GSEB Class 9 Hindi Vyakaran शब्द-निर्माण (1st Language) Solutions

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Detailed शब्द निर्माण (1st Language) GSEB Solutions for Class 9 Hindi

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Class 9 Hindi शब्द निर्माण (1st Language) GSEB Solutions PDF

GSEB Std 9 Hindi Vyakaran शब्द-निर्माण (1st Language)

उपसर्ग-प्रत्यय तथा समास:

शब्द भाषा की सबसे छोटी अर्थपूर्ण इकाई है। जब यह शब्द वाक्य के बाहर रहता है, तो यह शब्द कहलाता है, किंतु जब वाक्य में प्रयोग होता है तब इसे 'पद' कहा जाता है। उदाहरण के लिए – पेड़, आम, लगना, ये तीन शब्द हैं। इनके मेल से वाक्य बनता है – पेड़ पर आम लगे हैं। यहाँ तीनों शब्दों 'पेड़', 'आम' और 'लगे हैं' को पद कहा जाएगा। इसका मतलब है कि जब कोई शब्द वाक्य में उपयोग होता है तब वह पद कहलाता है। वाक्य में प्रयोग करने की योग्यता के लिए कभी-कभी शब्द में कुछ जोड़ना या घटाना पड़ता है, तो कभी शब्द का रूप भी बदलना पड़ता है।

इस तरह पद रचना की निम्नलिखित विधियाँ हैं:

  • उपसर्ग या प्रत्यय जोड़ना : जैसे – अनुपस्थित, भारतीय
  • स्वतंत्र शब्द जोड़ना : जैसे – प्रजातंत्र, जनगण, विद्यालय (समास – संधि)
  • ध्वनि परिवर्तन : पीटना – पिटवाना, लूटना – लुटाना
  • अनुनासिक चिह्न लगाना : बहुवचन बनाने में (लड़कियाँ, लड़कों)

उपसर्ग:

वे शब्दांश जिनका अपना कोई खास अर्थ नहीं होता किंतु किसी शब्द के पहले जुड़कर एक नया शब्द बनाते हैं या शब्द के अर्थ में कोई विशेषता या बदलाव लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। उदाहरण के लिए –

उपसर्ग:

उपसर्गशब्द
अचल
आजन्म
अतिअतिशय
अधिअधिनायक
अपअपमान
दुसदुस्साहस
निनिवारण
निस्निश्चल
प्रतिप्रतिकार
विविशेष
अभिअभिमान
निरनिराकार
दरदरअसल
अनुअनावश्यक

हिन्दी में नये शब्द बनाने के लिए तीन प्रकार के उपसर्ग प्रयोग किए जाते हैं –

  1. तत्सम
  2. तद्भव और
  3. आगत (विदेशी)

डॉ. हरदेव बाहरी ने अपनी पुस्तक 'हिन्दी : शब्द-अर्थ-प्रयोग' में कुल एक सौ बारह उपसर्गों का संग्रह किया है। यहाँ विद्यालय के स्तर पर उपयोग होनेवाले प्रमुख उपसर्गों के उदाहरण दिए जा रहे हैं।

हिंदी-संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम उपसर्ग):

उपसर्गअर्थनिर्मित शब्द
अभाव या निषेधअकल्पनीय, अज्ञान, अकाल, अहिंसा, अन्याय
अतिअधिक, ऊपरअतिक्रमण, अतिरेक, अत्यधिक, अतिशय, अतीत, अत्यल्प, अतीन्द्रिय
अधिश्रेष्ठ, ऊपर, मुख्यअधिकार, अधिनायक, अधिकृत, अधिराज, अधिमास
अन्अभावअनर्थ, अनायास, अनादि, अनेक, अनुचित, अनिच्छा
अधःनीचेअधःपतन, अधोगति, अधोमुखी, अधस्थल
अनुगौण, पीछे, समान, बाद में आनेवालाअनुज अनुकरण, अनुचर, अनुकूल, अनुसार, अनुभव, अनुरोध, अनुवाद, अनुशासन, अनुग्रह, अनुमान
अपबुरा, हीनअपयश, अपवाद, अपशब्द, अपमान, अपव्यय, अपशुकन
अभिसामने, ओरअभिनंदन, अभिवादन, अभिशाप, अभियोग, अभिज्ञान, अभिलाषा, अभिभावक
अवबुरा, हीन, नीचअवगुण, अवरोध, अवनति, अवमूल्यन, अवकाश, अवज्ञा
तक, पर्यंत, समेतआजन्म, आमरण, आजीवन, आदान, आरक्षण, आकंठ, आचरण
उत्श्रेष्ठ, ऊपरउत्थान, उत्कर्ष, उद्धार, उन्नत, उन्नयन, उच्चारण, उद्घाटन, उल्लंघन
उपगौण, निकट, समानउपसर्ग, उपभेद, उपमुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष, उपदेश, उपस्थित, उपचार, उपवन, उपहार
दुर्दुस्बुरा, कठिनदुर्गुण, दुर्भाग्य, दुष्कर, दुस्साहस, दुर्दशा, दुर्बल, दुर्दिन, दुष्कर्म
निनिस्बिना, रहित, निषेधनीरोग, नीरव, निष्काम, निर्जीव, निर्दोष, निस्तेज, निश्छल, निर्धन, निराशा, निस्संदेह
निनीचे, निषेधनिवारण, निषेध, निकृष्ट, निरोध, नियम, निबंध
पराविपरीत, नाशपराजय, पराभव, पराधीन, परास्त, पराक्रम
परिचारों ओरपरिक्रमा, परिधि, परिपूर्ण, परिवर्तन, परिकल्पना, पर्यटन, परिष्कार, परिजन, परिचारक
प्रअधिक, आगेप्रगति, प्रसार, प्रचार, प्रभाव, प्रख्यात, प्रबल, प्रताप, प्रस्थान, प्रक्रिया
प्रतिविरुद्ध, सामने, हर एकप्रतिकूल, प्रत्यक्ष, प्रतिदिन, प्रतिकार, प्रतिध्वनि, प्रतिहिंसा, प्रतिवादी, प्रतिरोध, प्रतिपल
विविशिष्ट, भिन्नविज्ञान, विजय, विमुख, विपक्ष, विराम, विज्ञ, विदेश, विलाप, वियोग, विहार, विमुख, विख्यात, विशिष्ट, विनय, विकास
सम् (सं)पूर्णता, समान, संयोगसंयम, सम्मान, संभव, सम्मेलन, संकल्प, संगति, संग्राम, संचय, संतोष, संताप, सम्मुख, संगम, संपूर्ण
सुअच्छा, श्रेष्ठसुपुत्र, सुगम, सुअवसर, सुकीर्ति, सुबोध, स्वागत, सुकर्म, सुनयन, सुपात्र, सुलभ, सुराज, सुफल, सुजान
कुबुराकुपुत्र, कुकर्म, कुरूप, कुमति, कुख्यात, कुकृत्य
पुनः (पुनर्)फिरपुनरागमन, पुनर्जागरण, पुनर्वास, जुनर्जन्म, पुनर्नवा, पुनरुक्ति
पुरस्पुरस्कार, पुरस्कर्ता

हिन्दी के उपसर्ग (तद्भव उपसर्ग):

उपसर्गअर्थनया शब्द
अ/अनअभाव, निषेधअनपढ़, अनहोनी, अभागा, अनबन, अछूत, अथाह, अनजान, अनकहा, अनसुनी
उनकमउनतीस, उनचास, उनहत्तर, उनतालीस, उनसठ
क/कुबुराकपूत, कुचाल, कुरूप, कुलक्षण
निरहितनिडर, निपूता, निकम्मा, निहत्था
स/सुअच्छासपूत, सहित, सचेत, सुघड़, सुजान, सुडौल
दुबुरा/कठिनता, निषेधदुबला, दुसाध्य, दुलारा
अधआधाअधपका, अधजला, अधमरा, अधमुआ, अधकचरा
बिनबिनाबिनब्याही, बिनमाँगे, बिनखाये
भरपूरभरपेट, भरसक, भरपूर
चौचारचौराहा, चौपाया, चौमासा, चौकन्ना

आगत (विदेशी उपसर्ग): अरबी-फारसी के उपसर्ग

उपसर्गअर्थनया शब्द
से, के साथबदौलत, बखूबी, बनाम
नाअभावनालायक, नासमझ, नापसंद, नाबालिग
हरप्रत्येकहररोज, हरमाह, हरसाल, हरदम, हरदिल, हरतरह
लाबिनालापरवाह, लाचार, लाइलाज, लापता, लावारिस
बेअभावबेदाग, बेईमान, बेरहम, बेकसूर, बेचैन, बेकार
बदबुराबदनाम, बदमाश, बदनीयत, बदसूरत, बदकिस्मत
हमसाथ-साथहमशक्ल, हमसकल, हमजोली, हमदम
सरमुख्यसरहद, सरपंच

प्रत्यय

प्रत्यय : वे शब्दांश जो मूल शब्द के बाद जोड़े जाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहा जाता है। उपसर्ग की तरह प्रत्यय का उपयोग अलग से नहीं होता, वे हमेशा शब्द के साथ जुड़कर ही आते हैं।

प्रत्यय दो प्रकार के होते है :

  1. कृत प्रत्यय
  2. तद्धित प्रत्यय

कृत प्रत्यय : वे शब्दांश जो क्रियाओं (धातुओं) के अंत में जुड़कर शब्द का निर्माण करते हैं, उन्हें कृत प्रत्यय कहा जाता है।

उदाहरण:

प्रत्ययउदाहरण
अंतभिड़ंत
भूला
आवादिखावा
इयलमरियल
नीचटनी
उकभिक्षुक
धमकी
आवछिड़काव
एरालुटेरा
आकतैराक
बेलन
त्वगुरुत्व
करगिनकर
अनीयदयनीय
अनाकामना
हारपालनहार
अनभवन
तव्यकर्तव्य

तद्धित प्रत्यय : जो शब्दांश संज्ञा, विशेषण के अंत में जुड़ते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहा जाता है।

उदाहरण:

प्रत्ययनया शब्द
ताप्रभुता, वीरता
त्वपुरुषत्व, व्यक्तित्व
गायक
पनबचपन
पामोटापा
ईयराष्ट्रीय
तयासाधारणतया
थाअन्यथा
मतीश्रीमती
बाजारू
पूर्वकप्रेमपूर्वक
इमानीलिमा
आइनपंडिताइन
ईनकुलीन
आनीदेवरानी

उपसर्ग की भांति प्रत्यय संस्कृत, हिन्दी, उर्दू, फारसी तथा अंग्रेजी के भी हो सकते हैं।

उर्दू – अरबी – फारसी के कुछ प्रत्यय इस प्रकार हैं:

प्रत्ययउदाहरण
अंदाजगोलंदाज (गेंदबाज), तीरंदाज
आनासालना, नज़राना, शुकराना, ज़बराना
इंदाआइंदा, नुमाइंदा, जिंदा
इशफरमाइश, आज़माइश, नुमाइश
ईनामहीना, पसीना, नगीना
मंदजरूरतमंद, दौलतमंद, अक्लमंद
बाजचालबाज़, धोखेबाज, कबूतरबाज
साजजालसाज
दारराज़दार, समझदार

डॉ. हरदेव बाहरी ने तीन सौ से अधिक प्रत्ययों के उदाहरण दिए हैं। यहाँ पर भाववाचक संज्ञा, कर्तृवाचक संज्ञा, विशेषण तथा प्रेरणार्थक क्रियाओं के निर्माण में उपयोग होनेवाले मुख्य प्रत्ययों के उदाहरण विस्तार से दिए गए हैं।

उपसर्ग तथा प्रत्यय का एकसाथ प्रयोग:

नवीन शब्द रचना के लिए हिन्दी में उपसर्ग तथा प्रत्यय दोनों का एक साथ भी प्रयोग होता है। जैसे –

उपसर्गमूल शब्दनया शब्दप्रत्ययनवीनतम शब्द
धर्मअधर्मइकअधार्मिक
अपमानअपमानइतअपमानित
उपकारउपकारउपकारक
उपस्थितउपस्थितउपस्थित
अतिअधुनाअत्यधुनाइकअत्याधुनिक
अभिमानअभिमानअभिमानी
अनुमानअनुमानइतअनुमानित
अन्उदारअनुदारताअनुदारता
दुस्साहसदुस्साहसदुस्साहसी
बदचलनबदचलनबदचलनी
बदनामबदनामबदनामी
परिपूर्णपरिपूर्णतापरिपूर्णता
बेचैनबेचैनबेचैनी
भारतअभारतईयअभारतीय
निर्णयअनिर्णयइक + ताअनिर्णयाकता
निर्दयानिर्दयनिर्दयी
निर्ष्ठरनिष्ठुरतानिष्ठुरता
अन्आक्रमकअनाक्रमकताअनक्रामकता
अपआकर्षणअपाकर्षणअपाकर्षक
गैरजरूरतगैरजरूरतमंदगैरजरूरतमंद
समाजअसमाजइकअसामाजिक
अन्उर्वरअनुर्वरताअनुर्वरता
निःस्वार्थनिःस्वार्थपनानिःस्वार्थपना
अनुक्रमअनुक्रमइकाअनुक्रमणिका
विवादविवादस्पदविवादास्पद
निहारनिहारइकानिहारिका
अनुउपचारअनुपचारइकअनौपचारिक
अन्उपचारअनुपचारइक + ताअनौपचारिकता

नीचे दिए गए शब्दों में से उपसर्ग तथा मूल शब्द अलग करके लिखिए :

1. दो बैलों की कथा

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
निरापदआपदनिर
अनायासआयासअन
संतोषतोषसम्
अनादरआदरअन
कुसमयसमयकु
बदनामनामबद
अनुमानमानअनु
अश्रद्धाश्रद्धा
बेमारेमारेबे
बेदमदमबे

2. ल्हासा की ओर

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
अपरिचयपरिचय
परित्यक्तत्यक्तपरि
बेगारगारबे
सुमतिमतिसु

3. उपभोक्तावाद की संस्कृति

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
उपभोक्ताभोक्ताउप
उपभोगभोगउप
अनुभवभवअनु
अवमूल्यनमूल्यनअव
प्रतिमानमानप्रति
प्रतिस्पर्धास्पर्धाप्रति
अनुकरणकरणअनु
उपनिवेशनिवेशउप
अपव्ययव्ययअप

4. साँवले सपनों की ओर

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
खूबसूरतसूरतखूब
विलीनलीनवि
प्रतिरूपरूपप्रति

5. नानासाहब की पुत्री देवी मैना को ...

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
अनुपमउपमाअन
निरपराधअपराधनिः
विध्वंसध्वंसवि
असंभवभवअ, सम्
सुविशालविशालसु

6. प्रेमचंद के फटे जूते

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
बेतरतीबतरतीबबे
लापरवाहपरवाहला
सुरक्षितरक्षितसु
उपहासहासउप
बेपरवाहपरवाहबे

7. मेरे बचपन के दिन

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
निराहारआहारनिर
परिस्थितिस्थितिपरि
अवकाशकाशअव
अप्रसन्नताप्रसन्नता

8. एक कुत्ता और एक मैना...

शब्दमूल शब्दउपसर्ग
असीमसीम
परितृप्ततृप्तपरि
अपरिसीमसीमअ, परि
सपरिवारपरिवार
अभियोगयोगअभि
लापरवाहीपरवाहीला
अविचारविचारअ.
अतिथितिथि

नीचे दिये गए शब्दों में से प्रत्यय अलग कीजिए :

1. दो बैलों की कथा

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
सीधापनसीधापन
सहिष्णुतासहिष्णुता
सिंहनीसिंहनी
श्रेष्ठताश्रेष्ठता
घनिष्ठताघनिष्ठता
चिकनाहटचिकनाआहट
आज़ादीआज़ाद
कायरताकायरता
हड़बड़ाकरहड़बड़ा(ना)कर
संगठितसंगठ(न)इत
जख्मीजख्म
सांकेतिकसंकेतइक
चौकीदारचौकीदार
हाजिरीहाजिर
उजड्डपनउजड्डपन
मवेशीखानामवेशीखाना
आसाभरीआसाभरी

 

नीचे दिये गए शब्दों में से प्रत्यय अलग कीजिए:

2. ल्हासा की ओर

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
अपरिचितअपरिचयइत
टोटीदारटोटीदार
व्यापारिकव्यापारइक
सैनिकसेनाइक
फ़ौजीफ़ौज
दूधवालीदूधवाली
कूटकरकूट(ना)कर
मथकरमथ(ना)कर
आखिरीआखिर
उतराईउतर(ना)आई
चढ़ाईचढ़(ना)आई
थकावटथक(ना)आवट
जागीरदारजागीरदार
हप्ताभरहप्ताभर

3. उपभोक्तावाद की संस्कृति

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
उपभोक्तावादउपभोक्तावाद
उपभोक्तावादीउपभोक्तावाद, ई
विलासिताविलासइता
चमकीलाचमकइला
सामंतीसामंत
सांस्कृतिकसंस्कृतइक
आधुनिकताअधुनाइक, ता
बौद्धिकबुद्धिइक
दासतादासता
सामाजिकसमाजइक
केन्द्रकताकेन्द्रक, ता
नैतिकनीतिइक
पीड़ितपीड़ाइति
वशीकरणवशीकरण
तात्कालिकतत्कालइक
बहु विज्ञापितबहुविज्ञाप(न)इत

4. साँवले सपनों की याद

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
समर्पितसमर्प(ण)इत
बरफीलीबरफईली
संभावितसंभाव(ना)इत
नैसर्गिकनिसर्गइक
यायावरयायावर

5. नाना साहब की पुत्री देवी मैना को ...

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
ठहरकरठहर(ना)कर
दुखीदुख
रूपधारीरूपधारी
जलाकरजला(ना)कर
महाराष्ट्रीयमहाराष्ट्रईय
रोमांचकारीरोमांचकारी

6. प्रेमचंद के फटे जूते

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
लापरवाहीलापरवाह
साहित्यिकसाहित्यइक
आनुपातिकअनुपातइक
चुपड़करचुपड़(ना)कर
सुरक्षितसुरक्षाइत
घृणितघृणाइत
बेपरवाहीबेपरवाह

7. मेरे बचपन के दिन

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
बचपनबच्चापन
प्रतिष्ठितप्रतिष्ठाइत
स्वतंत्रतास्वतंत्रता
अपराधीअपराध
प्रभातीप्रभात
प्रसन्नताप्रसन्नता
किनारीदारकिनारीदार
सांप्रदायिकतासंप्रदायइक, ता
अप्रसन्नताअप्रसन्नता
अपनापनअपनापन

8. एक कुत्ता और एक मैना

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
कठिनाईकठिनआई
दर्शनीयदर्शनईय
महिमाशालीमहिमाशाली
चक्करदारचक्करदार
दीनतादीनता
आधुनिकअधुनाइक
नियमितनियमइत
मुखरितमुखरइत
लापरवाहीलापरवाह

 

नीचे दिये गए शब्दों में से उपसर्ग तथा प्रत्यय दोनों अलग करके लिखिए:

1. दो बैलों की कथा -

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
प्रतिद्वंद्वीप्रतिद्वन्द्व
प्रतिद्वंद्विताप्रतिद्वंद्वई, ता
विद्रोहमयविद्रोहमय
बदनामीबदनाम
दुर्बलतादुर्बलता

2. ल्हासा की ओर

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
अपरिचितपरिचयइत
परित्यक्तापरित्यक्त

3. उपभोक्तावाद की संस्कृति

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
उपभोक्तावादउपभोक्तावाद
उपभोक्तावादीउपभोक्तावाद, ई
बहुविज्ञापितबहु, विज्ञाप(न)इत

4. साँवले सपनों की याद

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
खूबसूरतीखूबसूरत

5. नाना साहब की पुत्री देवी मैना को ...

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
विनयपूर्वकविनयपूर्वक
निरपराधीनिरअपराध

6. प्रेमचंद के फटे जूते

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
लापरवाहीलापरवाह
बेपरवाहीबेपरवाह

7. मेरे बचपन के दिन

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
अप्रसन्नताप्रसन्नता

8. एक कुत्ता और एक मैना

शब्दउपसर्गमूलप्रत्यय
अदर्शनीयदर्शनईय

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