GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति

Official GSEB Solutions for Class 9 Social Science: Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति

Explore reliable textbook solutions for Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति tailored for Class 9 learners. Utilizing these Social Science answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final GSEB evaluations.

Chapter-wise Solutions for Social Science: Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति

Access the complete solution PDF for Class 9 Social Science below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

1. नीचे दिए गए प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए:

 

Question 1. भारत में विविधतापूर्ण वनस्पतियाँ दिखाई पड़ती है ।
Answer: भारत में जमीन की प्राकृतिक बनावट और मिट्टी के अलग-अलग प्रकारों के कारण पेड़-पौधों में बहुत भिन्नता पाई जाती है।

  • हिमालय के ठंडे इलाकों और दक्षिण के पठारी भागों में तापमान और नमी का फर्क भी पौधों में भिन्नता लाता है।
  • सूरज की रोशनी और बारिश भी पेड़-पौधों में विविधता पैदा करती है।
  • भारत में बारिश का बंटवारा एक जैसा नहीं है, इस कारण भी पेड़-पौधों में भिन्नता देखने को मिलती है।
  • भारत में 5000 किस्मों के पेड़, 450 व्यापारिक तौर पर उपयोगी पेड़ और 15000 फूल वाले पौधे मिलते हैं। आयुर्वेद में 2000 तरह की औषधीय वनस्पतियों का विवरण मिलता है।
  • इस तरह कहा जा सकता है कि भारत में पौधों की बहुत विविधता है।
In simple words: भारत में जमीन और मिट्टी के कारण पौधों में बहुत अलग-अलग तरह की प्रजातियाँ मिलती हैं। तापमान, नमी, सूरज की रोशनी और बारिश भी इस विविधता का कारण बनती हैं।

Exam Tip: विविधता के कारणों को बताते समय भौगोलिक, जलवायु और मानवीय कारकों को शामिल करें। प्रमुख बिंदुओं को उदाहरणों से स्पष्ट करें।

 

Question 2. जंगलों के विनाश के कौन-से कारण है ?
Answer: पेड़ों के खत्म होने का मुख्य कारण इंसान की जमीन पाने की इच्छा है। इसके अतिरिक्त, जनसंख्या में बढ़ोतरी, उद्योगों को रिहायशी इलाकों से दूर ले जाने की रणनीति, शहरों का विकास, कई उद्देश्यों वाली योजनाएं, सड़कें बनाना, घर बनाने और जलाने के लिए लकड़ी प्राप्त करना, खेती करना, जंगल की आग जैसे बहुत से कारण वनों को नष्ट कर रहे हैं।
In simple words: जंगलों के खत्म होने का सबसे बड़ा कारण है इंसान की जमीन की चाहत। आबादी बढ़ने, शहरीकरण और खेती के लिए भी जंगल काटे जा रहे हैं।

Exam Tip: वनों के विनाश के कारणों में मानवीय गतिविधियों (जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण) और प्राकृतिक आपदाओं (दावानल) दोनों को शामिल करें।

 

Question 3. वन विनाश के क्या परिणाम निकलें है ?
Answer:

  • वनों के कटने से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है।
  • बारिश की मात्रा कम हुई है और सूखे का खतरा बढ़ गया है।
  • ग्लोबल वार्मिंग (विश्व स्तर पर तापमान में बढ़ोतरी) और ग्रीनहाउस प्रभाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
  • रेगिस्तान का फैलाव बढ़ रहा है और जंगली जानवरों को अपना घर खोने जैसी मुश्किलें आ रही हैं।
In simple words: जंगल कटने से पर्यावरण का संतुलन खराब हो गया है। बारिश कम हुई, सूखे बढ़े, ग्लोबल वार्मिंग हुई और रेगिस्तान फैल गया है, जिससे जंगली जीवों का घर भी छिन गया है।

Exam Tip: वन विनाश के परिणामों को लिखते समय पर्यावरणीय असंतुलन, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों को मुख्य रूप से बताएं।

 

Question 5. 'उष्ण कटिबंधीय बरसाती' जंगों को सदाबहार जंगल क्यों कहते हैं ?
Answer: जिन इलाकों में तापमान अधिक रहता है और 200 cm से अधिक बारिश होती है, वहाँ पाए जाने वाले वनों को बरसाती वन कहते हैं।

  • इन वनों में पत्तों के झड़ने जैसा कोई मौसम नहीं होता।
  • ये जंगल पूरे बारह महीने हरे-भरे रहते हैं, इसी वजह से इन्हें सदाबहार जंगल कहा जाता है।
In simple words: ऊँचे तापमान और बहुत बारिश वाले जंगलों को बरसाती वन कहते हैं। इनमें पत्ते नहीं झड़ते और ये हमेशा हरे रहते हैं, इसलिए इन्हें सदाबहार कहा जाता है।

Exam Tip: सदाबहार जंगलों की दो मुख्य विशेषताएँ - वर्ष भर हरा-भरा रहना और पत्तों का न झड़ना - अवश्य लिखें।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के विस्तार से उत्तर लिखिए:

 

Question 1. जंगलों की उपयोगिता बताइए ।
Answer: जंगलों का आर्थिक महत्व (उपयोगिता) :

  • भारत के वन कई प्रकार के वन उत्पादों को प्रदान करते हैं।
  • वनों का मुख्य उत्पादन लकड़ी है। इमारती लकड़ी, ईंधन की लकड़ी, कागज, माचिस, रंग जैसे उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं।
  • चंदन की लकड़ी से सुगंधित तेल निकाला जाता है।
  • चीड़ के रस से तारपीन बनता है।
  • बाँस से टोकरी, बड़े टोकरे, खिलौने, चटाई और घर सजाने की चीजें बनाने के घरेलू उद्योगों का विकास होता है।
  • पलाश के पत्तों से पत्तल और दोने आदि बनते हैं।
  • टीमरू के पत्तों से बीड़ी और खैर की लकड़ी से कत्था बनता है।
  • सर्पगंधा, आँवला, सहिजन, हरड़, बहेड़ा, सिंकोना जैसी वनस्पतियाँ दवाएं बनाने में उपयोगी होती हैं।
  • ताड़ और खजूर के पत्तों से झाड़ू बनती है।
  • देवदार और चीड़ की लकड़ी से पैकिंग के डिब्बे बनाए जाते हैं।
  • वनों से कुछ गौण उत्पाद जैसे गोंद, रबर, लाख, शहद, राल, रेशम, तारपीन, नेतर आदि प्राप्त होते हैं।
  • सुंदरवन में पाए जाने वाले सुंदरी वृक्ष से नावें बनाई जाती हैं।
  • वनों से कई प्रकार के फल और फूल मिलते हैं।
पर्यावरणीय महत्व:
  • जंगल बारिश लाने में सहायक होते हैं।
  • वे वातावरण को विषम होने से रोकते हैं।
  • जंगल जीवनदायी गैस ऑक्सीजन की पूर्ति करते हैं।
  • जंगल बाढ़ को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं।
  • कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों का अवशोषण करते हैं।
  • जंगल मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।
  • जंगल भूजल को संरक्षित करते हैं।
  • जंगल रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकते हैं।
  • वायु प्रदूषण को कम करने में जंगल उपयोगी होते हैं।
  • जंगल प्राकृतिक सुंदरता में वृद्धि करते हैं।
  • जंगल हवा को शुद्ध करते हैं।
  • जंगली जीवों को प्राकृतिक रहने की जगह प्रदान करते हैं।
  • जंगल साहसिक पर्यटन के लिए एक आदर्श स्थान हैं।
  • राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के रूप में कुछ जंगलों को सुरक्षित घोषित किया गया है।
In simple words: जंगल हमें लकड़ी, दवाएं, फल और गोंद जैसे कई सामान देते हैं। वे बारिश लाने, हवा साफ रखने, मिट्टी का कटाव रोकने और जंगली जानवरों को घर देने जैसे पर्यावरण के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

Exam Tip: जंगलों की उपयोगिता को आर्थिक और पर्यावरणीय दो अलग-अलग शीर्षकों के तहत स्पष्ट करें, और प्रत्येक श्रेणी में कम से कम 5-7 बिंदु दें।

 

Question 2. भारत में पाये जानेवाले वनों के प्रकार बताइए ।
Answer: भारत में पाँच प्रकार के वन पाए जाते हैं:

  1. बरसाती (सदाबहार) वन:
    • वितरण: ये पश्चिमी घाट, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार, असम और तमिलनाडु जैसे इलाकों में मिलते हैं, जहाँ 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है और तापमान 22° से. रहता है।
    • वृक्ष: यहाँ 60 मीटर से अधिक ऊँचे पेड़ होते हैं, जो हमेशा हरे-भरे रहते हैं।
  2. पतझड़ के वन:
    • वितरण: ये 70 से 200 सेमी वर्षा वाले हिमालय के निचले इलाकों, पश्चिमी उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिमी घाट और सतपुड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
    • वृक्ष: इनमें साग, साल, सीसम, चंदन, खैर, बाँस आदि शामिल हैं।
    • विशेषता: ये पेड़ 6 से 8 सप्ताह में अपने पत्ते गिरा देते हैं।
  3. कंटीले वन:
    • वितरण: ये 70 सेमी से कम वर्षा वाले इलाकों जैसे राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब आदि में मिलते हैं।
    • वृक्ष: यहाँ खजूर, बेर, बबूल, थूहर, नागफनी और खेजड़ी जैसे पेड़ मिलते हैं।
    • विशेषता: इन पेड़ों की जड़ें लंबी, गहरी और चारों तरफ फैली हुई होती हैं।
  4. समशीतोष्ण कटिबंधीय जंगल और घास के मैदान:
    • वितरण: हिमालय में 1000 मीटर से 3600 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मिलते हैं।
    • वृक्ष: इनमें ओक, चेस्टनट, चीड़, देवदार, सिल्वर, स्प्रूस और बर्च जैसे पेड़ शामिल हैं।
    • विशेषताएँ: इन पेड़ों का आकार शंकु जैसा होता है, डालियाँ ढलान वाली होती हैं और पत्ते लंबे, नुकीले व चिकने होते हैं।
  5. ज्वारीय वन (मैंग्रोव):
    • वितरण: ये समुद्र के किनारों, नदियों के मुहानों, बंगाल की खाड़ी और गुजरात के समुद्रतटीय दलदल वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
    • वृक्ष: सुंदरी और चेर मुख्य पेड़ हैं।
    • विशेषताएँ: इन पेड़ों की लकड़ी बहुत मजबूत होती है और यह पानी में सड़ती नहीं, इसलिए इससे नावें बनाई जाती हैं।
In simple words: भारत में पाँच तरह के जंगल हैं: सदाबहार (हमेशा हरे), पतझड़ (पत्ते गिराने वाले), कंटीले (कम बारिश वाले), समशीतोष्ण (ठंडे पहाड़ी) और ज्वारीय (समुद्र किनारे दलदली)। हर तरह के जंगल की अपनी खासियत और पेड़ होते हैं।

Exam Tip: वनों के प्रकारों को बताते समय, प्रत्येक प्रकार के वितरण क्षेत्र, मुख्य वृक्षों के नाम और उनकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करें।

 

Question 3. जंगलों के संरक्षण के उपाय स्पष्ट कीजिए ।
Answer: लोगों को यह बात समझानी चाहिए कि जंगल हमारी राष्ट्रीय संपत्ति हैं और इनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है।

  • गैरकानूनी तरीके से पेड़ों को काटने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
  • जंगलों में आग न लगने का खास ध्यान रखना चाहिए।
  • लकड़ी के बजाय सौर ऊर्जा, बायोगैस और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाना चाहिए।
  • प्रचार-प्रसार के माध्यमों से लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
  • पर्यावरण शिक्षा और पाठ्यक्रम के जरिए लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना चाहिए और पर्यावरण से जुड़े दिवस मनाने चाहिए।
  • वन महोत्सव और सार्वजनिक वृक्षारोपण कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ानी चाहिए; बंजर जमीन, नदियों, रेलवे लाइनों और सड़कों के दोनों ओर पेड़ लगाने चाहिए।
In simple words: जंगलों को बचाने के लिए पेड़ों को काटने पर रोक लगानी चाहिए, आग से बचाना चाहिए, लकड़ी के बदले सौर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए, लोगों को जागरूक करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए।

Exam Tip: संरक्षण के उपायों को लिखते समय कानूनी, सामाजिक, शैक्षिक और तकनीकी पहलुओं को शामिल करें। व्यावहारिक सुझावों पर जोर दें।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

 

Question 1. वनस्पति की विविधता की दृष्टि से विश्व में भारत का कौन-सा स्थान है ?
(a) प्रथम
(b) चौथा
(c) दसवाँ
(d) पन्द्रहयौं
Answer: (c) दसवाँ
In simple words: पेड़-पौधों की अलग-अलग प्रजातियों के मामले में भारत दुनिया में दसवें नंबर पर आता है।

Exam Tip: ऐसे तथ्यात्मक प्रश्नों के लिए संख्यात्मक जानकारी (जैसे रैंकिंग या प्रतिशत) को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा कथन गलत है ?
(a) गंगा नदी के मुखत्रिकोण प्रदेश में ज्वारीय जंगल स्थित हैं ।
(b) चीड़ के रस से टर्पेन्टाइन बनता है ।
(c) सुंदरी की लकड़ी नाव बनाने में उपयोग की जाती है ।
(d) हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में कंटीली झाड़ी उगती है ।
Answer: (d) हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में कंटीली झाड़ी उगती है
In simple words: हिमालय के पहाड़ी इलाकों में कंटीली झाड़ियाँ नहीं उगती हैं; यह कथन गलत है।

Exam Tip: गलत कथन वाले प्रश्नों में प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें और उस पर विचार करें, क्योंकि एक छोटा सा विवरण भी उत्तर को बदल सकता है।

 

Question 3. सही जोड़े मिलाइए:
(अ)
(A) उष्ण कटिबंधीय बरसाती जंगल
(B) उष्ण कटिबंधीय कंटीले जंगल
(C) ज्वारीय जंगल
(D) शंकुद्रुम जंगल
(ब)
1. चेर
2. देवदार
3. बबूल
4. महोगन
(a) A-3 B-4 C-1 D-2
(b) A-4 B-3 C-1
(c) A-4 B-3 C-2 D-1
(d) A-4 B-2 C-3
Answer: (a) A-3 B-4 C-1 D-2
In simple words: सही जोड़े मिलाने वाले प्रश्न में, हमें पौधों के प्रकारों को उनके उदाहरणों से मिलाना होता है। यहाँ, उष्ण कटिबंधीय बरसाती जंगल को बबूल से, कंटीले जंगल को महोगन से, ज्वारीय जंगल को चेर से और शंकुद्रुम जंगल को देवदार से मिलाया गया है।

Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएं जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर शेष विकल्पों को खत्म करके सही उत्तर तक पहुंचें।

Free study material for Social Science

Step-by-Step Textbook Answers: Class 9 Social Science Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति

Official GSEB Solutions for Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति

Access structured GSEB textbook solutions for Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 9 Social Science, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.

Step-by-Step Explanations for Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 9 Social Science module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for GSEB exams.

Next Steps in Your Social Science Revision

These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.

FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Social Science are as per latest GSEB curriculum.

Are the Social Science GSEB solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Social Science. You can access GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science GSEB solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 17 प्राकृतिक वनस्पति in printable PDF format for offline study on any device.