GSEB Class 8 Hindi Solutions Chapter 4 कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री

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Detailed Chapter 04 कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री GSEB Solutions for Class 8 Hindi

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Class 8 Hindi Chapter 04 कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री GSEB Solutions PDF

कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री अभ्यास

 

Question 1. (अ) कथनों का आशय स्पष्ट कीजिए : प्रश्न 1. "शास्त्री जी को निष्काम कर्मयोगी कहना अधिक उचित है।"
Answer: शास्त्री जी के लिए काम ही भगवान था। वे किसी फल की उम्मीद के बिना पूरे मन से अपने काम में लगे रहते थे। जब भी उन्हें अपने काम का फल पाने का मौका मिला, उन्होंने उसे छोड़ दिया। फल के लालच में उन्होंने कभी कोई काम नहीं किया। शास्त्री जी के इस तरीके को देखते हुए, उन्हें सिर्फ 'कर्मयोगी' कहना काफी नहीं है। उन्हें 'निष्काम कर्मयोगी' कहना ज्यादा सही है।

Exam Tip: जब ऐसे कथनों का आशय स्पष्ट करना हो, तो व्यक्ति के गुणों और उनके कार्यों पर जोर दें जो कथन को सही साबित करते हैं।

 

Question 2. "शास्त्री जी का व्यक्तित्व बापू के अधिक करीब था।"
Answer: गांधीजी देश के बहुत बड़े लीडर थे। फिर भी उनमें अद्भुत विनम्रता, सादगी और सरलता मौजूद थी। इन्हीं गुणों ने उन्हें ज्यादा महान और प्रसिद्ध बनाया था। गांधीजी के यही गुण लालबहादुर शास्त्री में भी थे। इसलिए शास्त्री जी का व्यक्तित्व बापू के ज्यादा करीब था।

Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में, दोनों व्यक्तियों की समान विशेषताओं को उजागर करें और उन पर ध्यान दें।

 

Question 3. "शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन श्रम, सेवा, सादगी और समर्पण का अनुपम उदाहरण है।"
Answer: शास्त्री जी काम को भगवान मानकर उसकी पूजा के तौर पर मेहनत करते थे। देश और समाज की सेवा में ही उन्हें अपने जीवन का मकसद दिखता था। उन्हें साधारण खाना और साधारण कपड़े ही पसंद थे। उन्होंने जो कुछ भी किया, पूरे विश्वास और लगन से किया। उनकी ये खासियतें बहुत कम लोगों में मिलती हैं।

Exam Tip: इस प्रकार के वर्णनात्मक प्रश्नों में, व्यक्ति के प्रमुख गुणों को उदाहरणों के साथ प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. अगर महात्मा गाँधी आपके स्वप्न में आयें तो आप उनसे कौन-कौन से प्रश्न पूछेगे? और महात्मा गाँधी क्या-क्या उत्तर देंगे? सोचिए और बताइए।
Answer: अगर महात्मा गांधी मेरे सपने में आएं तो मैं उनसे नीचे दिए गए सवाल पूछूंगा और बापू उनके नीचे दिए गए जवाब देंगे।
मैं : बापूजी, सत्य क्या है?
गांधीजी : जिसका अंत कभी नहीं होता, जो हमेशा रहता है और जिस पर हमेशा भरोसा कर सकते हैं, वही सत्य है।
मैं : बापूजी, क्या जीवन में पूरी तरह से बिना हिंसा वाला बनना मुमकिन है?
गांधीजी : जहाँ तक हो सके, किसी भी जीव को चोट नहीं पहुँचानी चाहिए।
मैं : बापूजी, आपने अपनी बिजी लाइफ से अपनी आत्मकथा लिखने का समय कैसे निकाला?
गांधीजी : मुझे कई बार लंबी-लंबी जेल यात्राएं करनी पड़ती थीं। उन यात्राओं का उपयोग मैं अपनी कहानी लिखने में करता था। मेरी आत्मकथा का ज्यादातर हिस्सा जेल में ही लिखा गया।

Exam Tip: संवाद लिखते समय, पात्रों की भाषा और उनके विचारों को ध्यान में रखें ताकि बातचीत स्वाभाविक लगे।

 

Question 3. संवाद को आगे बढ़ाइए (जिसमें कम से कम आठ से दस प्रश्न और जवाब हों):
Answer: रिया : गाँधी जी का जन्म कब हुआ था?
सुनिल : गाँधी जी का जन्म 2 अक्तूबर, 1869 में हुआ था।
रिया : गाँधी जी ने उच्च शिक्षा कहाँ से प्राप्त की?
सुनिल : गाँधी जी ने इंग्लैंड से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।
रिया : गाँधीजी दक्षिण अफ्रीका क्यों गए थे?
सुनिल : गाँधीजी वकील के रूप में एक मुस्लिम व्यापारी का केस लड़ने के लिए दक्षिण अफ्रीका गए थे।
रिया : दक्षिण अफ्रीका में रहकर गाँधीजी ने किसका विरोध किया?
सुनिल : दक्षिण अफ्रीका में रहकर गाँधीजी ने वहाँ की सरकार की रंगभेद की नीति का विरोध किया।
रिया : दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटकर गाँधीजी ने क्या किया?
सुनिल : दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटकर, गाँधीजी ने यहाँ चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाया।
रिया : गाँधीजी ने राजनीति में अपना गुरु किसे बनाया?
सुनिल : गाँधीजी ने राजनीति में अपना गुरु गोपालकृष्ण गोखले को बनाया।
रिया : गाँधीजी ने नमक सत्याग्रह कब किया?
सुनिल : गाँधीजी ने सन् 1930 में नमक सत्याग्रह किया।
रिया : गाँधीजी ने चरखे को क्यों महत्त्व दिया?
सुनिल : गाँधीजी ने देश की गरीबी दूर करने के उद्देश्य से चरखे को महत्त्व दिया।
रिया : सन् 1942 में गाँधीजी ने कौन-सा आंदोलन किया?
सुनिल : सन् 1942 में गाँधीजी ने 'अंग्रेजो, भारत छोड़ो' का आंदोलन किया।
रिया : गाँधीजी की हत्या कब और कहाँ हुई?
सुनिल : गाँधीजी की हत्या 30 जनवरी, 1948 को राजधानी दिल्ली में हुई।
रिया : गाँधीजी की समाधि कहाँ है? वह किस नाम से प्रसिद्ध है?
सुनिल : गाँधीजी की समाधि दिल्ली में है। वह 'राजघाट' के नाम से प्रसिद्ध है।

Exam Tip: संवाद को आगे बढ़ाते समय, पहले से तय किए गए विषय और पात्रों के व्यक्तित्व के अनुरूप प्रश्न और उत्तर शामिल करें।

 

Question 4. निम्नलिखित परिच्छेद का शुद्ध रूप से अनुलेखन कीजिए :
कोलकाता में हमारा घर एक शांत जगह पर है। हमारे बगीचे की दीवार के उस तरफ एक सँकरी सड़क है। यह सँकरी सड़क वन प्रांत पर जाकर खत्म होती है। इस सड़क के दोनों ओर मकान हैं और अधिक यातायात न होने से यह बहुत ही शांत रहती है। सारे दिन इसके आसपास गिलहरियाँ एक-दूसरे का पीछा करती हैं। हमारे आस-पास के पेड़ों पर अनेक प्रकार के पक्षी दिखाई पड़ते हैं। सारा दिन हवा में पक्षियों का संगीत तैरता रहता है।
Answer: वर्तनी, विरामचिह्न आदि का ध्यान रखते हुए, साफ और सुंदर अक्षरों में इस पैराग्राफ को विद्यार्थी अपनी कॉपी में उतारें।

Exam Tip: अनुलेखन (transcription) करते समय, वर्तनी, विरामचिह्न और वाक्य-संरचना की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें।

कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री स्वाध्याय

1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

 

Question 1. शास्त्री जी ने देश की किस आकांक्षा को पूरा किया? कैसे?
Answer: प्रधान मंत्री के तौर पर पंडित नेहरू एक समृद्ध राजनीतिक विरासत छोड़कर गए थे। उनकी मौत के बाद, शास्त्री जी ने उसे अच्छे से संभालकर देश की इच्छा पूरी की। शास्त्री जी का स्वभाव बहुत साफ था। उनमें गजब की इच्छाशक्ति थी। देश को फायदा पहुँचाना ही उनके हर काम का मुख्य मकसद था। इन्हीं गुणों की मदद से वे नेहरू जी की विरासत को संभाल पाए और उसे आगे बढ़ाना जैसे मुश्किल काम को पूरा कर सके।

Exam Tip: किसी व्यक्ति के योगदान का वर्णन करते समय, उसके पद, जिम्मेदारियों और उनके परिणामों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question (2). लालबहादुर शास्त्री पर गाँधी जी के आदर्शों का क्या प्रभाव पड़ा?
Answer: लालबहादुर शास्त्री का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था और वहीं उनकी परवरिश भी हुई थी। प्रधानमंत्री जैसे ऊँचे पद पर पहुँचने के बाद भी वे सामान्य ही बने रहे। विनम्रता, सरलता और लोगों की सेवा करने की भावना उनके स्वभाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई थी। ये सभी गुण महात्मा गांधी के थे, जो शास्त्री जी में स्वाभाविक रूप से आ गए थे। गांधीजी की तरह उन्होंने दलितों के सुधार का कार्यक्रम भी चलाया। इस तरह लालबहादुर शास्त्री पर गांधीजी के विचारों का गहरा असर पड़ा।

Exam Tip: किसी व्यक्ति पर दूसरे के प्रभाव का विश्लेषण करते समय, दोनों के समान गुणों और उन गुणों के विकास को समझाएं।

 

Question (3). शास्त्री जी के संसदीय जीवन की शुरुआत कैसे हुई?
Answer: शास्त्री जी को काम के प्रति बहुत लगन थी। उनमें अथक परिश्रम करने की क्षमता भी थी। इन्हीं विशेषताओं के कारण वे साल 1937 में संयुक्त प्रांत की विधानसभा के लिए चुने गए। आजादी के बाद वे कई बार संसद के लिए चुने गए थे। लेकिन उनके संसदीय जीवन की असली शुरुआत साल 1937 के उस चुनाव से ही हुई।

Exam Tip: किसी के करियर की शुरुआत के बारे में लिखते समय, उन प्रारंभिक घटनाओं और योग्यताओं पर ध्यान दें जो उनके रास्ते का आधार बनीं।

 

Question (4). छात्रों के दीक्षांत समारोह में शास्त्री जी ने कौन-से विचार व्यक्त किए?
Answer: अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शास्त्री जी ने विद्यार्थियों से कहा कि भविष्य में वे कुछ भी बनें, लेकिन सबसे पहले वे इस देश के नागरिक हैं। देश का संविधान उन्हें कुछ अधिकार देता है, साथ ही उन पर कुछ जिम्मेदारियां भी डालता है। देश में लोकतंत्र होने की वजह से हर नागरिक को अपनी आजादी भी मिली है। हमें इस आजादी का उपयोग समाज की भलाई के लिए करना चाहिए।

Exam Tip: किसी भाषण या विचारों को प्रस्तुत करते समय, मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से बताएं।

 

Question 2. परिच्छेद में रेखांकित शब्दों के अर्थ शब्दकोश में से ढूंढकर उन्हें शब्दकोश के क्रम में लिखिए :
विद्यार्थी जीवन को मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी कहें तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। विद्यार्थी काल में मानव में जो संस्कार पड़ जाते हैं, जीवन भर वही संस्कार अमिट रहते हैं। इसीलिए यही काल आधारशिला कहा गया है। यदि यह नींव दृढ़ बन जाती है तो जीवन सुदृढ़ और सुखी बन जाता है। यदि इस काल में बालक कष्ट सहन कर लेता है तो उसे ज्ञान मिलता है, उसका मानसिक विकास होता है, जिस वृक्ष को प्रारंभ से सुंदर सिंचन और खाद मिल जाती है, वह पुष्पित एवं पल्लवित होकर संसार को सौरभ देने लगता है। इस प्रकार विद्यार्थी काल में जो बालक श्रम, अनुशासन, संयम एवं नियमन के साँचे में ढल जाता है, वह आदर्श विद्यार्थी बनकर सभ्य नागरिक बन जाता है।
Answer: यहां शब्दों के अर्थ दिए गए हैं और फिर उन्हें शब्दकोश के क्रम में व्यवस्थित किया गया है:
रीढ़ - मेरुदंड
अमिट - अटल
आधारशिला - नींव
खाद - जमीन का उपजाऊपन बढ़ानेवाला पदार्थ
पल्लवित - विकसित, जिसमें पल्लव लगे हों
सौरभ - सुगंध
सभ्य - शिष्ट
शब्दों के अर्थ का शब्दकोश क्रम : अटल, जमीन का उपजाऊपन बढ़ानेवाला पदार्थ, नींव, मेरुदंड, विकसित, शिष्ट, सुगंध।

Exam Tip: शब्दकोश क्रम में शब्दों को व्यवस्थित करते समय, पहले अक्षर, फिर दूसरे अक्षर, और इसी तरह आगे बढ़ते हुए क्रम का पालन करें।

 

Question 3. इस इकाई से हम लालबहादुर जी के जीवन में से कौन-कौन से सद्‌गुण ग्रहण कर सकते हैं?
Answer: लालबहादुर जी कद में छोटे थे, पर वे महान व्यक्ति थे। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपना काम बिना किसी स्वार्थ के करना चाहिए। हमें अपने लक्ष्य पर पूरा विश्वास रखना चाहिए। उसे हासिल करने के लिए हमें लगातार काम करते रहना चाहिए और उसके प्रति पूरी तरह समर्पित होना चाहिए। हमारे जीवन में मेहनत, सेवा, सादगी, विनम्रता और सरलता का होना बहुत जरूरी है। हमें जो कहना है, वही करना चाहिए और अपने देश को फायदा पहुँचाने का नजरिया रखना चाहिए। इस प्रकार हम शास्त्री जी के जीवन से कई अच्छे गुण अपना सकते हैं।

Exam Tip: किसी के जीवन से प्रेरणादायक गुणों को लिखते समय, उन गुणों का उल्लेख करें और बताएं कि उन्हें अपने जीवन में कैसे अपनाया जा सकता है।

 

Question 4. एक था शेर। उसे अपनी ताकत पर बड़ा घमंड था। जंगल के प्राणियों ने उनको सबक सिखाने की बात सोची। छोटी चींटी बोली, "मैं शेर का घमंड उतार दूंगी।" अब आप इस कहानी को आगे बढ़ाइए और बताइए कि चींटी ने शेर का घमंड कैसे उतारा होगा?
Answer: चींटी अपने घर में गई और वहाँ से बहुत-सी चींटियों को ले आई। शेर जहाँ सो रहा था, वहाँ जाकर सभी चींटियाँ शेर के शरीर पर चढ़ गईं। वे उसके पेट, पीठ और पैरों में बुरी तरह काटने लगीं। शेर उन्हें अपने पंजों से हटाने की कोशिश करता था, तब वे उसके बालों में छिप जाती थीं। कुछ ही समय में शेर बहुत घबरा गया, उस चींटी ने उससे कहा, “वनराज, इन छोटी चींटियों से परेशान होना आपको अच्छा नहीं लगता। आपको तो अपनी शक्ति पर बहुत घमंड है न?” शेर ने कहा, "छोटी चींटी, मैंने तुमसे हार मान ली। अब मैं कभी अपनी ताकत पर घमंड नहीं करूंगा। मैं शेर हूँ, लेकिन तुमने खुद को बड़ा शेर साबित कर दिया।” जंगल के सभी जानवरों ने खुशी से चींटी की जीत का जश्न मनाया।

Exam Tip: कहानी को आगे बढ़ाते समय, पात्रों के व्यक्तित्व और कहानी के मूल संदेश को ध्यान में रखते हुए रचनात्मकता का प्रयोग करें।

कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री प्रश्नोत्तर

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

 

Question 1. शास्त्री जी के नाम के साथ 'कर्मयोगी' विशेषण लगाना क्यों उपयुक्त है?
Answer: शास्त्री जी का पूरा जीवन काम से भरा था। वे किस्मत पर निर्भर रहने वाले व्यक्ति नहीं थे। वे अपनी सोच और काम करने की शक्ति पर विश्वास रखते थे, न कि हाथ की रेखाओं पर। उनके लिए काम ही भगवान था। वे उसके प्रति बिना किसी स्वार्थ के समर्पित थे। इस प्रकार, पूरे जीवन भर बिना किसी इच्छा के काम में लगे रहने की वजह से उनके नाम के साथ 'कर्मयोगी' विशेषण लगाना एकदम सही है।

Exam Tip: किसी व्यक्ति को दिए गए विशेषण की उपयुक्तता समझाते समय, उनके जीवन के कार्यों और सिद्धांतों को तर्क के रूप में प्रस्तुत करें।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-दो वाक्यों में दीजिए :

 

Question 1. लालबहादुर शास्त्री जी प्रधानमंत्री के पद तक कैसे पहुँचे?
Answer: शास्त्री जी लगातार काम करने वाले कर्मयोगी थे। अपनी इसी खासियत के चलते वे एक साधारण परिवार से आगे बढ़कर देश के प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे।

Exam Tip: छोटे उत्तर देते समय, मुख्य जानकारी को संक्षिप्त और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करें, अनावश्यक विवरण से बचें।

 

Question 2. शास्त्री जी देश के प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचे, उसका क्या रहस्य है? क्यों?
Answer: शास्त्री जी उन लोगों में से नहीं थे, जो किस्मत के सहारे बैठे रहते हैं और कभी अचानक से कामयाबी पा लेते हैं। शास्त्री जी देश के प्रधान मंत्री के बड़े पद पर पहुंचे, इसका राज उनके कर्मयोगी होने में ही छिपा है।

Exam Tip: किसी उपलब्धि के पीछे के 'रहस्य' को बताते हुए, व्यक्ति के व्यक्तित्व गुणों और कड़ी मेहनत को उजागर करें।

 

Question 3. शास्त्री जी की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
Answer: शास्त्री जी की सबसे खास बात यह थी कि वे एक सामान्य परिवार में जन्म लिए थे और उनकी परवरिश भी सामान्य ढंग से हुई थी। जब वे देश के प्रधान मंत्री बने, तब भी वे हमेशा साधारण ही रहे।

Exam Tip: व्यक्ति की विशेषताओं का वर्णन करते समय, सबसे प्रमुख और प्रभावशाली गुणों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 4. श्रीमती इंदिरा गाँधी शास्त्री जी को अपना राजनैतिक गुरु क्यों मानती थी?
Answer: शास्त्री जी को भारत की राजनीति की अच्छी और गहरी समझ थी। इसी बात से प्रभावित होकर श्रीमती इंदिरा गांधी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानती थीं।

Exam Tip: किसी के मार्गदर्शन या गुरु मानने के कारण का उल्लेख करते समय, गुरु के ज्ञान और प्रभाव को स्पष्ट करें।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में दीजिए :

 

Question 1. शास्त्री जी किसे संपूर्ण भाव से समर्पित रहते थे?
Answer: शास्त्री जी काम को ही अपना भगवान मानते थे और उसी के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहते थे।

Exam Tip: एक-वाक्य के उत्तर में, प्रश्न का सीधा और सटीक जवाब दें, बिना किसी अतिरिक्त जानकारी के।

 

Question 2. शास्त्री जी का जीवन-दर्शन किसका प्रतिरूप था?
Answer: शास्त्री जी का जीवन-दर्शन 'गीता' के बिना स्वार्थ वाले काम करने वाले व्यक्ति का उदाहरण था।

Exam Tip: किसी के जीवन-दर्शन का प्रतिरूप बताते समय, उस मूल सिद्धांत या विचारधारा का नाम सीधे बताएं।

 

Question 3. बाइबिल की कौन-सी उक्ति शास्त्री जी पर लागू होती है?
Answer: बाइबिल का यह विचार शास्त्री जी पर लागू होता है - 'विनम्र लोग ही धरती के वारिस होंगे।'

Exam Tip: उद्धरणों से संबंधित प्रश्नों में, सही उद्धरण को पहचानें और बताएं कि वह व्यक्ति पर कैसे लागू होता है।

 

Question 4. शास्त्री जी की लोकप्रियता का कारण क्या था?
Answer: शास्त्री जी के प्रसिद्ध होने का कारण यह था कि वे हमेशा खुद पर नियंत्रण रखते थे और अपने हकों के बजाय जिम्मेदारियों को ज्यादा महत्व देते थे।

Exam Tip: किसी की लोकप्रियता के कारणों को बताते समय, उनके सार्वजनिक गुणों और कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 5. शास्त्री जी के जीवन का संदेश क्या है?
Answer: शास्त्री जी के जीवन का मुख्य संदेश यह है : 'काम के प्रति पक्का विश्वास और पूरा समर्पण।'

Exam Tip: किसी व्यक्ति के जीवन के संदेश को बताते समय, उनके मुख्य आदर्श या सिद्धांत को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करें।

 

Question 4. कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए : (पद, कर्तव्यों, लोकसेवा मंडल, बापू, गीता, विचारों)
(1) शास्त्री जी का जीवन - दर्शन ........................ के निष्काम कर्मयोगी का प्रतिरूप था।
(2) शास्त्री जी के व्यक्तित्व में ........................ का अनोखा समन्वय था।
(3) शास्त्री जी ने ........................ से प्रभावित होकर अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।
(4) शास्त्री जी 1926 में ........................ में शामिल हो गए।
(5) शास्त्री जी अपने को कभी भी अपने ........................ के कारण ऊँचा नहीं मानते थे।
(6) शास्त्री जी ने अधिकारों से अधिक ........................ को तरजीह दी।
Answer:
(1) शास्त्री जी का जीवन - दर्शन गीता के निष्काम कर्मयोग का प्रतिरूप था।
(2) शास्त्री जी के व्यक्तित्व में विचारों का अनोखा समन्वय था।
(3) शास्त्री जी ने बापू से प्रभावित होकर अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।
(4) शास्त्री जी 1926 में लोकसेवा मंडल में शामिल हो गए।
(5) शास्त्री जी अपने को कभी भी अपने पद के कारण ऊँचा नहीं मानते थे।
(6) शास्त्री जी ने अधिकारों से अधिक कर्तव्यों को तरजीह दी।

Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त शब्द चुनें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।

 

Question 5. सही वाक्यांश चुनकर पूरा वाक्य फिर से लिखिए :

Question 5. प्रश्न 1. शास्त्री जी लोकसेवा मंडल में शामिल हो गए, क्योंकि
(अ) वे सामाजिक कार्य करना चाहते थे।
(ब) उसके अध्यक्ष से वे बहुत प्रभावित थे।
(क) उसमें शामिल होने के लिए शुल्क नहीं देना पड़ता था।
Answer: (अ) वे सामाजिक कार्य करना चाहते थे।
In simple words: शास्त्री जी सामाजिक भलाई के काम करना चाहते थे, इसलिए वे लोकसेवा मंडल में शामिल हुए।

Exam Tip: वाक्य पूरा करने वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक विकल्प चुनें जो वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सही हो।

 

Question 5. प्रश्न 2. शास्त्री जी सन् 1932 में जेल गए, क्योंकि
(अ) वे नमक कानून तोड़ने के आंदोलन में शामिल हुए थे।
(ब) उन्होंने किसान-आंदोलन में भाग लिया था।
(क) वे 'भारत छोड़ो' आंदोलन के प्रमुख नेता थे।
Answer: (ब) उन्होंने किसान-आंदोलन में भाग लिया था।
In simple words: शास्त्री जी 1932 में जेल गए क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन में भाग लिया था।

Exam Tip: वाक्य पूरा करने वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक विकल्प चुनें जो वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सही हो।

 

Question 5. प्रश्न 3. लालबहादुर शास्त्री केंद्रीय सरकार में मंत्री बने, क्योंकि
(अ) जनता ने इसके लिए मांग की थी।
(ब) राष्ट्रपति ने उनके लिए सिफारिश की थी।
(क) नेहरू जी ने उनसे इसके लिए अनुरोध किया था।
Answer: (क) नेहरू जी ने उनसे इसके लिए अनुरोध किया था।
In simple words: नेहरू जी ने लालबहादुर शास्त्री से केंद्रीय सरकार में मंत्री बनने के लिए कहा था, इसलिए वे मंत्री बने।

Exam Tip: वाक्य पूरा करने वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और सबसे सटीक विकल्प चुनें जो वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सही हो।

 

Question 6. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए :

Question 6. प्रश्न 1. शास्त्री जी के लिए कर्म क्या था?
(a) धर्म
(b) भक्ति
(c) जीवन
(d) ईश्वर
Answer: (d) ईश्वर
In simple words: शास्त्री जी के लिए, उनका काम ही भगवान था।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर देते समय, सभी विकल्पों पर विचार करें और सबसे सटीक विकल्प चुनें जो प्रश्न का सही जवाब हो।

 

Question 6. प्रश्न 2. 'विनम्र ही पृथ्वी के वारिस होंगे।' - यह उक्ति की है।
(a) बाइबिल
(b) गीता
(c) कुरान
(d) रामायण
Answer: (a) बाइबिल
In simple words: यह बात बाइबिल में लिखी है कि सिर्फ विनम्र लोग ही धरती पर राज करेंगे।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर देते समय, सभी विकल्पों पर विचार करें और सबसे सटीक विकल्प चुनें जो प्रश्न का सही जवाब हो।

 

Question 6. प्रश्न 3. शास्त्री जी ने अपनी शिक्षा कहाँ पूरी की?
(a) नागपुर विश्वविद्यालय में
(b) काशी विद्यापीठ में
(c) मुंबई विश्वविद्यालय में
(d) इलाहाबाद विश्वविद्यालय में
Answer: (b) काशी विद्यापीठ में
In simple words: शास्त्री जी ने अपनी पढ़ाई काशी विद्यापीठ में पूरी की थी।

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Question 6. प्रश्न 4. भारत के नौवें राष्टपति कौन थे?
(a) ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
(b) श्री शंकरदयाल शर्मा
(c) सरदार जेलसिंह
(d) डॉ. राधाकृष्णन्
Answer: (b) श्री शंकरदयाल शर्मा
In simple words: श्री शंकरदयाल शर्मा भारत के नौवें राष्ट्रपति थे।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर देते समय, सभी विकल्पों पर विचार करें और सबसे सटीक विकल्प चुनें जो प्रश्न का सही जवाब हो।

 

Question 7. निम्नलिखित वाक्यों में से अव्यय छाँटिए। आपने जो 'अव्यय' छाँटे हैं, उनके आधारित अन्य वाक्य बनाइए :
(1) आज मैंने बहुत कम खाना खाया।
(2) अंजली, सोनल के आगे बैठी है।
(3) मीनाक्षी और सालवी गाँव जा रही हैं।
(4) अरे! ये क्या कर रहे हो?
Answer: यहां वाक्यों में से अव्यय छांटे गए हैं और फिर उन अव्ययों पर आधारित नए वाक्य बनाए गए हैं:
(1) आज - क्रियाविशेषण अव्यय।
(2) आगे - संबंधबोधक अव्यय।
(3) और - समुच्चयबोधक अव्यय।
(4) अरे - विस्मयादिबोधक अव्यय।
इन अव्ययों पर आधारित वाक्य :
• हम आज घूमने जाएंगे।
• गाँधीजी सबसे आगे चल रहे थे।
• सोनल और मीना सिनेमा देखने गई हैं।
• अरे! विजय, तुम यहाँ कैसे?

Exam Tip: अव्यय पहचानते समय, उन शब्दों पर ध्यान दें जो लिंग, वचन, कारक आदि के कारण नहीं बदलते, और नए वाक्य बनाते समय उनका सही प्रयोग सुनिश्चित करें।

योग्यता विस्तार

 

Question 1. 'मेरा प्रिय नेता' विषय पर निबंध लिखिए।
Answer: मेरा प्रिय नेता
भारत नेताओं की धरती है। गोखले, तिलक, महात्मा गाँधी, सुभाषचंद्र बोस, सरदार पटेल, पंडित नेहरू, लालबहादुर शास्त्री जैसे कई नेताओं के नाम भारत के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गए हैं। हालाँकि सभी नेताओं के लिए मेरे मन में सम्मान है, पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी मेरे सबसे ज्यादा प्रिय और आदरणीय नेता हैं।
गांधीजी का जन्म गुजरात के पोरबंदर शहर में साल 1869 के 2 अक्टूबर को हुआ था। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। देश में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे विदेश गए और वकील बनकर भारत लौटे। इसके बाद वे दक्षिण अफ्रीका चले गए। वहाँ उन्होंने भारतीयों के अधिकारों को बचाने के लिए अहिंसक सत्याग्रह किया और उसमें सफलता मिली। फिर वे देश लौटकर भारत की आजादी के लिए अहिंसक आंदोलन चलाए। उनके बड़े प्रयासों से भारत की जनता जागी। उनकी आवाज जनता की आवाज बन गई। उन्होंने भारत को आजादी दिलाकर ही राहत की साँस ली। सच में, गांधीजी एक आदर्श जननेता थे। गांधीजी ने एक नए समाज की शुरुआत की। उन्होंने चरखा और तकली का उपयोग करके गरीब भारतीयों की रोजी-रोटी की समस्या को सुलझाने की कोशिश की। उन्होंने अछूतों और श्रमिकों को ऊपर उठाया। शराबबंदी रोकना, निरक्षरता खत्म करना, महिला शिक्षा और गाँव का विकास जैसे कामों के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की। वे देशवासियों की भलाई के लिए पूरी जिंदगी काम करते रहे। गांधीजी सत्य, अहिंसा और प्यार के समर्थक थे। वे असल में भारत की गरीब जनता के सच्चे प्रतिनिधि थे। वे सही अर्थ में 'बापू' थे। वे दया और माफी के प्रतीक थे। उन्होंने एक नया भारत बनाया। इसीलिए वे भारत के 'राष्ट्रपिता' के रूप में प्रसिद्ध हुए। ऐसे महान युगपुरुष महात्मा गांधी मेरे सबसे प्यारे नेता हैं।

Exam Tip: निबंध लिखते समय, एक स्पष्ट संरचना (परिचय, मुख्य भाग, निष्कर्ष) का पालन करें और अपने विचारों को तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करें।

 

Question (5). 'नमक सत्याग्रह' और 'हिन्द छोड़ो' आंदोलन के बारे में सचित्र जानकारी प्राप्त कीजिए।
Answer: 'नमक सत्याग्रह'
ब्रिटिश सरकार ने नमक पर टैक्स लगाया था। इससे नमक महंगा हो गया। गांधीजी ने इसका विरोध किया। 12 मार्च, 1930 को उन्होंने साबरमती से दांडी की ओर यात्रा शुरू की। हजारों लोगों ने उनका साथ दिया। दांडी पहुँचकर और समुद्र के किनारे से नमक उठाकर उन्होंने नमक बनाने वाले कानून को तोड़ा। गुजरात के धारासणा में सरोजिनी नायडू की अगुवाई में नमक सत्याग्रह किया गया था।
'हिन्द छोड़ो' आंदोलन
'भारत छोड़ो' आंदोलन 1939 में दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने पर शुरू हुआ। भारतीय लोग इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते थे। फिर भी अंग्रेज सरकार ने भारतीय सैनिकों को सेना में भर्ती करके इस युद्ध में लड़ने भेजा। अंग्रेजों को इस युद्ध में भारतीयों के पूरे समर्थन की जरूरत थी। कांग्रेस ने इसके लिए भारत में एक राष्ट्रीय सरकार बनाने की मांग की। सरकार ने इस मांग को मना कर दिया। इसके विरोध में अगस्त 1942 में गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा देते हुए अंग्रेजों से भारत छोड़ने के लिए कहा। 'भारत छोड़ो' आंदोलन ने ही भारत को आजादी दिलाने का रास्ता तैयार किया।

Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन करते समय, महत्वपूर्ण तारीखों, प्रमुख व्यक्तियों और उनके प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 6. महापुरुष और उनके नारों की सूची बनाइए :
Answer: यहां महान व्यक्तियों और उनके नारों की सूची दी गई है:
• गाँधीजी : "करेंगे या मरेंगे।"
• सुभाषचंद्र बोस : “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।”
• लालबहादुर शास्त्री : “जय जवान, जय किसान।”
• लोकमान्य तिलक : "स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।"
• जवाहरलाल नेहरू : आराम हराम है।'

Exam Tip: नारों की सूची बनाते समय, महापुरुष के नाम के साथ उनके द्वारा दिए गए सही नारे का उल्लेख करें।

 

Question 7. निम्नांकित कोष्ठक में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दस अमर क्रांतिकारियों के नाम छिपे हैं। यदि आप अपनी बुद्धि से रिक्त स्थानों में सही अक्षर भर सके, तो वे नाम स्पष्ट हो जाएँगे। जरा उठाइए अपनी कलम और इस्तेमाल कीजिए अपनी बुद्धि का।
Answer: यहां भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दस अमर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम दिए गए हैं जिन्हें पहेली में खोजा जा सकता है:

  • अजीतसिंह
  • अमीरचंद
  • सावरकर
  • यशपाल
  • रामप्रसाद बिस्मिल
  • शचींद्र सान्याल
  • चंद्रशेखर आजाद
  • बटुकेश्वर दत्त
  • भगतसिंह
  • मंगल पांडे

Exam Tip: शब्द पहेली या खोज वाले प्रश्नों में, दिए गए अक्षरों या संकेतकों का उपयोग करके सही नामों को सावधानी से ढूंढें और सूचीबद्ध करें।

(The requested page range (15-23) contains only summaries, vocabulary lists, and website navigation/branding elements, but no content formatted as a "Question" as defined by the provided rules. Following the explicit instruction "Process and map ONLY the questions located between page 15 and page 23 of this PDF," no output is generated.)

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