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Detailed Chapter 10 अमूल्यं वस्तु RBSE Solutions for Class 11 Sanskrit
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Class 11 Sanskrit Chapter 10 अमूल्यं वस्तु RBSE Solutions PDF
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 10 पाठ्य-पुस्तकस्य अभ्यास-प्रणोत्तराणि
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 10 लघूत्तरात्मक प्रश्ना
Question 1. अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-(निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिये-)
(क) राजकुमार्याः विवाहसम्बन्धे राजानं के प्रार्थयन्ति ? (राजकुमारी के विवाह के सम्बन्ध में राजा से कौन प्रार्थना करते हैं?)
Answer: मन्त्रिणः राजकुमार्याः विवाहसम्बन्धे राजानं प्रार्थयन्ति। (राजकुमारी के विवाह के सम्बन्ध में मन्त्री राजा से प्रार्थना करते हैं।)
In simple words: राजकुमारी के विवाह के बारे में मंत्रियों ने राजा से विनती की थी।
🎯 Exam Tip: जब भी किसी घटना के कर्ता को पूछा जाए, उत्तर में उस व्यक्ति या समूह का नाम स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 1. (ख) बहुमूल्यानि वस्तूनि कां न अभिरुचितानि? (बहुमुल्य वस्तुएँ किसको रुचिकर नहीं लग ?)
Answer: बहुमूल्यानि वस्तूनि राजकुमारी नाभिरुचितानि। (बहुमूल्य वस्तुएँ राजकुमारी को रुचिकर नहीं लग।)
In simple words: महंगी चीजें राजकुमारी को पसंद नहीं थीं।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में 'किम्' या 'कान्' जैसे प्रश्नवाचक शब्दों के स्थान पर सीधे उत्तर लिखें।
Question 1. (ङ) वीरत्वस्य मूल्यं कः जानाति स्म? (वीरता का मूल्य कौन जानता था?)
Answer: वीरत्वयस्य मूल्यं राजस्थानस्य राजपुत्रः जानाति स्म। (वीरता का मूल्य राजस्थान का राजपूत जानता था।)
In simple words: राजस्थान का राजकुमार ही वीरता की कीमत जानता था।
🎯 Exam Tip: चरित्र-आधारित प्रश्नों में, सही पात्र का नाम सटीक रूप से बताना महत्वपूर्ण है।
निबन्धात्मका प्रश्नाः
Question 2. अधोलिखितानां गद्यांशानां हिन्दी भाषायाम् अनुवादं कुरुत-(निम्नलिखित गद्यांशों का हिन्दी भाषा में अनुवाद कीजिए)
(क) कंचिद्देशमेको..........समानीयोपहरिष्यति।
Answer: गद्यांश सं. 1 का हिन्दी अनुवाद देखें।
In simple words: आपको दिए गए गद्यांश संख्या 1 का हिन्दी में अनुवाद करना है।
🎯 Exam Tip: अनुवाद करते समय, मूल संस्कृत पाठ के अर्थ और भावना को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
Question 2. (ख) इमां घोषणां श्रुत्व............सूचनां तस्यै दत्त ।
Answer: गद्यांश सं. 2 का हिन्दी अनुवाद देखें।
In simple words: आपको दिए गए गद्यांश संख्या 2 का हिन्दी में अनुवाद करना है।
🎯 Exam Tip: संस्कृत से हिन्दी में अनुवाद करते समय शब्दों के सही अर्थ और वाक्य रचना पर ध्यान दें।
Question 2. (ग) वर्षद्वयादार............युद्धं चाभवत्।।
Answer: गद्यांश संख्या 4 का हिन्दी अनुवाद देखें।
In simple words: आपको दिए गए गद्यांश संख्या 4 का हिन्दी में अनुवाद करना है।
🎯 Exam Tip: अनुवाद करते समय, कठिन शब्दों के लिए सही पर्यायवाची का उपयोग करना सुनिश्चित करें।
Question 2. (घ) राजा स्वल्पसैनिकैः ..............भवितुं शक्नोति।
Answer: गद्यांश सं. 5 को हिन्दी अनुवाद देखें।
In simple words: आपको दिए गए गद्यांश संख्या 5 का हिन्दी में अनुवाद करना है।
🎯 Exam Tip: सटीक अनुवाद के लिए संस्कृत व्याकरण के नियमों को समझना और लागू करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. कथायाः सारं प्रतिपादयत्। (कहानी का सार लिखिए।)
Answer: एकस्य नृपस्य एका कन्या सुशिक्षिता विवेकशीला चासीत्। सा तेन राजपुत्रेण सह विवाहं कर्तुम् ऐच्छत् यः तस्मै अमूल्यं वस्तुं आनीय उपहरिष्यति। अनेके राजपुत्राः बहुमूल्यानि वस्तूनि आदाय आगच्छन् परञ्च न तानि तस्याभिरुचितानि आसन्। सर्वे प्रतिगताः। ततः एकः राजस्थानस्य राजपुत्रः आगच्छत्। तस्य हस्ते एक वस्त्रमासीत्। तस्यांचले किचित् बद्धमासीत्। वस्त्रं प्रदाय सोऽवदत् यद् एकं लघुराज्यं कोऽपि अन्यः नृपः आक्रामत्। लघुराज्यस्य राज्याधिपः स्वदेशीय युद्धमानः वीरगतिं प्राप्तः। तस्येव रक्तरञ्जितमिदं रजः। कथां श्रुत्वा राजकुमारी स्वजनक आहूय तेन सह विवाहं कर्तुम् अनुमतिं दत्तवती। सा अवदत्-मे मतानुसारेणायं वीरोऽस्ति। वीरतायाः मूल्यं ज च अभिरक्षेत्। (एक राजा की एक कन्या सुशिक्षिता और विवेकशील थी। प्राणों की बाजी लगाकर भी उसके द्वारा आपके देश और सिंहासन की रक्षा करनी चाहिए।)
In simple words: एक राजा की बेटी थी जो पढ़ी-लिखी और समझदार थी। उसने कहा कि वह उसी राजकुमार से शादी करेगी जो उसे कोई कीमती चीज ला कर देगा। बहुत से राजकुमार महंगी चीजें लाए, पर उसे कोई पसंद नहीं आया। फिर राजस्थान से एक राजकुमार आया। उसके हाथ में एक कपड़ा था जिसमें थोड़ी सी मिट्टी बंधी थी। उसने बताया कि एक छोटे राज्य पर हमला हुआ था, और वहाँ का राजा अपने देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गया। यह खून उसी राजा का है। राजकुमारी ने यह सुनकर अपने पिता को बुलाकर उस राजकुमार से शादी करने की इज़ाज़त मांगी। उसने कहा कि यह राजकुमार बहादुर है और वीरता की असली कीमत जानता है।
🎯 Exam Tip: कहानी का सार लिखते समय मुख्य घटनाओं और पात्रों को संक्षेप में बताएं, साथ ही कहानी के नैतिक या मुख्य विचार को भी शामिल करें।
Question 4. राजकुमारीम् आश्रित्य एकस्याः लघुकथायाः रचनां कुरुत-(राजकुमारी के आधार पर एक लघु कथा की रचना कीजिए।)
Answer: एका राजकुमारी स्वभाग्ये एवं विश्वसिति स्म। एकदा राजा तस्य दुराग्रहं दृष्ट्वा केनापि मृतकल्पेन सह विवाहमकरोत्। सा तेन सह अगच्छत्। राजकुमार्याः प्रयत्नेन सः नीरोगोऽजायत। सोऽवदत्-अहमपि एकः राजकुमारः अस्मि। मरणासन्नो गृहात् निष्क्रान्तोऽत्रागतवान्। तौ स्वगृहमगच्छताम्। तस्य राजकुमारस्य पितरौ प्रसन्नौ जातौ राज्यासनं च युवराजाय समर्पितम्। साऽपि राज्ञी अभवत् तस्याः जनकः शत्रुणापराजितः सन् निर्धनः साधनविहीनश्चभूत्वा भिक्षाटयन्नेन तस्य राज्ये अगच्छत्। पिता तां दृष्ट्ा-लज्जितोऽभवत् परन्तु राजकुमारी तं परिष्वज्य सादरं स्वागतमकरोत्। तस्याः स्थितिमवलोक्य राजाऽवदत्। सर्वे एवं स्वभाग्यमनुसरन्ति। (एक राजकुमारी अपने भाग्य पर विश्वास करती थी। एक दिन उसके दुराग्रह को देखकर राजा ने किसी मरासू व्यक्ति के साथ शादी कर दी। वह उसके साथ चली गई। राजकुमारी के प्रयत्न से वह निरोग हो गया। वह बोला- मैं भी एक राजकुमार हैं। मरणासन्न हुआ घर से निकला यहाँ आ गया। वे दोनों अपने घर चले गये। उसके (राजकुमार के) माता-पिता बहुत प्रसन्न हुए। राज्यासने युवराज को सौंप दिया। उस (राजकुमारी) का पिता शत्रु द्वारा पराजित हुआ गरीब और साधन विहीन होकर भिक्षाटन करता हुआ उसके राज्य में आ गया। पिता उस (राजकुमारी) को देखकर लज्जित हुआ परन्तु राजकुमारी ने उसको गले लगाकर आदरपूर्वक स्वागत किया। उसकी स्थिति को देखकर राजा ने कहा- सभी अपने भाग्य का अनुसरण करते हैं।”)
In simple words: एक राजकुमारी भाग्य पर विश्वास करती थी। राजा ने उसकी जिद देखकर उसे एक लगभग मरे हुए व्यक्ति से ब्याह दिया। राजकुमारी के प्रयास से वह ठीक हो गया और बोला कि वह भी एक राजकुमार है। वे अपने घर गए और उसके माता-पिता खुश हुए, उसे राजपद दिया। बाद में राजकुमारी का पिता, जो युद्ध में हार गया था, भीख मांगते हुए उसकी बेटी के राज्य में आया। पिता शर्मिंदा था, पर राजकुमारी ने उसे गले लगाकर स्वागत किया। राजा ने कहा कि सब अपने भाग्य का पालन करते हैं।
🎯 Exam Tip: लघु कथा लिखते समय, पात्रों, कहानी के प्रवाह और अंत में एक उचित संदेश पर ध्यान दें। कहानी रोचक और शिक्षाप्रद होनी चाहिए।
व्याकरणात्मक प्रश्नोत्तराणि
Question 5. (क) अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेदं कृत्वा सन्धिनाम निर्देशं कुरुत – (निम्नलिखित पदों की सन्धि-विच्छेद करके सन्धि का नाम बताइये)
Answer:
| पदम् | सन्धि-विच्छेदः | सन्धि-नाम |
|---|---|---|
| 1. परिणयार्थम् | परिणय + अर्थम् | दीर्घ सन्धि |
| 2. राजाऽवदत् | राजा + अवदत् | दीर्घ सन्धि |
| 3. योऽमूल्यम् | यः + अमूल्यम् | विसर्ग, पूर्वरूप सन्धि |
| 4. बहून्यमूल्यानि | बहूनि + अमूल्यानि | यण् सन्धि |
| 5. साभिलाषम् | स + अभिलाषम् | दीर्घ सन्धि |
| 6. एकैकशो | एक + एकशः | वृद्धि सन्धि |
In simple words: शब्दों को अलग करके और यह बताकर कि कौन से सन्धि नियम लागू होते हैं, आप संस्कृत व्याकरण के अपने ज्ञान को दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: सन्धि-विच्छेद करते समय स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि और विसर्ग सन्धि के नियमों को ध्यान से याद रखें।
Question 5. (ख) अधोलिखित पदेषु सन्धिं कुरुत-(निम्न पदों में सन्धि कीजिए)
5. आगत्य + एव
6. बहिः + भवने
Answer:
5. आगत्यैव
6. बहिर्भवने
In simple words: दिए गए शब्दों को सन्धि के नियमों के अनुसार मिलाकर नया शब्द बनाना है।
🎯 Exam Tip: सन्धि करते समय, दो शब्दों के मिलने से होने वाले वर्ण परिवर्तन को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 5. (ग) अधोलिखितेषु पदेषु मूलधातु लकार-पुरुष-वचनानां निर्देशं कुरुत – (निम्न पदों में मूलधातु, लकार, पुरुष और वचन बताइये)
Answer:
| पदम् | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
|---|---|---|---|---|
| 1 वर्द्धयिष्यति | वृध् + णिच् | लट् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 2. ददाति | दा | लट् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 3. आगच्छत् | आ + गम् | लङ् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 4. शृणोति | श्रु | लट् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 5. चकार | कृ | लिट् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 6. शक्नोति | शक् | लट् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 7. जानाति | ज्ञा | लट् लकार | प्रथम | एकवचनम् |
| 8. रक्षेत् | रक्ष् | विधिलिङ् | प्रथम | एकवचनम् |
In simple words: किसी भी क्रियापद का मूल रूप (धातु), उसका काल (लकार), कर्ता (पुरुष) और संख्या (वचन) को पहचानना व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
🎯 Exam Tip: धातु रूप याद करने के लिए विभिन्न लकारों, पुरुषों और वचनों के प्रत्ययों को समझें और उनका अभ्यास करें।
Question 5. (घ) अधोलिखितेषु पदेषु मूल शब्द-विभक्ति-लिङ्ग-वचनानां निर्देशं कुरुत – (निम्न पदों में शब्द, विभक्ति, लिंग और वचन बताइये)
Answer:
| पदम् | शब्दः | विभक्तिः | लिङ्गम् | वचनम् |
|---|---|---|---|---|
| 1. विदुषः | विद्वस् | द्वितीया | पुंल्लिंग | बहुवचनम् |
| 2. परिश्रमेण | परिश्रम | तृतीया | पुंल्लिंग | एकवचनम् |
| 3. राजकुमार्याः | राजकुमारी | षष्ठी | स्त्रीलिंग | एकवचनम् |
| 4. तस्मै | तद् | चतुर्थी | पुंल्लिङ्ग | एकवचनम् |
| 5. जगति | जगत् | सप्तमी | नपुंसक | एकवचनम् |
| 6. भूपतेः | भूपति | षष्ठी | पुंल्लिंग | एकवचनम् |
| 7. भवन्तः | भवत् | प्रथमा | पुंल्लिंग | बहुवचनम् |
| 8. मम | अस्मद् | षष्ठी | - | एकवचनम् |
In simple words: किसी भी शब्द का मूल रूप, वह किस कारक में है (विभक्ति), उसका लिंग और संख्या (वचन) को समझना संस्कृत में सही वाक्य बनाने के लिए आवश्यक है।
🎯 Exam Tip: शब्द रूप याद करते समय, प्रत्येक विभक्ति, लिंग और वचन के लिए विशिष्ट अंत को ध्यान से सीखें।
Question 5. (ङ) अधोलिखितेषु पदेषु प्रकृतेः प्रत्ययस्य च निर्देशं कुरुत – (निम्न पदों में प्रकृति प्रत्यय बताइये-)
Answer:
5. प्र + आप् + क्त
6. महद् + अति
In simple words: किसी शब्द के मूल भाग (प्रकृति) और उससे जुड़ने वाले शब्दांश (प्रत्यय) को जानना शब्द के अर्थ और व्याकरण को समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: प्रकृति और प्रत्यय को अलग करते समय, धातु या मूल शब्द को सही ढंग से पहचानें और प्रत्यय के अर्थ को समझें।
Question 5. (च) अधोलिखितानां पदानां समासविग्रहं कृत्वा समासस्य नामनिर्देशं कुरुत। (निम्न पदों का समांस विग्रह करके समास का नाम बताइये)
Answer:
| पदम् | समास-विग्रहः | समास-नाम |
|---|---|---|
| 1. राजवंशः | राज्ञः वंशः | षष्ठी तत्पुरुष |
| 2: प्रधानमन्त्रिणाम् | प्रधानः च असौ मन्त्री तेषां च | कर्मधारय |
| 3. हस्तवस्त्रम् | हस्तस्य वस्त्रं | षष्ठी तत्पुरुष |
| 4. वीरगतिम् | वीरस्य गतिम् | षष्ठी तत्पुरुष |
| 5. राज्याधिपतिः | राज्यस्य अधिपतिः | षष्ठी तत्पुरुष |
| 6. राजपुत्रेण | राज्ञः पुत्रेण | षष्ठी तत्पुरुष |
In simple words: समास विग्रह करके शब्दों को उनके मूल अर्थों में बांटना और समास का नाम बताना यह दर्शाता है कि आप शब्दों के बनने के तरीके को समझते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के समासों (जैसे तत्पुरुष, कर्मधारय, बहुव्रीहि) की पहचान के लिए उनके नियमों और उदाहरणों का अभ्यास करें।
Question 5. (छ) कथामध्ये ये उपसर्गप्रत्यययुक्तपदानि आगच्छन् तेषामनुरूपम् अन्यानि उदाहरणानि लिखत।
Answer:
In simple words: कहानी में आए उपसर्ग और प्रत्यय लगे शब्दों जैसे और उदाहरण लिखिए।
🎯 Exam Tip: उपसर्ग और प्रत्यय लगे शब्दों को पहचानने से आपकी शब्दावली मजबूत होती है।
RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्ररिका Chapter 10 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तराणि
Question 1. 'अमूल्य वस्तु' इति कथा कस्मात् ग्रन्थात् सङ्कलित्? (अमूल्यं वस्तु कहानी किस ग्रन्थ से संकलित है?)
Answer: 'अमूल्यं वस्तु' इति कथा भट्टश्रीमथुरानाथ शास्त्रिकृतात् मंजुनाथ ग्रन्थावलिः इति ग्रन्थात् सङ्कलितः। (अमूल्य वस्तु कहानी भट्टश्रीमथुरानाथ शास्त्रि कृत मंजुनाथ ग्रन्थावलि ग्रन्थ से संकलित है।)
In simple words: 'अमूल्य वस्तु' कहानी भट्टश्रीमथुरानाथ शास्त्री द्वारा लिखी गई 'मंजुनाथ ग्रंथावली' नाम की किताब से ली गई है।
🎯 Exam Tip: लेखक और कृति के नाम सही-सही याद रखें, यह सीधा प्रश्न है।
Question 2. 'अमूल्यं वस्तु' कथा केन लिखितमस्ति? (अमूल्य वस्तु कहानी किसके द्वारा लिखी गई है?)
Answer: 'अमूल्यं वस्तु' कथा भट्टमथुरानाथेन लिखितमस्ति। ('अमूल्य वस्तु' कथा भट्ट मथुरानाथ शास्त्री द्वार लिखी गई है।)
In simple words: 'अमूल्य वस्तु' कहानी भट्ट मथुरानाथ शास्त्री ने लिखी है।
🎯 Exam Tip: किसी भी कहानी के लेखक का नाम याद रखना एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 3. अस्यां कथायां कस्य महत्वं प्रतिपादितम्? (इस कथा में किसका महत्व प्रतिपादित किया गया है?)
Answer: अस्यां कथायां मातृभूमेः महत्वं प्रतिपादितम्। (इस कथा में मातृभूमि का महत्व प्रतिपादित किया गया है।)
In simple words: इस कहानी में अपनी जन्मभूमि के महत्व को बताया गया है।
🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य विषय या संदेश को पहचानना और उसे संक्षेप में बताना महत्वपूर्ण है।
Question 4. कः स्वर्गादपि गरीयसी? (स्वर्ग से भी बढ़कर कौन है?)
Answer: जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। (माँ और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है।)
In simple words: माँ और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती हैं।
🎯 Exam Tip: यह एक प्रसिद्ध सूक्ति है; इसे याद रखें और इसका सही अर्थ समझें।
Question 5. राजा पुत्री कथमैषीत्? (राजा पुत्री को कैसे चाहता था?)
Answer: नृपः स्वपुत्र पुत्रवत् ऐषीत्। (राजा अपनी पुत्री को पुत्र की तरह चाहता था।)
In simple words: राजा अपनी बेटी को बेटे की तरह प्यार करता था।
🎯 Exam Tip: प्रश्न में पूछे गए विशेषण या क्रिया को उत्तर में सही रूप से प्रयोग करें।
Question 6. नृपः आत्मजायाः विषये किं कथयति स्म? (राजा अपनी पुत्री के विषय में क्या कहता था?)
Answer: नृपः स्वात्मजायाः विषये कथयति स्म यत् ममान्तरमेषेव सिंहासनस्य शोभा वर्द्धयिष्यति। (राजा अपनी बेटी के विषय में कहता था कि मेरे बाद यह ही सिंहासन की शोभा बढ़ायेगी।)
In simple words: राजा अपनी बेटी के बारे में कहता था कि वही उसके बाद सिंहासन की शान बढ़ाएगी।
🎯 Exam Tip: प्रत्यक्ष कथन वाले प्रश्नों में, कही गई बात को यथासंभव सटीक रूप से उद्धृत करें।
Question 8. यदा परिणयार्थं अन्यराज वंशेभ्यः राजपुत्राः आगच्छन् तदा राजकुमारी कियवर्षदेशीया आसीत्? (जब शादी के लिए अन्य राजवंशों से राजपुत्र आये तब राजकुमारी की उम्र क्या थी ?)
Answer: यदा परिणयार्थं अन्य राजवंशेभ्यः राजपुत्राः आगच्छन् तदा राजकुमारी पञ्चदशवर्षदेशीया आसीत्। (जब शादी के लिए अन्य राजवंशों से राजपुत्र आये तब राजकुमारी की आयु पन्द्रह वर्ष की थी।)
In simple words: जब शादी के लिए दूसरे राज्यों से राजकुमार आए, तब राजकुमारी पंद्रह साल की थी।
🎯 Exam Tip: संख्या या आयु वाले प्रश्नों में, सटीक अंक बताना महत्वपूर्ण है।
Question 9. मन्त्रिगणः राजानं कि प्रार्थयन्त? (मन्त्रीगण ने राजा से क्या प्रार्थना की?)
Answer: मन्त्रिगणः राजानं प्रार्थयन्त-'महाराज ! राजकुमार्याः विवाह सम्बन्धोऽधुना तु कुत्रचिनिश्चितः कर्तव्यः।” (मन्त्रिगण ने राजा से प्रार्थना की-"महाराज! राजकुमारी का विवाह सम्बन्ध अब तो कहीं निश्चित कर देना चाहिए।”)
In simple words: मंत्रियों ने राजा से प्रार्थना की कि राजकुमारी का विवाह अब तय कर देना चाहिए।
🎯 Exam Tip: प्रार्थना या सुझाव वाले प्रश्नों में, मुख्य अनुरोध को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 10. नृपः मन्त्रिगणस्य प्रार्थनायाः किमुत्तरं दत्तवान्? (राजा ने मंत्रियों की प्रार्थना का क्या उत्तर दिया?)
Answer: राजाऽवदत्-श्वेः राजाकुमार्या सह वार्तालापं करिष्ये। (राजा ने कहा-कल राजकुमारी के साथ बात करूंगा।)
In simple words: राजा ने कहा कि वह कल राजकुमारी से बात करेगा।
🎯 Exam Tip: जब उत्तर में किसी भविष्य की क्रिया का उल्लेख हो, तो उसे स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।
Question 11. राजकुमारी केन सह परिणयमिच्छति स्म? (राजकुमारी किसके साथ शादी करना चाहती थी ?)
Answer: सा तमेव राजपुत्रं वरयितुमेच्छत् योऽमूल्यं वस्तुं समानीपोपहरिष्यति। (वह उसी राजपुत्र के साथ वरण करना चाहती थी जो उसे अमूल्य वस्तु लाकर देगा।)
In simple words: राजकुमारी उसी राजकुमार से शादी करना चाहती थी जो उसे कोई बहुत कीमती चीज़ लाकर देता।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में 'केन' या 'कः' के स्थान पर सही व्यक्ति या मानदंड का उल्लेख करें।
Question 12. राजपुत्रैः आनीतानि वस्तूनि दृष्ट्ा राजकुमारी किमकथयत्? (राजपुत्रों द्वारा लाई हुई वस्तुओं को देखकर राजकुमारी ने क्या कहा?)
Answer: सा अवदत्-'न एतानि मम अभिरुचितानि” इति उक्त्वा प्रतिददाति स्म। (वह बोली- ये वस्तुएँ. मुझे रुचिकर नहीं हैं-' ऐसा कहकर लौटा देती।)
In simple words: उसने कहा, "ये चीजें मुझे पसंद नहीं हैं," और उन वस्तुओं को लौटा दिया।
🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों को सटीक रूप से याद रखने का प्रयास करें क्योंकि वे कहानी के महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं।
Question 13. राजस्थानस्य राजकुमारः आगत्यैव किम् अकरोत्? (राजस्थान के राजकुमार ने आते ही क्या किया?)
Answer: राजभृत्या अवदन् – 'कि मुधा कष्टम् अनुभवति भवान्। महान्तोऽत्रागच्छन् प्रतिगताश्च। सा तु विक्षिप्तचित्ता जातेति प्रतीयते। (राजा के सेवकों ने कहा – क्यों व्यर्थ में कष्ट का अनुभव कर रहे हो आप। बड़े-बड़े लोग आये और लौट गये। वह तो पागल हो गई है। ऐसा प्रतीत होता है।)
In simple words: राजस्थान के राजकुमार ने आते ही कुछ खास नहीं किया, बल्कि राजा के सेवकों ने उसे परेशान न होने की सलाह दी क्योंकि राजकुमारी पहले ही बहुत से राजकुमारों को लौटा चुकी थी।
🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों की पहली क्रिया या प्रतिक्रिया को याद रखना अक्सर महत्वपूर्ण होता है।
Question 15. राजभृत्याननिषेधवचनं श्रुत्वा अपि राजस्थानस्य राजपुत्रः किम् अकथयत्? (राजसेवकों के निषेध वचनों को सुनकर भी राजस्थान के राजपुत्र ने क्या कहा?)
Answer: 'न काचित्क्षतिः। यूयं तु केवलं मम आगमन सूचनां तस्यै दत्त।” (कोई हानि नहीं। तुम तो केवल मेरे आने की सूचना उसे (राजकुमारी को) दे दो।
In simple words: राजकुमार ने कहा, "कोई बात नहीं। तुम बस मेरे आने की खबर उसे दे दो।"
🎯 Exam Tip: प्रतिकूल परिस्थितियों में पात्रों की प्रतिक्रियाएं उनके चरित्र को दर्शाती हैं, इन्हें ध्यान में रखें।
Question 16. यदा राजपुत्रः बहिर्भवने उपविष्टः आसीत् तदा राजकुमारी कुत्र स्थिता आसीत्? (जब राजपुत्र बाहर भवन में बैठा था तब राजकुमारी कहाँ बैठी थी?)
Answer: यदा राजपुत्रः बहिर्भवने उपविष्ट तदा राजकुमारी अन्तः जवनिकान्तरिती व्यराजत। (जब राजपुत्र बाहर भवन में बैठा था तब राजकुमारी अन्दर पर्दे के पीछे बिराज रही थी।)
In simple words: जब राजकुमार बाहर बैठा था, तब राजकुमारी पर्दे के पीछे अंदर बैठी थी।
🎯 Exam Tip: पात्रों के स्थान को ध्यान में रखना कहानी के घटनाक्रम को समझने में मदद करता है।
Question 17. राजपुत्रः राजुकमायें कि प्रेषितवान्? (राजपुत्र ने राजकुमारी को क्या भेजा?)।
Answer: राजपुत्रः राजकुमायूँ एकं हस्तवस्त्रं प्रेषितवान्। वस्त्रांचले किंचिद् बद्धमासीदास्यै दत्वा 'राजपुत्रयै समर्पय' इति उवाच। (राजपुत्र ने राजकुमारी के लिए एक रूमाल भेजा जिसमें कुछ बँधा हुआ था, दासी को देकर 'राजपुत्री को सौंप दो' ऐसा कहा।)
In simple words: राजकुमार ने राजकुमारी को एक रुमाल भेजा, जिसमें कुछ बंधा हुआ था। उसने दासी से उसे राजकुमारी को देने को कहा।
🎯 Exam Tip: वस्तुओं या उपहारों के आदान-प्रदान से जुड़े विवरणों को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर प्रतीकात्मक होते हैं।
Question 18. खण्डवस्त्रं गृहीत्वा दास्याः को प्रतिक्रिया अभक्तू? (खण्डवस्त्र को लेकर दासी की क्या प्रतिक्रिया थी?)
Answer: दासी खण्डवस्त्रं गृहीत्वा तिरस्कारसूचक हास्यं चकार। (दासी ने वस्त्र के टुकड़े को लेकर एक तिरस्कार सूचक हँसी की।)।
In simple words: दासी ने उस छोटे से कपड़े को लेकर तिरस्कार भरी हंसी हंसी।
🎯 Exam Tip: पात्रों की प्रतिक्रियाएं उनके स्वभाव और स्थिति को दर्शाती हैं, इसलिए उन्हें सही ढंग से पहचानें।
Question 19. अंशुके राजकुमार्याः हस्ते प्राप्ते राजपुत्रः किमकरोत्? (वस्त्र के राजकुमारी के हाथ में पहुँच जाने पर राजकुमार ने क्या किया?)
Answer: राजपुत्रः बहुमूल्यानि वस्त्रानि अन्वेष्टुं पर्यटन्नासीत्। (राजपुत्र बहुमूल्य वस्तुएँ हूँढने के लिए संसार में घूम रहा था।)
In simple words: राजकुमार कीमती चीजें ढूंढने के लिए यात्रा कर रहा था।
🎯 Exam Tip: किसी घटना के बाद पात्र की अगली क्रिया को ध्यान में रखें, क्योंकि यह कहानी को आगे बढ़ाती है।
Question 21. पर्यटने राजपुत्रः किम् अपश्यत् ? (पर्यटन में राजपुत्र ने क्या देखा?)
Answer: सोऽपश्यत् यदेका क्षुद्रराज्यमाक्रम्यन्ती पराक्रान्तस्यैकस्य भूपतेः सेना युद्धमाना तिष्ठति। (उसने देखा कि एक छोटे राज्य की आक्रमण की जाती हुई सेना से एक पराक्रमी राजा की सेना युद्ध कर रही थी।)
In simple words: राजकुमार ने देखा कि एक छोटे राज्य पर हमला हो रहा था और एक शक्तिशाली राजा की सेना युद्ध कर रही थी।
🎯 Exam Tip: यात्रा के दौरान देखी गई महत्वपूर्ण घटनाओं को याद रखें, क्योंकि वे कहानी का टर्निंग पॉइंट हो सकती हैं।
Question 22. लघुराज्यस्य सैनिकैः बहुयुद्धं कृतं तथापि कस्मात् पराजितम्? (छोटे राज्य के सैनिकों द्वारा बहुत युद्ध किया गया फिर भी पराजित क्यों हो गए?)
Answer: यतः अन्यस्य नृपस्य विशालसेना आसीत्। (क्योंकि दूसरे राजा की सेना विशाल सेना थी।)
In simple words: छोटे राज्य के सैनिक हार गए क्योंकि दूसरे राजा के पास बहुत बड़ी सेना थी।
🎯 Exam Tip: कारण और परिणाम वाले प्रश्नों में, 'क्यों' और 'क्या हुआ' के बीच संबंध स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 23. लघुराज्यस्य नृपः कुत्र स्थितोऽभवत्? (छोटे राज्य का राजा कहाँ खड़ा हो गया?)
Answer: लघु राज्यस्य नृपः दुर्गद्वारमुद्घाट्य स्थितोऽभवत् ? (छोटे राज्य का राजा किले के द्वार को खोलकर खड़ा हो गया।)
In simple words: छोटे राज्य का राजा किले का दरवाजा खोलकर खड़ा हो गया था।
🎯 Exam Tip: युद्ध या संकट की स्थिति में नेताओं की स्थिति या क्रिया को ध्यान में रखें।
Question 24. स्वल्पसैनिकैः सह लघुराज्यस्य राजा किं करोति स्म? (थोड़े सैनिकों के साथ छोटे राज्य का राजा क्या कर रहा था?)
Answer: सः अल्पसैनिकैः सह शत्रु सेनां नाशयति स्म। (वह थोड़े सैनिकों से शत्रु सेना को नष्ट कर रहा था।)
In simple words: वह थोड़े से सैनिकों के साथ दुश्मन की सेना को हरा रहा था।
🎯 Exam Tip: चुनौतियों का सामना करते हुए पात्रों के कार्यों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 25. केभ्यः न मूल्यवत्तरम्? (किनसे बढ़कर नहीं है?)
Answer: यो जनाः जन्मभूमेः, धर्मस्य यशसः च रक्षणे स्वप्राणान् अत्यजत् तेभ्यो न किञ्चित् मूल्यवत्तरम्।
In simple words: जो लोग अपनी जन्मभूमि, धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए अपनी जान दे देते हैं, उनसे बढ़कर कुछ भी कीमती नहीं है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर कहानी के मुख्य संदेश और मूल्य को दर्शाता है, जिसे स्पष्ट रूप से व्यक्त करना चाहिए।
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