RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त

Download RBSE Solutions for Class 12 Hindi Chapter 07 मैथिलीशरण गुप्त

Explore reliable textbook solutions for Chapter 07 मैथिलीशरण गुप्त tailored for Class 12 learners. Utilizing these Hindi answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final RBSE evaluations.

Access RBSE Solutions and Answers

Navigate directly to the solved Hindi textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. यह गौरव की बात कि स्वामी गये।
(क) वैराग्य हेतु
(ख) सिद्धि हेतु
(ग) राज्य प्राप्ति हेतु
(घ) तीर्थ यात्रा हेतु।
Answer: (ख) सिद्धि हेतु
In simple words: यह गर्व की बात है कि स्वामी किस उद्देश्य से गए थे, इसका सही विकल्प (ख) सिद्धि हेतु है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, काव्य के मुख्य विचार या उद्देश्य को ध्यान से समझें और उसके अनुसार सही विकल्प चुनें।

 

Question 3. कवि के अनुसार प्रकृति का पुण्य तीर्थस्थल है –
(क) भारतवर्ष
(ख) हिमालय
(ग) गंगा
(घ) सागर।
Answer: (क) भारतवर्ष
In simple words: कवि के विचार में, प्रकृति का सबसे पवित्र स्थान भारतवर्ष है।

🎯 Exam Tip: कविता के मूल संदेश और कवि की भावनाओं को समझने का प्रयास करें ताकि ऐसे प्रश्नों का सटीक उत्तर दे सकें।

 

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 7 अतिलघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'यशोधरा' का काव्यरूप क्या है ?
Answer: 'यशोधरा' गुप्त जी द्वारा रचित एक खण्डकाव्य है। यह एक छोटा महाकाव्य है जो किसी एक मुख्य घटना पर केंद्रित है।
In simple words: 'यशोधरा' मैथिलीशरण गुप्त जी का एक खण्डकाव्य है।

🎯 Exam Tip: कवियों की प्रमुख रचनाओं के काव्य-रूप (जैसे खण्डकाव्य, महाकाव्य, मुक्तक काव्य) को याद रखें।

 

Question 2. यशोधरा दुःखी क्यों है ?
Answer: यशोधरा अपने पति सिद्धार्थ के उसको बताए बिना चोरी-चोरी घर छोड़कर चले जाने के कारण बहुत दुःखी है। उसे लगता है कि उसके पति ने उसे महत्व नहीं दिया।
In simple words: यशोधरा इसलिए दुःखी है क्योंकि उसके पति सिद्धार्थ उसे बिना बताए चुपचाप घर छोड़कर चले गए थे।

🎯 Exam Tip: पात्रों की भावनाओं और उनके कारणों को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 3. भारतवर्ष अन्य देशों को सिरमौर क्यों है?
Answer: भारतवर्ष संसार का सबसे प्राचीन देश होने के कारण तथा ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति का उद्गम स्थल होने के कारण अन्य देशों का सिरमौर यानी श्रेष्ठ माना जाता है।
In simple words: भारतवर्ष दुनिया का सबसे पुराना देश है, इसलिए इसे अन्य देशों से श्रेष्ठ माना जाता है।

🎯 Exam Tip: 'सिरमौर' जैसे शब्दों का अर्थ समझकर उत्तर लिखें। कारण स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. भारतवर्ष को प्रकृति का पुण्य तीर्थस्थल क्यों कहा जाता है ?
Answer: भारतवर्ष में प्रकृति का अपार वैभव यानी बहुत सुंदर नजारे बिखरे पड़े हैं, जैसे हिमालय पर्वत और गंगा नदी। इसलिए इसे प्रकृति का पुण्य तीर्थस्थल कहा जाता है।
In simple words: भारतवर्ष में बहुत सुंदर प्राकृतिक दृश्य और पवित्र स्थल हैं, इसलिए इसे प्रकृति का पुण्य तीर्थस्थल कहते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रकृति से जुड़े स्थलों का उल्लेख करके उत्तर को और प्रभावी बनाएं।

यशोधरा अपने पति के प्रति पूरी तरह समर्पित है। जो कुछ उसके पति को अच्छा लगता है, वही यशोधरा भी मानती है। सिद्धि प्राप्त करने के लिए उनके जाने में भी वह गर्व महसूस करती है। लेकिन उनके चुपचाप, बिना बताए चले जाने से उसे बहुत दुख होता है। उसे लगता है कि उसकी उपेक्षा की गई है, और यही उपेक्षा उसके विरह के दुख को और बढ़ा देती है।

 

Question 2. "दुःखी न हों इस जन के दुःख से पंक्ति में यशोधरा ने 'जन' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया है ?
Answer: "दुःखी न हों इस जन के दुःख से' पंक्ति में 'जन' शब्द का प्रयोग यशोधरा ने अपने लिए ही किया है। उसे इस बात का दुख है कि उसके पति ने उसकी अनदेखी की और बिना बताए घर से चले गए, फिर भी वह उनके सुख और सिद्धि में बाधा नहीं डालना चाहती। वह चाहती है कि उसके पति खुश रहें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।
In simple words: यशोधरा ने 'जन' शब्द अपने लिए इस्तेमाल किया है, क्योंकि वह अपने पति की सफलता चाहती है, भले ही वे उसे बिना बताए चले गए हों।

🎯 Exam Tip: काव्य पंक्तियों में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ और उनके पीछे की भावना को गहराई से समझें।

 

Question 3. "उपालम्भ हूँ मैं किस मुख से"-यशोधरा ने यह क्यों कहा है ?
Answer: यशोधरा ने यह बात इसलिए कही है क्योंकि सिद्धार्थ अपनी पत्नी यशोधरा को बिना बताए चुपचाप घर छोड़कर चले गए थे, जिससे यशोधरा को बहुत दुख हुआ था। फिर भी, वह उन्हें उलाहना नहीं देना चाहती क्योंकि उसे पता है कि उसके पति सिद्धि प्राप्त करने गए हैं। यह जानकर उसे स्वयं भी गर्व महसूस होता है। अपने पति को ऐसे महान कार्य में लगा देखकर वह उन्हें पहले से भी ज्यादा प्यार करने लगती है।
In simple words: यशोधरा ने यह इसलिए कहा क्योंकि पति के चुपचाप जाने से दुखी होने के बावजूद वह उन्हें सिद्धि के लिए गए जानकर गर्व महसूस करती है, इसलिए उन्हें उलाहना नहीं देना चाहती।

🎯 Exam Tip: पात्रों के आंतरिक संघर्ष और भावनाओं को स्पष्ट करते हुए उनके कथनों का कारण बताएं।

 

Question 4. कवि ने भारतवर्ष को भू-लोक का गौरव क्यों बताया है ? अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: कवि ने भारतवर्ष को पृथ्वी का गौरव इसलिए बताया है क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता अद्वितीय है, जैसे हिमालय पर्वत और गंगा नदी। संसार के सभी देशों से भारत महान और उन्नत है। यह देश ऋषि-मुनियों की तपस्या भूमि भी है। इन सभी कारणों से कवि भारत को भू-लोक का गौरव मानते हैं।
In simple words: भारतवर्ष अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता, महानता और ऋषि-मुनियों की भूमि होने के कारण पृथ्वी का गौरव है।

🎯 Exam Tip: जब 'अपने शब्दों में' पूछा जाए तो सरल और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करें, लेकिन सभी मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।

 

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 7 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. “यशोधरा' के पठित काव्यांश के आधार पर यशोधरा की चारित्रिक विशेषताएँ प्रकट कीजिए।
Answer: 'यशोधरा' के काव्यांश में उसकी नायिका यशोधरा के चरित्र की कई विशेषताएँ दिखाई देती हैं। यशोधरा अपने पति से बहुत प्यार करती है और पूरी तरह उनके प्रति समर्पित है। उसने अपने जीवन में हमेशा वही काम महत्वपूर्ण समझा जो उसके पति को पसंद था। यशोधरा यह जानकर गर्व महसूस करती है कि उसके पति सिद्धि प्राप्त करने के लिए गए हैं। वह चाहती है कि उसके पति सुख से रहें और अपना लक्ष्य प्राप्त करें। वह अपने दुख की चिंता करके दुखी नहीं होना चाहती। यशोधरा में पति-भक्ति, आशावाद, आत्मग्लानि, क्षोभ, विरह और संताप जैसे भाव व्यक्त हुए हैं।
In simple words: यशोधरा पतिव्रता, समर्पित और स्वाभिमानी स्त्री है, जो अपने पति की सिद्धि में गर्व करती है, भले ही वह उनके चुपचाप चले जाने से दुखी हो।

🎯 Exam Tip: किसी पात्र की चारित्रिक विशेषताओं को बताते समय, कहानी के विभिन्न पहलुओं से उदाहरण दें।

 

Question 2. मैथिलीशरण गुप्त जी को भारतीय सांस्कृतिक नव जागरण काल का राष्ट्रकवि क्यों कहा जाता है?
Answer: मैथिलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि कहा जाता है क्योंकि उनके काव्य में राष्ट्रीयता की गहरी भावना है। वह सांप्रदायिकता, प्रादेशिकता और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ थे। उन्हें राष्ट्रकवि मानने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
राष्ट्रवाद के गायक- गुप्त जी राष्ट्रीय भावनाओं के प्रमुख गायक हैं। उनकी प्रसिद्ध रचना 'भारत-भारती' में स्वदेश प्रेम, भारत का गौरवशाली अतीत, राष्ट्रीय जागरण, सभी धर्मों के प्रति समान भाव आदि का वर्णन मिलता है। इस रचना ने उन्हें राष्ट्रीय भावनाओं के कवि के रूप में स्थापित किया।
मातृभूमि के प्रति श्रद्धा भाव – गुप्त जी को मातृभूमि के प्रति गहरी श्रद्धा थी। उन्हें अपने देश में भगवान का साकार रूप दिखाई देता है।
करते अभिषेक प्रमोद हैं बलिहारी इस देश की।
हे मातृभूमि! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की।
संकीर्णता विरोधी – गुप्त जी संकीर्ण विचारों और भावनाओं को राष्ट्र के लिए हानिकारक मानते थे। उनके काव्य में संकीर्णता का विरोध मिलता है। वह धर्म, संप्रदाय, प्रदेश आदि के भेद को नहीं मानते। उनकी एकता को ही राष्ट्र की एकता का आधार मानते हैं।
गौरवमय अतीत – भारत के निवासी आर्य थे, जिन्होंने विश्व को सभ्य और सुसंस्कृत बनाया था। अतीत पर गर्व का भाव भी गुप्त जी की राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है।
यह पुण्यभूमि प्रसिद्ध है इसके निवासी आर्य हैं।
विद्या कला कौशल सभी के जो प्रथम आचार्य हैं।
राष्ट्र के प्रति समर्पण – गुप्त जी राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण के प्रचारक थे। उनके काव्य में राष्ट्र के लिए सब कुछ त्यागने की भावना मिलती है।
जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही उल्लास रहे यह हर्ष।
निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष।।
वे विज्ञान और कला-कौशल के ज्ञाता तथा विद्वान थे। उन्होंने ही पूरे संसार को ज्ञान की शिक्षा दी थी। हम भारतीय उन्हीं की संतान हैं, हालांकि हम पतन के दौर से गुजर रहे हैं, फिर भी उनकी श्रेष्ठता के कुछ निशान अब भी यहाँ मौजूद हैं।
In simple words: मैथिलीशरण गुप्त को उनके राष्ट्रीय प्रेम, भारत के गौरवशाली अतीत का वर्णन, सांप्रदायिकता का विरोध और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण के कारण राष्ट्रकवि कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: राष्ट्रकवि जैसे सम्मानजनक उपाधि के कारणों को बिंदुवार समझाएं, जिससे उत्तर अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बने।

 

Question 3. भारत की श्रेष्ठता' में अभिव्यक्त विचारों को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: भारत इस संसार का सबसे पुराना देश है। संसार में सबसे पहले इसी देश में सृष्टि की शुरुआत हुई थी। इस देश के निवासी आर्य कहलाते थे। 'आर्य' शब्द का अर्थ 'श्रेष्ठ' होता है। आर्य श्रेष्ठ पुरुष थे। वे ज्ञान-विज्ञान और कला-कौशल के विद्वान थे। भारत के लोगों ने ही पूरे संसार को ज्ञान सिखाया था। भारत को विश्वगुरु कहने का यही कारण है। भारत भूमि की प्राकृतिक सुंदरता अद्वितीय थी। यह भूमि हमेशा हरी-भरी रहती थी। यहाँ विभिन्न ऋतुएँ समय पर आती-जाती थीं। इस देश में तरह-तरह की वनस्पतियाँ पैदा होती थीं। ईश्वर ने अपनी सभी शक्तियाँ सबसे पहले इसी देश को दी थीं। प्राचीन भारत सुसंस्कृत और सभ्य होने के साथ-साथ समृद्ध भी था। यहाँ धन-धान्य का भंडार था। लोग सुखी और खुशहाल थे। इसी कारण भारत को कई बर्बर जातियों की लूट-खसोट और हिंसा का सामना करना पड़ा था। प्राचीन भारत के निवासी सुसंस्कृत, सभ्य और शिक्षित थे। वे परोपकारी, दानी, स्नेही और सेवाभावी थे। यह प्राचीन भारत का अत्यंत गौरवपूर्ण पहलू था। भारत की पुरातन संस्कृति से लोगों को परिचित करा रहे थे और उन्हें अज्ञान की नींद से जगा रहे थे। ऐसे कवियों में मैथिलीशरण गुप्त का प्रमुख स्थान है। उनके काव्य का भाव पक्ष सांस्कृतिक नवजागरण का संदेश देने वाला है। भारतीय संस्कृति और देशप्रेम गुप्त जी के काव्य के प्रमुख तत्व हैं। भारत की श्रेष्ठ पुरातन संस्कृति के वर्णन के साथ ही स्वदेश प्रेम की भावना उनके काव्य में पाई जाती है, जिसे अपने देश से प्रेम नहीं है, कवि उसे मनुष्य मानने को तैयार नहीं है।
जिसको न निज गौरव तथा निज देश पर अभिमान है।
वह नर नहीं नर-पशु निरा है और मृतक समान है।
मानवतावाद की स्थापना गुप्त जी की एक और विशेषता है। यह भी नवजागरण का एक लक्षण है। कवि का कहना है कि वही मनुष्य है जो 'मनुष्य के लिए मरे'। समाज में फैली बुराइयों को मिटाकर, मनुष्यों के बीच के भेद-भाव को खत्म करके और समाज में उच्च आदर्शों तथा प्रेम का प्रसार करके ही इस संसार को बेहतर बनाया जा सकता है। 'साकेत' में गुप्त जी के राम कहते हैं
संदेश यहाँ मैं नहीं स्वर्ग का लाया।
इस भूतल को ही स्वर्ग बनाने आया।
In simple words: भारत की श्रेष्ठता कविता में कवि बताते हैं कि भारत सबसे प्राचीन, ज्ञानी और प्राकृतिक रूप से समृद्ध देश है, जिसने विश्व को ज्ञान दिया। कवि भारतीयों को अपने गौरवशाली अतीत को याद कर देश प्रेम और मानवता के उत्थान के लिए प्रेरित करते हैं।

🎯 Exam Tip: कविता के मूल संदेश को सरल भाषा में स्पष्ट करें और मुख्य बिंदुओं को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करें।

 

Question 4. भारतवर्ष के अतीत की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: भारत इस संसार का प्राचीनतम देश है। संसार में सर्वप्रथम इसी देश में सृष्टि का आरंभ हुआ था। इस देश के निवासी आर्य कहलाते थे। 'आर्य' शब्द का अर्थ 'श्रेष्ठ' होता है। आर्य श्रेष्ठ पुरुष थे। वे ज्ञान-विज्ञान के ज्ञाता तथा कला-कौशल के विद्वान थे। भारत के लोगों ने ही पूरे संसार को ज्ञान सिखाया था। भारत ने दूसरे देशों में सभ्यता और संस्कृति की शिक्षा दी थी। भारत को विश्वगुरु कहने का यही कारण है। भारत भूमि की प्राकृतिक सुषमा अद्वितीय थी। यह भूमि हरी-भरी थी। यहाँ विभिन्न ऋतुएँ समय पर आती-जाती थीं। इस देश में तरह-तरह की वनस्पतियाँ उत्पन्न होती थीं। ईश्वर ने अपनी समस्त विभूतियाँ सर्वप्रथम इसी देश को प्रदान की थीं। प्राचीन भारत सुसंस्कृत और सभ्य तो था ही, वह संपन्न भी था। यहाँ धन-धान्य का भंडार था। लोग सुखी और समृद्ध थे। इसी कारण अनेक बर्बर जातियों की लूट-खसोट तथा हिंसा का सामना भारत को करना पड़ा था। प्राचीन भारत के निवासी सुसंस्कृत, सभ्य तथा शिक्षित थे, वे परोपकारी, दानी, स्नेही तथा सेवाभावी थे।
In simple words: भारत का अतीत गौरवपूर्ण था क्योंकि यह सबसे प्राचीन देश था जहाँ आर्यों ने ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का विकास किया, जिसने पूरी दुनिया को शिक्षित किया। यहाँ प्रकृति सुंदर थी और लोग समृद्ध व परोपकारी थे।

🎯 Exam Tip: अतीत की विशेषताओं को क्रमबद्ध तरीके से बताएं, जिसमें सांस्कृतिक, प्राकृतिक और सामाजिक पहलुओं को शामिल किया जाए।

 

Question 5. पाठ में आए (क) स्वयं सुसज्जित ....... कुछ हैं खड़े। (ख) 'भू-लोक का गौरव....... भारतवर्ष । (ग) “यह पुण्य भूमि....... कुछ हैं खड़े। का सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
Answer: इन पद्यांशों की विस्तृत व्याख्या संदर्भ और प्रसंग के साथ इस अध्याय में 'महत्वपूर्ण पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्याएँ' शीर्षक के अंतर्गत पहले ही दी जा चुकी है। छात्र वहीं से इसे देख सकते हैं।
In simple words: इन काव्यांशों की विस्तृत व्याख्या इस अध्याय में पहले ही दी गई है, कृपया वहीं से पढ़ें।

🎯 Exam Tip: यदि किसी प्रश्न का उत्तर पहले दिया जा चुका हो, तो स्पष्ट रूप से उसका संदर्भ दें और यह भी बताएं कि छात्रों को कहाँ देखना चाहिए।

 

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित महाकाव्य है।
(क) साकेत
(ख) यशोधरा
(ग) कुरुक्षेत्र
(घ) वैराग्य हेतु
Answer: (क) साकेत
In simple words: मैथिलीशरण गुप्त का प्रसिद्ध महाकाव्य 'साकेत' है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख साहित्यकारों और उनकी प्रसिद्ध कृतियों (जैसे महाकाव्य, खण्डकाव्य) के नाम याद रखें।

 

Question 2. 'यशोधरा' शीर्षक काव्यांश में व्यक्त भाव है
(क) उपालम्भ
(ख) पीड़ा
(ग) उल्लास
(घ) गर्व।
Answer: (ख) पीड़ा
In simple words: 'यशोधरा' कविता में मुख्य रूप से दुख और दर्द का भाव प्रकट होता है।

🎯 Exam Tip: काव्यांश के मुख्य रस या भाव को समझें ताकि सही विकल्प चुन सकें।

 

Question 3. भारत की श्रेष्ठता' कविता संकलित है
(क) जयद्रथ वध में
(ख) साकेत में
(ग) द्वापर में
(घ) भारत-भारती में।
Answer: (घ) भारत-भारती में।
In simple words: 'भारत की श्रेष्ठता' कविता 'भारत-भारती' नामक पुस्तक से ली गई है।

🎯 Exam Tip: कवियों की कविताओं के संग्रह या पुस्तकों के नाम याद रखें।

 

Question 4. गुप्त जी ने काव्य रचना की है
(क) ब्रजभाषा में
(ख) अवधी में
(ग) खड़ी बोली में
(घ) भोजपुरी में।
Answer: (ग) खड़ी बोली में
In simple words: मैथिलीशरण गुप्त जी ने अपनी अधिकतर काव्य रचना खड़ी बोली में की है।

🎯 Exam Tip: कवियों की भाषा-शैली और उनके द्वारा प्रयुक्त मुख्य बोली का ज्ञान रखें।

 

Question 5. प्राचीन भारत के निवासी थे
(क) अनार्य
(ख) आर्य
(ग) द्रविड़
(घ) संथाल
Answer: (ख) आर्य
In simple words: प्राचीन भारत के मूल निवासी आर्य थे।

🎯 Exam Tip: भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़े सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें।

 

Question 2. यशोधरा कौन थी ?
Answer: यशोधरा गौतम बुद्ध की पत्नी थी।
In simple words: यशोधरा गौतम बुद्ध की पत्नी थीं।

🎯 Exam Tip: मुख्य पात्रों और उनके संबंधों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. "यशोधरा' काव्य किस शैली की रचना है?
Answer: 'यशोधरा' गीतिशैली की रचना है, जिसमें भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया गया है।
In simple words: 'यशोधरा' एक गीतिशैली में लिखा गया काव्य है।

🎯 Exam Tip: साहित्य में विभिन्न शैलियों (जैसे गीतिशैली, वर्णनात्मक) के बारे में जानकारी रखें।

 

Question 4. यशोधरा क्यों कहती है-सखि, वे मुझसे कहकर जाते ?
Answer: यशोधरा इसलिए कहती है, "सखि, वे मुझसे कहकर जाते" क्योंकि गौतम बुद्ध उसे बिना बताए ही घर छोड़कर चले गए थे, जिससे उसे बहुत दुख हुआ था।
In simple words: यशोधरा चाहती थी कि गौतम बुद्ध उसे बताकर जाते, ताकि उसे दुख न होता।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों में छिपी भावनाओं और उनके कारणों को स्पष्ट करें।

 

Question 5. फिर भी क्या पूरा पहचाना' किसने किसको पूरा नहीं पहचाना है?'
Answer: यहाँ यशोधरा कह रही है कि गौतम बुद्ध ने अपनी पत्नी यशोधरा को पूरी तरह नहीं पहचाना है। उसे लगता है कि उसके पति उसे समझ नहीं पाए।
In simple words: यशोधरा का मानना है कि गौतम बुद्ध उसे (अपनी पत्नी यशोधरा को) ठीक से समझ नहीं पाए।

🎯 Exam Tip: प्रश्न में 'किसने किसको' जैसे शब्दों पर ध्यान दें और सही पात्रों को पहचानें।

 

Question 6. क्षत्राणियाँ अपना धर्म कैसे निभाती हैं ?
Answer: क्षत्राणियाँ युद्ध की स्थिति में अपने पति को स्वयं युद्ध के लिए सजाकर विदा करती हैं। वे अपने पति के कर्तव्य पालन में सहयोग देती हैं।
In simple words: क्षत्राणियाँ अपने पति को युद्ध के लिए तैयार करके खुशी-खुशी विदा करके अपना धर्म निभाती हैं।

🎯 Exam Tip: सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों पर आधारित प्रश्नों में, उस समय के रीति-रिवाजों और मूल्यों को स्पष्ट करें।

 

Question 7. प्रियतम को प्राणों के पण में कौन-सा अलंकार है?
Answer: इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार है, क्योंकि 'प' वर्ण की आवृत्ति हुई है ('प्रियतम', 'प्राणों', 'पण')।
In simple words: 'प्रियतम को प्राणों के पण' में 'प' अक्षर बार-बार आया है, इसलिए यहाँ अनुप्रास अलंकार है।

🎯 Exam Tip: अलंकारों की पहचान के लिए, वर्णों की आवृत्ति या शब्दों के अर्थ पर ध्यान दें।

 

Question 8. गौतम बुद्ध ने गृह त्यागे क्यों किया है ?
Answer: गौतम बुद्ध ने गृह त्याग इसलिए किया था क्योंकि वे यशोधरा को जाते समय रोता हुआ नहीं देख सकते थे। उन्हें यशोधरा पर दया आ रही थी, और वे विश्व कल्याण के लिए सिद्धि प्राप्त करना चाहते थे।
In simple words: गौतम बुद्ध ने गृह त्याग इसलिए किया क्योंकि वे यशोधरा को रोते हुए नहीं देखना चाहते थे और वे विश्व कल्याण के लिए सिद्धि प्राप्त करना चाहते थे।

🎯 Exam Tip: किसी भी ऐतिहासिक या पौराणिक घटना के पीछे के प्रमुख कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 10. यशोधरा की क्या मनोकामना है?
Answer: यशोधरा की मनोकामना है कि उसके पति गौतम बुद्ध को सिद्धि प्राप्त हो, और वे अपने लक्ष्य में सफल होकर लौटें।
In simple words: यशोधरा चाहती है कि उसके पति सिद्धार्थ को उनकी खोज में सफलता मिले।

🎯 Exam Tip: पात्रों की इच्छाओं और आशाओं को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।

 

Question 11. 'गये, लौट भी वे आयेंगे' पंक्ति क्या भाव है ?
Answer: 'गये, लौट भी वे आयेंगे' पंक्ति में यशोधरा की आशा व्यक्त हुई है कि भले ही उसके पति चले गए हों, लेकिन वे निश्चित रूप से वापस लौटेंगे। यह उसकी उम्मीद और विश्वास को दिखाता है।
In simple words: यह पंक्ति यशोधरा के इस विश्वास को दर्शाती है कि उसके पति वापस जरूर लौटेंगे।

🎯 Exam Tip: काव्य पंक्तियों के निहितार्थ को स्पष्ट करते हुए पात्र की मनःस्थिति को उजागर करें।

 

Question 12. “कुछ अपूर्व अनुपम लावेंगे', पंक्ति में क्या संकेत है?
Answer: इस पंक्ति में यह संकेत है कि गौतम बुद्ध को घर लौटकर कुछ असाधारण और अनुपम यानी अनोखी सिद्धि या ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे उनका जीवन और भी महान हो जाएगा।
In simple words: यह पंक्ति बताती है कि गौतम बुद्ध वापस आकर कुछ बहुत खास और अनोखी सफलता या ज्ञान लाएंगे।

🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनके गहरे अर्थ को समझाएं।

 

Question 13. गौतम बुद्ध को चुपचाप अपनी पत्नी को छोड़कर जाना क्या आपको उचित लगता है ?
Answer: गौतम बुद्ध ने विश्व कल्याण के लिए गृह त्याग किया था, इसलिए उनका यह कार्य उचित लगता है। हालांकि पत्नी को बिना बताए जाना थोड़ा दुखद था, लेकिन उनका उद्देश्य महान था।
In simple words: गौतम बुद्ध का गृह त्याग विश्व कल्याण के लिए था, इसलिए यह उचित लगता है, भले ही उन्होंने पत्नी को बिना बताए छोड़ा।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए तार्किक कारण दें।

 

Question 14. भारत की श्रेष्ठता' कविता किस पुस्तक में संकलित है?
Answer: 'भारत की श्रेष्ठता' शीर्षक कविता गुप्त जी के 'भारत-भारती' नामक काव्य में संकलित है।
In simple words: 'भारत की श्रेष्ठता' कविता 'भारत-भारती' नामक काव्य संग्रह का हिस्सा है।

🎯 Exam Tip: कवियों की रचनाओं और उनके संग्रहों के नाम याद रखें।

 

Question 15. भारत की श्रेष्ठता' कविता में किस भारतीय पर्वत तथा नदी का उल्लेख है?
Answer: 'भारत की श्रेष्ठता' कविता में हिमालय पर्वत तथा गंगा नदी का उल्लेख है, जो भारत की प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक हैं।
In simple words: इस कविता में हिमालय पर्वत और गंगा नदी का जिक्र है।

🎯 Exam Tip: कविता में वर्णित भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान से याद रखें।

 

Question 17. भारत की श्रेष्ठता' में किसको भारत का निवासी बताया गया है ?
Answer: 'भारत की श्रेष्ठता' कविता में आर्यों को भारत का निवासी बताया गया है। आर्यों को यहाँ का मूल और श्रेष्ठ निवासी माना गया है।
In simple words: इस कविता के अनुसार, आर्यों को भारत का निवासी बताया गया है।

🎯 Exam Tip: कविता के विशिष्ट संदर्भों को याद रखें, जैसे कि किस समुदाय को निवासी बताया गया है।

 

Question 18. ब्रह्मा जी ने सर्वप्रथम सृष्टि रचना कहाँ की थी ?
Answer: ब्रह्माजी ने सर्वप्रथम सृष्टि रचना भारत में की थी। भारत को सृष्टि का उद्गम स्थल माना जाता है।
In simple words: ब्रह्माजी ने सबसे पहले भारत में सृष्टि की रचना की थी।

🎯 Exam Tip: पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित प्रश्नों के उत्तर सटीक रूप से दें।

 

Question 19. क्या आप मानते हैं कि ऐसा पुरातन देश विश्व में क्या कोई और है ?
Answer: हम मानते हैं कि ऐसा पुरातन यानी प्राचीन देश विश्व में कोई और नहीं है। भारत अत्यंत प्राचीन देश है और इसका गौरवशाली इतिहास है।
In simple words: हम मानते हैं कि भारत जैसा कोई और प्राचीन देश दुनिया में नहीं है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अपनी राय स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और उसके समर्थन में तर्क दें।

 

Question 20. आपकी दृष्टि में अन्तर्राष्ट्रीय तथा वसुधैव कुटुम्बकम् में क्या अन्तर है?
Answer: आपकी दृष्टि में अन्तर्राष्ट्रीय और वसुधैव कुटुम्बकम् में कोई अंतर नहीं है। जिसे आज अन्तर्राष्ट्रीय कहा जाता है, वही विचार प्राचीन भारतीय संस्कृति में वसुधैव कुटुम्बकम् के रूप में मान्य था। दोनों का अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है।
In simple words: अन्तर्राष्ट्रीय और वसुधैव कुटुम्बकम् दोनों का मतलब है कि पूरी दुनिया एक परिवार है, इसलिए इनमें कोई अंतर नहीं है।

🎯 Exam Tip: समानता या अंतर बताने वाले प्रश्नों में, दोनों अवधारणाओं को स्पष्ट करें और उनके बीच संबंध स्थापित करें।

 

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 7 लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. मैथिलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि क्यों कहा जाता है ?
Answer: मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में अपने देश के प्रति प्रेम, राष्ट्रीय भावना, भारतीय संस्कृति, भारत के गौरवशाली अतीत और इतिहास का सुंदर चित्रण हुआ है। उनकी प्रसिद्ध रचना 'भारत-भारती' ने भारतीयों को अपने गौरवशाली अतीत को याद दिलाया और उनमें उत्साह तथा स्वतंत्रता के प्रति प्रेम जगाया। इन सभी कारणों से उन्हें राष्ट्रकवि का सम्मान प्राप्त है।
In simple words: मैथिलीशरण गुप्त को उनके देशभक्तिपूर्ण लेखन, भारतीय संस्कृति के चित्रण और स्वतंत्रता की भावना जगाने के लिए राष्ट्रकवि कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: राष्ट्रकवि जैसी उपाधि के कारणों को स्पष्ट करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को उजागर करें।

 

Question 2. मैथिलीशरण गुप्त के काव्य की विषय-वस्तु क्या है ?
Answer: मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में भारत के अतीत के गौरव का चित्रण हुआ है। उनके काव्य में भारत की प्राचीन संस्कृति, पौराणिक कथाओं, पुरातन तथा नवीन का समन्वय मिलता है। वे भारतीय संस्कृति की प्राचीनता का सम्मान करते हैं और वर्तमान में हो रहे परिवर्तनों के प्रति भी उत्साहित हैं। उनके काव्यों के पात्र पौराणिक युग के होते हुए भी उन्हें वर्तमान युग के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। उनके राम, कैकेयी, उर्मिला जैसे पात्रों के चरित्र पर वर्तमान की स्पष्ट छाप है।
In simple words: मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में भारत का गौरवशाली अतीत, प्राचीन संस्कृति, पौराणिक कहानियाँ और पुराने तथा नए विचारों का मिश्रण मिलता है।

🎯 Exam Tip: किसी कवि की काव्य-विषय वस्तु बताते समय, उनके लेखन के प्रमुख विषयों और शैली को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 4. 'यशोधरा' काव्य की विशेषताएँ बताइए।
Answer: 'यशोधरा' काव्य की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. 'यशोधरा' एक खण्डकाव्य है।
2. इसकी कथावस्तु गौतम बुद्ध के गृह त्याग के बाद उनकी पत्नी यशोधरा की पीड़ा से संबंधित है।
3. इस काव्य में वियोग श्रृंगार रस मुख्य है।
4. यह एक गीति काव्य है, और इसकी रचना गीत छंद में हुई है।
5. इसमें अनुप्रास, रूपक, उपमा, पुनरुक्ति प्रकाश आदि अलंकारों का प्रयोग हुआ है।
6. काव्य में यशोधरा के सहज नारीगत संताप, आत्मग्लानि, वेदना के साथ वात्सल्य का प्रभावशाली चित्रण हुआ है।
In simple words: 'यशोधरा' एक गीति खण्डकाव्य है जिसमें वियोग श्रृंगार रस, गौतम बुद्ध के गृह त्याग से यशोधरा की पीड़ा, अलंकारों का प्रयोग और नारी भावनाओं का सुंदर चित्रण है।

🎯 Exam Tip: काव्य की विशेषताओं को बिंदुवार बताएं और प्रत्येक विशेषता को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 5. 'यशोधरा' के संकलित अंश की कथा संक्षेप में लिखिए।
Answer: गौतम बुद्ध सिद्धि प्राप्त करने के लिए घर छोड़कर चले जाते हैं। यशोधरा इससे बहुत दुखी होती है। इस गीत में वह अपनी सखी से अपने मन की पीड़ा व्यक्त करती है। वह मानती है कि उसके पति सिद्धि के लिए गए हैं, यह गर्व की बात है, और वह उनकी सफलता की कामना करती है। वह सोचती है कि यदि वे उसे बताकर जाते तो क्या वह उन्हें रोकती? क्षत्राणियाँ तो अपने प्रियतम को स्वयं युद्ध भूमि के लिए सजाकर विदा करती हैं। उसे लगता है कि उसके पति उसे पहचान नहीं पाए। उसे उम्मीद है कि वे वापस आएंगे और सिद्धि प्राप्त करके लौटेंगे। लेकिन उसे बिना बताए जाने से बहुत कष्ट हुआ है।
In simple words: यशोधरा के संकलित अंश में गौतम बुद्ध के चुपचाप गृह त्याग से यशोधरा की पीड़ा और अपने पति की सिद्धि के प्रति उसके गर्व और वापसी की आशा का वर्णन है।

🎯 Exam Tip: कहानी के प्रमुख बिंदुओं को क्रमबद्ध और संक्षेप में प्रस्तुत करें।

 

Question 6. "कह तो क्या मुझको वे अपनी पथ बाधा ही पाते ?” यशोधरा द्वारा यह पूछने का क्या तात्पर्य है ?
Answer: यशोधरा यह पूछकर कहना चाहती है कि उसके पति गौतम बुद्ध उसे बिना बताए चले गए, क्योंकि शायद उन्होंने सोचा होगा कि यशोधरा उन्हें जाने से रोकेगी और उनके सिद्धि प्राप्त करने के रास्ते में बाधा बनेगी। लेकिन यशोधरा ऐसी नहीं है। उसने कभी भी अपने पति की इच्छा के विरुद्ध कोई काम नहीं किया है और वह उन्हें जाने से नहीं रोकती। उसका तात्पर्य है कि पति उसे ठीक से समझ नहीं पाए।
In simple words: यशोधरा यह पूछकर यह बताना चाहती है कि वह अपने पति के मार्ग में बाधा नहीं बनती और उन्हें बिना बताए जाना गलत था।

🎯 Exam Tip: किसी कथन के पीछे के गहरे अर्थ और पात्र की मनःस्थिति को स्पष्ट करें।

 

Question 8. क्षात्र धर्म क्या है ?
Answer: क्षात्र धर्म का अर्थ है युद्ध के आह्वान पर घर-परिवार छोड़कर देश की रक्षा के लिए युद्ध में कूद पड़ना, पत्नी-बच्चों और अपने जीवन के मोह को त्याग देना, और शत्रु का निडरता से सामना करना। क्षत्रिय स्त्रियों का धर्म यह है कि वे अपने पतियों को युद्ध के लिए तैयार करके स्वयं विदा करें और उनके कर्तव्य पालन में बाधा न बनें। कर्तव्यपालन में पति की सहायता करना ही क्षत्रिय नारी का धर्म है।
In simple words: क्षात्र धर्म में देश की रक्षा के लिए सब कुछ त्याग कर युद्ध लड़ना और क्षत्राणियों का अपने पति को युद्ध के लिए खुशी-खुशी विदा करना शामिल है।

🎯 Exam Tip: किसी विशेष धर्म या कर्तव्य की परिभाषा देते समय उसके मुख्य सिद्धांतों को स्पष्ट करें।

 

Question 9. हुआ ने वह भी भाग्य अभागा' -पंक्ति में यशोधरा ने स्वयं को अभागा कहा है। इसका क्या कारण है ?
Answer: यशोधरा ने स्वयं को अभागा इसलिए कहा है क्योंकि पत्नी का कर्तव्य है कि वह अपने पति के कर्तव्यपालन में सहयोगिनी बने, उसे कर्तव्य पालन के लिए प्रेरित और उत्साहित करे। यदि उसके मन में कोई मोह है तो उससे पति को दूर करे। युद्ध भूमि के लिए अपने वीर पति को स्वयं विदा करना क्षत्राणी का धर्म है। यशोधरा के पति चुपचाप चले गए और वह सोती ही रह गई। उसे अपने पति को विदा करने का सौभाग्य भी प्राप्त न हो सका, इसलिए वह खुद को अभागी मानती है।
In simple words: यशोधरा खुद को अभागी कहती है क्योंकि वह अपने पति को महान कार्य के लिए खुशी-खुशी विदा नहीं कर पाई, क्योंकि वे उसे बिना बताए चले गए थे।

🎯 Exam Tip: पात्रों के आत्म-कथनों का विश्लेषण करते हुए उनके कारणों और भावनाओं को स्पष्ट करें।

 

Question 10. 'गये, लोट भी वे आवेंगे। कुछ अपूर्व अनुपम लावेंगे” इन पंक्तियों से यशोधरा की मनोदशा के बारे में क्या पता चलता है ?
Answer: अपने पति के चुपचाप घर से जाने के कारण यशोधरा का मन आत्मग्लानि और पीड़ा से भरा है, लेकिन उसमें आत्मविश्वास की कमी नहीं है। उसे विश्वास है कि उसके पति को सिद्धि प्राप्त होगी। यह सिद्धि उनकी अनुपम और अपूर्व उपलब्धि होगी। उसे यह भी लगता है कि उसके बाद वे फिर से वापस आएंगे और यशोधरा को उनके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यशोधरा के मन में पति के प्रति प्रबल प्रेम और विश्वास की भावना इन पंक्तियों से साफ झलकती है।
In simple words: ये पंक्तियाँ बताती हैं कि यशोधरा दुख में होने के बावजूद अपने पति की वापसी और उनकी महान सिद्धि के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त है।

🎯 Exam Tip: पंक्तियों का विश्लेषण करते हुए पात्र की भावनाओं और उसके भविष्य के प्रति दृष्टिकोण को समझाएं।

 

Question 11. जिस प्रकार गौतम बुद्ध के गृह त्याग के बाद उनकी पत्नी यशोधरा के मन में अनेक भावनाएँ उत्पन्न हुईं, उसी तरह गौतम के मन में कुछ भावनाएँ उत्पन्न हुई होंगी। वे भावनाएँ क्या और कैसी होंगी, यह कल्पना के आधार पर बताइए।
Answer: गौतम बुद्ध विचारशील और चिन्तक थे। वे भावुक भी थे। पहले भी वृद्ध, रोगी और मृत मनुष्यों को देखकर वे भावनाओं में डूब चुके थे। वे लोक कल्याण के लिए सिद्धि प्राप्त करना चाहते थे। उन्होंने गृह त्याग का निश्चय कर लिया था। उनके मन में मोह और ममता नहीं रही थी। गौतम बुद्ध यह सोच रहे होंगे कि यशोधरा उनकी पथ बाधा बन सकती है, और वे उसे दुखी नहीं देखना चाहते थे। वे जानते थे कि उनका निर्णय पत्नी के लिए पीड़ादायक होगा, लेकिन उन्हें अपने महान उद्देश्य के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
In simple words: गौतम बुद्ध ने गृह त्याग विश्व कल्याण के लिए किया था। उन्होंने सोचा होगा कि यशोधरा उन्हें रोकने की कोशिश कर सकती है, इसलिए वे उसे बिना बताए चले गए थे, लेकिन उनके मन में पत्नी के प्रति सहानुभूति थी।

🎯 Exam Tip: कल्पना पर आधारित प्रश्नों में, पात्र के व्यक्तित्व और उसके उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तार्किक रूप से विचार प्रस्तुत करें।

 

Question 13. आर्य कौन थे? गुप्त जी ने उनके सम्बन्ध में भारत की श्रेष्ठता' कविता में क्या बताया है?
Answer: आर्य भारत के मूल निवासी तथा हमारे पूर्वज थे। वे विद्या, कला-कौशल और ज्ञान-विज्ञान के महान ज्ञाता तथा विद्वान थे। उन्होंने ही पूरे संसार को ज्ञान दिया था। इसी कारण भारत को विश्व का गुरु कहा जाता है। भारतीयों ने ही विश्व को सभ्यता और संस्कृति सिखाई थी। 'आर्य' शब्द का अर्थ 'श्रेष्ठ' होता है। हम उन्हीं श्रेष्ठ पूर्वजों की संतान हैं। यद्यपि आज उनका प्राचीन गौरव बाकी नहीं है, फिर भी उनकी महानता की कुछ पहचान आज भी बाकी है।
In simple words: आर्य प्राचीन भारत के श्रेष्ठ निवासी और हमारे पूर्वज थे, जिन्होंने ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति का प्रसार किया, जिससे भारत विश्वगुरु बना।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक या सांस्कृतिक संदर्भों वाले प्रश्नों में, मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से बताएं और कविता के संदेश को जोड़ें।

 

Question 14. "विधि ने किया नर-सृष्टि का पहले यहीं विस्तार है”- यह कहकर कवि भारत की किस विशेषता का वर्णन करना चाहता है ?
Answer: यह कहकर कवि भारत की प्राचीनतम होने की विशेषता का वर्णन करना चाहता है। भारत विश्व का सबसे प्राचीन देश है। ब्रह्मा जी ने सर्वप्रथम भारत-भूमि पर ही सृष्टि की रचना आरंभ की थी। इसकी हरी-भरी भूमि पर ही जीवों की उत्पत्ति सबसे पहले हुई थी और इस भूमि को माता होने का गौरव प्राप्त हुआ था। उसके बाद ही पूरे विश्व में सृष्टि का विस्तार हुआ। हमारा प्राचीन देश भारत ही विश्व के देशों का सिरमौर है।
In simple words: कवि इस पंक्ति से बताना चाहते हैं कि भारत ही वह सबसे प्राचीन देश है जहाँ ब्रह्माजी ने सबसे पहले सृष्टि की रचना की और जीवन का विस्तार किया।

🎯 Exam Tip: काव्यांशों का विश्लेषण करते समय, कवि के मुख्य उद्देश्य और वर्णित विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित करें।

 

RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 7 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. “भारत की श्रेष्ठता” कविता में गुप्त जी ने क्या संदेश दिया है ?
Answer: 'भारत की श्रेष्ठता' कविता में मैथिलीशरण गुप्त ने भारत के गौरवशाली अतीत का वर्णन किया है। उन्होंने बताया है कि भारत ही विश्व का वह देश है जहाँ सर्वप्रथम सृष्टि आरंभ हुई और यहीं से पूरे विश्व में ज्ञान का प्रकाश फैला। भारत ही वह देश है जिसने पूरे संसार को ज्ञान-विज्ञान, कला-कौशल तथा सभ्यता-संस्कृति सिखाई। गुप्त जी का संदेश है कि भारतीयों को अपने गौरवशाली अतीत को याद करना चाहिए और निराशा तथा उत्साहहीनता छोड़कर देश के विकास के काम में जुट जाना चाहिए। हमें अपने देश से प्रेम करना चाहिए और राष्ट्र को उन्नति के शिखर पर पहुँचाना चाहिए।
In simple words: गुप्त जी ने 'भारत की श्रेष्ठता' कविता में भारतीयों को अपने गौरवशाली अतीत को याद कर देश प्रेम और राष्ट्र के उत्थान के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया है।

🎯 Exam Tip: किसी कविता का संदेश बताते समय, कवि के प्रमुख विचारों और उनसे मिलने वाली प्रेरणा को स्पष्ट करें।

 

Question 3. "यशोधरा' काव्य के आधार पर यशोधरा के मन में आने वाले विचारों तथा भावों को शब्दबद्ध कीजिए।
अथवा
गौतम बुद्ध के गृह त्याग के कारण हुई यशोधरा की मनोदशा का वर्णन कीजिए।

Answer: 'यशोधरा' शीर्षक में यशोधरा मुख्य पात्र है, जो सिद्धार्थ की पत्नी है। सिद्धार्थ सिद्धि प्राप्त करने के लिए गृह त्याग कर चले गए हैं। वे रात में यशोधरा को सोती हुई छोड़कर, उसे बिना बताए ही चले गए। यह बात यशोधरा के मन को बहुत दुख पहुँचाती है। इस गीत में यशोधरा के मन की यह पीड़ा साफ व्यक्त हुई है। यह खण्डकाव्य का यह गीत अत्यंत करुण और मर्मस्पर्शी है।
यशोधरा अपने मन की पीड़ा को अपनी सखी से बताती है कि उसके पति उसे छोड़कर सिद्धि पाने गए हैं। यह जानकर उसका मन गर्व से भर उठता है, लेकिन उनका चोरी-चोरी, बिना बताए चले जाना उसे बहुत कष्ट दे रहा है। वह सोचती है कि यदि वे उसे बताकर जाते तो क्या वह उन्हें रोकती? उसने हमेशा वही किया जो उसके पति को पसंद था। उनकी बात न मानने का विचार भी वह नहीं कर सकती थी।
उसे लगता है कि उसके पति ने उसे बहुत मान दिया, फिर भी उसके मन को पढ़ नहीं पाए, वरना वे चुपके-चुपके नहीं जाते। वह क्षत्राणी है। क्षत्रिय नारियाँ अपने पति को युद्ध के लिए खुशी-खुशी विदा करती हैं, तो फिर वह उन्हें सिद्धि के लिए जाने से क्यों रोकती? उसका दुर्भाग्य है कि वह किसी महान लक्ष्य को पाने के लिए घर से जाने वाले अपने पति को खुशी-खुशी विदा नहीं कर सकी। यशोधरा को आशा है कि उसके पति सिद्धि प्राप्त करने में सफल होंगे, उसके बाद वह लौटेंगे और यशोधरा को उनसे मिलने का अवसर मिलेगा।
In simple words: यशोधरा अपने पति सिद्धार्थ के गृह त्याग से बहुत दुखी है क्योंकि वे उसे बिना बताए चले गए, लेकिन वह उनकी सिद्धि पर गर्व करती है और उनकी वापसी की उम्मीद करती है। वह सोचती है कि उसके पति उसे समझ नहीं पाए।

🎯 Exam Tip: मनोदशा का वर्णन करते समय, पात्र की भावनाओं (दुख, गर्व, आशा) और उनके कारणों को स्पष्ट करें।

कवि – परिचय :

 

Question 1. राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जीवन-परिचय देकर उनके साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालिए।
Answer: मैथिलीशरण गुप्त का जन्म चिरगाँव, जिला झाँसी, उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त, 1886 को हुआ था। उनके पिता श्री रामचरण काव्यप्रेमी थे और ब्रजभाषा में कविताएँ लिखते थे। गुप्तजी पर बचपन से ही पारिवारिक वातावरण का प्रभाव था और वे कविता लिखने लगे। शुरुआत में उनकी कविताएँ 'वैश्योपकारक' पत्रिका में छपती थीं। बाद में वे महावीर प्रसाद द्विवेदी के संपर्क में आए और 'सरस्वती' में लिखना शुरू किया। उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने खड़ी बोली में काव्य रचना आरंभ की। उनकी काव्य रचना 'भारत-भारती' ने उन्हें राष्ट्रकवि के रूप में प्रतिष्ठित किया। काव्य रचना करने के साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया और जेल यात्रा भी की। भारत सरकार ने उनकी साहित्य सेवा को देखकर उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया। 12 दिसंबर, 1964 को उनका देहावसान हो गया।
साहित्यिक परिचय – गुप्त जी द्विवेदी युग के सबसे लोकप्रिय कवि थे। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता, स्वदेश प्रेम और भारतीय संस्कृति का वर्णन मिलता है। गुप्त जी ने भारत के अतीत के गौरव का भव्य चित्रण किया है। वे युग के परिवर्तन के विरोधी नहीं थे। उनके काव्य में धार्मिक कट्टरता और सांप्रदायिकता का विरोध तथा राष्ट्रीय एकता की प्रबल भावना मिलती है। द्विवेदी जी की प्रेरणा से उन्होंने खड़ी बोली में काव्य रचना करके उसे काव्य-भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने पुराने पौराणिक कथाओं और पात्रों को नए रूप में प्रस्तुत किया। उर्मिला, कैकेयी, यशोधरा जैसे नारी पात्रों पर समकालीन प्रभाव स्पष्ट देखा जा सकता है। उनका चरित्र मनोवैज्ञानिक आधार पर चित्रित किया गया है। उन्हें हिन्दी साहित्य सम्मेलन से 'साहित्य वाचस्पति' की उपाधि प्राप्त हुई। उनके महाकाव्य 'साकेत' पर उन्हें 'मंगला प्रसाद' पुरस्कार मिल चुका है।
In simple words: मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 1886 में हुआ था। वे द्विवेदी युग के राष्ट्रकवि थे, जिन्होंने 'भारत-भारती' जैसी रचनाओं से राष्ट्रीयता, भारतीय संस्कृति और देशभक्ति को बढ़ावा दिया। उन्हें 'साहित्य वाचस्पति' और 'मंगला प्रसाद पुरस्कार' जैसे सम्मान मिले।

🎯 Exam Tip: जीवन-परिचय और साहित्यिक योगदान को अलग-अलग उपशीर्षकों में बांटकर लिखें। जन्म-मृत्यु, प्रमुख रचनाएँ, भाषा-शैली और विशिष्ट योगदान जैसे बिंदुओं को शामिल करें।

Free study material for Hindi

Hindi Class 12 Curriculum Solutions: Chapter 07 मैथिलीशरण गुप्त

Accessing Chapter 07 मैथिलीशरण गुप्त Solutions

Review comprehensive exercise answers for Class 12 Hindi Chapter 07 मैथिलीशरण गुप्त. Fully updated to match current RBSE syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Concept-Driven Answers for Class 12 Hindi

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 12 Hindi module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for RBSE exams.

Maximizing Study Efficiency

These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 07 मैथिलीशरण गुप्त with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Hindi are as per latest RBSE curriculum.

Are the Hindi RBSE solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Hindi. You can access RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi RBSE solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 7 मैथिलीशरण गुप्त in printable PDF format for offline study on any device.