Chapter-wise Worksheets for Class 8 Hindi: All Chapters
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Practice Class 8 Hindi Worksheets: All Chapters
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अध्ययन कार्य - कबीर की साखियाँ
प्रश्न 1. कबीर के दोहों की भाषा क्या है?
उत्तर: कबीर के दोहों की भाषा को 'सधुक्कड़ी' या 'पंचमेल खिचड़ी' कहा जाता है, क्योंकि इसमें अनेक बोलियों (राजस्थानी, अवधी, ब्रज, भोजपुरी आदि) के शब्दों का मेल पाया जाता है।
In simple words: कबीर की भाषा में कई बोलियों का मिश्रण होता है, जिसे सधुक्कड़ी भाषा कहते हैं।
Exam Tip: परीक्षा में भाषा का नाम लिखते समय 'सधुक्कड़ी' या 'पंचमेल खिचड़ी' मुख्य रूप से लिखें।
प्रश्न 2. कबीर कौन-से काल के कवि हैं?
उत्तर: कबीर दास हिंदी साहित्य के भक्तिकाल के अंतर्गत 'ज्ञानमार्गी शाखा' (संतकाव्यधारा) के प्रमुख कवि हैं।
In simple words: कबीर भक्तिकाल के संत कवि थे।
Exam Tip: काल का नाम पूछते समय 'भक्तिकाल' और धारा का नाम 'ज्ञानमार्गी शाखा' अवश्य उल्लेख करें।
प्रश्न 3. इनके दोहों को 'साखी' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: 'साखी' शब्द 'साक्ष' (साक्षी/प्रत्यक्ष ज्ञान) का तद्भव रूप है। कबीर ने समाज को जो आँखों देखा ज्ञान और सत्य अनुभव किया, उसे अपने दोहों के माध्यम से प्रस्तुत किया, इसलिए उनके दोहों को साखी कहा जाता है।
In simple words: साखी का अर्थ गवाही या प्रत्यक्ष ज्ञान है जो कबीर ने अपने अनुभवों से दिया।
Exam Tip: साखी शब्द का मूल अर्थ 'साक्षी' या प्रत्यक्ष प्रमाण से है, इसे स्पष्ट करें।
प्रश्न 4. कबीर दास 'तलवार का नहीं म्यान का मोल करने को' क्यों कहते हैं?
उत्तर: कबीर दास जी कहते हैं कि असली महत्व ज्ञान या व्यक्ति के गुणों (तलवार) का होता है, न कि उसकी बाहरी बनावट, जाति या आवरण (म्यान) का। इसलिए बाहरी दिखावे को छोड़कर आंतरिक गुणों को महत्व देना चाहिए।
In simple words: बाहरी दिखावे (म्यान) से ज्यादा जरूरी असली गुण (तलवार) होते हैं।
Exam Tip: यहाँ तलवार को 'ज्ञान/गुण' और म्यान को 'जाति/दिखावा' के प्रतीक के रूप में समझाया गया है।
प्रश्न 5. कबीर मनुष्य को गाली न देने की शिक्षा क्यों देते हैं?
उत्तर: कबीर के अनुसार यदि कोई हमें गाली या अपशब्द देता है और हम चुप रहते हैं, तो वह गाली उसी के पास लौट जाती है और यदि हम भी जवाब देते हैं, तो एक गाली बढ़कर अंततः अनेक गालियों में बदल जाती है। इसलिए शांति बनाए रखने के लिए गाली नहीं देनी चाहिए।
In simple words: गाली का जवाब न देने से वह समाप्त हो जाती है, बढ़ाने से वह और बढ़ जाती है।
Exam Tip: दोहे की पंक्ति 'ऐक उलटि होइ अनेक' के संदर्भ को उत्तर में जरूर शामिल करें।
प्रश्न 6. कबीर के अनुसार ईश्वर का उत्तम नाम स्मरण क्या है?
उत्तर: कबीर के अनुसार सच्चे मन से और श्वास-श्वास (प्रत्येक सांस के साथ) ईश्वर का स्मरण करना ही सबसे उत्तम और सच्चा नाम स्मरण है।
In simple words: हर सांस के साथ भगवान का स्मरण करना ही सच्चा ध्यान है।
Exam Tip: 'स्मरण' से तात्पर्य आंतरिक भक्ति और निरंतरता से है।
प्रश्न 7. कबीर दास की निंदा करने से मना करते हैं? क्यों? वे वास्तव में क्या बताना चाहते हैं?
उत्तर: कबीर दास जी घास तक की निंदा करने से मना करते हैं क्योंकि पैरों के नीचे कुचली जाने वाली घास भी यदि आँख में पड़ जाए तो बहुत कष्ट देती है। वे यह बताना चाहते हैं कि संसार में किसी भी छोटे या असहाय व्यक्ति को कमजोर समझकर उसकी उपेक्षा या निंदा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर प्राणी का अपना महत्व होता है।
In simple words: किसी भी छोटे व्यक्ति या वस्तु को कमजोर समझकर उसकी बुराई नहीं करनी चाहिए।
Exam Tip: घास के उदाहरण के माध्यम से छोटों के सम्मान का संदेश स्पष्ट करें।
प्रश्न 8. 'जब आपा को डारिहै, दया करै सब कोय' इस पंक्ति में 'आपा' का क्या अर्थ है? और उसे क्यों त्यागना चाहिए?
उत्तर: इस पंक्ति में 'आपा' शब्द का अर्थ 'अहंकार' (घमंड या स्वार्थ) है। अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है जो आपसी प्रेम और भाईचारे को समाप्त करता है। अहंकार के त्याग से ही समाज में सभी लोग स्नेह और दया का भाव रखते हैं।
In simple words: आपा का अर्थ अहंकार है, जिसे छोड़ने पर सब लोग प्रेम करने लगते हैं।
Exam Tip: 'आपा' शब्द का अर्थ अहंकार/अभिमान लिखना अति आवश्यक है।
प्रश्न 9. निम्नलिखित क्षेत्रीय शब्दों के परिचित रूप लिखिए:
क) ग्यान - ज्ञान
ख) जीभि - जीभ / जिह्वा
ग) पाऊँ - पाँव / पैर
घ) तालि - ताली
ङ) आँिख - आँख
च) बारी - बार / बड़ी
छ) जारी - जली / जलाना
ज) दहुँ - दोनों
Answer: दिए गए तद्भव/क्षेत्रीय शब्दों के मानक हिंदी रूप ऊपर दर्शाए गए हैं।
In simple words: क्षेत्रीय या ग्रामीण शब्दों के शुद्ध मानक रूप लिखे गए हैं।
Exam Tip: वर्तनी की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
प्रश्न 10. 'कबीर के दोहे आज के समय में भी प्रासंगिक हैं।' इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर: हाँ, कबीर के दोहे आज के आधुनिक युग में भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। आज भी समाज में जाति-पाँति का भेद, धार्मिक पाखंड, अहंकार और दिखावा व्याप्त है। कबीर के उपदेश मनुष्य को आपसी प्रेम, भाईचारा, सादगी और मानवता का पाठ पढ़ाते हैं, जो आज की अशांत दुनिया में शांति के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
In simple words: कबीर की शिक्षाएँ आज भी समाज को सही राह दिखाने के लिए उतनी ही उपयोगी हैं।
Exam Tip: अपने उत्तर में वर्तमान समाज की बुराइयों और कबीर के विचारों की सार्थकता का तालमेल बैठाएं।
प्रश्न 11. आपा, उत्साह तथा आत्मविश्वास में क्या अंतर है?
उत्तर: 1. **आपा:** इसका अर्थ अहंकार, घमंड या स्वार्थ है जो मनुष्य को दूसरों से अलग और श्रेष्ठ मानता है (यह नकारात्मक भाव है)।
2. **उत्साह:** यह किसी कार्य को करने का जोश, उमंग और प्रेरणा है (यह सकारात्मक ऊर्जा है)।
3. **आत्मविश्वास:** यह अपनी योग्यताओं और क्षमताओं पर अटूट विश्वास है जो सफलता की कुंजी है (यह आंतरिक शक्ति है)।
Answer: तीनों शब्दों के अर्थ और उनकी सकारात्मक/नकारात्मक प्रकृति में स्पष्ट अंतर है।
In simple words: आपा अहंकार है, उत्साह जोश है, और आत्मविश्वास अपनी ताकत पर भरोसा है।
Exam Tip: तीनों शब्दों को अलग-अलग परिभाषा और उदाहरण के साथ स्पष्ट करें।
अध्ययन कार्य - अकबरी लोटा
प्रश्न 1. अकबरी लोटा पाठ की विधा तथा लेखक का नाम लिखें।
उत्तर: पाठ की विधा 'हास्य-व्यंग्य कथा' (कहानी) है तथा इसके लेखक 'अन्नपूर्णादान बख्शी' (अन्नपूर्णादान गुप्त / अन्नपूर्णाानंद वर्मा) हैं।
In simple words: यह एक हास्य कहानी है जिसके लेखक अन्नपूर्णाानंद वर्मा जी हैं।
Exam Tip: लेखक का नाम और पाठ की विधा सही-सही याद रखें।
प्रश्न 2. पत्नी द्वारा ढाई सौ रुपये माँगने पर लाला झाऊलाल की क्या दशा हुई?
उत्तर: पत्नी द्वारा अचानक ढाई सौ रुपये माँगने पर लाला झाऊलाल की साँस रुक गई और उनका दिल बैठ गया। उनके पास इतने रुपये न होने के कारण उनकी स्थिति बहुत दयनीय और चिंताजनक हो गई थी।
In simple words: पैसे न होने के कारण पत्नी की माँग सुनकर लाला जी घबरा गए।
Exam Tip: लाला झाऊलाल की आर्थिक लाचारी और मानसिक तनाव को दर्शाएं।
प्रश्न 3. पत्नी द्वारा लाया गया लोटा लाला झाऊलाल को नापसंद क्यों था?
उत्तर: वह लोटा रूप-रंग में बहुत बदसूरत था। उसका आकार कुछ-कुछ डिब्बे जैसा और कुछ-कुछ गढ़वी (सुराही) जैसा था, जिसे लाला झाऊलाल अंग्रेजों के सामने अपनी शान के खिलाफ मानते थे।
In simple words: वह लोटा दिखने में बहुत अजीब और बदसूरत था।
Exam Tip: लोटे की बनावट और लाला जी की प्रतिष्ठा के संदर्भ को लिखें।
प्रश्न 4. लाला ने चुपचाप लोटे से पानी क्यों पी लिया?
उत्तर: लाला झाऊलाल अपनी पत्नी का लिहाज और उसकी घूरभरी नज़रों से बचने के लिए उस बदसूरत लोटे में ही चुपचाप पानी पीने को विवश हो गए, क्योंकि वे उस समय पत्नी से बहस नहीं करना चाहते थे।
In simple words: पत्नी के गुस्से से बचने के लिए उन्होंने उसी लोटे से पानी पी लिया।
Exam Tip: घरेलू परिस्थितियों और पत्नी के रौब को संक्षिप्त में बताएं।
प्रश्न 5. बुजुर्गों ने पानी पीने के संबंध में कौन-कौन से नियम बनाए थे?
उत्तर: बुजुर्गों के नियम के अनुसार पानी हमेशा छानकर पीना चाहिए और बर्तन चाहे जो भी हो, पानी पीने के समय उसकी साफ-सफाई और गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
In simple words: बुजुर्गों का नियम था कि पानी हमेशा शुद्ध और छानकर पिया जाए।
Exam Tip: स्वास्थ्य और परंपरा से जुड़े नियमों का उल्लेख करें।
प्रश्न 6. लोटा गिरने पर अंग्रेज की क्या दशा हुई?
उत्तर: जब वह अजीब लोटा झाऊलाल के हाथ से छूटकर नीचे गिरा, तो वह सीधे नीचे खड़े अंग्रेज के पाँव पर जा गिरा। अंग्रेज का पाँव बुरी तरह कुचला गया और वह गुस्से से चीख उठा।
In simple words: लोटा गिरने से अंग्रेज के पैर पर चोट लगी और वह गुस्से से पागल हो गया।
Exam Tip: घटना के नाटकीय मोड़ का वर्णन करें।
प्रश्न 7. पं. बिलवासी मिश्र कौन थे? उन्होंने लाला झाऊलाल को पहचाननें से इंकार क्यों कर दिया?
उत्तर: पंडित बिलवासी मिश्र लाला झाऊलाल के परम मित्र थे। उन्होंने लाला झाऊलाल को पहचानने से इसलिए इंकार कर दिया ताकि वे अंग्रेज के सामने तटस्थ रहकर लाला जी की मदद करने की कोई गुप्त योजना बना सकें।
In simple words: बिलवासी जी लाला जी के मित्र थे, और मदद की रणनीति के तहत उन्होंने अनजान बनने का नाटक किया।
Exam Tip: मित्र की चतुराई और मदद की भावना को मुख्य बिंदु बनाएं।
प्रश्न 8. पं. बिलवासी मिश्र उस लोटे को क्यों खरीदना चाहते थे?
उत्तर: पं. बिलवासी मिश्र लाला झाऊलाल की आर्थिक सहायता करना चाहते थे ताकि वे अपनी पत्नी को ढाई सौ रुपये दे सकें, लेकिन सीधे पैसे देने पर लाला जी आत्मसम्मान के कारण लेते नहीं। इसलिए लोटा खरीदने का नाटक किया गया।
In simple words: मित्र की इज्जत बचाते हुए उसे पैसे देने के लिए उन्होंने लोटा खरीदने का नाटक किया।
Exam Tip: मित्रता और आत्मसम्मान की रक्षा का भाव स्पष्ट करें।
प्रश्न 9. मेजर डगलस कौन था? अंग्रेज को उससे ईर्ष्या क्यों थी?
उत्तर: मेजर डगलस उसी अंग्रेज (क्लांट) के पड़ोस में रहने वाला अधिकारी था। अंग्रेज को उससे ईर्ष्या इसलिए थी क्योंकि डगलस हर साल गर्मियों की छुट्टी में जहांगीर की ऐतिहासिक चीजें खरीदने में उससे बाजी मार ले जाता था।
In simple words: डगलस पुरानी ऐतिहासिक चीजें खरीदने में अंग्रेज से आगे निकल जाता था, जिससे उसे जलन थी।
प्रश्न 10. अंग्रेज ने लोटा कितने रुपये में और क्यों खरीदा?
उत्तर: अंग्रेज ने वह लोटा पाँच सौ रुपये में खरीदा, क्योंकि बिलवासी मिश्र ने झूठी कहानी बनाई कि यह कोई साधारण लोटा नहीं बल्कि ऐतिहासिक 'अकबरी लोटा' है, जिसे सम्राट अकबर इस्तेमाल करते थे और मेजर डगलस इसे खरीदने के लिए तरस रहा था।
In simple words: ऐतिहासिक समझकर अंग्रेज ने उसे पाँच सौ रुपये में खरीद लिया।
प्रश्न 11. पं. बिलवासी मिश्र ने ढाई सौ रुपयों का प्रबंध कहाँ से किया था?
उत्तर: पं. बिलवासी मिश्र ने वे ढाई सौ रुपये अपनी पत्नी के संदूक (तिजोरी) से चुपचाप चोरी छिपे निकाले थे और काम पूरा होने के बाद वापस वहीं रख दिए।
In simple words: उन्होंने अपनी पत्नी के संदूक से चुपचाप रुपये निकाले थे।
प्रश्न 12. लाला झाऊलाल की चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: लाला झाऊलाल एक सीधे-साधे, आत्मसम्मानित, घरेलू समस्याओं से घबराने वाले और अपने मित्रों पर अटूट विश्वास रखने वाले सम्मानित भारतीय नागरिक थे।
In simple words: वे सीधे-साधे और आत्मसम्मान वाले व्यक्ति थे।
प्रश्न 13. निम्नलिखित मुहावरों से वाक्य बनाएँ:
1. चारों खाने चित्त हो जाना - कुश्ती के मुकाबले में पहलवान चंद मिनटों में ही चारों खाने चित्त हो गया।
2. दुम दबाकर भाग जाना - पुलिस को आते देख चोर तुरंत दुम दबाकर भाग गए।
3. दो और दो जोड़ना - समस्या को सुलझाने के लिए उसने तुरंत दो और दो जोड़ना शुरू कर दिया।
4. ताव आ जाना - अपमानजनक शब्द सुनते ही सोहन को तेज ताव आ गया।
5. काँतो तो बदन में खून नहीं - चोरी पकड़े जाने पर नौकर का ऐसा डर हुआ कि काँतो तो बदन में खून नहीं था।
Answer: सभी मुहावरों के सार्थक वाक्य ऊपर दिए गए हैं।
In simple words: मुहावरों का अर्थ समझकर उनके उचित वाक्य बनाए गए हैं।
प्रश्न 14. मूल शब्द तथा प्रत्यय/उपसर्ग अलग करके लिखें:
मासिक - मूल शब्द: मास + प्रत्यय: इक
असमर्थ - उपसर्ग: अ + मूल शब्द: समर्थ
नापसंद - उपसर्ग: ना + मूल शब्द: पसंद
अनाधिकारी - उपसर्ग: अन + मूल शब्द: अधिकारी
ऐतिहासिक - मूल शब्द: इतिहास + प्रत्यय: इक
प्रसन्नता - मूल शब्द: प्रसन्न + प्रत्यय: ता
सुशिक्षित - उपसर्ग: सु + मूल शब्द: शिक्षित
Answer: दिए गए शब्दों के उपसर्ग, मूल शब्द और प्रत्यय का विभाजन ऊपर किया गया है।
In simple words: शब्दों में से मूल शब्द, उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके दिखाए गए हैं।
प्रश्न 15. विलोम शब्द लिखें:
पक्ष - विपक्ष
दाँए - बाएँ
निश्चय - अनिश्चय / संदेह
प्रसन्नता - उदासी / विषाद
प्रश्न - उत्तर
Answer: सभी शब्दों के सटीक विलोम शब्द ऊपर प्रस्तुत किए गए हैं।
In simple words: दिए गए शब्दों के विपरीतार्थक (विलोम) शब्द लिखे गए हैं।
अध्ययन कार्य - भगवान के डाकिए
प्रश्न 1. प्रस्तुत कविता के कवि तथा भाषा का नाम लिखें।
उत्तर: कविता के कवि 'रामधारी सिंह 'दिनकर'' हैं तथा इसकी भाषा साहित्यिक खड़ी बोली है।
In simple words: कवि रामधारी सिंह दिनकर हैं और भाषा खड़ी बोली है।
प्रश्न 2. भगवान के डाकिए कौन हैं?
उत्तर: पक्षी और बादल को 'भगवान के डाकिए' कहा गया है।
In simple words: पक्षी और बादल भगवान के संदेशवाहक हैं।
प्रश्न 3. भगवान के डाकिए क्या संदेश लाते हैं?
Answer: वे प्रेम, सद्भाव, एकता और परोपकार का संदेश पूरी दुनिया में बिना किसी भेदभाव के पहुँचाते हैं।
In simple words: वे पूरी दुनिया के लिए प्रेम और एकता का संदेश लाते हैं।
प्रश्न 4. मनुष्य इन संदेशों को क्यों नहीं पढ़ पाते?
Answer: मनुष्य संकीर्ण सीमाओं, जाति, धर्म और देश की सीमाओं में बंधा हुआ है, इसलिए वह प्रकृति के इस उदार संदेश को नहीं समझ पाता।
In simple words: इंसान सीमाओं में बँटा है इसलिए वह प्राकृतिक संदेश नहीं समझ पाता।
प्रश्न 5. डाकियों की चिट्ठियों को कौन-कौन पढ़ पाते हैं?
Answer: पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ भगवान के इन संदेशों को भली-भांति पढ़ और समझ पाते हैं।
In simple words: प्रकृति के अन्य अंग जैसे पेड़-पौधे और नदियाँ इसे समझती हैं।
प्रश्न 6. 'एक देश से उठा भाप दूसरे देश में पानी बनकर गिरता है।' इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करें।
Answer: इसका भाव यह है कि प्रकृति में कोई भौगोलिक सीमाएँ नहीं होतीं। एक देश का जल वाष्प बनकर बादल बनता है और दूसरे देश में जाकर वर्षा करता है, जो संपूर्ण पृथ्वी की एकता को दर्शाता है।
In simple words: प्रकृति पूरी धरती को एक मानती है, यहाँ कोई सरहद नहीं होती।
प्रश्न 7. 'इंटरनेट का प्रचलन होने से चिट्ठियों का महत्त्व कम हो गया है।' इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कुछ पंक्तियाँ लिखें।
Answer: आज के डिजिटल युग में ईमेल और व्हाट्सएप ने संवाद को बहुत तेज कर दिया है, जिससे कागजी चिट्ठियों का चलन कम हुआ है। फिर भी, हाथ से लिखे खतों में जो अपनापन और आत्मिक जुड़ाव होता है, वह कभी कम नहीं हो सकता।
In simple words: इंटरनेट ने गति बढ़ाई है, पर कागजी खतों का अपना भावनात्मक महत्व है।
प्रश्न 8. 'डाकिए की भूमिका तब दौर और अब' विषय पर अपने विचार लिखें।
Answer: पहले के समय में डाकिया सुख-दुःख का संदेश लाने वाला एक सम्मानित व्यक्ति माना जाता था, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार करते थे। आज कूरियर और डिजिटल संदेशों ने उस आत्मीयता को काफी हद तक फीका कर दिया है।
In simple words: पहले डाकिया बहुत खास संदेश लाता था, अब उसका स्थान डिजिटल संदेशों ने ले लिया है।
प्रश्न 9. दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखें:
क) पक्षी - खग, विहग
ख) बादल - मेघ, जलद
ग) पेड़ - पादप, वृक्ष
घ) पानी - जल, नीर
ङ) पहाड़ - पर्वत, शैल
च) धरती - पृथ्वी, वसुधा
Answer: सभी शब्दों के दो-दो उचित पर्यायवाची ऊपर दिए गए हैं।
In simple words: समान अर्थ वाले दो-दो शब्द लिखे गए हैं।
प्रश्न 10. पक्षी और बादल को ही भगवान के डाकिए क्यों कहा गया है?
Answer: क्योंकि वे स्वतंत्र रूप से बिना किसी रोक-टोक के एक देश से दूसरे देश तक आवाजाही करते हैं और पूरी वसुधैव कुटुंबकम की भावना का संदेश देते हैं।
In simple words: वे बिना किसी सरहद के पूरे संसार में आते-जाते हैं।
अध्ययन कार्य - यह सबसे कठिन समय नहीं
प्रश्न 1. प्रस्तुत कविता की कवयित्री तथा भाषा का नाम लिखें।
Answer: कविता की कवयित्री 'जया जादवानी' हैं तथा भाषा सरल, सहज और प्रवाहमयी खड़ी बोली है।
In simple words: कवयित्री जया जादवानी हैं और भाषा सरल हिंदी है।
प्रश्न 2. इस कविता का मूल भाव/संदेश क्या है? विस्तार से लिखिए।
Answer: कविता का मुख्य संदेश यह है कि भले ही चारों ओर निराशा या कठिनाइयाँ दिखें, लेकिन जीवन और उम्मीद अभी समाप्त नहीं हुई है। जब तक दुनिया में परोपकार, प्रेम और एक-दूसरे की मदद करने वाले लोग हैं, तब तक सबसे कठिन समय नहीं आया है।
In simple words: जीवन में आशा की किरण हमेशा बनी रहती है, निराश होने की जरूरत नहीं है।
प्रश्न 3. चिड़िया तिनके का क्या करेगी?
Answer: चिड़िया अपनी चोंच में तिनका दबाकर उससे अपने और अपने बच्चों के लिए घोंसला बनाएगी ताकि वह सुरक्षित रह सके।
In simple words: चिड़िया तिनके से अपना घोंसला तैयार करेगी।
प्रश्न 4. 'अभी भी झरती हुई पत्ती थामने को बैठा है हाथ एक' पंक्ति द्वारा कवयित्री क्या कहना चाहती हैं?
Answer: इसके माध्यम से कवयित्री यहताना चाहती है कि इस दुनिया में आज भी ऐसे दयालु और मददगार लोग मौजूद हैं जो मुसीबत में फंसे या निराश व्यक्तियों को सहारा देने के लिए तैयार रहते हैं।
In simple words: आज भी दुनिया में एक-दूसरे की मदद करने वाले लोग जीवित हैं।
प्रश्न 5. इस कविता में कौन-सी प्राचीन कहानी के बारे में बताया गया है?
Answer: इसमें नानी-दादी की उन कहानियों का जिक्र किया गया है जो अंतरिक्ष के पार की दुनिया या सदियों से चली आ रही प्रेरणादायक और साहसिक कथाओं से जुड़ी हैं।
In simple words: नानी-दादी द्वारा सुनाई जाने वाली पारंपरिक कहानियों का उल्लेख है।
प्रश्न 6. व्यक्ति को निराशा छोड़ आशावादी होने के लिए कवयित्री ने कौन-कौन से तर्क दिए हैं?
Answer: कवयित्री ने तर्क दिया है कि अभी भी रेलवे की गाड़ी गंतव्य तक पहुँचाती है, लोग अपनों का इंतजार कर रहे हैं, चिड़िया घोंसला बना रही है और कोई किसी को ढांढस बंधाने वाला बचा हुआ है।
In simple words: चारों तरफ जीवन की गति और प्रेम के साक्ष्य यह बताते हैं कि आशा बाकी है।
प्रश्न 7. 'अभी भी' का प्रयोग करते हुए चार वाक्य लिखिए।
Answer: 1. अभी भी आसमान में कुछ तारे टिमटिमा रहे हैं।
2. मेरे दादाजी अभी भी सुबह की सैर पर जाते हैं।
3. इतनी रात गए भी वह अभी तक पढ़ाई कर रहा है।
4. बारिश रुकने के बाद अभी भी रास्ते में कीचड़ है।
In simple words: 'अभी भी' शब्द का प्रयोग करते हुए चार सार्थक वाक्य बनाए गए हैं।
प्रश्न 8. निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए:
सूरज - रवि, दिनकर
दुनिया - संसार, जग
Answer: दिए गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची ऊपर लिखे गए हैं।
In simple words: सूरज और दुनिया के दो-दो समानार्थी शब्द हैं।
प्रश्न 9. आज के माहौल में इतनी निराशा क्यों है?
Answer: अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, स्वार्थ, अविश्वास और असुरक्षा की भावना के कारण आज के दौर में मनुष्य मानसिक तनाव और निराशा से घिरा हुआ है।
In simple words: स्वार्थ और बढ़ती स्पर्धा के कारण लोग निराश हो जाते हैं।
प्रश्न 10. आप जब भी बाहर से आते हैं, कोई आपकी प्रतीक्षा कर रहा होता है। उस प्रतीक्षा करने वाले के विषय में आप क्या सोचते हैं? लिखिए।
Answer: घर पर हमारी प्रतीक्षा करने वाले हमारे माता-पिता या अपने होते हैं, जिनका हमारे प्रति अगाध प्रेम, निस्वार्थ चिंता और स्नेह होता है। यह इस बात का प्रमाण है कि कोई हमारे जीवन की परवाह करता है।
In simple words: हमारा इंतजार करने वाले हमारे अपने होते हैं जो हमसे बहुत प्रेम करते हैं।
प्रश्न 11. 'निराशा से आशा की ओर' विषय पर एक स्लोगन लिखिए (अधिकतम चार पंक्तियाँ, न्यूनतम दो)।
Answer: अंधेरे को चीरकर जो किरण आए,
वही तो सच्ची उम्मीद की राह दिखाए।
निराशा का दामन तुम छोड़ो यारो,
आशा के दीप से जीवन को सजाओ।
In simple words: निराशा छोड़कर हमेशा आशा का दामन थामना चाहिए।
अध्ययन कार्य - उपसर्ग
प्रश्न 1. निम्नलिखित उपसर्गों से दो-दो शब्द बनाइए:
i) उप - उपयोग, उपहार
ii) अ - अभाव, अमर
iii) अन - अनपढ़, अनजान
iv) पर - परोपकार, परिजन
v) कु - कुपात्र, कुसंगति
vi) अध - अधपका, अधमरा
vii) आ - आगमन, आजन्म
viii) दुस् - दुस्साहस, दुस्चरित्र
ix) वि - विदेश, विज्ञान
x) बिन - बिनमांगा, बिनब्याहा
Answer: प्रत्येक उपसर्ग से दो-दो सार्थक नए शब्द बनाए गए हैं।
In simple words: दिए गए उपसर्गों को जोड़कर नए शब्द बनाए गए हैं।
प्रश्न 2. निम्नलिखित शब्दों में से मूल शब्द और उपसर्ग अलग-अलग कीजिए:
| शब्द | उपसर्ग | मूल शब्द |
|---|---|---|
| संपूर्ण | सम् | पूर्ण |
| अधोगति | अधः | गति |
| निरायु | निर् | आयु |
| सहयोग | सह | योग |
| बदबू | बद | बू |
| अतिप्रिय | अति | प्रिय |
| बइज्जत | बा / ब | इज्जत |
| सरकार | सर | कार |
| परिक्रमा | परि | िक्रमा (क्रम) |
| अवकाश | अव | काश |
Answer: शब्दों का उपसर्ग और मूल शब्द के रूप में सही विभाजन तालिका में दिया गया है।
In simple words: प्रत्येक शब्द में से उपसर्ग और मूल शब्द अलग किए गए हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित वाक्यों में वे शब्द रेखांकित करें जिनमें उपसर्गों का प्रयोग किया गया है:
1. मनुष्य दुर्गम स्थानों पर निर्गुण, निराकार परमात्मा को ढूँढता है।
2. अन्याय के विरुद्ध जनता की प्रतिक्रिया का परिणाम हम अक्सर देखते हैं।
3. वह अनजानी दिशा की ओर निडरता से बढ़ चला।
4. कलयुग में अत्याचार और अधर्म का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
5. डिप्टी-डायरेक्टर ने बइज्जत उस खुशमिज़ाज आदमी को बुलाया।
Answer: वाक्यों में उपसर्गयुक्त शब्दों को रेखांकित कर दिया गया है।
In simple words: जिन शब्दों में आगे उपसर्ग जुड़ा है, उन्हें रेखांकित किया गया है।
Exam Tip: उपसर्ग हमेशा शब्द के आरंभ में जुड़कर अर्थ बदलते हैं, इसे ध्यान रखें।
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