Get the most accurate RBSE Solutions for Class 11 Mathematics Chapter 13 प्रकीर्णन के माप here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 11 Mathematics. Our expert-created answers for Class 11 Mathematics are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 13 प्रकीर्णन के माप RBSE Solutions for Class 11 Mathematics
For Class 11 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 11 Mathematics solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 13 प्रकीर्णन के माप solutions will improve your exam performance.
Class 11 Mathematics Chapter 13 प्रकीर्णन के माप RBSE Solutions PDF
प्रश्न 1. चतुर्थक विचलन गुणांक का सूत्र लिखिए।
Answer: चतुर्थक विचलन गुणांक का सूत्र निम्न प्रकार है:
चतुर्थक विचलन गुणांक \( = \frac { {Q}_{3}-{Q}_{1}}{{Q}_{3}+{Q}_{1}} \)
यह सूत्र बताता है कि डेटा कितना फैला हुआ है, Q1 और Q3 के मानों का उपयोग करके।
In simple words: चतुर्थक विचलन गुणांक निकालने के लिए, तीसरे चतुर्थक (Q3) से पहले चतुर्थक (Q1) को घटाकर, उसे Q3 और Q1 के जोड़ से भाग दें।
🎯 Exam Tip: चतुर्थक विचलन गुणांक एक सापेक्ष माप है, जो विभिन्न डेटा सेटों की तुलना करने में सहायक होता है, क्योंकि यह इकाइयों से स्वतंत्र होता है।
प्रश्न 2. किसी चर श्रेणी का Q₁ = 61 व Q₃ = 121 है, तो उसका चतुर्थक विचलन ज्ञात कीजिए।
Answer: दिया गया है:
प्रथम चतुर्थक (\(Q_1\)) = 61
तृतीय चतुर्थक (\(Q_3\)) = 121
चतुर्थक विचलन का सूत्र है:
चतुर्थक विचलन \( = \frac {Q_3-Q_1}{2} \)
अब, मानों को सूत्र में रखने पर:
चतुर्थक विचलन \( = \frac {121-61}{2} \)
चतुर्थक विचलन \( = \frac {60}{2} \)
चतुर्थक विचलन \( = 30 \)
यह दर्शाता है कि डेटा का केंद्रीय 50% मध्यमान से कितना दूर फैला हुआ है।
In simple words: अगर आपको पहला और तीसरा चतुर्थक पता है, तो उन्हें घटाकर दो से भाग देने पर चतुर्थक विचलन मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: चतुर्थक विचलन डेटा के फैलाव का एक अच्छा माप है, खासकर जब डेटा में बहुत अधिक चरम मान (आउटलायर्स) हों, क्योंकि यह उन चरम मानों से कम प्रभावित होता है।
प्रश्न 3. एक श्रेणी के लिए, यदि प्रथम चतुर्थक (Q1) 11 है और तृतीय चतुर्थक (Q3) 23 है, तो चतुर्थक विचलन और चतुर्थक विचलन गुणांक की गणना कीजिए।
Answer: दिया गया है:
प्रथम चतुर्थक (\(Q_1\)) = 11
तृतीय चतुर्थक (\(Q_3\)) = 23
चतुर्थक विचलन का सूत्र है:
चतुर्थक विचलन \( = \frac {Q_3-Q_1}{2} \)
मान रखने पर:
चतुर्थक विचलन \( = \frac {23-11}{2} \)
चतुर्थक विचलन \( = \frac {12}{2} \)
चतुर्थक विचलन \( = 6 \)
चतुर्थक विचलन गुणांक का सूत्र है:
चतुर्थक विचलन गुणांक \( = \frac {Q_3-Q_1}{Q_3+Q_1} \)
मान रखने पर:
चतुर्थक विचलन गुणांक \( = \frac {23-11}{23+11} \)
चतुर्थक विचलन गुणांक \( = \frac {12}{34} \)
चतुर्थक विचलन गुणांक \( \approx 0.352 \)
ये गणनाएँ डेटा के मध्य 50% के फैलाव और उसकी सापेक्ष स्थिति को दर्शाती हैं।
In simple words: Q1 और Q3 को घटाकर दो से भाग देने पर चतुर्थक विचलन मिलता है। Q1 और Q3 को घटाकर उनके जोड़ से भाग देने पर चतुर्थक विचलन गुणांक मिलता है।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप चतुर्थक विचलन और चतुर्थक विचलन गुणांक के सूत्रों को सही ढंग से याद करें और लागू करें, क्योंकि वे दोनों डेटा के फैलाव को मापने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विभिन्न संदर्भों में।
प्रश्न 4. निम्नलिखित सारणी में परास एवं परास गुणांक ज्ञात कीजिए।
Answer: दी गई सारणी से:
| x | 4.5 | 5.5 | 6.5 | 7.5 | 8.5 | 9.5 | 10.5 | 11.5 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| f | 4 | 5 | 6 | 3 | 2 | 1 | 3 | 5 |
यहाँ, न्यूनतम मान (L) = 4.5
तथा अधिकतम मान (H) = 11.5
अब, परास (Range) की गणना करते हैं:
परास \( = H - L \)
परास \( = 11.5 - 4.5 \)
परास \( = 7 \)
परास गुणांक (Coefficient of Range) की गणना करते हैं:
परास गुणांक \( = \frac {H-L}{H+L} \)
परास गुणांक \( = \frac {11.5-4.5}{11.5+4.5} \)
परास गुणांक \( = \frac {7}{16} \)
परास गुणांक \( = 0.4375 \approx 0.44 \)
ये मान डेटा के कुल फैलाव और उसकी सापेक्ष भिन्नता को दर्शाते हैं।
In simple words: सबसे बड़े मान में से सबसे छोटे मान को घटाकर परास निकालें। परास गुणांक के लिए, परास को सबसे बड़े और सबसे छोटे मानों के जोड़ से भाग दें।
🎯 Exam Tip: परास (Range) हमेशा अधिकतम और न्यूनतम मानों के बीच के अंतर को दर्शाता है, जबकि परास गुणांक एक सापेक्ष माप है, जो डेटा के फैलाव को तुलनात्मक रूप से दिखाता है।
प्रश्न 5. निम्न श्रेणी के अन्तर-चतुर्थक परास एवं इसके गुणांक की गणना कीजिए।
Answer: दी गई बारम्बारता बंटन तालिका है:
| x | 1 | 3 | 5 | 7 |
|---|---|---|---|---|
| f | 10 | 15 | 3 | 2 |
दिए गए आँकड़ों से निम्न संचयी बारम्बारता (c.f.) तालिका तैयार करते हैं:
| x | f | c.f. |
|---|---|---|
| 1 | 10 | 10 |
| 3 | 15 | 25 |
| 5 | 3 | 28 |
| 7 | 2 | 30 |
यहाँ, कुल बारम्बारता \( N = 30 \).
प्रथम चतुर्थक (\(Q_1\)) की गणना:
\( Q_1 \) = \( \frac{N}{4} \) वें पद का मान = \( \frac{30}{4} \) = 7.5 वें पद का मान
संचयी बारम्बारता तालिका में 7.5 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 10 है, जिसके संगत 'x' का मान 1 है।
इसलिए, \( Q_1 = 1 \)
तृतीय चतुर्थक (\(Q_3\)) की गणना:
\( Q_3 \) = \( \frac{3N}{4} \) वें पद का मान = \( \frac{3 \times 30}{4} \) = \( \frac{90}{4} \) = 22.5 वें पद का मान
संचयी बारम्बारता तालिका में 22.5 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 25 है, जिसके संगत 'x' का मान 3 है।
इसलिए, \( Q_3 = 3 \)
अन्तर-चतुर्थक परास (Inter-quartile Range) की गणना:
अन्तर-चतुर्थक परास \( = Q_3 - Q_1 \)
अन्तर-चतुर्थक परास \( = 3 - 1 \)
अन्तर-चतुर्थक परास \( = 2 \)
अन्तर-चतुर्थक परास गुणांक (Coefficient of Inter-quartile Range) की गणना:
अन्तर-चतुर्थक परास गुणांक \( = \frac {Q_3-Q_1}{Q_3+Q_1} \)
अन्तर-चतुर्थक परास गुणांक \( = \frac {3-1}{3+1} \)
अन्तर-चतुर्थक परास गुणांक \( = \frac {2}{4} \)
अन्तर-चतुर्थक परास गुणांक \( = 0.5 \)
यह दर्शाता है कि डेटा का मध्य भाग कितना फैला हुआ है और उसका सापेक्ष माप क्या है।
In simple words: पहले Q1 और Q3 निकालें। Q3 में से Q1 घटाने पर अन्तर-चतुर्थक परास मिलेगा। फिर, अन्तर-चतुर्थक परास को Q1 और Q3 के जोड़ से भाग देने पर उसका गुणांक मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: असतत श्रेणी में चतुर्थकों की गणना करते समय, \( \frac{N}{4} \) या \( \frac{3N}{4} \) पद के ठीक बराबर या उससे अधिक संचयी बारम्बारता वाले 'x' मान को ही Q1 या Q3 मानना चाहिए।
प्रश्न 6. निम्न आँकड़ों से परास गुणांक ज्ञात कीजिए।
Answer: दी गई बारम्बारता बंटन तालिका है:
| आकार (x) | 10-15 | 15-20 | 20-25 | 25-30 |
|---|---|---|---|---|
| बारम्बारता (f) | 2 | 4 | 6 | 8 |
यहाँ, सबसे छोटे वर्ग अन्तराल (10-15) की निम्न सीमा न्यूनतम मूल्य (L) होगी।
न्यूनतम मूल्य (\( L \)) = 10
सबसे बड़े वर्ग अन्तराल (25-30) की ऊपरी सीमा अधिकतम मूल्य (H) होगी।
अधिकतम मूल्य (\( H \)) = 30
अब, परास गुणांक (Coefficient of Range) की गणना करते हैं:
परास गुणांक \( = \frac {H-L}{H+L} \)
मान रखने पर:
परास गुणांक \( = \frac {30-10}{30+10} \)
परास गुणांक \( = \frac {20}{40} \)
परास गुणांक \( = \frac {1}{2} \)
परास गुणांक \( = 0.5 \)
यह मान डेटा के फैलाव का एक सापेक्ष माप देता है।
In simple words: सबसे बड़े वर्ग की ऊपरी सीमा को H मानें और सबसे छोटे वर्ग की निचली सीमा को L मानें। फिर H में से L घटाकर, उसे H और L के जोड़ से भाग देने पर परास गुणांक मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: सतत श्रेणी में परास गुणांक निकालते समय, हमेशा सबसे छोटे वर्ग की निम्न सीमा को न्यूनतम मान (L) और सबसे बड़े वर्ग की ऊपरी सीमा को अधिकतम मान (H) के रूप में लें।
प्रश्न 7. निम्न आँकड़ों के आधार पर दशमक परास एवं शतमक परास ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए आँकड़ों से संचयी बारम्बारता तालिका तैयार करते हैं:
| वर्ग अन्तराल (x) | बारम्बारता (f) | संचयी बारम्बारता (c.f) |
|---|---|---|
| 0-10 | 3 | 3 |
| 10-20 | 9 | 12 |
| 20-30 | 8 | 20 |
| 30-40 | 5 | 25 |
| 40-50 | 7 | 32 |
| 50-60 | 5 | 37 |
| 60-70 | 7 | 44 |
| 70-80 | 6 | 50 |
कुल बारम्बारता \( N = 50 \).
दशमक परास की गणना:
दशमक परास \( = D_9 - D_1 \)
नौवें दशमक (\(D_9\)) की गणना:
\( D_9 \) के लिए पद = \( \frac{9N}{10} = \frac{9 \times 50}{10} = 45 \)
संचयी बारम्बारता तालिका में 45 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 50 है, जिसके संगत वर्ग 70-80 है।
इसलिए, \( l = 70, f = 6, F = 44, h = 10 \)
\( D_9 = l + \frac{\frac{9N}{10} - F}{f} \times h \)
\( D_9 = 70 + \frac{45 - 44}{6} \times 10 \)
\( D_9 = 70 + \frac{1}{6} \times 10 \)
\( D_9 = 70 + \frac{10}{6} \)
\( D_9 = 70 + 1.667 \)
\( D_9 = 71.667 \)
पहले दशमक (\(D_1\)) की गणना:
\( D_1 \) के लिए पद = \( \frac{1N}{10} = \frac{1 \times 50}{10} = 5 \)
संचयी बारम्बारता तालिका में 5 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 12 है, जिसके संगत वर्ग 10-20 है।
इसलिए, \( l = 10, f = 9, F = 3, h = 10 \)
\( D_1 = l + \frac{\frac{1N}{10} - F}{f} \times h \)
\( D_1 = 10 + \frac{5 - 3}{9} \times 10 \)
\( D_1 = 10 + \frac{2}{9} \times 10 \)
\( D_1 = 10 + \frac{20}{9} \)
\( D_1 = 10 + 2.222 \)
\( D_1 = 12.222 \)
अतः, दशमक परास \( = D_9 - D_1 \)
दशमक परास \( = 71.667 - 12.222 \)
दशमक परास \( = 59.445 \)
शतमक परास की गणना:
शतमक परास \( = P_{90} - P_{10} \)
नब्बेवें शतमक (\(P_{90}\)) की गणना:
\( P_{90} \) के लिए पद = \( \frac{90N}{100} = \frac{90 \times 50}{100} = 45 \)
यह पद 45, वर्ग 70-80 में आता है, जिसके लिए \( l = 70, f = 6, F = 44, h = 10 \)
\( P_{90} = l + \frac{\frac{90N}{100} - F}{f} \times h \)
\( P_{90} = 70 + \frac{45 - 44}{6} \times 10 \)
\( P_{90} = 70 + 1.667 \)
\( P_{90} = 71.667 \)
दसवें शतमक (\(P_{10}\)) की गणना:
\( P_{10} \) के लिए पद = \( \frac{10N}{100} = \frac{10 \times 50}{100} = 5 \)
यह पद 5, वर्ग 10-20 में आता है, जिसके लिए \( l = 10, f = 9, F = 3, h = 10 \)
\( P_{10} = l + \frac{\frac{10N}{100} - F}{f} \times h \)
\( P_{10} = 10 + \frac{5 - 3}{9} \times 10 \)
\( P_{10} = 10 + 2.222 \)
\( P_{10} = 12.222 \)
अतः, शतमक परास \( = P_{90} - P_{10} \)
शतमक परास \( = 71.667 - 12.222 \)
शतमक परास \( = 59.445 \)
दशमक परास और शतमक परास दोनों ही डेटा के फैलाव को अधिक बारीक स्तर पर मापते हैं, जो मध्य के डेटा बिंदुओं पर केंद्रित होते हैं।
In simple words: दशमक परास D9 और D1 के बीच का अंतर है, जबकि शतमक परास P90 और P10 के बीच का अंतर है। इन सभी को निकालने के लिए पहले उनकी स्थिति (जैसे N/10, 9N/10, N/100, 90N/100) ज्ञात करें, फिर सूत्र का उपयोग करके उनके मान निकालें और अंत में घटाएँ।
🎯 Exam Tip: दशमक और शतमक की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करने के लिए संचयी बारम्बारता तालिका का उपयोग करें कि आप सही वर्ग अंतराल और संबंधित बारम्बारता मानों का चयन कर रहे हैं।
प्रश्न 8. निम्न बारम्बारता बंटन में दशमक परास एवं शतमक परास ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए बारम्बारता बंटन से संचयी बारम्बारता तालिका तैयार करते हैं:
| प्राप्तांक (x) | बारम्बारता (f) | संचयी बारम्बारता (c.f) |
|---|---|---|
| 0-10 | 5 | 5 |
| 10-20 | 8 | 13 |
| 20-30 | 20 | 33 |
| 30-40 | 14 | 47 |
| 40-50 | 3 | 50 |
कुल बारम्बारता \( N = 50 \).
दशमक परास की गणना:
दशमक परास \( = D_9 - D_1 \)
नौवें दशमक (\(D_9\)) की गणना:
\( D_9 \) के लिए पद = \( \frac{9N}{10} = \frac{9 \times 50}{10} = 45 \)
संचयी बारम्बारता तालिका में 45 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 47 है, जिसके संगत वर्ग 30-40 है।
इसलिए, \( l = 30, f = 14, F = 33, h = 10 \)
\( D_9 = l + \frac{\frac{9N}{10} - F}{f} \times h \)
\( D_9 = 30 + \frac{45 - 33}{14} \times 10 \)
\( D_9 = 30 + \frac{12}{14} \times 10 \)
\( D_9 = 30 + \frac{120}{14} \)
\( D_9 = 30 + 8.571 \)
\( D_9 = 38.571 \)
पहले दशमक (\(D_1\)) की गणना:
\( D_1 \) के लिए पद = \( \frac{1N}{10} = \frac{1 \times 50}{10} = 5 \)
संचयी बारम्बारता तालिका में 5 से ठीक बड़ी या बराबर संचयी बारम्बारता 5 है, जिसके संगत वर्ग 0-10 है।
इसलिए, \( l = 0, f = 5, F = 0, h = 10 \)
\( D_1 = l + \frac{\frac{1N}{10} - F}{f} \times h \)
\( D_1 = 0 + \frac{5 - 0}{5} \times 10 \)
\( D_1 = 0 + \frac{5}{5} \times 10 \)
\( D_1 = 0 + 10 \)
\( D_1 = 10 \)
अतः, दशमक परास \( = D_9 - D_1 \)
दशमक परास \( = 38.571 - 10 \)
दशमक परास \( = 28.571 \)
शतमक परास की गणना:
शतमक परास \( = P_{90} - P_{10} \)
नब्बेवें शतमक (\(P_{90}\)) की गणना:
\( P_{90} \) के लिए पद = \( \frac{90N}{100} = \frac{90 \times 50}{100} = 45 \)
यह पद 45, वर्ग 30-40 में आता है, जिसके लिए \( l = 30, f = 14, F = 33, h = 10 \)
\( P_{90} = l + \frac{\frac{90N}{100} - F}{f} \times h \)
\( P_{90} = 30 + \frac{45 - 33}{14} \times 10 \)
\( P_{90} = 30 + 8.571 \)
\( P_{90} = 38.571 \)
दसवें शतमक (\(P_{10}\)) की गणना:
\( P_{10} \) के लिए पद = \( \frac{10N}{100} = \frac{10 \times 50}{100} = 5 \)
यह पद 5, वर्ग 0-10 में आता है, जिसके लिए \( l = 0, f = 5, F = 0, h = 10 \)
\( P_{10} = l + \frac{\frac{10N}{100} - F}{f} \times h \)
\( P_{10} = 0 + \frac{5 - 0}{5} \times 10 \)
\( P_{10} = 0 + 10 \)
\( P_{10} = 10 \)
अतः, शतमक परास \( = P_{90} - P_{10} \)
शतमक परास \( = 38.571 - 10 \)
शतमक परास \( = 28.571 \)
यह दिखाता है कि दशमक और शतमक परास दोनों ही इस वितरण के लिए समान हैं, जो डेटा के फैलाव का एक विस्तृत दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
In simple words: दशमक परास और शतमक परास दोनों को निकालने के लिए, पहले संचयी बारम्बारता तालिका बनाएँ। फिर, संबंधित दशमक (D1, D9) या शतमक (P10, P90) की स्थिति ज्ञात करें और सूत्र का उपयोग करके उनके मान निकालें। अंत में, बड़े दशमक/शतमक से छोटे दशमक/शतमक को घटा दें।
🎯 Exam Tip: दशमक या शतमक की गणना करते समय, वर्ग अंतराल की निम्न सीमा (l), बारम्बारता (f), और संचयी बारम्बारता (F) को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से, 'F' उस वर्ग से पहले वाले वर्ग की संचयी बारम्बारता होती है।
Free study material for Mathematics
RBSE Solutions Class 11 Mathematics Chapter 13 प्रकीर्णन के माप
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 13 प्रकीर्णन के माप prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 11 Mathematics textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 13 प्रकीर्णन के माप
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 11 Mathematics chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 11 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Mathematics Class 11 Solved Papers
Using our Mathematics solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 11 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 13 प्रकीर्णन के माप to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 13 प्रकीर्णन के माप Exercise 13.1 is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Mathematics are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 13 प्रकीर्णन के माप Exercise 13.1 as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 13 प्रकीर्णन के माप Exercise 13.1 will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 11 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 13 प्रकीर्णन के माप Exercise 13.1 in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 11 Maths Chapter 13 प्रकीर्णन के माप Exercise 13.1 in printable PDF format for offline study on any device.