GSEB Class 9 Hindi Kshitij Solutions Chapter 15 मेघ आए

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Detailed Chapter 15 मेघ आए GSEB Solutions for Class 9 Hindi

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Class 9 Hindi Chapter 15 मेघ आए GSEB Solutions PDF

 

Question 1. बादलों के आने पर प्रकृति में जिन गतिशील क्रियाओं को कवि ने चित्रित किया है, उन्हें लिखिए।
Answer: बादलों के आने पर कवि ने प्रकृति में निम्नलिखित गतिशील क्रियाओं का वर्णन किया है:
1. नाचती-गाती हवा का आना।
2. दरवाजे-खिड़कियों का खुलना।
3. पेड़ों द्वारा गरदन उठाकर देखना।
4. आँधी का आकर धूल उड़ाना।
5. नदी का ठहरना एवं तिरछी नजर से देखना।
6. आगे बढ़कर पीपल द्वारा मेहमान का स्वागत करना।
7. लताओं का छिपकर बातें करना।
8. तालाब द्वारा पानी भरकर लाना।
9. बिजली का चमकना।
10. वर्षा होना या आँसू बहना।
In simple words: कवि ने बताया है कि जब बादल आते हैं, तो हवा नाचती है, दरवाजे खुलते हैं, पेड़ अपनी गर्दन उठाते हैं, आँधी धूल उड़ाती है, नदी ठहर जाती है, पीपल मेहमान का स्वागत करते हैं, लताएँ छिपकर बात करती हैं, तालाब पानी भर लाता है, बिजली चमकती है और वर्षा होती है।

Exam Tip: कविता में वर्णित प्रकृति की सभी क्रियाओं को क्रमवार लिखें, और क्रियाओं के साथ उनके मानवीकरण को भी दर्शाएँ।

 

Question 2. निम्नलिखित किसके प्रतीक हैं ?
धूल, पेड़, नदी, लता, ताल

Answer:
शब्द - प्रतीक
• धूल - स्त्री
• पेड़ - नगरवासी
• नदी - गाँव की विवाहिता स्त्री
• लता - मेघ की प्रतीक्षा करती नायिका
• ताल - घर का सदस्य
In simple words: धूल एक स्त्री का रूप है, पेड़ नगर के लोग हैं, नदी गाँव की शादीशुदा औरत है, लता नायिका है जो बादल का इंतजार कर रही है, और ताल परिवार के एक सदस्य जैसा है।

Exam Tip: प्रत्येक शब्द के प्रतीकात्मक अर्थ को सही ढंग से पहचानें और स्पष्ट करें, क्योंकि यह मानवीकरण अलंकार का एक मुख्य हिस्सा है।

 

Question 3. लता ने बादल रूपी मेहमान को किस तरह देखा और क्यों ?
Answer: लता ने बादल रूपी मेहमान को दरवाजे की ओट से देखा, क्योंकि वह एक साल बाद आया था। वह बादल से बहुत व्याकुल थी, लेकिन शर्म के कारण सामने नहीं आ सकती थी।
In simple words: लता ने बादल को दरवाजे के पीछे से देखा। वह एक साल बाद आए थे, इसलिए लता बहुत बेचैन थी, पर लज्जा के कारण सामने नहीं आ सकी।

Exam Tip: लता के भावों (व्याकुलता और संकोच) को स्पष्ट रूप से लिखें, जो उसके व्यवहार को समझाते हैं।

 

Question 4. भाव स्पष्ट कीजिए-
क. क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की

Answer:
भाव : लता रूपी नायिका को भ्रम था कि उसके प्रिय मेघ नहीं आएँगे। परन्तु मेघ के आने से उसका भ्रम मिट जाता है और वह क्षमा माँगने लगती है।
In simple words: नायिका को लगा था कि उसके प्रेमी बादल नहीं आएँगे, पर जब बादल आ गए, तो उसका शक दूर हो गया और वह माफी माँगने लगी।

Exam Tip: "गाँठ खुलना" मुहावरे का अर्थ "भ्रम दूर होना" है, इसे स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 4. भाव स्पष्ट कीजिए-
ख. बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, पूँघट सरके।

Answer:
भाव : मेघ रूपी मेहमान के आने की खबर सुनते ही नदी रूपी स्त्री रुक-सी जाती है। रुकते ही उसका लहर रूपी पूँघट सरक जाता है और वह तिरछी नजर से मेहमान को देखने लगती है।
In simple words: जब नदी को पता चला कि मेहमान बादल आ गए हैं, तो वह रुक गई। उसका लहरों का घूँघट थोड़ा हट गया और उसने तिरछी नजर से मेहमान को देखा।

Exam Tip: नदी के मानवीकरण को दर्शाते हुए, "बाँकी चितवन", "ठिठकी" और "पूँघट सरके" शब्दों के अर्थों को स्पष्ट करें।

 

Question 5. मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए ?
Answer: मेघ रूपी मेहमान के आने से हवा चलने लगी जो धीरे-धीरे आँधी में बदल गई। आँधी चलने से गली में धूल उड़ने लगी और लोगों के खिड़की-दरवाजे खुलने लगे। पेड़ झुकने-उठने लगे। लता हवा में लहराने लगी। नदी-तालाब के पानी में उथल-पुथल होने लगी। क्षितिज पर बादल घिर आए और बिजली चमकने के साथ वर्षा होने लगी।
In simple words: बादल आने पर पहले हवा चली, फिर आँधी आई, धूल उड़ी, खिड़की-दरवाजे खुले, पेड़ झुके, लताएँ लहराईं, तालाब का पानी हिला, बादल छा गए, बिजली चमकी और फिर बारिश होने लगी।

Exam Tip: वातावरण में होने वाले सभी परिवर्तनों को एक क्रम में लिखें, ताकि पढ़ने वाले को पूरी घटना स्पष्ट हो जाए।

 

Question 6. मेघों के लिए 'बन-उन के, सँवर के आने की बात क्यों कही गई है ?
Answer: मेघ एक वर्ष बाद आते हैं। उनकी प्रतीक्षा उसी तरह की जाती है जिस तरह मेहमान (दामाद) के आने का इंतजार किया जाता है। मेहमान जब भी आते हैं तो वे सज-धजकर आते हैं। काले-घने मेघ जब उमड़ते-घुमड़ते हुए आते हैं तो बड़े सुंदर दिखते हैं। बिजली की चमक और इंद्रधनुष का रंग उन्हें और भी सुंदर बना देता है इसीलिए कवि ने मेघों के लिए 'बनठन के, सँवर के आने की बात कही है।
In simple words: कवि ने कहा है कि बादल सज-धजकर आए हैं, क्योंकि वे एक साल बाद आते हैं, जैसे दामाद आता है। जब काले बादल गरजते हुए आते हैं, बिजली चमकती है और इंद्रधनुष बनता है, तो वे बहुत खूबसूरत लगते हैं।

Exam Tip: मेघों की तुलना दामाद से करते हुए, उनके सजने-संवरने और उनके आने से होने वाले सौंदर्य को स्पष्ट करें।

 

Question 7. कविता में आए मानवीकरण तथा रूपक अलंकार के उदाहरण खोजकर लिखिए।
Answer:
मानवीकरण अलंकार के उदाहरण –
1. आगे-आगे नाचती बयार चली
2. मेघ आए बड़े, बन-ठन के सँवर के।
3. पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए।
4. धूल भागी घाघरा उठाए।
5. बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी
6. बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की
7. बोली अकुलाई लता
8. हरसाया ताल लाया पानी परात भर के।
रूपक अलंकार के उदाहरण :
1. क्षितिज अटारी गहराई
2. बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके।
In simple words: मानवीकरण अलंकार में कवि ने हवा को नाचते हुए, बादलों को सज-धजकर, पेड़ों को झाँकते हुए, धूल को घाघरा उठाए, नदी को ठिठकते हुए, पीपल को प्रणाम करते हुए, लता को बोलते हुए और तालाब को पानी लाते हुए दिखाया है। रूपक अलंकार में क्षितिज को अटारी और आँसुओं को मिलन का बाँध बताया है।

Exam Tip: दोनों अलंकारों के उदाहरणों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग सूचीबद्ध करें और उनकी पहचान के मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखें।

 

Question 8. कविता में जिन रीति-रिवाजों का मार्मिक चित्रण हुआ है, उसका वर्णन कीजिए।
Answer: कविता में निम्नलिखित रीति-रिवाजों का मार्मिक चित्रण हुआ है –
1. मेहमान के आने पर पूरे गाँव में खुशी छा जाना।
2. सभी लोगों द्वारा अपने-अपने तरीकों से मेहमान के स्वागत में लग जाना।
3. बुजुर्गों द्वारा स्वागत-सत्कार किया जाना।
4. गाँव की स्त्रियों द्वारा मेहमान से पर्दा करना।
5. पैरों को धोने के लिए परात में पानी लाना।
In simple words: कविता में दिखाया गया है कि मेहमान के आने पर गाँव के सभी लोग खुश हो जाते हैं, सब स्वागत करते हैं, बड़े-बुजुर्ग मान-सम्मान देते हैं, औरतें घूँघट करती हैं और मेहमान के पैर धोने के लिए परात में पानी लाते हैं।

Exam Tip: मेहमान नवाजी के विभिन्न रीति-रिवाजों को बिंदुवार स्पष्ट करें, जो ग्रामीण भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं।

 

Question 9. कविता में कवि ने आकाश में बादल और गाँव में पाहुन (दामाद) के आने का जो रोचक वर्णन किया गया है, उसे लिखिए।
Answer: कवि ने मेघों की तुलना सज-धजकर आए पाहुन (दामाद) से करते हुए कहा है कि जिस तरह मेहमान के आने पर गाँव के बच्चे दौड़कर सबको सूचना देते हैं उसी तरह मेघों के आने की खबर देने के लिए हवा तेज गति से चलने लगी है। मेहमान को देखने की उत्सुकता में जिस तरह लोग खिड़की-दरवाजे से झाँकते हैं उसी तरह मेघ दर्शन के लिए लोग खिड़की से झाँकने लगे हैं।
आँधी के आने से गलियों में धूल उड़ने लगी है मानो कोई लड़की घाघरा उठाए भाग रही है। जिस तरह मेहमान के स्वागत में वृद्ध हाथ जोड़कर उसका स्वागत करते हैं, पत्नी दरवाजे की ओट से देखती है उसी तरह आँधी चलने से पेड़ की डालियाँ झुकने लगीं, पेड़ से लिपटी लता भी हिलने लगी। जैसे मेहमान के आने पर विरह की पीड़ा दूर हो जाती है और मिलन होने पर खुशी के आँसू झरने लगे उसी तरह क्षितिज पर बादल घिरने लगे और बिजली चमकने लगी। देखते ही देखते वर्षा होने लगी।
In simple words: कवि ने बादलों की तुलना दामाद से की है। जैसे दामाद आने पर बच्चे खबर देते हैं, वैसे ही हवा बादलों की खबर देती है और लोग खिड़की से उन्हें देखने लगते हैं। धूल उड़ती है जैसे कोई लड़की भाग रही हो, और जैसे बड़े मेहमान का स्वागत करते हैं और पत्नी ओट से देखती है, वैसे ही पेड़ झुकते हैं और लताएँ हिलती हैं। बादलों के आने से विरह दूर होता है और खुशी के आँसू (वर्षा) गिरने लगते हैं, बिजली चमकती है और बारिश शुरू हो जाती है।

Exam Tip: कवि द्वारा प्रस्तुत समानता को विस्तार से समझाएँ, जिसमें दामाद के आगमन और मेघों के आगमन की तुलना की गई है, और दोनों के प्रभावों को स्पष्ट करें।

 

Question 10. काव्य-सौन्दर्य लिखिए -
पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँबर के।

Answer: काव्य-सौन्दर्य : प्रस्तुत पंक्तियों में मेघ रूपी मेहमान के आने का सजीव चित्रण है। दामाद के रूप में प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। कविता में चित्रात्मक शैली का उपयोग किया गया है। भाषा आम-बोलचाल की है। 'बड़े बन-ठन के' में 'ब' वर्ण की आवृत्ति होने से अनुप्रास अलंकार है। 'मेघ आए बड़े बन-ठन के' पंक्ति में मेघ का दामाद के रूप में मानवीकरण हुआ है, अतः मानवीकरण अलंकार है।
In simple words: इन पंक्तियों में कवि ने बादलों को शहर से आए मेहमान दामाद की तरह दिखाया है। यहाँ प्रकृति को इंसानों जैसा व्यवहार करते दिखाया गया है (मानवीकरण)। भाषा समझने में आसान है और 'ब' अक्षर बार-बार आने से अनुप्रास अलंकार भी है।

Exam Tip: काव्य-सौंदर्य में कवि की शैली, भाषा, अलंकार और मुख्य भाव को स्पष्ट रूप से उजागर करें।

 

रचना और अभिव्यक्ति

 

Question 11. वर्षा के आने पर अपने आसपास के वातावरण में हुए परिवर्तनों को ध्यान से देखकर एक अनुच्छेद लिखिए।
Answer: वर्षा के आने पर आसपास की धूल मिट जाती है। पानी की फुहार के साथ शीतल हवा बहने लगती है। कभी-कभी आँधी आती है और घना अंधेरा छा जाता है। पक्षी अपने घोंसले की ओर लौटने लगते हैं। पानी से बचाने के लिए लोग अपने-अपने पशुओं को पशुशाला में बाँध देते हैं। स्वयं घर में चले जाते हैं। हर तरफ हरियाली दिखती है और मौसम खुशनुमा हो जाता है।
In simple words: जब बारिश आती है, तो धूल हट जाती है, ठंडी हवा चलती है, कभी-कभी अँधेरा छा जाता है। पक्षी घोंसलों में लौटते हैं और लोग अपने पशुओं को अंदर बाँधकर घर चले जाते हैं। चारों ओर हरियाली छा जाती है और मौसम अच्छा लगने लगता है।

Exam Tip: वर्षा के आने से पहले, दौरान और बाद में होने वाले सभी परिवर्तनों को शामिल करते हुए एक विस्तृत वर्णन करें।

 

Question 12. कवि ने पीपल को ही बड़ा बुजुर्ग क्यों कहा है ? पता लगाइए।
Answer: पीपल के पेड़ को बड़ा बुजुर्ग इसलिए माना जाता है क्योंकि उसकी डाली पर उन बुजुर्गों के नाम के घंट बाँधे जाते हैं, जो मर जाते हैं। साथ ही पीपल के पेड़ की उम्र लंबी होती है। यह कई सालों तक खड़ा रहता है और कई पीढ़ियों का साक्षी बनता है।
In simple words: पीपल को बड़ा-बुजुर्ग इसलिए कहा गया है क्योंकि इसकी डालियों पर मरे हुए बुजुर्गों के नाम के घंट बाँधते हैं और यह पेड़ बहुत साल तक जिंदा रहता है।

Exam Tip: पीपल के पेड़ को बड़ा बुजुर्ग कहने के धार्मिक और प्राकृतिक दोनों कारणों को समझाएँ।

 

Question 13. कविता में मेघ को पाहुन के रूप में चित्रित किया गया है। हमारे यहाँ अतिथि (दामाद) को विशेष महत्त्व प्राप्त है, लेकिन आज इस परंपरा में परिवर्तन आया है। आपको इसके क्या कारण नजर आते हैं, लिखिए।
Answer: पाहुन का अर्थ भारतीय ग्रामीण संस्कृति में दामाद होता है, केवल सामान्य मेहमान नहीं, और दामाद का विशेष सम्मान करने की परम्परा रही है। आज के व्यस्त युग में इस परम्परा में बदलाव आया है। संचार माध्यमों के विकास के कारण कोई भी मेहमान अब 'अतिथि' नहीं रह गया, उसके आने का पता किसी न किसी तरह मिल ही जाता है।
यातायात के साधनों के विकास के कारण आवागमन आसान बना है। पहले की तरह जाने के लिए योजना और बंदोबस्त की अब आवश्यकता नहीं पड़ती इसलिए पाहुन भी वर्ष में एकाध बार आनेवाले नहीं रहे। जब चाहे तब आ धमकते हैं और यह पता ही है कि बार-बार आनेवाले पाहुन का स्वागत कभी-कभार आनेवाले पाहुन की तरह नहीं हो पाता।
In simple words: भारतीय गाँवों में दामाद को बहुत खास मानते थे, पर अब यह बदल गया है। फ़ोन और इंटरनेट से पहले ही पता चल जाता है कि कौन आ रहा है। अब यात्रा करना भी आसान हो गया है, तो मेहमान कभी भी आ जाते हैं। बार-बार आने वाले मेहमानों का उतना स्वागत नहीं होता जितना कभी-कभार आने वालों का होता है।

Exam Tip: परंपरा में आए बदलाव के मुख्य कारणों को बिंदुवार समझाएँ, जैसे संचार और यातायात के साधनों का विकास, और उनका सामाजिक प्रभाव।

 

Question 14. कविता में आए मुहावरों को छाँटकर अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
Answer:
1. सुधि लेना (याद करना)
विदेश में रहनेवाला मेरा पड़ोसी अपने काम में इतना व्यस्त है कि छह-छह महीने तक उसे फोन करने की सुधि नहीं आती।
2. गाँठ खुलना (भ्रम दूर होना)
मित्र की बात सुनकर मेरे मन की गाँठ खुल गई।
3. बाँध टूटना (धैर्य खत्म होना)
पिता की मृत्यु से स्तब्ध बैठे बड़े भाई ने जब छोटे भाई को आते देखा तब उसके आँसुओं का बाँध टूट गया।
4. बन-ठनकर आना (सज-सँवरकर आना)
शादी-ब्याह में, बाराती बन-ठनकर रहते हैं।
In simple words: कविता से चार मुहावरे चुने गए हैं: 'सुधि लेना' (याद करना), 'गाँठ खुलना' (शक दूर होना), 'बाँध टूटना' (धैर्य खोना) और 'बन-ठनकर आना' (सज-धजकर आना)। हर मुहावरे का अर्थ बताया गया है और फिर उसे एक वाक्य में प्रयोग करके दिखाया गया है।

Exam Tip: प्रत्येक मुहावरे का सही अर्थ लिखकर उसे ऐसे वाक्य में प्रयोग करें जिससे उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए।

 

Question 15. कविता में प्रयुक्त आँचलिक शब्दों की सूचि बनाइए।
Answer:
बन-ठन, पाहुन, घाघरा, जुहार, किवार, परात, लीन्हौं, ढरके
In simple words: कविता में कुछ गाँव के शब्द उपयोग हुए हैं जैसे बन-ठन, पाहुन, घाघरा, जुहार, किवार, परात, लीन्हौं, ढरके।

Exam Tip: आँचलिक शब्दों को कविता से ध्यानपूर्वक चुनकर सूचीबद्ध करें, क्योंकि ये शब्द स्थानीय संस्कृति और बोली को दर्शाते हैं।

 

Question 16. 'मेघ आए' कविता की भाषा सरल और सहज है – उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
Answer: 'मेघ आए' कविता में क्षितिज, दामिनी, अश्रु और क्षमा जैसे तीन-चार तत्सम शब्दों को छोड़कर बाकी सभी शब्द बोलचाल की भाषा के हैं या बोली के। कविता की भाषा चित्रात्मक है। मानवीकरण का उपयोग करके इस चित्रात्मकता को विश्वसनीय बनाया गया है, जैसे – 'नाचती गाती बयार चली', 'धूल भागी घाघरा उठाए'। कविता में संवाद गाँव की बोली में रखे गए हैं। जैसे; 'बरस बाद सुधि लीन्हीं'। कहीं-कहीं आँचलिक शब्दों का प्रयोग किया गया है। कुल मिलाकर कविता की भाषा सरल, प्रवाहमय, सहज और जीवंत लगती है।
In simple words: 'मेघ आए' कविता की भाषा बहुत आसान और गाँव-देहात की बोली जैसी है, इसमें कुछ ही मुश्किल शब्द हैं। कवि ने चित्रों जैसी बातें कही हैं, जैसे हवा का नाचना या धूल का भागना, जिससे कविता सच्ची लगती है। इसमें गाँव की बातचीत के शब्द भी हैं। कुल मिलाकर, इसकी भाषा बहुत सरल और जीवंत है।

Exam Tip: भाषा की सरलता और सहजता को सिद्ध करने के लिए कविता से उपयुक्त उदाहरणों का प्रयोग करें और मानवीकरण तथा आँचलिक शब्दों की भूमिका को भी समझाएँ।

 

Gseb Solutions Class 9 Hindi मेघ आए Important Questions And Answers

 

Question 1. मेघ के आने पर दरवाजे-खिड़कियों क्यों खलने लगीं?
Answer: मेघ के आने से अगवानी करती पुरवाई हवा चल पड़ी है। हवा नाचती-गाती आ रही है। उसके नाच-गान की आवाज को सुनने के लिए और मेघ रूपी मेहमान को देखने के लिए दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगीं।
In simple words: बादल आने पर ठंडी हवा चलने लगी, जो नाचते-गाते आ रही थी। लोग उस हवा के नाच-गाने को सुनने और बादल रूपी मेहमान को देखने के लिए दरवाजे-खिड़कियाँ खोलने लगे।

Exam Tip: हवा के चलने के कारण और उसके प्रभाव को स्पष्ट करें, जो खिड़कियों के खुलने का कारण बनता है।

 

Question 2. 'बरस बाद सुधी लीन्हीं' – ऐसा लता ने क्यों कहा ?
Answer: लता, मेघ की जीवन संगिनी है। वह एक वर्ष से पति वियोग की व्यथा झेल रही थी इसीलिए उसने शिकायत भरे लहजे में कहा कि तुम्हें पूरे एक वर्ष बाद मेरी याद आई है।
In simple words: लता ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वह बादल की पत्नी जैसी है और एक साल से उससे दूर रहने का दर्द झेल रही थी, इसलिए उसने शिकायत की कि बादल को उसकी याद पूरे एक साल बाद आई।

Exam Tip: लता के 'जीवन संगिनी' होने और उसके 'पति वियोग' को स्पष्ट करें, जिससे उसकी शिकायत का कारण समझ में आता है।

 

Question 3. मेघ को नदी ने किस तरह देखा ?
Answer: नदी ने भारतीय नारी की भाँति पहले अपने चेहरे से घूँघट थोड़ा-सा हटाया और तिरछी नजर से मेघरूपी मेहमान को देखा।
In simple words: नदी ने भारतीय औरत की तरह अपना घूँघट थोड़ा हटाया और तिरछी आँखों से बादल रूपी मेहमान को देखा।

Exam Tip: नदी के मानवीकरण को भारतीय नारी के गुणों से जोड़कर स्पष्ट करें, जैसे घूँघट और तिरछी नजर।

 

Question 4. मेघ के आगे-आगे बयार क्यों चल रही थी ?
Answer: बयार (हवा) मेघरूपी मेहमान की अगवानी कर रही है। वह अपने नाच-गान से मेहमान के आने की सूचना नगरजनों को देना चाहती है। इसीलिए मेघ के आगे-आगे बयार चल रही थी।
In simple words: हवा बादल रूपी मेहमान का स्वागत कर रही थी। वह अपने नाचते-गाते हुए लोगों को बताना चाहती थी कि मेहमान आ रहे हैं, इसलिए वह बादलों के आगे चल रही थी।

Exam Tip: बयार के 'अगवानी करने' के भाव को स्पष्ट करें और उसके माध्यम से दी जा रही 'सूचना' के उद्देश्य को भी समझाएँ।

 

भावार्थ और अर्थबोधन संबंधी प्रश्न

 

Question 1. मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली,
दरवाज़े-खिड़कियाँ खुलने लगीं गली-गली,
पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।

Answer: भावार्थ : कवि कहते हैं कि आकाश में बादल घिर आए हैं। बादलों को देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई शहरी मेहमान सज-धजकर आए हैं। बादलों के आने से पहले उनकी अगवानी करती हुई पुरवाई हवा चल पड़ी है। हवा मस्ती से नाचती-गाती आ रही है। उसके नाच-गाने के आकर्षण से गलियों के खिड़की-दरवाजे खुलने लगते हैं। लोग मेघ रूपी शहरी मेहमान को देखना चाहते हैं।
In simple words: कवि कहते हैं कि बादल आकाश में छा गए हैं, मानो शहर से कोई दामाद सज-धजकर आया हो। बादल आने से पहले ठंडी हवा नाचते-गाते हुए चलने लगती है, जिससे लोग उन्हें देखने के लिए अपनी खिड़कियाँ-दरवाजे खोलने लगते हैं।

Exam Tip: मेघों की तुलना शहरी मेहमान से करते हुए, उनके आने से पहले और बाद के वातावरण में आए परिवर्तनों का वर्णन करें।

 

Question 1. मेघ गाँव में किस प्रकार आए हैं ?
Answer: मेघ गाँव में शहरी मेहमान की तरह सज-धजकर आए हैं।
In simple words: बादल गाँव में ऐसे आए हैं जैसे शहर से कोई मेहमान सज-धजकर आता है।

Exam Tip: मेघों के आगमन की विशिष्टता को 'शहरी मेहमान' की तुलना से स्पष्ट करें।

 

Question 2. 'बयार' को किस रूप में चित्रित किया गया है ?
Answer: बयार (हवा) को मेघ रूपी मेहमानों की अगवानी करते हुए चित्रित किया गया है। हवा मेहमान के आगे-आगे नाचती-गाती चल रही है। उसके नाच-गान से लोगों को पता चल जाता है कि पाहुन आ रहे हैं।
In simple words: हवा को बादल रूपी मेहमानों का स्वागत करते हुए दिखाया गया है। यह नाचते-गाते हुए बादलों के आगे चल रही है, जिससे लोगों को पता चल जाता है कि मेहमान आ रहे हैं।

Exam Tip: बयार के कार्य और उसके प्रतीकात्मक महत्व को स्पष्ट करें, जो मेघों के आगमन की सूचना देता है।

 

Question 3. मेघ के आगमन से गाँव का वातावरण कैसा हो गया है ?
Answer: मेघ के आगमन से गाँव के वातावरण में उल्लास भर गया है। लोग मेघरूपी मेहमान को देखने के लिए बड़ी तेजी से खिड़की-दरवाजे खोल रहे हैं।
In simple words: बादल आने से गाँव में खुशी छा गई है। लोग बादल रूपी मेहमान को देखने के लिए जल्दी-जल्दी खिड़की-दरवाजे खोल रहे हैं।

Exam Tip: मेघों के आगमन से उत्पन्न उल्लास और उत्सुकता को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।

 

Question 4. गाँव में मेघ का स्वागत किस तरह किया जाता है, क्यों ?
Answer: गाँव में मेघ का स्वागत पाहुन (दामाद) की तरह किया जाता है। गाँव की कृषि वर्षा पर आधारित है। कृषि कार्य वर्षा होने पर ही आरंभ होता है इसीलिए किसानों को मेहमान के आने जैसी खुशी बादलों के आने पर होती है।
In simple words: गाँव में बादलों का स्वागत दामाद की तरह करते हैं। गाँव की खेती बारिश पर निर्भर करती है, तो बारिश होने पर ही काम शुरू होता है, इसलिए किसान बादलों के आने पर बहुत खुश होते हैं जैसे मेहमान आने पर होते हैं।

Exam Tip: मेघों के स्वागत की तुलना दामाद से करते हुए, उसके आर्थिक और सामाजिक महत्व को भी समझाएँ।

 

Question 5. 'मेघ आए बन-उन के सँवर के' में कौन-सा अलंकार है ?
Answer: 'मेघ आए बन-उन के सँवर के' यहाँ बादलों को मानव की तरह बनते-सँवरते दिखाया गया है इसलिए मानवीकरण अलंकार है।
In simple words: 'मेघ आए बन-ठन के सँवर के' वाक्य में मानवीकरण अलंकार है क्योंकि बादलों को इंसान की तरह सजते-संवरते दिखाया गया है।

Exam Tip: मानवीकरण अलंकार की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए उदाहरण को समझाएँ।

 

Question 1. पेड़ गरदन उचकाते हुए क्यों झुकने लगे ?
Answer: पेड़, मेघरूपी मेहमान को प्रणाम करने के लिए तेज हवा की वजह से गरदन उचकाते हुए झुकने लगे।
In simple words: पेड़ तेज हवा के कारण झुककर बादल रूपी मेहमान को प्रणाम करने लगे और अपनी गर्दन ऊपर उठाने लगे।

Exam Tip: पेड़ों के झुकने और गरदन उचकाने की क्रिया को मानवीकरण के रूप में समझाएँ, जहाँ वे मेहमान का स्वागत कर रहे हैं।

 

Question 2. 'धूल' को किस रूप में चित्रित किया गया है ?
Answer: धूल को गाँव की लड़की के रूप में चित्रित किया गया है, जो घाघरा उठाए भागी जा रही है।
In simple words: धूल को गाँव की एक लड़की के रूप में दिखाया गया है, जो अपना घाघरा उठाकर भाग रही है।

Exam Tip: धूल के मानवीकरण को 'घाघरा उठाए भागती हुई लड़की' के रूप में स्पष्ट करें।

 

Question 3. आँधी और नदी पर बादलों के आने का क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: बादलों के आने से हवा धीरे-धीरे आँधी में बदल गई। आँधी धूल से भर गई। दूसरी तरफ नदी खुश हो गई। वह बादलों को ठिठककर देखने लगी।
In simple words: बादल आने पर हवा आँधी में बदल गई और धूल उड़ने लगी। नदी भी खुश होकर बादलों को देखने लगी।

Exam Tip: आँधी और नदी पर पड़ने वाले अलग-अलग प्रभावों को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 4. बादलों के आने से प्रकृति में क्या परिवर्तन आए ?
Answer: बादलों के आने से तेज हवा चलने लगी। हवा के कारण पेड़ झुकते हैं और फिर डोलने लगते हैं। ऐसा लगता है कि वे खुश होकर मेहमान रूपी बादल को प्रणाम करते हैं और फिर गर्दन उचकाकर देखते हैं।
In simple words: बादल आने पर तेज हवा चलने लगी। पेड़ झुकने और डोलने लगे, जैसे वे खुश होकर बादल रूपी मेहमान को प्रणाम कर रहे हों और गर्दन उठाकर देख रहे हों।

Exam Tip: प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों को मानवीकरण के साथ जोड़कर समझाएँ।

 

Question 5. उपर्युक्त काव्य पंक्तियों में किसका-किसका मानवीकरण किया गया है ?
Answer: काव्य पंक्तियों में पेड़, धूल, नदी और मेघ का मानवीकरण किया गया है।
In simple words: इन पंक्तियों में पेड़, धूल, नदी और बादलों को इंसानों जैसा दिखाया गया है।

Exam Tip: मानवीकृत तत्वों को स्पष्ट रूप से पहचानें और सूचीबद्ध करें।

 

Question 1. मेघ के आने पर बूढ़े पीपल ने क्या किया ?
Answer: मेघ के आने पर बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर बड़े-बुजुर्गों की तरह स्वागत किया।
In simple words: बादल आने पर बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर बड़े-बुजुर्गों के समान उनका स्वागत किया।

Exam Tip: पीपल के मानवीकरण को 'बुजुर्गों' की तरह स्वागत करने की क्रिया से जोड़कर समझाएँ।

 

Question 2. व्याकुल लता ने मेघ से क्या शिकायत की और क्यों ?
Answer: व्याकुल लता मेघ रूपी पति की जीवन संगिनी है। जो एक वर्ष से पति वियोग की पीड़ा सह रही थी। इसीलिए उसने मेघ से उलाहना देते हुए कहा कि तुम्हें पूरे एक वर्ष बाद मेरी याद आई है।
In simple words: लता, बादल की पत्नी जैसी है और एक साल से उससे दूर रहने का दुख झेल रही थी। इसलिए उसने बादल से शिकायत की कि उसे उसकी याद पूरे एक साल बाद क्यों आई।

Exam Tip: लता के 'व्याकुल' होने और उसके 'पति वियोग' को स्पष्ट करें, जिससे उसकी शिकायत का कारण समझ में आता है।

 

Question 3. तालाब ने अपनी खुशी कैसे व्यक्त की ?
Answer: कवि ने तालाब को बड़े-बूढ़ों के रूप में और मेघ को मेहमान के रूप में चित्रित किया है। जब मेघ रूपी मेहमान घर आता है तो तालाब रूपी बुजुर्ग प्रसन्न हो जाता है और मेहमान का पैर धुलवाने के लिए खुशी-खुशी परात में पानी भर लाता है।
In simple words: कवि ने तालाब को एक बुजुर्ग की तरह दिखाया है। जब बादल रूपी मेहमान आते हैं, तो तालाब बहुत खुश होकर मेहमान के पैर धोने के लिए परात में पानी भर लाता है।

Exam Tip: तालाब के मानवीकरण को मेहमान नवाजी के संदर्भ में समझाएँ।

 

Question 4. लता ने भारतीय मर्यादा का पालन किस तरह किया ?
Answer: लता (पत्नी) ने घर के बुजुर्गों की उपस्थिति में मेघ रूपी अपने पति से शिकायत तो की, परन्तु दरवाजे की आड़ में छिपकर। इस तरह, लता ने भारतीय मर्यादा का पालन किया।
In simple words: लता ने अपने पति बादल से शिकायत तो की, लेकिन घर के बड़ों की मौजूदगी में दरवाजे के पीछे छिपकर की। इस तरह उसने भारतीय परंपरा का सम्मान किया।

Exam Tip: लता के व्यवहार को भारतीय सामाजिक मर्यादा के संदर्भ में स्पष्ट करें, जहाँ वह शिकायत करती है लेकिन सम्मान के साथ।

 

Question 5. 'पानी परात भर के' में कौन-सा अलंकार है ?
Answer: 'पानी परात भर के' में 'प' वर्ण की आवृत्ति होने से अनुप्रास अलंकार है।
In simple words: 'पानी परात भर के' में 'प' अक्षर बार-बार आया है, इसलिए इसमें अनुप्रास अलंकार है।

Exam Tip: अनुप्रास अलंकार की पहचान और उसका उदाहरण स्पष्ट करें।

 

Question 1. मेघ आने से क्षितिज रूपी अटारी पर क्या परिवर्तन हुआ ?
Answer: मेघ आने पर क्षितिज रूपी अटारी पर बादल घिर आए और बिजली चमकने लगी।
In simple words: जब बादल आए, तो क्षितिज रूपी अटारी पर बादल छा गए और बिजली चमकने लगी।

Exam Tip: क्षितिज को अटारी के रूप में मानवीकृत करते हुए, बादलों के आगमन के दृश्य को समझाएँ।

 

Question 2. बादलों के क्षितिज पर छाने से पहले क्या भम बना हुआ था ?
Answer: बादलों के क्षितिज पर छाने से पहले यह भ्रम बना हुआ था कि बादल नहीं बरसेंगे।
In simple words: बादलों के आने से पहले लोगों को यह शक था कि बारिश नहीं होगी।

Exam Tip: लोगों के भ्रम को स्पष्ट करें, जो बादलों के आने के बाद दूर होता है।

 

Question 3. 'मिलन के अश्रु ढरके' का क्या आशय है ?
Answer: 'मिलन के अश्रु ढरके' का यह आशय है कि क्षितिज रूपी अटारी पर जब व्याकुल नायिका अपने प्रेमी से मिली तो आँखों से खुशी के आँसू बरसने लगते हैं। यहाँ यह वर्षा होने का प्रतीक है।
In simple words: 'मिलन के अश्रु ढरके' का मतलब है कि जब नायिका अपने प्रेमी से मिलती है, तो खुशी के आँसू बहने लगते हैं। यह यहाँ बारिश होने को दर्शाता है।

Exam Tip: 'मिलन के अश्रु ढरके' वाक्यांश के प्रतीकात्मक अर्थ (वर्षा) को स्पष्ट करें।

 

Question 4. काव्यांश में कौन-कौन से मुहावरे हैं ?
Answer:
गाँठ खुलना (मन का मैल दूर होना), बाँध टूटना (धैर्य समाप्त होना), बन-ठन के आना (सज-सँवरकर आना) आदि मुहावरे हैं।
In simple words: इस हिस्से में 'गाँठ खुलना', 'बाँध टूटना', और 'बन-ठन के आना' जैसे मुहावरे हैं।

Exam Tip: मुहावरों को पहचानते हुए, उनके शाब्दिक अर्थ के साथ उनका भावार्थ भी संक्षिप्त में दें।

 

मेघ आए Summary in Hindi

 

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जन्म उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हुआ था। इन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से एम.ए. पास करके अध्यापन कार्य किया। कुछ समय बाद आकाशवाणी दिल्ली में समाचार विभाग में कार्य करने लगे। इन्होंने 'दिनमान' साप्ताहिक का संपादन भी किया। सक्सेनाजी मुख्य रूप से कवि एवं नाटककार के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
इन्होंने पहले कथाकार के रूप में शुरुआत की बाद में कविता लिखने लगे। सर्वेश्वरजी तीसरा सप्तक के कवि हैं। इनकी कविता जहाँ नई कविता काव्य आंदोलन से जुड़ती है तो दूसरी ओर प्रगतिशील-जनपक्षधर काव्यांदोलन से भी इनकी कविता का संबंध है। नई कविता के प्रमुख व महत्त्वपूर्ण कवियों में इनकी गणना की जाती है।
इनकी कविताओं में आधुनिक जीवन की विडम्बना, जीवन की विषम परिस्थितियों में भी व्यक्ति की जिजीविषा आदि का मार्मिक वर्णन मिलता है। इनके प्रमुख काव्य संग्रह हैं 'जंगल का दर्द', 'कुआनों नदी', 'गर्म हवाएँ', 'चूंटियों पर टैंगे लोग', 'क्या कह कर पुकारूँ', 'कोई मेरे साथ चले'। कविता के अतिरिक्त इन्होंने नाटक, कहानी, उपन्यास, बालगीत आदि भी लिखे हैं। इन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
इनकी रचनाओं का अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं जैसे चेक, पोलिश, रूसी तथा जर्मन भाषाओं में भी अनुवाद हुआ है। इनकी कविता की विशेषता यह है कि इन्होंने अनुभूति की सच्चाई को सीधे-सादे बिम्बों में व्यक्त किया है।

Exam Tip: कवि के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख कृतियों तथा काव्य शैली को संक्षेप में याद रखें।

 

कविता-परिचय :

 

'मेघ आए' कविता में कवि ने मेघों के आने की तुलना सज-धजकर आनेवाले प्रवासी पाहुन (दामाद) से की है। ग्रामीण संस्कृति में दामाद के आने पर उल्लास का जो वातावरण बनता है, वही उल्लास मेघरूपी शहरी मेहमान के आने पर दिखाया गया है। किसी ने मेहमान का स्वागत किया तो किसी ने उलाहना भी दिया है।

Exam Tip: कविता के मुख्य विषय और केंद्रीय विचार को एक वाक्य में स्पष्ट करें, जो मेघों के आगमन को दामाद से जोड़ता है।

 

शब्दार्थ-टिप्पण :

 

  • बयार - हवा
  • पाहुन - मेहमान
  • उचकाए - उठाकर
  • बाँकी चितवन - तिरछी नजर
  • ठिठक - हिचक
  • जुहार करना - आदर के साथ झुककर नमस्कार करना
  • सुधि - याद
  • ओट हो - छिपकर
  • किवार - दरवाजा
  • हरसाया - हर्षित हुआ, प्रसन्न हुआ
  • क्षितिजअटारी गहराई - अटारी पर पहुँचे अतिथि की भाँति क्षितिज पर बादल छा गए
  • दामिनी - बिजली
  • दमकी - चमकी
  • गाँठ खुल गई अब भरम की - बादल के न बरसने का भ्रम टूट गया
  • प्रियतम अपनी प्रिया से अब मिलते नहीं आएगा - यह भ्रम टूट गया
  • ढरके - लुढ़क पड़े

Exam Tip: सभी कठिन शब्दों के अर्थों को ध्यान से याद करें, क्योंकि यह कविता के भाव को समझने में मदद करेगा।

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