GSEB Class 9 Hindi Solutions Chapter 3 क्या निराश हुआ जाए

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Class 9 Hindi Chapter 03 क्या निराश हुआ जाए GSEB Solutions PDF

स्वाध्याय

 

1. निम्रलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

 

Question 1. आज समाचारपत्र में कौन-कौन से समाचार भरे रहते हैं?
Answer: आज समाचारपत्र में चोरी, डकैती, गैरकानूनी व्यापार और भ्रष्टाचार के समाचार भरे रहते हैं।
In simple words: आजकल अख़बारों में चोरी, डकैती, तस्करी और भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें बहुत मिलती हैं।

Exam Tip: जब कोई प्रश्न 'कौन-कौन से' या 'क्या-क्या' पूछता है, तो उत्तर में उन सभी तत्वों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है जो प्रश्न में पूछे गए हैं।

 

Question 2. देश का वातावरण आज कैसा बन गया है?
Answer: आजकल देश का माहौल ऐसा बन गया है कि जैसे यहाँ कोई सच्चा व्यक्ति बचा ही नहीं है।
In simple words: देश का माहौल ऐसा हो गया है कि लगता है अब कोई ईमानदार व्यक्ति बचा ही नहीं है।

Exam Tip: 'वातावरण' या 'माहौल' संबंधी प्रश्नों में, वर्तमान स्थिति का वर्णन करें जैसा कि पाठ में बताया गया है।

 

Question 3. भारतवर्ष ने किसको अधिक महत्त्व नहीं दिया है?
Answer: भारत ने भौतिक चीजों को जमा करने को ज्यादा महत्व नहीं दिया है।
In simple words: भारत ने कभी भी भौतिक वस्तुओं के संग्रह को अधिक महत्वपूर्ण नहीं माना है।

Exam Tip: भारत की सांस्कृतिक या दार्शनिक मान्यताओं से जुड़े प्रश्नों में, उन केंद्रीय विचारों को स्पष्ट रूप से बताएँ जिन्हें पाठ में महत्व दिया गया है।

 

Question 4. मनुष्य के मन में कौन-कौन से विचार है?
Answer: इंसान के मन में वासना, गुस्सा, लालच, लगाव जैसे दोष होते हैं।
In simple words: मनुष्य के मन में काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसे कई बुरे विचार होते हैं।

Exam Tip: इस तरह के सूची-आधारित प्रश्नों में, सभी सूचीबद्ध तत्वों को शामिल करें।

 

Question 5. भारतवर्ष किसको धर्म रूप में देखता आ रहा है?
Answer: भारत हमेशा से कानून को ही धर्म के रूप में मानता आया है।
In simple words: भारत ने कानून को ही धर्म का स्वरूप माना है।

Exam Tip: यह याद रखें कि भारतीय संस्कृति में नैतिकता और विधि का गहरा संबंध रहा है, जैसा कि पाठ में दर्शाया गया है।

 

Question 6. बस कंडक्टर क्या लेकर लौटा था?
Answer: बस कंडक्टर एक खाली बस और साथ में लेखक के बच्चों के लिए पानी तथा दूध लेकर वापस आया था।
In simple words: बस कंडक्टर एक नई बस, पानी और दूध लेकर वापस आया था।

Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण विवरणों को याद रखें, जैसे कि कंडक्टर की वापसी में उसने क्या-क्या लाया था, जो उसकी ईमानदारी को दर्शाता है।

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-दो वाक्यों में उत्तर दीजिए:

 

Question 1. लोगों में महान मूल्यों के बारे में आस्था क्यों हिल गई है?
Answer: आज के समय में, जो लोग सच्चाई और मेहनत से अपनी आजीविका कमाते हैं, वे कष्ट सह रहे हैं, जबकि जो धोखेबाजी और झूठ से व्यापार करते हैं, वे खूब तरक्की कर रहे हैं। इस वजह से लोगों का विश्वास बड़े मूल्यों से उठ गया है।
In simple words: आज ईमानदार लोग परेशान हैं और धोखेबाज लोग सफल हो रहे हैं। इसी कारण महान मूल्यों पर लोगों का विश्वास कम हो गया है।

Exam Tip: उत्तर में वर्तमान सामाजिक विसंगतियों और उनके परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 2. लेखक क्या देखकर हताश हो जाना उचित नहीं मानते?
Answer: लेखक का कहना है कि आज के समय में ईमानदारी और मेहनत की जगह झूठ और धोखेबाजी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। उन्हें लगता है कि इस बाहरी, इंसान द्वारा बनाई गई स्थिति को देखकर हमें निराश नहीं होना चाहिए।
In simple words: लेखक कहते हैं कि आजकल झूठ और फरेब का बोलबाला है। इस इंसान द्वारा बनाई गई स्थिति को देखकर निराश होना ठीक नहीं है।

Exam Tip: लेखक के सकारात्मक दृष्टिकोण को उजागर करें, जिसमें वे बाहरी नकारात्मकता से विचलित न होने की सलाह देते हैं।

 

Question 3. देश के दरिद्रजनों की हीन अवस्था दूर करने के लिए क्या किया गया है?
Answer: देश के गरीब लोगों की खराब हालत सुधारने के लिए सरकार ने कई नियम-कानून बनाए हैं। इन कानूनों का मुख्य लक्ष्य है कि खेती, व्यवसाय, व्यापार, पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में लोगों की स्थिति को और बेहतर और सुव्यवस्थित बनाया जाए।
In simple words: सरकार ने गरीबों की दशा सुधारने के लिए कई कानून बनाए हैं, जिनका लक्ष्य कृषि, उद्योग, वाणिज्य, शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

Exam Tip: उत्तर में सरकार के प्रयासों और उनके उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 4. कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने प्रार्थना-गीत द्वारा भगवान से क्या याचना की है?
Answer: कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने अपने प्रार्थना-गीत में ईश्वर से यह प्रार्थना की है कि दुनिया में यदि उन्हें सिर्फ हानि उठानी पड़े या धोखा मिले, तब भी वे परेशान न हों। ऐसे समय में भी, हे प्रभु, मुझे इतनी ताकत दें कि मैं आप पर कभी शक न करूँ।
In simple words: रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने भगवान से याचना की है कि चाहे कितना भी नुकसान हो या धोखा मिले, वे विचलित न हों और भगवान पर संदेह न करें।

Exam Tip: प्रार्थना के केंद्रीय भाव पर जोर दें, जो ईश्वर पर अटूट विश्वास और प्रतिकूल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की इच्छा है।

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों के पाँच-छह वाक्यों में उत्तर लिखिए:

 

Question 1. लेखक का मन क्यों बैठ जाता है?
Answer: हमारे देश के समाचार पत्र चोरी, डकैती, गैरकानूनी व्यापार और भ्रष्टाचार की खबरों से भरे होते हैं। राजनीतिक समूह एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। ऐसा लगने लगा है कि देश में कोई ईमानदार व्यक्ति बचा ही नहीं है। लोग प्रत्येक व्यक्ति को शक की नजर से देखते हैं। जो व्यक्ति जितना ऊँचा पद रखता है, उसमें उतने ही अधिक दोष मिलते हैं। सब लोग अपने-अपने निजी लाभ में व्यस्त हैं। देश में अच्छी बातें बहुत कम दिख रही हैं। देश और समाज की ऐसी हालत देखकर लेखक का मन बहुत उदास हो जाता है।
In simple words: लेखक का मन इसलिए उदास हो जाता है क्योंकि अख़बारों में सिर्फ चोरी, डकैती, तस्करी और भ्रष्टाचार की खबरें होती हैं। लोग एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं और कोई ईमानदार नहीं दिखता। हर कोई स्वार्थ में डूबा है और अच्छाई कम दिखती है।

Exam Tip: लेखक के मन की उदासी के कारणों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करें, जिसमें सामाजिक गिरावट और मानवीय मूल्यों का अभाव शामिल हो।

 

Question 2. भारतवर्ष को 'महामानव' समुद्र क्यों कहा गया है?
Answer: भारत एक बहुत पुराना और विशाल देश है। कई सदियों से यहाँ कई जातियाँ आईं और यहीं पर बस गईं। विदेशी धर्मों को मानने वाले भी यहाँ आकर यहीं के निवासी बन गए। इस तरह, भारत आर्य और द्रविड़, हिंदू और मुसलमान, यूरोपीय और भारतीय विचारों का संगम स्थल है। भारतीय संस्कृति पर विदेशों से आई सभ्यताओं का भी असर पड़ा है। यहाँ की सभ्यता में बाहरी संस्कृतियाँ आपस में मिल गई हैं। भारतीय समाज में देश-विदेश के अनेक प्रकार के लोग आकर एक हो गए हैं। इसी वजह से भारत को 'महामानव समुद्र' कहा गया है।
In simple words: भारत एक पुराना और विशाल देश है जहाँ सदियों से कई जातियाँ और विभिन्न धर्मों के लोग आकर बसे हैं। यहाँ आर्य, द्रविड़, हिंदू, मुसलमान और यूरोपीय संस्कृतियों का मिलाप हुआ है। इसी कारण भारत को 'महामानव समुद्र' कहते हैं।

Exam Tip: भारत की विविधता, विभिन्न संस्कृतियों के आगमन और उनके एकीकरण पर जोर दें, जिससे यह 'महामानव समुद्र' बन गया।

 

Question 3. धर्म को भारतवर्ष में श्रेष्ठ क्यों माना गया है?
Answer: सरकार शासन और समाज की भलाई के लिए अलग-अलग कानून बनाती है। परंतु, भारत के लोगों के लिए धर्म कानून से ज्यादा महत्वपूर्ण है। धर्म के कारण ही आज भी सेवाभाव, सच्चाई, ईमानदारी और आध्यात्मिक मूल्य कायम हैं। धर्म के डर से इंसान झूठ बोलने और चोरी करने को गलत समझता है। धार्मिक सोच की वजह से ही लोग दूसरों को नुकसान पहुँचाना बुरा मानते हैं। धार्मिक समझ ही लालच, मोह, वासना, गुस्सा जैसे दोषों पर नियंत्रण रख सकती है और बुरे व्यवहार से रोकती है। इसीलिए भारत में धर्म को सबसे ऊपर माना गया है।
In simple words: भारत में धर्म को कानून से श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह सेवा, सच्चाई, ईमानदारी और आध्यात्मिकता जैसे मूल्यों को बनाए रखता है। धर्म का भय लोगों को झूठ और चोरी से रोकता है, तथा बुरे विचारों पर नियंत्रण रखता है।

Exam Tip: धर्म के नैतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को उजागर करें जो उसे भारत में कानून से ऊपर का दर्जा देते हैं।

 

Question 4. कंडक्टरने अपनी ईमानदारी कैसे बताई ?
Answer: एक बार लेखक अपने परिवार के साथ बस से यात्रा कर रहे थे। पहुँचने की जगह से करीब पाँच मील पहले एक सुनसान जगह पर बस खराब हो गई। कंडक्टर को समझ आ गया कि यह बस अब आगे नहीं चल पाएगी। वह एक साइकिल लेकर चला गया। तब रात के दस बज चुके थे। यात्री बस-ड्राइवर पर अपना गुस्सा उतारने लगे। लेखक के बच्चे खाने और पानी के लिए बहुत बेचैन थे। यात्री ड्राइवर को पीटने के लिए तैयार हो गए। ठीक उसी वक्त बस-कंडक्टर एक खाली बस लेकर आया। यात्री उस बस में बैठ गए। कंडक्टर लेखक के बच्चों के लिए पानी और दूध भी साथ लाया था। इस प्रकार बस-कंडक्टर ने अपनी सच्चाई और सज्जनता का प्रदर्शन किया।
In simple words: बस खराब होने पर, कंडक्टर एक नई खाली बस, पानी और दूध लेकर आया। उसने लेखक के बच्चों के लिए पानी और दूध लाकर तथा यात्रियों को नई बस में बिठाकर अपनी ईमानदारी और सज्जनता का परिचय दिया।

Exam Tip: कहानी के इस प्रमुख प्रसंग में कंडक्टर के कार्यों को विस्तार से समझाएं, जो उसकी ईमानदारी को सिद्ध करते हैं।

 

4. मुहावरों का अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:

 

Question 1. मन बैठ जाना, पर्दापत्रक करना, फलना-फूलना, हवाइयाँ उड़ना, पर्दाफाश, ढाँढस बंधाना, कातर ढंग से देखना
मन बैठ जाना – इसका मतलब उदास होना होता है। वाक्य: लगातार असफलताओं के कारण उसका मन बहुत दुखी हो गया है।
फलना-फूलना – इसका अर्थ है विकसित होना या समृद्ध होना। वाक्य: महात्मा जी ने मुझे खूब तरक्की करने का आशीर्वाद दिया।
चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना – इसका मतलब है चेहरे का रंग उड़ जाना या डर जाना। वाक्य: लोगों का गुस्सा देखकर कंडक्टर का चेहरा पीला पड़ गया।
पर्दाफाश करना – इसका अर्थ है किसी रहस्य को उजागर करना। वाक्य: चोर जब पकड़ा गया, तो उसने अपने बाकी साथियों का भेद खोल दिया।
ढाढ़स बंधाना – इसका मतलब है किसी को दिलासा या सहारा देना। वाक्य: गरीब मजदूर के घर में चोरी होने पर पुलिस ने उसे हिम्मत दी।
कातर ढंग से देखना – इसका अर्थ है डरे हुए तरीके से देखना। वाक्य: सुरेश जब नकल करते हुए पकड़ा गया, तो वह बहुत डरकर निरीक्षक की ओर देखने लगा।
In simple words: यहाँ विभिन्न मुहावरों के अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग दिए गए हैं, जो हिंदी भाषा की मुहावरेदार अभिव्यक्ति को दर्शाते हैं।

Exam Tip: मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करें और फिर उसका उपयोग ऐसे वाक्य में करें जो उस अर्थ को सही ढंग से दर्शाता हो।

 

शब्द-समूह के लिए एक-एक शब्द दीजिए:

 

Question 1. 1. धर्म से डरनेवाले
Answer: धर्मभीरु
In simple words: जो व्यक्ति धर्म से डरता है, उसे धर्मभीरु कहते हैं।

Exam Tip: शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखते समय, दिए गए समूह के अर्थ को पूरी तरह से समाहित करने वाला एक ही शब्द चुनें।

 

Question 1. 2. मिलन की भूमि
Answer: मिलनभूमि
In simple words: जहाँ लोग या संस्कृतियाँ मिलती हैं, वह मिलनभूमि है।

Exam Tip: ऐसे शब्दों में, दोनों शब्दों के मेल से बने यौगिक शब्द का प्रयोग अक्सर उपयुक्त होता है।

 

Question 1. 3. सुख देनेवाला
Answer: सुखद
In simple words: जो वस्तु या अनुभव खुशी देता है, उसे सुखद कहते हैं।

Exam Tip: विशेषण बनाने के लिए मूल शब्द में उचित प्रत्यय जोड़ें।

 

5. विशेषण बनाइए:

 

Question 1. 1. भारत
Answer: भारतीय
In simple words: 'भारत' से संबंधित चीज़ों को 'भारतीय' कहते हैं।

Exam Tip: मूल शब्द के साथ 'ईय' प्रत्यय जोड़कर ऐसे राष्ट्रीयता या संबंध बताने वाले विशेषण बनते हैं।

 

Question 1. 2. समाज
Answer: सामाजिक
In simple words: 'समाज' से जुड़ी चीज़ों को 'सामाजिक' कहा जाता है।

Exam Tip: 'इक' प्रत्यय का उपयोग अक्सर किसी संज्ञा से संबंधित विशेषण बनाने के लिए किया जाता है।

 

Question 1. 3. क्रोध
Answer: क्रोधी
In simple words: जो व्यक्ति बहुत गुस्सा करता है, उसे 'क्रोधी' कहते हैं।

Exam Tip: 'ई' प्रत्यय का उपयोग अक्सर किसी भाव वाले विशेषण को दर्शाता है।

 

Question 1. 4. समय
Answer: सामयिक
In simple words: जो चीज़ 'समय' से जुड़ी हो या उस समय के लिए उपयुक्त हो, वह 'सामयिक' है।

Exam Tip: कुछ विशेषण बनाने के लिए, मूल शब्द में बदलाव के साथ 'इक' प्रत्यय का उपयोग होता है।

 

Question 1. 5. धर्म
Answer: धार्मिक
In simple words: जो 'धर्म' से जुड़ा हो या धार्मिक व्यवहार वाला हो, वह 'धार्मिक' है।

Exam Tip: 'इक' प्रत्यय यहाँ भी मूल शब्द 'धर्म' को विशेषण में बदलता है।

 

6. भाववाचक बनाइए:

 

Question 1. 1. डाकू
Answer: डकैती
In simple words: 'डाकू' का काम या भाव 'डकैती' कहलाता है।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएं अक्सर क्रियाओं या विशेषणों से बनती हैं और किसी अवस्था या गुण को दर्शाती हैं।

 

Question 1. 2. आदमी
Answer: आदमियत
In simple words: 'आदमी' होने का गुण 'आदमियत' कहलाता है।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएं किसी व्यक्ति के गुण या प्रकृति को व्यक्त करती हैं।

 

Question 1. 3. बहुत
Answer: बहुतायत
In simple words: 'बहुत' अधिक मात्रा में होने को 'बहुतायत' कहते हैं।

Exam Tip: इस तरह की भाववाचक संज्ञाएं मात्रा या अधिकता को दर्शाती हैं।

 

Question 1. 4. सभ्य
Answer: सभ्यता
In simple words: 'सभ्य' होने का गुण या व्यवहार 'सभ्यता' कहलाता है।

Exam Tip: 'ता' प्रत्यय का उपयोग अक्सर विशेषणों को भाववाचक संज्ञाओं में बदलने के लिए किया जाता है।

 

Question 1. 5. मानव
Answer: मानवता
In simple words: 'मानव' होने के गुण को 'मानवता' कहते हैं।

Exam Tip: 'ता' प्रत्यय किसी संज्ञा के सार या भाव को प्रकट करने में मदद करता है।

 

7. विरोधी शब्द बनाइए:

 

Question 1. 1. ईमानदार
Answer: बेईमान
In simple words: जो ईमानदार न हो, वह 'बेईमान' होता है।

Exam Tip: विरोधी शब्द अक्सर उपसर्ग (जैसे 'बे-') के प्रयोग से बनते हैं।

 

Question 1. 2. भ्रष्टाचार
Answer: सदाचार
In simple words: 'भ्रष्टाचार' का उल्टा अच्छा व्यवहार यानी 'सदाचार' होता है।

Exam Tip: यह विरोधी शब्द नैतिकता और व्यवहार के संदर्भ में उपयोग होता है।

 

Question 1. 3. आंतरिक
Answer: बाह्य
In simple words: 'आंतरिक' का मतलब अंदरूनी है, तो उसका उल्टा 'बाह्य' यानी बाहरी होगा।

Exam Tip: स्थानिक या स्थिति बताने वाले शब्दों के विरोधी शब्द अक्सर दिशा के आधार पर होते हैं।

 

Question 1. 4. सबल
Answer: निर्बल
In simple words: 'सबल' यानी ताकतवर का उल्टा 'निर्बल' यानी कमजोर होता है।

Exam Tip: 'स-' (साथ) और 'निर्-' (के बिना) उपसर्ग अक्सर विरोधी शब्द बनाने में सहायता करते हैं।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः वाक्यों में लिखिए:

 

Question 1. लेखक ऐसा क्यों नहीं मानते कि मनुष्यता एकदम समाप्त हो गई है?
Answer: लेखक कहते हैं कि आज अखबारों में अधिकतर चोरी, डकैती, गैरकानूनी व्यापार और भ्रष्टाचार के ही समाचार होते हैं। आज किसी को किसी पर विश्वास नहीं रहा। ईमानदार और मेहनती लोग दुःखी हैं एवं झूठे, धोखेबाज और बेईमान लोग फल-फूल रहे हैं। स्थिति सचमुच निराशाजनक है। लेकिन फिर भी अनेक घटनाएं ऐसी हो रही हैं जिनमें इंसानियत के दर्शन होते हैं। लेखक स्वयं कई बार ठगा गया है और उसने धोखा खाया है, लेकिन कई बार लोगों ने बिना किसी निजी लाभ के उसकी मदद भी की है। कई बार लोगों ने उसके उदास मन को सहारा और हिम्मत दी है। लोगों के ऐसे दयालु व्यवहारों को देखकर लेखक को लगता है कि इंसानियत अभी खत्म नहीं हुई है।
In simple words: लेखक का मानना है कि मनुष्यता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है क्योंकि नकारात्मक खबरों के बावजूद, उन्हें आज भी लोगों में ईमानदारी, मदद और इंसानियत के उदाहरण मिलते हैं। वे खुद भी धोखे का शिकार हुए हैं, लेकिन साथ ही निःस्वार्थ मदद भी मिली है, जो उन्हें आशा देती है।

Exam Tip: उत्तर में लेखक के निराशावादी और आशावादी दोनों विचारों को संतुलित रूप से प्रस्तुत करें, यह बताते हुए कि कैसे सकारात्मक अनुभव उन्हें मनुष्यता पर विश्वास बनाए रखने में मदद करते हैं।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए:

 

Question 1. भारत किसे निकृष्ट आचरण मानता है?
Answer: भारत काम, क्रोध जैसे दोषों को नियंत्रण में रखने का समर्थन करता है। ऐसा न करना और मन तथा बुद्धि को इन दोषों के अनुसार चलने देना बुरा व्यवहार माना जाता है।
In simple words: भारत काम, क्रोध आदि विकारों पर संयम न रख पाना और मन-बुद्धि को इनके अधीन छोड़ देना ही निकृष्ट आचरण मानता है।

Exam Tip: भारतीय दर्शन में आत्म-नियंत्रण के महत्व और विकारों से दूर रहने को प्राथमिकता दें।

 

Question 2. गए कानून सफल क्यों नहीं हो रहे हैं?
Answer: देश के गरीब लोगों की हालत बेहतर करने के लिए जो कानून बने हैं, उन्हें लागू करने वाले अधिकारी अक्सर अपने निजी आराम पर ध्यान देने लगते हैं। इसी वजह से गरीब लोगों की स्थिति सुधारने के लिए बनाए गए कानून कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
In simple words: देश के गरीब लोगों के लिए बने कानून सफल नहीं हो रहे हैं क्योंकि उन्हें लागू करने वाले अधिकारी अपने निजी सुख-सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

Exam Tip: उत्तर में कानूनों की विफलता के मूल कारण, यानी अधिकारियों के स्वार्थ को स्पष्ट रूप से इंगित करें।

 

Question 3. किसी के दोषों का पर्दाफाश करना कब बुरा बन जाता है?
Answer: किसी की गलतियों को उजागर करना खराब बात नहीं है। मगर जब किसी के गलत पहलू पर ध्यान देकर उसे खोलना अपना फर्ज मान लिया जाता है, तब यह बुरा हो जाता है।
In simple words: दूसरों की गलतियों को उजागर करना बुरा नहीं है, लेकिन जब इसे कर्तव्य मानकर सिर्फ गलतियों को ही खोजने लगें, तो वह बुरा बन जाता है।

Exam Tip: 'पर्दाफाश' करने के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को समझाएं, जहाँ इरादा महत्वपूर्ण होता है।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए:

 

Question 1. धर्म और कानून में क्या अंतर है?
Answer: धर्म और कानून में यह फर्क है कि धर्म को छल से नहीं बचाया जा सकता, जबकि कानून को छल से बचाया जा सकता है।
In simple words: धर्म को धोखा देना मुश्किल है, जबकि कानून को धोखा देना संभव है।

Exam Tip: धर्म के आंतरिक विश्वास और कानून के बाहरी नियमों के बीच के अंतर को स्पष्ट करें।

 

Question 2. धर्मभीरु लोग किस बात में संकोच करते हैं?
Answer: धार्मिक लोग कानून की कमियों से फायदा उठाने में हिचकिचाते हैं।
In simple words: जो लोग धार्मिक होते हैं, वे कानून की कमजोरियों का फायदा उठाने में हिचकिचाते हैं।

Exam Tip: 'धर्मभीरु' शब्द के अर्थ और उसके व्यवहारिक निहितार्थ को समझाएं।

 

Question 3. किन घटनाओं को उजागर करना बुरा नहीं है?
Answer: उन घटनाओं को उजागर करना गलत नहीं है जो लोगों के मन में भलाई के प्रति भावना पैदा करती हैं।
In simple words: लोगों में अच्छाई के प्रति भावना जगाने वाली घटनाओं को उजागर करना बुरा नहीं है।

Exam Tip: सकारात्मक घटनाओं के प्रचार-प्रसार के महत्व को उजागर करें।

 

Question 4. ड्राइवर को मार-पीट से किसने बनाया?
Answer: ड्राइवर को पिटाई से लेखक हजारीप्रसाद द्विवेदी ने बचाया।
In simple words: ड्राइवर को लोगों की मार-पीट से लेखक ने बचाया था।

Exam Tip: कहानी के प्रमुख पात्रों और उनके कार्यों को याद रखें।

 

विभाग 1 : गद्यलक्षी

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

 

Question 1. 1. ड्राइवर को मार-पीट से ......... ने बचाया। (कंडक्टर, लेखक)
Answer: 1. लेखक
In simple words: ड्राइवर को पिटाई से बचाने वाला 'लेखक' था।

Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों में से सबसे सटीक शब्द चुनें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।

 

Question 1. 2. भारतवर्ष सदा कानून को रुप में देखता रहा है। (धर्म, त्याग)
Answer: 2. धर्म
In simple words: भारत हमेशा से कानून को 'धर्म' के रूप में मानता रहा है।

Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, पाठ के मुख्य विचारों और भारत की सांस्कृतिक मान्यताओं को याद रखें।

 

Question 1. 3. व्यक्ति जो कुछ भी करेगा लोग उसमें........... खोजने लगेंगे। (दोष, अवसर)
Answer: 3. दोष
In simple words: आज के समय में लोग किसी भी काम में 'दोष' खोजने लगते हैं।

Exam Tip: पाठ के संदर्भ में वर्तमान समाज की मानसिकता को ध्यान में रखकर उत्तर दें।

 

Question 1. 4. मेरे मन ! होने की जरूरत नहीं है। (प्रसन्न, उदास)
Answer: 4. उदास
In simple words: मेरा मन, 'उदास' होने की आवश्यकता नहीं है।

Exam Tip: यह वाक्य पाठ के केंद्रीय संदेश को दर्शाता है, जहाँ निराशा से बचने की बात कही गई है।

 

Question 1. 5. कैसे कहूं कि मनुष्यता एकदम हो गई। (निरूपाय, समाप्त)
Answer: 5. समाप्त
In simple words: कैसे कहें कि इंसानियत पूरी तरह 'समाप्त' हो गई है।

Exam Tip: 'समाप्त' शब्द यहाँ 'खत्म' या 'पूरा हो जाना' के अर्थ में सबसे उपयुक्त है।

 

निम्नलिखित विधान 'सही' हैं या 'गलत' यह बताइए:

 

Question 1. 1. उच्च पदों पर बैठे लोगों के चरित्र भी दोषपूर्ण दिखाई देते हैं।
Answer: 1. सही
In simple words: यह कथन सत्य है कि उच्च पदों पर बैठे लोगों के चरित्र में भी कई कमियाँ दिखती हैं।

Exam Tip: पाठ के अनुसार, समाज में उच्च पदों पर बैठे लोगों में भी नैतिक गिरावट देखी जा रही है।

 

Question 1. 2. भारत ने भौतिक वस्तुओं के संग्रह को महत्त्व दिया है।
Answer: 2. गलत
In simple words: यह कथन असत्य है क्योंकि भारत ने हमेशा आध्यात्मिक मूल्यों को भौतिक संग्रह से अधिक महत्व दिया है।

Exam Tip: भारत की सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपरा के अनुसार, आध्यात्मिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाती है।

 

Question 1. 3. बस कंडक्टर पुरानी बस लेकर आया।
Answer: 3. गलत
In simple words: यह कथन गलत है क्योंकि बस कंडक्टर एक नई बस लेकर आया था।

Exam Tip: कहानी के विवरणों पर ध्यान दें, कंडक्टर नई बस लेकर आया था, पुरानी नहीं।

 

Question 1. 4. हमें निराश होने की जरूरत नहीं है।
Answer: 4. सही
In simple words: यह कथन सत्य है क्योंकि लेखक का केंद्रीय संदेश यही है कि हमें परिस्थितियों से निराश नहीं होना चाहिए।

Exam Tip: पाठ के शीर्षक और उसके मुख्य संदेश को याद रखें, जो आशावाद पर केंद्रित है।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए:

 

Question 1. 1. भारत के आदर्शों को कौन भूल गया है?
Answer: जिम्मेदार लोग
In simple words: भारत के आदर्शों को 'जिम्मेदार लोग' भूल गए हैं।

Exam Tip: उत्तर में उन लोगों का उल्लेख करें जिन्हें समाज के मूल्यों को बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

 

Question 1. 2. टिकटबाबू में कौन-सा गुण था?
Answer: ईमानदारी का
In simple words: टिकटबाबू में 'ईमानदारी का' गुण था।

Exam Tip: कहानी के इस प्रसंग में टिकटबाबू के कार्य से स्पष्ट होता है कि उनमें ईमानदारी का गुण था।

 

Question 1. 3. हमारे देश में कानून से बड़ा किसे माना गया है?
Answer: धर्म को
In simple words: हमारे देश में कानून से बड़ा 'धर्म को' माना गया है।

Exam Tip: भारतीय समाज की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, नैतिक सिद्धांतों को कानूनी नियमों से ऊपर रखा जाता है।

 

सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए:

 

Question 1. व्यक्ति जो कुछ भी करेगा ...
(अ) लोग उसकी प्रशंसा करेंगे।
(ब) लोग उसमें दोष खोजने लगेंगे।
(क) लोग उसका विरोध करेंगे।
Answer: (ब) लोग उसमें दोष खोजने लगेंगे।
In simple words: आजकल लोग किसी भी काम में सिर्फ बुराइयाँ ही ढूँढते हैं, अच्छी बातें नहीं देखते।

Exam Tip: पाठ के संदर्भ में वर्तमान समाज की आलोचनात्मक प्रवृत्ति को दर्शाएं, जहाँ लोग हर बात में दोष निकालते हैं।

 

Question 2. क्या यही भारतवर्ष है, जिसका सपना ...
(अ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने देखा था?
(ब) आम लोगों ने देखा था?
(क) तिलक और गांधी ने देखा था?
Answer: (क) तिलक और गांधी ने देखा था?
In simple words: यह सवाल पूछा गया है कि क्या आज का भारत वही है, जैसा महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक जैसे महान नेताओं ने सोचा था।

Exam Tip: स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं के सपनों के भारत की अवधारणा को ध्यान में रखें।

 

Question 3. केवल उन्हीं बातों का हिसाब रखो, जिनमें धोखा खाया है, तो ...
(अ) जीवन सुखमय हो जाएगा।
(ब) जीवन सूना हो जाएगा।
(क) जीवन कष्टकर हो जाएगा।
Answer: (क) जीवन कष्टकर हो जाएगा।
In simple words: अगर हम केवल उन बातों को याद रखेंगे जब हमें धोखा मिला है, तो हमारी जिंदगी बहुत मुश्किल और दुखभरी बन जाएगी।

Exam Tip: नकारात्मक अनुभवों पर ध्यान केंद्रित करने के परिणामों को स्पष्ट करें, जो जीवन को कठिन बना सकते हैं।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:

 

Question 1. भारतवर्ष सदा कानून को किस रूप में देखता आ रहा है?
(a) अन्याय
(b) न्याय
(c) धर्म
(d) त्याग
Answer: (c) धर्म
In simple words: भारत हमेशा से कानून को धर्म की तरह मानता आया है, जहाँ नियमों का पालन नैतिकता से जुड़ा है।

Exam Tip: यह पाठ का एक महत्वपूर्ण बिंदु है जो भारतीय संस्कृति में कानून और नैतिकता के गहरे संबंध को दर्शाता है।

 

Question 2. बुराई में रस लेना........... बात है।
(a) अच्छी
(b) उचित
(c) बुरी
(d) अयोग्य
Answer: (c) बुरी
In simple words: गलत कामों में खुशी ढूँढना एक बुरा व्यवहार है।

Exam Tip: नकारात्मक बातों में रुचि लेना एक गलत आदत है, जैसा कि पाठ में समझाया गया है।

 

Question 3. टिकटबाबू ने लेखक के हाथ में ........... रुपए रख दिए।
(a) सौ
(b) दस
(c) पांच
(d) नब्बे
Answer: (d) नब्बे
In simple words: टिकटबाबू ने लेखक को नब्बे रुपये वापस लौटा दिए थे, क्योंकि लेखक ने गलती से अधिक रुपये दे दिए थे।

Exam Tip: कहानी के विवरणों को याद रखें, खासकर पैसों से जुड़े तथ्य जो ईमानदारी के प्रसंग को दर्शाते हैं।

 

Question 4. भारतवर्ष अब भी यह अनुभव कर रहा है कि .....
(a) कानून का आधार होना चाहिए।
(b) धर्म कानून से बड़ी चीज है।
(c) धर्म कानून का ही रूप है।
(d) कानून ही सच्चा धर्म है।
Answer: (b) धर्म कानून से बड़ी चीज है।
In simple words: भारत आज भी यह मानता है कि नैतिकता और धर्म के मूल्य, कानूनी नियमों से अधिक महत्वपूर्ण हैं।

Exam Tip: पाठ का मुख्य विचार यह है कि भारत में धर्म को हमेशा कानून से ऊपर माना गया है।

 

Question 5. इस समय सुखी वही है
(a) जिसके पास सबकुछ है।
(b) जिसके पास कुछ नहीं है।
(c) जो कुछ नहीं करता।
(d) जो किसी पद पर है।
Answer: (c) जो कुछ नहीं करता।
In simple words: इस समय वह व्यक्ति सबसे सुखी है जो किसी काम में उलझता नहीं और शांत रहता है।

Exam Tip: यह पाठ के एक विचार को दर्शाता है कि निष्क्रियता या तटस्थता कुछ परिस्थितियों में शांति दे सकती है।

 

Question 6. किसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती?
(a) ज्ञान की
(b) बल की
(c) बुद्धि की
(d) भूख की
Answer: (d) भूख की
In simple words: भूख एक ऐसी बुनियादी जरूरत है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

Exam Tip: बुनियादी मानवीय आवश्यकताओं को कभी अनदेखा नहीं किया जा सकता, यह एक सार्वभौमिक सत्य है।

 

Question 7. मेरे मन!............. होने की जरूरत नहीं है।
(a) प्रसन्न
(b) उदास
(c) खुश
(d) निराश
Answer: (d) निराश
In simple words: मेरा मन, तुम्हें हताश होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

Exam Tip: यह पाठ के केंद्रीय सकारात्मक संदेश को दोहराता है कि हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आशा नहीं छोड़नी चाहिए।

 

विभाग 2 : व्याकरणलक्षी

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

 

Question 1. 1. तस्कर
Answer: चोर
In simple words: 'तस्कर' का समानार्थी शब्द 'चोर' है।

Exam Tip: पर्यायवाची शब्द याद करते समय, उन शब्दों के मुख्य अर्थ को समझें ताकि उन्हें आसानी से जोड़ा जा सके।

 

Question 1. 2. हताश
Answer: निराश
In simple words: 'हताश' का अर्थ 'निराश' होना है।

Exam Tip: ये दोनों शब्द एक ही भाव, यानी उम्मीद खोने की स्थिति को व्यक्त करते हैं।

 

Question 1. 3. मनीषी
Answer: पंडित
In simple words: 'मनीषी' का अर्थ विद्वान या 'पंडित' व्यक्ति होता है।

Exam Tip: ज्ञान और बुद्धि से जुड़े शब्दों के पर्याय अक्सर एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग होते हैं।

 

Question 1. 4. फरेब
Answer: धोखा
In simple words: 'फरेब' का मतलब 'धोखा' देना होता है।

Exam Tip: ये दोनों शब्द कपट या छल-कपट की भावना को दर्शाते हैं।

 

Question 1. 5. संहार
Answer: विनाश
In simple words: 'संहार' का अर्थ किसी चीज़ का पूरी तरह 'विनाश' करना है।

Exam Tip: ये शब्द बड़े पैमाने पर होने वाली क्षति या समाप्ति को दर्शाते हैं।

 

Question 1. 6. निरीह
Answer: निराधार
In simple words: 'निरीह' का मतलब असहाय या जिसका कोई 'आधार' न हो, वह होता है।

Exam Tip: 'निरीह' अक्सर ऐसे व्यक्ति के लिए उपयोग होता है जो किसी का बुरा नहीं चाहता और कमजोर होता है।

 

Question 1. 7. निकृष्ट
Answer: अधम
In simple words: 'निकृष्ट' का मतलब बहुत बुरा या 'अधम' होता है।

Exam Tip: ये शब्द गुणवत्ता या नैतिक स्तर में बहुत नीचे होने को इंगित करते हैं।

 

Question 1. 8. माहौल
Answer: परिस्थिति
In simple words: 'माहौल' का अर्थ आसपास की 'परिस्थिति' या वातावरण होता है।

Exam Tip: ये दोनों शब्द किसी स्थान या समय की समग्र स्थिति का वर्णन करते हैं।

 

Question 1. 9. त्रुटि
Answer: कमी
In simple words: 'त्रुटि' का मतलब गलती या 'कमी' होता है।

Exam Tip: ये शब्द किसी प्रकार की भूल या अपूर्णता को दर्शाते हैं।

 

Question 1. 10. कातर
Answer: भयभीत
In simple words: 'कातर' का अर्थ डरा हुआ या 'भयभीत' होता है।

Exam Tip: ये शब्द डर या भय की भावना को व्यक्त करते हैं।

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए:

 

Question 1. 1. क्रोध
Answer: अक्रोध
In simple words: 'क्रोध' का विपरीत 'अक्रोध' है, यानी गुस्सा न करना।

Exam Tip: 'अ-' उपसर्ग का उपयोग अक्सर किसी शब्द का विपरीत अर्थ बनाने के लिए किया जाता है।

 

Question 1. 2. उचित
Answer: अनुचित
In simple words: 'उचित' का उल्टा 'अनुचित' होता है, यानी जो सही न हो।

Exam Tip: 'अनु-' उपसर्ग का उपयोग भी विपरीत अर्थ बनाने में सहायक होता है।

 

Question 1. 3. अकारण
Answer: सकारण
In simple words: 'अकारण' यानी बिना वजह का उल्टा 'सकारण' है, यानी कारण सहित।

Exam Tip: 'अ-' और 'स-' उपसर्गों का उपयोग कारण की अनुपस्थिति और उपस्थिति को दर्शाते हैं।

 

Question 1. 4. निकृष्ट
Answer: उत्कृष्ट
In simple words: 'निकृष्ट' यानी बहुत खराब का उल्टा 'उत्कृष्ट' है, यानी बहुत अच्छा।

Exam Tip: ये शब्द गुणवत्ता के निचले और सर्वोच्च स्तर को दर्शाते हैं।

 

Question 1. 5. सच्चाई
Answer: झूठ
In simple words: 'सच्चाई' का उल्टा 'झूठ' होता है।

Exam Tip: ये शब्द सत्य और असत्य की अवधारणा को दर्शाते हैं।

 

Question 1. 6. कायर
Answer: वीर
In simple words: 'कायर' यानी डरपोक का उल्टा 'वीर' यानी बहादुर होता है।

Exam Tip: ये शब्द साहस और भय के विपरीत गुणों को व्यक्त करते हैं।

 

Question 1. 7. मनीषी
Answer: मूर्ख
In simple words: 'मनीषी' यानी बुद्धिमान का उल्टा 'मूर्ख' होता है।

Exam Tip: ये शब्द ज्ञान और अज्ञान के विपरीत अर्थों को दर्शाते हैं।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए:

 

Question 1. 1. आदमी में से आदमियत चली जाए तो ममतापूर्ण व्यवहार कौन करेगा?
Answer: आदमियत
In simple words: इस वाक्य में 'आदमियत' वह भाववाचक संज्ञा है जो इंसानियत के गुण को दर्शाती है।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएँ ऐसे गुण, भाव, अवस्था या क्रिया के नाम होते हैं जिन्हें महसूस किया जा सकता है, देखा नहीं जा सकता।

 

Question 1. 2. आजकल ईमानदारी से अपनी जीविका कमानेवाले श्रमजीवी बड़े दुःखी हैं।
Answer: ईमानदारी
In simple words: इस वाक्य में 'ईमानदारी' वह भाववाचक संज्ञा है जो सच्चाई के गुण को बताती है।

Exam Tip: 'ईमानदारी' एक ऐसा नैतिक गुण है जिसे महसूस किया जा सकता है।

 

Question 1. 3. देश के दौन-दुखियों के प्रति सभ्यतापूर्ण व्यवहार कौन करता है?
Answer: व्यवहार
In simple words: इस वाक्य में 'व्यवहार' भाववाचक संज्ञा है जो क्रिया के ढंग को दर्शाता है।

Exam Tip: 'व्यवहार' किसी व्यक्ति के बर्ताव या आचरण का भाव है।

 

Question 1. 4. आज किसी को किसी पर विश्वास नहीं रह गया।
Answer: विश्वास
In simple words: इस वाक्य में 'विश्वास' वह भाववाचक संज्ञा है जो भरोसे की भावना को दर्शाती है।

Exam Tip: 'विश्वास' एक आंतरिक भावना है जिसे भाववाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग किया जाता है।

 

Question 1. 5. तश्कर की तश्करी से सभी लोग त्रस्त थे।
Answer: तश्करी
In simple words: इस वाक्य में 'तश्करी' भाववाचक संज्ञा है जो तस्कर के काम को बताती है।

Exam Tip: 'तश्करी' तस्कर द्वारा किए जाने वाले क्रिया का भाव है।

 

Question 1. 6. सभा में मैनेजर ने रमेश की उपेक्षा की।
Answer: उपेक्षा
In simple words: इस वाक्य में 'उपेक्षा' भाववाचक संज्ञा है जो किसी को अनदेखा करने या महत्व न देने के भाव को दर्शाती है।

Exam Tip: 'उपेक्षा' एक नकारात्मक भाव है जिसे भाववाचक संज्ञा के रूप में समझा जा सकता है।

 

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए:

 

Question 1. 1. शिक्षा से ही सामाजिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।
Answer: सामाजिक
In simple words: इस वाक्य में 'सामाजिक' शब्द 'स्थिति' संज्ञा की विशेषता बताता है।

Exam Tip: विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।

 

Question 1. 2. क्रोधी व्यक्ति अपना ही नुकसान करता है।
Answer: क्रोधी
In simple words: इस वाक्य में 'क्रोधी' शब्द 'व्यक्ति' संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि वह गुस्सा करने वाला है।

Exam Tip: विशेषण किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण या दोष को दर्शाता है।

 

Question 1. 3. हर युग में समाज की अपनी सामयिक समस्याएं होती हैं।
Answer: सामयिक
In simple words: इस वाक्य में 'सामयिक' शब्द 'समस्याएं' संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि वे समय से संबंधित हैं।

Exam Tip: 'सामयिक' विशेषण का अर्थ 'समय विशेष से संबंधित' होता है।

 

Question 1. 4. परीक्षा के बाद ही परीक्षित कार्य की जांच होती है।
Answer: परीक्षित
In simple words: इस वाक्य में 'परीक्षित' शब्द 'कार्य' संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि वह परखा हुआ है।

Exam Tip: 'परीक्षित' का अर्थ 'जाँचा हुआ' या 'परखा हुआ' होता है।

 

Question 1. 5. परीक्षा के समय भयभीत छात्र अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते।
Answer: भयभीत
In simple words: इस वाक्य में 'भयभीत' शब्द 'छात्र' संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि वे डरे हुए हैं।

Exam Tip: यह विशेषण छात्रों की मानसिक स्थिति को दर्शाता है।

 

Question 1. 6. आज ऐसा लगता है कोई ईमानदार आदमी ही नहीं बचा है।
Answer: ईमानदार
In simple words: इस वाक्य में 'ईमानदार' शब्द 'आदमी' संज्ञा की विशेषता बता रहा है कि वह सच्चा है।

Exam Tip: 'ईमानदार' विशेषण किसी व्यक्ति के नैतिक गुण को दर्शाता है।

 

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए:

 

Question 1. 1. पुराने खयालवाला
Answer: दकियानूसी
In simple words: 'पुराने खयालवाला' को एक शब्द में 'दकियानूसी' कहते हैं।

Exam Tip: ऐसे शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखते समय, दिए गए वाक्यांश का सही और सटीक अर्थ व्यक्त करने वाला शब्द चुनें।

 

Question 1. 2. कसौटी पर खरे उतरे हुए
Answer: परीक्षित
In simple words: 'कसौटी पर खरे उतरे हुए' का मतलब 'परीक्षित' है, यानी जो परखे जाने पर सही पाया गया हो।

Exam Tip: 'परीक्षित' शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति के गुणवत्ता परीक्षण के सफल परिणाम को दर्शाता है।

 

Question 1. 3. रास्ता भुला हुआ
Answer: गुमराह
In simple words: 'रास्ता भुला हुआ' व्यक्ति 'गुमराह' कहलाता है।

Exam Tip: 'गुमराह' शब्द दिशाहीनता या गलत रास्ते पर होने की स्थिति को दर्शाता है।

 

मुहावरों का अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:

 

Question 1. ज्योति बुझना – मरना वाक्य : दुश्मनों से लड़ते-लड़ते महारानी की ज्योति बुझ गई।
Answer: ज्योति बुझना – इसका अर्थ है मरना। वाक्य: दुश्मनों से युद्ध करते-करते महारानी की जीवन ज्योति बुझ गई।
In simple words: 'ज्योति बुझना' का मतलब 'मरना' है। इसका प्रयोग अक्सर किसी के जीवन के अंत को दर्शाने के लिए किया जाता है।

Exam Tip: मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करें और फिर उसका उपयोग ऐसे वाक्य में करें जो उस अर्थ को सही ढंग से दर्शाता हो।

 

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :
1. बेईमान
2. परिवर्तन
3. परिश्रम
4. निरीक्षक
5. प्रत्यारोप
6. विदेश
7. सपरिवार
8. व्याकुल
9. उपेक्षा
10. निराधार
Answer:
1. बेईमान – बे + ईमान
2. परिवर्तन – परि + वर्तन
3. परिश्रम – परि + श्रम
4. निरीक्षक – नि: + इक्षक
5. प्रत्यारोप – प्रति + आरोप
6. विदेश – वि + देश
7. सपरिवार – स + परिवार
8. व्याकुल – वि + आकुल
9. उपेक्षा – उप + ईक्षा
10. निराधार – नि: (निस) + आधार
In simple words: उपसर्ग वह शब्दांश होता है जो किसी शब्द के शुरू में जुड़कर उसका अर्थ बदल देता है। इस प्रश्न में प्रत्येक शब्द से उपसर्ग और मूल शब्द को अलग किया गया है।

Exam Tip: उपसर्गों को पहचानते समय मूल शब्द का सही अर्थ समझना महत्वपूर्ण है। इससे आपको पता चलेगा कि कौन सा हिस्सा उपसर्ग है और कौन सा मूल शब्द।

 

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :
1. निबंधकार
2. बेईमानी
3. धोखेबाज
4. सामाजिक
5. भौतिक
6. महत्त्व
7. स्वाभाविक
8. आध्यात्मिकता
9. तस्करी
10. परीक्षित
11. आंतरिक
12. निरीक्षक
13. राजनीतिक
14. ईमानदार
15. यूरोपीय
16. मानवतापूर्ण
17. समर्थक
18. लेखक
19. अच्छाई
Answer:
1. निबंधकार – निबंध + कार
2. बेईमानी – बेईमान + ई
3. धोखेबाज – धोखा + बाज
4. सामाजिक – समाज + इक
5. भौतिक – भूत + इक
6. महत्त्व – महत् + त्व
7. स्वाभाविक – स्वभाव + इक
8. आध्यात्मिकता – अध्यात्म + इक + ता
9. तस्करी – तस्कर + ई
10. परीक्षित – परीक्षा + इत
11. आंतरिक – अंतर + इक
12. निरीक्षक – निरीक्षण + क
13. राजनीतिक – राजनीति + क
14. ईमानदार – ईमान + दार
15. यूरोपीय – यूरोप + ईय
16. मानवतापूर्ण – मानव + ता + पूर्ण
17. समर्थक – समर्थ + क
18. लेखक – लेख + क
19. अच्छाई – अच्छा + ई
In simple words: प्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी शब्द के आखिर में जुड़कर उसके अर्थ में बदलाव लाता है। यहाँ हर शब्द से प्रत्यय और मूल शब्द को अलग-अलग दिखाया गया है।

Exam Tip: प्रत्यय और उपसर्ग दोनों ही शब्दों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें पहचानने के लिए मूल शब्द और उसके बदले हुए अर्थ को समझना आवश्यक है।

 

क्या निराश हुआ जाए? Summary in Hindi

 

विषय-प्रवेश :

श्री हजारीप्रसाद द्विवेदी हिंदी के एक उत्तम निबंधकार थे। इस निबंध में वह बताते हैं कि आज हमारे समाज में बहुत सी बुराइयाँ आ गई हैं। झूठ, बेईमानी, धोखेबाजी, और भ्रष्टाचार से जुड़ी घटनाएँ अखबारों में भरी रहती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि समाज में अच्छी बातें नहीं हो रही हैं। समाज में अच्छे तत्व आज भी बचे हुए हैं। इसलिए हमें बिलकुल निराश नहीं होना चाहिए।

 

पाठ का सार :

 

आज का वातावरण : आज चारों ओर चोरी, ठगी, डकैती, तस्करी, और भ्रष्टाचार की घटनाओं का बहुत प्रभाव है। अखबारों में झूठी खबरें भरी रहती हैं। ऊँचे पदों पर बैठे लोगों के चरित्र में भी दोष दिखाई देते हैं। कोई कुछ भी करता है तो लोग उसमें कोई गलती ढूंढने लगते हैं। मेहनत करनेवालों की हालत खराब है और मेहनत न करनेवाले लोग सफल हो रहे हैं।

 

पुराने और नए का टकराव : समय बदलता है तो आदर्श भी बदलते हैं। पुराने नियमों की जगह नए नियम आते हैं। उनमें कुछ अंतर तो होता ही है। आज की स्थिति भी कुछ वैसी ही है। इसमें कुछ भी नया नहीं है। हर बदलाव के बाद ऐसा ही होता है।

 

भारत का आदर्श : भारत ने कभी भी भौतिक चीज़ों को इकट्ठा करने को अधिक महत्व नहीं दिया। हमारे यहाँ आध्यात्मिकता को ही प्रधानता दी गई है। मनुष्य में लोभ, मोह, काम, क्रोध आदि विकार होना स्वाभाविक है, पर भारत ने इन पर नियंत्रण रखने को महत्व दिया है।

 

लक्ष्य की उपेक्षा का परिणाम : आज देश में कृषि, उद्योग, वाणिज्य, शिक्षा आदि क्षेत्रों में विकास होना चाहिए। परंतु जिन लोगों को इनके विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे अपने लक्ष्य को भूल गए हैं। वे देशहित को भूलकर अपनी सुख-सुविधाओं को जुटाने में लगे हुए हैं। वे भारत के पुराने आदर्शों को भूल गए हैं।

 

पुराने आदर्श नष्ट नहीं हुए : देश में आज भी धर्म को कानून से बेहतर माना जाता है। सेवा, ईमानदारी, सच्चाई, और आध्यात्मिकता के मूल्य आज भी विद्यमान हैं।

 

टिकटबाबू की ईमानदारी : लेखक ने एक बार रेलवे टिकट खरीदते समय टिकटबाबू को दस रुपये की जगह सौ रुपये का नोट दे दिया। लेकिन टिकटबाबू ईमानदार थे। उन्होंने रेल के डिब्बे में लेखक को खोजकर उन्हें नब्बे रुपये लौटाकर अपनी ईमानदारी का प्रमाण दिया।

 

बस-कंडक्टर की सज्जनता : एक बार लेखक अपने परिवार के साथ बस द्वारा यात्रा कर रहे थे। रात को जंगल से गुजरते समय बस खराब हो गई। बस-कंडक्टर साइकिल लेकर चला गया। बस-यात्री ड्राइवर पर अपना गुस्सा निकालने लगे। वे उसे मारने के लिए तैयार हो गए। लेखक ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें रोका। इतने में बस-कंडक्टर नई बस लेकर आया। वह लेखक के भूखे बच्चों के लिए पानी और दूध भी लाया था।

ऐसी कई घटनाएँ हैं जिनसे लगता है कि हमें निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

 

क्या निराश हुआ जाए? Summary in English

 

Today's circumstances : We observe theft, fraud, robbery, smuggling, and corruption happening all around us today. Newspapers are often filled with these types of reports. We also see such people in high-ranking positions. People often find fault in any work that is done. The current situation of hard-working people is poor, while lazy individuals find happiness.

 

Struggle between the old and the new : With the changing times, the ideals also change. New laws come in place of older ones. There is some minor difference in them. The state of the modern era is also quite similar. Nothing truly new exists. It happens after every cycle of change.

 

The Ideal of India : India has never prioritized the accumulation of material possessions. Here, spirituality is given significant importance. It is common for a person to experience greed, fascination, lust, and anger, but India has always emphasized controlling these emotions.

 

The result of negligence the aim : There should be progress in agriculture, industry, trade, and education. However, the individuals responsible for this development have forgotten their original goal. They have become too focused on their own comforts and have neglected the country's well-being.

 

The ancient ideals have not been destroyed : Even today, religion is considered superior to the law. The essential values of service, honesty, truth, and spirituality still exist.

 

Honesty of the ticket-master: On one occasion, the writer bought a railway ticket. He accidentally handed a hundred rupee note instead of ten rupees to the ticket-master. However, the ticket-master was honest. He located the writer in the train compartment and returned the ninety rupees. In this way, he showed a great example of honesty.

 

The nobility of a bus-conductor : One time, the writer was traveling with his family by bus. It was night, and the bus broke down while passing through a forest. The conductor then left on a bicycle. The other passengers became angry with the driver and were ready to beat him. The writer managed to stop them. Meanwhile, the bus conductor returned with a new bus. He also brought milk and water for the writer's hungry children.

There are many such events that make us believe we should not feel disappointed.

 

क्या निराश हुआ जाए? Summary in Gujarati

 

આજનું વાતાવરણ : આજે ચારે તરફ ચોરી, ઠગાઈ, લૂંટફાટ, દાણચોરી અને ભ્રષ્ટાચારની ઘટનાઓ જ ઘણી જોવા મળે છે. વર્તમાનપત્રો ખોટી ઘટનાઓથી ભરેલાં હોય છે. ઊંચાં પદો પર બેઠેલા લોકોનાં ચરિત્ર પણ દોષપૂર્ણ દેખાય છે. કોઈ પણ કામ કરે તો લોકો એમાં દોષ શોધવા લાગે છે. મહેનત કરનારા લોકોની સ્થિતિ ખરાબ છે અને મહેનત ન કરનારા સુખનો ભોગ કરે છે.

 

જૂના અને નવા વચ્ચેનો સંઘર્ષ: યુગ બદલાય છે ત્યારે આદર્શ પણ બદલાય છે. જૂના કાયદા-કાનૂનોની જગ્યાએ નવા કાયદા-કાનૂન આવે છે. એમાં થોડો અંતર તો હોય જ છે. નવા જમાનાની સ્થિતિ પણ કંઈક એવી જ છે. એમાં કશું નવું હોતું નથી. દરેક પરિવર્તન પછી આવું જ થાય છે.

 

ભારતનો આદર્શ : ભારતે કદી પણ ભૌતિક વસ્તુઓના સંગ્રહને વધુ મહત્ત્વ નથી આપ્યું. આપણે ત્યાં અધ્યાત્મને જ વધારે મહત્ત્વ અપાયું છે. મનુષ્યમાં લોભ, મોહ, કામ, ક્રોધ વગેરે વિકારો હોવા સામાન્ય છે, પરંતુ ભારતે આ બધાં પર સંયમને મુખ્ય માન્યું છે.

 

લક્ષ્યની ઉપેક્ષાનું પરિણામ: આજે દેશમાં કૃષિ, ઉદ્યોગ, વાણિજ્ય, શિક્ષણ વગેરે ક્ષેત્રોમાં વિકાસ થવો જોઈએ. પરંતુ જે લોકોને વિકાસની જવાબદારી સોંપવામાં આવી છે, તેઓ લક્ષ્ય ભૂલી ગયા છે. તેઓ દેશહિતને ભૂલીને પોતાની સુખ-સુવિધા વધારવામાં લાગી ગયા છે. તેઓ ભારતના પ્રાચીન આદર્શો ભૂલી ગયા છે.

 

પ્રાચીન આદર્શો નષ્ટ થયા નથી: દેશમાં આજે પણ ધર્મને કાયદા કરતાં શ્રેષ્ઠ માનવામાં આવે છે. સેવા, પ્રામાણિકતા, સત્ય અને આધ્યાત્મિકતાનાં મૂલ્ય આજે પણ વિદ્યમાન છે.

 

ટિકિટ-માસ્તરની પ્રામાણિકતા: લેખકે એક વખત રેલવેની ટિકિટ ખરીદતી વખતે ટિકિટ-માસ્તરને દસ રૂપિયાની જગ્યાએ સો રૂપિયાની નોટ આપી દીધી, પરંતુ ટિકિટ-માસ્તર પ્રામાણિક હતા. તેમણે રેલવેના ડબ્બામાં લેખકને શોધીને નેવું રૂપિયા પાછા આપીને પ્રામાણિકતાનો પરિચય આપ્યો.

 

બસ-કંડકટરની સજ્જનતા: એક વખત લેખક પોતાના કુટુંબ સાથે બસ દ્વારા મુસાફરી કરી રહ્યા હતા. રાતના સમયે જંગલમાંથી પસાર થતી વખતે બસ બગડી ગઈ. બસ-કંડક્ટર સાઇકલ લઈને ચાલ્યો ગયો.

બસના યાત્રીઓ ડ્રાઇવર પર પોતાનો ક્રોધ ઠાલવવા લાગ્યા. તેઓ તેને મારવા તૈયાર થઈ ગયા. લેખકે કોઈક રીતે સમજાવીને તેમને રોક્યા. એટલામાં બસ-કંડક્ટર નવી બસ લઈને આવી ગયો. તે લેખકનાં ભૂખ્યાં બાળકો માટે દૂધ અને પાણી પણ લેતો આવ્યો હતો. આવી અનેક ઘટનાઓ છે, જેનાથી એમ લાગે છે કે આપણે નિરાશ થવાની જરૂર નથી.

 

क्या निराश हुआ जाए? शब्दार्थ :

1. तस्करी – चोरी।
2. प्रत्यारोप – આરોપના જવાબમાં પ્રતિઆરોપ લગાવવો.
3. संदेह – શંકા.
4. दोष – बुराई, अपराध.
5. अतीत – भूतकाल, बीता हुआ समय.
6. गहवर – गहरा गड्डा.
7. मनीषी – ज्ञानी, पंडित.
8. माहौल – वातावरण.
9. जीविका – रोजी.
10. निरीह – निर्दोष, भोलाभाला.
11. फरेब – धोखा.
12. भीरु – डरपोक, कायर.
13. आस्था – विश्वास, श्रद्धा.
14. मनुष्यनिर्मित – मनुष्यों द्वारा बनाई गई.
15. त्रुटि – भूल, गलती.
16. विधिनिषेध – કોઈ કામ કરવાની કે ન કરવાની સૂચના.
17. परीक्षित – कसौटी પર खरा ઉતરેલું.
18. आलोडन – મથન.
19. हताश – निराश, દુઃખી.
20. आंतरिक – भीतरी.
21. स्थिर – અચળ, અડગ.
22. विद्यमान – उपस्थित, हाजिर.
23. संयम – मनને કાબૂમાં રાખવું.
24. उपेक्षा – અવહેલના, ઉદાસીનતા.
25. गुमराह – રસ્તો ભૂલી ગયેલું.
26. वाणिज्य – व्यापार.
27. सुचारु – સારી રીતે.
28. पैमाना – માપદંડ.
29. दकियानूसी – જૂના વિચારોવાળું.
30. प्रतिष्ठा – સન્માન, ઇજ્જત.
31. आचरण – ચાલ-ચલણ.
32. संहार – વિનાશ.
33. वंचना – ધોખેબાજી.

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