Class 8 Hindi Practice Sheet: CBSE Class 8 Hindi Practice Worksheet Set 10
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प्र 30
प्रश्न (1). कहानी में 'मोटे-मोटे' किस काम के हैं? किन के बारे में और क्यों कहा गया?
Answer: 'बाप रे बाप इतनी बड़ी फौज!' - यह बात घर के मालिक यानी पिता जी ने बच्चों के उद्गम (हंगामा) को देखकर कही थी। बच्चों द्वारा घर में मचाए गए हुड़दंग और नुकसान को देखकर उन्होंने ऐसा कहा था।
In simple words: यह बच्चों के शरारती स्वभाव और उनके द्वारा घर में मचाए गए कोलाहल को दर्शाने के लिए कहा गया था।
Exam Tip: पाठ के मुख्य पात्रों और उनके द्वारा कहे गए विशिष्ट कथनों को याद रखें।
प्रश्न (2). बच्चों के ऊधम मचाने के कारण घर की क्या दुर्दशा हुई?
Answer: बच्चों द्वारा ऊधम मचाने के कारण पूरे घर का सामान तितर-बितर हो गया। मटके, सुराहियाँ, और बाल्टियाँ इधर-उधर लुढ़क गईं, बिस्तर पर कीचड़ हो गया और सारा घर अस्त-व्यस्त हो गया मानो किसी ने घर में तूफान ला दिया हो।
In simple words: बच्चों की शरारतों से साफ-सुथरा घर कुछ ही पलों में कचरे और गंदगी के ढेर में बदल गया।
Exam Tip: घर की दुर्दशा का वर्णन करते समय पाठ में दी गई घटनाओं (जैसे पानी गिरना, धूल उड़ना) का उल्लेख अवश्य करें।
प्रश्न (3). "या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।" अम्मा ने कब कहा? और इसका परिणाम क्या हुआ?
Answer: अम्मा ने यह बात तब कही जब बच्चों ने घर के काम करने के नाम पर पूरे घर को तहस-नहस कर दिया और पानी के छींटों से अम्मा के सारे कपड़े गीले कर दिए। इसके परिणामस्वूप अम्मा ने घर छोड़ने की धमकी दी, जिसके बाद पिता जी ने बच्चों को कोई भी काम न करने का सख्त आदेश दिया।
In simple words: बच्चों के अत्यधिक उपद्रव से तंग आकर अम्मा ने गुस्से में यह बात कही थी।
प्रश्न (4). 'कामचोर' कहानी क्या संदेश देती है?
Answer: 'कामचोर' कहानी यह संदेश देती है कि बच्चों को उचित मार्गदर्शन के साथ छोटे-छोटे घरेलू काम सिखाने चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें, न कि उन्हें बिना सिखाए सीधे काम पर लगा दिया जाए जिससे केवल नुकसान ही हो।
In simple words: बच्चों में काम करने की आदत प्यार और सही प्रशिक्षण से डालनी चाहिए।
प्रश्न (5). "उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई न कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं।" आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?
Answer: लेखक 'जंजीरों' के माध्यम से रूढ़िवादिता, सामाजिक कुप्रथाओं, पुरुष-प्रधान समाज की पाबंदियों और महिलाओं पर लगने वाले प्रतिबंधों की ओर इशारा कर रहा है, जो उनकी प्रगति में बाधा बनते हैं।
In simple words: जंजीरें सामाजिक बंधनों और पुरानी रूढ़ियों का प्रतीक हैं।
प्रश्न (6). 'साइकिल आंदोलन' से पुडुकुट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?
Answer: साइकिल आंदोलन से पुडुकुट्टई की महिलाओं की आजादी बढ़ी है, वे अब अपनी आर्थिक गतिविधियों को आसानी से चला पाती हैं, उन्हें बसों का इंतजार नहीं करना पड़ता और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।
In simple words: साइकिल चलाने से महिलाओं का जीवन अधिक स्वतंत्र और गतिशील हो गया है।
प्रश्न (7). प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने में कौन-कौन सी बाधाएं आईं?
Answer: प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने के लिए रूढ़िवादी पुरुषों के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं पर तरह-तरह के फबतियाँ कसी गईं और सामाजिक स्तर पर उनकी साइकिल चलाने की प्रवृत्ति की आलोचना की गई।
In simple words: समाज के रूढ़िवादी लोगों ने महिलाओं के साइकिल चलाने का कड़ा विरोध किया था।
प्रश्न (8). जब पहली बोलती फिल्म प्रदर्शित हुई तो उसके पोस्टरों पर कौन-कौन से वाक्य छापे गए? उस फिल्म में कितने चेहरे थे? स्पष्ट कीजिए।
Answer: पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' के पोस्टरों पर यह वाक्य छापा गया - "वे सभी सजीव हैं, सांस ले रहे हैं, शत-प्रतिशत बोल रहे हैं। सत्तर से अधिक चेहरे थे जो फिल्म में अभिनय कर रहे थे।"
In simple words: फिल्म की विशेषता बताने के लिए पोस्टरों पर विशेष आकर्षण वाक्य छापे गए थे।
प्रश्न (9). पहला बोलता सिनेमा बनाने के लिए फिल्मकार अर्देशिर एम. ईरानी को प्रेरणा कहाँ से मिली? उन्होंने 'आलम आरा' फिल्म के लिए आधार कहाँ से लिया? विचार व्यक्त कीजिए।
Answer: अर्देशिर ईरानी को प्रेरणा वर्ष 1929 की हॉलीवुड फिल्म 'शो बोट' से मिली थी। उन्होंने 'आलम आरा' के लिए पारसी रंगमंच के एक नाटक को आधार बनाया था और उसी के आधार पर पटकथा तैयार की थी।
In simple words: हॉलीवुड फिल्म देखकर उन्हें बोलती फिल्म बनाने का विचार आया।
प्रश्न (10). पहली सवाक फिल्म के निर्माता-निर्देशक अर्देशिर को जब सम्मानित किया गया तब सम्मानकर्ताओं ने उनके लिए क्या कहा था? अर्देशिर ने क्या कहा? और इस प्रसंग पर लेखक ने क्या टिप्पणी की है?
Answer: सम्मानकर्ताओं ने अर्देशिर को 'भारतीय सवाक फिल्मों का पिता' कहा। अर्देशिर ने कहा कि उन्होंने तो देश के लिए अपने हिस्से का काम किया है। लेखक ने टिप्पणी की कि अर्देशिर विनम्र थे और उन्होंने कभी अपनी उपलब्धि का ढिंढोरा नहीं पीटा।
In simple words: निर्माता को उनके महान योगदान के लिए सम्मानित किया गया था।
प्रश्न (11). सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्णा की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: सुदामा की दयनीय स्थिति देखकर श्रीकृष्ण अत्यधिक व्यथित और द्रवित हो उठे। मित्र के पैरों की ऐसी दुर्दशा देखकर उनकी आँखों से अश्रु धारा बह निकली और उन्होंने अपने आंसुओं से ही मित्र के पैर धोए।
In simple words: मित्र सुदामा को दुखी देखकर श्रीकृष्ण का कोमल हृदय रो पड़ा।
प्रश्न (12). "पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए।" पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
Answer: इस पंक्ति का भाव यह है कि श्रीकृष्ण ने सुदामा के पैर धोने के लिए लाई गई परात के पानी को छुआ तक नहीं, बल्कि मित्र के प्रति अगाध प्रेम और करुणा के कारण उनकी अपनी आँखों से निकले आंसुओं से ही सुदामा के पैर धुल गए।
In simple words: श्रीकृष्ण के आंसुओं ने ही परात के पानी का काम कर दिया।
प्रश्न (13). द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा मार्ग में क्या-क्या सोचते जा रहे थे? वह कृष्ण के व्यवहार से क्यों खिन्न रहे थे? सुदामा के मन की दुविधा लिखिए।
Answer: सुदामा सोच रहे थे कि कृष्ण ने न तो उन्हें कुछ दिया और न ही अपनी पुरानी मित्रता का सही आदर किया। वे कृष्ण के इस रूखे और उदासीन व्यवहार से खिन्न थे क्योंकि वे खाली हाथ अपनी गरीबी में लौटने को विवश थे।
In simple words: सुदामा को लगा कि श्रीकृष्ण ने उनकी सहायता नहीं की।
प्रश्न (14). अपने गाँव से लौटकर जब सुदामा अपनी झोपड़ी नहीं खोज पाए तब उनके मन में क्या-क्या विचार आए? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: सुदामा जब लौटे तो अपनी झोपड़ी की जगह भव्य महल देखकर भ्रमित हो गए। उन्होंने सोचा कि क्या वे रास्ता भटक गए हैं या यह कोई अन्य नगरी है। वे अपनी टूटी झोपड़ी को ढूँढने का प्रयास करने लगे।
In simple words: अपनी झोपड़ी की जगह महल देखकर सुदामा हैरान रह गए।
प्रश्न (15). "लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।" लाला झाऊलाल को बँदगा लोटा बिल्कुल पसंद नहीं था, फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया। आपके विचार से वे चुप क्यों रहे? अपने विचार लिखिए।
Answer: लाला झाऊलाल अपनी पत्नी का सम्मान करते थे और घर में शांति बनाए रखना चाहते थे। वे नहीं चाहते थे कि एक मामूली लोटे जैसी बात पर घर में कलह या लंबी बहस शुरू हो।
In simple words: पत्नी के सम्मान और गृहशांति के लिए उन्होंने चुपचाप लोटा स्वीकार कर लिया।
प्रश्न (16). "लाला झाऊलाल जी ने फौरन दो और दो जोड़कर स्थिति को समझ लिया।" आपके विचार से लाला झाऊलाल ने कौन-कौन सी बातें समझ ली होंगी?
Answer: लाला जी समझ गए होंगे कि लोटा नीचे गिरकर किसी अंग्रेज़ पर गिरा है, जिससे बड़ा हंगामा खड़ा होने वाला है और वे उस अंग्रेज़ के गुस्से तथा संभावित अपमान से घबरा गए होंगे।
In simple words: उन्होंने तुरंत भांप लिया कि अब एक बड़ी मुसीबत आने वाली है।
प्रश्न (17). बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध कहाँ से किया था?
**Answer:** बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध अपनी पत्नी के संदूक से चोरी-छिपे निकालकर किया था, जिसे वे बाद में वापस वहीं रख देते।
In simple words: उन्होंने अपनी पत्नी के बक्से से पैसे निकाले थे।
प्रश्न (18). बालक श्रीकृष्ण किस लोभ के कारण दूध पीने के लिए तैयार हुए?
Answer: माता यशोदा के यह कहने पर कि दूध पीने से उनकी चोटी बलराम जैसी लंबी और मोटी हो जाएगी, श्रीकृष्ण दूध पीने के लिए तैयार हो गए थे।
In simple words: चोटी लंबी होने के लालच में उन्होंने दूध पिया।
प्रश्न (19). श्रीकृष्ण अपनी चोटी के विषय में क्या-क्या सोच रहे थे?
Answer: श्रीकृष्ण सोच रहे थे कि इतनी बार कच्चा दूध पीने के बाद भी उनकी चोटी अभी तक नागिन जैसी लंबी क्यों नहीं हुई और वह वैसी की वैसी छोटी क्यों है।
In simple words: वे अपनी चोटी न बढ़ने पर लगातार सोच में पड़े रहते थे।
प्रश्न (20). मक्खन चुराते और खाते समय श्रीकृष्ण थोड़ा-सा मक्खन बिखरा क्यों देते हैं?
Answer: श्रीकृष्ण बालसुलभ नटखटपन के कारण थोड़ा मक्खन इधर-उधर बिखरा देते थे ताकि सब पर चोरी का शक जाए और उनकी लीला चलती रहे।
In simple words: अपनी बाल-लीला दिखाने के लिए वे थोड़ा मक्खन गिरा देते थे।
प्रश्न (21). घायल होने के बाद भी बाज ने यह क्यों कहा, "मुझे कोई शिकायत नहीं है।" विचार प्रकट कीजिए।
Answer: बाज ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसने अपना जीवन पूरी बहादुरी, स्वतंत्रता और आकाश में स्वच्छंद उड़ान भरकर जिया था। उसने अपने हिस्से का सारा सुख भोग लिया था, इसलिए उसे मौत या दर्द से कोई पछतावा नहीं था।
In simple words: बाज अपनी स्वतंत्र जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट था।
प्रश्न (22). बाज जिन्दगी भर 'आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
Answer: बाज का स्वभाव स्वतंत्रताप्रिय था। वह घायल होने के बावजूद एक बार फिर से नीले आकाश की ऊँचाइयों को छूना चाहता था क्योंकि उड़ना ही उसका वास्तविक जीवन था।
In simple words: उड़ान के प्रति उसका असीम प्रेम उसे बार-बार प्रेरित करता था।
प्रश्न (23). साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खता मानता था। फिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?
Answer: साँप ने बाज के शब्दों से प्रभावित होकर सोचा कि आकाश की ऊँचाइयों में शायद कोई विशेष आनंद या रहस्य है, इसलिए उसने भी एक बार उड़ने की कोशिश की ताकि वह भी उस सुख का अनुभव कर सके।
In simple words: आकाश के सुख का अनुभव करने के लिए साँप ने भी प्रयास किया।
प्रश्न (24). बाज के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?
Answer: बाज की बहादुरी, स्वतंत्रता के प्रति उसका समर्पण और उसका अदम्य साहस देखकर सागर की लहरों ने उसकी वीरता के सम्मान में गीत गाया था।
In simple words: साहसी बाज की वीरता के सम्मान में लहरों ने गीत गाया।
प्रश्न. (25) घायल बाज को देखकर साँप खुश क्यों हुआ होगा?
Answer: साँप हमेशा से बाज से भय खाता था और उसे अपना शत्रु मानता था। घायल अवस्था में बाज को देखकर उसे अपनी श्रेष्ठता और सुरक्षा का आभास हुआ होगा।
In simple words: शत्रु को कमजोर देखकर साँप मन ही मन प्रसन्न हुआ।
प्रश्न (26). गवरैया और गवरा के बीच किस बात पर बहस हुई और, गवरैया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला?
Answer: गवरैया टोपी पहनने की जिद कर रही थी जबकि गवरा इसे असंभव और बेवकूफी मानता था। गवरैया ने जब दर्जी के पास जाकर अपनी जिद और मेहनत से बात मनवाई, तब उसे अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर मिला।
In simple words: गवरैया की जिद और पक्के इरादे से उसे टोपी बनवाने का मौका मिला।
प्रश्न (27). टोपी बनवाने के लिए गवरैया किस-किस के पास गई? टोपी बनने तक के एक-एक कार्य को लिखें।
Answer: गवरैया रुई धुनने वाले धुनिया, सूत कातने वाली कोरी, कपड़ा बुनने वाले बुनकर और अंत में दर्जी के पास गई। सभी ने उसकी बुद्धिमत्ता और मेहनत देखकर उसका काम कर दिया जिससे सुंदर टोपी बनकर तैयार हुई।
In simple words: गवरैया ने रुई से लेकर दर्जी तक सभी से मिलकर टोपी तैयार करवाई।
प्रश्न (28). गवरैया की टोपी पर दर्जी ने पाँच फुदने क्यों जड़ दिए?
Answer: दर्जी गवरैया की हिम्मत, चतुराई और उसकी अनूठी जिद से इतना प्रभावित हुआ कि उसने राजा की टोपी से भी सुंदर टोपी बनाई और उस पर पाँच फुदने जड़ दिए।
In simple words: गवरैया की जिद से खुश होकर दर्जी ने उसमें पाँच फुदने लगा दिए।
व्याकरण:-
विलोम शब्द
प्रश्न 1.
1. साधारण x असाधारण
2. हर्ष x शोक
3. हानि x लाभ
4. शकुन x अपशकुन
5. स्थिर x अस्थिर
6. हित x अहित
7. हँसना x रोना
8. हास x रुदन
9. ह्रस्व x दीर्घ
10. हेय x उपादेय
Answer: उपर्युक्त सभी विलोम शब्द व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः सटीक और शुद्ध हैं।
In simple words: दिए गए शब्दों के सही विलोम रूप लिखे गए हैं।
Exam Tip: विलोम शब्दों में उपसर्ग (जैसे अ-, अप-, नि-) का सही प्रयोग करना सीखें।
वाक्यांश के लिए एक शब्द:-
प्रश्न 2.
1. सबको समान देखने वाला - समदर्शी
2. नीति को जानने वाला - नीतिज्ञ
3. जिसका वर्णन न हो सके - वर्णनातीत
4. जो कुछ जानने की इच्छा रखता हो - जिज्ञासु
5. वह पहाड़ जिससे आग निकलती है - ज्वालामुखी
6. जो बहुत रूप धारण करता हो - बहुरुपिया
7. जिसका कोई अर्थ न हो - निरर्थक
8. जो सदा बदलता रहे - परिवर्तनशील
9. जो नष्ट होने वाला हो - नश्वर
10. जो परीक्षा में उत्तीर्ण न हो - अनुत्तीर्ण
Answer: प्रत्येक वाक्यांश के लिए उपयुक्त एक शब्द लिख दिया गया है।
In simple words: लंबे वाक्यांश को संक्षिप्त रूप में एक शब्द द्वारा व्यक्त किया गया है।
Exam Tip: वाक्यांश के लिए एक शब्द परीक्षा में बहुविकल्पीय या रिक्त स्थान के रूप में अवश्य पूछे जाते हैं।
पर्यायवाची शब्द:-
प्रश्न 3.
1. सुन्दर - कलित, मनोहर, खूबसूरत
2. सेवक - नौकर, चाकर, परिचारक
3. मदिरा - सुरा, शराब, वारुणी
4. पृथ्वी - धरा, वसुधा, भूమి
5. अतिथि - पाहुन, मेहमान, अभ्यागत
6. अंधकार - तिमिर, अँधेरा, तम
7. इच्छा - अभिलाषा, कामना, चाह
8. कान - कर्ण, श्रवण
9. धनुष - चाप, धनु, कोदंड
10. पक्षी - खग, विहग, नभचर
Answer: प्रत्येक शब्द के दो-दो तीन-तीन मानक पर्यायवाची लिख दिए गए हैं।
In simple words: समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची कहते हैं।
Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों को याद करते समय वर्तनी (स्पेलिंग) का विशेष ध्यान रखें।
तद्भव - तत्सम
प्रश्न 4.
तद्भव शब्द -- तत्सम शब्द
1. अम्मा -- अम्बिका / माता
2. अंधा -- अन्ध
3. ईंट -- इष्टिका
4. काम -- कर्म
5. काठ -- कास्ट
6. किवाड़ -- कपट
7. कुआँ -- कूप
8. चाम -- चर्म
9. चाँद -- चन्द्र
10. जीभ -- जिह्वा
Answer: सभी तद्भव शब्दों के सटीक तत्सम रूप सामने लिख दिए गए हैं।
In simple words: संस्कृत के मूल शब्द तत्सम और उनके परिवर्तित रूप तद्भव कहलाते हैं।
Exam Tip: तत्सम शब्दों में संस्कृत की ध्वनियों (जैसे ऋ, क्ष, त्र, ज्ञ) का अधिक प्रयोग होता है।
प्रश्न 5. समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक की परिभाषा दो-दो उदाहरण सहित लिखिए।
Answer: समुच्चयबोधक: जो शब्द दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को आपस में जोड़ते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक (योजक) कहते हैं। उदाहरण: और, तथा। (जैसे- राम और श्याम आए।)
विस्मयादिबोधक: जिन शब्दों से हर्ष, शोक, विस्मय, घृणा आदि भाव प्रकट होते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक कहते हैं। उदाहरण: वाह!, ओह! (जैसे- वाह! कितना सुंदर दृश्य है।)
In simple words: जोड़ने वाले शब्द समुच्चयबोधक और भाव प्रकट करने वाले शब्द विस्मयादिबोधक होते हैं।
Exam Tip: विस्मयादिबोधक शब्दों के बाद हमेशा (!) विस्मयादिबोधक चिह्न लगाया जाता है।
प्रश्न 6. कारक की परिभाषा उदाहरण सहित तथा उसके भेद लिखिए।
Answer: संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसका संबंध प्रकट हो, उसे कारक कहते हैं। कारक के आठ भेद हैं: कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण और संबोधन।
In simple words: क्रिया से संबंध जोड़ने वाले शब्दों को कारक कहते हैं।
Exam Tip: कारकों की विभक्तियों (ने, को, से, के लिए आदि) को क्रम से याद रखें।
वाक्यों में कारक रेखांकित करके उसके भेद लिखो।
1. बच्चों! सदा सच बोलो (सम्बोधन कारक)
2. माली ने पौधों को पानी दिया। (कर्म कारक)
3. छत से बच्चा गिरा। (अपादान कारक)
4. मेरे पास कुछ खाने के लिए नहीं है। (अधिकरण कारक)
Answer: प्रत्येक वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचान कर ब्रैकेट में लिख दिया गया है।
In simple words: वाक्य में प्रयुक्त विभक्ति चिह्न के आधार पर कारक की पहचान की जाती है।
Exam Tip: अलग होने के अर्थ में हमेशा 'अपादान कारक' (से) होता है।
प्रश्न 7. पत्र:- पिताजी को पत्र :- 'रुपए मँगवाने के लिए।'
Answer:
परीक्षा भवन,
क-ख-ग नगर।
दिनांक: 15 अक्टूबर 2023
आदरणीय पिताजी,<सादर चरण स्पर्श।$
मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी सकुशल होंगे। मेरी अर्धवार्षिक परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं और परीक्षा परिणाम बहुत अच्छा रहा है। अब मेरी अगली कक्षाओं की पढ़ाई शुरू हो गई है जिसके लिए मुझे कुछ नई पुस्तकें और कॉपियाँ खरीदनी हैं। इसके अतिरिक्त छात्रावास की मासिक फीस भी देनी है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे बैंक खाते के माध्यम से या मनीऑर्डर द्वारा 1500 (पन्द्रह सौ) रुपए भेजने की कृपा करें। माता जी को सादर चरण स्पर्श तथा छोटे भाई को प्यार।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
नाम: राहुल
कक्षा: आठवीं
In simple words: छात्रावास के खर्च और पुस्तकों के लिए पैसों की मांग करते हुए औपचारिक पत्र।
Exam Tip: पत्र लेखन में प्रारूप (फॉर्मेट), संबोधन और समापन का विशेष ध्यान रखें।
प्रश्न 8. अनुच्छेद:- 'सत्संगति'
Answer: 'सत्संग' शब्द दो शब्दों के मेल से बना है - सत + संग, जिसका अर्थ है अच्छी संगत। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह जिस प्रकार की संगति में रहता है, उसके विचार और आचरण भी वैसे ही बन जाते हैं। जिस प्रकार मलय पर्वत के संपर्क में आने से साधारण वृक्ष भी सुगंधित हो जाते हैं, उसी प्रकार अच्छे और विद्वान लोगों की संगति से मनुष्य के जीवन में सद्गुणों का विकास होता है। कुसंगति एक विष के समान है जो मनुष्य के जीवन को बर्बाद कर देती है, जबकि सत्संगति मंदार के समान मनुष्य के भाग्य को जगा देती है। अतः हमें हमेशा अच्छे और सज्जन लोगों की संगति चुननी चाहिए।
In simple words: अच्छी संगत मनुष्य को महान बनाती है और बुरी संगत उसका पतन करती है।
Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय भाषा सरल, सुबोध और विषय के अनुकूल होनी चाहिए।
प्रश्न 9. अपठित गद्यांश और अपठित पद्यांश
Answer: अपठित गद्यांश और पद्यांश विद्यार्थियों के पठन कौशल और बोध क्षमता की परीक्षा के लिए दिए जाते हैं। परीक्षा में दिए गए गद्यांश या पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखने चाहिए।
In simple words: गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए जाते हैं।
Exam Tip: प्रश्नों के उत्तर हमेशा गद्यांश की मूल भावना के आधार पर ही लिखें।
प्रश्न 10. परियोजना कार्य।
Answer: परियोजना कार्य (प्रोजेक्ट वर्क) विद्यार्थियों में अनुसंधान, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए दिया जाता है। इसमें किसी विशेष विषय पर चित्र सहित विस्तृत जानकारी तैयार करनी होती है।
In simple words: प्रोजेक्ट कार्य से विषयों को गहराई से समझने में मदद मिलती है।
Exam Tip: परियोजना कार्य को आकर्षक और सुंदर आरेखों के साथ प्रस्तुत करें।
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