GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 16 यमराज की दिशा

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Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 16 यमराज की दिशा

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प्रश्न-अभ्यास

 

Question 1. कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई ?
Answer: कवि को उनकी माँ ने बचपन में ही यह जानकारी दी थी कि दक्षिण दिशा में यमराज का वास होता है। उस दिशा में पैर करके सोने से यमराज गुस्सा हो जाते हैं। उन्हें क्रोधित करने का अर्थ है मौत को बुलावा देना। इसलिए, कवि ने माँ की कही बातों का पालन किया, जिससे उन्हें दक्षिण दिशा पहचानने में कभी परेशानी नहीं हुई।
In simple words: कवि को माँ ने बताया था कि दक्षिण दिशा में यमराज रहते हैं। इस बात को मानने से उन्हें कभी दक्षिण दिशा पहचानने में कोई दिक्कत नहीं हुई।

Exam Tip: कविता में माँ द्वारा दी गई सीख और उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। यमराज के संदर्भ को सही ढंग से समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. कवि ने ऐसा क्यों कहा कि दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं था ?
Answer: कवि ने दक्षिण दिशा को पार करना असंभव कहा, क्योंकि पहली बात तो यह है कि ऐसी कोई सीमा नहीं है जिसे पार किया जा सके। दूसरी बात, दक्षिण दिशा की ओर पैर करके सोने से मृत्यु आती है, और बचपन से मन में बनी इस धारणा को तोड़ना सरल नहीं है।
In simple words: कवि को लगा कि दक्षिण दिशा को पार करना नामुमकिन है क्योंकि इसका कोई अंत नहीं और बचपन से बनी मृत्यु की धारणा को बदलना मुश्किल है।

Exam Tip: दक्षिण दिशा को लाँघने की असंभवता के पीछे के दो मुख्य कारणों को विस्तार से समझाएँ- भौगोलिक सीमा का अभाव और धार्मिक-सामाजिक मान्यता।

 

Question 3. कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है ?
Answer: कवि की माँ ने बचपन में जब दक्षिण दिशा का ज्ञान कराया था, तब से आज की स्थितियाँ बहुत बदल चुकी हैं। अब मनुष्य का जीवन कहीं भी सुरक्षित नहीं है। हर तरफ जीवन-विरोधी शक्तियाँ फैलती जा रही हैं। जहाँ एक ओर वैज्ञानिक उपकरण उन्नति ला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विनाशकारी हथियार मानव जीवन को संकट में डाल चुके हैं। दुनिया के हर कोने में मौत अपना डेरा जमाए बैठी है।
In simple words: आज दुनिया में हर जगह खतरा और हिंसा है, इसलिए कवि को लगता है कि हर दिशा अब दक्षिण दिशा जैसी भयानक हो गई है, जहाँ माँ के अनुसार यमराज का वास होता है।

Exam Tip: आधुनिक समाज की समस्याओं, जैसे असुरक्षा, वैज्ञानिक उन्नति के नकारात्मक पहलुओं और हिंसा के फैलाव को स्पष्ट करें, जिससे "हर दिशा दक्षिण दिशा" होने का कवि का अर्थ सामने आए।

 

Question 4. भाव स्पष्ट कीजिए -
सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं
और वे सभी में एक साथ
अपनी दहकती आँखों सहित विराजते हैं

Answer: इन पंक्तियों का अर्थ यह है कि वर्षों पहले लोगों का मानना था कि यमराज सिर्फ दक्षिण दिशा में रहते हैं। वे मृत्यु के देवता माने जाते हैं। ऐसी ही कुछ डरावनी मान्यताएँ थीं, लेकिन उस समय लोगों के जीवन में इतनी लालच नहीं थी और मानवीय मूल्यों में इतनी कमी भी नहीं आई थी। इसके विपरीत, आज सामान्य लोग कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। आतंक, हिंसा, शोषण, लूटमार जैसी चीजें यमराज के रूप में हर जगह अपना अधिकार जमा चुकी हैं। सभी दिशाओं में बड़े-बड़े भव्य भवनों में यमराज अपना रूप बदलकर मौजूद हैं।
In simple words: कवि कहते हैं कि अब हर जगह शोषण, हिंसा और भ्रष्टाचार है। बड़े-बड़े महलों में बैठे ताकतवर लोग ही आज के यमराज हैं जो लोगों को सता रहे हैं।

Exam Tip: कवि के प्रतीकात्मक अर्थ को समझाएँ कि कैसे यमराज केवल मृत्यु के देवता न रहकर, आज के समाज में व्याप्त बुराइयों (शोषण, भ्रष्टाचार, हिंसा) का प्रतीक बन गए हैं और हर दिशा में मौजूद हैं।

रचना और अभिव्यक्ति

 

Question 5. कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है । आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी
(क) वह आपको क्या सीख देती हैं ?
(ख) क्या उनकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है ? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं ?

Answer:
(क)
1. प्रातःकाल जल्दी उठने की सलाह देती हैं।
2. समय पर स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख देती हैं।
3. सबके साथ मिलकर खेलने की प्रेरणा देती हैं।
4. अनजान लोगों से ज्यादा करीबी बढ़ाने से मना करती हैं।
5. अपने से बड़ों का सम्मान करने के लिए कहती हैं।
6. ईश्वर में आस्था बनाए रखने की सीख देती हैं।
(ख) जी हाँ, माँ की हर सीख मुझे हमेशा ठीक लगती है, क्योंकि वह मेरी भलाई के लिए कहती हैं और मुझे बुराई से बचाने का प्रयास करती हैं।
In simple words: मेरी माँ मुझे सुबह जल्दी उठने, अच्छे से पढ़ाई करने, सबके साथ मिलजुलकर रहने, बड़ों का सम्मान करने और भगवान पर विश्वास रखने की सलाह देती हैं। मुझे उनकी सारी बातें ठीक लगती हैं क्योंकि वे हमेशा मेरा भला चाहती हैं।

Exam Tip: इस प्रश्न में आपको अपनी माँ द्वारा दी गई शिक्षाओं को सूचीबद्ध करना चाहिए और फिर उन शिक्षाओं को क्यों उचित मानते हैं, इसका कारण बताना चाहिए, जिससे आपके उत्तर में व्यक्तिगत अनुभव और तार्किकता दिखे।

अतिरिक्त प्रश्न

 

Question 1. कवि की माँ के कार्यों से क्या अनुमान लगता है ?
Answer: माँ के कामों से ऐसा पता चलता है कि वह ईश्वर से सलाह लेकर काम करती हैं। उसी सलाह के सहारे वह जीवन में सुख-दुःख सहने के तरीके खोज लेती हैं।
In simple words: माँ के काम देखकर लगता है कि वह ईश्वर से मार्गदर्शन लेकर जीवन की परेशानियों का हल ढूँढ़ती हैं।

Exam Tip: माँ के कार्यों को ईश्वरीय प्रेरणा से जोड़कर, उनके जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और कठिनाइयों से निपटने की क्षमता पर जोर दें।

 

Question 2. कवि की माँ ने उससे एक बार क्या कहा ?
Answer: कवि की माँ ने उससे एक बार कहा कि दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके मत सोना। वह मृत्यु की दिशा है। उस ओर यमराज का निवास है।
In simple words: माँ ने कवि को बताया कि दक्षिण दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए क्योंकि वह यमराज की दिशा है।

Exam Tip: माँ की सीख को सटीक शब्दों में दोहराएँ और उसके पीछे के विश्वास को स्पष्ट करें कि दक्षिण दिशा मृत्यु के देवता यमराज का स्थान है।

 

Question 3. कवि की माँ के मन में यमराज का विचार कैसे आया ?
Answer: उस समय के भारतीय समाज में अंधविश्वास बहुत ज्यादा थे। लोगों का मानना था कि यमराज मृत्यु के देवता हैं। उन्हीं के हाथों में सबकी जीवन की बागडोर है। वे जब चाहें, किसी के भी प्राण ले लेते हैं। उनका वास दक्षिण दिशा में है। उस दिशा की ओर पैर करके सोने से उनका अपमान होता है। वे क्रोधित हो जाते हैं। उन्हें क्रोधित करना अपनी मृत्यु को न्योता देने के समान है। यही साधारण बातें माँ के मन में रहती थीं।
In simple words: उस समय समाज में फैले अंधविश्वासों के कारण माँ को लगा कि यमराज मृत्यु के देवता हैं, दक्षिण में रहते हैं, और अगर उनका अपमान किया जाए तो वे क्रोधित होकर जान ले सकते हैं।

Exam Tip: माँ के यमराज संबंधी विचारों को तत्कालीन सामाजिक अंधविश्वासों और मृत्यु के देवता के प्रति सम्मान से जोड़कर विस्तृत उत्तर दें।

 

Question 4. 'लाँघ लेना' मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य प्रयोग कीजिए ।
Answer: लाँघ लेना - पार करना, छुटकारा पाना। कवि का मानना है कि दक्षिण दिशा को लाँघ लेना संभव नहीं है।
In simple words: 'लाँघ लेना' का मतलब है किसी चीज़ को पार करना या उससे छुटकारा पाना। कवि के अनुसार दक्षिण दिशा को लाँघना असंभव है।

Exam Tip: मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करने के बाद, एक ऐसा वाक्य बनाएँ जो कविता के संदर्भ को दर्शाता हो, जैसा कि यहाँ 'दक्षिण दिशा को लाँघ लेना' के साथ किया गया है।

भावार्थ और अर्थबोधन संबंधी प्रश्न

1. माँ की ईश्वर से मुलाकात हुई या नहीं कहना मुश्किल है
पर वह जताती थी जैसे
ईश्वर से उसकी बातचीत होती रहती है
और उससे प्राप्त सलाहों के अनुसार
जिंदगी जीने और दुःख्न बरदाश्त करने के
रास्ते खोज लेती है

भावार्थ : कवि कहते हैं कि उनकी माँ और यमराज की मुलाकात हुई या नहीं, यह कहना कठिन है। लेकिन माँ बड़े विश्वास के साथ कहती थीं कि उनकी ईश्वर से बातचीत होती रहती है और उन्हीं की सलाह लेकर वह अपने सभी काम करती हैं। वह उसी सलाह के आधार पर जीवन जीने और दुःख सहन करने के रास्ते ढूंढ लेती हैं। वह दूसरों को भी जीवन जीने के तरीके बताती हैं और समस्याओं से लड़ने की प्रेरणा देती हैं।

 

Question 1. कवि विश्वासपूर्वक क्या नहीं कह सकता है ? ।
Answer: कवि निश्चित तौर पर यह नहीं कह सकता कि उसकी माँ की ईश्वर से भेंट हुई थी या नहीं।
In simple words: कवि पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि उसकी माँ की ईश्वर से बात हुई थी।

Exam Tip: कवि के कथन की अनिश्चितता को स्पष्ट करें कि वह माँ की आस्था पर तो विश्वास करता है, लेकिन व्यक्तिगत मुलाकात की बात पर निश्चित नहीं है।

 

Question 2. माँ किसकी सलाह से काम करती थी ?
Answer: माँ ईश्वर की सलाह से काम करती थी।
In simple words: माँ भगवान की सलाह से काम करती थी।

Exam Tip: प्रश्न के अनुसार सीधा और स्पष्ट उत्तर दें, जिसमें माँ के ईश्वरीय मार्गदर्शन पर निर्भरता उजागर हो।

 

Question 3. उक्त काव्यांश का मूल भाव क्या है ?
Answer: इस काव्यांश का मुख्य विचार यह है कि समाज में विभिन्न प्रकार की गलत धारणाएँ फैली हुई थीं।
In simple words: इस कविता के इस हिस्से का मुख्य विचार यह है कि समाज में बहुत सी गलतफहमियाँ और अंधविश्वास मौजूद थे।

Exam Tip: काव्यांश के केंद्रीय विचार को संक्षेप में स्पष्ट करें, खासकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों के संदर्भ में।

 

Question 4. कवि अपनी माँ के विषय में क्या बताता है ?
Answer: कवि अपनी माँ के बारे में बताते हैं कि उनकी माँ को ईश्वर पर बहुत ज्यादा विश्वास था। वह भगवान पर भरोसा करके जीवन की राह पर आगे बढ़ती थीं।
In simple words: कवि बताते हैं कि उनकी माँ भगवान पर बहुत विश्वास करती थीं और उसी भरोसे से जिंदगी में आगे बढ़ती थीं।

Exam Tip: माँ के चरित्र की मुख्य विशेषता, यानी ईश्वर के प्रति उनके गहरे विश्वास को उजागर करें, और यह भी बताएँ कि यह विश्वास उनके जीवन को कैसे दिशा देता था।

 

2. माँ ने एक बार मुझसे कहा था-
दक्षिण की तरफ पैर करके मत सोना
वह मृत्यु की दिशा है
और यमराज को कुद्ध करना
बुद्धिमानी की बात नहीं
तब मैं छोटा था
और मैंने यमराज के घर का पता पूछा था
उसने बताया था –
तुम जहाँ भी हो वहाँ से हमेशा दक्षिण में

भावार्थ : बचपन में कवि की माँ ने उसे एक सीख दी थी कि दक्षिण दिशा की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा की ओर यम का निवास स्थान होता है। यमराज मृत्यु के देवता हैं। यम की ओर पैर करके सोने से यम को गुस्सा आ सकता है। यमराज को नाराज करना समझदारी की बात नहीं है। कवि उस समय छोटा था। उसने बाल जिज्ञासा के कारण अपनी माँ से यमराज के घर का पता पूछा था। उनकी माँ ने बताया था कि तुम जहाँ भी रहते हो, वहाँ से दक्षिण की ओर यमराज का वास होता है।

 

Question 1. कवि की माँ ने उसे क्या सीख दी ?
Answer: कवि की माँ ने उसे समझाया कि दक्षिण की ओर पैर करके कभी नहीं सोना चाहिए। दक्षिण दिशा में यमराज का वास है। यमराज को गुस्सा दिलाना समझदारी की बात नहीं है।
In simple words: कवि की माँ ने उसे सिखाया कि दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके नहीं सोना चाहिए, क्योंकि वह यमराज की दिशा है और उन्हें नाराज करना ठीक नहीं है।

Exam Tip: माँ की सीख को सीधे और स्पष्ट शब्दों में बताएँ, जिसमें दक्षिण दिशा का महत्व और यमराज के क्रोध से बचने की सलाह शामिल हो।

 

Question 2. कवि ने कौतूहलवश क्या पूछा ?
Answer: कवि ने बचपन में जिज्ञासा के कारण अपनी माँ से यमराज के घर का पता पूछा।
In simple words: बचपन में कवि ने उत्सुकता से अपनी माँ से यमराज के घर का पता जानना चाहा।

Exam Tip: प्रश्न के अनुसार केवल कवि की जिज्ञासा को संक्षेप में स्पष्ट करें, कि उसने किस बारे में कौतूहलवश पूछा था।

 

Question 3. माँ ने पुत्र को यमराज के पते के बारे में क्या बताया ?
Answer: माँ ने पुत्र को यमराज के ठिकाने के बारे में बताया कि यमराज हमेशा दक्षिण दिशा में रहते हैं। तुम जहाँ भी रहते हो, वहाँ से दक्षिण दिशा में ही यमराज का वास होता है।
In simple words: माँ ने बताया कि यमराज हमेशा दक्षिण में रहते हैं, चाहे तुम कहीं भी हो, वह दिशा हमेशा दक्षिण में होती है।

Exam Tip: माँ द्वारा दी गई जानकारी को स्पष्ट करें कि यमराज दक्षिण दिशा में रहते हैं और यह अवधारणा स्थान-निरपेक्ष है।

 

Question 4. कवि की माँ यमराज को क्रुद्ध न करने की बात क्यों कहती है ?
Answer: यमराज को मृत्यु का देवता माना जाता है। यदि वे नाराज हो गए, तो हमारा जीवन संकट में पड़ जाएगा, इसलिए माँ यमराज को गुस्सा न करने की बात कहती हैं।
In simple words: माँ कहती हैं कि यमराज मृत्यु के देवता हैं और उन्हें गुस्सा करने से हमारा जीवन खतरे में पड़ सकता है, इसलिए उन्हें नाराज नहीं करना चाहिए।

Exam Tip: यमराज के देवता स्वरूप और उनके क्रोध के परिणामों को स्पष्ट करें, जिससे माँ की सलाह का महत्व उजागर हो।

 

3. माँ की समझाइश के बाद
दक्षिण दिशा में पैर करके मैं कभी नहीं सोया
और इससे इतना फ़ायदा ज़रूर हुआ
दक्षिण दिशा पहचानने में
मुझे कभी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा
मैं दक्षिण में दूर-दूर तक गया
और मुझे हमेशा माँ याद आई
दक्षिण को लाँघ लेना सम्भव नहीं था
होता छोर तक पहुँच पाना
तो यमराज का घर देख लेता

भावार्थ : कवि कहते हैं कि माँ की सलाह के बाद उन्होंने दक्षिण दिशा की ओर पैर करके नहीं सोया। इससे उन्हें कोई और लाभ हुआ हो या नहीं, लेकिन इतना अवश्य हुआ कि उनका दिशा-ज्ञान पक्का हो गया। जीवन भर दक्षिण दिशा पहचानने में कवि को फिर कोई परेशानी नहीं हुई। कवि दक्षिण दिशा में बहुत दूर-दूर तक गए और माँ की दी गई सीख उन्हें हमेशा याद रही। लेकिन उस सीमा तक नहीं पहुँच पाए जहाँ यम का घर मिल सके।

 

Question 1. कवि किस दिशा में पैर करके नहीं सोया और क्यों ?
Answer: कवि दक्षिण दिशा में पैर करके नहीं सोया क्योंकि वह माँ की हर बात का सम्मान करता था। उसे दक्षिण दिशा के खतरों का ज्ञान हो चुका था।
In simple words: कवि दक्षिण में पैर करके नहीं सोया क्योंकि वह माँ की बात मानता था और उसे दक्षिण दिशा से जुड़े खतरों का पता था।

Exam Tip: कवि के इस निर्णय के पीछे माँ के प्रति आदर और दक्षिण दिशा के बारे में प्राप्त ज्ञान को प्रमुखता से दर्शाएँ।

 

Question 2. माँ की सलाह से कवि को क्या लाभ हुआ ?
Answer: माँ की सलाह से कवि को यह लाभ हुआ कि उसे दक्षिण दिशा पहचानने में कभी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
In simple words: माँ की सलाह से कवि को हमेशा दक्षिण दिशा पहचानने में आसानी हुई।

Exam Tip: माँ की सीख से कवि को हुए प्रत्यक्ष लाभ को संक्षेप में स्पष्ट करें, जो कि दिशा-ज्ञान में स्पष्टता है।

 

Question 3. कवि ऐसा क्यों कहता है कि दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं है ?
Answer: दक्षिण दिशा का कोई अंत नहीं है। यदि कोई छोर होता, तो उसे लाँघना संभव होता, इसीलिए कवि कहते हैं कि दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं है।
In simple words: कवि कहते हैं कि दक्षिण दिशा का कोई अंत नहीं है, इसलिए उसे पार करना मुमकिन नहीं है।

Exam Tip: कवि के कथन के पीछे का तार्किक आधार स्पष्ट करें- कि दक्षिण दिशा की अनंतता ही उसे लाँघने की असंभवता का कारण है।

 

Question 4. कवि को माँ की याद कब आई ?
Answer: कवि जब भी दक्षिण में बहुत दूर-दूर तक गए, उन्हें माँ की याद आई।
In simple words: कवि को माँ की याद तब आती थी जब वे दक्षिण दिशा में दूर-दूर जाते थे।

Exam Tip: माँ की सीख के चिरस्थायी प्रभाव को उजागर करें कि कैसे वह कवि के हर कदम पर उनके साथ महसूस होती थी।

 

4. पर आज जिधर भी पैर करके सोओ
वहीं दक्षिण दिशा हो जाती है
सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं
और वे सभी में एक साथ
अपनी दहकती आँखों सहित विराजते हैं
माँ अब नहीं है
और यमराज की दिशा भी वह नहीं रही
जो माँ जानती थी।

भावार्थ : कवि सभ्यता के विकास की खतरनाक दिशा की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि आज जीवन-विरोधी ताकतें चारों तरफ फैलती जा रही हैं, वे किसी एक दिशा तक सीमित नहीं रही हैं। आज जिधर भी पैर करके सोओ, वह दक्षिण दिशा अर्थात यमराज की दिशा हो जाती है। जीवन में हर तरफ खतरे हैं। बड़े-बड़े विशाल, आलीशान भवनों में यमराज के समान लोग बैठे नजर आते हैं, जो अपनी दहकती आँखों से घूरते रहते हैं। आम आदमी का शोषण करने के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं। अब यमराज की दिशा सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं रही, जितना माँ जानती थी, वह हर जगह फैल गई है।

 

Question 1. आज दक्षिण दिशा में क्या परिवर्तन आया है ?
Answer: आज दक्षिण दिशा का विस्तार बहुत बढ़ गया है। हर दिशा दक्षिण दिशा बन चुकी है, जिसका अर्थ है कि समाज में चारों ओर विनाश, हिंसा और मृत्यु का साम्राज्य फैल गया है।
In simple words: अब हर जगह हिंसा और बर्बादी फैल चुकी है, इसलिए कवि कहते हैं कि आज हर दिशा दक्षिण दिशा जैसी हो गई है।

Exam Tip: दक्षिण दिशा के प्रतीकात्मक अर्थ को वर्तमान समाज की नकारात्मक वास्तविकताओं, जैसे हिंसा और विनाश के साथ जोड़कर समझाएँ।

 

Question 2. अब यमराज कहाँ रहते हैं ?
Answer: अब यमराज का वास दक्षिण दिशा तक ही सीमित नहीं रहा है, वे हर दिशा में रहते हैं।
In simple words: अब यमराज केवल दक्षिण में नहीं, बल्कि हर तरफ फैल गए हैं और हर दिशा में रहते हैं।

Exam Tip: यमराज के वास स्थान में आए परिवर्तन को स्पष्ट करें, जिसमें बताया गया है कि वे अब एक विशिष्ट दिशा तक सीमित न होकर सार्वभौमिक रूप से मौजूद हैं।

 

Question 3. 'सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं' से कवि का क्या तात्पर्य है ?
Answer: आज समाज में चारों ओर शोषण, भ्रष्टाचार, हिंसा और लूटमार जैसी बुराइयाँ फैल चुकी हैं। शोषक वर्ग समाज के हर क्षेत्र में हावी है, जिनसे आम आदमी का बचना मुश्किल हो गया है, इसीलिए आज के यमराज की व्यापकता को देखते हुए कवि ने सभी दिशाओं में यमराज के भव्य महल होने की बात कही है।
In simple words: कवि का मतलब है कि समाज में हर जगह शोषण और भ्रष्टाचार करने वाले ताकतवर लोग बैठे हैं, जो यमराज की तरह लोगों को परेशान कर रहे हैं।

Exam Tip: कवि के इस प्रतीकात्मक कथन का वास्तविक अर्थ स्पष्ट करें, जिसमें यमराज को समाज के शोषक वर्ग और बुराइयों का प्रतीक माना गया है।

 

Question 4. काव्यांश की भाषागत विशेषता बताइए ।
Answer: काव्यांश की भाषा सरल खड़ी-बोली है और यहाँ प्रतीकात्मकता उसका सबसे बड़ा गुण है।
In simple words: कविता के इस हिस्से की भाषा सरल है और इसमें प्रतीकों का बहुत अच्छा उपयोग किया गया है।

Exam Tip: काव्यांश की भाषा की दो मुख्य विशेषताओं- सरलता और प्रतीकात्मकता पर जोर दें, और यह भी बताएँ कि कैसे ये विशेषताएँ अर्थ को गहरा करती हैं।

 

कविता पढ़कर नीचे पुछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

माता की छाती का अमृतमय पय कालकूट हो जाए, आँखों का पानी सूखे, वे शोणित की पूँटे जो जाएँ, एक ओर कायरता काँपे, गतानुगति विचलित हो जाए, अंधे मूढ विचारों की वह अचल शिखा विचलित हो जाए, और दूसरी ओर कंपा देनेवाली गर्जन उठ जाए, अंतरिक्ष में एक उसी नाशक तर्जन की ध्वनि मँडराएँ ।

 

Question 1. कवि कालकूट किसे बना देने की बात करता है ?
Answer: कवि माता के सीने के अमृत जैसे दूध को विष (कालकूट) बना देने की बात करता है।
In simple words: कवि कहते हैं कि माँ के अमृत जैसे दूध को विष बना देना चाहिए।

Exam Tip: कालकूट के प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करें और इसे माता के दूध से जोड़कर कवि की गहरी भावना को उजागर करें।

 

Question 2. किसके विचलित होने की बात कवि करता है ?
Answer: कवि भूत और भविष्य के विचलित होने की बात करता है।
In simple words: कवि कहते हैं कि भूतकाल और भविष्यकाल दोनों हिलने-डुलने चाहिए, यानी उनमें बदलाव आना चाहिए।

Exam Tip: कवि की परिवर्तन की इच्छा को स्पष्ट करें और बताएं कि वह केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि भूत और भविष्य में भी बदलाव देखना चाहता है।

 

Question 3. अंतरिक्ष में किसकी ध्वनि मंडरानी चाहिए ?
Answer: कंपा देने वाली गर्जना, विनाश करने वाली ध्वनियाँ अंतरिक्ष में गूँजनी चाहिए।
In simple words: अंतरिक्ष में जोरदार और विनाशकारी आवाजें गूँजनी चाहिए।

Exam Tip: कवि की क्रांतिकारी भावना को स्पष्ट करें, जहाँ वह बदलाव लाने के लिए तीव्र और शक्तिशाली आवाजों की कल्पना करता है।

 

Question 4. किसकी शिखा विचलित हो जानी चाहिए ?
Answer: अंधविश्वास और मूर्खता भरे विचारों की ज्वाला (शिखा) विचलित हो जानी चाहिए।
In simple words: कवि कहते हैं कि अंधविश्वास और गलत सोच को पूरी तरह से हिला देना चाहिए।

Exam Tip: शिखा के प्रतीकात्मक अर्थ को अंधविश्वासों और मूर्ख विचारों से जोड़कर, कवि की सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने की इच्छा को उजागर करें।

 

Question 5. इस कविता का योग्य शीर्षक लिखो ।
Answer: 'विप्लवगान' - यह एक उपयुक्त शीर्षक है।
In simple words: इस कविता का सबसे सही नाम 'विप्लवगान' है।

Exam Tip: कविता के मूल भाव को ध्यान में रखते हुए एक उपयुक्त शीर्षक सुझाएँ, जो उसके क्रांतिकारी या परिवर्तनकारी संदेश को दर्शाता हो।

 

यमराज की दिशा Summary in Hindi

चंद्रकांत देवताले का जन्म मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के जौलखेड़ा गाँव में हुआ था। उनकी उच्च शिक्षा इंदौर में पूरी हुई और उन्होंने सागर विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण कार्य भी किया।

'हड्डियों में छिपा ज्वार', 'दीवारों पर खून से', 'लकड़बग्घा हँस रहा है', 'भूखंड तप रहा है', 'पत्थर की बेंच', 'इतनी पत्थर रोशनी', 'उजाड़ में संग्रहालय' आदि देवताले जी की प्रमुख काव्य रचनाएँ हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार के अतिरिक्त माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, मध्यप्रदेश शिखर सम्मान तथा मैथिलीशरण गुप्त सम्मान भी प्राप्त हुए थे।

देवताले की कविताओं में गायों, कस्बों और निम्न-मध्य वर्ग के जीवन का चित्रण मिलता है। उनमें मानव जीवन अपनी विविधताओं और मुश्किलों के साथ सामने आया है। कवि में जहाँ व्यवस्था की कुरूपता के खिलाफ गुस्सा है, वहीं मानवीय प्रेम का भाव भी है। वे अपनी बात सीधे ढंग से कहते हैं। वे अपनी कविता में सामान्य बोलचाल की सरल और सुगम भाषा का प्रयोग करते हैं।

कविता-परिचय :

'यमराज की दिशा' नामक कविता में कवि सभ्यता के विकास की खतरनाक दिशा की ओर इशारा करते हुए यह कहना चाहते हैं कि जीवन-विरोधी शक्तियाँ चारों ओर फैलती जा रही हैं। वे अब किसी एक दिशा तक सीमित नहीं हैं। माँ तो केवल दक्षिण में ही यमराज का वास बताती थीं, लेकिन कवि को तो अब हर तरफ यमराज का वास नजर आता है। शहरों में चारों ओर बनी ऊंची-ऊंची इमारतें उन्हें यमराज की याद दिलाती हैं। मनुष्य में यमराज के रूप में हिंसा, भ्रष्टाचार और लालच प्रवेश कर चुके हैं, कवि ने इनके विरुद्ध खड़े होने का आह्वान किया है।

शब्दार्थ-टिप्पण :

  • जताती - बताती, विश्वासपूर्वक कहती
  • बरदाश्त - सहन
  • क्रुद्ध - नाराज
  • समझाइश - सीख
  • लाँध लेना - पार करना
  • छोर - किनारा
  • आलीशान - शानदार
  • दहकती - जलती हुई
  • बिराजना - रहना

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Do you offer GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 16 यमराज की दिशा in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Hindi. You can access GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 16 यमराज की दिशा in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi GSEB solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 16 यमराज की दिशा in printable PDF format for offline study on any device.