RBSE Solutions Class 11 Biology Chapter 6 कोशिका

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Detailed Chapter 6 कोशिका RBSE Solutions for Class 11 Biology

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Class 11 Biology Chapter 6 कोशिका RBSE Solutions PDF

RBSE Class 11 Biology Chapter 6 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

RBSE Class 11 Biology Chapter 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. कोशिका की संरचना एवं संगठन के अध्ययन को कहते हैं –
(अ) जीव विज्ञान
(ब) आकारिकी
(स) कोशिका विज्ञान
(द) आनुवंशिकी
Answer: (स) कोशिका विज्ञान
In simple words: कोशिका विज्ञान वह पढ़ाई है जहाँ हम देखते हैं कि कोशिकाएँ कैसे बनी होती हैं और वे कैसे काम करती हैं। यह विज्ञान जीवन की सबसे छोटी इकाइयों को समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: कोशिका विज्ञान की परिभाषा को याद रखें, क्योंकि यह जीव विज्ञान का एक मौलिक हिस्सा है।

 

Question 2. सर्वप्रथम जीवित कोशिका को देखा था –
(अ) रॉबर्ट हुक ने
(ब) रॉबर्ट ब्राउन ने
(स) ल्यूवेन हॉक ने
(द) स्लाइडेन व श्वान ने
Answer: (स) ल्यूवेन हॉक ने
In simple words: सबसे पहले एक जीवित कोशिका को एंटोन वैन ल्यूवेन हॉक ने देखा था। उन्होंने अपने खास सूक्ष्मदर्शी से बैक्टीरिया जैसी छोटी चीज़ें देखीं। रॉबर्ट हुक ने मृत कोशिकाओं को पहले देखा था।

🎯 Exam Tip: रॉबर्ट हुक और एंटोन वैन ल्यूवेन हॉक के बीच का अंतर याद रखना ज़रूरी है – हुक ने मृत कोशिकाएँ देखीं, जबकि ल्यूवेन हॉक ने जीवित कोशिकाएँ देखीं।

 

Question 3. 'कोशिका सिद्धान्त' के अपवाद हैं –
(अ) नीलरहित शैवाल
(ब) जीवाणु
(स) वायरस
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (स) वायरस
In simple words: कोशिका सिद्धान्त बताता है कि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं। लेकिन वायरस इस नियम का पालन नहीं करते, इसलिए वे एक अपवाद हैं। वायरस खुद से प्रजनन नहीं कर सकते, उन्हें किसी दूसरे जीवित कोशिका की ज़रूरत होती है।

🎯 Exam Tip: वायरस को कोशिका सिद्धान्त के अपवाद के रूप में याद रखें और इसके कारण को भी समझें।

 

Question 4. डी. ड्यूव ने किसकी खोज की थी -
(अ) माइटोकोन्ड्रिया
(ब) राइबोसोम
(स) लाइसोसोम
(द) गॉल्जीकाय
Answer: (स) लाइसोसोम
In simple words: डी. ड्यूव नामक वैज्ञानिक ने लाइसोसोम की खोज की थी। लाइसोसोम कोशिका के अंदर मौजूद छोटे अंग होते हैं जो बेकार चीजों को तोड़ते और खत्म करते हैं। वे कोशिका के "सफाईकर्मी" होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख वैज्ञानिक खोजों और उनसे संबंधित कोशिकांगों को याद रखें, यह अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।

 

Question 5. इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार किसने किया -
(अ) रॉबर्ट हुक
(ब) श्लाइडेन व श्वान
(स) वॉटसन व क्रिक
(द) नॉल व रस्का
Answer: (द) नॉल व रस्का
In simple words: इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी एक बहुत शक्तिशाली माइक्रोस्कोप है जिसे नॉल और रस्का ने बनाया था। यह हमें बहुत छोटी चीज़ें देखने में मदद करता है, जिन्हें आम माइक्रोस्कोप से नहीं देखा जा सकता।

🎯 Exam Tip: सूक्ष्मदर्शी के प्रकार और उनके आविष्कारकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज।

 

Question 6. ER की खोज किसने की -
(अ) पोर्टर
(ब) ब्राउन
(स) ओकोआ
(द) ड्यूव
Answer: (अ) पोर्टर
In simple words: एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER) की खोज पोर्टर ने की थी। यह कोशिका के अंदर एक जाल जैसा ढाँचा होता है जो प्रोटीन और लिपिड बनाने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: कोशिकांगों और उनके खोजकर्ताओं के बीच सही संबंध को याद रखें, यह सीधा प्रश्न बन सकता है।

RBSE Class 11 Biology Chapter 6 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

 

Question 2. जीवद्रव्य सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था ?
Answer: जीवद्रव्य सिद्धान्त, जिसे 'प्रोटोप्लास्मिक सिद्धांत' भी कहते हैं, का प्रतिपादन मैक्सस्कुल्ज (Max Schultze) नामक वैज्ञानिक ने किया था। यह सिद्धान्त बताता है कि जीवद्रव्य ही जीवन का भौतिक आधार है।
In simple words: मैक्सस्कुल्ज ने बताया कि जीवद्रव्य ही किसी भी जीव की सबसे ज़रूरी चीज़ है।

🎯 Exam Tip: जीवद्रव्य सिद्धान्त के प्रतिपादक का नाम और उसका मुख्य विचार याद रखें।

 

Question 3. राइबोसोम कहाँ पाये जाते हैं।
Answer: राइबोसोम कोशिका के कई हिस्सों में पाए जाते हैं। ये माइटोकॉन्ड्रिया, हरित लवक और कोशिकाद्रव्य में मौजूद होते हैं। राइबोसोम प्रोटीन बनाने का मुख्य स्थल होते हैं, जो कोशिका के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
In simple words: राइबोसोम माइटोकॉन्ड्रिया, हरित लवक और कोशिकाद्रव्य में होते हैं, जहाँ वे प्रोटीन बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: राइबोसोम के स्थान और उसके मुख्य कार्य (प्रोटीन संश्लेषण) को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. प्रोकैरियोटिक कोशिका में श्वसन स्थल का नाम बताइये।
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिका में श्वसन का मुख्य स्थल जीवद्रव्य कला (Plasma membrane) होती है। चूँकि इन कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया जैसे स्पष्ट अंग नहीं होते, श्वसन क्रिया प्लाज्मा झिल्ली की अंदरूनी परतों पर होती है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में श्वसन, जीवद्रव्य कला में होता है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में अंगों की कमी के कारण श्वसन स्थल का नाम याद रखें।

 

Question 5. प्रोकैरियोटिक जीवों के नाम लिखिए।
Answer: प्रोकैरियोटिक जीव वे होते हैं जिनमें कोशिका का केंद्रक ठीक से विकसित नहीं होता। इनके कुछ उदाहरण हैं: सत्यजीवाणु (Bacteria), साइनो जीवाणु (Cyanobacteria), आजीवाणु (Archaea), माइकोप्लाज्म (Mycoplasma) और एक्टीनोयाइसीट (Actinomycetes) आदि। ये जीव बहुत सरल होते हैं।
In simple words: बैक्टीरिया, साइनोबैक्टीरिया, आर्किया, माइकोप्लाज्मा और एक्टीनोमाइसिटीज़ प्रोकैरियोटिक जीव हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक जीवों के मुख्य उदाहरणों को याद रखें, क्योंकि यह उनकी मूल विशेषताओं को समझने में मदद करेगा।

 

Question 6. झिल्ली विहीन कोशिकांगों के नाम लिखिए।
Answer: कोशिका में कुछ अंग ऐसे होते हैं जिनके चारों ओर कोई झिल्ली नहीं होती। झिल्ली विहीन कोशिकांग का एक मुख्य उदाहरण राइबोसोम (Ribosome) है। ये प्रोटीन संश्लेषण का काम करते हैं। तारककाय भी एक झिल्ली विहीन कोशिकांग है, जो कोशिका विभाजन में मदद करता है।
In simple words: राइबोसोम और तारककाय ऐसे कोशिकांग हैं जिनकी अपनी झिल्ली नहीं होती।

🎯 Exam Tip: झिल्ली-युक्त और झिल्ली-विहीन कोशिकांगों के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है।

 

Question 7. जीवित कोशिका को सर्वप्रथम किसने देखा था ?
Answer: जीवित कोशिका को सबसे पहले एन्टॉन वान ल्यूवेनहॉक ने देखा था। उन्होंने 1674 में अपने खुद के बनाए हुए सूक्ष्मदर्शी से तालाब के पानी में छोटे-छोटे जीवाणुओं को देखा। यह एक ऐतिहासिक खोज थी।
In simple words: एंटोन वान ल्यूवेनहॉक ने पहली बार जीवित कोशिकाओं को देखा था।

🎯 Exam Tip: जीवित कोशिका की खोज का श्रेय एंटोन वान ल्यूवेनहॉक को दें, और मृत कोशिका के लिए रॉबर्ट हुक को।

 

Question 8. ऊतक किसे कहते हैं ?
Answer: ऊतक कोशिकाओं का एक समूह होता है जो एक समान संरचना और कार्य करता है। ये कोशिकाएँ मिलकर एक खास काम करती हैं, जैसे मांसपेशियों में संकुचन या नसों में संदेश भेजना। ऊतक ही अंग बनाते हैं, और अंग मिलकर अंग तंत्र बनाते हैं।
In simple words: ऊतक एक जैसी कोशिकाओं का समूह है जो मिलकर एक विशेष कार्य करता है।

🎯 Exam Tip: ऊतक की परिभाषा में 'समान संरचना' और 'विशेष कार्य' जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें।

 

Question 1. जन्तु कोशिका एवं पादप कोशिका में चार अन्तर लिखो।
Answer: पादप और जन्तु कोशिका में मुख्य अंतर नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं:

लक्षणपादप कोशिका (Plant cells)जन्तु कोशिका (Animal cells)
1. कोशिका भित्ति (Cell wall)उपस्थित, सेल्युलोज से बनी होती है।अनुपस्थित, जीवद्रव्य की बाहरी सीमा प्लाज्मा झिल्ली (plasma membrane) होती है।
2. रिक्तिका (Vacuole)अक्सर बड़ी और एक होती है, जिसमें कोशिका रस भरा रहता है।अक्सर अनुपस्थित होती है; यदि होती भी है तो छोटी और कई संख्या में होती है।
3. लवक (Plastids)उपस्थित (जैसे क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट)।अनुपस्थित होते हैं।
4. प्रकाश - संश्लेषण क्रिया (Photosynthesis)हरित लवक वाली कोशिकाओं में होती है।यह क्रिया नहीं होती है।
5. सेन्ट्रोसोम (Centrosome)उच्च श्रेणी के पौधों में अनुपस्थित, तर्कतन्तु प्रोटीन तन्तुओं से बनते हैं।उपस्थित होते हैं और कोशिका विभाजन के समय तर्कतन्तु बनाते हैं।

In simple words: पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट होते हैं, जबकि जन्तु कोशिकाओं में ये नहीं होते। जन्तु कोशिकाओं में सेंट्रोसोम होता है जो पौधों में आमतौर पर नहीं मिलता।

🎯 Exam Tip: कोशिका भित्ति, रिक्तिका, लवक और सेंट्रोसोम जैसे मुख्य अंतरों को याद रखें, क्योंकि ये पादप और जन्तु कोशिकाओं के बीच के सबसे महत्वपूर्ण भेद हैं।

 

Question 2. प्रोकैरियोटिक कोशिका एवं यूकैरियोटिक कोशिका में अन्तर स्पष्ट करें।
Answer: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच के अंतर को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें। प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ सरल होती हैं, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएँ अधिक जटिल होती हैं।

1. आमापसामान्यतः छोटा 0.1 – 5.0 \( \text{µm} \)सामान्यतः 5 \( \text{µm} \) से बड़ा
2. कोशिका भित्तिअमीनो शर्कराओं एवं म्यूरेमिक अम्ल (पेप्टीडोग्लाइकन) से बनी, माइकोप्लाज्मा में अनुपस्थित।वनस्पति कोशिकाओं में सेल्युलोज से बनी, जन्तु कोशिकाओं में अनुपस्थित।
3. कोशिका कलाउपस्थित, सामान्यतः स्टीरॉल रहित; कुछ में श्वसन सम्बन्धी तथा कुछ में प्रकाश-संश्लेषणी किण्वक उपस्थित।उपस्थित, स्टीरॉल्स उपस्थित, श्वसन एवं प्रकाशसंश्लेषणी किण्वक रहित।
4. सम्पुटजीवाणुओं में उपस्थित।अनुपस्थित।
5. केन्द्रककेन्द्रक झिल्ली रहित, न्युक्लिऑइड (nucleoid) कहलाता है। केन्द्रिका अनुपस्थित।केन्द्रक झिल्ली युक्त केन्द्रिका उपस्थित।
6. गुणसूत्रकोशिका कला से संलग्न, अधिकतर एक वलय से रचित डी.एन.ए., हिस्टोन अनुपस्थित।एक से अधिक उपस्थित, डी.एन.ए. व हिस्टोन प्रोटीन से बने।

In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ छोटी होती हैं और उनमें स्पष्ट केंद्रक नहीं होता, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएँ बड़ी होती हैं और उनमें एक अच्छी तरह से बना केंद्रक होता है।

🎯 Exam Tip: कोशिका भित्ति की संरचना, केंद्रक की उपस्थिति और गुणसूत्रों की प्रकृति जैसे प्रमुख भेदों पर ध्यान दें।

 

Question 3. कोशिका सिद्धान्त पर टिप्पणी लिखो।
Answer: कोशिका सिद्धान्त जीव विज्ञान का एक मूलभूत नियम है। श्लाइडेन और श्वान ने इसे पहली बार प्रस्तुत किया था। बाद में नेगेली और रुडोल्फ विरचोव ने इसमें सुधार करके इसे आधुनिक रूप दिया। कोशिका सिद्धान्त के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. सभी जीव कोशिकाओं तथा उनके उत्पादों से बने होते हैं।
2. नई कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं (preexisting cells) के विभाजन से बनती हैं।
3. कोशिका सजीव शरीर की रचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
4. कोशिका में जीव के आनुवंशिक गुण मौजूद होते हैं।
5. जीवन की निरंतरता एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कोशिकाओं द्वारा संचालित होती है।
In simple words: कोशिका सिद्धान्त कहता है कि सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं, नई कोशिकाएँ पुरानी कोशिकाओं से आती हैं, और कोशिकाएँ जीवन की बुनियादी इकाई हैं।

🎯 Exam Tip: कोशिका सिद्धान्त के तीनों मुख्य बिंदुओं और इसके प्रतिपादकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. कोशिका भित्ति एवं जीवद्रव्य कला में अन्तर स्पष्ट करें।
Answer: कोशिका भित्ति और जीवद्रव्य कला (प्लाज्मा झिल्ली) के बीच मुख्य अंतर नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं। दोनों कोशिका के बाहरी भाग हैं लेकिन उनकी संरचना और कार्य अलग-अलग हैं।

कोशिका भित्तिजीवद्रव्य कला
1. यह निर्जीव होती है।सजीव होती है।
2. पादप कोशिकाओं में कोशिका कला के बाहर होती है।जन्तु कोशिकाओं में सबसे बाहरी परत होती है। पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति के अन्दर होती है।
3. यह सेल्यूलोज से बनी होती है। पूर्णतया पारगम्य होती है।यह लिपिड व प्रोटीन से बनी होती है। जल के लिए पारगम्य परन्तु अन्य पदार्थों के लिए चयनात्मक पारगम्य होती है।

In simple words: कोशिका भित्ति पौधों में एक कठोर बाहरी परत होती है जो सुरक्षा देती है, जबकि जीवद्रव्य कला एक पतली, लचीली झिल्ली होती है जो चीज़ों को अंदर-बाहर आने जाने देती है।

🎯 Exam Tip: दोनों की संरचना (निर्जीव/सजीव, रासायनिक घटक) और पारगम्यता (पूर्ण/चयनात्मक) के अंतर को याद रखें।

 

Question 5. राइबोसोम, माइटोकॉन्ड्रिया एवं गॉल्जीकाय के खोज करने वाले वैज्ञानिकों के नाम लिखो।
Answer: कोशिका के महत्वपूर्ण अंगों की खोज अलग-अलग वैज्ञानिकों ने की है, जो इस प्रकार हैं:

नामखोजकर्ता
1. राइबोसोमए. क्लाडे (A. Claude)
2. माइटोकॉन्ड्रियासी. आल्टमान (C. Altmann)
3. गॉल्जीकायकेमिलियो गाल्जी (Camillo Golgi)

In simple words: क्लाडे ने राइबोसोम, आल्टमान ने माइटोकॉन्ड्रिया और गाल्जी ने गॉल्जीकाय की खोज की।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण कोशिकांगों और उनके खोजकर्ताओं के नामों को सही ढंग से याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

RBSE Class 11 Biology Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. पादप कोशिका का सचित्र वर्णन करो।
Answer: पादप कोशिका (Plant Cell) एक यूकेरियोटिक कोशिका है जिसमें एक विशिष्ट संरचना होती है। इसका एक नामांकित आरेख (चित्र) नीचे दर्शाया गया है: (चित्र: पादप कोशिका का नामांकित आरेख)
पादप कोशिका की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. कोशिका भित्ति उपस्थित होती है, जो मुख्य रूप से सेल्युलोज से बनी होती है।
2. रिक्तिका के कारण सामान्यतः केन्द्रक परिधि पर होता है।
3. उच्च श्रेणी की पादप कोशिकाओं में तारककाय (Centrosome) सामान्यतः अनुपस्थित होते हैं। निम्न श्रेणी की गतिशील कोशिकाएँ इसका अपवाद हैं।
4. प्लास्टिड्स उपस्थित होते हैं, जैसे क्लोरोप्लास्ट जो प्रकाश संश्लेषण करते हैं। कवक इसका अपवाद है।
5. माइटोकॉण्ड्रिया आकार में गोलाकार या अण्डाकार होता है।
6. एक दीर्घ केन्द्रकीय रिक्तिका उपस्थित होती है, जो कोशिका का अधिकांश आयतन घेरती है।
7. कोशिका विभाजन के दौरान कोशिकाद्रव्य सामान्यतः कोशिका प्लेट विधि द्वारा विभाजित होता है।
8. पादप कोशिकाएँ सभी अमीनो अम्लों, सहएन्जाइम्स तथा विटामिन्स को निर्मित करने में सक्षम होती हैं।
9. इनमें संकुचन रिक्तिका नहीं पायी जाती है।
10. कोशिका विभाजन के बाद स्पिण्डल निर्माण अतारक (Anastral) प्रकार का होता है।
11. लाइसोसोम्स कम संख्या में उपस्थित होते हैं।
12. स्फीरोसोम उपस्थित होता है।
13. इनमें संचित भोजन मंड (स्टार्च) के रूप में होता है।
14. प्लाज्मोडेस्मेटा पाये जाते हैं, जो आसन्न कोशिकाओं के बीच संचार में मदद करते हैं।
In simple words: पादप कोशिका में कोशिका भित्ति, बड़ी रिक्तिका और क्लोरोप्लास्ट होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण में मदद करते हैं। इसका केंद्रक आमतौर पर किनारे पर होता है।

🎯 Exam Tip: पादप कोशिका के प्रमुख भागों (कोशिका भित्ति, क्लोरोप्लास्ट, बड़ी रिक्तिका) को उनके कार्यों के साथ याद रखें और चित्र बनाने का अभ्यास करें।

 

Question 2. प्रोकैरियोटिक कोशिका की संरचना को सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (Prokaryotic Cells) सबसे सरल प्रकार की कोशिकाएँ हैं। इनमें एक सुगठित केंद्रक और झिल्ली-युक्त कोशिकांग नहीं होते हैं। इनका एक नामांकित आरेख (चित्र) नीचे दर्शाया गया है: (चित्र: प्रोकैरियोटिक कोशिका - जीवाणु कोशिका)
माइकोप्लाज्मा (Micoplasma) सबसे छोटे आकार की कोशिकाओं में से एक है, जो 0.1 से 0.25 \( \text{µm} \) माप की होती हैं। जीवाणुओं में कोशिका का आकार लगभग 0.1 \( \text{µm} \) से 18 \( \text{µm} \) तक होता है। ये असीमकेन्द्रकी कोशिकाएँ जीवाणु एवं नीली हरी शैवाल (blue green algae) में पायी जाती हैं।
इन कोशिकाओं का आकार यूकैरियोटिक कोशिकाओं की तुलना में छोटा होता है। इनकी संरचना भी सरल होती है। इनमें सुगठित केंद्रक नहीं होता है, यानि केंद्रक झिल्ली नहीं होती है। इनमें डी.एन.ए. व आर.एन.ए. रेखीय प्रकार के पाए जाते हैं और हिस्टोन प्रोटीन का अभाव होता है। इनमें सूत्री विभाजन नहीं होता। कुछ जीवाणु कोशिकाओं में कशाभ (Pilli or Fibrae) और हरित लवक (chloroplast) भी पाए जाते हैं।
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में एक जटिल रासायनिक कोशिका आवरण होता है जो तीन स्तरीय संरचना बनाता है:
1. **बाह्य परत (Outer layer):** यह ग्लाइकोकेलिक्स (Glycocalyx) की बनी होती है। कुछ जीवाणुओं में यह चिपचिपी (Viscous) या ढीली परत होती है जिसे अवपंक परत (Slim layer) कहते हैं, जो दृढ़ होकर संपुटिका (Capsule) बनाती है। यह सुरक्षा करती है और जीवाणु की संक्रामक शक्ति बढ़ाती है। इस परत में विभिन्न प्रकार के पोलीसैकेराइड्स पाए जाते हैं।
2. **कोशिका भित्ति (Cell wall):** यह कोशिका भित्ति दृढ़ होती है और कोशिका के कुल शुष्क भार का 10-40% भाग होती है। यह पेप्टीडोग्लाइकन या म्यूको पेप्टाइड (Mucopeptide) की बनी होती है, जो कोशिका भित्ति को मजबूत बनाती है। यह कोशिका के आकार को तय करती है और उसे फटने से बचाती है।
3. **जीवद्रव्यकला (Plasma membrane):** यह कोशिका के बाहर जीवद्रव्य को घेरती है। यह एक अर्धपारगम्य झिल्ली (Semipermeable) है जो लाइपोप्रोटीन (Lipoproteins) और ऑलिगोसेकेराइड से बनी होती है। यह पोषक पदार्थों तथा बेकार पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है। जीवद्रव्य कला श्वसन, प्रकाश संश्लेषण, लिपिड संश्लेषण और अन्य जटिल क्रियाओं का स्थल होती है। प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में श्वसन व अवशोषण के लिए जीवद्रव्य कला अन्तर्वलित होकर त्रिस्तरीय मीजोसोम (Mesosome) या मध्यकाय बनाती है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिका में स्पष्ट केंद्रक नहीं होता। इसकी बाहरी परतें (ग्लाइकोकेलिक्स, कोशिका भित्ति, और प्लाज्मा झिल्ली) होती हैं, और यह सरल संरचना वाली होती है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक कोशिका की तीन-स्तरीय आवरण संरचना और मीजोसोम के कार्य पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि ये इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं।

 

Question 3. जन्तुकोशिका का चित्र बनाओ तथा पादप कोशिका से अन्तर स्पष्ट करो।
Answer: जन्तु कोशिका में कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है, यह जीवद्रव्य की बाहरी सीमा होती है। इसका एक नामांकित आरेख (चित्र) नीचे दर्शाया गया है: (चित्र: जन्तु कोशिका का नामांकित आरेख)
जन्तु कोशिका की अन्य प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार से हैं:
7. कोशिकाद्रव्य खाँच और विदलन (Cleavage) विधि के द्वारा विभाजित होता है।
8. जन्तु कोशिकाएँ सभी अमीनो अम्लों, सह एन्जाइम्स तथा विटामिन्स को निर्मित नहीं कर सकतीं।
9. इनमें संकुचनशील रिक्तिका पायी जा सकती है, जो अतिरिक्त जल को पंप करती है।
10. कोशिका विभाजन के दौरान स्पिण्डल निर्माण अभितारक (Amphiastral) प्रकार का होता है।
11. लाइसोसोम्स अधिक संख्या में उपस्थित होते हैं। स्फीरोसोम का अभाव होता है।
12. इनमें संचित भोजन ग्लाइकोजन है तथा वसा के रूप में होता है।
13. तथा वसा के रूप में होता है।
14. प्लाज्मोडेस्मेय का अभाव होता है।
पादप व जन्तु कोशिका में अन्तर हेतु (Difference between Plant and Animal Cell):

पादप कोशिका (Plant Cell)जन्तु कोशिका (Animal Cell)
1. कोशिका भित्ति उपस्थित होती है।1. कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।
2. रिक्तिका के कारण सामान्यतः केन्द्रक परिधि पर होता है।2. केन्द्रक कोशिका में केन्द्र के समीप उपस्थित होता है।
3. उच्च श्रेणी की पादप कोशिकाओं में तारककाय (Centrosome) सामान्यतः अनुपस्थित होते हैं। निम्न श्रेणी की गतिशील कोशिकाएँ इसका अपवाद हैं।3. सामान्यतः तारककाय उपस्थित होता है जो स्पिण्डल फाइबर के निर्माण में सहायक होता है।
4. प्लास्टिड्स उपस्थित होते हैं। कवक इसका अपवाद है।4. प्लास्टिड्स अनुपस्थित होते हैं।
5. माइटोकॉण्ड्रिया आकार में गोलाकार या अण्डाकार होता है।5. माइटोकॉण्ड्रिया नलिकाकार होते हैं।
6. एक दीर्घ केन्द्रकीय रिक्तिका उपस्थित होती है।6. अनेक रिक्तिकाएँ पायी जाती हैं, जो कि आकार में छोटी होती हैं।
7. कोशिका विभाजन के दौरान कोशिकाद्रव्य सामान्यतः कोशिका प्लेट विधि द्वारा विभाजित होता है।7. कोशिकाद्रव्य खाँच और विदलन (Cleavage) विधि के द्वारा विभाजित होता है।
8. पादप कोशिकाएँ सभी अमीनो अम्लों, सहएन्जाइम्स तथा विटामिन्स को निर्मित करने में सक्षम होती हैं।8. जन्तु कोशिकाएँ सभी अमीनो अम्लों, सह एन्जाइम्स तथा विटामिन्स को निर्मित नहीं कर सकतीं।

In simple words: जन्तु कोशिका में कोशिका भित्ति और प्लास्टिड नहीं होते, जबकि पादप कोशिका में ये होते हैं। जन्तु कोशिका में सेंट्रोसोम होता है और विभाजन खाँच विधि से होता है।

🎯 Exam Tip: जन्तु कोशिका की प्रमुख विशेषताओं को याद रखें और पादप कोशिका से इसकी तुलना करते समय मुख्य अंतरों पर जोर दें। चित्र का अभ्यास भी करें।

 

Question 4. प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ जीवन के दो मूलभूत प्रकार हैं। उनके बीच के महत्वपूर्ण अंतरों को नीचे दी गई तालिका में समझाया गया है:

लक्षणप्रोकैरियोटिक कोशिकायूकैरियोटिक कोशिका
1. उदाहरणजीवाणु, सायनोजीवाणु, माइकोप्लाज्माशैवाल, कवक, सभी पादप व जन्तु कोशिकाएँ
2. कोशिका आकारसूक्ष्म 0.1 - 5 \( \text{µm} \) व्यासबड़ी 5 – 20 \( \text{µm} \) व्यास
3. कोशिका भित्ति निर्मितम्यूकोपेप्टाइड्स (पेप्टीडोग्लाइकन) से निर्मितपादप कोशिकाओं में भित्ति सेलूलोज से बनी।
4. कोशिकांग
(i) E.R. (अ.ई.जा.)अनुपस्थितसुविकसित, कार्य-परिवहन
(ii) माइटोकॉन्ड्रियाअनुपस्थितकाफी संख्या में उपस्थित; कार्य – श्वसन
(iii) लवकअनुपस्थितकेवल पादप कोशिकाओं में उपस्थित; कार्य- प्रकाश संश्लेषण, स्टार्च, प्रोटीन वसा का संग्रह।
(vi) सूक्ष्मनलिकाएँअनुपस्थितउपस्थित, कार्य-कोशिकाभित्ति का निर्माण
(vii) राइबोसोम्सउपस्थित, 70S प्रकार के, कार्य-प्रोटीन संश्लेषणउपस्थित, 80S प्रकार के, कार्य-प्रोटीन संश्लेषण
5. केन्द्रक
(i) केन्द्रककलाअनुपस्थितउपस्थित, दोहरी कलायुक्त
(ii) केन्द्रिकअनुपस्थितउपस्थित, कार्य tRNA का संश्लेषण
(iii) आनुवंशिक पदार्थकोशिकाद्रव्य में बिखरा हुआकेन्द्रककला में परिबद्ध।
(iv) हिस्टोन प्रोटीनअनुपस्थितउपस्थित
(v) गुणितासदैव अगुणितअगुणित तथा द्विगुणित
6. तारककायअनुपस्थितसभी जन्तु कोशिकाओं में उपस्थित
7. कशाभिकायेंपरसक्षम, उपस्थित जीवाणुओं में एक फाइब्रिल से निर्मितसूक्ष्म, जब भी उपस्थित 2 + 9 संरचनायुक्त
8. कोशिका विभाजनसमसूत्री व अर्धसूत्री विभाजन नहीं होते हैं, वरन् असूत्री विभाजन होते हैं। गुणसूत्रों की गति अज्ञात। तर्कतन्तु नहीं बनते।समसूत्री व अर्धसूत्री विभाजन होते हैं। गुणसूत्रों की गति स्पष्ट। तर्कतन्तुओं का निर्माण होता है।
9. लैंगिक जननसत्य लैंगिक जनन अनुपस्थितलैंगिक जनन होता है।
10. जीवद्रव्यकलापतली होती है।झिल्ली मोटी होती है।
11. श्वसनप्रायः अवायु श्वसन, प्लाज्मा झिल्ली द्वारा।वायु श्वसन होता है, स्थल माइटोकॉन्ड्रिया।

In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ छोटी और सरल होती हैं, जिनमें केंद्रक और झिल्लीदार अंग नहीं होते। यूकैरियोटिक कोशिकाएँ बड़ी और जटिल होती हैं, जिनमें एक सच्चा केंद्रक और कई अंग होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के उदाहरणों, आकार, केंद्रक की उपस्थिति और प्रमुख कोशिकांगों की मौजूदगी या अनुपस्थिति जैसे बिंदुओं को याद रखें।

RBSE Class 11 Biology Chapter 6 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

RBSE Class 11 Biology Chapter 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 2. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में DNA सामान्यतः रहता है –
(अ) रेखीय
(ब) टूटा हुआ
(स) वृत्ताकार
(द) एक लड़ीय
Answer: (स) वृत्ताकार
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में DNA का आकार आमतौर पर गोल या वृत्ताकार होता है। यह कोशिका के केंद्रक में नहीं बल्कि कोशिकाद्रव्य में होता है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक DNA की वृत्ताकार प्रकृति को यूकैरियोटिक DNA (जो रेखीय होता है) से अलग करके याद रखें।

 

Question 3. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में नहीं पाया जाता है –
(अ) केन्द्रिका
(ब) कोशिका कला
(स) ATP
(द) कोशिका भित्ति
Answer: (अ) केन्द्रिका
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक तो होता है, लेकिन उसके अंदर केन्द्रिका नहीं होती। केन्द्रिका केवल यूकैरियोटिक कोशिकाओं में ही मिलती है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की मूलभूत संरचना और उनमें अनुपस्थित प्रमुख अंगों (जैसे केन्द्रिका) को याद रखें।

 

Question 4. केन्द्रिका की खोज ईल मछली की त्वचा में 1781 में की गई -
(अ) स्वासरेडम
(ब) फोन्टना
(स) ल्यूवेन हॉक
(द) ग्रु (Grew)
Answer: (ब) फोन्टना
In simple words: फोन्टना ने 1781 में ईल मछली की त्वचा में केन्द्रिका की खोज की थी। केन्द्रिका केंद्रक का एक छोटा हिस्सा होती है।

🎯 Exam Tip: केन्द्रिका की खोज के साथ वैज्ञानिक फोन्टना का नाम याद रखें।

 

Question 5. प्रोकैरियोट का लक्षण है -
(अ) DNA एवं हिस्टोन्स
(ब) DNA अथवा हिस्टोन
(स) DNA किन्तु हिस्टोन नहीं
(द) दोनों अनुपस्थित
Answer: (स) DNA किन्तु हिस्टोन नहीं
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में DNA तो होता है, लेकिन उसमें हिस्टोन प्रोटीन नहीं होते। यूकैरियोटिक कोशिकाओं में DNA हिस्टोन के साथ जुड़ा होता है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में DNA की उपस्थिति लेकिन हिस्टोन प्रोटीन की अनुपस्थिति एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

 

Question 6. जीवित कोशिकाएँ सूक्ष्मदर्शी द्वारा सर्वप्रथम देखी गईं -
(अ) मैल्पीधी
(ब) रॉबर्ट हुक
(स) एंटोन वैन ल्यूवेन हॉक
(द) नॉल व रस्का
Answer: (स) एंटोन वैन ल्यूवेन हॉक
In simple words: एंटोन वैन ल्यूवेन हॉक ने पहली बार जीवित कोशिकाओं को अपने सूक्ष्मदर्शी से देखा था। रॉबर्ट हुक ने मृत कोशिकाओं को देखा था।

🎯 Exam Tip: जीवित और मृत कोशिकाओं को देखने वाले वैज्ञानिकों के नामों को स्पष्ट रूप से याद रखें ताकि भ्रम से बचा जा सके।

 

Question 8. वे जीव जिसमें सुगठित केन्द्रक व कोशिकांग पाये जाते हैं, कहलाते हैं –
(अ) एक कोशिकीय जीव
(ब) यूकैरियोटस
(स) प्रोकैरियोटस
(द) द्विगुणित जीव
Answer: (ब) यूकैरियोटस
In simple words: जिन जीवों की कोशिकाओं में एक स्पष्ट केंद्रक और दूसरे अंग होते हैं, उन्हें यूकैरियोट्स कहते हैं। जैसे, पौधों और जानवरों की कोशिकाएँ।

🎯 Exam Tip: यूकैरियोट्स की परिभाषा में 'सुगठित केन्द्रक' और 'कोशिकांगों की उपस्थिति' जैसे प्रमुख शब्दों को शामिल करें।

 

Question 9. यूकैरियोटिक कोशिका का उदाहरण है -
(अ) अमीबा
(ब) जीवाणु कोशिका
(स) विषाणु
(द) नील-हरित शैवाल
Answer: (अ) अमीबा
In simple words: अमीबा एक यूकैरियोटिक जीव है क्योंकि इसकी कोशिका में एक स्पष्ट केंद्रक और झिल्लीदार अंग होते हैं। जीवाणु और नील-हरित शैवाल प्रोकैरियोटिक हैं।

🎯 Exam Tip: यूकैरियोटिक और प्रोकैरियोटिक जीवों के मुख्य उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 10. निम्न में से कौनसा कोशिकांग पादप एवं प्राणि कोशिकाओं में पाया जाता है –
(अ) कोशिका भित्ति
(ब) हरितलवक
(स) तारककाय
(द) माइटोकॉण्डूया
Answer: (द) माइटोकॉण्डूया
In simple words: माइटोकॉन्ड्रिया दोनों, पादप और जन्तु कोशिकाओं में पाया जाता है, क्योंकि यह कोशिका के लिए ऊर्जा बनाता है। कोशिका भित्ति और हरितलवक सिर्फ पौधों में होते हैं, जबकि तारककाय अधिकतर जन्तुओं में होता है।

🎯 Exam Tip: उन कोशिकांगों को याद रखें जो पादप और जन्तु कोशिकाओं दोनों में सामान्य होते हैं, जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, ताकि उनके कार्यों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

 

Question 11. यूकैरियोटिक कोशिका में कोशिका भित्ति का निर्माण किया जाता है –
(अ) सूक्ष्म नलिकाओं के द्वारा
(ब) केन्द्रिक द्वारा
(स) तारककाय द्वारा
(द) कशाभिकाओं द्वारा
Answer: (अ) सूक्ष्म नलिकाओं के द्वारा
In simple words: यूकैरियोटिक कोशिका में कोशिका भित्ति का निर्माण सूक्ष्म नलिकाओं की मदद से होता है, खासकर पौधों में। ये नलिकाएँ कोशिका के अंदर एक ढाँचा बनाती हैं।

🎯 Exam Tip: पादप कोशिका में कोशिका भित्ति के निर्माण में सूक्ष्म नलिकाओं की भूमिका को याद रखें, क्योंकि यह कोशिका विभाजन और संरचना के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 13. निम्न में से किस कोशिंका अंगक में वृत्ताकार कुण्डलीय DNA पाया जाता है-
(अ) केन्द्रक
(ब) बैक्टीरिया
(स) राइबोसोम
(द) माइटोकॉण्ड्रिया
Answer: (ब) बैक्टीरिया
In simple words: बैक्टीरिया में वृत्ताकार DNA पाया जाता है। माइटोकॉण्ड्रिया में भी वृत्ताकार DNA होता है, जो कोशिका के ऊर्जा उत्पादन में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: वृत्ताकार DNA अक्सर प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं जैसे बैक्टीरिया और माइटोकॉण्ड्रिया (यूकैरियोटिक कोशिकाओं के भीतर एक अंगक) में पाया जाता है।

 

Question 14. कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली होती है -
(अ) पारगम्य
(ब) चयनात्मक पारगम्य
(स) अपारगम्य
(द) अर्धपारगम्य।
Answer: (ब) चयनात्मक पारगम्य
In simple words: प्लाज्मा झिल्ली केवल कुछ खास चीजों को ही कोशिका के अंदर या बाहर जाने देती है।

🎯 Exam Tip: चयनात्मक पारगम्यता (selective permeability) कोशिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उसके अंदर के माहौल को नियंत्रित करती है।

 

Question 15. यूकैरियोटिक कोशिकाओं में सबसे बड़ी कोशिका पाई जाती है -
(अ) एसीटेबुलेरिया
(ब) शुतुरमुर्ग का अण्डा
(स) माइकोप्लाज्मा
(द) क्लाइडोमोनास
Answer: (ब) शुतुरमुर्ग का अण्डा
In simple words: शुतुरमुर्ग का अंडा दुनिया की सबसे बड़ी कोशिकाओं में से एक है।

🎯 Exam Tip: आकार में बड़ी होने के कारण, शुतुरमुर्ग का अंडा आसानी से नग्न आँखों से देखा जा सकता है, जो इसे अद्वितीय बनाता है।

 

Question 16. सेन्ट्रोसोम (Centrosome) है –
(अ) पादप कोशिका का अंगक
(ब) जन्तु कोशिका, का अंगक।
(स) पादप व जन्तु कोशिका का अंगक
(द) जन्तु कोशिका के केन्द्रक का अंगक
Answer: (ब) जन्तु कोशिका, का अंगक।
In simple words: सेंट्रोसोम केवल जन्तु कोशिकाओं में पाया जाता है और कोशिका विभाजन में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: सेंट्रोसोम जन्तु कोशिका विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जहाँ यह स्पिंडल फाइबर बनाता है।

 

Question 17. प्रोकैरियोटिक कोशिका का सूक्ष्म आकार होता है –
(अ) 4 – 15 µm व्यास
(ब) 0.1 – 5 µm व्यास
Answer: (ब) 0.1 – 5 µm व्यास
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं बहुत छोटी होती हैं, जिनका आकार 0.1 से 5 माइक्रोमीटर तक होता है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं का छोटा आकार उन्हें तेजी से बढ़ने और अपनी संख्या बढ़ाने में मदद करता है।

 

Question 19. किस वैज्ञानिक ने माइटोकाण्ड्रिया को बायोप्लास्ट (Bioplast) कहा –
(अ) आर. अल्टमान
(ब) सी. बेन्डा
(स) टी. बोवरी
(द) ई. रस्का
Answer: (अ) आर. अल्टमान
In simple words: अल्टमान नाम के वैज्ञानिक ने माइटोकॉन्ड्रिया को 'बायोप्लास्ट' कहा था।

🎯 Exam Tip: माइटोकॉन्ड्रिया को अक्सर कोशिका का 'पावरहाउस' कहा जाता है क्योंकि यह ऊर्जा बनाता है, लेकिन अल्टमान ने इसे बायोप्लास्ट नाम दिया था।

Rbse Class 11 Biology Chapter 6 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिका की एक भिन्नता लिखो।
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिका में एक पूरा बना हुआ केंद्रक नहीं होता है, जबकि यूकैरियोटिक कोशिका में एक अच्छी तरह से विकसित केंद्रक होता है। केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक नहीं होता है, लेकिन यूकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक होता है।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच मुख्य अंतर उनके केंद्रक (nucleus) की संरचना में होता है।

 

Question 2. राबर्ट ब्राउन ने 1831 में किस पादप की कोशिकाओं में केन्द्रक की खोज की थी ?
Answer: रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में नहीं, बल्कि 1837 में 'ट्रेडेस्केंसिया' नामक पौधे की कोशिकाओं में केंद्रक की खोज की थी। यह खोज कोशिका जीव विज्ञान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम थी।
In simple words: रॉबर्ट ब्राउन ने 1837 में 'ट्रेडेस्केंसिया' पौधे की कोशिकाओं में केंद्रक को खोजा था।

🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक के नाम और खोज के वर्ष को हमेशा ठीक से याद रखें, क्योंकि ये अक्सर सीधे पूछे जाते हैं।

 

Question 3. Omnis Cellula e Cellula अर्थात् नवीन कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं। यह कथन किस वैज्ञानिक द्वारा दिया । गया
Answer: यह बात कि 'सभी कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं से ही बनती हैं' (Omnis Cellula e Cellula) वैज्ञानिक रुडोल्फ विरचोव ने कही थी। यह कोशिका सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: रुडोल्फ विरचोव ने बताया था कि नई कोशिकाएं पुरानी कोशिकाओं से ही बनती हैं।

🎯 Exam Tip: 'Omnis Cellula e Cellula' कोशिका सिद्धांत का एक केंद्रीय विचार है, जिसे अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।

 

Question 4. वाइरस में प्रतिगामी अनुलेखन (Reverse transcription) को क्या कहते हैं ?
Answer: वायरस में प्रतिगामी अनुलेखन की प्रक्रिया को 'टेमिनीज्म' कहते हैं। यह प्रक्रिया ऐसी है जहाँ RNA से DNA बनता है।
In simple words: वायरस में उल्टी ट्रांसक्रिप्शन प्रक्रिया को टेमिनीज्म कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: 'रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन' एक विशेष प्रक्रिया है जो कुछ वायरसों में होती है, जैसे कि एचआईवी, और 'टेमिनीज्म' उस घटना का नाम है।

 

Question 6. एक प्रोकैरियोटिक कोशिका में केन्द्रक समतुल्य अंगक को क्या कहा जाता है ?
Answer: एक प्रोकैरियोटिक कोशिका में, केंद्रक के समान संरचना को प्रोकैरियोन या केंद्रकाय (Nucleoid) कहा जाता है। यह वह जगह है जहाँ कोशिका का आनुवंशिक पदार्थ होता है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिका में केंद्रक जैसी संरचना को न्यूक्लियोइड या प्रोकैरियोन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में कोई झिल्ली-बद्ध केंद्रक नहीं होता, बल्कि एक न्यूक्लियोइड क्षेत्र होता है।

 

Question 7. प्रोकैरियोटिक कोशिका का कोशिका आवरण कितने स्तरीय होता है? नाम लिखिए।
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिका का बाहरी आवरण तीन परतों का होता है। ये परतें हैं: 1. बाह्य परत (सबसे बाहरी), 2. कोशिका भित्ति (जो कोशिका को सहारा देती है), और 3. जीवद्रव्यकला (जो कोशिका के अंदर की चीजों को नियंत्रित करती है)।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिका के आवरण में तीन परतें होती हैं: बाहरी परत, कोशिका भित्ति और जीवद्रव्यकला।

🎯 Exam Tip: इन तीन परतों को सही क्रम में याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये कोशिका के सुरक्षात्मक और कार्यात्मक आवरण का हिस्सा हैं।

 

Question 8. बाह्य परत किसकी बनी होती है?
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिका की बाहरी परत 'ग्लाइकोकैलिक्स' नामक पदार्थ से बनी होती है। यह परत कोशिका को सुरक्षा प्रदान करती है और उसे बाहरी वातावरण से बचाती है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिका की सबसे बाहरी परत ग्लाइकोकैलिक्स से बनी होती है।

🎯 Exam Tip: ग्लाइकोकैलिक्स की संरचना अलग-अलग जीवाणुओं में भिन्न हो सकती है, कभी यह ढीली होती है (स्लाइम लेयर) और कभी कठोर (कैप्सूल)।

 

Question 9. स्वपोषी प्रोकैरियोटिक कोशिका में वर्णक कहाँ पाया जाता है ?
Answer: स्वपोषी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषक वर्णक, जो उन्हें अपना भोजन बनाने में मदद करते हैं, 'लेमैली' (Lamellae) नामक संरचनाओं में पाए जाते हैं। ये लेमैली कोशिका झिल्ली से जुड़े होते हैं।
In simple words: स्वपोषी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में रंग देने वाले पदार्थ लेमैली में होते हैं।

🎯 Exam Tip: ये वर्णक प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं, जो उनके जीवित रहने के लिए आवश्यक है।

 

Question 10. किन्हीं द्विस्तरीय दो कोशिकांग के नाम लिखिए।
Answer: दोहरी झिल्ली वाले दो कोशिकांग (कोशिका के अंग) हैं: 1. हरित लवक (जो पौधों में भोजन बनाने का काम करता है) और 2. माइटोकॉन्ड्रिया (जो कोशिका को ऊर्जा देता है)।
In simple words: हरित लवक और माइटोकॉन्ड्रिया दो कोशिकांग हैं जिनकी दोहरी झिल्ली होती है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम, गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम और रिक्तिकाएं केवल एक झिल्ली वाले होते हैं।

 

Question 12. यूकैरियोटिक कोशिका में केन्द्रिक का कार्य लिखिए।
Answer: यूकैरियोटिक कोशिका में केन्द्रिक (nucleolus) का मुख्य काम 'tRNA' (transfer RNA) बनाना है। यह राइबोसोमल RNA (rRNA) के संश्लेषण और राइबोसोम के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: यूकैरियोटिक कोशिका में केन्द्रिक tRNA बनाता है और राइबोसोम बनाने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: केन्द्रिक को राइबोसोम फैक्ट्री के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक राइबोसोम के घटकों को इकट्ठा करता है।

 

Question 13. प्रोकैरियोटिक कोशिका में श्वसन अंग का नाम लिखिए।
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिका में श्वसन का काम 'मीजोसोम' (Mesosome) नामक अंगक द्वारा किया जाता है। मीजोसोम कोशिका झिल्ली के अंदर की ओर मुड़ी हुई संरचनाएँ होती हैं।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिका में मीजोसोम श्वसन का काम करता है।

🎯 Exam Tip: मीजोसोम माइटोकॉन्ड्रिया के समान कार्य करता है, जो यूकैरियोटिक कोशिकाओं में श्वसन का मुख्य स्थल है।

 

Question 14. सेल (Cell) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया था?
Answer: 'सेल' (Cell) शब्द का सबसे पहले इस्तेमाल रॉबर्ट हुक ने किया था। उन्होंने 1665 में कॉर्क के पतले टुकड़े में छोटे-छोटे बक्से जैसी संरचनाएँ देखी थीं और उन्हें सेल कहा था।
In simple words: रॉबर्ट हुक ने सबसे पहले 'सेल' शब्द का इस्तेमाल किया था।

🎯 Exam Tip: रॉबर्ट हुक ने मृत कोशिकाओं को देखा था; जीवित कोशिकाओं का अवलोकन एंटोन वॉन ल्यूवेनहॉक ने किया था।

 

Question 15. 70S राइबोसोम किन दो उपइकाइयों से बना होता है ?
Answer: 70S राइबोसोम दो छोटी इकाइयों से मिलकर बना होता है: एक बड़ी इकाई जो '50S' होती है और एक छोटी इकाई जो '30S' होती है। ये दोनों मिलकर प्रोटीन बनाने में मदद करते हैं।
In simple words: 70S राइबोसोम 50S और 30S नामक दो छोटी इकाइयों से मिलकर बनता है।

🎯 Exam Tip: 70S राइबोसोम प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाते हैं, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं में 80S राइबोसोम होते हैं, जो 60S और 40S इकाइयों से बने होते हैं।

 

Question 16. एक झिल्ली युक्त दो कोशिकांगों के नाम लिखिए।
Answer: एक झिल्ली वाले दो कोशिकांग हैं: 1. लाइसोसोम (जो कोशिका के कचरे को साफ करते हैं) और 2. पर-ऑक्सीसोम (जो कुछ हानिकारक पदार्थों को तोड़ते हैं)। ग्लाइऑक्सीसोम भी एक झिल्ली युक्त कोशिकांग है।
In simple words: लाइसोसोम और पर-ऑक्सीसोम ऐसे कोशिकांग हैं जिनकी केवल एक झिल्ली होती है।

🎯 Exam Tip: लाइसोसोम को 'कोशिका की आत्मघाती थैली' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें पाचक एंजाइम होते हैं।

 

Question 17. विपाटित जीन (Split-gene) की संकल्पना प्रस्तुत करने वाले वैज्ञानिक थे।
Answer: 'विपाटित जीन' (Split-gene) का विचार वैज्ञानिक रॉबर्ट और शार्प ने पेश किया था। विपाटित जीन वे जीन होते हैं जिनमें कोडिंग (एक्सॉन) और नॉन-कोडिंग (इंट्रॉन) क्षेत्र होते हैं।
In simple words: रॉबर्ट और शार्प ने 'स्प्लिट-जीन' की अवधारणा दी थी।

🎯 Exam Tip: स्प्लिट-जीन की खोज ने जीन अभिव्यक्ति की हमारी समझ को बदल दिया, जिससे यह पता चला कि जीन में केवल निरंतर कोडिंग अनुक्रम नहीं होते हैं।

 

Question 18. वाटसन तथा क्रिक ने किस अणु का द्विकुण्डलन मॉडल (Bihelical model) प्रस्तुत किया ?
Answer: वाटसन और क्रिक ने 'DNA' (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) अणु का दोहरी कुंडली वाला मॉडल पेश किया था। यह मॉडल जीव विज्ञान में एक बहुत बड़ी खोज थी।
In simple words: वाटसन और क्रिक ने DNA का डबल हेलिक्स मॉडल बनाया था।

🎯 Exam Tip: डीएनए का द्विकुण्डलन मॉडल आनुवंशिकी और जीवन की प्रक्रियाओं को समझने की कुंजी है।

 

Question 20. एन्रॉन वान ल्यूवेनहॉक ने किसे एनीमलक्यूल (Animalcule) कहा ?
Answer: एंटोन वॉन ल्यूवेनहॉक ने सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और शुक्राणुओं को 'एनीमलक्यूल' (Animalcule) कहा था। उन्होंने इन सूक्ष्म जीवों को अपने बनाए माइक्रोस्कोप से पहली बार देखा था।
In simple words: ल्यूवेनहॉक ने बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और शुक्राणुओं को एनीमलक्यूल कहा था।

🎯 Exam Tip: ल्यूवेनहॉक को अक्सर सूक्ष्म जीव विज्ञान का जनक माना जाता है क्योंकि उन्होंने जीवित कोशिकाओं को देखने वाले पहले व्यक्ति थे।

 

Question 21. जन्तु कोशिका में संचित भोजन किस रूप में पाया जाता है?
Answer: जन्तु कोशिकाओं में भोजन 'ग्लाइकोजन' (Glycogen) और 'वसा' (Fats) के रूप में जमा होता है। ग्लाइकोजन एक प्रकार का जटिल कार्बोहाइड्रेट है, जबकि वसा ऊर्जा का अधिक सघन रूप है।
In simple words: जन्तु कोशिकाएं भोजन को ग्लाइकोजन और वसा के रूप में जमा करती हैं।

🎯 Exam Tip: पौधों में भोजन स्टार्च के रूप में जमा होता है, जबकि जंतुओं में यह ग्लाइकोजन और वसा के रूप में होता है।

Rbse Class 11 Biology Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. कोशिका सिद्धान्त का अपवाद किसे कहते हैं एवं क्यों ? समझाइए।
Answer: कोशिका सिद्धांत का एक अपवाद 'विषाणु' (वायरस) हैं। वायरस को अपवाद माना जाता है क्योंकि: 1. वे अपने आप विभाजित नहीं हो सकते। उन्हें गुणा करने के लिए किसी जीवित कोशिका की जरूरत होती है। 2. वायरसों में प्लाज्मा झिल्ली, कोशिका द्रव्य, एंजाइम और अन्य कोशिकांग नहीं होते हैं। 3. उनमें आमतौर पर सिर्फ एक प्रकार का न्यूक्लिक एसिड (DNA या RNA) पाया जाता है, जबकि कोशिका में दोनों होते हैं। यह उन्हें जीवित और निर्जीव के बीच की कड़ी बनाता है।
In simple words: वायरस कोशिका सिद्धांत के अपवाद हैं क्योंकि वे खुद विभाजित नहीं हो सकते और उनमें कोशिका के मुख्य हिस्से नहीं होते।

🎯 Exam Tip: वायरस को अक्सर 'सीमावर्ती जीव' कहा जाता है क्योंकि वे जीवित और निर्जीव दोनों के गुण दिखाते हैं, जो उन्हें अद्वितीय बनाता है।

 

Question 2. प्रोकैरियोटिक कोशिका (जीवाणु कोशिका) का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer: छात्रों को एक नामांकित चित्र बनाना चाहिए जो प्रोकैरियोटिक कोशिका की संरचना को दर्शाता हो, जिसमें कोशिका भित्ति, प्लाज्मा झिल्ली, कोशिकाद्रव्य, न्यूक्लियोइड (आनुवंशिक पदार्थ), राइबोसोम, कशाभिका (यदि मौजूद हो) और पिली जैसी संरचनाएं शामिल हों। यह कोशिकाएं आमतौर पर सरल संरचना वाली होती हैं, जिनमें कोई झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते।
In simple words: आपको प्रोकैरियोटिक कोशिका का एक चित्र बनाना है, जिसमें उसके सभी मुख्य हिस्से जैसे बाहरी परतें, DNA और छोटी संरचनाएँ दिखनी चाहिए।

🎯 Exam Tip: चित्र बनाते समय, सभी भागों को सही ढंग से लेबल करना और उनकी स्थिति को ठीक से दर्शाना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. कोशिका जीवन की मूल इकाई है, इसका संक्षिप्त में वर्णन करें।
Answer: कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है। सभी जीवित चीजें कोशिकाओं से बनी होती हैं। कोशिका न केवल हमारे शरीर की संरचना बनाती है बल्कि जीवन के सभी आवश्यक कार्य भी करती है। इसमें प्रजनन करने, बदलने (उत्परिवर्तित होने), और बाहरी बदलावों पर प्रतिक्रिया देने जैसे गुण होते हैं। हर जीव की शारीरिक, कार्यशील, रासायनिक, आनुवंशिक और विकास संबंधी विशेषताएँ कोशिकाओं से ही जुड़ी होती हैं।
In simple words: कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है जो सभी जीवित चीजें बनाती है और उनके सभी काम करती है।

🎯 Exam Tip: कोशिका को 'जीवन की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई' के रूप में परिभाषित करना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. प्रोकैरियोटिक कोशिका में क्या मोजोसोम होता है? कार्य का वर्णन कीजिए।
Answer: हाँ, प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में मीजोसोम (Mesosome) होता है। मीजोसोम कोशिका झिल्ली के अंदर की ओर मुड़ी हुई संरचनाएँ हैं, जो कई महत्वपूर्ण काम करती हैं: 1. यह कोशिका भित्ति (Cell wall) बनाने में मदद करता है। 2. यह DNA की कॉपी बनाने (प्रतिकृति) और नई कोशिकाओं में उसे ठीक से बाँटने में सहायता करता है। 3. यह कोशिका में श्वसन (Respiration) का मुख्य केंद्र है, जहाँ ऊर्जा बनती है। 4. यह स्रावी प्रक्रियाओं में भी शामिल होता है, जिससे कोशिका विभिन्न पदार्थ बाहर निकालती है। 5. यह कोशिका विभाजन में भी मदद करता है। 6. यह जीवद्रव्य झिल्ली की सतह का क्षेत्रफल और एंजाइमों की मात्रा को बढ़ाने में भी सहायक है।
In simple words: हाँ, प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में मीजोसोम होता है। यह कोशिका भित्ति बनाने, DNA की कॉपी करने, श्वसन और कोशिका विभाजन जैसे कई जरूरी काम करता है।

🎯 Exam Tip: मीजोसोम प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया के समान भूमिका निभाता है, क्योंकि यह श्वसन और ऊर्जा उत्पादन में शामिल होता है।

 

Question 5. कोशिका को परिभाषित कीजिए एवं राबर्ट हुक (Robert Hooke) द्वारा कोशिका की खोज का वर्णन कीजिए।
Answer: कोशिका (Cell) सभी जीवित प्राणियों की सबसे छोटी संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने 1665 में कोशिका की खोज की थी। उन्होंने अपने बनाए एक साधारण माइक्रोस्कोप से एक पेड़ की छाल (कॉर्क) के पतले टुकड़े को देखा। उन्हें कॉर्क में छोटे-छोटे, खाली बक्से जैसे कई कमरे दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने 'सेल' (Cell) नाम दिया, जिसका अर्थ 'छोटा कमरा' होता है। हालाँकि, उन्होंने जो देखा, वह मृत पौधों की कोशिका भित्तियाँ थीं।
In simple words: कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है। रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क के छोटे कमरों को देखकर इसे 'सेल' नाम दिया था।

🎯 Exam Tip: रॉबर्ट हुक ने मृत कोशिकाओं को देखा था; जीवित कोशिकाओं की खोज एंटोन वॉन ल्यूवेनहॉक ने बाद में की थी। यह अंतर याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question. यूकैरियोटिक कोशिका किसे कहते हैं ? कोशिका द्रव्य में पाये जाने वाले अजैव पदार्थों का वर्णन कीजिए।
Answer: यूकैरियोटिक कोशिकाएँ वे कोशिकाएँ होती हैं जिनमें एक सुव्यवस्थित केंद्रक और दोहरी झिल्ली वाले अंगक (जैसे हरित लवक, माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जीकाय और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम) होते हैं। कोशिकाद्रव्य में पाए जाने वाले अजैव पदार्थ मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं: (1) **संचित पदार्थ:** ये वे पदार्थ हैं जिन्हें कोशिका ऊर्जा के लिए या भविष्य में उपयोग के लिए जमा करती है। इनमें कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स और लिपिड्स शामिल हैं। (2) **स्रावी पदार्थ:** ये वे पदार्थ हैं जो कोशिका द्वारा बनाए जाते हैं और कोशिका के बाहर स्रावित (छोड़े) जाते हैं या कोशिका के अंदर कुछ खास कामों के लिए उपयोग होते हैं। इनमें एन्जाइम्स और विटामिन्स शामिल हैं। (3) **उत्सर्जी पदार्थ:** ये वे अपशिष्ट पदार्थ हैं जो कोशिका के उपापचयी क्रियाओं के दौरान बनते हैं और जिन्हें कोशिका से बाहर निकालना जरूरी होता है। इनमें एल्केलोइड्स, ग्लूकोसाइड्स, टैनिन, वाष्पशील तेल और रबड़क्षीर जैसे पदार्थ शामिल हैं। कोशिका इन पदार्थों को अपनी उपापचयी गतिविधियों के दौरान उत्पन्न करती है।
In simple words: यूकैरियोटिक कोशिकाओं में एक स्पष्ट केंद्रक और कई अंगक होते हैं। कोशिका के अंदर के अजैव पदार्थों को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है: जमा होने वाले पदार्थ (जैसे चीनी, प्रोटीन, वसा), स्राव वाले पदार्थ (जैसे एंजाइम) और कचरा पदार्थ।

🎯 Exam Tip: यूकैरियोटिक कोशिकाओं का जटिल संगठन उन्हें विशेष कार्य करने में सक्षम बनाता है, जो प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में संभव नहीं है।

 

Question 7. कोशिकाद्रव्य में पाये जाने वाले उपापचयी रूप से सक्रिय कोशिकांगों का वर्णन कीजिए।
Answer: कोशिकाद्रव्य में कई अंगक होते हैं जो उपापचयी रूप से सक्रिय होते हैं, यानी वे कोशिका के अंदर महत्वपूर्ण रासायनिक प्रतिक्रियाएँ करते हैं। इन सक्रिय कोशिकांगों को उनकी झिल्ली की संख्या के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: 1. **एक झिल्ली वाले कोशिकांग:** जैसे एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम, गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम, और रिक्तिकाएँ। 2. **दोहरी झिल्ली वाले कोशिकांग:** जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक। 3. **झिल्ली विहीन कोशिकांग:** जैसे राइबोसोम, सेंट्रोसोम, और सूक्ष्म नलिकाएँ। ये सभी अंगक कोशिका के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करते हैं, जैसे प्रोटीन बनाना, ऊर्जा उत्पन्न करना और कचरे का निपटान करना।
In simple words: कोशिकाद्रव्य में जो अंगक काम करते हैं, उन्हें उनकी झिल्लियों के आधार पर तीन तरह से बांटा गया है: एक झिल्ली वाले, दोहरी झिल्ली वाले और बिना झिल्ली वाले।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक श्रेणी के कोशिकांगों के उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी झिल्ली की संरचना उनके कार्य के लिए आवश्यक है।

 

Question 8. केन्द्रक की खोज किस वैज्ञानिक द्वारा की गई थी ? इसके विभिन्न भागों के नाम लिखिए।
Answer: केंद्रक की खोज रॉबर्ट ब्राउन ने वर्ष 1831 में की थी। केंद्रक (Nucleus) कोशिका का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है, जिसे मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है: 1. **केंद्रक कला (Nuclear Membrane):** यह केंद्रक को घेरे रखती है और कोशिका द्रव्य से अलग करती है। 2. **केंद्रक द्रव्य (Nucleoplasm):** यह केंद्रक के अंदर पाया जाने वाला जेल जैसा पदार्थ है, जिसमें अन्य संरचनाएँ तैरती रहती हैं। 3. **केंद्रिक (Nucleolus):** यह केंद्रक के अंदर की एक छोटी, घनी संरचना है जो राइबोसोम बनाने में मदद करती है। 4. **क्रोमेटिन जाल/गुणसूत्र (Chromatin net/Chromosome):** ये केंद्रक में पाए जाने वाले धागे जैसी संरचनाएँ हैं, जिनमें आनुवंशिक जानकारी (DNA) होती है।
In simple words: केंद्रक को रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में खोजा था। इसके चार मुख्य हिस्से हैं: केंद्रक कला, केंद्रक द्रव्य, केंद्रिक और क्रोमेटिन जाल।

🎯 Exam Tip: केंद्रक कोशिका के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है और आनुवंशिक जानकारी को अगली पीढ़ी तक पहुंचाता है।

 

Question 9. प्रोकैरियोटिक कोशिका की क्या विशेषताएँ हैं ?
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ, जैसे कि नीले-हरे शैवाल, जीवाणु और माइकोप्लाज्मा, कुछ खास विशेषताएँ रखती हैं: 1. इनमें एक सुव्यवस्थित केंद्रक नहीं होता, और न ही कोई दोहरी झिल्ली वाले कोशिकांग (जैसे माइटोकॉन्ड्रिया या हरित लवक) होते हैं। 2. इनमें केंद्रक अनुपस्थित होता है; इसके बजाय, आनुवंशिक पदार्थ (DNA) कोशिकाद्रव्य में बिखरा हुआ होता है जिसे न्यूक्लियोइड कहते हैं। 3. इनमें मीजोसोम नामक संरचनाएँ होती हैं, जो कोशिका झिल्ली के अंदर की ओर मुड़ी होती हैं और श्वसन का काम करती हैं। 4. केंद्रक कला (केंद्रक झिल्ली) और केंद्रिक (न्यूक्लियोलस) भी इनमें नहीं पाए जाते हैं। यह सरल संरचना उन्हें तेजी से बढ़ने और अनुकूलन करने में मदद करती है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में कोई स्पष्ट केंद्रक नहीं होता, अंगक कम होते हैं, और DNA कोशिकाद्रव्य में बिखरा होता है। इनमें मीजोसोम श्वसन का काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं धरती पर जीवन के सबसे पुराने और सरल रूपों में से हैं।

 

Question 10. प्रोकैरियोटिक कोशिका का बाह्य आवरण कितने स्तरीय होता है ? नाम लिखिए तथा बाह्य परत का वर्णन कीजिए।
Answer: प्रोकैरियोटिक कोशिका का बाहरी आवरण तीन परतों का होता है: 1. बाह्य परत (सबसे बाहरी), 2. कोशिका भित्ति, और 3. जीवद्रव्यकला (प्लाज्मा झिल्ली)। **बाह्य परत का वर्णन:** सबसे बाहरी परत को 'ग्लाइकोकैलिक्स' कहते हैं। यह परत पॉलीसैकेराइड से बनी होती है। इसकी बनावट के आधार पर इसे दो प्रकार में बांटा जा सकता है: * यदि यह परत कठोर और मजबूत हो, तो इसे 'कैप्सूल' कहा जाता है। कैप्सूल कोशिका को सूखने से और बाहरी खतरों से बचाता है। * यदि यह परत ढीली और चिपचिपी हो, तो इसे 'अवपंक परत' (स्लाइम लेयर) कहा जाता है। यह परत कोशिका को सतहों से चिपकने में मदद करती है। ग्लाइकोकैलिक्स कोशिका को सुरक्षा और बाहरी वातावरण के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: प्रोकैरियोटिक कोशिका की बाहरी सुरक्षा तीन परतों वाली होती है। सबसे बाहरी परत 'ग्लाइकोकैलिक्स' होती है, जो कठोर कैप्सूल या ढीली स्लाइम लेयर हो सकती है।

🎯 Exam Tip: ग्लाइकोकैलिक्स की उपस्थिति कोशिका के रोगजनक गुणों को बढ़ा सकती है, जिससे वह अधिक संक्रामक हो जाती है।

 

Question 11. डी. रॉबर्टस तथा सेलवान ने किन दो कोशिकांग को अध्ययन के आधार पर एक झिल्ली द्वारा ही परिबद्ध होना बताया और क्यों ? समझाइए।
Answer: वैज्ञानिक डी. रॉबर्टस (1975, 2006) और सेलवान ने अपने शोधों के आधार पर बताया कि गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum) दोनों ही केवल एक झिल्ली से घिरे होते हैं, न कि दोहरी झिल्ली से। पहले कुछ वैज्ञानिक इन अंगकों को दोहरी झिल्ली वाला मानते थे। लेकिन, इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (EM) और अन्य विस्तृत अध्ययनों से यह साबित हुआ कि इनकी झिल्ली एकल संरचना वाली होती है। आज जीव विज्ञान के क्षेत्र में सभी वैज्ञानिक इस बात से सहमत हैं कि ये अंगक एक ही झिल्ली से परिबद्ध होते हैं। यह स्पष्टीकरण कोशिका के आंतरिक संगठन की हमारी समझ को और सटीक बनाता है।
In simple words: रॉबर्टस और सेलवान ने अपने शोध से दिखाया कि गॉल्जीकाय और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम दोनों में केवल एक ही झिल्ली होती है, दो नहीं।

🎯 Exam Tip: कोशिकांगों की झिल्ली संरचना उनकी पहचान और कार्य के लिए महत्वपूर्ण है। एक-झिल्ली वाले अंगक और दोहरी-झिल्ली वाले अंगकों के उदाहरणों को याद रखें।

Rbse Class 11 Biology Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. पादप कोशिका में पाये जाने वाले सभी कोशिकांगों को फ्लोचार्ट द्वारा स्पष्ट कीजिए।
Answer: पादप कोशिका में पाए जाने वाले सभी कोशिकांगों और अन्य घटकों को एक फ्लोचार्ट के रूप में दर्शाया जा सकता है, जो उनकी संरचना और कार्य के आधार पर वर्गीकृत होते हैं। कोशिका के मुख्य भाग हैं जीवद्रव्य (Protoplasm), जिसके अंतर्गत कोशिका झिल्ली (Cell Membrane), कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) और केंद्रक (Nucleus) आते हैं। **जीवद्रव्य (Protoplasm)** में शामिल हैं: * **कोशिका झिल्ली (Cell Membrane):** यह कोशिका की बाहरी सीमा बनाती है। * **कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm):** इसमें दो मुख्य भाग होते हैं: * **हाइलोप्लाज्म (Hyaloplasm):** यह कोशिका का तरल भाग है, जिसमें उपापचयी रूप से सक्रिय कोशिकांग (Metabolically active cell organelles) होते हैं: * **दोहरी झिल्ली वाले कोशिकांग:** माइटोकॉन्ड्रिया और लवक (जैसे हरित लवक)। * **एक झिल्ली वाले कोशिकांग:** गॉल्जीकाय, अंतःप्रद्रव्यी जालिका, लाइसोसोम, सूक्ष्मकाय (जैसे स्फीरोसोम, परऑक्सीसोम, ग्लाइऑक्सीसोम), और माइक्रोटुब्यूल्स (जो कोशिका कंकाल बनाते हैं)। * **झिल्ली विहीन कोशिकांग:** राइबोसोम। * **कोशिका अंतर्वस्तुएँ (अजैव) (Cell inclusions Non-living):** ये निष्क्रिय पदार्थ हैं जो कोशिका में जमा होते हैं: * **संचित पदार्थ:** कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, लिपिड्स। * **स्रावी पदार्थ:** एन्जाइम्स, विटामिन्स, आदि। * **उत्सर्जी पदार्थ:** एल्केलोइड्स, ग्लूकोसाइड्स, टैनिन, वाष्पशील तेल, रबड़ क्षीर आदि। * **केन्द्रक (Nucleus):** यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है, जिसके चार मुख्य भाग हैं: * केंद्रक कला (Nuclear Membrane) * केंद्रक द्रव्य (Nucleoplasm) * केंद्रिक (Nucleolus) * क्रोमेटिन जाल/गुणसूत्र (Chromatin net/Chromosome) यह वर्गीकरण कोशिका के जटिल आंतरिक संरचना को समझने में मदद करता है।
In simple words: पादप कोशिका में सारे अंगक और हिस्से उनके काम और झिल्ली के हिसाब से बंटे होते हैं। इसमें कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य (जिसमें अंगक और दूसरे पदार्थ होते हैं) और केंद्रक (जो कोशिका को कंट्रोल करता है) मुख्य हैं।

🎯 Exam Tip: पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति, हरित लवक और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है जो जन्तु कोशिकाओं में नहीं होती।

 

Question 2. जीवविज्ञान क्षेत्र में कोशिका अध्ययन सम्बन्ध में समयसमय पर हुई खोज पर विस्तार से लिखिए।
Answer: जीव विज्ञान के क्षेत्र में कोशिकाओं के अध्ययन से संबंधित कई महत्वपूर्ण खोजें समय-समय पर हुई हैं, जिन्होंने हमारी कोशिका और जीवन की समझ को गहरा किया है। इन खोजों का विवरण निम्नलिखित तालिका में दिया गया है:

वर्षवैज्ञानिकअनुसंधान
1665राबर्ट हुक (Robert Hooke)स्वयं द्वारा बनाये गये सूक्ष्मदर्शी में काग (Cork) के काट को देखा। उन प्रकोष्ट संरचनाओं (मृत कोशिकाओं) को सेल्यूली (Cellulae) नाम दिया। बाद में इन्हीं को कोशिका (Cell) नाम दिया गया तथा अपनी पुस्तक 'Micrographia' में वर्णन किया।
1674एन्टॉनी वान ल्यूवेन हॉक (Antony Van Lueewen Hok)सर्वप्रथम सजीव कोशिकाओं जैसे जीवाणु प्रोटोजोआ तथा शुक्राणुओं को देखा तथा इन्हें एनीमलक्यूल (Animalcule) कहा।
1831राबर्ट ब्राउन (Robert Brown)ट्रेडेस्कैन्शिया की कोशिकाओं में केन्द्रक (Nucleus) की खोज की तथा ब्राउनियन गति का वर्णन किया।
1846ह्यूगोवॉन मॉल (Hugovon Mohl)जीवद्रव्य का महत्त्व बताया एवं कोशिका विभाजन का वर्णन किया।
1855रुडोल्फ विरचोव (Rudolf Virchow)कोशिका पहले से उपस्थित जीवित कोशिका से बनती है 'Omnis Cellula Cellula'l
1861मैक्स स्कुल्ज (Max Schultze)जीवद्रव्य सिद्धान्त (Protoplasmic theory) प्रतिपादित किया।
1862कॉलिकर (Kolliker)कोशिकाद्रव्य नाम दिया।
1865ई. हेकेल (E. Heckel)प्लास्टिड्स (Plastids) तथा प्रोटिस्टा (Protista) का नाम दिया।
1870एफ, मीस्चर (E. Miescher)मानव पीप कोशिकाओं (Pus cells) न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic aid) की खोज की तथा नाम न्यूक्लिन (Nuclein) दिया।
1879डब्ल्यू फ्लैमिंग (W. Flemming)क्रोमेटिन शब्द का उपयोग एवं 1882 में माइटोसिस (Mitosis) नाम दिया।
1880ई. स्टार्सबर्जर (E. Strasburger)साईटोप्लाज्म (कोशिकाद्रव्य) तथा न्यूक्लियोप्लाज्म (केन्द्रक द्रव्य) नाम दिया। 1870 में पादपों में समसूत्री कोशिका विभाजन का अध्ययन किया।
1883शिम्पर (Schimper)क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) नाम दिया।
1888टी. बोवेरी (T. Bovery)सेन्ट्रोसोम (Centrosome) का नाम दिया।
1888डब्ल्यू वाल्डेयर (W. Waldeyer)गुणसूत्रों (Chromosome) का नाम दिया।
1898सी. बेन्डा (C. Benda)माइटोकोन्ड्रिया का नाम दिया।
1898केमिलियो गॉल्जी (C. Golgi)उल्लू की तंत्रिका कोशिका में गाल्जीकाय का वर्णन किया।
1901एच. मोन्टगोमेरीसूत्रयुग्मन (Synapsis) की खोज की।
1902डब्ल्यू. एस. सट्टन तथा टी. वावेरीगूणसूत्र सिद्धान्त (Chromosome Theory) प्रतिपादित किया।
1905जे.डी. फार्मर तथा मुरे (J.D. Farmer & Moore)मियोसिस (Meiosis) का नाम दिया।
1926टी. स्वेडवर्गद्रुत अपकेन्द्रित (Ultra centrifuge) उपकरण विकसित किया।
1932एम नॉल तथा ई. रस्का (M. Knoll & E. Ruska)प्रथम इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप का आविष्कार किया।
1941-43ए. क्लाउडे (A. Claude)राइबोसोम को देखा तथा नाम दिया।
1945के.आर. पोर्टर (K.R. Porter)अन्त:प्रदव्यी जालिका (Endoplasmic reticurum) की खोज व नाम दिया।
1952सी.डी. इयूब (C.D. Dube)लाइसोसोम की खोज।
1958एफ.एच.सी. क्रिककेन्द्रीय सिद्धान्त (Central dogma) का प्रतिपादन।
1953-62जे.डी. वाटसन तथा क्रिक (J.D. Watson & Crick)(DNA) का द्विकुण्डलित (Double helical) मॉडल बताया। 1962 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित।
1953डी. रोबर्टस तथा फ्रान्ची (De Roberties & Franchi)माइक्रोटुब्यूल्स (Microtubules) का अवलोकन किया।
1953रोबिन्सन तथा ब्राउनसेम की जड़ों में राइबोसोम का अवलोकन किया।
1956एस. ओकोआ (S. Ochoa)पालिराइबोन्यूक्लिओटाइड का पात्रे (in-vitro) संश्लेषण किया।
1956कार्नबर्ग (Kornberg)पॉलिडिऑक्सीराइबोन्यूक्लिओटाइड का पात्रे संश्लेषण किया, 1959 में नोबेल पुरस्कार।
1959राबर्टसन (Robertson)एकक झिल्ली (Unit membrane) की कल्पना प्रस्तुत की।
1961पार्क एवं पोनकान्टोसोम की खोज।
1961बीवर्स (Beevers)ग्लाइआक्सीसोम (Glyoxysomes) की खोज।
1966डी. ड्यूर्वपरआक्सीसोम की खोज।
1968आर.होले.एच.जी. खुराना तथा एन.डब्ल्यू. नीरेनबर्गआनुवंशिक संकेत (Genetic code) बताया तथा tRNA क्षार क्रम की खोज की । (1968 में नोबेल पुरस्कार)
1975एच. टेमीन तथा डी. बाल्टीमोरवाइरस से प्रतिगामी अनुलेखन (Reverse transcription) जिसे टेमिनीज्म भी कहते हैं की खोज की।
1978डी नाथन्स, स्मिथ तथा आर्बरप्रतिबन्धित एन्जाइम्स (restriction enzymes) का पृथक्करण किया।
1987केरी बैक्स मुलीसपोलिमिरेज श्रृंखला अभिक्रिया की तकनीक विकसित की।
1993राबर्ट तथा शार्पविपाटित जीन संकल्पना प्रस्तुत की।

In simple words: कोशिका के बारे में कई वैज्ञानिकों ने अलग-अलग समय पर खोजें की हैं। नीचे दी गई तालिका में इन खोजों का साल, वैज्ञानिक का नाम और उन्होंने क्या खोजा, बताया गया है।

🎯 Exam Tip: कोशिका जीव विज्ञान में महत्वपूर्ण खोजों और उनके वैज्ञानिकों को याद रखना इस विषय की गहरी समझ के लिए जरूरी है।

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