RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 2 वास्तविक संख्याएँ More Ques

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Detailed Chapter 2 वास्तविक संख्याएँ RBSE Solutions for Class 10 Mathematics

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Class 10 Mathematics Chapter 2 वास्तविक संख्याएँ RBSE Solutions PDF

विविध प्रश्नमाला 2

 

Question 1. 196 के अभाज्य गुणनखण्डों की घातों का योगफल है
(क) 1
(ख) 2
(ग) 4
(घ) 6
Answer: (ग) 4
In simple words: 196 के अभाज्य गुणनखंड करने पर, जो संख्याएँ घात में आती हैं, उन सभी घातों को जोड़ने पर 4 मिलता है।

🎯 Exam Tip: अभाज्य गुणनखंड करने के बाद, प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की घातों को ध्यान से जोड़ें, किसी को भी छोड़ें नहीं।

 

Question 2. दो संख्याओं को \( m = pq^3 \) तथा \( n = p^3q^2 \) के रूप में लिखा जाये तब \( m, n \) का महत्तम समापवर्तक बताइये जबकि \( p, q \) अभाज्य संख्याएँ हैं
(क) pq
(ख) \( pq^2 \)
(ग) \( p^2q^2 \)
(घ) \( p^3q^3 \)
Answer: (ख) \( pq^2 \)
In simple words: दो संख्याओं का HCF निकालने के लिए, जो भी कॉमन अभाज्य संख्याएँ (p और q) हैं, उनकी सबसे छोटी घातों को एक साथ गुणा करते हैं।

🎯 Exam Tip: महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करते समय, हमेशा उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घातों का चयन करें।

 

Question 3. 95 तथा 152 का महत्तम समापवर्तक (HCF) है
(क) 1
(ख) 19
(ग) 57
(घ) 38
Answer: (ख) 19
In simple words: 95 और 152 को जिस सबसे बड़ी संख्या से पूरा-पूरा भाग दिया जा सकता है, वह 19 है।

🎯 Exam Tip: HCF ज्ञात करने के लिए, संख्याओं के अभाज्य गुणनखंड करें और उभयनिष्ठ गुणनखंडों की न्यूनतम घातों को गुणा करें।

 

Question 5. संख्या \( \frac { 441}{{2}^{2}\times {5}^{7}\times {7}^{2}} \) का दशमलव प्रसार होगा.
(क) सांत
(ख) असांत आवर्ती
(ग) सांत एवं असांत दोनों
(घ) संख्या, परिमेय संख्या नहीं है।
Answer: (ख) असांत आवर्ती
In simple words: किसी भी भिन्न का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती होता है यदि उसके हर (नीचे वाली संख्या) के गुणनखंड में 2 और 5 के अलावा कोई और अभाज्य संख्या भी हो।

🎯 Exam Tip: किसी भिन्न का दशमलव प्रसार सांत तभी होता है जब उसके हर के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 और 5 या दोनों हों। अगर कोई और अभाज्य गुणनखंड है, तो यह असांत आवर्ती होगा।

 

Question 6. परिमेय संख्या 2 के दशमलव प्रसार को दशमलव के कितने अंकों के पश्चात् अंत होगा?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार
Answer: (ग) तीन
In simple words: परिमेय संख्या 2 का दशमलव रूप सिर्फ 2.0 होता है। अगर यह 2/1000 जैसी संख्या होती तो 3 अंक बाद खत्म होती।

🎯 Exam Tip: किसी परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार कितने अंकों के बाद शांत होगा, यह उसके हर में 2 और 5 की अधिकतम घात पर निर्भर करता है। यहाँ प्रश्न में सिर्फ 'परिमेय संख्या 2' दिया गया है, जो एक पूर्णांक है। दशमलव प्रसार में, '2' को \( \frac{2}{1} \) के रूप में लिखा जा सकता है। इसका दशमलव प्रसार \( 2.0 \) होता है, जो एक अंक (दशमलव के बाद) के रूप में समाप्त होता है, या इसे किसी भी संख्या में 0s के साथ दर्शाया जा सकता है। प्रश्न में 'कितने अंकों के पश्चात् अंत होगा?' यह इंगित करता है कि कुछ संदर्भ या संख्या दी जानी चाहिए थी, क्योंकि '2' अपने आप में एक पूर्णांक है। अगर यह \( \frac{2}{1000} \) होता, तो 3 अंकों के बाद शांत होता। चूंकि उत्तर में तीन अंक दिए गए हैं, इसलिए यह संभव है कि प्रश्न में कोई भिन्न संख्या (जैसे \( \frac{2}{8} \) या \( \frac{2}{125} \)) का जिक्र हो, जो OCR में छूट गई हो, या फिर इसे \( \frac{2}{1} \) को 3 दशमलव स्थानों तक दर्शाने के रूप में माना गया हो। एक पूर्णांक का दशमलव प्रसार 0 अंकों के बाद ही समाप्त माना जाता है (जैसे 2.0)। हालांकि, प्रश्न के उत्तर विकल्प को देखते हुए, यदि इसे किसी भिन्न के संदर्भ में समझा जाए, तो जैसे \( \frac{2}{8} = \frac{1}{4} = 0.25 \) (2 अंक) या \( \frac{2}{125} = 0.016 \) (3 अंक)। यदि प्रश्न का मूल रूप \( \frac{X}{Y} \) होता और Y के गुणनखंड \( 2^a \cdot 5^b \) होते, तो शांत होने वाले अंकों की संख्या \( \max(a, b) \) होती। इस प्रश्न के संदर्भ में, सबसे उचित होगा कि दिए गए उत्तर (ग) तीन के लिए \( \frac{2}{125} \) या \( \frac{2}{1000} \) जैसी कोई भिन्न संख्या हो। चूंकि मूल प्रश्न सिर्फ "परिमेय संख्या 2" कहता है, और उत्तर "तीन" है, यह एक अस्पष्ट प्रश्न है। दिए गए उत्तर विकल्प के आधार पर, यह मान लेना उचित होगा कि प्रश्न का तात्पर्य किसी अन्य भिन्न संख्या से है जिसका हर \( 2^a \times 5^b \) के रूप में हो और \( \max(a, b) = 3 \) हो।

 

Question 7. सबसे न्यूनतम संख्या जिससे \( \sqrt {27} \) को गुणा करने पर एक प्राकृत संख्या प्राप्त होती है, होगी
(क) 3
(ख) 3
(ग) 9
(घ) 343
Answer: (ख) 3
In simple words: \( \sqrt{27} \) को एक प्राकृत संख्या बनाने के लिए, हमें इसे \( \sqrt{3} \) से गुणा करना होगा, ताकि यह \( \sqrt{81} = 9 \) बन जाए। दिए गए विकल्पों में \( \sqrt{3} \) का मान 3 है।

🎯 Exam Tip: जब भी किसी अपूर्ण वर्ग संख्या के वर्गमूल को प्राकृत संख्या में बदलना हो, तो उसके अंदर के गुणनखंडों को पूरा वर्ग बनाने के लिए आवश्यक सबसे छोटी संख्या से गुणा करें। \( \sqrt{27} = \sqrt{9 \times 3} = 3\sqrt{3} \), तो इसे एक प्राकृत संख्या बनाने के लिए \( \sqrt{3} \) से गुणा करना होगा।

 

Question 9. यदि a तथा 18 का LCM 36 है तथा a तथा 18 को HCF 2 है, तो a का मान होगा-
(क) 1
(ख) 2
(ग) 5
(घ) 4
Answer: (घ) 4
In simple words: हमें पता है कि दो संख्याओं (a और 18) का गुणा उनके LCM (36) और HCF (2) के गुणा के बराबर होता है। इस नियम का इस्तेमाल करके हम 'a' का मान 4 निकाल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: दो संख्याओं के गुणनफल और उनके LCM तथा HCF के बीच का संबंध याद रखें: \( \text{संख्या}1 \times \text{संख्या}2 = \text{LCM} \times \text{HCF} \)। यह सूत्र ऐसे प्रश्नों को हल करने में बहुत उपयोगी है।

 

Question 10. यदि \( n \) एक प्राकृत संख्या है, तो \( 6^n - 5^n \) में इकाई का अंक है-
(क) 1
(ख) 6
(ग) 5
(घ) 9
Answer: (क) 1
In simple words: \( 6^n \) का इकाई अंक हमेशा 6 होता है और \( 5^n \) का इकाई अंक हमेशा 5 होता है। तो, \( 6^n - 5^n \) का इकाई अंक \( 6 - 5 = 1 \) होगा।

🎯 Exam Tip: किसी संख्या की घात में इकाई का अंक ज्ञात करने के लिए, केवल आधार के इकाई अंक की घातों के पैटर्न को देखें। 6 की कोई भी घात 6 पर समाप्त होती है, और 5 की कोई भी घात 5 पर समाप्त होती है।

 

Question 11. यदि \( \frac {p}{q} \left( q\neq 0 \right) \) एक परिमेय संख्या है, तो q पर क्या प्रतिबन्ध होगा जबकि \( \frac {p}{q} \) एक सात दशमलव हो।
Answer: हर \( q \) के अभाज्य गुणनखण्ड \( 2^m \times 5^n \) के रूप के होंगे, जहाँ \( m, n \) ऋणेत्तर पूर्णाक हैं। हर का अर्थ है कि हर में \( 2 \) और \( 5 \) के अलावा कोई अन्य अभाज्य गुणनखंड नहीं होगा, और \( m \) व \( n \) या तो धनात्मक पूर्णांक होंगे या शून्य भी हो सकते हैं।
In simple words: अगर किसी भिन्न \( \frac{p}{q} \) को दशमलव में लिखने पर वह खत्म हो जाती है (सांत दशमलव), तो उसके नीचे वाली संख्या \( q \) के गुणनखंड में केवल 2 और 5 होने चाहिए, कोई और संख्या नहीं।

🎯 Exam Tip: सांत दशमलव प्रसार के लिए हर के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 या 5 या दोनों होने चाहिए। यदि कोई अन्य अभाज्य संख्या मौजूद है, तो दशमलव प्रसार असांत आवर्ती होगा।

 

Question 12. सरल कर बताइए कि संख्या \( \frac {2\sqrt { 45 } +3\sqrt { 20 }}{2\sqrt {5}} \) एक परिमेय संख्या है या अपरिमेय संख्या?
Answer:
हमें दिए गए व्यंजक को सरल करना है:
\( \frac {2\sqrt { 45 } +3\sqrt { 20 }}{2\sqrt {5}} \)
पहले वर्गमूल वाली संख्याओं को सरल करें:
\( \sqrt{45} = \sqrt{9 \times 5} = 3\sqrt{5} \)
\( \sqrt{20} = \sqrt{4 \times 5} = 2\sqrt{5} \)
अब इन मानों को व्यंजक में रखें:
\( \frac {2(3\sqrt {5}) +3(2\sqrt {5})}{2\sqrt {5}} \)
\( \frac {6\sqrt {5} +6\sqrt {5}}{2\sqrt {5}} \)
\( \frac {12\sqrt {5}}{2\sqrt {5}} \)
\( \frac {12}{2} = 6 \)
चूंकि \( 6 \) एक परिमेय संख्या है, इसलिए दिया गया व्यंजक सरल करने पर एक परिमेय संख्या है। संख्याओं को सरल करने से यह पता चलता है कि यह \( \frac{p}{q} \) के रूप में लिखी जा सकती है।
In simple words: पहले \( \sqrt{45} \) और \( \sqrt{20} \) को सरल करेंगे। फिर सभी संख्याओं को जोड़कर भाग देने पर हमें 6 मिलता है, जो एक परिमेय संख्या है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, पहले वर्गमूल के अंदर की संख्याओं को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़कर सरल करें, फिर जोड़ें या घटाएं। यदि अंत में एक पूर्णांक या भिन्न प्राप्त होती है, तो वह परिमेय संख्या होती है।

 

Question 13. दर्शाइए कि कोई भी धनात्मक विषम पूर्णांक \( 4q +1 \) या \( 4q + 3 \) के रूप का होता है, जहाँ \( q \) कोई पूर्णाक है।
Answer: मान लीजिए कि \( a \) एक धनात्मक विषम संख्या है। यूक्लिड के भाग एल्गोरिथम के अनुसार, जब हम \( a \) को \( 4 \) से भाग देते हैं, तो शेषफल \( 0, 1, 2, \) या \( 3 \) हो सकता है। इसलिए, \( a \) के संभावित रूप \( 4q, 4q+1, 4q+2, \) या \( 4q+3 \) होते हैं, जहाँ \( q \) कोई पूर्णांक है। क्योंकि \( a \) एक विषम संख्या है, यह \( 4q \) या \( 4q+2 \) के रूप में नहीं हो सकती, क्योंकि ये दोनों संख्याएँ \( 2 \) से पूरी तरह विभाज्य हैं, जिसका मतलब है कि वे सम संख्याएँ हैं। इस प्रकार, कोई भी धनात्मक विषम पूर्णांक हमेशा \( 4q+1 \) या \( 4q+3 \) के रूप में होता है। यह तरीका बताता है कि विषम संख्याएं 4 से भाग देने पर किस तरह का शेषफल देती हैं।
In simple words: मान लीजिए एक विषम संख्या है। जब इस विषम संख्या को 4 से भाग देते हैं, तो शेषफल 1 या 3 ही बचता है। इसलिए, कोई भी विषम संख्या या तो (4 गुना कोई संख्या + 1) या (4 गुना कोई संख्या + 3) जैसी दिखती है।

🎯 Exam Tip: यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का उपयोग करते समय, \( b \) का मान सावधानी से चुनें (यहाँ \( b=4 \)) और फिर संभावित शेषफलों पर विचार करें। विषम और सम संख्याओं की परिभाषा का सही उपयोग करें।

 

Question 14. सिद्ध कीजिए कि दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों का गुणनफल 2 से भाज्य है।
Answer: मान लीजिए पहला धनात्मक पूर्णांक \( n \) है। तब इसके बाद आने वाला दूसरा धनात्मक पूर्णांक \( n+1 \) होगा। हमें यह सिद्ध करना है कि इन दोनों का गुणनफल, यानी \( n(n+1) \), हमेशा 2 से विभाजित होता है। हम जानते हैं कि कोई भी पूर्णांक या तो सम होता है या विषम।
**स्थिति I:** यदि \( n \) एक सम पूर्णांक है।
तब \( n \) को \( 2k \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( k \) कोई पूर्णांक है।
तो, गुणनफल \( n(n+1) = (2k)(2k+1) = 2k(2k+1) \)।
चूंकि इस गुणनफल में \( 2 \) एक गुणनखंड है, इसलिए यह 2 से भाज्य है।
**स्थिति II:** यदि \( n \) एक विषम पूर्णांक है।
तब \( n \) को \( 2k+1 \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( k \) कोई पूर्णांक है।
तो, \( n+1 = (2k+1)+1 = 2k+2 = 2(k+1) \)।
अब, गुणनफल \( n(n+1) = (2k+1)(2(k+1)) = 2(2k+1)(k+1) \)।
चूंकि इस गुणनफल में भी \( 2 \) एक गुणनखंड है, इसलिए यह भी 2 से भाज्य है।
दोनों ही स्थितियों में, दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों का गुणनफल हमेशा 2 से भाज्य होता है। इसका मतलब है कि दो लगातार संख्याओं में से एक हमेशा सम होती है।
In simple words: दो लगातार संख्याओं को गुणा करने पर जो उत्तर आता है, वह हमेशा 2 से भाग हो जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दो लगातार संख्याओं में से एक हमेशा सम संख्या होती है, और सम संख्या 2 से भाग हो जाती है।

🎯 Exam Tip: ऐसे सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, पूर्णांक के सम और विषम होने की दोनों स्थितियों पर विचार करना महत्वपूर्ण है। यह यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथम का एक सीधा अनुप्रयोग है।

 

Question 15. वह बड़ी से बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 2053 और 967 को विभाजित करने पर शेषफल क्रमशः 5 तथा 7 प्राप्त होते हैं।
Answer: हमें वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करनी है जो 2053 और 967 को विभाजित करने पर क्रमशः 5 और 7 शेषफल देती है। इसका मतलब है कि, अगर हम 2053 में से 5 घटा दें और 967 में से 7 घटा दें, तो जो संख्याएँ मिलेंगी, वे उस अभीष्ट संख्या से पूरी तरह विभाज्य होंगी।
पहली संख्या: \( 2053 - 5 = 2048 \)
दूसरी संख्या: \( 967 - 7 = 960 \)
अब, हमें 2048 और 960 का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करना है। HCF वह सबसे बड़ी संख्या होती है जो दोनों संख्याओं को पूरी तरह विभाजित करती है।
अभाज्य गुणनखंड विधि का उपयोग करके HCF ज्ञात करें:
\( 2048 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 = 2^{11} \)
\( 960 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 5 = 2^6 \times 3 \times 5 \)
दोनों संख्याओं के उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घातों का गुणनफल HCF होता है। यहाँ उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड केवल 2 है, जिसकी न्यूनतम घात 6 है।
इसलिए, HCF \( = 2^6 = 64 \)
अतः, वह सबसे बड़ी संख्या 64 है। यह विधि हमें ऐसे प्रश्नों में सही भाजक ढूंढने में मदद करती है।
In simple words: पहले दी गई संख्याओं में से शेषफल (5 और 7) को घटाओ। फिर जो दो नई संख्याएँ (2048 और 960) मिलती हैं, उनका सबसे बड़ा कॉमन फैक्टर (HCF) निकालो। यही हमारा उत्तर (64) होगा।

🎯 Exam Tip: जब शेषफल दिया गया हो, तो हमेशा संख्याओं में से शेषफल को घटाकर नई संख्याएँ प्राप्त करें। फिर, उन नई संख्याओं का HCF ज्ञात करें, जो कि अभीष्ट सबसे बड़ी संख्या होगी।

 

Question 16. व्याख्या कीजिए कि \( 7 \times 11 \times 13 + 13 \) और \( 7 \times 6 \times 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 + 5 \) भाज्य संख्याएँ क्यों हैं ?
Answer: कोई संख्या भाज्य कहलाती है यदि उसके 1 और स्वयं के अतिरिक्त कोई और गुणनखंड हो।
पहला व्यंजक: \( 7 \times 11 \times 13 + 13 \)
इस व्यंजक में से हम \( 13 \) को उभयनिष्ठ (कॉमन) ले सकते हैं:
\( 13 \times (7 \times 11 \times 1 + 1) \)
\( 13 \times (77 + 1) \)
\( 13 \times 78 \)
अब, \( 78 \) को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ें: \( 78 = 2 \times 3 \times 13 \)
तो, व्यंजक \( = 13 \times (2 \times 3 \times 13) = 2 \times 3 \times 13^2 \)
चूंकि यह संख्या 1, 2, 3, 13, 78, 1014 (और अन्य) से विभाज्य है, इसलिए इसके 1 और स्वयं (1014) के अलावा अन्य गुणनखंड (जैसे 2, 3, 13) हैं। अतः, यह एक भाज्य संख्या है। यह अंकगणित की आधारभूत प्रमेय का उपयोग करके सिद्ध होता है।
दूसरा व्यंजक: \( 7 \times 6 \times 5 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 + 5 \)
इस व्यंजक में से हम \( 5 \) को उभयनिष्ठ (कॉमन) ले सकते हैं:
\( 5 \times (7 \times 6 \times 1 \times 4 \times 3 \times 2 \times 1 + 1) \)
\( 5 \times (1008 + 1) \)
\( 5 \times 1009 \)
यहां, \( 5 \) और \( 1009 \) दोनों अभाज्य संख्याएँ हैं। चूंकि \( 5 \times 1009 \) एक ऐसी संख्या है जिसके गुणनखंड 1, 5, 1009 और स्वयं \( 5045 \) हैं। इसके 1 और स्वयं के अलावा अन्य गुणनखंड (5 और 1009) हैं। अतः, यह भी एक भाज्य संख्या है।
In simple words: कोई भी संख्या भाज्य तब होती है जब उसके 1 और खुद के अलावा और भी गुणनखंड हों। पहले सवाल में हम 13 को बाहर निकाल सकते हैं, जिससे 13 के अलावा भी गुणनखंड मिलते हैं। दूसरे सवाल में हम 5 को बाहर निकाल सकते हैं, जिससे 5 के अलावा भी गुणनखंड मिलते हैं। इसलिए, दोनों संख्याएँ भाज्य हैं।

🎯 Exam Tip: यह सिद्ध करने के लिए कि कोई संख्या भाज्य है, उसे दो या दो से अधिक छोटे पूर्णांकों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करने का प्रयास करें। उभयनिष्ठ गुणनखंड निकालने से यह अक्सर स्पष्ट हो जाता है।

 

Question 17. यदि दो संख्याओं 306 और 657 का महत्तम समापवर्तक 9 हो, तो इनका लघुत्तम समापवर्तक ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दो संख्याएँ दी गई हैं: 306 और 657।
इनका महत्तम समापवर्तक (HCF) = 9 दिया गया है।
हमें इनका लघुत्तम समापवर्तक (LCM) ज्ञात करना है।
हम जानते हैं कि दो संख्याओं का गुणनफल उनके HCF और LCM के गुणनफल के बराबर होता है।
सूत्र: \( \text{संख्या}1 \times \text{संख्या}2 = \text{HCF} \times \text{LCM} \)
मान रखने पर:
\( 306 \times 657 = 9 \times \text{LCM} \)
अब, LCM ज्ञात करने के लिए समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करें:
\( \text{LCM} = \frac { 306 \times 657 }{ 9 } \)
पहले 306 को 9 से भाग दें:
\( 306 \div 9 = 34 \)
अब, \( \text{LCM} = 34 \times 657 \)
\( \text{LCM} = 22338 \)
अतः, 306 और 657 का लघुत्तम समापवर्तक 22338 है। यह सूत्र संख्याओं के गुणों को समझने में मदद करता है।
In simple words: दो संख्याओं (306 और 657) का गुणा उनके HCF (9) और LCM के गुणा के बराबर होता है। इस नियम का इस्तेमाल करके, हम 306 और 657 का गुणा करेंगे और उसे 9 से भाग दे देंगे, जिससे हमें LCM (22338) मिल जाएगा।

🎯 Exam Tip: यह सूत्र \( \text{संख्या}1 \times \text{संख्या}2 = \text{HCF} \times \text{LCM} \) दो संख्याओं के लिए ही मान्य है। इसे तीन या अधिक संख्याओं पर सीधा लागू नहीं किया जा सकता।

 

Question 18. एक आयताकार बरामदा 18 मी. 72 सेमी. लम्बा तथा 13 मी. 20 सेमी. चौड़ा है। इसमें समान विमाओं वाली वर्गाकार टाइलें लगानी हैं। इस प्रकार की टाइलों की न्यूनतम संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: सबसे पहले, बरामदे की लंबाई और चौड़ाई को एक ही इकाई (सेमी.) में बदलें।
बरामदे की लम्बाई \( = 18 \) मी. \( 72 \) सेमी. \( = 18 \times 100 + 72 = 1800 + 72 = 1872 \) सेमी.
बरामदे की चौड़ाई \( = 13 \) मी. \( 20 \) सेमी. \( = 13 \times 100 + 20 = 1300 + 20 = 1320 \) सेमी.
वर्गाकार टाइलों की न्यूनतम संख्या के लिए, टाइल का आकार अधिकतम होना चाहिए। अधिकतम आकार के लिए हमें लंबाई और चौड़ाई का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करना होगा।
\( 1872 \) और \( 1320 \) का HCF ज्ञात करें।
अभाज्य गुणनखंड विधि से:
\( 1872 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 3 \times 13 = 2^4 \times 3^2 \times 13 \)
\( 1320 = 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 5 \times 11 = 2^3 \times 3 \times 5 \times 11 \)
उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घातों का गुणनफल HCF होता है:
\( \text{HCF} = 2^3 \times 3^1 = 8 \times 3 = 24 \)
अतः, प्रत्येक वर्गाकार टाइल की भुजा \( 24 \) सेमी. होगी।
अब, टाइलों की न्यूनतम संख्या ज्ञात करें:
टाइल की संख्या \( = \frac { \text{बरामदे का क्षेत्रफल} }{ \text{एक टाइल का क्षेत्रफल} } \)
बरामदे का क्षेत्रफल \( = 1872 \times 1320 \) वर्ग सेमी.
एक टाइल का क्षेत्रफल \( = 24 \times 24 \) वर्ग सेमी.
टाइल की संख्या \( = \frac { 1872 \times 1320 }{ 24 \times 24 } \)
\( = \frac { 1872 }{ 24 } \times \frac { 1320 }{ 24 } \)
\( = 78 \times 55 \)
\( = 4290 \)
अतः, बरामदे में लगाने के लिए वर्गाकार टाइलों की न्यूनतम संख्या \( 4290 \) है। यह वास्तविक जीवन में उपयोगी एक गणना है।
In simple words: पहले बरामदे की लंबाई और चौड़ाई को सेमी में बदलें। फिर इन दोनों का सबसे बड़ा कॉमन फैक्टर (HCF) निकालें, जो टाइल का आकार होगा। आखिर में, बरामदे के कुल क्षेत्रफल को एक टाइल के क्षेत्रफल से भाग दें, जिससे हमें टाइलों की सबसे कम संख्या मिल जाएगी।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में हमेशा इकाइयों को समान (जैसे मीटर से सेंटीमीटर) करें। न्यूनतम टाइलों के लिए, टाइल का आकार अधिकतम होना चाहिए, जो कि लंबाई और चौड़ाई का HCF होता है।

 

Question 19. सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित संख्याएँ अपरिमेय संख्याए हैं-
(i) \( 5\sqrt{2} \)
(ii) \( \frac{3}{\sqrt{7}} \)
(iii) \( \frac{3}{2\sqrt{5}} \)
(iv) \( 4+\sqrt{2} \)

Answer:
(i) \( 5\sqrt{2} \)
हमें सिद्ध करना है कि \( 5\sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है। इसके विपरीत, मान लीजिए कि \( 5\sqrt{2} \) एक परिमेय संख्या है।
तो, इसे \( \frac{a}{b} \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( a \) और \( b \) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \( b \neq 0 \)।
\( 5\sqrt{2} = \frac{a}{b} \)
\( \sqrt{2} = \frac{a}{5b} \)
क्योंकि \( a \) और \( b \) पूर्णांक हैं, तो \( \frac{a}{5b} \) एक परिमेय संख्या होगी। इसका मतलब है कि \( \sqrt{2} \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
परन्तु हम जानते हैं कि \( \sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है। यह एक विरोधाभास है।
इसलिए, हमारी यह कल्पना गलत है कि \( 5\sqrt{2} \) एक परिमेय संख्या है। अतः, \( 5\sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है।
(ii) \( \frac{3}{\sqrt{7}} \)
हमें सिद्ध करना है कि \( \frac{3}{\sqrt{7}} \) एक अपरिमेय संख्या है। इसके विपरीत, मान लीजिए कि \( \frac{3}{\sqrt{7}} \) एक परिमेय संख्या है।
तो, इसे \( \frac{a}{b} \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( a \) और \( b \) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \( b \neq 0 \)।
\( \frac{3}{\sqrt{7}} = \frac{a}{b} \)
\( 3b = a\sqrt{7} \)
\( \sqrt{7} = \frac{3b}{a} \)
क्योंकि \( a \) और \( b \) पूर्णांक हैं, तो \( \frac{3b}{a} \) एक परिमेय संख्या होगी। इसका मतलब है कि \( \sqrt{7} \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
परन्तु हम जानते हैं कि \( \sqrt{7} \) एक अपरिमेय संख्या है। यह एक विरोधाभास है।
इसलिए, हमारी यह कल्पना गलत है कि \( \frac{3}{\sqrt{7}} \) एक परिमेय संख्या है। अतः, \( \frac{3}{\sqrt{7}} \) एक अपरिमेय संख्या है।
(iii) \( \frac{3}{2\sqrt{5}} \)
हमें सिद्ध करना है कि \( \frac{3}{2\sqrt{5}} \) एक अपरिमेय संख्या है। इसके विपरीत, मान लीजिए कि \( \frac{3}{2\sqrt{5}} \) एक परिमेय संख्या है।
तो, इसे \( \frac{a}{b} \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( a \) और \( b \) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \( b \neq 0 \)।
\( \frac{3}{2\sqrt{5}} = \frac{a}{b} \)
\( 3b = 2a\sqrt{5} \)
\( \sqrt{5} = \frac{3b}{2a} \)
क्योंकि \( a \) और \( b \) पूर्णांक हैं, तो \( \frac{3b}{2a} \) एक परिमेय संख्या होगी। इसका मतलब है कि \( \sqrt{5} \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
परन्तु हम जानते हैं कि \( \sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है। यह एक विरोधाभास है।
इसलिए, हमारी यह कल्पना गलत है कि \( \frac{3}{2\sqrt{5}} \) एक परिमेय संख्या है। अतः, \( \frac{3}{2\sqrt{5}} \) एक अपरिमेय संख्या है।
(iv) \( 4+\sqrt{2} \)
हमें सिद्ध करना है कि \( 4+\sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है। इसके विपरीत, मान लीजिए कि \( 4+\sqrt{2} \) एक परिमेय संख्या है।
तो, इसे \( \frac{a}{b} \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( a \) और \( b \) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \( b \neq 0 \)।
\( 4+\sqrt{2} = \frac{a}{b} \)
\( \sqrt{2} = \frac{a}{b} - 4 \)
\( \sqrt{2} = \frac{a - 4b}{b} \)
क्योंकि \( a \) और \( b \) पूर्णांक हैं, तो \( \frac{a - 4b}{b} \) एक परिमेय संख्या होगी। इसका मतलब है कि \( \sqrt{2} \) भी एक परिमेय संख्या होगी।
परन्तु हम जानते हैं कि \( \sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है। यह एक विरोधाभास है।
इसलिए, हमारी यह कल्पना गलत है कि \( 4+\sqrt{2} \) एक परिमेय संख्या है। अतः, \( 4+\sqrt{2} \) एक अपरिमेय संख्या है। यह प्रमाण बताता है कि अपरिमेय संख्याओं को परिमेय संख्याओं के साथ जोड़ने या गुणा करने पर भी वे अपरिमेय ही रहती हैं।
In simple words: सभी मामलों में, हम मान लेंगे कि दी गई संख्या एक परिमेय संख्या है। फिर इसे \( \frac{a}{b} \) के रूप में लिखेंगे। हल करने पर, हमें \( \sqrt{2}, \sqrt{7}, \sqrt{5} \) जैसी संख्याएँ मिलेंगी जो परिमेय दिखेंगी, लेकिन हमें पता है कि वे अपरिमेय हैं। यह विरोधाभास दिखाता है कि हमारी शुरुआती धारणा गलत थी, और इसलिए दी गई संख्याएँ अपरिमेय हैं।

🎯 Exam Tip: अपरिमेयता सिद्ध करने के लिए 'विरोधाभास विधि' (proof by contradiction) का प्रयोग करें। पहले संख्या को परिमेय मानें, \( \frac{a}{b} \) के रूप में व्यक्त करें, और फिर सिद्ध करें कि यह एक ज्ञात तथ्य (जैसे \( \sqrt{2} \) अपरिमेय है) का खंडन करता है।

 

Question 20. निम्न परिमेय संख्याओं के हर के अभाज्य गुणनखण्डन के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
(i) 34.12345
(ii) \( 43.\overline {123456789} \)

Answer:
(i) 34.12345
यह संख्या एक सांत दशमलव संख्या है। सांत दशमलव संख्याओं को \( \frac{p}{q} \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ हर \( q \) के अभाज्य गुणनखण्ड केवल \( 2^m \times 5^n \) के रूप के होते हैं, जहाँ \( m \) और \( n \) ऋणेत्तर पूर्णांक हैं।
हम इसे ऐसे लिख सकते हैं:
\( 34.12345 = \frac{3412345}{100000} \)
\( = \frac{3412345}{10^5} \)
\( = \frac{3412345}{2^5 \times 5^5} \)
यहां, हर \( 100000 \) के अभाज्य गुणनखंड \( 2^5 \times 5^5 \) हैं। यह सिर्फ 2 और 5 की घातों में है, इसलिए इसका दशमलव प्रसार सांत है। इस गुण का उपयोग संख्याओं को वर्गीकृत करने में किया जाता है।
(ii) \( 43.\overline {123456789} \)
यह संख्या एक असांत आवर्ती दशमलव संख्या है, क्योंकि दशमलव के बाद के अंक एक निश्चित पैटर्न (123456789) में दोहराए जा रहे हैं।
असांत आवर्ती दशमलव संख्याओं को भी \( \frac{p}{q} \) के रूप में लिखा जा सकता है, लेकिन इनके हर \( q \) के अभाज्य गुणनखण्ड में \( 2 \) और \( 5 \) के अतिरिक्त कम से कम एक और अभाज्य गुणनखंड (जैसे 3, 7, 11 आदि) अवश्य होता है।
माना \( x = 43.\overline {123456789} \)
\( x = 43.123456789123456789... \quad (i) \)
यहां \( 9 \) अंक आवर्ती हैं, इसलिए दोनों पक्षों को \( 10^9 \) से गुणा करने पर:
\( 10^9 x = 43123456789.123456789... \quad (ii) \)
समीकरण \( (ii) \) में से \( (i) \) को घटाने पर:
\( 10^9 x - x = 43123456789 - 43 \)
\( (10^9 - 1) x = 43123456746 \)
\( 999999999 x = 43123456746 \)
\( x = \frac{43123456746}{999999999} \)
यहां हर \( 999999999 \) है। इसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 के अलावा अन्य अभाज्य संख्याएँ भी शामिल होंगी (जैसे \( 3, 37, 111, 137 \) आदि)। चूंकि इसके हर में 2 और 5 के अलावा अन्य अभाज्य गुणनखंड हैं, इसलिए इसका दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है।
In simple words: (i) \( 34.12345 \) एक ऐसा दशमलव है जो खत्म हो जाता है। इसका मतलब है कि इसके नीचे वाली संख्या (हर) के गुणनखंड में सिर्फ 2 और 5 ही हैं। (ii) \( 43.\overline {123456789} \) एक ऐसा दशमलव है जो कभी खत्म नहीं होता और बार-बार दोहराता है। इसका मतलब है कि इसके हर के गुणनखंड में 2 और 5 के अलावा कोई और अभाज्य संख्या भी है।

🎯 Exam Tip: सांत दशमलव संख्याओं के हर में केवल 2 और 5 के गुणनखंड होते हैं। असांत आवर्ती दशमलव संख्याओं के हर में 2 और 5 के अलावा कोई अन्य अभाज्य गुणनखंड भी होता है।

 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. दो संख्याओं का HCF खोजने वाले विद्वान् गणितज्ञ यूक्लिड थे
(A) यूनान के
(B) भारत के
(C) अमेरिका के
(D) ब्रिटेन के
Answer: (A) यूनान के
In simple words: HCF निकालने का तरीका, जिसे यूक्लिड का एल्गोरिथम कहते हैं, उसे एक यूनानी गणितज्ञ ने दिया था।

🎯 Exam Tip: यूक्लिड का विभाजन एल्गोरिथम दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF ज्ञात करने की एक विधि है, जो यूक्लिड के "एलिमेंट्स" में वर्णित है।

 

Question 3. सबसे छोटी अभाज्य संख्या है
(A) 5
(B) 4
(C) 3
(D) 2
Answer: (D) 2
In simple words: सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है, क्योंकि यह केवल 1 और खुद (2) से ही भाग होती है।

🎯 Exam Tip: अभाज्य संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिनके केवल दो गुणनखंड होते हैं: 1 और स्वयं संख्या। 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।

 

Question 4. दो या अधिक संख्याओं का HCF (महत्तम समापवर्तक) होता है
(A) सबसे छोटा उभयनिष्ठ
(B) केवल उभयनिष्ठ
(C) सबसे बड़ी संख्या
(D) सबसे बड़ा उभयनिष्ठ
Answer: (D) सबसे बड़ा उभयनिष्ठ
In simple words: HCF का मतलब है वह सबसे बड़ी संख्या जो दी गई सभी संख्याओं को पूरा-पूरा भाग कर सके।

🎯 Exam Tip: HCF हमेशा दी गई संख्याओं में से सबसे बड़ा उभयनिष्ठ गुणनखंड होता है। यह दी गई संख्याओं को पूरी तरह विभाजित करता है।

 

Question 5. यदि मानक रूप में लिखी गयी परिमेय संख्या के हर के अभाज्य गुणनखण्ड में 2 या 5 या दोनों अंकों के अतिरिक्त कोई अन्य अभाज्य गुणनखण्ड न हो, तो यह संख्या होती है-
(A) असांत दशमलव
(B) सांत दशमलव
(C) सांत व असांत दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (B) सांत दशमलव
In simple words: अगर किसी भिन्न के नीचे वाले नंबर (हर) के गुणनखंड में सिर्फ 2 और 5 हैं, तो उसका दशमलव रूप रुक जाता है (सांत होता है)।

🎯 Exam Tip: सांत दशमलव प्रसार के लिए हर के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 और 5 की घातें होनी चाहिए। यदि कोई अन्य अभाज्य संख्या मौजूद है, तो दशमलव प्रसार असांत आवर्ती होगा।

 

Question 7. यदि किसी संख्या को \( \frac{p}{q} \) के रूप में नहीं लिखा जा सकता हो, जहाँ \( p \) और \( q \) पूर्णांक हैं और \( q \neq 0 \) है, तो वे संख्याएँ कहलाती हैं
(A) पूर्ण संख्याएँ
(B) परिमेय संख्याएँ
(C) अपरिमेय संख्याएँ
(D) प्राकृत संख्याएँ।
Answer: (C) अपरिमेय संख्याएँ
In simple words: जो संख्याएँ भिन्न \( \frac{p}{q} \) के रूप में नहीं लिखी जा सकतीं, जहाँ \( p \) और \( q \) पूरे नंबर हों और \( q \) जीरो न हो, उन्हें अपरिमेय संख्याएँ कहते हैं।

🎯 Exam Tip: अपरिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें \( \frac{p}{q} \) के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, जैसे \( \sqrt{2}, \pi \)। उनका दशमलव प्रसार असांत और अनावर्ती होता है।

 

Question 8. एक परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का योग या अन्तर कौनसी संख्या निम्न में से होती है?
(A) परिमेय संख्या
(B) अपरिमेय संख्या
(C) पूर्ण संख्या
(D) प्राकृत संख्या
Answer: (B) अपरिमेय संख्या
In simple words: जब एक परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या को जोड़ा या घटाया जाता है, तो हमेशा एक अपरिमेय संख्या ही मिलती है।

🎯 Exam Tip: परिमेय और अपरिमेय संख्याओं का योग या घटाव हमेशा अपरिमेय होता है। यह अपरिमेय संख्याओं की महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है।

 

Question 9. संख्या \( n^2 - 1 \) , 8 से विभाज्य होती है, यदि \( n \) है एक
(A) पूर्णांक
(B) प्राकृत संख्या
(C) विषम संख्या
(D) सम संख्या
Answer: (C) विषम संख्या
In simple words: \( n^2 - 1 \) तब ही 8 से पूरा-पूरा भाग होगा जब \( n \) एक विषम संख्या हो, जैसे 3, 5, 7 आदि।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, अलग-अलग प्रकार की संख्याओं (सम, विषम, प्राकृत) के मानों को प्रतिस्थापित करके देखें कि कौन सा विकल्प सही बैठता है। उदाहरण के लिए, यदि n=3 (विषम) हो, तो \( 3^2-1 = 9-1=8 \), जो 8 से विभाज्य है।

 

Question 11. एक शून्येतर परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का गुणन होता है
(A) सदैव अपरिमेय संख्या
(B) सदैव परिमेय संख्या
(C) परिमेय या अपरिमेय संख्या
(D) एक
Answer: (A) सदैव अपरिमेय संख्या
In simple words: जब एक शून्य के अलावा कोई परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या को गुणा किया जाता है, तो हमेशा एक अपरिमेय संख्या ही मिलती है।

🎯 Exam Tip: एक गैर-शून्य परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का गुणनफल हमेशा अपरिमेय होता है। यह एक महत्वपूर्ण गुण है।

 

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका क्या है?
Answer: यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका यह बताती है कि यदि \( a \) और \( b \) कोई दो धनात्मक पूर्णांक हैं, तो हमें हमेशा ऐसे दो अद्वितीय पूर्णांक \( q \) (भागफल) और \( r \) (शेषफल) मिलेंगे, जो इस संबंध को पूरा करते हैं: \( a = bq + r \), जहाँ \( 0 \le r < b \)। यह गणित में संख्याओं के भाग को समझने का एक मूल नियम है।
In simple words: यह एक नियम है जो कहता है कि जब आप एक संख्या (a) को दूसरी संख्या (b) से भाग देते हैं, तो आपको एक भागफल (q) और एक शेषफल (r) मिलता है। शेषफल हमेशा भाजक (b) से छोटा होता है, और यह शून्य भी हो सकता है।

🎯 Exam Tip: यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका HCF (महत्तम समापवर्तक) ज्ञात करने के लिए यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का आधार है। इसमें \( r \) का मान \( b \) से कम होना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म क्या है?
Answer: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम दो धनात्मक पूर्णांकों के महत्तम समापवर्तक (HCF) को ज्ञात करने की एक विधि है। इस विधि में यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका को लगातार तब तक लागू किया जाता है, जब तक शेषफल शून्य न हो जाए। जिस चरण पर शेषफल शून्य होता है, उस चरण का भाजक ही दोनों संख्याओं का HCF होता है। यह एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जो बड़े पूर्णांकों के लिए HCF ज्ञात करने में बहुत उपयोगी है।
In simple words: यह दो संख्याओं का HCF निकालने का एक तरीका है। इसमें एक संख्या को दूसरी संख्या से बार-बार भाग देते हैं जब तक शेषफल शून्य न हो जाए। जब शेषफल शून्य हो जाता है, तो उस समय जो भाजक होता है, वही HCF होता है।

🎯 Exam Tip: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम में, HCF अंतिम गैर-शून्य शेषफल होता है। यह विधि विशेष रूप से बड़ी संख्याओं के HCF ज्ञात करने के लिए कुशल है।

 

Question 3. धनात्मक पूर्णांकों के दो महत्वपूर्ण गुण कौनसे हैं?
Answer: धनात्मक पूर्णांकों के दो महत्वपूर्ण गुण निम्नलिखित हैं:
1. **यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम (कलन विधि):** यह गुण बताता है कि किन्हीं भी दो धनात्मक पूर्णांकों के लिए, एक अद्वितीय विभाजन संभव है जो \( a = bq + r \) रूप में होता है, जहाँ \( 0 \le r < b \)। इसका उपयोग महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करने में किया जाता है।
2. **अंकगणित की आधारभूत प्रमेय:** यह प्रमेय बताती है कि प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के एक अद्वितीय गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है (उनके क्रम को छोड़कर)। यह गुणनखंड अद्वितीय होता है। यह प्रमेय संख्याओं के अभाज्य गुणनखंडों की मौलिकता को दर्शाती है।
ये दोनों गुण संख्याओं के सिद्धांत की नींव बनाते हैं और विभिन्न गणितीय समस्याओं को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: पहला गुण है 'यूक्लिड विभाजन विधि' जो हमें दो संख्याओं को भाग देने का नियम बताती है। दूसरा गुण है 'अंकगणित की आधारभूत प्रमेय' जो कहती है कि किसी भी भाज्य संख्या को सिर्फ अभाज्य संख्याओं के गुणा के रूप में लिखा जा सकता है।

🎯 Exam Tip: ये दोनों प्रमेय संख्या सिद्धांत के मूल स्तंभ हैं। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम HCF से संबंधित है, जबकि अंकगणित की आधारभूत प्रमेय अभाज्य गुणनखंडन और LCM से संबंधित है।

 

Question 5. एक शून्येत्तर परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का गुणनफल या भागफल कौनसी संख्या होती है?
(A) परिमेय संख्या
(B) अपरिमेय संख्या
(C) पूर्ण संख्या
(D) प्राकृत संख्या
Answer: (B) अपरिमेय संख्या
In simple words: जब आप एक सामान्य, गैर-शून्य संख्या को एक ऐसी संख्या से गुणा या भाग करते हैं जिसका दशमलव कभी समाप्त या दोहराता नहीं है, तो परिणाम हमेशा वही असामान्य प्रकार की संख्या होगी.

🎯 Exam Tip: याद रखें कि गैर-शून्य परिमेय संख्याओं के साथ गुणा और भाग करने पर अपरिमेय संख्याएँ अपरिमेय ही रहती हैं.

 

Question 6. अपरिमेय संख्याओं के उदाहरण दीजिए।
Answer: अपरिमेय संख्याओं के कुछ सामान्य उदाहरणों में \( \sqrt{2} \), \( \sqrt{3} \), और \( \sqrt{5} \) जैसे गैर-पूर्ण वर्ग संख्याओं के वर्गमूल शामिल हैं. इन संख्याओं को साधारण भिन्नों के रूप में नहीं लिखा जा सकता है.
In simple words: वर्गमूल 2, वर्गमूल 3, और वर्गमूल 5 जैसी संख्याएँ अपरिमेय संख्याओं के उदाहरण हैं.

🎯 Exam Tip: गैर-पूर्ण वर्गों के वर्गमूल के अलावा, \( \pi \) (पाई) और 'e' जैसी संख्याएँ भी सामान्य अपरिमेय संख्याएँ हैं.

 

Question 7. भाज्य संख्या किसे कहते हैं?
Answer: एक भाज्य संख्या एक पूर्ण संख्या होती है जिसके दो से अधिक गुणनखंड (भाजक) होते हैं. इसका मतलब है कि इसे 1 और स्वयं के अलावा अन्य संख्याओं से भी पूरी तरह विभाजित किया जा सकता है. यह संख्या अपने आप में एक आकर्षक गुण है.
In simple words: भाज्य संख्या वह संख्या है जिसे 1 और स्वयं के अलावा किसी और संख्या से भी विभाजित किया जा सकता है.

🎯 Exam Tip: सबसे छोटी भाज्य संख्या 4 है, और 1 न तो अभाज्य है और न ही भाज्य.

 

Question 8. लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) क्या होता है?
Answer: दो या दो से अधिक दी गई संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) सबसे छोटी धनात्मक पूर्ण संख्या होती है जिसे उन सभी संख्याओं से पूरी तरह विभाजित किया जा सकता है. यह उन सभी की गुणा सारणी में आने वाला सबसे छोटा उभयनिष्ठ अंक होता है.
In simple words: LCM सबसे छोटी संख्या है जिसे सभी दी गई संख्याओं से बिना किसी शेषफल के विभाजित किया जा सकता है.

🎯 Exam Tip: LCM भिन्नों को अलग-अलग हर के साथ जोड़ने या घटाने में बहुत उपयोगी होता है.

 

Question 9. महत्तम समापवर्तक (HCF) क्या होता है?
Answer: दो या दो से अधिक संख्याओं का महत्तम समापवर्तक (HCF) सबसे बड़ा धनात्मक पूर्णांक है जो उन सभी संख्याओं को बिना शेषफल के विभाजित करता है. इसे कभी-कभी Greatest Common Divisor (GCD) भी कहा जाता है.
In simple words: HCF सबसे बड़ी संख्या है जो सभी दी गई संख्याओं को ठीक-ठीक विभाजित कर सकती है.

🎯 Exam Tip: HCF भिन्नों को सरल बनाने और समान वितरण से संबंधित वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है.

 

Question 10. यदि दो संख्याएँ a तथा b दी गई हों तो इनका गुणनफल किसके बराबर होता है?
Answer: किन्हीं भी दो धनात्मक पूर्णांकों \(a\) और \(b\) के लिए, उनका गुणनफल हमेशा उनके महत्तम समापवर्तक (HCF) और उनके लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) के गुणनफल के बराबर होता है. यह HCF और LCM को जोड़ने वाला एक मूलभूत गुण है.
In simple words: दो संख्याओं का गुणनफल हमेशा उनके HCF और LCM के गुणनफल के बराबर होता है.

🎯 Exam Tip: यह सूत्र दो संख्याओं के साथ काम करते समय LCM ज्ञात करने के लिए उपयोगी है यदि HCF ज्ञात हो, या इसके विपरीत.

 

Question 12. वास्तविक संख्याओं को परिभाषित कीजिये।
Answer: वास्तविक संख्याएँ संख्याओं का एक ऐसा सेट है जिसमें सभी परिमेय संख्याएँ (जैसे पूर्णांक और भिन्न) और सभी अपरिमेय संख्याएँ (जैसे गैर-पूर्ण वर्गों के वर्गमूल और पाई) शामिल हैं. वे एक संख्या रेखा पर सभी बिंदुओं को कवर करती हैं.
In simple words: वास्तविक संख्याएँ वे सभी संख्याएँ हैं जिनके बारे में आप सोच सकते हैं, जिनमें भिन्न, पूर्ण संख्याएँ, और वर्गमूल जैसी संख्याएँ शामिल हैं जो कभी समाप्त नहीं होती या दोहराती नहीं हैं.

🎯 Exam Tip: वास्तविक संख्याएँ निरंतर मात्राओं को समझने के लिए आवश्यक हैं और कैलकुलस की नींव हैं.

 

Question 13. सांत दशमलव प्रसार की शर्त लिखिये।
Answer: किसी परिमेय संख्या \( \frac{p}{q} \) का दशमलव प्रसार सांत होने के लिए, उसके हर \(q\) के अभाज्य गुणनखंड में केवल 2 की घातें, या 5 की घातें, या दोनों की घातें होनी चाहिए. यहाँ \(n\) और \(m\) ऋणेतर पूर्णांक होने चाहिए. यह स्थिति हमें दशमलव के प्रकार का अनुमान लगाने में मदद करती है.
In simple words: एक भिन्न एक ऐसे दशमलव में बदल जाता है जो रुक जाता है यदि भिन्न की निचली संख्या को केवल 2 और 5 से, या दोनों के मिश्रण से विभाजित किया जा सकता है.

🎯 Exam Tip: यह शर्त बिना वास्तविक विभाजन किए यह जल्दी से निर्धारित करने में मदद करती है कि कोई भिन्न सांत होगा या आवर्ती.

 

Question 14. 48 और 105 का महत्तम समापवर्तक ज्ञात कीजिए।
Answer: 48 और 105 का HCF ज्ञात करने के लिए, हम पहले उनके अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करते हैं. 48 का अभाज्य गुणनखंड \( 2^4 \times 3 \) है. 105 का अभाज्य गुणनखंड \( 3 \times 5 \times 7 \) है. सबसे कम घात वाला उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड 3 है. इसलिए, 48 और 105 का HCF 3 है.
In simple words: 48 और 105 को उनके अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ें. उनका एकमात्र उभयनिष्ठ गुणनखंड 3 है. इसलिए, उनका सबसे बड़ा साझा भाजक 3 है.

🎯 Exam Tip: HCF के लिए हमेशा प्रत्येक संख्या के सभी अभाज्य गुणनखंडों को सूचीबद्ध करें ताकि उभयनिष्ठ गुणनखंडों और उनकी सबसे कम घातों की सही पहचान हो सके.

 

Question 15. क्या दो संख्याओं का म.स. (H.C.F) 15 तथा ल.स. (L.C.M.) 175 हो सकता है? कारण दीजिये।
Answer: नहीं, दो संख्याओं का HCF 15 और LCM 175 नहीं हो सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि संख्याओं का एक मूलभूत गुण बताता है कि किन्हीं भी दो संख्याओं का LCM हमेशा उनके HCF से पूरी तरह विभाज्य होना चाहिए. चूंकि 175, 15 से विभाज्य नहीं है (175/15 एक पूर्ण संख्या नहीं है), इसलिए ये मान एक ही दो संख्याओं के HCF और LCM के लिए संभव नहीं हैं. यह एक महत्वपूर्ण गणितीय नियम है.
In simple words: नहीं, क्योंकि LCM हमेशा HCF से विभाजित होना चाहिए. यहाँ, 175 को 15 से पूरी तरह विभाजित नहीं किया जा सकता है.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण संबंध याद रखें: किन्हीं भी दो संख्याओं के लिए LCM हमेशा HCF का एक गुणज होता है.

 

Question 16. परिमेय संख्या \( \frac{17}{8} \) को बिना लम्बी विभाजन प्रक्रिया किये दशमलव प्रसार सांत में लिखिये।
Answer: \( \frac{17}{8} \) को सांत दशमलव के रूप में व्यक्त करने के लिए बिना लंबी विभाजन के, हमें इसके हर को 10 की घात बनाना होगा. हम 8 को \( 2^3 \) लिख सकते हैं. 10 की घात प्राप्त करने के लिए, हम अंश और हर दोनों को \( 5^3 \) से गुणा करते हैं. यह हमें \( \frac{17 \times 125}{8 \times 125} = \frac{2125}{1000} \) देता है. अंत में, 1000 से भाग देने पर दशमलव बिंदु तीन स्थान बाईं ओर चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप 2.125 प्राप्त होता है.
In simple words: \( \frac{17}{8} \) को एक दशमलव में बदलने के लिए जो रुक जाता है, हर 8 को 10 की घात में बदलें. चूंकि 8 \( 2^3 \) है, अंश और हर को \( 5^3 \) (जो 125 है) से गुणा करें. यह इसे \( \frac{2125}{1000} \) बनाता है, जो 2.125 है.

🎯 Exam Tip: सांत दशमलव प्राप्त करने के लिए, हर में 2 और 5 की घातों को बराबर करें, जिससे 10 की घातें बन सकें.

 

Question 17. संख्या \( \frac{3}{625} \) को दशमलव प्रसार सांत है या असांत आवर्ती इसे दशमलव रूप में लिखें।
Answer: संख्या \( \frac{3}{625} \) के लिए, पहले इसके हर को अभाज्य गुणनखंड रूप में लिखें. \( 625 = 5^4 \). चूंकि हर \( 2^n 5^m \) के रूप का है (यहाँ, \( n=0 \), \( m=4 \)), इसका दशमलव प्रसार सांत होगा. इसे बदलने के लिए, अंश और हर को \( 2^4 \) से गुणा करें. तो, \( \frac{3 \times 16}{5^4 \times 2^4} = \frac{48}{10^4} = \frac{48}{10000} \). यह 0.0048 में सरल हो जाता है. यह विधि हमें बिना लंबी गणना के दशमलव रूप देती है.
In simple words: संख्या \( \frac{3}{625} \) का दशमलव रुक जाता है क्योंकि 625 को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ने पर केवल 5 ही आते हैं. इसे दशमलव में लिखने के लिए, अंश और हर को \( 2^4 \) (जो 16 है) से गुणा करें. यह इसे \( \frac{48}{10000} \) बनाता है, जो 0.0048 है.

🎯 Exam Tip: दशमलव प्रकार निर्धारित करने के लिए हर के अभाज्य गुणनखंडों की जांच करने से पहले हमेशा भिन्न को उसके सबसे निचले पदों तक सरल करें.

 

Question 18. अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा पूर्णांक 375 और 675 का HCF ज्ञात कीजिए।
Answer: 375 और 675 का HCF ज्ञात करने के लिए अभाज्य गुणनखंड विधि का उपयोग करते हुए, हम पहले प्रत्येक संख्या के अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करते हैं. 375 का अभाज्य गुणनखंड \( 3^1 \times 5^3 \) है. 675 का अभाज्य गुणनखंड \( 3^3 \times 5^2 \) है. HCF ज्ञात करने के लिए, हम सबसे कम घात वाले उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों को लेते हैं. उभयनिष्ठ गुणनखंड 3 (सबसे कम घात \( 3^1 \) है) और 5 (सबसे कम घात \( 5^2 \) है) हैं. तो, HCF \( = 3 \times 5^2 = 3 \times 25 = 75 \).
In simple words: 375 और 675 का HCF ज्ञात करने के लिए, उन्हें अभाज्य संख्याओं में तोड़ें. 375 \( 3 \times 5^3 \) है, और 675 \( 3^3 \times 5^2 \) है. उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की सबसे छोटी घात लें: \( 3^1 \) और \( 5^2 \). उन्हें गुणा करें: \( 3 \times 25 = 75 \).

🎯 Exam Tip: HCF के लिए, उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों का चयन करें और प्रत्येक गुणनखंड की सबसे छोटी घात का उपयोग करें.

 

Question 20. यदि कोई बड़ी संख्या अपने आधे से कम अभाज्य संख्या से भाज्य नहीं है, तब संख्या कैसी होगी?
Answer: यदि कोई बड़ी संख्या अपनी वर्गमूल से छोटी या उसके बराबर किसी भी अभाज्य संख्या से विभाजित नहीं हो सकती है, तो वह संख्या एक अभाज्य संख्या होती है. यदि यह ऐसी किसी अभाज्य संख्या से विभाज्य है, तो यह भाज्य होती है.
In simple words: यदि कोई बड़ी संख्या अपनी वर्गमूल से छोटी किसी भी अभाज्य संख्या से विभाजित नहीं हो सकती, तो वह अभाज्य संख्या होती है.

🎯 Exam Tip: किसी संख्या के अभाज्य होने की जांच करने के लिए, आपको केवल उसके वर्गमूल तक की अभाज्य संख्याओं द्वारा विभाज्यता की जांच करनी होगी, न कि उसके आधे तक.

 

Question 21. परिमेय संख्या \( \frac{37}{2 \times 5^2} \) के दशमलव प्रसार में दशमलव के कितने अंकों के पश्चात् अंत होगा?
Answer: संख्या \( \frac{37}{2 \times 5^2} \) का दशमलव प्रसार कितने दशमलव स्थानों के बाद समाप्त होता है, यह जानने के लिए, हमें हर में 2 और 5 की घातों को बराबर करना होगा. हर \( 2^1 \times 5^2 \) है. घातों को बराबर करने के लिए, हम अंश और हर को \( 2^1 \) से गुणा करते हैं. इससे \( \frac{37 \times 2}{2^2 \times 5^2} = \frac{74}{(2 \times 5)^2} = \frac{74}{10^2} = \frac{74}{100} \) प्राप्त होता है. दशमलव में बदलने पर, यह 0.74 है. चूंकि दशमलव बिंदु के बाद दो अंक हैं, इसलिए दशमलव प्रसार दो स्थानों के बाद समाप्त होता है.
In simple words: संख्या \( \frac{37}{2 \times 5^2} \) में हर में दो 5 हैं लेकिन केवल एक 2 है. इसे संतुलित करने के लिए, अंश और हर को 2 से गुणा करें. यह इसे \( \frac{74}{100} \) बनाता है, जो 0.74 है. तो, यह दो दशमलव स्थानों के बाद रुक जाता है.

🎯 Exam Tip: दशमलव स्थानों की संख्या जिसके बाद एक सांत दशमलव प्रसार समाप्त होता है, हर के अभाज्य गुणनखंड में 2 या 5 की अधिक घात के बराबर होती है (भिन्न को सरल बनाने के बाद).

 

Question 22. 196 के अभाज्य गुणनखण्डों की घातों का योगफल लिखिये
Answer: 196 के अभाज्य गुणनखंडों की घातों का योग ज्ञात करने के लिए, पहले इसका अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करें. \( 196 = 2 \times 2 \times 7 \times 7 \). इसे \( 2^2 \times 7^2 \) के रूप में लिखा जा सकता है. अभाज्य गुणनखंडों की घातें 2 और 2 हैं. इन घातों को जोड़ने पर हमें \( 2 + 2 = 4 \) प्राप्त होता है. यह गुणनखंड विधि का एक सीधा अनुप्रयोग है.
In simple words: पहले, 196 को उसकी अभाज्य संख्याओं में तोड़ें. यह \( 2^2 \times 7^2 \) है. घातें 2 और 2 हैं. उन्हें जोड़ने पर योग 4 है.

🎯 Exam Tip: घातों को जोड़ने से पहले सही अभाज्य गुणनखंड सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सही ढंग से अभाज्य गुणनखंडन करें.


लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. दर्शाइये कि एक पूर्णाक \(3q\) या \(3q+1\) या \(3q+2\) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \(q\) कोई पूर्णाक है।
Answer: यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करके, किसी भी धनात्मक पूर्णांक \(a\) और भाजक \(b=3\) के लिए, हम \(a\) को \(3q+r\) के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ \(q\) भागफल है और \(r\) शेषफल है. शेषफल \(r\) का मान 0 से बड़ा या उसके बराबर और 3 से छोटा होना चाहिए. तो, \(r\) के संभावित मान 0, 1, और 2 हैं. इसका मतलब है कि किसी भी पूर्णांक \(a\) को \(3q\), \(3q+1\), या \(3q+2\) के रूप में लिखा जा सकता है.
In simple words: यदि आप किसी भी पूर्ण संख्या को 3 से भाग देते हैं, तो शेषफल केवल 0, 1, या 2 हो सकता है. इसलिए, किसी भी पूर्ण संख्या को '3 गुणा कुछ', या '3 गुणा कुछ प्लस 1', या '3 गुणा कुछ प्लस 2' के रूप में लिखा जा सकता है.

🎯 Exam Tip: यूक्लिड का विभाजन लेम्मा पूर्णांकों के विभिन्न गुणों को साबित करने के लिए मौलिक है, जिसमें उनके रूप भी शामिल हैं.

 

Question 2. दर्शाइये कि प्रत्येक धनात्मक समं पूर्णांक \(2q\) के रूप का होता है तथा प्रत्येक धनात्मक विषम पूर्णांक \(2q+1\) के रूप का होता है जहाँ \(q\) कोई पूर्णाक है।
Answer: मान लीजिए \(a\) कोई धनात्मक पूर्णांक है. यूक्लिड के विभाजन लेम्मा का उपयोग करके, \(b=2\) के साथ, हम \(a\) को \(2q+r\) के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ \(q\) एक पूर्णांक है और \(0 \le r < 2\). इसका मतलब है कि शेषफल \(r\) केवल 0 या 1 हो सकता है.
\( \implies \) यदि \(r = 0\), तो \(a = 2q\). \(2q\) के रूप की कोई भी संख्या 2 से विभाज्य होती है, इसलिए यह एक सम पूर्णांक है.
\( \implies \) यदि \(r = 1\), तो \(a = 2q+1\). इस रूप की कोई भी संख्या 2 से विभाज्य नहीं होती है, जिससे यह एक विषम पूर्णांक बन जाती है.
इस प्रकार, सभी धनात्मक सम पूर्णांक \(2q\) के रूप के होते हैं, और सभी धनात्मक विषम पूर्णांक \(2q+1\) के रूप के होते हैं.
In simple words: यदि आप किसी भी धनात्मक पूर्ण संख्या को 2 से भाग देते हैं, तो शेषफल या तो 0 या 1 होगा. यदि शेषफल 0 है, तो संख्या सम (\(2q\)) है. यदि शेषफल 1 है, तो संख्या विषम (\(2q+1\)) है.

🎯 Exam Tip: यह संख्या सिद्धांत में एक मूलभूत प्रमाण है, जो 2 से विभाज्यता के आधार पर सम और विषम पूर्णांकों की परिभाषा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है.

 

Question 3. दर्शाइये कि एक धनात्मक विषम पूर्णांक \(4q+1\) या \(4q+3\) के रूप का होता है, जहाँ \(q\) कोई पूर्णाक है।
Answer: मान लीजिए \(a\) कोई धनात्मक पूर्णांक है. यूक्लिड के विभाजन लेम्मा को \(b=4\) के साथ लागू करने पर, हम \(a\) को \(4q+r\) के रूप में व्यक्त कर सकते हैं, जहाँ \(q\) एक पूर्णांक है और \(0 \le r < 4\). शेषफल \(r\) के संभावित मान 0, 1, 2, और 3 हैं.
तो, \(a\) \(4q\), \(4q+1\), \(4q+2\), या \(4q+3\) हो सकता है.
हालांकि, \(a\) के विषम पूर्णांक होने के लिए, यह 2 से विभाज्य नहीं हो सकता.
रूप \(4q\) और \(4q+2\) दोनों 2 से विभाज्य हैं (उदाहरण के लिए, \(4q = 2(2q)\) और \(4q+2 = 2(2q+1)\)). इसलिए, ये रूप सम पूर्णांकों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
इसका मतलब है कि कोई भी धनात्मक विषम पूर्णांक \(4q+1\) या \(4q+3\) के रूप का होना चाहिए. यह इस नियम का एक महत्वपूर्ण परिणाम है.
In simple words: धनात्मक विषम संख्याओं को \(4q+1\) या \(4q+3\) दिखाने के लिए, हम किसी भी धनात्मक संख्या को 4 से भाग देते हैं. शेषफल 0, 1, 2, या 3 हो सकते हैं. इससे \(4q\), \(4q+1\), \(4q+2\), \(4q+3\) जैसी संख्याएँ मिलती हैं. चूंकि विषम संख्याएँ 2 से विभाजित नहीं हो सकती हैं, इसलिए हम \(4q\) और \(4q+2\) को हटा देते हैं. इससे विषम संख्याओं के लिए केवल \(4q+1\) और \(4q+3\) बचते हैं.

🎯 Exam Tip: यूक्लिड के लेम्मा से सभी संभावित रूपों को हमेशा स्पष्ट रूप से बताएं, और फिर विषम रूपों को सिद्ध करने के लिए सम रूपों को व्यवस्थित रूप से हटा दें.

 

Question 4. सिद्ध कीजिए कि प्रत्येक तीन क्रमागत धनात्मक पूर्णाकों में से एक 3 से विभाज्य है।
Answer: मान लीजिए \(n\), \(n+1\), और \(n+2\) तीन क्रमागत धनात्मक पूर्णांक हैं. यूक्लिड के विभाजन लेम्मा के अनुसार, किसी भी पूर्णांक \(n\) को 3 से विभाजित करने पर तीन रूपों में से एक में लिखा जा सकता है: \(3q\), \(3q+1\), या \(3q+2\), जहाँ \(q\) एक पूर्णांक है.
\( \implies \) स्थिति 1: यदि \(n = 3q\), तो \(n\) 3 से विभाज्य है. इस स्थिति में, \(n+1 = 3q+1\) और \(n+2 = 3q+2\) 3 से विभाज्य नहीं हैं.
\( \implies \) स्थिति 2: यदि \(n = 3q+1\), तो \(n\) 3 से विभाज्य नहीं है. हालांकि, \(n+2 = (3q+1)+2 = 3q+3 = 3(q+1)\), जो 3 से विभाज्य है. यहाँ, \(n+1 = 3q+2\) 3 से विभाज्य नहीं है.
\( \implies \) स्थिति 3: यदि \(n = 3q+2\), तो \(n\) 3 से विभाज्य नहीं है. हालांकि, \(n+1 = (3q+2)+1 = 3q+3 = 3(q+1)\), जो 3 से विभाज्य है. यहाँ, \(n+2 = 3q+4 = 3(q+1)+1\) 3 से विभाज्य नहीं है.
सभी तीन संभावित स्थितियों में, तीन क्रमागत पूर्णांकों में से ठीक एक 3 से विभाज्य है. यह संख्याओं के विभाजन का एक सुंदर पैटर्न दिखाता है.
In simple words: किसी भी तीन लगातार संख्याओं को लें. उनमें से हमेशा एक 3 से भाग हो सकती है. यह इसलिए होता है क्योंकि जब आप किसी संख्या को 3 से भाग देते हैं, तो शेषफल 0, 1 या 2 हो सकता है. इन सभी संभावनाओं में, एक संख्या हमेशा 3 से पूरी तरह विभाजित हो जाएगी.

🎯 Exam Tip: यह प्रमाण क्रमागत पूर्णांकों के लिए सभी संभावित परिदृश्यों को कवर करने के लिए मॉड्यूलर अंकगणित और यूक्लिड के विभाजन लेम्मा की अवधारणा का उपयोग करता है.

 

Question 5. 81 और 237 का महत्तम समापवर्तक (HCF) यूक्लिड विभाजन विधि का प्रयोग कर ज्ञात कीजिए।
Answer: 81 और 237 का HCF ज्ञात करने के लिए यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करते हुए, हम इन चरणों का पालन करते हैं:
\( \implies \) चरण 1: चूंकि \(237 > 81\), हम 237 और 81 पर विभाजन लेम्मा लागू करते हैं:
\( 237 = 81 \times 2 + 75 \)
\( \implies \) चरण 2: शेषफल 75 है, जो 0 नहीं है. तो, हम नए भाजक 81 और शेषफल 75 पर विभाजन लेम्मा लागू करते हैं:
\( 81 = 75 \times 1 + 6 \)
\( \implies \) चरण 3: शेषफल 6 है, जो 0 नहीं है. तो, हम नए भाजक 75 और शेषफल 6 पर विभाजन लेम्मा लागू करते हैं:
\( 75 = 6 \times 12 + 3 \)
\( \implies \) चरण 4: शेषफल 3 है, जो 0 नहीं है. तो, हम नए भाजक 6 और शेषफल 3 पर विभाजन लेम्मा लागू करते हैं:
\( 6 = 3 \times 2 + 0 \)
चूंकि अब शेषफल 0 है, प्रक्रिया रुक जाती है. इस चरण पर भाजक 3 है. इसलिए, 81 और 237 का HCF 3 है. यह एल्गोरिथ्म हमें सबसे बड़े उभयनिष्ठ भाजक को कुशलता से खोजने में मदद करता है.
In simple words: 81 और 237 का HCF ज्ञात करने के लिए, यूक्लिड की विभाजन विधि का उपयोग करें. 237 को 81 से भाग दें, शेषफल 75 मिलेगा. फिर 81 को 75 से भाग दें, शेषफल 6 मिलेगा. फिर 75 को 6 से भाग दें, शेषफल 3 मिलेगा. अंत में 6 को 3 से भाग दें, शेषफल 0 मिलेगा. अंतिम भाजक 3 था, इसलिए 3 ही HCF है.

🎯 Exam Tip: HCF यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म में अंतिम गैर-शून्य भाजक होता है. हमेशा सभी चरणों को स्पष्ट रूप से दिखाएं.

 

Question 7. जाँच कीजिये कि क्या किसी प्राकृत संख्या \(n\) के लिए संख्या \(6^n\) अंक शून्य पर समाप्त हो सकती है?
Answer: किसी संख्या के शून्य पर समाप्त होने के लिए, उसका 10 से विभाज्य होना आवश्यक है, जिसका अर्थ है कि उसके अभाज्य गुणनखंड में 2 और 5 दोनों शामिल होने चाहिए. जब हम \(6^n\) के अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करते हैं, तो हमें \( (2 \times 3)^n = 2^n \times 3^n \) प्राप्त होता है. इस गुणनखंड में केवल अभाज्य संख्याएँ 2 और 3 शामिल हैं, 5 नहीं. अंकगणित के मूलभूत प्रमेय के अनुसार, किसी संख्या का अभाज्य गुणनखंड अद्वितीय होता है. चूंकि 5, \(6^n\) का अभाज्य गुणनखंड नहीं है, यह 5 से विभाज्य नहीं हो सकता है, और इसलिए, किसी भी प्राकृत संख्या \(n\) के लिए यह शून्य पर समाप्त नहीं हो सकता है.
In simple words: किसी संख्या को शून्य पर समाप्त होने के लिए, उसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों होने चाहिए. संख्या \(6^n\) के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 और 3 होते हैं. चूंकि 5 गायब है, \(6^n\) कभी भी शून्य पर समाप्त नहीं हो सकता है.

🎯 Exam Tip: कोई संख्या 0 अंक पर समाप्त होती है यदि और केवल यदि उसके अभाज्य गुणनखंड में कम से कम एक 2 और कम से कम एक 5 शामिल हो.

 

Question 8. निम्नलिखित धनात्मक पूर्णांकों को अभाज्य गुणनखण्डों के गुणनफल के रूप में व्यक्त कीजिए-
(i) 5005
(ii) 7429
Answer: दिए गए धनात्मक पूर्णांकों को उनके अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करने के लिए, हम प्रत्येक का अभाज्य गुणनखंड करते हैं:
(i) 5005 के लिए: हम पाते हैं कि \( 5005 = 5 \times 1001 = 5 \times 7 \times 143 = 5 \times 7 \times 11 \times 13 \). तो, अभाज्य गुणनखंड \( 5 \times 7 \times 11 \times 13 \) है.
(ii) 7429 के लिए: अभाज्य संख्याओं के साथ परीक्षण विभाजन के माध्यम से, हम पाते हैं कि \( 7429 = 17 \times 437 = 17 \times 19 \times 23 \). तो, अभाज्य गुणनखंड \( 17 \times 19 \times 23 \) है.
अभाज्य गुणनखंडन किसी संख्या के निर्माण खंडों को समझने का एक महत्वपूर्ण तरीका है.
In simple words:
(i) 5005 को तोड़ने के लिए, इसे सबसे छोटे अभाज्य संख्याओं से भाग दें: \( 5005 = 5 \times 7 \times 11 \times 13 \).
(ii) 7429 को तोड़ने के लिए, इसे अभाज्य संख्याओं से भाग दें: \( 7429 = 17 \times 19 \times 23 \).

🎯 Exam Tip: बड़ी संख्याओं के लिए अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करते समय, सभी अभाज्य गुणनखंडों को सुनिश्चित करने के लिए छोटी अभाज्य संख्याओं से शुरू करें और व्यवस्थित रूप से विभाज्यता की जांच करें.

 

Question 9. अभाज्य गुणनखण्डन विधि द्वारा 144, 180 और 192 के HCF एवं LCM ज्ञात कीजिए।
Answer: 144, 180, और 192 का HCF और LCM ज्ञात करने के लिए अभाज्य गुणनखंड विधि का उपयोग करते हुए:
सबसे पहले, प्रत्येक संख्या के लिए अभाज्य गुणनखंड लिखें:
\( 144 = 2^4 \times 3^2 \)
\( 180 = 2^2 \times 3^2 \times 5^1 \)
\( 192 = 2^6 \times 3^1 \)
HCF (महत्तम समापवर्तक) के लिए, हम सबसे कम घात वाले उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों को लेते हैं:
उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड 2 और 3 हैं. 2 की सबसे कम घात \( 2^2 \) है, और 3 की सबसे कम घात \( 3^1 \) है.
तो, HCF \( = 2^2 \times 3^1 = 4 \times 3 = 12 \).
LCM (लघुत्तम समापवर्त्य) के लिए, हम सभी अभाज्य गुणनखंडों (उभयनिष्ठ और गैर-उभयनिष्ठ) को उनकी अधिकतम घातों के साथ लेते हैं:
शामिल अभाज्य गुणनखंड 2, 3, और 5 हैं. 2 की अधिकतम घात \( 2^6 \) है, 3 की अधिकतम घात \( 3^2 \) है, और 5 की अधिकतम घात \( 5^1 \) है.
तो, LCM \( = 2^6 \times 3^2 \times 5^1 = 64 \times 9 \times 5 = 2880 \).
यह विधि HCF और LCM दोनों को सटीक रूप से खोजने के लिए उपयोगी है.
In simple words: पहले, प्रत्येक संख्या को उसके अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ें.
144 \( 2^4 \times 3^2 \) है.
180 \( 2^2 \times 3^2 \times 5^1 \) है.
192 \( 2^6 \times 3^1 \) है.
HCF के लिए, उन गुणनखंडों की सबसे छोटी घात लें जो उन सभी में समान हैं (2 और 3): \( 2^2 \times 3^1 = 12 \).
LCM के लिए, सभी मौजूद गुणनखंडों (2, 3, और 5) की सबसे बड़ी घात लें: \( 2^6 \times 3^2 \times 5^1 = 2880 \).

🎯 Exam Tip: HCF के लिए, "सबसे कम उभयनिष्ठ घात" सोचें; LCM के लिए, "सभी की उच्चतम घात" सोचें.

 

Question 10. पूर्णांकों के युग्म (510, 92) के HCF एवं LCM ज्ञात कीजिये तथा इसकी जाँच कीजिये कि युग्म की दोनों संख्याओं का गुणनफल \(=\) HCF \( \times \) LCM है।
Answer: 510 और 92 का HCF और LCM ज्ञात करने के लिए, और फिर उनके बीच के संबंध को सत्यापित करने के लिए:
सबसे पहले, प्रत्येक संख्या का अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करें:
\( 510 = 2^1 \times 3^1 \times 5^1 \times 17^1 \)
\( 92 = 2^2 \times 23^1 \)
HCF (महत्तम समापवर्तक): एकमात्र उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड 2 है, और इसकी सबसे कम घात \( 2^1 \) है.
तो, HCF \( = 2 \).
LCM (लघुत्तम समापवर्त्य): सभी अभाज्य गुणनखंडों (2, 3, 5, 17, 23) को उनकी अधिकतम घातों के साथ लें:
LCM \( = 2^2 \times 3^1 \times 5^1 \times 17^1 \times 23^1 = 4 \times 3 \times 5 \times 17 \times 23 = 23460 \).
सत्यापन:
दोनों संख्याओं का गुणनफल \( = 510 \times 92 = 46920 \).
HCF और LCM का गुणनफल \( = 2 \times 23460 = 46920 \).
चूंकि \( 510 \times 92 = 2 \times 23460 \), यह संबंध कि दो संख्याओं का गुणनफल उनके HCF और LCM के गुणनफल के बराबर होता है, सत्यापित हो जाता है. यह संबंध संख्या सिद्धांत में एक महत्वपूर्ण नियम है.
In simple words: 510 को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ें: \( 2 \times 3 \times 5 \times 17 \). 92 को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़ें: \( 2^2 \times 23 \).
HCF 2 है (सबसे छोटी घात वाला उभयनिष्ठ अभाज्य).
LCM \( 2^2 \times 3 \times 5 \times 17 \times 23 = 23460 \) है (सबसे बड़ी घात वाले सभी अभाज्य).
जाँच करें: \( 510 \times 92 = 46920 \). और \( 2 \times 23460 = 46920 \). दोनों समान हैं, इसलिए यह सही है.

🎯 Exam Tip: यह गुण (संख्याओं का गुणनफल = HCF \( \times \) LCM) केवल दो धनात्मक पूर्णांकों के लिए मान्य है.

 

Question 11. सिद्ध कीजिये कि \(7\sqrt{5}\) एक अपरिमेय संख्या है।
Answer: \(7\sqrt{5}\) एक अपरिमेय संख्या है, यह सिद्ध करने के लिए, हम विरोधाभास की विधि का उपयोग करते हैं.
विरोधाभास के लिए, मान लीजिए कि \(7\sqrt{5}\) एक परिमेय संख्या है.
यदि \(7\sqrt{5}\) परिमेय है, तो इसे \( \frac{a}{b} \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \(b \ne 0\).
तो, \( 7\sqrt{5} = \frac{a}{b} \).
इस समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर, हमें \( \sqrt{5} = \frac{a}{7b} \) प्राप्त होता है.
चूंकि \(a\) और \(b\) पूर्णांक हैं, \( \frac{a}{7b} \) एक परिमेय संख्या होनी चाहिए. इसका अर्थ यह होगा कि \( \sqrt{5} \) भी एक परिमेय संख्या है.
हालांकि, हम पहले से ही जानते हैं कि \( \sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है.
यह विरोधाभास हमारी प्रारंभिक गलत धारणा से उत्पन्न होता है कि \(7\sqrt{5}\) परिमेय है.
इसलिए, \(7\sqrt{5}\) एक अपरिमेय संख्या होनी चाहिए. यह संख्या सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण पहलू है.
In simple words: मान लीजिए \(7\sqrt{5}\) एक सामान्य भिन्न (\(a/b\)) है. यदि हम 7 को दूसरी तरफ ले जाते हैं, तो हमें \( \sqrt{5} = a/(7b) \) मिलता है. चूंकि \(a/(7b)\) एक भिन्न है, इसका मतलब होगा कि \( \sqrt{5} \) भी एक भिन्न है. लेकिन हम जानते हैं कि \( \sqrt{5} \) एक भिन्न नहीं है (यह एक अपरिमेय संख्या है). यह एक विरोधाभास है, इसलिए हमारा पहला विचार कि \(7\sqrt{5}\) एक भिन्न है, गलत होना चाहिए. तो, \(7\sqrt{5}\) अपरिमेय है.

🎯 Exam Tip: अपरिमेय संख्याओं से जुड़े विरोधाभास के प्रमाणों के लिए, विरोधाभास तक पहुंचने के लिए हमेशा ज्ञात अपरिमेय पद (जैसे \( \sqrt{5} \) या \( \sqrt{2} \)) को अलग करें.

 

Question 12. सिद्ध कीजिये कि \(3+2\sqrt{5}\) एक अपरिमेय संख्या है।
Answer: \(3+2\sqrt{5}\) एक अपरिमेय संख्या है, यह सिद्ध करने के लिए, हम विपरीत मानते हैं:
मान लीजिए कि \(3+2\sqrt{5}\) एक परिमेय संख्या है.
यदि यह परिमेय है, तो \( 3+2\sqrt{5} = \frac{a}{b} \), जहाँ \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \(b \ne 0\).
अब, अपरिमेय पद को अलग करने के लिए समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करें:
\( 2\sqrt{5} = \frac{a}{b} - 3 \)
\( 2\sqrt{5} = \frac{a-3b}{b} \)
\( \sqrt{5} = \frac{a-3b}{2b} \)
चूंकि \(a\), \(b\), 2, और 3 पूर्णांक हैं, अभिव्यक्ति \( \frac{a-3b}{2b} \) एक परिमेय संख्या होनी चाहिए.
इसका अर्थ है कि \( \sqrt{5} \) परिमेय है.
हालांकि, यह ज्ञात तथ्य का खंडन करता है कि \( \sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है.
इसलिए, हमारी प्रारंभिक धारणा गलत थी, और \(3+2\sqrt{5}\) वास्तव में एक अपरिमेय संख्या है.
In simple words: मान लीजिए \(3+2\sqrt{5}\) एक परिमेय संख्या (\(a/b\)) है. फिर हम 3 और 2 को समीकरण के दूसरी तरफ ले जा सकते हैं. इससे \( \sqrt{5} = (a-3b)/(2b) \) बनता है. दाहिनी ओर एक भिन्न है, जिसका अर्थ है कि \( \sqrt{5} \) एक भिन्न होगा. लेकिन हम जानते हैं कि \( \sqrt{5} \) एक भिन्न नहीं है. यह असहमति साबित करती है कि हमारी पहली धारणा गलत थी. इसलिए \(3+2\sqrt{5}\) एक अपरिमेय संख्या है.

🎯 Exam Tip: अपरिमेय संख्याओं से जुड़े योग या गुणनफल को सिद्ध करते समय, अपरिमेय भाग को अलग करना और यह दिखाना महत्वपूर्ण है कि परिणामी अभिव्यक्ति अपरिमेयता का खंडन करेगी.

 

Question 14. वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए जो 247 और 2055 को इस प्रकार विभाजित करती है कि प्रत्येक स्थिति में शेषफल 7 प्राप्त हो।
Answer: वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करने के लिए जो 247 और 2055 को विभाजित करती है, प्रत्येक स्थिति में 7 का शेषफल छोड़ते हुए, हम पहले प्रत्येक संख्या से शेषफल घटाते हैं.
\( 247 - 7 = 240 \)
\( 2055 - 7 = 2048 \)
अब, हमें 240 और 2048 का HCF ज्ञात करना होगा, क्योंकि यह HCF वह सबसे बड़ी संख्या होगी जो 240 और 2048 दोनों को पूरी तरह विभाजित करती है. हम यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करते हैं:
1. 2048 को 240 से भाग दें: \( 2048 = 240 \times 8 + 128 \)
2. 240 को 128 से भाग दें: \( 240 = 128 \times 1 + 112 \)
3. 128 को 112 से भाग दें: \( 128 = 112 \times 1 + 16 \)
4. 112 को 16 से भाग दें: \( 112 = 16 \times 7 + 0 \)
चूंकि शेषफल अब 0 है, इसलिए प्रक्रिया रुक जाती है. इस चरण पर भाजक 16 है. इसलिए, वह सबसे बड़ी संख्या जो 247 और 2055 को विभाजित करती है, 7 का शेषफल छोड़ते हुए, 16 है. यह हमें वास्तविक समस्या को हल करने में मदद करता है.
In simple words: पहले, 247 और 2055 दोनों में से शेषफल (7) घटा दें. आपको 240 और 2048 मिलेंगे. अब, सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करें जो 240 और 2048 दोनों को पूरी तरह विभाजित करती है. यूक्लिड के चरणों का उपयोग करें: 2048 को 240 से भाग दें, फिर 240 को शेषफल (128) से, फिर 128 को नए शेषफल (112) से, और अंत में 112 को अगले शेषफल (16) से भाग दें. 0 मिलने से पहले अंतिम संख्या जिससे आपने भाग दिया वह 16 है. तो, 16 ही उत्तर है.

🎯 Exam Tip: जब कोई शेषफल दिया जाता है, तो हमेशा उसे पहले संख्याओं से घटाएं, फिर नई संख्याओं का HCF ज्ञात करें.

 

Question 15. यदि दो संख्याओं का गुणनफल 525 है और उनका महत्तम समापवर्तक 5 है, तो उनका लघुत्तम समापवर्त्य ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दिया गया है कि दो संख्याओं का गुणनफल 525 है, और उनका HCF (महत्तम समापवर्तक) 5 है. हमें उनका LCM (लघुत्तम समापवर्त्य) ज्ञात करना है. हम एक प्रमुख गुण जानते हैं कि किन्हीं भी दो संख्याओं के लिए, संख्याओं का गुणनफल उनके HCF और LCM के गुणनफल के बराबर होता है.
तो, संख्याओं का गुणनफल = HCF \( \times \) LCM.
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर: \( 525 = 5 \times \text{LCM} \).
LCM ज्ञात करने के लिए, हम गुणनफल को HCF से विभाजित करते हैं: \( \text{LCM} = \frac{525}{5} = 105 \).
इसलिए, दोनों संख्याओं का LCM 105 है. यह एक सीधा और उपयोगी गणितीय संबंध है.
In simple words: हम जानते हैं कि (पहली संख्या \( \times \) दूसरी संख्या) हमेशा (HCF \( \times \) LCM) के बराबर होती है. यहाँ, संख्याओं को गुणा करने पर 525 मिलता है, और HCF 5 है. तो, \( 525 = 5 \times \text{LCM} \). LCM ज्ञात करने के लिए 525 को 5 से भाग दें, जो 105 है.

🎯 Exam Tip: यह सूत्र एक त्वरित तरीका है HCF या LCM में से एक मान ज्ञात करने का, यदि दूसरा मान और संख्याओं का गुणनफल ज्ञात हो.


निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग कर दर्शाइये कि किसी धनात्मक पूर्णाक का वर्ग \(3m\) या \(3m+1\) के रूप का होता है, जहाँ \(m\) कोई पूर्णांक है।
Answer: मान लीजिए \(a\) कोई धनात्मक पूर्णांक है. यूक्लिड के विभाजन लेम्मा के अनुसार, \(a\) को किसी पूर्णांक \(q\) के लिए तीन रूपों में से एक में व्यक्त किया जा सकता है: \(3q\), \(3q+1\), या \(3q+2\).
\( \implies \) स्थिति 1: यदि \(a = 3q\), तो इसका वर्ग \( a^2 = (3q)^2 = 9q^2 = 3(3q^2) \) है. मान लीजिए \( m = 3q^2 \), तो \( a^2 = 3m \).
\( \implies \) स्थिति 2: यदि \(a = 3q+1\), तो इसका वर्ग \( a^2 = (3q+1)^2 = 9q^2 + 6q + 1 = 3(3q^2+2q) + 1 \) है. मान लीजिए \( m = 3q^2+2q \), तो \( a^2 = 3m+1 \).
\( \implies \) स्थिति 3: यदि \(a = 3q+2\), तो इसका वर्ग \( a^2 = (3q+2)^2 = 9q^2 + 12q + 4 \) है. हम 4 को \( 3+1 \) के रूप में लिख सकते हैं, तो \( a^2 = 9q^2 + 12q + 3 + 1 = 3(3q^2+4q+1) + 1 \). मान लीजिए \( m = 3q^2+4q+1 \), तो \( a^2 = 3m+1 \).
तीनों ही स्थितियों में, किसी भी धनात्मक पूर्णांक का वर्ग या तो \(3m\) या \(3m+1\) के रूप का होता है. यह यूक्लिड के प्रमेयिका की शक्ति को दर्शाता है.
In simple words: किसी भी धनात्मक पूर्ण संख्या को लें. यह '3 गुणा कुछ', '3 गुणा कुछ प्लस 1', या '3 गुणा कुछ प्लस 2' जैसी हो सकती है. अब, यदि आप इन संख्याओं का वर्ग करते हैं:
1. यदि यह \(3q\) है, तो इसका वर्ग \(9q^2\) है, जो \(3 \times (3q^2)\) है. यह \(3m\) है.
2. यदि यह \(3q+1\) है, तो इसका वर्ग \(9q^2+6q+1\) है, जो \(3 \times (3q^2+2q) + 1\) है. यह \(3m+1\) है.
3. यदि यह \(3q+2\) है, तो इसका वर्ग \(9q^2+12q+4\) है. चूंकि \(4 = 3+1\), यह \(9q^2+12q+3+1\) है, जो \(3 \times (3q^2+4q+1) + 1\) है. यह \(3m+1\) है.
तो, किसी भी धनात्मक पूर्ण संख्या का वर्ग हमेशा \(3m\) या \(3m+1\) के रूप में होगा.

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि यूक्लिड के विभाजन लेम्मा से सभी संभावित मामले शामिल हैं, और आवश्यक रूप में फिट होने के लिए अभिव्यक्तियों को सही ढंग से सरल करें.

 

Question 2. किसी परेड में 616 सदस्यों वाली एक सेना की टुकड़ी को 32 सदस्यों वाले एक आर्मी बैण्ड के पीछे मार्च करना है। दोनों समूहों को समान संख्या वाले स्तम्भों में मार्च करना है। उन स्तम्भों की अधिकतम संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: परेड में सेना टुकड़ी (616 सदस्य) और आर्मी बैण्ड (32 सदस्य) दोनों के मार्च करने के लिए अधिकतम संख्या में स्तम्भ ज्ञात करने के लिए, हमें 616 और 32 का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करना होगा. हम यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करेंगे:
1. चूंकि \(616 > 32\), 616 और 32 पर विभाजन लेम्मा लागू करें:
\( 616 = 32 \times 19 + 8 \)
2. शेषफल 8 है, जो 0 नहीं है. तो, नए भाजक 32 और शेषफल 8 पर विभाजन लेम्मा लागू करें:
\( 32 = 8 \times 4 + 0 \)
चूंकि शेषफल अब 0 है, प्रक्रिया रुक जाती है. इस चरण पर भाजक 8 है.
इसलिए, 616 और 32 का HCF 8 है. वे अधिकतम 8 स्तम्भों में मार्च कर सकते हैं. यह सुनिश्चित करता है कि दोनों समूह समान रूप से व्यवस्थित हों.
In simple words: हमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करनी है जो 616 और 32 दोनों को पूरी तरह से विभाजित करती है. यूक्लिड की विधि का उपयोग करते हुए: 616 को 32 से भाग दें, शेषफल 8 मिलेगा. फिर 32 को 8 से भाग दें, शेषफल 0 मिलेगा. अंतिम भाजक 8 था. तो, वे अधिकतम 8 स्तम्भों में मार्च कर सकते हैं.

🎯 Exam Tip: "अधिकतम संख्या," "सबसे बड़ी संख्या," या "सबसे बड़ा उभयनिष्ठ समूह" के लिए पूछने वाली समस्याओं में आमतौर पर HCF ज्ञात करना होता है.

 

Question 3. वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिये जो 245 और 2053 को इस प्रकार विभाजित करती है कि प्रत्येक स्थिति में शेषफल 5 प्राप्त हो।
Answer: वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करने के लिए जो 245 और 2053 को विभाजित करती है, प्रत्येक स्थिति में 5 का शेषफल छोड़ते हुए, हम पहले प्रत्येक संख्या से शेषफल घटाते हैं.
\( 245 - 5 = 240 \)
\( 2053 - 5 = 2048 \)
अब, हमें 240 और 2048 का HCF ज्ञात करना होगा. यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करके:
1. \( 2048 = 240 \times 8 + 128 \)
2. \( 240 = 128 \times 1 + 112 \)
3. \( 128 = 112 \times 1 + 16 \)
4. \( 112 = 16 \times 7 + 0 \)
240 और 2048 का HCF 16 है. इसलिए, वह सबसे बड़ी संख्या जो 245 और 2053 को विभाजित करती है, 5 का शेषफल छोड़ते हुए, 16 है. यह विभाजन समस्याओं को हल करने का एक प्रभावी तरीका है.
In simple words: पहले, 245 और 2053 में से 5 घटाएं. इससे आपको 240 और 2048 मिलेंगे. अब, सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करें जो 240 और 2048 दोनों को पूरी तरह विभाजित करती है. HCF चरणों का उपयोग करते हुए, हम पाते हैं कि यह संख्या 16 है. तो, 16 ही सबसे बड़ी संख्या है.

🎯 Exam Tip: संख्याओं में दिए गए शेषफल के साथ सावधान रहें. समस्या को कम की गई संख्याओं का HCF ज्ञात करने के लिए बदलने के लिए हमेशा शेषफल को पहले घटाएं.

 

Question 4. दर्शाइये कि \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है।
Answer: \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है, यह सिद्ध करने के लिए, हम विपरीत मानते हैं:
मान लीजिए कि \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) परिमेय है.
तब \( \sqrt{2}+\sqrt{5} = \frac{a}{b} \), जहाँ \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और \(b \ne 0\).
एक वर्गमूल को अलग करने के लिए पुनर्व्यवस्थित करें: \( \sqrt{5} = \frac{a}{b} - \sqrt{2} \).
दोनों पक्षों का वर्ग करें: \( (\sqrt{5})^2 = \left(\frac{a}{b} - \sqrt{2}\right)^2 \)
\( 5 = \frac{a^2}{b^2} - 2 \frac{a}{b} \sqrt{2} + (\sqrt{2})^2 \)
\( 5 = \frac{a^2}{b^2} - \frac{2a}{b} \sqrt{2} + 2 \)
अब, शेष वर्गमूल पद को अलग करें:
\( 5 - 2 - \frac{a^2}{b^2} = - \frac{2a}{b} \sqrt{2} \)
\( 3 - \frac{a^2}{b^2} = - \frac{2a}{b} \sqrt{2} \)
\( \frac{3b^2 - a^2}{b^2} = - \frac{2a}{b} \sqrt{2} \)
\( \implies \sqrt{2} = \frac{3b^2 - a^2}{b^2} \times \left(-\frac{b}{2a}\right) \)
\( \sqrt{2} = \frac{a^2 - 3b^2}{2ab} \)
चूंकि \(a\) और \(b\) पूर्णांक हैं, \( \frac{a^2 - 3b^2}{2ab} \) एक परिमेय संख्या है.
इसका अर्थ है कि \( \sqrt{2} \) परिमेय है, जो इस ज्ञात तथ्य का खंडन करता है कि \( \sqrt{2} \) अपरिमेय है.
इसलिए, हमारी प्रारंभिक धारणा कि \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) परिमेय है, गलत है.
अतः, \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है. यह प्रमाण अपरिमेय संख्याओं की प्रकृति को उजागर करता है.
In simple words: मान लीजिए \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) एक भिन्न (\(a/b\)) है. \( \sqrt{2} \) को दूसरी तरफ ले जाएँ: \( \sqrt{5} = (a/b) - \sqrt{2} \). दोनों पक्षों का वर्ग करें. सरल करने और सभी भिन्नात्मक पदों को स्थानांतरित करने के बाद, आपको \( \sqrt{2} \) एक भिन्न के बराबर मिलेगा. लेकिन हम जानते हैं कि \( \sqrt{2} \) एक भिन्न नहीं है. इसका मतलब है कि हमारी शुरुआती धारणा गलत थी, इसलिए \( \sqrt{2}+\sqrt{5} \) अपरिमेय होना चाहिए.

🎯 Exam Tip: दो अपरिमेय संख्याओं के योग से निपटते समय, प्रमाण को सरल बनाने के लिए वर्गमूल पदों में से एक को अलग करने के बाद अभिव्यक्ति का वर्ग करें.

 

Question 6. सिद्ध कीजिये कि \( \sqrt{3} \) एक अपरिमेय संख्या है।
Answer: \( \sqrt{3} \) एक अपरिमेय संख्या है, यह सिद्ध करने के लिए, हम विरोधाभास की विधि का उपयोग करते हैं:
मान लीजिए कि \( \sqrt{3} \) एक परिमेय संख्या है.
तब, हम \( \sqrt{3} = \frac{a}{b} \) लिख सकते हैं, जहाँ \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य पूर्णांक हैं (मतलब 1 के अलावा उनका कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है) और \(b \ne 0\).
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर, हमें प्राप्त होता है:
\( (\sqrt{3})^2 = \left(\frac{a}{b}\right)^2 \)
\( 3 = \frac{a^2}{b^2} \)
\( 3b^2 = a^2 \) .....(1)
यह समीकरण दर्शाता है कि \(a^2\) 3 का एक गुणज है, जिसका अर्थ है कि 3, \(a^2\) को विभाजित करता है.
एक प्रमेय के अनुसार (यदि एक अभाज्य संख्या \(p\), \(a^2\) को विभाजित करती है, तो \(p\), \(a\) को विभाजित करती है), यदि 3, \(a^2\) को विभाजित करता है, तो 3 को \(a\) को भी विभाजित करना चाहिए.
तो, हम किसी पूर्णांक \(c\) के लिए \(a = 3c\) लिख सकते हैं.
\(a\) के इस मान को समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करें:
\( 3b^2 = (3c)^2 \)
\( 3b^2 = 9c^2 \)
3 से भाग दें:
\( b^2 = 3c^2 \) .....(2)
यह समीकरण दर्शाता है कि \(b^2\) 3 का एक गुणज है, जिसका अर्थ है कि 3, \(b^2\) को विभाजित करता है.
फिर से, उसी प्रमेय के अनुसार, यदि 3, \(b^2\) को विभाजित करता है, तो 3 को \(b\) को भी विभाजित करना चाहिए.
तो, हमने स्थापित किया है कि 3, \(a\) को विभाजित करता है और 3, \(b\) को विभाजित करता है. इसका मतलब है कि 3, \(a\) और \(b\) का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड है.
हालांकि, यह हमारी प्रारंभिक धारणा का खंडन करता है कि \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य हैं (यानी, 1 के अलावा उनका कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है).
यह विरोधाभास इसलिए उत्पन्न हुआ क्योंकि हमारी प्रारंभिक धारणा कि \( \sqrt{3} \) परिमेय है, गलत थी.
इसलिए, \( \sqrt{3} \) एक अपरिमेय संख्या है. यह प्रमाण संख्या सिद्धांत के लिए एक आधारभूत स्तंभ है.
In simple words: मान लीजिए \( \sqrt{3} \) एक भिन्न, \(a/b\), है, जहाँ \(a\) और \(b\) का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है. दोनों पक्षों का वर्ग करें तो \(3 = a^2/b^2\) मिलेगा, जिसका अर्थ है \(3b^2 = a^2\). इससे पता चलता है कि 3, \(a^2\) को विभाजित करता है, और यदि 3, \(a^2\) को विभाजित करता है, तो यह \(a\) को भी विभाजित करेगा. तो, हम कह सकते हैं कि \(a = 3c\) किसी संख्या \(c\) के लिए. इसे समीकरण में वापस रखें: \(3b^2 = (3c)^2 = 9c^2\). 3 से भाग देने पर \(b^2 = 3c^2\) मिलता है. इसका मतलब है कि 3, \(b^2\) को विभाजित करता है, और इस प्रकार 3, \(b\) को भी विभाजित करता है. अब हमें पता है कि 3, \(a\) और \(b\) दोनों को विभाजित करता है. यह हमारे मूल विचार का खंडन करता है कि \(a\) और \(b\) का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है. तो, हमारी पहली धारणा गलत थी, और \( \sqrt{3} \) अपरिमेय है.

🎯 Exam Tip: \( \sqrt{p} \) (जहां \(p\) अभाज्य है) की अपरिमेयता के लिए मानक प्रमाण में इसे परिमेय मानकर, वर्ग करके, और इस गुण का उपयोग करके कि यदि \(p\), \(a^2\) को विभाजित करता है, तो \(p\), \(a\) को विभाजित करता है, शामिल है.

 

Question 7. सिद्ध कीजिये कि \( \sqrt {5} \) एक अपरिमेय संख्या है।
Answer: हम यह मानकर चलते हैं कि \( \sqrt {5} \) एक परिमेय संख्या है। इसका मतलब है कि इसे \( \frac { a }{ b } \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( b \neq 0 \). यहाँ \( a \) और \( b \) ऐसी संख्याएँ हैं जिनका 1 के अलावा कोई साझा गुणनखंड नहीं है, यानी वे सह-अभाज्य हैं।
\( \implies \sqrt {5} b = a \)
दोनों तरफ वर्ग करने पर, हमें \( 5b^2 = a^2 \) मिलता है (समीकरण i).
\( \implies \) चूंकि \( 5b^2 \) को 5 से भाग दिया जा सकता है, इसका मतलब है कि \( a^2 \) को भी 5 से भाग दिया जा सकता है। एक गणितीय नियम के अनुसार, यदि \( a^2 \) को 5 से भाग दिया जा सकता है, तो \( a \) को भी 5 से भाग दिया जा सकता है। यह दर्शाता है कि 5, \( a \) का एक गुणनखंड है।
\( \implies \) इसलिए, हम \( a \) को \( 5c \) के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ \( c \) कोई पूर्णांक है।
\( \implies a^2 = (5c)^2 = 25c^2 \) (समीकरण ii).
समीकरण (i) और (ii) को मिलाने पर, हमें \( 5b^2 = 25c^2 \) मिलता है। इसे सरल करने पर, हमें \( b^2 = 5c^2 \) मिलता है।
\( \implies \) इससे पता चलता है कि \( b^2 \) को भी 5 से भाग दिया जा सकता है। इसी नियम के अनुसार, \( b \) को भी 5 से भाग दिया जा सकता है। यह दूसरा परिणाम है जो दिखाता है कि 5, \( b \) का भी गुणनखंड है।
हमने पहले माना था कि \( a \) और \( b \) का 1 के अलावा कोई साझा गुणनखंड नहीं है, लेकिन हमें मिला कि 5, \( a \) और \( b \) दोनों का साझा गुणनखंड है। यह बात हमारी पहली मान्यता के खिलाफ है।
\( \implies \) इसलिए, हमारी शुरुआती सोच कि \( \sqrt {5} \) एक परिमेय संख्या है, गलत साबित होती है। इस तरह, यह सिद्ध होता है कि \( \sqrt {5} \) एक अपरिमेय संख्या है। एक अपरिमेय संख्या को दो पूर्णांकों के अनुपात के रूप में नहीं लिखा जा सकता है, जो इसके अद्वितीय गुण को दर्शाता है।
In simple words: हम मानते हैं कि \( \sqrt{5} \) एक परिमेय संख्या है, तो उसे \( a/b \) के रूप में लिख सकते हैं। वर्ग करने पर \( 5b^2 = a^2 \), जिसका मतलब है कि \( a \) को 5 से भाग दिया जा सकता है। फिर \( a=5c \) रखने पर \( b^2=5c^2 \), जिसका मतलब है कि \( b \) को भी 5 से भाग दिया जा सकता है। यह विरोधाभासी है क्योंकि हमने \( a \) और \( b \) को सह-अभाज्य माना था, इसलिए \( \sqrt{5} \) एक अपरिमेय संख्या है।

🎯 Exam Tip: जब भी आपको किसी संख्या को अपरिमेय सिद्ध करना हो, तो उसे परिमेय मानकर चलें और अंत में एक विरोधाभास दिखाएं। यह यूक्लिड की विभाजन प्रमेयिका का उपयोग करने का एक क्लासिक तरीका है।

 

Question 8. यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म का प्रयोग करके दर्शाइए कि किसी धनात्मक पूर्णांक का घन 4m, 4m+1 या 4m+3 के रूप का होता है, जहाँ m कोई पूर्णांक है।
Answer: यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करके, किसी भी धनात्मक पूर्णांक \( x \) को \( 4q, 4q+1, 4q+2 \), या \( 4q+3 \) के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ \( q \) कोई पूर्णांक है। हम इन सभी संभावनाओं के घन की जांच करेंगे।
**स्थिति I: जब \( x = 4q \)**
दोनों पक्षों का घन करने पर:
\( x^3 = (4q)^3 = 64q^3 \)
इसे \( 4 \times (16q^3) \) के रूप में लिखा जा सकता है।
\( \implies x^3 = 4m \), जहाँ \( m = 16q^3 \) एक पूर्णांक है।
**स्थिति II: जब \( x = 4q + 1 \)**
दोनों पक्षों का घन करने पर:
\( x^3 = (4q + 1)^3 \)
इसका विस्तार करने पर:
\( x^3 = 64q^3 + 48q^2 + 12q + 1 \)
पहले तीन पदों में से 4 को बाहर निकालने पर:
\( x^3 = 4q(16q^2 + 12q + 3) + 1 \)
\( \implies x^3 = 4m + 1 \), जहाँ \( m = q(16q^2 + 12q + 3) \) एक पूर्णांक है।
**स्थिति III: जब \( x = 4q + 2 \)**
दोनों पक्षों का घन करने पर:
\( x^3 = (4q + 2)^3 \)
इसका विस्तार करने पर:
\( x^3 = 64q^3 + 96q^2 + 48q + 8 \)
4 को बाहर निकालने पर:
\( x^3 = 4(16q^3 + 24q^2 + 12q + 2) \)
\( \implies x^3 = 4m \), जहाँ \( m = 16q^3 + 24q^2 + 12q + 2 \) एक पूर्णांक है।
**स्थिति IV: जब \( x = 4q + 3 \)**
दोनों पक्षों का घन करने पर:
\( x^3 = (4q + 3)^3 \)
इसका विस्तार करने पर:
\( x^3 = 64q^3 + 144q^2 + 108q + 27 \)
हम 27 को \( 24 + 3 \) के रूप में लिख सकते हैं।
\( x^3 = 64q^3 + 144q^2 + 108q + 24 + 3 \)
4 को बाहर निकालने पर:
\( x^3 = 4(16q^3 + 36q^2 + 27q + 6) + 3 \)
\( \implies x^3 = 4m + 3 \), जहाँ \( m = 16q^3 + 36q^2 + 27q + 6 \) एक पूर्णांक है।
सभी संभावित स्थितियों में, किसी भी धनात्मक पूर्णांक का घन \( 4m, 4m+1 \), या \( 4m+3 \) के रूप में होता है। यह प्रमेय हमें संख्याओं के पैटर्न को समझने में मदद करता है, खासकर जब हम उन्हें किसी विशेष संख्या से भाग देते हैं।
In simple words: किसी भी संख्या को 4 से भाग देने पर \( 4q, 4q+1, 4q+2 \) या \( 4q+3 \) के रूप में लिखा जा सकता है। जब हम इन सभी का घन करते हैं, तो अंत में हमें हमेशा \( 4m, 4m+1 \) या \( 4m+3 \) के रूप में ही उत्तर मिलता है, जहाँ \( m \) कोई पूर्णांक होता है।

🎯 Exam Tip: यूक्लिड की विभाजन प्रमेयिका का उपयोग करके ऐसे प्रश्नों को हल करते समय, सभी संभावित शेषफलों (यहाँ 0, 1, 2, 3) के लिए हर स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाना महत्वपूर्ण है।

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