Official GSEB Solutions for Class 9 Hindi: समास (1st Language)
Explore reliable textbook solutions for समास (1st Language) tailored for Class 9 learners. Utilizing these Hindi answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final GSEB evaluations.
Chapter-wise Solutions for Hindi: समास (1st Language)
Access the complete solution PDF for Class 9 Hindi below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.
GSEB Std 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language)
‘समास’ का अर्थ 'संक्षेप' होता है। पंडित कामता प्रसाद गुरु के अनुसार, जब दो या उससे अधिक शब्दों (पदों) के बीच के आपसी संबंध बताने वाले शब्द या प्रत्यय हट जाते हैं, तो उनसे जो एक नया, स्वतंत्र शब्द बनता है, उसे 'सामासिक शब्द' कहते हैं। इन दो या ज़्यादा शब्दों के जुड़ने की क्रिया को 'समास' कहा जाता है।
- समस्त पद में (विभक्ति प्रत्ययों) कारक चिन्हों का लोप हो जाता है।
- समस्त पदों को अलग-अलग हिस्सों में बाँटकर उनके संबंध को साफ़ करना 'विग्रह' कहलाता है।
उदाहरण - सामासिक शब्द - नभचर; समास विग्रह - नभ में विचरण करनेवाला।
समास के कई प्रकार होते हैं। हिन्दी के मुख्य समास इस तरह हैं :
| समास | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| अव्ययीभाव समास | तत्पुरुष समास | कर्मधारय | द्विगु समास | द्वन्द्व समास | बहुब्रीहि समास |
1. अव्ययीभाव समास :
अव्ययीभाव समास में पहला शब्द अव्यय होता है और दूसरा शब्द संज्ञा होता है। दोनों मिलकर पूरा शब्द अव्यय के समान बन जाता है। अव्ययीभाव समास लिंग, वचन, कारक, पुरुष आदि के हिसाब से बदलते नहीं हैं। उदाहरण -
- समस्त पद – विग्रह
- यथाशक्ति – शक्ति के अनुसार
- आजीवन – जीवनभर
- यथासमय – समय के अनुसार
- सपरिवार – परिवार के साथ
- प्रत्यक्ष – आँखों के सामने
2. द्वन्द्व समास :
जहाँ दोनों शब्द मुख्य होते हैं, वहाँ द्वन्द्व समास होता है। विग्रह करने पर 'और', 'तथा', 'या', अथवा जैसे योजक शब्द इस्तेमाल होते हैं। उदाहरण :
- समस्त पद – विग्रह
- रामकृष्ण – राम और कृष्ण – राम या कृष्ण
- माता-पिता – माता और पिता – माता या पिता
- पाप-पुण्य – पाप और पुण्य – पाप या पुण्य
- सुख-दुःख – सुख और दुःख – सुख या दुःख
- नर-नारी – नर और नारी – नर या नारी
3. बहुब्रीहि समास :
जिस समास में कोई भी शब्द मुख्य नहीं होता, बल्कि कोई दूसरा शब्द मुख्य होता है, उसे बहुब्रीहि समास कहते हैं। समास बनने पर पूरा शब्द विशेषण की तरह काम करता है। यह किसी व्यक्ति, वस्तु या जगह आदि की खासियत बताता है। उदाहरण -
- समस्त पद – विग्रह
- चक्रपाणि – चक्र है हाथ में जिसके अर्थात् विष्णु
- लम्बोदर – लंबा (बड़ा) है उदर जिसका अर्थात् गणेश
- अजातशत्रु – नहीं पैदा हुआ है जिसका शत्रु अर्थात् वह
- तिरंगा – तीन रंगोंवाला अर्थात् भारत का राष्ट्र ध्वज
- निशाचर – निशा (रात) में विचरण करनेवाला अर्थात् राक्षस
4. द्विगु समास :
जिन सामासिक शब्दों में पहला हिस्सा गिनती बताने वाला शब्द हो, वहाँ द्विगु समास होता है। अर्थ के हिसाब से यह समास अक्सर चीजों का समूह बताता है; जैसे –
- त्रिभुज – तीन भुजाओं से बनी बंद आकृति
- चौराहा – जहाँ चार रास्ते मिलते हैं (चार राहों का समूह)
- शताब्दी – शत (सौ) अब्द (वर्षों) का समूह
- पंचवटी – पंच (पाँच) वट (वृक्षों) का समूह आदि।
5. कर्मधारय समास :
जहाँ समस्त पद के दोनों हिस्सों में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध हो, वहाँ कर्मधारय समास होता है। मतलब, कर्मधारय समास का पहला शब्द विशेषण या तुलना बताने वाला होता है; जैसे -
- नीलाकाश (नीला + आकाश) = नीले रंग का आकाश
- महाराज = महान् राजा
- कमलनयन = कमल रूपी नयन
- चरणकमल = कमल रूपी चरण आदि।
6. तत्पुरुष :
जहाँ सामासिक बाद वाला शब्द मुख्य होता है और पहला शब्द कम महत्वपूर्ण होता है। इस समास को बनाने में दो शब्दों के बीच में आनेवाले कारक चिह्नों (परसर्गों) का लोप हो जाता है। (कर्ता, संबोधन के परसर्गों को छोड़कर) जैसे -
- विद्यालय (विद्या + आलय) = विद्या के लिए आलय
- हस्तलिखित = हस्त (हाथ से लिखित)
- रसोईघर = रसोई के लिए घर
- राजकुमार = राजा का वर (कुमार)
- पदच्युत = पद से च्युत
- पदप्राप्त = पद को प्राप्त
- ध्यानमग्न = ध्यान में मग्न आदि।
विशेष : आगे की कक्षाओं में आपको इन समासों के उपभेदों की भी जानकारी दी जाएगी।
Question. विग्रह करके समास का नाम लिखिए।
Answer:
1. दो बैलों की कथा
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| बुद्धिहीन | बुद्धि से हीन | तत्पुरुष समास |
| सुख-दुःख | सुख और दुःख | द्वंद्व समास |
| ऋषि-मुनि | ऋषि और मुनि/ऋषि या मुनि | द्वंद्व समास |
| लड़ाई-झगड़ा | लड़ाई या झगड़ा/लड़ाई और झगड़ा | द्वंद्व समास |
| आस-पास | आस-पास, चारों ओर | अव्ययीभाव समास |
| विचार-विनिमय | विचारों का विनिमय (आदान-प्रदान) | तत्पुरुष समास |
| खली-भूसा | खली और भूसा / खली या भूसा | द्वंद्व समास |
| दाना-चारा | दाना और चारा/दाना या चारा | द्वंद्व समास |
| अभिनंदन-पत्र | अभिनंदन के लिए पत्र | तत्पुरुष समास |
| पशु-वीर | पशुओं में वीर | तत्पुरुष समास |
| बाल-सभा | बालकों की सभा | तत्पुरुष समास |
| संध्यासमय | संध्या का समय | तत्पुरुष समास |
| रोम-रोम | रोम और रोम और रोम... प्रति रोम | अव्ययीभाव समास |
| बार-बार | अनेक बार | अव्ययीभाव समास |
| आरजू-विनती | आरजू और विनती | द्वंद्व समास |
| मरना-जीना | मरना और जीना | द्वंद्व समास |
| गिरना-पड़ना | गिरना और पड़ना | द्वंद्व समास |
| बोटी-बोटी | प्रत्येक बोटी | अव्ययीभाव समास |
| प्रतिक्षण | प्रत्येक क्षण | अव्ययीभाव समास |
| आत्मसम्मान | आत्म (स्वयं) का सम्मान | तत्पुरुष समास |
| आहत-सम्मान | जिसका सम्मान आहत हुआ है वह | बहुब्रीहि समास |
2. ल्हासा की ओर
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| जाति-पाँति | जाति तथा पाँति (पंक्ति) | द्वंद्व समास |
| नमक-मक्खन | नमक और मक्खन | द्वंद्व समास |
| भिखमंगा | भीख माँगनेवाला | बहुब्रीहि समास |
| जान-पहचान | जानना और पहचानना | द्वंद्व समास |
| मनोवृत्ति | मन की वृत्ति | तत्पुरुष समास |
| जहाँ-कहीं | कहीं भी | अव्ययीभाव समास |
| होश-हवास | होश और हवास | द्वंद्व समास |
| दोपहर | दो पहरों का समाहार | द्विगु समास |
| समुद्र तल | समुद्र का तल | तत्पुरुष समास |
| हिमालय | हिम (बर्फ) का आलय | तत्पुरुष समास |
| श्वेत शिखर | श्वेत (सफेद) रंग का शिखर | कर्मधारय समास |
| रंग-बिरंगा | रंगीन तथा बिना रंग का | द्वंद्व समास |
| धीरे-धीरे | धीरे और धीरे | अव्ययीभाव समास |
| चाय-सत्तू | चाय और सत्तू | द्वंद्व समास |
| गरमागरम | एकदम गरम | अव्ययीभाव समास |
| समाधिगिरि | जो गिरि समाधिवाला है | बहुब्रीहि समास |
| हस्तलिखित | हस्त (हाथ) से लिखित | तत्पुरुष समास |
| छोटे-बड़े | छोटे-बड़े हर तरह के | अव्ययीभाव समास |
3. उपभोक्तवांद की संस्कृति
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| जीवनदर्शन | जीवन के लिए दर्शन | तत्पुरुष समास |
| बहुविज्ञापित | जिसका बहुत विज्ञापन किया गया है | बहुब्रीहि समास |
| सौंदर्य प्रसाधन | सौंदर्य के लिए प्रसाधन | तत्पुरुष समास |
| सुख-सुविधा | सुख और सुविधा | द्वंद्व समास |
| दिग्भ्रमित | दिशा भ्रमित हो गई है जिसकी वह | बहुब्रीहि समास |
| स्वार्थ-परमार्थ | स्वार्थ या परमार्थ/ स्वार्थ तथा परमार्थ | द्वंद्व समास |
| अनंत | जिसका अंत नहीं (न अंत) | तत्पुरुष समास |
| लक्ष्यच्युत | लक्ष्य से च्युत | तत्पुरुष समास |
| विशिष्ट जन | विशिष्ट व्यक्ति | कर्मधारय समास |
| सामान्य जन | सामान्य व्यक्ति | कर्मधारय समास |
4. सँवले सपनों की याद
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| दोबारा | दूसरी बार | कर्मधारय समास |
| वन-पक्षी | वन का पक्षी | तत्पुरुष समास |
| जीवन-साथी | जीवन का साथी | तत्पुरुष समास |
| सहपाठी | सह (साथ) में पढ़नेवाला | तत्पुरुष समास |
| खुला-खुला | एकदम खुला | अव्ययीभाव समास |
| सादा-दिल | सादे दिलवाला | कर्मधारय समास |
| उपभोग-भोग | उपभोग का भोग | तत्पुरुष समास |
| टूथ-पेस्ट | टूथ के लिए पेस्ट | तत्पुरुष समास |
| म्यूजिक-सिस्टम | म्यूजिक का सिस्टम | तत्पुरुष समास |
5. नानासाहब की पुत्री देवी मौन को....
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| पाषाण हृदय | पाषाण जैसा हृदय | कर्मधारय समास |
| पाषाण हृदयवाला | पाषाण हृदयवाला - कठोर | बहुब्रीहि समास |
| राजमहल | राजा का महल | तत्पुरुष समास |
| प्रेम-संबंध | प्रेम का संबंध | तत्पुरुष समास |
| मंत्रिमंडल | मंत्रियों का मंडल | तत्पुरुष समास |
| नर-नारी | नर और नारी | द्वंद्व समास |
| सेनापति | सेना का पति (स्वामी) | तत्पुरुष समास |
| करुणापूर्ण | करुणा से पूर्ण | तत्पुरुष समास |
| अल्पवयस | अल्प उम्रवाला | कर्मधारय समास |
| वासस्थान | वास (निवास) का स्थान | तत्पुरुष समास |
| इतिहासवेत्ता | इतिहास का वेत्ता (जाननेवाला) | तत्पुरुष समास |
| सरल-मूर्ति | सरलता की मूर्ति | बहुब्रीहि समास |
| राजमंदिर | राजा का मंदिर | तत्पुरुष समास |
| भग्नावशिष्ट | भग्न होने पर बचा (अवशिष्ट) भाग | तत्पुरुष समास |
6. प्रेमचंद के फटे जूते
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| दर्दभरा | दर्द से भरा हुआ | तत्पुरुष समास |
| युग प्रवर्तक | युग का प्रवर्तक | तत्पुरुष समास |
| धीरे-धीरे | धीरे एकदम धीरे | अव्ययीभाव समास |
| उपन्यास सम्राट | उपन्यासों के सम्राट | तत्पुरुष समास |
| व्यंग्य-मुस्कान | व्यंग्यरूपी मुस्कान | कर्मधारय समास |
| नेम-धरम | नेम (नियम) तथा धर्म | द्वंद्व समास |
| जाना-आना | जाना और आना/ जाना या आना | द्वंद्व समास |
7. मेरे बचपन के दिन
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| कुल-देवी | कुल की देवी (आराध्या) | तत्पुरुष समास |
| दुर्गा-पूजा | दुर्गा की पूजा | तत्पुरुष समास |
| वातावरण | वात (वायु) का आवरण | तत्पुरुष समास |
| कृपानिधान | कृपा के निधान अर्थात् ईश्वर | बहुब्रीहि समास |
| जेब-खर्च | प्रतिदिन के व्यक्तिगत खर्च के लिए दी जानेवाली रकम | तत्पुरुष समास |
| कवि-सम्मेलन | कवियों का सम्मेलन | तत्पुरुष समास |
| मनमोहन | मन को मोह लेनेवाला यानी कृष्ण | बहुब्रीहि समास |
| पंचतंत्र | पाँच तंत्रों का समाहार | द्विगु समास |
| उर्दू-फ़ारसी | उर्दू और फ़ारसी | द्वंद्व समास |
| रोना-धोना | रोने की निरंतर क्रिया | अव्ययीभाव समास |
| छात्रावास | छात्रों के लिए आवास | तत्पुरुष समास |
| ताई-चाची | ताई या चाची/ताई और चाची | द्वंद्व समास |
| सत्याग्रह | सत्य के लिए आग्रह | तत्पुरुष समास |
| परमधाम | परम (ईश्वर) का धाम (घर) | तत्पुरुष समास |
| चारपाई | चार पायों का समूह | द्विगु समास |
| स्त्री-दर्पण | स्त्रियों के लिए दर्पण | तत्पुरुष समास |
8. एक कुत्ता और मौन
| समस्त पद | विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| श्री निकेतन | श्री (लक्ष्मी) का निकेतन | तत्पुरुष समास |
| क्षीण वपु | क्षीण (कमजोर) वपु (शरीर) | कर्मधारय समास |
| तिमंजिला | तीन मंजिल की इमारत | द्विगु समास |
| दर्शनार्थी | दर्शन के लिए आया व्यक्ति | तत्पुरुष समास |
| समय-असमय | समय या असमय | द्वंद्व समास |
| अवस्था-अनवस्था | अवस्था (दशा) या अनवस्था | द्वंद्व समास |
| प्रतिदिन | प्रत्येक दिन | अव्ययीभाव समास |
| कुशल-प्रश्न | कुशलता से संबंधित प्रश्न | तत्पुरुष समास |
| अच्छा-बुरा | अच्छा और बुरा/अच्छा या बुरा | द्वंद्व समास |
| आश्रम-वासी | आश्रम का वासी (रहनेवाला) | तत्पुरुष समास |
| चिता भस्म | चिता की भस्म | तत्पुरुष समास |
| स्नेहदाता | स्नेह का दाता (देनेवाला) | तत्पुरुष समास |
| मानवसत्य | मानव (मानवों) के लिए सत्य | तत्पुरुष समास |
| फूल-पत्ते | फूल और पत्ते / फूल या पत्ते | द्वंद्व समास |
| भाषाहीन | भाषा से हीन | तत्पुरुष समास |
| प्राणिलोक | प्राणियों का लोक | तत्पुरुष समास |
| वाक्यहीन | वाक्य से हीन (रहित) | तत्पुरुष समास |
Exam Tip: जब भी आप किसी शब्द का समास विग्रह कर रहे हों, तो यह समझने की कोशिश करें कि शब्दों के बीच कौन सा संबंध है (जैसे, 'और', 'का', 'के लिए') और कौन सा पद मुख्य है।
Question 1. निम्नलिखित समस्त पदों विग्रह करके समास के नाम बताइए :
(1) देशभक्त
(2) शिवालय
(3) स्वर्गीय
(4) मदांध
(5) स्वरचित
(6) मनगढ़ंत
(7) वाग्दत्ता
(8) श्रमसाध्य
(9) परीक्षाकेन्द्र
(10) चिकित्सालय
(11) आरामकुर्सी
(12) देशभक्ति
(13) रसोईघर
(14) भयभीत
(15) धर्मभ्रष्ट
(16) अपराधमुक्त
(17) समयानुकूल
(18) क्षमादान
(19) जनमत
(20) अमृतवर्षा
(21) लोकसभा
(22) भाग्यविधाता
(23) भाग्याधीन
(24) वितरण-विधि
(25) पराश्रित
(26) हवाईयात्रा
(27) लोकप्रिय
(28) सर्वश्रेष्ठ
(29) वायुयान
(30) बैलगाड़ी
(31) अनहोनी
(32) निडर
(33) अनंत
(34) अनीति
(35) असंभव
(36) नास्तिक
(37) पवनचक्की
(38) मरुभूमि
(39) गोबर गणेश
(40) जलमग्न
Answer:
(1) देश का भक्त, तत्पुरुष
(2) शिव का आलय, तत्पुरुष
(3) स्वर्ग को गया, तत्पुरुष
(4) मद से अंध, तत्पुरुष
(5) स्व द्वारा रचित, तत्पुरुष
(6) मन से गढ़ा गया, तत्पुरुष
(7) वाक् द्वारा दत्त, तत्पुरुष
(8) श्रम से साध्य, तत्पुरुष
(9) परीक्षा के लिए केन्द्र, तत्पुरुष
(10) चिकित्सा के लिए आलय, तत्पुरुष
(11) आराम के लिए कुर्सी, तत्पुरुष
(12) देश के लिए भक्ति, तत्पुरुष
(13) रसोई के लिए घर, तत्पुरुष
(14) भय से भीत (डरा), तत्पुरुष
(15) धर्म से भ्रष्ट, तत्पुरुष
(16) अपराध से मुक्त, तत्पुरुष
(17) समय के अनुकूल, तत्पुरुष
(18) क्षमा का दान, तत्पुरुष
(19) जन का मत, तत्पुरुष
(20) अमृत की वर्षा, तत्पुरुष
(21) लोक की सभा, तत्पुरुष
(22) भाग्य का विधाता, तत्पुरुष
(23) भाग्य के अधीन, तत्पुरुष
(24) वितरण की विधि, तत्पुरुष
(25) पर (दूसरे) के आश्रित, तत्पुरुष
(26) हवा में यात्रा, तत्पुरुष
(27) लोक में प्रिय, तत्पुरुष
(28) सर्व में श्रेष्ठ, तत्पुरुष
(29) वायु में चलनेवाला यान, तत्पुरुष
(30) बैल द्वारा खींची जानेवाली गाड़ी, तत्पुरुष
(31) न होनी, तत्पुरुष
(32) न डर, तत्पुरुष
(33) न अंत, तत्पुरुष
(34) न नीति, तत्पुरुष
(35) न संभव, तत्पुरुष
(36) न आस्तिक, तत्पुरुष
(37) पवन द्वारा चलनेवाली चक्की, तत्पुरुष
(38) मरु से बनी भूमि, तत्पुरुष
(39) गोबर से बने गणेश, तत्पुरुष
(40) जल में मग्न (डूबी), तत्पुरुष
Exam Tip: प्रत्येक शब्द का विग्रह करते समय, आपको यह जानना ज़रूरी है कि कौन सा कारक चिन्ह (जैसे, का, के लिए, से) इस्तेमाल होगा और यह उस समास की पहचान करने में मदद करेगा।
Question 2. सविग्रह समास भेद बताइए :
Answer:
| समस्तपद | विग्रह | नाम समास |
|---|---|---|
| 1. महावीर | महान् है जो वीर | कर्मधारय |
| 2. प्रधानाचार्य | प्रधान है जो आचार्य | कर्मधारय |
| 3. नीलगाय | नीली है जो गाय | कर्मधारय |
| 4. महात्मा | महान् है जो आत्मा | कर्मधारय |
| 5. अधपका | आधा है जो पका | कर्मधारय |
| 6. नीलांबर | नीला है जो अंबर | कर्मधारय |
| 7. नीलकंठ | नीला है जो कंठ | कर्मधारय |
| 8. नीलकंठ | नीला है कंठ जिसका अर्थात् शिव | बहुब्रीहि |
| 9. वीणापाणि | वीणा है पाणि में जिसके (सरस्वती) | बहुब्रीहि |
| 10. एकदंत | एक दंत है जिसके (गणेश) | बहुब्रीहि |
| 11. तपोधन | तप है धन जिसका | बहुब्रीहि |
| 12. चक्रधर | चक्र धारण करनेवाले (कृष्ण) | बहुब्रीहि |
| 13. दशानन | दश हैं आनन (मुख) जिसके (रावण) | बहुब्रीहि |
| 14. पतिव्रता | पति ही है व्रत जिसका वह स्त्री | बहुब्रीहि |
| 15. अल्पबुद्धि | अल्पबुद्धिवाला है जो | बहुब्रीहि |
| 16. शताब्दी | शत (सौ) अब्दों (वर्षों) का समूह | द्विगु |
| 17. दो राहा | दो राहों के मिलने की जगह | द्विगु |
| 18. त्रिफला | तीन फलों का समूह | द्विगु |
| 19. त्रिभुवन | तीन भुवनों (लोक) का समूह | द्विगु |
| 20. चौराहा | चार राहों का समाहार | द्विगु |
| 21. चतुष्कोण | चार कोणवाला | द्विगु |
| 22. पंचामृत | पंच (पाँच) अमृतों का समूह | द्विगु |
| 23. षट्रस | षट् (छः) रसों का समूह | द्विगु |
| 24. सप्ताह | सप्त (सात) दिनों का समाहार | द्विगु |
| 25. अष्टसिद्धि | अष्ठ (आठ) सिद्धियों का समाहार | द्विगु |
| 26. नवग्रह | नव ग्रहों का समाहार | द्विगु |
| 27. त्रिवेणी | त्रि (तीन) वेणियों का समाहार | द्विगु |
| 28. चौमासा | चौ (चार) मासों का समाहार | द्विगु |
| 29. दूनी | दू (दो) गुनी | द्विगु |
| 30. चौगुनी | चौ (चार) गुनी | द्विगु |
| 31. तिरंगा | तीन रंगों का समाहार | द्विगु |
| 32. त्रिकाल | तीन कालों (भूत, वर्तमान, भविष्य) का समूह | द्विगु |
| 33. मीनाक्षी | मीन (मछली) जैसी आँखोंवाली | कर्मधारय |
| 34. प्राणप्रिय | प्राण के समान प्रिय | कर्मधारय |
| 35. चरणकमल | कमल के समान चरण | कर्मधारय |
| 36. कमलनयन | कमल के समान नयन | कर्मधारय |
| 37. नरसिंह | नर रूपी सिंह | कर्मधारय |
| 38. देहलता | देह रूपी लता | कर्मधारय |
| 39. नयनबाण | नयन रूपी बाण | कर्मधारय |
| 40. सूर्य प्रभा | सूर्य की प्रभा के समान | कर्मधारय |
| 41. गंगा-यमुना | गंगा और यमुना | द्वंद्व |
| 42. दिन-रात | दिन और रात (दिन या रात) | द्वंद्व |
| 43. यश-अपयश | यश और अपयश (यश अथवा अपयश) | द्वंद्व |
| 44. हानि-लाभ | हानि या लाभ (हानि और लाभ) | द्वंद्व |
| 45. भाई-बहन | भाई और बहन | द्वंद्व |
| 46. स्वर्ग-नरक | स्वर्ग और नरक | द्वंद्व |
| 47. आटा-दाल | आटा और दाल | द्वंद्व |
| 48. माँ-बाप | माँ और बाप | द्वंद्व |
| 49. थोड़ा-बहुत | थोड़ा या बहुत | द्वंद्व |
| 50. सुख-दुःख | सुख या दुःख | द्वंद्व |
| 51. पाप-पुण्य | पाप या पुण्य | द्वंद्व |
| 52. धन-दौलत | धन और दौलत | द्वंद्व |
| 53. यथाशक्ति | शक्ति के अनुसार | अव्ययीभाव |
| 54. यथाविधि | विधि के मुताबिक | अव्ययीभाव |
| 55. प्रतिवर्ष | हर वर्ष (वर्ष-वर्ष) | अव्ययीभाव |
| 56. दिनों-दिन | दिन ही दिन में (दिन-प्रतिदिन) | अव्ययीभाव |
| 57. रातों-रात | रात ही रात में | अव्ययीभाव |
| 58. आजीवन | जीवनभर | अव्ययीभाव |
| 59. आजन्म | जन्म से लेकर अब तक | अव्ययीभाव |
| 60. भरपेट | पेट भरकर | अव्ययीभाव |
| 61. बेखटके | बिना खटके के | अव्ययीभाव |
| 62. हाथोंहाथ | हाथ ही हाथ में | अव्ययीभाव |
| 63. चिड़ीमार | चिड़ियों को मारनेवाला | तत्पुरुष |
| 64. स्वर्गप्राप्त | स्वर्ग को प्राप्त | तत्पुरुष |
| 65. नेत्रहीन | नेत्र से हीन | तत्पुरुष |
| 66. शोकाकुल | शोक से आकुल | तत्पुरुष |
| 67. देशभक्ति | देश के लिए भक्ति | तत्पुरुष |
| 68. दोषमुक्त | दोष से मुक्त | तत्पुरुष |
| 69. ईश्वरोपासना | ईश्वर की उपासना | तत्पुरुष |
| 70. राष्ट्राध्यक्ष | राष्ट्र का अध्यक्ष | तत्पुरुष |
| 71. नरोत्तम | नरों में उत्तम | तत्पुरुष |
| 72. वनवास | वन में वास | तत्पुरुष |
| 73. मार्गव्यय | मार्ग के लिए व्यय | तत्पुरुष |
| 74. गृहविहीन | गृह से विहीन | तत्पुरुष |
| 75. कविश्रेष्ठ | कवियों में श्रेष्ठ | तत्पुरुष |
Exam Tip: द्विगु समास में पहला शब्द हमेशा संख्या बताता है, जबकि कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है। बहुब्रीहि में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि एक अलग अर्थ निकलता है।
स्वयं हल करें
Question 1. विग्रह करके समास भेद बताइए :
Answer:
| समस्तपद | विग्रह | नाम समास |
|---|---|---|
| ध्यानपूर्वक | ध्यान से पूर्व | अव्ययीभाव समास |
| प्रतिदिन | प्रत्येक दिन | अव्ययीभाव समास |
| ईश्वरदत्त | ईश्वर द्वारा दत्त (दिया हुआ) | तत्पुरुष समास |
| राहखर्च | राह के लिए खर्च | तत्पुरुष समास |
| अंधविश्वास | अंधा है जो विश्वास | कर्मधारय समास |
| निर्धोष | नहीं है दोष जिसका | बहुब्रीहि समास |
| त्रिभुज | तीन भुजाओं का समूह | द्विगु समास |
Exam Tip: अभ्यास के लिए दिए गए शब्दों का विग्रह करते समय, सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश करें कि शब्द में कोई संख्या है, या क्या यह दो बराबर शब्दों से बना है, या क्या यह किसी तीसरे अर्थ की ओर इशारा करता है।
Free study material for Hindi
Step-by-Step Textbook Answers: Class 9 Hindi समास (1st Language)
Textbook Solutions for Class 9 Hindi समास (1st Language)
Explore reliable textbook solutions for समास (1st Language) tailored for Class 9 learners. Utilizing these complete exercise answers ensures your preparation aligns exactly with official GSEB standards for Hindi.
Mastering Theoretical and Practical Questions
Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 9 Hindi module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for GSEB exams.
Effective Self-Study and Homework Assistance
Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 9 Hindi.
FAQs
The complete and updated GSEB Class 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language) Solutions is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Hindi are as per latest GSEB curriculum.
Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language) Solutions as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language) Solutions will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access GSEB Class 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language) Solutions in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Hindi Vyakaran समास (1st Language) Solutions in printable PDF format for offline study on any device.