GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं

NCERT Solutions for Class 9 Hindi: Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं

Review structured textbook solutions for Class 9 Hindi Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं. Built according to GSEB guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Practice Class 9 Hindi Solutions: Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं

Navigate directly to the solved Hindi textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.

प्रश्न-अभ्यास

 

Question 1. कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है, उसे लिखकर व्यक्त कीजिए ।
Answer: कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने तथा सोचने से बाल मजदूरी का चित्र दिखाई देता है । मन में बच्चों के प्रति जहाँ एक तरफ करुणा का भाव आता है, वहीं दूसरी तरफ इस व्यवस्था के प्रति गुस्सा भी पैदा होता है । बच्चों की उम्र जब खेलने, खाने और स्कूल जाने की होती है, तो उन्हें विवश होकर काम पर जाना पड़ता है । उन्हें अपना और अपने परिवार का पेट भरना पड़ता है ।
In simple words: जब हम कविता की पहली दो लाइनें पढ़ते हैं, तो हमें बाल मजदूरी का दुःखद चित्र दिखता है। बच्चों को खेलने-कूदने की उम्र में ही काम करना पड़ता है ताकि वे अपना और अपने परिवार का पेट भर सकें।

Exam Tip: When analyzing poetry, always explain the imagery and emotions evoked in your mind, linking them directly to the poem's context. Always express what the poet means in simple and clear terms.

 

Question 2. कवि का मानना है कि बच्चों के काम पर जाने की भयानक बात को विवरण की तरह न लिखकर सवाल के रूप में पूछा जाना चाहिए कि 'काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे ?' कवि की दृष्टि में उसे प्रश्न के रूप में क्यों पूछा जाना चाहिए ?
Answer: आज बच्चों की इस स्थिति के लिए समाज की असमानता जिम्मेदार है । समाज का बहुत बड़ा वर्ग है, जिसे भरपेट भोजन भी मिलता नहीं है, दूसरी तरफ कुछ लोग उनका फायदा उठाकर अमीर हो गए हैं । उनके काले धनरूपी पहाड़ के नीचे इनके खिलौने छिप गए हैं । जिसकी पूर्ति के लिए बच्चों को भी बुरी स्थितियों में काम करना पड़ता है । अतः केवल वर्णन देने से समस्या का हल नहीं मिलेगा, बल्कि इस समस्या को प्रश्न के रूप में समाज के सामने रखना होगा, लोगों को जागरूक करना होगा ।
In simple words: कवि सोचते हैं कि बच्चों का काम पर जाना एक बड़ी समस्या है, जिसे सिर्फ बताना नहीं, बल्कि सवाल की तरह पूछना चाहिए – 'बच्चे काम पर क्यों जा रहे हैं?' क्योंकि यह सामाजिक असमानता का नतीजा है और लोगों को इस बारे में सोचना और जागरूक होना बहुत जरूरी है।

Exam Tip: Explain why framing something as a question is more impactful than a mere statement. Focus on how it provokes thought and encourages societal engagement.

 

Question 3. सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों है ?
Answer: सामाजिक विषमता के कारण समाज के एक बड़े वर्ग को अपना पेट भरने के लिए सुबह से शाम तक बहुत मेहनत करनी पड़ती है, फिर भी वह अभावों में रहता है । बच्चों को भी माता-पिता के काम में हाथ बंटाना पड़ता है । जहाँ रोजी-रोटी के लिए इतना संघर्ष हो, वहाँ सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों के बारे में कल्पना भी नहीं की जा सकती है ।
In simple words: बच्चे सुविधा और मनोरंजन के साधनों से दूर हैं क्योंकि सामाजिक असमानता के कारण उनके परिवारों को पेट भरने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। जब खाने का ही संघर्ष हो, तो खिलौनों और खेलकूद के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता।

Exam Tip: Always connect the deprivation of children to larger societal issues like poverty and inequality. Use strong vocabulary to highlight the impact of these issues.

 

Question 4. दिन-प्रतिदिन के जीवन में हर कोई बच्चों को काम पर जाते देख रहा है, फिर भी किसी को कुछ अटपटा नहीं लगता । इस उदासीनता के क्या कारण हो सकते हैं ?
Answer: काम पर जाते बच्चों को देखकर हर कोई लापरवाही नहीं दिखाता है, क्योंकि लोग खुदगर्ज होने के कारण लापरवाह भी होते जा रहे हैं । उनका बच्चा पढ़ने जा रहा है, फिर उन्हें दूसरे के बच्चे से कोई परवाह नहीं । कुछ लोग जानकारी की कमी के कारण सारी जिम्मेदारी सरकार की समझते हैं । कुछ लोग अपने-अपने भाग्य से जोड़ते हैं । कुछ शोषण करने वाले लोग हैं जो बालमजदूरी करवाकर पैसे कमा रहे हैं ।
In simple words: लोग बच्चों को काम करते देखते हैं, पर उन्हें कुछ अजीब नहीं लगता क्योंकि वे खुदगर्ज और संवेदनहीन हो गए हैं। कुछ लोग इसे सरकार की जिम्मेदारी मानते हैं, तो कुछ इसे भाग्य से जोड़ते हैं, जबकि शोषक वर्ग बाल मजदूरी से अपनी जेबें भर रहा है।

Exam Tip: When discussing societal indifference, analyze the various psychological and social factors contributing to it, such as self-centeredness, blame-shifting, and fatalism.

 

Question 5. आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है ?
Answer: मैंने अपने शहर में बच्चों को चाय की दुकान पर, होटलों में, अलग-अलग दुकानों पर, छोटे-छोटे कारखानों में और प्राइवेट दफ्तरों में काम करते हुए देखा है । कुछ बच्चे तो एकदम सुबह-सुबह कचरा चुनने का काम भी करते हैं।
In simple words: मैंने अपने शहर में बच्चों को चाय की दुकानों, होटलों, छोटी दुकानों, कारखानों और प्राइवेट दफ्तरों में काम करते देखा है। कुछ तो सुबह-सुबह रद्दी (कचरा) भी चुनते हुए दिखते हैं।

Exam Tip: In questions asking for personal observation, provide specific examples of places and times to make your answer more vivid and relatable.

 

Question 6. बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों हैं ?
Answer: बच्चे देश का भविष्य हैं । यदि बच्चों को तरक्की का मौका नहीं मिलेगा, तो देश आगे कैसे बढ़ेगा । उनके बचपन से दूर रखना बहुत बड़ी गलती है, इसलिए बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान है ।
In simple words: बच्चों का काम पर जाना एक बड़ी दुर्घटना जैसा है क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य हैं। अगर उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलेगा और उनका बचपन छिन जाएगा, तो देश कैसे तरक्की कर पाएगा?

Exam Tip: Emphasize the long-term consequences of child labor on national development and highlight the moral implications of depriving children of their childhood.

रचना और अभिव्यक्ति

 

Question 7. काम पर जाते किसी बच्चे के स्थान पर अपने-आप को रखकर देखिए । आपको जो महसूस होता है उसे लिखिए ।
Answer: विद्यार्थी खुद करें ।
In simple words: छात्रों को यह काम खुद करना है। उन्हें सोचना है कि अगर वे एक काम करने वाले बच्चे होते तो उन्हें कैसा लगता।

Exam Tip: For such reflective questions, encourage students to imagine themselves in the situation, focusing on emotions like sadness, fear, longing, and anger to express a comprehensive feeling.

 

Question 8. आपके विचार से बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए ? उन्हें क्या करने के मौके मिलने चाहिए ?
Answer: मेरे विचार से बच्चों को काम पर इसलिए नहीं भेजना चाहिए क्योंकि उनकी उम्र छोटी होती है । यह उम्र उनके शरीर और दिमाग का विकास का समय है जो मजदूरी करने से नहीं हो पाता । वे जिन्दगीभर के लिए मजदूर ही बन जाएँगे । बच्चों को खेलने-कूदने तथा पढ़ने-लिखने का पूरा मौका मिलना चाहिए ताकि उनका दिमाग का विकास हो सके ।
In simple words: बच्चों को काम पर नहीं भेजना चाहिए क्योंकि यह उनकी खेलने और सीखने की उम्र होती है। मजदूरी से उनका शरीर और दिमाग ठीक से विकसित नहीं हो पाता, जिससे वे हमेशा के लिए मजदूर बनकर रह जाते हैं। उन्हें पढ़ाई और खेल का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

Exam Tip: Articulate the fundamental rights of children, such as education, play, and a healthy development environment. Connect these rights to their future role as productive citizens.

Important Questions and Answers

अतिरिक्त प्रश्न

 

Question 1. कवि ने भूकंप में क्या-क्या ढह जाने की संभावना की है ?
Answer: कवि ने भूकंप में पाठशाला की इमारतें, सारे मैदान, सारे बगीचे और घर के आँगन आदि अचानक गिर जाने या खत्म हो जाने की संभावना बताई है।
In simple words: कवि ने कल्पना की है कि भूकंप आने पर स्कूल की बिल्डिंगें, मैदान, बगीचे और घरों के आँगन सब अचानक टूटकर गिर सकते हैं या खत्म हो सकते हैं।

Exam Tip: When a poet uses metaphors like "earthquake," analyze what real-world problems or societal failures they represent, and list the specific elements mentioned in the poem.

 

Question 2. कवि के समय की भयानक पंक्ति क्या है ? वह किस रूप में लिखी जानी चाहिए ?
Answer: 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' अर्थात् बच्चों का काम पर जाना । कवि के समय की डरावनी पंक्ति है, जिसे सवाल की तरह लिखा जाना चाहिए – बच्चे काम पर जा रहे हैं ।
In simple words: कवि के लिए 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' यह एक बहुत ही डरावनी बात है। वे चाहते हैं कि इसे एक सवाल की तरह लिखा जाए ताकि लोग इस पर गौर करें और पूछें कि ऐसा क्यों हो रहा है।

Exam Tip: Understand the poet's intent to transform a factual statement into a poignant question, highlighting the social injustice it represents. Explain the power of a question to stir conscience.

 

Question 3. 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' कविता का केन्द्रीयभाव क्या है ?
Answer: 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' कविता में कवि की प्रखर जनवादी चेतना प्रकट हुई है । कवि ने इस कविता में देश और दुनिया की एक ज्वलंत समस्या को उठाया है – बच्चों का काम पर जाना किसी भी देश के लिए एक बहुत बड़ा कलंक है, दुर्भाग्य है । आज का बालक आनेवाले कल का नागरिक है, उसके सर्वांगीण विकास पर ही देश का विकास निर्भर है । किन्तु बच्चों को उनके खेलने-कूदने, हँसने-गाने की उम्र में ही खाना ढूंढने के लिए जाना पड़े, इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है ? इस बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल को कवि ने हम सबके सामने रखा है ।
In simple words: 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' कविता का मुख्य विचार यह है कि बाल मजदूरी एक गंभीर समस्या और किसी भी देश के लिए एक बहुत बड़ी शर्म की बात है। कवि यह सवाल उठाते हैं कि बच्चों को उनके खेलने-कूदने की उम्र में पेट भरने के लिए काम क्यों करना पड़ रहा है, जबकि देश का भविष्य उन्हीं पर निर्भर है।

Exam Tip: When asked for a central theme or message, summarize the core issue (child labor), the poet's perspective (social injustice), and the broader implications (national development and collective responsibility).

 

Question 4. 'तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में' का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए ।
Answer: इस पंक्ति में कवि ने बच्चों के बचपन में ही काम पर जाने की बात को एक बड़े सवाल की तरह मानकर कहा है कि बच्चों के विकास के लिए सारी सुविधाएं (विद्यालय, खिलौने, बाग-बगीचे आदि) होने के बावजूद भी यदि उन्हें इसका उपयोग करना न मिल पाए, तो ये सब साधन किस काम के ? और ये दुनिया भी किस काम की ? यह दुनिया बच्चों की खुशी और शोर से ही सुंदर लगती है।
In simple words: इस पंक्ति का मतलब है कि अगर बच्चों को उनका बचपन जीने, खेलने और पढ़ने का मौका नहीं मिलता, भले ही सारी सुविधाएं मौजूद हों, तो इस दुनिया का कोई मतलब नहीं रह जाता। दुनिया की सुंदरता बच्चों की हंसी-खुशी से ही है।

Exam Tip: Focus on the rhetorical nature of the question "तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में". Explain how it expresses the poet's despair and emphasizes the irreplaceable value of childhood for the world's well-being.

भावार्थ और अर्थबोधन संबंधी प्रश्न

 

Question 1. कोहरे से ढंकी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं सुबह सुबह बच्चे काम पर जा रहे हैं हमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति है यह भयानक है इसे विवरण की तरह लिखा जाना लिखा जाना चाहिए, इसे सवाल की तरह काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे ?
Answer: कवि कहता है कि अत्यधिक सर्दी है और सुबह का समय है । चारों तरफ धुंध छाई हुई है । सड़क कोहरे से ढकी हुई है । किन्तु इतनी भयानक ठंड में भी छोटे-छोटे बच्चे काम पर जा रहे हैं। वे मजदूरी करने को विवश हैं । उन्हें रोजीरोटी का इंतजाम करना है । बच्चों का काम पर जाना कवि को हिला देता है । कवि कहता है कि हमारे समय की सबसे भयानक बात यह है कि पढ़ने और खेलने की उम्र में बच्चे को अपना पेट भरने के लिए काम करना पड़ रहा है। इसे हमें समाज में एक प्रश्न की तरह पूछना चाहिए कि बच्चे काम पर क्यों जा रहे हैं ?
In simple words: कवि बता रहा है कि बहुत ठंड है और सुबह का समय है, सब जगह कोहरा छाया है। इतनी भयानक ठंड में भी छोटे बच्चे काम पर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने परिवार का पेट भरना है। कवि को यह देखकर बहुत दुःख होता है और वे कहते हैं कि यह हमारे समय की सबसे डरावनी बात है। वे चाहते हैं कि इस बात को एक सवाल की तरह पूछा जाए कि बच्चे काम पर क्यों जा रहे हैं।

Exam Tip: When analyzing a poetic excerpt, describe the setting, the actions of the characters, and then the poet's emotional and philosophical response to the scene. Conclude with the core question the poet raises.

 

Question 1. किन परिस्थितियों में बच्चे काम पर जा रहे हैं ?
Answer: बहुत ठंड है । सड़क कोहरे से ढकी हुई है । परन्तु ऐसी कठिन हालात में भी सुबह ही बच्चे काम पर जा रहे हैं।
In simple words: बच्चे बहुत ठंड में, जब सड़कें कोहरे से ढकी हैं, ऐसी मुश्किल परिस्थितियों में भी सुबह-सुबह काम पर जा रहे हैं।

Exam Tip: Clearly state the adverse environmental conditions described by the poet, emphasizing the contrast between the harsh environment and the vulnerability of the working children.

 

Question 2. कवि ने बच्चों के काम पर जाने की घटना को भयानक क्यों माना है ?
Answer: कवि ने बच्चों के काम पर जाने की घटना को खतरनाक इसलिए समझा है कि इन बच्चों के खेलने, खाने और पढ़ने की उम्र है । यदि ये इस उम्र में काम करने जाएँगे तो हमेशा के लिए मजदूर ही बन जाएँगे । इससे न वे अच्छे नागरिक बन पाएंगे और न देश के विकास में मदद कर पाएंगे ।
In simple words: कवि ने बच्चों के काम पर जाने को भयानक इसलिए माना है क्योंकि यह उनकी खेलने और पढ़ने की उम्र है। इस उम्र में काम करने से वे जीवनभर मजदूर ही रहेंगे और न ही अच्छे नागरिक बन पाएंगे, न ही देश की तरक्की में कोई मदद कर पाएंगे।

Exam Tip: Focus on the long-term impact of child labor on the individual child's development and their potential contribution to society. Highlight the poet's concern for their future.

 

Question 3. कवि ने किस समस्या की ओर ध्यानाकर्षित किया है ?
Answer: कवि ने तेजी से बढ़ती हुई बाल मजदूरी की समस्या की ओर ध्यान खींचा है।
In simple words: कवि ने बाल मजदूरी की बढ़ती हुई समस्या की तरफ लोगों का ध्यान खींचा है।

Exam Tip: Identify the central social issue the poet addresses and state it clearly. Keep your answer concise and to the point.

 

Question 4. काव्यांश में कैसी भाषा का प्रयोग किया गया है ?
Answer: कविता में सरल हिंदी का प्रयोग किया गया है ।
In simple words: कविता में सरल और खड़ी बोली (मानक हिंदी) का प्रयोग किया गया है।

Exam Tip: When discussing language style, mention specific characteristics like "khadi boli," "simple," or the blend of different language words, if applicable.

 

Question 2. क्या अंतरिक्ष में गिर गई है सारी गेंदें क्या दीमकों ने खा लिया है सारी रंग-बिरंगी किताबों को क्या काले पहाड़ के नीचे दब गए हैं सारे खिलौने क्या किसी भूकंप में ढह गई है सारे मदरसों की इमारतें क्या सारे मैदान, सारे बगीचे और घरों के आँगन खत्म हो गए हैं एकाएक
Answer: कवि इस बात से बहुत परेशान है कि बच्चों के खेलने के लिए खिलौने हैं, पढ़ने के लिए किताबें हैं, मनोरंजन के लिए बाग-बगीचे और मैदान हैं, खुशियाँ मनाने के लिए घर-आँगन आदि सबकुछ होने के बावजूद बच्चों को काम पर जाना पड़ रहा है ? आगे वह ऐसी संभावना दिखाता है कि क्या बच्चों के खेलने की गेंदें कहीं अंतरिक्ष में खो गई है ? बच्चों के लिखने-पढ़ने और मनोरंजन की रंग-बिरंगी किताबों को दीमकों ने खा लिया है ? क्या उनके सारे खिलौने किसी काले पहाड़ (गरीबी) के नीचे दब गए हैं ? उनके पढ़ने की पाठशालाएँ भूकंप में ढह गई हैं और खेलने के मैदान, बाग-बगीचे और घर-आँगन सबकुछ अचानक खत्म हो गए हैं क्या ?
In simple words: कवि यह सोचकर बहुत दुखी हैं कि बच्चों के लिए खिलौने, किताबें, खेलने के मैदान और बगीचे जैसी सारी चीजें होते हुए भी उन्हें काम पर जाना पड़ रहा है। वे पूछते हैं कि क्या ये सब चीजें जैसे गेंदें, किताबें और खिलौने गायब हो गए हैं या भूकंप में सब कुछ खत्म हो गया है?

Exam Tip: Analyze how the poet uses rhetorical questions to express their anguish and highlight the painful irony of children working when they should be playing and learning.

 

Question 1. कवि की दृष्टि में खिलौने कहाँ दब गए हैं ?
Answer: कवि की दृष्टि में खिलौने किसी काले पहाड़ के नीचे दब गए हैं ।
In simple words: कवि को लगता है कि बच्चों के खिलौने किसी काले पहाड़ (गरीबी) के नीचे दब गए हैं।

Exam Tip: When symbolic language is used, like "black mountain," interpret its literal meaning (poverty) and explain how it affects the children's lives.

 

Question 2. रंग-बिरंगी किताबों को किसने खा लिया है ?
Answer: रंग-बिरंगी किताबों को दीमकों ने खा लिया है।
In simple words: रंग-बिरंगी किताबों को दीमकों ने खा लिया है (यह एक प्रतीकात्मक कथन है जो बताता है कि वे बच्चों के लिए उपलब्ध नहीं हैं)।

Exam Tip: Understand the metaphorical significance of "termites eating books" as a representation of children being deprived of education and knowledge.

 

Question 3. कवि बच्चों के लिए क्या-क्या चाहता है ?
Answer: कवि बच्चों के लिए खिलौने, रंग-बिरंगी किताबें, खेलने के लिए पार्क-मैदान-आँगन तथा पढ़ने के लिए विद्यालय चाहता है । वह नहीं चाहता कि बच्चे काम पर जाएँ ।
In simple words: कवि बच्चों के लिए खिलौने, किताबें, खेलने के मैदान और स्कूल जैसी सभी चीजें चाहता है, ताकि वे पढ़-लिख सकें और खेल सकें। वह नहीं चाहता कि वे काम पर जाएँ।

Exam Tip: List the specific elements of a happy and fulfilling childhood that the poet envisions for children, contrasting them with their current reality.

 

Question 4. 'काले पहाड़' से कवि का क्या आशय है ?
Answer: 'काले पहाड़' से कवि का मतलब उस गरीबी से है जिस वजह से वे काम पर जाने के लिए मजबूर हैं । उनकी मजबूरी का लाभ लेकर उनका इस्तेमाल हो रहा है।
In simple words: 'काले पहाड़' का मतलब गरीबी है, जिसके कारण बच्चों को काम करना पड़ता है। गरीब होने का फायदा उठाकर उनका शोषण किया जा रहा है।

Exam Tip: Identify the symbolic meaning of "black mountain" as poverty and explain how this socio-economic condition forces children into labor, leading to exploitation.

 

Question 5. काव्यांश की भाषा कैसी है ?
Answer: कविता की भाषा सरल हिंदी है, जिसमें संस्कृत के शब्दों के साथ-साथ उर्दू के शब्द भी इस्तेमाल हुए हैं।
In simple words: कविता की भाषा खड़ी बोली (सरल हिंदी) है, जिसमें संस्कृत और उर्दू दोनों भाषाओं के शब्दों का प्रयोग किया गया है।

Exam Tip: When describing the language, mention its simplicity and any specific influences (like Sanskrit or Urdu) that contribute to its richness and accessibility.

 

Question 3. तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में ? कितना भयानक होता अगर ऐसा होता भयानक है लेकिन इससे भी ज्यादा यह कि हैं सारी चीजें हस्बमामूल पर दुनिया की हजारों सड़कों से गुजरते हुए बच्चे, बहुत छोटे छोटे बच्चे काम पर जा रहे हैं।
Answer: कवि मासूम बच्चों के कीमती बचपन को बर्बाद होते देखकर दुखी हो जाता है और इस दुनिया को रहने लायक नहीं मानता । वह कहता है कि जिस देश और दुनिया में बच्चों के बचपन को छीना जाता हो, कुचला जाता हो, इससे बड़ी बदकिस्मती या शर्म की बात क्या हो सकती है ? जिस जगह बच्चों की हँसती-खेलती और खुशी से भरी दुनिया न हो, वहाँ सबकुछ होकर भी कुछ नहीं है । ऐसी दुनिया ही निरर्थक है । जहाँ बच्चों का बचपन ही उजड़ रहा हो, वह स्थिति कितनी भयानक हो सकती है ? स्वतः समझा जा सकता है । आगे कवि कहता है कि इससे भी ज्यादा भयानक बात तो यह है कि यह स्थिति एकाध दिन और एकाध जगह की नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की है और पूरी दुनिया में है। दुनिया की हजारों सड़कों पर ये छोटे-छोटे बच्चे काम पर जाते नज़र आते हैं । यह समस्या सबकी और हर जगह की समस्या है।
In simple words: कवि बच्चों के बचपन को बर्बाद होते देखकर बहुत परेशान हैं। वे सोचते हैं कि जिस दुनिया में बच्चों का बचपन छीना जा रहा हो, वह दुनिया रहने लायक नहीं है। यह और भी भयानक है कि यह समस्या किसी एक जगह या एक दिन की नहीं, बल्कि हर दिन, हर जगह हजारों छोटे बच्चे काम पर जाते दिखते हैं। यह एक बड़ी और सबकी समस्या है।

Exam Tip: Analyze how the poet uses repetition and contrasts (like "everything is as usual" versus children working) to emphasize the widespread and normalized nature of child labor, making it even more tragic.

 

Question 1. भयानक स्थिति कब उत्पन्न हो जाती है ?
Answer: भयानक स्थिति तब आती है जब बच्चों की हँसती-खेलती और खुशी से भरी दुनिया न हो ।
In simple words: भयानक स्थिति तब पैदा होती है जब बच्चों की हंसी-खुशी और खेल-कूद से भरी दुनिया खत्म हो जाती है।

Exam Tip: Connect the "terrible situation" directly to the absence of childhood joy and play, highlighting that these are fundamental to a healthy society.

 

Question 2. कवि स्थिति को अधिक भयावह क्यों कहता है ?
Answer: कवि स्थिति को और भी डरावनी इसलिए कहता है कि हर प्रकार के खिलौने, रंग-बिरंगी पुस्तकें सब कुछ हैं, लेकिन गरीब बच्चों को कुछ भी नहीं मिल रहा है ।
In simple words: कवि इस स्थिति को और भी भयानक इसलिए कहते हैं क्योंकि बच्चों के लिए खिलौने और किताबें जैसी सारी चीजें मौजूद हैं, फिर भी गरीब बच्चों को इनमें से कुछ भी नहीं मिल पाता।

Exam Tip: Emphasize the irony and injustice: the existence of resources for children's development versus the lack of access for the most vulnerable, making the situation even more appalling.

 

Question 3. कवि की पीड़ा को अपने शब्दों में लिखिए ।
Answer: बच्चों के अन्याय को देखकर कवि परेशान है। वह चाहता है कि बच्चों का बचपन खत्म न हो । बच्चे खेलें-कूदे, पढ़-लिखें और बड़े होकर अच्छे नागरिक बनें । परन्तु कवि इस बात से दुःखी है कि बच्चों को खेलने-कूदने-पढ़ने की उम्र में काम पर जाना पड़ता है । खिलौने, रंग-बिरंगी पुस्तकें सब कुछ है लेकिन गरीब बच्चों को कुछ भी नहीं मिलता है ।
In simple words: कवि बच्चों पर हो रहे अन्याय को देखकर बहुत दुखी हैं। वे चाहते हैं कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रहे, वे खेलें, पढ़ें और अच्छे नागरिक बनें। लेकिन कवि को इस बात का बहुत दुःख है कि बच्चों को पढ़ाई और खेलने की उम्र में काम करना पड़ता है, जबकि उनके लिए सारे साधन मौजूद हैं।

Exam Tip: Describe the poet's emotional state (sadness, anguish) and elaborate on the specific reasons for their pain, such as the loss of childhood and the societal failure to protect children.

 

Question 4. 'हस्बमामूल' शब्द का अर्थ बताइए ।
Answer: 'हस्बमामूल' शब्द का अर्थ है – 'यथावत्' या सुरक्षित ।
In simple words: 'हस्बमामूल' शब्द का अर्थ है 'जैसा था, वैसा ही' या 'सुरक्षित'।

Exam Tip: Provide the exact meaning of the word and, if helpful, a simple synonym to clarify its usage in the poem's context.

Summary in Hindi

राजेश जोशी का जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ जिले में हुआ था । उन्होंने शिक्षा पूरी करने के बाद पत्रकारिता शुरू की और कुछ वर्षों तक अध्यापन किया । उन्होंने कविताओं के अतिरिक्त कहानियाँ, नाटक, लेख, अनुवाद और आलोचनात्मक टिप्पणियाँ भी लिखी हैं। उन्होंने नाट्य रूपांतर और लघु फिल्मों के लिए पटकथा लेखन भी किया है। उन्होंने मायकोवस्की की कविता का अनुवाद 'पतलून पहिना बादल' नाम से किया है। 'एक दिन बोलेंगें पेड़', 'मिट्टी का चेहरा', 'नेपथ्य में हँसी' और 'दो पंक्तियों के बीच' उनके प्रमुख काव्य-संग्रह; 'समर गाथा' लंबी कविता; 'सोमवार और अन्य कहानियाँ', 'कपिल का पेड़' कहानी-संग्रह; 'जादू जंगल', 'अच्छे आदमी', 'कहन कबीर', 'टंकारा का गाना', 'तुक्के पर तुक्का' नाटक आदि राजेश जोशी की महत्त्वपूर्ण कृतियाँ हैं। इन्हें माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, शिखर सम्मान, पहल सम्मान, शमशेर सम्मान, मुक्तिबोध पुरस्कार और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है । राजेश जोशी की कविता ने समकालीन जनवादी कविता को नई दिशा एवं नए आयाम प्रदान किए हैं। एक सजग एवं जागरूक कवि की क्रांतिधर्मिता और व्यापक सामाजिक सरोकार उनकी कविता की पहचान है । आपकी कविता में स्थानीय बोली के शब्द होते हैं।

कविता-परिचय :

'बच्चे काम पर जा रहे हैं' राजेश जोशी लिखित एक बहुचर्चित कविता है, जिसमें कवि ने न केवल भारत की बल्कि विश्व की एक भयानक एवं ज्वलंत समस्या को हमारे समक्ष प्रस्तुत किया है। आज का बालक आनेवाले कल का (भविष्य) का नागरिक है । अत: किसी भी राष्ट्र का भविष्य निर्माण उस राष्ट्र के बच्चों की तंदुरस्ती, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार पर निर्भर है। यदि वही बालक अपने खेलने-कूदने, हँसने-खेलने और पढ़ने-लिखने की उम्र में काम में जुट जाये तो इससे बड़ा दुर्भाग्य या इससे बड़ा कलंक किसी भी देश के लिए और क्या हो सकता है ? इस कविता में कवि ने यह प्रश्न उठाया है कि बच्चों के खिलौने, किताबें, बगीचे, मैदान, स्कूल, घर-आँगन सब-कुछ होने के बावजूद उन्हें काम पर क्यों जाना पड़ता है। साथ ही यह इन मासूम बच्चों के प्रति यह संवेदना और सहानुभूति भी प्रकट की है कि आखिर कब तक इन मासूम निरीह बच्चों के बचपन को छीना और रौंदा जाता रहेगा।

शब्दार्थ-टिप्पण :

  • कोहरा – धुंध
  • अंतरिक्ष – अवकाश
  • दीमक – लकड़ी, कागज को खानेवाला कीड़ा
  • मदरसा – पाठशाला
  • हस्बमामूल – यथावत, सुरक्षित, पहले जैसा

Free study material for Hindi

Step-by-Step Textbook Answers: Class 9 Hindi Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं

Accessing Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं Solutions

Review comprehensive exercise answers for Class 9 Hindi Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं. Fully updated to match current GSEB syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Concept-Driven Answers for Class 9 Hindi

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 9 Hindi module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for GSEB exams.

Maximizing Study Efficiency

These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.

FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Hindi are as per latest GSEB curriculum.

Are the Hindi GSEB solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi GSEB solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं in printable PDF format for offline study on any device.