में लिखें।
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 16 निबन्धात्मक प्रश्नाः
Question 1. समर्थगुरु रामदासः स्वशिष्याणां परीक्षार्थं क उपायः विचारितवान्? (समर्थगुरु रामदास ने अपने शिष्यों की परीक्षा लेने के लिए क्या उपाय किया?)
Answer: समर्थ गुरु रामदासः स्वशिष्याणां परीक्षार्थं उदरपीडां नाटयन् तस्य उपायः मात्र व्याघ्री दुग्धम् अकथयत्। (समर्थ गुरु रामदास ने अपने शिष्यों की परीक्षा लेने के लिए पेट दर्द का नाटक किया और उसका उपाय केवल बाघिन का दूध बताया।)
In simple words: समर्थ गुरु रामदास ने शिष्यों की परीक्षा लेने के लिए पेट दर्द का बहाना किया और कहा कि इसका इलाज केवल बाघिन का दूध है।
🎯 Exam Tip: जब किसी पात्र की योजना या रणनीति के बारे में पूछा जाए, तो उसके पीछे के कारण और क्रियाविधि दोनों का उल्लेख करें।
Question 2. शिवः गुरुचरणान् स्पृशन् कां प्रतिज्ञां करोति? (शिवाजी गुरु के चरणस्पर्श कर क्या प्रतिज्ञा करता है?)
Answer: शिवः गुरुचरणान् स्पृशन् प्रतिज्ञां करोति-'गुरुवर्य ! अहमानयामि सम्प्रति एव व्याघ्री दुग्धम्। (शिवाजी ने गुरुजी के चरण-स्पर्श करते हुए प्रतिज्ञा की "हे गुरुजी, मैं अभी बाघिनी का दूध लाता हूँ।")
In simple words: शिवाजी ने गुरु के चरणों को छूकर प्रतिज्ञा ली कि वे अभी बाघिन का दूध लाएँगे।
🎯 Exam Tip: प्रतिज्ञा वाले प्रश्नों में, प्रतिज्ञा की सामग्री को सीधे और स्पष्ट रूप से उद्धृत करें।
Question 3. रामदासः शिवस्य हस्ते व्याघ्रीदुग्धं दृष्ट्ा के शुभाशीर्भिः अभ्यनन्दयत्? (रामदास शिवाजी के हाथ में बाघिन का दूध देखकर किसको शुभाशीषों से अभिनन्दन किया?)
Answer: रामदासः शिवस्य हस्ते व्याघ्री दुग्धं दृष्ट्वा शिवं शुभाशीर्भिः अभ्यनन्दयत्। (रामदास ने शिवाजी के हाथ में बाघिन का दूध देखकर शिवाजी को शुभकामनाओं से अभिनंदन किया।)
In simple words: शिवाजी के हाथ में बाघिन का दूध देखकर रामदास ने शिवाजी को बहुत आशीर्वाद दिया।
🎯 Exam Tip: किसी महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद पात्रों के बीच होने वाली सकारात्मक बातचीत का वर्णन करें।
Question 4. सप्रसंगम् अनुवादं कुरुत-
(i) मातः अपराधं मे क्षमस्व। नाहं भवतीं क्लेशयितुं समागतोऽस्मि। अहं तु गुरोः उदरपीडां शमनाय दुग्धमानेतुमागतोऽस्मि। मातः! प्रयच्छ दुग्धम्। येन मे गुरोः उदरपीडा शान्ता भवेत्।
प्रसङ्गः- यह गद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक के शिष्य-परीक्षाः पाठ से लिया गया है। यह पाठ वीरशिरोमणि महाराज शिवाजी की बाल्यकाल की घटना पर आधारित है। समर्थ गुरु रामदास उदरपीड़ा का नाटक करके शिष्यों एवं भक्तों की परीक्षा लेते हैं। इन पंक्तियों में शिवाजी बाघिनी से कहते हैं
प्रसङ्गः- ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के शिष्य-परीक्षाः पाठ से उधृत हैं। यह पाठ वीरशिरोमणि शिवाजी महाराज की बाल्यकाल की एक घटना पर आधारित है। इसमें शिवाजी का साहस, वीरता तथा गुरुभक्ति का परिचय देते हुए कहा है। गुरु समर्थ रामदास कहते हैं।
हिन्दी-अनुवादः- बेटा ! तुम्हीं राष्ट्र का उद्धार करने वाले हो। तुम्हारे जन्म से यह पृथ्वी वीरों को जन्म देने वाली हो गई। मेरे कोई उदर पीड़ा नहीं है। भक्तों की परीक्षा के लिए ही मैंने इस सबकी कल्पना की थी।
शिवाजी – विजयी रहें, शिवाजी की जय हो जय हो। शिष्य नारे लगाते हैं।
Answer:
(i) मातः अपराधं मे क्षमस्व। नाहं भवतीं क्लेशयितुं समागतोऽस्मि। अहं तु गुरोः उदरपीडां शमनाय दुग्धमानेतुमागतोऽस्मि। मातः! प्रयच्छ दुग्धम्। येन मे गुरोः उदरपीडा शान्ता भवेत्।
**प्रसंग:** यह अंश हमारी पाठ्यपुस्तक 'शिष्य-परीक्षाः' पाठ से है। यह वीरशिरोमणि महाराज शिवाजी के बचपन की एक घटना पर आधारित है। समर्थ गुरु रामदास शिष्यों की परीक्षा लेने के लिए पेट दर्द का नाटक करते हैं। इन पंक्तियों में शिवाजी बाघिन से विनम्रतापूर्वक बात कर रहे हैं।
**हिन्दी अनुवाद:**
"माँ, मेरा अपराध क्षमा करो। मैं तुम्हें कष्ट देने नहीं आया हूँ। मैं तो अपने गुरु के पेट दर्द को शांत करने के लिए दूध लेने आया हूँ। माँ! मुझे दूध दो, जिससे मेरे गुरु का पेट दर्द शांत हो जाए।"
In simple words: शिवाजी बाघिन से अपना अपराध क्षमा करने की प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि वे उसे परेशान करने नहीं आए हैं, बल्कि अपने गुरु के पेट दर्द को ठीक करने के लिए दूध लेने आए हैं ताकि गुरु का दर्द शांत हो सके।
🎯 Exam Tip: सप्रसंग अनुवाद में, पहले प्रसंग स्पष्ट करें, फिर मूल पाठ का सरल और सटीक हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करें।
व्याकरणात्मक प्रश्नोत्तराणि –
Question 6. अधोलिखितपदेषु शब्द-लिंग-विभक्ति-वचनानां निर्देशं कुरुत- (निम्न पदों में शब्द, लिंग, विभक्ति, वचनों का निर्देश कीजिए-)
Answer:
| पदम् | मूलशब्दः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
|---|---|---|---|---|
| 1. भवताम् | भवत् | पुंल्लिङ्ग | षष्ठी | बहुवचनम् |
| 2. मम | अस्मद् | – | षष्ठी | एकवचनम् |
| 3. त्वया | युष्मद् | – | तृतीया | एकवचनम् |
| 4. पात्रे | पात्र | नपुंसक | सप्तमी | एकवचनम् |
| 5. शिष्याः | शिष्य | पुंल्लिङ्ग | प्रथमा | बहुवचनम् |
| 6. मुखात् | मुख | पुंल्लिङ्ग | पंचमी | एकवचनम् |
| 7. गुरोः | गुरु | पुंल्लिंग | षष्ठी | एकवचनम् |
| 8. पुत्रस्यः | पुत्र | पुंल्लिंग | षष्ठी | एकवचनम् |
| 9. सर्वेषाम् | सर्व | पुंल्लिंग | षष्ठी | बहुवचनम् |
| 10. गुहायाम् | गुहा | स्त्रीलिंग | सप्तमी | एकवचनम् |
🎯 Exam Tip: व्याकरण के प्रश्नों में तालिका को ध्यान से भरें, प्रत्येक शब्द के मूल रूप, लिंग, विभक्ति और वचन को सही पहचानें।
Question 8. अधोलिखितपदेषु उपसर्ग-धातु-प्रत्ययः लेख्याः- (निम्न पदों में उपसर्ग, धातु, प्रत्यय लिखिए-)
Answer:
| पदम् | उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः |
|---|---|---|---|
| 1. प्रयच्छ | प्र | दाण् | सिप् |
| 2. वीक्ष्य | वि | ईक्ष् | ल्यप् |
| 3. निधाय | नि | धा | ल्यप् |
| 4. सञ्जातः | सम् | जन् | क्त |
| 5. कर्तुम् | - | कृ | तुमुन् |
| 6. उपविष्टः | उप | विश् | क्त |
| 7. प्रतीक्ष्यन्ते | प्रति | ईक्ष् | झ |
| 8. समागतः | सम्, आ | गम् | क्त |
| 9. मिलित्वा | - | मिल् | क्त्वा |
| 10. आनेतुम् | आ | नी | तुमुन् |
| 11. स्पृशन् | - | स्पृश् | शतृ |
| 12. प्राह | प्र | आह | ड |
| 13. निर्गच्छति | निर् | गम् | तिप् |
🎯 Exam Tip: उपसर्ग, धातु और प्रत्यय को अलग करते समय, शब्द के अर्थ और व्याकरणिक संरचना को ध्यान में रखें।
Question 9. निम्नलिखित पदानां सन्धि-विच्छेदं कृत्वा सन्धि नाम निर्देशं कुरुत- (निम्न पदों का सन्धि-विच्छेद करके सन्धि का नाम बताइए-)
Answer:
| पदम् | सन्धि-विग्रहः | सन्धिनाम |
|---|---|---|
| 5. सम्प्रत्येव | सम्प्रति + एव | यण् संधि |
| 6. स्यान्मे | स्यात् + मे | हल् संधि |
| 7. प्राणान्तः | प्राण + अन्त | दीर्घ संधि |
| 8. धरेंयम् | धरा + इयम् | गुण संधि |
| 9. कोऽपि | कः + अपि | पूर्वरूप संधि |
| 10. प्रोवाच | प्र + उवाच | गुण संधि |
🎯 Exam Tip: सन्धि-विच्छेद करते समय, स्वर और व्यंजन संधियों के नियमों को याद रखें और हर शब्द को ध्यान से अलग करें।
Question 10. निम्नाङ्कितानां पदानां समास-विग्रहं कृत्वा समासनामापि लिखत – (निम्न पदों का समास-विग्रह करके समास का नाम भी लिखिए-')
Answer:
| सामासिक पदम् | समास-विग्रहः | समासस्यनाम |
|---|---|---|
| 1. उदरपीड़ा | उदरस्य पीड़ा | षष्ठी तत्पुरुषः |
| 2. व्याघ्रीदुग्धम् | व्याघ्रयाः + दुग्धम् | षष्ठी तत्पुरुषः |
| 3. गुहामुखात् | गुहायाः मुखात् | पंचमी तत्पुरुषः |
| 4. शिष्यपरीक्षार्थम् | शिष्याणाम् परीक्षणार्थम् | षष्ठी तत्पुरुषः |
| 5. लज्जावनतमुखाः | लज्जया अवनतः मुखः येषां ते | बहुव्रीहि |
| 6. गुहामुखे | गुहायाः मुखे | षष्ठी तत्पुरुषः |
🎯 Exam Tip: समास विग्रह करते समय, प्रत्येक पद के अर्थ और उनके संबंधों को पहचानें ताकि सही समास का नाम बता सकें।
Question 11. निम्नांकितपदानां विलोम शब्दाः लेख्याः- (निम्न पदों के विलोम शब्द लिखिए-)
Answer:
| पदम् | विलोमपदम् |
|---|---|
| 1. सच्चरित्रः | दुश्चरित्रः |
| 2. मृतः | जीवितः |
| 3. स्वस्थः | अस्वस्थः |
| 4. समर्थः | असमर्थः |
| 5. शान्तः | अशान्तः |
| 6. मम | तव |
| 7. आशीर्वादः | शापः |
🎯 Exam Tip: विलोम शब्दों का अभ्यास करते समय, प्रत्येक शब्द के मूल अर्थ को समझें ताकि उसका सही विपरीत शब्द लिख सकें।
Question 12. अधोलिखितानां पदानां प्रयोगं कृत्वा वाक्य-निर्माणं कुरुत- (निम्न पदों का प्रयोग कर वाक्य निर्माण कीजिए-)
Answer:
3. किन्तु - सः पठति किन्तु न स्मरति। (वह पढ़ता है परन्तु याद नहीं करता है।)
4. प्रतिज्ञा - शिवेन एषा प्रतिज्ञा कृता। (शिवाजी ने यह प्रतिज्ञा की।)
5. औषधिः - सर्वेषां रोगाणाम् औषधिः वर्तते। (सभी रोगों की औषाधि है।)
6. कृपया - कृपया इतः आगच्छ। (कृपया इधर आइये।)
7. व्याघ्रीदुग्धम् - व्याघ्री दुग्धम् एव अस्य पीडायाः औषधः। (वाघिनी का दूध ही इस पीड़ा की औषध है।)
8. नीत्वा - पुस्तकानि हस्ते नीत्वा विद्यालयं गच्छति । (पुस्तकें हाथ में लेकर विद्यालय जाता है।)
9. त्वया - त्वया यत् पत्रं लिखितं तद् अद्य प्राप्तम्। (तुमने जो पत्र लिखा वह आज मिला।)
10. परीक्षणार्थम् - शिष्याणां परीक्षणार्थम् इदं मया कृतम्। (शिष्यों की परीक्षा के लिए मैंने किया।)
In simple words: इन वाक्यों में दिए गए शब्दों का उपयोग करके संस्कृत में वाक्य बनाए गए हैं, जो उनके अर्थ को स्पष्ट करते हैं।
🎯 Exam Tip: वाक्य निर्माण करते समय, शब्द के अर्थ और व्याकरणिक प्रयोग को समझकर सरल और सार्थक वाक्य बनाएँ।
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 16 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तराणि
Question 1. समर्थ गुरु रामदासः स्वशिष्यैः परिवृतः कस्मात् उपविष्टः आसीत (समर्थ गुरु रामदास अपने शिष्यों से घिरे हुए किसलिए बैठे थे?)
Answer: समर्थगुरु रामदासः स्वशिष्यैः परिवृतः शिष्यपरीक्षार्थम् उपविष्टः आसीत्। (समर्थ गुरु रामदास अपने शिष्यों से घिरे हुए शिष्यों की परीक्षा के लिए बैठे थे।)
In simple words: समर्थ गुरु रामदास अपने शिष्यों से घिरे हुए उनकी परीक्षा लेने के लिए बैठे थे।
🎯 Exam Tip: प्रश्न में 'कस्मात्' (किसलिए) का उत्तर देते समय, उद्देश्य को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
Question 2. कीदृशाः शिष्याः गुरोर्मुखं वीक्ष्यमाणाश्चासन्? (कैसे शिष्यं गुरु के मुख की ओर देख रहे थे।)
Answer: सच्चरित्राः विनयावनताः शिष्याः गुरोर्मुखं वीक्ष्यमाणाश्चासन्। (सच्चरित्र, विनयानवत शिष्य गुरु के मुख की ओर देख रहे थे।)
In simple words: अच्छे आचरण वाले और विनम्र शिष्य गुरु के चेहरे की ओर देख रहे थे।
🎯 Exam Tip: पात्रों के गुणों का वर्णन करते समय, पाठ में दिए गए विशेषणों का प्रयोग करें।
Question 3. सर्वेशिष्याः किं वीक्ष्ये सहसा स्तब्धा अभवन् ? (सभी शिष्य क्या देखकर स्तब्ध हो गये।)
Answer: सर्वे शिष्याः गुरोः वर्धमानाम् उदारपीडां वीक्ष्य सहसा स्तब्धा अभवन्। (सभी शिष्य गुरु की बढ़ती हुई पेट दर्द को देखकर अचानक दंग रह गए।)
In simple words: गुरु के बढ़ते हुए पेट दर्द को देखकर सभी शिष्य अचानक हैरान रह गए।
🎯 Exam Tip: किसी घटना के प्रति पात्रों की प्रतिक्रिया का वर्णन करते समय, उनके आश्चर्य या भावना का उल्लेख करें।
Question 4. विस्मिताः शिष्याः कथं चिन्तयन्ति? (आश्चर्यचकित शिष्य कैसे सोचते हैं?)
Answer: पूर्वं कदापि न सजाता। (वे सोच रहे थे कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।)
In simple words: आश्चर्यचकित शिष्य सोचने लगे कि गुरु को ऐसा दर्द पहले कभी नहीं हुआ था।
🎯 Exam Tip: पात्रों के विचारों का वर्णन करते समय, उनकी आंतरिक भावनाओं और अनुमानों को प्रकट करें।
Question 6. रामदासस्य उदरपीड़ा कीदृशी आसीत्? (रामदास की उदरपीड़ा कैसी थी ?)
Answer: इयम् असाधारणी एवं प्राणान्तकी पीड़ा आसीत्। (यह एक असाधारण और जानलेवा दर्द था।)
In simple words: रामदास का पेट दर्द बहुत ही अलग और जानलेवा था।
🎯 Exam Tip: किसी स्थिति की गंभीरता का वर्णन करते समय, उसके लिए उपयुक्त विशेषणों का उपयोग करें।
Question 7. शिष्याः गुरोः वचनं श्रुत्वा कीदृशाः अभवन्? (शिष्य गुरु के वचन सुनकर कैसे हो गये?)
Answer: शिष्याः गुरोः वचनं श्रुत्वा विषण्णमुखाः अभवन्। (गुरु के वचन सुनकर शिष्य उदास मुख वाले हो गए।)
In simple words: गुरु की बात सुनकर सभी शिष्य उदास हो गए।
🎯 Exam Tip: पात्रों की भावनाओं को व्यक्त करते समय, उनके चेहरे के भावों का भी वर्णन करें।
Question 8. केषां सविधे उदरपीडा शान्तये विविधाः प्रयोगाः सन्ति? (किनके पास उदर पीडा शान्ति के लिए विविध उपाय हैं?)
Answer: वैद्यवराणां सविधे उदर पीड़ा शान्तये विविधाः प्रयोगाः सन्ति। (वैद्यराजों के पास पेट दर्द शांत करने के कई तरीके थे।)
In simple words: पेट दर्द को शांत करने के लिए डॉक्टरों के पास कई तरह के उपाय थे।
🎯 Exam Tip: जब किसी विशेषज्ञ समूह के बारे में पूछा जाए, तो उनके नाम या पद का उल्लेख करें।
Question 9. शिष्याः औषधिमानेतुं कथमुत्सकाः आसन्? (शिष्य औषधि लाने के लिए कैसे उत्सुक थे?)
Answer: सर्वे शिष्याः औषधिम् आनेतुं 'अहं पूर्वं अहं पूर्वं' इति गुरोराज्ञां प्रतीक्षन्ते। (सभी शिष्य औषधि लाने के लिए 'पहले मैं, पहले मैं' कहते हुए गुरु की आज्ञा का इंतजार कर रहे थे।)
In simple words: सभी शिष्य दवा लाने के लिए बहुत उत्सुक थे और सोच रहे थे कि कौन पहले जाएगा।
🎯 Exam Tip: उत्सुकता का वर्णन करते समय, पात्रों के शब्दों या क्रियाओं को भी शामिल करें।
Question 10. शिवः कथम् उपविष्टः आसीत्? (शिवाजी कैसे बैठे थे?)
Answer: शिवः तु विनम्रः सन् उपविष्टः आसीत्। (शिवाजी विनम्र होकर बैठे थे।)
In simple words: शिवाजी बहुत ही विनम्रता से बैठे थे।
🎯 Exam Tip: पात्रों के आचरण या मुद्रा का वर्णन करते समय, उनकी भावनाओं को दर्शाने वाले विशेषणों का उपयोग करें।
Question 11. रामदासः औषधस्य विषये किम् अकथयत्? (रामदास ने औषधि के विषय में क्या कहा?)
Answer: सोऽकथयत् औषधं तु वर्तते परन्तु तदानयने न कोऽपि समर्थः। (उन्होंने कहा कि दवा तो है, लेकिन उसे लाने में कोई सक्षम नहीं है।)
In simple words: रामदास ने कहा कि दवा तो मौजूद है, पर कोई उसे लाने में सक्षम नहीं है।
🎯 Exam Tip: गुरु के कथन को स्पष्ट रूप से बताएं, जिसमें औषधि की उपलब्धता और उसे लाने की कठिनाई दोनों का उल्लेख हो।
Question 13. शिष्य परीक्षार्थं रामदासः किं समुद्घोषयति? (शिष्य परीक्षा के लिए रामदास ने क्या घोषणा की?)
Answer: इयं न शाम्यते पीड़ा चूर्ण आसवरसायनैः। शान्ता स्यान्मे च पीडेयं व्याघ्री दुग्धेन केवलम्। (यह पीड़ा चूर्ण, आसव और रसायनों से शांत नहीं होगी। यह दर्द केवल बाघिन के दूध से ही शांत होगा।)
In simple words: रामदास ने घोषणा की कि यह दर्द किसी चूर्ण या दवा से ठीक नहीं होगा, बल्कि केवल बाघिन के दूध से ही शांत होगा।
🎯 Exam Tip: घोषणा को सीधे और स्पष्ट शब्दों में बताएं, जिसमें इलाज और उसकी आवश्यकता का सटीक विवरण हो।
Question 14. गुरोः समुद्घोषणां वीक्ष्य शिष्याः कीदृशाः अभवन्? (गुरु की सम्यग् उद्घोषणा को देखकर शिष्य कैसे हो गये?)
Answer: गुरोः समुद्घोषणां वीक्ष्य शिष्याः लज्जावनतमुखाः अभवन्। (गुरु की सही घोषणा सुनकर शिष्य लज्जा से सिर झुकाए हुए हो गए।)
In simple words: गुरु की बात सुनकर सभी शिष्य शर्म से अपना सिर झुकाए खड़े हो गए।
🎯 Exam Tip: शिष्यों की भावनात्मक प्रतिक्रिया का वर्णन करते समय, उनके व्यवहार और शारीरिक अभिव्यक्ति का भी उल्लेख करें।
Question 15. शिवः किं कुर्वन् प्रतिज्ञां करोति? (शिवाजी क्या करते हुए प्रतिज्ञा करते हैं?)
Answer: शिवः गुरुचरणान् स्पृशन् प्रतिज्ञां करोति। (शिवाजी गुरु के चरणों को छूकर प्रतिज्ञा करते हैं।)
In simple words: शिवाजी गुरु के पैर छूकर प्रतिज्ञा करते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रतिज्ञा के महत्व को दर्शाने के लिए, प्रतिज्ञा करने की क्रिया और उसके तरीके का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 16. शिवः गुरुचरणान् स्पृशन् कां प्रतिज्ञा करोति? (शिवाजी गुरुजी के चरण स्पर्श करते हुए क्या प्रतिज्ञा करते हैं?)
Answer: शिवः गुरुचरणान् स्पृशन् प्रतिज्ञां करोति यत्-गुरुवर्यः अहम् आनयामि सम्प्रत्येव व्याघ्रीदुग्धम्। (शिवाजी ने गुरुजी के चरणस्पर्श करते हुए प्रतिज्ञा की कि मैं अभी बाघिनी का दूध लाता हूँ।)
In simple words: शिवाजी ने गुरु के चरण छूकर प्रतिज्ञा की कि वे तुरंत बाघिन का दूध लाएंगे।
🎯 Exam Tip: प्रतिज्ञा के विवरण को सीधे उद्धृत करें, जिसमें 'क्या' और 'कैसे' दोनों शामिल हों।
Question 17. प्रतिज्ञां कृत्वा शिवः किमकरोत्? (प्रतिज्ञा करके शिवाजी ने क्या किया?)
Answer: सः हस्ते पात्रं नीत्वा भीमगर्जनं कुर्वन् वनाभिमुखं प्रतस्थे। (वह हाथ में बर्तन लेकर, जोर से गर्जना करते हुए जंगल की ओर चल पड़ा।)
In simple words: प्रतिज्ञा करने के बाद, शिवाजी बर्तन लेकर गरजते हुए जंगल की ओर चल पड़े।
🎯 Exam Tip: प्रतिज्ञा के बाद की कार्यवाही का वर्णन करते समय, शिवाजी के साहस और संकल्प को दर्शाने वाली क्रियाओं को बताएं।
Question 18. शिवस्य प्रतिज्ञां श्रुत्वा सर्वे शिष्याः कीदृशाः अभवन्? (शिवाजी की प्रतिज्ञा को सुनकर सभी शिष्य कैसे हो गये?)
Answer: प्रतिज्ञां श्रुत्वा सर्वे शिष्याः लज्जिताः सन्तः शिवमुखं प्रति पश्यन्ति। (प्रतिज्ञा को सुनकर सभी शिष्य लज्जित हुए और शिवाजी के मुख की ओर देखते हैं।)
In simple words: शिवाजी की प्रतिज्ञा सुनकर सभी शिष्य शर्मिंदा होकर शिवाजी के चेहरे की ओर देखने लगे।
🎯 Exam Tip: पात्रों की भावनात्मक और शारीरिक प्रतिक्रियाओं का वर्णन करते समय, भावनाओं को व्यक्त करने वाले शब्दों का प्रयोग करें।
Question 20. सिंहशिशुम् अवलोक्य शिवः किमचिन्तयत् ? (सिंह शिशु को देखकर शिवाजी ने क्या सोचा?)
Answer: शिवोचिन्तयत्-गुरोः कृपया मे मनोभिलाषः पूर्णः। (शिवाजी ने सोचा कि गुरुजी की कृपा से मेरी इच्छा पूरी हो गई है।)
In simple words: शेर के बच्चे को देखकर शिवाजी ने सोचा कि गुरु की कृपा से उनकी इच्छा पूरी हो गई है।
🎯 Exam Tip: पात्रों के विचारों का वर्णन करते समय, उनके कृतज्ञता या संतोष की भावना को व्यक्त करें।
Question 21. व्याघ्री शिशुम् अवलोकय शिवः किं निश्चितवान्? (व्याघ्री शिशु को देखकर शिवाजी ने क्या निश्चय किया?)
Answer: शिवः व्याघ्री शिशुम् अवलोक्य निश्चितवान् यत् गुहायाम् व्याघ्री अवश्यमेव भवेयम् तेन व्याघ्री दुग्धं लभेम। (शिवाजी ने बाघिन के बच्चे को देखकर निश्चय किया कि गुफा में बाघिन अवश्य होगी और उसी से बाघिन का दूध मिलेगा।)
In simple words: बाघिन के बच्चे को देखकर शिवाजी ने पक्का कर लिया कि गुफा में बाघिन होगी और उन्हें वहीं से दूध मिलेगा।
🎯 Exam Tip: पात्रों के निर्णयों का वर्णन करते समय, उनके पीछे के तर्क या अनुमान को स्पष्ट करें।
Question 22. शिवे गुहायां प्रविशति तदा व्याघ्री कीदृशं व्यवहारम् अकरोत्? (शिवाजी के गुफा में प्रवेश करने पर व्याघ्री ने कैसा व्यवहार किया?)
Answer: शिवे गुहायां प्रविशति व्याघ्री प्रकुपितेव ताम् हन्तुम् आगच्छति। (शिवाजी के गुफा में प्रवेश करने पर बाघिन गुस्से में उसे मारने के लिए आ गई।)
In simple words: जब शिवाजी गुफा में गए, तो बाघिन गुस्से में आकर उन्हें मारने के लिए दौड़ी।
🎯 Exam Tip: किसी पात्र की प्रतिक्रिया का वर्णन करते समय, उसकी भावना और क्रिया दोनों का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 23. शिवः व्याघ्री कथं निवेदितवान्? (शिवाजी ने बाघिनी से कैसे निवेदन किया ?)
Answer: शिवः निवेदितवान्-मातः ! अपराधं मे क्षमस्व! नाहं भवर्ती क्लेशमितुम् समागतोऽस्मि। मातः ! प्रयच्छ दुग्धम्। येन में गुरोः उदरपीड़ा शान्ताः भवेत्। (शिवाजी ने निवेदन किया कि माँ मेरा अपराध क्षमा करें। मैं आपको कष्ट देने नहीं आया। माँ! दूध दे दो जिससे मेरे गुरुजी की पेट दर्द शांत हो जाये।)
In simple words: शिवाजी ने बाघिन से माफी माँगी और कहा कि वे उसे परेशान करने नहीं आए हैं, बल्कि अपने गुरु के पेट दर्द को शांत करने के लिए दूध लेने आए हैं, और दूध देने का अनुरोध किया।
🎯 Exam Tip: निवेदन वाले प्रश्नों में, शिवाजी के विनम्र शब्दों और उनके उद्देश्य को सटीक रूप से बताएं।
Question 24. शिवः कस्मै व्याघ्री दुग्धम् आनयति? (शिवाजी किसके लिए व्याघ्री का दूध लाते हैं?)
Answer: शिवः गुरु उदरपीडां शमनीय व्याघ्री दुग्धम् आनयति। (शिवाजी गुरु के पेट दर्द को शांत करने के लिए बाघिन का दूध लाते हैं।)
In simple words: शिवाजी अपने गुरु के पेट दर्द को ठीक करने के लिए बाघिन का दूध लाते हैं।
🎯 Exam Tip: शिवाजी के त्याग और गुरुभक्ति को दर्शाने वाले इस कार्य के उद्देश्य को स्पष्ट करें।
Question 25. अस्मिन् पाठे शिववीरस्य के गुणाः वर्णिताः? (इस पाठ में शिवाजी के किन गुणों का वर्णन है?)
Answer: अस्मिन् पाठे शिववीरस्य गुरुभक्तिः, साहसः, विनम्रता, निडरता च गुणाः वर्णिताः। (इस पाठ में वीर शिवाजी के गुरुभक्ति, साहस, विनम्रता और निडरता जैसे गुणों का वर्णन है।)
In simple words: इस पाठ में शिवाजी की गुरुभक्ति, उनका साहस, विनम्र स्वभाव और निडरता जैसे गुण बताए गए हैं।
🎯 Exam Tip: किसी पात्र के गुणों का वर्णन करते समय, पाठ में दर्शाए गए सभी प्रमुख गुणों को सूचीबद्ध करें।
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