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1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. कवि नित्य कैसी आराधना चाहते हैं?
Answer: कवि हमेशा ऐसी पूजा चाहते हैं जिसमें सच्चाई, खूबसूरती और भलाई का भाव हो।
In simple words: कवि रोज़ ऐसी प्रार्थना चाहते हैं जिसमें सच, सुंदरता और शुभता की भावना शामिल हो।
Exam Tip: हमेशा ध्यान रखें कि कवि की आराधना का मुख्य उद्देश्य सत्य, सुंदर और मांगल्य की भावना से जुड़ा है।
Question 2. कवि किसकी मनोकामना चाहते हैं?
Answer: कवि चाहते हैं कि परेशान व्यक्ति अपनी मुश्किलों से आज़ाद हों, यह उनकी दिली इच्छा है।
In simple words: कवि चाहते हैं कि दुखी लोग अपने दुखों से छूट जाएं।
Exam Tip: कवि की मनोकामना हमेशा दुखी और पीड़ित लोगों के कल्याण से संबंधित होती है।
Question 3. कवि दुर्बलों के रक्षणार्थ किसकी साधना चाहते हैं?
Answer: कवि कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए पराक्रम का अभ्यास चाहते हैं।
In simple words: कवि चाहते हैं कि कमजोरों की रक्षा के लिए लोग हिम्मत का प्रशिक्षण करें।
Exam Tip: 'पौरुष की साधना' का अर्थ है शक्ति और साहस का विकास करना, विशेषकर कमजोरों की रक्षा हेतु।
Question 4. कवि किसकी अभ्यर्थना करते हैं?
Answer: कवि हर किसी के जीवन में नई रोशनी आने की प्रार्थना करते हैं।
In simple words: कवि सभी के जीवन में नया उजाला आने की विनती करते हैं।
Exam Tip: 'अभ्यर्थना' शब्द का प्रयोग प्रार्थना या निवेदन के संदर्भ में किया जाता है, जो कवि की हार्दिक इच्छा को दर्शाता है।
Question 5. कवि कैसी बंधुता की कामना करते हैं?
Answer: कवि चाहते हैं कि ऐसी दोस्ती हो जिसमें सब आज़ाद रहें, फिर भी आपस में भाईचारे के साथ जुड़े रहें।
In simple words: कवि चाहते हैं कि ऐसी भाईचारा हो जहाँ सब आज़ाद होकर भी साथ रहें।
Exam Tip: 'बंधुता' का अर्थ है भाईचारा। कवि की कल्पना में स्वतंत्र रहकर भी मिलजुल कर रहना महत्वपूर्ण है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
Question 1. कवि कैसे मांगल्य की आराधना करते हैं?
Answer: 'मांगल्य' का अर्थ है सबका भला। कवि इच्छा रखते हैं कि सभी व्यक्ति सच्चाई के रास्ते पर चलें, उनके हृदय में अच्छे विचार आएं और वे सब एक-दूसरे की भलाई के बारे में विचार करें। इस प्रकार, कवि सभी के हित की इच्छा करते हुए शुभता की पूजा करते हैं।
In simple words: 'मांगल्य' मतलब सबका भला। कवि चाहते हैं कि सब सच के रास्ते पर चलें, अच्छे विचार रखें और एक-दूसरे का भला सोचें। ऐसे ही कवि सबके कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय 'मांगल्य' के अर्थ और कवि की तीन मुख्य इच्छाओं- सत्य का मार्ग, सुंदर विचार और परोपकार को शामिल करना न भूलें।
Question 2. कवि के अनुसार किसके दुःख दूर होने चाहिए?
Answer: कवि के अनुसार लोगों की ज़िंदगी में कई तरह की परेशानियां हैं। इन परेशानियों से निकलने का उन्हें कोई रास्ता नहीं मिलता। उन्हें दूसरों की हमदर्दी भी नहीं मिलती। वे खुद अपनी परेशानियों से आज़ाद नहीं हो पाते। ऐसे भूले हुए और बेसहारा लोगों के दुख समाप्त होने चाहिए।
In simple words: कवि कहते हैं कि उपेक्षित और असहाय लोगों के दुःख समाप्त होने चाहिए, क्योंकि उन्हें दुखों से निकलने का रास्ता नहीं मिलता और न ही दूसरों से सहानुभूति मिलती है।
Exam Tip: यह उत्तर स्पष्ट करता है कि कवि विशेष रूप से उन लोगों के दुखों को दूर करने की बात करते हैं जो उपेक्षित और असहाय हैं।
Question 3. कवि की क्या अभ्यर्थना हैं?
Answer: कवि की विनती है कि व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी आए। वह एक नई जागरूकता महसूस करे। उसके दिल में अच्छे और नए विचार हों। उसकी सारी इच्छाएं पूरी हों। वह इंसानियत की इबादत करे। सभी लोग धैर्यवान और वीर बनें।
In simple words: कवि चाहते हैं कि लोगों के जीवन में नई रोशनी, नई चेतना, सुंदर विचार और पूरी आशाएं आएं। वे चाहते हैं कि लोग मानवता की पूजा करें और साहसी बनें।
Exam Tip: कवि की अभ्यर्थना में नई चेतना, सुंदर विचार, आशाओं की पूर्ति, मानवता की पूजा और शौर्य-धैर्य जैसे कई सकारात्मक पहलू शामिल हैं।
Question 4. कवि भेदों को नाश करने की बात क्यों करते हैं?
Answer: दुनिया में विज्ञान ने बहुत तरक्की की है, फिर भी समाज में ऊँच-नीच, जाति, अमीर-गरीब जैसे कई अंतर मौजूद हैं। इन असमानताओं के कारण इंसानी समाज में जलन, दुश्मनी और लड़ाई झगड़े हैं। इनकी वजह से मानवीय एकता में रुकावटें आती हैं और भाईचारे का हमारा सपना पूरा नहीं हो पाता। यही वजह है कि कवि इन भेदों को खत्म करने की बात कहते हैं।
In simple words: कवि चाहते हैं कि ऊँच-नीच, जाति और अमीर-गरीब के सभी भेद खत्म हों। ये भेद मानव एकता में बाधा डालते हैं और विश्वबंधुत्व को रोकते हैं।
Exam Tip: कवि भेदों को इसलिए समाप्त करना चाहते हैं क्योंकि वे समाज में ईर्ष्या-द्वेष, संघर्ष उत्पन्न करते हैं और विश्वबंधुत्व के मार्ग में रुकावट बनते हैं।
3. निम्नलिखित काव्यपंक्तिओं का आशय स्पष्ट कीजिए :
Question 1. देहमंदिर चित्तमंदिर एक ही है प्रार्थना। सत्य सुंदर मांगल्य की नित्य हो आराधना ॥
Answer: कवि वसंत बापट बहुत दयालु और दूरदर्शी कवि हैं। उनके मन और शरीर की केवल एक ही विनती है कि लोग अच्छे काम करें। वे सच्चाई के रास्ते पर चलें। उनके दिल में शुभ और खूबसूरत भावनाएं हों। लोग अपना स्वार्थ छोड़कर सबका भला सोचें।
In simple words: कवि चाहते हैं कि उनके शरीर और मन से सिर्फ एक ही प्रार्थना निकले – कि हमेशा सत्य, सुंदरता और शुभता की पूजा हो। वे चाहते हैं कि लोग अच्छे कर्म करें और सबका भला सोचें।
Exam Tip: इस पंक्ति का आशय स्पष्ट करते समय देह और चित्त को एक मंदिर मानना और सत्य, सुंदर, मांगल्य की आराधना को केंद्र बिंदु बनाना महत्वपूर्ण है।
Question 2. भेद सभी अस्त होवें, बैर और वासना मानवों की एकता की पूर्ण हो कल्पना। मुक्त हम, चाहें एक ही बंधुता की कामना ॥
Answer: आज दुनिया में वर्ण, जाति, रंग और अन्य कई प्रकार के भेदभाव मौजूद हैं। ईर्ष्या और नफरत के कारण ऊँच-नीच का अंतर बना रहता है। इसलिए मानव समाज में एकता नहीं दिखती। दुनिया में अशांति और झगड़ों का मुख्य कारण यही अलग-अलग भेद हैं। जब तक इन भेदों को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक इंसानियत एक नहीं हो पाएगी।
In simple words: आज समाज में जाति, वर्ण और रंग के कई भेद हैं, जिससे ऊँच-नीच का अंतर और ईर्ष्या-द्वेष बढ़ता है। इन भेदों के कारण मानवता में एकता नहीं है। जब तक ये भेद खत्म नहीं होंगे, मानवजाति एकजुट नहीं होगी।
Exam Tip: इन पंक्तियों के आशय में समाज से भेदभाव, बैर और वासना को समाप्त कर मानव एकता और बंधुता स्थापित करने का संदेश निहित है।
4. काव्यपंक्तिओं को पूर्ण कीजिए :
Question 1. देहमंदिर चित्तमंदिर एक ही....... पौरुष की साधना ।।
Answer: देहमंदिर, चित्तमंदिर एक ही है प्रार्थना। सत्य-सुंदर मांगल्य की नित्य हो आराधना।। दुखियारों का दुःख जाए. है यही मनकामना। वेदना को परख पाने जगाएं संवेदना।। दुर्बलों के रक्षणार्थ पौरुष की साधना।।
In simple words: कवि प्रार्थना करते हैं कि उनके देह और मन एक हों। वे चाहते हैं कि सत्य, सुंदरता, और शुभता की नित्य आराधना हो, दुखी लोगों का दुख दूर हो, संवेदना जागे, और कमजोरों की रक्षा के लिए शक्ति का अभ्यास हो।
Exam Tip: काव्यपंक्तिओं को पूर्ण करते समय कविता के मूल भाव और छंद का ध्यान रखें। शब्दों का सही क्रम और अर्थ महत्वपूर्ण है।
Question 2. जीवन में नवतेज हो.......... बंधुता की कामना॥
Answer: जीवन में नवतेज हो, अंतरंग में भावना। सुंदरता की आस हो मानवता की हो उपासना।। शौर्य पावें, धैर्य पावें, यही है अभ्यर्थना।। भेद सभी अस्त होवें, बैर और वासना ।। मानवों की एकता की पूर्ण हो कल्पना। मुक्त हम, चाहें एक ही बंधुता की कामना ।।
In simple words: कवि चाहते हैं कि जीवन में नई ऊर्जा, आंतरिक भावनाएं और सुंदरता की आशा हो। मानवता की पूजा हो, शौर्य और धैर्य प्राप्त हों। सभी भेदभाव, दुश्मनी और वासना समाप्त हों, मानव एकता पूरी हो और एक ही बंधुता की कामना हो।
Exam Tip: पंक्तियों को पूरा करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप कवि के विचारों, जैसे नवतेज, मानवता की उपासना, और बंधुता की कामना, को सही ढंग से प्रस्तुत करें।
5. विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।
Question 1.
(i) दु:ख x
(ii) जीवन x
(iii) सत्य x
(iv) सुंदर x
(v) अस्त x
Answer:
(i) दु:ख × सुख
(ii) जीवन × मृत्यु
(iii) सत्य × असत्य
(iv) सुंदर × असुंदर
(v) अस्त × उदय
In simple words: ये शब्द और उनके विपरीत अर्थ दिए गए हैं, जैसे दुःख का सुख, जीवन का मृत्यु, और सत्य का असत्य।
Exam Tip: विरुद्धार्थी शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द के विपरीत अर्थ वाले शब्द का चयन करें और सुनिश्चित करें कि वह सही व्याकरणिक रूप में हो।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :
Question 1. कवि संवेदना क्यों जगाना चाहते हैं?
Answer: संवेदनशीलता के बिना हम दूसरों की पीड़ा को महसूस नहीं कर सकते। इसी कारण कवि सहानुभूति उत्पन्न करना चाहते हैं।
In simple words: कवि संवेदना जगाना चाहते हैं ताकि हम दूसरों की पीड़ा को समझ सकें, क्योंकि इसके बिना हमें दूसरों का दर्द महसूस नहीं हो पाता।
Exam Tip: संवेदना के महत्व को बताते हुए यह स्पष्ट करें कि यह दूसरों की पीड़ा को समझने और अनुभव करने के लिए क्यों आवश्यक है।
Question 2. 'मानवता की हो उपासना' का क्या अर्थ है?
Answer: व्यक्ति एक-दूसरे का दर्द समझें और उसे खत्म करने की कोशिश करें। यही 'इंसानियत की पूजा' है।
In simple words: 'मानवता की उपासना' का मतलब है कि लोग एक-दूसरे का दर्द समझें और उसे दूर करने का प्रयास करें।
Exam Tip: इस वाक्यांश का अर्थ बताते समय दूसरों के प्रति सहानुभूति और सेवा भाव को प्रमुखता से उल्लेख करें।
विभाग 1: पद्यलक्षी
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1.
1. देहमंदिर, चित्तमंदिर एक ही है .........। (प्रार्थना, आराधना)
2. दुखियारों का दुःख जाए, है यही .........। (मनकामना, संवेदना)
3. कवि सबका ......... चाहता है। (कल्याण, आशीर्वाद)
4. मानवों की एकता की ......... पूर्ण हो तो अच्छा। (कल्पना, भावना)
5. दुःख में ......... की सहानुभूति भी नहीं मिलती। (दुसरों, अपनों)
Answer:
1. प्रार्थना
2. मनकामना
3. कल्याण
4. भावना
5. दुसरों
In simple words: ये रिक्त स्थान भरने के लिए सही शब्द दिए गए हैं, जैसे पहले में 'प्रार्थना', दूसरे में 'मनकामना' इत्यादि।
Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय कविता के संदर्भ और दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त शब्द का चुनाव करें।
निम्नलिखित विधान 'सही' हैं या 'गलत' यह बताइए :
Question 1.
1. कवि चाहते हैं कि लोगों के जीवन में नया प्रकाश हो।
2. सब असत्य के मार्ग पर चलें ऐसी कवि की आराधना है।
3. दुःखी लोगों को किसी की सहानुभूति नहीं मिलती।
4. दुनिया में केवल ऊँच-नीच के भेदभाव हैं।
Answer:
1. सही
2. गलत
3. सही
4. गलत
In simple words: यहाँ दिए गए कथन सही हैं या गलत, यह बताया गया है। पहला और तीसरा कथन सत्य है, जबकि दूसरा और चौथा कथन असत्य है।
Exam Tip: 'सही या गलत' वाले प्रश्नों में कविता के मूल संदेश और भाव को अच्छी तरह से समझें, ताकि कथनों की सत्यता को सही ढंग से परख सकें।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में लिखिए :
Question 1.
1. कवि लोगों को किस मार्ग पर चलने के लिए कहते हैं?
2. दुःखी लोगों को किससे छुटकारा दिलाने की प्रार्थना कवि करते हैं?
3. सब लोग किसकी पूजा करें ऐसी कवि प्रार्थना करते हैं?
4. मनुष्य-मनुष्य के बीच क्या समाप्त होने की कवि कामना करते हैं?
Answer:
1. सच्चाई या सत्य के मार्ग पर
2. दु:खों से
3. मानवता की
4. भेदभाव
In simple words: इन सवालों के जवाब एक शब्द में दिए गए हैं, जैसे कवि सत्य के मार्ग पर चलने को कहते हैं और भेदभाव को खत्म करने की कामना करते हैं।
Exam Tip: एक-शब्द में उत्तर देने के लिए प्रश्न के मूल भाव को समझना और सटीक शब्द का चयन करना आवश्यक है।
निम्नलिखित प्रश्नों के साथ दिए गए विकल्पों से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. सत्य-सुंदर मांगल्य की नित्य हो ...|
(a) संवेदना
(b) मनकामना
(c) आराधना
(d) साधना
Answer: (c) आराधना
In simple words: खाली जगह में 'आराधना' आएगा, जिसका मतलब पूजा है।
Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, कविता की पंक्तियों के आधार पर सबसे सटीक शब्द चुनें जो भाव और अर्थ दोनों में सही बैठे।
Question 2. मानवों की एकता की पूर्ण हो ।
(a) अभ्यर्थना
(b) भावना
(c) वासना
(d) कल्पना
Answer: (d) कल्पना
In simple words: खाली जगह में 'कल्पना' शब्द आएगा।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दिए गए विकल्पों में से उस शब्द का चुनाव करें जो कविता के संदेश के अनुरूप हो और वाक्य को पूर्ण अर्थ प्रदान करे।
Question 3. मुक्त हम, चाहें एक ही ............. की कामना।
(a) अभ्यर्थना
(b) बंधुता
(c) साधना
(d) प्रार्थना
Answer: (b) बंधुता
In simple words: खाली जगह में 'बंधुता' शब्द सही है, जिसका मतलब भाईचारा है।
Exam Tip: कविता के मूल विषय, जो कि भाईचारा और एकता है, को ध्यान में रखते हुए सही विकल्प चुनें।
Question 4. मानवता के प्रति सच्ची पूजा क्या
(a) मित्रता
(b) घृणा
(c) प्रेम
(d) नफरत
Answer: (c) प्रेम
In simple words: मानवता के प्रति सच्ची पूजा 'प्रेम' है।
Exam Tip: मानवता के प्रति सच्चे भाव को व्यक्त करने वाले विकल्प का चुनाव करें, जिसमें प्रेम ही सबसे उपयुक्त है।
विभाग 2 : व्याकरणलक्षी
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1.
1. मांगल्य
2. नित्य
3. आस
4. अभ्यर्थना
5. अस्त
6. वेदना
7. देह
Answer:
1. मंगलकारी
2. सदा
3. आशा
4. बिनती
5. समाप्त
6. व्यथा
7. शरीर
In simple words: यहाँ शब्दों के अर्थ समानार्थक शब्द दिए गए हैं, जैसे मांगल्य का मंगलकारी और नित्य का सदा।
Exam Tip: पर्यायवाची शब्द लिखते समय, शब्द के विभिन्न संदर्भों को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त समानार्थी शब्द चुनें।
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
Question 1.
1. मानव
2. मंगल
3. दुर्बल
4. मुक्त
5. एक
6. रक्षक
Answer:
1. दानव
2. अमंगल
3. सबल
4. बद्ध
5. अनेक
6. भक्षक
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द सूचीबद्ध हैं।
Exam Tip: विरोधी शब्द हमेशा मूल शब्द के अर्थ से पूर्णतः विपरीत होने चाहिए, और व्याकरणिक रूप से भी सही होने चाहिए।
निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से भाववाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. हमें सबके कल्याण की बात सोचनी चाहिए।
2. एक-दूसरे के दुःखों को समझकर लोग सहायता करें।
3. हमें मानवता को ऊपर उठाने के लिए प्रयत्नशील होना चाहिए।
4. हमारे मन में किसी भी व्यक्ति के प्रति बैर न हो।
5. स्वतंत्र भारतवासियों में एकता होना बहुत ज़रूरी है।
6. कवि विश्वबंधुत्व की भावना सुंदर ढंग से व्यक्त करते हैं।
Answer:
1. कल्याण
2. सहायता
3. मानवता
4. बैर
5. एकता
6. विश्वबंधुत्व
In simple words: इन वाक्यों में से भाववाचक संज्ञाएं निकाली गई हैं, जैसे कल्याण, सहायता और मानवता।
Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएँ ऐसी संज्ञाएँ होती हैं जो किसी गुण, दशा, अवस्था या भाव का बोध कराती हैं। इन्हें महसूस किया जा सकता है, देखा या छुआ नहीं जा सकता।
निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. देहाती युवक रास्ते से गुज़र रहा था।
2. पीड़ा का अनुभव तो बहादुर लोगों को भी करना पड़ता है।
3. मंदिर में श्रद्धावान भक्तों की भीड़ इकट्ठी हो गई।
4. आराधना करते हुए भक्तजनों ने लोगों के लिए मंगल कामनाएं की।
Answer:
1. देहाती
2. बहादुर
3. श्रद्धावान
4. मंगल
In simple words: यहाँ दिए गए वाक्यों में से विशेषण शब्दों को पहचानकर लिखा गया है।
Exam Tip: विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, मात्रा आदि) बताते हैं। इन्हें पहचानने के लिए 'कैसा', 'कितना' जैसे प्रश्न पूछें।
निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से कर्तवाचक संज्ञा पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. कवि सत्य, शिव और सुंदर के आराधक हैं।
2. दुर्बलों के रक्षक साहस करनेवाले लोग होते हैं।
3. हम चाहते हैं कि सब एक-दूसरे के हितैषी हों।
4. हम सब मनुष्यता के पुजारी बनें तभी धरती पर स्वर्ग उतरेगा।
Answer:
1. आराधक
2. रक्षक
3. हितैषी
4. पुजारी
In simple words: इन वाक्यों से कर्तवाचक संज्ञाएं, जैसे आराधक, रक्षक और हितैषी, निकाली गई हैं।
Exam Tip: कर्तवाचक संज्ञाएँ वह संज्ञाएँ होती हैं जो क्रिया को करने वाले का बोध कराती हैं, यानी कर्ता का। जैसे 'लिखना' से 'लेखक', 'पढ़ना' से 'पाठक'।
निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. प्रार्थना
2. दुर्वल
3. अभ्यर्थना
4. असत्य
5. संवेदना
6. अनुभव
Answer:
1. प्रार्थना – प्र + अर्थना
2. दुर्बल – दुः + बल
3. अभ्यर्थना – अभि + अर्थना
4. असत्य – अ + सत्य
5. संवेदना – सं (सम्) + वेदना
6. अनुभव- अनु + भव
In simple words: यहाँ शब्दों में लगे उपसर्गों को अलग करके दिखाया गया है।
Exam Tip: उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता या परिवर्तन लाते हैं। उन्हें पहचानते समय मूल शब्द को अलग करना महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय पहचानकर लिखिए :
Question 1.
1. मानवता
2. बंधुता
3. विश्वबंधुत्व
4. कमजोरी
5. शौर्य
6. मांगल्य
7. सहायता
8. एकता
Answer:
1. मानवता – मानव + ता
2. बंधुता – बंधु + ता
3. विश्वबंधुत्व – विश्वबंधु + त्व
4. कमजोरी – कमजोर + ई
5. शौर्य – शूर + य
6. मांगल्य – मंगल + य
7. सहावता – सहाय + ता
8. एकता – एक + ता
In simple words: यहाँ शब्दों में जुड़े प्रत्ययों को अलग करके दिखाया गया है।
Exam Tip: प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन लाते हैं। मूल शब्द को पहचानने के बाद ही प्रत्यय का सही निर्धारण संभव है।
आराधना Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
प्रस्तुत कविता मराठी के वरिष्ठ कवि वसंत बापट की मराठी रचना का हिंदी अनुवाद है। इस कविता में कहा गया है कि मानवता और बंधुता के प्रति प्रेम ही सच्ची पूजा है। मनुष्य के आपसी भेदभाव समाप्त हो। लोगों में लोभ और वैरभाव न रहे। सब एक-दूसरे से प्रेम करें। सब में सहयोग की भावना हो। लोग एक-दूसरे का दुःख महसूस करें। इस प्रकार इस कविता में कवि ने 'सत्य, शिव, सुंदर' और 'विश्वबंधुत्व' की भावना व्यक्त की है।कविता का सार :
मंगल-कामना : सब लोग अच्छे कार्य और सच्चाई का व्यवहार करें। सबकी भावनाएं सुंदर और विचार कल्याणकारी हो। सुखी लोग दुखियों की पीड़ा समझें और उसे दूर करें।
मानवता की पूजा : लोग शूरवीर और धीर बनें। दुर्बलों की रक्षा हो। सारे भेदभाव भूलकर परस्पर मानवता का व्यवहार करें। संसार में सब जगह भाईचारे की भावना का प्रसार हो।
कविता का अर्थ :
देहमंदिर ...... आराधना।
कवि कहते हैं कि मेरी यही प्रार्थना है कि शरीर और मन से सत्य, शिव और सुंदर की आराधना हो। लोग सच्चाई के मार्ग पर चलें, उनके मन में सुंदर विचार आएं और सब एक-दूसरे के हित की बात सोचें।दुखियारों ... साधना।
कवि प्रार्थना करते हैं कि दुःखी लोगों को दुःख से छुटकारा मिले और लोग एक-दूसरे की पीड़ा का अनुभव करें। दुर्बलों की रक्षा के लिए शक्ति और साहस का उपयोग हो।जीवन में नवतेज......... अभ्यर्थना।
सबके जीवन में नया प्रकाश (नई चेतना) हो। सबके हृदय में सुंदर भावनाएं हों। सबके मन में सुंदर आशाएँ हो और सब मानवता की पूजा करें – सभी लोग शौर्य और धैर्य प्राप्त करें, यही प्रार्थना है।भेद सभी ....... कामना।
कवि की इच्छा है कि मनुष्य-मनुष्य के बीच के सारे भेदभाव समाप्त हो जाएं, किसी की किसी से दुश्मनी न हो और लोगों की बुरी इच्छाएं नष्ट हो। सभी मनुष्य एकता का अनुभव करें। हम स्वतंत्रता और बंधुता की कामना करते हैं।आराधना Summary in English
The poet says, “My prayer is that truth, welfare and beauty should be worshiped by the body and mind. People walk on the path of truth, they have beautiful thoughts in their minds and they think of welfare for one another.” The poet prays that unhappy people release from unhappiness and people experience pain of one another. Strength and adventure should be used only for the protection of the weak people. Novel light (animation) spread in all lives. There may be nice feelings in the heart of all people. There may have nice hopes in all minds and all may worship humanity – The prayer is that all people got valour and patience.आराधना Summary in Gujarati
કવિ કહે છે કે મારી આ જ પ્રાર્થના છે કે શરીર અને મનથી સત્ય, શિવ અને સુંદરની આરાધના થાય. લોકો સત્યને માર્ગે ચાલે, તેમના મનમાં સુંદર વિચારો આવે અને સૌ એકબીજાના હિતનો | વિચાર કરે. કવિ પ્રાર્થના કરે છે કે દુઃખી લોકોને દુ:ખમાંથી છુટકારો મળે અને લોકો એકબીજાની પીડાનો અનુભવ કરે. દુર્બળોના રક્ષણ માટે જ શક્તિ અને સાહસનો ઉપયોગ થાય. સૌના જીવનમાં નવો પ્રકાશ (નૂતન ચેતના) ફેલાય. સૌના હૃદયમાં સુંદર ભાવનાઓ હોય. સૌના મનમાં સુંદર આશાઓ હોય અને સૌ માનવતાની પૂજા કરે – બધાં લોકો શૌર્ય અને ધૈર્ય પ્રાપ્ત કરે એ જ પ્રાર્થના છે. કવિની ઇચ્છા છે કે મનુષ્ય-મનુષ્ય વચ્ચેના બધા ભેદભાવ દુશ્મનાવટ ન હોય અને લોકોની ખરાબ ભાવનાઓ नष्ट થઈ જાય. સૌ માનવી એકતાનો અનુભવ કરે. આપણે સ્વતંત્રતા અને ભાઈચારાની કામના કરીએ છીએ.आराधना शब्दार्थ :
- देहमंदिर – शरीररूपी मंदिर।
- चित्तमंदिर – मनरूपी मंदिर।
- प्रार्थना – निवेदन, भक्ति और श्रद्धापूर्वक ईश्वर से मांगना।
- मांगल्य – मंगलकारी, कल्याण की भावना।
- नित्य – निरंतर, हमेशा।
- आराधना – पूजा।
- वेदना – पीडा।
- परखना – पहचानना।
- संवेदना – सहानुभूति।
- दुर्बल – कमजोर।
- रक्षणार्थ – रक्षा के लिए।
- पौरुष – मर्दानगी, शक्ति और साहस।
- नवतेज – नई चमक।
- अंतरंग – अंत:करण, हृदय।
- आस - आशा।
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