Official NCERT Solutions for Class 10 Social Science: Chapter 03 भूमंडलीकृत विश्व का बनना
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Chapter-wise Solutions for Social Science: Chapter 03 भूमंडलीकृत विश्व का बनना
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Question 1: सत्रहवीं सदी से पहले होने वाले आदान-प्रदान के दो उदाहरण दीजिए। एक उदाहरण एशिया से और एक उदाहरण अमेरिका महाद्वीपों के बारे में चुनें।
Answer:
सत्रहवीं सदी से पहले वैश्विक व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अनेक प्रमाण मिलते हैं। एशिया के संदर्भ में, यूरोप और एशिया के बीच रेशम मार्ग (सिल्क रूट) के माध्यम से वस्त्र, मसाले और चीनी मिट्टी के बर्तनों का भारी पैमाने पर आदान-प्रदान होता था, जिसके बदले में यूरोप से सोना और चांदी एशिया आती थी। वहीं, अमेरिका महाद्वीप के संदर्भ में, कोलंबस द्वारा अमेरिका की खोज किए जाने के बाद वहाँ से आलू, सोया, मूंगफली, मक्का, टमाटर, मिर्च और शकरकंद जैसी खाद्य फसलें दुनिया के अन्य हिस्सों में पहुँचीं, जो पहले वहाँ अज्ञात थीं।
मुख्य बिंदु:
• सत्रहवीं सदी से पहले एशिया और यूरोप के बीच रेशम मार्ग द्वारा वस्त्र एवं मसालों का व्यापार होता था।
• अमेरिका की खोज के बाद वहाँ से आलू, टमाटर और मक्का जैसी फसलें पूरी दुनिया में फैलीं।
• वैश्विक आदान-प्रदान केवल व्यापार तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें खाद्य पदार्थों और संस्कृतियों का आदान-प्रदान भी शामिल था।
आम गलतियाँ:
• सत्रहवीं सदी से पहले और बाद के वैश्विक संबंधों के कालक्रम को मिला देना।
• केवल एक महाद्वीप के उदाहरण देना जबकि प्रश्न में एशिया और अमेरिका दोनों के बारे में पूछा गया है।
• अमेरिकी फसलों (जैसे आलू और टमाटर) को एशियाई मूल का समझ लेना।
Exam Tips:
a) उत्तर लिखते समय एशिया (मसाले, रेशम) और अमेरिका (आलू, मक्का) के उदाहरणों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग दर्शाएँ।
b) यह स्पष्ट करें कि कोलंबस की यात्रा से पहले ये महाद्वीप आपस में नियमित संपर्क में नहीं थे।
c) मुख्य खाद्य फसलों के नाम याद रखें जो अमेरिका से दुनिया भर में पहुँचीं।
Question 2: बताएं कि पूर्व-आधुनिक विश्व में बीमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में किस प्रकार मदद दी।
Answer:
पूर्व-आधुनिक विश्व में जब यूरोपीय लोग अमेरिका महाद्वीप में पहुँचे, तो वे अपने साथ चेचक जैसी भयानक संक्रामक बीमारियाँ भी ले गए। अमेरिकी मूल निवासी हज़ारों सालों से दुनिया के बाकी हिस्सों से कटे हुए थे, इसलिए उनके शरीर में इन बाहरी बीमारियों से लड़ने की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) नहीं थी। चेचक जैसी महामारी ने पूरे के पूरे समुदायों को नेस्तनाबूद कर दिया, जिससे यूरोपीय लोगों के लिए अमेरिकी भूभागों पर कब्ज़ा करना और उनका उपनिवेशीकरण करना बेहद आसान हो गया। हथियार या सैनिक अकेले यह काम नहीं कर सकते थे, जितना कि इन अदृश्य बीमारियों ने स्थानीय आबादी को खत्म करके कर दिखाया।
मुख्य बिंदु:
• यूरोपीय लोग अपने साथ चेचक जैसी घातक बीमारियाँ अमेरिका ले गए।
• अमेरिकी मूल निवासियों में इन बीमारियों के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता का पूरी तरह अभाव था।
• महामारियों ने स्थानीय आबादी को कमजोर और नष्ट कर दिया, जिससे औपनिवेशिक विजय आसान हो गई।
आम गलतियाँ:
• केवल सैन्य शक्ति को उपनिवेशीकरण का एकमात्र कारण बताना और बीमारियों की भूमिका को नजरअंदाज करना।
• यह न समझ पाना कि मूल निवासियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्यों कम थी (भौगोलिक अलगाव के कारण)।
• चेचक के अलावा अन्य सामाजिक-आर्थिक कारणों को मुख्य कारण मान लेना।
Exam Tips:
a) जैविक हथियारों या प्राकृतिक महामारियों की भूमिका को स्पष्ट शब्दों में समझाएँ।
b) 'अलगाव' और 'रोग प्रतिरोधक क्षमता' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
c) यह उत्तर देते समय बताएं कि कैसे एक बीमारी ने युद्ध से ज्यादा तबाही मचाई।
Question 3: निम्नलिखित के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें:
(क) कॉर्न लॉ के समाप्त करने के बारे में ब्रिटिश सरकार का
(ख) अफ्रीका में रिडरपेस्ट का आना
(ग) विश्वयुद्ध के कारण यूरोप में कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौतों
(घ) भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी का प्रभाव
(ङ) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपने उत्पादन को एशियाई देशों में स्थानांतरित करने का फैसला।
Answer:
(क) कॉर्न लॉ समाप्त होने से ब्रिटेन में सस्ते दामों पर बाहर से खाद्य पदार्थों का आयात होने लगा, जिससे कृषि क्षेत्र को नुकसान हुआ लेकिन औद्योगिक मजदूरों को सस्ता भोजन मिलने से औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा मिला। (ख) रिडरपेस्ट (पशुओं की प्लेग जैसी बीमारी) के अफ्रीका आने से वहाँ की 90 प्रतिशत मवेशी आबादी नष्ट हो गई, जिससे अफ्रीकियों की आजीविका खत्म हो गई और उन्हें यूरोपीय बागानों तथा खदानों में कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। (ग) प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान यूरोप में कामकाजी उम्र के लाखों पुरुषों की मौत से परिवारों की आय घट गई और घरों तथा उद्योगों में महिलाओं की भूमिका बढ़ गई। (घ) महामंदी के कारण भारत के आयात और निर्यात में भारी गिरावट आई, कृषि उत्पादों के दाम 50 प्रतिशत तक गिर गए और ग्रामीण किसानों व भूस्वामियों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई। (ङ) बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने एशिया के कम वेतन वाले देशों में अपने कारखाने स्थानांतरित किए, जिससे वैश्विक व्यापार में वृद्धि हुई और एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाओं में त्वरित आर्थिक परिवर्तन आया।
मुख्य बिंदु:
• कॉर्न लॉ के हटने से ब्रिटेन में खाद्य कीमतें कम हुईं और उद्योग को बढ़ावा मिला।
• रिडरपेस्ट ने अफ्रीकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर उन्हें श्रम बाजार में धकेल दिया।
• महामंदी ने भारतीय कृषि और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गहरे संकट में डाल दिया।
आम गलतियाँ:
• सभी पाँचों बिंदुओं को आपस में मिला देना या किसी एक बिंदु को अधूरा छोड़ देना।
• रिडरपेस्ट को इंसानी बीमारी समझ लेना जबकि यह मवेशियों की बीमारी थी।
• महामंदी के समय भारतीय किसानों पर पड़े प्रभाव को सही से न समझा पाना।
Exam Tips:
a) प्रत्येक उप-भाग (क से ङ) की हेडिंग डालकर अलग-अलग संक्षिप्त उत्तर लिखें।
b) रिडरपेस्ट और कॉर्न लॉ जैसे महत्वपूर्ण शब्दों की परिभाषा और प्रभाव स्पष्ट रखें।
c) बहुराष्ट्रीय कंपनियों के एशिया आने के आर्थिक कारणों को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 4: खाद्य उपलब्धता पर तकनीक के प्रभाव को दर्शाने के लिए इतिहास से दो उदाहरण दें।
Answer:
इतिहास में तकनीकी विकास ने खाद्य पदार्थों के परिवहन और उपलब्धता को पूरी तरह बदल दिया, जिसके दो प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं: पहला, उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में रेलवे के विकास और तेज स्टीमशिप (वाष्प चालित जहाजों) के आने से दूर-दराज के इलाकों से बाजारों तक खाद्य पदार्थों को कम लागत और तेजी से पहुँचाना संभव हो गया। दूसरा, प्रशीतन (र्रिफ्रिजरेटर) तकनीक से लैस जहाजों के आने से मांस के व्यापार में क्रांतिकारी बदलाव आया; अब अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड से मृत पशुओं की बजाय ताजा मांस यूरोप भेजा जाने लगा, जिससे यूरोप के गरीब लोग भी आसानी से मांस और अन्य खाद्य पदार्थ खरीद सके।
मुख्य बिंदु:
• तेज जलपोतों और रेलवे ने भारी मात्रा में अनाज के परिवहन को आसान बनाया।
• प्रशीतन तकनीक (रेफ्रिजरेटेड शिप्स) के आविष्कार से जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थ (जैसे मांस, मक्खन) लंबी दूरी तय करने लगे।
• तकनीकी प्रगति ने यूरोपीय बाजारों में भोजन की कीमतें कम कीं और उपलब्धता बढ़ाई.
आम गलतियाँ:
• केवल एक उदाहरण (जैसे केवल रेलवे) देकर उत्तर समाप्त कर देना।
• प्रशीतन तकनीक और परिवहन के साधनों के बीच का अंतर स्पष्ट न करना।
• यह भूल जाना कि इन तकनीकों से खाद्य उपलब्धता और मूल्य पर क्या प्रभाव पड़ा।
Exam Tips:
a) दोनों उदाहरणों (परिवहन के साधन और प्रशीतन तकनीक) को अलग-अलग बुलेट पॉइंट या पैराग्राफ में लिखें।
b) मांस के व्यापार और प्रशीतन तकनीक के संबंध को विशेष रूप से उल्लेखित करें।
c) तकनीक के कारण वैश्विक खाद्य बाजार के एकीकरण को समझाएँ।
Question 5: ब्रेटन वुड्स समझौते का क्या अर्थ है?
Answer:
ब्रेटन वुड्स समझौता जुलाई 1944 में अमेरिका के न्यू हैंपशायर स्थित ब्रेटन वुड्स में संयुक्त राष्ट्र मियार्दी और वित्तीय सम्मेलन में तय किया गया था। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विश्व में आर्थिक स्थिरता और पूर्ण रोजगार को सुनिश्चित करना था। इसके तहत दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं—अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक—की स्थापना की गई, जिन्हें युद्धोत्तर वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण, सदस्य राष्ट्रों के वित्तीय घाटे को पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थिरता लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य बिंदु:
• यह समझौता 1944 में अमेरिका के ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर हुआ था।
• इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक का गठन हुआ।
• इसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक स्थिरता और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण को वित्तपोषित करना था।
आम गलतियाँ:
• समझौते का वर्ष (1944) या स्थान गलत लिखना।
• IMF और विश्व बैंक के कार्यों को आपस में मिला देना।
• यह न बता पाना कि इस व्यवस्था का उद्देश्य युद्धोत्तर अर्थव्यवस्था को संभालना था।
Exam Tips:
a) 'ब्रेटन वुड्स जुड़वाँ' (Twin Sisters) के रूप में IMF और विश्व बैंक का नाम अवश्य लिखें।
b) वर्ष और स्थान का सटीक उल्लेख करें।
c) उत्तर को संक्षिप्त और तथ्यात्मक रखें।
Question 6: कल्पना कीजिए कि आप कैरिबियाई क्षेत्र में काम करने वाले गिरमिटिया मजदूर हैं। इस अध्याय में दिए गए विवरणों के आधार पर अपने हालात और अपनी भावनाओं का वर्णन करते हुए अपने परिवार के नाम एक पत्र लिखें।
Answer:
प्रिय परिवार, आशा है आप सब कुशल होंगे। यहाँ कैरिबियाई क्षेत्र में मेरे हालात बहुत दयनीय हैं। यहाँ आने के लिए मैंने एक नए अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत मुझे पाँच साल तक खेतों में काम करना था। लेकिन यहाँ की वास्तविकता बहुत क्रूर है; एजेंटों ने हमें झूठे सपने दिखाए थे, जबकि यहाँ पहुँचने पर हमें कठोर जीवन, कठिन काम और अत्यधिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। कानूनन हमारे अधिकार बहुत सीमित हैं, और अनुबंध पूरा होने के बाद भी लौटने के रास्ते बंद कर दिए जाते हैं। मुझे अपने घर और आप सबकी बहुत याद आती है, भगवान से प्रार्थना है कि हम जल्द मिल सकें। आपका प्यारा, [आपका नाम]।
मुख्य बिंदु:
• गिरमिटिया मजदूरों को झूठे वादों और अनुबंधों के तहत विदेश ले जाया जाता था।
• कैरिबियाई क्षेत्र में मजदूरों को अत्यधिक कठोर परिस्थितियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था।
• अनुबंध की शर्तें समाप्त होने के बाद भी मजदूरों के लिए घर लौटना बेहद कठिन होता था।
आम गलतियाँ:
• पत्र की शैली का प्रयोग न करके सामान्य निबंध की तरह उत्तर लिखना।
• गिरमिटिया मजदूरों की वास्तविक समस्याओं (शोषण, कठिन श्रम) का वर्णन न करना।
• ऐतिहासिक तथ्यों के स्थान पर केवल काल्पनिक और फिल्मी बातें लिख देना।
Exam Tips:
a) पत्र की औपचारिक शुरुआत और अंत (जैसे 'प्रिय परिवार' और 'आपका प्यारा') का ध्यान रखें।
b) गिरमिटिया मजदूरों के अनुबंध और उनकी परेशानियों के मुख्य बिंदुओं को पत्र में शामिल करें।
c) भावनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक यथार्थ को भी झलकाएँ।
Question 7: अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में तीन तरह की गतियों या प्रवाहों की व्याख्या करें। तीनों प्रकार की गतियों के भारत और भारतीयों से संबंधित एक-एक उदाहरण दें और उनके बारे में संक्षेप में लिखें।
Answer:
अर्थशास्त्री एम. अर्नाल्ड के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में मुख्य रूप से तीन प्रकार की गतियों या प्रवाहों (Flows) का जिक्र किया जाता है: पहला व्यापार प्रवाह (Trade Flow), जिसके अंतर्गत वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान होता है; दूसरा श्रम प्रवाह (Labour Flow), जिसमें लोग रोजगार की तलाश में एक देश से दूसरे देश जाते हैं; और तीसरा पूँजी प्रवाह (Capital Flow), जिसमें निवेश और ऋण के रूप में धन का आदान-प्रदान होता है। भारत के संदर्भ में इन तीनों का उदाहरण इस प्रकार है: व्यापार प्रवाह में प्राचीन और पूर्व-आधुनिक काल में भारत से वस्त्र और मसालों का यूरोप को निर्यात किया जाना; श्रम प्रवाह में ब्रिटिश काल के दौरान लाखों भारतीयों का गिरमिटिया मजदूर के रूप में फिजी, मारीशस और कैरिबियाई देशों में जाना; तथा पूँजी प्रवाह में प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन द्वारा भारत से बड़े पैमाने पर ऋण लेना और निवेश करना शामिल है।
मुख्य बिंदु:
• अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय के तीन प्रमुख प्रवाह व्यापार, श्रम और पूँजी हैं।
• भारत से वस्त्रों का निर्यात व्यापार प्रवाह का उदाहरण है।
• गिरमिटिया मजदूरों का प्रवास श्रम प्रवाह का और ब्रिटेन द्वारा भारत से लिया गया ऋण पूँजी प्रवाह का उदाहरण है।
आम गलतियाँ:
• तीनों प्रवाहों (व्यापार, श्रम, पूँजी) के नाम स्पष्ट रूप से न लिखना।
• भारत से संबंधित उपयुक्त ऐतिहासिक उदाहरण देने में असफल रहना।
• श्रम प्रवाह और पूँजी प्रवाह के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
Exam Tips:
a) तीनों प्रवाहों की हेडिंग अलग से डालें ताकि परीक्षक को स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
b) प्रत्येक प्रवाह के साथ भारत का एक सटीक ऐतिहासिक उदाहरण जरूर जोड़ें।
c) उत्तर को संरचित और बिंदुवार रखें।
Question 8: महामंदी के कारणों की व्याख्या करें।
Answer:
1929 में शुरू हुई महामंदी (Great Depression) के पीछे कई जटिल और परस्पर जुड़े हुए कारण थे। पहला मुख्य कारण कृषि क्षेत्र में अति-उत्पादन था, जिसके कारण कृषि उत्पादों की कीमतें लगातार गिरती गईं और किसानों की आय कम हो गई। दूसरा कारण अमेरिका में वित्तीय बाजारों का संकट था; जब अमेरिकी कर्जदाताओं ने विदेशों को कर्ज देना बंद कर दिया, तो कई देशों में आर्थिक संकट खड़ा हो गया। तीसरा कारण बैंकों की विफलता था, क्योंकि कई बैंक कर्ज वसूल न होने और लोगों द्वारा एक साथ पैसा निकालने (Bank Run) के कारण दिवालिया हो गए। इन सभी कारणों से वैश्विक व्यापार और औद्योगिक उत्पादन पूरी तरह चरमरा गया।
मुख्य बिंदु:
• कृषि उत्पादों के अति-उत्पादन के कारण कीमतों में भारी गिरावट आई।
• अमेरिकी ऋणदाताओं द्वारा विदेशों को दिए जाने वाले कर्ज अचानक बंद कर दिए गए।
• बड़े पैमाने पर बैंकों के दिवालिया होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था बैठ गई।
आम गलतियाँ:
• महामंदी के लिए केवल एक कारण को जिम्मेदार ठहराना जबकि यह कई कारणों का परिणाम थी।
• अति-उत्पादन और कृषि संकट के प्रभाव को सही से न समझा पाना।
• अमेरिकी अर्थव्यवस्था की भूमिका को नजरअंदाज करना।
Exam Tips:
a) कारणों को बुलेट पॉइंट्स में लिखें (जैसे- अति-उत्पादन, वित्तीय संकट, बैंकों की विफलता)।
b) महामंदी की शुरुआत का वर्ष (1929) अवश्य उल्लेखित करें।
c) कृषि और उद्योग दोनों पर पड़े प्रभावों को संक्षिप्त में जोड़ें।
Question 9: जी-77 देशों से आप क्या समझते हैं? जी-77 को किस आधार पर ब्रेटन वुड्स की जुड़वां संतानों की प्रतिक्रिया कहा जा सकता है? व्याख्या करें।
Answer:
जी-77 (Group of 77) विकासशील देशों का एक ऐसा समूह है जिन्होंने सन 1960 के दशक में एक नए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आदेश (NIEO) की माँग उठाई थी, ताकि उन्हें अपने प्राकृतिक संसाधनों पर वास्तविक नियंत्रण मिल सके और वे पश्चिमी देशों के शोषण से बच सकें। जी-77 को ब्रेटन वुड्स की जुड़वाँ संतानों (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक) की प्रतिक्रिया इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि ब्रेटन वुड्स की संस्थाओं को मुख्य रूप से पश्चिमी औद्योगिक देशों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, और उनमें विकासशील देशों या पूर्व उपनिवेशों के हितों की अनदेखी की गई थी। विकासशील देशों ने अपने आर्थिक विकास और अधिकारों की रक्षा के लिए ही इस संगठन का गठन किया था।
मुख्य बिंदु:
• जी-77 विकासशील देशों का समूह है जिन्होंने नए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आदेश की माँग की थी।
• ब्रेटन वुड्स की संस्थाएँ (IMF और विश्व बैंक) केवल विकसित देशों के हितों का ध्यान रखती थीं।
• विकासशील देशों ने उपेक्षा के शिकार होकर जी-77 के रूप में अपनी आवाज उठाई।
आम गलतियाँ:
• जी-77 को विकसित देशों का संगठन समझ लेना।
• ब्रेटन वुड्स संस्थाओं और जी-77 के आपसी संबंध को स्पष्ट न कर पाना।
• 'नए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आदेश' (NIEO) के उद्देश्य को न समझाना।
Exam Tips:
a) जी-77 का पूर्ण परिचय और इसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से लिखें।
b) ब्रेटन वुड्स की संस्थाओं (IMF, विश्व बैंक) की कमियों को रेखांकित करें जिसके कारण जी-77 का उदय हुआ।
c) उत्तर को विश्लेषणात्मक और स्पष्ट भाषा में लिखें।
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