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Detailed Chapter 17 पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज RBSE Solutions for Class 10 Science
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Class 10 Science Chapter 17 पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज RBSE Solutions PDF
बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. एलियन शब्द का अर्थ है -
(a) जादू
(b) पृथ्वी के बाहर का जीव
(c) बिचित्र जीव
(d) गाय जैसा जीव
Answer: (b) पृथ्वी के बाहर का जीव
In simple words: एलियन का मतलब है कोई भी जीव जो हमारी पृथ्वी से नहीं आता है. वे दूसरे ग्रहों या अंतरिक्ष से हो सकते हैं.
🎯 Exam Tip: इस तरह के सीधे प्रश्न में सही विकल्प का चयन करने के लिए शब्दों के अर्थ को ध्यान से समझें, खासकर विज्ञान से जुड़े शब्दों का.
Question 2. पृथ्वी के बाहर जीवन पाया जा सकता है -
(a) किसी भी तारे पर
(b) कहीं भी
(c) पृथ्वी जैसे ग्रह पर
(d) किसी भी ग्रह पर
Answer: (c) पृथ्वी जैसे ग्रह पर
In simple words: वैज्ञानिक मानते हैं कि पृथ्वी के बाहर जीवन केवल उन ग्रहों पर मिल सकता है जो पृथ्वी जैसे हों. इन ग्रहों पर पानी और सही तापमान जैसी चीजें होनी चाहिए.
🎯 Exam Tip: पृथ्वी से बाहर जीवन की संभावना के लिए अनुकूल परिस्थितियों (जैसे तरल पानी, सही तापमान) वाले ग्रहों पर ध्यान दें.
Question 3. सौरमण्डल के बाहर जाने वाला पहला अन्तरिक्षयान था -
(a) चन्द्रयान-2
(b) मंगलयान
(c) पायोनियर-एक
(d) पायोनियर-10
Answer: (d) पायोनियर-10
In simple words: पायोनियर-10 वह पहला अंतरिक्षयान था जिसने हमारे सौरमंडल की सीमा को पार किया. यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी.
🎯 Exam Tip: अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और पहले भेजे गए अंतरिक्षयानों के नामों को याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 4. अन्तरिक्ष में होने वाली फुसफुसाहट को सुनने हेतु काम आने वाले यन्त्र हैं ?
(a) रेडियो दूरसंवेदी
(b) दूरदर्शी यंत्र
(c) सूक्ष्मदर्शी यंत्र
(d) कोई नहीं
Answer: (a) रेडियो दूरसंवेदी
In simple words: अंतरिक्ष में आने वाले बहुत धीमे सिग्नलों को सुनने के लिए रेडियो दूरसंवेदी या रेडियो टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जाता है. ये खास तरह की आवाजें या फुसफुसाहटें ब्रह्मांड से आती हैं.
🎯 Exam Tip: अंतरिक्ष से आने वाले संकेतों को पकड़ने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के नामों को जानें, जैसे रेडियो दूरसंवेदी.
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 6. पृथ्वी के बाहर मानव के रहने का स्थान कौनसा
Answer: पृथ्वी के बाहर मानव के रहने का स्थान अंतरिक्ष है. वैज्ञानिक लगातार अंतरिक्ष में मानव के रहने योग्य स्थान ढूंढ रहे हैं. आज अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन में इंसान रहता है.
In simple words: पृथ्वी के बाहर इंसान अंतरिक्ष में रह सकता है.
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अंतरिक्ष में मानव जीवन के लिए वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालें.
Question 7. ग्लोबल वार्मिंग का संकट किस जीव के कारण उत्पन्न हुआ है ?
Answer: ग्लोबल वार्मिंग का संकट मानव के कारण उत्पन्न हुआ है. इंसानी गतिविधियां जैसे जीवाश्म ईंधन जलाना, पेड़ों को काटना आदि इसके मुख्य कारण हैं. यह पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती है.
In simple words: ग्लोबल वार्मिंग इंसानों की वजह से हुई है.
🎯 Exam Tip: ग्लोबल वार्मिंग के मुख्य कारण और उसके लिए जिम्मेदार जीवों (मानव) को स्पष्ट रूप से बताएं.
Question 8. पृथ्वी का भौतिक वातावरण व पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीव मिलकर, एक सजीव इकाई की तरह कार्य करते हैं, इस अवधारणा को क्या कहते हैं ?
Answer: इस अवधारणा को डार्विन का विकासवाद सिद्धान्त कहते हैं. इस सिद्धांत के अनुसार जीव और उनका वातावरण एक-दूसरे को प्रभावित करते हुए लगातार बदलते रहते हैं.
In simple words: पृथ्वी के जीव और वातावरण मिलकर काम करते हैं, इसे डार्विन का विकासवाद सिद्धान्त कहते हैं.
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणा है, इसलिए इसका नाम और मूल विचार सटीक रूप से प्रस्तुत करें.
Question 9. पृथ्वी जैसा ग्रह के बनते समय वातावरण अत्यधिक गर्म व विस्फोटक था, इसे ठण्डा होने में लगभग कितना समय लगा?
Answer: पृथ्वी जैसा ग्रह के बनते समय वातावरण अत्यधिक गर्म व विस्फोटक था, इसे ठण्डा होने में लगभग 50 करोड़ से एक अरब वर्ष का समय लगा. इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद ही पृथ्वी जीवन के लिए अनुकूल बन पाई.
In simple words: पृथ्वी जैसे ग्रह को ठंडा होने में 50 करोड़ से 1 अरब साल लगे.
🎯 Exam Tip: ऐसे संख्यात्मक मानों को सटीक रूप से याद रखें और लिखें, क्योंकि यह एक सीधा तथ्यात्मक प्रश्न है.
Question 11. एलियन शब्द का क्या अर्थ है ?
Answer: एलियन का अर्थ है पृथ्वी के बाहर का जीव. यह कोई भी ऐसा प्राणी या जीव हो सकता है जो पृथ्वी पर पैदा नहीं हुआ हो, बल्कि किसी दूसरे ग्रह या अंतरिक्ष से आया हो. यह शब्द अक्सर काल्पनिक कहानियों में इस्तेमाल होता है.
In simple words: एलियन मतलब पृथ्वी के बाहर का कोई जीव.
🎯 Exam Tip: विज्ञान से जुड़े शब्दों की सही परिभाषा दें और सुनिश्चित करें कि उत्तर सीधा और स्पष्ट हो.
Question 12. डार्विन के अनुसार पृथ्वी पर पहले जीव की उत्पत्ति कैसे हुई होगी?
Answer: डार्विन के विकासवाद सिद्धान्त के अनुसार, पृथ्वी पहले एक गर्म गोले के रूप में बनी थी. जब पृथ्वी धीरे-धीरे ठंडी हुई, तब वातावरण बना. इस वातावरण में मौजूद तत्वों के मिलने से पहले सरल यौगिक और फिर उनसे जटिल यौगिक बने. इन जटिल यौगिकों में जीवन के लिए जरूरी अणु जैसे पानी, अमीनो एसिड और न्यूक्लिक एसिड भी थे. ऐसा माना जाता है कि इन अणुओं के एक साथ आने से अचानक पहले जीव की उत्पत्ति हुई.
In simple words: डार्विन ने बताया कि गर्म पृथ्वी के ठंडा होने पर वातावरण बना. फिर तत्वों के मिलने से जीवन के जरूरी अणु बने और उनसे पहला जीव पैदा हुआ.
🎯 Exam Tip: डार्विन के सिद्धांत को समझाते समय, पृथ्वी के बनने से लेकर जीवन की उत्पत्ति तक के चरणों को क्रमबद्ध तरीके से बताएं.
Question 13. पायोनियर-10 के छोड़े जाने के समय वैज्ञानिक किस बात से डर रहे थे ?
Answer: पायोनियर-10 को अंतरिक्ष में छोड़े जाने के समय वैज्ञानिकों को यह डर था कि अगर पृथ्वी के बाहर कोई सभ्यता मौजूद है, तो वह हमारी किसी गलती से नाराज होकर हम पृथ्वीवासियों पर हमला कर सकती है. इस कारण वैज्ञानिकों ने बहुत सावधानी बरती थी.
In simple words: पायोनियर-10 भेजते समय वैज्ञानिक डर रहे थे कि कहीं बाहर की कोई सभ्यता हमारी गलतियों से नाराज होकर हम पर हमला न कर दे.
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े नैतिक और काल्पनिक खतरों को भी शामिल करें, जो वैज्ञानिकों की चिंताओं को दर्शाते हैं.
Question 14. सृजनात्मक व विनाशात्मक बलों का क्या अर्थ है ?
Answer: सृजनात्मक बल वे होते हैं जो किसी चीज को बनाने या विकसित करने में मदद करते हैं. वहीं, विनाशात्मक बल वे होते हैं जो किसी चीज को खत्म करने या नुकसान पहुंचाने की शक्ति रखते हैं. ये दोनों प्रकार के बल प्रकृति और समाज दोनों में काम करते हैं.
In simple words: सृजनात्मक बल चीजें बनाते या सुधारते हैं, जबकि विनाशात्मक बल चीजें खराब या खत्म करते हैं.
🎯 Exam Tip: इन दोनों बलों की परिभाषाओं को स्पष्ट रूप से अलग-अलग बताएं और उनके कार्यों का उल्लेख करें.
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 15. पायोनियर-10 के छोड़े जाने के समय पृथ्वी बाहर के जीवों के विषय में मानवीय सोच क्या थी ? काल्पनिक मुसीबत से बचने के लिए क्या उपाय किए गए थे ?
Answer: पायोनियर-10 के छोड़े जाने के समय, पृथ्वी के बाहर के जीवों के बारे में मानवीय सोच यह थी कि वे मानव से बहुत अलग हो सकते हैं. वैज्ञानिकों को डर था कि बाहर की सभ्यताएं हमारी किसी भूल से नाराज होकर हम पर हमला कर सकती हैं. इस काल्पनिक मुसीबत से बचने के लिए, पायोनियर-10 पर एक खास प्लेट लगाई गई थी. इस प्लेट पर मानव स्त्री-पुरुष को मित्रता के भाव में चित्रित किया गया था और सांकेतिक भाषा में पृथ्वी से भेजे जाने वाले यान की बात बताई गई थी. यह संदेश किसी भी एलियन सभ्यता को यह बताने के लिए था कि हम शांति से उनसे संपर्क करना चाहते हैं.
In simple words: जब पायोनियर-10 भेजा गया, तो इंसान सोचते थे कि बाहर के जीव हमसे अलग हो सकते हैं और नाराज होकर हमला कर सकते हैं. इससे बचने के लिए, यान पर एक प्लेट लगाई गई जिसमें शांति और दोस्ती का संदेश था.
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में मानवीय सोच और किए गए उपायों दोनों को विस्तार से समझाएं. प्लेट पर दिए गए संदेश का विवरण दें.
Question 16. अपने आपको अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन में मानकर दिनचर्या का वर्णन करिए।
Answer: छात्र स्वयं करें. इस प्रश्न में छात्रों को अपनी कल्पना का उपयोग करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (ISS) में एक अंतरिक्ष यात्री के रूप में अपनी दिनचर्या का वर्णन करना है. इसमें गुरुत्वाकर्षणहीनता में खाना खाने, काम करने, व्यायाम करने और पृथ्वी को देखने जैसे अनुभवों को शामिल किया जा सकता है. यह छात्रों की रचनात्मकता और अंतरिक्ष विज्ञान की समझ को दर्शाता है.
In simple words: छात्र इस सवाल का जवाब खुद लिखें. इसमें उन्हें यह सोचना है कि वे अंतरिक्ष में कैसे रहते हैं और अपना दिन कैसे बिताते हैं.
🎯 Exam Tip: ऐसे रचनात्मक प्रश्नों में अपनी कल्पना का उपयोग करें और अंतरिक्ष स्टेशन में जीवन की विशेष चुनौतियों और गतिविधियों को शामिल करें.
Question 17. पृथ्वी के बाहर जीवन के विषय में वर्तमान वैज्ञानिक सोच को समझाइए। आपकी अपनी सोच क्या है?
Answer: पृथ्वी के बाहर जीवन के विषय में वर्तमान वैज्ञानिक सोच काफी बदल गई है. नासा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एलेन स्टोफेन का मानना है कि आने वाले एक दशक में पृथ्वी के बाहर जीवन के ठोस सबूत मिल सकते हैं, और 20-30 वर्षों में एलियन के बारे में पक्के प्रमाण जुटा लिए जाएंगे. वैज्ञानिकों ने शनि ग्रह के उपग्रह टाइटन पर तरल मीथेन के सागरों में जीवन की संभावना जताई है. कई वैज्ञानिक मानते हैं कि अंतरिक्ष में सूक्ष्म जीवों के रूप में जीवन भरपूर मात्रा में मौजूद है, और जीवन की उत्पत्ति पृथ्वी पर नहीं हुई बल्कि बाहरी अंतरिक्ष से आई है. हालांकि, इन दावों को पूरी तरह से प्रमाणित नहीं किया जा सका है. वैज्ञानिकों का एक दूसरा समूह मानता है कि पृथ्वी के बाहर जीवन तो मिल सकता है, लेकिन पृथ्वी जैसा विकसित जीवन मिलना बहुत मुश्किल है. उनका तर्क है कि जीवन के विकास के लिए केवल जल युक्त चट्टानी ग्रह होना ही काफी नहीं है, बल्कि कई अन्य जटिल परिस्थितियाँ भी ज़रूरी होती हैं. मेरी अपनी सोच है कि ब्रह्मांड इतना विशाल है कि पृथ्वी जैसी अनगिनत आकाशगंगाओं में जीवन का होना बहुत स्वाभाविक लगता है. हमें अभी तक सीधे सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन वैज्ञानिकों की खोज जारी है. इसलिए, हमें उम्मीद रखनी चाहिए कि भविष्य में हमें पृथ्वी के बाहर जीवन के और प्रमाण मिलेंगे.
In simple words: वैज्ञानिक सोचते हैं कि अगले कुछ सालों में पृथ्वी के बाहर जीवन के सबूत मिल सकते हैं. कुछ मानते हैं कि जीवन अंतरिक्ष से आया, जबकि कुछ को लगता है कि पृथ्वी जैसा विकसित जीवन मिलना मुश्किल है. मुझे लगता है कि इतने बड़े ब्रह्मांड में जीवन कहीं और भी जरूर होगा.
🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अपनी व्यक्तिगत राय को अलग-अलग स्पष्ट भागों में लिखें, और वैज्ञानिक खोजों के उदाहरण दें.
Question 18. उपग्रहों के महत्त्व को विस्तार से समझाइए।
Answer: उपग्रहों का महत्त्व कई क्षेत्रों में है, जो मानव जीवन को बेहतर बनाते हैं:
(1) **पर्यावरण के क्षेत्र में:** कृत्रिम उपग्रह बादलों की तस्वीरें, वायुमंडल से जुड़ी जानकारी, और ओजोन परत में छेद जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं देते हैं. दूर संवेदन (Remote Sensing) तकनीक और ध्रुवीय उपग्रह मौसम विज्ञान तथा पर्यावरण अध्ययन के लिए बहुत उपयोगी हैं. यह हमें पर्यावरण परिवर्तनों को समझने में मदद करता है.
(2) **दूरसंचार के क्षेत्र में:** कृत्रिम उपग्रह टेलीफोन, मोबाइल, रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट जैसे संचार साधनों के लिए तरंगें प्राप्त करते हैं और उन्हें पृथ्वी के अलग-अलग स्थानों पर भेजते हैं. इससे दुनिया भर में संचार आसान हो जाता है.
(3) **कृषि क्षेत्र में:** कृषि क्षेत्र में उपग्रहों का बहुत योगदान है. वे फसल के क्षेत्रफल और उसके उत्पादन का अनुमान लगाने में मदद करते हैं. यह सूखे और बाढ़ की चेतावनी भी देते हैं, जिससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सके. इसके अलावा, भूमिगत जल की खोज करके जल संसाधनों का प्रबंधन भी संभव होता है.
(4) **रक्षा क्षेत्र में:** कृत्रिम उपग्रह रक्षा क्षेत्र में भी बहुत उपयोगी हैं. वे हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सैनिक ठिकानों की निगरानी रखते हैं, जिससे सुरक्षा का प्रबंधन आसान होता है. सैनिक गतिविधियों की जासूसी, वायुयान, जहाज, व्यक्ति या वस्तु के सही स्थान का पता लगाना और GPS द्वारा दुश्मन के विमानों पर निगरानी रखना संभव होता है. इस प्रकार, उपग्रह सुरक्षा को मजबूत करते हैं.
In simple words: उपग्रह हमारे लिए बहुत जरूरी हैं. वे मौसम की जानकारी देते हैं, फोन और इंटरनेट चलाने में मदद करते हैं, खेती के काम आते हैं, और देश की सुरक्षा में भी सहायक होते हैं.
🎯 Exam Tip: उपग्रहों के महत्व को विभिन्न क्षेत्रों (पर्यावरण, दूरसंचार, कृषि, रक्षा) में वर्गीकृत करें और प्रत्येक क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान का वर्णन करें.
Question 19. विश्व अन्तरिक्ष अभियान में भारत का महत्त्व समझाइए।
Answer: विश्व अंतरिक्ष अभियान में भारत का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है. भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान विभाग की स्थापना से पहले ही बाहरी अंतरिक्ष की खोज का काम शुरू हो गया था. भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
(1) **शुरुआती उपग्रह:** भारत ने भौतिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों को प्रशिक्षित किया और उपग्रह बनाने की क्षमता विकसित की. पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट था, जिसका नाम महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया.
(2) **भास्कर श्रृंखला:** भारत का दूसरा उपग्रह भास्कर-1 था, जिसे 7 जून, 1979 को रूस से छोड़ा गया. इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना था. भास्कर-2 भी बाद में लॉन्च किया गया, जिससे भारत को सुदूर संवेदन उपग्रहों के विकास में मदद मिली.
(3) **IRS श्रृंखला:** 1983 में भारतीय दूर संवेदी उपग्रह प्रणाली देश को समर्पित की गई. IRS-1A और IRS-1B जैसे उपग्रहों को रूस से लॉन्च किया गया, जिन्होंने पृथ्वी की स्पष्ट तस्वीरें प्रदान कीं. बाद में IRS-1C और IRS-P3 जैसे अधिक उन्नत उपग्रह भी लॉन्च किए गए, जिन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ किया.
(4) **संचार उपग्रह:** 1970 के दशक में भारत को संचार के लिए विदेशी उपग्रहों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन 1975-76 में उपग्रह निर्देशित दूरदर्शन प्रयोग (SITE) के बाद भारत ने अंतरिक्ष संचार में प्रवेश किया. 1981 में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की मदद से भारत का पहला भू-स्थिर कक्षा उपग्रह APPLE लॉन्च किया गया, जो संचार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर था.
भारत आज 50 से अधिक विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर चुका है, जिससे यह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक आत्मनिर्भर देश बन गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया है, और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिकों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
In simple words: भारत ने अंतरिक्ष में बहुत तरक्की की है. हमने आर्यभट्ट और भास्कर जैसे अपने उपग्रह बनाए. हमने मौसम और संचार के लिए कई उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे. आज भारत खुद उपग्रह बनाता है और दूसरे देशों के लिए भी उपग्रह छोड़ता है.
🎯 Exam Tip: भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में विभिन्न चरणों और प्रमुख उपग्रहों के नामों को क्रमबद्ध तरीके से बताएं. ISRO और उसके प्रमुख वैज्ञानिकों के योगदान पर जोर दें.
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. पायोनियर-10 कब प्रक्षेपित किया गया ?
(a) 1966
(b) 1968
(c) 1970
(d) 1972
Answer: (d) 1972
In simple words: पायोनियर-10 को साल 1972 में अंतरिक्ष में भेजा गया था.
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों के लॉन्च वर्ष को सटीक रूप से याद रखें.
Question 2. स्पूतनिक-1 को अन्तरिक्ष में भेजा गया –
(a) 1955
(b) 1956
(c) 1957
(d) 1958
Answer: (c) 1957
In simple words: स्पूतनिक-1 को साल 1957 में अंतरिक्ष में भेजा गया था, यह अंतरिक्ष में जाने वाला पहला मानव निर्मित उपग्रह था.
🎯 Exam Tip: स्पूतनिक-1 अंतरिक्ष इतिहास में एक मील का पत्थर है, इसलिए इसके लॉन्च वर्ष को याद रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है.
Question 3. किस ग्रह पर जीवन की तलाश खोजी जा रही है?
(a) मंगल
(b) बुध
(c) शुक्र
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (a) मंगल
In simple words: वैज्ञानिक मंगल ग्रह पर जीवन के निशान ढूंढ रहे हैं क्योंकि यह पृथ्वी जैसा ही है और यहां पानी की संभावना है.
🎯 Exam Tip: जीवन की खोज से जुड़े मुख्य ग्रहों के नाम और उनके कारणों को ध्यान में रखें.
Question 5. भारत द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गये प्रवाह का नाम है –
(a) भास्कर-1
(b) आर्यभट्ट
(c) कल्पना-1
(d) इनसेट-1
Answer: (b) आर्यभट्ट
In simple words: आर्यभट्ट भारत का पहला उपग्रह था जिसे अंतरिक्ष में भेजा गया था. यह हमारे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी.
🎯 Exam Tip: भारत के पहले उपग्रह का नाम और उसके महत्व को याद रखें, यह अक्सर पूछा जाता है.
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. खगोलशास्त्र की परिभाषा लिखिए।
Answer: खगोलशास्त्र विज्ञान की वह शाखा है जिसमें पृथ्वी पर रहकर अंतरिक्ष, खगोलीय पिंडों (जैसे तारे, ग्रह, गैलेक्सी) और ब्रह्मांड की घटनाओं का अध्ययन किया जाता है. यह हमें ब्रह्मांड को समझने में मदद करता है.
In simple words: खगोलशास्त्र मतलब पृथ्वी से अंतरिक्ष की चीजों जैसे तारे और ग्रहों का अध्ययन करना.
🎯 Exam Tip: परिभाषा को संक्षिप्त और स्पष्ट रखें, जिसमें 'खगोलशास्त्र' के मूल विषय (अंतरिक्ष का अध्ययन) पर जोर हो.
Question 2. अंतरिक्ष से पृथ्वी का पहला चित्र कब खींचा गया ?
Answer: अंतरिक्ष से पृथ्वी का पहला चित्र 1946 में खींचा गया था. यह एक ऐतिहासिक क्षण था जब इंसान ने अपनी पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखा.
In simple words: अंतरिक्ष से पृथ्वी की पहली फोटो 1946 में ली गई थी.
🎯 Exam Tip: ऐसे तथ्यात्मक प्रश्नों में तारीख या वर्ष को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 3. अंतरिक्ष अनुसन्धान के क्षेत्र में अग्रणी दो देशों के नाम लिखिए।
Answer: अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी दो देश हैं:
(i) रूस (पूर्व सोवियत संघ)
(ii) संयुक्त राज्य अमेरिका
ये दोनों देश अंतरिक्ष दौड़ के प्रमुख खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने अंतरिक्ष खोज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
In simple words: रूस और अमेरिका अंतरिक्ष की खोज में सबसे आगे हैं.
🎯 Exam Tip: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में प्रमुख देशों के नाम याद रखें, खासकर सोवियत संघ (रूस) और अमेरिका.
Question 5. भारतीय मूल की महिला अंतरिक्ष यात्री का नाम लिखिए।
Answer: भारतीय मूल की महिला अंतरिक्ष यात्री का नाम सुनीता विलियम्स है. उन्होंने कई बार अंतरिक्ष की यात्रा की है और लंबे समय तक अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर रही हैं.
In simple words: भारतीय मूल की महिला अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स हैं.
🎯 Exam Tip: भारत से जुड़े प्रमुख अंतरिक्ष यात्रियों के नाम, खासकर महिलाओं के नाम, याद रखें.
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कृत्रिम उपग्रह के दो उपयोग लिखिए।
Answer: कृत्रिम उपग्रहों के दो मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:
(1) **मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाना:** उपग्रह हमें बादलों की गति, तूफान, वर्षा और तापमान के बारे में सटीक जानकारी भेजते हैं. इससे हम मौसम का सही अनुमान लगा पाते हैं और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की तैयारी कर सकते हैं.
(2) **भूगर्भ में स्थित खनिज संसाधन का पता लगाना:** उपग्रह पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद खनिज पदार्थों, तेल और गैस भंडारों का पता लगाने में मदद करते हैं. यह जानकारी खनन और ऊर्जा उद्योगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इस तरह, उपग्रह हमारी पृथ्वी और उसके संसाधनों को समझने में सहायक होते हैं.
In simple words: उपग्रह मौसम बताते हैं और जमीन के नीचे के खनिजों को ढूंढने में मदद करते हैं.
🎯 Exam Tip: उपग्रहों के उपयोगों को दो अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट रूप से बताएं, और प्रत्येक बिंदु की थोड़ी व्याख्या भी करें.
Question 2. अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन के बारे में लिखिए।
Answer: अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (ISS) पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित एक बहुत बड़ा उपग्रह है. यह मानव द्वारा निर्मित सबसे बड़ी कृत्रिम संरचना है और इसे पृथ्वी से बिना दूरबीन के भी देखा जा सकता है, खासकर सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद यह एक चमकदार बिंदु के रूप में दिखता है. ISS पृथ्वी से लगभग 330 से 435 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक गोलाकार पथ पर घूमता रहता है. यह एक दिन में पृथ्वी के 15 से अधिक चक्कर लगा लेता है. यह एक प्रयोगशाला के रूप में कार्य करता है जहाँ वैज्ञानिक अंतरिक्ष में रहते और विभिन्न शोध करते हैं.
In simple words: अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन एक बड़ा अंतरिक्ष घर है जो पृथ्वी के ऊपर घूमता है. इसे बिना दूरबीन के भी देखा जा सकता है और यहां वैज्ञानिक काम करते हैं.
🎯 Exam Tip: ISS की मुख्य विशेषताओं (स्थान, दृश्यता, दूरी, चक्कर की संख्या) और उसके कार्य (प्रयोगशाला) को संक्षेप में बताएं.
Question 3. विश्व की प्रमुख तीन अंतरिक्ष एजेन्सियों के नाम लिखिये।
Answer: विश्व की प्रमुख तीन अंतरिक्ष एजेन्सियाँ निम्नलिखित हैं:
• रूस की रोसकोसमोस (Roscosmos)
• अमेरिका की नासा (NASA)
• भारत की इसरो (ISRO)
ये एजेंसियां अंतरिक्ष अनुसंधान, रॉकेट लॉन्च और अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने में अग्रणी भूमिका निभाती हैं. नासा और रोसकोसमोस ने मानव अंतरिक्ष उड़ान में ऐतिहासिक योगदान दिया है, जबकि इसरो ने अपने कम लागत वाले अभियानों से दुनिया को प्रभावित किया है.
In simple words: दुनिया की तीन बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियां रूस की रोसकोसमोस, अमेरिका की नासा और भारत की इसरो हैं.
🎯 Exam Tip: प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के नामों को सही वर्तनी के साथ सूचीबद्ध करें.
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 2. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के योगदान पर लेख लिखिए।
Answer: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसकी स्थापना 1969 में हुई थी, जब परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा 1962 में गठित इण्डियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च (INCOSPAR) को ISRO के रूप में पुनर्गठित किया गया. भारत में कृत्रिम उपग्रहों का निर्माण, विकास और प्रक्षेपण ISRO द्वारा ही किया जा रहा है. यह संगठन अंतरिक्ष और ग्रहों से संबंधित अनुसंधान और विकास कार्य करता है. ISRO के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भारतीय उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. आज भारत अपने उच्च स्तरीय उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाने में आत्मनिर्भर हो गया है. ISRO ने 50 से अधिक विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा है. ISRO के प्रमुख प्रक्षेपण केंद्र श्री हरिकोटा (SHAR) आंध्र प्रदेश में है, और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय केंद्र अहमदाबाद की फिजिकल रिसर्च लेबोरेट्री (PRL) और तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र भी इसके महत्वपूर्ण संस्थान हैं. ISRO ने संचार, सुदूर संवेदन, मौसम विज्ञान और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है. इस संगठन ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित किया है.
In simple words: ISRO ने भारत को अंतरिक्ष में बहुत आगे बढ़ाया है. यह उपग्रह बनाता है और अंतरिक्ष में भेजता है. ISRO ने भारत को दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय खुद के रॉकेट और उपग्रह बनाने वाला देश बना दिया है.
🎯 Exam Tip: ISRO की स्थापना, उसके प्रमुख योगदान (उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण), महत्वपूर्ण परियोजनाएं और प्रमुख केंद्रों का उल्लेख करें. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे प्रमुख व्यक्तियों का नाम भी शामिल करें.
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