NCERT Solutions for Class 9 Social Science: Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II
Review structured textbook solutions for Class 9 Social Science Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II. Built according to GSEB guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.
Practice Class 9 Social Science Solutions: Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II
Access the complete solution PDF for Class 9 Social Science below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए :
Question 1. हिमालय पर्वत श्रेणी के मुख्य दो भाग कौन-से हैं ?
Answer: हिमालय की लम्बाई 2400 कि.मी. और चौड़ाई 240 से 320 कि.मी. के बीच रहती है ।
- पश्चिम में यह अफगानिस्तान से पूर्व की ओर बढ़कर भारत, नेपाल, भूटान से गुजरते हुए म्यानमार तक पहुँचती है ।
- उत्तर में इसका विस्तार तिब्बत में फैला है । इसे मध्य एशिया की पामीर की गाँठ नाम से जानी जाने वाली पर्वतश्रेणी का एक हिस्सा माना जाता है ।
पूरी हिमालय पर्वत श्रेणी के मुख्य दो भाग इस प्रकार हैं:
- उत्तर का हिमालयी पर्वतीय प्रदेश
- पूर्वी हिमालय ।
Exam Tip: हिमालय के भौगोलिक विस्तार (लम्बाई, चौड़ाई) और उसके मुख्य दो भागों को स्पष्ट रूप से लिखें। विस्तार में देशों का नाम भी याद रखें।
Question 2. रेगोलिथ किसे कहते हैं ?
Answer: भूमि के आवरण में चट्टानों के छोटे-बड़े टुकड़े, कंकड़, और रेत आदि शामिल होते हैं, जिसे रेगोलिथ कहा जाता है ।
In simple words: धरती पर चट्टानों के टूटे हुए छोटे-छोटे टुकड़े, कंकड़ और रेत को रेगोलिथ कहते हैं।
Exam Tip: रेगोलिथ की परिभाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए, जिसमें उसके प्रमुख घटक (चट्टानों के टुकड़े, कंकड़, रेत) शामिल हों।
Question 3. चट्टानों के तीन प्रकार कौन-कौन से है ?
Answer: चट्टानों के तीन मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
- आग्नेय चट्टान
- परतदार चट्टान
- रूपांतरित चट्टान ।
Exam Tip: चट्टानों के तीनों प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय उनके सही नामों का उपयोग करें।
Question 4. मिट्टी निर्माण की प्रक्रिया के विषय में बताइए ।
Answer: मिट्टी चट्टानों के टूटने से बनती है ।
- चट्टानों की ऊपरी सतह पर तापमान, बर्फ, हवा, पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं के कारण चट्टानें टूटती हैं, जिससे चट्टानों का बारीक चूर्ण बनता है और भूमि का आवरण तैयार होता है ।
- इस भूमि के आवरण में चट्टानों के छोटे-बड़े टुकड़े, कंकड़ और रेत जैसे पदार्थ शामिल होते हैं, जिसे रेगोलिथ कहा जाता है । इसमें केवल खनिज के पदार्थ ही होते हैं ।
खनिज के पदार्थों में जैविक पदार्थ, हवा और पानी मिल जाते हैं, जिससे मिट्टी का निर्माण होता है ।
| जलवायु के प्रभाव से | ||
|---|---|---|
| चट्टानें टुकड़ों/चूरे में परिवर्तित होती है । | मरे हुए जीवजन्तु, वनस्पति का सड़ना, गलना, हवा, पानी का मिश्रित होना । | |
| खनिज द्रव्य | जैविक द्रव्य | |
| मिट्टी |
In simple words: मिट्टी चट्टानों के छोटे-छोटे टुकड़ों, पौधों और जानवरों के अवशेष, हवा और पानी के मिलने से बनती है। पहले चट्टानें टूटती हैं, फिर वे खनिज पदार्थ और जैविक पदार्थ मिलकर मिट्टी बनाते हैं।
Exam Tip: मिट्टी निर्माण की प्रक्रिया को समझाते समय, चट्टानों के विखंडन, रेगोलिथ के निर्माण, और जैविक व अजैविक पदार्थों के मिश्रण को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
निम्नलिखित शब्द-संकल्पनाओं को समझाइए :
Question 1. निक्षेपण – परिवर्तनकारी शक्तियों में भू-पटल का समतलन करनेवाली एक निरन्तर प्रक्रिया जिसमें अपने ही स्थान पर चट्टानों की तोड़-जोड़ एवं क्षय की क्रिया होती है ।
Answer: निक्षेपण एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जो पृथ्वी की सतह को समतल करती है । इसमें चट्टानों का अपने ही स्थान पर टूटना, कटना और गलना शामिल होता है ।
In simple words: निक्षेपण एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ चट्टानें अपने स्थान पर टूटकर, घिसकर और गलकर पृथ्वी की सतह को समतल करती रहती हैं।
Exam Tip: निक्षेपण की परिभाषा में "अपने ही स्थान पर" और "समतलन" जैसे प्रमुख शब्दों का उपयोग करें।
Question 2. बांगर – मैदानों के पुराने काँप को बाँगर कहते हैं । यह बाढ़ के मैदान से ऊँचा होता है, लगातार होनेवाले काँप के जमाव के कारण एक सोपान आकार के समान बनाता है ।
Answer: बांगर उन पुराने जलोढ़ मिट्टी को कहते हैं जो मैदानों में पाई जाती है । यह बाढ़ के मैदान से थोड़ा ऊँचा रहता है, और बार-बार होने वाले जलोढ़ मिट्टी के जमाव के कारण यह सीढ़ी के आकार जैसा बन जाता है ।
In simple words: बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी होती है जो बाढ़ के मैदानों से थोड़ी ऊँची होती है और सीढ़ी जैसा आकार बनाती है क्योंकि इस पर मिट्टी बार-बार जमा होती रहती है।
Exam Tip: बांगर को "पुराने जलोढ़" के रूप में परिभाषित करें और उसकी ऊँचाई तथा सोपान आकार को स्पष्ट करें।
Question 3. खनिज – प्राकृतिक कार्बनिक तथा अकार्बनिक क्रियाओं से तैयार होनेवाले कुछ निश्चित रासायनिक संरचनावाले पदार्थों को खनिज कहते हैं।
Answer: खनिज ऐसे पदार्थ होते हैं जिनकी रासायनिक संरचना निश्चित होती है । ये प्राकृतिक रूप से कार्बनिक और अकार्बनिक प्रक्रियाओं से बनते हैं ।
In simple words: खनिज वे प्राकृतिक पदार्थ हैं जिनकी एक तय रासायनिक बनावट होती है, और ये जैविक या अजैविक प्रक्रियाओं से बनते हैं।
Exam Tip: खनिज की परिभाषा में "निश्चित रासायनिक संरचना" और "प्राकृतिक कार्बनिक/अकार्बनिक क्रियाओं" को शामिल करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. चट्टान – एक या उससे अधिक खनिजों से बने संगठित पदार्थ को चट्टान कहते हैं ।
Answer: चट्टान एक ऐसा पदार्थ है जो एक या उससे अधिक खनिजों के मिलने से बनता है और यह एक संगठित रूप में रहता है ।
In simple words: चट्टान एक या उससे ज़्यादा खनिजों से मिलकर बना एक ठोस पदार्थ है।
Exam Tip: चट्टान की परिभाषा में "एक या उससे अधिक खनिजों से बने" और "संगठित पदार्थ" शब्दों पर जोर दें।
Question 5. मिट्टी - जैविक और अजैविक द्रव्यों से बनी पृथ्वी की पपडी के ऊपरी पतले स्तर को मिट्टी कहते हैं
Answer: मिट्टी वह पतली परत है जो पृथ्वी की ऊपरी सतह पर पाई जाती है । यह जैविक (जीव-जंतु और पौधे) और अजैविक (खनिज) पदार्थों के मिलने से बनती है ।
In simple words: मिट्टी धरती की सबसे ऊपरी परत है, जो जैविक और अजैविक चीज़ों से मिलकर बनी है।
Exam Tip: मिट्टी की परिभाषा में उसके स्थान (पृथ्वी की ऊपरी परत) और उसके घटकों (जैविक व अजैविक द्रव्य) को स्पष्ट रूप से लिखें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्देवार लिखिए :
Question 1. भारत के द्वीप समूह :
Answer:
- लक्षद्वीप समूह अरब सागर में स्थित है ।
- लक्षद्वीप प्रवाल चट्टानों से बना है ।
- इन सभी द्वीपों का आकार घोड़े की नाल जैसा है ।
- इस प्रकार के प्रवाल द्वीपों को 'एटोला' कहा जाता है ।
- भारत का दूसरा द्वीप समूह अंडमान और निकोबार बंगाल की खाड़ी में स्थित है ।
- ये आकार में बड़े होते हैं और संख्या में भी अधिक हैं ।
- ये द्वीप समूह एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए हैं, और ये निमज्जन पर्वत श्रेणियों के शिखर माने जाते हैं ।
- कुछ द्वीप ज्वालामुखी प्रक्रियाओं से भी बने हैं ।
- निकोबार समूह में 19 द्वीप शामिल हैं, जिनमें से कुछ की लम्बाई 60 से 100 कि.मी. तक है ।
- यह द्वीप समूह 350 वर्ग कि.मी. में फैला हुआ है ।
- ये द्वीप समूह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं ।
Exam Tip: भारत के दोनों मुख्य द्वीप समूहों (लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार) का उल्लेख करें, उनके स्थान, निर्माण प्रक्रिया और विशेषताओं को स्पष्ट करें।
Question 2. भारत की मिट्टी के प्रकार बताते हुए विस्तृत जानकारी दीजिए ।
Answer: भारत में छह प्रकार की मिट्टी मिलती है :
(1) काँप मिट्टी : नदियों द्वारा बहाकर लाई गई मिट्टी को काँप मिट्टी कहते हैं ।
- पुराने काँप की मिट्टी को बाँगर और नए काँप की मिट्टी को खादर कहते हैं ।
- यह मिट्टी चिकनी, गहरे रंग की और अधिक उपजाऊ होती है ।
- पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में काँप मिट्टी पाई जाती है ।
- यह मिट्टी चिकनी, चिपचिपी और नमी बनाए रखने वाली होती है ।
- इसे रेगुर या कपास की मिट्टी भी कहते हैं ।
- यह मिट्टी मुख्य रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में पाई जाती है ।
- इसमें लौहतत्त्व और अन्य जैविक तत्त्वों के कारण लाल रंग होता है ।
- यह छिद्रित और उपजाऊ मिट्टी मुख्य रूप से गोवा, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और झारखंड में पाई जाती है ।
- जैविक तत्त्वों की कमी से यह मिट्टी कम उपजाऊ होती है ।
- इसमें लौहतत्त्व और एल्युमीनियम तत्त्व अधिक मात्रा में मिलते हैं ।
- ऐसी मिट्टी पहाड़ी क्षेत्रों, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा और पूर्वोत्तर के कई भागों में मिलती है ।
- यह मिट्टी रेतीली, छिद्रित और जैविक तत्त्वों की कमी वाली होती है ।
- भारत के मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी पर्वत श्रेणियों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में पाई जाती है ।
- यह मिट्टी जैविक पदार्थों की कमी और क्षार तत्त्वों की अधिकता से कम उपजाऊ होती है, लेकिन सिंचाई से खेती संभव हो सकती है ।
- यह मिट्टी मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा के शुष्क और अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है ।
Exam Tip: मिट्टी के प्रत्येक प्रकार का नाम, उसका निर्माण कैसे होता है, उसकी मुख्य विशेषताएँ और वह भारत के किन राज्यों में पाई जाती है, इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट करें।
Question 3. खनिजों का वर्गीकरण समझाओ ।
Answer: सामान्य तौर पर खनिजों को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है :
(1) धातुमय खनिज (धात्विक खनिज) :
- (अ) कीमती धातुमय खनिज : सोना, चाँदी, प्लेटिनम आदि ।
- (ब) हलकी धातुमय खनिज : मैग्नेशियम, बॉक्साइट, टीटानियम आदि ।
- (क) सामान्य उपयोगी खनिज : लोहा, ताँबा, सीसा, एल्युमीनियम, कलई, निकल आदि ।
- (ड) मिश्रधातु स्वरूप में उपयोगी खनिज : क्रोमियम, मैंगनीज, टंगस्टन, वेनेडियम आदि ।
(3) संचालन शक्ति हेतु उपयोगी खनिज : कोयला, खनिज तेल और प्राकृतिक गैस, युरेनियम, थोरियम आदि ।
In simple words: खनिजों को तीन मुख्य समूहों में बांटा जाता है: धातुमय (जैसे सोना, लोहा), अधातुमय (जैसे चूना पत्थर, अभ्रक), और ऊर्जा देने वाले खनिज (जैसे कोयला, खनिज तेल)।
Exam Tip: खनिजों के तीनों मुख्य वर्गीकरणों (धातुमय, अधातुमय, संचालन शक्ति हेतु उपयोगी) को स्पष्ट रूप से लिखें और प्रत्येक श्रेणी के कम से कम दो-तीन उदाहरण अवश्य दें।
नीचे दिए गए प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर उत्तर पूर्ण कीजिए :
Question 1. पतकोई पहाड़ी : अरुणाचल प्रदेश : लुसाई :
(A) नागालैण्ड
(B) मणिपुर
(C) मिजोरम
(D) मेघालय
Answer: (C) मिजोरम
In simple words: पतकोई पहाड़ी अरुणाचल प्रदेश में है, और लुसाई पहाड़ी मिजोरम में है।
Exam Tip: पर्वतीय श्रृंखलाओं और उनकी संबंधित राज्यों को सही ढंग से याद करें।
Question 2. निम्नलिखित में से असत्य विधान कौन बोलता है ? खोजिए ।
(A) कशिश : सोना, चाँदी, प्लेटिनम, कीमती धातुमय खनिज है ।
(B) किन्नी : बॉक्साइट, टीटानियम कीमती धातुमय खनिज है ।
(C) ध्रुवी : टंगस्टन, मैंगनीज और क्रोमियम आदि अधातुमय खनिज हैं ।
(D) निधि : सीसा, ताँबा और लोहा आदि सामान्य उपयोगी खनिज है ।
Answer: (D) निधि : सीसा, ताँबा और लोहा आदि सामान्य उपयोगी खनिज है ।
In simple words: सीसा, ताँबा और लोहा सभी सामान्य धातुमय खनिज हैं, न कि अधातुमय। इसलिए यह कथन गलत है।
Exam Tip: खनिजों के प्रकार और उनके उदाहरणों को ध्यान से पढ़ें ताकि आप सही और गलत कथनों में फर्क कर सकें।
Question 3. सही जोड़े मिलाइए :
| 1. पतदार चट्टान | (A) ग्रेनाइट |
|---|---|
| 2. रूपांतरित चट्टान | (B) चूना-पत्थर |
| 3. आग्नेय चट्टान | (C) संगमरमर (मार्बल) |
(B) a-3, b-2, c-1
(C) a-2, b-3, c-1
(D) a-1, b-3, c-2
Answer: (D) a-1, b-3, c-2
In simple words: पतदार चट्टान चूना-पत्थर है, रूपांतरित चट्टान संगमरमर है, और आग्नेय चट्टान ग्रेनाइट है।
Exam Tip: चट्टानों के प्रकार और उनके उदाहरणों को सही ढंग से याद करें।
Question 4. निम्नलिखित में से कौन-सा विधान सत्य है ?
(A) पश्चिमी घाट उत्तरीक्षेत्र में अधिक ऊँचाईवाला है ।
(B) कर्नाटक में पश्चिमीघाट को नीलगिरि कहते हैं ।
(C) पश्चिमीघाट अरब सागर के किनारे अविछिन्न रूप से उत्तर-दक्षिण में व्याप्त है ।
(D) केरल और तमिलनाडु की सीमा पर पश्चिमीघाट को सह्याद्रि कहते हैं ।
Answer: (D) केरल और तमिलनाडु की सीमा पर पश्चिमीघाट को सह्याद्रि कहते हैं ।
In simple words: पश्चिमी घाट को केरल और तमिलनाडु की सीमा पर सह्याद्रि के नाम से जाना जाता है, यह कथन सही है।
Exam Tip: पश्चिमी घाट के विभिन्न क्षेत्रीय नामों और उसकी भौगोलिक विशेषताओं को याद रखें।
Question 5. अरावली और विंध्याचल के बीच कौन-सा पठारी प्रदेश है ?
(A) छोटा नागपुर
(B) मालवा
(C) दक्कन
(D) शिलोंग
Answer: (B) मालवा
In simple words: मालवा का पठार अरावली और विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है।
Exam Tip: भारत के प्रमुख पठारों और उनकी भौगोलिक स्थिति को मानचित्र पर देखकर याद करें।
Free study material for Social Science
Free GSEB Textbook Explanations: Class 9 Social Science Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II
Accessing Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II Solutions
Review comprehensive exercise answers for Class 9 Social Science Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II. Fully updated to match current GSEB syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.
Concept-Driven Answers for Class 9 Social Science
Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 9 Social Science module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for GSEB exams.
Maximizing Study Efficiency
Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 9 Social Science.
FAQs
The complete and updated GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Social Science are as per latest GSEB curriculum.
Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 9 Social Science. You can access GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Social Science Solutions Chapter 14 भारत स्थान, भूस्तरीय रचना और भूपृष्ठ II in printable PDF format for offline study on any device.