RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा

Get the most accurate RBSE Solutions for Class 11 Hindi Chapter 13 नशा here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 11 Hindi. Our expert-created answers for Class 11 Hindi are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 13 नशा RBSE Solutions for Class 11 Hindi

For Class 11 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 11 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 13 नशा solutions will improve your exam performance.

Class 11 Hindi Chapter 13 नशा RBSE Solutions PDF

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

प्रश्न 1. “एक आदमी ने हमारा कमरा खोला। मैं तुरंत चिल्ला उठा दूसरा दर्जा है सैकण्ड क्लास है।" ईश्वरी के मित्र के पीछे चिल्लाने का भाव था ?
(क) अहंकार
(ख) क्रोध
(ग) हीनता
(घ) काईयापन
Answer: (क) अहंकार
In simple words: ईश्वरी के मित्र ने अपनी अमीरी दिखाने के लिए दूसरे दर्जे की बात कही थी, जो उसके अहंकार को दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में, दिए गए विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और कहानी के संदर्भ में सबसे सटीक उत्तर चुनें।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

प्रश्न 1. 'नशा' कहानी के कहानीकार कौन हैं ?
Answer: 'नशा' कहानी के कहानीकार प्रेमचन्द हैं। मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महान लेखकों में से एक हैं।
In simple words: 'नशा' कहानी को प्रेमचन्द ने लिखा है।

🎯 Exam Tip: लेखक और कहानी के नाम को हमेशा सही-सही याद रखें, यह अक्सर पूछा जाता है।

 

प्रश्न. 2. ईश्वरी के मित्र के पिता क्या करते थे ?
Answer: ईश्वरी के मित्र के पिता एक क्लर्क थे। उनकी आमदनी बहुत कम थी।
In simple words: ईश्वरी के दोस्त के पिताजी क्लर्क थे।

🎯 Exam Tip: पात्रों के मुख्य व्यवसायों को याद रखना कहानी के संदर्भ को समझने में मदद करता है।

 

प्रश्न. 3. ईश्वरी के मित्र के लिए लैम्प किसने जलाया?
Answer: ईश्वरी के मित्र के लिए लैम्प मुंशी रियासत अली ने जलाया था, क्योंकि मित्र ने खुद नहीं जलाया।
In simple words: मुंशी रियासत अली ने दीपक जलाया था।

🎯 Exam Tip: कहानी के छोटे-छोटे विवरण भी महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए उन्हें ध्यान से पढ़ें।

 

प्रश्न. 4. प्रेमचन्द का जन्म कहाँ हुआ?
Answer: प्रेमचन्द का जन्म वाराणसी जिले के लमही गाँव में हुआ था। यह गाँव उत्तर प्रदेश में स्थित है।
In simple words: प्रेमचन्द का जन्म वाराणसी के लमही गाँव में हुआ था।

🎯 Exam Tip: लेखकों के जन्म स्थान और महत्वपूर्ण जीवन तथ्यों को याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

प्रश्न.1. अब दशहरे की छुट्टियों में ईश्वरी का मित्र घर क्यों नहीं जाना चाहता था ?
Answer: दशहरे की छुट्टियाँ होने वाली थीं और ईश्वरी अपने घर जा रहा था। उसका मित्र अपने घर नहीं जाना चाहता था क्योंकि उसके पास घर जाने के लिए किराये के पैसे नहीं थे। वह अपने घरवालों से और पैसे माँगना नहीं चाहता था। इसके अलावा, उसे अपनी परीक्षा की भी चिंता थी और वह घर जाकर ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाता।
In simple words: ईश्वरी का मित्र छुट्टियों में घर नहीं जाना चाहता था क्योंकि उसके पास किराये के पैसे नहीं थे और वह घर पर अपनी पढ़ाई नहीं कर पाता।

🎯 Exam Tip: जब कोई प्रश्न किसी पात्र की इच्छा या अनिच्छा का कारण पूछता है, तो सभी संभावित कारणों को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से बताएं।

 

प्रश्न. 3. ईश्वरी का मित्र उसकी आलोचना क्यों करता था ?
Answer: ईश्वरी का मित्र आर्थिक रूप से कमजोर था, जबकि ईश्वरी एक जमींदार का बेटा था। ईश्वरी का मित्र उसकी अमीरी की आलोचना इसलिए करता था ताकि उसे कुछ संतुष्टि मिल सके और उसे अपने छोटेपन से छुटकारा महसूस हो। उसकी यह आलोचना किसी सिद्धांत पर आधारित नहीं थी, बल्कि उसकी अपनी गरीब स्थिति के कारण थी।
In simple words: ईश्वरी का दोस्त उसकी आलोचना इसलिए करता था ताकि उसे खुद अच्छा महसूस हो, क्योंकि वह खुद गरीब था और ईश्वरी अमीर।

🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवहार के पीछे के कारणों को समझाने के लिए कहानी के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 4. प्रेमचन्द की इस कहानी को मूल आशय स्पष्ट कीजिएं?"
Answer: प्रेमचन्द की इस कहानी का मुख्य संदेश यह है कि व्यक्ति जो कहता है, वह अपने जीवन में हमेशा वैसा व्यवहार नहीं करता। कहानी में ईश्वरी का दोस्त शुरू में ईश्वरी की अमीरी की आलोचना करता है। लेकिन जब उसे ईश्वरी जैसा जीवन जीने का मौका मिलता है, तो वह अपनी सारी आलोचना भूल जाता है और नौकरों, रेलयात्रियों के साथ अहंकारी और अमानवीय व्यवहार करता है। कहानी का मूल आशय यह है कि बड़े-बड़े सिद्धांत बोलना और उनके अनुसार व्यवहार करना दो अलग-अलग बातें हैं।
In simple words: कहानी बताती है कि लोग अक्सर अच्छी बातें कहते हैं, पर जब मौका मिलता है तो खुद वैसा ही बुरा व्यवहार करने लगते हैं जिसका वे विरोध करते हैं।

🎯 Exam Tip: कहानी के मूल संदेश या आशय को स्पष्ट करते समय, कहानी के प्रमुख घटनाओं और पात्रों के व्यवहार का उदाहरण दें।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 निबन्धात्मक प्रश्न

 

प्रश्न. 1. ईश्वरी और उसके मित्र की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।
Answer: ईश्वरी और उसका मित्र एक साथ पढ़ते थे और एक ही कमरे में रहते थे, लेकिन उनकी स्थिति बहुत अलग थी। ईश्वरी एक जमींदार का बेटा था। वह ऐश-ओ-आराम पसंद करने वाला था और नौकरों के प्रति कठोर था। उसे लापरवाही और देरी बिल्कुल पसंद नहीं थी। अमीरों में जो अकड़ और बेरहमी होती है, वह उसमें भरपूर थी। वह बिस्तर देर से लगने, साइकिल साफ न होने, या दूध ठंडा/गरम होने पर नौकरों को डांटता था। वह जमींदारों का पक्ष लेता था लेकिन हारने पर भी कभी गुस्सा नहीं होता था। वह हमेशा मुस्कुराता रहता था। अमीर होने के बावजूद वह बहुत मेहनती और बुद्धिमान था। वह दोस्तों और अन्य लोगों के साथ विनम्र और प्रेमपूर्ण व्यवहार करता था।
ईश्वरी का मित्र एक गरीब परिवार से था। उसके पिता एक क्लर्क थे और उनकी आय बहुत कम थी। उसे होटल के खानसामों को मिलने वाले इनाम से भी कम पैसा मिलता था। दशहरे की छुट्टियों में उसके पास घर जाने के लिए पैसे नहीं थे। वह जमींदारों का कड़ा आलोचक था। वह उन्हें खून चूसने वाली जोंक और हिंसक जानवर कहता था। वह बहस में अक्सर गरम हो जाता था। अमीरों की आलोचना उसकी अपनी स्थिति के कारण थी, किसी सिद्धांत के कारण नहीं। उसके कहने और करने में अंतर था।
In simple words: ईश्वरी एक अमीर, मेहनती और विनम्र लड़का था, लेकिन थोड़ा अकड़ू भी। उसका दोस्त गरीब था, जमींदारों का आलोचक था, लेकिन उसका व्यवहार उसकी बातों से मेल नहीं खाता था।

🎯 Exam Tip: पात्रों की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन करते समय, उनके व्यवहार, सोच और सामाजिक स्थिति के आधार पर तुलनात्मक रूप से लिखें।

 

प्रश्न 2. गाँव जाते ही ईश्वरी के मित्र के स्वभाव में आएं परिवर्तन का वर्णन कीजिए।
Answer: ईश्वरी एक जमींदार का बेटा था और उसका मित्र एक क्लर्क का बेटा था। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दशहरे की छुट्टियों में ईश्वरी ने अपने मित्र को अपने गाँव चलने का न्योता दिया। ईश्वरी जमींदारों का समर्थन करता था और मानता था कि मनुष्य में छोटे-बड़े का अंतर प्राकृतिक या ईश्वरीय नियम है। उसका मित्र जमींदारों को खून चूसने वाली जोंक और हिंसक पशु कहता था और उनकी कड़ी आलोचना करता था। वह बहस के दौरान उग्र भी हो जाता था, लेकिन ईश्वरी मुस्कुराता रहता था।
मित्र ने ईश्वरी का न्योता स्वीकार कर लिया। ईश्वरी ने उससे कहा कि वह उसके घरवालों के सामने जमींदारों की बुराई न करे, तो मित्र ने कहा कि वह बदल नहीं सकता। गाँव पहुँचने पर ईश्वरी ने अपने नौकरों और परिवार के लोगों से मित्र का परिचय कराया और उसे ढाई लाख की रियासत का उत्तराधिकारी बताया। मित्र के साधारण कपड़े देखकर ईश्वरी ने उसे सादगीपसंद और गाँधीजी का भक्त बताया। गाँव पहुँचकर मित्र ने ईश्वरी की बातों का विरोध नहीं किया। उसने एक जमींदार के बेटे की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसने नाई से चुपचाप पैर दबवाए, भोजन के लिए जाने पर पैर भी धुलवाए। उसने अपना बिस्तर खुद नहीं बिछाया और देर से आने पर नौकर को डाँटा।
पास में लैंप और माचिस होने के बावजूद अँधेरा होने पर उसने लैंप नहीं जलाया। संयोग से मुंशी रियासत अली आ पहुँचे तो मित्र ने उन्हें बुरी तरह डाँटा-फटकारा। इतना ही नहीं, वापसी रेलयात्रा में उसने एक गरीब मुसाफिर को धक्का दिया और चाँटे भी मारे। ईश्वरी के मित्र पर अपने दिखावटी रूप का इतना नशा चढ़ गया था कि वह खुद को जमींदार का बेटा समझने लगा और अपने विचारों को भूलकर अमानवीय व्यवहार करने लगा।
In simple words: गाँव पहुँचकर ईश्वरी का मित्र, जो पहले जमींदारों का विरोधी था, खुद को अमीर समझने लगा। उसने नौकरों और यात्रियों से बुरा व्यवहार किया, दिखावे के नशे में आकर अपने असली विचारों को भूल गया।

🎯 Exam Tip: पात्र के स्वभाव में आए परिवर्तन का वर्णन करते समय, पहले और बाद के व्यवहार की तुलना करें और परिवर्तन के कारणों को स्पष्ट करें।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

प्रश्न 1. प्रेमचन्द के साहित्य पर प्रभाव है –
(क) गाँधीवाद
(ख) नेहरूवाद
(ग) समाजवाद
(घ) साम्यवाद
Answer: (क) गाँधीवाद
In simple words: प्रेमचन्द की कहानियों और उपन्यासों पर गाँधीजी के विचारों का बड़ा असर दिखता है।

🎯 Exam Tip: लेखकों पर पड़ने वाले प्रमुख वैचारिक प्रभावों को जानना उनके लेखन शैली को समझने में मदद करता है।

 

प्रश्न 3. ईश्वरी के मित्र को नशा है –
(क) शराब का
(ख) अपने नकली कुँवर बनने का
(ग) भाँग का
(घ) ईश्वरी का मेहमान होने का
Answer: (ख) अपने नकली कुँवर बनने का
In simple words: ईश्वरी का दोस्त खुद को झूठा राजकुमार समझने के नशे में था।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य विषय और पात्रों की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर उत्तर दें।

 

प्रश्न 4. ईश्वरी के मित्र का लोकप्रेम आधारित था -
(क) सिद्धान्त पर
(ख) गहन अध्ययन पर
(ग) सच्चे प्रेम पर
(घ) निजी दशा पर
Answer: (घ) निजी दशा पर
In simple words: ईश्वरी का मित्र लोगों के प्रति प्रेम दिखावा करता था, जो उसकी अपनी गरीबी के कारण था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के गुणों या भावनाओं के पीछे के वास्तविक कारणों को समझना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 5. रेलगाड़ी में पहले दर्जा नहीं होता था –
(क) फर्स्ट क्लास
(ख) सेकेण्ड क्लास
(ग) इण्टर क्लास
(घ) स्लीपर क्लास
Answer: (घ) स्लीपर क्लास
In simple words: पहले रेलगाड़ी में स्लीपर क्लास नहीं होता था।

🎯 Exam Tip: कहानी के विवरणों पर ध्यान दें, खासकर जब वे किसी विशेष समय या व्यवस्था के बारे में हों।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

प्रश्न. 2. प्रेमचन्द के साहित्य में किसके प्रति सहानुभूति व्यक्त हुई है?
Answer: प्रेमचन्द के साहित्य में दलित वर्ग, यानी किसान-मजदूरों और उपेक्षित महिलाओं के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त हुई है। उन्होंने समाज के कमजोर तबके के दर्द को दिखाया है।
In simple words: प्रेमचन्द ने अपनी कहानियों में गरीब किसानों, मजदूरों और स्त्रियों के दुखों को दिखाया है।

🎯 Exam Tip: प्रेमचन्द के साहित्य का मूल विषय समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं पर आधारित है, इसे हमेशा याद रखें।

 

प्रश्न. 3. प्रेमचन्द का साहित्य के उद्देश्य के बारे में क्या कहना है ?
Answer: प्रेमचन्द का मानना है कि साहित्य को समाज का मार्गदर्शन करना चाहिए। वह अपने समय की राजनीतिक और सामाजिक विचारधारा में हमेशा प्रगतिशीलता के पक्षधर थे।
In simple words: प्रेमचन्द कहते थे कि साहित्य को समाज को सही रास्ता दिखाना चाहिए और हमेशा नए विचारों का साथ देना चाहिए।

🎯 Exam Tip: लेखकों के विचारों को उनके साहित्य के उद्देश्यों से जोड़कर लिखने से उत्तर अधिक प्रभावी होता है।

 

प्रश्न. 4. 'नशा' कहानी में किस बात पर व्यंग्य किया गया है?
Answer: 'नशा' कहानी में कथनी और करनी के अंतर पर व्यंग्य किया गया है। कहानी दिखाती है कि लोग जो कहते हैं, वैसा करते नहीं।
In simple words: यह कहानी कहती है कि लोग बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं, पर करते वही हैं जो उनके फायदे का हो।

🎯 Exam Tip: व्यंग्य वाले प्रश्नों में, कहानी के मुख्य विरोधाभास को स्पष्ट रूप से उजागर करें।

 

प्रश्न. 5. मित्र के अनुसार ईश्वरी की लचर दलीलें क्या थीं ?
Answer: मित्र के अनुसार ईश्वरी की कमजोर दलीलें थीं कि सभी मनुष्य बराबर नहीं होते, छोटे-बड़े हमेशा से होते रहे हैं और आगे भी ऐसे ही होते रहेंगे। मित्र को ये तर्क सही नहीं लगते थे।
In simple words: दोस्त मानता था कि ईश्वरी की यह बात गलत है कि लोग हमेशा छोटे-बड़े रहेंगे।

🎯 Exam Tip: पात्रों के बीच के संवाद और उनके तर्कों को याद रखना कहानी की गहराई समझने में मदद करता है।

 

प्रश्न 6. 'बोर्डिंग हाउस में भूत की तरह पड़े रहने' से मित्र का क्या तात्पर्य है ?
Answer: दशहरे की छुट्टियों में सभी विद्यार्थी अपने घर जा रहे थे, लेकिन ईश्वरी का मित्र अपने घर नहीं जाना चाहता था। ऐसी हालत में, उसका मतलब था कि वह बोर्डिंग हाउस में बिल्कुल अकेला रह जाएगा, जैसे कोई भूत हो।
In simple words: दोस्त का मतलब था कि अगर वह घर नहीं गया तो छुट्टियों में बोर्डिंग हाउस में एकदम अकेला रह जाएगा।

🎯 Exam Tip: मुहावरेदार वाक्यांशों का अर्थ बताते समय, कहानी के संदर्भ को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

प्रश्न 7. खानसामों को पारखी क्यों कहा गया है?
Answer: खानसामों को पारखी इसलिए कहा गया है क्योंकि वे अपने ग्राहकों को अच्छी तरह पहचानते थे। वे तुरंत जान लेते थे कि बिल कौन चुकाएगा और कौन किसके साथ आया है, जिससे वे उसी हिसाब से सेवा करते थे।
In simple words: खानसामे ग्राहकों को देखकर पहचान जाते थे कि कौन पैसे वाला है और कौन नहीं, इसलिए उन्हें पारखी कहा गया।

🎯 Exam Tip: कहानी में किसी विशेषण के प्रयोग का कारण बताते समय, पात्रों के व्यवहार या स्थिति का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 8. 'गाड़ी चली डाक की'-कहने का क्या आशय है ?
Answer: ईश्वरी ने बताया कि उसके परिवार के लोग महात्मा गाँधी के भक्त हैं और खद्दर के अलावा कुछ नहीं पहनते, पुराने सभी कपड़े जला चुके हैं। यह सुनकर मित्र को लगा कि उनके घर में सब कुछ गाँधीजी के विचारों के अनुसार होता है।
In simple words: ईश्वरी ने बताया कि उसके परिवार के लोग गाँधीजी के भक्त हैं और सिर्फ खद्दर पहनते हैं।

🎯 Exam Tip: उद्धृत वाक्यांशों का अर्थ बताते समय, कहानी के पात्रों के संवाद और उनके निहितार्थों पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 10. उसके प्रत्येक वाक्य के साथ मन में उसे कल्पित वैभव के समीपतर आता जाता था।' वाक्य से मित्र की किस मनोदशा का पता चलता है?
Answer: इस वाक्य से पता चलता है कि जब मित्र ने सुना कि ईश्वरी अमीर है और ढाई लाख की रियासत का राजा है, तो वह खुद को भी वैसा ही अमीर और वैभवशाली समझने लगा था। उसे लगा मानो वह भी उस शाही ठाठ-बाट का हिस्सा बन गया हो।
In simple words: यह वाक्य दिखाता है कि ईश्वरी की अमीरी की बातें सुनकर उसका दोस्त खुद को भी अमीर और राजा जैसा समझने लगा था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के विचारों और भावनाओं का विश्लेषण करते समय, उनके आसपास की परिस्थितियों और संवादों का संदर्भ दें।

 

प्रश्न 11. 'पोतंडों का रईस बनने का स्वांग भरना' वाक्यांश में मित्र के बारे में क्या बताया गया है ?
Answer: इस वाक्यांश में मित्र के बारे में यह बताया गया है कि उसके कपड़े भले ही पुराने और साधारण थे, लेकिन वह एक जमींदार या रियासत का राजा होने का नाटक कर रहा था। वह अपनी असली स्थिति को छुपाकर अमीर होने का दिखावा कर रहा था।
In simple words: इस बात से पता चलता है कि दोस्त के कपड़े भले ही पुराने थे, पर वह अमीर होने का झूठा दिखावा कर रहा था।

🎯 Exam Tip: मुहावरों और वाक्यांशों का अर्थ स्पष्ट करते समय, पात्र के दिखावे और वास्तविकता के अंतर को उजागर करें।

 

प्रश्न 12. 'मेरा वह विचार जाने कहाँ चला गया था' मित्र का कौन-सा विचार उसके मन से हट गया था ?
Answer: मित्र का यह विचार कि सभी मनुष्य बराबर होते हैं और कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, ईश्वरी के गाँव पहुँचकर उसके मन से हट गया था। वह खुद को अमीर समझने लगा था।
In simple words: दोस्त का यह विचार कि सब लोग बराबर हैं, ईश्वरी के गाँव जाकर बदल गया था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के विचारों में आए बदलाव को कहानी के घटनाक्रम से जोड़कर समझाएं।

 

प्रश्न. 13. गाँव से वापसी के समय रेलगाड़ी ठसाठस क्यों भरी थी?
Answer: दशहरे की छुट्टियाँ खत्म हो चुकी थीं और सभी लोग अपने-अपने काम पर वापस लौट रहे थे, इसलिए रेलगाड़ी ठसाठस भरी हुई थी।
In simple words: दशहरे की छुट्टियाँ खत्म होने के कारण सब लोग वापस जा रहे थे, इसलिए ट्रेन भरी हुई थी।

🎯 Exam Tip: कहानी में दिए गए सामाजिक या प्राकृतिक संदर्भों को ध्यान में रखें।

 

प्रश्न. 14. 'गाड़ी में तूफान आ गया'-क्यों ?
Answer: मित्र ने रेलगाड़ी में एक अन्य यात्री को धक्का दिया था और चाँटे भी मारे थे। उसके इस गलत काम का सभी यात्रियों ने जोरदार तरीके से विरोध किया, जिससे माहौल गरमा गया और ऐसा लगा जैसे गाड़ी में तूफान आ गया हो।
In simple words: दोस्त ने ट्रेन में एक यात्री को धक्का दिया और मारा, जिससे बाकी यात्रियों ने उसका विरोध किया और झगड़ा शुरू हो गया।

🎯 Exam Tip: किसी भी भावनात्मक या नाटकीय स्थिति का वर्णन करते समय, उसके पीछे के कारणों और परिणामों को स्पष्ट करें।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

प्रश्न 2. 'अमीरों में जो एक बेदर्दी और उद्दण्डता होती है, इसमें उसे भी प्रचुर भोग मिला था'-ईश्वरी के बारे में उसके मित्र को यह कथन क्या स्वयं मित्र पर लागू होता है।
Answer: यह कथन ईश्वरी के बारे में उसके मित्र ने कहा था, लेकिन यह उसके मित्र पर भी लागू होता है। हालांकि मित्र अमीर नहीं था और एक क्लर्क का बेटा था, लेकिन जब वह ईश्वरी के गाँव गया, तो उसने नौकरों, मुंशी रियासत अली और रेलयात्री के साथ जो व्यवहार किया, उससे लगता है कि उसमें भी वही बेदर्दी और उद्दण्डता आ गई थी।
In simple words: यह बात ईश्वरी के दोस्त ने कही थी, पर जब उसे मौका मिला तो उसने भी अमीरों जैसा ही बुरा व्यवहार किया।

🎯 Exam Tip: कथनी और करनी के अंतर पर आधारित प्रश्नों में, पात्र के व्यवहार में विरोधाभास को उदाहरणों के साथ समझाएं।

 

प्रश्न, 3. “यह भेद मेरे ध्यान को सम्पूर्ण रूप से अपनी ओर खींचे हुए था।' मित्र के इस कथन को स्पष्ट करके लिखिए।
Answer: गाड़ी आने में देर थी, इसलिए ईश्वरी और उसका मित्र रिफ्रेशमेंट रूम में भोजन करने गए। वहाँ के चतुर खानसामों ने मित्र की वेश-भूषा देखकर पहचान लिया कि ईश्वरी ही असली ग्राहक है। ईश्वरी ने उन्हें इनाम भी दिया। खानसामे बहुत विनम्रता और तत्परता से ईश्वरी की सेवा में लगे रहे, लेकिन मित्र की ओर ध्यान नहीं दिया। ईश्वरी और मित्र के बीच का यह फर्क मित्र के ध्यान में लगातार रहा और उसे भोजन में स्वाद नहीं आया।
In simple words: दोस्त ने देखा कि खानसामे ईश्वरी को ज्यादा इज्जत दे रहे थे, क्योंकि वही असली अमीर था। यह बात दोस्त को परेशान करती रही।

🎯 Exam Tip: उद्धृत वाक्यों को स्पष्ट करते समय, उसके संदर्भ, पात्र के अनुभव और उसकी भावनाओं को विस्तार से बताएं।

 

प्रश्न 4. ईश्वरी के मित्र को किस बात पर लज्जा आई ?
Answer: ईश्वरी और उसका मित्र दूसरे दर्जे में यात्रा कर रहे थे। मित्र ने इससे पहले कभी इंटर क्लास में भी सफर नहीं किया था। जब एक आदमी ने डिब्बे का दरवाजा खोला तो मित्र ने चिल्लाकर कहा, "यह दूसरा दर्जा है।" वह यात्री अंदर आया और अजीब नजरों से उसकी ओर देखकर बोला कि यह बात वह जानता है। वह बीच वाली बर्थ पर बैठ गया। अपने इस व्यवहार पर मित्र को बहुत शर्म आई।
In simple words: दोस्त को तब शर्म आई जब उसने रेलगाड़ी में एक यात्री पर चिल्लाकर कहा कि यह दूसरा दर्जा है, और यात्री ने जवाब दिया कि वह यह जानता है।

🎯 Exam Tip: पात्रों के अपमान या शर्मिंदगी के पलों को समझाते समय, घटना के विवरण और उसके भावनात्मक प्रभाव को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न. 5. कहानी में इलाहाबाद, लखनऊ और मुरादाबाद-तीन स्थानों के नाम हैं। ईश्वरी का इनसे क्या सम्बन्ध था ? कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: ईश्वरी इलाहाबाद में पढ़ाई करता था और वहीं बोर्डिंग हाउस में रहता था। उसने अपने मित्र के बारे में रियासत अली को बताया, "आप ही की बदौलत मैं इलाहाबाद में पड़ा हूँ, नहीं तो कब का लखनऊ चला आया होता।" इससे लगता है कि ईश्वरी लखनऊ का रहने वाला था। कहानी में मुरादाबाद का सीधा संबंध स्पष्ट नहीं है, लेकिन संभव है कि वह भी किसी न किसी रूप में उनके जीवन से जुड़ा हो, या सिर्फ यात्रा मार्ग में आया हो।
In simple words: ईश्वरी इलाहाबाद में पढ़ता था और लखनऊ का रहने वाला था। मुरादाबाद का सीधा संबंध कहानी में स्पष्ट नहीं है।

🎯 Exam Tip: कहानी में उल्लिखित स्थानों का पात्रों से संबंध स्पष्ट करते समय, कहानी के संवादों और घटनाओं का हवाला दें।

 

प्रश्न. 7. रियासत अली की शंका क्या थी तथा उसका समाधान ईश्वरी ने किस प्रकार किया ?
Answer: ईश्वरी के मित्र को बहुत सादे कपड़ों में देखकर रियासत अली को शक हुआ। उन्होंने पूछा, "आप बड़े सादे लिबास में रहते हैं?" ईश्वरी ने इसका जवाब देते हुए बताया कि उसका मित्र महात्मा गाँधी का शिष्य है। वह केवल खद्दर के कपड़े ही पहनता है और अपने पुराने कीमती कपड़े जला चुका है। ईश्वरी ने यह भी बताया कि उसका मित्र राजा है और ढाई लाख सालाना की रियासत का मालिक है। इस तरह ईश्वरी ने रियासत अली की शंका को दूर किया।
In simple words: रियासत अली को दोस्त के सादे कपड़े देखकर शक हुआ। ईश्वरी ने कहा कि दोस्त गाँधीजी का शिष्य है, सिर्फ खद्दर पहनता है और बहुत बड़ी रियासत का मालिक है।

🎯 Exam Tip: संवाद आधारित प्रश्नों में, दोनों पात्रों के कथन और उनके निहितार्थों को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न. 8. ईश्वरी का घर कैसा था ?
Answer: ईश्वरी का घर बहुत शानदार था। उसका फाटक इमामबाड़े के फाटक जैसा बड़ा था। नौकरों की तो कोई गिनती ही नहीं थी। घर के दरवाजे पर पहरेदार टहलते रहते थे और द्वार पर एक हाथी भी बँधा हुआ था, जो उसकी अमीरी को दर्शाता है।
In simple words: ईश्वरी का घर बहुत शानदार और बड़ा था, जिसमें कई नौकर और एक हाथी भी था।

🎯 Exam Tip: संपत्ति या घर के विवरण से पात्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को प्रभावी ढंग से दर्शाया जा सकता है।

 

प्रश्न, 9. एकान्त होने पर मित्र ने ईश्वरी से यह क्यों कहा-'मेरी मिट्टी क्यों पलीद कर रहे हो ?'
Answer: ईश्वरी ने अपने मित्र का परिचय अपने घरवालों और नौकरों के सामने बढ़ा-चढ़ाकर कराया था। उसने मित्र को ढाई लाख सालाना की रियासत का मालिक बताया था और उसे सादगी पसंद महात्मा गाँधी का भक्त कहा था। ये बातें सच नहीं थीं। इसलिए मित्र को यह ठीक नहीं लग रहा था, पर वह विरोध नहीं कर रहा था। एकांत मिलने पर उसने यह बात कहकर अपनी असहजता व्यक्त की।
In simple words: दोस्त ने ईश्वरी से यह बात तब कही जब ईश्वरी ने उसे अपने घर पर बढ़ा-चढ़ाकर एक अमीर आदमी के रूप में紹介 कराया, जो सच नहीं था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के आंतरिक संघर्षों और संवादों के पीछे की भावनाओं को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 10. नाई से पैर दबवाने और कहार से पैर धुलवाने से मित्र के चरित्र पर क्या प्रकाश पड़ता है?
Answer: नाई से पैर दबवाने को मित्र अमीरों का दिखावा, रईसों का अहंकार और बड़े आदमियों की बेमतलब की अकड़ मानता था। कहार से पैर धुलवाना भी उसे यही लगता था। लेकिन ईश्वरी के घर उसने इन बातों का विरोध नहीं किया और उन्हें स्वीकार कर लिया। उसे लगा कि वह भी एक बड़े जमींदार की तरह ही व्यवहार कर रहा है। इससे पता चलता है कि उसका विरोध करने का सिद्धांत कमजोर था और उस पर दिखावटी स्वरूप का नशा चढ़ चुका था। उसमें सच्चाई बोलने का साहस नहीं था।
In simple words: नाई से पैर दबवाने और कहार से पैर धुलवाने से पता चलता है कि दोस्त अमीरियत के नशे में आकर अपने ही सिद्धांतों के खिलाफ काम कर रहा था और सच बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।

🎯 Exam Tip: पात्र के कार्यों और उसके विचारों के बीच के अंतर को स्पष्ट करके चरित्र विश्लेषण को गहरा करें।

 

प्रश्न. 12. मित्र ने महरा को क्यों डाँटा ?
Answer: महरा ने मित्र का बिस्तर नहीं बिछाया था। रात के साढ़े ग्यारह बज चुके थे। जब महरा आया तो मित्र ने उसे उसकी लापरवाही के लिए डाँटा, क्योंकि मित्र खुद को कुँवर समझ रहा था और उसे अपना बिस्तर खुद बिछाना अपनी शान के खिलाफ लग रहा था।
In simple words: दोस्त ने महरा को डाँटा क्योंकि उसने उसका बिस्तर नहीं बिछाया था, और दोस्त खुद को अमीर समझकर गुस्सा हो गया था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवहार के पीछे के कारणों में उनके अहंकार या दिखावे की भावना को भी शामिल करें।

 

प्रश्न 13. मुंशी रियासत अली को फटकारने का क्या कारण था ?
Answer: शाम के बाद अंधेरा हो चुका था, लेकिन कमरे में लैंप नहीं जला था। मित्र लैंप खुद भी जला सकता था, लेकिन यह उसे अपनी शान के खिलाफ लग रहा था। तभी अचानक मुंशी रियासत अली वहाँ आ पहुँचे। मित्र ने अपनी इसी अकड़ के कारण उनको फटकारा, क्योंकि उसे लग रहा था कि मुंशी को पहले ही लैंप जला देना चाहिए था।
In simple words: दोस्त ने मुंशी रियासत अली को फटकारा क्योंकि अंधेरा था और लैंप जला नहीं था, और दोस्त को खुद लैंप जलाना अपनी शान के खिलाफ लग रहा था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के क्रोध या फटकारने के कारणों को स्पष्ट करते समय, उनकी सामाजिक स्थिति और अहंकार की भूमिका को उजागर करें।

 

प्रश्न 14. मित्र को नशा किस बात का था और वह कब उतरा ?
Answer: ईश्वरी की झूठी प्रशंसा सुनकर मित्र ने खुद को बहुत अमीर और वैभवशाली समझ लिया था। उसे अपने काल्पनिक स्वरूप का नशा चढ़ गया था और वह खुद को जमींदार-कुँवर मानने लगा था। इसी कारण उसका व्यवहार बदल गया था। रेलयात्री के साथ उसके अमानवीय व्यवहार का जब लोगों ने विरोध किया और ईश्वरी ने भी उसे गलत बताया, तभी उसका नशा टूटा।
In simple words: दोस्त को खुद को अमीर समझने का नशा था। यह नशा तब टूटा जब लोगों ने उसके बुरे व्यवहार का विरोध किया और ईश्वरी ने भी उसे गलत कहा।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य विषय 'नशे' को समझाते समय, यह बताएं कि नशा किस बात का था और उसके टूटने के पीछे क्या कारण थे।

 

RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 13 निबन्धात्मक प्रश्न

 

प्रश्न 1. 'नशा' कहानी का शीर्षक आपकी दृष्टि में कितना उचित है ?
Answer: 'नशा' कहानी के दो मुख्य पात्र ईश्वरी और उसका मित्र हैं। ईश्वरी जमींदार का बेटा है। जब उसके गाँव जाने पर उसके मित्र पर उसके वैभव का नशा चढ़ जाता है, तो ईश्वरी अपने लोगों को प्रभावित करने के लिए मित्र का परिचय एक बड़ी रियासत के मालिक के रूप में कराता है। यह काल्पनिक वैभव मित्र पर इतना छा जाता है कि वह खुद को जमींदार कुँवर मानने लगता है। उसका व्यवहार और विचार बदल जाते हैं। रेल में यात्री के साथ उसके बुरे व्यवहार का विरोध होने पर ही उसका नशा टूटता है। कहानी का शीर्षक उसके मुख्य पात्र के चरित्र गुण पर आधारित है। यह शीर्षक जिज्ञासा बढ़ाता है और कहानी के मुख्य भाव को व्यक्त करता है। मादक पदार्थों का नशा तो कुछ समय तक रहता है, लेकिन मित्र का नशा तभी टूटता है जब उसका मित्र ईश्वरी ही उसे फटकारता है। इस तरह यह कहानी का शीर्षक 'नशा' पूरी तरह सही और उचित है।
यह कहानी मानव स्वभाव की कमियों पर आधारित है। कहानी का मुख्य पात्र, जो ईश्वरी का मित्र है, एक गरीब क्लर्क का बेटा है। वह ईश्वरी की अमीरी और अमीरों के जैसे व्यवहार का कड़ा आलोचक है। वह गरीबों और किसान मजदूरों का समर्थक है। उसका अपने मित्र के साथ वाद-विवाद होता रहता है और वह अक्सर गरम हो जाता है। उसके ये विचार सिद्धांतों पर आधारित नहीं हैं, बल्कि उसकी अपनी जीवन की परिस्थितियों पर आधारित हैं। जब वह ईश्वरी के साथ उसके गाँव जाता है और उसका परिचय ढाई लाख सालाना आमदनी वाली रियासत के मालिक के रूप में कराया जाता है, तो वह अपने काल्पनिक चरित्र को ही वास्तविक समझने लगता है और उसका व्यवहार बदल जाता है। वह महरा, मुंशी रियासत अली और रेलयात्री के साथ अमानवीय और अनुचित व्यवहार करता है।
दलित पीड़ितों के प्रति उसकी सहानुभूति कहीं गायब हो जाती है। कहानीकार ने मित्र के चरित्र को बहुत सोच-समझकर रचा है। वह इस मनोवैज्ञानिक सच्चाई को बताना चाहते हैं कि सुख-सुविधाओं, धन-संपत्ति और दूसरों से बड़ा आदमी होने की इच्छा मनुष्य में स्वाभाविक रूप से होती है। जब तक ये चीजें उसके पास नहीं होतीं, तब तक वह इनकी निंदा करता है। लेकिन इन्हें पाने की इच्छा उसके मन में बनी रहती है। इनकी प्राप्ति के साथ ही उसका आचरण बदल जाता है। इस कहानी में कथनी और करनी के अंतर को सफलतापूर्वक दिखाया गया है।
लोग अक्सर आदर्शों की बातें तो बहुत करते हैं, पर अपने जीवन में उन पर अमल नहीं करते। परिवर्तन, क्रांति, समानता, मातृत्व, सामंती विलासिता की निंदा तो लोग करते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में वैसा नहीं करते। अवसर मिलने पर दूसरों का शोषण हम भी करते हैं। तर्क, बौद्धिकता आदि को भूलकर हम उसी रास्ते पर चल पड़ते हैं जिसके हम विरोधी थे। 'नशा' कहानी में संपत्ति और बड़प्पन के इसी नशे का प्रभाव दिखाया गया है। कहानी का उद्देश्य इस मानवीय कमजोरी पर प्रकाश डालना है। कहानी का कथानक का यह मुख्य तत्व है। 'नशा' प्रेमचन्द की एक उद्देश्यपूर्ण रचना है।
In simple words: 'नशा' कहानी का शीर्षक बिल्कुल सही है, क्योंकि यह दिखाता है कि कैसे एक गरीब दोस्त अमीरी के दिखावे के नशे में आकर अपने ही सिद्धांतों को भूल जाता है और बुरा व्यवहार करने लगता है।

🎯 Exam Tip: किसी कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी करते समय, कहानी के मुख्य पात्रों, घटनाओं और केंद्रीय संदेश का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 3. 'नशा' कहानी का प्रधान पात्र और नायक कौन है ? उसके चरित्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: 'नशा' प्रेमचन्द की एक उद्देश्यपूर्ण रचना है। इस कहानी का प्रधान पात्र और नायक ईश्वरी का मित्र है। कहानी में उसका कोई नाम नहीं है, कहानी की सारी घटनाएं उसी पर केंद्रित हैं। उसके चरित्र की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
**निर्धन-मित्र:** वह एक गरीब क्लर्क का बेटा है। उसके कपड़े साधारण और सस्ते हैं। उसके पास घर जाने के लिए किराए तक के पैसे नहीं होते।
**अमीरों का आलोचक:** वह ईश्वरी का मित्र है, जो एक जमींदार का बेटा है। मित्र अपने ही मित्र ईश्वरी की जमींदारी, अमीरी और उसके अनुरूप व्यवहार की निंदा करता है। वह जमींदारों को खून चूसने वाली जोंक, हिंसक पशु और शोषक कहता है। वह खुद को गरीबों का समर्थक मानता है।
**आचरण की भिन्नता:** मित्र का आचरण अलग है। उसकी कथनी और करनी में अंतर है। वह ईश्वरी के गाँव जाता है तो अमीरों जैसे सुख का आनंद उठाता है। वहाँ उसका व्यवहार एक शोषक, उत्पीड़क जमींदार और अमीर व्यक्ति जैसा ही होता है।
**साहस का अभाव:** मित्र के चरित्र में साहस की कमी है। वह सच को स्वीकार करने में डरता है।
ईश्वरी को भी अंत में उसे डांटना पड़ता है। मित्र के चरित्र में ये सभी विशेषताएँ हैं। उसमें मानव स्वभाव की सहज कमजोरियाँ मौजूद हैं। उसका चरित्र कहानीकार की गहरी समझ का परिणाम है।
In simple words: कहानी का मुख्य पात्र ईश्वरी का दोस्त है। वह गरीब था और अमीरों की आलोचना करता था, पर जब उसे मौका मिला तो उसने खुद भी अमीरों जैसा ही व्यवहार किया। वह सच बोलने की हिम्मत नहीं रखता था।

🎯 Exam Tip: पात्र के चरित्र का विश्लेषण करते समय, उसकी विभिन्न विशेषताओं को अलग-अलग बिंदुओं में बताएं और उन्हें कहानी के उदाहरणों से सिद्ध करें।

 

प्रश्न. 4. प्रेमचन्द की कहानी-कला की समीक्षा कीजिए।
Answer: प्रेमचन्द हिन्दी के उपन्यास और कहानी सम्राट माने जाते हैं। उन्होंने लगभग 300 कहानियाँ लिखी हैं। पहले वे उर्दू में लिखते थे, फिर हिंदी में लिखना शुरू किया। उनकी पहली हिंदी कहानी 'पंचपरमेश्वर' थी। उनकी कहानी कला बहुत प्रभावशाली और उत्कृष्ट है। प्रेमचंद की कहानियों के विषय समाज के दलित और शोषित वर्ग से संबंधित हैं। उनमें किसानों, मजदूरों और छोटे लोगों के जीवन तथा समस्याओं को दिखाया गया है। उपेक्षित महिलाओं के प्रति भी उनकी सहानुभूति थी। उन्होंने किसानों के जीवन का सजीव और प्रभावशाली वर्णन किया है। उनकी कहानियों में भारतीय जीवन का वास्तविक स्वरूप देखने को मिलता है।
प्रेमचंद के साहित्य पर गाँधीवाद का गहरा प्रभाव है। वे प्रगतिवादी साहित्यिक विचारधारा से भी जुड़े हुए हैं। साम्यवादी-समाजवादी प्रभाव भी उनके साहित्य में दिखता है, लेकिन उस पर भारतीय जीवन दर्शन की गहरी छाप है। प्रेमचंद मानते थे कि साहित्यकार को समाज का सिर्फ चित्रण ही नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने साहित्य से समाज को सही रास्ता भी दिखाना चाहिए। 'पंचपरमेश्वर', 'पूस की रात', 'ठाकुर का कुआँ', 'ईदगाह' जैसी कहानियों में भारतीय समाज पर प्रेमचंद की व्यापक दृष्टि दिखती है। प्रेमचंद ने हिंदी कहानी को एक नया रूप दिया। उन्होंने इसे जासूसी और तिलिस्म की दुनिया से निकालकर जीवन की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित किया। समाज की समस्याओं को विषय बनाकर उन्होंने यथार्थवादी स्वरूप प्रदान किया। प्रेमचंद आदर्शोन्मुख यथार्थवाद के समर्थक कहानीकार हैं।
प्रेमचंद की भाषा सरल, बोलचाल के करीब और विषय के अनुसार थी। उसमें तत्सम शब्दों के साथ उर्दू, अरबी, फारसी, अंग्रेजी और लोकभाषा के शब्द भी मिलते हैं। मुहावरों और कहावतों का प्रयोग प्रेमचंद के साहित्य में खूब हुआ है। प्रेमचन्द की शैली वर्णनात्मक है। कहीं-कहीं उसमें विचार-विवेचनात्मक शैली भी है। हास्य-व्यंग्य के छींटे उनकी कहानियों को और सशक्त और प्रभावशाली बनाते हैं। हम कह सकते हैं कि प्रेमचंद हिन्दी के एक सशक्त कहानीकार हैं।
In simple words: प्रेमचन्द कहानी और उपन्यास के बड़े लेखक थे। उनकी कहानियों में गरीब, किसान और महिलाओं की समस्याओं को दिखाया गया है। उनकी भाषा सरल और अच्छी थी, जिसमें आम बोलचाल के शब्द थे। उनका साहित्य समाज को सही रास्ता दिखाता था।

🎯 Exam Tip: प्रेमचंद की कहानी-कला की समीक्षा करते समय, उनके विषयों, भाषा शैली, आदर्शों और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा करें।

 

नशा लेखक-परिचय

जीवन-परिचय-

मुंशी प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 ई० में वाराणसी के लमही नामक गाँव में हुआ था। आपका वास्तविक नाम धनपतराय था। आप कायस्थ जाति के थे। प्रेमचन्द जब 8 वर्ष के थे तब उनकी माता तथा जब सोलह वर्ष के थे तो उनके पिता का देहान्त हो गया था। पन्द्रह वर्ष की उम्र में आपका विवाह हुआ किन्तु जमींदार परिवार की उनकी पत्नी उनको छोड़कर मायके चली गई और पुन: कभी नहीं लौटी। तब प्रेमचंद ने शिवरानी देवी नामक बाल विधवा से दूसरा विवाह किया। तत्पश्चात् आप हिंदी में आए और प्रेमचंद नाम से लिखने लगे। उनकी पहली कहानी 'पंच परमेश्वर' 'सरस्वती' पत्रिका में छपी थी। आपने लगभग 300 कहानियाँ तथा आठ उपन्यास लिखे हैं। 'गोदान' उनका प्रसिद्ध उपन्यास है। प्रेमचन्द के कथा साहित्य में भारतीय जीवन का सफल चित्रण हुआ है। दलितों, किसानों, मजदूरों तथा महिलाओं की पीड़ा उनमें मुखरित हुई है। उनके कथा-साहित्य का फलक अत्यन्त व्यापक है। आप प्रगतिवादी विचारधारा के कथाकार हैं तथा गाँधीवाद से प्रभावित हैं। कथा-साहित्य को जासूसी तथा तिलिस्म की दुनिया से निकालकर उसे समाज की यथार्थ समस्याओं तक ले जाने का श्रेय प्रेमचंद को है। आपकी भाषा सरल, विषयानुरूप तथा पाठकों के समझ में आने वाली है। उसमें मुहावरे तथा लोकोक्तियों का प्रयोग सफलतापूर्वक हुआ है। तत्सम शब्दों के साथ-साथ उर्दू, अरबी, फारसी, अंग्रेजी तथा लोकभाषा के शब्द उसमें मिलते हैं। आपने वर्णनात्मक शैली, विवरणात्मक शैली तथा संवाद शैली का प्रयोग किया है।

🎯 Exam Tip: लेखकों के जीवन-परिचय को संक्षेप में बताएं, जिसमें उनके जन्म, शिक्षा, लेखन की शुरुआत और प्रमुख कृतियों का उल्लेख हो।

 

पाठ-सार

ईश्वरी एक जमींदार का पुत्र था और उसका मित्र एक गरीब क्लर्क का बेटा था। दोनों इलाहाबाद में बोर्डिंग में साथ रहते और पढ़ते थे। मित्र ईश्वरी की जमींदारी, अमीरी रहन-सहन का कड़ा आलोचक था, लेकिन ईश्वरी का उसके प्रति सौहार्द्रभाव था। वह बहस करते-करते गरम हो जाता था, लेकिन ईश्वरी मुस्कुराता रहता था। ईश्वरी के निमंत्रण पर वह उसके घर गया। वहाँ ईश्वरी ने उसका परिचय एक बड़ी रियासत के उत्तराधिकारी के रूप में कराया। इस संबंध में ईश्वरी ने जो बढ़ा-चढ़ाकर बातें बताईं, उसका विरोध उसने नहीं किया और सत्य बात नहीं बताई। उस पर अपने काल्पनिक स्वरूप का नशा चढ़ रहा था। वह अपने आपको जमींदार कुँवर मान बैठा था। उसकी सादगी का कारण उसका महात्मा गाँधी का अनुयायी होना था। उसके सादा कपड़े गाँधी जी के खद्दर के कपड़े थे। वह पढ़ाई-लिखाई के इरादे से ईश्वरी के साथ आया था, लेकिन यहाँ उसका समय बजरे पर नदी में सैर करने, शिकार करने, शतरंज खेलने आदि में बीत रहा था। वह ईश्वरी की नकल करता था और नौकरों से वैसा ही आदर-सम्मान चाहता था, जैसा वे ईश्वरी का करते थे। एक बार ईश्वरी घर पर अपनी माता के साथ बातें करता रह गया था। रात के दस बजे तक बिस्तर नहीं लगाया गया था। मित्र ने भी अपने हाथों बिस्तर नहीं लगाया था। नींद आ रही थी। साढ़े ग्यारह बजे महरा आया। वह घर के काम में यह भूल गया था। ईश्वरी ने उसे बहुत बुरी तरह डाँटा।
वह तुनकमिजाज हो गया था। एक बार शाम के बाद अँधेरा हो गया था। लैम्प और माचिस पास ही रखी थी। परन्तु उसने लैम्प नहीं जलाई। वह प्रतीक्षा करता रहा कि कोई नौकर आए और लैम्प जलाए। संयोगवश उसी समय मुंशी रियासत अली वहाँ आ पहुँचे। उनको देखकर उसका पारा चढ़ गया और उनको बुरी तरह फटकारने लगा। मुंशी जी ने काँपते हाथों से लैम्प जला दी।
दशहरे की छुट्टियाँ समाप्त होने पर वे इलाहाबाद लौट रहे थे। गाड़ी में बहुत भीड़ थी। एक यात्री की पीठ पर गठरी थी। उसे रखने का स्थान डिब्बे में नहीं मिल रहा था। वह हवा लेने के इरादे से दरवाजे पर बार-बार आ जाता था। उसकी गठरी की रगड़ मित्र के चेहरे पर लग रही थी।

🎯 Exam Tip: पाठ-सार लिखते समय, कहानी के मुख्य घटनाक्रम और पात्रों के प्रमुख क्रियाकलापों को संक्षेप में और क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।

 

जायदाद - सम्पत्ति। जोंक - एक कीट। बंझा - अमरबेल। दलील - तर्क। लचर - कमजोर। औचित्य - उचित होना। अक्सर - प्रायः। गर्म - नाराज। बेदर्दी - दूसरों का दुःख न समझना। उद्दण्डता - अविनय। सौहार्द - मित्रता। लोकप्रेम - जनता से प्रेम। हैसियत - क्षमता। न्योता - निमंत्रण। जहीन - बुद्धिमान।

असामी - जमींदार से लगान पर खेती के लिए जमीन लेने वाला। मौलिक - मूल सम्बन्धी। मुआमला - मामला। सफर - यात्रा। रिफ्रेशमेंट - ताजगी। पारखी - समझदार, चतुर। खानसामा - बेरा। अदब - आदर।

भोर - सबेरा। भद्र - सज्जन। बेगार - बिना मजदूरी लिए काम करना। लगेज - सामान। बदौलत - कारण। लिबास - कपड़े। भाँपना - अनुमान लगाना। गाढ़ा - मोटा हाथ का बुना कपड़ा। मिर्जई - बन्दगले का कोट जैसा एक कपड़ा। चमरोधा - गाँवों में पहने जाने वाला चमड़े का जूता। शहसवार - कुशल घुड़सवार।

चोंचले - दिखावटीपन। मुटमरदी - जबरदस्ती। पोतडे - फटे कपड़े। स्वांग - नाटक। बजरा - बड़ी नाव। जत्था - दल। बिछावन - बिस्तर।

नदारद - गायब। लैम्प - मिट्टी के तेल का दिया। दैवयोग - संयोग। जुल्म - अत्याचार। अख्तियार - अधिकार। कुबेरोचित - धनवान मनुष्य के योग्य। बदतर - खराब।

जब्त - बर्दाश्त। नाजुक मिजाज - कोमल स्वभाव का। अव्वलदर्जा - फर्स्ट क्लास।

महत्वपूर्ण गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्याएँ

1. ईश्वरी एक बड़े जमींदार का लड़का था और मैं एक गरीब क्लर्क का जिसके पास मेहनत-मजदूरी के सिवा और कोई जायदाद न थी। हम दोनों में परस्पर बहसें होती रहती थीं। मैं जमींदारों की बुराई करता, उन्हें हिंसक पशु और खून चूसनेवाली जोंक और वृक्षों की चोटी पर फूलने वाला बंझा कहता। वह जमींदारों का पक्ष लेता; पर स्वभावतः उसका पहलू कुछ कमजोर होता था; क्योंकि उसके पास जमींदारों के अनुकूल कोई दलील न थी। यह कहना कि सभी मनुष्य बराबर नहीं होते, छोटे-बड़े हमेशा होते रहते हैं और होते रहेंगे, लचर दलीलें थीं। किसी मानुषीय या नैतिक नियम से इस व्यवसाय का औचित्य सिद्ध करना कठिन था। मैं इस वाद-विवाद की

🎯 Exam Tip: सप्रसंग व्याख्या में, दिए गए गद्यांश के मुख्य विचारों को स्पष्ट करें और बताएं कि वे कहानी के किस हिस्से से संबंधित हैं।

Free study material for Hindi

RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा

Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 13 नशा prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 11 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 13 नशा

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 11 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 11 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 11 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 11 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 13 नशा to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Hindi are as per latest RBSE curriculum.

Are the Hindi RBSE solutions for Class 11 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 11 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 11 Hindi. You can access RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi RBSE solutions for Class 11 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 13 नशा in printable PDF format for offline study on any device.