Chapter-wise Worksheets for Class 8 Hindi: All Chapters
Review targeted academic worksheets with the CBSE Class 8 Hindi Revision Worksheet Set 02. Built according to official educational standards for the 2026-27 term, these downloadable Class 8 Hindi resources support effective daily practice and detailed self-evaluation for All Chapters.
Practice Class 8 Hindi Worksheets: All Chapters
Access the complete worksheet PDF for Class 8 Hindi below. Regular practice with these targeted academic tasks builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school examinations.
Question 1. दो उदाहरण सहित संधि की परिभाषा दीजिए।
Answer: दो वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार या परिवर्तन उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं। जैसे -
1. हिम + आलय = हिमालय (अ + आ = आ)
2. विद्या + आलय = विद्यालय (आ + आ = आ)
In simple words: पास-पास आने वाले दो वर्णों के मिलने से जो नया परिवर्तन होता है, उसे संधि कहते हैं।
Exam Tip: परिभाषा लिखते समय 'दो वर्णों के मेल' और 'विकार (परिवर्तन)' शब्दों का विशेष ध्यान रखें तथा दोनों उदाहरण स्पष्ट रूप से दें।
Question 2. निम्नलिखित शब्दों के संधि-विच्छेद कीजिए:
(क) सत्यार्थ
(ख) प्रतीक्षा
(ग) वेदांत
(घ) भवन
(ङ) स्वेच्छा
(च) महोदय
(छ) महर्षि
(ज) अत्यंत
(झ) प्रत्येक
(ञ) स्वागत
Answer:
(क) सत्यार्थ = सत्य + अर्थ
(ख) प्रतीक्षा = प्रति + ईक्षा
(ग) वेदांत = वेद + अंत
(घ) भवन = भो + अन
(ङ) स्वेच्छा = स्व + इच्छा
(च) महोदय = महा + उदय
(छ) महर्षि = महा + ऋषि
(ज) अत्यंत = अति + अंत
(झ) प्रत्येक = प्रति + एक
(ञ) स्वागत = सु + आगत
In simple words: संधि-विच्छेद का अर्थ है जुड़े हुए शब्दों को उनके मूल रूपों में अलग-अलग करना।
Exam Tip: संधि-विच्छेद करते समय यह ध्यान रखें कि अलग किए गए दोनों शब्दों का अपना सार्थक अर्थ होना चाहिए।
Question 3. निम्नलिखित शब्दों के दो-दो अनेकार्थक शब्द लिखिए:
(क) अज
(ख) अनंत
(ग) अंक
(घ) अथ
(ङ) अगम
(च) अच्छा
(छ) अर्क
(ज) अर्थ
(झ) अक्षर
(ञ) अंबर
Answer:
(क) अज - बकरा, ब्रह्मा
(ख) अनंत - जिसका अंत न हो, आकाश
(ग) अंक - संख्या, गोद
(घ) अथ - प्रारंभ, आरंभ
(ङ) अगम - जहाँ पहुँचा न जा सके, कठिन
(च) अच्छा - भला, सुंदर
(छ) अर्क - सूर्य, तांबा
(ज) अर्थ - धन, मतलब
(झ) अक्षर - वर्ण, ईश्वर
(ञ) अंबर - वस्त्र, आकाश
In simple words: एक ही शब्द के जब अलग-अलग प्रसंगों में अलग-अलग अर्थ निकलते हैं, तो उन्हें अनेकार्थक शब्द कहते हैं।
Exam Tip: प्रत्येक शब्द के सामने स्पष्ट रूप से दो अलग अर्थ लिखें ताकि परीक्षक को जाँचने में आसानी हो।
Question 4. दो उदाहरण सहित मुहावरे की परिभाषा दीजिए।
Answer: ऐसा वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ को प्रकट करता है, मुहावरा कहलाता है। जैसे -
1. 'आँख का तारा होना' का अर्थ है - बहुत प्यारा होना।
2. 'नौ दो ग्यारह होना' का अर्थ है - भाग जाना।
In simple words: मुहावरा वह वाक्यांश है जो सामान्य अर्थ न देकर विशेष और चमत्कारिक अर्थ देता है।
Exam Tip: परिभाषा के साथ मुहावरे का सामान्य अर्थ और विशेष अर्थ दोनों का अंतर समझाना आवश्यक है।
Question 5. नीचे लिखे मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:
(क) अंधे की लाठी
(ख) अँगूठा दिखाना
(ग) अक्ल का दुश्मन
(घ) अंगारे उगलना
(ङ) अक्ल पर पत्थर पड़ना
(च) अगर-मगर करना
(छ) आकाश-पाताल एक करना
(ज) आग बबूला होना
(झ) आस्तीन का साँप
(ञ) आँखों पर पर्दा पड़ना
Answer:
(क) अंधे की लाठी - एकमात्र सहारा
वाक्य: श्रवण कुमार अपने माता-पिता के लिए अंधे की लाठी था।
(ख) अँगूठा दिखाना - समय पर सहायता करने से मना करना
वाक्य: संकट के समय जब मैंने सोहन से मदद माँगी, तो उसने अँगूठा दिखा दिया।
(ग) अक्ल का दुश्मन - मूर्ख व्यक्ति
वाक्य: रोहन से कोई समझदारी की उम्मीद मत करो, वह तो अक्ल का दुश्मन है।
(घ) अंगारे उगलना - क्रोध में कड़वी बातें कहना
वाक्य: अपमानित होने पर वह गुस्से में अंगारे उगलने लगा।
(ङ) अक्ल पर पत्थर पड़ना - बुद्धि भ्रष्ट होना
वाक्य: अच्छी भली नौकरी छोड़कर उसने अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार ली, सचमुच उसकी अक्ल पर पत्थर पड़ गए थे।
(च) अगर-मगर करना - टालमटोल करना
वाक्य: जब मैंने अपने मित्र से उधार रुपए माँगे, तो वह अगर-मगर करने लगा।
(छ) आकाश-पाताल एक करना - बहुत अधिक कठिन प्रयास करना
वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने के लिए रमेश ने आकाश-पाताल एक कर दिया।
(ज) आग बबूला होना - बहुत अधिक क्रोधित होना
वाक्य: समय पर काम पूरा न होने पर प्रबंधक आग बबूला हो गए।
(झ) आस्तीन का साँप - कपटी मित्र या छुपा हुआ शत्रु
वाक्य: सोहन को अपना पक्का दोस्त मत समझो, वह तो आस्तीन का साँप निकला।
(ञ) आँखों पर पर्दा पड़ना - सच्चाई न दिखाई देना या भ्रम में रहना
वाक्य: बेटे की हरकतों पर से जब माता-पिता की आँखों का पर्दा हटा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
In simple words: मुहावरों का प्रयोग वाक्यों में उनके विशेष अर्थ को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।
Exam Tip: वाक्य बनाते समय हमेशा मुहावरे का प्रयोग करें, उसके अर्थ का नहीं। वाक्य स्पष्ट और छोटा होना चाहिए।
Question 6. अनुच्छेद लेखन - "हँसी का महत्त्व"
Answer: हँसी का महत्त्व
जीवन में हँसी का बहुत बड़ा स्थान है। हँसी मनुष्य के जीवन की एक अनमोल औषधि है जो शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मन को प्रफुल्लित रखने के लिए हँसी बहुत जरूरी है। हँसी हमारे तनाव और चिंताओं को दूर करती है तथा मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। हँसी से हमारे शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हँसी एक ऐसा संक्रामक गुण है जो दूसरों को भी प्रसन्न कर देता है। इसीलिए कहा गया है कि हँसमुख स्वभाव व्यक्ति को दीर्घायु और लोकप्रिय बनाता है। हमें जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराते रहना चाहिए क्योंकि एक सच्ची हँसी सारे दुखों को भुलाने की ताकत रखती है।
In simple words: हँसना हमारे स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए बहुत जरूरी है, यह तनाव को कम करता है।
Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं (स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सकारात्मकता) को लगभग 100-150 शब्दों में सुव्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करें।
Question 7. पत्र-लेखन - "कार्यालयीय पत्र"
"आपका टेलीफोन एक सप्ताह से खराब है। क्षेत्रीय अधिकारी को शिकायती पत्र लिखिए।"
Answer:
सेवा में,
क्षेत्रीय अधिकारी,
दूरसंचार विभाग,
कनॉट प्लेस, नई दिल्ली।
दिनांक: 15 अक्टूबर 2023
विषय: खराब टेलीफोन सुधारने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके क्षेत्र का नियमित उपभोक्ता हूँ। मेरा टेलीफोन नंबर 23456789 है जो पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह खराब पड़ा है। टेलीफोन में किसी प्रकार की लाइन की खराबी के कारण न तो कोई फोन आ रहा है और न ही बाहर जा रहा है। इस खराबी के कारण हमारे घर के सभी जरूरी संपर्क टूट गए हैं और दैनिक कार्यों में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों को निर्देश देकर यथाशीघ्र टेलीफोन सेवा को सुचारू रूप से चालू करवाने की कृपा करें।
सधन्यवाद,
भवदीय,
क. ख. ग.
ए-45, शांति विहार, नई दिल्ली।
In simple words: सरकारी या कार्यालयीय पत्र में औपचारिकता, स्पष्ट विषय और उचित संबोधन का विशेष ध्यान रखा जाता है।
Exam Tip: कार्यालयीय पत्रों में प्रारूप का विशेष अंक होता है। प्रेषक का पता, सेवा में, विषय, महोदय और भवदीय का सही स्थान पर प्रयोग करें।
Question 8. नीचे लिखे गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला मेरी क्यूरी थीं। उनका जन्म निर्धन पोलिश परिवार में 7 नवंबर 1867 को हुआ था। उनका पहला नाम 'माया स्कलाडोस्का' था। दूर से प्यार से उसे 'मार्या' पुकारते थे। उनके पिता 'वारसा' के हाई स्कूल में अध्यापक थे। वे निर्धन थे, पर देश-भक्त थे। उन दिनों पोलैंड पराधीन था। वह तीन भागों में बटा हुआ था। एक भाग रूस, दूसरा जर्मन और तीसरा आस्ट्रिया के अधीन था। मातृभूमि को अत्याचारों से मुक्त कराने के प्रयत्न में मार्या के पिता को नौकरी छोड़नी पड़ी। मार्या दस वर्ष की ही थी, तो उसकी माता परलोक सिधार गई।
(क) सबसे पहले किस महिला ने नोबेल पुरस्कार जीता?
(ख) मेरी क्यूरी का जन्म कब हुआ?
(ग) उनका पहला नाम क्या था और उसे प्यार से क्या पुकारते थे?
(घ) उनके पिता क्या कार्य करते थे?
(ङ) उन दिनों पोलैंड कितने भागों में बँटा हुआ था?
(च) मार्या के पिता ने नौकरी क्यों छोड़ी थी?
(छ) उनकी माता का देहांत कब हुआ?
(ज) विलोम शब्द : जन्म, पर, पिता, निर्धन, अध्यापक, देश, पराधीन।
(झ) मुहावरे का अर्थ लिखिए : परलोक सिधारना
(ञ) गद्यांश का शीर्षक लिखिए।
Answer:
(क) सबसे पहले मेरी क्यूरी नामक महिला ने नोबेल पुरस्कार जीता।
(ख) मेरी क्यूरी का जन्म 7 नवंबर 1867 को हुआ था।
(ग) उनका पहला नाम 'माया स्कलाडोस्का' था और उन्हें प्यार से 'मार्या' पुकारते थे।
(घ) उनके पिता वारसा के एक हाई स्कूल में अध्यापक थे।
(ङ) उन दिनों पोलैंड तीन भागों में बँटा हुआ था।
(च) मार्या के पिता ने मातृभूमि को अत्याचारों से मुक्त कराने के प्रयत्नों के कारण नौकरी छोड़ी थी।
(छ) जब मार्या मात्र दस वर्ष की थी, तब उनकी माता का देहांत हो गया था।
(ज) विलोम शब्द:
- जन्म - मृत्यु
- पर - अपरि / पास (या स्व)
- पिता - माता
- निर्धन - धनी
- अध्यापक - विद्यार्थी
- देश - विदेश
- पराधीन - स्वाधीन
(झ) परलोक सिधारना - मृत्यु हो जाना।
(ञ) गद्यांश का शीर्षक: 'मेरी क्यूरी का बचपन' या 'विदुषी मेरी क्यूरी'।
In simple words: गद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसी में से छाँटकर लिखे जाते हैं।
Exam Tip: अपठित गद्यांश के प्रश्नों के उत्तर हमेशा गद्यांश की सीमा के भीतर ही दें और व्याकरण से जुड़े प्रश्नों (विलोम, अर्थ) को सावधानी से हल करें।
Question 9. नीचे लिखे पद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
पुजारी! भजन, पूजन, साधन, आराधना,
इन सबको किनारे रख दे।
द्वार बंद करके देवालय के कोने में क्यों बैठा है?
अपने मन के अंधकार में छिपा बैठा, तू कौन-सी
पूजा में मगन है?
आँखें खेलकर देख तो सही
तेरा देवता देवालय में नहीं है।
जहाँ मजदूर पत्थर फोड़कर रास्ता तैयार कर रहे हैं,
तेरा देवता वहीं चला गया है।
(क) कवि पुजारी से किसे किनारे रखने की बात कह रहा है?
(ख) द्वार बंद करके कौन कहाँ बैठा है?
(ग) कवि के अनुसार देवता कहाँ चले गए हैं?
(घ) विलोम शब्द : बंद, अंधकार, देवता
(ङ) वाक्य बनाओ : पत्थर, पूजा
(च) पर्याय शब्द : आँख, रास्ता
(छ) संधि-विच्छेद : देवालय
(ज) एक उपसर्ग व एक प्रत्यय लिखिए।
Answer:
(क) कवि पुजारी से भजन, पूजन, साधन और आराधना को किनारे रखने की बात कह रहा है।
(ख) पुजारी द्वार बंद करके देवालय के कोने में बैठा है।
(ग) कवि के अनुसार देवता देवालय में नहीं बल्कि धूप-मेघ में परिश्रम करने वाले मजदूरों के पास अर्थात् कर्मठ लोगों के बीच चले गए हैं।
(घ) विलोम शब्द:
- बंद - खुला
- अंधकार - प्रकाश
- देवता - दानव (असुर)
(ङ) वाक्य बनाओ:
- पत्थर - मजदूर हथौड़े से बड़ा पत्थर तोड़ रहा था।
- पूजा - सुबह उठकर भगवान की पूजा करनी चाहिए।
(च) पर्याय शब्द:
- आँख - नयन, नेत्र
- रास्ता - मार्ग, पथ
(छ) देवालय = देव + आलय
(ज) उपसर्ग: प्र (प्रसिद्ध में) तथा प्रत्यय: ता (सुंदरता में)।
In simple words: इस कविता में कवि ने यह संदेश दिया है कि ईश्वर केवल मंदिरों की मूर्तियों में नहीं बल्कि मेहनत करने वाले इंसानों में बसते हैं।
Exam Tip: पद्यांश के भावार्थ को समझकर प्रश्नों के सटीक उत्तर दें और व्याकरणिक प्रश्नों को निर्देशानुसार हल करें।
Question 1. कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं? किन के बारे में और क्यों कहा गया है?
Answer: 'कामचोर' कहानी में यह बात घर के बच्चों के बारे में कही गई है क्योंकि वे घर का कोई भी काम नहीं करते थे और सारा दिन उधम मचाते थे। जब माता-पिता ने उन्हें घर का काम करने पर ताना मारा, तो बच्चों ने कहा कि क्या वे इतने मोटे-मोटे किसी काम के नहीं हैं।
In simple words: बच्चों के कामचोर स्वभाव और उनके द्वारा किए गए उधम के संदर्भ में यह बात कही गई है।
Exam Tip: कहानी के पात्रों और प्रसंग का संदर्भ देते हुए उत्तर स्पष्ट करें।
Question 2. बच्चों के उधम मचाने के कारण घर की क्या दुर्दशा हुई?
Answer: बच्चों द्वारा घर का काम करने के प्रयास में पूरे घर का कचरा हो गया। नल चलाने से पानी भर गया, मुर्गियों और भेड़ों को घर में छोड़ने से सामान बिखर गया, और सारे घर में धूल तथा कीचड़ फैल गया जिससे पूरा घर अस्त-व्यस्त हो गया।
In simple words: बच्चों की सहायता करने की जिद ने पूरे घर को युद्ध के मैदान जैसा बना दिया था।
Exam Tip: घर की दुर्दशा का वर्णन करते समय पानी, धूल, पशुओं और बिखरे सामान का मुख्य रूप से उल्लेख करें।
Question 3. "या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझसे ही रख लो।" अम्मा ने कब कहा? और इसका परिणाम क्या हुआ?
Answer: अम्मा ने यह बात तब कही जब बच्चों ने घर के कामों में हाथ बँटाने के नाम पर भारी तबाही मचा दी थी और पूरा घर बदहाल हो गया था। इसका परिणाम यह हुआ कि बच्चों ने घर के किसी भी काम में हाथ न लगाने की कसम खा ली।
In simple words: जब बच्चों के उधम से अम्मा तंग आ गईं, तब उन्होंने घर छोड़ने की धमकी दी।
Exam Tip: उद्धृत कथन के वक्ता और श्रواता के साथ-साथ तत्कालीन परिस्थिति का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 4. 'कामचोर' कहानी क्या संदेश देती है?
Answer: यह कहानी यह संदेश देती है कि बच्चों को सुअवसर और उचित मार्गदर्शन के साथ छोटे-मोटे घरेलू कामों की आदत डालनी चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें, न कि बिना योजना के उन पर काम थोपना चाहिए।
In simple words: बच्चों को सही प्रशिक्षण देकर परिश्रमी बनाना चाहिए, कामचोर नहीं।
Exam Tip: उत्तर में बच्चों की आत्मनिर्भरता और उचित मार्गदर्शन के महत्त्व को प्रमुखता दें।
Question 1. जब पहली बोलती फिल्म प्रदर्शित हुई तो उसके पोस्टरों पर कौन-से वाक्य छापे गए? उस फिल्म में कितने चेहरे थे? स्पष्ट कीजिए।
Answer: पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' के पोस्टरों पर यह वाक्य छापा गया था - "वे सभी सजीव हैं, साँस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं, सतहत्तर मुर्दा इंसान जिंदा हो गए - उनको देखिए!" इस फिल्म में कुल 78 चेहरे थे।
In simple words: बोलती फिल्मों के शुरुआती दौर में दर्शकों में उत्सुकता जगाने के लिए ऐसे आकर्षक विज्ञापन छापे जाते थे।
Exam Tip: फिल्म का नाम, पोस्टरों के वाक्य और चेहरों की संख्या सटीक अंकों के साथ याद रखें।
Question 2. पहला बोलता सिनेमा बनाने के लिए फिल्मकार अर्देशिर एम. ईरानी को प्रेरणा कहाँ से मिली? उन्होंने आलम आरा फिल्म के लिए आधार कहाँ से लिया? विचार व्यक्त कीजिए।
**Answer:** अर्देशिर एम. ईरानी को प्रेरणा वर्ष 1929 की हॉलीवुड की एक बोलती फिल्म 'शो बोट' से मिली थी। उन्होंने अपनी फिल्म 'आलम आरा' के लिए पारसी रंगमंच के एक लोकप्रिय नाटक को आधार बनाया था।
In simple words: हॉलीवुड की बोलती फिल्म देखकर ईरानी साहब ने भारत में भी बोलती फिल्म बनाने का निर्णय लिया।
Exam Tip: प्रेरणा के स्रोत (हॉलीवुड फिल्म 'शो बोट') और नाटक के आधार का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 4. पहली सवाकू फिल्म के निर्माता-निर्देशक अर्देशिर को जब सम्मानित किया गया तब सम्मानितकर्त्ताओ ने उनके लिए क्या कहा था? अर्देशिर ने क्या कहा? और इस प्रसंग में लेखक ने क्या टिप्पणी की है? लिखिए।
Answer: सम्मानितकर्त्ताओं ने अर्देशिर को 'भारतीय सवाकू फिल्मों का पिता' कहकर सम्मानित किया था। इस पर अर्देशिर ने विनम्रतापूर्वक कहा था कि मैंने तो सिर्फ देश के लिए अपने हिस्से का काम किया है। इस प्रसंग पर लेखक ने टिप्पणी की है कि अर्देशिर जी अत्यंत विनम्र थे और वे खुद को इस सम्मान से बड़ा नहीं मानते थे।
In simple words: अर्देशिर जी अपनी सफलता का श्रेय खुद लेने के बजाय बहुत विनम्र रहे।
Exam Tip: सम्मानकर्ता की उपाधि और अर्देशिर की विनम्रता दोनों बिंदुओं को उत्तर में शामिल करें।
जंजीरें: "... उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई न कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं..."
Question 1. आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा उन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?
Answer: लेखक 'जंजीरों' के माध्यम से उन सामाजिक रूढ़ियों, परंपराओं, पुरुष प्रधान समाज की पाबंदियों और कुप्रथाओं की ओर इशारा कर रहा है जिन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता और प्रगति को जकड़ रखा है।
In simple words: जंजीरें यहाँ सामाजिक बंधनों और रूढ़ियों का प्रतीक हैं।
Exam Tip: प्रतीकात्मक अर्थ (रूढ़ियाँ और बंधन) को स्पष्ट रूप से समझाएं।
पहिया: 'साइकिल आंदोलन' से पुदुक्कोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?
Question 2. साइकिल आंदोलन से पुदुक्कोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?
Answer: साइकिल आंदोलन से महिलाओं की आत्मकेंद्रित और सीमित जिंदगी में स्वतंत्रता आ गई। वे अब पुरुष प्रधान व्यवस्था पर निर्भर न रहकर अपने कृषि उत्पाद बेचने बाजार खुद जाती हैं, उनका समय बचता है और उनके आत्मसम्मान में वृद्धि हुई है।
In simple words: साइकिल चलाने से महिलाओं को आजादी और आत्मनिर्भरता मिली है।
Exam Tip: महिलाओं की आत्मनिर्भरता, समय की बचत और आत्मविश्वास में वृद्धि जैसे बिंदुओं को लिखें।
Question 3. प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने में कौन-कौन सी बाधा आई?
Answer: प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने में रूढ़िवादी पुरुषों के सामाजिक विरोध, तंज कसने, फब्तियाँ कसने और महिलाओं को हतोत्साहित करने जैसी अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ा था।
In simple words: समाज के रूढ़िवादी लोगों ने महिलाओं के साइकिल चलाने का कड़ा विरोध किया था।
Exam Tip: सामाजिक विरोध और रूढ़िवादी सोच को मुख्य बाधा के रूप में दर्शाएं।
कविता: सुदामा-चरित
Question 1. सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: सुदामा की अत्यंत दयनीय और कष्टदायक स्थिति को देखकर श्रीकृष्ण बहुत अधिक द्रवीभूत हो गए। वे मित्र के प्रेम में इतने दुःखी हुए कि उनकी आँखों से अश्रुधारा बह निकली और उन्होंने अपने हाथों से पानी से पैर धोने के बजाय अपने आंसुओं से ही सुदामा के पैर धोए।
In simple words: मित्र की गरीबी और कष्ट देखकर श्रीकृष्ण का कोमल हृदय रो पड़ा।
Exam Tip: श्रीकृष्ण के प्रेम और करुणा का भावपूर्ण वर्णन करें।
Question 2. "पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए।" पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
Answer: इस पंक्ति में कवि ने श्रीकृष्ण के अगाध मित्र-प्रेम का सजीव चित्रण किया है। जब सुदामा के पैर धोने के लिए परात में पानी लाया गया, तो श्रीकृष्ण अपने बालमित्र की ऐसी दुर्दशा देखकर इतने रोए कि परात का पानी छूने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी, बल्कि उन्होंने अपनी आँखों से बहने वाले आंसुओं से ही सुदामा के पैर धो डाले।
In simple words: कृष्ण के आंसुओं से ही सुदामा के पैर धुल गए, जो उनके गहरे प्रेम को दिखाता है।
Exam Tip: अतिशयोक्तिपूर्ण काव्य-सौंदर्य और मित्र-प्रेम के प्रसंग को स्पष्ट करें।
Question 3. द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा मार्ग में क्या-क्या सोचते जा रहे थे? वह कृष्ण के व्यवहार से क्यों खीझ रहे थे? सुदामा के मन की दुविधा को अपने शब्दों में प्रकट कीजिए।
Answer: सुदामा खाली हाथ लौटते हुए सोच रहे थे कि कृष्ण ने बचपन के प्रेम की केवल बातें ही कीं, न तो कुछ दिया और न ही उनकी मदद की। वे कृष्ण के इस उदासीन व्यवहार से इसलिए खीझ रहे थे क्योंकि उन्हें लगा कि द्वारकाधीश ने उनके साथ मित्र जैसा व्यवहार नहीं किया। उनके मन में दुविधा थी कि वे अपनी भूखी पत्नी को क्या जवाब देंगे।
In simple words: बिना कुछ मिले लौटते समय सुदामा सोच रहे थे कि भगवान कृष्ण ने उन्हें खाली हाथ क्यों भेज दिया।
Exam Tip: सुदामा की उलझन और कृष्ण के प्रति उनके मन के अस्थायी क्षोभ का वर्णन करें।
Question 5. अपने गाँव लौटकर जब सुदामा अपनी झोपड़ी नहीं खोज पाए तब उनके मन में क्या-क्या विचार आए? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: जब सुदामा अपने गाँव लौटे और अपनी टूटी-फूट झोपड़ी की जगह भव्य महल देखा, तो वे भ्रमित हो गए। उनके मन में विचार आया कि क्या वे रास्ता भटक गए हैं या फिर कोई दूसरा गाँव आ गया है। वे अपनी पुरानी झोपड़ी को ढूँढने लगे।
In simple words: झोपड़ी की जगह महल देखकर सुदामा भ्रम में पड़ गए कि यह कौन-सा स्थान है।
Exam Tip: सुदामा के आश्चर्य और असमंजस के भाव को स्पष्ट करें।
कहानी: अकबरी लोटा
"लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।"
Question 1. लाला झाऊलाल को बँदगा लोटा बिल्कुल पसंद नहीं था। फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया। आपके विचार से वे चुप क्यों रहें? अपने विचार लिखिए।
Answer: लाला झाऊलाल चुप इसलिए रहे क्योंकि वे अपनी पत्नी का सम्मान करते थे और घर में किसी प्रकार की कलह या बहस से बचना चाहते थे। यद्यपि वह लोटा उन्हें बहुत अजीब और बदसूरत लगा था, फिर भी उन्होंने पत्नी के गुस्से से बचने के लिए चुपचाप उसे स्वीकार कर लिया।
In simple words: पत्नी के सम्मान और घरेलू शांति बनाए रखने के लिए लाला जी चुप रहे।
Exam Tip: पति-पत्नी के आपसी संबंधों और शालीनता के दृष्टिकोण से उत्तर लिखें।
Question 2. 'लाला झाऊलाल जी ने फौरन दो और दो जोड़कर स्थिति को समझ लिया।'
आपके विचार से लाला झाऊलाल ने कौन-कौन सी बातें समझ ली होंगी?
Answer: लाला झाऊलाल ने यह समझ लिया होगा कि उनकी पत्नी ने उनसे ढाई सौ रुपयों की जो माँग की थी, वह पूरी न होने पर वे नाराज थीं और इसी गुस्से में उन्होंने ताना मारते हुए मेहमान को उसी बदसूरत लोटे में पानी दे दिया था।
In simple words: लाला जी समझ गए कि पत्नी के गुस्से का कारण पैसे न होना और वही पुराना लोटा था।
Exam Tip: प्रसंग के अनुसार पत्नी के गुस्से और रुपयों की माँग के संबंध को स्पष्ट करें।
Question 4. बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध कहाँ से किया था? लिखिए।
Answer: बिलवासी मिश्र जी ने लाला झाऊलाल की मदद के लिए वे ढाई सौ रुपए अपनी ही पत्नी के संदूक से चोरी-छिपे (चैबीस घंटे के भीतर वापस रखने की शर्त पर) निकालकर लाए थे।
In simple words: बिलवासी जी ने अपनी पत्नी के संदूक से चुपचाप रुपए निकालकर मित्र की सहायता की थी।
Exam Tip: मित्र की सहायता के लिए बिलवासी जी के इस अनोखे और चालाकी भरे उपाय का उल्लेख करें।
कविता: कबीर की साखियाँ
Question 1. 'तलवार का महत्त्व होता है म्यान का नहीं' - उक्त उदाहरण से कबीर क्या कहना चाहते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस उदाहरण से कबीरदास यह कहना चाहते हैं कि असली चीज़ ज्ञान या गुण है, बाहरी आवरण या रूप-रंग नहीं। जैसे तलवार मूल्यवान होती है, उसकी म्यान नहीं; वैसे ही मनुष्य का वास्तविक आदर उसके ज्ञान के कारण होता है, उसकी जाति या रूप-रंग के कारण नहीं।
In simple words: व्यक्ति के बाहरी रूप या जाति से ज्यादा उसके ज्ञान और गुणों का महत्त्व होता है।
Exam Tip: बाहरी दिखावे और आंतरिक ज्ञान के अंतर को उदाहरण सहित समझाएं।
Question 2. पाठ की तीसरी साखी- जिसकी एक पंक्ति है, 'मनुवाँ तो दहुँ दिसि फिरे, यह तो सुमिरन नाहिँ' के द्वारा कबीर क्या कहना चाहते हैं?
Answer: कबीरदास इसके माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि केवल हाथ में माला फेरने या बाहरी दिखावे से भगवान की भक्ति नहीं होती, जब तक कि मन इधर-उधर भटक रहा हो। सच्ची भक्ति के लिए मन की एकाग्रता आवश्यक है।
In simple words: मन को भटकाकर केवल माला फेरना सच्ची भक्ति नहीं है।
Exam Tip: माला फेरने के दिखावे और सच्चे मन की भक्ति के अंतर को स्पष्ट करें।
Question 3. कबीर घास की निंदा करने से क्यों मना करते हैं? पढ़े हुए दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: कबीर घास की निंदा करने से इसलिए मना करते हैं क्योंकि पाँव के नीचे दबी हुई छोटी सी घास का तिनका भी जब उड़कर आँख में पड़ जाता है, तो वह बहुत कष्ट देता है। इसी प्रकार किसी भी कमजोर या छोटे व्यक्ति को नीच या तुच्छ नहीं समझना चाहिए, क्योंकि समय आने पर वह भी भारी नुकसान पहुँचा सकता है।
In simple words: किसी भी छोटे या कमजोर व्यक्ति को तुच्छ नहीं समझना चाहिए, क्योंकि हर किसी का अपना महत्त्व होता है।
Exam Tip: घास और आँख में पड़ने वाले तिनके के उदाहरण के माध्यम से मूल संदेश को लिखें।
Question 4. मनुष्य के व्यवहार में ही दूसरों को विरोधी बना लेने वाले दोष होते हैं। यह भावार्थ किस दोहे से व्यक्त होता है?
Answer: यह भावार्थ कबीर के इस दोहे से व्यक्त होता है:
"जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय।
आपौ को डारिहै, दया करे सब कोय।।"
In simple words: यदि हमारा स्वभाव अच्छा और शीतल हो, तो संसार में हमारा कोई शत्रु नहीं बनता।
Exam Tip: संबंधित दोहे की पंक्तियाँ शुद्ध रूप से लिखें।
कविता: सूरदास के पद
Question 1. बालक श्रीकृष्ण किस लोभ के कारण दूध पीने के लिए तैयार हुए?
Answer: बालक श्रीकृष्ण अपनी चोटी लंबी और मोटी होने के लोभ में दूध पीने के लिए तैयार हुए थे, क्योंकि मैया यशोदा ने कहा था कि कच्चा दूध पीने से उनकी चोटी बलराम जैसी लंबी हो जाएगी।
In simple words: चोटी बढ़ाने के लालच में आकर कृष्ण दूध पीने लगे।
Exam Tip: मैया यशोदा के कथन और कृष्ण की बाल-हठ का प्रसंग स्पष्ट करें।
Question 2. श्रीकृष्ण अपनी चोटी के विषय में क्या-क्या सोच रहे थे?
Answer: श्रीकृष्ण सोच रहे थे कि दूध पीने के बाद उनकी चोटी भी बलराम भैया जैसी लंबी और मोटी हो जाएगी तथा नागिन की तरह जमीन पर घूमेगी।
In simple words: कृष्ण सोचते थे कि दूध पीने से उनकी चोटी बहुत बड़ी हो जाएगी।
Exam Tip: बाल-मन की कल्पना और चोटी बढ़ने की जिद्द का वर्णन करें।
Question 3. माखन चुराते और खाते समय श्रीकृष्ण थोड़ा-सा माखन क्यों बिखरा देते हैं?
Answer: श्रीकृष्ण माखन चुराते और खाते समय जल्दबाजी में तथा बच्चों की सहज नटखट प्रवृत्ति के कारण थोड़ा-सा माखन चारों तरफ बिखरा देते थे ताकि सब पर उनका प्रेम और शरारत प्रकट हो सके।
In simple words: बालपन की नटखट लीला और जल्दबाजी के कारण कृष्ण माखन गिरा देते थे।
Exam Tip: कृष्ण की बाल-लीला और नटखट स्वभाव को मुख्य बिंदु बनाएँ।
कहानी: बाज़ और साँप
Question 1. घायल होने के बाद भी बाज़ ने यह क्यों कहा, "मुझे कोई शिकायत नहीं है।" विचार प्रकट कीजिए।
Answer: बाज़ ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसने अपने जीवन का पूरा आनंद उठाया था। उसने आकाश की असीम ऊँचाइयों में उड़ान भरी थी और अपनी जिंदगी पूरी बहादुरी तथा स्वतंत्रता के साथ जी थी, इसलिए उसे मौत या घायल होने का कोई अफसोस नहीं था।
In simple words: बाज़ अपनी जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट था और उसने स्वतंत्रता का पूरा आनंद लिया था।
Exam Tip: बाज़ की संतोषजनक और साहसी जीवन-शैली को आधार बनाकर उत्तर दें।
Question 2. बाज़ ज़िन्दगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
Answer: बाज़ जन्मजात स्वतंत्रता प्रेमी था। वह जमीन पर रेंगने के बजाय आकाश की ऊँचाइयों को छूना अपनी शान समझता था। घायल होने के बाद भी उसका अदम्य उत्साह कम नहीं हुआ था और वह आखिरी बार आकाश की खुली हवा में उड़ना चाहता था।
In simple words: उड़ना बाज़ का स्वभाव था और वह अंतिम साँस तक आजादी का अनुभव करना चाहता था।
Exam Tip: बाज़ की स्वतंत्रता की चाह और अदम्य साहस का वर्णन करें।
Question 3. साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था, फिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?
Answer: साँप ने उड़ने की कोशिश इसलिए की क्योंकि वह बाज़ की अंतिम उड़ान से बहुत प्रभावित हुआ था। वह भी आकाश में उड़ने का सुख और स्वतंत्रता का रहस्य अनुभव करना चाहता था कि आखिर उड़ने में ऐसा क्या आनंद है।
In simple words: बाज़ से प्रेरणा पाकर साँप ने भी आकाश में उड़ने का प्रयास किया।
Exam Tip: बाज़ के प्रति आकर्षण और स्वतंत्रता के रहस्य को जानने की उत्सुकता को स्पष्ट करें।
Question 4. बाज़ के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?
Answer: सागर की लहरों ने बाज़ के अदम्य साहस, वीरता और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा देने वाले संघर्ष के सम्मान में गीत गाया था।
In simple words: लहरों ने बाज़ की बहादुरी और उसकी साहसी उड़ान की प्रशंसा में गीत गाया।
Exam Tip: बाज़ के साहस और बलिदान को लहरों के गीत का मुख्य कारण बताएं।
Question 5. घायल बाज़ को देखकर साँप खुश क्यों हुआ होगा?
Answer: घायल बाज़ को देखकर साँप इसलिए खुश हुआ होगा क्योंकि वह बाज़ की लाचारी और उसकी मौत को देखकर मन ही मन अपनी रेंगने वाली सुरक्षित जिंदगी को श्रेष्ठ मान रहा था तथा उसे बाज़ से एक प्रकार की ईर्ष्या थी।
In simple words: साँप अपनी सुरक्षित गुफा की तुलना में घायल बाज़ की दशा को देखकर मन में प्रसन्न हो रहा था।
Exam Tip: साँप की संकीर्ण मानसिकता और बाज़ की स्थिति के अंतर को स्पष्ट करें।
कहानी: टोपी
Question 1. गवरैया और गवरा के बीच किस बात पर बहस हुई और गवरैया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला?
Answer: गवरैया और गवरा के बीच इस बात पर बहस हुई थी कि मनुष्य कपड़े क्यों पहनते हैं। गवरैया सुंदर टोपी पहनने की इच्छा रखती थी जबकि गवरा इसे असंभव बताता था। गवरैया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर तब मिला जब उसे चुनी हुई रुई और कपड़े सिलवाने के लिए दर्जी तथा राजा तक का सहयोग मिल गया।
In simple words: टोपी पहनने की जिद को पूरा करने के लिए गवरैया ने सभी से मेहनत करवाकर अपनी इच्छा पूरी की।
Exam Tip: गवरैया की जिद और उसकी मेहनत के परिणाम को संक्षिप्त में लिखें।
Question 3. टोपी बनवाने के लिए गवरैया किस-किस के पास गई? टोपी बनने तक के एक-एक कार्य को लिखें।
Answer: टोपी बनवाने के लिए गवरैया सबसे पहले धुनिया के पास रुई धुनवाने गई, फिर सूत कटवाने कतैया के पास, कपड़ा बुनवाने बुनकर के पास और अंत में सिलवाने दर्जी के पास गई। दर्जी ने उसकी मेहनत से खुश होकर सुंदर टोपी बना दी।
In simple words: धुनिया, कतैया, बुनकर और दर्जी के पास जाकर गवरैया ने चरणबद्ध तरीके से अपनी टोपी बनवाई।
Exam Tip: टोपी बनने की पूरी प्रक्रिया के क्रम (धुनिया -> कतैया -> बुनकर -> दर्जी) को सही रूप में लिखें।
Question 4. गवरैया की टोपी पर दर्जी ने पाँच फुदने क्यों जड़ दिए?
Answer: दर्जी ने गवरैया की टोपी पर राजा से भी अधिक सुंदर और अनोखी टोपी बनाने तथा उसकी बहादुरी और बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर पाँच फुदने जड़ दिए थे।
In simple words: दर्जी गवरैया की जिद और उसकी मेहनत से इतना खुश हुआ कि उसने उस पर पाँच फुदने लगा दिए।
Exam Tip: राजा की टोपी से तुलना और दर्जी की प्रसन्नता को मुख्य कारण के रूप में लिखें।
Free CBSE Practice Worksheets: Class 8 Hindi All Chapters
Download Chapter Worksheets: Class 8 Hindi
Review targeted practice exercises for Class 8 Hindi All Chapters. Curated to match official CBSE guidelines, these printable problem sets support daily revision and improve overall test readiness.
Concept Clarification for All Chapters
Built using official NCERT guidelines for Class 8 Hindi, these practice sheets provide reliable academic support. Cross-reference your completed work with our detailed solutions to learn standard answer-writing formats for CBSE exams.
Effective Revision Strategies for School Exams
Follow up your worksheet practice by attempting the interactive online MCQ tests for All Chapters to evaluate your execution speed. All printable assignments and revision sheets on our platform are updated for the 2026 session and available free of charge.
FAQs
You can download the latest chapter-wise printable worksheets for Class 8 Hindi All Chapters for free from StudiesToday.com. These have been made as per the latest CBSE curriculum for this academic year.
Yes, Class 8 Hindi worksheets for All Chapters focus on activity-based learning and also competency-style questions. This helps students to apply theoretical knowledge to practical scenarios.
Yes, we have provided solved worksheets for Class 8 Hindi All Chapters to help students verify their answers instantly.
Yes, our Class 8 Hindi test sheets are mobile-friendly PDFs and can be printed by teachers for classroom.
For All Chapters, regular practice with our worksheets will improve question-handling speed and help students understand all technical terms and diagrams.