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Detailed Chapter 32 शारीरिक संगठन की कोटियाँ RBSE Solutions for Class 11 Biology
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Class 11 Biology Chapter 32 शारीरिक संगठन की कोटियाँ RBSE Solutions PDF
RBSE Class 11 Biology Chapter 32 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
RBSE Class 11 Biology Chapter 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. प्रोटोजोआ संघ के जन्तुओं में शारीरिक संगठन का स्तर पाया जाता है
(a) कोशिकीय कोटि
(b) जीवद्रव्यीय कोटि
(c) ऊतक-अंग कोटि
(d) अंग-तंत्र कोटि
Answer: (b) जीवद्रव्यीय कोटि
In simple words: प्रोटोजोआ संघ के जानवरों में शरीर का संगठन जीवद्रव्यीय स्तर का होता है। इसका मतलब है कि उनकी सभी जैविक क्रियाएं एक ही कोशिका के अंदर होती हैं।
🎯 Exam Tip: प्रोटोजोआ के शारीरिक संगठन की कोटि को याद रखें, क्योंकि यह सबसे सरल प्रकार का संगठन है जो जीवद्रव्य पर आधारित होता है।
Question 2. जीवों को प्रोटोजोआ व मेटाजोआ में वर्गीकृत करने का आधार है
(a) सममिति
(b) विदलन
Answer: (c)
In simple words: प्रोटोजोआ और मेटाजोआ को अलग करने का मुख्य तरीका उनका विदलन होता है। इसी आधार पर उन्हें अलग-अलग वर्गों में रखा जाता है।
🎯 Exam Tip: प्रोटोजोआ और मेटाजोआ के बीच मुख्य अंतर उनके कोशिका विभाजन के तरीके (विदलन) पर आधारित होता है, यह वर्गीकरण का एक महत्वपूर्ण मानदंड है।
Question 4. मानव में निम्न प्रकार का संगठन स्तर पाया जाता है
(a) अंग-तंत्र स्तर
(b) ऊतक-अंग स्तर
(c) कोशिका-अंग स्तर
(d) कोशिका-ऊतक स्तर
Answer: (a) अंग-तंत्र स्तर
In simple words: मनुष्य के शरीर में विभिन्न अंग एक साथ मिलकर एक तंत्र के रूप में काम करते हैं। यह जीवों के शारीरिक संगठन का सबसे विकसित स्तर है, जैसे पाचन तंत्र।
🎯 Exam Tip: उच्च विकसित जीवों जैसे मानव में अंग-तंत्र स्तर का संगठन पाया जाता है, जहाँ विभिन्न अंग मिलकर विशेष कार्य करते हैं।
Question 5. टेपवर्म में शारीरिक संगठन का स्तर पाया जाता है
(a) ऊतक-अंग
(b) अंग-तंत्र
(c) जीवद्रव्यीय
(d) कोशिकीय
Answer: (a) ऊतक-अंग
In simple words: टेपवर्म जैसे जीवों में शरीर का संगठन ऊतक-अंग स्तर का होता है। इसमें ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं, लेकिन पूर्ण अंग तंत्र नहीं होते हैं।
🎯 Exam Tip: प्लैटीहेल्मिन्थीस (जैसे टेपवर्म) में ऊतक-अंग स्तर का संगठन होता है, यह कोशिकीय और अंग-तंत्र स्तरों के बीच का एक मध्यवर्ती चरण है।
RBSE Class 11 Biology Chapter 32 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. प्रोटोजोआ संघ के प्राणियों में समस्त जैविक क्रियाएँ किसके द्वारा पूर्ण की जाती हैं?
Answer: प्रोटोजोआ संघ के प्राणियों में सभी जैविक क्रियाएं एक ही कोशिका द्वारा पूरी की जाती हैं। उनका शरीर एक कोशिका से ही बना होता है। यह कोशिका अपने जीवद्रव्य और विभिन्न कोशिकांगों की मदद से सभी काम करती है।
In simple words: प्रोटोजोआ में सारे काम एक ही कोशिका करती है।
🎯 Exam Tip: अतिलघूत्तरात्मक प्रश्नों में सटीक उत्तर दें। प्रोटोजोआ में एकल कोशिका द्वारा सभी जैविक क्रियाओं का संपादन एक महत्वपूर्ण बिंदु है।
Question 3. स्पंजों में संरचनात्मक संगठन की कोटि बताइये।
Answer: स्पंजों में शारीरिक संगठन की कोटि कोशिकीय कोटि का संगठन है। इसका मतलब है कि उनका शरीर कई कोशिकाओं से बना होता है, लेकिन वे कोशिकाएँ ऊतक नहीं बनाती हैं। हर कोशिका अपना अलग काम करती है।
In simple words: स्पंजों का शरीर कोशिकीय स्तर पर संगठित होता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि स्पंजों का कोशिकीय संगठन स्तर कोशिकाओं के बीच श्रम विभाजन को दर्शाता है, लेकिन ऊतक निर्माण नहीं होता है।
Question 4. किसी कार्य को कुछ अंगों द्वारा मिलकर किया जाना किस संगठन कोटि का उदाहरण है?
Answer: किसी एक कार्य को कुछ अंगों द्वारा मिलकर किया जाना अंग-तंत्र कोटि के संगठन का एक उदाहरण है। इस स्तर पर कई अंग मिलकर एक विशेष काम को पूरा करते हैं, जैसे पाचन तंत्र में पेट, आंतें और अग्न्याशय एक साथ काम करते हैं।
In simple words: जब कई अंग मिलकर एक काम करते हैं, तो वह अंग-तंत्र कोटि का संगठन होता है।
🎯 Exam Tip: अंग-तंत्र कोटि को परिभाषित करते समय अंगों के सामूहिक कार्य और उनके समन्वय पर जोर दें।
Question 5. नाइडेरिया संघ के जीव किस तरह का संगठन स्तर प्रदर्शित करते हैं?
Answer: नाइडेरिया संघ के जीव कोशिका-ऊतक कोटि का संगठन स्तर प्रदर्शित करते हैं। इस स्तर पर कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं, लेकिन ये ऊतक पूरी तरह से अंग नहीं बनाते हैं। यह कोशिकीय और ऊतक-अंग स्तरों के बीच का एक चरण है।
In simple words: नाइडेरिया के जीवों में कोशिका-ऊतक स्तर का संगठन होता है।
🎯 Exam Tip: नाइडेरिया में ऊतक का प्रारंभिक निर्माण होता है, लेकिन अंगों का पूर्ण विकास नहीं होता, यह उनके संगठन स्तर की पहचान है।
RBSE Class 11 Biology Chapter 32 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. अंग तंत्र कोटि के संगठन से क्या आशय है?
Answer: अंग तंत्र कोटि का संगठन वह अवस्था है जहाँ उच्चतर मेटाजोआ जन्तुओं में विशिष्ट कार्यों को केवल एक अंग पूरा नहीं करता। इसके बजाय, कई अंग मिलकर एक साथ काम करते हैं। ये अंग आपस में सहयोग करके एक विशेष कार्य को पूरा करते हैं, जैसे भोजन को पचाने में पूरा आहारनाल और सहायक ग्रंथियां मिलकर काम करती हैं, जिसे पाचन तंत्र कहते हैं। इसी तरह, उत्सर्जन और प्रजनन के लिए भी अंग मिलकर तंत्र के रूप में कार्य करते हैं। इस प्रकार के प्राणियों का शरीर मुख्य रूप से तंत्रों पर आधारित होता है, इसलिए उनके शारीरिक संगठन को अंग तंत्र कोटि का संगठन कहा जाता है। ऐस्केहेल्मिंथीस से लेकर कॉर्डेटा (स्तनधारियों तक) तक के सभी जन्तु इसके उदाहरण हैं। यह सबसे उन्नत प्रकार का संगठन है जो जीव को बहुत कुशलता से काम करने में मदद करता है।
In simple words: अंग तंत्र कोटि में कई अंग मिलकर एक बड़ा काम करते हैं। जैसे पाचन तंत्र में पेट, आंतें आदि मिलकर भोजन पचाते हैं। यह संगठन मनुष्यों जैसे विकसित जीवों में पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: अंग तंत्र कोटि की व्याख्या करते समय, विभिन्न अंगों के समन्वय और जटिल कार्यों के संपादन को उदाहरण के साथ समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 2. नाइडेरिया संघ के जीवों के शारीरिक संगठन स्तर की विशेषताएं लिखिए।
Answer: नाइडेरिया संघ के जीवों के शारीरिक संगठन स्तर की मुख्य विशेषताएँ नीचे दी गई हैं:
(i) ये जीव बहुकोशिकीय होते हैं, लेकिन इनकी कोशिकाएँ पूरी तरह से ऊतक नहीं बनाती हैं। यह कोशिका-ऊतक कोटि का संगठन है।
(ii) इनमें कोशिकाएँ एक साथ मिलकर प्रारंभिक ऊतक बनाती हैं, जो विशेष कार्य करते हैं। उदाहरण के लिए, गैस्ट्रोडर्मिस और एपिडर्मिस जैसे ऊतक होते हैं।
(iii) इन जीवों में श्रम विभाजन कोशिकाओं के बजाय प्रारंभिक ऊतकों के स्तर पर होता है।
(iv) नाइडेरिया द्विस्तरीय (Diploblastic) होते हैं, जिसका मतलब है कि उनके शरीर में दो जनन परतें होती हैं - एक्टोडर्म और एंडोडर्म। इन परतों से ही ऊतक विकसित होते हैं।
(v) इनमें वास्तविक अंगों का निर्माण नहीं होता है, केवल ऊतक ही होते हैं जो कुछ विशिष्ट कार्य कर सकते हैं।
नाइडेरिया संघ के जीव जल में रहते हैं और उनके शरीर में एक केंद्रीय गुहा होती है जिसे गैस्ट्रोवस्कुलर कैविटी कहते हैं, जो पाचन में मदद करती है।
In simple words: नाइडेरिया के शरीर में कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं, लेकिन पूरे अंग नहीं बनते। ये द्विस्तरीय होते हैं, मतलब दो परतें होती हैं। हर ऊतक अपना काम करता है।
🎯 Exam Tip: नाइडेरिया के संगठन की विशेषताओं में कोशिका-ऊतक कोटि, द्विस्तरीय संरचना और श्रम विभाजन को प्रमुखता से उल्लेख करें।
Question 3. शारीरिक संगठन की कोटियों को विकास क्रम के अनुसार लिखिए।
Answer: शारीरिक संगठन की कोटियों का विकास क्रम निम्न प्रकार से होता है, जो जीवों के विकास के चरणों को दर्शाता है:
(i) जीवद्रव्यीय कोटि का संगठन: यह सबसे सरल स्तर है, जो प्रोटोजोआ संघ के सदस्यों में पाया जाता है (जैसे अमीबा)। इसमें सभी जैविक क्रियाएँ एक ही कोशिका के जीवद्रव्य द्वारा होती हैं।
(ii) कोशिकीय कोटि का संगठन: इस स्तर में अनेक कोशिकाएँ होती हैं जो अलग-अलग कार्य करती हैं, लेकिन ऊतक नहीं बनाती हैं (जैसे स्पंज)। कोशिकाएँ श्रम विभाजन प्रदर्शित करती हैं।
(iii) कोशिका-ऊतक कोटि का संगठन: यहाँ कोशिकाएँ मिलकर प्रारंभिक ऊतक बनाती हैं, लेकिन पूर्ण अंग नहीं बनते हैं (जैसे सीलेन्ट्रेटा/निडेरिया)।
(iv) ऊतक-अंग कोटि का संगठन: इस स्तर पर ऊतक मिलकर अंगों का निर्माण करते हैं, जो विशेष कार्य करते हैं, लेकिन अंग तंत्र नहीं बनाते हैं (जैसे प्लैटीहेल्मिंथीज)।
(v) अंग-तंत्र कोटि का संगठन: यह सबसे जटिल स्तर है, जहाँ विभिन्न अंग मिलकर एक साथ एक तंत्र के रूप में कार्य करते हैं (जैसे उच्चतर मेटाजोआ जन्तु, कॉर्डेटा)। यह जीव को अधिक दक्षतापूर्वक कार्य करने में मदद करता है।
जीवों का विकास धीरे-धीरे होता है, और यह संगठन के स्तरों में वृद्धि को दर्शाता है, जिससे जीव अधिक जटिल और कुशल बनते जाते हैं।
In simple words: जीवों के शरीर का संगठन सबसे सरल जीवद्रव्यीय स्तर से शुरू होकर धीरे-धीरे कोशिकीय, ऊतक, अंग और अंत में अंग-तंत्र स्तर तक विकसित होता है। यह दिखाता है कि कैसे जीव समय के साथ अधिक जटिल होते गए।
🎯 Exam Tip: शारीरिक संगठन की कोटियों को उनके विकास क्रम में याद रखें और प्रत्येक स्तर के लिए एक उदाहरण अवश्य दें। आरेख को स्पष्ट और सही ढंग से नामांकित करें।
Question 4. जीवद्रव्यीय कोटि व कोशिकीय कोटि के संगठन में अन्तर लिखिए।
Answer: जीवद्रव्यीय कोटि और कोशिकीय कोटि के संगठन में अंतर निम्न प्रकार से है:
| जीवद्रव्यीय कोटि का संगठन | कोशिकीय कोटि का संगठन |
|---|---|
| 1. इस प्रकार का संगठन स्तर प्रोटोजोआ के सदस्यों में पाया जाता है। उदाहरण-अमीबा। | 1. जबकि इस प्रकार का संगठन पोरीफेरा (स्पंजों) के सदस्यों में पाया जाता है। उदाहरण सॉइकन। |
| 2. इस समूह के सदस्यों का शरीर एककोशिक होता है। | 2. जबकि इनका शरीर बहुकोशिक होता है। |
| 3. समस्त जैविक क्रियाएं एक ही कोशिका में सम्पन्न होती हैं। | 3. इसमें कोशिकाएं विशिष्ट कार्यों हेतु विभेदित होती हैं। |
| 4. इस संगठन स्तर में श्रम विभाजन कोशिकाओं के बीच पाया नहीं जाता है। | 4. कोशिकाएं श्रम विभाजन प्रदर्शित करती हैं। |
जीवद्रव्यीय कोटि सबसे सरल प्रकार का संगठन है, जिसमें एक ही कोशिका सभी कार्य करती है, जबकि कोशिकीय कोटि में कई कोशिकाएँ मिलकर कार्य करती हैं, लेकिन ऊतक नहीं बनाती हैं। यह जीवों के विकास के प्रारंभिक चरणों को दर्शाता है।
In simple words: जीवद्रव्यीय कोटि में एक ही कोशिका सारे काम करती है (जैसे अमीबा)। कोशिकीय कोटि में बहुत सी कोशिकाएँ अलग-अलग काम करती हैं, पर ऊतक नहीं बनातीं (जैसे स्पंज)।
🎯 Exam Tip: अंतर स्पष्ट करते समय प्रत्येक बिंदु के लिए विशिष्ट उदाहरण देना न भूलें, यह आपके उत्तर को अधिक प्रभावी बनाता है।
Question 6. शारीरिक संगठन के विभिन्न स्तरों को दर्शाते हुए आरेख चित्र बनाइए।
Answer: शारीरिक संगठन के विभिन्न स्तरों को दर्शाने वाला आरेख चित्र नीचे दिया गया है, जो जीव में जटिलता के बढ़ते क्रम को दिखाता है। यह दर्शाता है कि कैसे छोटे अणुओं से लेकर पूरे प्राणी शरीर का निर्माण होता है, जहाँ प्रत्येक स्तर पर कार्य अधिक व्यवस्थित और समन्वित होता है।
In simple words: यह चित्र दिखाता है कि कैसे जीव सबसे छोटे कणों (आण्विक स्तर) से शुरू होकर कोशिका, ऊतक, अंग, तंत्र और आखिर में एक पूरा प्राणी शरीर बनाते हैं। हर अगला स्तर पिछले से अधिक जटिल होता है।
🎯 Exam Tip: आरेख बनाते समय, सभी स्तरों को सही क्रम में दर्शाएं और उनके बीच के संबंध को स्पष्ट तीर-चिह्नों से दिखाएं। प्रत्येक स्तर को सही ढंग से नामांकित करें।
RBSE Class 11 Biology Chapter 32 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. विभिन्न प्रकार के शारीरिक संगठनों को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer: जीवों में शारीरिक संगठन की विभिन्न कोटियाँ उनके विकास के स्तर और जटिलता को दर्शाती हैं। ये कोटियाँ निम्न प्रकार की होती हैं:
(i) जीवद्रव्यीय कोटि का संगठन (Protoplasmic Grade of Organisation): यह शारीरिक संगठन का सबसे सरल और प्राथमिक स्तर है। इस स्तर के जीवों का शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, और सभी जैविक क्रियाएँ (जैसे पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, प्रजनन) उसी एक कोशिका के जीवद्रव्य के भीतर पूरी होती हैं। कोशिका के विभिन्न कोशिकांग श्रम विभाजन प्रदर्शित करते हैं। प्रोटोजोआ संघ के सदस्य, जैसे अमीबा और पैरामीशियम, इस कोटि के उदाहरण हैं।
(ii) कोशिकीय कोटि का संगठन (Cellular Grade of Organisation): इस कोटि में जीव बहुकोशिकीय होते हैं, लेकिन उनकी कोशिकाएँ अभी तक वास्तविक ऊतकों का निर्माण नहीं करती हैं। प्रत्येक कोशिका अपना विशिष्ट कार्य करती है, और कोशिकाओं के बीच श्रम विभाजन होता है। हालाँकि, कोशिकाएँ एक साथ मिलकर कोई वास्तविक ऊतक नहीं बनातीं। स्पंज (पोरीफेरा संघ) इस कोटि के सबसे अच्छे उदाहरण हैं, जहाँ पिनकोडर्म और कोएनोडर्म जैसी कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं।
(iii) कोशिका-ऊतक कोटि का संगठन (Cell-Tissue Grade of Organisation): इस स्तर पर कोशिकाएँ मिलकर प्रारंभिक ऊतकों का निर्माण शुरू कर देती हैं। इन ऊतकों में कोशिकाएँ एक विशेष कार्य के लिए समूहित होती हैं। हालाँकि, इन ऊतकों से पूरी तरह विकसित अंगों का निर्माण नहीं होता है। नाइडेरिया (सीलेन्ट्रेटा) और टीनोफोरा संघ के सदस्य इस कोटि के उदाहरण हैं। इनमें दो जनन परतें (द्विस्तरीय) होती हैं, जिनसे ऊतक विकसित होते हैं।
(iv) ऊतक-अंग कोटि का संगठन (Tissue-Organ Grade of Organisation): इस स्तर पर विभिन्न ऊतक मिलकर अंगों का निर्माण करते हैं, जो विशेष कार्य करते हैं। ये अंग एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं या आंशिक समन्वय दिखा सकते हैं, लेकिन वे पूर्ण अंग तंत्र नहीं बनाते हैं। इस कोटि के जीव अभी भी अंग-तंत्रों की जटिलता तक नहीं पहुँचे हैं। प्लैटीहेल्मिन्थीज (जैसे टेपवर्म) इस कोटि के उदाहरण हैं, जिनमें कुछ प्रारंभिक अंग जैसे ज्वाला कोशिकाएं और गैस्ट्रोवस्कुलर कैविटी मौजूद होती हैं।
(v) अंग-तंत्र कोटि का संगठन (Organ-System Grade of Organisation): यह शारीरिक संगठन का सबसे उन्नत और जटिल स्तर है। इसमें विभिन्न अंग एक साथ मिलकर एक विशिष्ट कार्य के लिए एक पूर्ण तंत्र का निर्माण करते हैं। जैसे पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र, परिसंचरण तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, और प्रजनन तंत्र। ये सभी तंत्र एक साथ मिलकर जीव के सभी कार्यों को अधिक दक्षतापूर्वक और समन्वित रूप से पूरा करते हैं। संघ ऐस्केहेल्मिंथीज से लेकर कॉर्डेटा (मनुष्य सहित) तक के सभी उच्चतर मेटाजोआ जन्तु इस कोटि के उदाहरण हैं। इस स्तर पर जीव अपने पर्यावरण के प्रति अधिक अनुकूलित होते हैं।
शारीरिक संगठन की ये कोटियाँ जीवों के विकासवादी क्रम को दर्शाती हैं, जहाँ सरलतम रूपों से जटिलतम रूपों का विकास हुआ है।
In simple words: शारीरिक संगठन के पांच मुख्य स्तर हैं: जीवद्रव्यीय (सबसे सरल, एक कोशिका), कोशिकीय (बहु-कोशिका, पर ऊतक नहीं), कोशिका-ऊतक (शुरूआती ऊतक), ऊतक-अंग (अंग बनते हैं, पर तंत्र नहीं), और अंग-तंत्र (सबसे जटिल, कई अंग मिलकर तंत्र बनाते हैं)।
🎯 Exam Tip: निबन्धात्मक प्रश्नों में प्रत्येक संगठन कोटि को उसके उदाहरण और प्रमुख विशेषताओं के साथ विस्तार से समझाएं, और विकास क्रम का उल्लेख करें।
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