GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 15 जलपरिवाह (अपवाह)

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Detailed Chapter 15 जलपरिवाह (अपवाह) GSEB Solutions for Class 9 Social Science

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Class 9 Social Science Chapter 15 जलपरिवाह (अपवाह) GSEB Solutions PDF

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए :

 

Question 1. अंतर लिखिए : हिमालय की नदियाँ - प्रायद्वीपीय नदियाँ ।
Answer:

हिमालय की नदियाँप्रायद्वीपीय नदियाँ
1. ये नदियाँ सदाबहार होती हैं।ये नदियाँ मौसमी होती हैं।
2. इनमें पूरे बारह महीने पानी भरा रहता है।इनमें कुछ महीनों तक ही पानी भरा रहता है।
3. गर्मी में हिमालय की बर्फ पिघलने से पानी भरा रहता है।इनका जल केवल वर्षाऋतु पर निर्भर करता है।
4. ये नदियाँ लम्बी और चौड़ी हैं।ये नदियाँ छोटी और पतली हैं।
5. इनका निकलने का स्थान हिमालय है।अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ पश्चिमी घाट से निकलती हैं।
6. ये नदियाँ लम्बी दूरी तय करती हैं, जिससे डेल्टा बनाती हैं।ये नदियाँ कम दूरी तय करती हैं और तेज बहाव के कारण खाईयाँ बनाती हैं।
7. ये अपने रास्ते में मैदान बनाती हैं।ये अपने रास्ते में झरने (प्रपात) बनाती हैं।
8. ये नदियाँ जल परिवहन के लिए उपयोगी हैं।ये नदियाँ जलविद्युत के लिए उपयोगी हैं।

In simple words: हिमालयी नदियाँ साल भर बहती हैं और बड़ी होती हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मौसम पर आधारित और छोटी होती हैं। हिमालयी नदियाँ डेल्टा बनाती हैं और परिवहन के काम आती हैं, वहीं प्रायद्वीपीय नदियाँ झरने और जलविद्युत के लिए अच्छी होती हैं।

Exam Tip: जब भी दो चीज़ों के बीच अंतर पूछा जाए, तो उन्हें हमेशा एक तालिका (टेबल) के रूप में लिखें। प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट और संक्षिप्त रखें।

 

Question 2. समझाइए : जल-परिवाह और जल-विभाजक
Answer: जब कोई एक बड़ी नदी और उसकी सहायक नदियाँ एक-दूसरे से मिलती हैं, तो जो आकार बनता है, उसे जल-परिवाह तंत्र कहते हैं। एक नदी तंत्र से उसका बहाव जिस इलाके में से बहता है, उसे नदी का बेसिन कहते हैं। जब कोई पहाड़ या पठारी इलाका नदियों के जल-परिवाह को एक-दूसरे से अलग करता है, तो उसे जल-विभाजक कहते हैं।
In simple words: जल-परिवाह एक मुख्य नदी और उसकी सहायक नदियों का समूह होता है। जल-विभाजक वह ऊँचाई वाला क्षेत्र होता है जो दो अलग-अलग नदी प्रणालियों को अलग करता है।

Exam Tip: इन परिभाषाओं को याद रखने के लिए, आप जल-परिवाह को एक पेड़ और उसकी शाखाओं की तरह सोच सकते हैं, और जल-विभाजक को एक ऊँची दीवार की तरह जो पानी को दो अलग-अलग दिशाओं में मोड़ देती है।

 

Question 3. झीलों की उपयोगिता बताइए ।
Answer: झीलें हमारे लिए बहुत प्रकार से उपयोगी हैं। कई नदियाँ झीलों से बनती हैं। जहाँ ज़्यादा बारिश होती है, वहाँ झीलों में अधिक पानी जमा हो जाता है, जिसका इस्तेमाल सिंचाई और अन्य कामों में हो सकता है। झीलों में इकट्ठा किया गया पानी सूखे के समय भी काम आ सकता है। नदियों पर बने बाँध और उनके नीचे बनी झीलें जलविद्युत उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं। कई झीलें तो प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाती हैं। कई झीलें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होती हैं। झीलें मछली उद्योग के लिए भी उपयोगी हैं।
In simple words: झीलें पानी जमा करने, सिंचाई में मदद करने, बिजली बनाने, सुंदरता बढ़ाने और पर्यटन व मछली पालन के लिए बहुत उपयोगी होती हैं।

Exam Tip: झीलों के विभिन्न उपयोगों को सूचीबद्ध करते समय, उन्हें अलग-अलग वर्गों में बाँटें, जैसे - पर्यावरणीय, आर्थिक और पर्यटन संबंधी, ताकि आपका उत्तर स्पष्ट और व्यापक लगे।

 

Question 4. जलप्रदूषण को रोकने के उपाय लिखिए ।
Answer:

  • जलप्रदूषण को रोकने के लिए सख्त नियमों का पालन करवाना ज़रूरी है। राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना द्वारा जलशुद्धीकरण योजना लागू करनी चाहिए।
  • औद्योगिक इकाइयाँ अपना गंदा पानी नदियों में न छोड़ें; इसके लिए सख्त नियम बनाने चाहिए।
  • औद्योगिक इकाइयों को अपने दूषित पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों को हटाकर ही पानी छोड़ना चाहिए।
  • नदियों में साफ पानी रहे, उसमें घर का कूड़ा-कचरा न मिले, इस बात का प्रत्येक नागरिक को ध्यान रखना चाहिए।

In simple words: जल प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कानून लागू करना, कारखानों का गंदा पानी साफ करके छोड़ना और नागरिकों को नदियों में कूड़ा न डालने के लिए जागरूक करना बहुत ज़रूरी है।

Exam Tip: जल प्रदूषण जैसे सामाजिक मुद्दों पर उत्तर देते समय, हमेशा सरकारी नीतियों, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और औद्योगिक नियंत्रण जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 5. गोदावरी नदी दक्षिण की गंगा कहलाती है ।
Answer: यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है। इसकी लम्बाई करीब 1500 कि.मी. है।

  • प्रायद्वीपीय क्षेत्र में इसका बहाव क्षेत्र सबसे विशाल है।
  • स्थानीय लोग इस नदी को पवित्र नदी मानते हैं। गोदावरी में कई सहायक नदियाँ आकर मिलती हैं।
  • इसके बड़े फैलाव के कारण गोदावरी को वृद्धगंगा या दक्षिण गंगा भी कहते हैं।

In simple words: गोदावरी दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसकी लंबाई 1500 किमी है। इसका बेसिन सबसे बड़ा है, लोग इसे पवित्र मानते हैं, और इसके विशाल आकार के कारण इसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है।

Exam Tip: नदियों के बारे में लिखते समय, उसकी लंबाई, बेसिन क्षेत्र, सांस्कृतिक महत्व और उपनाम (जैसे 'दक्षिण गंगा') को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

 

Question 1. गंगा नदी - तंत्र के विषय में समझाइए
Answer: गंगा नदी हिमालय के गंगोत्री से निकलने वाली भागीरथी और अलकनंदा के देवप्रयाग में मिलने से बनती है। इसकी कुल लम्बाई 2500 कि.मी. है। हरिद्वार के पास गंगा नदी मैदान में प्रवेश करती है। दिल्ली को गंगा का प्रवेशद्वार और अंबाला गंगा और सिंधु का जल-विभाजक हैं। गंगा की मुख्य सहायक नदियों में यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी हिमालय की हैं, और चंबल, बेतवा और सोन नदियाँ प्रायद्वीपीय पठारी गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा बने उपजाऊ मैदान से भारत ने कृषि क्षेत्र में बहुत समृद्धि हासिल की है।
उत्तर और दक्षिण में से मिलने वाली नदियों का संयुक्त बहाव आगे चलकर दो भागों में बँटता है। पहला भाग बांग्लादेश में 'पद्मा' और दूसरा भाग बंगाल में 'हुगली' के नाम से जाना जाता है। गंगा का बहाव पद्मा बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र से मिलकर संयुक्त रूप से 'मेघना' के नाम से जाना जाता है। गंगा अपने मुहाने पर विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा 'सुंदरवन' बनाती है, जो मैंग्रोव जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। अंबाला से सुंदरवन तक मैदान का प्रति 6 कि.मी. पर एक मीटर ढलान कम होता है, इसीलिए इस नदी में घुमाव अधिकतर दिखाई देता है।
In simple words: गंगा भागीरथी और अलकनंदा के मिलने से बनती है, यह 2500 किमी लंबी है और हरिद्वार में मैदान में उतरती है। यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी, चंबल जैसी नदियाँ इसकी सहायक हैं। यह बांग्लादेश में पद्मा और बंगाल में हुगली कहलाती है, और विश्व का सबसे बड़ा सुंदरवन डेल्टा बनाती है।

Exam Tip: गंगा नदी तंत्र का वर्णन करते समय, इसके उद्गम, लंबाई, सहायक नदियाँ, भारत और बांग्लादेश में इसके विभिन्न नाम और इसके द्वारा बनाए गए डेल्टा का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 2. नर्मदा बेसिन के विषय में बताइए ।
Answer: नर्मदा नदी मध्य प्रदेश के अमरकंटक के पास से निकलती है। यह पश्चिम दिशा में एक दरार घाटी से होकर जबलपुर के संगमरमर की चट्टानों वाले इलाके से होकर बहती है। नर्मदा ढलान के कारण तेज़ बहाव से बहती हुई 'धुंआधार' नाम का जलप्रपात बनाती है। इसकी सहायक नदियाँ छोटी हैं और समकोण पर मिलती हैं। इस नदी की लम्बाई करीब 1312 कि.मी. है। इसका बेसिन क्षेत्र मध्य प्रदेश और गुजरात में फैला हुआ है।
In simple words: नर्मदा नदी अमरकंटक से पश्चिम की ओर बहती है, जबलपुर के पास धुंआधार जलप्रपात बनाती है। इसकी कुल लंबाई 1312 किमी है और इसका बेसिन मध्य प्रदेश और गुजरात में फैला है।

Exam Tip: नर्मदा बेसिन के बारे में बताते समय, नदी के उद्गम, बहाव की दिशा, मुख्य विशेषताओं (जैसे जलप्रपात), लंबाई और बेसिन के विस्तार को हाइलाइट करें।

 

Question 3. कृष्णा और कावेरी बेसिन की विस्तृत जानकारी दीजिए ।
Answer:
कृष्णा बेसिन : कृष्णा नदी पश्चिमी घाट के महाबलेश्वर से निकलती है। इसकी लम्बाई करीब 1400 कि.मी. है। इसकी सहायक नदियाँ तुंगभद्रा, कोयना, घाटप्रभा, मूसी और भीमा हैं। कृष्णा का बेसिन क्षेत्र महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फैला है।
कावेरी बेसिन : कावेरी नदी का उद्भव पश्चिमी घाट के ब्रह्मगिरि श्रेणी में है। इसकी लम्बाई करीब 760 कि.मी. है। कावेरी की सहायक नदियाँ अमरावती, भवानी, हेमवती और कालिनी हैं। इसका बेसिन क्षेत्र केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में फैला है। यह नदी तमिलनाडु के कुडलूर के दक्षिण में बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
In simple words: कृष्णा नदी महाबलेश्वर से निकलती है, 1400 किमी लंबी है, और महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में फैलती है। कावेरी ब्रह्मगिरि श्रेणी से शुरू होकर 760 किमी बहती है, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में फैली है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

Exam Tip: जब दो अलग-अलग नदियों के बारे में विस्तृत जानकारी पूछी जाए, तो प्रत्येक नदी के लिए अलग-अलग पैराग्राफ या बिंदु-वार विवरण दें, जिसमें उद्गम, लंबाई, सहायक नदियाँ और बेसिन के राज्यों का स्पष्ट उल्लेख हो।

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

 

Question 1. नदियों के विसर्जन के कारण कैसी झीलों का निर्माण होता है ?
(a) लगून
(b) घोड़े के नाल जैसी
(c) बेलनाकार
(d) वर्गाकार
Answer: (b) घोड़े के नाल जैसी
In simple words: नदियाँ जब अपना रास्ता बदलती हैं, तो कभी-कभी उनके पुराने रास्ते का एक हिस्सा कटकर अलग हो जाता है, जिससे घोड़े के नाल जैसी झीलें बन जाती हैं।

Exam Tip: नदियों द्वारा बनने वाली विभिन्न भू-आकृतियों और उनके नामों को याद रखें, खासकर ऑक्सबो झील (घोड़े के नाल जैसी झील) के निर्माण की प्रक्रिया को समझें।

 

Question 2. कोई पर्वत या पठारी प्रदेश नदियों के प्रवाह को एक-दूसरे से अलग करें तो उसे क्या कहते हैं ?
(a) जलरचना
(b) जल-विभाजक
(c) नदीतंत्र
(d) बेसिन
Answer: (b) जल-विभाजक
In simple words: जब कोई पहाड़ या ऊँचा पठार पानी को दो अलग-अलग दिशाओं में बहने के लिए मजबूर करता है, तो उसे जल-विभाजक कहते हैं।

Exam Tip: जल-विभाजक की अवधारणा भूगोल में बहुत महत्वपूर्ण है। याद रखें कि यह जल प्रवाह को दो अलग-अलग नदी बेसिन में बांटता है।

 

Question 3. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी प्रायद्वीपीय नहीं है ?
(a) गोदावरी
(b) कृष्णा
(c) कोसी
(d) कावेरी
Answer: (c) कोसी
In simple words: गोदावरी, कृष्णा और कावेरी दक्षिण भारत की प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं, जबकि कोसी हिमालय से निकलने वाली एक नदी है।

Exam Tip: भारत की प्रमुख नदियों को उनके उद्गम स्थान (हिमालयी या प्रायद्वीपीय) के आधार पर वर्गीकृत करना सीखें। यह मानचित्र आधारित प्रश्नों में भी सहायक होता है।

 

Question 4. निम्नलिखित में से किस झील का उपयोग नमक बनाने के लिए होता हैं ?
(a) ढेबर
(b) साँभर
(c) वूलर
(d) नल
Answer: (b) साँभर
In simple words: साँभर झील राजस्थान में स्थित एक खारे पानी की झील है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर नमक उत्पादन के लिए किया जाता है।

Exam Tip: भारत की प्रमुख खारे पानी की झीलों और उनके आर्थिक महत्व को जानें। साँभर झील नमक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

 

Question 5. गंगा में कौन-सी नदियाँ मिलती है ?
(a) यमुना, घाघरा, गंडक और कोसी
(b) यमुना, चंबल, घाघरा, कोसी
(c) यमुना, घाघरा, शरावती और कोसी
(d) नर्मदा, घाघरा, गंडक और कोसी
Answer: (a) यमुना, घाघरा, गंडक और कोसी
In simple words: गंगा नदी में कई सहायक नदियाँ मिलती हैं, जिनमें यमुना, घाघरा, गंडक और कोसी मुख्य हैं, जो इसे एक बड़ा नदी तंत्र बनाती हैं।

Exam Tip: गंगा की प्रमुख सहायक नदियों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर बहुविकल्पीय और सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में पूछे जाते हैं।

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