NCERT Solutions for Class 11 Hindi: Chapter 12 निक्की, रोजी और रानी
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Practice Class 11 Hindi Solutions: Chapter 12 निक्की, रोजी और रानी
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RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'निक्की रोजी और रानी' पाठ किस पुस्तक से लिया गया है –
(क) 'पीड़ा' से
(ख) 'आँसू' से
(ग) 'माधुर्य' से
(घ) 'मेरा परिवार' से
Answer: (घ) 'मेरा परिवार' से
In simple words: 'निक्की रोजी और रानी' पाठ 'मेरा परिवार' नामक पुस्तक से लिया गया है। यह महादेवी वर्मा की रचना है।
🎯 Exam Tip: लेखिका की प्रमुख कृतियों और वे किस विधा (जैसे कहानी, संस्मरण, रेखाचित्र) से संबंधित हैं, यह याद रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 2. 'निक्की, रोजी और रानी' क्रमशः थे –
(क) नेवला, कुत्ता, साँप
RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 12 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. रोजी किस प्रजाति की कुतिया थी ?
Answer: रोजी टैरियर प्रजाति की एक कुतिया थी।
In simple words: रोजी एक खास तरह की टैरियर नस्ल की कुतिया थी।
🎯 Exam Tip: जानवरों की प्रजाति या नस्ल का उल्लेख करते समय सटीक जानकारी दें।
प्रश्न 2. लेखिका को 'नकुल शिशु' कहाँ मिला था ?
Answer: लेखिका को नकुल शिशु आम के पेड़ के पास वाली सूखी पोखर में मिला था।
In simple words: लेखिका को नकुल शिशु आम के पेड़ के पास एक सूखी तालाब जैसी जगह में मिला था।
🎯 Exam Tip: स्थान का सटीक वर्णन करें ताकि उत्तर स्पष्ट हो।
प्रश्न 3. रामा नकुल शिशु को दूध किससे पिलाता था?
Answer: रामा नकुल शिशु को रूई की बत्ती से दूध पिलाता था।
In simple words: रामा छोटे नेवले को रूई के धागे से दूध पिलाता था।
🎯 Exam Tip: शिशु जानवरों की देखभाल के तरीके का वर्णन करते समय विवरण दें।
प्रश्न 4. रानी की देखभाल के लिए किसे रखा गया?
Answer: रानी की देखभाल के लिए एक साईस रखा गया था। उसका नाम छुट्टन था।
In simple words: रानी की देखभाल के लिए एक व्यक्ति को रखा गया था जिसका नाम छुट्टन था, जो एक साईस था।
🎯 Exam Tip: किसी विशेष व्यक्ति के नाम और पद का सही उल्लेख करें।
प्रश्न 5. रानी के रहने का स्थान क्या था ?
Answer: रानी के रहने का स्थान घर का बरामदा था।
In simple words: रानी घर के बरामदे में रहती थी।
🎯 Exam Tip: निवास स्थान का सीधा और स्पष्ट उत्तर दें।
RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 12 लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. निक्की और साँप की लड़ाई का वर्णन कीजिए।
Answer: निक्की महादेवी का पालतू नेवला था। एक दिन जब महादेवी खिड़की से नीचे उतर रही थीं, तो निक्की ने गुलाब की क्यारी के पास घास में एक लंबा काला साँप देखा। निक्की ने तुरंत उस पर हमला कर दिया और साँप के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। यह लड़ाई बिजली की गति से हुई थी।
In simple words: निक्की नेवले ने गुलाब की क्यारी के पास एक लंबा काला साँप देखा और उस पर हमला करके उसे मार डाला।
🎯 Exam Tip: किसी घटना का वर्णन करते समय मुख्य पात्रों और उनके कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
प्रश्न 2. रोजी की सुन्दरता का वर्णन कीजिए।
Answer: रोजी टैरियर प्रजाति की कुतिया थी, जिसे महादेवी को उनके पाँचवें जन्मदिन पर भेंट किया गया था। उसका रंग सफेद था। उसके छोटे और सुंदर कानों के किनारे, माथे का बीच का हिस्सा, पूँछ का सिरा और पंजों का अगला भाग कत्थई रंग का था। वह कत्थई किनारी वाली सफेद साड़ी जैसी दिखती थी और उसमें कई ऐसी अनोखी विशेषताएँ थीं जो कुत्तों में कम ही मिलती हैं।
In simple words: रोजी एक सफेद टैरियर कुतिया थी जिसके कान, माथा, पूँछ और पंजे कत्थई रंग के थे, जिससे वह बहुत सुंदर दिखती थी।
🎯 Exam Tip: किसी के रूप का वर्णन करते समय रंगों और विशिष्ट विशेषताओं का उल्लेख करें।
प्रश्न 3. निक्की के कारण मिशन स्कूल में क्या घटना घटी ?
Answer: निक्की महादेवी का पालतू नेवला था और हमेशा उनके साथ रहता था। जब महादेवी पहली बार मिशन स्कूल में प्रवेश के लिए गईं, तो निक्की भी एक बंद गाड़ी (शिकरम) की छत पर बैठकर वहाँ पहुँच गया। महादेवी ने उसे कपड़ों में छिपाकर अंदर ले गईं, लेकिन उसे देखकर सिस्टर्स और सहपाठिनियाँ 'रेप्टाइल' कहकर चिल्लाने लगीं। अंत में, महादेवी को उसे बाहर गेट के पास एक बेल पर बैठाना पड़ा। निक्की के खो जाने के डर से उनका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। घर लौटते समय निक्की कूदकर उनके कंधे पर आ बैठा था।
In simple words: महादेवी जब निक्की को छिपाकर मिशन स्कूल ले गईं, तो उसे देखकर सब चिल्लाने लगे और महादेवी को उसे बाहर बेल पर छोड़ना पड़ा।
🎯 Exam Tip: घटना के मुख्य बिंदुओं और उसके परिणाम को स्पष्ट रूप से बताएं।
प्रश्न 4. रामा ने टट्टुओं के सम्बन्ध में क्या कहानी बताई ?
Answer: महादेवी अंग्रेजों के बच्चों को छोटे टट्टुओं पर घूमते हुए देखती थीं। रामा ने उन्हें बताया था कि राजा अपराधियों को दंड देते समय गधे पर बैठाकर देश से निकाल देते थे। अंग्रेजों के बच्चे गधों पर बैठकर खुश दिखते थे, इसलिए उन्हें लगा कि यह उनके लिए सजा नहीं थी। रामा ने समझाया कि अंग्रेजों को उनके देश में गधे पर बैठने के दंड के रूप में भारत भेजा गया था, क्योंकि उनके देश में यह वाहन नहीं था।
In simple words: रामा ने बताया कि अंग्रेजों के बच्चे टट्टुओं पर इसलिए घूमते थे क्योंकि उन्हें अपने देश में गधे पर बैठने की सज़ा के तौर पर भारत भेजा गया था।
🎯 Exam Tip: किसी कहानी या कथन को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करें।
प्रश्न 5. मिशन स्कूल के वातावरण का चित्रण कीजिए।
Answer: महादेवी को पढ़ाई के लिए मिशन स्कूल में दाखिल कराया गया था। वहाँ का वातावरण घर से पूरी तरह अलग था। वहाँ की वेशभूषा, प्रार्थना और ईश्वर का नाम सब कुछ भिन्न था। मूर्तियाँ और चित्र भी अलग थे। इन सबमें सबसे बड़ी भिन्नता यह थी कि निक्की का वहाँ प्रवेश वर्जित था।
In simple words: मिशन स्कूल का वातावरण घर से बहुत अलग था, जहाँ कपड़े, प्रार्थना और ईश्वर का नाम सब भिन्न थे, और निक्की को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी।
🎯 Exam Tip: किसी स्थान के वातावरण का वर्णन करते समय प्रमुख भिन्नताओं और विशेषताओं को उजागर करें।
RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 12 निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. “तीन ऐसे जीवनी हैं, जो मानव समष्टि के सदस्य न होने पर भी मेरी स्मृति में छपे हैं।” इस कथन के आधार पर महादेवी की स्मृति में छपे तीनों जीवों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
Answer: महादेवी वर्मा ने अपने संस्मरणात्मक रेखाचित्र 'निक्की रोजी और रानी' में स्वीकार किया है कि उनके बचपन में तीन जानवर उनके जीवन में आए, जिनकी छाप उनके मन पर हमेशा के लिए अंकित हो गई। ये तीनों जानवर मानव समाज के सदस्य नहीं थे, फिर भी उनका प्रभाव लेखिका के मन पर स्थायी रहा। ये तीन प्राणी निम्नलिखित हैं:
1. निक्की: निक्की एक छोटा, तुरंत पैदा हुआ नेवले का बच्चा था। महादेवी की बच्चों की टोली दोपहर में घरवालों की नज़र बचाकर चुपके से बाहर निकल जाती थी। वहाँ आम के पेड़ की छाया में एक सूखी पोखर थी जिसमें सूखी पत्तियाँ भरी थीं। उसी में से एक दिन आम की खोज में गई रोजी को निक्की मिला था। बच्चों की टोली उसे घर ले आई। रामा ने रूई की बत्ती से दूध पिलाकर उसका पालन-पोषण किया। बड़ा होकर वह 'नकुल' यानी निक्की कहलाया और सबका प्यारा बन गया।
2. रोजी: रोजी टैरियर जाति की एक सफेद कुतिया थी। उसके कानों और पंजों का अगला हिस्सा, माथे का बीच का भाग और पूँछ के पीछे के बाल कत्थई रंग के थे। वह छोटी और सुंदर थी। महादेवी के पाँचवें जन्मदिन पर किसी ने उसे उपहार में दिया था। वह महादेवी के साथ ही पली-बढ़ी और उनकी सबसे प्यारी साथी बन गई थी। वह बच्चों की टोली की सक्रिय सदस्य भी थी।
3. रानी: महादेवी जी के पिता ने उनके और अन्य भाई-बहनों के घूमने और सवारी के लिए एक छोटा टट्टू खरीदा था। यह एक छोटे कद की घोड़ी थी। रामा ने उसका नाम ताजरानी रखा, लेकिन महादेवी और बाकी सब उसे रानी कहकर बुलाते थे। रानी बहुत सुंदर घोड़ी थी। उसका रंग हल्का चाकलेटी और चमकदार था। उसकी मनोहर छवि महादेवी की आँखों में आज भी वैसी ही बनी हुई है। उसके छोटे और खड़े कान थे, माथे पर अयाल का गुच्छा था, और उसकी आँखें काली, बड़ी और पारदर्शी थीं। उसके लाल नथुने और चमकीले दाँत थे। वह अपने मुँह से चारों ओर की गंध लेती रहती थी।
In simple words: लेखिका महादेवी वर्मा के बचपन में निक्की (नेवला), रोजी (कुतिया) और रानी (घोड़ी) उनके खास साथी थे। निक्की उन्हें सूखी पोखर में मिला, रोजी उनके जन्मदिन पर उपहार में मिली और रानी एक छोटी घोड़ी थी जिसे पिताजी ने सवारी के लिए खरीदा था।
🎯 Exam Tip: जब कई पात्रों का परिचय देना हो, तो प्रत्येक के बारे में मुख्य विशेषताओं और उनके लेखिका के साथ संबंध को संक्षेप में स्पष्ट करें।
प्रश्न 2. 'निक्की, रोजी और रानी' पाठ से महादेवी ने मानव तथा पशु स्वभाव की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है ?
Answer: 'निक्की, रोजी और रानी' महादेवी जी का एक संस्मरणात्मक रेखाचित्र है। इसमें लेखिका ने बचपन में अपने संपर्क में आए तीन जानवरों (निक्की - नेवला शिशु, रोजी - टैरियर कुतिया, रानी - छोटी घोड़ी) का वर्णन किया है। इस रेखाचित्र से हमें मनुष्य और पशुओं के स्वभाव और जीवन की निम्नलिखित विशेषताओं के बारे में पता चलता है:
1. महादेवी ने अपने पालतू जानवरों के प्रति गहरे प्रेम और सहानुभूति का सुंदर वर्णन किया है, जिससे उनकी मानवीयता प्रकट होती है।
2. पशु आपस में प्रेम करते हैं और अनुकूल वातावरण मिलने पर मनुष्यों की तरह ही एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और मित्रता विकसित करते हैं। जैसे रोजी निक्की को कोई नुकसान नहीं पहुँचाती और रानी उसे अपने ऊपर चढ़ने से नहीं रोकती।
3. इस संस्मरण से पता चलता है कि पशु भी मनुष्य की तरह समझदार होते हैं। वे विपत्ति के समय दूसरे पशुओं का साथ देते हैं। निक्की, रोजी और रानी में गहरी मित्रता थी।
4. बच्चों में पशु-पक्षियों के प्रति बहुत जिज्ञासा होती है, लेकिन बड़े होने पर यह जिज्ञासा और पशुओं के प्रति प्रेम-सहानुभूति कम हो जाती है।
5. महादेवी ने इस संस्मरण के माध्यम से यह संदेश दिया है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों की तरह ही जीवधारी होते हैं। वे मनुष्यों के सहायक होते हैं और उनसे प्रेम करते हैं। मनुष्यों को भी उनसे प्रेम और सहानुभूति रखनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और उनकी सुरक्षा व संरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए।
In simple words: इस पाठ में महादेवी वर्मा ने दिखाया है कि पशु भी समझदार होते हैं, आपस में प्रेम करते हैं और मनुष्य उनके प्रति दयालु हो सकते हैं। बच्चों में जानवरों के प्रति जिज्ञासा होती है, जो बड़ों में कम हो जाती है।
🎯 Exam Tip: किसी पाठ से सीखने योग्य मुख्य विशेषताओं को बिन्दुवार समझाएँ और उदाहरण भी दें।
प्रश्न 3. नकुल शिशु के अपने बिल से भाग आने के प्रसंग में महादेवी ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच समन्वय की कमी की जिस समस्या का संकेत दिया है, उस पर विचार व्यक्त कीजिए।
Answer: नकुल-शिशु अपने बिल से बाहर निकल आया था और रोजी उसे पकड़कर महादेवी के पास ले आई थी। इस घटना के बारे में महादेवी ने लिखा है, “छोटे से बिल में रात-दिन पड़े माता-पिता के सामने बैठे रहने से जो कष्ट बच्चे को हो सकता है, उसका हम अनुमान कर सकते थे।” वे आगे कहती हैं, “यदि एक छोटे कमरे में हमें सामने बैठाकर बाबूजी रात-दिन पढ़ाते रहें और माँ सिलाई-बुनाई में लगी रहें, तो हमारा क्या हाल होगा।” महादेवी जी की यह टिप्पणी वर्तमान समाज में बच्चों और अभिभावकों के बीच समन्वय की कमी की समस्या को दर्शाती है।
आज अभिभावक पैसा कमाने में इतने व्यस्त हैं कि उनके और उनके बच्चों के बीच की नजदीकी खत्म हो गई है। इससे बच्चों को घर का सही माहौल नहीं मिल पाता और उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक विकास नहीं हो पाता। वे परिवार और समाज के लिए जिम्मेदार सदस्य नहीं बन पाते। दूसरी समस्या यह है कि माता-पिता अपनी अधूरी इच्छाओं को बच्चों के माध्यम से पूरा करना चाहते हैं।
In simple words: नकुल शिशु के बिल से भागने की घटना से महादेवी वर्मा ने दिखाया है कि माता-पिता की व्यस्तता और बच्चों पर अपनी इच्छाएँ थोपना आज के समाज में एक बड़ी समस्या है, जिससे बच्चों का सही विकास नहीं हो पाता।
🎯 Exam Tip: सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी करते समय लेखिका के विचारों को वर्तमान संदर्भ से जोड़कर स्पष्ट करें।
प्रश्न 4. साँप और नेवला की किन विशेषताओं का उल्लेख महादेवी जी ने किया है ? दोनों में क्या असमानता है ?
Answer: महादेवी जी ने साँप और नेवले की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया है और उनमें असमानताएँ भी बताई हैं:
साँप की विशेषताएँ:
* साँप एक लंबा और रेंगने वाला जीव है।
* यह विषैला होता है और जिस जीव को काट लेता है, उसकी मृत्यु हो जाती है।
* यह अपने शत्रु के सामने हवा में आधा खड़ा होकर फन से प्रहार करता है।
* साँप अपने शत्रु को डराने के लिए जोर से फुफकारता है।
* साँप लंबा और भारी होता है।
नेवले की विशेषताएँ:
* नेवला साँप का जन्मजात शत्रु है और उसे टुकड़ों में काटने की शक्ति रखता है।
* नेवला विषरहित जीव है और साँप के विष से अप्रभावित रहता है।
* विषहीन होने पर भी यह विषैले साँप को हरा देता है और साँप के विष से मरता नहीं है।
* नेवला साँप की तुलना में कोमल, हल्का और बहुत फुर्तीला होता है।
* अपने हल्केपन और बिजली जैसी तेज़ी से यह साँप के आक्रमण से बचाव करता है और उसे बार-बार चोट पहुँचाता है।
* हमला करने से पहले यह अपने पिछले पैरों पर खड़ा हो जाता है।
* छोटे शरीर के कारण इसे आक्रमण करने के लिए किसी खास अवसर की जरूरत नहीं होती।
* पालने के लिए नेवला बहुत स्नेही और अनुशासित जीव है।
* यह कीड़े-मकोड़े, फल आदि खा सकता है।
* यह जेब, आस्तीन, कंधे आदि जगहों पर बैठकर सतर्कता से देखता रहता है।
* साँप को पालने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता।
मुख्य असमानता: साँप विषैला, लंबा और भारी होता है, जबकि नेवला विषहीन, छोटा, हल्का और फुर्तीला होता है।
In simple words: साँप विषैला और रेंगने वाला होता है, जबकि नेवला विषहीन, फुर्तीला और साँप का दुश्मन होता है। नेवला साँप को हरा सकता है और पालने के लिए स्नेही होता है, जबकि साँप को पाला नहीं जा सकता।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में, प्रत्येक वस्तु की विशेषताओं को अलग-अलग बताएँ और फिर उनकी मुख्य असमानताओं को संक्षेप में स्पष्ट करें।
प्रश्न 5. "इसके उपरान्त हमारे परिवार में एक सबसे बड़ा जीव सम्मिलित हुआ।" महादेवी के परिवार में कौन-सा जीव सम्मिलित हुआ ? स्पष्ट कीजिए।
Answer: महादेवी के परिवार में पहले से ही रोजी और निक्की थे। वे दोनों महादेवी के बहुत करीब थे। इसके बाद उनके परिवार में एक तीसरा बड़ा जीव आया, जो एक छोटी घोड़ी थी, जिसका नाम रानी था। निक्की और रोजी छोटे जानवर थे, जबकि रानी का शरीर बड़ा था।
महादेवी की बच्चों की टोली ने एक दिन अपने पिता को पत्र लिखकर कहा कि सभी बच्चों को टट्टू पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके बच्चों के आग्रह पर, पिताजी ने एक छोटा चाकलेटी रंग का टट्टू खरीदा। रामा ने उसका नाम ताजरानी बताया, लेकिन बच्चे उसे रानी कहकर पुकारते थे। उसे आँगन के पश्चिम वाले बरामदे में बाँधा गया था। उसकी मालिश करने, खिलाने-पिलाने और घुमाने के लिए छुट्टन नामक एक साईस रखा गया था।
शुरुआत में महादेवी और उनके भाई-बहन रानी से दूर रहते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने रानी से दोस्ती कर ली। वे उसी बरामदे में रहते थे जहाँ रानी बँधी रहती थी और अपने खिलौने भी वहीं रखते थे। रानी भी उन्हें अपने पास न पाकर पैर पटककर हिनहिनाती थी। उसकी पीठ पर सवारी के लिए जीन बनवाई गई। सुबह भाई-बहन और स्कूल से लौटने के बाद महादेवी उस पर बैठकर घूमने जाते थे। छुट्टन उनके साथ पैदल दौड़ता हुआ उन्हें घुमाता था। रानी एक सुंदर घोड़ी थी। उसका रंग चमकीला चाकलेटी था, कान छोटे, आँखें काली, पारदर्शी और चमकीली थीं। उसके दाँत उजले, जीभ लाल और गुलाबी तथा नथुने लाल थे। उसके माथे पर अयाल का गुच्छा था। उसके पैर मजबूत और घनी पूँछ थी, जिससे वह मक्खियाँ भगाती थी।
In simple words: महादेवी के परिवार में रोजी और निक्की के बाद एक बड़ी घोड़ी रानी शामिल हुई। पिताजी ने बच्चों की माँग पर उसे खरीदा था। वह बहुत सुंदर, चाकलेटी रंग की थी और बच्चे उसे रानी कहते थे।
🎯 Exam Tip: किसी नए पात्र के आगमन का वर्णन करते समय उसके परिचय, रूप और परिवार में उसके स्थान को विस्तार से समझाएँ।
प्रश्न 14. रानी कौन थी?
Answer: महादेवी जी के पिताजी ने अपने बच्चों की माँग पर उनको घुमाने और सैर कराने के लिए रानी नामक एक छोटी घोड़ी को खरीदा था।
In simple words: रानी एक छोटी घोड़ी थी जिसे महादेवी के पिताजी ने बच्चों की सवारी के लिए खरीदा था।
🎯 Exam Tip: प्रश्न के मुख्य बिन्दु (रानी कौन थी) का सीधा उत्तर दें और संक्षिप्त जानकारी प्रदान करें।
प्रश्न 16. रानी कैसी घोड़ी थी ?
Answer: रानी बहुत समझदार घोड़ी थी और वह बच्चों से बहुत प्यार करती थी।
In simple words: रानी एक बुद्धिमान घोड़ी थी जो बच्चों से बहुत प्यार करती थी।
🎯 Exam Tip: किसी पात्र के स्वभाव का वर्णन करते समय उसकी प्रमुख विशेषताओं को बताएं।
प्रश्न 17. छुट्टन कौन था ? उसका क्या काम था ?
Answer: छुट्टन साईस था। उसका काम रानी की देखभाल करना, जैसे मालिश करना आदि था।
In simple words: छुट्टन रानी का साईस था और वह उसकी देखभाल करता था।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के नाम के साथ उसके कार्य को स्पष्ट करें।
प्रश्न 18. 'फिर अचानक हमारे अराजक राज्य पर क्रान्ति का बवंडर बह गया और हमें समझदारों के देश में निर्वासित होना पड़ा'-वाक्य का क्या आशय है?
Answer: इस वाक्य का आशय यह है कि महादेवी और उनके भाई-बहनों को अब दोपहर में खुलेआम घर से बाहर घूमने की आज़ादी नहीं थी। उन्हें पढ़ाई के लिए बाहर भेज दिया गया, जिसका मतलब है कि उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई और उन्हें एक नए, अधिक नियंत्रित माहौल में जाना पड़ा।
In simple words: इस वाक्य का मतलब है कि बच्चों की खेलने की आज़ादी खत्म हो गई और उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे स्थान पर जाना पड़ा।
🎯 Exam Tip: मुहावरेदार या लाक्षणिक वाक्यों का अर्थ स्पष्ट करते समय, उसके शाब्दिक और निहित दोनों अर्थों को समझाएँ।
RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 12 लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. रोजी महादेवी के साथ कैसे पली-बढ़ी ?
Answer: रोजी महादेवी को उनके पाँचवें जन्मदिन पर उपहार में मिली थी, तब उसकी आँखें भी पूरी तरह नहीं खुली थीं। वह महादेवी के साथ ही दूध पीती थी और उन्हीं के खटोले पर सोती थी। वह उनके लकड़ी के घोड़े पर चढ़कर घूमती थी और उनके साथ खेलकूद में भाग लेती थी। इस प्रकार, रोजी महादेवी के साथ बचपन से ही पली-बढ़ी।
In simple words: रोजी महादेवी को उनके पाँचवें जन्मदिन पर मिली थी और वह उनके साथ दूध पीकर, सोकर और खेलकर पली-बढ़ी।
🎯 Exam Tip: किसी जीव के पालन-पोषण का वर्णन करते समय बचपन की गतिविधियों और उसके बढ़ने के चरणों को बताएं।
प्रश्न 2. दोपहर के स्वच्छन्द भ्रमण में रोजी का क्या योगदान था?
Answer: दोपहर में महादेवी और उनके भाई-बहन जब खुलेआम घूमने निकलते थे, तो रोजी भी उनके साथ रहती थी। वह आदेश मिलने पर पोखर की पत्तियों के ढेर पर कूदती थी। घूमते समय वह आगे-आगे चलकर रास्ता दिखाती थी और मकई व करौंदे इकट्ठा करते समय शांति से किसी झाड़ी की छाया में बैठी रहती थी। यदि पेड़ से कोई कच्चा आम गिरता, तो वह तुरंत उसे उठाकर ले आती थी।
In simple words: दोपहर के घूमने के दौरान रोजी बच्चों के साथ रहती थी, वह पोखर में कूदती थी, रास्ता दिखाती थी और गिरे हुए आम उठा लाती थी।
🎯 Exam Tip: किसी पात्र के योगदान का वर्णन करते समय उसकी विशिष्ट गतिविधियों और उनके महत्व पर प्रकाश डालें।
प्रश्न 4. महादेवी और उनके भाई-बहन दोपहर को क्या करते थे ? घरवालों को उनके बारे में क्या भ्रम था ?
Answer: दोपहर के समय महादेवी और उनके भाई-बहन सबकी नजर बचाकर खिड़की के सहारे चुपचाप बाहर घूमने चले जाते थे। घरवालों को यह भ्रम था कि वे या तो सो रहे हैं या अपने कमरे में पढ़ाई कर रहे हैं।
In simple words: दोपहर में महादेवी और भाई-बहन चुपचाप बाहर खेलने जाते थे, जबकि घरवालों को लगता था कि वे सो रहे हैं या पढ़ रहे हैं।
🎯 Exam Tip: बच्चों की गतिविधियों और उनके बारे में बड़ों की धारणा के बीच के अंतर को स्पष्ट करें।
प्रश्न 5. दोपहर को सभी का जाना अनिवार्य क्यों था ?
Answer: महादेवी का छोटा भाई बहुत छोटा था, लेकिन उससे बड़े तीनों भाई-बहनों का दोपहर में घर से बाहर जाना ज़रूरी था। रोजी भी उनके साथ जाती थी। यदि उनमें से कोई एक भी नहीं जाता, तो उनका राज खुल जाने का डर था। इसके अलावा, बिस्कुट, पेड़ा, बर्फी आदि की 'रिश्वत' पाकर रोजी के मुखबिर बनने का भी डर था।
In simple words: सभी बड़े भाई-बहनों और रोजी का दोपहर में बाहर जाना ज़रूरी था ताकि उनका राज़ न खुले और रोजी लालच में आकर उनकी पोल न खोल दे।
🎯 Exam Tip: किसी घटना के पीछे के कारणों को विस्तार से समझाएँ।
प्रश्न 6. रोजी किस बात को नियम-विरुद्ध मानती थी ?
Answer: रोजी भी दोपहर में महादेवी के साथ घर से बाहर जाती थी। दोपहर होते ही वह खिड़की से बाहर कूदने के लिए बेचैन रहती थी। पहले उसे खिड़की से उतारा जाता था, फिर अन्य भाई-बहन उतरते थे। रोजी चुपचाप सब देखती रहती थी। यदि उतरते समय असावधानी के कारण वह ऊपर गिर जाती, तो वह 'चीं' करना भी नियम-विरुद्ध मानती थी।
In simple words: रोजी खिड़की से उतरते समय अगर गलती से ऊपर से गिर जाती तो उसे 'चीं' (आवाज) निकालना नियम के खिलाफ लगता था।
🎯 Exam Tip: किसी पात्र के खास व्यवहार या नियम के प्रति उसके दृष्टिकोण का सटीक वर्णन करें।
प्रश्न 7. 'ऐसी ही कोई अप्रिय स्थिति बिल में रही होगी नहीं तो यह इतना छोटा बच्चा भागता ही क्यों ?' महादेवी के इस कथन में क्या भाव निहित है ?
Answer: महादेवी के इस कथन में यह भाव निहित है कि माता-पिता को अपनी इच्छाएँ बच्चों पर थोपनी नहीं चाहिए। बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार ही पढ़ाई-लिखाई करने देना चाहिए। वे कहती हैं, “यदि एक छोटे कमरे में हमें सामने बैठाकर बाबू जी रात-दिन पढ़ाते रहें और माँ सिलाई-बुनाई में लगी रहें, तो हमारा क्या हाल होगा।” यहाँ 'माँ द्वारा सिलाई-बुनाई में लगे रहना' बच्चों की उपेक्षा को दर्शाता है और 'बाबू जी द्वारा दिन-रात पढ़ाना' उन पर अपनी इच्छाएँ थोपने का प्रतीक है।
In simple words: इस कथन से महादेवी यह बताना चाहती हैं कि माता-पिता को अपनी इच्छाओं को बच्चों पर नहीं थोपना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से बच्चे दुखी होते हैं और भागने की कोशिश करते हैं।
🎯 Exam Tip: उद्धृत वाक्यों के गहरे अर्थ और निहित भावनाओं को स्पष्ट रूप से समझाएँ।
प्रश्न 8. निक्की की देखभाल की व्यवस्था किस प्रकार हुई ?
Answer: महादेवी के भाई-बहनों ने खुशी-खुशी अपने खिलौनों के छोटे बक्से को खाली किया और उसमें रूई तथा रेशमी रूमाल बिछाया। इसे निक्की का नया घर बनाया गया, जहाँ उसे आराम से रखा जा सके। इस तरह सबने मिलकर निक्की की देखभाल की।
In simple words: निक्की की देखभाल के लिए बच्चों ने अपने खिलौनों का बक्सा खाली करके उसमें रूई और रेशमी रूमाल बिछाया, जिससे वह आराम से रह सके।
🎯 Exam Tip: किसी समस्या के समाधान या व्यवस्था के विवरण को स्पष्ट और संक्षिप्त शब्दों में प्रस्तुत करें।
प्रश्न 10. 'यदि हमारा कोलाहल सुनकर रामा न आता तो परिणाम दुखदायी हो सकता था।' कोलाहल क्यों हो रहा था तथा उसका परिणाम दुखद क्यों होता ?
Answer: निक्की ने साँप पर हमला किया था और बच्चों को लगा कि साँप मर गया है। वे सब खुशी से शोर मचाने लगे और साँप पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे, इसी कारण कोलाहल हो रहा था। यदि रामा यह शोर सुनकर वहाँ न आता, तो साँप बच्चे को काट सकता था, जिससे परिणाम दुखद हो सकता था।
In simple words: बच्चे निक्की के साँप पर हमला करने से खुश होकर शोर मचा रहे थे; यदि रामा न आता तो साँप बच्चे को काट सकता था, जिससे बहुत बुरा हो सकता था।
🎯 Exam Tip: किसी घटना के कारणों और संभावित परिणामों को स्पष्ट और तर्कपूर्ण ढंग से समझाएँ।
प्रश्न 11. 'उसे मेरे पास देखकर जो कोहराम मचा, उसने मुझे स्थम्भित और अवाक कर दिया।' महादेवी के स्तम्भित या और अवाक होने का क्या कारण था ?
Answer: महादेवी निक्की को छिपाकर अपने साथ कक्षा में ले गई थीं। वहाँ सिस्टर्स और दूसरी छात्राओं ने उसे देख लिया और शोर मचा दिया कि उनके पास एक 'सरीसृप' (REPTILE) है। कोई भी निक्की के साथ कक्षा में बैठना नहीं चाहता था। महादेवी ने समझाया कि निक्की किसी को काटता नहीं है, पर उनकी बात नहीं मानी गई। उस शोरगुल को देखकर महादेवी हैरान और चुप रह गईं।
In simple words: महादेवी जब निक्की को कक्षा में लाईं, तो उसे देखकर सब चिल्लाने लगे और मना करने लगे, जिससे महादेवी हैरान और चुप हो गईं।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति की प्रतिक्रिया (हैरानी, चुप्पी) के पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से समझाएँ।
प्रश्न 12. "उन्हीं में हमारा स्वेच्छ्या विस्थापित और शरणार्थी खिलौनों का परिवार स्थापित होने लगा।” इस पंक्ति का आशय क्या है ?
Answer: महादेवी के पिता ने जो छोटी घोड़ी खरीदी थी, उसे अस्तबल न होने के कारण घर के बरामदे में रखा गया था। बरामदे में अलमारी, ताक और आले भी बने थे। घर के बच्चे वहाँ आने-जाने लगे थे। निक्की को रखने के लिए उन्होंने अपना खिलौनों वाला संदूक उसे दे दिया था। उनके खिलौने इस तरह अपनी मर्जी से वहाँ से हटाकर बरामदे की अलमारी और आलों में स्थापित हो गए थे। यह पंक्ति दर्शाती है कि बच्चों ने अपने खिलौनों को निक्की के लिए जगह बनाने हेतु खुशी-खुशी त्याग दिया।
In simple words: इस पंक्ति का मतलब है कि बच्चों ने निक्की के लिए जगह बनाने के लिए अपने खिलौनों को बरामदे की अलमारियों में स्वेच्छा से रख दिया, जैसे वे वहाँ के शरणार्थी बन गए हों।
🎯 Exam Tip: किसी लाक्षणिक वाक्य का अर्थ स्पष्ट करते समय उसके पीछे की भावना और घटना को समझाएँ।
प्रश्न 13. रानी के साथ महादेवी के भाई-बहनों की मित्रता कैसे हुई ?
Answer: शुरुआत में महादेवी और उनके भाई-बहनों को रानी पसंद नहीं थी। रामा ने घोड़ी का नाम ताजरानी बताया था, लेकिन बच्चे कहानियों में घोड़ों को पसंद करते थे। धीरे-धीरे रानी की अच्छी आदतों और बच्चों के प्रति उसके प्रेम के कारण वे उसके करीब आते गए। जब बच्चों ने रानी को अपनी खेल-कूद की गतिविधियों में शामिल किया और पाया कि रानी उनके साथ खेलती है और उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाती, तो उनकी दोस्ती गहरी हो गई। रानी की समझदारी और स्नेही स्वभाव ने उसे बच्चों का प्रिय मित्र बना दिया।
In simple words: पहले बच्चे रानी को पसंद नहीं करते थे, लेकिन धीरे-धीरे रानी के स्नेही स्वभाव और उसके खेलकूद में शामिल होने से बच्चों की उससे गहरी दोस्ती हो गई।
🎯 Exam Tip: किसी संबंध के विकास का वर्णन करते समय शुरुआती स्थिति और उसके बदलाव के कारणों को स्पष्ट करें।
प्रश्न 15. किस घटना के कारण रानी सबके हृदय में स्थान पा गई?
Answer: एक बार महादेवी के भाई ने अपने सोने के कड़े उतारकर रानी के कानों में पहना दिए और खेलकूद में इसे भूल गए। शाम को माँ के पूछने पर कड़े ढूँढ़ने की कोशिश शुरू हुई, पर वे नहीं मिले। रानी बार-बार टाप से जमीन खोद रही थी और हिनहिना रही थी। बाबू जी ने यह देखा और छुट्टन को कोने की मिट्टी हटाने का आदेश दिया। वहाँ खोदने पर दोनों कड़े दबे हुए मिले। इस घटना के बाद रानी सभी के दिलों में खास जगह बना गई क्योंकि उसकी समझदारी और वफादारी सामने आई।
In simple words: एक बार जब महादेवी के भाई के सोने के कड़े खो गए, तो रानी ने जमीन खोदकर उन्हें ढूंढने में मदद की, जिससे वह सबके दिल में बस गई।
🎯 Exam Tip: किसी घटना का वर्णन करते समय उसके कारण, प्रक्रिया और परिणाम को स्पष्ट करें, खासकर यदि वह किसी पात्र के महत्व को दर्शाती हो।
RBSE Class 11 Hindi अपरा Chapter 12 निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. “तीन ऐसे जीवनी हैं, जो मानव समष्टि के सदस्य न होने पर भी मेरी स्मृति में छपे हैं।” इस कथन के आधार पर महादेवी की स्मृति में छपे तीनों जीवों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
Answer: महादेवी वर्मा ने अपने संस्मरणात्मक रेखाचित्र 'निक्की रोजी और रानी' में स्वीकार किया है कि उनके बचपन में तीन जानवर उनके जीवन में आए, जिनकी छाप उनके मन पर हमेशा के लिए अंकित हो गई। ये तीनों जानवर मानव समाज के सदस्य नहीं थे, फिर भी उनका प्रभाव लेखिका के मन पर स्थायी रहा। ये तीन प्राणी निम्नलिखित हैं:
1. निक्की: निक्की एक छोटा, तुरंत पैदा हुआ नेवले का बच्चा था। महादेवी की बच्चों की टोली दोपहर में घरवालों की नज़र बचाकर चुपके से बाहर निकल जाती थी। वहाँ आम के पेड़ की छाया में एक सूखी पोखर थी जिसमें सूखी पत्तियाँ भरी थीं। उसी में से एक दिन आम की खोज में गई रोजी को निक्की मिला था। बच्चों की टोली उसे घर ले आई। रामा ने रूई की बत्ती से दूध पिलाकर उसका पालन-पोषण किया। बड़ा होकर वह 'नकुल' यानी निक्की कहलाया और सबका प्यारा बन गया।
2. रोजी: रोजी टैरियर जाति की एक सफेद कुतिया थी। उसके कानों और पंजों का अगला हिस्सा, माथे का बीच का भाग और पूँछ के पीछे के बाल कत्थई रंग के थे। वह छोटी और सुंदर थी। महादेवी के पाँचवें जन्मदिन पर किसी ने उसे उपहार में दिया था। वह महादेवी के साथ ही पली-बढ़ी और उनकी सबसे प्यारी साथी बन गई थी। वह बच्चों की टोली की सक्रिय सदस्य भी थी।
3. रानी: महादेवी जी के पिता ने उनके और अन्य भाई-बहनों के घूमने और सवारी के लिए एक छोटा टट्टू खरीदा था। यह एक छोटे कद की घोड़ी थी। रामा ने उसका नाम ताजरानी रखा, लेकिन महादेवी और बाकी सब उसे रानी कहकर बुलाते थे। रानी बहुत सुंदर घोड़ी थी। उसका रंग हल्का चाकलेटी और चमकदार था। उसकी मनोहर छवि महादेवी की आँखों में आज भी वैसी ही बनी हुई है। उसके छोटे और खड़े कान थे, माथे पर अयाल का गुच्छा था, और उसकी आँखें काली, बड़ी और पारदर्शी थीं। उसके लाल नथुने और चमकीले दाँत थे। वह अपने मुँह से चारों ओर की गंध लेती रहती थी।
In simple words: लेखिका महादेवी वर्मा के बचपन में निक्की (नेवला), रोजी (कुतिया) और रानी (घोड़ी) उनके खास साथी थे। निक्की उन्हें सूखी पोखर में मिला, रोजी उनके जन्मदिन पर उपहार में मिली और रानी एक छोटी घोड़ी थी जिसे पिताजी ने सवारी के लिए खरीदा था।
🎯 Exam Tip: जब कई पात्रों का परिचय देना हो, तो प्रत्येक के बारे में मुख्य विशेषताओं और उनके लेखिका के साथ संबंध को संक्षेप में स्पष्ट करें।
प्रश्न 2. 'निक्की, रोजी और रानी' पाठ से महादेवी ने मानव तथा पशु स्वभाव की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है ?
Answer: 'निक्की, रोजी और रानी' महादेवी जी का एक संस्मरणात्मक रेखाचित्र है। इसमें लेखिका ने बचपन में अपने संपर्क में आए तीन जानवरों (निक्की - नेवला शिशु, रोजी - टैरियर कुतिया, रानी - छोटी घोड़ी) का वर्णन किया है। इस रेखाचित्र से हमें मनुष्य और पशुओं के स्वभाव और जीवन की निम्नलिखित विशेषताओं के बारे में पता चलता है:
1. महादेवी ने अपने पालतू जानवरों के प्रति गहरे प्रेम और सहानुभूति का सुंदर वर्णन किया है, जिससे उनकी मानवीयता प्रकट होती है।
2. पशु आपस में प्रेम करते हैं और अनुकूल वातावरण मिलने पर मनुष्यों की तरह ही एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और मित्रता विकसित करते हैं। जैसे रोजी निक्की को कोई नुकसान नहीं पहुँचाती और रानी उसे अपने ऊपर चढ़ने से नहीं रोकती।
3. इस संस्मरण से पता चलता है कि पशु भी मनुष्य की तरह समझदार होते हैं। वे विपत्ति के समय दूसरे पशुओं का साथ देते हैं। निक्की, रोजी और रानी में गहरी मित्रता थी।
4. बच्चों में पशु-पक्षियों के प्रति बहुत जिज्ञासा होती है, लेकिन बड़े होने पर यह जिज्ञासा और पशुओं के प्रति प्रेम-सहानुभूति कम हो जाती है।
5. महादेवी ने इस संस्मरण के माध्यम से यह संदेश दिया है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों की तरह ही जीवधारी होते हैं। वे मनुष्यों के सहायक होते हैं और उनसे प्रेम करते हैं। मनुष्यों को भी उनसे प्रेम और सहानुभूति रखनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और उनकी सुरक्षा व संरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए।
In simple words: इस पाठ में महादेवी वर्मा ने दिखाया है कि पशु भी समझदार होते हैं, आपस में प्रेम करते हैं और मनुष्य उनके प्रति दयालु हो सकते हैं। बच्चों में जानवरों के प्रति जिज्ञासा होती है, जो बड़ों में कम हो जाती है।
🎯 Exam Tip: किसी पाठ से सीखने योग्य मुख्य विशेषताओं को बिन्दुवार समझाएँ और उदाहरण भी दें।
प्रश्न 3. नकुल शिशु के अपने बिल से भाग आने के प्रसंग में महादेवी ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच समन्वय की कमी की जिस समस्या का संकेत दिया है, उस पर विचार व्यक्त कीजिए।
Answer: नकुल-शिशु अपने बिल से बाहर निकल आया था और रोजी उसे पकड़कर महादेवी के पास ले आई थी। इस घटना के बारे में महादेवी ने लिखा है, “छोटे से बिल में रात-दिन पड़े माता-पिता के सामने बैठे रहने से जो कष्ट बच्चे को हो सकता है, उसका हम अनुमान कर सकते थे।” वे आगे कहती हैं, “यदि एक छोटे कमरे में हमें सामने बैठाकर बाबूजी रात-दिन पढ़ाते रहें और माँ सिलाई-बुनाई में लगी रहें, तो हमारा क्या हाल होगा।” महादेवी जी की यह टिप्पणी वर्तमान समाज में बच्चों और अभिभावकों के बीच समन्वय की कमी की समस्या को दर्शाती है।
आज अभिभावक पैसा कमाने में इतने व्यस्त हैं कि उनके और उनके बच्चों के बीच की नजदीकी खत्म हो गई है। इससे बच्चों को घर का सही माहौल नहीं मिल पाता और उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक विकास नहीं हो पाता। वे परिवार और समाज के लिए जिम्मेदार सदस्य नहीं बन पाते। दूसरी समस्या यह है कि माता-पिता अपनी अधूरी इच्छाओं को बच्चों के माध्यम से पूरा करना चाहते हैं।
In simple words: इस कथन से महादेवी यह बताना चाहती हैं कि माता-पिता को अपनी इच्छाओं को बच्चों पर नहीं थोपना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से बच्चे दुखी होते हैं और भागने की कोशिश करते हैं।
🎯 Exam Tip: सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी करते समय लेखिका के विचारों को वर्तमान संदर्भ से जोड़कर स्पष्ट करें।
प्रश्न 4. साँप और नेवला की किन विशेषताओं का उल्लेख महादेवी जी ने किया है ? दोनों में क्या असमानता है ?
Answer: महादेवी जी ने साँप और नेवले की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया है और उनमें असमानताएँ भी बताई हैं:
साँप की विशेषताएँ:
* साँप एक लंबा और रेंगने वाला जीव है।
* यह विषैला होता है और जिस जीव को काट लेता है, उसकी मृत्यु हो जाती है।
* यह अपने शत्रु के सामने हवा में आधा खड़ा होकर फन से प्रहार करता है।
* साँप अपने शत्रु को डराने के लिए जोर से फुफकारता है।
* साँप लंबा और भारी होता है।
नेवले की विशेषताएँ:
* नेवला साँप का जन्मजात शत्रु है और उसे टुकड़ों में काटने की शक्ति रखता है।
* नेवला विषरहित जीव है और साँप के विष से अप्रभावित रहता है।
* विषहीन होने पर भी यह विषैले साँप को हरा देता है और साँप के विष से मरता नहीं है।
* नेवला साँप की तुलना में कोमल, हल्का और बहुत फुर्तीला होता है।
* अपने हल्केपन और बिजली जैसी तेज़ी से यह साँप के आक्रमण से बचाव करता है और उसे बार-बार चोट पहुँचाता है।
* हमला करने से पहले यह अपने पिछले पैरों पर खड़ा हो जाता है।
* छोटे शरीर के कारण इसे आक्रमण करने के लिए किसी खास अवसर की जरूरत नहीं होती।
* पालने के लिए नेवला बहुत स्नेही और अनुशासित जीव है।
* यह कीड़े-मकोड़े, फल आदि खा सकता है।
* यह जेब, आस्तीन, कंधे आदि जगहों पर बैठकर सतर्कता से देखता रहता है।
* साँप को पालने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता।
मुख्य असमानता: साँप विषैला, लंबा और भारी होता है, जबकि नेवला विषहीन, छोटा, हल्का और फुर्तीला होता है।
In simple words: साँप विषैला और रेंगने वाला होता है, जबकि नेवला विषहीन, फुर्तीला और साँप का दुश्मन होता है। नेवला साँप को हरा सकता है और पालने के लिए स्नेही होता है, जबकि साँप को पाला नहीं जा सकता।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में, प्रत्येक वस्तु की विशेषताओं को अलग-अलग बताएँ और फिर उनकी मुख्य असमानताओं को संक्षेप में स्पष्ट करें।
प्रश्न 5. "इसके उपरान्त हमारे परिवार में एक सबसे बड़ा जीव सम्मिलित हुआ।" महादेवी के परिवार में कौन-सा जीव सम्मिलित हुआ ? स्पष्ट कीजिए।
Answer: महादेवी के परिवार में पहले से ही रोजी और निक्की थे। वे दोनों महादेवी के बहुत करीब थे। इसके बाद उनके परिवार में एक तीसरा बड़ा जीव आया, जो एक छोटी घोड़ी थी, जिसका नाम रानी था, वह महादेवी के साथ दूध पीती थी, उनके खटोले पर सोती थी और उनके लकड़ी के घोड़े पर सवारी भी करती थी। वह निरंतर महादेवी के साथ रहती थी। वह उनको बहुत चाहती थी।
निक्की और रोजी छोटे जानवर थे, जबकि रानी का शरीर बड़ा था।
महादेवी की बच्चों की टोली ने एक दिन अपने पिता को पत्र लिखकर कहा कि सभी बच्चों को टट्टू पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके बच्चों के आग्रह पर, पिताजी ने एक छोटा चाकलेटी रंग का टट्टू खरीदा। रामा ने उसका नाम ताजरानी बताया, लेकिन बच्चे उसे रानी कहकर पुकारते थे। उसे आँगन के पश्चिम वाले बरामदे में बाँधा गया था। उसकी मालिश करने, खिलाने-पिलाने और घुमाने के लिए छुट्टन नामक एक साईस रखा गया था।
शुरुआत में महादेवी और उनके भाई-बहन रानी से दूर रहते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने रानी से दोस्ती कर ली। वे उसी बरामदे में रहते थे जहाँ रानी बँधी रहती थी और अपने खिलौने भी वहीं रखते थे। रानी भी उन्हें अपने पास न पाकर पैर पटककर हिनहिनाती थी। उसकी पीठ पर सवारी के लिए जीन बनवाई गई। सुबह भाई-बहन और स्कूल से लौटने के बाद महादेवी उस पर बैठकर घूमने जाते थे। छुट्टन उनके साथ पैदल दौड़ता हुआ उन्हें घुमाता था। रानी एक सुंदर घोड़ी थी। उसका रंग चमकीला चाकलेटी था, कान छोटे, आँखें काली, पारदर्शी और चमकीली थीं। उसके दाँत उजले, जीभ लाल और गुलाबी तथा नथुने लाल थे। उसके माथे पर अयाल का गुच्छा था। उसके पैर मजबूत और घनी पूँछ थी, जिससे वह मक्खियाँ भगाती थी।
महादेवी के मन में पशुओं के प्रति जो प्रेम और सहानुभूति थी, उसका आरंभ रोजी और निक्की के साथ ही हो गया था। रोजी के क्रियाकलाप उनको प्रिय थे तथा उसके साथ ने उनको पशुओं के प्रति संवेदनशील बना दिया था। बचपन में रोजी के प्रति उत्पन्न हुई प्रीति ही उनके बड़े होने पर पशुओं के प्रति उनकी सहानुभूति और संवेदनशीलता में बदल गई थी। गिल्लू के घायल होने पर पेनिसिलिन का मरहम लगाना उनकी इसी सावधानीपूर्ण संवेदनशीलता का प्रमाण है।
In simple words: महादेवी के परिवार में रोजी और निक्की के बाद एक बड़ी घोड़ी रानी शामिल हुई। पिताजी ने बच्चों की माँग पर उसे खरीदा था। वह बहुत सुंदर, चाकलेटी रंग की थी और बच्चे उसे रानी कहते थे। धीरे-धीरे सबने उसे अपना लिया और वह परिवार का हिस्सा बन गई। लेखिका का पशु प्रेम भी इसी से बढ़ा।
🎯 Exam Tip: किसी नए पात्र के आगमन का वर्णन करते समय उसके परिचय, रूप और परिवार में उसके स्थान को विस्तार से समझाएँ। साथ ही, यह भी बताएं कि इससे लेखिका के विचारों या स्वभाव पर क्या प्रभाव पड़ा।
निक्की, रोजी और रानी लेखिका-परिचय
जीवन-परिचय-
महादेवी का जन्म सन् 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक पढ़े-लिखे कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिताजी गोविंद प्रसाद भागलपुर में प्रधानाचार्य थे। उनकी शुरुआती शिक्षा इंदौर में हुई। प्रयाग के क्रास्थवेट कॉलेज से उन्होंने हिंदी और संस्कृत में एम.ए. किया। इसके बाद वे महिला विद्यापीठ, प्रयाग में प्रधानाध्यापिका रहीं। 19 सितंबर 1987 को उनका निधन हो गया।
साहित्यिक परिचय-महादेवी जी ने कविता और गद्य दोनों क्षेत्रों में समान अधिकार के साथ साहित्य रचा है। वे छायावाद की मुख्य स्तंभों में से एक हैं। गद्य के क्षेत्र में उनके संस्मरणात्मक रेखाचित्र बहुत प्रसिद्ध हैं। वे 'चाँद' नामक पत्रिका की संपादिका भी रहीं। उन्हें अपनी काव्य-रचना 'नीरजा' के लिए मंगला प्रसाद और सेकसरिया पुरस्कार मिल चुके हैं। भारत सरकार ने उनकी साहित्य सेवा के लिए उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया। गद्य के क्षेत्र में उन्होंने निबंध और समालोचना पर भी लिखा है। उनके संस्मरण और रेखाचित्र खास तौर पर प्रसिद्ध हैं।
महादेवी की भाषा शुद्ध, संस्कृतनिष्ठ और तत्सम शब्दावली वाली खड़ी बोली है। उनकी भाषा में कोमलता और प्रवाह है। महादेवी ने वर्णनात्मक, विचार-विवेचनात्मक और चित्रात्मक शैलियों का प्रयोग किया है। कभी-कभी उनके लेखन में व्यंग्य भी देखने को मिलता है।
कृतियाँ-महादेवी की प्रमुख कृतियाँ निम्नलिखित हैं
1. संस्मरण और रेखाचित्र-अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, मेरा परिवार, पथ के साथी, संचयन आदि।
2. निबंध- श्रृंखला की कड़ियाँ, साहित्यकार की आस्था आदि।
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