RBSE Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन

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Detailed Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन RBSE Solutions for Class 10 Social Science

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Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन RBSE Solutions PDF

स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन लघूत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

 

प्रश्न 1. मानव के लिए स्वच्छता की क्यों आवश्यकता है?
Answer: स्वच्छ रहना मानव जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों में से एक है। यह हमारी आत्मा, शरीर, मन, बुद्धि और आस-पास के वातावरण को शुद्ध रखने के लिए बहुत जरूरी है। स्वच्छता हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखती है।
In simple words: स्वच्छता इंसान के लिए जरूरी है क्योंकि यह हमारे शरीर, मन और आसपास के माहौल को साफ और स्वस्थ रखती है, जो जीने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: मानव जीवन में स्वच्छता का महत्व बताते हुए, इसके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करें।

 

प्रश्न 2. स्वच्छ रहने की शिक्षा कब शुरू की जाती थी?
Answer: प्राचीन शिक्षा प्रणाली में, बच्चों को यज्ञोपवीत संस्कार के बाद स्वच्छ रहने की शिक्षा दी जाती थी। यह संस्कार ज्ञान और शुचिता के महत्व को दर्शाता था।
In simple words: पुराने समय में बच्चों को यज्ञोपवीत संस्कार के बाद साफ-सुथरा रहने की शिक्षा दी जाती थी।

🎯 Exam Tip: प्राचीन भारतीय संस्कारों और शिक्षा प्रणाली में स्वच्छता के महत्व को उजागर करें।

 

प्रश्न 3. घनी आबादी क्षेत्र किस समस्या से अधिक पीड़ित है?
Answer: घनी आबादी वाले क्षेत्र बढ़ती हुई गंदगी की समस्या से सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं। ज्यादा लोग होने से कचरा भी ज्यादा होता है, जिससे उन इलाकों में साफ-सफाई रखना मुश्किल हो जाता है।
In simple words: घनी आबादी वाले इलाकों में गंदगी बढ़ने की समस्या बहुत बड़ी है।

🎯 Exam Tip: घनी आबादी वाले क्षेत्रों की समस्याओं पर लिखते समय, गंदगी और स्वच्छता के मुद्दों पर विशेष ध्यान दें।

 

प्रश्न 4. गंदगी को हमारे तक पहुँचाने वाला कीट कौन-सा है?
Answer: मक्खियाँ और दूसरे कई कीट हमारी तरफ गंदगी और बीमारियाँ फैलाते हैं। ये कीट गंदगी पर बैठते हैं और फिर खाने या इंसानों के संपर्क में आकर बीमारियों के कीटाणुओं को फैलाते हैं।
In simple words: मक्खियाँ और कुछ अन्य कीट गंदगी को हम तक पहुँचाते हैं।

🎯 Exam Tip: बीमारियों के वाहक कीटों का उल्लेख करते समय, उनके सामान्य नाम और उनके द्वारा फैलने वाले संभावित खतरों को याद रखें।

 

प्रश्न 5. ठोस कचरा प्रबंधन कहाँ तक सीमित है?
Answer: ठोस कचरा प्रबंधन का काम अभी तक मुख्य रूप से शहरों तक ही सीमित है। गाँवों और छोटे कस्बों में इस पर उतना ध्यान नहीं दिया गया है, जबकि सभी जगहों पर इसकी जरूरत है।
In simple words: ठोस कचरा प्रबंधन का काम अभी सिर्फ शहरों तक ही सीमित है।

🎯 Exam Tip: ठोस कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति और उसकी सीमाओं पर प्रकाश डालें।

 

प्रश्न 6. घरेलू कचरा क्या होता है?
Answer: घरेलू कचरे में विषैले पदार्थ, ज्वलनशील सामग्री, विस्फोटक चीजें और रेडियोधर्मी तत्व जैसी खतरनाक वस्तुएं शामिल हो सकती हैं, जिन्हें सावधानी से निपटाना चाहिए। इन पदार्थों को ठीक से प्रबंधित नहीं करने पर गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं।
In simple words: घरेलू कचरे में खतरनाक चीजें जैसे विषैले, ज्वलनशील, विस्फोटक या रेडियोधर्मी तत्व हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: कचरे के विभिन्न प्रकारों की पहचान करते समय, खतरनाक कचरे की विशेषताओं और उसके सही निपटान के महत्व पर जोर दें।

 

प्रश्न 8. वनस्पतिक खाद्य किसे कहते हैं?
Answer: जैविक कचरे से तैयार की गई खाद को ही वनस्पतिक खाद कहा जाता है। इसमें पौधों और जीवों के बचे हुए हिस्से होते हैं जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं।
In simple words: जैविक कचरे से बनी खाद को वनस्पतिक खाद कहते हैं।

🎯 Exam Tip: जैविक खाद और उसके पर्यावरणीय लाभों पर ध्यान दें।

 

स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन निबंधात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

 

प्रश्न 1. मानव जीवन में स्वच्छता का महत्व क्यों है?
Answer: मानव जीवन में स्वच्छता का बहुत बड़ा महत्व है, जो हमारे मूल भारतीय मूल्यों और संस्कृति से जुड़ा है।
1. भारतीय दर्शन कहता है कि शरीर, आत्मा, मन, बुद्धि और पर्यावरण को साफ रखना जीवन का मुख्य लक्ष्य है।
2. भारत की पुरानी शिक्षा में यज्ञोपवीत संस्कार के बाद छात्रों को स्वच्छ रहने की सीख दी जाती थी।
3. स्वच्छता का मतलब है ऐसी व्यवस्था और सेवाएँ, जिनसे मानव मल-मूत्र और कचरे का सुरक्षित तरीके से निपटारा हो सके।
4. गंदगी में घरों और कारखानों का गंदा पानी, मानव और पशुओं का ठोस कचरा, और खेती का कचरा शामिल हैं। इन सभी कचरे का सही निपटारा करना स्वच्छता कहलाता है।
5. बीमारियों से मुक्त और स्वस्थ जीवन जीने के लिए स्वच्छता मानव जीवन में बहुत जरूरी है। स्वच्छता एक स्वस्थ समाज की नींव रखती है।
In simple words: मानव जीवन में स्वच्छता का महत्व बहुत ज्यादा है क्योंकि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है, हमें स्वस्थ रखती है, और बीमारियों से बचाती है। इसमें शरीर, मन, और वातावरण की सफाई शामिल है।

🎯 Exam Tip: स्वच्छता के महत्व को बताते समय भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य लाभ, और पर्यावरणीय सुरक्षा जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल करें।

 

प्रश्न 2. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वच्छता का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer:
विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा स्वच्छता
(1) विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, स्वच्छता का मतलब उन सभी सुविधाओं और सेवाओं से है जो मानव मल-मूत्र और कचरे का सुरक्षित तरीके से निपटारा करती हैं। इसका उद्देश्य बीमारियों को फैलने से रोकना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
(ii) लोगों को स्वच्छता के लिए शौचालय और साफ पानी की व्यवस्था खुद से करने और उसे बनाए रखने के तरीके अपनाने चाहिए। इसमें व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, स्वच्छता का मतलब है मल-मूत्र और कचरे का सुरक्षित निपटारा करना, साथ ही लोगों को खुद साफ-सफाई के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना।

🎯 Exam Tip: विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा को बताते हुए, सुविधाओं और सेवाओं के प्रावधान तथा व्यक्तिगत जिम्मेदारी दोनों को महत्व दें।

 

प्रश्न 3. स्वच्छता को कितने प्रकारों में बाँटा गया है?
Answer:
स्वच्छता को मुख्य रूप से सात प्रकारों में बाँटा गया है:
(i) सामुदायिक स्वच्छता: इसका संबंध ग्रामीण लोगों की खुली में मल त्यागने की आदत को बदलने से है। उन्हें अनुदानित सुविधाएँ देकर खुले में शौच करने से रोकना इसका मुख्य लक्ष्य है।
(ii) शुष्क स्वच्छता: इसमें ऐसे शौचालय और पेशाबघर शामिल हैं जहाँ पानी का उपयोग कम होता है। इसका उद्देश्य केवल हाथ धोना नहीं, बल्कि पानी के कुशल उपयोग को भी बढ़ावा देना है।
(iii) पारिस्थितिक स्वच्छता: यह सुरक्षित कृषि तरीकों और स्वच्छता के लिए संसाधनों के सही पुनर्चक्रण से जुड़ी है। इसका मतलब है कि पर्यावरण को कोई नुकसान न हो और पौष्टिक भोजन तथा जैविक फसलों के उत्पादन में गैर-नवीकरणीय संसाधनों का कम उपयोग हो।
(iv) पर्यावरणीय स्वच्छता: इसमें पर्यावरण के उन कारकों को नियंत्रित करना शामिल है जो बीमारियों से संबंधित हैं। ठोस कचरा प्रबंधन, जल और ऊर्जा का उपचार, औद्योगिक कचरे का प्रबंधन, और ध्वनि प्रदूषण इसके मुख्य हिस्से हैं।
(v) सुथरी व बिना सुथरी स्वच्छता: यह हजारों सालों से घरेलू स्तर पर मानव मल-मूत्र के निपटान से संबंधित है। इसमें स्वच्छता के साथ-साथ पानी की आपूर्ति की व्यवस्था भी शामिल है।
(vi) स्वच्छता का अभाव: इसका संबंध आमतौर पर शौचालय की कमी से है। लोग स्वेच्छा से इनका उपयोग करते हैं। खुले में मल-मूत्र त्याग और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध होता है।
(vii) पुष्टिकारक स्वच्छता: यह पूरी स्वच्छता का मुख्य हिस्सा है। इसमें उपभोक्ता के अनुभव पर आधारित मल-मूत्र और दूषित जल के परिवहन, उपचार, पुनः उपयोग, और निपटान के तरीके शामिल हैं। इससे पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा होती है। ये सभी प्रकार मिलकर एक व्यापक स्वच्छता व्यवस्था बनाते हैं।
In simple words: स्वच्छता को सात मुख्य प्रकारों में बांटा गया है, जैसे सामुदायिक, शुष्क, पारिस्थितिक, पर्यावरणीय, सुथरी/बिना सुथरी, अभाव वाली और पुष्टिकारक स्वच्छता, जो अलग-अलग जरूरतों और पहलुओं पर ध्यान देती हैं।

🎯 Exam Tip: स्वच्छता के विभिन्न प्रकारों को समझाते समय, प्रत्येक प्रकार के मुख्य उद्देश्य और उसके दायरे को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 4. ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम के उद्देश्य कौन से हैं?
Answer:
ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम के उद्धेश्य:
ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम के उद्देश्य इन उपायों को क्रियान्वित करना है।
5. संग्रहण केंद्रों पर कचरे के उचित परिवहन साधनों की व्यवस्था करना, कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना और जरूरत के हिसाब से कार्यक्रम लागू करना। इसका उद्देश्य कचरे के प्रबंधन को अधिक कुशल और प्रभावी बनाना है।
In simple words: ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम का लक्ष्य कचरे को इकट्ठा करने, उसे श्रेणियों में बांटने और सही तरीके से निपटाने के लिए अच्छी व्यवस्था बनाना है।

🎯 Exam Tip: ठोस कचरा प्रबंधन के उद्देश्यों को बताते समय, संग्रहण, वर्गीकरण और प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करें।

 

प्रश्न 5. ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कौन से उपाय किए गए हैं?
Answer:
ठोस कचरा प्रबंधन के उपाय:
(i) कचरा न्यूनीकरण एवं पुनः प्रयोग: कचरे को कम करना और फिर से इस्तेमाल करना, दोनों ही कचरा घटाने के उपाय हैं। उत्पादों को कम बनाने और उपभोक्ताओं को कम कचरा पैदा करने के बारे में बताया जाता है। पैकेजिंग कम करना, कपड़े के थैले बनाना और चीजों को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना, जैसे कपड़े के नैपकिन और प्लास्टिक का सामान।
(ii) कचरे को पुनःचक्रण: कचरे को किसी और चीज़ के रूप में इस्तेमाल करना और उसकी मात्रा कम करना, इकट्ठा किए गए कचरे को छांटना और मांग के अनुसार उससे नया कच्चा माल या नया सामान बनाना शामिल है।
(iii) कचरा संग्रहण: शहरों और स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को नियमित रूप से गंदगी वाला कचरा इकट्ठा करना चाहिए। खासकर उन जगहों से जहाँ मक्खियाँ पनपती हैं या बदबू फैलती है, खुले में फैले कचरे को जल्दी से हटाना चाहिए।
(iv) उपचार व निस्तारण: कचरा-उपचार तकनीकों से कचरे के रूप को बदलकर उसकी मात्रा कम करनी होगी ताकि उसका निपटान आसान हो जाए। कचरा निपटान के तरीके कचरे की मात्रा और प्रकार के आधार पर चुने जाते हैं। उपचार और निपटान में एक विकल्प को चुना जाता है। प्रबंधक तकनीकों का उपयोग करके कचरे को कम करना और पुनः चक्रण करना भी इसमें शामिल है।
(v) भष्मीकरण: यह एक थर्मल (गर्मी से) प्रक्रिया है। कचरे को ऑक्सीजन की मौजूदगी में जलाया जाता है। जलाने के बाद कचरा कार्बन डाइऑक्साइड, पानी की भाप और राख में बदल जाता है। इस तरीके से ऊर्जा को फिर से पाया जा सकता है। बिजली बनाने के लिए गर्मी पैदा करने के लिए इसका उपयोग होता है।
(vi) गैसीकरण और प्यरोलीसिस: ये दोनों ही गर्मी से जुड़ी प्रक्रियाएँ हैं। इनमें कचरे के घटकों को बहुत ज्यादा गर्मी पर तोड़ा जाता है। गैसीकरण में कचरे को कम ऑक्सीजन में जलाया जाता है, जबकि प्यरोलीसिस में इसे बिना ऑक्सीजन के जलाया जाता है। इन प्रक्रियाओं से बिना वायु प्रदूषण के ऊर्जा को फिर से हासिल किया जाता है।
In simple words: ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कई तरीके अपनाए गए हैं, जैसे कचरा कम करना, दोबारा इस्तेमाल करना, रीसायकल करना, कचरा इकट्ठा करना, उसे जलाना (भष्मीकरण), और गर्मी से तोड़ना (गैसीकरण, प्यरोलीसिस)।

🎯 Exam Tip: ठोस कचरा प्रबंधन के उपायों को सूचीबद्ध करते समय, प्रत्येक विधि का नाम और उसकी मुख्य प्रक्रिया या उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताएं।

 

प्रश्न 6. ठोस कचरा प्रबंधन से कौन-से लाभ होते हैं?
Answer:
ठोस कचरा प्रबंधन से कई लाभ होते हैं:
(ii) आग लगने की दुर्घटनाएँ, चूहों का फैलना और संक्रामक रोगों को फैलाने वाले कीटों व कीटाणुओं का नियंत्रण होता है। आवारा जानवरों पर भी नियंत्रण रहता है।
(iii) कई बीमारियाँ नियंत्रित होती हैं, लोगों का स्वास्थ्य सुधरता है, काम करने की क्षमता बढ़ती है, और अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होती है। जहरीले पदार्थों का कम निकलना पानी को प्रदूषित होने से बचाता है।
(iv) सस्ता और अच्छा वनस्पति खाद आसानी से मिल जाता है, जिससे खेती का उत्पादन बढ़ता है। ऊर्जा (बिजली) का उत्पादन भी कम खर्चे पर संभव होता है।
(v) चक्रित होने वाले पदार्थों से चीजें बनाने से वे सस्ती मिलती हैं। कीमती धातुओं की उपलब्धता बढ़ती है। काम में बढ़ोतरी होती है और रोजगार के अधिक अवसर मिलते हैं। ये लाभ पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: ठोस कचरा प्रबंधन से आग, बीमारी और कीटों से बचाव होता है, स्वास्थ्य सुधरता है, खेती और ऊर्जा उत्पादन बढ़ता है, और नए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

🎯 Exam Tip: ठोस कचरा प्रबंधन के लाभों को बताते समय, स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्थिक विकास से जुड़े बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें।

 

स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन बहविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

 

प्रश्न 1. W.H.O. से क्या आशय है?
(अ) विश्व गृहसंगठन
(ब) विश्व स्वास्थ्य संगठन
(स) विश्व व्यापार संगठन
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) विश्व स्वास्थ्य संगठन
In simple words: W.H.O. का पूरा नाम विश्व स्वास्थ्य संगठन है, जो दुनिया भर में स्वास्थ्य से जुड़े कामों को देखता है।

🎯 Exam Tip: संक्षिप्त रूपों (जैसे W.H.O.) का पूरा नाम और उनके कार्यक्षेत्र को याद रखें।

 

प्रश्न 2. T.S.C से क्या अभिप्राय है?
(अ) पूर्ण स्कूल अभियान
(ब) पूर्ण राज्य अभियान
(स) पूर्ण स्वच्छता अभियान
(द) पूर्ण सामुदायिक अभियान
Answer: (स) पूर्ण स्वच्छता अभियान
In simple words: T.S.C. का मतलब 'पूर्ण स्वच्छता अभियान' है, जिसका लक्ष्य सभी जगहों पर साफ-सफाई लाना है।

🎯 Exam Tip: सरकारी योजनाओं और अभियानों के संक्षिप्त रूपों का सही अर्थ जानना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 3. 'नया नाम' स्वच्छ भारत मिशन कब दिया गया?
(अ) 2 अक्टूबर 2014
(ब) 26 जनवरी 1914
(अ) 15 अगस्त 2020
(ब) 2 अक्टूबर 2019
(स) 26 जनवरी 2020
(द) 31 मार्च 2020
Answer: (अ) 2 अक्टूबर 2014
In simple words: स्वच्छ भारत मिशन का नया नाम 2 अक्टूबर 2014 को दिया गया था, जो महात्मा गांधी की जयंती का दिन है।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों की शुरुआत की तारीखों और उनके महत्व को याद रखें।

 

प्रश्न 5. शौचालय के लिए प्रोत्साहन राशि कितनी की गई है?
(अ) 12000
(ब) 15000
(स) 10000
(द) 25000

🎯 Exam Tip: सरकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि को याद रखना परीक्षा में उपयोगी हो सकता है।

 

प्रश्न 6. कचरा उत्पादन कर्ता माना गया है
(अ) केवल मानव
(ब) केवल पशु
(स) केवल उद्योग व कारखाने
(द) सभी

🎯 Exam Tip: कचरा उत्पादन के विभिन्न स्रोतों को समझें, जिसमें मानव, पशु और उद्योग सभी शामिल हैं।

 

प्रश्न 7. भारतीय संस्कृति में महत्व दिया गया है
(अ) भोजन को
(ब) विश्राम को
(स) दूर जाने को
(द) स्वच्छता को

🎯 Exam Tip: भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों और उनके महत्व पर विचार करें।

 

प्रश्न 8. ठोस कचरा प्रबंधन सिद्धांत आधारित है
(अ) 2 R पर
(ब) 3 R पर
(स) 4 R पर
(द) कोई नहीं

🎯 Exam Tip: ठोस कचरा प्रबंधन के सिद्धांतों, जैसे 'Reduce, Reuse, Recycle' (3 R) को याद रखें।

 

प्रश्न 10. ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम अभी सीमित है
(अ) शहरों तक
(ब) गाँवों तक
(स) पिछड़े क्षेत्रों तक
(द) किसी तक नहीं
Answer: (अ) शहरों तक
In simple words: ठोस कचरा प्रबंधन कार्यक्रम मुख्य रूप से शहरों में लागू है, गाँवों और पिछड़े क्षेत्रों में इसकी पहुँच अभी कम है।

🎯 Exam Tip: कचरा प्रबंधन कार्यक्रमों की पहुँच और उनकी वर्तमान सीमाओं पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 11. शहरी निकायों ने ठोस कचरा प्रबंध कार्य सौंप रखा है
(अ) जन प्रतिनिधियों को
(ब) मंडल अधिकारियों को
(स) तहसीलदार को
(द) सफाई निरीक्षकों को
Answer: (द) सफाई निरीक्षकों को
In simple words: शहरी इलाकों में कचरा प्रबंधन का काम आमतौर पर सफाई निरीक्षकों को दिया जाता है, ताकि साफ-सफाई बनी रहे।

🎯 Exam Tip: शहरी निकायों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को समझें।

 

प्रश्न 12. खुले में शौच जाने से दुष्प्रभाव पड़ता है
(अ) कीटों पर
(ब) कपड़ों पर
(स) घरों पर
(द) स्वास्थ्य पर
Answer: (द) स्वास्थ्य पर
In simple words: खुले में शौच करने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि इससे बीमारियाँ फैलती हैं और वातावरण प्रदूषित होता है।

🎯 Exam Tip: खुले में शौच के हानिकारक प्रभावों को स्पष्ट करते हुए, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय परिणामों पर जोर दें।

 

प्रश्न 13. ग्रीन हाउस गैस है
(अ) कार्बन डाइऑक्साइड
(ब) नाइट्रोजन
(स) ऑक्सीजन
(द) मीथेन
Answer: (द) मीथेन
In simple words: मीथेन एक ग्रीन हाउस गैस है जो धरती के वातावरण को गर्म करने में मदद करती है, जिससे जलवायु परिवर्तन होता है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख ग्रीन हाउस गैसों के नाम और उनके पर्यावरणीय प्रभावों को याद रखें।

 

स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन अति लघूत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

 

प्रश्न 1. विशेष रूप से, किस वर्ग के लोग बिमारियों से दुख पा रहे हैं?
Answer: कमजोर वर्ग के बच्चे, युवा और बुजुर्ग लोग विशेष रूप से बीमारियों से ज्यादा परेशान होते हैं। इन वर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अक्सर कम होती है।
In simple words: बच्चे, युवा और बुजुर्ग जैसे कमजोर वर्ग के लोग बीमारियों से ज्यादा दुखी होते हैं।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या के कमजोर वर्गों पर बीमारियों के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करें।

 

प्रश्न 2. मानव जब अपनी गंदगी नष्ट करता है तब क्या होता है?
Answer: जब इंसान अपनी गंदगी को सही तरीके से नष्ट करता है, तो स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों में सुधार होता है। यह बीमारियों को फैलने से रोकता है और साफ-सुथरा माहौल बनाता है।
In simple words: जब मानव अपनी गंदगी नष्ट करता है, तो स्वच्छता और स्वास्थ्य अच्छे होते हैं।

🎯 Exam Tip: गंदगी के सही निपटान के प्रत्यक्ष लाभों पर जोर दें, खासकर स्वास्थ्य और स्वच्छता के संदर्भ में।

 

प्रश्न 3. केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम कब लागू किया गया?
Answer: केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम 1986 में लागू किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देना था।
In simple words: केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम 1986 में शुरू हुआ था।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत की तारीखों और उनके उद्देश्यों को याद रखें।

 

प्रश्न 4. निर्मल भारत अभियान का क्या उद्देश्य है?
Answer: निर्मल भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक संतुष्टि की सोच को अपनाना था, ताकि ग्रामीण भारत को पूरी तरह से स्वच्छ बनाया जा सके। इसका लक्ष्य 2022 तक सभी ग्रामीण परिवारों को 100 प्रतिशत स्वच्छ करना था। यह कार्यक्रम स्वच्छता के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास था।
In simple words: निर्मल भारत अभियान का लक्ष्य 2022 तक पूरे ग्रामीण भारत को 100% स्वच्छ बनाना था, ताकि सभी परिवारों को साफ-सफाई मिल सके।

🎯 Exam Tip: निर्मल भारत अभियान के लक्ष्य और उसके कार्यान्वयन की समय-सीमा पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 5. पाँच लाख से अधिक आबादी में कूड़ा उत्पादन प्रति व्यक्ति कितना होता है?
Answer: जिन शहरों में पाँच लाख से ज्यादा आबादी होती है, वहाँ प्रति व्यक्ति लगभग 500 ग्राम कूड़ा हर दिन पैदा होता है। शहरीकरण बढ़ने के साथ यह मात्रा और भी बढ़ सकती है।
In simple words: पाँच लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में हर व्यक्ति रोज लगभग 500 ग्राम कूड़ा पैदा करता है।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व और प्रति व्यक्ति कचरा उत्पादन के बीच संबंध को समझें।

 

स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन निबंधात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

 

प्रश्न 2. कचरा संग्रहण से आप क्या समझते हैं?
Answer: कचरा संग्रहण का मतलब है कि शहरों में स्थानीय निकायों द्वारा नियुक्त कर्मचारी विशेष गंदगी, नालियों के कचरे और फिर से उपयोग किए जा सकने वाले कचरे को हफ्ते में कम से कम दो बार इकट्ठा करें। यह खास तौर पर उन जगहों के लिए जरूरी है जहाँ मक्खियाँ पनपती हैं, बदबू फैलती है या खुले में कचरा पड़ा होता है, ऐसे कचरे को जल्दी से जल्दी उठाया जाना चाहिए। कचरा संग्रहण एक स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: कचरा संग्रहण मतलब शहरों में स्थानीय कर्मचारी गंदा, नाली और रीसाइकिल करने लायक कचरा हफ्ते में दो बार इकट्ठा करें, खासकर जहाँ गंदगी से बदबू फैलती हो।

🎯 Exam Tip: कचरा संग्रहण की प्रक्रिया, उसकी आवृत्ति, और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें जहाँ तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।

 

प्रश्न 1. स्वच्छता प्रबंधन के प्रमुख मापदंडों का वर्णन कीजिए।
Answer:
स्वच्छता प्रबंधन के कुछ प्रमुख मापदंड इस प्रकार हैं:
(i) प्रतिष्ठान प्रबंधक को प्रदूषण के स्रोतों जैसे घरेलू जानवर, दूषित पानी, रासायनिक पदार्थ और अन्य प्रदूषक पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
(ii) बदबू, हानिकारक गैसों, तेज गंध वाले धुएँ और भाप को बाहर निकालने के लिए अच्छे रोशनदान वाले यंत्र लगे होने चाहिए। कार्यस्थल को गंदगी से दूर रखा जाए। कच्चे माल का प्रसंस्करण कमरा, उत्पादन प्रक्रिया कक्ष आदि अलग-अलग होने चाहिए।
(iii) गंदे पानी को शुद्ध करने और दूसरी गंदगी को रोकने के लिए संयंत्र (ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने चाहिए। फर्श, दीवार और छत को वाटरप्रूफ पदार्थों से साफ करना चाहिए। सभी जगहों पर चूहों, धूल और हानिकारक जीवाणुओं को रोकने के उपकरण होने चाहिए।
(iv) खाद्य पदार्थों को बनाते और पैक करते समय स्वच्छ, रोगाणु रहित और कीटाणु रहित स्टील के उपकरण इस्तेमाल करने चाहिए। पदार्थों को ठंडा करने और फिर से ठंडा व गर्म करने के लिए थर्मामीटर लगे होने चाहिए।
(v) आराम कक्षों में फ्लश टॉयलेट और गंदगी रोकने के उपकरण लगे हों, साथ ही वाटरप्रूफ सेप्टिक टैंक होना चाहिए। आराम कक्षों में हाथ धोने और पोंछने के लिए वॉशिंग स्टैंड भी होना चाहिए।
(vi) भोजन संबंधी भंडार कक्ष, उत्पादन कक्ष और पैकिंग कक्ष को पूरी तरह से स्वच्छ तरीके से प्रबंधित किया जाना चाहिए। इन मापदंडों का पालन करके ही एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।
In simple words: स्वच्छता प्रबंधन में प्रदूषण से दूरी बनाना, हवा को साफ रखने के लिए रोशनदान लगाना, गंदे पानी को साफ करना, खाद्य पदार्थों को बनाने में साफ उपकरण इस्तेमाल करना, साफ टॉयलेट और हाथ धोने की व्यवस्था रखना, और सभी कमरों को स्वच्छ रखना शामिल है।

🎯 Exam Tip: स्वच्छता प्रबंधन के मापदंडों को बताते समय, प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट रूप से समझाएं और उसके महत्व पर जोर दें।

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Are the Social Science RBSE solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Social Science. You can access RBSE Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science RBSE solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन in printable PDF format for offline study on any device.