ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions

Previous Year Question Papers for Class 10 Hindi

Explore authentic exam materials through the ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions. Tailored for Class 10 learners, utilizing these Hindi previous year papers ensures thorough preparation and strengthens time management skills before final ICSE evaluations.

Practice Class 10 Hindi Exam Papers

View or download the dedicated ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions resource below. Engaging with these previous year papers under timed conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 exam format.

ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper with Solutions

 

SECTION A (40 Marks)

 

Question 1

Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics :-
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर हिंदी में लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त लेख लिखिए :-
[15]

(i) जीवन में खेलकूद मनोरंजन प्रदान करने के साथ-साथ सुख समृद्धि भी देते हैं। विद्यार्थी जीवन में इसकी उपयोगिता बहुत अधिक है। अपने किसी प्रिय खेल का वर्णन करें तथा यह खेल भविष्य में आपको कैसे लाभान्वित कर सकता है, एक निबंध में अपनी भविष्य की योजनाएं भी बताएं। [15]

Answer:
खेलकूद का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। केवल मनोरंजन के साधन होने के अलावा, खेल हमारे शारीरिक और मानसिक विकास का आधार हैं। विशेष रूप से विद्यार्थी जीवन में खेल अनुशासन, टीम भावना, और सहनशक्ति सिखाते हैं। मेरा सबसे प्रिय खेल क्रिकेट है। क्रिकेट न केवल मुझे शारीरिक रूप से सक्रिय रखता है बल्कि त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करता है। भविष्य में, मैं इस खेल को केवल एक शौक तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि अपनी उच्च शिक्षा के साथ-साथ इसमें पेशेवर रूप से आगे बढ़ने की योजना बना रहा हूँ। यदि मैं एक कुशल क्रिकेटर बनता हूँ, तो यह मुझे देश का प्रतिनिधित्व करने और युवाओं को प्रेरित करने का अवसर देगा। खेल के माध्यम से मिलने वाली फिटनेस और मानसिक दृढ़ता मेरे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगी। अनुशासित जीवनशैली और समय प्रबंधन, जो खेल हमें सिखाते हैं, भविष्य में मेरी हर योजना को सफल बनाने में मदद करेंगे।

Teacher's Note:
a) निबंध में दिए गए सभी बिंदुओं (प्रिय खेल का वर्णन, भविष्य के लाभ और योजनाएं) को क्रमानुसार स्पष्ट करना आवश्यक है।
b) छात्रों को शब्द सीमा (लगभग 250 शब्द) का ध्यान रखते हुए विचारों को प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करना चाहिए।

 

(ii) सादा जीवन उच्च विचार ही मनुष्य के जीवन को अनुकरणीय और महान बनाते हैं। महान व्यक्ति के अच्छे गुणों का वर्णन कीजिए जिन्हें आप अपने जीवन में सबसे अच्छा मानते हैं, वह आपके गुरु, मातापिता, या कोई महान व्यक्ति हो सकता है। [15]

Answer:
'सादा जीवन उच्च विचार' की भारतीय संस्कृति की यह महान परंपरा हमारे जीवन का मार्गदर्शक है। बाहरी दिखावे और भौतिक सुख-सुविधाओं से दूर रहकर उच्च और पवित्र विचारों के साथ जीवन जीना ही वास्तविक महानता है। मेरे जीवन पर सबसे गहरा प्रभाव मेरे गुरु का है, जिनके सादे जीवन और उच्च आदर्शों ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है। वे कभी भी धन या प्रसिद्धि के पीछे नहीं भागे, बल्कि उनका पूरा जीवन ज्ञान के प्रसार और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में समर्पित रहा। उनकी नम्रता, सच्चाई, और दूसरों के प्रति करुणा ऐसे गुण हैं जिन्हें मैं अपने जीवन का सबसे मूल्यवान हिस्सा मानता हूँ। उनका मानना था कि ज्ञान तभी सार्थक है जब वह समाज के कल्याण में उपयोग हो। उनके इन्हीं गुणों को अपनाकर मैं अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहता हूँ और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वाह करना चाहता हूँ।

Teacher's Note:
a) इस विषय में किसी प्रेरणास्रोत व्यक्ति के विशिष्ट गुणों और उनके प्रभाव का सुंदर चित्रण होना चाहिए।
b) भाषा में भावनात्मक जुड़ाव और नैतिक मूल्यों की स्पष्ट झलक दिखनी चाहिए।

 

(iii) 'स्वच्छता अभियान में सरकारी तंत्र की अपेक्षा नागरिकों की जागरूकता अधिक प्रभावपूर्ण मानी जाती है। जनता के सहयोग से ही देश स्वच्छ सुन्दर बन सकता है, आप इस कथन से कहाँ तक सहमत हैं ? स्पष्ट करें।' [15]

Answer:
मैं इस कथन से पूर्णतः सहमत हूँ कि स्वच्छता अभियान की सफलता में सरकारी तंत्र से अधिक नागरिकों की व्यक्तिगत और सामूहिक जागरूकता की भूमिका होती है। सरकारें योजनाएं बना सकती हैं, बजट आवंटित कर सकती हैं और संसाधन जुटा सकती हैं, परंतु जब तक देश का प्रत्येक नागरिक अपने घर और आस-पड़وس को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं नहीं लेता, तब तक कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। स्वच्छता केवल प्रशासन का कर्तव्य नहीं, बल्कि एक सामाजिक संस्कार है। जब लोग कचरा यहाँ-वहाँ फेंकना बंद करेंगे और प्लास्टिक का उपयोग कम करेंगे, तभी हमारा देश वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बन सकेगा। जनता की सक्रिय भागीदारी ही हर सरकारी योजना की रीढ़ होती है। अतः नागरिकों में नैतिक जिम्मेदारी की भावना जगाना ही स्थायी स्वच्छता का एकमात्र मार्ग है।

Teacher's Note:
a) उत्तर में तर्कसंगत रूप से यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि सरकारी प्रयासों और जन-सहयोग का समन्वय कैसे देश को बदल सकता है।
b) विचारों की स्पष्टता और तार्किकता पर विशेष अंक प्रदान किए जाते हैं।

 

(iv) एक ऐसी मौलिक कहानी लिखो, जिसके अंत में आपके विचार से यह स्पष्ट हो कि बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताए।' [15]

Answer:
एक छोटे से गाँव में सोहन नाम का एक बहुत ही जल्दबाज स्वभाव का व्यक्ति रहता था। वह बिना किसी बात की तह तक पहुँचे तुरंत प्रतिक्रिया दे देता था। एक दिन उसके घर में एक नया मेहमान आने वाला था, और उसकी पत्नी ने उसे बाजार से कुछ विशेष मिठाइयाँ लाने के लिए भेजा। सोहन जल्दी से बाजार गया और मिठाई लेकर लौट रहा था कि रास्ते में उसे अपने एक पुराने मित्र से मिलने की जल्दी थी। उसने मिठाई का डिब्बा एक पेड़ के नीचे एक अजनबी के पास कुछ पल के लिए यह कहकर रख दिया कि वह अभी आया। जब वह वापस लौटा, तो अजनबी वहाँ नहीं था और डिब्बे में कुछ और ही था। सोहन ने बिना सोचे-समझे यह मान लिया कि उसके मित्र ने उसके साथ कोई मज़ाक किया है या किसी ने उसके साथ धोखा किया है। वह गुस्से में घर आया और अपनी पत्नी पर चिल्लाने लगा। तभी उसका मित्र दौड़ता हुआ आया और बोला, "भाई, तुम जल्दबाजी में अपना असली डिब्बा दुकान पर ही भूल आए थे, और यह डिब्बा मैं तुम्हारे लिए ही लेकर आ रहा था।" सोहन का सिर शर्म से झुक गया और उसे अपनी उस आदत पर बहुत पछतावा हुआ, अंततः उसे समझ आ गया कि 'बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताए।'

Teacher's Note:
a) मौलिक कहानी लेखन में कथानक, पात्र और अंत में दी गई लोकोक्ति या संदेश का उचित सामंजस्य होना चाहिए।
b) कहानी की भाषा सरल, रोचक और व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध होनी चाहिए।

 

(v) नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर उसका परिचय देते हुए कोई लेख, घटना अथवा कहानी लिखिए, जिसका सीधा व स्पष्ट सम्बन्ध चित्र से होना चाहिये। [15]

[Figure: A scene showing people wading through flooded water in a street, carrying relief supplies or helping each other, with houses and vehicles partially submerged.]

Answer:
प्राकृतिक आपदाएं जब भी आती हैं, तो मनुष्य की सहनशक्ति और उसकी एकजुटता की वास्तविक परीक्षा लेती हैं। प्रस्तुत चित्र एक ऐसे ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दृश्य प्रस्तुत करता है जहाँ जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण वाहन आधे डूबे हुए हैं और लोग कमर तक पानी में चलकर अपने गंतव्य की ओर जाने को विवश हैं। ऐसे संकट के समय में कुछ युवा स्वयंसेवक राहत सामग्री लेकर लोगों की सहायता के लिए आगे आए हैं, जो मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है। यह दृश्य हमें यह सिखाता है कि विपत्ति कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यदि परस्पर सहयोग और सेवा की भावना हो, तो हर संकट से पार पाया जा सकता है। यह चित्र आपदा प्रबंधन में सामाजिक सहभागिता और इंसानियत की अमरता को भली-भांति दर्शाता है।

Teacher's Note:
a) चित्र आधारित लेखन में चित्र में दिख रहे मुख्य दृश्यों, परिस्थितियों और उससे जुड़े मानवीय संदेश का सटीक वर्णन होना अनिवार्य है।
b) कल्पना और यथार्थ का सुंदर तालमेल निबंध को प्रभावशाली बनाता है।

 

Question 2

Write a letter in Hindi in approximately 120 words on any one of the topics given below :-
निम्नलिखित में से से किसी एक विषय पर हिंदी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए :-
[7]

(i) "आप अपने परिवार के साथ किसी सुन्दर शहर की यात्रा करके आए हैं आपने वहाँ क्या-क्या देखा ? वह शहर इतना प्रसिद्ध क्यों है ? अपने मित्र को पत्र लिखकर वर्णन करें।" [7]

Answer:
परीक्षा भवन,
क ख ग।
दिनांक: 15 मार्च 2020
प्रिय मित्र अमन,
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम भी सकुशल होगे। मैं तुम्हें यह पत्र अपनी हाल ही की उदयपुर यात्रा का रोमांचक अनुभव साझा करने के लिए लिख रहा हूँ। पिछले सप्ताह मैं अपने परिवार के साथ झीलों की नगरी 'उदयपुर' गया था। वहाँ हमने प्रसिद्ध सिटी पैलेस, पिछोला झील, सहेलियों की बाड़ी और जग मंदिर देखा। चारों तरफ फैली हरियाली और ऐतिहासिक महलों की वास्तुकला ने हमारा मन मोह लिया। यह शहर अपनी ऐतिहासिक धरोहर, भव्य महलों और राजसी संस्कृति के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहाँ की आतिथ्य सत्कार की परंपरा अद्वितीय है। जब हम मिलेंगे, तो इसके बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र,
क ख ग

Teacher's Note:
a) अनौपचारिक पत्र के प्रारूप (संबोधन, अभिवादन, समापन और भेजने वाले का विवरण) का सही पालन किया जाना चाहिए।
b) विषय-वस्तु आकर्षक और निर्धारित शब्द सीमा (120 शब्द) के अंतर्गत होनी चाहिए।

 

(ii) आपके क्षेत्र में मलेरिया तथा डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। इसकी रोकथाम के लिए नगर-निगम के अध्यक्ष को एक पत्र लिखिए। [7]

Answer:
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
नगर निगम,
क ख ग नगर।
दिनांक: 15 मार्च 2020
विषय: क्षेत्र में फैल रहे मलेरिया और डेंगू की रोकथाम हेतु।
महोदय,
मैं आपके संज्ञान में यह लाना चाहता हूँ कि हमारे क्षेत्र (आदर्श नगर) में इन दिनों मलेरिया और डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। जगह-जगह जलभराव और नालियों की सफाई न होने के कारण मच्छरों का भारी उपद्रव हो गया है। आए दिन लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति भयावह हो सकती है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव तथा फॉगिंग कराई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस संकट से बचाया जा सके।
सधन्यवाद।
भवदीय,
क ख ग
निवासः आदर्श नगर

Teacher's Note:
a) औपचारिक पत्र में विषय, संबोधन (महोदय), और धन्यवाद ज्ञापन का उचित स्थान पर होना आवश्यक है।
b) भाषा औपचारिक, स्पष्ट और समस्या के समाधान की मांग से परिपूर्ण होनी चाहिए।

 

Question 3

Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible :-
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए तथा उसके नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए। उत्तर यथासंभव आपके अपने शब्दों में होने चाहिए :-

जापान के विरुद्ध दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका ने अणुबम का प्रयोग किया। सन् 1945 की गर्मियों में जापान खंडहरों का देश बन गया। लाखों आदमी मर गए थे। चालीस प्रतिशत नगर नष्ट हो गए थे। शहर की आबादी आधी रह गई थी। भूला जापान-चिथड़ों में लिपटी जनता दीन-हीन, स्तब्ध, हैरान और क्षत-विक्षत हो गई थी। जापान में न कोयला होता है, न लोहा, न तेल और न ही यूरेनियम। बस थोड़ी सी कृषि योग्य भूमि। इस पराजय, दुःख और विनाश के बावजूद भी जापान फिर खड़ा हो गया। यह दुनिया का सबसे ज्यादा विकसित और औद्योगिक राष्ट्र बन गया। यह चमत्कार कैसे हुआ ? जापान की समृद्धि और प्रगति के लिए संभवतः राष्ट्रीय गुणों को टटोलना होगा, जो कि वहाँ की जनता की स्वाभाविक खूबियों और चरित्र से मिलता है।

जापान की पराजय के पश्चात् एक अमेरिकी व्यापारिक संस्था ने अपनी शाखा जापान में खोली। उसने शाखा में सभी कर्मचारी जापानी रखे। अमेरिकी नियम के अनुसार जापान में सप्ताह में पाँच दिन काम करने का निश्चय किया गया। दो दिन शनिवार और रविवार की छुट्टी रखी गई। उसने सोचा था कि उसकी उदारता का जापानी कर्मचारी और कारीगर स्वागत करेंगे लेकिन यह देखकर संस्था के व्यवस्थापक को आश्चर्य हुआ कि जापानी कर्मचारी इस व्यवस्था का सामूहिक विरोध कर रहे थे। उसने कर्मचारियों को बुलाया और उसका कारण पूछा।

जापानी कर्मचारी एक आवाज़ में बोले, "हमें कष्ट है। हम दो दिन खाली नहीं रहना चाहते। हमारे लिए सप्ताह में सिर्फ एक दिन का अवकाश काफी है। ज्यादा आराम से हम प्रसन्न नहीं होंगे। इससे हम आलसी बन जाएंगे, मेहनत के काम में हमारा दिल नहीं लगेगा, हमारा स्वास्थ्य गिरेगा। हमारा राष्ट्रीय चरित्र गिरेगा। अवकाश की वजह से हम व्यर्थ ही घूमेंगे-फिरेंगे, हम फिजूलखर्ची बनेंगे। जो छुट्टी हमारी सेहत बिगाड़े तथा खराब करें, आर्थिक स्थिति खराब करें, कहें ऐसा अवकाश नहीं चाहिए।।"

अमेरिकी व्यवस्थापक ने अपनी टोपी सिर से नीचे उतारी। उसने जापानी कारीगरों का अभिवादन करते हुए कहा - "आप जापानी भाइयों की समृद्धि और सफलता का रहस्य आपका परिश्रम और लगन है। आप कभी भी बीमार तथा गरीब नहीं रह सकते।"

 

(i) जापान में विनाशकारी घटना कब और कैसे हुई ? उसका क्या परिणाम हुआ ? [2]

Answer:
जापान में विनाशकारी घटना सन 1945 की गर्मियों में हुई थी, जब अमेरिका ने उसके विरुद्ध अणुबम का प्रयोग किया था। इसके परिणामस्व्प जापान खंडहरों का देश बन गया, लाखों लोग मारे गए, चालीस प्रतिशत नगर नष्ट हो गए, आबादी आधी रह गई और जनता दीन-हीन व क्षत-विक्षत हो गई।

Teacher's Note:
a) उत्तर में वर्ष 1945, अणुबम के प्रयोग और उसके विध्वंसक परिणामों का सटीक उल्लेख होना चाहिए।
b) छात्रों को गद्यांश के तथ्यों को अपने शब्दों में संक्षिप्त करके लिखना चाहिए।

 

(ii) उस देश के पास अपने प्राकृतिक संसाधन क्या हैं ? वह पुनः विकसित और समृद्ध राष्ट्र कैसे बना ? [2]

Answer:
जापान के पास कोयला, लोहा, तेल या यूरेनियम जैसे प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, केवल थोड़ी सी कृषि योग्य भूमि है। वह अपनी जनता के महान राष्ट्रीय गुणों, स्वाभाविक खूबियों, चरित्र, अत्यधिक परिश्रम और कार्य के प्रति लगन के कारण पुनः एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बन गया।

Teacher's Note:
a) प्राकृतिक संसाधनों की कमी और जापानी जनता के राष्ट्रीय गुणों के बीच के अंतर को स्पष्ट करना आवश्यक है।
b) उत्तर पूर्ण वाक्य में होना चाहिए।

 

(iii) व्यापार की दृष्टि से जापान में कौन आया ? उसके आश्चर्य-चकि्त होने का क्या कारण था ? [2]

Answer:
व्यापार की दृष्टि से जापान में एक अमेरिकी व्यापारिक संस्था ने अपनी शाखा खोली थी। उसके आश्चर्यचकित होने का कारण यह था कि जापानी कर्मचारी अमेरिकी नियमों के तहत मिलने वाले दो दिन के सप्ताहांत (शनिवार और रविवार की छुट्टी) का सामूहिक विरोध कर रहे थे।

Teacher's Note:
a) अमेरिकी संस्था के आने और उसके अचंभित होने के कारण (कर्मचारियों द्वारा छुट्टी का विरोध) को स्पष्ट करें।
b) वर्तनी की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।

 

(iv) जापानी कर्मचारी उस व्यापारिक संस्था का विरोध क्यों कर रहे थे ? उन्होंने व्यवस्थापक से क्या कहा ? [2]

Answer:
जापानी कर्मचारी दो दिन की छुट्टी का विरोध इसलिए कर रहे थे क्योंकि वे खाली नहीं रहना चाहते थे और उनका मानना था कि ज्यादा आराम से वे आलसी बन जाएंगे, उनका स्वास्थ्य और राष्ट्रीय चरित्र गिरेगा तथा फिजूलखर्ची बढ़ेगी। उन्होंने व्यवस्थापक से कहा कि उनके लिए सप्ताह में सिर्फ एक दिन का अवकाश ही काफी है।

Teacher's Note:
a) कर्मचारियों के तर्कों (आलस्य, स्वास्थ्य हानि, फिजूलखर्ची) का संक्षिप्त विवरण देना जरूरी है।
b) उद्धरण चिह्न के भीतर उनके मुख्य कथन को संक्षिप्त रूप में लिखा जा सकता है।

 

(v) व्यवस्थापक पर कर्मचारियों की बात का क्या प्रभाव पड़ा ? उसने उनसे क्या कहा ? [2]

Answer:
व्यवस्थापक कर्मचारियों की बात सुनकर बहुत प्रभावित हुआ और उसने आदरपूर्वक अपनी टोपी सिर से नीचे उतार ली। उसने जापानी कारीगरों का अभिवादन करते हुए कहा कि उनकी समृद्धि और सफलता का रहस्य उनका परिश्रम और लगन है तथा वे कभी गरीब या बीमार नहीं रह सकते।

Teacher's Note:
a) व्यवस्थापक की प्रतिक्रिया और उसके द्वारा कहे गए प्रशंसात्मक शब्दों का उल्लेख करना अनिवार्य है।
b) उत्तर गद्यांश के अंतिम पैराग्राफ पर आधारित होना चाहिए।

 

Question 4

Answer the following according to the instructions given :-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए :-

 

(i) निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों के विलोम लिखिए :-
सेवक, बुद्धिमान, न्याय, स्वदेश।
[1]

Answer:
सेवक - स्वामी
बुद्धिमान - मूर्ख
(अन्य विकल्प: न्याय - अन्याय; स्वदेश - विदेश)

Teacher's Note:
a) निर्देशानुसार केवल किन्हीं दो शब्दों के विलोम लिखने थे।
b) सही वर्तनी का प्रयोग करना आवश्यक है।

 

(ii) निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए :-
कपड़ा, भाग्य, सुगन्ध।
[1]

Answer:
कपड़ा - वस्त्र, वसन, चीर (कोई एक या दो लिख सकते हैं)
(अन्य विकल्प: भाग्य - किस्मत, तकदीर; सुगन्ध - खुशबू, महक)

Teacher's Note:
a) किसी एक शब्द के दो पर्यायवाची लिखना पर्याप्त है।
b) मानक हिंदी शब्दों का चयन करें।

 

(iii) निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों से विशेषण बनाइए :-
भारत, आदर, पीड़ा, डर।
[1]

Answer:
भारत - भारतीय
आदर - आदरणीय
(अन्य विकल्प: पीड़ा - पीड़ित; डर - डरावना)

Teacher's Note:
a) संज्ञा या भाववाचक शब्दों से उचित विशेषण बनाना व्याकरण के नियमों पर आधारित है।
b) किन्हीं दो शब्दों के ही उत्तर दें।

 

(iv) निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों के शुद्ध रूप लिखिए :-
राछस, क्योकी, आदरनिय, कार्यकर्म्।
[1]

Answer:
राछस - राक्षस
क्योकी - क्योंकि
(अन्य विकल्प: आदरनिय - आदरणीय; कार्यकर्म् - कार्यक्रम)

Teacher's Note:
a) वर्तनी की अशुद्धियों को सुधार कर सही रूप लिखना है।
b) केवल दो अशुद्ध शब्दों के सही रूप लिखें।

 

(v) निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक की सहायता से वाक्य बनाइए :-
दाँत पीसना, घुटने टेकना, ज़मीन ताकना।
[1]

Answer:
दाँत पीसना - मैच हारने पर कप्तान गुस्से से दाँत पीसने लगा।
(अन्य विकल्प: घुटने टेकना - भारतीय सेना के सामने आतंकवादियों को घुटने टेकने पड़े।)

Teacher's Note:
a) मुहावरे का प्रयोग वाक्य में इस प्रकार होना चाहिए कि उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए।
b) किसी एक मुहावरे पर ही वाक्य बनाना अपेक्षित था।

 

(vi) कोष्ठक में दिए गए वाक्यों में निर्देशानुसार परिवर्तन कीजिए :-

 

(a) रमेश ईश्वर में बहुत विश्वास रखता है। (रेखांकित शब्दों के लिए एक शब्द का प्रयोग करके वाक्य पुनः लिखिए।) [1]

Answer:
रमेश आस्तिक है।

Teacher's Note:
a) वाक्यांश के लिए एक शब्द ('ईश्वर में विश्वास रखने वाला' अर्थात आस्तिक) का प्रयोग करना था।
b) पूरा वाक्य दोबारा सही रूप में लिखना आवश्यक है।

 

(b) जज ने अपराधी को सजा सुनाई। ('द्वारा' शब्द का प्रयोग करके वाक्य पुनः लिखिए।) [1]

Answer:
जज के द्वारा अपराधी को सजा सुनाई गई।

Teacher's Note:
a) कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य में बदलकर 'द्वारा' का प्रयोग करना था।
b) वाक्य की व्याकरणिक संरचना का ध्यान रखें।

 

(c) छात्र यात्रा पर जा रहे हैं। (भविष्यकाल में बदलिए।) [1]

Answer:
छात्र यात्रा पर जाएंगे।

Teacher's Note:
a) वर्तमान काल के वाक्य को भविष्यकाल की क्रिया रूप में परिवर्तित करना था।
b) काल परिवर्तन के नियम सटीक होने चाहिए।

 

SECTION B (40 Marks)

 

साहित्य सागर - संक्षिप्त कहानियाँ (Sahitya Sagar - Short Stories)

 

Question 5

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

एक दुखिया स्त्री तुमको अपनी सहायता के लिए बुला रही है। जाओ, उसकी सहायता करके लौट आओ। तुम्हारा सामान यहीं रहेगा। हमको अभी यहीं रहना होगा। समझे! अभी तुमको मेरी संरक्षणता की आवश्यकता है। उठो, नहा-धो लो। जो ट्रेन मिले, उससे पटना जाकर बृजकिशोर की चालकियों से मनोरमा की रक्षा करो और फिर मेरे यहाँ चले आना। सब तुम्हारा भ्रम था। संदेह था।
['संदेह' - जयशंकर प्रसाद]
['Sandeh' - Jaishankar Prasad]

 

(i) प्रस्तुत कथन के वक्ता और श्रोता कौन हैं ? उनका परिचय दीजिए। [2]

Answer:
प्रस्तुत कथन के वक्ता गिरीश बाबू हैं और श्रोता उनका मित्र और सहयात्री चक्रधर है। गिरीश बाबू एक संभ्रांत, व्यावहारिक किंतु थोड़े शक्की स्वभाव के व्यक्ति हैं, जबकि चक्रधर एक सीधा-साधा, कर्तव्यपरायण और भावुक युवक है जो मनोरमा के प्रति अपने प्रेम और संदेह के जाल में उलझा हुआ था।

Teacher's Note:
a) वक्ता और श्रोता का नाम स्पष्ट करने के साथ उनका संक्षिप्त परिचय देना आवश्यक है।
b) कहानी के पात्रों की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखें।

 

(ii) वक्ता ने यह कथन कब और क्यों कहा ? [2]

Answer:
वक्ता गिरीश बाबू ने यह कथन तब कहा जब चक्रधर अपनी प्रेमिका मनोरमा के किसी अन्य व्यक्ति (बृजकिशोर) के साथ जाने की आशंका और संदेह के कारण व्यथित होकर लौटने ही वाला था। गिरीश बाबू ने उसे एक दुखी स्त्री की मदद करने और पटना जाकर मनोरमा की रक्षा करने के लिए यह प्रेरणादायक बात कही।

Teacher's Note:
a) प्रसंग का उल्लेख करना जरूरी है कि चक्रधर के मन में उत्पन्न संदेह को दूर करने के लिए यह बात कही गई थी।
b) उत्तर प्रासंगिक और स्पष्ट होना चाहिए।

 

(iii) मनोरमा कौन थी ? उसे रक्षा की आवश्यकता क्यों थी ? उसने किसे सहायता के लिए बुलाया ? [3]

Answer:
मनोरमा इस कहानी की एक प्रमुख पात्र और चक्रधर की प्रेमिका थी। उसे रक्षा की आवश्यकता इसलिए थी क्योंकि वह बृजकिशोर नामक एक चालाक और धोखेबाज व्यक्ति के जाल में फंस गई थी, जो उसे अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए इस्तेमाल करना चाहता था। मनोरमा ने संकट की घड़ी में चक्रधर को सहायता के लिए बुलाया था।

Teacher's Note:
a) मनोरमा का परिचय और बृजकिशोर की चालबाजियों का संक्षिप्त उल्लेख करना आवश्यक है।
b) तीनों भागों का उत्तर क्रमानुसार दें।

 

(iv) 'संदेह' का क्या अर्थ है ? इस कहानी का नाम 'संदेह' क्यों रखा गया है ? समझाकर लिखिए। इस कहानी में कौन-कौन किस-किस पर कैसे संदेह करता है ? [3]

Answer:
'संदेह' का अर्थ शंका या अविश्वास है। इस कहानी का नाम 'संदेह' इसलिए रखा गया है क्योंकि पूरी कहानी चक्रधर के उस भ्रम और शंका के इर्द-गिर्द घूमती है जो उसे मनोरमा के प्रति हो जाता है। कहानी में चक्रधर को मनोरमा पर संदेह होता है कि वह उसे छोड़कर किसी अन्य (बृजकिशोर) के पास जा रही है, जबकि अंत में यह स्पष्ट होता है कि वह सब केवल एक गलतफहमी और संदेह मात्र था।

Teacher's Note:
a) शीर्षक की सार्थकता और कहानी के मूल संदेश को स्पष्ट करना है।
b) संदेह के कारणों का तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत करें।

 

Question 6

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

रमजान ने ठंडी साँस भरी। उसने रसीला को ठहराने का संकेत किया और आप कोठरी में चला गया। थोड़ी देर बाद उसने कुछ रुपये रसीला की हथेली पर रख दिए। रसीला के मुँह से एक शब्द भी न निकला। सोचने लगा 'बाबू साहब की मैंने इतनी सेवा की पर दुःख में उन्होंने साथ न दिया। रमजान को देखो गरीब है, पर आदमी नहीं देवता है। ईश्वर उसका भला करें।'
['बात अठन्नी की' - सुदर्शन]
['Baat Atthanni Ki' - Sudarshan]

 

(i) रमजान कौन है ? उसका परिचय दीजिए। [2]

Answer:
रमजान कहानी के पात्र इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ चौकीदार है। वह एक गरीब किंतु बेहद नेकदिल, संवेदनशील और वफादार इंसान है जो सुदर्शन बाबू के यहाँ काम करता है और रसीला का सच्चा मित्र है।

Teacher's Note:
a) रमजान का पेशा और उसके चारित्रिक गुणों का उल्लेख करना जरूरी है।
b) उत्तर संक्षिप्त और सटीक हो।

 

(ii) रसीला और रमजान किस-किस के यहाँ काम करते थे ? उन दोनों में क्या समानता थी ? [2]

Answer:
रसीला जिला मजिस्ट्रेट शेख साहब के यहाँ नौकरी करता था और रमजान इंजीनियर बाबू जगतसिंह के यहाँ चौकीदार था। दोनों में यह समानता थी कि दोनों ही आर्थिक रूप से गरीब थे, नौकर थे और उनके बीच गाढ़ी मित्रता थी जो एक-दूसरे के सुख-दुःख में काम आती थी।

Teacher's Note:
a) दोनों के नियोक्ताओं के नाम और उनकी समान आर्थिक व सामाजिक स्थिति को स्पष्ट करें।
b) मित्रता की भावना को रेखांकित करें।

 

(iii) रसीला ने रमजान को देवता क्यों कहा है ? समझाकर लिखिए। [3]

Answer:
रसीला ने रमजान को देवता इसलिए कहा क्योंकि जब रसीला अठन्नी की चोरी के आरोप में जेल जाने की स्थिति में था और उसके अपने मालिक शेख साहब ने उसकी एक न सुनी तथा उसे सजा दिलवाई, तब उस गरीब रमजान ने अपनी आर्थिक तंगी के बावजूद आगे आकर रसीला की आर्थिक सहायता की और उसके बच्चों की मदद की। रमजान की इस मानवता और परोपकार की भावना ने रसीला के मन में उसके प्रति अपार श्रद्धा जगा दी थी।

Teacher's Note:
a) शेख साहब के कठोर रवैया और रमजान के दयालु व्यवहार की तुलना करते हुए उत्तर लिखें।
b) मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करें।

 

(iv) कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए। [3]

Answer:
'बात अठन्नी की' कहानी का शीर्षक पूर्ण रूप से सार्थक है। पूरी कहानी एक अठन्नी (पचास पैसे) की चोरी और उसके इर्द-gird घूम रही न्याय व्यवस्था के पाखंड को उजागर करती है। रसीला अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए अपने मालिक से अठन्नी की पेशगी माँगता है जो मना कर दी जाती है, और अंततः मजबूरी में अठन्नी चुराने पर उसे कठोर सजा मिलती है, जबकि बड़े अधिकारी रिश्वत के रूप में हजारों-लाखों रुपये लेते हैं और छूट जाते हैं। यह छोटी सी अठन्नी समाज की असमानता और न्याय के दोहरे मापदंड को उजागर करती है।

Teacher's Note:
a) शीर्षक कैसे केंद्रीय विषय से जुड़ा है, इसे तर्कसंगत रूप से समझाएं।
b) न्याय व्यवस्था पर कटाक्ष को मुख्य बिंदु बनाएं।

 

Question 7

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

उनका 'हृदय' परिवर्तन हो गया है। वे आज सात दिनों से घास खा रहे हैं। रात-दिन भगवान के भजन और परोपकार में लगे रहते हैं। उन्होंने अपना जीवन जीव-मात्र की सेवा में अर्पित कर दिया है। अब वे किसी का दिल नहीं दुखाते। किसी का रोम तक नहीं छूते।
['भेडें और भेड़िए' - हरिशंकर परसाई]
['Bheden Aur Bhediye' - Harishankar Parsai]

 

(i) प्रस्तुत कथन किसने, किससे और क्यों कहा ? स्पष्ट कीजिए। [2]

Answer:
प्रस्तुत कथन एक लोमड़ी ने जंगल की अन्य भेड़ों से कहा था। लोमड़ी ने यह बात भेड़ों को यह विश्वास दिलाने के लिए कही थी कि भेड़िया अब हिंसक नहीं रहा है, बल्कि उसका हृदय परिवर्तन हो चुका है और वह अब साधु बनकर केवल घास खाता है, ताकि भेड़ें उसके झांसे में आ जाएं।

Teacher's Note:
a) वक्ता (लोमड़ी), श्रोता (भेड़ें) और कहे जाने के उद्देश्य (छल-कपटपूर्ण जाल) का स्पष्ट उल्लेख करें।
b) कहानी के व्यंग्यात्मक पहलू को समझें।

 

(ii) वक्ता ने किसके 'हृदय परिवर्तन' की बात कही ? उसने उसके बारे में क्या-क्या कहा ? [2]

Answer:
वक्ता (लोमड़ी) ने भेड़िए के 'हृदय परिवर्तन' की बात कही थी। उसने भेड़ों से कहा कि भेड़िए ने हिंसा छोड़ दी है, वह पिछले सात दिनों से घास खा रहा है, भगवान के भजन और परोपकार में लीन रहता है तथा किसी का भी दिल नहीं दुखाता।

Teacher's Note:
a) भेड़िए के तथाकथित बदलाव का वर्णन लोमड़ी के शब्दों में करें।
b) उत्तर सटीक और संक्षिप्त हो।

 

(iii) वक्ता का चरित्र-चित्रण कीजिए। वह चुनावी सभा में किसे जिताना चाहता था और कैसे ? [3]

Answer:
कहानी में लोमड़ी एक अत्यंत चालाक, धूर्त और स्वार्थी राजनीतिक सलाहकार की प्रतीक है जो भेड़ियों की साजिश में मोहरा बनती है। वह चुनावी सभा में भेड़िए को जिताना चाहती थी, क्योंकि वह जानती थी कि यदि भेड़िए सत्ता में आएँगे तो उसका भी राजनीतिक भविष्य सुरक्षित रहेगा। वह अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों से भोली-भाली भेड़ों को बरगलाकर भेड़िए के पक्ष में मतदान करने के लिए राजी करती है।

Teacher's Note:
a) लोमड़ी के चारित्रिक गुणों (धूर्तता, अवसरवादिता) का वर्णन करें।
b) उसकी राजनीतिक भूमिका को स्पष्ट करें।

 

(iv) चुनाव का क्या परिणाम हुआ ? इस कहानी के माध्यम से लेखक क्या स्पष्ट करना चाहते हैं ? चुनाव जीतने वाले ने सबसे पहला क्या नियम बनाया और इस नियम से किसका अधिक लाभ हुआ ? [3]

Answer:
चुनाव का परिणाम यह हुआ कि भेड़िए भारी बहुमत से जीत गए। इस कहानी के माध्यम से लेखक यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि कैसे चालाक राजनेता और सत्तालोभी लोग लोकतंत्र और चुनाव के नाम पर भोली-भाली जनता को छलते हैं और अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण करते हैं। चुनाव जीतने वाले भेड़िए ने सबसे पहला नियम यह बनाया कि जंगल में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए सभी जानवर मिलकर रहेंगे और भेड़िया उनकी रक्षा करेगा, जिससे अंततः भेड़ियों को ही भेड़ों को खाने का अबाध अवसर मिला और उनका ही सबसे अधिक लाभ हुआ।

Teacher's Note:
a) कहानी के व्यंग्य और राजनीतिक व्यवस्था पर इसके निहितार्थ को विस्तार से समझाएं।
b) सभी उप-प्रश्नों (परिणाम, उद्देश्य, नियम और लाभ) के उत्तर दें।

 

साहित्य सागर - पद्य भाग (Sahitya Sagar - Poems)

 

Question 8

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

जाके प्रिय न राम वैदेही।
तजये ताहि कोटि वैरी सम जदपि परम सनेही।।
तज्यो पिता प्रहलाद, विभीषण बंधु, भरत महतारी।
बलि गुरु तज्यो, कन्त ब्रज बनितानि, भए मुद मंगलकारी।।
नाते नेह राम के मनियत, सुहृद, सुसेह्य जहाँ लौं।
अंजन कहा आँखि जेहि फूटै, बहु तक कहाँ कहाँ लौं।।
['विनय के पद' - तुलसीदास]
['Vinay Ke Pad' - Tulsidas]

 

(i) 'तजये ताहि कोटि वैरी सम' से कवि क्या कहना चाहता है ? स्पष्ट कीजिए। [2]

Answer:
इस पंक्ति के माध्यम से कवि तुलसीदास यह कहना चाहते हैं कि जो व्यक्ति भगवान राम और माता सीता से प्रेम नहीं करता, उसे करोड़ों शत्रुओं के समान मानकर तुरंत त्याग देना चाहिए, चाहे वह कितना भी घनिष्ठ या प्रिय संबंधी क्यों न हो।

Teacher's Note:
a) भगवान राम के प्रति भक्ति को समस्त सांसारिक रिश्तों से ऊपर बताने के भाव को स्पष्ट करें।
b) भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए।

 

(ii) राम की भक्ति में किन-किन लोगों ने किनका त्याग किया है ? [2]

Answer:
राम की भक्ति के लिए प्रहलाद ने अपने पिता (हिरण्यकशिपु) का, विभीषण ने अपने भाई (रावण) का, भरत ने अपनी माता (कैकयी) का, बलि ने अपने गुरु (शुक्रचार्य) का और ब्रज की गोपियों ने अपने पतियों का त्याग किया था।

Teacher's Note:
a) पद में आए पौराणिक उदाहरणों (प्रहलाद, विभीषण, भरत, बलि, ब्रज की गोपियाँ) का सटीक उल्लेख करें।
b) सभी नामों का उनके त्याग के साथ मिलान सही हो।

 

(iii) 'अंजन कहा आँखि जेहि फूटै, बहु तक कहाँ कहाँ लौं।' पंक्ति की व्याख्या कीजिए। [3]

Answer:
कवि तुलसीदास कहते हैं कि उस अंजन (सुरमे) से क्या लाभ जिससे आँख ही फूट जाए अर्थात् जिस वस्तु या व्यक्ति से भगवान राम की भक्ति में बाधा उत्पन्न हो या भक्ति छूट जाए, उसे तुरंत त्याग देना चाहिए। ऐसे नेत्र या संबंध किसी काम के नहीं जो परमार्थ का मार्ग रोक दें।

Teacher's Note:
a) पंक्ति के प्रतीकात्मक अर्थ (भक्ति विरोधी तत्वों का त्याग) को समझाएं।
b) व्याख्या स्पष्ट और सुंदर शब्दों में हो।

 

(iv) कवि तुलसीदास के इष्टप्रभु का नाम बताइए। उनकी भाषा और भक्तिभावना का परिचय दीजिए। [3]

Answer:
कवि तुलसीदास के इष्टप्रभु श्री राम हैं। उनकी भाषा ब्रज और अवधी दोनों पर समान अधिकार रखती है (प्रस्तुत पद अवधी भाषा में है)। उनकी भक्तिभावना 'दास्य भाव' की है जिसमें वे स्वयं को प्रभु का सेवक मानते हैं और राम के प्रति अनन्य, समर्पण से भरी निष्ठा व्यक्त करते हैं।

Teacher's Note:
a) इष्टदेव, साहित्यिक भाषा और तुलसीदास की भक्ति के स्वरूप को संक्षेप में लिखें।
b) सभी तीन बिंदुओं (प्रभु, भाषा, भक्ति) का उत्तर दें।

 

Question 9

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

उसे भी आती होगी याद ?
उसे हाँ आती होगी याद ।
नहीं तो रूठूँगी मैं आज
सुनाऊँगी उसको फरियाद ।।

कलेजा माँ का, मैं संतान,
करेगी दोषों पर अभिमान ।
मातु वेदी पर हुई पुकार,
चढ़ा दो मुझको, हे भगवान ।।
['मातृ मंदिर की ओर' - सुभद्राकुमारी चौहान]
['Matri Mandir Ki Or' - Subhadra Kumari Chauhan]

 

(i) कवयित्री किससे और क्या फरियाद करना चाहती है ? [2]

Answer:
कवयित्री सुभद्राकुमारी चौहान भगवान से यह फरियाद करना चाहती है कि क्या उनकी माता को उनकी याद आती होगी। यदि माँ को याद नहीं आती, तो कवयित्री भगवान से रूठकर अपनी यह शिकायत या फरियाद सुनाना चाहती है।

Teacher's Note:
a) कवयित्री के भगवान से संवाद और माता की याद के प्रसंग को स्पष्ट करें।
b) उत्तर में संवेदनशीलता झलकनी चाहिए।

 

(ii) 'माँ का कलेजा' किस प्रकार होता है ? वह अपनी संतान के साथ किस प्रकार का व्यवहार करती है ? [2]

*Answer:***
माँ का कलेजा ममता से परिपूर्ण और बहुत विशाल होता है। वह अपनी संतान के सभी छोटे-बड़े दोषों को माफ कर देती है और अपनी संतान की गलतियों पर भी गर्व या अभिमान करती है, क्योंकि उसका प्रेम निस्वार्थ होता है।

Teacher's Note:
a) मातृ हृदय की क्षमाशीलता और अपार स्नेह का वर्णन करें।
b) कविता की पंक्तियों के भाव को आधार बनाएं।

 

(iii) 'मातृ-वेदी पर हुई पुकार, चढ़ा दो मुझको, हे भगवान' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए किकवयित्री क्या कहना चाहती है ? [3]

Answer:
इस पंक्ति का आशय देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च बलिदान से है। कवयित्री देश की स्वतंत्रता की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रही है कि वह अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए स्वयं को बलिदान करना चाहती है।

Teacher's Note:
a) 'मातृ-वेदी' (देश की स्वतंत्रता) और बलिदान के भाव को स्पष्ट करें।
b) कवयित्री की देशभक्ति की भावना को रेखांकित करें।

 

(iv) 'मातृ मंदिर की ओर' कविता से क्या प्रेरणा मिलती है ? अपने शब्दों में लिखिए। [3]

Answer:
'मातृ मंदिर की ओर' कविता से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि देशप्रेम और मातृभूमि की सेवा सभी पारिवारिक बंधनों और मोह-माया से ऊपर है। देश की स्वतंत्रता के लिए बड़े से बड़ा त्याग करने और अपने प्राणों को भी न्योछावर करने की भावना इस कविता का मुख्य संदेश है।

Teacher's Note:
a) कविता के केंद्रीय संदेश (राष्ट्रभक्ति और बलिदान) को अपने शब्दों में लिखें।
b) प्रेरणादायक पहलुओं का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

Question 10

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

पाहन पूजे हरि मिले, तो मैं पूजूँ पहार।
ताते ये चाकी भली, पीस खाय संसार।।
सात समंद की मसि करौं, लेखनि सब बनराय।
सब धरती कागद करौं, हरि गुन लिखा न जाय।।
['साखी' - कबीरदास]
['Saakhi' - Kabirdas]

 

(i) कबीरदास जी ने पहाड़ पूजने की बात क्यों कही है ? इस दोहे के माध्यम से वे हमें क्या संदेश देना चाहते हैं ? मूर्ति पूजा के बारे में उनके क्या विचार थे ? [2]

Answer:
कबीरदास जी ने व्यंग्य करते हुए पहाड़ पूजने की बात कही है कि यदि पत्थर की मूर्ति पूजने से भगवान मिल जाते हैं, तो पूरे पहाड़ को ही क्यों न पूजा जाए। इस दोहे के माध्यम से वे यह संदेश देना चाहते हैं कि पाखंड और बाह्य आडंबरों से ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती। मूर्ति पूजा और पाखंड के प्रति उनके विचार अत्यंत आलोचनात्मक थे; वे मानते थे कि भगवान मन के भीतर वास करते हैं, पत्थरों में नहीं।

Teacher's Note:
a) कबीर के बाह्य आडंबरों और मूर्ति पूजा के विरोध के दृष्टिकोण को स्पष्ट करें।
b) व्यंग्य शैली का उल्लेख करें।

 

(ii) उन्होंने चक्की की तुलना किससे है ? वे उसे अच्छा क्यों मानते हैं ? [2]

Answer:
कबीरदास जी ने पत्थर की चक्की की तुलना भगवान की मूर्ति (पाहन) से की है। वे चक्की को इसलिए अच्छा मानते हैं क्योंकि उससे कम से कम अनाज तो पिसता है जिससे पूरा संसार अपना पेट भरता है, जबकि मूक पत्थर की पूजा से किसी का पेट नहीं भरता और न ही कोई आध्यात्मिक लाभ होता है।

Teacher's Note:
a) चाकी (चक्की) और पाहन (मूर्ति) की तुलना के मूल तर्क को समझें।
b) उत्तर स्पष्ट और तार्किक हो।

 

(iii) उन्होंने 'स्याही' और 'लेखनी' किसे बनाने की बात कही है ? वे किस पर हरि कथा लिखना चाहते हैं ? [3]

Answer:
कबीरदास जी ने सात समुद्रों के पानी को 'स्याही' और दुनिया भर के जंगलों के पेड़ों को काटकर उनकी 'लेखनी' बनाने की बात कही है। वे इस अपार सामग्री से इस विशाल धरती को 'कागज' बनाकर उस पर ईश्वर (हरि) के अनंत गुणों का बखान या कथा लिखना चाहते हैं।

Teacher's Note:
a) पद की अतिशयोक्तिपूर्ण और प्रतीकात्मक शैली को समझाएं।
b) स्याही, लेखनी और कागज के रूपों का सही वर्णन करें।

 

(iv) 'हरि गुन लिखा न जाए' - इस कथन से उनका क्या आशय है ? समझाकर लिखिए। संत कबीर की भक्ति भावना की विशेषताएं बताइए और वह कैसे भगवान की पूजा करना चाहते थे ? [3]

Answer:
इस कथन से कबीर का आशय यह है कि भगवान के गुण, महिमा और महिमा अपार और असीम हैं, जिन्हें दुनिया के सारे संसाधन और लिखने के साधन जुटाकर भी पूरा नहीं लिखा जा सकता। कबीर की भक्ति भावना निर्गुण, निराकार ब्रह्म में विश्वास और आंतरिक शुद्धता पर आधारित है। वे किसी बाहरी मंदिर या मूर्ति पूजा के स्थान पर अपने हृदय के भीतर प्रेम और भक्ति भाव से भगवान की आराधना करना चाहते थे।

Teacher's Note:
a) ईश्वर की अनंतता और कबीर की निर्गुण भक्ति के स्वरूप को स्पष्ट करें।
b) आंतरिक साधना के महत्व को रेखांकित करें।

 

नया रास्ता - सुषमा अग्रवाल (Naya Raasta - Sushma Agarwal)

 

Question 11

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

मेहमानों का शानदार स्वागत किया गया। मीनू को देखने के लिए अमित, उसके पिता मायारामजी, माताजी व छोटी बहन मधु आए थे। उनके आतिथ्य में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी गई थी। परिवार के हर सदस्य के हृदय में नया जोश व उमंग था, मानो उनके घर कोई देवता आ गए हो।

 

(i) मेहमान कौन हैं ? वे कहाँ और क्यों आए हैं ? [2]

Answer:
इस अवतरण में मेहमान अमित, उसके पिता मायारामजी, माताजी और छोटी बहन मधु हैं। वे मीनू के घर उसे देखने (विवाह के प्रस्ताव के सिलसिले में मिलने) आए हैं।

Teacher's Note:
a) मेहमानों के नाम और उनके आने का उद्देश्य (विवाह पूर्व मिलन) स्पष्ट करें।
b) उपन्यास 'नया रास्ता' के कथानक के अनुसार उत्तर दें।

 

(ii) किसके, हृदय में जोश और उमंग था ? क्यों ? [2]

Answer:
मीनू के परिवार के हर सदस्य के हृदय में जोश और उमंग था। इसका कारण यह था कि वे अपनी बेटी मीनू के लिए एक अच्छे और सुसंस्कृत परिवार से विवाह का रिश्ता आने पर बेहद प्रसन्न थे और मेहमानों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते थे।

Teacher's Note:
a) मीनू के परिवार की खुशी और उत्साह के कारणों को समझाएं।
b) प्रसंग के अनुसार उत्तर दें।

 

(iii) मेहमानों के स्वागत के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गई थीं ? [3]

Answer:
मेहमानों के शानदार स्वागत के लिए घर को सजाया गया था, स्वादिष्ट पकवान और मिठाइयाँ बनाई गई थीं तथा उनके आतिथ्य सत्कार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए परिवार का प्रत्येक सदस्य पूरी तन्मयता से जुटा हुआ था।

Teacher's Note:
a) आतिथ्य सत्कार की तैयारियों का संक्षेप में वर्णन करें।
b) परिवार के समर्पण को दर्शाएं।

 

(iv) अमित और मीनू के बीच हुई बातचीत को संक्षेप में लिखिए। [3]

Answer:
अमित और मीनू के बीच एकांत में हुई बातचीत में अमित ने मीनू की उच्च शिक्षा और उसके विचारों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उसने स्पष्ट किया कि वह दबी-कुचली या केवल घर तक सीमित रहने वाली पत्नी नहीं चाहता, बल्कि एक पढ़ी-लिखी और स्वावलंबी जीवनसंगिनी चाहता है जो उसके साथ कदम मिलाकर चल सके।

Teacher's Note:
a) दोनों के बीच प्रगतिशील और सकारात्मक संवाद को स्पष्ट करें।
b) उपन्यास के मुख्य संदेश (महिला शिक्षा और समानता) को उजागर करें।

 

Question 12

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

धनीमल जी व मायाराम जी ने आपस में कुछ बातें की और सब वहाँ से उठकर चल दिए। अमित व सरिता को एकांत में बात करने का अवसर दिया गया। अमित ने सरिता से कुछ प्रश्न किए।

 

(i) धनीमल जी और मायाराम जी का परिचय देते हुए बताइए कि उनमें किस विषय पर बातचीत हो रही थी ? [2]

Answer:
धनीमल जी सरिता के पिता हैं और मायाराम जी अमित के पिता हैं। दोनों के बीच बातचीत अमित और सरिता के विवाह के संबंध और उसकी औपचारिकताओं तथा पारिवारिक समझौतों के विषय में हो रही थी।

Teacher's Note:
a) दोनों पात्रों का परिचय और उनके संवाद के विषय को स्पष्ट करें।
b) उपन्यास की कहानी से संदर्भ लें।

 

(ii) सरिता को देखकर अमित के मन में क्या विचार आए थे ? स्पष्ट कीजिए। [2]

Answer:
सरिता को देखकर अमित के मन में उसके शालीन, बुद्धिमान और आत्मविश्वासी व्यक्तित्व को लेकर सकारात्मक विचार आए। उसने महसूस किया कि सरिता एक शिक्षित और समझदार युवती है जो परिवार को संभालने के साथ-साथ अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति भी पूरी तरह सजग है।

Teacher's Note:
a) अमित की सोच और सरिता के व्यक्तित्व की छाप का वर्णन करें।
b) उत्तर सटीक हो।

 

(iii) अमित के माता-पिता उसका रिश्ता सरिता के साथ क्यों करना चाहते थे ? इस सम्बन्ध में उन्होंने क्या तर्क दिए ? [3]

Answer:
अमित के माता-पिता सरिता के साथ उसका रिश्ता इसलिए करना चाहते थे क्योंकि सरिता एक उच्च शिक्षित, संस्कारी और सुलझी हुई लड़की थी। उन्होंने तर्क दिया कि आधुनिक युग में पढ़ी-लिखी और समझदार बहू ही घर को सही दिशा दे सकती है और अमित के जीवन को सुखी बना सकती है, तथा वे दहेज आदि कुप्रथाओं से दूर रहकर एक आदर्श विवाह चाहते थे।

Teacher's Note:
a) माता-पिता के दृष्टिकोण और उनके तर्कों को स्पष्ट करें।
b) दहेज मुक्त और प्रगतिशील सोच को रेखांकित करें।

 

(iv) अमित के चरित्र पर प्रकाश डालिए। [3]

Answer:
अमित 'नया रास्ता' उपन्यास का एक अत्यंत प्रगतिशील, संवेदनशील और आधुनिक विचारों वाला युवा है। वह रूढ़िवादी परंपराओं और दहेज प्रथा का विरोधी है। वह जीवनसाथी के रूप में किसी अबला को नहीं, बल्कि एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी जीवनसंगिनी को चुनना चाहता है। उसका चरित्र आज के युवाओं के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है जो समानता और सम्मान पर आधारित रिश्ते में विश्वास रखते हैं।

Teacher's Note:
a) अमित के चारित्रिक गुणों (आधुनिक सोच, संवेदनशीलता, समानता का समर्थन) का विस्तार से वर्णन करें।
b) उपन्यास के नायक के रूप में उसके महत्व को समझाएं।

 

Question 13

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

मीनू आज दुल्हन के रूप में कितनी सुन्दर लग रही थी, मीनू दुल्हन बनी, उसकी डोली सजी और अपने पिया संग ससुराल को चल दी।

 

(i) मीनू ने पहले शादी से क्यों मना कर दिया था ? [2]

Answer:
मीनू ने पहले शादी से इसलिए मना कर दिया था क्योंकि वह अपनी उच्च शिक्षा पूरी करना चाहती थी और अपने पैरों पर आत्मनिर्भर होना चाहती थी। वह किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती थी और रूढ़िवादी ढंग से थोपे गए विवाह के खिलाफ थी।

Teacher's Note:
a) मीनू की आत्मनिर्भरता और शिक्षा के प्रति उसकी जिजीविषा को स्पष्ट करें।
b) उपन्यास की मूल पृष्ठभूमि का ध्यान रखें।

 

(ii) मीनू अब शादी करने के लिए क्यों तैयार हो गई ? [2]

Answer:
मीनू अब शादी के लिए इसलिए तैयार हो गई क्योंकि उसे अमित के रूप में एक ऐसा जीवनसाथी मिल गया था जो उसकी शिक्षा और स्वतंत्रता का सम्मान करता था। अमित और उसके परिवार ने उसकी योग्यता को समझा और उसे आगे बढ़ने की पूरी छूट देने का आश्वासन दिया।

Teacher's Note:
a) अमित के प्रगतिशील दृष्टिकोण के प्रभाव को स्पष्ट करें।
b) उत्तर संक्षिप्त और तथ्यात्मक हो।

 

(iii) तब की मीनू और अब की मीनू में क्या अंतर है ? [3]

Answer:
तब की मीनू एक डरी हुई, अनिश्चित और पारिवारिक दबावों के आगे घुटने टेकने वाली या विवाह को लेकर आशंकित रहने वाली युवती थी, जो केवल रूढ़ियों से त्रस्त थी। इसके विपरीत, अब की मीनू एक आत्मविश्वासी, शिक्षित, स्वावलंबी और अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग नवयुवती है, जिसने अपने निर्णय स्वयं लिए हैं और सम्मान के साथ ससुराल जा रही है।

Teacher's Note:
a) मीनू के व्यक्तित्व में आए सकारात्मक और क्रांतिकारी बदलाव का वर्णन करें।
b) दोनों अवस्थाओं की तुलना स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

 

(iv) हमारे समाज में फैली 'दहेज की कुप्रथा' पर एक टिप्पणी लिखिए। [3]

Answer:
दहेज प्रथा हमारे भारतीय समाज के माथे पर एक बहुत बड़ा कलंक है। यह कुप्रथा बेटियों को बोझ मानकर उनके अधिकारों का हनन करती है और इसके कारण न जाने कितनी बहुओं को प्रताड़ित किया जाता है या उनकी हत्या तक कर दी जाती है। यह प्रथा समाज में असमानता, लालच और दिखावे की संस्कृति को बढ़ावा देती है। जब तक समाज के युवा और परिवार शिक्षित होकर इस अभिशाप के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे और दहेज लेना-देना बंद नहीं करेंगे, तब तक महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण अधूरा रहेगा।

Teacher's Note:
a) दहेज प्रथा के सामाजिक दुष्परिणामों और उसके उन्मूलन की आवश्यकता पर अपने विचार स्पष्ट रूप से लिखें।
b) उपन्यास के संदेश से इसका समन्वय स्थापित करें।

 

एकांकी संचय (Ekanki Sanchay)

 

Question 14

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

"मिसरानी कह रही थी।" बहू कैसी भी हो, अपने प्राण देकर उसने पति को बचा लिया है, अकेली थी, पर किसी के आगे हाथ पसारने नहीं गई।
['संस्कार और भावना' - विष्णु प्रभाकर]
['Sanskar Aur Bhavna' - Vishnu Prabhakar]

 

(i) 'बहु अकेली थी' ऐसा क्यों कहा गया है ? [2]

Answer:
'बहू अकेली थी' ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि उस संकट की घड़ी में उसके पति की जान खतरे में थी और उसके पास परिवार का कोई अन्य बड़ा सदस्य या मार्गदर्शक मौजूद नहीं था जो उसकी सहायता कर सके। उसे अपने बलबूते पर ही उस कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ा था।

Teacher's Note:
a) एकांकी के प्रसंग के अनुसार बहू की अकेली स्थिति और उसकी लाचारी को स्पष्ट करें।
b) उत्तर सटीक हो।

 

(ii) 'बहु की किन विशेषताओं ने सास को कुछ सोचने पर विवश कर दिया ? [2]

Answer:
बहू के त्याग, सहिष्णुता, अपने पति के प्रति अगाध निष्ठा और स्वाभिमान (कि उसने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया) जैसी विशेषताओं ने सास को अपनी पुरानी रूढ़िवादी और संकीर्ण सोच पर पुनर्विचार करने के लिए विवश कर दिया।

Teacher's Note:
a) बहू के चारित्रिक दृढ़ता और स्वाभिमान के गुणों को रेखांकित करें।
b) सास के हृदय परिवर्तन के बिंदु को समझाएं।

 

(iii) माँ का चरित्र-चित्रण कीजिए। [3]

Answer:
'संस्कार और भावना' एकांकी की माँ (श्रीमती वर्मा) पारंपरिक संस्कारों में बंधी हुई, रूढ़िवादी और जाति-पाति के बंधनों को कड़ाई से मानने वाली महिला है। प्रारंभ में वह अपनी बहू को जाति और संस्कारों के तराजू में तोलती है और उसके प्रति कठोर रवैया रखती है, परंतु अंत में परिस्थितियों और बहू के महान त्याग को देखकर उसका हृदय परिवर्तन हो जाता है और वह अपनी पुरानी संकीर्णता को त्यागकर मानवीय भावनाओं को सर्वोपरि मानती है।

Teacher's Note:
a) माँ के चरित्र के दोनों पक्षों (आरंभिक रूढ़िवादिता और अंततः मानवीय संवेदना) का वर्णन करें।
b) एकांकी के केंद्रीय पात्र के रूप में उसकी भूमिका समझाएं।

 

(iv) समाज के लिए जातिवाद किस प्रकार अहितकर है ? [3]

Answer:
जातिवाद समाज के लिए एक अभिशाप और जहर के समान है। यह समाज को खंड-खंड में विभाजित करता है, इंसानी रिश्तों और भावनाओं को कुचलता है तथा योग्यता के स्थान पर जन्म को प्राथमिकता देता है। जातिवाद के कारण समाज में भेदभाव, द्वेष, और संघर्ष की भावना पनपती है जो राष्ट्रीय एकता और प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। मानव कल्याण और समानता ही समाज की असली ताकत है, जिसे जातिवाद नष्ट कर देता है।

Teacher's Note:
a) जातिवाद के सामाजिक दुष्प्रभावों और राष्ट्रीय एकता पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करें।
b) एकांकी के मूल संदेश से जोड़कर उत्तर लिखें।

 

Question 15

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

आत्मरक्षा का और कोई उपाय न देखकर महाबली सुयोधन द्वैत वन के सरोवर में घुस गया और उसके जल स्तंभ में छिपकर बैठे रहे। पर न जाने कैसे पांडवों को इसकी सूचना मिल गई और वे तत्काल रथ पर चढ़कर वहाँ पहुँच गए।
['महाभारत की एक साँझ' - भारत भूषण अग्रवाल]
['Mahabharat Ki Ek Sanjh' - Bharat Bhushan Agarwal]

 

(i) वक्ता, श्रोता कौन-कौन हैं ? दोनों में ये बातें कहाँ और किस संदर्भ में हो रही है ? [2]

Answer:
प्रस्तुत एकांकी में वक्ता सूत्रधार या पात्र हैं जो महाभारत युद्ध की संध्या के समय द्वैत वन के सरोवर के पास की परिस्थिति का वर्णन कर रहे हैं। यह संदर्भ महाभारत के युद्ध के अंतिम दिन का है जब कौरवों की पराजय हो चुकी है और दुर्योधन (सुयोधन) अपनी जान बचाने के लिए सरोवर के जल में छिपा बैठा है।

Teacher's Note:
a) एकांकी के संदर्भ, स्थान (द्वैत वन का सरोवर) और समय (महायुद्ध की संध्या) को स्पष्ट करें।
b) प्रसंग की ऐतिहासिकता और नाटकीयता को समझाएं।

 

(ii) द्वैत वन कहाँ स्थित है ? पांडव वहाँ क्यों पहुंचे ? [2]

Answer:
द्वैत वन हस्तिनापुर के निकट एक ऐतिहासिक और घना जंगल था। पांडव वहाँ इसलिए पहुँचे क्योंकि उन्हें यह सूचना मिल गई थी कि पराजित दुर्योधन अपनी जान बचाने के लिए द्वैत वन के सरोवर के जल में छिपा हुआ है।

Teacher's Note:
a) द्वैत वन की स्थिति और पांडवों के वहाँ पहुँचने के उद्देश्य को स्पष्ट करें।
b) उत्तर संक्षिप्त और तथ्यात्मक हो।

 

(iii) सुयोधन किसे कहा गया है ? उसने आत्मरक्षा के लिए क्या उपाय किया ? क्या वह सफल हो पाया ? स्पष्ट कीजिए। [3]

Answer:
सुयोधन दुर्योधन का ही दूसरा नाम है (कुरुराज दुर्योधन)। उसने आत्मरक्षा के लिए द्वैत वन के एक गहरे सरोवर के जल-स्तंभ में छिपने का उपाय किया था ताकि कोई उसे ढूंढ न सके। किंतु वह सफल नहीं हो पाया, क्योंकि पांडव वहाँ आ पहुँचे और अंततः भीम के साथ उसकी गदा-युद्ध में पराजय हुई।

Teacher's Note:
a) दुर्योधन के छिपने के उपाय और उसकी विफलता का कारण स्पष्ट करें।
b) महाभारत की कथा के इस महत्वपूर्ण मोड़ को समझाएं।

 

(iv) महाभारत युद्ध किनके बीच हुआ था ? एकांकी के शीर्षक की औचित्य को समझाइए। [3]

Answer:
महाभारत का युद्ध कौरवों और पांडवों के बीच हुआ था। 'महाभारत की एक साँझ' एकांकी का शीर्षक पूर्णतः औचित्यपूर्ण है, क्योंकि यह एकांकी उस ऐतिहासिक युद्ध की संध्या (अंतिम बेला) के क्षणों को दर्शाती है जब युद्ध समाप्त हो चुका है, कौरव पक्ष हार चुका है, और दुर्योधन सरोवर में छिपा है। यह साँझ केवल दिन का अंत नहीं, बल्कि हस्तिनापुर के एक साम्राज्य और अहंकार के पतन की साँझ है।

Teacher's Note:
a) युद्ध के पक्षों और शीर्षक की सार्थकता (साँझ का प्रतीकात्मक अर्थ) को विस्तार से समझाएं।
b) एकांकी के केंद्रीय भाव को उजागर करें।

 

Question 16

Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow :-
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :-

मैं ही क्या, सारे नगर-निवासी यह त्योहार मना रहे हैं, नहीं मना रही हो तो तुम! धाय माँ तुम! পাহাড় बनने से क्या होगा ? राजमहल पर बोझ बनकर जाओगी, बोझ! और नदी बनो तो तुम्हारा बहता हुआ बोझ पत्थर भी अपने सिर पर धारण करेंगे, पत्थर भी!
['दीपदान' - डॉ. रामकुमार वर्मा]
['Deepdan' - Dr. Ramkumar Verma]

 

(i) वक्ता का संक्षिप्त परिचय दीजिए। [2]

Answer:
प्रस्तुत कथन के वक्ता कुंवर उदयसिंह (मेवाड़ के राजकुमार) हैं। वह पन्ना धाय के अत्यंत लाड़-प्यार में पले हुए एक कोमल और निष्पाप बालक हैं जो मेवाड़ के भावी उत्तराधिकारी हैं।

Teacher's Note:
a) वक्ता (उदयसिंह) का परिचय और राजपरिवार में उनकी स्थिति को स्पष्ट करें।
b) एकांकी के पात्र के रूप में उनकी मासूमियत को दर्शाएं।

 

(ii) 'पहाड़' और 'नदी' से वक्ता का क्या तात्पर्य है ? वह श्रोता को क्या सुझाव देती है ? [2]

Answer:
वक्ता (उदयसिंह) के अनुसार 'पहाड़' का तात्पर्य अनुत्पादक, कठोर और राजमहल पर बोझ बने रहने वाले जीवन से है, जबकि 'नदी' का तात्पर्य गतिशील, परोपकारी और निरंतर बहकर दूसरों की प्यास बुझाने वाले जीवन से है। वह श्रोता (पन्ना धाय) को सुझाव देता है कि वह पहाड़ की तरह एक जगह स्थिर रहकर बोझ न बने, बल्कि नदी की तरह जनसेवा और उल्लास के मार्ग को अपनाए।

Teacher's Note:
a) पहाड़ और नदी के प्रतीकात्मक अर्थों को स्पष्ट करें।
b) उदयसिंह द्वारा पन्ना धाय को दिए गए संदेश को समझाएं।

 

(iii) वक्ता के सुझाव पर श्रोता की क्या प्रतिक्रिया होती है ? समझाकर उत्तर लिखिए। [3]

Answer:
वक्ता (उदयसिंह) के इन भोले और प्रेमभरे वचनों को सुनकर पन्ना धाय अंदर से बहुत भावुक और विचलित हो जाती है। वह जानती है कि उस पर मेवाड़ के राजवंश की रक्षा का कितना बड़ा दायित्व है और उसे अपने ही पुत्र चंदन का बलिदान देकर उदयसिंह की रक्षा करनी होगी। इसलिए वह बालक की इस मासूमियत को देखकर और अधिक गंभीर व दृढ़संकल्प हो जाती है।

Teacher's Note:
a) पन्ना धाय की मानसिक स्थिति और उसके त्याग के संकल्प को स्पष्ट करें।
b) एकांकी के नाटकीय तनाव को समझाएं।

 

(iv) श्रोता का चरित्र किस प्रकार प्रेरणादायक है ? एकांकी के आधार पर समझाइए। [3]

Answer:
एकांकी की श्रोता पन्ना धाय का चरित्र भारतीय इतिहास में त्याग, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता की सर्वोच्च मिसाल है। वह मेवाड़ के राज्य और राजकुमार की रक्षा के लिए अपने सगे पुत्र चंदन का बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटती। उसका चरित्र हमें यह प्रेरणा देता है कि व्यक्तिगत सुख और मोह से बढ़कर राष्ट्र और कर्तव्य का पालन होता है। उसका यह अतुलनीय त्याग हर पीढ़ी के लिए वंदनीय और प्रेरणादायक है।

Teacher's Note:
a) पन्ना धाय के चारित्रिक गुणों (महान त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, साहस) का विस्तार से वर्णन करें।
b) एकांकी के मूल संदेश के रूप में उसके चरित्र के महत्व को समझाएं।

ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions & Previous Year Question Papers for Class 10 Hindi

Understanding Exam Patterns with ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions

Explore downloadable past papers for Class 10 Hindi. Utilizing the ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions ensures complete preparedness by offering clear insights into historical question styles and marking expectations.

Why Practice Class 10 Hindi Question Papers?

Reviewing official papers clarifies the exact marking scheme and structural layout established by the ICSE, enabling students to structure answers for maximum score potential.

Additional Study Resources for Class 10 Hindi

Download digital copies of these papers for convenient offline revision anywhere. Cross-check your completed steps against our expert solution guides to ensure complete accuracy.

FAQs

Where can I download the official PDF for ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions?

The ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions is available for download on StudiesToday.com. It includes complete set with all sections so that Class 10 students can practice with the exact same paper that came in the ICSE exams.

Are the solutions for ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions based on the official ICSE marking scheme?

Yes, the solutions for ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions are prepared by subject matter experts as per official marking scheme. Class 10 students will understand the structure of answers and 'step-marks' methodology Hindi.

How does solving ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions help in preparing for the 2026 exams?

Solving previous year papers like ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions is important to understand repeat themes and question difficulty levels of Hindi. It helps Class 10 students to test their time management skills too.

Can I access ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions in different languages?

Yes, where applicable, ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions is available in both English and Hindi mediums. All students from Class 10 can access Hindi study material in their preferred language.

Is there a charge to download the ICSE Class 10 Hindi solved papers?

No, all previous year question papers on StudiesToday, including ICSE Class 10 Hindi Board Exam Question Paper 2020 with Solutions, are provided free of charge in mobile-friendly PDF.