Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Mathematics Chapter 06 क्रमचय तथा संचय
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प्रश्न 1. \( n \) का मान ज्ञात कीजिए, जबकि
(i) \( ^{n-1}P_{3} : ^{n+1}P_{3} = 5:12 \)
(ii) \( ^{n}P_{6} = 10 \cdot ^{n}P_{5} \)
(iii) \( ^{56}P_{n+6} : ^{54}P_{n+3} = 30800 \)
(iv) \( ^{6+n}P_{2} : ^{6-n}P_{2} = 56:12 \)
Answer:
(i) दिया है,
\( \frac{^{n-1}P_{3}}{^{n+1}P_{3}} = \frac{5}{12} \)
\( \frac{(n-1)!}{(n-1-3)!} \div \frac{(n+1)!}{(n+1-3)!} = \frac{5}{12} \)
\( \frac{(n-1)!}{(n-4)!} \times \frac{(n-2)!}{(n+1)!} = \frac{5}{12} \)
\( \frac{(n-1) \times (n-2) \times (n-3) \times (n-4)!}{(n-4)!} \times \frac{(n-2)!}{(n+1) \times n \times (n-1)!} = \frac{5}{12} \)
\( \frac{(n-2)(n-3)}{n(n+1)} = \frac{5}{12} \)
\( 12(n^2 - 5n + 6) = 5(n^2 + n) \)
\( 12n^2 - 60n + 72 = 5n^2 + 5n \)
\( 7n^2 - 65n + 72 = 0 \)
\( 7n^2 - 56n - 9n + 72 = 0 \)
\( 7n(n - 8) - 9(n - 8) = 0 \)
\( (n - 8)(7n - 9) = 0 \)
\( n = 8 \)
या \( n = \frac{9}{7} \)
चूंकि \( n \) का मान भिन्न में नहीं हो सकता है, इसलिए \( n=8 \).
(ii) \( ^{n}P_{6} = 10 \cdot ^{n}P_{5} \)
\( \frac{^{n}P_{6}}{^{n}P_{5}} = 10 \)
\( \frac{n!}{(n-6)!} \div \frac{n!}{(n-5)!} = 10 \)
\( \frac{n!}{(n-6)!} \times \frac{(n-5)!}{n!} = 10 \)
\( \frac{(n-5)(n-6)!}{(n-6)!} = 10 \)
\( n - 5 = 10 \)
\( n = 10 + 5 \)
\( n = 15 \)
(iii) \( ^{56}P_{n+6} : ^{54}P_{n+3} = 30800 \)
\( \frac{^{56}P_{n+6}}{^{54}P_{n+3}} = \frac{30800}{1} \)
\( \frac{56!}{(56-(n+6))!} \div \frac{54!}{(54-(n+3))!} = 30800 \)
\( \frac{56!}{(50-n)!} \times \frac{(51-n)!}{54!} = 30800 \)
\( \frac{56 \times 55 \times 54!}{(50-n)!} \times \frac{(51-n)(50-n)!}{54!} = 30800 \)
\( 56 \times 55 \times (51-n) = 30800 \)
\( (51-n) = \frac{30800}{56 \times 55} \)
\( 51-n = 10 \)
\( n = 51 - 10 \)
\( n = 41 \)
(iv) \( ^{6+n}P_{2} : ^{6-n}P_{2} = 56:12 \)
\( \frac{^{6+n}P_{2}}{^{6-n}P_{2}} = \frac{56}{12} \)
\( \frac{(6+n)!}{(6+n-2)!} \div \frac{(6-n)!}{(6-n-2)!} = \frac{56}{12} \)
\( \frac{(6+n)!}{(4+n)!} \times \frac{(4-n)!}{(6-n)!} = \frac{56}{12} \)
\( \frac{(6+n)(5+n)(4+n)!}{(4+n)!} \times \frac{(4-n)!}{(6-n)(5-n)(4-n)!} = \frac{56}{12} \)
\( (6+n)(5+n) \times \frac{1}{(6-n)(5-n)} = \frac{56}{12} \)
\( 12(6+n)(5+n) = 56(6-n)(5-n) \)
\( 12(n^2 + 11n + 30) = 56(30 - 11n + n^2) \)
\( 12n^2 + 132n + 360 = 1680 - 616n + 56n^2 \)
\( 56n^2 - 12n^2 - 616n - 132n + 1680 - 360 = 0 \)
\( 44n^2 - 748n + 1320 = 0 \)
\( 11n^2 - 187n + 330 = 0 \)
\( n^2 - 17n + 30 = 0 \)
\( (n - 15)(n - 2) = 0 \)
\( n = 2 \) या \( n = 15 \)
चूंकि \( 6-n \) एक ऋणात्मक संख्या नहीं हो सकती है, इसलिए \( n=15 \) संभव नहीं है (क्योंकि \( 6-15 = -9 \)).
इसलिए, \( n = 2 \).
In simple words: हमें दिए गए समीकरणों में \( n \) का मान निकालना है. हम क्रमचय के सूत्र \( ^{n}P_{r} = \frac{n!}{(n-r)!} \) का उपयोग करके समीकरणों को सरल करते हैं. फिर, हम उन्हें बीजगणितीय रूप से हल करके \( n \) के मान ज्ञात करते हैं. भिन्न या अमान्य मानों को छोड़ देते हैं.
🎯 Exam Tip: क्रमचय के सवालों में \( n \) और \( r \) के मानों को ध्यान से देखना महत्वपूर्ण है. \( n \) हमेशा एक धनात्मक पूर्णांक होता है और \( r \leq n \) होना चाहिए. गणना करते समय यह भी सुनिश्चित करें कि भाजक शून्य न हो.
प्रश्न 2. ALLAHABAD शब्द के अक्षरों से बने विभिन्न शब्दों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: यहाँ पर कुल अक्षर 9 हैं। इनमें से A अक्षर 4 बार और L अक्षर 2 बार आता है। अन्य अक्षर एक-एक बार आते हैं। ऐसे शब्दों की संख्या ज्ञात करने के लिए, हम कुल अक्षरों की संख्या का फैक्टोरियल लेते हैं और उसे दोहराए गए अक्षरों की संख्या के फैक्टोरियल से विभाजित करते हैं। यह तरीका हमें बताता है कि सभी अक्षरों को कितने अलग-अलग तरीकों से व्यवस्थित किया जा सकता है।
अतः, अभीष्ट शब्दों की संख्या \( = \frac{9!}{4! \cdot 2!} \)
\( = \frac{9 \times 8 \times 7 \times 6 \times 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1}{(4 \times 3 \times 2 \times 1) \times (2 \times 1)} \)
\( = \frac{362880}{24 \times 2} \)
\( = \frac{362880}{48} = 7560 \)
In simple words: ALLAHABAD शब्द में 9 अक्षर हैं, जिनमें से A चार बार और L दो बार आता है. अक्षरों को अलग-अलग तरीकों से जमाने के लिए, कुल अक्षरों को गिनते हैं और जो अक्षर बार-बार आते हैं, उनके फैक्टोरियल से भाग देते हैं. इस तरह, हमें कुल 7560 अलग-अलग शब्द मिल सकते हैं.
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दोहराए गए अक्षरों की पहचान करना और उन्हें सूत्र में सही ढंग से शामिल करना महत्वपूर्ण है, ताकि आप सही संख्या प्राप्त कर सकें.
प्रश्न 4. अंकों 1, 2, 3, 4, 5, 6 से 3000 तथा 4000 के मध्य ऐसी कितनी संख्याएँ बनाई जा सकती हैं, जो 5 से विभाज्य हैं? (पुनरावृत्ति की अनुमति नहीं है)
Answer: 3000 और 4000 के बीच की संख्याएँ चार अंकों की होंगी और 3 से शुरू होंगी. साथ ही, संख्याएँ 5 से विभाज्य होनी चाहिए, जिसका अर्थ है कि उनका अंतिम अंक 5 होना चाहिए (क्योंकि अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति नहीं है और 0 उपलब्ध नहीं है). संख्या का पहला अंक 3 होगा और अंतिम अंक 5 होगा.
हमारे पास कुल अंक हैं: 1, 2, 3, 4, 5, 6.
पहला अंक (हजार का स्थान) 3 होगा (1 तरीका).
अंतिम अंक (इकाई का स्थान) 5 होगा (1 तरीका).
शेष अंक (मध्य के दो स्थान) 4 और 2 अंकों में से चुने जाएंगे, क्योंकि 3 और 5 का उपयोग हो चुका है.
उपलब्ध शेष अंक: 1, 2, 4, 6 (कुल 4 अंक).
इन 4 अंकों में से हमें 2 अंकों को चुनना और व्यवस्थित करना है (दहाई और सैकड़े के स्थान के लिए).
इसलिए, बीच के दो स्थानों को भरने के तरीकों की संख्या \( = ^{4}P_{2} \)
\( = \frac{4!}{(4-2)!} = \frac{4!}{2!} = \frac{4 \times 3 \times 2 \times 1}{2 \times 1} = 12 \)
अतः, अभीष्ट संख्याओं की कुल संख्या \( = 1 \times ^{4}P_{2} \times 1 = 1 \times 12 \times 1 = 12 \)
In simple words: 3000 और 4000 के बीच की संख्याओं में चार अंक होते हैं और वे 3 से शुरू होती हैं. अगर वे 5 से भाग होनी चाहिए, तो उनका आखिरी अंक 5 होगा. क्योंकि अंकों को दोहराया नहीं जा सकता, तो पहला अंक 3 और आखिरी अंक 5 तय हो जाता है. बचे हुए 4 अंकों (1, 2, 4, 6) में से दो अंकों को बीच के दो स्थानों पर अलग-अलग तरीकों से रखकर कुल 12 संख्याएँ बनाई जा सकती हैं.
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, शर्तों को ध्यान से पढ़ें: "के मध्य" का अर्थ है कि सीमाएं शामिल नहीं हैं, "5 से विभाज्य" का अर्थ है अंतिम अंक 0 या 5 होगा, और "अंकों की पुनरावृत्ति" की अनुमति है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण है.
प्रश्न 5. अंकों 0, 1, 2, 3, 4, 5 से छः अंकों की कितनी संख्याएँ बनाई जा सकती हैं?
Answer: हमें 0, 1, 2, 3, 4, 5 (कुल 6 अंक) का उपयोग करके छः अंकों की संख्याएँ बनानी हैं. छः अंकों की संख्या बनाने के लिए, पहला अंक (सबसे बाईं ओर) 0 नहीं हो सकता, क्योंकि अगर पहला अंक 0 होगा तो वह संख्या पाँच अंकों की हो जाएगी. यह एक अतिरिक्त शर्त है जिसका ध्यान रखना होगा.
सबसे पहले, हम सभी 6 अंकों का उपयोग करके कुल क्रमचय ज्ञात करते हैं, यह मानते हुए कि पहला अंक 0 हो सकता है: \( ^{6}P_{6} = 6! = 720 \).
अब, हम उन संख्याओं को हटाते हैं जो 0 से शुरू होती हैं. यदि पहला अंक 0 है, तो बाकी के 5 अंकों (1, 2, 3, 4, 5) को शेष 5 स्थानों पर व्यवस्थित किया जाएगा. इन संख्याओं की संख्या \( = ^{5}P_{5} = 5! = 120 \).
अतः, 0 से शुरू न होने वाली छः अंकों की कुल संख्याएँ \( = \text{कुल क्रमचय} - \text{0 से शुरू होने वाले क्रमचय} \)
\( = ^{6}P_{6} - ^{5}P_{5} = 720 - 120 = 600 \)
In simple words: हमारे पास 0 से 5 तक कुल 6 अंक हैं. हमें इनसे 6 अंकों की संख्याएँ बनानी हैं. पहला अंक 0 नहीं हो सकता, नहीं तो वह 5 अंकों की संख्या बन जाएगी. इसलिए, हम पहले कुल तरीकों को निकालते हैं और फिर उन तरीकों को घटा देते हैं जहाँ संख्या 0 से शुरू होती है. इससे हमें 600 सही अंकों की संख्याएँ मिलती हैं.
🎯 Exam Tip: जब अंकों में 0 शामिल हो और आपको विशेष अंकों की संख्या बनानी हो, तो हमेशा उन मामलों को अलग से घटाएँ जहाँ 0 सबसे बाईं ओर आता है, क्योंकि इससे संख्या का अंक मान बदल जाता है.
प्रश्न 6. अंकों 1, 2, 3, 4, 5, 6 से 1000 से छोटी तीन अंकों की कितनी संख्याएँ बनाई जा सकती हैं, जबकि अंकों की पुनरावृत्ति नहीं हो?
Answer: हमें अंकों 1, 2, 3, 4, 5, 6 (कुल 6 अंक) का उपयोग करके 1000 से छोटी तीन अंकों की संख्याएँ बनानी हैं. 1000 से छोटी तीन अंकों की संख्या का मतलब है कि हमें तीन स्थानों पर अंकों को व्यवस्थित करना है. साथ ही, अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति नहीं है.
हम 6 उपलब्ध अंकों में से 3 अंकों को चुनकर और उन्हें व्यवस्थित करके संख्याएँ बना सकते हैं. यह क्रमचय का सीधा उपयोग है.
कुल संख्याएँ \( = ^{6}P_{3} \)
\( = \frac{6!}{(6-3)!} = \frac{6!}{3!} \)
\( = \frac{6 \times 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1}{3 \times 2 \times 1} \)
\( = 6 \times 5 \times 4 \)
\( = 120 \)
अतः, 120 तीन अंकों की संख्याएँ बनाई जा सकती हैं जहाँ अंकों की पुनरावृत्ति नहीं होती है.
In simple words: हमारे पास 1 से 6 तक कुल 6 अंक हैं. हमें इनसे 1000 से छोटी 3 अंकों की संख्याएँ बनानी हैं और कोई भी अंक दोबारा नहीं आना चाहिए. इसके लिए, हम 6 अंकों में से 3 अंकों को चुनकर अलग-अलग तरीकों से जमाते हैं. इससे कुल 120 ऐसी संख्याएँ बन सकती हैं.
🎯 Exam Tip: "पुनरावृत्ति नहीं हो" वाली शर्तों में क्रमचय का सीधा उपयोग करें, जबकि "पुनरावृत्ति हो" वाली शर्तों में प्रत्येक स्थान के लिए स्वतंत्र रूप से उपलब्ध विकल्पों की संख्या से गुणा करें.
प्रश्न 7. एक समिति के 15 सदस्य एक गोल मेज के चारों ओर कितने प्रकार से बैठ सकते हैं, जबकि सचिव, अध्यक्ष के एक ओर तथा उपसचिव दूसरी ओर बैठता है?
Answer: समिति में कुल सदस्य = 15.
गोल मेज के चारों ओर बैठने के कुल तरीके \( = (15-1)! = 14! \).
शर्त यह है कि सचिव, अध्यक्ष के एक ओर और उपसचिव दूसरी ओर बैठता है. इसका मतलब है कि अध्यक्ष, सचिव और उपसचिव हमेशा एक साथ बैठते हैं और उनकी आपसी स्थिति तय होती है (सचिव - अध्यक्ष - उपसचिव या उपसचिव - अध्यक्ष - सचिव).
हम इन तीन सदस्यों (सचिव, अध्यक्ष, उपसचिव) को एक इकाई मानते हैं. तो अब हमारे पास कुल \( (15 - 3) + 1 = 13 \) इकाइयाँ हैं.
इन 13 इकाइयों को गोल मेज के चारों ओर बैठाने के तरीके \( = (13-1)! = 12! \).
अब, सचिव, अध्यक्ष और उपसचिव अपनी इकाई के भीतर भी दो तरीकों से बैठ सकते हैं: (सचिव-अध्यक्ष-उपसचिव) या (उपसचिव-अध्यक्ष-सचिव). यह 2! के बराबर है, या सरल शब्दों में 2 तरीके हैं (क्योंकि अध्यक्ष बीच में तय है, बस सचिव और उपसचिव अपनी जगह बदल सकते हैं).
इसलिए, दी गई शर्त के अनुसार, समिति के सदस्यों को गोल मेज के चारों ओर बैठाने के कुल तरीके \( = 12! \times 2 \)
In simple words: समिति में 15 लोग हैं. उन्हें गोल मेज पर बैठाना है, लेकिन सचिव, अध्यक्ष और उपसचिव हमेशा एक खास तरीके से साथ बैठते हैं. हम इन तीनों को एक ही समूह मानते हैं, तो कुल 13 समूह हो जाते हैं. इन समूहों को गोल मेज पर 12! तरीकों से बैठाया जा सकता है. इसके अलावा, सचिव और उपसचिव अपनी जगह आपस में दो तरीकों से बदल सकते हैं. तो, कुल तरीके 12! को 2 से गुणा करने पर मिलते हैं.
🎯 Exam Tip: जब व्यक्तियों को गोल मेज पर बैठाना हो और कुछ व्यक्ति हमेशा एक साथ बैठते हों, तो उन व्यक्तियों को एक इकाई मानें. फिर कुल इकाइयों के लिए गोल मेज का सूत्र \( (n-1)! \) लगाएं, और अंत में उस इकाई के भीतर व्यक्तियों के आपसी क्रमचय से गुणा करें.
प्रश्न 9. एक माला बनाने में 10 विभिन्न मोती कितने प्रकार से पिरोए जा सकते हैं, जबकि उनमें से चार विशेष मोती कभी भी पृथक् नहीं रहें?
Answer: माला बनाने के लिए कुल 10 विभिन्न मोती हैं. यदि माला को वृत्ताकार क्रम में पिरोना हो, तो कुल तरीकों की संख्या \( = \frac{(n-1)!}{2} \) होती है, क्योंकि घड़ी की दिशा और वामावर्त दिशा में एक ही माला बनती है.
यहाँ, \( n = 10 \).
कुल मालाएँ \( = \frac{(10-1)!}{2} = \frac{9!}{2} \).
अब, शर्त है कि चार विशेष मोती कभी भी अलग नहीं होने चाहिए. हम इन चार मोतियों को एक इकाई मानते हैं. तो, हमारे पास अब कुल \( (10 - 4) + 1 = 7 \) इकाइयाँ हैं.
इन 7 इकाइयों को माला में पिरोने के तरीके \( = \frac{(7-1)!}{2} = \frac{6!}{2} \).
इसके अलावा, वे चार विशेष मोती आपस में \( 4! \) तरीकों से व्यवस्थित हो सकते हैं. चूंकि वे अलग-अलग मोती हैं, इसलिए उनका आंतरिक क्रम भी मायने रखता है.
अतः, विन्यासों की कुल संख्या \( = \frac{(7-1)!}{2} \times 4! \)
\( = \frac{6!}{2} \times 4! \)
\( = \frac{720}{2} \times 24 \)
\( = 360 \times 24 \)
\( = 8640 \)
In simple words: हमें 10 मोतियों से माला बनानी है, लेकिन 4 खास मोती हमेशा साथ रहने चाहिए. हम उन 4 मोतियों को एक ही गुच्छा मान लेते हैं, तो अब हमारे पास कुल 7 चीजें (6 अकेले मोती और एक 4 मोतियों का गुच्छा) हो गईं. इन्हें माला में \( \frac{6!}{2} \) तरीकों से पिरोया जा सकता है. साथ ही, वे 4 खास मोती अपने आप में \( 4! \) तरीकों से जगह बदल सकते हैं. इन दोनों को गुणा करने पर कुल 8640 तरीके मिलते हैं.
🎯 Exam Tip: वृत्ताकार क्रमचय में, यदि वस्तुएँ पलटने पर समान दिखती हैं (जैसे माला में), तो \( \frac{(n-1)!}{2} \) का उपयोग करें. यदि कुछ वस्तुएँ हमेशा साथ रहती हैं, तो उन्हें एक इकाई के रूप में मानें और उनकी आंतरिक व्यवस्था से गुणा करें.
प्रश्न 10. अंकों 0, 1, 2, ..., 9 से ऐसी कितनी संख्याएँ बनाई जा सकती हैं, जो 6000 या इससे बड़ी तथा 7000 से छोटी हों और 5 से विभाज्य हों? जबकि किसी भी अंक की कितनी भी बार पुनरावृत्ति हो सकती है?
Answer: हमें 6000 और 7000 के बीच की संख्याएँ बनानी हैं. इसका मतलब है कि संख्याएँ चार अंकों की होंगी (6000 से 6999 तक).
हमारे पास कुल अंक 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 (10 अंक) हैं. अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति है.
1. **हजार का स्थान:** संख्या 6000 या इससे बड़ी और 7000 से छोटी होनी चाहिए, इसलिए हजार का अंक निश्चित रूप से 6 होगा. (1 विकल्प)
2. **इकाई का स्थान:** संख्या 5 से विभाज्य होनी चाहिए. चूंकि अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति है, तो इकाई का अंक 0 या 5 हो सकता है. (2 विकल्प)
3. **सैकड़े का स्थान:** कोई भी अंक (0 से 9 तक) आ सकता है, क्योंकि पुनरावृत्ति की अनुमति है. (10 विकल्प)
4. **दहाई का स्थान:** कोई भी अंक (0 से 9 तक) आ सकता है, क्योंकि पुनरावृत्ति की अनुमति है. (10 विकल्प)
तो, कुल अभीष्ट संख्याओं की संख्या \( = (\text{हजार का स्थान}) \times (\text{सैकड़े का स्थान}) \times (\text{दहाई का स्थान}) \times (\text{इकाई का स्थान}) \)
\( = 1 \times 10 \times 10 \times 2 \)
\( = 200 \)
In simple words: हमें ऐसी 4 अंकों की संख्याएँ चाहिए जो 6000 से 7000 के बीच हों और 5 से भाग होती हों, और हम किसी भी अंक को दोहरा सकते हैं. क्योंकि संख्या 6000 और 7000 के बीच होनी चाहिए, तो पहला अंक 6 होगा. 5 से भाग होने के लिए आखिरी अंक 0 या 5 होगा. बीच के दो स्थानों पर कोई भी अंक (0-9) आ सकता है क्योंकि दोहराव की छूट है. इस तरह से कुल 200 संख्याएँ बन सकती हैं.
🎯 Exam Tip: अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति वाले प्रश्नों में, प्रत्येक स्थान के लिए स्वतंत्र रूप से उपलब्ध विकल्पों की संख्या को गुणा करें. "के मध्य" वाली शर्त में सीमाओं का ध्यान रखें कि वे शामिल हैं या नहीं, और "से विभाज्य" वाली शर्त में अंतिम अंक के विकल्पों पर ध्यान दें.
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Mathematics Class 11 Curriculum Solutions: Chapter 06 क्रमचय तथा संचय
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