GSEB Class 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language) Solutions

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GSEB Std 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language)

‘समास’ का अर्थ 'संक्षेप' होता है। पंडित कामता प्रसाद गुरु के अनुसार, जब दो या उससे अधिक शब्दों (पदों) के बीच के आपसी संबंध बताने वाले शब्द या प्रत्यय हट जाते हैं, तो उनसे जो एक नया, स्वतंत्र शब्द बनता है, उसे 'सामासिक शब्द' कहते हैं। इन दो या ज़्यादा शब्दों के जुड़ने की क्रिया को 'समास' कहा जाता है।

  • समस्त पद में (विभक्ति प्रत्ययों) कारक चिन्हों का लोप हो जाता है।
  • समस्त पदों को अलग-अलग हिस्सों में बाँटकर उनके संबंध को साफ़ करना 'विग्रह' कहलाता है।

उदाहरण - सामासिक शब्द - नभचर; समास विग्रह - नभ में विचरण करनेवाला।

समास के कई प्रकार होते हैं। हिन्दी के मुख्य समास इस तरह हैं :

समास
अव्ययीभाव समासतत्पुरुष समासकर्मधारयद्विगु समासद्वन्द्व समासबहुब्रीहि समास

1. अव्ययीभाव समास :

अव्ययीभाव समास में पहला शब्द अव्यय होता है और दूसरा शब्द संज्ञा होता है। दोनों मिलकर पूरा शब्द अव्यय के समान बन जाता है। अव्ययीभाव समास लिंग, वचन, कारक, पुरुष आदि के हिसाब से बदलते नहीं हैं। उदाहरण -

  • समस्त पद – विग्रह
  • यथाशक्ति – शक्ति के अनुसार
  • आजीवन – जीवनभर
  • यथासमय – समय के अनुसार
  • सपरिवार – परिवार के साथ
  • प्रत्यक्ष – आँखों के सामने

2. द्वन्द्व समास :

जहाँ दोनों शब्द मुख्य होते हैं, वहाँ द्वन्द्व समास होता है। विग्रह करने पर 'और', 'तथा', 'या', अथवा जैसे योजक शब्द इस्तेमाल होते हैं। उदाहरण :

  • समस्त पद – विग्रह
  • रामकृष्ण – राम और कृष्ण – राम या कृष्ण
  • माता-पिता – माता और पिता – माता या पिता
  • पाप-पुण्य – पाप और पुण्य – पाप या पुण्य
  • सुख-दुःख – सुख और दुःख – सुख या दुःख
  • नर-नारी – नर और नारी – नर या नारी

3. बहुब्रीहि समास :

जिस समास में कोई भी शब्द मुख्य नहीं होता, बल्कि कोई दूसरा शब्द मुख्य होता है, उसे बहुब्रीहि समास कहते हैं। समास बनने पर पूरा शब्द विशेषण की तरह काम करता है। यह किसी व्यक्ति, वस्तु या जगह आदि की खासियत बताता है। उदाहरण -

  • समस्त पद – विग्रह
  • चक्रपाणि – चक्र है हाथ में जिसके अर्थात् विष्णु
  • लम्बोदर – लंबा (बड़ा) है उदर जिसका अर्थात् गणेश
  • अजातशत्रु – नहीं पैदा हुआ है जिसका शत्रु अर्थात् वह
  • तिरंगा – तीन रंगोंवाला अर्थात् भारत का राष्ट्र ध्वज
  • निशाचर – निशा (रात) में विचरण करनेवाला अर्थात् राक्षस

4. द्विगु समास :

जिन सामासिक शब्दों में पहला हिस्सा गिनती बताने वाला शब्द हो, वहाँ द्विगु समास होता है। अर्थ के हिसाब से यह समास अक्सर चीजों का समूह बताता है; जैसे –

  • त्रिभुज – तीन भुजाओं से बनी बंद आकृति
  • चौराहा – जहाँ चार रास्ते मिलते हैं (चार राहों का समूह)
  • शताब्दी – शत (सौ) अब्द (वर्षों) का समूह
  • पंचवटी – पंच (पाँच) वट (वृक्षों) का समूह आदि।

5. कर्मधारय समास :

जहाँ समस्त पद के दोनों हिस्सों में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध हो, वहाँ कर्मधारय समास होता है। मतलब, कर्मधारय समास का पहला शब्द विशेषण या तुलना बताने वाला होता है; जैसे -

  • नीलाकाश (नीला + आकाश) = नीले रंग का आकाश
  • महाराज = महान् राजा
  • कमलनयन = कमल रूपी नयन
  • चरणकमल = कमल रूपी चरण आदि।

6. तत्पुरुष :

जहाँ सामासिक बाद वाला शब्द मुख्य होता है और पहला शब्द कम महत्वपूर्ण होता है। इस समास को बनाने में दो शब्दों के बीच में आनेवाले कारक चिह्नों (परसर्गों) का लोप हो जाता है। (कर्ता, संबोधन के परसर्गों को छोड़कर) जैसे -

  • विद्यालय (विद्या + आलय) = विद्या के लिए आलय
  • हस्तलिखित = हस्त (हाथ से लिखित)
  • रसोईघर = रसोई के लिए घर
  • राजकुमार = राजा का वर (कुमार)
  • पदच्युत = पद से च्युत
  • पदप्राप्त = पद को प्राप्त
  • ध्यानमग्न = ध्यान में मग्न आदि।

विशेष : आगे की कक्षाओं में आपको इन समासों के उपभेदों की भी जानकारी दी जाएगी।

 

Question. विग्रह करके समास का नाम लिखिए।
Answer:
1. दो बैलों की कथा

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
बुद्धिहीनबुद्धि से हीनतत्पुरुष समास
सुख-दुःखसुख और दुःखद्वंद्व समास
ऋषि-मुनिऋषि और मुनि/ऋषि या मुनिद्वंद्व समास
लड़ाई-झगड़ालड़ाई या झगड़ा/लड़ाई और झगड़ाद्वंद्व समास
आस-पासआस-पास, चारों ओरअव्ययीभाव समास
विचार-विनिमयविचारों का विनिमय (आदान-प्रदान)तत्पुरुष समास
खली-भूसाखली और भूसा / खली या भूसाद्वंद्व समास
दाना-चारादाना और चारा/दाना या चाराद्वंद्व समास
अभिनंदन-पत्रअभिनंदन के लिए पत्रतत्पुरुष समास
पशु-वीरपशुओं में वीरतत्पुरुष समास
बाल-सभाबालकों की सभातत्पुरुष समास
संध्यासमयसंध्या का समयतत्पुरुष समास
रोम-रोमरोम और रोम और रोम... प्रति रोमअव्ययीभाव समास
बार-बारअनेक बारअव्ययीभाव समास
आरजू-विनतीआरजू और विनतीद्वंद्व समास
मरना-जीनामरना और जीनाद्वंद्व समास
गिरना-पड़नागिरना और पड़नाद्वंद्व समास
बोटी-बोटीप्रत्येक बोटीअव्ययीभाव समास
प्रतिक्षणप्रत्येक क्षणअव्ययीभाव समास
आत्मसम्मानआत्म (स्वयं) का सम्मानतत्पुरुष समास
आहत-सम्मानजिसका सम्मान आहत हुआ है वहबहुब्रीहि समास

2. ल्हासा की ओर

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
जाति-पाँतिजाति तथा पाँति (पंक्ति)द्वंद्व समास
नमक-मक्खननमक और मक्खनद्वंद्व समास
भिखमंगाभीख माँगनेवालाबहुब्रीहि समास
जान-पहचानजानना और पहचाननाद्वंद्व समास
मनोवृत्तिमन की वृत्तितत्पुरुष समास
जहाँ-कहींकहीं भीअव्ययीभाव समास
होश-हवासहोश और हवासद्वंद्व समास
दोपहरदो पहरों का समाहारद्विगु समास
समुद्र तलसमुद्र का तलतत्पुरुष समास
हिमालयहिम (बर्फ) का आलयतत्पुरुष समास
श्वेत शिखरश्वेत (सफेद) रंग का शिखरकर्मधारय समास
रंग-बिरंगारंगीन तथा बिना रंग काद्वंद्व समास
धीरे-धीरेधीरे और धीरेअव्ययीभाव समास
चाय-सत्तूचाय और सत्तूद्वंद्व समास
गरमागरमएकदम गरमअव्ययीभाव समास
समाधिगिरिजो गिरि समाधिवाला हैबहुब्रीहि समास
हस्तलिखितहस्त (हाथ) से लिखिततत्पुरुष समास
छोटे-बड़ेछोटे-बड़े हर तरह केअव्ययीभाव समास

3. उपभोक्तवांद की संस्कृति

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
जीवनदर्शनजीवन के लिए दर्शनतत्पुरुष समास
बहुविज्ञापितजिसका बहुत विज्ञापन किया गया हैबहुब्रीहि समास
सौंदर्य प्रसाधनसौंदर्य के लिए प्रसाधनतत्पुरुष समास
सुख-सुविधासुख और सुविधाद्वंद्व समास
दिग्भ्रमितदिशा भ्रमित हो गई है जिसकी वहबहुब्रीहि समास
स्वार्थ-परमार्थस्वार्थ या परमार्थ/ स्वार्थ तथा परमार्थद्वंद्व समास
अनंतजिसका अंत नहीं (न अंत)तत्पुरुष समास
लक्ष्यच्युतलक्ष्य से च्युततत्पुरुष समास
विशिष्ट जनविशिष्ट व्यक्तिकर्मधारय समास
सामान्य जनसामान्य व्यक्तिकर्मधारय समास

4. सँवले सपनों की याद

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
दोबारादूसरी बारकर्मधारय समास
वन-पक्षीवन का पक्षीतत्पुरुष समास
जीवन-साथीजीवन का साथीतत्पुरुष समास
सहपाठीसह (साथ) में पढ़नेवालातत्पुरुष समास
खुला-खुलाएकदम खुलाअव्ययीभाव समास
सादा-दिलसादे दिलवालाकर्मधारय समास
उपभोग-भोगउपभोग का भोगतत्पुरुष समास
टूथ-पेस्टटूथ के लिए पेस्टतत्पुरुष समास
म्यूजिक-सिस्टमम्यूजिक का सिस्टमतत्पुरुष समास

5. नानासाहब की पुत्री देवी मौन को....

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
पाषाण हृदयपाषाण जैसा हृदयकर्मधारय समास
पाषाण हृदयवालापाषाण हृदयवाला - कठोरबहुब्रीहि समास
राजमहलराजा का महलतत्पुरुष समास
प्रेम-संबंधप्रेम का संबंधतत्पुरुष समास
मंत्रिमंडलमंत्रियों का मंडलतत्पुरुष समास
नर-नारीनर और नारीद्वंद्व समास
सेनापतिसेना का पति (स्वामी)तत्पुरुष समास
करुणापूर्णकरुणा से पूर्णतत्पुरुष समास
अल्पवयसअल्प उम्रवालाकर्मधारय समास
वासस्थानवास (निवास) का स्थानतत्पुरुष समास
इतिहासवेत्ताइतिहास का वेत्ता (जाननेवाला)तत्पुरुष समास
सरल-मूर्तिसरलता की मूर्तिबहुब्रीहि समास
राजमंदिरराजा का मंदिरतत्पुरुष समास
भग्नावशिष्टभग्न होने पर बचा (अवशिष्ट) भागतत्पुरुष समास

6. प्रेमचंद के फटे जूते

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
दर्दभरादर्द से भरा हुआतत्पुरुष समास
युग प्रवर्तकयुग का प्रवर्तकतत्पुरुष समास
धीरे-धीरेधीरे एकदम धीरेअव्ययीभाव समास
उपन्यास सम्राटउपन्यासों के सम्राटतत्पुरुष समास
व्यंग्य-मुस्कानव्यंग्यरूपी मुस्कानकर्मधारय समास
नेम-धरमनेम (नियम) तथा धर्मद्वंद्व समास
जाना-आनाजाना और आना/ जाना या आनाद्वंद्व समास

7. मेरे बचपन के दिन

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
कुल-देवीकुल की देवी (आराध्या)तत्पुरुष समास
दुर्गा-पूजादुर्गा की पूजातत्पुरुष समास
वातावरणवात (वायु) का आवरणतत्पुरुष समास
कृपानिधानकृपा के निधान अर्थात् ईश्वरबहुब्रीहि समास
जेब-खर्चप्रतिदिन के व्यक्तिगत खर्च के लिए दी जानेवाली रकमतत्पुरुष समास
कवि-सम्मेलनकवियों का सम्मेलनतत्पुरुष समास
मनमोहनमन को मोह लेनेवाला यानी कृष्णबहुब्रीहि समास
पंचतंत्रपाँच तंत्रों का समाहारद्विगु समास
उर्दू-फ़ारसीउर्दू और फ़ारसीद्वंद्व समास
रोना-धोनारोने की निरंतर क्रियाअव्ययीभाव समास
छात्रावासछात्रों के लिए आवासतत्पुरुष समास
ताई-चाचीताई या चाची/ताई और चाचीद्वंद्व समास
सत्याग्रहसत्य के लिए आग्रहतत्पुरुष समास
परमधामपरम (ईश्वर) का धाम (घर)तत्पुरुष समास
चारपाईचार पायों का समूहद्विगु समास
स्त्री-दर्पणस्त्रियों के लिए दर्पणतत्पुरुष समास

8. एक कुत्ता और मौन

समस्त पदविग्रहसमास का नाम
श्री निकेतनश्री (लक्ष्मी) का निकेतनतत्पुरुष समास
क्षीण वपुक्षीण (कमजोर) वपु (शरीर)कर्मधारय समास
तिमंजिलातीन मंजिल की इमारतद्विगु समास
दर्शनार्थीदर्शन के लिए आया व्यक्तितत्पुरुष समास
समय-असमयसमय या असमयद्वंद्व समास
अवस्था-अनवस्थाअवस्था (दशा) या अनवस्थाद्वंद्व समास
प्रतिदिनप्रत्येक दिनअव्ययीभाव समास
कुशल-प्रश्नकुशलता से संबंधित प्रश्नतत्पुरुष समास
अच्छा-बुराअच्छा और बुरा/अच्छा या बुराद्वंद्व समास
आश्रम-वासीआश्रम का वासी (रहनेवाला)तत्पुरुष समास
चिता भस्मचिता की भस्मतत्पुरुष समास
स्नेहदातास्नेह का दाता (देनेवाला)तत्पुरुष समास
मानवसत्यमानव (मानवों) के लिए सत्यतत्पुरुष समास
फूल-पत्तेफूल और पत्ते / फूल या पत्तेद्वंद्व समास
भाषाहीनभाषा से हीनतत्पुरुष समास
प्राणिलोकप्राणियों का लोकतत्पुरुष समास
वाक्यहीनवाक्य से हीन (रहित)तत्पुरुष समास

Exam Tip: जब भी आप किसी शब्द का समास विग्रह कर रहे हों, तो यह समझने की कोशिश करें कि शब्दों के बीच कौन सा संबंध है (जैसे, 'और', 'का', 'के लिए') और कौन सा पद मुख्य है।

 

Question 1. निम्नलिखित समस्त पदों विग्रह करके समास के नाम बताइए :
(1) देशभक्त
(2) शिवालय
(3) स्वर्गीय
(4) मदांध
(5) स्वरचित
(6) मनगढ़ंत
(7) वाग्दत्ता
(8) श्रमसाध्य
(9) परीक्षाकेन्द्र
(10) चिकित्सालय
(11) आरामकुर्सी
(12) देशभक्ति
(13) रसोईघर
(14) भयभीत
(15) धर्मभ्रष्ट
(16) अपराधमुक्त
(17) समयानुकूल
(18) क्षमादान
(19) जनमत
(20) अमृतवर्षा
(21) लोकसभा
(22) भाग्यविधाता
(23) भाग्याधीन
(24) वितरण-विधि
(25) पराश्रित
(26) हवाईयात्रा
(27) लोकप्रिय
(28) सर्वश्रेष्ठ
(29) वायुयान
(30) बैलगाड़ी
(31) अनहोनी
(32) निडर
(33) अनंत
(34) अनीति
(35) असंभव
(36) नास्तिक
(37) पवनचक्की
(38) मरुभूमि
(39) गोबर गणेश
(40) जलमग्न
Answer:
(1) देश का भक्त, तत्पुरुष
(2) शिव का आलय, तत्पुरुष
(3) स्वर्ग को गया, तत्पुरुष
(4) मद से अंध, तत्पुरुष
(5) स्व द्वारा रचित, तत्पुरुष
(6) मन से गढ़ा गया, तत्पुरुष
(7) वाक् द्वारा दत्त, तत्पुरुष
(8) श्रम से साध्य, तत्पुरुष
(9) परीक्षा के लिए केन्द्र, तत्पुरुष
(10) चिकित्सा के लिए आलय, तत्पुरुष
(11) आराम के लिए कुर्सी, तत्पुरुष
(12) देश के लिए भक्ति, तत्पुरुष
(13) रसोई के लिए घर, तत्पुरुष
(14) भय से भीत (डरा), तत्पुरुष
(15) धर्म से भ्रष्ट, तत्पुरुष
(16) अपराध से मुक्त, तत्पुरुष
(17) समय के अनुकूल, तत्पुरुष
(18) क्षमा का दान, तत्पुरुष
(19) जन का मत, तत्पुरुष
(20) अमृत की वर्षा, तत्पुरुष
(21) लोक की सभा, तत्पुरुष
(22) भाग्य का विधाता, तत्पुरुष
(23) भाग्य के अधीन, तत्पुरुष
(24) वितरण की विधि, तत्पुरुष
(25) पर (दूसरे) के आश्रित, तत्पुरुष
(26) हवा में यात्रा, तत्पुरुष
(27) लोक में प्रिय, तत्पुरुष
(28) सर्व में श्रेष्ठ, तत्पुरुष
(29) वायु में चलनेवाला यान, तत्पुरुष
(30) बैल द्वारा खींची जानेवाली गाड़ी, तत्पुरुष
(31) न होनी, तत्पुरुष
(32) न डर, तत्पुरुष
(33) न अंत, तत्पुरुष
(34) न नीति, तत्पुरुष
(35) न संभव, तत्पुरुष
(36) न आस्तिक, तत्पुरुष
(37) पवन द्वारा चलनेवाली चक्की, तत्पुरुष
(38) मरु से बनी भूमि, तत्पुरुष
(39) गोबर से बने गणेश, तत्पुरुष
(40) जल में मग्न (डूबी), तत्पुरुष

Exam Tip: प्रत्येक शब्द का विग्रह करते समय, आपको यह जानना ज़रूरी है कि कौन सा कारक चिन्ह (जैसे, का, के लिए, से) इस्तेमाल होगा और यह उस समास की पहचान करने में मदद करेगा।

 

Question 2. सविग्रह समास भेद बताइए :
Answer:

समस्तपदविग्रहनाम समास
1. महावीरमहान् है जो वीरकर्मधारय
2. प्रधानाचार्यप्रधान है जो आचार्यकर्मधारय
3. नीलगायनीली है जो गायकर्मधारय
4. महात्मामहान् है जो आत्माकर्मधारय
5. अधपकाआधा है जो पकाकर्मधारय
6. नीलांबरनीला है जो अंबरकर्मधारय
7. नीलकंठनीला है जो कंठकर्मधारय
8. नीलकंठनीला है कंठ जिसका अर्थात् शिवबहुब्रीहि
9. वीणापाणिवीणा है पाणि में जिसके (सरस्वती)बहुब्रीहि
10. एकदंतएक दंत है जिसके (गणेश)बहुब्रीहि
11. तपोधनतप है धन जिसकाबहुब्रीहि
12. चक्रधरचक्र धारण करनेवाले (कृष्ण)बहुब्रीहि
13. दशाननदश हैं आनन (मुख) जिसके (रावण)बहुब्रीहि
14. पतिव्रतापति ही है व्रत जिसका वह स्त्रीबहुब्रीहि
15. अल्पबुद्धिअल्पबुद्धिवाला है जोबहुब्रीहि
16. शताब्दीशत (सौ) अब्दों (वर्षों) का समूहद्विगु
17. दो राहादो राहों के मिलने की जगहद्विगु
18. त्रिफलातीन फलों का समूहद्विगु
19. त्रिभुवनतीन भुवनों (लोक) का समूहद्विगु
20. चौराहाचार राहों का समाहारद्विगु
21. चतुष्कोणचार कोणवालाद्विगु
22. पंचामृतपंच (पाँच) अमृतों का समूहद्विगु
23. षट्रसषट् (छः) रसों का समूहद्विगु
24. सप्ताहसप्त (सात) दिनों का समाहारद्विगु
25. अष्टसिद्धिअष्ठ (आठ) सिद्धियों का समाहारद्विगु
26. नवग्रहनव ग्रहों का समाहारद्विगु
27. त्रिवेणीत्रि (तीन) वेणियों का समाहारद्विगु
28. चौमासाचौ (चार) मासों का समाहारद्विगु
29. दूनीदू (दो) गुनीद्विगु
30. चौगुनीचौ (चार) गुनीद्विगु
31. तिरंगातीन रंगों का समाहारद्विगु
32. त्रिकालतीन कालों (भूत, वर्तमान, भविष्य) का समूहद्विगु
33. मीनाक्षीमीन (मछली) जैसी आँखोंवालीकर्मधारय
34. प्राणप्रियप्राण के समान प्रियकर्मधारय
35. चरणकमलकमल के समान चरणकर्मधारय
36. कमलनयनकमल के समान नयनकर्मधारय
37. नरसिंहनर रूपी सिंहकर्मधारय
38. देहलतादेह रूपी लताकर्मधारय
39. नयनबाणनयन रूपी बाणकर्मधारय
40. सूर्य प्रभासूर्य की प्रभा के समानकर्मधारय
41. गंगा-यमुनागंगा और यमुनाद्वंद्व
42. दिन-रातदिन और रात (दिन या रात)द्वंद्व
43. यश-अपयशयश और अपयश (यश अथवा अपयश)द्वंद्व
44. हानि-लाभहानि या लाभ (हानि और लाभ)द्वंद्व
45. भाई-बहनभाई और बहनद्वंद्व
46. स्वर्ग-नरकस्वर्ग और नरकद्वंद्व
47. आटा-दालआटा और दालद्वंद्व
48. माँ-बापमाँ और बापद्वंद्व
49. थोड़ा-बहुतथोड़ा या बहुतद्वंद्व
50. सुख-दुःखसुख या दुःखद्वंद्व
51. पाप-पुण्यपाप या पुण्यद्वंद्व
52. धन-दौलतधन और दौलतद्वंद्व
53. यथाशक्तिशक्ति के अनुसारअव्ययीभाव
54. यथाविधिविधि के मुताबिकअव्ययीभाव
55. प्रतिवर्षहर वर्ष (वर्ष-वर्ष)अव्ययीभाव
56. दिनों-दिनदिन ही दिन में (दिन-प्रतिदिन)अव्ययीभाव
57. रातों-रातरात ही रात मेंअव्ययीभाव
58. आजीवनजीवनभरअव्ययीभाव
59. आजन्मजन्म से लेकर अब तकअव्ययीभाव
60. भरपेटपेट भरकरअव्ययीभाव
61. बेखटकेबिना खटके केअव्ययीभाव
62. हाथोंहाथहाथ ही हाथ मेंअव्ययीभाव
63. चिड़ीमारचिड़ियों को मारनेवालातत्पुरुष
64. स्वर्गप्राप्तस्वर्ग को प्राप्ततत्पुरुष
65. नेत्रहीननेत्र से हीनतत्पुरुष
66. शोकाकुलशोक से आकुलतत्पुरुष
67. देशभक्तिदेश के लिए भक्तितत्पुरुष
68. दोषमुक्तदोष से मुक्ततत्पुरुष
69. ईश्वरोपासनाईश्वर की उपासनातत्पुरुष
70. राष्ट्राध्यक्षराष्ट्र का अध्यक्षतत्पुरुष
71. नरोत्तमनरों में उत्तमतत्पुरुष
72. वनवासवन में वासतत्पुरुष
73. मार्गव्ययमार्ग के लिए व्ययतत्पुरुष
74. गृहविहीनगृह से विहीनतत्पुरुष
75. कविश्रेष्ठकवियों में श्रेष्ठतत्पुरुष

Exam Tip: द्विगु समास में पहला शब्द हमेशा संख्या बताता है, जबकि कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है। बहुब्रीहि में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि एक अलग अर्थ निकलता है।

 

स्वयं हल करें

 

Question 1. विग्रह करके समास भेद बताइए :
Answer:

समस्तपदविग्रहनाम समास
ध्यानपूर्वकध्यान से पूर्वअव्ययीभाव समास
प्रतिदिनप्रत्येक दिनअव्ययीभाव समास
ईश्वरदत्तईश्वर द्वारा दत्त (दिया हुआ)तत्पुरुष समास
राहखर्चराह के लिए खर्चतत्पुरुष समास
अंधविश्वासअंधा है जो विश्वासकर्मधारय समास
निर्धोषनहीं है दोष जिसकाबहुब्रीहि समास
त्रिभुजतीन भुजाओं का समूहद्विगु समास

Exam Tip: अभ्यास के लिए दिए गए शब्दों का विग्रह करते समय, सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश करें कि शब्द में कोई संख्या है, या क्या यह दो बराबर शब्दों से बना है, या क्या यह किसी तीसरे अर्थ की ओर इशारा करता है।

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