Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Home Science Chapter 25 समय व शक्ति का प्रबन्धन
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Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(i) शक्ति के साथ प्रबंध किया जाने वाला दूसरा साधन है।
(अ) धन
(ब) उपकरण
(स) समय
(द) बुद्धि
Answer: (स) समय
In simple words: शक्ति के साथ-साथ समय भी एक महत्वपूर्ण चीज़ है जिसे हमें सही से इस्तेमाल करना चाहिए.
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समय और शक्ति दोनों ही महत्वपूर्ण संसाधन हैं जिनका सही प्रबंधन जीवन को बेहतर बनाता है।
Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(ii) समय योजना बनाते समय सदैव ध्यान रखना चाहिए।
(अ) कार्यों की प्राथमिकता
(ब) सदस्यों की रूचि, ज्ञान, आदतें
(स) योजना का लचीलापन
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: जब आप समय की योजना बनाते हैं, तो कामों की अहमियत, परिवार के लोगों की पसंद और आदतों, और योजना के बदलने की गुंजाइश जैसी सभी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.
🎯 Exam Tip: एक अच्छी समय योजना हमेशा लचीली होनी चाहिए ताकि ज़रूरत पड़ने पर उसमें बदलाव किया जा सके।
Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(iii) लगातार कार्य करने से क्या होने लगता है?
(अ) सिर में दर्द होने लगता है
(ब) शारीरिक ऊर्जा कम होने लगती है
(स) कार्य के प्रति नीरसता व अरुचि होने लगती है
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: जब आप लगातार काम करते रहते हैं, तो आपको सिरदर्द हो सकता है, शरीर की ऊर्जा कम हो सकती है और आपको काम में मन नहीं लगता. ये सारी बातें एक साथ हो सकती हैं.
🎯 Exam Tip: थकान के लक्षणों को पहचानना और समय पर आराम करना ज़रूरी है ताकि आप स्वस्थ रह सकें।
Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(iv) शारीरिक थकान के मुख्य कारण –
(अ) कार्बन डाइऑक्साइड
(ब) ग्लूकोज
(स) जल
(द) लैक्टिक अम्ल
Answer: (द) लैक्टिक अम्ल
In simple words: जब शरीर में ऑक्सीजन कम होती है और हम काम करते हैं, तो मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है, जिससे हमें थकान महसूस होती है.
🎯 Exam Tip: लैक्टिक अम्ल का जमाव शरीर में दर्द और थकान का कारण बनता है, इसलिए शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलना महत्वपूर्ण है।
Question 2. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें –
1. शारीरिक थकान
2. विश्राम काल
Answer:
1. **शारीरिक थकान:** लगातार काम करते रहने से शरीर की ताकत कम हो जाती है, जिससे काम करने की हमारी क्षमता घट जाती है. काम करते समय शरीर को ऊर्जा की ज़रूरत होती है. अगर शरीर को पूरी ऑक्सीजन मिलती रहे, तो ग्लूकोज पूरी तरह जल जाता है और थकान नहीं होती. लेकिन, जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो ग्लूकोज पूरी तरह नहीं जल पाता और लैक्टिक अम्ल बनता है. यह लैक्टिक अम्ल मांसपेशियों में जमा हो जाता है, जिससे हमें थकावट महसूस होती है. इसी को शारीरिक थकान कहते हैं.
2. **विश्राम काल:** काम के बाद जब हम थक जाते हैं और आराम करते हैं, तो शरीर को फिर से ऑक्सीजन मिल जाती है. इससे लैक्टिक अम्ल कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में बदल जाता है, जो शरीर से बाहर निकल जाता है. इस तरह, शरीर फिर से काम करने के लिए तैयार हो जाता है. इससे शरीर को दोबारा काम करने की शक्ति मिलती है.
In simple words: शारीरिक थकान तब होती है जब लगातार काम करने से शरीर की ऊर्जा घट जाती है और मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है. विश्राम काल वह समय है जब आराम करने से शरीर को फिर से ऊर्जा मिलती है और वह काम के लिए तैयार हो जाता है.
🎯 Exam Tip: शारीरिक थकान और विश्राम काल की सही परिभाषाओं को याद रखें और लैक्टिक अम्ल की भूमिका को स्पष्ट करें।
थकान दो प्रकार की होती हैं –
• शारीरिक थकान
• मानसिक थकान
Question 4. समय प्रबन्धन के मुख्य चरणों को समझाइए।
Answer: समय प्रबंधन के मुख्य चरण नीचे दिए गए हैं:
1. **समय का आयोजन:**
• योजना ऐसी होनी चाहिए जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो.
• घर के काम, आराम और मनोरंजन को मिलाकर योजना बनानी चाहिए.
• कुछ काम रोज़ाना होते हैं, कुछ हफ़्ते में, कुछ महीने में या साल में होते हैं. इसलिए कामों को उनकी अहमियत के हिसाब से करना चाहिए. कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें खास समय पर पूरा करना ज़रूरी होता है, जैसे- स्कूल या ऑफिस का समय, खाना खाने का समय. अगर ये काम समय पर पूरे नहीं होते, तो दूसरे कामों पर भी असर पड़ता है.
• समय की योजना बनाते समय परिवार के सदस्यों की पसंद, ज़रूरतें, काम करने की आदतें और छुट्टी के समय का ध्यान रखना चाहिए.
• दो-तीन कामों को एक साथ करने की योजना बनानी चाहिए.
• हर काम के लिए अंदाज़ा लगाएँ कि कितना समय लगेगा. जैसे- अगर आपको घर से ऑफिस या स्कूल जाने में आधा घंटा लगता है, तो योजना में कम समय न रखें, नहीं तो योजना सही नहीं होगी.
• योजना ऐसी होनी चाहिए जो बदली जा सके और असलियत के करीब हो.
• योजना में सभी तरह के काम शामिल होने चाहिए, जैसे - मौसमी, सालाना, खुद के काम आदि.
• समय का सही से आयोजन करने से कई बार काम समय से पहले ही पूरा हो जाता है. बचे हुए इस समय में एक कुशल गृहिणी घर के छोटे-मोटे काम कर सकती है, जैसे टीवी देखना या पत्रिका पढ़ना.
2. **समय योजना का नियंत्रण:**
योजना की कामयाबी इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कैसे लागू किया जाता है. योजना बनाते समय पहले से ही अंदाज़ा लगा लेना चाहिए कि क्या समस्याएँ आ सकती हैं, ताकि रोज़ के कामों में कोई दिक्कत न हो. अगर फिर भी कोई मुश्किल आती है, तो तुरंत नया फैसला लेकर समय पर काम पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए.
अगर समय की कमी लगे तो –
3. **समय योजना का मूल्यांकन:**
योजना की कामयाबी के लिए उस पर नियंत्रण रखना ज़रूरी है, लेकिन काम खत्म होने पर योजना का मूल्यांकन भी ज़रूरी है. मूल्यांकन में हम देखते हैं कि काम योजना के हिसाब से हुआ या नहीं, योजना कितनी सही थी, क्या योजना अपना मकसद पूरा कर पाई या नहीं, और योजना में क्या कमी रह गई. इस तरह, एक अच्छी योजना वह होती है जिसमें उपलब्ध साधनों का सही इस्तेमाल करके निजी और पारिवारिक लक्ष्यों को हासिल किया जा सके.
In simple words: समय प्रबंधन के तीन मुख्य चरण हैं: पहले समय की योजना बनाना जिसमें कामों को व्यवस्थित किया जाता है, फिर योजना को लागू करते हुए नियंत्रण रखना, और अंत में यह देखना कि योजना कितनी सफल रही, जिसे मूल्यांकन कहते हैं.
🎯 Exam Tip: समय प्रबंधन के तीनों चरणों (आयोजन, नियंत्रण और मूल्यांकन) को क्रम से और उनके मुख्य बिंदुओं के साथ समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 5. कार्यों के भारीपन के आधार पर व्यय होने वाली शक्ति को क्वार्ट्स ने किस प्रकार बताया है?
Answer: गृह प्रबंधन प्रक्रिया में, कार्टज ने कामों के भारीपन के आधार पर खर्च होने वाली शक्ति को इस प्रकार बताया है:
| क्र. सं. | कार्य विवरण | आराम की अवस्था से अधिक व्यय होने वाली शक्ति का प्रतिशत |
|---|---|---|
| 1. | हल्के कार्य | 100 से कम |
| 2. | साधारण भारी कार्य | 100 से 150 |
| 3. | भारी कार्य | 150 से 200 |
| 4. | अधिक भारी कार्य | 200 से 300 |
| 5. | अत्यधिक भारी कार्य | 300 से ऊपर |
In simple words: कार्टज ने बताया कि अलग-अलग तरह के कामों में अलग-अलग मात्रा में ऊर्जा खर्च होती है, जिसे उन्होंने आराम की स्थिति से तुलना करके प्रतिशत में बताया. हल्के कामों में कम ऊर्जा लगती है, जबकि बहुत भारी कामों में ज़्यादा ऊर्जा खर्च होती है.
🎯 Exam Tip: इस तालिका को सही ढंग से याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विभिन्न कार्यों में ऊर्जा व्यय को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
Question 6. थकान दूर करने के उपायों पर प्रकाश डालिए।
Answer: थकान दूर करने के उपाय नीचे दिए गए हैं:
1. **शारीरिक थकान दूर करने के लिए:** काम के बीच-बीच में आराम करना बहुत ज़रूरी है. आराम करने से काम करने की शक्ति और उत्साह वापस आ जाता है.
2. **मानसिक थकान निम्न प्रकार से दूर की जा सकती है:**
• काम में रुचि पैदा करके.
• किसी काम के आसान लक्ष्य बनाकर चलना.
• काम करने के लिए प्रेरणा देकर.
• काम में कुशल होना.
In simple words: शारीरिक थकान को दूर करने के लिए काम के बीच में आराम करना चाहिए, और मानसिक थकान को दूर करने के लिए काम में रुचि, आसान लक्ष्य और प्रेरणा बनाए रखनी चाहिए.
🎯 Exam Tip: शारीरिक और मानसिक थकान दूर करने के उपायों को अलग-अलग याद रखें और प्रत्येक के लिए कम से कम दो बिंदु लिखें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 25 बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. समय एक अमूल्य साधन होने के साथ ही एक और विशेषता भी रखता है –
(अ) खूबसूरत है
(ब) नश्वर है
(स) बाँटा जा सकता है
(द) सीमित है
Answer: (ब) नश्वर है
In simple words: समय एक अनमोल चीज़ है, और इसकी एक और खास बात यह है कि यह हमेशा के लिए नहीं रहता, यह बीत जाता है और वापस नहीं आता.
🎯 Exam Tip: समय की "नश्वरता" का अर्थ है कि यह एक बार बीत जाने के बाद वापस नहीं आता, इसलिए इसका मूल्य और बढ़ जाता है।
Question 2. समय योजना होनी चाहिए -
(अ) परिवर्तनशील
(ब) व्यावहारिक
(स) वास्तविक
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: एक अच्छी समय योजना ऐसी होनी चाहिए जिसमें बदलाव किया जा सके (परिवर्तनशील), जिसे असल में लागू किया जा सके (व्यावहारिक) और जो ज़मीनी हकीकत पर आधारित हो (वास्तविक).
🎯 Exam Tip: समय योजना के सभी गुणों (परिवर्तनशील, व्यावहारिक, वास्तविक) को याद रखें, क्योंकि ये एक प्रभावी योजना के लिए आवश्यक हैं।
Question 3. समय का कुशल प्रबन्धन होने से –
(अ) कार्य क्षमता बढ़ती है
(ब) कार्य समय पर पूर्ण होता है
(स) अधिक संतुष्टि प्राप्त होती है
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: अगर हम समय का सही इस्तेमाल करते हैं, तो हम ज़्यादा काम कर पाते हैं, काम समय पर पूरा हो जाता है और हमें खुशी भी मिलती है.
🎯 Exam Tip: समय के कुशल प्रबंधन के सभी सकारात्मक परिणामों को जानें, जो व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 4. अत्यधिक भारी कार्य में व्यय ऊर्जा का प्रतिशत है –
(अ) 150 से 200
(ब) 100 से 150
(स) 300 से ऊपर
(द) 100 से कम
Answer: (स) 300 से ऊपर
In simple words: जब कोई बहुत भारी काम किया जाता है, तो आराम की तुलना में 300 प्रतिशत से भी ज़्यादा ऊर्जा खर्च होती है.
🎯 Exam Tip: विभिन्न कार्यों के लिए ऊर्जा व्यय के प्रतिशत को सटीक रूप से याद रखें, विशेषकर अत्यधिक भारी कार्यों के लिए।
Question 5. थकान कितने प्रकार की होती है?
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) पाँच
Answer: (अ) दो
In simple words: थकान मुख्य रूप से दो तरह की होती है: शारीरिक थकान और मानसिक थकान.
🎯 Exam Tip: थकान के दो मुख्य प्रकारों (शारीरिक और मानसिक) को याद रखना ज़रूरी है।
रिक्त स्थान
निम्नलिखित वाक्यों में खाली स्थान भरिए –
1. ______ मानव जीवन का अनमोल खजाना है।
2. दैनिक जीवन में समय को ______ एवं ______ में विभाजित किया गया है।
3. दैनिक कार्यों में ______ कार्यों को छोडकर अन्य कार्यों को स्थगित किया जा सकता है।
4. ______ कार्य करने पर ऊर्जा व्यय होती है।
5. ______ वह स्थिति है जब शारीरिक व मानसिक शक्ति कम हो जाती है।
Answer:
1. समय
2. कार्य, विश्राम, मनोरंजन
3. आवश्यक
4. शारीरिक
5. थकान।
In simple words: इन वाक्यों में सही शब्द भरकर खाली जगह भरनी थी, जैसे समय एक अनमोल खजाना है, समय को काम, आराम और मनोरंजन में बाँटा गया है, और थकान वह स्थिति है जब हमारी शारीरिक या मानसिक ताकत कम हो जाती है.
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरने के लिए दिए गए विषय की मूल अवधारणाओं और महत्वपूर्ण शब्दों को ठीक से समझें।
सुमेलन
स्तम्भ A तथा स्तम्भ B का मिलान कीजिए
स्तम्भ A
1. लैक्टिक अम्ल
2. असंतोष
3. ऑक्सीकरण
4. समय प्रबन्धन
5. विश्राम
स्तम्भ B
(a) समय योजना
(b) थकान
(c) मानसिक थकान
(d) शारीरिक आराम
(e) ग्लूकोज
Answer:
1. (b) थकान
2. (c) मानसिक थकान
3. (e) ग्लूकोज
4. (a) समय योजना
5. (d) शारीरिक आराम
In simple words: हमें 'स्तम्भ A' के शब्दों को 'स्तम्भ B' के सही उत्तरों से मिलाना था. जैसे लैक्टिक अम्ल का संबंध थकान से है और विश्राम का संबंध शारीरिक आराम से है.
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में प्रत्येक पद को उसके सबसे उपयुक्त विवरण या संबंधित अवधारणा से जोड़ना सीखें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 25 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. समय प्रबंधन से आपका क्या तात्पर्य है?
Answer: समय प्रबंधन का मतलब है समय को इस तरह से इस्तेमाल करना ताकि हम अपने परिवार और खुद के ज़्यादा से ज़्यादा लक्ष्य पूरे कर सकें.
In simple words: समय प्रबंधन का मतलब है कि अपने समय को ऐसे संभालना जिससे आपके सभी निजी और पारिवारिक लक्ष्य पूरे हो सकें.
🎯 Exam Tip: समय प्रबंधन की परिभाषा में 'पारिवारिक और व्यक्तिगत उद्देश्यों की अधिकतम प्राप्ति' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
Question 2. समय को कितने भागों में विभाजित किया गया है?
Answer: रोज़ाना के जीवन में समय को तीन भागों में बाँटा गया है –
• कार्य
• विश्राम और
• मनोरंजन.
In simple words: समय को तीन मुख्य हिस्सों में बाँटा गया है: काम करने का समय, आराम करने का समय और मनोरंजन का समय.
🎯 Exam Tip: समय के इन तीन विभाजन (कार्य, विश्राम, मनोरंजन) को हमेशा याद रखें क्योंकि ये समय प्रबंधन का आधार हैं।
Question 3. समय व्यवस्था का मानव जीवन में क्या उददेश्य है?
Answer: समय व्यवस्था का असली मकसद यह है कि हम समय का ऐसा इस्तेमाल करें जिससे हम अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक लक्ष्यों को ज़्यादा से ज़्यादा हासिल कर सकें.
In simple words: समय को सही से इस्तेमाल करने का मुख्य कारण यह है कि हम अपने सारे निजी और परिवार के लक्ष्यों को अच्छी तरह से पूरा कर सकें.
🎯 Exam Tip: मानव जीवन में समय व्यवस्था के उद्देश्य में 'व्यक्तिगत और पारिवारिक लक्ष्यों की प्राप्ति' को प्रमुखता से उल्लेख करें।
Question 4. समय प्रबंधन के चरणों के नाम लिखिए।
Answer: समय प्रबंधन के चरण –
• समय का आयोजन,
• समय योजना का नियंत्रण तथा समय योजना का मूल्यांकन.
In simple words: समय प्रबंधन के तीन मुख्य चरण हैं: योजना बनाना, उसे लागू करना (नियंत्रण), और यह देखना कि वह कितनी सफल रही (मूल्यांकन).
🎯 Exam Tip: समय प्रबंधन के तीनों चरणों (आयोजन, नियंत्रण, मूल्यांकन) को सही क्रम में और स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।
Question 6. समय योजना किस प्रकार की होनी चाहिए?
Answer: समय योजना ऐसी होनी चाहिए जिसमें बदलाव किया जा सके (परिवर्तनशील) और जिसे असल में लागू किया जा सके (व्यावहारिक).
In simple words: समय योजना में बदलाव करने की गुंजाइश होनी चाहिए और वह ऐसी होनी चाहिए जिसे आप असल में इस्तेमाल कर सकें.
🎯 Exam Tip: समय योजना के दो प्रमुख गुणों - परिवर्तनशील और व्यावहारिक - को याद रखें।
Question 7. शक्ति से क्या तात्पर्य है?
Answer: शक्ति का मतलब है हमारे शरीर की काम करने की क्षमता.
In simple words: शक्ति का मतलब है किसी काम को करने की हमारे शरीर की ताकत या क्षमता.
🎯 Exam Tip: शक्ति की परिभाषा में 'कार्य करने की क्षमता' जैसे मुख्य वाक्यांश का उपयोग करें।
Question 8. शक्ति के व्यवस्थापन का क्या अर्थ है?
Answer: शक्ति के व्यवस्थापन का मतलब है कि कामों को ऐसे आसान तरीके से करना जिससे हमें थकान महसूस न हो.
In simple words: शक्ति का सही से इस्तेमाल करने का मतलब है कि काम ऐसे किए जाएँ ताकि हमें ज़्यादा थकावट न हो.
🎯 Exam Tip: शक्ति के व्यवस्थापन को 'थकान कम करने' या 'आरामदायक तरीके से काम करने' से जोड़कर समझाएँ।
Question 9. थकान के प्रकार बताइए।
Answer: थकान दो तरह की होती है – शारीरिक थकान और मानसिक थकान.
In simple words: थकान के दो मुख्य प्रकार हैं: शरीर की थकान और मन की थकान.
🎯 Exam Tip: थकान के दो प्रकारों (शारीरिक और मानसिक) को याद रखना पर्याप्त है।
Question 10. मूल्यांकन किस पर आधारित होता है?
Answer: मूल्यांकन इस बात पर आधारित होता है कि काम कितना सफल रहा और कितना असफल.
In simple words: मूल्यांकन से पता चलता है कि कोई काम कितना सफल हुआ या नहीं.
🎯 Exam Tip: मूल्यांकन का सीधा संबंध कार्य की 'सफलता और असफलता' के विश्लेषण से है।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 25 लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. समय प्रबंधन की आवश्यकता को समझाइए।
Answer: समय प्रबंधन की ज़रूरत इसलिए है ताकि हम अपने जीवन को सफल, अच्छा और खुशहाल बनाने के लिए समय का सही इस्तेमाल कर सकें. इसके लिए दिन के 24 घंटों को तीन बराबर हिस्सों में बाँटना चाहिए: 8 घंटे काम करने के लिए, 8 घंटे आराम करने और सोने के लिए, और बाकी 8 घंटे अपने निजी जीवन के लिए, जिसमें मनोरंजन भी शामिल हो. यह संतुलन जीवन को बेहतर बनाता है.
In simple words: हमें समय प्रबंधन की ज़रूरत है ताकि हम अपना जीवन सफल और खुशहाल बना सकें. इसके लिए दिन को काम, आराम और निजी समय में बराबर बाँटना चाहिए.
🎯 Exam Tip: समय प्रबंधन की आवश्यकता में 'जीवन को सफल, सार्थक और सुखमय बनाना' तथा '24 घंटों का संतुलित विभाजन' जैसे बिंदु शामिल करें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 25 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 2. मानसिक थकान को समझाइए।
Answer: **मानसिक थकान:** जब कोई व्यक्ति लगातार एक ही काम करता रहता है, तो उसकी रुचि उस काम में कम हो जाती है और उसे वह काम पसंद नहीं आता. व्यक्ति को बोरियत महसूस होने लगती है. इसी स्थिति को मानसिक थकान कहते हैं. इस थकान के कुछ लक्षण होते हैं, जैसे असंतोष, उदासी, मन का उदास होना और काम से छुटकारा पाने की इच्छा होना. मानसिक थकान तब होती है जब आसपास का माहौल सही न हो, हमारे लक्ष्य पूरे न हों, या जब हमें काम करने का सही तरीका न आता हो. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को गुस्सा या चिड़चिड़ाहट महसूस होती है.
In simple words: मानसिक थकान तब होती है जब किसी काम को लगातार करने से व्यक्ति की उसमें रुचि खत्म हो जाती है, जिससे उसे बोरियत और चिड़चिड़ाहट महसूस होने लगती है, खासकर जब माहौल या लक्ष्य सही न हों.
🎯 Exam Tip: मानसिक थकान की परिभाषा, उसके कारण (जैसे अरुचि, नीरसता) और लक्षणों (असंतोष, उदासीनता) को स्पष्ट रूप से समझाएँ।
Question 1. शक्ति क्या है? उदाहरण सहित शक्ति व्यवस्थापन की गणना समझाइए।
Answer: **शक्ति:** हम जो भी काम करते हैं, उसमें शक्ति की ज़रूरत होती है. शक्ति का मतलब है हमारी काम करने की क्षमता. हर व्यक्ति की काम करने की क्षमता अलग होती है. कोई व्यक्ति किसी काम को करने में कितनी शक्ति खर्च करेगा, यह उसकी शारीरिक बनावट और मानसिक स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. शक्ति के व्यवस्थापन का मतलब है कि कामों को ऐसे आसान तरीके से करना ताकि हमें थकान महसूस न हो. गृहिणी को घर और बाहर कई तरह के काम करने पड़ते हैं, जिनमें अलग-अलग मात्रा में शक्ति खर्च होती है; जैसे – सब्जी काटने में, सीढ़ियाँ चढ़ने की तुलना में कम शक्ति लगती है.
शक्ति को कैलोरी में मापा जाता है. मान लीजिए, आराम की स्थिति में एक व्यक्ति 100 किलोकैलोरी ऊर्जा खर्च करता है. तो उसे हल्के काम करने के लिए 100 किलोकैलोरी से कम ऊर्जा चाहिए, जबकि ज़्यादा भारी काम करने के लिए 100 किलोकैलोरी के साथ-साथ 300 किलोकैलोरी अतिरिक्त शक्ति की ज़रूरत होगी. नीचे दिए गए समीकरण से हम किसी भी काम में खर्च होने वाली शक्ति (किलोकैलोरी में) का पता लगा सकते हैं –
कार्य में खर्च हुई शक्ति \( = \) कार्य करने में खर्च हुई कुल शक्ति \( - \) आराम के समय खर्च हुई शक्ति
हल्के कार्य \( = 150 \) किलोकैलोरी \( - 100 \) किलोकैलोरी \( = 50 \) किलोकैलोरी.
अत्यधिक भारी \( = 450 \) किलोकैलोरी \( - 100 \) किलोकैलोरी \( = 350 \) किलोकैलोरी.
In simple words: शक्ति हमारी काम करने की क्षमता है. इसका सही से इस्तेमाल करने का मतलब है कि काम इस तरह से करना ताकि थकान न हो. शक्ति को कैलोरी में मापते हैं, और काम में खर्च हुई शक्ति को कुल खर्च शक्ति में से आराम के समय खर्च हुई शक्ति को घटाकर निकाला जाता है.
🎯 Exam Tip: शक्ति की परिभाषा, उसके व्यवस्थापन का अर्थ और कैलोरी में उसकी गणना के तरीके को उदाहरणों के साथ समझाना महत्वपूर्ण है।
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Step-by-Step Textbook Answers: Class 11 Home Science Chapter 25 समय व शक्ति का प्रबन्धन
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