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Detailed Chapter 7 समायोजन सहित अन्तिम खाते RBSE Solutions for Class 11 Accountancy
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Class 11 Accountancy Chapter 7 समायोजन सहित अन्तिम खाते RBSE Solutions PDF
Rajasthan Board RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 समायोजन सहित अन्तिम खाते
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. लेखांकन की किस अवधारणा के कारण समायोजन की आवश्यकता होती है
(क) परम्परागत अवधारणा
(ख) लेखांकन वर्ष अवधारणा
(ग) मिलान अवधारणा
(घ) चालू व्यवसाय की अवधारणा
Answer: (ग) मिलान अवधारणा
In simple words: एडजस्टमेंट हमेशा 'मैचिंग कॉन्सेप्ट' की वजह से ज़रूरी होते हैं. इसका मतलब है कि कमाई और खर्च को उसी समय अवधि में दिखाया जाना चाहिए जब वे हुए हैं, भले ही पैसे का लेन-देन कब हुआ हो.
🎯 Exam Tip: याद रखें कि मिलान अवधारणा (Matching Concept) यह सुनिश्चित करती है कि किसी लेखा अवधि के राजस्व और उस राजस्व को अर्जित करने के लिए किए गए खर्चों को एक साथ दर्ज किया जाए, जिससे सही लाभ या हानि का पता चलता है।
Question 2. निम्न में से कौन-सा समायोजन अन्तिम खाते बनाते समय चिट्टे में प्रदर्शित नहीं होगा
Answer: (Options and full answer text missing from source)
In simple words: The options and complete answer for this question are not available in the provided content.
🎯 Exam Tip: When dealing with adjustment entries and final accounts, always consider how each adjustment impacts both the Profit and Loss Account and the Balance Sheet to determine its final presentation.
Question 3. जब पूर्वदत्त व्ययों का प्रारम्भिक स्तर पर सम्पत्ति के रूप में लेखा किया जाये तो वर्ष के अन्त में समायोजन प्रविष्टि होगी
(क) Particular Expenditure A/c Dr.
To Prepaid Expenses A/C
(ख) Prepaid Expenses A/c Dr.
To Particular Expenses A/c
(ग) Prepaid Expenses A/C
To Profit and Loss A/C
(घ) Profit and Loss A/c
To Prepaid Expenses A/C
Answer: (क) Particular Expenditure A/c Dr. To Prepaid Expenses A/C
In simple words: अगर आपने पहले से कोई खर्च किया है और उसे एसेट के तौर पर रिकॉर्ड किया है, तो साल के आखिर में आपको उस खर्च को डेबिट करना होगा और प्रीपेड एक्सपेंस को क्रेडिट करना होगा. यह एंट्री दिखाती है कि अब वह पैसा खर्च हो गया है, न कि पहले से भुगतान किया गया है.
🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि पूर्वदत्त व्यय (Prepaid Expenses) प्रारम्भ में एक सम्पत्ति (Asset) होते हैं, लेकिन जब वे सेवा या लाभ प्रदान करते हैं, तो वे व्यय बन जाते हैं, जिसके लिए समायोजन प्रविष्टि की आवश्यकता होती है।
Question 4. एक व्यापारी का मैनेजर का कमीशन घटाने से पूर्व लाभ Rs 63,000 है। मैनेजर को उसका कमीशन घटाने के बाद के लाभ का 5% कमीशन दिया जाता है तो कमीशन की राशि होगी-
(क) Rs 3,150
(ख) Rs 3,000
(ग) Rs 3,3100
(घ) कोई नहीं
Answer: (ख) Rs 3,000
In simple words: जब कमीशन 'लाभ घटाने के बाद' दिया जाता है, तो आपको लाभ को कमीशन दर के साथ 100 में जोड़कर भाग देना होगा. Rs 63,000 के लाभ को (100 + 5)% यानी 105 से भाग करके 5% कमीशन निकाला जाता है, जो Rs 3,000 होता है.
🎯 Exam Tip: कमीशन की गणना करते समय 'बिफोर चार्जिंग' (before charging) या 'आफ्टर चार्जिंग' (after charging) शब्दों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह कमीशन की गणना के तरीके को बदल देता है। 'आफ्टर चार्जिंग' में, लाभ को (100 + दर) से विभाजित किया जाता है।
Question 5. दिया गया है Trial Balance as on 31.03.2017
| Particulars | Dr. | Cr. |
|---|---|---|
वर्ष के अन्त में देनदारों पर 5% का आयोजन बनाना है । उपर्युक्त डूबत ऋण के अतिरिक्त Rs 500 एक देनदार से प्राप्त होने की सम्भावना नहीं है। राम व्यवसाय को Rs 1,000 का लेनदार एवं Rs 1,500 का देनदार दोनों है। पसन्दगी पर बेचा गया माल Rs 500 का है जिसका कोई अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ । लाभ-हानि से वसूल की जाने वाली राशि का निर्धारण करो।
(क) Rs 2,850
(ख) Rs 400
(ग) Rs 2,900
(घ) 1,100.
Answer: (ग) Rs 2,900
In simple words: यह सवाल देनदारों पर डूबत ऋण के लिए प्रावधान बनाने और अप्रूवल पर बेचे गए माल को एडजस्ट करने के बारे में है. इसमें आपको देनदारों से मिलने वाले पैसे का सही अनुमान लगाना होता है, जिसमें डूबत ऋण और अप्रूवल पर बेचे गए माल को भी ध्यान में रखा जाता है. राम के मामले में, जब कोई व्यक्ति देनदार और लेनदार दोनों होता है, तो केवल शुद्ध राशि पर ही विचार किया जाता है.
🎯 Exam Tip: डूबत ऋण के प्रावधान की गणना करते समय, हमेशा पहले नए डूबत ऋण को देनदारों से घटाएं, फिर देनदारों और लेनदारों दोनों के रूप में एक ही व्यक्ति के खाते को ऑफसेट करें, और अंत में अप्रूवल पर बेचे गए माल को हटा दें, ताकि प्रावधान की गणना सही देनदार राशि पर हो।
Question 6. पसन्दगी पर बेचे गये माल का विक्रय मूल्य Rs 5,000 है । विक्रय मूल्य का निर्धारण लागत पर 25% लाभ जोड़कर किया जाता है। वर्ष के अन्त में समायोजन से सम्बन्धित कौन-सा कथन सही है ?
(क) देनदारों तथा विक्रय में Rs 5,000 घटाये जायेंगे
(ख) देनदारों में से Rs 5,000 घटाये जायेंगे तथा अन्तिम स्टॉक में Rs 4,000 जोड़े जायेंगे
(ग) विक्रय से Rs 5,000 घटाये जायेंगे तथा अन्तिम स्टॉक में Rs 4,000 जोड़े जायेंगे
(घ) उपर्युक्त सभी
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी
In simple words: जब कोई सामान ग्राहक की पसंद पर बेचा जाता है और साल के आखिर तक अप्रूव नहीं होता, तो उसे 'बिक्री' नहीं माना जाता. इसलिए, बिक्री और देनदारों से उस राशि को घटाया जाता है. लागत मूल्य पर 25% लाभ जोड़कर, Rs 5,000 के विक्रय मूल्य पर लागत Rs 4,000 आती है, जिसे अंतिम स्टॉक में जोड़ा जाता है.
🎯 Exam Tip: अप्रूवल पर बेचे गए माल का समायोजन करते समय, हमेशा ध्यान रखें कि जब तक ग्राहक अप्रूवल नहीं दे देता, तब तक यह बिक्री नहीं मानी जाती। इसलिए, बिक्री और देनदारों से विक्रय मूल्य घटाया जाता है, और माल की लागत को अंतिम स्टॉक में जोड़ा जाता है। लागत मूल्य की गणना सावधानी से करें।
Question 7. यदि डूबत ऋण तलपट के अन्दर दे रखा हो तो इसका क्या आशय है-
(क) देनदारों में से डूबत ऋण की राशि घटा दी गई है।
(ख) डूबत ऋण को अन्तिम खाते बनाते समय केवल लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में दिखाया जायेगा।
(ग) डूबत एवं संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन की राशि की गणना करते समय डूबत ऋण को देनदारों में से नहीं घटाया जायेगा।
(घ) उपर्युक्त सभी
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी
In simple words: यदि डूबत ऋण तलपट के अंदर होता है, तो इसका मतलब है कि इसे पहले ही देनदारों से घटा दिया गया है. इसलिए, अंतिम खाते बनाते समय इसे केवल लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में दिखाया जाता है, और जब डूबत व संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान की गणना करते हैं, तो इसे देनदारों से दोबारा नहीं घटाया जाता.
🎯 Exam Tip: तलपट के अंदर दिए गए डूबत ऋण को हमेशा एक समायोजित व्यय के रूप में मानें, जिसका अर्थ है कि इसे पहले ही देनदारों से घटाया जा चुका है। इसलिए, यह सीधे लाभ-हानि खाते में जाता है और प्रावधान की गणना के लिए देनदारों की राशि में कोई और समायोजन नहीं किया जाता।
Question 8. पूर्व अतधि मटों के लिए कौन-सा भारतीय लेखांकन मानक है ?
Answer: (Full answer text missing from source)
In simple words: The complete answer to this question is not available in the provided content.
🎯 Exam Tip: Accounting standards (like Indian Accounting Standards) provide rules for how different items should be recorded and presented in financial statements, ensuring consistency and clarity.
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. कोई तीन व्यय आधारित समायोजनों के नाम लिखिए।
Answer: व्यय आधारित तीन समायोजन निम्नलिखित हैं
• अदत्त व्यय (Outstanding expenses)
• पूर्वदत्त व्यय (Prepaid expenses)
• पूँजी पर ब्याज (Interest on capital)
In simple words: तीन तरह के खर्चों को एडजस्ट करना ज़रूरी होता है: जो खर्च अभी दिए नहीं गए हैं (अदत्त व्यय), जो खर्च पहले से दे दिए गए हैं (पूर्वदत्त व्यय), और पूँजी पर लगने वाला ब्याज (पूँजी पर ब्याज).
🎯 Exam Tip: व्यय आधारित समायोजन (Expense-based adjustments) यह सुनिश्चित करते हैं कि वित्तीय विवरण में खर्चों को सही लेखा अवधि में दिखाया जाए, चाहे उनका भुगतान हुआ हो या नहीं। ये लाभ और हानि का सही चित्रण करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 2. पूँजी पर ब्याज एवं आहरण पर ब्याज में से व्यवसाय के लिए कौन-सी आय तथा कौन-सी व्यय की मद है ?
Answer: पूँजी पर ब्याज व्यवसाय के लिए व्यय की मद है तथा आहरण पर ब्याज व्यवसाय के लिए आय की मद है।
In simple words: जब व्यवसाय पूँजी पर ब्याज देता है, तो वह व्यवसाय के लिए एक खर्च होता है. वहीं, जब मालिक व्यवसाय से पैसे निकालता है और उस पर ब्याज देता है (आहरण पर ब्याज), तो वह व्यवसाय के लिए एक आय होती है.
🎯 Exam Tip: पूँजी पर ब्याज (Interest on Capital) हमेशा व्यवसाय के लिए एक व्यय (Expense) होता है क्योंकि यह मालिक द्वारा लगाई गई पूँजी का उपयोग करने की लागत है। इसके विपरीत, आहरण पर ब्याज (Interest on Drawings) व्यवसाय के लिए एक आय (Income) होता है क्योंकि यह मालिक द्वारा व्यक्तिगत उपयोग के लिए निकाले गए धन पर लिया जाता है।
Question 3. कौन-सी लेखांकन अवधारणा लेनदारों पर बट्टे का संचय के समायोजन का निषेध करती है ?
Answer: परम्परावादी लेखांकन अवधारणा लेनदारों पर बट्टे का संचय के समायोजन का निषेध करती है।
In simple words: 'परम्परावादी लेखांकन अवधारणा' (Conservatism Concept) यह कहती है कि हमें संभावित लाभों को रिकॉर्ड नहीं करना चाहिए, लेकिन संभावित नुकसानों को रिकॉर्ड करना चाहिए. इसलिए, यह अवधारणा लेनदारों पर संभावित छूट (बट्टे का संचय) के लिए प्रावधान बनाने की अनुमति नहीं देती है, क्योंकि यह एक संभावित लाभ होगा.
🎯 Exam Tip: परम्परावादी अवधारणा (Conservatism Concept) का मूल सिद्धांत 'सभी संभावित नुकसानों का प्रावधान करें, लेकिन संभावित लाभों को तब तक दर्ज न करें जब तक वे निश्चित न हो जाएं' है। इसलिए, लेनदारों पर बट्टे का संचय, जो एक संभावित लाभ है, इस अवधारणा के तहत वर्जित है।
Question 4. परस्पर ऋण किसे कहते हैं ?
Answer: व्यवसाय में जब एक ही व्यक्ति से माल उधार क्रय किया जाता है तथा उसे उधार माल बेचा भी जाता है अर्थात् एक व्यक्ति देनदार व लेनदार दोनों हो जाये तो यह परस्पर ऋण कहलाता है।
In simple words: जब कोई व्यक्ति किसी व्यवसाय से उधार सामान खरीदता है और उसी व्यवसाय को उधार सामान बेचता भी है, तो वह व्यक्ति व्यवसाय के लिए देनदार (पैसे देने वाला) और लेनदार (पैसे लेने वाला) दोनों बन जाता है. ऐसी स्थिति को 'परस्पर ऋण' कहते हैं.
🎯 Exam Tip: परस्पर ऋण (Common Debt) की स्थिति में, वित्तीय विवरणों में सही स्थिति दिखाने के लिए देनदार और लेनदार खातों को एक दूसरे से ऑफसेट (set off) किया जाता है। इससे शुद्ध देय या प्राप्त राशि का पता चलता है।
Question 5. उपार्जित एवं बकाया आय में क्या अन्तर है ?
Answer: (Full answer text missing from source)
In simple words: The complete answer to this question is not available in the provided content.
🎯 Exam Tip: While both accrued income and outstanding income relate to income earned but not yet received, they often refer to different contexts in financial reporting. Understanding the exact definitions is key.
Question 7. कौन-सी लेखांकन अवधारणा की वजह से समायोजन करना आवश्यक होता है ?
Answer: लेखांकन की मिलान अवधारणा की वजह से समायोजन करना आवश्यक होता है।
In simple words: 'मिलान अवधारणा' (Matching Concept) के कारण समायोजन एंट्री करनी पड़ती हैं. यह अवधारणा सुनिश्चित करती है कि कमाई और खर्च को उसी लेखा अवधि में दिखाया जाए, जब वे हुए हैं, ताकि सही लाभ या हानि का पता चल सके.
🎯 Exam Tip: मिलान अवधारणा (Matching Concept) यह सुनिश्चित करती है कि किसी लेखा अवधि के राजस्व को उस अवधि के खर्चों से मिलान किया जाए। यह अवधारणा समायोजन प्रविष्टियों (Adjustment Entries) को आवश्यक बनाती है ताकि वित्तीय विवरण सही और उचित तस्वीर प्रस्तुत करें।
Question 8. माल की असामान्य हानि का पुस्तकों में लेखा करते समय कौन-सा खाता क्रेडिट होता है ?
Answer: माल की असामान्य हानि का पुस्तकों में लेखा करते समय क्रय खाता (Purchase A/c) क्रेडिट (Cr.) होता है।
In simple words: जब किसी असामान्य कारण से माल का नुकसान होता है, जैसे आग लगने से, तो उस नुकसान को रिकॉर्ड करते समय 'क्रय खाता' (Purchase Account) क्रेडिट किया जाता है. इसका मतलब है कि खरीदे गए माल की कीमत कम हो गई है.
🎯 Exam Tip: माल की असामान्य हानि (Abnormal Loss of Goods) के मामले में, क्रय खाते (Purchase Account) को क्रेडिट करके उस माल की खरीद लागत को कम किया जाता है जो अब बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। हानि को लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में दिखाया जाता है।
Question 9. कोई ऐसे दो व्यावसायिक व्यवहारों के नाम लिखिये जिसको लेखा करने पर क्रय खाते को क्रेडिट किया जाता है।
Answer: निम्न व्यवहारों का लेखा करने पर क्रय खाते (Purchase A/c) को क्रेडिट किया जाता है
(i) माल आग से नष्ट होने पर
Loss by Fire A/c Dr.
To Purchase A/c
(ii) माल दान में देने पर
Charity A/C Dr.
To Purchase A/C
In simple words: दो ऐसी स्थितियां हैं जहाँ 'क्रय खाते' को क्रेडिट किया जाता है: पहला, जब आग लगने से माल नष्ट हो जाता है; और दूसरा, जब माल दान में दे दिया जाता है. इन दोनों ही मामलों में, व्यवसाय से माल बाहर जाता है और इसकी कीमत 'क्रय खाते' से घटा दी जाती है.
🎯 Exam Tip: क्रय खाते (Purchase Account) को क्रेडिट तब किया जाता है जब माल को सामान्य व्यावसायिक बिक्री के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए व्यवसाय से हटा दिया जाता है, जैसे आग से हानि (Loss by Fire), दान (Charity), व्यक्तिगत उपयोग (Drawings) या नमूने के रूप में वितरण (Distribution as Samples)।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. एक व्यापारी ने 1.4.2016 को Rs 80,000 की 10% वार्षिक स्थायी जमा पंजाब नेशनल बैंक में करायी। 31.3.2017 तक उसे Rs 6,000 का ब्याज नकद प्राप्त हुआ। 31.3.2017 को अन्तिम खाते बनाते समय समायोजन प्रविष्टि क्या होगी ?
(A trader received Rs 6,000 in cash for interest upto 31.3.2017. While preparing final account on 31.3.2017, what adjustment entry will be passed?)
Answer:
Journal Proper
| Date | Particulars | L.F. | Amount (Rs) | |
|---|---|---|---|---|
| Dr. | Cr. | |||
| 2017 Mar. 31 | Accrued Interest A/c To Interest on 10% Fixed Deposit A/c (Being interest accrued but not yet received) | Dr. | 2,000 | 2,000 |
Working Note-
Interest (1.4.2016 to 31.3.2017) \( = 80,000 \times \frac{10}{100} = 8,000 \)
Less : Received Interest Amount \( = 6,000 \)
Accrued Interest \( = 2,000 \)
In simple words: एक व्यापारी ने बैंक में 80,000 रुपये जमा किए थे, जिस पर 10% ब्याज मिलना था. कुल ब्याज 8,000 रुपये बनता है, लेकिन उसे सिर्फ 6,000 रुपये ही मिले. तो, जो 2,000 रुपये का ब्याज अभी मिलना बाकी है, उसके लिए 'उपार्जित ब्याज' (Accrued Interest) को डेबिट किया जाएगा और 'स्थायी जमा पर ब्याज' को क्रेडिट किया जाएगा.
🎯 Exam Tip: उपार्जित आय (Accrued Income) वह आय होती है जो अर्जित तो हो गई है लेकिन अभी प्राप्त नहीं हुई है। अंतिम खाते बनाते समय, इस आय को संबंधित आय खाते में जोड़ा जाता है और आर्थिक चिट्ठे में सम्पत्ति पक्ष में दिखाया जाता है।
Question 2. तलपट में 10 माह का वेतन र 50,000 दे रखा है। वर्ष के अन्त में समायोजन प्रविष्टि करो।
(Salary of Rs 50,000 for 10 months is shown in trial balance. Pass adjustment entry at the end of the year.)
Answer:
Journal Proper
| Date | Particulars | L.F. | Amount | |
|---|---|---|---|---|
| Dr. | Cr. | |||
| Salaries A/c To Outstanding Salaries A/c (Being salary due for two months) | Dr. | 10,000 | 10,000 |
Working Note-
10 Months salary \( = 50,000 \)
1 month salary \( = \frac{50,000}{10} = \) Rs 5,000
Outstanding salary due for two months \( = 5,000 \times 2 = \) Rs 10,000
In simple words: तलपट में 10 महीने का वेतन 50,000 रुपये दिया गया है. एक महीने का वेतन 5,000 रुपये है, तो साल के कुल 12 महीनों में से 2 महीने का वेतन अभी चुकाया नहीं गया है. इसलिए, 10,000 रुपये का 'अदत्त वेतन' (Outstanding Salary) है, जिसके लिए समायोजन प्रविष्टि 'वेतन खाता डेबिट' और 'अदत्त वेतन खाता क्रेडिट' होगी.
🎯 Exam Tip: अदत्त व्यय (Outstanding Expenses) वह व्यय होते हैं जो लेखा अवधि से संबंधित हैं लेकिन जिनका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। समायोजन प्रविष्टि वेतन खाते को डेबिट करती है और अदत्त वेतन खाते को क्रेडिट करती है, जिससे यह आर्थिक चिट्ठे में दायित्व पक्ष में दिखाया जाता है।
Question 3.
(Hindi and English question text missing from source. Answer table seems to be a journal entry for prepaid commission.)
| Date | Particulars | Amount (Rs) | ||
|---|---|---|---|---|
| Dr. | Dr. | Cr. | ||
| 2015 Mar. 32 | Prepaid Commission A/c To Commission A/c (Being prepaid commission transferred to commission A/c) | 6,000 | 6,000 |
Answer: The provided table shows an adjustment for Prepaid Commission. The entry debits Prepaid Commission A/c and credits Commission A/c for Rs 6,000. This indicates that a portion of the commission, previously recorded as an expense, is now being treated as a prepaid asset for future periods, reflecting that it has been paid in advance. This ensures that the commission expense for the current period is correctly stated.
In simple words: यह एंट्री दिखाती है कि 6,000 रुपये का कमीशन पहले ही दे दिया गया है, जो अभी तक खर्च नहीं हुआ है. इसलिए, 'पूर्वदत्त कमीशन' को डेबिट करके उसे एसेट के तौर पर दिखाया जाता है, और 'कमीशन खाते' को क्रेडिट करके मौजूदा खर्च को कम किया जाता है.
🎯 Exam Tip: पूर्वदत्त आय (Prepaid Income) वह आय होती है जो व्यवसाय को अग्रिम में प्राप्त हो जाती है लेकिन अभी तक अर्जित नहीं हुई है। अंतिम खाते बनाते समय, इस आय को संबंधित आय खाते से घटाया जाता है और आर्थिक चिट्ठे में दायित्व पक्ष में दिखाया जाता है।
Question 4. आय एवं व्यय पर आधारित समायोजनों के नाम लिखिए।
Answer:
| आय पर आधारित समायोजन | व्यय पर आधारित समायोजन |
|---|---|
| (i) उपार्जित एवं बकाया आय | (i) अदत्त व्यय |
| (ii) अनुपार्जित आय | (ii) पूर्वदत्त व्यय |
| (iii) आहरण पर ब्याज | (iii) स्थायी सम्पत्ति पर ह्रास |
| (iv) पूँजी पर ब्याज | |
| (v) विक्रय कर एवं आयकर | |
| (vi) प्रबन्धकीय पारिश्रमिक | |
| (vii) माल की असामान्य हानि |
In simple words: समायोजन (एडजस्टमेंट) दो तरह के होते हैं - आय पर आधारित और खर्च पर आधारित. आय पर आधारित समायोजन में वो आय आती है जो कमा ली गई पर मिली नहीं (उपार्जित आय), जो मिल गई पर कमाई नहीं (अनुपार्जित आय), और आहरण पर ब्याज. खर्च पर आधारित समायोजन में वो खर्च आते हैं जो बाकी हैं (अदत्त व्यय), जो पहले ही दे दिए गए हैं (पूर्वदत्त व्यय), सम्पत्ति पर टूट-फूट (ह्रास), पूँजी पर ब्याज, कर, कमीशन, और माल की असामान्य हानि.
🎯 Exam Tip: आय और व्यय पर आधारित समायोजन (Income and Expense-based adjustments) वित्तीय विवरणों में सही लाभ-हानि और आर्थिक स्थिति को दर्शाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये मिलान अवधारणा (Matching Concept) का पालन करते हैं।
Question 5. बकाया आय तथा उपार्जित आय में अन्तर कीजिए।
Answer:
| बकाया आय (Outstanding Income) | उपार्जित आय (Accrued Income) |
|---|---|
| यह वह आय होती है जो व्यापारी द्वारा अन्तिम खाते बनाते समय तक कमाई जा चुकी है। | यह वह आय होती है जो व्यापारी द्वारा अन्तिम खाते बनाते समय तक कमाई नहीं गई है। |
| यह चालू वर्ष में प्राप्त नहीं होती है। | यह चालू वर्ष में ही प्राप्त हो जाती है। |
| इसे लाभ-हानि खाते में सम्बन्धित आय में जोड़कर दिखाया जाता है। | इसे लाभ-हानि खाते में सम्बन्धित आय में से घटाकर दिखाया जाता है। |
| इसे आर्थिक चिट्ठे में सम्पत्ति पक्ष की ओर दिखाया जाता है। | इसे आर्थिक चिट्ठे में दायित्व पक्ष की ओर दिखाया जाता है। |
In simple words: बकाया आय वह पैसा है जो आपने कमा लिया है लेकिन अभी तक मिला नहीं है, और यह आपकी एसेट होती है. वहीं, उपार्जित आय वह पैसा है जो आपको मिल गया है, लेकिन आपने अभी तक कमाया नहीं है, और यह आपकी लायबिलिटी होती है.
🎯 Exam Tip: बकाया आय (Outstanding Income) वह आय होती है जो अर्जित हो चुकी है लेकिन प्राप्त नहीं हुई है, जबकि उपार्जित आय (Accrued Income) वह आय होती है जो प्राप्त तो हो गई है लेकिन अभी तक अर्जित नहीं हुई है। इन्हें आर्थिक चिट्ठे में क्रमशः सम्पत्ति और दायित्व के रूप में दिखाया जाता है।
Question 6. एक व्यापारी ने 13 माह का अग्रिम किराया Rs 5,200 प्राप्त किया। किराया खाता बनाइए तथा वर्ष के अन्त में बन्द कीजिये।
(A trader received Rs 5,200 for 13 months rent. Prepare rent account and close it at the end of the year.)
Answer:
| Date | Particulars | J.F. | Amount (Rs) | Date | Particulars | J.F. | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| To Unearned Rent A/c | 400 | By Cash A/c | 5,200 | ||||
| To Profit and Loss A/c | 4,800 | ||||||
| 5,200 | 5,200 |
In simple words: एक व्यापारी को 13 महीने का किराया 5,200 रुपये मिला है, जिसका मतलब है कि 1 महीने का किराया 400 रुपये (\(5200 \div 13\)) है. चूंकि साल में 12 महीने होते हैं, तो 1 महीने का किराया (400 रुपये) अगले साल के लिए 'अजित किराया' (Unearned Rent) है. बाकी 4,800 रुपये 'लाभ-हानि खाते' में जाएंगे.
🎯 Exam Tip: अग्रिम में प्राप्त किराया (Rent received in advance) को उपार्जित आय (Unearned Income) माना जाता है। यह आय व्यवसाय के लिए एक दायित्व है क्योंकि सेवा अभी तक प्रदान नहीं की गई है। इसे लाभ-हानि खाते में आय से घटाया जाता है और आर्थिक चिट्ठे में दायित्व पक्ष में दिखाया जाता है।
Question 7. एक व्यापारी ने वर्ष 2017 के दौरान कमीशन के Rs 5,000 चुकाये जिसका 1/5 कार्य अपूर्ण है। 31 दिसम्बर, 2017 को समायोजन प्रविष्टि कीजिए।
(A trader paid commission of Rs 5,000 during 2017 whose 1/5 work is incomplete. Pass adjustment entry on 31 December, 2017.)
Answer:
| Dec. 31 | To Commission A/c | 1,000 | ||
|---|---|---|---|---|
| (Being commission paid in advance) | ||||
| Prepaid Commission A/c Dr. | 1,000 |
In simple words: एक व्यापारी ने 5,000 रुपये का कमीशन चुकाया, जिसमें से 1/5 हिस्सा (1,000 रुपये) का काम अभी अधूरा है. इसका मतलब है कि यह 1,000 रुपये का कमीशन 'पूर्वदत्त कमीशन' (Prepaid Commission) है, जो अगले साल के लिए है. इसलिए, 'पूर्वदत्त कमीशन खाता' डेबिट होगा और 'कमीशन खाता' क्रेडिट होगा.
🎯 Exam Tip: पूर्वदत्त व्यय (Prepaid Expenses) वह व्यय होते हैं जिनका भुगतान चालू लेखा अवधि में किया गया है, लेकिन वे पूरी तरह से भविष्य की अवधि से संबंधित हैं। समायोजन प्रविष्टि पूर्वदत्त व्यय को डेबिट करती है और संबंधित व्यय खाते को क्रेडिट करती है, जिससे यह आर्थिक चिट्ठे में सम्पत्ति पक्ष में दिखाया जाता है।
Question 8. वर्ष के प्रारम्भ में देनदारों पर बट्टा आयोजन की राशि Rs 500 थी। वर्षभर में रे 400 का बट्टा स्वीकृत किया गया । बट्टा खाता बन्द करने की प्रविष्टि कीजिए।
(In the beginning of the year provision for discount on debtors was Rs 500. During the year discount of Rs 400 was allowed. Give journal entry to close discount account.)
Answer:
Journal Proper
| Date | Particulars | L.F. | Amount (Rs) | |
|---|---|---|---|---|
| Dr. | Cr. | |||
| Provision for Discount on Debtors A/c To Discount A/c (Being discount transferred) | Dr. | 400 | 400 |
In simple words: साल की शुरुआत में देनदारों पर 500 रुपये का बट्टा प्रावधान था, और साल भर में 400 रुपये का बट्टा दिया गया. बट्टा खाते को बंद करने के लिए, 'देनदारों पर बट्टा प्रावधान खाता' को डेबिट करके (400 रुपये) और 'बट्टा खाता' को क्रेडिट करके (400 रुपये) प्रविष्टि की जाती है.
🎯 Exam Tip: बट्टा खाते (Discount Account) को बंद करने के लिए, उसे देनदारों पर बट्टा प्रावधान खाते (Provision for Discount on Debtors Account) में स्थानांतरित किया जाता है। यदि प्रावधान की राशि स्वीकृत बट्टे से अधिक है, तो शेष प्रावधान लाभ-हानि खाते में जाता है, और यदि कम है, तो अतिरिक्त राशि लाभ-हानि खाते में डेबिट की जाती है।
Question 9. पसन्दगी पर बेचे गये माल की समायोजन प्रविष्टि क्या की जाती है ?
Answer: समायोजन प्रविष्टि निम्न प्रकार होगी
Sales A/c Dr.
To Debtors A/c
(Being sales cancelled).
Stock on Approval A/C Dr.
To Trading A/C
(Being stock on approval transferred to trading a/c)
In simple words: जब कोई माल ग्राहक की पसंद पर बेचा जाता है और साल के अंत तक ग्राहक उसे अप्रूव नहीं करता, तो उस बिक्री को रद्द करने के लिए 'बिक्री खाते' को डेबिट और 'देनदारों खाते' को क्रेडिट किया जाता है. साथ ही, उस माल को 'अप्रूवल पर स्टॉक खाते' में डेबिट करके 'व्यापार खाते' को क्रेडिट करके अंतिम स्टॉक में शामिल किया जाता है.
🎯 Exam Tip: अप्रूवल पर बेचे गए माल की समायोजन प्रविष्टि (Adjustment entry for goods sold on approval) को ध्यान से करें: पहले उस बिक्री को रद्द करें जो अभी तक अप्रूव नहीं हुई है, और फिर उस माल की लागत को अंतिम स्टॉक में शामिल करें। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय विवरण में बिक्री और स्टॉक दोनों सही ढंग से दिखाए जाएं।
Question 10. बव C
Answer: (Full answer text missing from source)
In simple words: The complete answer to this question is not available in the provided content.
🎯 Exam Tip: When a question appears to be incomplete or corrupted, focus on understanding the core concept it might relate to based on the chapter context, such as different types of adjustments in final accounts.
Question 11. पसन्दगी पर बेचे गये माल को अन्तिम खाते बनाते समय कहाँ-कहाँ दिखाया जाता है ?
Answer: ग्राहक द्वारा माल को इस शर्त पर खरीदना कि यदि माल पसन्द आयेगा तो रबॅगा अन्यथा एक निश्चित समय में वापिस कर दूंगा ऐसा विक्रय पसन्दगी पर बेचा गया माल कहलाता है। पसन्दगी पर बेचे गये माल के विक्रय मूल्य को व्यावसायिक खाते में बिक्री में से घटाया जाता है तथा चिड़े में सम्पत्ति पक्ष में देनदारों में से घटाया जाता है । पसन्दगी पर बेचे गये माल के लागत मूल्य को व्यापारिक खाते के क्रेडिट पक्ष में तथा चिट्टे के सम्पत्ति पक्ष में अन्तिम स्टॉक में जोड़ा जाता है।
In simple words: 'पसंद पर बेचे गए माल' को अंतिम खातों में दिखाने के लिए, पहले उसे 'बिक्री खाते' और 'देनदारों' से घटा दिया जाता है क्योंकि यह अभी पूरी तरह से बिका नहीं है. फिर, उसकी लागत को 'व्यापार खाते' के क्रेडिट साइड में और 'आर्थिक चिट्ठे' के एसेट साइड में 'अंतिम स्टॉक' के रूप में जोड़ा जाता है.
🎯 Exam Tip: अप्रूवल पर बेचे गए माल का उपचार (Treatment of goods sold on approval) अंतिम खातों में महत्वपूर्ण है। विक्रय मूल्य को देनदारों और बिक्री से घटाया जाता है, जबकि लागत मूल्य को अंतिम स्टॉक में जोड़ा जाता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि बिक्री केवल तभी दर्ज की जाए जब ग्राहक ने माल को स्वीकार कर लिया हो।
Question 12. दिया गया है
(Given)
| Amount (Rs) | |
|---|---|
Answer: (Full question and answer details missing from source)
In simple words: The complete details of the question and its solution are not available in the provided content.
🎯 Exam Tip: For problems that provide 'given' information, always organize the data clearly before attempting any calculations or entries. This helps in understanding the problem's scope and requirements.
Question. डूबत एवं संदिग्ध ऋणों के लिए देनदारों पर 5% का आयोजन करना है। आयोजन की राशि की गणना कीजिये।
(A provision is to be made of 5% on debtors for bad and doubtful debts. Calculate provision.)
Answer: Computation of Amount of Provision for Bad and Doubtful Debts \( = \) (Sundry Debtors – Common Debts – Sale of Goods on Approval Basis – Additional Bad Debts) x 5%
\( = (50,000 - 5,000 - 4,000 - 1,000) \times 5\% \)
\( = 40,000 \times 5\% \)
Amount of Provision for Bad and Doubtful Debts \( = \) Rs 2,000
In simple words: डूबत और संदिग्ध ऋणों के लिए 5% का प्रावधान निकालना है. इसके लिए पहले कुल देनदारों में से समान देनदारियां, अप्रूवल पर बेचे गए माल और अतिरिक्त डूबत ऋण को घटाया जाता है. बची हुई शुद्ध देनदार राशि पर 5% की दर से प्रावधान की गणना की जाती है.
🎯 Exam Tip: डूबत ऋण के प्रावधान की गणना (Calculation of provision for bad debts) करते समय, हमेशा शुद्ध देनदारों की राशि पर विचार करें। इसमें देनदारों में से किसी भी नए डूबत ऋण, समान देनदारियों और अप्रूवल पर बेचे गए माल को घटाना शामिल है।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. वर्ष के अन्त में अन्तिम खाते बनाते समय निम्न मदें जो तलपट के अन्दर दर्शायी गई हैं, इसका आप कैसे लेखांकन व्यवहार करेंगे ?
(1) आयकर (Income tax)
(2) अदत्त किराया (Outstanding rent)
(3) पेशगी प्रीमियम (Advance premium)
(4) अन्तिम स्टॉक (Closing stock)
(5) पूँजी पर ब्याज (Interest on capital)
Answer:
आयकर (Income Tax)
लेखांकन यदि आयकर की राशि तलपट के अन्दर दी हुई है तो इसे अन्तिम खाते बनाते समय चिट्टे में दायित्व पक्ष में दिखाया जाएगी क्योंकि आयकर कर्मचारियों की व्यक्तिगत आय पर लगाया जाता है।
अदत्त किराया (Outstanding Rent)
लेखांकन-यदि अदत्त व्यय तलपट में दर्शाया गया है तो इसे केवल चिट्टे के दायित्व पक्ष में ही दिखाया जायेगा। अन्य कोई समायोजन की आवश्यकता नहीं होगी । अतः अदत्त किराया चिट्टे के दायित्व पक्ष में दर्शाया जाएगा।
पेशगी प्रीमियम (Advance Premium)
लेखांकन यदि पूर्वदत्त व्यय की मद तलपट में दर्शायी गई है तो इसे केवल चिड़े के सम्पत्ति पक्ष में ही दिखायेंगे अन्य किसी समायोजन की आवश्यकता नहीं होगी।
अन्तिम स्टॉक (Closing Stock)
अन्तिम स्टॉक तलपट में है तो यह दर्शाता है कि समायोजन प्रविष्टि पहले ही हो चुकी है. इसे सीधे 'आर्थिक चिट्ठे' के 'सम्पत्ति' पक्ष में 'चालू सम्पत्ति' के रूप में दिखाया जाता है. इसे 'व्यापार खाते' में नहीं दिखाया जाता है.
पूँजी पर ब्याज (Interest on Capital)
लेखांकन यदि पूँजी पर ब्याज तलपट में दर्शाया गया है तो इसको चिट्टे के दायित्व पक्ष में पूँजी में जोड़कर दिखाया जाएगा।
In simple words: जब तलपट में ये मदें दिखती हैं, तो आयकर और पूँजी पर ब्याज को आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में दिखाते हैं. अदत्त किराया और पेशगी प्रीमियम को आर्थिक चिट्ठे के संपत्ति पक्ष में दिखाते हैं. और अंतिम स्टॉक को भी आर्थिक चिट्ठे के संपत्ति पक्ष में दिखाया जाता है.
🎯 Exam Tip: तलपट (Trial Balance) के अंदर दिखाई जाने वाली समायोजन मदें (Adjustment items) सीधे अंतिम खातों (Final Accounts) में जाती हैं, अर्थात लाभ-हानि खाते (Profit and Loss Account) या आर्थिक चिट्ठे (Balance Sheet) में, क्योंकि उनके लिए समायोजन प्रविष्टियाँ पहले ही पास की जा चुकी होती हैं।
Question 2. अन्तिम खाते बनाते समय निम्न का लेखांकन व्यवहार कैसे करेंगे ? चारों परिस्थितियों की तुलना करो।
Answer:
Case 1. Trial Balance
| Particulars | L.F. | Amount (Rs) | |
|---|---|---|---|
| Dr. | Cr. | ||
| 6% Loan | 40,000 |
Case 2. Trial Balance
| Particulars | L.F. | Amount (Rs) | |
|---|---|---|---|
| Dr. | Cr. | ||
| 6% Loan | 40,000 | ||
| Interest on Loan | 2,800 |
Profit and Loss A/c at the end of...........
| Particulars | Amount (Rs) |
|---|---|
| To Interest on Loan | 2,800 |
| Less : Prepaid | 400 |
| 2,400 |
Balance Sheet as on ...…………
| Liabilities | Amount (Rs) | Assets | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| 6% Loan | 40,000 | Prepaid Interest | 400 |
Case 3. इसका लेखांकन भी Case-2 की तरह ही होगा।
Case 4. Profit and Loss A/c at the end of ..........
| Particulars | Amount (Rs) |
|---|---|
| To Interest on Loan | 1,600 |
| Add : Outstanding | 800 |
| 2,400 |
Working Note :
Outstanding interest \( = 2,400 - 1,600 = 800 \)
Balance Sheet as on.........
| Liabilities | Amount (Rs) | Assets | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| 6% Loan | 40,000 | ||
| Outstanding Interest | 800 |
In simple words: इस प्रश्न में, चार अलग-अलग स्थितियों में ऋण पर ब्याज का लेखांकन व्यवहार बताया गया है. हर स्थिति में, ऋण (जैसे 6% ऋण) और उस पर लगने वाले ब्याज को तलपट में कैसे दिखाया जाता है, और फिर साल के आखिर में 'लाभ-हानि खाते' और 'आर्थिक चिट्ठे' में कैसे समायोजित किया जाता है, यह समझाया गया है.
🎯 Exam Tip: ऋण पर ब्याज का लेखांकन (Accounting for interest on loan) करते समय, हमेशा ध्यान दें कि क्या ब्याज तलपट (Trial Balance) के अंदर दिया गया है या बाहर। यह भी देखें कि क्या यह पूर्वदत्त (Prepaid) है या अदत्त (Outstanding), क्योंकि यह समायोजन प्रविष्टियों और अंतिम खातों में इसके प्रदर्शन को प्रभावित करता है।
Question 3. निम्न मदों के लिए समायोजन प्रविष्टियाँ दीजिए जबकि ये मदें तलपट के बाहर दे रखी हों।
(Give adjustment entries for the following items appearing outside the trial balance)
1. अन्तिम स्टॉक (Closing stock)
2. डूबत ऋण के लिए आयोजन (Provision for bad debts)
3. पूँजी पर ब्याज (Interest on capital)
4. आग से स्टॉक की हानि (Loss of stock by fire)
Answer: (Answer for this question is on the next page, which is outside the current processing range. Therefore, no answer can be provided.)
In simple words: The answer for this question, which requires adjustment entries for items found outside the trial balance like closing stock, provision for bad debts, interest on capital, and loss of stock by fire, is not available in the provided pages.
🎯 Exam Tip: जब कोई मद तलपट (Trial Balance) के बाहर दी जाती है, तो इसका मतलब है कि उसके लिए समायोजन प्रविष्टि (Adjustment entry) अभी तक नहीं की गई है और वह अंतिम खातों (Final Accounts) में दो स्थानों पर प्रभावित होगी - एक लाभ-हानि खाते में और दूसरा आर्थिक चिट्ठे में।
Question 4. समायोजन प्रविष्टियों से आप क्या समझते हैं ? इनकी आवश्यकता क्यों है ? इनके विभिन्न प्रकारों के नाम लिखिए।
Answer: समायोजन प्रविष्टियाँ वे प्रविष्टियाँ होती हैं जो वित्तीय वर्ष के अंत में लेखा पुस्तकों में की जाती हैं। इनका उद्देश्य किसी भी व्यावसायिक संस्था के व्यापार और लाभ-हानि खाते से सही लाभ या हानि का पता लगाना और बैलेंस शीट में सही वित्तीय स्थिति दिखाना है। लेखांकन के उपार्जन सिद्धांत के अनुसार, अंतिम खातों में केवल वे लेन-देन शामिल होने चाहिए जो उस लेखा अवधि से संबंधित हों, भले ही उनका भुगतान हुआ हो या नहीं। पिछले या अगले वर्ष से संबंधित खर्चों और आय को चालू वर्ष के अंतिम खातों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। मिलान सिद्धांत के तहत, जिस लेखा अवधि की आय या व्यय को शामिल किया गया है, उसी अवधि के खर्चों या आय को भी शामिल करना चाहिए। यदि कुछ खर्च ऐसे हैं जिनसे चालू वर्ष के अलावा अगले वर्षों में भी लाभ मिलेगा, तो चालू वर्ष की आय में से केवल वही हिस्सा घटाना चाहिए जो इस वर्ष की आय से संबंधित है।
इनकी आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से होती है:
- 1. लेखा पुस्तकों में गलती या छूट से दर्ज न किए गए लेन-देन को दर्ज करने के लिए।
- 2. लेखा पुस्तकों में लेन-देन के एक ही पक्ष को दर्ज करने के कारण अधूरे खातों को पूरा करने के लिए।
- 3. उन आय को दर्ज करने के लिए जो अर्जित हो चुकी हैं लेकिन अभी प्राप्त नहीं हुई हैं।
- 4. अर्जित और बकाया खर्चों को लेखा पुस्तकों में दर्ज करने के लिए।
- 5. खातों की पुस्तकों में पाई गई गलतियों को जांच कर सुधारने के लिए।
- 6. व्यवसाय की सही लाभ-हानि और वित्तीय स्थिति को दर्शाने के लिए।
- व्यय आधारित समायोजन:
1. अदत्त व्यय (Outstanding Expenses)
2. पूर्वदत्त व्यय (Prepaid Expenses)
3. स्थायी सम्पत्ति पर मूल्य ह्रास (Depreciation on Fixed Assets)
4. पूँजी पर ब्याज (Interest on Capital)
5. बिक्री और आयकर (Sales and Income Tax)
6. प्रबन्धकीय पारिश्रमिक (Managerial Remuneration)
7. माल की असामान्य हानि (Abnormal Loss of Goods) - आय आधारित समायोजन:
1. उपार्जित और बकाया आय (Accrued and Outstanding Income)
2. अनुपार्जित आय (Unearned Income)
3. आहरण पर ब्याज (Interest on Drawings) - आयोजन आधारित समायोजन:
1. डूबत और संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन (Provision for Bad and Doubtful Debts)
2. देनदारों पर बट्टे के लिए आयोजन (Provision for Discount on Debtors)
3. लेनदारों पर बट्टे के लिए संचय (Reserve for Discounts on Creditors) - अन्य समायोजन:
1. अंतिम रहतिया (Closing Stock)
2. परस्पर ऋण (Common Debt)
3. बिक्री के अलावा माल का उपयोग (Use of Goods other than Sales)
4. पसन्दगी पर बेचा गया माल (Sales on Approval Basis)
5. पूर्व अवधि की मदें (Prior Period items)
6. गर्भित ब्याज (Implied Interests)
7. स्थगित आयगत व्यय (Deferred Revenue Expenditure)
8. अशुद्धियों का सुधार (Rectification of Errors)
In simple words: समायोजन प्रविष्टियाँ साल के अंत में खाते सही करने के लिए होती हैं, ताकि व्यवसाय का असली मुनाफा और वित्तीय हालत पता चले। इनकी ज़रूरत होती है ताकि सभी आय और खर्च सही समय पर दर्ज हों, चाहे पैसे मिले हों या नहीं, और खातों की गलतियाँ सुधारी जा सकें।
🎯 Exam Tip: समायोजन प्रविष्टियों की आवश्यकता और प्रकारों को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये अंतिम खातों की सटीकता सुनिश्चित करते हैं।
Question 5. आप डूबत एवं संदिग्ध ऋणों के आयोजन खाते से क्या समझते हैं ? इनका सृजन क्यों किया जाता है तथा यह कैसे खोला जाता है ?
Answer: डूबत ऋणों और संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन का मतलब है कि व्यापारी उन ग्राहकों से पैसे वसूल न होने की संभावना के लिए पहले से ही व्यवस्था करता है जिन्हें उधार माल बेचा गया है। कुछ ग्राहक पैसे नहीं लौटा पाते, जिसे अशोध्य ऋण कहा जाता है। कुछ देनदार ऐसे होते हैं जिनके बारे में निश्चित नहीं होता कि वे भुगतान कर पाएंगे या नहीं, इन्हें संदिग्ध देनदार कहते हैं। इसलिए, व्यापारी हर साल अपने अनुमान के आधार पर संदिग्ध ऋणों के लिए एक प्रावधान बनाता है। यह प्रावधान या आयोजन खाता बैलेंस शीट में देनदारों की रकम से घटाकर दिखाया जाता है।
आयोजन का सृजन इसलिए किया जाता है ताकि व्यवसाय के लाभ-हानि खाते में सही लाभ या हानि दिखाई जा सके और बैलेंस शीट में सही वित्तीय स्थिति पता चले। बिक्री के समय डूबत ऋण का अनुमान लगाना कठिन होता है, इसलिए उधार बिक्री पर अनुमानित आयोजन करके उसे उसी वर्ष के लाभ-हानि खाते से वसूल कर लिया जाता है ताकि इसका प्रभाव अन्य लेखांकन वर्षों पर न पड़े। यह मिलान अवधारणा और परम्परागत अवधारणा का पालन करने के लिए आवश्यक है।
डूबत ऋणों के आयोजन खाते को निम्नलिखित तरीकों से खोला जाता है:
समायोजन प्रविष्टियाँ:
यदि डूबत एवं संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन खाता तलपट में नहीं दिया गया हो:
Profit and Loss A/c Dr.
To Provision for Bad and Doubtful Debts A/c
यदि डूबत ऋणों के लिए:
(i) यदि डूबत एवं संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन खाता तलपट में नहीं दे रखा हो:
Bad Debts A/c Dr.
To Debtors A/c
(ii) यदि डूबत एवं संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन खाता तलपट में दे रखा हो:
Provision for Bad and Doubtful Debts A/c Dr.
To Bad Debts A/c
In simple words: डूबत और संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन एक अनुमानित राशि है जो उन उधार दिए गए पैसों के लिए अलग रखी जाती है जिनके वापस आने की संभावना कम होती है। यह इसलिए बनाते हैं ताकि कंपनी की आय और वित्तीय स्थिति सही दिखे। इसे लाभ-हानि खाते से निकालकर बैलेंस शीट में देनदारों से घटाकर दिखाया जाता है।
🎯 Exam Tip: डूबत ऋणों के आयोजन को हमेशा लाभ-हानि खाते से चार्ज किया जाता है और बैलेंस शीट में देनदारों से घटाया जाता है, जिससे वास्तविक वसूली योग्य राशि दिखती है।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 आंकिक प्रश्न
Question 1. श्री राम नारायण एण्ड सन्स का पुस्तका स 31 मार्च, 2016 कानिम्न तलपट बनाया गया था। वर्ष के अन्त में समायोजन प्रविष्टियाँ कीजिए तथा अन्तिम खाते बनाइए।
(Prepare adjustment entries for the year ending 31st March, 2016 and final accounts)
| Particulars | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|
| आहरण (Drawings) | 5,000 | - |
| पूँजी (Capital) | - | 1,00,000 |
| क्रय (Purchase) | 68,000 | - |
| विक्रय (Sales) | - | 1,50,000 |
| विविध देनदार (Sundry Debtors) | 40,000 | - |
| रहतिया (Stock) | 30,000 | - |
| आवक वापसी (Return Inward) | 3,000 | - |
| बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft) | - | 12,000 |
| वेतन (Salary) | 17,000 | - |
| कार्यालय ताप व रोशनी (Office heating & lighting) | 2,000 | - |
| पट्टे पर जायदाद (Lease hold property) | 80,000 | - |
| कमीशन प्राप्त (Commission received) | - | 2,000 |
| यात्रा व्यय (Travelling expenses) | 3,000 | - |
| छपाई व लेखन सामग्री (Printing & stationery) | 1,000 | - |
| फर्नीचर (Furniture) | 9,000 | - |
| संदिग्ध ऋण आयोजन (Provision for Doubtful debts) | - | 4,000 |
| मजदूरी व भाड़ा (Wages and freight) | 10,000 | - |
| योग (Total) | 2,68,000 | 2,68,000 |
समायोजन (Adjustments):
- रहतिया Rs 15,000 मूल्यांकित किया गया। (Stock as valued at Rs 15,000)
- मजदूरी के Rs 1,000 अभी देना बाकी है। (Wages are still in arrear of Rs 1,000)
- प्राप्त कमीशन का 75% कार्य ही पूरा हुआ है। (Only 75% work is completed of the commission received)
- पट्टे की जायदाद पर 5% व फर्नीचर पर 10% ह्रास काटिए । (Charge depreciation @ 5% on lease hold property and 10% on furniture)
- संदिग्ध ऋण आयोजन देनदारों के 6% तक बनाये रखना है। (Provision for doubtful debts is to be maintained @ 6% on debtors)
- Rs 10,000 की एक नई मशीन खरीदी तथा भुगतान चेक द्वारा कर दिया गया किन्तु पुस्तकों में इसका कोई लेखा नहीं किया गया। (A new machinery was purchased for Rs 10,000 and payment was made by cheque but no entry had been passed for it in the books)
- वेतन Rs 2,000 आगामी वर्ष से सम्बन्धित है। (Salary Rs 2,000 is relating to the next year)
Answer:
समायोजन प्रविष्टियाँ (Adjustment Entries)
| Date | Particulars | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|---|
| Mar. 31 | Stock A/c Dr. To Trading A/c (Closing stock transferred to trading Account) | 15,000 | 15,000 |
| Mar. 31 | Wages A/c Dr. To Outstanding Wages A/c (Being outstanding wages transferred to wages Account) | 1,000 | 1,000 |
| Mar. 31 | Commission A/c Dr. To Unaccrued Commission A/c (Being unaccrued commission transferred) | 500 | 500 |
| Mar. 31 | Depreciation A/c Dr. To Lease Hold property A/c To Furniture A/c (Being depreciation charged) | 4,900 | 4,000 900 |
| Mar. 31 | Provision for Bad Debts A/c Dr. To Profit and Loss A/c (Being excessive provision for doubtful debtors transferred) | 1,600 | 1,600 |
| Mar. 31 | Machinery A/c Dr. To Bank A/c (Being new machinery purchased) | 10,000 | 10,000 |
| Mar. 31 | Prepaid Salary A/c Dr. To Salary A/c (Being prepaid salary transferred to salary account) | 2,000 | 2,000 |
| Grand Total | 35,000 | 35,000 |
व्यापार एवं लाभ-हानि खाता (Trading and Profit and Loss Account)
| Particulars | Amount (Rs) | Particulars | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| To Purchase | 68,000 | By Sales | 1,50,000 |
| To Opening Stock | 30,000 | Less: Return Inward | 3,000 |
| To Wages and Freight | 10,000 | 1,47,000 | |
| Add: Outstanding Wages | 1,000 | By Closing Stock | 15,000 |
| 11,000 | |||
| To Gross Profit b/d | 53,000 | ||
| 1,62,000 | 1,62,000 | ||
| To Salary | 17,000 | By Gross Profit b/d | 53,000 |
| Less: Prepaid Salary | 2,000 | By Commission Received | 2,000 |
| 15,000 | Less: Unaccrued Commission | 500 | |
| To Office Heating and Lighting | 2,000 | 1,500 | |
| To Travelling Expenses | 3,000 | By Provision for Doubtful Debts | 1,600 |
| To Printing and Stationery | 1,000 | (4,000 - 2,400) | |
| To Depreciation | |||
| Lease Hold property | 4,000 | ||
| Furniture | 900 | ||
| 4,900 | |||
| To Net Profit | 30,200 | ||
| 56,100 | 56,100 |
बैलेंस शीट (Balance Sheet)
(As on 31st March, 2016)
| Liabilities | Amount (Rs) | Assets | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| Capital | 1,00,000 | Lease Hold Property | 80,000 |
| Less: Drawings | 5,000 | Less: Depreciation | 4,000 |
| Add: Net Profit | 30,200 | 76,000 | |
| 1,25,200 | Machinery | 10,000 | |
| Bank Overdraft | 12,000 | Furniture | 9,000 |
| Add: Machinery Purchase | 10,000 | Less: Depreciation | 900 |
| 22,000 | 8,100 | ||
| Outstanding Wages | 1,000 | Stock | 15,000 |
| Unaccrued Commission | 500 | Sundry Debtors | 40,000 |
| Less: Provision for Bad Debts | 2,400 | ||
| 37,600 | |||
| Prepaid Salary | 2,000 | ||
| 1,48,700 | 1,48,700 |
In simple words: वर्ष के अंत में तलपट, समायोजन प्रविष्टियों और अंतिम खातों को तैयार करने से व्यवसाय की वास्तविक वित्तीय स्थिति और लाभ-हानि का पता चलता है, जिसमें सभी अदत्त और पूर्वदत्त मदों को समायोजित किया जाता है।
🎯 Exam Tip: अंतिम खाते बनाते समय प्रत्येक समायोजन को कम से कम दो खातों पर उचित रूप से दर्शाना याद रखें - एक लाभ-हानि खाते में और दूसरा बैलेंस शीट में।
Question 1. निम्न समायोजनों को ध्यान में रखते हुए 31 दिसम्बर, 2016 को समायोजन प्रविष्टियाँ कीजिए एवं अन्तिम खाते बनाइये।
(Considering the following adjustment, prepare adjustment entries and final accounts) :
| Particulars | Amount (Rs) | Particulars | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|---|---|
| पूँजी (Capital) | - | 6,000 | ||
| भवन (Building) | 6,000 | - | ||
| रोकड़ शेष (Cash balance) | 700 | - | ||
| विनियोग 1.4.2016 को क्रय किये (Investment purchase on 1.4.2016) | 1,200 | - | ||
| फर्नीचर (Furniture) | 600 | - | ||
| देनदार व लेनदार (Debtors and Creditors) | 1,420 | 1,100 | ||
| विनियोगों पर आधे वर्ष का ब्याज (Interest on investment for half year) | - | 100 | ||
| बट्टा (Discount) | 20 | - | ||
| छपाई व लेखन सामग्री (Printing and Stationery) | 50 | - | ||
| किराया व दरें (Rent and Rates) | 1,700 | - | ||
| मजदूरी व चुंगी (Wages and Octroi) | 710 | - | ||
| क्रय व विक्रय (Purchase and sales) | 8,000 | 12,600 | ||
| वापसी (Return) | 600 | 1,000 | ||
| योग (Total) | 21,000 | 21,000 |
समायोजन (Adjustments):
- वर्ष के अंत के रहतिया का लागत मूल्य Rs 1,400 तथा बाजार मूल्य Rs 1,300 है। (Cost price of stock at the end is Rs 1,400 and market price is Rs 1,300)
- छपाई के Rs 30 देना बकाया है। (Rs 30 is outstanding for printing)
- देनदारों से Rs 300 वसूल नहीं हुए हैं। (Rs 300 could not be realized from debtors)
- भवन व फर्नीचर पर क्रमशः 5% व 10% वार्षिक दर से ह्रास लगाइए। (Depreciate building and furniture @ 5% p.a. and 10% p.a. respectively)
- एक्स ने Rs 300 व्यक्तिगत प्रयोग के लिए निकाले। (X withdrawn Rs 300 for personal use)
Answer:
एक्स की पुस्तकों में समायोजन प्रविष्टियाँ (In the Books of 'X' Adjustment Entries)
| Date | Particulars | L.F. | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|---|---|
| Dec. 31 | Closing Stock A/c Dr. To Trading A/c (Being stock transferred) | 1,300 | 1,300 | |
| Dec. 31 | Printing and Stationery A/c Dr. To Outstanding Printing Expenses A/c (Being outstanding printing expenses transferred) | 30 | 30 | |
| Dec. 31 | Bad Debts A/c Dr. To Debtors A/c (Being bad debts written off) | 300 | 300 | |
| Dec. 31 | Profit and Loss A/c Dr. To Bad Debts A/c (Being amount transferred to profit and loss account) | 300 | 300 | |
| Dec. 31 | Depreciation A/c Dr. To Building A/c To Furniture A/c (Being depreciation charged on assets) | 360 | 300 60 | |
| Dec. 31 | Drawings A/c Dr. To Cash A/c (Being drawings made) | 300 | 300 | |
| Dec. 31 | Capital A/c Dr. To Drawings A/c (Being drawings transferred to capital account) | 300 | 300 | |
| Total | 2,980 | 2,890 |
व्यापार एवं लाभ-हानि खाता (Trading and Profit and Loss Account)
(As on 31st March, 2017)
| Particulars | Amount (Rs) | Particulars | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| To Stock | 7,400 | By Sales | 49,800 |
| To Purchase | 25,000 | By Stock | 6,000 |
| Less: Purchase Return | 300 | ||
| 24,700 | |||
| To Wages | 5,400 | ||
| To Gross Profit c/d | 18,300 | ||
| 55,800 | 55,800 | ||
| To Depreciation on Building | 500 | By Gross Profit b/d | 18,300 |
| To Depreciation on Plant | 400 | By Discount Purchase | 708 |
| To Repair to Plant | 520 | ||
| To Salary | 2,100 | ||
| To Provision for Bad Debts | 108 | ||
| To Office Rent | 240 | ||
| To Commission of Works Manager | 1,817 | ||
| To Commission of General Manager | 1,211 | ||
| To Net Profit | 12,112 | ||
| 19,008 | 19,008 |
बैलेंस शीट (Balance Sheet)
(As on 31st March, 2017)
| Liabilities | Amount (Rs) | Assets | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| Capital | 10,000 | Land and Building | 14,900 |
| Add: Net Profit | 12,112 | Plant and Machinery | 3,600 |
| Less: Income Tax | 100 | Bills Receivable | 3,000 |
| 22,012 | |||
| Creditors | 6,252 | Accrued Income | 300 |
| Bank Overdraft | 760 | Closing Stock | 6,000 |
| Bills Payable | 1,600 | Cash in Hand and Bank | 400 |
| Outstanding Salary | 400 | Debtors | 7,000 |
| Less: Further Bad Debts | 600 | ||
| Commission of Works Manager | 1,817 | Provision for Doubtful Debts | 308 |
| Commission of General Manager | 1,211 | Wrongly Add in Debtors | 240 |
| 5,852 | |||
| Total | 34,052 | Total | 34,052 |
In simple words: समायोजन प्रविष्टियाँ और अंतिम खाते तैयार करने से किसी व्यापार की 31 दिसंबर, 2016 की वित्तीय स्थिति का सही मूल्यांकन होता है, जिसमें स्टॉक, देनदारों, मूल्यह्रास, और व्यक्तिगत आहरण जैसे सभी समायोजन शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: जब समापन स्टॉक का मूल्यांकन लागत मूल्य और बाजार मूल्य दोनों पर होता है, तो हमेशा दोनों में से कम मूल्य को चुनें, क्योंकि यह रूढ़िवादिता के सिद्धांत का पालन करता है।
Question 3. निम्नलिखित समायोजनों को ध्यान में रखते हुए व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा चिट्ठा तैयार कीजिए।
(Prepare Trading and Profit and Loss account and Balance Sheet taking in to account the following adjustments):
| Particulars | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|
| पूँजी (Capital) | - | 1,25,000 |
| भवन (Building) | 75,000 | - |
| रहतिया (Stock) | 34,500 | - |
| क्रय (Purchase) | 54,750 | - |
| विक्रय (Sales) | - | 1,28,500 |
| वापसी (Return) | 2,000 | 1,250 |
| फर्नीचर (Furniture) | 6,500 | - |
| मोटर कार (Motor car) | 60,000 | - |
| डूबत ऋण (Bad debts) | 1,750 | - |
| संदिग्ध ऋण आयोजन (Provision for doubtful debts) | - | 3,000 |
| ब्याज (Interest) | 1,000 | - |
| कमीशन (Commission) | - | 3,750 |
| कर तथा बीमा (Tax and insurance) | 8,000 | - |
| रोकड़ (Cash) | 6,500 | - |
| बैंक अधिविकर्ष (Bank overdraft) | - | 54,500 |
| कार व्यय (Car expenses) | 9,000 | - |
| सामान्य व्यय (General expenses) | 8,000 | - |
| वेतन (Salaries) | 33,000 | - |
| देनदार व लेनदार (Debtors and creditors) | 40,000 | 24,000 |
| योग (Total) | 3,40,000 | 3,40,000 |
समायोजन (Adjustments):
- वर्ष के अन्त में रहतिया Rs 32,500 था। (Stock at the end was Rs 32,500)
- भवन पर 10% व मोटर कार पर 15% ह्रास अपलिखित कीजिए। (Depreciate building by 10% and motor car by 15%)
- वेतन 11 माह का चुकाया गया है। (Salaries has been paid for 11 months only)
- Rs 1,500 का माल दान में दिया। (Goods worth Rs 1,500 given away as charity)
- डूबत ऋण के Rs 500 और अपलिखित कीजिए तथा देनदारों पर संदिग्ध ऋण आयोजन 5% से बढ़ायें । (Write off Rs 500 as further bad debts and increase provision for doubtful debts by 5% on debtors)
- मोटर कार पूर्ण रूप से स्वामी द्वारा निजी प्रयोग में लायी जाती है। (The motor car is wholly used for private purpose by the proprietor)
Answer:
बैलेंस शीट (Balance Sheet)
(As on 31st March, 2016)
| Liabilities | Amount (Rs) | Assets | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| Capital | 1,25,000 | Building | 75,000 |
| Add: Net Profit | 13,025 | Less: Depreciation | 7,500 |
| Less: Drawings: | 67,500 | ||
| Car Expenses | 9,000 | Motor Car | 60,000 |
| Depreciation on Car | 9,000 | Less: Depreciation | 9,000 |
| 1,20,025 | 51,000 | ||
| Bank Overdraft | 54,500 | Furniture | 6,500 |
| Creditors | 24,000 | Stock | 32,500 |
| Outstanding Salary | 3,000 | Debtors | 40,000 |
| Less: Doubtful Debts (1,975 + 500) | 2,475 | ||
| 37,525 | |||
| Cash | 6,500 | ||
| Total | 2,01,525 | Total | 2,01,525 |
कार्यकारी नोट (Working Note):
(1) प्रावधानित डूबत ऋण (नया) \( = (40,000 - 500) \times \frac{5}{100} = 39,500 \times \frac{5}{100} = 1,975 \)
जोड़ें: डूबत ऋण \( = 1,750 \)
डूबत ऋण \( = 500 \)
घटाएँ: डूबत ऋण का पुराना प्रावधान \( = 3,000 \)
शुद्ध राशि \( = 1,225 \)
In simple words: इस प्रश्न में बैलेंस शीट और कार्यकारी नोट्स दिए गए हैं। ये खाते सभी समायोजनों को ध्यान में रखते हुए व्यापार की वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं, जिसमें समापन स्टॉक, मूल्यह्रास, बकाया वेतन, और डूबत ऋण का प्रावधान शामिल है।
🎯 Exam Tip: मोटर कार को निजी उपयोग के लिए माने जाने पर, उसके सभी खर्च और मूल्यह्रास को पूंजी खाते में समायोजित करें, न कि लाभ-हानि खाते में।
Question 4. 31 मार्च, 2016 को श्री अनिल की पुस्तकों में निम्नलिखित शेष प्राप्त किये गये हैं।
(The following balance were extracted form the Books of Mr. Anil on 31st March, 2016)
| Particulars | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|
| विक्रय व्यय (Selling expenses) | 70,000 | - |
| पूँजी (Capital) | - | 5,00,000 |
| लेनदार (Creditors) | - | 1,20,000 |
| आवक गाड़ी भाड़ा (Carriage inward) | 8,000 | - |
| कारखाना ईंधन व भाड़ा (Factory fuel and freight) | 32,000 | - |
| देय बिल (Bills payable) | - | 24,000 |
| बैंक ऋण (Bank loan) | - | 40,000 |
| प्राप्य बिल (Bills receivable) | 50,000 | - |
| अग्नि बीमा प्रीमियम (Fire insurance premium) | 4,000 | - |
| जावक वापसी (Return outward) | 4,000 | - |
| देनदार (Debtors) | 1,74,000 | - |
| मशीनरी (Machinery) | 2,00,000 | - |
| भवन (Building) | 2,80,000 | - |
| वेतन एवं मजदूरी (Salaries and wages) | 94,000 | - |
| बैंक ऋण पर ब्याज (Interest on bank loan) | 4,000 | - |
| प्राप्त कमीशन (Commission received) | - | 6,000 |
| संदिग्ध ऋण आयोजन (Provision for doubtful debts) | - | 6,000 |
| डूबत ऋण (Bad debts) | 4,000 | - |
| आहरण (Drawings) | 60,000 | - |
| रोकड़ शेष (Cash balance) | 10,000 | - |
| उपार्जित कमीशन (Accrued commission) | - | 2,000 |
अन्य सूचनाएँ (Other Informations):
- 31 मार्च, 2016 को स्टॉक Rs 49,400 था। (Stock on 31st March, 2016 was Rs 49,400)
- Rs 1,000 उधार क्रय एवं Rs 3,000 उधार बिक्री की प्रविष्टियाँ पुस्तकों में नहीं की गई। (Credit purchase of Rs 1,000 and credit sales of Rs 3,000 were not recorded in books)
- अग्नि बीमा प्रीमियम पूर्वदत्त Rs 500 तथा बैंक ऋण पर बकाया Rs 400 एवं उपार्जित कमीशन Rs 1,000 है। (Fire Insurance Premium of Rs 500 is prepaid, outstanding interest on Bank Loan is Rs 400 and Accrued commission is Rs 1,000)
- देनदारों पर संदिग्ध ऋण आयोजन 5% बनाये रखना है। (Provision for doubtful debts is to be maintained at 5% on Debtors)
- ह्रास लगाइये भवन पर 5% तथा मशीनरी पर 10% वार्षिक। (Charge depreciation 5% on building and 10% on machinery per annum)
- मैनेजर को शुद्ध लाभ पर 10% कमीशन का प्रावधान (इस प्रकार का कमीशन घटाने के बाद) कीजिये। (Provide for manager's commission @ 10% on net profit after charging such commission)
Answer:
In simple words:
🎯 Exam Tip: जब कोई समस्या एक तलपट और कई समायोजन देती है, तो सुनिश्चित करें कि प्रत्येक समायोजन का प्रभाव व्यापार खाता, लाभ-हानि खाता और बैलेंस शीट तीनों पर उचित रूप से दर्शाया गया है।
RBSE Class 11 Accountancy Chapter 7 आंकिक प्रश्न
Question 6. निम्नलिखित शेषों एवं सूचनाओं के आधार पर एक्स का 31 मार्च, 2017 को समाप्त होने वाली अवधि का व्यापार खाता एवं लाभ-हानि खाता एवं इसी तिथि का चिट्ठा बनाइये।
(From the following balance and information, prepare Trading and Profit and Loss account of Mr. X for the year ended 31st March, 2017 and Balance Sheet as on that date).
Trial Balance as on 31st March, 2017
| Particulars | Dr. (Rs) | Cr. (Rs) |
|---|---|---|
| स्कन्ध (Stock) | 34,000 | |
| क्रय (Purchase) | 3,70,000 | |
| विक्रय (Sales) | 5,50,000 | |
| विक्रय व्यय (Selling expenses) | 35,000 | |
| पूँजी (Capital) | 2,50,000 | |
| लेनदार (Creditors) | 60,000 | |
| आवक वापसी (Return inward) | 4,000 | |
| कारखाना ईंधन व शक्ति (Factory fuel and power) | 16,000 | |
| वेतन एवं मजदूरी (Salaries and wages) | 47,000 | |
| बैंक ऋण पर ब्याज (Interest on bank loan) | 2,000 | |
| कमीशन प्राप्त (Commission received) | 3,000 | |
| संदिग्ध ऋण के लिए आयोजन (Provision for doubtful debts) | 3,000 | |
| देय विपत्र (Bills payable) | 12,000 | |
| बैंक ऋण (Bank loan) | 20,000 | |
| प्राप्य बिल (Bill receivable) | 25,000 | |
| अग्नि बीमा प्रीमियम (Fire insurance premium) | 2,000 | |
| जावक वापसी (Return outward) | 2,000 | |
| देनदार (Debtors) | 87,000 | |
| मशीनरी (Machinery) | 1,00,000 | |
| भवन (Building) | 1,40,000 | |
| डूबत ऋण (Bad debts) | 2,000 | |
| आहरण (Drawings) | 30,000 | |
| रोकड़ हस्ते (Cash in hand) | 6,000 | |
| योग (Total) | 6,00,000 | 6,00,000 |
अन्य सूचनाएँ (Other Information)
- 1. 31 मार्च, 2017 को अन्तिम स्टॉक Rs 49,400 था।
(Closing Stock on 31st March, 2017 was Rs 49,400) - 2. Rs 1,000 का उधार क्रय और Rs 3,000 की उधार बिक्री पुस्तकों में दर्ज नहीं की गई थी।
(Credit purchase of Rs 1,000 and credit sales of Rs 3,000 were not recorded in books) - 3. अग्नि बीमा प्रीमियम Rs 500 पूर्वदत्त है, बैंक ऋण पर Rs 400 ब्याज बकाया है, और उपार्जित कमीशन Rs 1,000 है।
(Fire Insurance Premium of Rs 500 is prepaid, outstanding interest on Bank Loan is Rs 400 and Accrued commission is Rs 1,000) - 4. देनदारों पर संदिग्ध ऋणों के लिए 5% का प्रावधान करना है।
(Provision for doubtful debts is to be maintained at 5% on Debtors) - 5. भवन पर 5% और मशीनरी पर 10% वार्षिक ह्रास लगाइए।
(Charge depreciation 5% on building and 10% on machinery per annum) - 6. मैनेजर को शुद्ध लाभ पर 10% कमीशन देना है (कमीशन को घटाने के बाद)।
(Provide for manager's commission @ 10% on net profit after charging such commission)
Answer:
Trading and Profit & Loss Account for the Year Ended 31st March, 2017
| Debit | Credit | ||
|---|---|---|---|
| Particulars | Amount (Rs) | Particulars | Amount (Rs) |
| To Opening Stock | 34,000 | By Sales | 3,70,000 |
| To Purchase | 3,70,000 | Less: Return Inward | 4,000 |
| Less: Return Outward | 2,000 | Add: Sale on Credit | 3,000 |
| 1,000 | 5,49,000 | ||
| Add: Purchase on Credit | 1,000 | By Closing Stock | 49,400 |
| 3,69,000 | |||
| To Factory Fuel and Power | 16,000 | ||
| To Gross Profit c/d | 1,79,400 | ||
| 5,98,400 | 5,98,400 | ||
| To Selling Expenses | 35,000 | By Gross Profit b/d | 1,79,400 |
| To Salary and Wages | 47,000 | By Commission Received | 3,000 |
| To Interest on Loan | 2,000 | Add: Accrued Commission | 1,000 |
| Add: Outstanding Interest | 400 | 4,000 | |
| 2,400 | |||
| To Provision for Doubtful Debts | 3,500 | ||
| To Fire Insurance | 2,000 | ||
| Less: Prepaid Insurance | 500 | ||
| 1,500 | |||
| To Depreciation | |||
| Building | 7,000 | ||
| Machinery | 10,000 | ||
| 17,000 | |||
| To Manager's Commission | 14,800 | ||
| To Net Profit | 1,33,200 | ||
| 3,60,800 | 3,60,800 | ||
Balance Sheet (As on 31st March, 2017)
| Liabilities | Amount (Rs) | Assets | Amount (Rs) |
|---|---|---|---|
| Capital | 5,00,000 | Building | 2,80,000 |
| Add: Net Profit | 1,33,200 | Less: Depreciation | 14,000 |
| Less: Drawings | 60,000 | 2,66,000 | |
| 5,73,200 | Machinery | 2,00,000 | |
| Bank Loan | 40,000 | Less: Depreciation | 20,000 |
| Creditors | 1,20,000 | 1,80,000 | |
| Add: Credit Purchase | 5,000 | Furniture | 5,000 |
| 1,25,000 | Stock | 98,300 | |
| Bills Payable | 24,000 | Debtors | 1,74,000 |
| Outstanding Interest | 400 | Less: Provision for Bad Debts | 8,700 |
| Manager's Commission | 14,800 | 1,65,300 | |
| Bills Receivable | 50,000 | ||
| Accrued Commission | 2,000 | ||
| Prepaid Insurance | 300 | ||
| Cash | 10,000 | ||
| 7,77,400 | 7,77,400 |
Working Note:
(1) Net profit before commission \( = 1,83,400 - (35,000 + 47,000 + 2,400 + 3,500 + 1,500 + 17,000) \)
\( = 1,83,000 - 1,06,400 = \) Rs \( 77,000 \)
(ii) Manager's commission \( = \frac { \text{Net profit before commission} \times \text{Rate of commission} }{ 100 + \text{Rate of commission} } \)
\( = \frac { 77,000 \times 10 }{ 110 } = \) Rs \( 7,000 \)
3. Bad Debts \( = 2,000 \)
Add: New Provision \( (87,000 + 3,000) \times \frac { 5 }{ 100 } = 4,500 \)
\( = 6,500 \)
Less: Old Provision \( = 3,000 \)
\( = 3,500 \)
In simple words: First, prepare the Trading Account to find the Gross Profit. Then, use the Gross Profit to make the Profit and Loss Account, adding incomes and subtracting expenses to find the Net Profit. Finally, create the Balance Sheet, listing all assets and liabilities to ensure the accounts balance.
🎯 Exam Tip: Always double-check your calculations, especially when preparing financial statements. Ensure all adjustments are correctly applied, as a single error can throw off the entire balance sheet.
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