Download NCERT Solutions for Class 7 Science Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन
Explore reliable textbook solutions for Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन tailored for Class 7 learners. Utilizing these Science answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final NCERT evaluations.
Access NCERT Solutions and Answers
View or download the dedicated Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Science.
Question 1: एक विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विलयन अत्यधिक मात्रा में मिलाने पर परिवर्तन को उत्क्रमित कर देगा? (i) चूने का पानी (ii) बेकिंग सोडा (iii) सिरका (iv) साधारण नमक का विलयन
Answer:
(iii) सिरका
जो विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है, वह क्षारीय प्रकृति का होता है। इस परिवर्तन को उत्क्रमित करने के लिए एक अम्लीय पदार्थ की जरूरत होगी। सिरका अम्लीय प्रकृति का होता है, इसलिए यह क्षारीय विलयन को उदासीन करके लिटमस का रंग वापस लाल कर देगा। चूने का पानी और बेकिंग सोडा क्षारीय हैं तथा साधारण नमक का विलयन उदासीन है।
मुख्य बिंदु:
• लाल लिटमस को नीला करने वाले विलयन क्षारीय होते हैं।
• क्षार के प्रभाव को बेअसर करने के लिए अम्ल की आवश्यकता होती है।
• सिरका एक अम्लीय पदार्थ है जो क्षारीय प्रभाव को समाप्त करता है।
आम गलतियाँ:
• छात्र क्षारीय विलयन में दूसरा क्षारीय पदार्थ (जैसे बेकिंग सोडा) मिला देते हैं।
• उदासीन विलयन को परिवर्तन उत्क्रमित करने वाला मान लेना।
• अम्लीय और क्षारीय पदार्थों की प्रकृति में भ्रमित होना।
Exam Tips:
a) ऐसे प्रश्नों में पहले दिए गए विलयन की प्रकृति पहचानें।
b) उत्क्रमित करने का अर्थ विपरीत प्रकृति के पदार्थ को मिलाना है।
c) विकल्पों में दिए गए प्रत्येक पदार्थ का अम्लीय या क्षारीय स्वभाव याद रखें।
Question 2: आपको ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ नामांकित तीन अज्ञात विलयन दिए गए हैं परंतु आप नहीं जानते हैं कि इनमें से कौन-सा विलयन अम्लीय, क्षारीय या उदासीन है। विलयन ‘क’ में लाल लिटमस विलयन की कुछ बूँदें डालने पर वह नीला हो जाता है। जब हल्दी के विलयन की कुछ बूँदें विलयन ‘ख’ में डाली जाती हैं तो वह लाल हो जाता है। अंत में विलयन ‘ग’ में गुलाब के अर्क की कुछ बूँदें डालने पर वह हरा हो जाता है। प्रेक्षणों के आधार पर ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ की प्रकृति के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सही क्रम है? (i) अम्लीय, अम्लीय और अम्लीय (ii) उदासीन, क्षारीय और क्षारीय (iii) क्षारीय, अम्लीय और क्षारीय (iv) क्षारीय, क्षारीय और क्षारीय
Answer:
(iv) क्षारीय, क्षारीय और क्षारीय
विलयन ‘क’ ने लाल लिटमस को नीला किया इसलिए यह क्षारीय है। विलयन ‘ख’ ने हल्दी को लाल किया और हम जानते हैं कि हल्दी केवल क्षारीय पदार्थ से लाल होती है इसलिए यह भी क्षारीय है। विलयन ‘ग’ ने लाल गुलाब के अर्क को हरा किया और लाल गुलाब का अर्क क्षारीय विलयन में हरा होता है इसलिए यह भी क्षारीय है। इस प्रकार तीनों विलयन क्षारीय हैं।
मुख्य बिंदु:
• लाल लिटमस को नीला करने वाला विलयन क्षारीय होता है।
• हल्दी क्षारीय माध्यम में लाल रंग देती है।
• लाल गुलाब का अर्क क्षारीय माध्यम में हरा रंग देता है।
आम गलतियाँ:
• विभिन्न सूचकों के रंगों के परिवर्तनों को आपस में मिला देना।
• हल्दी को अम्लीय माध्यम में लाल मान लेना।
• गुलाब के अर्क के अम्लीय और क्षारीय रंगों को भूल जाना।
Exam Tips:
a) सभी प्राकृतिक सूचकों (हल्दी, लिटमस, गुलाब का अर्क) के रंग परिवर्तन की सारणी याद रखें।
b) प्रत्येक सूचक के परीक्षण को ध्यान से पढ़कर ही निष्कर्ष निकालें।
c) बहुविकल्पीय प्रश्नों में सभी कथनों की अलग-अलग जाँच करें।
Question 3: चित्र 2.13, चित्र 2.14 और चित्र 2.15 का अवलोकन कर उनका विश्लेषण कीजिए। इसमें लाल गुलाब के अर्क में भिगोई हुई कागज की पट्टी का उपयोग किया गया है। प्रत्येक पात्र में उपस्थित विलयन की प्रकृति को नामांकित कीजिए।
Answer:
लाल गुलाब के अर्क के बारे में हमें पता है कि अम्लीय विलयन में रंग लाल हो जाता है, क्षारीय विलयन में रंग हरा हो जाता है और उदासीन विलयन में रंग अपरिवर्तित रहता है (गुलाबी/हल्का लाल)। इसी आधार पर पात्रों में उपस्थित विलयन की प्रकृति का निर्धारण किया जाता है।
मुख्य बिंदु:
• लाल गुलाब का अर्क अम्लीय विलयन में लाल रहता है।
• क्षारीय विलयन में इसका रंग बदलकर हरा हो जाता है।
• उदासीन विलयन में इसके रंग में कोई बदलाव नहीं होता।
आम गलतियाँ:
• अम्लीय और क्षारीय रंगों के प्रभावों को उल्टा लिख देना।
• उदासीन विलयन में होने वाले रंग परिवर्तन को गलत समझना।
• चित्रों के आधार पर सही सूचक का नाम न पहचान पाना।
Exam Tips:
a) चित्रों पर आधारित प्रश्नों में रंग परिवर्तन के संकेतों को ध्यान से देखें।
b) सूचकों के रंग परिवर्तन के मानक नियमों को स्पष्ट रूप से लिखें।
c) उत्तर लिखते समय अम्लीय, क्षारीय और उदासीन तीनों अवस्थाओं का उल्लेख करें।
Question 4: प्रयोगशाला में एक द्रव प्रतिदर्श का परीक्षण विभिन्न सूचकों का उपयोग करके किया गया — सूचक: लाल लिटमस, नील लिटमस, हल्दी। परिवर्तन: कोई परिवर्तन नहीं, लाल में परिवर्तन, रंग में कोई परिवर्तन नहीं। परीक्षणों के आधार पर द्रव की अम्लीय अथवा क्षारीय प्रकृति की पहचान कीजिए और अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
Answer:
द्रव अम्लीय प्रकृति का है।
पुष्टि: नीला लिटमस लाल हो गया, जो कि एक अम्लीय पदार्थ की पहचान है। लाल लिटमस में कोई परिवर्तन नहीं हुआ और हल्दी में भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ क्योंकि हल्दी केवल क्षारीय पदार्थ से लाल होती है, अम्लीय से नहीं बदलती। तीनों प्रेक्षण मिलकर यह सिद्ध करते हैं कि द्रव अम्लीय प्रकृति का है।
मुख्य बिंदु:
• नीले लिटमस का लाल होना अम्ल की उपस्थिति दर्शाता है।
• लाल लिटमस पर कोई प्रभाव न पड़ना अम्ल या उदासीनता को दर्शाता है।
• हल्दी का अपरिवर्तित रहना यह सिद्ध करता है कि पदार्थ क्षारीय नहीं है।
आम गलतियाँ:
• केवल एक सूचक के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकाल लेना।
• हल्दी के अम्लीय माध्यम में रंग बदलने के बारे में भ्रमित होना।
• परिणामों की उचित पुष्टि न लिखना।
Exam Tips:
a) सारणी आधारित प्रश्नों में प्रत्येक पंक्ति का अलग से विश्लेषण करें।
b) अपने उत्तर की पुष्टि के लिए प्रत्येक सूचक के परीक्षण का कारण दें।
c) वैज्ञानिक शब्दावली का प्रयोग करें।
Question 5: मान्या की आँखों पर पट्टी बँधी है। उसे दो अज्ञात विलयन दिए गए हैं ताकि वह जाँच कर सके कि वे अम्लीय हैं या क्षारीय। मान्या को विलयनों का परीक्षण करने के लिए किस सूचक का उपयोग करना चाहिए और क्यों?
Answer:
मान्या को घ्राण सूचक (Olfactory Indicator) का उपयोग करना चाहिए।
कारण: घ्राण सूचक वे पदार्थ होते हैं जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है। चूँकि मान्या की आँखों पर पट्टी बँधी है, वह रंग परिवर्तन नहीं देख सकती। इसलिए वह प्याज जैसे घ्राण सूचक का उपयोग कर सकती है। प्याज से तैयार पट्टी की गंध अम्लीय पदार्थ मिलाने पर बनी रहती है तथा क्षारीय पदार्थ मिलाने पर कम हो जाती है या बदल जाती है। इस प्रकार बिना देखे भी विलयन की प्रकृति पहचानी जा सकती है।
मुख्य बिंदु:
• घ्राण सूचक गंध के आधार पर अम्लीय और क्षारीय पहचान कराते हैं।
• दृष्टिबाधित या आँखों पर पट्टी बाँधे व्यक्तियों के लिए ये अत्यंत उपयोगी हैं।
• प्याज या वैनिला इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
आम गलतियाँ:
• लिटमस पत्र जैसे दृश्य सूचकों का सुझाव देना।
• घ्राण सूचक की परिभाषा और कार्यप्रणाली स्पष्ट न करना।
• अम्लीय और क्षारीय माध्यम में गंध के बदलाव को गलत लिखना।
Exam Tips:
a) विशेष परिस्थितियों (जैसे दृष्टिबाधित होना) के लिए घ्राण सूचकों का नाम याद रखें।
b) कारण सहित उत्तर दें कि रंग वाले सूचक इस स्थिति में क्यों उपयोगी नहीं हैं।
c) प्याज के उदाहरण का स्पष्ट उल्लेख करें।
Question 6: क्या आप विभिन्न सामग्रियों का सुझाव दे सकते हैं जिनका उपयोग श्वेत कागज (अध्याय के आरम्भ में दिया गया) पर संदेश लिखने के लिए किया जा सकता है और छिड़काव वाली बोतल में क्या लिया जा सकता है? विभिन्न संभावित संयोजनों के प्रयोग से प्राप्त लेखन के रंगों को एक तालिका में लिखिए।
Answer:
श्वेत कागज पर हल्दी का लेप लगाकर सुखाएँ। इस पर साबुन के विलयन से संदेश लिखें और छिड़काव वाली बोतल में सिरका या नींबू का रस लें। जब सिरका छिड़काव किया जाएगा तो संदेश नहीं दिखेगा। लेकिन यदि कागज पर हल्दी का लेप हो, संदेश साबुन के विलयन से लिखा हो और छिड़काव भी साबुन के विलयन से हो तो संदेश लाल दिखेगा क्योंकि साबुन क्षारीय है और हल्दी क्षारीय पदार्थ से लाल हो जाती है। कुछ संभावित संयोजन इस प्रकार हैं — पहले संयोजन में कागज पर हल्दी का लेप लगाएँ, साबुन के विलयन से लिखें और छिड़काव भी साबुन से करें तो रंग लाल दिखेगा। दूसरे संयोजन में लाल गुलाब के अर्क से कागज भिगोएँ, नींबू के रस से लिखें और छिड़काव साबुन से करें तो लिखावट का रंग हरा और बाकी भाग लाल दिखेगा।
मुख्य बिंदु:
• गुप्त संदेश लिखने के लिए रासायनिक सूचकों और उनके अभिकर्मकों का प्रयोग किया जाता है।
• हल्दी और साबुन का संयोजन लाल रंग उत्पन्न करता है।
• रंग परिवर्तन के आधार पर गुप्त संदेश पढ़े जा सकते हैं।
आम गलतियाँ:
• सूचकों की रासायनिक प्रतिक्रिया को ठीक से न समझ पाना।
• लिखने और छिड़काव वाले पदार्थों के चयन में गलती करना।
• रंगों के संयोजन को स्पष्ट रूप से सारणीबद्ध न करना।
Exam Tips:
a) गुप्त संदेश वाले प्रयोग की क्रियाविधि को चरणबद्ध तरीके से समझें।
b) अम्ल और क्षार के संपर्क में आने वाले सूचकों के रंगों को याद रखें।
c) उत्तर को स्पष्ट और संरचित रूप में प्रस्तुत करें।
Question 7: अँगूर के रस को लाल गुलाब के अर्क के साथ मिलाया गया। मिश्रण का रंग लाल हो गया। यदि इस मिश्रण में बेकिंग सोडा मिला दिया जाए तो क्या होगा? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
Answer:
मिश्रण का रंग लाल से हरा हो जाएगा।
अँगूर के रस ने लाल गुलाब के अर्क को लाल किया जिसका मतलब है कि अँगूर का रस अम्लीय है। बेकिंग सोडा क्षारीय होता है। जब अम्लीय मिश्रण में बेकिंग सोडा मिलाया जाएगा तो उदासीनीकरण अभिक्रिया होगी और विलयन क्षारीय हो जाएगा। लाल गुलाब का अर्क क्षारीय विलयन में हरा हो जाता है इसलिए मिश्रण का रंग लाल से हरा हो जाएगा।
मुख्य बिंदु:
• अँगूर के रस की प्रकृति अम्लीय होती है।
• अम्ल और क्षार के मिलने से उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है।
• माध्यम क्षारीय होने पर लाल गुलाब का अर्क हरा हो जाता है।
आम गलतियाँ:
• उदासीनीकरण के बाद विलयन की अंतिम प्रकृति न पहचान पाना।
• गुलाब के अर्क का क्षारीय रंग भूल जाना।
• अँगूर के रस को क्षारीय मान लेना।
Exam Tips:
a) चरण-दर-चरण रासायनिक परिवर्तनों को समझकर उत्तर लिखें।
b) पहले अभिकारक की प्रकृति, फिर मध्यवर्ती और अंत में अंतिम रंग परिवर्तन बताएँ।
c) वैज्ञानिक कारणों को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में लिखें।
Question 8: अश्विन ने अपनी दादी के जन्मदिन पर संतरे के रस का उपयोग करके उन्हें एक गुप्त संदेश लिखा। क्या आप संदेश को दृश्यमान करने में दादी की सहायता कर सकते हैं? इसे दृश्यमान करने के लिए आप किस सूचक का प्रयोग करेंगे?
Answer:
संतरे के रस में सिट्रिक अम्ल होता है इसलिए यह अम्लीय होता है। संदेश को दृश्यमान करने के लिए दादी को हल्दी-पत्र का उपयोग करना चाहिए। हल्दी-पत्र को उस कागज के ऊपर रखकर हल्के से दबाने पर जहाँ-जहाँ संतरे का रस है वहाँ कोई परिवर्तन नहीं होगा। इसके बजाय यदि दादी उस कागज पर साबुन के विलयन का हल्का छिड़काव करें तो जहाँ संतरे का रस है वहाँ का रंग बदलेगा और संदेश दिखाई देगा। इसका कारण यह है कि हल्दी अम्लीय और उदासीन पदार्थों से नहीं बदलती लेकिन क्षारीय पदार्थ से लाल हो जाती है जिससे संदेश दिखेगा।
मुख्य बिंदु:
• संतरे के रस में अम्ल होता है जो हल्दी के रंग को नहीं बदलता।
• साबुन का विलयन क्षारीय होने के कारण हल्दी को लाल कर देता है।
• पृष्ठभूमि और लिखे गए हिस्से में अंतर के कारण संदेश स्पष्ट होता है।
आम गलतियाँ:
• अम्ल और क्षार के हल्दी पर पड़ने वाले प्रभावों में भ्रमित होना।
• सही सूचक (हल्दी-पत्र) का चयन न कर पाना।
• गुप्त संदेश को प्रकट करने की विधि गलत बताना।
Exam Tips:
a) व्यावहारिक जीवन के उदाहरणों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर तार्किक दें।
b) स्पष्ट करें कि कौन सा भाग अप्रभावित रहेगा और कौन सा भाग रंग बदलेगा।
c) सूचक की विशिष्टता का उल्लेख अवश्य करें।
Question 9: प्राकृतिक सूचक कैसे तैयार किया जा सकता है? उदाहरण देकर समझाइए।
Answer:
प्राकृतिक सूचक वे पदार्थ होते हैं जो अम्लीय और क्षारीय विलयनों में अलग-अलग रंग दिखाते हैं और इन्हें प्रकृति में मिलने वाली चीजों से बनाया जाता है। उदाहरण के रूप में लाल गुलाब के अर्क से प्राकृतिक सूचक बनाने की विधि इस प्रकार है। सबसे पहले लाल गुलाब की गिरी हुई पंखुड़ियाँ एकत्रित करें और उन्हें पानी से धो लें। फिर उन्हें खरल और मूसल से अच्छी तरह कुचलें और काँच के गिलास में रखकर गर्म पानी डालें। गिलास को ढक्कन से कहकर 5 से 10 मिनट प्रतीक्षा करें जब तक पानी रंगीन न हो जाए। इसके बाद इसे छान लें। यह छना हुआ रंगीन द्रव ही पुष्प-अर्क है जो प्राकृतिक सूचक का काम करता है। यह अम्लीय विलयन में लाल और क्षारीय विलयन में हरे रंग का हो जाता है। इसी प्रकार हल्दी, चुकंदर, लाल पत्तागोभी और लाल गुड़हल के फूल से भी प्राकृतिक सूचक बनाए जा सकते हैं।
मुख्य बिंदु:
• प्राकृतिक सूचक पौधों या फूलों से प्राप्त किए जाते हैं।
• इन्हें बनाने की प्रक्रिया में कुचलना, गर्म करना और छानना शामिल है।
• ये विभिन्न माध्यमों में अलग-अलग रंग प्रदर्शित करते हैं।
आम गलतियाँ:
• बनाने की विधि के चरणों को आगे-पीछे लिख देना।
• प्राकृतिक और कृत्रिम सूचकों में अंतर स्पष्ट न करना।
• रंगों के सही परिणामों का उल्लेख न करना।
Exam Tips:
a) प्रयोग विधि को हमेशा बिंदुओं या क्रमबद्ध चरणों में लिखें।
b) सूचक के रंग परिवर्तन का परिणाम साथ में जरूर बताएँ।
c) अन्य उदाहरणों (हल्दी, गुड़हल) के नाम भी दें।
Question 10: आपको तीन द्रव पदार्थ दिए गए हैं। एक सिरका, दूसरा बेकिंग सोडा का विलयन और तीसरा शक्कर का विलयन। क्या आप मात्र हल्दी-पत्र का उपयोग करके उन्हें पहचान सकते हैं? व्याख्या कीजिए।
Answer:
नहीं, केवल हल्दी-पत्र से तीनों को अलग-अलग पहचानना पूरी तरह संभव नहीं है। हल्दी-पत्र केवल क्षारीय पदार्थों से लाल होता है और अम्लीय तथा उदासीन दोनों पदार्थों से यह पीला ही रहता है यानी रंग नहीं बदलता। जब तीनों पदार्थों पर हल्दी-पत्र लगाएँगे तो बेकिंग सोडा क्षारीय होने के कारण हल्दी-पत्र को लाल कर देगा। इससे बेकिंग सोडा को आसानी से पहचाना जा सकता है। लेकिन सिरका अम्लीय होने के कारण और शक्कर का विलयन उदासीन होने के कारण दोनों हल्दी-पत्र का रंग नहीं बदलेंगे। इसलिए इन दोनों में अंतर करना हल्दी-पत्र से संभव नहीं है। सिरके और शक्कर के विलयन को अलग पहचानने के लिए लिटमस पत्र या लाल गुलाब के अर्क जैसे अन्य सूचक की जरूरत पड़ेगी।
मुख्य बिंदु:
• हल्दी-पत्र केवल क्षारीय माध्यम में रंग बदलता है।
• अम्ल और उदासीन पदार्थ हल्दी पर एक जैसा प्रभाव (अपरिवर्तित) दिखाते हैं।
• सभी पदार्थों को अलग करने के लिए एक से अधिक सूचकों की आवश्यकता हो सकती है।
आम गलतियाँ:
• यह मान लेना कि एक ही सूचक सभी पदार्थों की सही पहचान करा सकता है।
• अम्ल और उदासीन विलयन की हल्दी पर प्रतिक्रिया में अंतर समझना।
• निष्कर्ष निकालते समय तार्किक कमी छोड़ देना।
Exam Tips:
a) प्रश्न में दी गई सीमाओं (मात्र हल्दी-पत्र) को ध्यान में रखकर उत्तर दें।
b) स्पष्ट करें कि कौन सा पदार्थ पहचाना जा सकता है और कौन सा नहीं।
c) अन्य आवश्यक सूचकों का सुझाव भी दें।
Question 11: लाल गुलाब का अर्क द्रव X को हरा कर देता है। द्रव X की प्रकृति क्या होगी? जब द्रव X में आँवले का रस अधिक मात्रा में मिश्रित किया जाता है तो क्या होगा?
Answer:
लाल गुलाब का अर्क क्षारीय विलयन में हरा हो जाता है। चूँकि द्रव X ने अर्क को हरा किया है इसलिए द्रव X क्षारीय प्रकृति का है। आँवले के रस में ऑक्सेलिक अम्ल और सिट्रिक अम्ल होते हैं इसलिए यह अम्लीय होता है। जब आँवले का रस अधिक मात्रा में द्रव X में मिलाया जाएगा तो अम्ल और क्षार के बीच उदासीनीकरण अभिक्रिया होगी। पहले विलयन उदासीन होगा और आँवले का रस अधिक होने के कारण अंत में विलयन अम्लीय हो जाएगा। लाल गुलाब का अर्क अम्लीय विलयन में लाल हो जाता है इसलिए मिश्रण का रंग हरे से लाल हो जाएगा।
मुख्य बिंदु:
• लाल गुलाब का अर्क क्षार में हरा और अम्ल में लाल होता है।
• आँवला अम्लीय प्रकृति का होता है क्योंकि इसमें विटामिन सी और अम्ल होते हैं।
• अम्ल की अधिकता होने पर विलयन क्षारीय से अम्लीय हो जाता है।
आम गलतियाँ:
• अंतिम विलयन की प्रकृति का गलत आकलन करना।
• आँवले के रस को क्षारीय समझ लेना।
• रंग परिवर्तन के क्रम को उलट देना।
Exam Tips:
a) अभिक्रिया के हर चरण को क्रमानुसार स्पष्ट करें।
b) अम्ल और क्षार के मिलने पर होने वाले रंग परिवर्तन को ठीक से याद रखें।
c) वैज्ञानिक कारणों को सटीक शब्दों में लिखें।
Question 12: निम्नलिखित प्रवाह चित्र में दी गई सूचनाओं का अवलोकन कीजिए और उनका विश्लेषण कीजिए। अधूरी जानकारी को पूरा कीजिए।
Answer:
मृदा की प्रकृति अम्लीय हो सकती है।
मृदा की प्रकृति क्षारीय हो सकती है।
मृदा की प्रकृति का परीक्षण करने के लिए किस सूचक का उपयोग किया जा सकता है? - लिटमस पत्र
अम्लीय मृदा का उपचार चूने से किया जा सकता है।
क्षारीय मृदा का उपचार जैविक खाद और कम्पोस्ट की गई पत्तियाँ से किया जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
• मृदा अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय दोनों हो सकती है जो पौधों के विकास के लिए हानिकारक है।
• अम्लीय मृदा को ठीक करने के लिए क्षारीय पदार्थ (चूना) मिलाते हैं।
• क्षारीय मृदा को ठीक करने के लिए जैविक खाद या कम्पोस्ट मिलाते हैं।
आम गलतियाँ:
• अम्लीय और क्षारीय मृदा के उपचार के पदार्थों को आपस में बदल देना।
• प्रवाह चित्र की रिक्तियों को अधूरा छोड़ देना।
• मृदा परीक्षण के लिए गलत सूचक का सुझाव देना।
Exam Tips:
a) प्रवाह चित्र आधारित प्रश्नों में सभी शाखाओं को ध्यान से पढ़ें।
b) कृषि विज्ञान से जुड़े इन व्यावहारिक उपायों को अच्छी तरह याद रखें।
c) उत्तर लिखते समय सभी बिंदुओं को सुव्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करें।
Free study material for Science
Science Class 7 Curriculum Solutions: Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन
Accessing Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन Solutions
Access structured NCERT textbook solutions for Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 7 Science, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.
Concept-Driven Answers for Class 7 Science
Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of Chapter 02 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.
Maximizing Study Efficiency
Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 7 Science.
FAQs
The complete and updated NCERT Solutions Class 7 Science Chapter 02 Exploring Substances Acidic Basic and Neutral (पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन) in Hindi is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Science are as per latest NCERT curriculum.
Yes, our experts have revised the NCERT Solutions Class 7 Science Chapter 02 Exploring Substances Acidic Basic and Neutral (पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन) in Hindi as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using NCERT language because NCERT marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our NCERT Solutions Class 7 Science Chapter 02 Exploring Substances Acidic Basic and Neutral (पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन) in Hindi will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 7 Science. You can access NCERT Solutions Class 7 Science Chapter 02 Exploring Substances Acidic Basic and Neutral (पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन) in Hindi in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire NCERT Solutions Class 7 Science Chapter 02 Exploring Substances Acidic Basic and Neutral (पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन) in Hindi in printable PDF format for offline study on any device.