NCERT Solutions for Class 10 Hindi: Sahitya Sagar Chapter 09.1 Chalna Hamara Kaam Hai
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Practice Class 10 Hindi Solutions: Sahitya Sagar Chapter 09.1 Chalna Hamara Kaam Hai
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Question क-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पशु समाज में इस 'क्रांतिकारी' परिवर्तन से हर्ष की लहर दौड़ गई कि समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण-युग अब आया और वह आया। पशु समाज में 'क्रांतिकारी' परिवर्तन क्यों आया?
Answer: एक बार वन के पशुओं को ऐसा लगा कि वे सभ्यता के उस स्तर पहुँच गए हैं, जहाँ उन्हें एक अच्छी शासन-व्यवस्था अपनानी चाहिए और इसके लिए प्रजातंत्र की स्थापना करनी चाहिए। इस प्रकार पशु समाज में प्रजातंत्र की स्थापना का 'क्रांतिकारी' परिवर्तन आया।
In simple words: वन के पशुओं को लगा कि वे इतने सभ्य हो गए हैं कि अब उन्हें एक अच्छी शासन-व्यवस्था की ज़रूरत है, इसलिए उन्होंने प्रजातंत्र स्थापित करने का फैसला किया, जिसे एक क्रांतिकारी परिवर्तन माना गया।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में गद्यांश के मुख्य विचार को समझना और उसे सीधे प्रश्न के साथ जोड़कर उत्तर देना महत्वपूर्ण है।
Question क-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पशु समाज में इस 'क्रांतिकारी' परिवर्तन से हर्ष की लहर दौड़ गई कि समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण-युग अब आया और वह आया। प्रस्तुत अवतरण में 'क्रांतिकारी' परिवर्तन से क्या आशय है?
Answer: प्रस्तुत अवतरण में 'क्रांतिकारी' परिवर्तन से आशय प्रजातंत्र की स्थापना से है। एक बार वन के पशुओं को ऐसा लगा कि वे सभ्यता के उस स्तर पहुँच, जहाँ उन्हें एक अच्छी शासन-व्यवस्था अपनानी चाहिए और इसके लिए प्रजातंत्र की स्थापना करनी चाहिए।
In simple words: इस पाठ में 'क्रांतिकारी परिवर्तन' का अर्थ पशु समाज में लोकतंत्र यानी प्रजातंत्र की स्थापना करना है, क्योंकि उन्हें लगा कि अब वे एक बेहतर शासन-प्रणाली के लिए तैयार हैं।
🎯 Exam Tip: अवतरण में विशिष्ट शब्दों या वाक्यांशों के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए संदर्भ को ध्यान में रखना चाहिए।
Question क-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पशु समाज में इस 'क्रांतिकारी' परिवर्तन से हर्ष की लहर दौड़ गई कि समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण-युग अब आया और वह आया। पशु समाज में हर्ष की लहर क्यों दौड़ पड़ी?
Answer: पशु समाज ने जब प्रजातंत्र की स्थापना की बात सोची तो उन्हें लगा कि अब उनके जीवन में सुख-समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण युग आ जाएगा इसलिए पशु में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी।
In simple words: पशु समाज में प्रजातंत्र की स्थापना की बात सुनकर हर्ष की लहर दौड़ गई, क्योंकि उन्हें लगा कि इससे उनके जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा का सुनहरा दौर शुरू होगा।
🎯 Exam Tip: भावना-प्रधान प्रश्नों का उत्तर देते समय, कारण और परिणाम के संबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाना चाहिए।
Question क-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पशु समाज में इस 'क्रांतिकारी' परिवर्तन से हर्ष की लहर दौड़ गई कि समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण-युग अब आया और वह आया। प्रजातंत्र की स्थापना की कल्पना से भेड़ों में कौन-सी आशाएँ जागने लगी?
Answer: प्रजातंत्र की स्थापना की कल्पना से भेड़ों को लगा कि अब उनका भय दूर हो जाएगा। वे उनके प्रतिनिधियों से कानून बनवाएँगे कि कोई जीवधारी किसी को न सताएँ, न मारे। सब जिएँ और जीने दें का पालन करेंगे। उनका समाज शांति, बंधुत्व और सहयोग पर आधारित होगा।
In simple words: प्रजातंत्र की कल्पना से भेड़ों को लगा कि उनका डर खत्म हो जाएगा, वे अपने लिए ऐसे कानून बनवा पाएंगी जिससे कोई उन्हें सताएगा या मारेगा नहीं, और उनका समाज शांति व सहयोग पर आधारित होगा।
🎯 Exam Tip: पात्रों की सोच और प्रेरणा को समझने के लिए पाठ के आंतरिक भाव को पकड़ना आवश्यक है।
Question ख-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़िया चिढ़कर बोला, “कहाँ की आसमानी बातें करता है? अरे, हमारी जाति कुल दस फीसदी है और भेड़ें तथा अन्य छोटे पशु नब्बे फीसदी। भला वे हमें काहे को चुनेंगे। अरे, जिंदगी अपने को मौत के हाथ सौंप सकती है? मगर हाँ, ऐसा हो सकता, तो क्या बात थी!” भेड़ियों ने यह क्यों सोचा कि अब संकटकाल आ गया है?
Answer: वन-प्रदेश में भेड़ों और अन्य छोटे पशुओं को मिलाकर उनकी संख्या नब्बे प्रतिशत थी इसलिए यदि प्रजातंत्र की स्थापना होती है तो वहाँ भेड़ों का ही राज होगा और यदि भेड़ों ने यह कानून बना दिया कि कोई पशु किसी को न मारे तो भेड़िये को खाना कैसे मिलेगा। इसलिए भेड़ियों ने सोचा कि प्रजातंत्र की स्थापना से उनपर संकटकाल आ गया है।
In simple words: भेड़ियों ने सोचा कि प्रजातंत्र आने पर उनकी जाति के लिए संकट आ गया है क्योंकि भेड़ों की संख्या बहुत अधिक थी और वे कानून बना सकती थीं कि कोई पशु किसी को न मारे, जिससे भेड़ियों को भोजन मिलना मुश्किल हो जाता।
🎯 Exam Tip: पात्रों के दृष्टिकोण से समस्या को समझना और उनके भय के पीछे के तर्क को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question ख-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़िया चिढ़कर बोला, “कहाँ की आसमानी बातें करता है? अरे, हमारी जाति कुल दस फीसदी है और भेड़ें तथा अन्य छोटे पशु नब्बे फीसदी। भला वे हमें काहे को चुनेंगे। अरे, जिंदगी अपने को मौत के हाथ सौंप सकती है? मगर हाँ, ऐसा हो सकता, तो क्या बात थी!” प्रस्तुत अवतरण में भेड़ें और भेड़िये किसका प्रतीक हैं?
Answer: प्रस्तुत अवतरण में भेड़ सामान्य जनता का प्रतीक है। जो कपटी नेताओं के झांसे में आकर चुनावों के दौरान इन नेताओं को चुनकर यह सोचते हैं कि ये नेता इनका भला करेंगे। वही दूसरी ओर भेड़िये उन राजनीतिज्ञों का प्रतीक हैं जो सामान्य जनता को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फँसाकर अपना स्वार्थ साधते हैं।
In simple words: इस कहानी में भेड़ें आम जनता का प्रतीक हैं जो धोखेबाज़ नेताओं पर भरोसा करती हैं, जबकि भेड़िये चालाक राजनेताओं के प्रतीक हैं जो अपने फायदे के लिए जनता को गुमराह करते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक कहानियों में, पात्रों के वास्तविक प्रतिनिधित्व को पहचानना और उसके सामाजिक निहितार्थों को समझाना महत्वपूर्ण है।
Question ख-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़िया चिढ़कर बोला, “कहाँ की आसमानी बातें करता है? अरे, हमारी जाति कुल दस फीसदी है और भेड़ें तथा अन्य छोटे पशु नब्बे फीसदी। भला वे हमें काहे को चुनेंगे। अरे, जिंदगी अपने को मौत के हाथ सौंप सकती है? मगर हाँ, ऐसा हो सकता, तो क्या बात थी!” सियार ने भेड़ियों को सरकस में जाने की सलाह क्यों दी?
Answer: वन-प्रदेश में भेड़ों की संख्या अधिक थी और यदि प्रजातंत्र की स्थापना हो गई तो भेड़ियों के पास भागने के अलावा कोई चारा नहीं था इसलिए सियार ने भेड़ियों को सरकस में जाने की सलाह दी।
In simple words: सियार ने भेड़ियों को सरकस में जाने की सलाह इसलिए दी क्योंकि प्रजातंत्र आने पर भेड़ें बहुसंख्यक हो जातीं और भेड़ियों के लिए जंगल में जीवित रहना असंभव हो जाता, इसलिए भागना ही एकमात्र विकल्प था।
🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों और उनके पीछे छिपी रणनीतियों को समझना कहानी के सार को पकड़ने में मदद करता है।
Question ख-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़िया चिढ़कर बोला, “कहाँ की आसमानी बातें करता है? अरे, हमारी जाति कुल दस फीसदी है और भेड़ें तथा अन्य छोटे पशु नब्बे फीसदी। भला वे हमें काहे को चुनेंगे। अरे, जिंदगी अपने को मौत के हाथ सौंप सकती है? मगर हाँ, ऐसा हो सकता, तो क्या बात थी!” भेड़ियों ने बूढ़े सियार की बात मानने का निश्चय क्यों किया?
Answer: प्रजातंत्र की खबर से भेड़िये बड़े परेशान थे। उन्हें इससे बचाने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा था। ऐसे समय में बूढ़े सियार ने जब उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई कि वह कोई न कोई योजना बनाकर भेड़ियों की मदद कर देगा तो भेड़ियों ने बूढ़े सियार की बात मानने का निश्चय किया।
In simple words: प्रजातंत्र के खतरे से जूझ रहे भेड़ियों को जब कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था, तब बूढ़े सियार ने मदद की उम्मीद जगाई, जिससे भेड़ियों ने उसकी सलाह मानने का फैसला किया।
🎯 Exam Tip: संकट के समय में, उम्मीद जगाने वाले सलाहकारों की बात को अक्सर मान लिया जाता है, यह पात्रों की मनोदशा को दर्शाता है।
Question ग-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़ों ने देखा तो वह बोली, “अरे भागो, यह तो भेड़िया है।” बूढ़े सियार ने सियारों को क्यों रंगा?
Answer: बूढ़े सियार ने भेड़ियों का चुनाव-प्रचार तथा भेड़ों को भ्रमित और गुमराह करने के लिए सियारों को रंगा था। वन-प्रदेश में प्रजातंत्र की स्थापना से भेड़िये डर गए थे तब भेड़ियों की रक्षा करने के लिए बूढ़े सियार ने एक योजना बनाई जिसके अंतर्गत उसे भेड़ियों का प्रचार करना था और भेड़ों को यह विश्वास दिलाना था कि भेड़ों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार भेड़िये ही है अपनी इस योजना को सफल बनाने के लिए ही उसने सियारों को रंगा था।
In simple words: बूढ़े सियार ने अपनी योजना के तहत भेड़ों को गुमराह करने और भेड़ियों को चुनाव जीतने में मदद करने के लिए अन्य सियारों को अलग-अलग रंगों में रंगा, ताकि वे भेड़ियों के पक्ष में प्रचार कर सकें।
🎯 Exam Tip: छल-कपट वाली कहानियों में, पात्रों के कार्यों के पीछे के गुप्त उद्देश्यों को समझना महत्वपूर्ण है।
Question ग-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़ों ने देखा तो वह बोली, “अरे भागो, यह तो भेड़िया है।” तीनों सियारों का परिचय किस प्रकार दिया गया?
Answer: अपनी योजना को सफल बनाने के लिए सiyar ने तीन सियारों को क्रमशः पीले, नीले और हरे में रंग दिया और भेड़ों के सामने उनका परिचय इस प्रकार दिया कि पीले रंगवाला सियार विद्वान, विचारक, कवि और लेखक है, नीले रंगवाले सियार को नेता और स्वर्ग का पत्रकार बताया गया और वहीँ हरे रंगवाले सियार को धर्मगुरु का प्रतीक बताया गया।
In simple words: योजना के तहत, बूढ़े सियार ने तीन सियारों को पीला, नीला और हरा रंगकर क्रमशः विद्वान, विचारक, कवि-लेखक, नेता-पत्रकार और धर्मगुरु के रूप में भेड़ों के सामने पेश किया।
🎯 Exam Tip: पात्रों के परिचय का उद्देश्य और उनके पीछे की रणनीति को स्पष्ट रूप से दर्शाना चाहिए।
Question ग-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़ों ने देखा तो वह बोली, “अरे भागो, यह तो भेड़िया है।” बूढ़े सियार ने भेड़िये का रूप क्यों बदला और उसे क्या सलाह दी?
Answer: अपनी योजना को सफल बनाने के लिए बूढ़े सियार ने अपने साथियों को रंगने के बाद भेड़िये के रूप को भी बदला। भेड़िये का रूप बदलने के बाद बूढ़े सियार ने उसे तीन बातें याद रखने की सलाह दी कि वह अपनी हिंसक आँखों को ऊपर न उठाए, हमेशा जमीन की ओर ही देखें और कुछ न बोलें और सब से जरुरी बात सभा में बहुत-सी भेड़ें आएगी गलती से उनपर हमला न कर बैठना।
In simple words: बूढ़े सियार ने भेड़िये का रूप बदला और उसे सलाह दी कि अपनी हिंसक आँखों को छिपाकर, नीचे देखकर और चुप रहकर भेड़ों की सभा में आए, ताकि गलती से भी भेड़ों पर हमला न कर बैठे और योजना सफल हो।
🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवहार परिवर्तन के पीछे के कारणों और दी गई सलाह के महत्व को स्पष्ट करना चाहिए।
Question ग-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भेड़ों ने देखा तो वह बोली, “अरे भागो, यह तो भेड़िया है।” पहले भेड़ें क्यों भागने लगीं?
Answer: बूढ़े सियार ने एक संत के आने की खबर पूरे वन-प्रदेश में फैला रही थी इसलिए उसको देखने के लिए भेड़ें बड़ी संख्या में सभा-स्थल पर मौजूद थीं। पर जब उन्होंने अपने सामने संत के रूप में भेड़िये को देखा तो वे डर के मारे भागने लगीं।
In simple words: भेड़ें एक संत को देखने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हुई थीं, लेकिन जब उन्होंने देखा कि संत के वेश में असल में भेड़िया है, तो वे डरकर भागने लगीं।
🎯 Exam Tip: तात्कालिक प्रतिक्रियाओं का कारण स्पष्ट करने के लिए घटना के मूल बिंदु को उजागर करें।
Question घ-i: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : और, जब पंचायत में भेड़ों के हितों की रक्षा के लिए भेड़िये प्रतिनिधि बनकर गए। प्रस्तुत पाठ में सियार किसके प्रतीक हैं?
Answer: प्रस्तुत पाठ में सियार चापलूस व्यक्तियों के प्रतीक हैं। ये सियार मौकापरस्त होते हैं। ये अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए राजनीतिज्ञों की हाँ में हाँ मिलाते हैं और जनता को हमेशा गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
In simple words: इस कहानी में सियार चापलूस और अवसरवादी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो राजनेताओं का समर्थन कर जनता को भ्रमित करके अपने स्वार्थ पूरे करते हैं।
🎯 Exam Tip: पात्रों के प्रतीकात्मक अर्थ को सामाजिक संदर्भ से जोड़कर समझाना चाहिए।
Question घ-ii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : और, जब पंचायत में भेड़ों के हितों की रक्षा के लिए भेड़िये प्रतिनिधि बनकर गए। प्रस्तुत पाठ में बूढ़े सियार की विशेषताएँ बताएँ।
Answer: प्रस्तुत पाठ में बूढ़ा सियार बड़ा ही चतुर, स्वार्थी, धूर्त और अनुभवी भेड़ियों का चापलूस है। अपने अनुभव के आधार पर वह भेड़ियों की मदद कर उनकी नज़रों में आदरणीय बन जाता है और बिना कुछ करे उसे भेड़ियों द्वारा बचा हुआ मांस खाने को मिल जाता है।
In simple words: बूढ़ा सियार बहुत चालाक, स्वार्थी, धूर्त और अनुभवी है, जो भेड़ियों की चापलूसी करके उनका विश्वास जीतता है और बिना मेहनत के उनका बचा हुआ मांस खाकर अपना फायदा उठाता है।
🎯 Exam Tip: पात्र के चरित्र चित्रण में उसके गुणों और दोषों को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए।
Question घ-iii: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : और, जब पंचायत में भेड़ों के हितों की रक्षा के लिए भेड़िये प्रतिनिधि बनकर गए। चुनाव जीतने के बाद भेड़ियों ने पहला कानून क्या बनाया?
Answer: चुनाव जीतने के बाद भेड़ियों ने पहला कानून यह बनाया कि रोज सुबह नाश्ते में उन्हें भेड़ का मुलायम बच्चा खाने को दिया जाए, दोपहर के भोजन में एक पूरी भेड़ तथा शाम को स्वास्थ्य के ख्याल से कम खाना चाहिए, इसलिए आधी भेड़ दी जाए।
In simple words: चुनाव जीतने के बाद, भेड़ियों ने ऐसा कानून बनाया जिससे उन्हें रोज़ भेड़ के बच्चे, पूरी भेड़ और आधी भेड़ खाने को मिल सके, अपने भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए।
🎯 Exam Tip: कहानी में घटनाओं के क्रम और उनके परिणामों को ध्यान से नोट करना चाहिए।
Question घ-iv: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : और, जब पंचायत में भेड़ों के हितों की रक्षा के लिए भेड़िये प्रतिनिधि बनकर गए। 'भेड़ और भेड़िये' कहानी द्वारा हमें क्या संदेश मिलता है?
Answer: 'भेड़ और भेड़िये' कहानी हमें राजनीतिज्ञों के षडयंत्रों तथा अपने चुनाव के अधिकार के सही प्रयोग करने का संदेश देता है। भोली-भाली जनता को नेता और उनके चापलूस मिलकर गुमराह करते रहते हैं अत: जनता की चाहिए कि वे सतर्क और सावधान रहकर अपने अधिकारों का प्रयोग करें।
In simple words: 'भेड़ और भेड़िये' कहानी हमें यह सिखाती है कि जनता को राजनेताओं के धोखे और उनके चापलूसों से सावधान रहना चाहिए और अपने मत का प्रयोग समझदारी से करना चाहिए ताकि वे गुमराह न हों।
🎯 Exam Tip: कहानियों से मिलने वाले नैतिक संदेश या शिक्षा को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से व्यक्त करना चाहिए, सामाजिक प्रासंगिकता पर जोर देते हुए।
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Hindi Class 10 Curriculum Solutions: Sahitya Sagar Chapter 09.1 Chalna Hamara Kaam Hai
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