ICSE Class 10 Hindi Sample Paper 2018 with Solutions

Official ICSE Practice Papers for Class 10 Hindi

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Solved Model Papers for Hindi

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SECTION A (40 Marks)

Attempt all questions

 

Question 1
Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics:- [15]
    निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग २५० शब्दों में संक्षिप्त लेख लिखिए :-
    (i) प्रदूषण वर्तमान युग की सबसे बड़ी समस्या है । इसके कारण एवं निदान पर अपने विचार लिखिए ।
    (ii) सदाचारी व्यक्ति जीवन के हर पहलू में सकारात्मक सोच रखते हैं । मानव जीवन में सदाचार का महत्त्व स्पष्ट करते हुए समझाइए ।
    (iii) किसी ऐसी यात्रा का वर्णन कीजिये जब आपको एक रात स्टेशन पर बितानी पड़ी ।
    (iv) ‘वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के liye मरे ’ उक्तति को आधार बनाकर एक कहानी लिखिए ।
    (v) प्रस्तुत चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर कोई लेख अथवा कहानी लिखिए जिसका सीधा व स्पष्ट सम्बन्ध चित्र से होना चाहिए ।

Answer:
(यहाँ संकेत के रूप में विषय (i) प्रदूषण पर निबंध प्रस्तुत है। छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी एक पर लिख सकते हैं।)
प्रदूषण - वर्तमान युग की सबसे बड़ी समस्या
प्रदूषण आज के वैज्ञानिक युग में मानवता के सामने खड़ी सबसे गंभीर और विकराल चुनौती बन गया है। हवा, पानी, मिट्टी और ध्वनि - प्रकृति के ये सभी मूल घटक आज बुरी तरह दूषित हो चुके हैं। कारखानों की चिमनियों से निकलता धुआँ, वाहनों का भारी शोर, रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग और प्लास्टिक कचरे का अंबार हमारे पर्यावरण को नष्ट कर रहा है।
इस भीषण प्रदूषण के प्रमुख कारणों में तीव्र औद्योगीकरण, वनों की अंधाधुंध कटाई, नगरीकरण और हमारी अदूरदर्शी जीवनशैली शामिल हैं। इसके परिणाम स्वरूप ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और कई घातक बीमारियाँ जैसे दमा, कैंसर और त्वचा रोग तेजी से फैल रहे हैं।
इस समस्या के निदान के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हम युद्ध स्तर पर कदम उठाएं। अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए, प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध हो, और सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाया जाए। प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही हम अपनी और आने वाली पीढ़ियों की रक्षा कर सकते हैं।

Teacher's Note:
a) लघु कथा या निबंध लिखते समय शब्द सीमा (लगभग २५० शब्द) और भाषा की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
b) प्रस्तावना, विषय-विस्तार और उपसंहार के रूप में तार्किक अनुच्छेदों में अपने विचारों को प्रस्तुत करना उत्तम अंक दिलाता है।

 

Question 2
Write a letter in Hindi in approximately 120 words on any one of the topics given below: - [7]
    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग १२० शब्दों में पत्र लिखिए :-
    (i) अस्वस्थ दादा जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए दादी जी को पत्र लिखिए ।
    (ii) रेलवे कर्मचारी के दुर्व्यवहार की शिकायत करते हुए स्टेशन मास्टर को पत्र लिखिए ।

Answer:
(यहाँ विकल्प (i) के आधार पर पत्र का प्रारूप प्रस्तुत है)
परीक्षा भवन<,br />क ख ग
दिनांक: 15 मार्च 2024
आदरणीय दादी जी,
सादर चरण स्पर्श।
आशा है आप सकुशल होंगी। कल ही पिताजी का पत्र मिला जिससे पता चला कि दादा जी का स्वास्थ्य कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा है। यह समाचार पाकर मैं बहुत चिंतित हूँ। दादा जी अब कैसे हैं? डॉक्टर साहब ने क्या कहा है? आप उनकी दवाइयों और खान-पान का विशेष ध्यान रख रही होंगी।
मैं अपनी पढ़ाई पूरी करके शीघ्र ही छुट्टियों में घर आऊँगा और दादा जी की सेवा करूँगा। दादा जी को मेरा प्रणाम कहिएगा और उनके स्वास्थ्य की जानकारी पत्र या दूरभाष के माध्यम से अवश्य दीजिएगा।
आपका पोता
अमित (क ख ग)

Teacher's Note:
a) पत्र लेखन में प्रारूप (प्रेषक का पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन, मुख्य विषय और अंत में हस्ताक्षर) के निश्चित अंक होते हैं।
b) अनौपचारिक पत्रों में शिष्टाचार और आत्मीय भाषा का प्रयोग करना चाहिए तथा निर्धारित शब्द सीमा (लगभग १२० शब्द) का पालन करना आवश्यक है।

 

Question 3
Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible:-
    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए । उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिएँ :-
अंतरिक्ष यात्री नियुक्त होने के दो वर्ष पश्चात ही सन् १९९६ में कल्पना के जीवन में यह अवसर आया जबकि उन्हें अंतरिक्ष-यान कोलम्बिया के अट्ठारह दिवसीय अंतरिक्ष अभियान का सदस्य चुना गया | इस तरह वे अंतरिक्ष भ्रमण करने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं | बाद में उन्होंने अंतरिक्ष के अपने अनुभवों के बारे में कहा है - "मैं यान की खिड़की से ही अपनी धरती पर हो रहे दिन और रात वाले भागों को निहारती रहती | महाद्वीप और महासागर धीरे-धीरे घूमते होते और धरती अपने सौंदर्य की मनोहारी छटा बिखेरती होती | मैं यह देखकर हैरत में पड़ जाती कि सिर्फ ६० मिनट में हमारा यान धरती की परिक्रमा कर लेता है - सिर्फ ६० मिनट, मैं सोचती कि हमारा ग्रह वास्तव में कितना लघु, कितना क्षण भंगुर है |"
कल्पना चावला को अंतरिक्ष यात्रा का दूसरा अवसर १७ जनवरी २००३ को मिला,जबकि वे सोलह दिवसीय अभियान के लिए एक बार फिर कोलम्बिया-यान में अपने छः सहयोगियों समेत सवार हुईं, किन्तु इस बार कोलम्बिया की वापसी की यात्रा सुरक्षित न रह सकी | कल्पना समेत छः अंतरिक्ष यात्री दुर्घटना के शिकार होकर काल-कवलित हो गए |
आज कल्पना चावला नहीं हैं, लेकिन अपने पीछे ये दृढ़ निश्चय और कठिन परिश्रम के द्वाराअसंभव को संभव बनाने वाली विस्मयकारी विरासत छोड़ गई हैं |
आसमान की ऊँचाइयों को नापते हुए भी कल्पना ने अपनी जड़ों की विस्मृति नहीं की थी | वे अपने शहर व अपने स्कूल ‘टैगोर बाल निकेतन’ के संपर्क में जीवनभर बनी रहीं | उन्हीं के प्रयासों का फल है कि प्रतिवर्ष उनके स्कूल से दो छात्राओं को नासा अपने यहाँ आमंत्रित करता है | कल्पना भारतीय युवाओं विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ हैं |

 

(i) कल्पना चावला किस विद्यालय में पढ़ती थीं ? उनकी वजह से आज विद्यालय को क्या सौभाग्य प्राप्त है ? [2 Marks]

Answer:
कल्पना चावला ‘टैगोर बाल निकेतन’ नामक विद्यालय में पढ़ती थीं। उनकी वजह से आज उनके विद्यालय को यह सौभाग्य प्राप्त है कि नासा प्रतिवर्ष उनके स्कूल से दो छात्राओं को अपने यहाँ आमंत्रित करता है।

Teacher's Note:
a) गद्यांश से सीधे तथ्य ढूँढकर सरल एवं स्पष्ट भाषा में उत्तर लिखना चाहिए।
b) वर्तनी की अशुद्धियों से बचें और विद्यालय के नाम को सटीक रूप से लिखें।

 

(ii) कल्पना चावला को प्रथम बार अंतरिक्ष–अभियान का सदस्य कब चुना गया ? यान की खिड़की से वे क्या निहारा करती थीं ? [2 Marks]

Answer:
कल्पना चावला को अंतरिक्ष यात्री नियुक्त होने के दो वर्ष पश्चात सन् १९९६ में प्रथम बार अंतरिक्ष-अभियान का सदस्य चुना गया। वे यान की खिड़की से अपनी धरती पर हो रहे दिन और रात वाले भागों तथा महाद्वीपों और महासागरों को निहारा करती थीं।

Teacher's Note:
a) उत्तर में दोनों भागों (वर्ष और वे क्या देखती थीं) का उल्लेख होना आवश्यक है।
b) गद्यांश के मुख्य बिंदुओं को जोड़कर संक्षिप्त उत्तर बनाएं।

 

(iii) अंतरिक्ष-यान कितने मिनट में पृथ्वी की परिक्रमा पूरी कर लेता है ? उसे देखकर कल्पना अपने मन में क्या विचार करती थीं ? [2 Marks]

Answer:
अंतरिक्ष-यान केवल ६० मिनट में पृथ्वी की परिक्रमा पूरी कर लेता है। इसे देखकर कल्पना सोचती थीं कि हमारा ग्रह वास्तव में कितना छोटा (लघु) और कितना क्षणभंगुर है।

Teacher's Note:
a) समय (६० मिनट) और उनके दार्शनिक विचार दोनों का स्पष्ट उल्लेख करें।
b) अपने शब्दों में उत्तर लिखने के निर्देश का पालन करें।

 

(iv) कल्पना को दूसरी यात्रा का अवसर कब मिला और वापसी में क्या घटना घटी ? [2 Marks]

Answer:
कल्पना चावला को अंतरिक्ष यात्रा का दूसरा अवसर १७ जनवरी २००३ को मिला। वापसी की यात्रा के दौरान कोलम्बिया यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे कल्पना समेत सभी छः अंतरिक्ष यात्री काल-कवलित (मृत्यु का शिकार) हो गए।

Teacher's Note:
a) तिथि और दुर्घटना का विवरण सटीक होना चाहिए।
b) घटना की दुखद परिणति को स्पष्ट शब्दों में व्यक्त करें।

 

(v) कल्पना चावला के जीवन से नवयुवतियों को क्या शिक्षा मिलती है ? [2 Marks]

Answer:
कल्पना चावला के जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि दृढ़ निश्चय और कठिन परिश्रम के बल पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। वे भारतीय युवाओं और विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ हैं।

Teacher's Note:
a) नैतिक शिक्षा और प्रेरणा से जुड़े इस प्रश्न का उत्तर गद्यांश के अंतिम अंश से लिया गया है।
b) भाषा को प्रेरणादायक और स्पष्ट रखें।

 

Question 4
Answer the following according to the instructions given:-
    निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए :-

 

(i) निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं चार शब्दों के विलोम लिखिए :-
    अस्त, उपकार, एकमुखी, साकार, बाहरी, ऊँचा [1 Mark]

Answer:
1. अस्त - उदय
2. उपकार - अपकार
3. साकार - निराकार
4. बाहरी - भीतरी (या आंतरिक)

Teacher's Note:
a) परीक्षा में केवल चार शब्दों के ही विलोम लिखने हैं, अतः किन्हीं चार का चयन करें।
b) विलोम शब्द लिखते समय उनके उपसर्ग और रूप का ध्यान रखें।

 

(ii) निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए :-
    अग्नि, मंदिर [1 Mark]

Answer:
अग्नि - पावक, अनल (या आग)

Teacher's Note:
a) किसी एक शब्द के दो पर्यायवाची लिखने हैं।
b) वर्तनी की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें।

 

(iii) निम्नलिखितमुहावरों में से किसी एक मुहावरे की सहायता से वाक्य बनाइये :-
    आँखों का तारा, कमर कसना [1 Mark]

Answer:
आँखों का तारा - इकलौता पुत्र होने के कारण रोहन अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।

Teacher's Note:
a) मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य बनाना अधिक स्पष्ट रहता है, यद्यपि केवल वाक्य में प्रयोग भी मान्य है।
b) वाक्य ऐसा होना चाहिए जिससे मुहावरे का अर्थ स्पष्ट रूप से झलके।

 

(iv) निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं चार शब्दों को शुद्ध कीजिए :-
    परिक्षा, क्योंकी, शांती, उज्जयल, अतीररतत, समद्री [1 Mark]

Answer:
1. परीक्षा (परिक्षा का शुद्ध रूप)
2. क्योंकि (क्योंकी का शुद्ध रूप)
3. शांति (शांती का शुद्ध रूप)
4. उज्ज्वल (उज्जयल का शुद्ध रूप)

Teacher's Note:
a) वर्तनी शुद्धि के नियमों का अभ्यास करें, विशेषकर इ/ई और उ/ऊ की मात्राओं का।
b) 'उज्ज्वल' में दो बार आधा 'ज' आता है, यह अत्यंत महत्वपूर्ण वर्तनी है।

 

(v) निर्देशानुसार परिवर्तन कीजिए :- [4 Marks]

 

(a) रामचंद्र जी का आदेश था इसलिए लक्ष्मण को जाना था । (सरल वाक्य बनाइये) [1 Mark]

Answer:
रामचंद्र जी के आदेश से लक्ष्मण को जाना था।

Teacher's Note:
a) सरल वाक्य में एक ही मुख्य क्रिया होती है।
b) समुच्चयबोधक शब्द ('इसलिए') को हटाकर वाक्य को सरल रूप में बदला गया है।

 

(b) बालक गड्डे से खेल रहा है । (वाक्य में लिंग बदलिए) [1 Mark]

Answer:
बालिका गड्डे से खेल रही है।

Teacher's Note:
a) पुल्लिंग शब्द 'बालक' को स्त्रीलिंग 'बालिका' में बदला गया है, जिसके अनुसार क्रिया भी 'रहा है' से 'रही है' हो जाएगी।
b) वाक्य परिवर्तन करते समय व्याकरणिक कोटियों (जैसे क्रिया और सहायक क्रिया) का सही मिलान करें।

 

(c) राम गेंद से खेलता है । (कर्मवाच्य में परिवर्तित कीजिए) [1 Mark]

Answer:
राम द्वारा गेंद से खेला जाता है।

Teacher's Note:
a) कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य में बदलते समय कर्ता के आगे 'द्वारा' या 'से' जोड़ा जाता है और मुख्य क्रिया का कर्म के अनुसार रूप बनता है।
b) वाच्य परिवर्तन के नियमों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।

 

(d) मोहन कल विद्यालय गया था । (भविष्यकाल में परिवर्तित कीजिए) [1 Mark]

Answer:
मोहन कल विद्यालय जाएगा।

Teacher's Note:
a) भूतकाल के वाक्य को भविष्यकाल में बदलने के लिए क्रिया के अंत में 'गा/गी/गे' का प्रयोग किया जाता है।
b) काल परिवर्तन में समयसूचक शब्द ('कल') यथावत रहता है केवल क्रिया बदलती है।

 

SECTION B (40 Marks)

Attempt four questions from this section.

You must answer at least one question from each of the two books you have studied and any two other questions.

साहित्य सागर – संक्षिप्त कहानियाँ ( Sahitya Sagar - Short Stories )

 

Question 5
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-
“सामने वृक्षों का एक कुंज और कुआँ देखकर सेठ ने विचार किया कि थोड़ी देर रुककर भोजन और विश्राम कर लेना चाहिए । यह सोचकर वे कुंज की ओर बढ़े ।”
[ महायज्ञ का पुरस्कार - यशपाल ]
[ Mahayagya Ka Puraskar - Yashpal ]

 

(i) सेठजी कहाँ जा रहे थे ? तथा क्यों ? [2 Marks]

Answer:
सेठजी अपने एक दूसरे शहर स्थित परिचित के यहाँ जा रहे थे। वे इसलिए जा रहे थे क्योंकि विपत्ति के दिनों में अपनी संपत्ति बिक जाने के कारण उन्हें अपनी गरीबी के दिन देखने पड़ रहे थे और वे धनी से निर्धन हो चुके थे।

Teacher's Note:
a) कहानी के आरंभिक प्रसंग के अनुसार सेठजी की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उन्हें दूसरी जगह जाना पड़ा था।
b) उत्तर को संक्षिप्त और प्रासंगिक रखें।

 

(ii) उन्हें विश्राम करने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? उन्होंने कहाँ विश्राम किया ? [2 Marks]

Answer:
सेठजी को पैदल यात्रा करने के कारण थकान और भूख-प्यास लग गई थी, इसलिए उन्हें विश्राम करने की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने रास्ते में एक वृक्षों के कुंज और कुएँ के पास विश्राम किया।

Teacher's Note:
a) यात्रा की थकान और भूख के कारण विश्राम की आवश्यकता महसूस हुई।
b) गद्यांश में दिए गए संकेतों का सटीक उत्तर दें।

 

(iii) उनकी पोटली में क्या-क्या था ? क्या वे भोजन और विश्राम कर पाए ? [3 Marks]

Answer:
सेठजी की पोटली में यात्रा के लिए लाई गई दो-चार रोटियाँ थीं। वे भोजन और विश्राम नहीं कर पाए क्योंकि जब वे खाने बैठे, तभी वहाँ एक अत्यंत भूखा और लाचार कुत्ता आ गया और उन्होंने अपनी सारी रोटियाँ उस भूखे कुत्ते को खिला दीं।

Teacher's Note:
a) सेठजी की परोपकारी और दयालु प्रवृत्ति का यह मुख्य प्रसंग है।
b) रोटियों का कुत्ते को दिया जाना और खुद भूखा रहना कहानी का टर्निंग पॉइंट है।

 

(iv) 'महायज्ञ का पुरस्कार' कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है ? [3 Marks]

Answer:
'महायज्ञ का पुरस्कार' कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची सेवा और परोपकार ही सबसे बड़ा महायज्ञ है। निष्काम भाव से भूखे और दीन-दुखियों की सहायता करने का फल ईश्वर अवश्य देता है, और दूसरों की भलाई करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

Teacher's Note:
a) कहानी के केंद्रीय भाव (नैतिक संदेश) को स्पष्ट करें।
b) निःस्वार्थ भाव से किए गए कर्म (परोपकार) के महत्व को रेखांकित करें।

 

Question 6
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"तीसरे दिन हाँटिकलचर डिपार्टमेंट से जवाब आ गया। बड़ा कड़ा जवाब था और व्यंग्यपूर्ण ।"
[ जामुन का पेड़ - कृष्ण चंदर ]
[ Jamun Ka Ped - Krishna Chander ]

 

(i) हाँटिकलचर डिपार्टमेंट से क्या जवाब आया और क्यों ? [2 Marks]

Answer:
हाँटिकलचर डिपार्टमेंट से यह जवाब आया कि जामुन का पेड़ काटने का प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि वह पेड़ कृषि विभाग के अंतर्गत आता है और 'आओ पेड़ लगाओ' योजना के तहत पिछले साल एक फलदार पेड़ लगाया गया था, जिसे काटना नियमों के विरुद्ध है।

Teacher's Note:
a) सरकारी दफ्तरों की लालफीताशाही और हास्यास्पद नियमों पर कटाक्ष किया गया है।
b) पेड़ काटने की अनुमति देने के बजाय विभागों का आपस में मामले को टालना इसका मुख्य कारण था।

 

(ii) जवाब को सुनकर मनचले युवक ने क्या जवाब दिया और क्यों ? [2 Marks]

Answer:
जवाब को सुनकर मनचले युवक ने कहा कि अगर पेड़ काट दिया जाए और इंसान को काट कर न निकाला जाए तो आदमी मर जाएगा, लेकिन जामुन का पेड़ बच जाएगा और फल भी मिलते रहेंगे। उसने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह दफ्तरों की संवेदनहीनता और मूर्खतापूर्ण औपचारिकताओं पर व्यंग्य कर रहा था।

Teacher's Note:
a) यह प्रसंग सरकारी व्यवस्था की असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
b) कवि/लेखक ने व्यंग्य के माध्यम से मानव जीवन की उपेक्षा पर प्रहार किया है।

 

(iii) दबा हुआ आदमी कौन था और उसने क्या आपत्ति प्रकट की ? [3 Marks]

Answer:
दबा हुआ आदमी एक शायर (कवि) था। उसने आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि अगर वह मर गया तो उसके बाल-बच्चों का क्या होगा और उसकी लिखी हुई आधी कविता अधूरी रह जाएगी, इसलिए उसे किसी भी तरह पेड़ के नीचे से निकाला जाए।

Teacher's Note:
a) दबे हुए आदमी की पहचान एक कवि के रूप में होती है।
b) उसकी कविता के प्रति प्रेम और जीवन रक्षा की गुहार को स्पष्ट करें।

 

(iv) प्रस्तुत कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
प्रस्तुत कहानी का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों की लालफीताशाही, कार्यप्रणाली की सुस्ती, संवेदनहीनता और मानवीय संवेदना के पतन को उजागर करना है। लेखक ने यह दर्शाया है कि कैसे नियमों के मकड़जाल में उलझकर इंसान की जान से ज्यादा महत्व फाइलों और कागजी औपचारिकता को दिया जाता है।

Teacher's Note:
a) कहानी का केंद्रीय उद्देश्य प्रशासनिक उपेक्षा और संवेदनहीनता पर करारा व्यंग्य करना है।
b) उत्तर में संक्षेप में लालफीताशाही शब्द का प्रयोग करना प्रभावी होता है।

 

Question 7
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"पर जिस स्त्री की मान-प्रतिष्ठा का मैं ईश्वर के दरबार में उत्तरदाता हूँ, उसके प्रति ऐसा घोर अन्याय और पशुवत व्यवहार असह्य है।"
[ बड़े घर की बेटी - प्रेमचन्द ]
[ Bade Ghar Ki Beti - Premchand ]

 

(i) उपर्युक्त कथन किसने किससे कहा है ? [2 Marks]

Answer:
यह कथन बेनीसिंह के भाई श्रीकंठ सिंह ने अपने पिता भुपसिंह (या भाई महाबीर सिंह) से कहा था।

Teacher's Note:
a) श्रीकंठ सिंह ने आनंदी के अपमान और अभद्र व्यवहार पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
b) वक्ता और श्रोता का सही संदर्भ दें।

 

(ii) वक्ता के लिए कौनसी बात असह्य थी तथा क्यों ? [2 Marks]

Answer:
वक्ता (श्रीकंठ सिंह) के लिए अपनी पत्नी आनंदी पर हाथ उठाया जाना और उसके साथ पशुओं जैसा दुर्व्यवहार किया जाना असह्य था। ऐसा इसलिए क्योंकि वह एक संभ्रांत घराने की शिक्षित और सम्मानित स्त्री थी और उसके मान-सम्मान की रक्षा का उत्तरदायित्व उसका था।

Teacher's Note:
a) आनंदी पर लालसिंह द्वारा हाथ उठाए जाने की घटना से श्रीकंठ अत्यंत क्रोधित हुआ था।
b) पारिवारिक मर्यादा और स्त्री के सम्मान के प्रश्न को उत्तर में शामिल करें।

 

(iii) वक्ता ईश्वर के दरबार में किस बात के लिए उत्तरदाता है और क्यों ? [2 Marks]
*(Note: As per paper marks, adjusted to 3 Marks format)*

Answer:
वक्ता ईश्वर के दरबार में इस बात के लिए उत्तरदाता है कि उसने अपनी पत्नी आनंदी को अपने साथ रखा है और उसकी मान-प्रतिष्ठा की रक्षा करने का वचन लिया है। पति होने के नाते उसकी पत्नी के सम्मान और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उसी की है, इसलिए वह उसके साथ हुए अन्याय को सहन नहीं कर सकता।

Teacher's Note:
a) पति-पत्नी के पवित्र संबंध और नैतिक कर्तव्यों को रेखांकित करें।
b) श्रीकंठ के न्यायप्रिय और दृढ़ स्वभाव को स्पष्ट करें।

 

(iv) वक्ता के प्रस्तुत कथन से उसके चरित्र की किन-किन विशेषताओं का पता चलता है ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
श्रीकंठ के इस कथन से उसके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताओं का पता चलता है:
1. न्यायप्रियता और निष्पक्षता - वह अन्याय को सहन नहीं करता, चाहे वह उसके अपने ही परिवार के सदस्य द्वारा क्यों न किया गया हो।
2. स्त्री-सम्मान के प्रति सजग - वह महिलाओं के आत्मसम्मान को सर्वोपरि मानता है।
3. साहसी और दृढ़ प्रतिज्ञा - वह गलत का विरोध करने से डरता नहीं है और जरूरत पड़ने पर घर तक छोड़ने का साहस रखता है।

Teacher's Note:
a) चरित्र चित्रण के प्रश्नों में गुणों को बिंदुओं के रूप में लिखना उत्तम होता है।
b) पाठ के आधार पर श्रीकंठ को एक आदर्श पुरुष और समझदार पात्र के रूप में चित्रित किया गया है।

 

साहित्य सागर - पद्य भाग ( Sahitya Sagar - Poems )

 

Question 8
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित पदयांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-
"झरने अनेक झरते जिनकी पहाड़ियों में
चिड़िया चहक रही हों जिन की झाड़ियों में"
[ वह जन्मभूमि मेरी - सोहनलाल द्विवेदी ]
[ Wah Janmabhumi Meri - Sohanlal Dwivedi ]

 

(i) जन्मभूमि किसे कहते हैं ? यह हमें क्या देती है ? [2 Marks]

Answer:
जिस भूमि पर हमारा जन्म होता है और जहाँ हम पल-बढ़कर बड़े होते हैं, उसे जन्मभूमि कहते हैं। यह जन्मभूमि हमें अन्न, जल, आश्रय और जीवन जीने के लिए सभी आवश्यक संसाधन प्रदान करती है।

Teacher's Note:
a) जन्मभूमि की परिभाषा और उसके उपकारों का वर्णन करें।
b) मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता की भावना को स्पष्ट करें।

 

(ii) कवि ने जन्मभूमि को अन्य किन-किन नामों से पुकारा है ? [2 Marks]

Answer:
कवि सोहनलाल द्विवेदी ने जन्मभूमि को 'भारत माता', 'स्वर्ग से महान', तथा मातृभूमि के रूप में पुकारा है, जहाँ प्रकृति का अनूठा सौंदर्य बिखरा हुआ है।

Teacher's Note:
a) कविता के संदर्भ में देश के गौरवशाली रूपों का उल्लेख करें।
b) सटीक नामों का चयन करें।

 

(iii) कवि ने मातृभूमि की विशेषताएं किस प्रकार प्रकट की हैं ? [3 Marks]

Answer:
कवि ने मातृभूमि की विशेषता बताते हुए कहा है कि इसकी पहाड़ियों से अनेक सुंदर झरने झरते हैं और झाड़ियों में चिड़िया चहकती रहती हैं। यहाँ बहने वाली नदियाँ, ऊँचे पर्वत और हरियाली इसे स्वर्ग से भी सुंदर और अनमोल बनाते हैं।

Teacher's Note:
a) प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कविता के मुख्य बिंदुओं के आधार पर करें।
b) देश की भौगोलिक सुंदरता को दर्शाने वाले शब्दों का प्रयोग करें।

 

(iv) प्रस्तुत कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। [3 Marks]

Answer:
'वह जन्मभूमि मेरी' कविता का केंद्रीय भाव देशप्रेम और मातृभूमि के प्रति अगाध श्रद्धा प्रकट करना है। कवि ने भारत भूमि के प्राकृतिक वैभव, उसकी महानता और उसके सौंदर्य का गुणगान करते हुए देश के प्रति समर्पण की भावना को जागृत किया है।

Teacher's Note:
a) केंद्रीय भाव में कविता के मूल संदेश (देशभक्ति और प्रकृति प्रेम) को संक्षेप में लिखना चाहिए।
b) कवि के दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।

 

Question 9
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित पदयांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"सुख दुःख हमारी ही तरह
किसको नहीं सहना पड़ता"
[ चलना हमारा काम है - शिवमंगल सिंह 'सुमन' ]
[ Chalna Hamara Kam Hai - Shivmangal Singh 'Suman' ]

 

(i) कवि ने हमें क्या करने की प्रेरणा दी है और क्यों ? [2 Marks]

Answer:
कवि ने हमें जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने और संघर्षों से घबराए बिना लगातार चलते रहने की प्रेरणा दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जीवन में सुख और दुःख दोनों आते-जाते रहते हैं और कर्मपथ पर चलना ही मनुष्य का धर्म है।

Teacher's Note:
a) निरंतरता और पुरुषार्थ का संदेश कविता का मुख्य आधार है।
b) रुकना नहीं बल्कि हर परिस्थिति का सामना करना सिखाया गया है।

 

(ii) व्यक्ति को कब तक विश्राम नहीं करना चाहिए और क्यों ? [2 Marks]

Answer:
व्यक्ति को तब तक विश्राम नहीं करना चाहिए जब तक वह अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर ले। यदि मार्ग में ही रुक जाएंगे तो जीवन का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और सफलता नहीं मिलेगी।

Teacher's Note:
a) लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करने की सीख दी गई है।
b) आलस्य का त्याग और कर्मठता पर बल दिया गया है।

 

(iii) हमें हमेशा कौन सी बातें याद रखनी चाहियें और क्यों ? [3 Marks]

Answer:
हमें यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि जीवन में सुख और दुःख दोनों धूप-छाँह की तरह आते हैं। किसी को भी इनसे बचकर नहीं रहना पड़ता, सबको इनका सामना करना पड़ता है। इसलिए कठिनाइयों से निराश होने के बजाय धैर्यपूर्वक आगे बढ़ते रहना चाहिए।

Teacher's Note:
a) जीवन की वास्तविकता (सुख-दुःख का चक्र) को स्वीकार करने का संदेश दिया गया है।
b) निराशा से बचने और आशावादी रहने पर जोर दिया गया है।

 

(iv) घोर दुःख में भी हमें क्यों नहीं यह कहना चाहिए कि विधाता हमारे विपरीत है ? [3 Marks]

Answer:
घोर दुःख में भी हमें यह नहीं कहना चाहिए कि विधाता (ईश्वर) हमारे विपरीत है, क्योंकि दुःख और संघर्ष मनुष्य की परीक्षा लेते हैं और उसे मजबूत बनाते हैं। विधाता कभी किसी का बुरा नहीं चाहता, बल्कि वह हमें कठिनाइयों से सीख लेकर आगे बढ़ने का अवसर देता है।

Teacher's Note:
a) ईश्वर की न्यायप्रियता और कर्म प्रधान सिद्धांत को समझें।
b) भाग्य को दोष देने के बजाय पुरुषार्थ पर भरोसा रखने का संदेश दिया गया है।

 

Question 10
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित पदयांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"मेरे लाल को आउ निंदरिया, काहे न आनि सुलावै" ।
[ सूर के पद - सूरदास ]
[ Sur Ke Pad - Surdas ]

 

(i) यहाँ सूरदास जी ने यशोदा के किस प्रयास का वर्णन किया है ? [2 Marks]

Answer:
यहाँ सूरदास जी ने माता यशोदा द्वारा अपने पुत्र श्रीकृष्ण को पालने में झुलाकर नींद लाने के लिए निद्रा (निंदरिया) को बुलाने के प्रयास का वर्णन किया है।

Teacher's Note:
a) वात्सल्य रस का यह अत्यंत सुंदर उदाहरण है।
b) यशोदा जी के माता के रूप में अनूठे चेष्टाओं को दर्शाया गया है।

 

(ii) यहाँ कवि ने श्रीकृष्ण की किन-किन क्रियाओं का रोचक चित्र प्रस्तुत किया है ? [2 Marks]

Answer:
यहाँ कवि ने श्रीकृष्ण द्वारा कभी पलकें मूँदने, कभी धीरे-धीरे सुबकने, और नींद में सोते-सोते अचानक चौंककर जाग जाने जैसी बाल-सुलभ क्रीड़ाओं का रोचक चित्र प्रस्तुत किया है।

Teacher's Note:
a) बाल कृष्ण की स्वाभाविक चेष्टाओं का वर्णन किया गया है।
b) वात्सल्य भाव की जीवंतता को स्पष्ट करें।

 

(iii) प्रस्तुत पद में कवि सूरदास जी ने किस सुख की चर्चा की है तथा उस अनुभव की प्राप्ति किसे हो रही है ? [3 Marks]

Answer:
प्रस्तुत पद में कवि सूरदास जी ने परम दुर्लभ वात्सल्य सुख (माता द्वारा अपने शिशु को प्रेम करने और सुलाने के आनंद) की चर्चा की है। इस अलौकिक अनुभव की प्राप्ति भाग्यशालिनी माता यशोदा को हो रही है, जिसे देखने के लिए देवगण भी तरसते हैं।

Teacher's Note:
a) वात्सल्य सुख की महिमा का वर्णन करें।
b) यशोदा के परम सौभाग्य को रेखांकित करें।

 

(iv) कवि सूरदास जी के जीवन के विषय में बताते हुए उनका साहित्यिक परिचय दीजिये। [3 Marks]

Answer:
महाकवि सूरदास जी का जन्म सोलहवीं शताब्दी में रुणकता नामक ग्राम में हुआ था। वे जन्मांध थे और महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्य बने। वे कृष्ण भक्त कवियों में सर्वोच्च स्थान रखते हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ 'सूरसागर', 'सूरसारावली' और 'साहित्य लहरी' हैं। उन्होंने ब्रजभाषा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और गोपियों के प्रेम का अत्यंत सजीव व मार्मिक चित्रण किया है।

Teacher's Note:
a) कवि परिचय में जन्म, गुरु, रचनाएँ और भाषा शैली का उल्लेख आवश्यक है।
b) वात्सल्य और श्रृंगार रस के सम्राट के रूप में सूरदास की ख्याति को स्पष्ट करें।

 

नया रास्ता ( सुषमा अग्रवाल )
[ Naya Raasta - Sushma Agarwal ]

 

Question 11
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"दूसरे दिन प्रातः होते ही दयाराम जी के घर में मेहमानों के स्वागत के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ हो गयीं थीं। घर की सारी चीजें झाड़ पोंछ कर यथास्थान लगा दी गयीं थीं।"

 

(i) प्रस्तुत पंक्तियों में कौन किसके घर आ रहा है ? [2 Marks]

Answer:
प्रस्तुत पंक्तियों के अनुसार मेहमान दयाराम जी के घर आ रहे हैं।

Teacher's Note:
a) उपन्यास 'नया रास्ता' के कथानक के अनुसार अतिथि आगमन का प्रसंग है।
b) गद्यांश के पात्र का सीधा उल्लेख करें।

 

(ii) आने वाले मेहमान को विशेष महत्त्व क्यों दिया जा रहा है ? [2 Marks]

Answer:
आने वाले मेहमान को विशेष महत्व इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि वे मेहमान कोई और नहीं बल्कि चाचीजी और उनका बेटा (प्रस्तावित वर पक्ष) थे, जो घर की बेटी (छम्मी) के लिए रिश्ता लेकर आने वाले थे।

Teacher's Note:
a) विवाह प्रस्ताव से जुड़ा यह महत्वपूर्ण प्रसंग है।
b) पारिवारिक प्रतिष्ठा और मेहमानवाजी के संदर्भ को समझें।

 

(iii) विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ विशिष्ट सन्दर्भ में स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
विभिन्न प्रकार की तैयारियों से तात्पर्य उस उल्लास और व्यवस्था से है जो लड़की के विवाह या देखने के कार्यक्रम के लिए की जाती है। घर की साफ-सफाई, उत्तम पकवानों की व्यवस्था और मेहमानों के सत्कार के लिए सभी लोग सुबह से ही तन्मयता से जुट गए थे ताकि किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए।

Teacher's Note:
a) उपन्यास के पारिवारिक परिवेश और उत्सव के माहौल को स्पष्ट करें।
b) तैयारियों के पीछे की उत्सुकता और चिंता को दर्शाएं।

 

(iv) आने वाले मेहमान से परिवार के लोगों को क्या उम्मीद है ? [3 Marks]

Answer:
आने वाले मेहमान से परिवार के लोगों को यह उम्मीद थी कि वे लड़की को पसंद कर लेंगे और रिश्ता पक्का हो जाएगा, जिससे घर की प्रतिष्ठा बनी रहेगी और लड़की का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।

Teacher's Note:
a) उपन्यास की मुख्य समस्या (विवाह और समाज की अपेक्षाएँ) से जुड़ा उत्तर है।
b) परिवार की आशाओं और आकांक्षाओं को स्पष्ट करें।

 

Question 12
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड प्यार से करते हैं, उसी बेटी को सदा के लिए दूसरों के हाथों में सौंप देते हैं।"

 

(i) यहाँ विचित्र घड़ी से क्या उद्देश्य है ? [2 Marks]

Answer:
यहाँ 'विचित्र घड़ी' से तात्पर्य बेटी की विदाई के उस क्षण से है जब माता-पिता अपने कलेजे के टुकड़े को, जिसे वर्षों तक लाड़-प्यार से पाला-पोसा होता है, हमेशा के लिए दूसरे परिवार को सौंप देते हैं।

Teacher's Note:
a) विदाई के समय माता-पिता की मनोदशा को चित्रित किया गया है।
b) जीवन के इस कठिन और भावुक सत्य को स्पष्ट करें।

 

(ii) 'बेटी पराया धन होती है' का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]

Answer:
'बेटी पराया धन होती है' का अर्थ यह है कि लड़की को अपने माता-पिता के घर कुछ ही समय रहना होता है और विवाह के पश्चात उसे अपने ससुराल ही अपना वास्तविक घर मानकर वहीं जीवन बिताना पड़ता है।

Teacher's Note:
a) सामाजिक परंपरा और दृष्टिकोण को दर्शाया गया है।
b) बेटी के पराए घर जाने की अकाट्य सच्चाई को स्पष्ट करें।

 

(iii) वर्षों के प्यार दुलार के बाद लड़की को बिछड़ना क्यों पड़ता है ? [3 Marks]

Answer:
सामाजिक नियमों और परंपराओं के अनुसार लड़की का विवाह होना और अपने माता-पिता का घर छोड़कर ससुराल जाना तय होता है। भले ही माता-पिता ने उसे अत्यधिक प्यार और दुलार से पाला हो, लेकिन गृहस्थ जीवन बसाने के लिए उसे अपने मायके से बिछड़ना ही पड़ता है।

Teacher's Note:
a) पारिवारिक और सामाजिक व्यवस्था के नियम को स्पष्ट करें।
b) विदाई के समय के संघर्ष और भावनाओं को दर्शाएं।

 

(iv) प्रस्तुत उपन्यास का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
प्रस्तुत उपन्यास 'नया रास्ता' का मुख्य उद्देश्य समाज में स्त्री के अधिकारों, उनकी शिक्षा, स्वावलंबन और कुप्रथाओं के विरुद्ध संघर्ष की गाथा को प्रस्तुत करना है। यह उपन्यास यह सिखाता है कि लड़कियाँ केवल पराए धन की तरह विदा होने के लिए नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षित होकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं और समाज में सम्मानजनक स्थान पा सकती हैं।

Teacher's Note:
a) उपन्यास का केंद्रीय संदेश महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता है।
b) रूढ़िवादी सोच को बदलकर नए रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी गई है।

 

Question 13
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"वह समझ नहीं पा रही थी कि हमारे समाज में स्त्री और पुरुष में इतना भेद क्यों? यदि कोई लड़का अकेला रहता है तो समाज उस पर अँगुलियाँ नहीं उठाता।"

 

(i) किसकी बातें सुनकर वक्ता इतनी परेशान है ? [2 Marks]

Answer:
समाज के तानों, रूढ़िवादी विचारों और दोहरे मानदंडों की बातें सुनकर वक्ता (मुख्य पात्र चंपा/लड़की) अत्यंत परेशान है।

Teacher's Note:
a) उपन्यास में स्त्री और पुरुष के प्रति समाज के अलग-अलग दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाया गया है।
b) पात्र की मानसिक पीड़ा को स्पष्ट करें।

 

(ii) समाज में स्त्री व पुरुष में इतना भेद क्यों है ? [2 Marks]

Answer:
समाज में स्त्री और पुरुष के बीच यह भेद पुरुषप्रधान मानसिकता, संकुचित रूढ़िवादी सोच और पुरानी परंपराओं के कारण है, जो महिलाओं के चरित्र पर आसानी से उँगली उठाते हैं जबकि पुरुषों के लिए अलग मानक रखते हैं।

Teacher's Note:
a) लैंगिक असमानता और समाज के दोहरे चरित्र को उजागर किया गया है।
b) पितृसत्तात्मक सोच की कमियों को स्पष्ट करें।

 

(iii) लड़की के जीवन में इतनी कठिनाइयाँ क्यों आती हैं ? [3 Marks]

Answer:
लड़की के जीवन में कठिनाइयाँ इसलिए आती हैं क्योंकि हमारा समाज पुरुष प्रधान है जहाँ हर कदम पर उसपर पाबंदियाँ लगाई जाती हैं। उसे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ती है और पग-पग पर समाज के संकीर्ण नियमों और संदेहों का सामना करना पड़ता है।

Teacher's Note:
a) समाज द्वारा महिलाओं पर थोपी गई पाबंदियों को स्पष्ट करें।
b) संघर्षशील जीवन की कठिनाइयों को रेखांकित करें।

 

(iv) उपर्युक्त पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
उपर्युक्त पंक्तियों का भाव समाज की दोहरी नीति और लैंगिक भेदभाव पर कड़ा प्रहार करना है। लेखिका ने यह दर्शाया है कि यदि एक पुरुष अकेला रहे या स्वतंत्र जीवन जिए तो समाज उसे स्वीकार कर लेता है, परंतु यदि कोई स्त्री अपनी शर्तों पर जीना चाहे या अकेली रहे, तो समाज उसपर तुरंत संदेह करता है और चरित्र पर लांछन लगाता है।

Teacher's Note:
a) लैंगिक समानता और न्याय की पुकार इन पंक्तियों का मुख्य भाव है।
b) समाज की संकीर्णता के विरुद्ध विद्रोह के स्वर को स्पष्ट करें।

 

एकांकी संचय ( Ekanki Sanchay )

 

Question 14
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"भविष्य को भी तुम चाहो तो बहका सकते हो युधिष्ठिर । पर दुर्योधन को नहीं बहका सकते, क्योंकि उसने अपने बचपन से लेकर अबतक की एक-एक घड़ी तुम्हारे ईर्ष्या के रथ की गडगड़ाहट सुनते हुए बिताई है। तुम्हारी तैयारियों ने उसे एक रात भी चैन से सोने नहीं दिया।"
[ महाभारत की एक साँझ - भारत भूषण अग्रवाल ]
[ Mahabharat Ki Ek Sanjh - Bharat Bhushan Agrawal ]

 

(i) कथन के वक्ता का परिचय देते हुए बताइये कि 'भविष्य को भी चाहो तो बहका सकते हो' इस पंक्ति का क्या अभिप्राय है ? [2 Marks]

Answer:
इस कथन के वक्ता व्यास जी (या गांधारी/पात्र विशेष) हैं। इस पंक्ति का अभिप्राय यह है कि भले ही तुम अपने अच्छे कर्मों या बातों से आने वाले समय (इतिहास) को अपने पक्ष में कर लो या लीपापोती कर लो, परंतु सत्य को बदला नहीं जा सकता।

Teacher's Note:
a) एकांकी के प्रतीकात्मक और दार्शनिक पक्ष को समझें।
b) इतिहास और सत्य के अंतर को स्पष्ट करें।

 

(ii) 'ईर्ष्या के रथ' से क्या अभिप्राय है ? ईर्ष्या किसे होती है ? यहाँ इसका उल्लेख क्यों किया जा रहा है ? [2 Marks]

Answer:
'ईर्ष्या के रथ' से अभिप्राय उस जलन और द्वेष की भावना से है जो पाण्डवों की बढ़ती प्रतिष्ठा और वैभव को देखकर कौरवों के मन में सुलग रही थी। यहाँ इसका उल्लेख दुर्योधन की उस मानसिक स्थिति को समझाने के लिए किया जा रहा है जो उसने वर्षों से पांडवों से जलते हुए बिताई थी।

Teacher's Note:
a) दुर्योधन के मन में व्याप्त ईर्ष्या और द्वेष की आग को स्पष्ट करें।
b) महाभारत युद्ध के मूल कारणों में ईर्ष्या एक प्रमुख कारक है।

 

(iii) 'तुम्हारी तैयारियों ने उसे एक रात भी चैन से सोने नहीं दिया।' यह वाक्य कब कहा गया है ? तथा दुर्योधन की किस मनःस्थिति को प्रकट करता है ? [3 Marks]

Answer:
यह वाक्य महाभारत युद्ध की समाप्ति के पश्चात, जब दुर्योधन अपनी पराजय के बाद तालाब में छिपा हुआ था और पाण्डव उससे मिलने गए थे, तब उसकी मानसिक पीड़ा को स्पष्ट करते हुए कहा गया है। यह वाक्य दुर्योधन की गहरी कुंठा, बेचैनी, और उस लगातार तनाव को प्रकट करता है जो उसने पांडवों की शक्ति और अपनी ईर्ष्या के कारण वर्षों तक झेला था।

Teacher's Note:
a) युद्ध के अंत में दुर्योधन की दयनीय और अशांत स्थिति का वर्णन है।
b) ईर्ष्या किस प्रकार मनुष्य को भीतर से खोखला कर देती है, यह इस प्रसंग से स्पष्ट होता है।

 

(iv) उपर्युक्त कथन की युधिष्ठिर पर क्या प्रतिक्रिया होती है और क्यों ? समझाइये। [3 Marks]

Answer:
इस कथन को सुनकर युधिष्ठिर आत्म्लानि और गहरी सोच में डूब जाते हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया इसलिए होती है क्योंकि वे यह समझ जाते हैं कि युद्ध केवल हथियारों से नहीं जीता जाता, बल्कि इसके पीछे आपसी द्वेष, अहंकार और कटुता का लंबा इतिहास होता है, और विजय प्राप्त करने के बाद भी मन में शांति नहीं मिलती।

Teacher's Note:
a) युधिष्ठिर के संवेदनशील और विचारशील स्वभाव को दर्शाया गया है।
b) युद्ध की विभीषिका के बाद की आंतरिक शांति की खोज को स्पष्ट करें।

 

Question 15
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"हाँ उमा, अतुल मैं ठीक कह रही हूँ, वह नहीं बचेगा। उसे बचाने की शक्ति मुझ में है, केवल मुझ में।"
[ संस्कार और भावना - विष्णु प्रभाकर ]
[ Sanskar Aur Bhavana - Vishnu Prabhakar ]

 

(i) कथन के वक्ता तथा श्रोता का परिचय दीजिए। [2 Marks]

Answer:
इस कथन की वक्ता श्रीमती शान्ति (या माँ) हैं और श्रोता उमा (या घर की अन्य सदस्य) हैं।

Teacher's Note:
a) एकांकी के पात्रों का सही संदर्भ दें।
b) माँ के ममता और अधिकार के भाव को समझें।

 

(ii) उपर्युक्त कथन किसके सम्बन्ध में है ? उसे क्या हो गया है ? वह क्यों नहीं बचेगा ? [2 Marks]

Answer:
उपर्युक्त कथन अतुल के संबंध में है। उसे गंभीर बीमारी (या मानसिक/शारीरिक संकट) हो गई है। वक्ता का मानना है कि यदि उसके पुराने संस्कारों और ममता के अनुसार उसकी देखभाल नहीं की गई या उसकी जिद पूरी नहीं की गई, तो वह नहीं बचेगा।

Teacher's Note:
a) अतुल की स्वास्थ्य स्थिति और माँ की अति-संवेदनशील ममता को स्पष्ट करें।
b) एकांकी के केंद्रीय संघर्ष को समझें।

 

(iii) वक्ता यह क्यों कहती है कि सिर्फ वही उसे बचा सकती है ? क्या वह उसे बचा पाती है ? [3 Marks]

Answer:
वक्ता (माँ) ऐसा इसलिए कहती है क्योंकि उसे अपनी ममता और पारंपरिक संस्कारों पर अटूट विश्वास होता है कि जिस प्रकार उसने उसे पाला है, उसी प्रकार वह अपने त्याग से उसकी जान बचा सकती है। अंततः वह अपनी जिद और पारंपरिक संस्कारों के कारण उसे बचाने में असफल रहती है क्योंकि समय बदल चुका होता है और आधुनिक चिकित्सा व विचारों की आवश्यकता होती है।

Teacher's Note:
a) माँ के पारंपरिक अंधविश्वास और आधुनिकता के टकराव को दर्शाया गया है।
b) मार्मिक अंत और उसकी विफलता को स्पष्ट करें।

 

(iv) अतुल माँ से क्या चाहता है ? इसके लिए वह माँ को क्या चेतावनी देता है ? इस चेतावनी पर माँ की क्या प्रतिक्रिया होती है ? [3 Marks]

Answer:
अतुल् अपनी इच्छा पूरी करवाना चाहता है और आधुनिक जीवनशैली या अपने निर्णय के अनुसार जीने की स्वतंत्रता माँगता है। इसके लिए वह माँ को चेतावनी देता है कि यदि उसकी बात नहीं मानी गई या उसे रोका गया, तो वह अपनी जान दे देगा या हमेशा के लिए दूर चला जाएगा। इस चेतावनी पर माँ घबरा जाती है और उसकी ममता उसे झुकने पर मजबूर कर देती है।

*(Note: As per play context, Atul's demands involve generational gap and modern values vs traditional values)*

Teacher's Note:
a) पीढ़ी के अंतर (Generation Gap) को एकांकी में प्रमुखता से दिखाया गया है।
b) माँ और बेटे के बीच के भावनात्मक संघर्ष को स्पष्ट करें।

 

Question 16
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:-
    निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए :-
"तुम कभी रात में अकेले नहीं जाओगे। चारों तरफ जहरीले सर्प घूम रहे हैं। किसी समय भी तुम्हे डस सकते हैं।"
[ दीपदान - डा० राम कुमार वर्मा ]
[ Deepdaan - Ram Kumar Verma ]

 

(i) वक्ता एवं श्रोता का परिचय देते हुए बताइये कि यहाँ कौन किसको रात में अकेले जाने को मना कर रहा है ? [2 Marks]

Answer:
इस एकांकी में वक्ता पन्ना धाय है और श्रोता कुँवर उदय सिंह है। पन्ना धाय राजकुमार उदय सिंह को रात में अकेले महल से बाहर जाने या असुरक्षित स्थानों पर जाने से मना कर रही है।

Teacher's Note:
a) पन्ना धाय के अपनी कर्तव्यपरायणता और राजभक्ति को स्पष्ट करें।
b) पात्रों की पहचान सटीक दें।

 

(ii) 'चारों तरफ जहरीले सर्प घूम रहे हैं'-- वक्ता का आशय स्पष्ट कीजिए। [2 Marks]

Answer:
'चारों तरफ जहरीले सर्प घूम रहे हैं' इस कथन से वक्ता (पन्ना धाय) का आशय महल में फैले उन षड्यंत्रकारियों और हत्यारों (जैसे बनवीर और उसके साथियों) से है जो राजकुमार उदय सिंह की जान के प्यासे हैं और अवसर की तलाश में हैं।

Teacher's Note:
a) प्रतीकात्मक भाषा का प्रयोग किया गया है जहाँ 'सर्प' का अर्थ दुष्ट और षड्यंत्रकारी लोग हैं।
b) चित्तौड़ के महलों की तत्कालीन राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाया गया है।

 

(iii) वक्ता श्रोता के प्रति हमेशा चिंतित क्यों रहती है ? समझाइये। [3 Marks]

Answer:
पन्ना धाय उदय सिंह के प्रति इसलिए हमेशा चिंतित रहती है क्योंकि वह मेवाड़ का एकमात्र उत्तराधिकारी है और उसकी जान पर हर पल खतरा मंडरा रहा है। बनवीर रक्तपात मचाकर गद्दी हथियाना चाहता है, और पन्ना अपने पुत्र चंदन से भी बढ़कर उदय सिंह की रक्षा करने का संकल्प ले चुकी है।

Teacher's Note:
a) पन्ना धाय के अद्वितीय त्याग और वात्सल्य भाव को समझें।
b) राजवफादारी और कर्तव्यबोध को रेखांकित करें।

 

(iv) प्रस्तुत एकांकी के शीर्षक का औचित्य स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]

Answer:
'दीपदान' एकांकी का शीर्षक पूर्णतया सार्थक एवं उचित है। 'दीपदान' का अर्थ है दीपों का दान करना, जो उत्सव का प्रतीक है, परंतु इस एकांकी में पन्ना धाय अपने इकलौते पुत्र चंदन के जीवन का 'दान' करके मेवाड़ के राजवंश के दीपक (उदय सिंह) की रक्षा करती है। अपने पुत्र के बलिदान रूपी दीपदान द्वारा उसने जो राष्ट्रधर्म निभाया है, वही इस शीर्षक की सार्थकता को सिद्ध करता है।

Teacher's Note:
a) शीर्षक के प्रतीकात्मक अर्थ (पुत्र बलिदान रूपी दीपदान) को स्पष्ट करें।
b) एकांकी के मूल संदेश और देशभक्ति की पराकाष्ठा को उत्तर का मुख्य आधार बनाएं।

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