RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 9 जयशंकर प्रसाद

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Detailed Chapter 9 जयशंकर प्रसाद RBSE Solutions for Class 12 Hindi

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Class 12 Hindi Chapter 9 जयशंकर प्रसाद RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता किस काव्य संग्रह में संग्रहीत है?
(a) कानन कुसुम
(b) लहर
(c) झरना
(d) चित्राधार
Answer: (b) लहर
In simple words: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता 'लहर' नाम के काव्य संग्रह में है, जो जयशंकर प्रसाद ने लिखा है।

🎯 Exam Tip: हमेशा कविता के रचयिता और उसके काव्य संग्रह का नाम याद रखें, यह अक्सर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पूछा जाता है।

 

Question 2. कवि ने 'पेशोला' किसे कहा है ?
(a) अन्नासागर को
(b) उदयपुर की एक झील को
(c) राजस्थान की एक नदी को
(d) गुजरात के तालाब को
Answer: (b) उदयपुर की एक झील को
In simple words: कवि ने 'पेशोला' उदयपुर की प्रसिद्ध झील को कहा है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में किसी विशेष नाम का प्रयोग किस चीज़ के लिए किया गया है, इसे ध्यान से समझें।

 

Question 3. कविता में 'गहन नियति-सा' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है ?
(a) सौभाग्य के लिए
(b) दुर्भाग्य के लिए
(c) डूबने के लिए
(d) गहराई के लिए।
Answer: (b) दुर्भाग्य के लिए
In simple words: कविता में 'गहन नियति-सा' शब्द बहुत गहरे दुर्भाग्य या बुरे भाग्य को बताने के लिए इस्तेमाल किया गया है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में तुलनात्मक शब्दों और मुहावरों का अर्थ समझने की कोशिश करें, वे गहरे भाव व्यक्त करते हैं।

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. पेशोला झील कहाँ स्थित है?
Answer: पेशोला झील उदयपुर शहर में स्थित है।
In simple words: पेशोला झील उदयपुर में है।

🎯 Exam Tip: भौगोलिक स्थानों को उनकी सही स्थिति के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे साहित्यिक संदर्भ में हों।

 

Question 2. गौरव-सी काया किसकी पड़ी है?
Answer: गौरव से भरी हुई काया महाराणा प्रताप की पड़ी है।
In simple words: महाराणा प्रताप की गौरवशाली देह पड़ी है।

🎯 Exam Tip: कविता में प्रतीकात्मक भाषा और ऐतिहासिक संदर्भों को पहचानें, क्योंकि वे अक्सर महत्वपूर्ण अर्थ रखते हैं।

 

Question 3. साँस आशा में किसकी तरह लटकी हुई है?
Answer: साँस आशा में मछली की तरह लटकी हुई है।
In simple words: आशा में साँस मछली जैसी लटकी है।

🎯 Exam Tip: उपमा और रूपक अलंकारों को पहचानना सीखें, क्योंकि वे कविता के सौंदर्य और अर्थ को बढ़ाते हैं।

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. कवि लोगों को मृत क्यों मान रहा है ?
Answer: कवि लोगों को मृत इसलिए मान रहा है क्योंकि उन्हें अपने देश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति की जानकारी नहीं है। वे उसे भूल चुके हैं। उन्हें अपने देश के पुराने गौरव पर गर्व नहीं है, और न ही वे उससे कोई प्रेरणा लेते हैं। इसलिए कवि ऐसे लोगों को मृत समझता है।
In simple words: लोग अपने देश का गौरवशाली इतिहास भूल गए हैं और उससे प्रेरणा नहीं लेते, इसलिए कवि उन्हें मृत मानते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में कवि के विचारों और उसके पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 3. पेशोला की झील में बने महलों के प्रतिबिम्ब विषद के शिल्प बने हुए क्यों लगते हैं?
Answer: उदयपुर की पेशोला झील में महाराणाओं के महलों की परछाईं दिख रही है। ये महलों के प्रतिबिम्ब झील के पानी में बन रहे हैं। पुराने समय में इन महलों में बहुत चहल-पहल थी, लेकिन अब वहाँ पूरी तरह शांति है। ऐसा लगता है जैसे प्राचीन शिल्पकला के ये नमूने महल अपने पुराने वैभव को याद करके उदासी में डूबे हुए हैं।
In simple words: पेशोला झील में महलों की परछाईं दिखती है। वे महल अपने पुराने वैभव को याद करके उदास लगते हैं।

🎯 Exam Tip: कविता में प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के संबंध को समझने का प्रयास करें, यह अक्सर प्रतीकात्मक होता है।

 

Question 4. 'दुन्दुभि-मृदंग-तूर्य शान्त-सब मौन हैं। फिर भी पुकार-सी है। पूँज रही व्योम में'- उक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: झील के पानी में महलों की परछाईं बन रही है। कभी उन महलों में जीवन की रौनक थी। वहाँ संगीत और ध्वनि गूँजती थी। नगाड़ों, मृदंगों और तुरहियों की मधुर आवाजें वहाँ के वातावरण में तैरती थीं। अब अतीत का वह शानदार माहौल नहीं रहा। ये महल अपनी दुखद यादों में डूबे हैं, फिर भी उनमें से एक पुकार आकाश में गूँजती है। यह पुकार पूछ रही है कि क्या कोई वीर और साहसी व्यक्ति उस पुराने गौरव को फिर से स्थापित करेगा।
In simple words: महलों में अब शांति है, पर एक पुकार उठ रही है। यह पूछ रही है कि कौन देश का पुराना गौरव वापस लाएगा।

🎯 Exam Tip: कविता की पंक्तियों का अर्थ समझाते समय, उनके शाब्दिक अर्थ के साथ-साथ उनके गहरे भाव और संदेश को भी स्पष्ट करें।

 

Question 5. खेवा की पतवार कौन खींच रहा है और कहाँ ले जा रहा है?
Answer: खेवा (नाव) की पतवार काल-रूपी धीवर (मल्लाह) ने पकड़ ली है। समय का यह मल्लाह महाराणाओं के पुराने वैभव और गौरव की नाव को खींच रहा है। वह इस नाव को गहरे अंधकार रूपी दुर्भाग्य के सागर में खींचकर ले जा रहा है। इस नाव के चारों ओर दुर्भाग्य जैसा एक विशाल सागर उमड़ रहा है, जिसमें प्रकाश की कोई किरण नहीं है। इन महाराणाओं के पुराने गौरव को वापस लाने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
In simple words: समय, जो मल्लाह जैसा है, महाराणाओं के पुराने गौरव को दुर्भाग्य के गहरे सागर में खींच रहा है।

🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक शब्दों और उनके द्वारा दर्शाए गए भावों को पहचानना महत्वपूर्ण है, जैसे यहाँ 'काल-रूपी धीवर' का अर्थ।

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता का मूलभाव लिखिए।
Answer: उदयपुर की पिछोला झील के किनारे बने महाराणाओं के महल उनके प्राचीन ऐश्वर्य और गौरव की याद दिलाते हैं। इन महलों की परछाईं झील के विशाल पानी में दिखती है। ये महल हमें याद दिलाते हैं कि एक समय देश में कितनी शान और समृद्धि थी। ये महल और झील में बनी उनकी छाया लोगों से कह रही है कि वे अपने अतीत को भूल गए हैं। महलों के प्रतिबिम्ब लोगों को अपने अतीत को याद दिलाते हैं।
In simple words: यह कविता महाराणाओं के पुराने महलों के माध्यम से देश के भूले हुए गौरव और सम्मान को याद दिलाने और उसे फिर से पाने का संदेश देती है।

🎯 Exam Tip: किसी भी कविता का मूलभाव लिखते समय, उसके केंद्रीय विचार और कवि के मुख्य संदेश को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।

 

Question 2. पठित कविता के आधार पर प्रसाद के काव्य और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।
Answer: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' जयशंकर प्रसाद की एक लंबी कविता है। जयशंकर प्रसाद हिंदी के छायावादी कवियों में से एक हैं। वे सुंदरता और प्रेम के कवि हैं। उनकी कविताओं में छायावाद की सुंदरता और भावना के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के उज्ज्वल पहलुओं और इतिहास के गौरवपूर्ण क्षणों का चमकीला रंग भी दिखता है। 'पेशोला की प्रतिध्वनि' में कवि ने उदयपुर की पिछोला झील के किनारे बने महाराणाओं के महलों और उनकी झील में पड़ने वाली छाया के ज़रिए भारत के गौरवशाली अतीत को दिखाया है। कवि प्रेरणा देना चाहते हैं कि इस अतीत के गौरव को फिर से पाना होगा और किसी-न-किसी भारतीय को आगे बढ़कर यह जिम्मेदारी उठानी होगी। इस तरह, प्रसाद का काव्य सौंदर्य चेतना और प्रेम के साथ-साथ देशभक्ति और राष्ट्रीय भावनाओं का भी काव्य है। प्रसाद का व्यक्तित्व गंभीर और विचारशील व्यक्ति का है। उन्हें अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना करना पड़ा था। उनके व्यक्तिगत जीवन की कई दुखद घटनाओं ने उनके शरीर को बीमार किया लेकिन उनके मन को मजबूत बना दिया। प्रसाद प्रतिभाशाली थे, कुशल साहित्यकार थे, और स्वभाव से विनम्र थे। वे अपने समय के प्रसिद्ध लोगों और साहित्यकारों से दोस्ती रखते थे। वे एकांत पसंद करते थे लेकिन बहुत मेहनती थे। कवि ने हिंदी के कविता और गद्य साहित्य को अपनी कई महत्वपूर्ण रचनाओं से भरा है। उनके साहित्य में कोमल भावनाओं के साथ विचारों की दार्शनिकता भी मिलती है। प्रसाद की 'कामायनी' हिंदी का एक महत्वपूर्ण महाकाव्य है। उन्होंने उपन्यास, कहानियाँ और निबंध भी लिखे हैं। प्रसाद भारत के गौरवपूर्ण अतीत से प्रभावित थे और भारत की वर्तमान कठिनाइयों और समस्याओं का समाधान उसी में ढूंढते रहते थे। उनका व्यक्तित्व एक भावुक कवि और विचारशील दार्शनिक का मिला-जुला रूप है।
In simple words: प्रसाद सौंदर्य और प्रेम के कवि थे, पर उनके काव्य में देश के गौरव और देशभक्ति की भावना भी दिखती है। उनका व्यक्तित्व गंभीर, विचारशील और संघर्षशील था, जिन्होंने भारतीय इतिहास और संस्कृति को अपनी रचनाओं में जीवंत किया।

🎯 Exam Tip: साहित्यकार के काव्य और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते समय, उनकी प्रमुख रचनाओं, काव्य शैली और जीवन की घटनाओं का उल्लेख करें जो उनके साहित्य को प्रभावित करती हैं।

 

Question 3. कविता में आए निम्नलिखित पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए
(क) दुर्बलता इस अस्थि दृप्त फुत्कार से।
(ख) आह ! इस खेवा....... किसकी आशा में?
Answer: सप्रसंग व्याख्या में सबसे पहले उस पद्यांश का 'सन्दर्भ' लिखा जाता है। इसमें कविता का नाम और कवि का नाम बताया जाता है। फिर 'प्रसंग' लिखा जाता है, जिसमें बताया जाता है कि कविता के किस हिस्से से यह पद्यांश लिया गया है और इसमें क्या मुख्य बात कही गई है। इसके बाद 'व्याख्या' में पद्यांश के हर शब्द और पंक्ति का गहरा अर्थ समझाया जाता है। अंत में 'विशेष' में पद्यांश की भाषा, शैली, अलंकार और उसमें छिपे किसी खास संदेश या गुण के बारे में बताया जाता है।
In simple words: सप्रसंग व्याख्या में कविता के अंश का परिचय, उसका संदर्भ, गहरा अर्थ और भाषा संबंधी खास बातें समझाई जाती हैं।

🎯 Exam Tip: सप्रसंग व्याख्या करते समय, संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या और विशेष - इन चारों भागों को क्रम से और स्पष्टता से लिखना बहुत जरूरी है ताकि पूरे अंक मिल सकें।

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित महाकाव्य है
Answer: कामायनी
In simple words: जयशंकर प्रसाद का सबसे बड़ा काव्य 'कामायनी' है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख साहित्यकारों और उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर महाकाव्यों के।

 

Question 2. पेशोला झील स्थित है।
(a) जयपुर में
(b) उदयपुर में
(c) भरतपुर में
(d) जोधपुर में।
Answer: (b) उदयपुर में
In simple words: पेशोला झील उदयपुर शहर में है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में वर्णित स्थानों की सही जानकारी याद रखें, यह सीधा प्रश्न हो सकता है।

 

Question 3. “तट-तरु हैं चित्रित तरल चित्रसारी में-तरल चित्रसारी किसको कहा गया है ?
(a) पेशोला की जलराशि को
(b) हरे-भरे बगीचे को
(c) हवा से हिलती हुई चित्रशाला
(d) चित्र बनाने के पटल को।
Answer: (a) पेशोला की जलराशि को
In simple words: 'तरल चित्रसारी' शब्द पेशोला झील के पानी को दर्शाता है, जहाँ पेड़ों की परछाईं चित्र जैसी दिखती है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में प्रयुक्त विशेषणों और उनके द्वारा वर्णित वस्तु को समझें, यह अलंकार और अर्थ को स्पष्ट करता है।

 

Question 4. "दुंदुभि, मृदंग, तूर्य, शांत, सब मौन हैं – 'में दुंदुभि, मर्दूग, तूर्य हैं
(a) महलों में बजने वाले वाद्ययंत्र
(b) महलों के पालतू पशु
(c) महलों के विभिन्न सेवक
(d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (a) महलों में बजने वाले वाद्ययंत्र
In simple words: 'दुंदुभि, मृदंग, तूर्य' ये सब महलों में बजने वाले संगीत के उपकरण हैं।

🎯 Exam Tip: प्राचीन वाद्ययंत्रों और उनके प्रयोग के संदर्भ को पहचानना कविता के भाव को समझने में सहायक होता है।

 

Question 5. 'पेशोला की प्रतिध्वनि' में कवि ने संदेश दिया है
(a) महलों की सुरक्षा का
(b) राष्ट्रप्रेम का
(c) पुराना इतिहास पढ़ने का
Answer: (b) राष्ट्रप्रेम का
In simple words: कविता 'पेशोला की प्रतिध्वनि' देश के प्रति प्यार और सम्मान का संदेश देती है।

🎯 Exam Tip: किसी भी कविता का मुख्य संदेश या विषयवस्तु हमेशा स्पष्ट रूप से पहचानें, यह अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।

 

Question 1. जयशंकर प्रसाद आधुनिक कविता के किस वाद से सम्बन्धित हैं ?
Answer: जयशंकर प्रसाद आधुनिक कविता के छायावाद से संबंधित हैं।
In simple words: जयशंकर प्रसाद छायावाद कविता से जुड़े हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख कवियों को उनके साहित्यिक आंदोलनों या 'वादों' से जोड़कर याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।

 

Question 2. जयशंकर प्रसाद के काव्य की प्रमुख विशेषता क्या है ?
Answer: देशप्रेम तथा राष्ट्रवाद जयशंकर प्रसाद के काव्य की प्रमुख विशेषता है।
In simple words: प्रसाद की कविताओं में देशप्रेम और राष्ट्रवाद मुख्य बातें हैं।

🎯 Exam Tip: कवियों की काव्यगत विशेषताओं को उनके मुख्य संदेशों और विषयों के साथ याद रखें।

 

Question 3. प्रसाद जी के दो कविता संग्रहों के नाम लिखिए।
Answer: 'लहर' तथा 'झरना' प्रसाद जी की कविताओं के संग्रह हैं।
In simple words: प्रसाद जी के दो कविता संग्रह 'लहर' और 'झरना' हैं।

🎯 Exam Tip: साहित्यकारों के प्रमुख कविता संग्रहों या पुस्तकों के नाम याद रखना परीक्षा में मदद करेगा।

 

Question 4. प्रसाद जी को अपनी किस रचना पर मंगला प्रसाद पुरस्कार प्राप्त हुआ था ?
Answer: प्रसाद जी को अपने महाकाव्य कामायनी पर मंगला प्रसाद पुरस्कार मिला था।
In simple words: प्रसाद जी को उनकी बड़ी कविता 'कामायनी' के लिए मंगला प्रसाद पुरस्कार मिला।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण साहित्य पुरस्कारों और उन्हें प्राप्त करने वाली रचनाओं के बारे में जानकारी रखें।

 

Question 5. पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता का संदेश क्या है?
Answer: पेशोला की प्रतिध्वनि कविता का संदेश राष्ट्रप्रेम है।
In simple words: यह कविता देशप्रेम का संदेश देती है।

🎯 Exam Tip: कविता के शीर्षक और उसके मुख्य विषय के बीच संबंध को समझने का प्रयास करें।

 

Question 6. 'निर्धेम भस्मरहित ज्वलन पिण्ड' किसको कहा गया है ?
Answer: 'निर्धूम भस्मरहित ज्वलन पिण्ड' सूर्य को कहा गया है।
In simple words: 'निर्धूम भस्मरहित ज्वलन पिण्ड' सूर्य को कहते हैं।

🎯 Exam Tip: कविताओं में प्रतीकात्मक शब्दों या उपमाओं का अर्थ और वे किसके लिए प्रयोग किए गए हैं, इसे पहचानें।

 

Question 7. सूर्य को निर्धूम तथा भस्मरहित ज्वलन पिण्ड कहने का क्या कारण है?
Answer: सूर्य को निर्धूम (बिना धुएं वाला) और भस्मरहित (बिना राख वाला) ज्वलन पिण्ड इसलिए कहा गया है क्योंकि वह जलता तो है, लेकिन उसमें से न तो धुआं निकलता है और न ही राख बचती है। यह उसकी शुद्ध और निरंतर ऊर्जा को दिखाता है।
In simple words: सूर्य जलता है पर न धुआं देता है न राख छोड़ता है, इसलिए उसे 'निर्धूम भस्मरहित ज्वलन पिण्ड' कहते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में वैज्ञानिक या प्राकृतिक तथ्यों को साहित्यिक भाषा के साथ जोड़कर समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. सन्ध्या का कलंक किसको कहा गया है ?
Answer: बढ़ते हुए अंधकार को सन्ध्या का कलंक कहा गया है।
In simple words: शाम के समय बढ़ते अंधेरे को 'सन्ध्या का कलंक' कहा गया है।

🎯 Exam Tip: कविता में नकारात्मक शब्दों का प्रयोग किस भाव को व्यक्त करने के लिए किया गया है, उसे पहचानें।

 

Question 10. 'कौन लेगा भार यह?' कवि किसका भार लेने के लिए कह रहा है?
Answer: कवि देश के पुराने गौरव को फिर से स्थापित करने की जिम्मेदारी लेने के बारे में कह रहा है।
In simple words: कवि देश का पुराना गौरव फिर से लाने की जिम्मेदारी उठाने को कह रहा है।

🎯 Exam Tip: कविता में प्रश्न शैली का उपयोग कवि के उद्देश्य और संदेश को समझने में सहायता करता है।

 

Question 11. "कौन थामता है पतवार ऐसे अंधड में" अंधड शब्द का क्या अर्थ है.
Answer: यहाँ 'अंधड़' शब्द देश में फैले अनाचार, राष्ट्रीय संस्कृति और मूल्यों की उपेक्षा जैसे बुरे माहौल को बताने के लिए कहा गया है।
In simple words: 'अंधड़' का अर्थ देश में फैले बुरे माहौल, जैसे अनाचार और उपेक्षा से है।

🎯 Exam Tip: कविता में किसी विशेष शब्द का सांकेतिक या लाक्षणिक अर्थ क्या है, इसे संदर्भ के साथ स्पष्ट करें।

 

Question 12. काल धीवर में कौन-सा अलंकार है?
Answer: काल धीवर में रूपक अलंकार है।
In simple words: 'काल धीवर' में रूपक अलंकार है।

🎯 Exam Tip: अलंकार पहचानने के लिए शब्दों के सीधे और आरोपित अर्थ के बीच के संबंध को समझें।

 

Question 13. इस 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता में कौन-सा गुण है?
Answer: इस कविता में ओज गुण है।
In simple words: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता में ओज गुण है।

🎯 Exam Tip: काव्य गुणों (ओज, माधुर्य, प्रसाद) को उनकी विशेषताओं के साथ याद रखें और पहचानें कि वे किस प्रकार की कविताओं में पाए जाते हैं।

 

Question 14. 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता किस छंद में रची हुई है ?
Answer: पेशोला की प्रतिध्वनि कविता की रचना मुक्त छंद में हुई है।
In simple words: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता मुक्त छंद में लिखी गई है।

🎯 Exam Tip: छंद के प्रकारों को समझें और पहचानें कि कौन सी कविता किस छंद में लिखी गई है।

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 9 लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता में कवि क्या संदेश देना चाहता है?
Answer: पेशोला झील उदयपुर में है। उसके शांत पानी में महाराणाओं के महलों की परछाईं दिख रही है। कवि इन महलों और उनकी परछाईं के माध्यम से देश के प्राचीन गौरव और सम्मान से प्रेरणा लेने और उसे देश में फिर से फैलाने का संदेश दे रहे हैं। वह कह रहा है कि इस बड़े काम को करने के लिए हमें आगे आना चाहिए।
In simple words: कवि 'पेशोला की प्रतिध्वनि' के माध्यम से लोगों को देश के पुराने गौरव से प्रेरणा लेने और उसे फिर से फैलाने का संदेश देते हैं।

🎯 Exam Tip: कविता के केंद्रीय विचार या 'संदेश' को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से व्यक्त करें, जिसमें कवि का उद्देश्य भी शामिल हो।

 

Question 2. पेशोला की प्रतिध्वनि कविता के आधार पर बताइए कि आज देश में कैसा वातावरण है तथा देश के हितार्थ क्या करना जर है?
Answer: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता के अनुसार, आज देश में अन्याय और अपने देश की उपेक्षा का माहौल है। इससे देश को नुकसान हो रहा है। लोग अपनी पुरानी पहचान को भूल चुके हैं। उन्हें जगाना बहुत जरूरी है। देश को फिर से मजबूत बनाने और उसकी पुरानी गरिमा को देश हित के लिए वापस लाना आवश्यक है।
In simple words: देश में आज बुरा माहौल है, लोग पुरानी पहचान भूले हैं। देश के भले के लिए उन्हें जगाना और देश का गौरव वापस लाना जरूरी है।

🎯 Exam Tip: कविता के वर्तमान संदर्भ और उसमें दिए गए समाधानों को ध्यान से पढ़ें और अपने उत्तर में लिखें।

 

Question 3. श्रमित नमित-सा। पश्चिम के व्योम में है आज निरवलम्ब-सा कौन है तथा उसकी ऐसी दशा का क्या कारण है?
Answer: पश्चिमी आकाश में ढलता हुआ सूर्य का बिम्ब (छवि) है। कवि को लगता है कि वह थका हुआ, झुका हुआ और बेसहारा हो गया है। उसकी ऐसी दशा होने का कारण यह है कि वह अस्त हो रहा है और उसका दोपहर वाला तेज अब नहीं रहा। मेवाड़ के गौरवशाली अतीत की उपेक्षा देखकर भी वह थका हुआ और बेसहारा-सा लगता है।
In simple words: पश्चिमी आकाश में ढलता सूरज थका, झुका और बेसहारा दिख रहा है, क्योंकि उसका तेज कम हो गया है और वह मेवाड़ के गौरव की उपेक्षा से दुखी है।

🎯 Exam Tip: कविता में प्रकृति के मानवीकरण को पहचानें और समझाएँ कि कवि ने प्रकृति के माध्यम से क्या भाव व्यक्त किया है।

 

Question 4. 'दुर्बलता इस अस्थि मांस की' में अस्थि-मांस से कवि का क्या आशय है? उसकी किस दुर्बलता की ओर कवि ने संकेत किया है ?
Answer: भारत गुलामी और सांस्कृतिक पतन के जाल में फँसा हुआ है। वह इससे आज़ादी चाहता है। लेकिन भारतीय लोग उसे फिर से सशक्त बनाने में कमजोर और असमर्थ हैं। इस पंक्ति में 'अस्थि मांस' का मतलब भारतीय लोगों से है, जो कई बुरी आदतों में पड़कर अपनी ताकत खो चुके हैं।
In simple words: 'अस्थि-मांस' का मतलब कमजोर भारतीय लोगों से है, जो गुलामी और सांस्कृतिक पतन से देश को आज़ाद कराने में असमर्थ हैं।

🎯 Exam Tip: कविता में प्रतीकात्मक शब्दों के अर्थ को संदर्भ के साथ स्पष्ट करें और कवि के गहरे संदेश को उजागर करें।

 

Question 5. "कालिमा बिखरती है संध्या के कलंक-सी' का तात्पर्य क्या है ?
Answer: संध्या का समय है। पेशोला झील के पानी पर अंधेरा छाने लगा है, क्योंकि सूर्य पश्चिम दिशा में डूब रहा है। यह अंधेरा शाम के समय के लिए कलंक जैसा है। इसने शाम के सुंदर रूप को खराब कर दिया है।
In simple words: शाम के अंधेरे को 'संध्या के कलंक-सी' कहा गया है, क्योंकि यह सूर्य के डूबने से फैलता है और शाम की सुंदरता को कम करता है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में प्रकृति के वर्णन में छिपे भावनात्मक या प्रतीकात्मक अर्थों को स्पष्ट करें।

 

Question 7. "बोलो, कोई बोलो-अरे, क्या तुम सब मृत हो ?' पंक्ति में कवि को यह संदेह क्यों हो रहा है कि सब मृत हैं ?
Answer: महलों की परछाईं से एक पुकार उठ रही है कि कोई देशवासी आगे आए और भारत के गौरवपूर्ण अतीत को फिर से जीवंत करे। भारतीय लोग इस पुकार पर भी नहीं जाग रहे हैं। यह देखकर कवि को संदेह होता है कि कहीं वे सब मर तो नहीं गए हैं। किसी की मदद की पुकार पर आगे न बढ़ने वाले को जीवित नहीं माना जा सकता।
In simple words: महलों से देश का गौरव वापस लाने की पुकार उठ रही है, लेकिन कोई नहीं सुन रहा। इसलिए कवि को लगता है कि लोग शायद मर चुके हैं।

🎯 Exam Tip: कवि के प्रश्नों या संदेहों का विश्लेषण करते समय, उनके पीछे के सामाजिक या राष्ट्रीय संदर्भ को ध्यान में रखें।

 

Question 8. “अरावली श्रृंग-सा समुन्नत सिर किसका' – में कौन-सा अलंकार है तथा क्यों ?
Answer: 'अरावली श्रृंग-सा समुन्नत सिर किसका' में उपमा अलंकार है। इस पंक्ति में 'सिर' उपमेय (जिसकी तुलना की गई है) और 'अरावली श्रृंग' उपमान (जिससे तुलना की गई है) हैं। 'समुन्नत' साधारण धर्म (समान गुण) है और 'सा' वाचक शब्द (तुलना करने वाला शब्द) है। उपमा के चारों अंग उपमेय, उपमान, साधारण धर्म तथा वाचक शब्दों के होने के कारण इसमें पूर्णोपमा अलंकार है।
In simple words: इस पंक्ति में उपमा अलंकार है क्योंकि यहाँ 'सिर' की तुलना 'अरावली पर्वत' से की गई है, और तुलना के चारों तत्व (उपमेय, उपमान, साधारण धर्म, वाचक शब्द) मौजूद हैं।

🎯 Exam Tip: उपमा अलंकार को पहचानने के लिए उपमेय, उपमान, साधारण धर्म और वाचक शब्द - इन चारों तत्वों की पहचान करना सीखें।

 

Question 9. “पेशोला की प्रतिध्वनि” कविता के आरम्भ की पंक्तियों के आधार पर बताइए कि प्रसाद की प्रकृति मनुष्य के सुख-दुःख की सहचरी है।
Answer: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' के शुरुआती हिस्से में सूर्य का लाल बिम्ब आकाश में ढल रहा है। झील के पानी में महाराणाओं के महलों की परछाईं भारत के खो चुके पुराने गौरव को याद दिला रही है। भारत की वर्तमान (तत्कालीन) गुलामी और पतन को देखकर प्रकृति भी दुखी है। सूर्य करुणा से भरा हुआ, झुका हुआ और बेसहारा-सा अपनी इस दयनीय हालत को देखकर दुखी हो रहा है।
In simple words: कविता में प्रकृति, जैसे ढलता सूरज और झील की परछाईं, देश की गुलामी और खोए हुए गौरव को देखकर दुखी दिखाई देती है, जो दिखाती है कि प्रकृति भी मनुष्य के सुख-दुख में शामिल होती है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में प्रकृति के चित्रण को सिर्फ प्राकृतिक वर्णन न मानकर, उसके पीछे के मानवीय भावों और सामाजिक संदेशों को भी समझें।

 

Question 10. पेशोला की जलराशि में बने हुए प्रतिबिम्ब को अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
Answer: शाम के समय, सूर्य का लाल बिम्ब पश्चिमी आकाश में अस्त हो रहा है। पेशोला के शांत जल में महाराणाओं के महलों की परछाईं बनकर लोगों को भारत के गौरवपूर्ण अतीत की याद दिला रही है। यह परछाईं लोगों से आह्वान कर रही है कि वे भारत का पुनरुद्धार करें और उसके पुराने गौरव को फिर से देश में फैलाएँ।
In simple words: शाम को पेशोला झील में महलों की परछाईं भारत के पुराने गौरव को याद दिलाती है, और लोगों को उसे फिर से स्थापित करने के लिए बुलाती है।

🎯 Exam Tip: प्रकृति के वर्णन में कवि के गहरे विचारों और संदेश को जोड़ना न भूलें, क्योंकि ये अक्सर प्रतीकात्मक होते हैं।

 

Question 11. 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता के काव्य-सौन्दर्य पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
Answer: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' जयशंकर प्रसाद की एक लंबी कविता है, जो उनके छायावादी काव्य-शैली का सुंदर उदाहरण है। इसमें राष्ट्रीय भावना, देशप्रेम और गौरवशाली अतीत की याद प्रमुखता से झलकती है। कविता में प्रकृति का मानवीकरण किया गया है, जहाँ पेशोला झील, महल और ढलता सूर्य देश की दशा पर दुख व्यक्त करते हैं और लोगों को जगाने का प्रयास करते हैं। इसकी भाषा संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली है, जिसमें ओज गुण और रूपक, उपमा, अनुप्रास जैसे अलंकारों का प्रभावी प्रयोग हुआ है। यह कविता मुक्त छंद में रची गई है, जो इसे एक सहज प्रवाह और प्रभावशाली बनाती है।
In simple words: 'पेशोला की प्रतिध्वनि' छायावादी शैली की एक देशभक्तिपूर्ण कविता है, जिसमें प्रकृति के मानवीकरण, ओज गुण, और सरल भाषा का प्रयोग हुआ है, जो देश के गौरव को फिर से जगाने का संदेश देती है।

🎯 Exam Tip: काव्य सौंदर्य का वर्णन करते समय, भाषा शैली, छंद, अलंकार, रस, गुण और कविता के केंद्रीय भाव का उल्लेख अवश्य करें।

विशेष –

  • देश के पुरातन गौरव और गरिमा को पुनस्थापना का आह्वान किया गया है।
  • वीर रस है। राष्ट्रीय गौरव को जाग्रत किया गया है।
  • भाषा संस्कृतनिष्ठ, साहित्यिक खड़ी बोली है।
  • रूपक, उपमा, पुनरुक्तिप्रकाश तथा प्रश्न अलंकार हैं।

 

Question 4. "कौन लेगा भार यह?" इन पंक्तियों का अर्थ समझाइए: जीवित है कौन? साँस चलती है किसकी? कहता है कौन ऊँची छाती कर, मैं हूँ – मैं हूँ मेवाड़ मैं, अरावली-श्रृंग-सा समुन्नत सिर किस का? बोलो, कोई बोलो-अरे, क्या तुम सब मृत हो ?
Answer: ये पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद की कविता 'पेशोला की प्रतिध्वनि' से ली गई हैं। कवि ने उदयपुर की पिछोला झील के किनारे स्थित महाराणाओं के महलों के प्रतिबिम्ब को देखा। ये महल लोगों को भारत के गौरवपूर्ण अतीत की याद दिलाते हैं। कवि को लगता है कि महलों की परछाईं पूछ रही है कि क्या कोई ऐसा साहसी व्यक्ति है, जो देश के पुराने गौरव को फिर से स्थापित करने की बड़ी जिम्मेदारी उठाएगा। देश के लोग पराधीनता में डूबे हैं और अपने महान इतिहास को भूल गए हैं। वे जीवित होते हुए भी मरे हुए जैसे हैं क्योंकि उनमें कोई उत्साह या हिम्मत नहीं बची है। महल पूछ रहे हैं कि कौन अपनी छाती ठोककर कहेगा, 'मैं मेवाड़ हूँ, मैं अपने देश का सच्चा सपूत हूँ', और आगे बढ़कर देश के गौरव को अरावली पर्वत की चोटी जितना ऊँचा करेगा। ये परछाइयाँ देशवासियों को हिम्मत करके आगे आने और देश के पुराने सम्मान को लौटाने के लिए बुला रही हैं, नहीं तो ऐसा लगेगा कि देश में कोई वीर पुरुष बचा ही नहीं है।
In simple words: कवि, पेशोला झील के महलों की परछाइयों के माध्यम से पूछ रहे हैं कि कौन देश के पुराने गौरव को फिर से वापस लाने की जिम्मेदारी उठाएगा। देश के लोग अपनी पहचान और इतिहास भूल गए हैं, इसलिए कवि उन्हें जागने और देश के लिए कुछ करने को कह रहे हैं।

🎯 Exam Tip: जब कविता की पंक्तियों की व्याख्या पूछी जाए, तो पहले कविता का सन्दर्भ (कवि और कविता का नाम) और प्रसंग (मूल विचार) लिखें, फिर एक-एक पंक्ति का अर्थ समझाएं।

 

Question 5. "अन्धकार-पारावार गहन नियति-सा।" इन पंक्तियों का अर्थ समझाइए: उमड़ रहा है, ज्योति-रेखाहीन-क्षुब्ध हो। खींच ले चला है काल-धीवर अनन्त में साँस-सफरी-सी अटकी है किसकी आशा में?
Answer: ये पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद की कविता 'पेशोला की प्रतिध्वनि' से ली गई हैं। कवि देश की गुलामी और अपने पुराने गौरव को भुला देने के माहौल को देखकर निराश हैं। कवि कहते हैं कि चारों ओर निराशा फैली हुई है। देश पर गुलामी और अपने महान अतीत को भूलने का अँधेरा छाया हुआ है, जो गहरे दुर्भाग्य जैसा है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं दिख रहा जो देश की हालत सुधारने की जिम्मेदारी ले। दूर-दूर तक आशा की कोई किरण नहीं दिख रही। समय रूपी नाविक देश की इस नाव को एक ऐसे अनंत सागर में खींचकर ले जा रहा है, जिसका कोई अंत नहीं है। देश की साँसें एक मछली की तरह किसी आशा में अटकी हुई हैं कि कोई वीर पुरुष आगे आएगा और देश को इस निराशा और गुलामी से बाहर निकालेगा।
In simple words: कवि देश की निराशा और गुलामी का माहौल बताते हैं। वे कहते हैं कि आशा की कोई किरण नहीं है और देश डूब रहा है, लेकिन अभी भी किसी वीर पुरुष के आने की उम्मीद बाकी है।

🎯 Exam Tip: ऐसी व्याख्या में, पहले निराशाजनक स्थिति को स्पष्ट करें, फिर बताएं कि कवि किस उम्मीद में है। अलंकारों का उल्लेख भी कर सकते हैं।

 

Question 6. "आज भी पेशोला के तरल जल-मण्डलों में वही शब्द घूमता-सा पूँजता विकल है, किन्तु वह ध्वनि कहाँ। गौरव-सी काया पड़ी माया है प्रताप की वही मेवाड़। किन्तु आज प्रतिध्वनि कहाँ?" इन पंक्तियों का अर्थ समझाइए।
Answer: ये पंक्तियाँ भी 'पेशोला की प्रतिध्वनि' कविता से हैं। कवि कहता है कि उदयपुर की विशाल पिछोला झील के पानी में आज भी देशवासियों को जगाने वाले प्रेरणादायी शब्द घूमते हुए महसूस होते हैं, वे शब्द व्याकुल होकर गूंज रहे हैं, लेकिन उनकी वैसी गूंज अब सुनाई नहीं देती। कवि बताता है कि यह वही महाराणा प्रताप का मेवाड़ है, जिसकी गौरवशाली पहचान आज भी झील के पानी में दिख रही है। महलों के प्रतिबिम्ब लोगों को मेवाड़ के पुराने इतिहास और गौरव की याद दिलाते हैं, लेकिन इन आह्वानी शब्दों की कोई प्रतिध्वनि आज सुनाई नहीं दे रही है। कवि देश के पुराने गौरव को भूला देने और पराधीनता के माहौल से दुःखी है। वह चाहता है कि देश के युवा महाराणा प्रताप की तरह अपनी आजादी और देश के गौरव की रक्षा करें।
In simple words: कवि कहते हैं कि पेशोला झील आज भी देश के पुराने गौरव और महाराणा प्रताप की याद दिलाती है। लेकिन आज कोई उनकी पुकार सुनने वाला नहीं है, और देश के लोग अपने गौरव को भूल गए हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में, कविता के मूल भाव को अतीत के गौरव और वर्तमान की उपेक्षा के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए समझाएँ। भाषा सरल और सीधी रखें।

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